नवा रायपुर को आईटी एवं स्टार्ट-अप हब बनाने की दिशा में ऐतिहासिक पहल

नवा रायपुर को आईटी एवं स्टार्ट-अप हब बनाने की दिशा में ऐतिहासिक पहल
छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य में सूचना प्रौद्योगिकी, नवाचार एवं स्टार्ट-अप पारिस्थितिकी तंत्र को नई ऊँचाइयों पर ले जाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज मुख्यमंत्री निवास कार्यालय, रायपुर में आयोजित मंत्रि-परिषद की बैठक में नवा रायपुर अटल नगर में चार नवीन सेंटर ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप ( Centres of Entrepreneurship ) की स्थापना हेतु सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया (एसटीपीआई) के साथ एमओयू के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया।

मंत्रिपरिषद का यह निर्णय छत्तीसगढ़ को आईटी-आईटीईएस, स्टार्ट-अप, नवाचार, अनुसंधान एवं विकास तथा उभरती प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर एक सशक्त पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।

सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अधीन एक स्वायत्त संस्था है, जिसकी स्थापना देश में आईटी-आईटीईएस उद्योग एवं तकनीकी स्टार्ट-अप इको-सिस्टम को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से की गई है। वर्तमान में एसटीपीआई के देशभर में 68 परिचालित केंद्र हैं, जिनमें से अधिकांश टियर-2 एवं टियर-3 शहरों में स्थित हैं।

एसटीपीआई द्वारा पूरे भारत में 24 डोमेन-विशिष्ट उद्यमिता केन्द्र स्थापित किए जा चुके हैं, जो स्टार्ट-अप्स को इन्क्यूबेशन, मेंटरशिप, फंडिंग सपोर्ट, तकनीकी मार्गदर्शन एवं बाजार से जुड़ने में सहयोग प्रदान करते हैं।

नवा रायपुर अटल नगर, छत्तीसगढ़ शासन के अधीन नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण द्वारा विकसित भारत की पहली ग्रीनफील्ड स्मार्ट सिटी है। 237 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में विकसित यह नगर थीम-आधारित सेक्टरों, अत्याधुनिक अधोसंरचना एवं शासकीय-शैक्षणिक संस्थानों से युक्त है।

यहाँ महानदी भवन, इंद्रावती भवन, विधानसभा, आईआईआईटी, हिदायतुल्लाह राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर तथा आगामी भारत का प्रथम निजी एआई आधारित विशेष आर्थिक क्षेत्र स्थित है। ऐसे में एसटीपीआई के सहयोग से सेंटर ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप की स्थापना नवा रायपुर को एक राष्ट्रीय तकनीकी हब के रूप में विकसित करेगी।

मंत्रि-परिषद के अनुमोदन के पश्चात एसटीपीआई राज्य शासन एवं अन्य हितधारकों के सहयोग से नवा रायपुर अटल नगर में कुल चार नए सेंटर ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप जिसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एआई, हर्बल मेडिसिन एवं वन उत्पाद आधारित सेंटर, स्मार्ट सिटी सेंटर, स्मार्ट एग्री सेंटर की स्थापना करेगा। ये चारों आगामी 3 से 5 वर्षों में लगभग 135 डोमेन-विशिष्ट स्टार्ट-अप्स को सहयोग प्रदान करेंगे, जिससे स्थानीय युवाओं, उद्यमियों एवं नवाचारियों को बड़ा मंच मिलेगा।

इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिजाइन एवं विकास केंद्र राज्य में हार्डवेयर एवं इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र को सशक्त करने के उद्देश्य से एसटीपीआई के माध्यम से इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिजाइन एवं विकास केंद्र की भी स्थापना की जाएगी। प्रतिवर्ष 30 से 40 हार्डवेयर स्टार्ट-अप्स एवं एमएसएमई को तकनीकी सहायता प्रदान करेगा। ईएसडीएम उत्पादों के प्रोटोटाइप विकास में छात्रों, शोधकर्ताओं और उद्योगों को सहयोग देगा।

इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए व्यापक वित्तीय प्रावधान किए गए हैं। 04 सेंटर ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप की स्थापना एवं संचालन हेतु कुल 105.30 करोड़ रूपए, जिसमें से 51.50 करोड़ रूपए राज्य बजट से, शेष राशि एसटीपीआई द्वारा इलेक्ट्रॉनिक एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय एवं अन्य हितधारकों से प्राप्त की जाएगी।

इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिजाइन एवं विकास केंद्र की स्थापना हेतु कुल 78 करोड़, जिसमें से 35 करोड़ राज्य बजट से वहन किए जाएंगे। नवा रायपुर अटल नगर के सेक्टर-21 में 2 एकड़ भूमि अथवा 50 से 60 हजार वर्गफुट निर्मित स्थान एसटीपीआई को निःशुल्क लीज पर उपलब्ध कराया जाएगा।

नए आईटी-आईटीईएस टॉवर के निर्माण तक टॉवर-सी, सीबीडी, सेक्टर-21 में 25,000 वर्गफुट स्थान अस्थायी रूप से निःशुल्क उपलब्ध कराया जाएगा। एसटीपीआई द्वारा एमओयू की तिथि से 12 माह के भीतर सेंटर ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप एवं इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिजाइन एवं विकास केंद्र की स्थापना हेतु आवश्यक स्वीकृतियाँ प्राप्त कर कार्य प्रारंभ किया जाएगा।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का कहना है कि इस निर्णय से राज्य में आईटी निवेश एवं रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। स्थानीय युवाओं को स्टार्ट-अप एवं नवाचार का मंच मिलेगा। छत्तीसगढ़ आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य की ओर तेजी से अग्रसर होगा। हमारी यह पहल राज्य को डिजिटल, नवाचार एवं उद्यमिता आधारित अर्थव्यवस्था की ओर ले जाने वाला एक महत्वपूर्ण कदम है।

छत्तीसगढ़ की धरती जनजातीय शौर्य और बलिदान की साक्षी : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

