मुख्यमंत्री डॉ. यादव रजत जंयती समारोह में हुए शामिल

मुख्यमंत्री डॉ. यादव रजत जंयती समारोह में हुए शामिल
मुख्यमंत्री डॉ. यादव आरडी गार्डी मेडिकल कॉलेज उज्जैन के रजत जयंती समारोह में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने कॉलेज में नवनिर्मित आडिटोरियम ‘’नादबृम्हा कन्वेंशन सेंटर’’ का लोकार्पण किया। ऑडिटोरियम में 1400 लोगों के बैठने की क्षमता है। इसके अलावा यहां 08 अतिरिक्त हॉल है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर कहा कि आरडी गार्डी मेडिकल कॉलेज की स्थापना के बाद यह क्षेत्र शहर का काफी महत्वपूर्ण भाग बन चुका है। मेडिकल कॉलेज द्वारा 25 वर्षों से स्वास्थ्य एवं चिकित्सा सेवाएं प्रदान की जा रही है। यहां से अध्ययन कर निकले डॉक्टर्स देश विदेश में उज्जैन का नाम रोशन कर रहे है। प्रदेश का पहला प्रायवेट मेडिकल कॉलेज बनने का गौरव इसे प्राप्त है। राज्य शासन द्वारा तेज गति से प्रदेश में मेडिकल संस्थाओं का निर्माण किया जा रहा है। डॉक्टर्स हमारे अमूल्य जीवन की रक्षा करते है। इसी लिए वे ईश्वर के समान होते है। मुख्यमंत्री ने उक्त ऑडिटोरियम की अपनी ओर से बधाई दी। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है। जो बच्चे प्रतिभाशाली हैं, लेकिन वे मेडिकल की पढाई की फीस नहीं दे सकते, उन्हें शासन की ओर से आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। दुर्घटना में घायल व्यक्ति को गोल्डल ऑवर में अस्पताल पहुंचाने के लिए हमने राहवीर योजन प्रारंभ की है।

पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. सत्यनारायण जटिया ने कहा कि इस कॉलेज से उनका आत्मीय लगाव है। आरडी गार्डी मेडिकल कॉलेज के डायरेक्टर डॉ वी.के महाडिक और चेयरमेन डॉ. सुधीर गवारीकर ने अतिथियों का स्वागत किया। इस दौरान एल्युमनी एसोसिएशन के प्रेसिडेंट डॉ. गौतम भागवत और आरडी गार्डी मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. मिलिंद शिरालकर उपस्थित थे।

डॉ. गवारिकर ने स्वागत भाषण देते हुए कहा की आज का दिन हम सबके लिए गौरव का दिन है। आरडी गार्डी मेडिकल कॉलेज उज्जैन के साथ-साथ पूरे प्रदेश का पहला निजी मेडिकल कॉलेज है। स्व. दीप चंद गार्डी ने इसका प्रस्ताव रखा था। आरडी गार्डी मेडिकल कॉलेज में पढे विद्यार्थी आज देश विदेश में फैले है। यह कंवेंशन सेंटर कांफ्रेंस और अन्य प्रमुख कार्यक्रमों के आयोजन में बहुत उपयोगी होगा। आने वाले समय में वृद्धजनों के लिए कॉलेज में जिरियाट्रिक डे केयर सेंटर प्रारंभ किया जाएगा।

अतिथियों द्वारा इस अवसर पर मेडिकल कॉलेज की स्मारिका का विमोचन और एआई डॉक्टर का उद्घाटन किया। साथ ही संस्था के सदस्यों द्वारा किए गए उत्कृष्ट कार्य के लिए उन्हें प्रमाणपत्र वितरित किए गए।

उल्लेखनीय है कि आरडी गार्डी मेडिकल कॉलेज की स्थापना के 25 वर्ष पूर्ण होने पर यहां 03 दिवसीय रजत जयंती समारोह का आयोजन किया जा रहा है। इसमें वर्ष 2001 से लेकर 2025 तक महाविद्यालय के पूर्व विद्यार्थी और वर्तमान में अध्यनरत विद्यार्थियों का मिलन समारोह भी आयोजित किया जा रहा है। सम्मेलन का समापन सोमवार 26 जनवरी को होगा।

कार्यक्रम में बतौर विशिष्ट अतिथि टाटा मेमोरियल केंसर हॉस्पिटल मुम्बई के निदेशक डॉ. कुमार प्रभाष उपस्थित थे। साथ ही जिला पंचायत अध्यक्ष श्रमती कमला कुंवर, उपाध्यक्ष मती शिवानी कुंवर, संजय अग्रवाल एवं अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के समक्ष रेयर प्लेनेट संस्था से हुआ ऐतिहासिक एमओयू

