मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की नितिन नबीन से सौजन्य भेंट
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को नई दिल्ली में भाजपा के नवनिर्वाचित राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन से सौजन्य भेंट की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नितिन नबीन को नए दायित्व के लिए पुष्प-गुच्छ एवं स्मृति-चिन्ह भेंट कर बधाई और शुभकामनाएं दीं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की नितिन नबीन से सौजन्य भेंट
पद्म लेखक आलोक मेहता ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को भेंट की ‘मोदी राज के 25 वर्ष’ पर केंद्रित पुस्तक
पद्म लेखक आलोक मेहता ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को भेंट की ‘मोदी राज के 25 वर्ष’ पर केंद्रित पुस्तक
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश सरकार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकास मॉडल को अपनाते हुए प्रदेश की आर्थिक प्रगति को नई गति देने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नई दिल्ली में वरिष्ठ संपादक एवं लेखक पद्म आलोक मेहता द्वारा रचित पुस्तक ‘रिवॉल्यूशनरी राज – नरेन्द्र मोदी: 25 इयर्स’ (कॉफी टेबल बुक) ग्रहण करते हुए यह बात कही।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य में बड़े पैमाने पर देशी-विदेशी निवेश को आकर्षित कर औद्योगिक विकास, रोजगार सृजन, स्टार्ट-अप्स, शिक्षा, स्वास्थ्य तथा ग्रामीण विकास से जुड़ी योजनाएँ प्रभावी रूप से क्रियान्वित की जा रही हैं।
यह भेंट-वार्ता दिल्ली से दावोस (स्विट्ज़रलैंड) में आयोजित विश्व आर्थिक मंच की बैठक में भाग लेने से पूर्व हुई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री की नई शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन में मध्यप्रदेश अग्रणी भूमिका निभा रहा है। प्रदेश में पुस्तकों और पठन-संस्कृति को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से गीता भवन निर्माण योजना में पुस्तकालयों का प्रावधान भी किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार पत्रकारों, साहित्यकारों एवं सांस्कृतिक कलाकारों को सामाजिक जागरूकता के लिए हर संभव सहयोग, सहायता एवं प्रोत्साहन देती रहेगी।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पुस्तक में उल्लिखित समाज कल्याण, महिला सशक्तिकरण, युवाओं में अनुशासन तथा आत्मनिर्भर विकसित भारत के प्रधानमंत्री के सपनों को साकार करने के लिए वे पूर्णतः प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने पुस्तक की विस्तृत भूमिका केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा लिखे जाने को विशेष रूप से महत्वपूर्ण बताया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केंद्रीय मंत्री शाह, प्रधानमंत्री के संकल्पों को क्रियान्वित करते हुए आतंकवाद और नक्सल समस्या से प्रभावी ढंग से निपट रहे हैं, जिससे देश विकास के पथ पर निरंतर आगे बढ़ रहा है। ऐसे विचारों को जन-जन तक पहुँचाने में यह पुस्तक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है और इसे शिक्षण संस्थानों व पुस्तकालयों तक पहुँचाया जाना चाहिए।उल्लेखनीय है कि पुस्तक का प्रकाशन शुभी पब्लिकेशंस द्वारा किया गया।
देवी सरस्वती की पूजा में भूलकर भी न करें ये गलतियां
देवी सरस्वती की पूजा में भूलकर भी न करें ये गलतियां
साल 2026 में वसंत पंचमी का पावन पर्व ज्ञान, बुद्धि और कला की देवी मां सरस्वती की आराधना के लिए तैयार है। चारों तरफ पीली सरसों और प्रकृति का नया रूप मन को मोह लेता है। लेकिन, धर्म सिंधु और स्कंद पुराण जैसे प्राचीन ग्रंथों में स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि इस दिन कुछ खास गलतियां करने से पूजा का फल नहीं मिलता, बल्कि ‘विद्या दोष’ लग सकता है। अक्सर हम अनजाने में श्रद्धा के साथ-साथ कुछ ऐसी भूल कर बैठते हैं जो मां शारदा को नाराज कर सकती हैं।