छत्तीसगढ़ की धरती जनजातीय शौर्य और बलिदान की साक्षी : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज अखिल भारतीय हल्बा-हल्बी आदिवासी समाज के तत्वावधान में साइंस कॉलेज ग्राउंड रायपुर में आयोजित शहीद शिरोमणि गैंदसिंह के 201वें शहादत दिवस एवं श्रद्धांजलि सभा कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने महान जनजातीय नायक एवं स्वतंत्रता संग्राम के अग्रदूत शहीद गैंदसिंह का पुण्य स्मरण करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री साय ने शहीद गैंदसिंह के सम्मान में नया रायपुर में चौक के नामकरण एवं मूर्ति स्थापना, चंगोराभाटा स्थित समाज के सामुदायिक भवन के जीर्णोद्धार, तथा बालोद जिले के देवरी, कांकेर जिले के मरकाटोला, दानीटोला, नगरी, डोंगरगांव एवं बस्तर जिले के भानपुरी तथा करूटोला में हल्बा समाज के सामाजिक केंद्रों के निर्माण हेतु प्रत्येक स्थान के लिए 10-10 लाख रुपये प्रदान किए जाने की घोषणा की। इसके साथ ही ग्राम कितूर में रंगमंच निर्माण तथा चपका बस्तर में राम मंदिर के जीर्णोद्धार की भी घोषणा मुख्यमंत्री द्वारा की गई।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि जनजातीय समाज का इतिहास अत्यंत गौरवशाली और समृद्ध रहा है। उन्होंने कहा कि देश में स्वतंत्रता संग्राम की शुरुआत भले ही वर्ष 1857 से मानी जाती है, किंतु उससे बहुत पहले ही छत्तीसगढ़ की धरती पर जनजातीय क्रांतियों की गूंज सुनाई देने लगी थी। महान क्रांतिकारी शहीद गैंदसिंह अंग्रेजी हुकूमत से संघर्ष करते हुए वर्ष 1825 में शहीद हुए, और उस कालखंड में भी आदिवासी समाज ने आजादी की लड़ाई में अग्रणी भूमिका निभाई।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में एक-दो नहीं बल्कि कुल 14 जनजातीय क्रांतियां हुईं, जिन्होंने अंग्रेजों की सत्ता की नींव हिला दी। यह धरती शहीद वीर नारायण सिंह, शहीद गैंदसिंह और वीर गुण्डाधुर जैसे महान जननायकों की भूमि रही है। उन्होंने कहा कि दुर्भाग्यवश इन वीरों और जनजातीय नायकों को लंबे समय तक इतिहास के पन्नों में उचित स्थान नहीं मिला। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनजातीय नायकों के योगदान को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान दिलाने का कार्य किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में हुई 14 जनजातीय क्रांतियों पर आधारित ट्राइबल म्यूजियम नया रायपुर में निर्मित किया गया है, जिसका लोकार्पण स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किया गया। इस संग्रहालय में इन सभी क्रांतियों का सचित्र विवरण एवं गहन जानकारी प्रस्तुत की गई है। उन्होंने नागरिकों से आग्रह किया कि सभी लोग इस म्यूजियम का अवश्य अवलोकन करें, ताकि छत्तीसगढ़ की बलिदानी धरती में जनजातीय नायकों के योगदान को भली-भांति समझा जा सके।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आज देश के सर्वोच्च पद पर जनजातीय समाज की बेटी राष्ट्रपति मती द्रौपदी मुर्मू आसीन हैं और छत्तीसगढ़ प्रदेश का नेतृत्व भी जनजातीय समाज के बेटे के हाथों में है। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी ने जनजातीय समाज के सर्वांगीण विकास के लिए ऐतिहासिक निर्णय लिए। उनके नेतृत्व में जनजातीय कार्य मंत्रालय का गठन किया गया, जो आज हजारों करोड़ रुपये के बजट के साथ जनजातीय समाज के विकास को नई दिशा दे रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा की जयंती 15 नवंबर को ‘जनजातीय गौरव दिवस’ के रूप में मनाने का निर्णय ऐतिहासिक है। धरती आबा ग्राम उत्कर्ष योजना एवं प्रधानमंत्री जनमन योजना के माध्यम से जनजातीय समाज के कल्याण की नई इबारत लिखी जा रही है। जनजातीय बहुल क्षेत्रों में सड़क, बिजली, पानी जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने का कार्य राज्य सरकार द्वारा प्राथमिकता से किया जा रहा है। इन योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान भी प्राप्त हुआ है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारे पुरखों ने शिक्षा को विकास का मूलमंत्र बताया है। शिक्षा के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ ने उल्लेखनीय प्रगति की है और आज प्रदेश में आईआईएम, आईआईटी और एम्स जैसे राष्ट्रीय स्तर के संस्थान संचालित हो रहे हैं। उन्होंने समाज के प्रबुद्धजनों से शिक्षा को बढ़ावा देने, शासन की योजनाओं की जानकारी समाज तक पहुंचाने तथा युवाओं को अपने अधिकारों और लक्ष्यों के प्रति जागरूक करने का आग्रह किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर अंचल में नक्सलवाद लंबे समय तक विकास में सबसे बड़ी बाधा रहा है, किंतु डबल इंजन सरकार के संकल्प और हमारे सुरक्षा बलों के अदम्य साहस से इस बाधा को दूर किया जा रहा है। वर्षों से विकास से वंचित इस अंचल में अब विकास की नई धारा प्रवाहित हो रही है।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा कि शहीद गैंदसिंह छत्तीसगढ़ के पहले वीर शहीद जननायक थे, जिन्होंने वर्ष 1824-25 में अंग्रेजी हुकूमत के विरुद्ध संघर्ष का बिगुल फूंका। उन्होंने अंग्रेजों द्वारा संसाधनों की लूट और आदिवासियों के शोषण के खिलाफ साहसिक संघर्ष किया। उन्होंने कहा कि देश के स्वतंत्रता संग्राम में छत्तीसगढ़ के जनजातीय नायकों का योगदान अतुलनीय रहा है।

कार्यक्रम में अखिल भारतीय हल्बा-हल्बी आदिवासी समाज के केंद्रीय अध्यक्ष डॉ. देवेंद्र माहला, महामंत्री गिरवर सिंह ठाकुर, महेश गागड़ा सहित समाज के अनेक गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय में स्थापित मंत शंकर देव शोध पीठ का हुआ लोकार्पण

पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय में स्थापित मंत शंकर देव शोध पीठ का हुआ लोकार्पण
राज्यपाल रमेन डेका की पहल पर पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय में स्थापित महान संत, समाज सुधारक और सांस्कृतिक चेतना के प्रणेता मंत शंकरदेव के विचारों, दर्शन और साहित्य को समर्पित शोध संस्थान का भव्य लोकार्पण आज गरिमामय समारोह में सम्पन्न हुआ।

इस अवसर पर कार्यक्रम की अध्यक्षता राज्यपाल रमेन डेका ने की। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, उच्च शिक्षा मंत्री टंकराम वर्मा, डॉ. कृष्ण गोपाल जी सह-सरकार्यवाह, राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ सहित शिक्षा जगत के विद्वान, शोधार्थी, युवा वर्ग तथा गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। इसके साथ ही पंजाब विश्वविद्यालय, चंडीगढ़ तथा पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय रायपुर के मध्य एम.ओ.यू. पर भी हस्ताक्षर किया गया। एम.ओ.यू. के पश्चात दोनों ही विश्वविद्यालय के शोधार्थी एक-दूसरे विश्वविद्यालय में अंतरविषयक अनुसंधान कर सकेंगे।