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के समक्ष रेयर प्लेनेट संस्था से हुआ ऐतिहासिक एमओयू
वन विभाग की पहल पर जशपुर जिले में महिला सशक्तिकरण और वन आधारित आजीविका को नई दिशा देने वाला एक ऐतिहासिक कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की उपस्थिति में विगत दिवस बगिया में रेयर प्लेनेट संस्था तथा जशपुर जिले की स्व-सहायता समूह—जागरण, स्माईल आरती, राखी एवं मुस्कान समूह—के मध्य जशक्राफ्ट ब्रांड के उत्पादों के विपणन हेतु अनुबंध समझौता (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए।इस महत्वपूर्ण समझौते के अंतर्गत अब जशपुर की जनजातीय महिलाओं द्वारा बांस, छिंद, मिट्टी एवं लकड़ी से निर्मित हस्तशिल्प, आभूषण एवं सजावटी उत्पाद देश के प्रमुख एयरपोर्ट्स पर संचालित रेयर प्लेनेट के बिक्री केंद्रों के माध्यम से राष्ट्रीय स्तर पर उपलब्ध होंगे। इससे स्थानीय स्व-सहायता समूहों को स्थायी बाजार, उचित मूल्य तथा नियमित आय के अवसर प्राप्त होंगे।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने एमओयू को जशपुर की महिलाओं के लिए एक निर्णायक उपलब्धि बताते हुए कहा कि जशक्राफ्ट जैसे ब्रांड के माध्यम से हमारी आदिवासी बहनों की कला अब देशभर के लोगों तक पहुँचेगी। यह पहल केवल उत्पादों की बिक्री तक सीमित नहीं है, बल्कि महिलाओं के आत्मसम्मान, आर्थिक स्वतंत्रता और स्वावलंबन की मजबूत नींव रखती है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का निरंतर प्रयास है कि वन एवं परंपरागत ज्ञान आधारित आजीविका को बाजार से जोड़ा जाए, ताकि महिलाएं अपने गांव में रहकर सम्मानजनक जीवन यापन कर सकें।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह एमओयू ‘वोकल फॉर लोकल’ और ‘लोकल टू ग्लोबल’ की अवधारणा को साकार करता है तथा जशपुर की जनजातीय महिलाओं को राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था से जोड़ने की दिशा में एक ठोस और दूरगामी पहल है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी मती कौशल्या साय, पत्थलगांव क्षेत्र की विधायक मती गोमती साय, जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय, कलेक्टर रोहित व्यास, वनमंडलाधिकारी शशि कुमार सहित स्व-सहायता समूह की महिलाएं एवं रेयर प्लेनेट संस्था के प्रतिनिधिगण उपस्थित थे।

*पुस्तक विमोचन और जशक्राफ्ट उत्पादों की सराहना*

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा “जशक्राफ्ट” पर आधारित विशेष पुस्तक का विमोचन किया गया। उन्होंने जशक्राफ्ट के अंतर्गत तैयार किए गए आभूषणों एवं हस्तनिर्मित उत्पादों का अवलोकन करते हुए उनकी गुणवत्ता, कलात्मकता और नवाचार की सराहना की।
स्व-सहायता समूह की महिलाओं द्वारा मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी मती कौशल्या देवी एवं विधायक मती गोमती साय का जशक्राफ्ट ब्रांड के पारंपरिक आभूषण पहनाकर आत्मीय स्वागत किया गया, जो महिला सशक्तिकरण और स्थानीय संस्कृति के सम्मान का सशक्त प्रतीक बना।

इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री द्वारा जशक्राफ्ट ब्रांड के प्रचार-प्रसार हेतु तैयार वीडियो का भी विमोचन किया गया, जिससे जशक्राफ्ट को राष्ट्रीय स्तर पर व्यापक पहचान मिलने की उम्मीद है।

*जशक्राफ्ट: जशपुर की सांस्कृतिक विरासत से जन्मा सशक्त ब्रांड*

उल्लेखनीय है कि जशक्राफ्ट जशपुर जिले की समृद्ध जनजातीय सांस्कृतिक विरासत की सजीव अभिव्यक्ति है। जिले की लगभग 65 प्रतिशत जनसंख्या जनजातीय समुदायों से आती है, जहाँ पीढ़ियों से बाँस, कांसा घास, छिंद पत्ते, लकड़ी एवं मिट्टी से हस्तनिर्मित कलाकृतियाँ तैयार की जाती रही हैं। पूर्व में संगठित व्यवस्था और बाजार की कमी के कारण कारीगरों की प्रतिभा सीमित रह जाती थी।

जिला प्रशासन की पहल से जशक्राफ्ट के रूप में ऐसा सशक्त मंच विकसित हुआ है, जो जशपुर जिले के आठों विकासखंडों के कारीगरों को एकजुट कर उनकी कला को पहचान, संरक्षण और बाजार उपलब्ध करा रहा है।

इस पहल के केंद्र में आदिवासी महिला कारीगर हैं, जिनके हाथों से बिना मशीनों के बने उत्पाद परंपरा, प्रकृति और आत्मनिर्भरता का संदेश देते हैं। जशक्राफ्ट आज स्वदेशी ज्ञान से आकार लेते हुए एक टिकाऊ और सम्मानजनक आजीविका मॉडल के रूप में उभर रहा है।