आइए जानते हैं उन गलतियों के बारे में जिनसे आपको और आपके बच्चों को बचना चाहिए-
1. काले रंग के कपड़ों से बनाएं दूरी
वसंत पंचमी को ‘पीला त्योहार’ भी कहा जाता है। ज्योतिष शास्त्र और पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन काला या लाल रंग पहनने से बचना चाहिए। काला रंग नकारात्मकता और शोक का प्रतीक माना जाता है। मां सरस्वती को पीला और सफेद रंग सबसे अधिक प्रिय है। इसलिए, पूजा के दौरान पीले वस्त्र धारण करना ही श्रेष्ठ माना गया है, जो सकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करता है।
2. कलम और किताबों का अपमान (विद्या दोष)
इस दिन सबसे बड़ी गलती जो लोग अक्सर करते हैं, वह है पढ़ाई-लिखाई की चीजों का अनादर करना। शास्त्रों में कहा गया है कि वसंत पंचमी के दिन कलम, किताब या वाद्य यंत्रों (Musical Instruments) को पैर नहीं लगाना चाहिए। ऐसा करना सीधे तौर पर ‘विद्या दोष’ को निमंत्रण देना है। कई क्षेत्रों में लोक परंपरा यह भी है कि इस दिन विद्यार्थी अपनी किताबों की पूजा करते हैं, लेकिन उस दिन पढ़ाई नहीं करते, ताकि विद्या को विश्राम और सम्मान दिया जा सके।
3. वाणी पर संयम और भोजन के नियम
मां सरस्वती को ‘वाक देवी’ (वाणी की देवी) भी कहा जाता है। धार्मिक जानकारों का मत है कि इस दिन किसी को भी अपशब्द बोलने, झगड़ा करने या झूठ बोलने से बचना चाहिए। अगर आप इस दिन कड़वे शब्द और अपशब्द बोलते हैं, तो माना जाता है कि मां सरस्वती आपकी जुबान पर नहीं विराजतीं।
इसके अलावा, सात्विक भोजन के नियमों के मुताबिक, वसंत पंचमी के दिन घर में मांस-मदिरा या प्याज-लहसुन का सेवन भूलकर भी नहीं करना चाहिए। सात्विक और शुद्ध भोजन ही इस दिन की पवित्रता को बनाए रखता है।
छत्तीसगढ़ में 57 मार्गों पर बस संचालन
छत्तीसगढ़ में 57 मार्गों पर बस संचालन
छत्तीसगढ़ में बीजेपी सरकार (BJP Government) द्वारा ग्रामीण अंचलों में आवागमन की सुविधा सुदृढ़ करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना (CM Rural Bus Scheme) 2025 का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है। यह योजना उन ग्रामों तक सार्वजनिक परिवहन पहुंचाने की दिशा में एक निर्णायक पहल है, जहां अब तक यात्री बस (Yatri Bus) सुविधा उपलब्ध नहीं थी। योजना के प्रथम चरण में बस्तर एवं सरगुजा संभाग के जिलों को सम्मिलित किया गया है।
छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) में अब तक मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना के तहत कुल 57 चयनित मार्गों पर 57 बसों का संचालन प्रारंभ किया जा चुका है। इन बसों के माध्यम से कुल 330 नए गांवों तक पहली बार (First Time) यात्री बस सुविधा पहुंची है, जिससे ग्रामीण जनजीवन में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है।
मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना का प्रमुख उद्देश्य ऐसे ग्रामीण क्षेत्रों को जनपद मुख्यालय, नगरीय क्षेत्र, तहसील मुख्यालय तथा जिला मुख्यालयों से जोड़ना है, जहां पूर्व में सार्वजनिक परिवहन (Public Transport) की सुविधा नहीं थी। इससे ग्रामीण नागरिकों को शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार (Employment) और प्रशासनिक सेवाओं तक सुगम पहुंच सुनिश्चित हो रही है।
मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना के अंतर्गत बस संचालकों (Bus Operators) को राज्य शासन द्वारा प्रति किलोमीटर वित्तीय सहायता (Financial Assistance) प्रदान की जा रही है। प्रथम वर्ष 26 रुपए प्रति किलोमीटर, द्वितीय वर्ष 24 रुपए प्रति किलोमीटर तथा तृतीय वर्ष 22 रुपए प्रति किलोमीटर की दर से सहायता दी जा रही है।