इस अवसर पर अपने संबोधन में राज्यपाल ने कहा कि मंत शंकर देव के विचार आज भी समाज को जोड़ने, सामानता स्थापित करने और मानवीय मूल्यों को सुदृढ़ करने की प्रेरणा देते हैं।

डेका ने कहा कि इस शोध पीठ की स्थापना उत्तर पूर्वी भारत और मध्य भारत की सांस्कृतिक विरासत को अकादमी एवं शोध के स्तर पर जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। यह शोध पीठ भारत की महान संत परंपरा, भक्ति आंदोलन और सामाजिक सुधारों पर केंद्रित अध्ययन का सशक्त केंद्र बनेगी। उन्होंने कहा कि ऐसे अकादमिक प्रयास देश की सांस्कृतिक एकता को और मजबूत करते हैं।

छत्तीसगढ़ शासन द्वारा इस शोध पीठ के संचालन हेतु वर्तमान वित्तीय वर्ष में 2 करोड़ रूपये दिए गए हैं जिसके लिए उन्हांेने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को धन्यवाद दिया।

राज्यपाल ने कहा कि मंत शंकर देव ने समाज सुधारक, शिक्षाविद, कलाकार, नाटककार, नाट्य निर्देशक, चित्रकार, साहित्यकार, गीतकार, संगीत और वैष्णव धर्म के प्रवर्तक व प्रचारक के रूप में ख्याति अर्जित की है। मंत शंकर देव को उत्तर पूर्व भारत के महान समाज सुधारक बताते हुए कहा कि उन्होंने जाति, वर्ग और धर्म से ऊपर उठ कर समरस समाज की कल्पना की। नामघर और सत्र परंपरा के माध्यम से उन्होंने समानता, करूणा और उदारता पर आधारित सामाजिक व्यवस्था को सुदृढ़ किया। मंत शंकर देव द्वारा रचित साहित्य अंकिया नाट और बोरगीत आज भारतीय सांस्कृतिक विरासत की अमूल्य धरोहर हैं। उनके विचारों ने असमिया समाज को एक सूत्र में पिरोया और सामाजिक चेतना को नई दिशा दी।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि पूज्य शंकरदेव जी का कार्यक्षेत्र भले ही असम था, लेकिन उनके द्वारा सामाजिक जागरण का जो कार्य किया गया, उसका प्रभाव संपूर्ण देश पर पड़ा। मंत शंकर देव जी द्वारा रचित साहित्य, नाटक, भजन में भारतीय संस्कृति का उद्घोष है।. हमारा देश अपनी एकता और अखंडता के लिए जाना जाता है। इसके पीछे शंकरदेव जी जैसे भारत माता के सपूत हैं, जिन्होंने अपना पूरा जीवन देश की संस्कृति को समर्पित किया। वर्तमान और नई पीढ़ी को अपने पूर्वजों के योगदान को बताकर हम एक सक्षम और समृद्ध भारत बना सकते हैं। इससे लोगों में देशभक्ति की भावना का संचार होता है। शंकर देव जी ने अपनी एक रचना में कहा कि भारत भूमि में जन्म लेना सबसे सौभाग्य की बात है। उन्होंने 500 वर्ष पहले एक भारत का जो संदेश दिया, उसे आज हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत‘ का नारा देकर साकार कर रहे हैं।

मुख्य वक्ता डॉ कृष्ण गोपाल जी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा असम राज्य विविधताओं से भरा हुआ है। यहां विविध प्रकार की जनजाति भौगालिक, नदी, पहाड़, जंगल, घने वन उपस्थित है। जिस कारण यहां हजारों वर्षों से दूर दूर विविध जनजाति निवास करते है। इन जनजातियों को एक सूत्र में बांधने का महत्वपूर्व कार्य मंत शंकर देव ने किया। उन्होंने कृष्ण भक्ति के माध्यम से किया लोगो को जोड़ा। वे भक्ति आंदोलन के प्रमुख व्यक्तिव है उन्होंने भक्ति के साहित्य का लेखन किया, नाट्य, गायन खड़े प्रशिक्षण दिया। गांव गांव में नाम घर की स्थापना किए। आज असम के हर गांव है जिसे नाम स्थापित है। भक्ति, संस्कृति एवं सामाजिक सद्भाव का घर कहलाता है। उन्होंने मंत शंकर देव के योगदान पर विस्तृत प्रकाश डाला।