वन विभाग द्वारा संचालित यह पहल महिला स्वावलंबन, वन आधारित आजीविका और स्थानीय उत्पादों के राष्ट्रीय बाजारीकरण की दिशा में एक मील का पत्थर सिद्ध हो रही है, जो आने वाले समय में जशपुर को हस्तशिल्प के राष्ट्रीय मानचित्र पर विशिष्ट पहचान दिलाएगी।

मुख्यमंत्री ने जशपुर में होमस्टे का किया शुभारंभ

मुख्यमंत्री ने जशपुर में होमस्टे का किया शुभारंभ
जशपुर जिले को एक प्रमुख इको-पर्यटन गंतव्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की उपस्थिति में आज मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय बगिया में आयोजित कार्यक्रम में भारत के अग्रणी होमस्टे प्लेटफॉर्म होमस्टेज़ ऑफ इंडिया, छत्तीसगढ़ शासन और जशपुर जिला प्रशासन के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किया गया। इसके अंतर्गत ग्राम केरे को एक मॉडल सामुदायिक पर्यटन ग्राम के रूप में विकसित किया जाएगा। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने ग्राम केरे में तैयार किए गए होमस्टे का शुभारंभ किया गया।

एमओयू के अंतर्गत जशपुर का पहला संगठित होमस्टे ग्राम बनाने की दिशा में कार्य होगा। एक सुव्यवस्थित एवं विस्तार योग्य होमस्टे-आधारित ग्रामीण पर्यटन पारिस्थितिकी तंत्र की स्थापना होगी। इस पहल के माध्यम से स्थानीय परिवारों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी, सतत आजीविका को सुदृढ़ किया जाएगा तथा क्षमता निर्माण और कौशल विकास के जरिए युवाओं एवं महिलाओं में उद्यमिता को प्रोत्साहन दिया जाएगा। इस परियोजना का मूल उद्देश्य स्थानीय संस्कृति, परंपराओं एवं प्राकृतिक विरासत का संरक्षण एवं संवर्धन करना है, ताकि पर्यटन विकास समावेशी, समुदाय-स्वामित्व वाला और पर्यावरण की दृष्टि से सतत बना रहे तथा क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान सुरक्षित रहे।

मुख्यमंत्री साय की उपस्थिति में हुए इस समझौता का ज्ञापन पर कलेक्टर जशपुर रोहित व्यास तथा मुख्य कार्यपालन अधिकारी विनोद वर्मा और होमस्टेज़ ऑफ इंडिया प्रा. लि. के प्रतिनिधियों ने हस्ताक्षर किए। अधिकारियों ने बताया कि यह पहल राज्य सरकार की इको-पर्यटन, समावेशी विकास एवं समुदाय-नेतृत्व वाले आर्थिक विकास की परिकल्पना के अनुरूप है। स्थानीय संस्कृति और प्रकृति पर आधारित प्रामाणिक पर्यटन अनुभवों के माध्यम से यह परियोजना जशपुर की पहचान को सशक्त करेगी और उसे राष्ट्रीय स्तर पर मुख्य पर्यटन मानचित्र में स्थापित करने में सहायक होगी।

सीएम मोहन की मौजूदगी में MP और DP World के बीच ऐतिहासिक समझौता

सीएम मोहन की मौजूदगी में MP और DP World के बीच ऐतिहासिक समझौता
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उपस्थिति में बुधवार को दावोस में मध्यप्रदेश और वैश्विक लॉजिस्टिक्स एवं सप्लाई चेन क्षेत्र की संयुक्त अरब अमीरात (दुबई) में स्थित अग्रणी कंपनी डीपी वर्ल्ड के बीच महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए. मध्यप्रदेश शासन की ओर से अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई ने एवं डीपी वर्ल्ड की ओर से मुख्य कार्यकारी अधिकारी तथा वित्त एवं व्यवसाय विकास अधिकारी अनिल मोहता ने एमओयू पर हस्ताक्षर किये.

इस अवसर पर डीपी वर्ल्ड के समूह अध्यक्ष सुल्तान अहमद बिन सुलायेम उपस्थित रहे. इस एमओयू के माध्यम से औद्योगिक विकास और निवेश सहयोग से जुड़े विषयों पर सहमति बनी, जो राज्य में लॉजिस्टिक्स, इन्फ्रॉस्ट्रक्चर और व्यापारिक गतिविधियों को नई दिशा देने की क्षमता रखती है.