इसके अतिरिक्त सीएम रूरल बस स्कीम (Chief Minister Rural Bus Yojana) के तहत गासिक कर में पूर्णतः छूट अधिकतम तीन वर्षों की अवधि के लिए प्रदान की जा रही है, जिससे ग्रामीण मार्गों पर बस संचालन को आर्थिक रूप से व्यवहार्य बनाया जा सके। मार्ग चयन की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी (Transparent) रखी गई है। इस योजना के अंतर्गत मार्गों का चयन जिला स्तरीय समिति की अनुशंसा के आधार पर राज्य स्तरीय समिति द्वारा किया जाता है, ताकि वास्तविक आवश्यकता वाले क्षेत्रों को प्राथमिकता मिल सके।
चयनित मार्गों पर बस संचालन (Bus Operation) हेतु निविदा प्रक्रिया अपनाई जाती है। निविदा के माध्यम से न्यूनतम वित्तीय दर प्रस्तावित करने वाले पात्र आवेदक का चयन किया जाता है, जिससे शासन पर न्यूनतम वित्तीय भार पड़े और सेवा सतत बनी रहे। निविदा (Tender) में चयनित आवेदक से विधिवत परमिट आवेदन प्राप्त कर सुनवाई की प्रक्रिया के उपरांत बस संचालन हेतु परमिट जारी किया जाता है। इससे नियामकीय प्रक्रिया का पूर्ण पालन सुनिश्चित किया जाता है।
अविमुक्तेश्वरानंद को मिले नोटिस पर सियासी बवाल
अविमुक्तेश्वरानंद को मिले नोटिस पर सियासी बवाल
प्रयागराज के माघ मेले में ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को मौनी अमावस्या के दिन संगम स्नान से रोके जाने के बाद विवाद तेज हो गया है। मेला प्रशासन ने उन्हें नोटिस जारी कर उनके ‘शंकराचार्य’ पद की वैधता पर सवाल उठाए हैं। नोटिस में पूछा गया है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद वे खुद को ज्योतिष्पीठ का शंकराचार्य कैसे प्रचारित कर रहे हैं। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने इस पर कड़ा विरोध जताया और धरना जारी रखा है, जिसमें वे माफी की मांग कर रहे हैं।
कांग्रेस ने बीजेपी पर साधा निशाना, मुसलमानों से तुलना
कांग्रेस ने इस घटना को बीजेपी सरकार की अहंकारपूर्ण कार्रवाई करार दिया। पार्टी के मीडिया प्रमुख पवन खेड़ा ने तीखा हमला बोला, ‘पहले मुसलमानों से ‘कागज दिखाओ’ कहा जाता था, अब शंकराचार्य से भी कागज मांगे जा रहे हैं।’ उन्होंने कहा कि गुरु-शिष्य परंपरा से शंकराचार्य चुने जाते हैं, सरकार की कोई हैसियत नहीं कि यह तय करे। खेड़ा ने कटाक्ष किया, ‘जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उनके सामने नतमस्तक हुए, गौ मांस पर सवाल नहीं उठाए गए, आधे-अधूरे मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा का विरोध नहीं किया गया, तब वे शंकराचार्य थे। लेकिन अब नतमस्तक न होने की सजा मिल रही है।’
नोटिस का आधार: सुप्रीम कोर्ट का पुराना आदेश
मेला प्रशासन के नोटिस में सुप्रीम कोर्ट के 2022 के आदेश का हवाला दिया गया है, जिसमें ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य पद पर लंबित अपील के दौरान किसी नए पट्टाभिषेक पर रोक लगाई गई थी। नोटिस में कहा गया कि कोई धर्माचार्य पट्टाभिषेकित नहीं किया गया, फिर भी स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद शिविर में बोर्ड लगाकर खुद को शंकराचार्य बता रहे हैं। उन्हें 24 घंटे में स्पष्टीकरण देने को कहा गया है।
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का जवाब और धरना
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि न तो मुख्यमंत्री और न ही राष्ट्रपति तय कर सकते हैं कि शंकराचार्य कौन है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई उनकी सरकार की आलोचना (जैसे कोविड में गंगा में शव, कुंभ प्रबंधन आदि) के कारण है। वे बिना स्नान किए लौट आए और धरना पर बैठे हैं, जिसमें वे माफी मांगने तक नहीं हटेंगे।
पहले टी20 के लिए टीम इंडिया की प्लेइंग इलेवन घोषित
पहले टी20 के लिए टीम इंडिया की प्लेइंग इलेवन घोषित
भारत बनाम न्यूजीलैंड पहला टी20 मैच बुधवार, 21 जनवरी को नागपुर के वीसीए स्टेडियम में खेला जाएगा. उससे पहले कप्तान सूर्यकुमार यादव ने टीम इंडिया की प्लेइंग इलेवन पर बड़ा अपडेट दिया है. दरअसल चोट के कारण तिलक वर्मा यह टी20 मैच नहीं खेल रहे होंगे, इस कारण नंबर-3 खाली है. सूर्यकुमार के बयान से संकेत मिला कि श्रेयस अय्यर को बल्लेबाजी में नंबर-5 देने पर विचार किया जा सकता है.