उच्च शिक्षा मंत्री टंक राम वर्मा ने कहा कि मंत शंकरदेव ने शिक्षा को केवल साक्षरता तक सीमित न रखकर उसे संस्कार और संस्कृति से जोड़ा। यह शोध संस्थान केवल भवन नहीं, बल्कि विचारों की कार्यशाला बनकर उभरेगा। यहाँ से निकलने वाले शोध पत्र राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय ज्ञान परंपरा को नई पहचान दिलाएंगे।

कार्यक्रम के अंत में संस्थान की स्थापना से जुड़े सभी सहयोगियों और प्रबंधन समिति को बधाई देते हुए आशा व्यक्त की गई कि यह केंद्र भविष्य में ज्ञान, नवाचार और सत्य की खोज का प्रमुख केंद्र बनेगा तथा वसुधैव कुटुम्बकम् के संदेश को विश्व पटल पर स्थापित करेगा।

गौरतलब है मंत शंकरदेव शोध पीठ की स्थापना का मुख्य उद्देश्य उत्तरपूर्वी भारत तथा मध्य भारत के भक्ति आन्दोलन से जुड़े महान संतों के योगदान एवं व्यापक प्रभाव को भारतीय जनमानस के समक्ष लेकर आना साथ ही दोनों ही क्षेत्रों के जनजातीय सांस्कृतिक विरासत की मौखिक परंपरा को लेखबद्ध करना है। शोधपीठ के द्वारा शोधवृत्ति भी शोधार्थियों को प्रदान किया जाएगा। शोधपीठ में भाषा, साहित्य, इतिहास, प्राचीन भारतीय इतिहास, क्षेत्रीय अध्ययन, समाजशास्त्र एवं समाजकार्य के विषय के शोधार्थी शोधकार्य कर सकते हैं।

नितिन नवीन ने बीजेपी मुख्यालय में 8 घंटे चली मीटिंग में 5 राज्यों के चुनावों पर चर्चा

नितिन नवीन ने बीजेपी मुख्यालय में 8 घंटे चली मीटिंग में 5 राज्यों के चुनावों पर चर्चा
बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद नितिन नवीन आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुट गए हैं. दिल्ली में बीजेपी मुख्यालय में चल रही बैठक के बीच नितिन नवीन ने चुनावी राज्यों को लेकर अलग से 8 घंटे बैठक की. इस बैठक में पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, असम और तमिलनाडु के प्रदेश अध्यक्ष, संगठन महामंत्री और प्रभारी मौजूद रहे. इस दौरान चुनावी राज्यों को लेकर रणनीति तैयार की गई, जिसमें चुनाव से पहले बूथ स्तर तक संगठन को और करने पर जोर दिया गया.

नितिन नवीन ने चुनाव की तैयारियों का लिया जायजा
सूत्रों के मुताबिक बीजेपी मुख्यालय में सभी नेताओं से राज्य के हिसाब से चुनाव की तैयारियों की रिपोर्ट भी ली गई. इसके बाद सभी को चुनावी अभियान में और तेजी लाने को कहा गया. बीजेपी पदाधिकारी की बैठक में जेपी नड्डा ने अपने संबोधन में कहा, ‘नेतृत्व बदलता है आदर्श नहीं बदलते. सभी को पार्टी को और आगे ले जाने को लेकर और मेहनत से काम करना है.’

नितिन नवीन ने कहा, ‘जिन राज्यों में सरकार नहीं है वहां बूथ स्तर तक लगातार मेहनत करके सरकार बनानी है. जहां सरकार है वहां संगठन को और मजबूत करना है. इसके अलावा संगठन स्तर पर चल रहे अभियानों को और तेजी से बढ़ाना है. SIR, विकसित भारत जी राम जी कानून पर अभियान और मन की बात जैसे कार्यक्रमों को और तेजी से बढ़ाना है.

पश्चिम बंगाल का दौरा करेंगे बीजेपी के नए अध्यक्ष
नितिन नवीन इस महीने के अंत में पश्चिम बंगाल का दौरा भी करने वाले हैं. इस दौरान वे इस साल होने वाले विधानसभा चुनावों को लेकर पार्टी की तैयारियों की समीक्षा करेंगे. यहां वे राज्य के वरिष्ठ नेताओं के साथ कई बैठकें करेंगे. इन बैठकों का उद्देश्य चुनाव से पहले संगठन की स्थिति को समझना और पार्टी की ताकत का आकलन करना होगा.