निवेश और औद्योगिक विकास को मिलेगा नया आयाम
एमओयू में डीपी वर्ल्ड द्वारा मध्यप्रदेश में निवेश और सहयोग की संभावनाओं को आगे बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की गई. यह पहल राज्य को राष्ट्रीय और वैश्विक सप्लाई चेन नेटवर्क से जोड़ने की दिशा में अहम मानी जा रही है. मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर राज्य की औद्योगिक नीतियों और निवेश के लिए अनुकूल वातावरण एवं बुनियादी ढांचे के संबंध में विस्तार से जानकारी दी.

एमओयू का महत्व
एमओयू के दौरान दोनों पक्षों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे और औपचारिक रूप से समझौता दस्तावेजों का आदान-प्रदान किया गया. यह समझौता ज्ञापन मध्यप्रदेश को लॉजिस्टिक्स और व्यापार के क्षेत्र में एक सशक्त केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगा.

छिंदवाड़ा में पाइप फैक्ट्री में लगी भीषण आग

छिंदवाड़ा में पाइप फैक्ट्री में लगी भीषण आग
छिंदवाड़ा में जिला मुख्यालय से करीब 8 किलोमीटर दूर स्थित इमलीखेड़ा इंडस्ट्रियल एरिया में शुक्रवार को उस वक्त भारी अफरा-तफरी मच गई, जब यहाँ की एक प्रमुख पीवीसी पाइप फैक्ट्री ‘गुप्ता इंडस्ट्रीज’ में भीषण आग लग गई. प्लास्टिक मटेरियल और केमिकल की मौजूदगी के कारण आग ने देखते ही देखते इतना विकराल रूप धारण कर लिया कि लगभग 20 हजार स्क्वायर फीट में फैला पूरी फैक्ट्री का परिसर आग की लपटों से घिर गया.

आसमान में धुएं का काला गुबार इतना घना था कि वह एक किलोमीटर दूर से ही स्पष्ट दिखाई दे रहा था, जिसे देखकर आसपास के ग्रामीण और राहगीरों की भारी भीड़ जमा हो गई. फैक्ट्री संचालक प्रकाश गुप्ता के अनुसार, आग की शुरुआत सुबह लगभग 10 बजे शॉर्ट सर्किट की वजह से हुई थी. उन्होंने बताया, “हमने फैक्ट्री में फायर प्रोटेक्शन सिस्टम लगा रखा था, लेकिन दुर्भाग्यवश जैसे ही आग भड़की, पावर सप्लाई बंद हो गई. बिजली न होने के कारण पंप चालू नहीं हो सके और हम चाहकर भी कुछ नहीं बचा पाए.”

सूचना देने के करीब एक घंटे बाद दमकल की गाड़ियां पहुंचीं
संचालक ने नगर निगम पर भी देरी से पहुंचने का आरोप लगाते हुए कहा कि सूचना देने के करीब एक घंटे बाद दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं. आग की लपटों के बीच संचालक ने साहस दिखाते हुए जेसीबी से ऑफिस की बाउंड्रीवाल तुड़वाई और अंदर रखी करीब 4 लाख रुपये की नगदी को सुरक्षित बाहर निकाला. अनुमान है कि इस अग्निकांड में 40 से 50 लाख रुपये का माल जलकर राख हो गया है.

एसडीएम सुधीर जैन पुलिस बल के साथ मौके पर तैनात रहे
इस घटना की गंभीरता को देखते हुए कोतवाली टीआई आशीष धुर्वे और एसडीएम सुधीर जैन पुलिस बल के साथ मौके पर तैनात रहे. एसडीएम सुधीर जैन ने बताया, हमें दोपहर 12 बजे आग की सूचना मिली थी. तत्काल छिंदवाड़ा नगर निगम के अलावा अमरवाड़ा, चौरई और परासिया से भी दमकलें बुलाई गईं. कुल 12 फायर ब्रिगेड की मदद ली गई और पानी में फोम मिलाकर करीब 4 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग को नियंत्रित किया गया. अन्य फैक्ट्रियों को सुरक्षित रखने के लिए वहां से ज्वलनशील पदार्थ पहले ही हटवा दिए गए थे.

सुरक्षा मानकों पर उठे गंभीर सवाल
आगजनी की इस घटना ने औद्योगिक सुरक्षा की पोल खोल दी है. नगर निगम के फायर इंचार्ज अभिनव दुबे ने खुलासा किया कि “इस फैक्ट्री सहित क्षेत्र की अन्य कई इकाइयों ने अनिवार्य ‘फायर सेफ्टी NOC’ नहीं ली थी. निगम द्वारा इन्हें पूर्व में कई बार नोटिस दिए गए थे लेकिन निर्देशों की अनदेखी की गई. फिलहाल पुलिस प्रशासन नुकसान का आकलन कर रहा है और घटना की तकनीकी जांच जारी है.