तिलक वर्मा को एब्डोमिनल सर्जरी करवानी पड़ी थी, जिसके कारण उन्हें न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज के पहले 3 मैचों से बाहर कर दिया था. उनकी जगह श्रेयस अय्यर को पहले तीन मुकाबलों के लिए भारतीय स्क्वाड में जगह मिली थी.
किसे मिलेगी तिलक वर्मा की जगह?
पहले टी20 मैच से पूर्व हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में कप्तान सूर्यकुमार यादव ने कहा, “ईशान किशन नंबर-3 पर बैटिंग करेंगे, क्योंकि वो हमारी टी20 वर्ल्ड कप टीम का हिस्सा हैं. उन्हें स्क्वाड में पहले चुना गया था, इसलिए उन्हें पहले मौका देना हमारी जिम्मेदारी है. ईशान वर्ल्ड कप टीम का हिस्सा हैं, इसलिए वो श्रेयस से पहले मौका मिलने के हकदार हैं.
कप्तान सूर्यकुमार ने कहा कि यहां चौथे और पांचवें क्रम के बल्लेबाज की बात हो रही होती, तो शायद अन्य नामों (श्रेयस अय्यर) पर विचार किया जा सकता था, लेकिन तिलक वर्मा की गैरमौजूदगी में ईशान किशन नंबर-3 के लिए सबसे बेहतर विकल्प नजर आते हैं.
सूर्यकुमार यादव खुद टी20 मैचों में तीसरे क्रम पर काफी सफल रहे हैं. खुद नंबर-3 पर बैटिंग करने के सवाल पर सूर्या ने कहा कि वो बल्लेबाजी में किसी भी क्रम के लिए खुद को तैयार रखना चाहते हैं.
न्यूजीलैंड टी20 सीरीज के लिए भारतीय स्क्वाड: सूर्यकुमार यादव (कप्तान), अक्षर पटेल (उपकप्तान), अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन (विकेटकीपर), श्रेयस अय्यर, हार्दिक पांड्या, शिवम दुबे, रिंकू सिंह, जसप्रीत बुमराह, हर्षित राणा, अर्शदीप सिंह, कुलदीप यादव, वरुण चक्रवर्ती, ईशान किशन (विकेटकीपर) और रवि बिश्नोई
अब टोल नहीं दिया तो अटक जाएंगे गाड़ी के कागजी काम, ट्रांसफर में भी आ सकती है दिक्कत
अब टोल नहीं दिया तो अटक जाएंगे गाड़ी के कागजी काम, ट्रांसफर में भी आ सकती है दिक्कत
टोल को लेकर सरकार नए नए नियमों को लाती रहती है और पुराने नियमों में बदलाव भी करती है. लेकिन इस बार सरकार की ओर से जो नियम लागू हुआ है वो आपको जानना जरूरी है और अगर आप एक कार या ऐसी गाड़ी के मालिक हैं जिसका टोल लगता है तब तो आपको ये नियम जानना ज्यादा जरूरी हो जाता है. दरअसल, सरकार ने नियमों को सख्त करते हुए कहा है कि अब अगर किसी ने टोल देने में आनाकानी की या टोल नहीं दिया तो वाहन से जुड़े सभी जरूरी काम रुक जाएंगे, इसकी मॉनिटरिंग फास्टैग में बकाया दिखने पर होगी.
अब टोल नहीं देने पर अटक जाएंगे गाड़ी के जरूरी काम
आपको बता दें कि सरकार ने साफ कर दिया है कि अगर किसी वाहन पर हाईवे का टोल बकाया है तो उसके जरूरी काम जो गाड़ी से जुड़े हुए हैं वो अटक सकते हैं. केंद्र सरकार ने मोटर वाहन नियमों में बड़ा बदलाव करते हुए साऱ कर दिया है कि बगैर टोल चुकाए अब गाड़ी का ट्रांसफर, फिटनेस सर्टिफिकेट और परमिट मिलने पर रोक लग सकती है. सरकार ने ये भी साफ किया है कि अगर टोल से गुजरते वक्त सिस्टम में एंट्री हो गई है लेकिन भुगतान नहीं हुआ है तो भी रकम बकाया मानी जाएगी.