बीजेपी के नए अध्यक्ष ने कहा कि पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी में आगामी चुनावों से पहले राज्यों में ‘जनसांख्यिकीय परिवर्तनों’ पर चर्चा हो रही है. उन्होंने कहा, ‘हमने देखा है कि जनसांख्यिकीय परिवर्तनों के कारण वहां चीजें किस प्रकार बदल गई हैं, जो हमारे सामने एक चुनौती है, लेकिन मुझे विश्वास है कि बीजेपी कार्यकर्ता अपनी पूरी ताकत और संघर्ष तथा कड़ी मेहनत से इन पांच राज्यों में मजबूत नेतृत्व प्रदान करेंगे.’

‘धुरंधर’ के गानों पर भारी पड़ा ‘बॉर्डर 2’ का ‘घर कब आओगे’

‘धुरंधर’ के गानों पर भारी पड़ा ‘बॉर्डर 2’ का ‘घर कब आओगे’
‘धुरंधर’ और ‘बॉर्डर 2’ इस समय बॉलीवुड की सबसे पॉपुलर फिल्मों में से एक हैं. ‘बॉर्डर 2’ 23 जनवरी को रिलीज होने वाली है. तो वहीं ‘धुरंधर’ दिसंबर 2025 में रिलीज हुई थी. दोनों की फिल्मों का क्रेज इस समय बहुत ज्यादा है. इसी बीच Ormax की इस हफ्ते की टॉप 5 सॉन्ग्स की लिस्ट सामने आई है. जिसमें इन दोनों ही फिल्मों के गानों ने अपना सिक्का जमाया है. तो आइये दिखाते हैं इस लिस्ट में कौन सा गाना किस नंबर पर है.

घर कब आओगे (बॉर्डर 2)
‘बॉर्डर 2’ फिल्म का ये गाना ‘घर कब आओगे’ पहली फिल्म के ही गाने का रीमेक है. इस गाने ने इस लिस्ट में सबसे पहला नंबर हासिल किया है. इस एक गाने ने धुरंधर के सारे गानों को भी पीछे छोड़ दिया है. इस गाने को इस गाने को सोनू निगम, रूप कुमार राठौर, अरिजीत सिंह, दिलजीत दोसांझ और विशाल मिश्रा ने गाया है.

धुरंधर टाइटल (धुरंधर)
इस लिस्ट में ‘धुरंधर’ का टाइटल ट्रैक दूसरे नंबर पर रहा है. रणवीर सिंह स्टारर इस फिल्म को जितना पसंद किया गया है, उतना ही फिल्म के गानों को भी प्यार मिला है. इस गाने को जैस्मिन संडल्स, सुधीर यदुवंशी, शाश्वत सचदेव, मोहम्मद सादिक और रंजीत कौर ने अपनी आवाज दी है.

गहरा हुआ (धुरंधर)
‘धुरंधर’ फिल्म का ही एक और गाना इस लिस्ट में तीसरे नंबर पर है. ये रणवीर और सारा अर्जुन पर फिल्माया गया रोमांटिक सॉन्ग है. इस गाने को अरिजीत सिंह और अरमान खान ने अपनी आवाज दी है. तो वहीं इसके लिरिक्स इरशाद कामिल ने लिखे हैं. इस गाने में दिखाई गईं लोकेशंस बहुत प्यारी हैं.

दादा बने शिवराज सिंह चौहान, पोती की कान में पढ़ा गायत्री मंत्र

दादा बने शिवराज सिंह चौहान, पोती की कान में पढ़ा गायत्री मंत्र
मध्य प्रदेश के पूर्व सीएम और केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के घर किलाकारी गूंजी है. उनके बेटे कार्तिकेय और बहू अमानत अब माता-पिता बन गए हैं. शिवराज सिंह चौहान के घर पोती ने जन्म लिया है. उन्होंने एक्स पर बेहद ही प्यारा वीडियो शेयर करते हुए इस खुशखबरी को सभी के साथ शेयर किया है. उनकी पोती का नाम इला रखा गया है.