चित्रोत्पला फिल्म सिटी छत्तीसगढ़ की रचनात्मक अर्थव्यवस्था को देगी नई गति : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

चित्रोत्पला फिल्म सिटी छत्तीसगढ़ की रचनात्मक अर्थव्यवस्था को देगी नई गति : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
छत्तीसगढ़ का बरसों पुराना सपना आज साकार हो गया है। चित्रोत्पला फिल्म सिटी तथा ट्राइबल एंड कल्चरल कन्वेंशन सेंटर के निर्माण से फिल्म निर्माण के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ को देश और दुनिया में एक नई पहचान मिलेगी। इस महत्वाकांक्षी पहल के माध्यम से छत्तीसगढ़ न केवल फिल्म निर्माण और सांस्कृतिक आयोजनों का एक प्रमुख केंद्र बनने की दिशा में अग्रसर होगा, बल्कि यह परियोजना राज्य की रचनात्मक अर्थव्यवस्था को भी नई गति प्रदान करेगी। चित्रोत्पला फिल्म सिटी और ट्राइबल एंड कल्चरल कन्वेंशन सेंटर के निर्माण से स्थानीय प्रतिभाओं को राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय मंच मिलेगा, निवेश के नए अवसर सृजित होंगे और छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान वैश्विक स्तर पर और अधिक सशक्त होगी। यह परियोजना आने वाले वर्षों में राज्य के युवाओं, कलाकारों और पर्यटन क्षेत्र के लिए विकास के नए द्वार खोलेगी। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर के ग्राम माना-तूता में चित्रोत्पला फिल्म सिटी तथा ट्राइबल एंड कल्चरल कन्वेंशन सेंटर के भूमिपूजन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह बात कही।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने वैदिक मंत्रोच्चार एवं विधिवत पूजा-अर्चना के साथ चित्रोत्पला फिल्म सिटी तथा ट्राइबल एंड कल्चरल कन्वेंशन सेंटर के निर्माण की आधारशिला रखी। इस ऐतिहासिक अवसर पर उन्होंने प्रदेशवासियों, फिल्म कलाकारों, निर्माता-निर्देशकों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आज का दिन प्रदेश के अभिनय और कला जगत से जुड़े लोगों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। चित्रोत्पला फिल्म सिटी के माध्यम से प्रदेश के हजारों हुनरमंद कलाकारों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा। स्थानीय फिल्म निर्माताओं को फिल्म निर्माण से जुड़ी सभी तकनीकी सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध होंगी। उन्होंने फिल्म सिटी एवं ट्राइबल एंड कल्चरल कन्वेंशन सेंटर के लिए केंद्र सरकार से प्राप्त सहयोग के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि डबल इंजन की सरकार में प्रदेश की कला और कलाकारों को उचित सम्मान मिल रहा है।

मुख्यमंत्री ने भूमिपूजन के साथ ही फिल्म निर्माण और कन्वेंशन सेंटर से संबंधित विभाग को चार प्रस्ताव प्राप्त होने पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि इससे प्रदेश में फिल्म निर्माण गतिविधियों को नई गति मिलेगी और छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक एवं सामाजिक सरोकारों से जुड़े विषयों को बड़े पर्दे पर स्थान मिलेगा।

संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि आज का यह अवसर छत्तीसगढ़ पर्यटन एवं फिल्म विकास उद्योग के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह केवल एक निर्माण परियोजना की शुरुआत नहीं है, बल्कि राज्य के सांस्कृतिक, आर्थिक और रचनात्मक भविष्य की सशक्त नींव है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ प्राकृतिक सौंदर्य और सांस्कृतिक विविधता से परिपूर्ण राज्य है और इस पहल से पर्यटन के साथ-साथ फिल्म उद्योग को भी नया आयाम मिलेगा। पिछले कुछ वर्षों में छत्तीसगढ़ फिल्म निर्माताओं के लिए एक पसंदीदा डेस्टिनेशन के रूप में उभरा है। हमारी स्पष्ट योजना है कि आगामी दो वर्षों के भीतर इन परियोजनाओं को पूर्ण कर राज्य को समर्पित किया जाएगा।

इस अवसर पर वन मंत्री केदार कश्यप, सांसद बृजमोहन अग्रवाल, विधायक अनुज शर्मा, विधायक इंद्र कुमार साहू, छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष सु मोना सेन, छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड के अध्यक्ष नीलू शर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष नवीन अग्रवाल तथा पर्यटन विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने फिल्म सिटी के प्रस्तावित मास्टर प्लान का किया अवलोकन
चित्रोत्पला फिल्म सिटी एवं ट्राइबल एंड कल्चरल कन्वेंशन सेंटर के भूमिपूजन अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने परियोजना के प्रस्तावित मास्टर प्लान का अवलोकन किया। उन्होंने अधिकारियों से निर्माण से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कीं तथा परियोजना पर आधारित एक लघु फिल्म भी देखी।

चित्रोत्पला फिल्म सिटी के भूमिपूजन अवसर पर पर्यटन विभाग को मिले 4 प्रस्ताव

चित्रोत्पला फिल्म सिटी के भूमिपूजन के साथ ही पर्यटन विभाग को फिल्म निर्माण एवं कन्वेंशन सेंटर में इकाइयों की स्थापना हेतु चार प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। समारोह के दौरान ये प्रस्ताव मुख्यमंत्री को सौंपे गए।