‘सेंट्रल मोटर व्हीकल्स रूल्स’ में संशोधन करते हुए नए नियम हुए लागू
सरकार ने ‘सेंट्रल मोटर व्हीकल्स रूल्स’ में संशोधन करते हुए नया नियम लागू किया है और अब इसके तहत अगर किसी वाहन पर FASTag या मल्टी-लेन फ्री फ्लो सिस्टम में टोल बकाया दिखता है तो गाड़ी को किसी दूसरे राज्य या व्यक्ति के नाम ट्रांसफर करने के लिए NOC ही नहीं मिलेगी और फिटनेस सर्टिफिकेट रिन्यू भी नहीं होगा. यहां तक कि कमर्शियल वाहनों को नेशनल परमिट तक जारी नहीं किया जाएगा.
इसके साथ ही अब NOC के लिए आवेदन करते समय यह बताना भी जरूरी होगा कि वाहन पर कोई टोल बकाया तो नहीं है. सरकार का कहना है कि ये कदम हाईवे पर टोल वसूली को पारदर्शी बनाने, डिजिटल सिस्टम को मजबूत करने और टोल चोरी रोकने के लिए उठाए गए हैं. आने वाले समय में देशभर में बैरियर-फ्री टोलिंग सिस्टम लागू होने के बाद ऐसे नियम और भी ज्यादा सख्ती से लागू होंगे.
‘भारत के साथ FTA, मदर ऑफ ऑल डील’
‘भारत के साथ FTA, मदर ऑफ ऑल डील’
यूरोपीय यूनियन की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लिएन ने मंगलवार को कहा कि भारत और यूरोपीय संघ (EU) अगले सप्ताह शिखर सम्मेलन में ‘ऐतिहासिक व्यापार समझौते’ की घोषणा के करीब हैं. यह करीब 200 करोड़ लोगों के बाजार को जोड़ते हुए वैश्विक जीडीपी के एक-चौथाई हिस्से को कवर करेगा.
यूरोपीय संघ की प्रशासकीय इकाई यूरोपीय आयोग की प्रमुख उर्सुला वॉन ने स्विट्जरलैंड को दावोस में विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) की सालाना बैठक में यह बात कही. उन्होंने कहा कि भारत और EU के बीच प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते (FTA) का ऐलान एक ऐतिहासिक अवसर होगा और यूरोप को दुनिया के तेजी से बढ़ते बाजार के साथ पहले कदम का लाभ देगा.
भारत के साथ ऐतिहासिक डील के करीब EU: उर्सुला वॉन
उर्सुला वॉन ने कहा, ‘मैं भारत की यात्रा पर जा रही हूं. हालांकि अभी काम बाकी है, लेकिन हम एक ऐतिहासिक व्यापार समझौते के करीब हैं. कुछ लोगों ने तो इसे मदर ऑफ ऑल डील कहा है. यह एक ऐसा समझौता होगा जो करीब 200 करोड़ लोगों का एक बाजार तैयार करेगा जो वैश्विक जीडीपी का करीब चौथाई हिस्सा होगा.’
उर्सुला यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंतोनियो कोस्टा के साथ 25 से 27 जनवरी के बीच भारत दौरे पर रहेंगी. दोनों नेता गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे. उनका प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ शिखर वार्ता का भी कार्यक्रम है. इस शिखर सम्मेलन में एफटीए के अलावा दोनों पक्षों ने डिफेंस इन्फ्रास्ट्रक्चर समझौता और 2026-2030 के लिए रणनीतिक एजेंडा तैयार करने की भी योजना है.
उर्सुला वॉन ने जियोपॉलिटिक्स का किया जिक्र
प्रस्तावित सुरक्षा और रक्षा साझेदारी (एसडीपी) दोनों पक्षों के बीच गहन रक्षा और सुरक्षा सहयोग को सक्षम करेगी और भारतीय कंपनियों को EU के ‘यूरोप के लिए सुरक्षा कार्रवाई’ (सेफ) कार्यक्रम में भाग लेने का अवसर देगी. उर्सुला वॉन ने ग्लोबल जियोपॉलिटिक्स चुनौतियों का जिक्र करते हुए कहा कि रूस-यूक्रेन युद्ध, ऊर्जा सुरक्षा और प्रौद्योगिकी प्रतिस्पर्धा जैसे मुद्दे EU की प्राथमिकता में हैं.