कोकिला अब दादी, मैं दादा- शिवराज सिंह चौहान
एक्स पर उन्होंने लिखा, “हमारे घर आज लाडली लक्ष्मी आई है. कार्तिकेय पिता बन गए. अमानत मां. कोकिला अब दादी जी हैं और मैं दादा. कुणाल और ऋद्धि चाचा और चाची. अनुपम जी नाना, रुचिता जी नानी और आर्यन मामा. 2025 में हमारे घर दो बेटियां आई-अमानत और ऋद्धि . 2026 में फिर बेटी इला का शुभ आगमन हुआ. स्वागतम लक्ष्मी.”

केंद्रीय मंत्री ने जो वीडियो शेयर किया है उसमें देखा जा सकता है कि डॉक्टर उनकी पोती को गोद में लेकर आ रहे हैं. उन्हें देख कार्तिकेय चौहान अपने हाथ में रखे माला को गेल में पहन लेते हैं. पूरा परिवार वहां मौजूद होता है. शिवराज की पत्नी भी वीडियो में दिख रही हैं. डॉक्टर बच्ची को पिता की गोद में देते हैं. कार्तिकेय सिंह अपनी बेटी की पहली झलक देखते हैं.

वहां मौजूद मेडिकल स्टाफ कार्तिकेय चौहान से पूछती हैं कि कौन आई है, इस पर वो जवाब देते हैं, “इला आई है.” ये सुनहर सभी के चेहरे खिल जाते हैं. इसके बाद शिवराज अपनी पोती की कान में गायंत्री मंत्र पढ़ते हैं.

कार्तिकेय चौहान और अमानत बंसल की शादी 6 मार्च 2025 को हुई. कार्तिकेय, शिवराज के बड़े बेटे हैं. अमानत बंसल के पिता अनुपम बंसल लिबर्टी शू कंपनी के डायरेक्टर हैं.

WPL में सबसे कम उम्र में डेब्यू करने वाली खिलाड़ी बनी दीया यादव

WPL में सबसे कम उम्र में डेब्यू करने वाली खिलाड़ी बनी दीया यादव
इंडियन प्रीमियर लीग में सिर्फ 14 साल की उम्र में डेब्यू करके वैभव सूर्यवंशी ने इतिहास रच दिया था. जिसके बाद, वैभव आईपीएल में खेलने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बन गए थे. वैभव की इस ऐतिहासिक उपलब्धि के लगभग एक साल बाद, अब महिला प्रीमियर लीग (WPL 2026) में भी सबसे कम उम्र में डेब्यू करने वाली खिलाड़ी का नया रिकॉर्ड बन गया है. मुंबई इंडियंस और दिल्ली कैपिटल्स के बीच मंगलवार यानी 20 जनवरी को वडोदरा में खेले गए मुकाबले में 16 साल की दीया यादव ने डेब्यू करते हुए ये कारनामा किया है. इसी के साथ, दिल्ली के लिए खेलते हुए इस युवा बल्लेबाज ने अपना नाम WPL की रिकॉर्डबुक में दर्ज करवा लिया है.

WPL 2026 ऑक्शन में भी खरीदे जाने वाली सबसे युवा खिलाड़ी
WPL 2026 के लिए नवंबर 2025 में हुए ऑक्शन में दीया यादव ने उस वक्त सबका ध्यान खींचा था, जब दिल्ली कैपिटल्स ने उनको 10 लाख रुपये के बेस प्राइस पर खरीदा था. इस तरह वो WPL ऑक्शन में खरीदे जाने वाली सबसे युवा खिलाड़ी भी बनी थी. हालांकि, इंतजार उनके डेब्यू का था, जो WPL 2026 सीजन के शुरुआती मुकाबलों में संभव नहीं हो पाया. लेकिन शुरुआती 4 मुकाबलों में 3 हार के बाद आखिरकार दिल्ली कैपिटल्स ने युवा बल्लेबाज दीया यादव को मौका दे ही दिया.

WPL में दीया यादव ने सबसे कम उम्र में डेब्यू करने का बनाया रिकॉर्ड
WPL 2026 के 13वें मुकाबले में मुंबई इंडियंस और दिल्ली कैपिटल्स के बीच भिड़ंत हुआ. इस मुकाबले में दिल्ली कैपिटल्स ने दाएं हाथ की बल्लेबाज दीया यादव को पहली बार प्लेइंग इलेवन में शामिल किया. इसी के साथ, सिर्फ 16 साल 103 दिन की उम्र में डेब्यू करने वाली दीया यादव WPL की सबसे युवा खिलाड़ी बन गईं हैं. इस मामले में दीया ने जी कमलिनी का रिकॉर्ड तोड़ा, जिन्होंने WPL 2025 सीजन में 16 साल 213 दिन की उम्र में डेब्यू किया था. संयोग से दीया के डेब्यू से ठीक पहले कमलिनी चोटिल होकर WPL 2026 से बाहर हो गईं हैं और उनकी जगह मुंबई इंडियंस ने 20 साल की वैष्णवी शर्मा को स्क्वॉड में शामिल कर लिया है. इसी मुकाबले में वैष्णवी ने भी अपना डेब्यू किया.