गदर फिल्म के निर्माता अनिल शर्मा ने अपनी आगामी फिल्म का निर्माण चित्रोत्पला फिल्म सिटी में करने का प्रस्ताव दिया। इंडिया एक्सपोजीशन मार्ट लिमिटेड के चेयरमेन राकेश कुमार ने ट्राइबल एंड कल्चरल कन्वेंशन सेंटर में इंटरनेशनल एक्जीबिशन सेंटर एवं ट्रेड मार्ट के निर्माण का प्रस्ताव प्रस्तुत किया। एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल फॉर हैंडीक्राफ्ट्स के चेयरमेन नीरज खन्ना ने यहां वर्ल्ड क्लास हैंडीक्राफ्ट्स एंड गिफ्ट फेयर आयोजित करने का प्रस्ताव दिया। वहीं एटी फिल्म्स हॉलीवुड से आशुतोष वाजपेयी ने हॉलीवुड फिल्मों एवं स्ट्रीमिंग वीडियो कंटेंट को चित्रोत्पला फिल्म सिटी में लाने का प्रस्ताव मुख्यमंत्री को सौंपा।

उल्लेखनीय है कि राज्य में फिल्म टूरिज्म की व्यापक संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय की “कैपिटल इन्वेस्टमेंट हेतु राज्यों को विशेष सहायता – ग्लोबल स्तर के आइकॉनिक पर्यटन केंद्रों का विकास” योजना के अंतर्गत इन दोनों परियोजनाओं को स्वीकृति प्रदान की गई है। इस योजना के तहत चित्रोत्पला फिल्म सिटी के निर्माण हेतु 95.79 करोड़ रुपये तथा ट्राइबल एंड कल्चरल कन्वेंशन सेंटर के निर्माण हेतु 52.03 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। इन दोनों परियोजनाओं का क्रियान्वयन पीपीपी (पब्लिक–प्राइवेट पार्टनरशिप) मॉडल के अंतर्गत किया जाएगा। इसके अतिरिक्त निजी क्षेत्र से लगभग 300 करोड़ रुपये के निवेश की भी संभावना है। परियोजनाओं को दो वर्षों की समयावधि में पूर्ण किए जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

चित्रोत्पला फिल्म सिटी एवं ट्राइबल एंड कल्चरल कन्वेंशन सेंटर लगभग 100 एकड़ क्षेत्र में विकसित किए जाएंगे। फिल्म सिटी के निर्माण से छत्तीसगढ़ में स्थानीय एवं अन्य वाणिज्यिक फिल्मों और वेब सीरीज़ के निर्माण को प्रोत्साहन मिलेगा। राज्य के प्राकृतिक दृश्य, पर्यटन स्थल एवं समृद्ध संस्कृति फिल्म शूटिंग के लिए अत्यंत अनुकूल हैं।

फिल्म सिटी में गांव, शहर एवं गलियों के सेट, एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन, जेल एवं पुलिस चौकी, स्कूल-कॉलेज, मंदिर एवं अन्य सार्वजनिक स्थलों के सेट, स्कल्प्चर गार्डन, शॉपिंग स्ट्रीट, प्रोडक्शन ऑफिस, स्टूडियो, प्रशासनिक भवन एवं पार्किंग विकसित की जाएगी। साथ ही पर्यटकों के लिए टॉय म्यूजियम, स्नो वर्ल्ड, होटल, रेस्टोरेंट, मल्टीप्लेक्स एवं एक्सपीरियंस सेंटर जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी। ट्राइबल एंड कल्चरल कन्वेंशन सेंटर में लगभग 1500 लोगों की क्षमता वाला आधुनिक कन्वेंशन हॉल विकसित किया जाएगा, जिसमें मीटिंग, कॉन्फ्रेंस, बैंक्वेट, रेस्टोरेंट, अतिथि कक्ष, जिम, लाइब्रेरी, स्वीमिंग पूल एवं प्रशासनिक ब्लॉक जैसी सुविधाएं होंगी।

फिल्म शूटिंग, फेस्टिवल और रोजगार के नए अवसर
उल्लेखनीय है कि हाल के वर्षों में छत्तीसगढ़ में न्यूटन, जहानाबाद, कौन प्रवीण तांबे, द ग्रेट इंडियन मर्डर, ग्राम चिकित्सालय जैसी फिल्मों एवं वेब सीरीज़ की शूटिंग हो चुकी है, जिससे राज्य में वाणिज्यिक फिल्म निर्माण की व्यापक संभावनाएं स्पष्ट होती हैं। इन परियोजनाओं के पूर्ण होने से स्थानीय कलाकारों एवं तकनीशियनों को नए अवसर प्राप्त होंगे। फिल्म फेस्टिवल, अवॉर्ड शो एवं अन्य मनोरंजन कार्यक्रमों के आयोजन की संभावनाएं भी सुदृढ़ होंगी। इसके साथ ही राज्य के पर्यटन स्थलों का राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रचार होगा तथा फिल्म टूरिज्म के साथ सामान्य पर्यटन में भी उल्लेखनीय वृद्धि होगी।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से सुप्रसिद्ध अभिनेता नीतिश भारद्वाज ने की सौजन्य मुलाकात