उन्होंने कहा कि यूरोप ने ऊर्जा, कच्चे माल, रक्षा और डिजिटल क्षेत्रों में तेजी से कदम उठाए हैं और अब स्थायी बदलाव को अपनाकर अवसर का लाभ उठाना होगा भारत और यूरोपीय संघ 2004 से ही रणनीतिक साझेदार हैं. दोनों के बीच एफटीए पर पहली बार बातचीत 2007 में शुरू हुई थी, लेकिन 2013 में रोक दी गई थी. जून 2022 में वार्ता फिर से बहाल हुई थी. दोनों पक्ष अब व्यापार, निवेश, रक्षा और तकनीकी सहयोग के क्षेत्रों में व्यापक समझौते पर सहमति बनाने के अंतिम चरण में हैं.
डोनाल्ड ट्रंप को तगड़ा झटका
यूरोपीय यूनियन की अध्यक्ष उर्सुला वॉन का बयान ऐसे समय में आया है जब भारत अमरिकी टैरिफ का सामना कर रहा है. इसके अलावा भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील को लेकर भी अभी तक कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है. हालांकि ट्रंप बार-बार ये संकेत देते रहे हैं कि भारत के साथ ट्रेड डील के मुद्दे को जल्द ही सुलझा लिया जाएगा. ट्रंप ने भारत पर 50 फीसदी टैरिफ लगाया है. ऐसे में यूरोपीय यूनियन के साथ ट्रेड डील होने से ट्रंप के मंसूबों पर पानी फिर गया.
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दिल्ली विश्वविद्यालय में मध्यप्रदेश के छात्रों को किया संबोधित
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दिल्ली विश्वविद्यालय में मध्यप्रदेश के छात्रों को किया संबोधित
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि स्वामी विवेकानंद की यह भविष्यवाणी कि 21वीं सदी भारत की होगी, आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में साकार होती दिखाई दे रही है। प्रत्येक वैश्विक मंच पर भारत ने अपनी साख स्थापित की है और प्रधानमंत्री मोदी विश्व के सबसे प्रभावशाली नेताओं में शामिल हैं। भारत आज विश्व का नेतृत्व करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है, जो विश्व का सबसे युवा लोकतांत्रिक देश है और प्रधानमंत्री मोदी प्रभावी रूप से इस युवा लोकतंत्र का नेतृत्व कर रहे हैं। मध्यप्रदेश के कोने-कोने से आए युवा संगठित होकर दिल्ली में अध्ययन कर रहे हैं, यह प्रदेश के लिए सौभाग्य का विषय है। उन्होंने कहा कि इतने बड़ी संख्या में प्रदेश के युवाओं से हुई भेंट ने उनकी दिल्ली यात्रा को सार्थक बना दिया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को दिल्ली विश्वविद्यालय के शंकरलाल सभागार में मध्यप्रदेश के अध्ययनरत छात्रों के संगठन मध्यांयल स्टूडेंट एसोसिएशन द्वारा आयोजित मध्यांचल उत्सव-2026 को संबोधित कर रहे थे। मध्यांचल उत्सव का शुभारंभ मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश देश के सबसे कम बेरोजगारी वाले राज्यों में शामिल है और राज्य सरकार हर कदम पर युवाओं के साथ है। युवाओं को सक्षम बनाना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। प्रदेश में निवेश, उद्योग और रोजगार के लिए सभी प्रकार की अनुकूलताएं उपलब्ध हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा हमारा लक्ष्य है कि मध्यप्रदेश का युवा जॉब सीकर नहीं, बल्कि जॉब क्रिएटर बनें। युवा, कृषि-टेक्नोलॉजी एवं चिकित्सा जैसे सभी क्षेत्रों में आगे बढ़ें, आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस सहित विश्व स्तर पर हो रहे सभी नवाचारों में दक्ष हो और देश और प्रदेश को सशक्त बनाने में अपना योगदान दें, यही हमारा लक्ष्य है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राज्य की उपलब्धियों की जानकारी साझा करते हुए बताया कि राज्य में सिंचाई के रकबे में वृद्धि हुई है। आगामी 5 वर्षों में प्रदेश का बजट दोगुना करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि पीपीपी मॉडल के तहत अधिक से अधिक मेडिकल कॉलेज खोले जा रहे। सरकार का लक्ष्य नीट परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले छात्रों के माध्यम से राज्य में चिकित्सकों की संख्या बढ़ाना है। उन्होंने बताया राज्य में टेक्सटाइल उद्योग स्थापित करने पर प्रतिमाह 5 हजार प्रति श्रमिक के लिए सरकार द्वारा सहयोग राशि दी जाएगी, जिससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि युवाओं को सहयोग देने के विशेष प्रावधान राज्य सरकार की नीतियों में किए गए हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश बिजली सरप्लस स्टेट है और रिन्यूएबल एनर्जी में सबसे कम दर पर बिजली उपलब्ध कराई जा रही है, जिसकी दर मात्र 2 रुपये 10 पैसे है, जो कि देश में सबसे कम है। उन्होंने कहा कि दिल्ली कह मेट्रो मध्यप्रदेश की बिजली से चल रही है। राज्य में माइनिंग सेक्टर में तेजी से कार्य हो रहा है और जैव विविधता के मामले में भी प्रदेश अग्रणी है। भोपाल के बड़े तालाब में शिकारे चलाए जा रहे हैं और फिल्म व पर्यटन नीति के माध्यम से निवेशकों व युवाओं को विशेष लाभ दिए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यांचल छात्र संगठन को इस विशेष आयोजन के लिए बधाई दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सभी छात्र इसी प्रकार संगठित होकर सकारात्मक कार्य करते हुए प्रदेश व देश के विकास में सक्रिय भूमिका निभाते रहें।
मध्यांचल उत्सव को संबोधित करते हुए श्याम टेलर ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश की प्रगति की गति दोगुनी हुई है। मां नर्मदा का प्रवाह और बाबा महाकाल मध्यप्रदेश की पहचान हैं। दिल्ली में अध्ययनरत युवाओं द्वारा प्रदेश की कला-साहित्य-शालीनता और सभ्यता के संगम के रूप में आयोजित मध्यांचल उत्सव का आयोजन सराहनीय पहल है। मध्यप्रदेश के युवाओं ने कभी भी अलगाव के विचार से कार्य नहीं किया। सदैव सहयोगात्मक व्यवहार ही उनकी पहचान रहा। कार्यक्रम को राजनिति विज्ञान विभाग की विभागाध्यक्ष सु रेखा सक्सेना और दिल्ली विश्वविद्यालय की कल्चर कॉउंसिल के संचालक अनूप लाखर ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में दिल्ली में अध्ययनरत छात्र उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बलरामपुर के समीप हुई बस दुर्घटना पर गहरा दुःख व्यक्त किया
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बलरामपुर के समीप हुई बस दुर्घटना पर गहरा दुःख व्यक्त किया
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बलरामपुर के समीप हुई बस दुर्घटना पर गहरा दुःख व्यक्त किया है। उन्होंने इस हृदयविदारक हादसे में अपने प्रियजनों को खोने वाले परिवारों के प्रति गहरी संवेदनाएँ व्यक्त करते हुए कहा कि शोक की इस घड़ी में सरकार पीड़ित परिवारों के साथ पूरी मजबूती से खड़ा है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा इस दुर्घटना में मृतक 10 व्यक्तियों के परिजनों को पांच- पांच लाख और घायल व्यक्तियों को 50- 50 हजार की आर्थिक सहायता प्रदान करने की घोषणा की है। यह सहायता राशि प्रशासन द्वारा उपलब्ध कराई जा रही तत्काल राहत एवं बीमा आदि से मिलने वाली राशि के अतिरिक्त होगी। मुख्यमंत्री के जनहित में किए गए निर्णय के लिए आदिम जाति विकास मंत्री राम विचार नेताम ने आभार व्यक्त किया है।
मुख्यमंत्री साय ने प्रशासन को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि दुर्घटना में घायल सभी व्यक्तियों के उपचार में किसी भी प्रकार की कमी न हो तथा उन्हें बेहतर से बेहतर चिकित्सकीय सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाएँ। साथ ही सड़क सुरक्षा के प्रति अतिरिक्त सतर्कता बरतते हुए भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए हरसंभव और प्रभावी उपाय सुनिश्चित किए जाएँ।
मुख्यमंत्री साय ने दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना करते हुए घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की है।