श्रीराम जन्मभूमि ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास की हालत गंभीर

श्रीराम जन्मभूमि ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास की हालत गंभीर
श्रीराम जन्मभूमि ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास की स्थिति गंभीर है. उनकी तबीयत आज (21 जनवरी) सुबह अचानक बिगड़ गई जिसके बाद उन्हें अयोध्या के श्रीराम अस्पताल ले जाया गया था. वहां से उनको मेदांता हॉस्पिटल, लखनऊ के लिए रेफर कर दिया गया. नृत्यगोपाल दास का ICU में इलाज़ जारी है. मेदांता अस्पताल ने बताया कि नृत्य गोपाल दास पिछले 4-5 दिनों से ठीक से पानी नहीं रहे थे और खाना भी न2019 से ही मूत्र संबंधी समस्याओं से जूझ रहे

86 साल के महंत नृत्य गोपाल दास साल 2019 से ही मूत्र संबंधी समस्याओं और खाने में असमर्थता से संबंधित बीमारियों से जूझ रहे हैं. बीते सालों में उन्हें कई बार मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया है. महंत नृत्य गोपाल दास मणि राम दास की छावनी मंदिर और राम जन्मभूमि न्यास के प्रमुख हैं.

11 जून 1938 को मथुरा में हुआ जन्म
बाबरी मस्जिद के विध्वंस के बाद जनवरी 1993 में विश्व हिंदू परिषद ने राम जन्मभूमि न्यास की स्थापना की थी. यह ट्रस्ट राम मंदिर के निर्माण की देखरेख कर रहा है. मथुरा के केरहाला गांव में 11 जून 1938 को जन्मे महंत ने अयोध्या में रामायण भवन, श्री रंगनाथ मंदिर और श्री चार धाम मंदिर सहित कई महत्वपूर्ण मंदिरों के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. राम जन्मभूमि आंदोलन से उनका जुड़ाव कई दशकों से है.हीं खा रहे थे.

बेहोशी की हालत में लाए गए अस्पताल- मेदांता
मेदांता अस्पताल ने बताया कि 21 जनवरी की शाम 3 बजे उन्हें आंतों के संक्रमण (दस्त) और बेहोशी की हालत में मेदांता अस्पताल की इमरजेंसी में लाया गया. उन्हें मेदांता अस्पताल की इमरजेंसी के द्वारा ICU में भर्ती किया गया है. मेदांता अस्पताल ने एक एक्सपर्ट चिकित्सकों की टीम गठित की है जिसमें डॉ दिलीप दुबे, डॉ अभय वर्मा (आंत रोग विशेषज्ञ) और डॉ राकेश कपूर (मूत्र रोग विशेषज्ञ) शामिल हैं, जिनकी देख-रेख में महंत उनका इलाज चल रहा है.

यूरोपीय संसद ने ट्रंप को दिया तगड़ा झटका

यूरोपीय संसद ने ट्रंप को दिया तगड़ा झटका
यूरोपीय संसद ने बुधवार (21 जनवरी, 2026) को अमेरिका के साथ यूरोपीय संघ (EU) के व्यापार समझौते को सस्पेंड कर दिया है. यूरोपीय संसद ने इस फैसले से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को तगड़ा झटका दिया है. दरअसल, अमेरिका और EU ने इस ट्रेड डील को लेकर जुलाई, 2025 में सहमति जताई थी, लेकिन राष्ट्रपति ट्रंप के ग्रीनलैंड को हासिल करने की मांग और इस योजना का विरोध करने वाले यूरोपीय सहयोगियों पर ट्रंप की ओर से टैरिफ लगाने की धमकियों के विरोध में यूरोपीय संसद ने यह कदम उठाया है.

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की नितिन नबीन से सौजन्य भेंट

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की नितिन नबीन से सौजन्य भेंट
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को नई दिल्ली में भाजपा के नवनिर्वाचित राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन से सौजन्य भेंट की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नितिन नबीन को नए दायित्व के लिए पुष्प-गुच्छ एवं स्मृति-चिन्ह भेंट कर बधाई और शुभकामनाएं दीं।

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