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से सुप्रसिद्ध अभिनेता नीतिश भारद्वाज ने की सौजन्य मुलाकात
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में सुप्रसिद्ध फिल्म एवं टीवी अभिनेता नीतिश भारद्वाज ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने नीतीश भारद्वाज का आत्मीय स्वागत करते हुए उन्हें बस्तर आर्ट से निर्मित महुआ वृक्ष की कलाकृति तथा बस्तर दशहरा पर आधारित कॉफी टेबल बुक भेंट की।मुख्यमंत्री साय ने छत्तीसगढ़ की विशिष्ट जनजातीय कला, लोक परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत पर प्रकाश डालते हुए इनके संरक्षण और संवर्धन के प्रयासों की जानकारी भी साझा की।

इस अवसर पर विधायक अनुज शर्मा,मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार पंकज झा, मुख्यमंत्री के प्रेस अधिकारी आलोक सिंह सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।

RBI, नाबार्ड के साथ इन कर्मचारियों और पेंशनरों की बढ़ेगी सैलरी

RBI, नाबार्ड के साथ इन कर्मचारियों और पेंशनरों की बढ़ेगी सैलरी
सरकारी सेक्टर में काम करने वाले और रिटायर हो चुके हजारों लोगों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है. फाइनेंशियल सिस्टम की रीढ़ माने जाने वाले संस्थानों से जुड़े कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की आमदनी बढ़ने जा रही है. केंद्र सरकार ने पब्लिक सेक्टर जनरल इंश्योरेंस कंपनियों.

नाबार्ड और रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया से जुड़े स्टाफ और पेंशनर्स के वेतन पेंशन रिवीजन को मंजूरी दे दी है. इसका सीधा असर उनकी मंथली इनकम के साथ साथ एरियर पर भी पड़ेगा. लाखों परिवारों के बजट में अब सीधा बदलाव दिखेगा. चलिए अलग अलग सेक्टर के हिसाब से समझते हैं किसे कितना फायदा मिलने वाला है.
RBI पेंशनर्स की पेंशन में क्या बड़ा अपडेट है

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के रिटायर कर्मचारियों के लिए यह फैसला काफी समय से इंतजार में था. सरकार ने 1 नवंबर 2022 से RBI पेंशन और फैमिली पेंशन में 10 परसेंट की बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है. इस बदलाव के बाद पात्र पेंशनर्स की बेसिक पेंशन लगभग 1.43 गुना तक पहुंच जाएगी. इससे उनकी हर महीने मिलने वाली रकम में साफ बढ़ोतरी होगी.

इस फैसले का लाभ 30 हजार से ज्यादा लोगों को मिलेगा, जिनमें पेंशनर्स और फैमिली पेंशनर्स दोनों शामिल हैं. इस रिवीजन पर कुल खर्च करीब 2696 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है, जिसमें बड़ा हिस्सा एरियर भुगतान का होगा. कुल मिलाकर RBI पेंशनर्स के लिए यह फैसला सिर्फ बढ़ोतरी नहीं, बल्कि लंबे समय की आर्थिक राहत माना जा रहा है.

ईशान किशन ने खतरे में डाली संजू सैमसन की जगह

ईशान किशन ने खतरे में डाली संजू सैमसन की जगह
भारत के स्टार बल्लेबाज ईशान किशन (Ishan Kishan) ने करीब 3 साल के लंबे इंतजार के बाद टीम इंडिया में वापसी की. ईशान न्यूजीलैंड के खिलाफ खेली जा रही 5 मैचों की टी20 सीरीज के लिए टीम इंडिया का हिस्सा हैं, जिसके पहले मुकाबले में वह फ्लॉप हुए लेकिन दूसरे टी20 में ऐसी धुआंधार बल्लेबाज कर दी जिससे संजू सैमसन की जगह पर सवाल खड़े होने लगे.

बीते शुक्रवार को रायपुर में खेले गए सीरीज के दूसरे टी20 में ईशान ने रन चेज के दौरान शानदार पारी खेलते हुए 32 गेंदों में 11 चौके और 4 छक्कों की मदद से 76 रन स्कोर किए. वहीं दूसरी तरफ, संजू सीरीज के दोनों ही मैचों में फ्लॉप नजर आए. उन्होंने दोनों मैच में क्रमश: 10 और 06 रन बनाए. ईशान की इस पारी ने 2026 टी20 वर्ल्ड कप का पूरा समीकरण बदलते हुए संजू सैमसन की जगह पर सवाल खड़ा कर दिया है.

टी20 विश्व कप में संजू सैमसन गर्म करेंगे बेंच?
बता दें कि संजू और ईशान दोनों को टी20 विश्व कप के लिए टीम इंडिया का हिस्सा बनाया गया है. न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज के शुरुआती दोनों मुकाबलों में ईशान नंबर तीन पर उतरे हैं. दूसरे टी20 में ईशान की कमाल बल्लेबाजी ने उन्हें संजू की जगह ओपनिंग का दावेदार बना दिया है.

ईशान इस फॉर्म के साथ टी20 वर्ल्ड कप में ओपनिंग पर अभिषेक शर्मा के साथ उतर सकते हैं. अगर ईशान ओपनिंग पर आए तो मिडिल ऑर्डर में सूंज के लिए जगह बनना मुश्किल हो सकता है. वहीं ईशान भी विकेटकीपर हैं, जिसके चलते वह संजू का परफेक्ट रिप्लेसमेंट हो सकते हैं. इस स्थिति में संजू को आगामी विश्व कप में बेंच गर्म करनी पड़ सकती है. पिछले यानी 2024 के टी20 विश्व कप में भी संजू ने सिर्फ बेंच गर्म की थी यानी उन्हें टूर्नामेंट के किसी भी मुकाबले में प्लेइंग 11 का हिस्सा नहीं बनाया गया था.

ईशान किशन का टी20 इंटरनेशनल करियर
बात करें ईशान के टी20 इंटरनेशनल करियर की, तो अब तक उन्होंने 34 मुकाबले खेल लिए हैं. इन मैचों की 34 पारियों में बैटिंग करते हुए उन्होंने 34 की औसत और 129.98 के स्ट्राइक रेट से 880 रन बनाए. इस दौरान उनके बल्ले से 7 अर्धशतक निकले.

‘पार्टी लाइन का कभी उल्लंघन नहीं किया -शशि थरूर

‘पार्टी लाइन का कभी उल्लंघन नहीं किया -शशि थरूर
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने शनिवार को कहा कि उन्होंने संसद में पार्टी के घोषित रुख का कभी उल्लंघन नहीं किया. तिरुवनंतपुरम सांसद ने कहा कि सैद्धांतिक रूप से उनकी एकमात्र सार्वजनिक असहमति ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को लेकर थी. थरूर ने केरल साहित्य महोत्सव के एक सत्र के दौरान सवालों का जवाब देते हुए कहा कि उन्होंने उस मुद्दे पर कड़ा रुख अपनाया था और उन्हें इसका ‘खेद नहीं’ है.

शशि थरूर का यह बयान इन हालिया खबरों के बीच आया है जिनमें ‘थरूर के पार्टी नेतृत्व से मतभेद’ की बात कही गई है. ऐसी अटकलें हैं कि थरूर इस बात से ‘आहत’ हैं कि राहुल गांधी ने हाल में कोच्चि में एक कार्यक्रम के दौरान मंच पर उनके मौजूद होने के बावजूद उनके नाम का उल्लेख नहीं किया और राज्य के नेताओं द्वारा बार-बार उन्हें ‘दरकिनार’ करने की कोशिश की जा रही है.

पहलगाम हमले को लेकर क्या बोले शशि थरूर?
कांग्रेस सांसद ने अपनी बात स्पष्ट करते हुए कहा कि एक पर्यवेक्षक और लेखक के रूप में उन्होंने पहलगाम घटना के बाद एक अखबार में स्तंभ लिखा था जिसमें उन्होंने कहा था कि इसकी सजा मिलनी चाहिए और ठोस कार्रवाई होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि भारत विकास पर ध्यान केंद्रित कर रहा है, ऐसे में उसे पाकिस्तान के साथ लंबे टकराव में नहीं पड़ना चाहिए और कोई भी कार्रवाई आतंकवादी शिविरों को निशाना बनाने तक सीमित होनी चाहिए.

शशि थरूर ने नेहरू का किया जिक्र
कांग्रेस सांसद ने कहा कि उन्हें आश्चर्य हुआ कि भारत सरकार ने ठीक वही किया जैसा उन्होंने कहा था. थरूर ने कहा कि देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने ही यह प्रश्न किया था कि ‘अगर भारत खत्म हो जाएगा तो कौन जीवित रहेगा?’

उन्होंने कहा, ‘जब भारत दांव पर हो, जब भारत की सुरक्षा और दुनिया में उसका स्थान दांव पर हो तो भारत पहले आता है.’

राष्ट्रहति की बात आए तो भारत सर्वोपरि: थरूर
कांग्रेस सांसद ने कहा कि बेहतर भारत के निर्माण की प्रक्रिया के तहत राजनीतिक दलों के बीच मतभेद हो सकते हैं, लेकिन जब राष्ट्रहित की बात आती है तो भारत को ही सर्वोपरि होना चाहिए.

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