मुख्यमंत्री डॉ. यादव हैप्पी पोंगल उत्सव में हुए शामिल

मुख्यमंत्री डॉ. यादव हैप्पी पोंगल उत्सव में हुए शामिल
ख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भारत उत्सव प्रिय संस्कृति में विश्वास रखता है। जहां उत्तर भारत में मकर संक्रांति उल्लास से मनाई जाती है वहीं दक्षिण भारत विशेष रूप से तमिलनाडु में पोंगल त्यौहार आनंद और ऋतु परिवर्तन का प्रतीक है। यह प्रकृति की पूजा और पशुधन के प्रति आभार व्यक्त करने का अवसर भी है। पोंगल त्यौहार पर दूध, गुड़ और उबले चावल की खीर बहुत पसंद की जाती है। अब देश भर में सभी प्रांतों में सभी समुदायों के व्यंजन उपलब्ध हैं और भारतीय नागरिक सभी पर्वों और त्योहारों का आनंद का भी लेते हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार की शाम होटल पलाश में आयोजित हैप्पी पोंगल उत्सव को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर विधायक विष्णु खत्री भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर प्रस्तुत विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी देखीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पोंगल त्यौहार के विविध आयामों पर प्रदर्शित स्टॉल देखे और आयोजक एवं भागीदारी करने वाले नागरिकों को बधाई दी।

इस अवसर पर सचिव मुख्यमंत्री और मप्र पर्यटन विकास निगम के प्रबंध संचालक इलैया राजा टी और तमिल समुदाय के अनेक समाज बंधु उपस्थित थे। भारतीय लोक संस्कृति के महत्वपूर्ण पर्व पोंगल में भागीदारी करने आए मुख्यमंत्री डॉ. यादव का पारंपरिक अंग वस्त्र से स्वागत किया गया।

मोरध्वज आरंग महोत्सव 2026 का भव्य समापन, मुख्यमंत्री ने विकास से जुड़ी अहम घोषणाएँ कीं

मोरध्वज आरंग महोत्सव 2026 का भव्य समापन, मुख्यमंत्री ने विकास से जुड़ी अहम घोषणाएँ कीं
राजा मोरध्वज की त्याग, धर्म और सत्यनिष्ठा की गौरवगाथा को समर्पित मोरध्वज आरंग महोत्सव–2026 का समापन समारोह ऐतिहासिक गरिमा और भव्यता के साथ सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर उपस्थित जनसमुदाय को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि राजा मोरध्वज का जीवन छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक चेतना और नैतिक मूल्यों का अमर प्रतीक है, जो आज भी समाज को सत्य और कर्तव्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आरंग की यह पुण्यभूमि त्रेता युग में प्रभु राम के चरण-स्पर्श से तथा द्वापर युग में भगवान कृष्ण की स्मृतियों से अनुप्राणित रही है। उन्होंने बागेश्वर बाबा में विधिवत जलाभिषेक एवं पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि, शांति और सतत विकास की कामना की।

समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने क्षेत्र के सर्वांगीण विकास को गति देने वाली कई महत्वपूर्ण घोषणाएँ कीं। उन्होंने समोदा उप तहसील को पूर्ण तहसील का दर्जा देने और वहाँ पूर्णकालिक तहसीलदार की पदस्थापना की घोषणा की। इसके साथ ही मोरध्वज महोत्सव के लिए दिए जाने वाले शासकीय अनुदान को ₹5 लाख से बढ़ाकर ₹10 लाख करने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने क्षेत्र में प्रस्तावित खेल परिसर सहित अन्य अधोसंरचना विकास कार्यों को शीघ्र पूर्ण कराने का आश्वासन भी दिया।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार “मोदी की गारंटी” के अनुरूप जनहित को सर्वोपरि रखते हुए कार्य कर रही है। शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, रोजगार और सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण को सरकार की विकास नीति का प्रमुख आधार बताते हुए उन्होंने कहा कि संवेदनशील शासन, त्वरित निर्णय और जनता से सीधा संवाद ही सरकार की पहचान है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सैंड आर्टिस्ट हेमचंद साहू को रेत से भगवान कृष्ण, भगवान राम एवं भगवान बागेश्वरनाथ की दिव्य आकृतियाँ उकेरने के लिए सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने कलाकार की सृजनशीलता और समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि ऐसी उत्कृष्ट कला न केवल हमारी आस्था और सांस्कृतिक विरासत को सशक्त करती है, बल्कि छत्तीसगढ़ की पहचान को भी राष्ट्रीय स्तर पर गौरव प्रदान करती है। उन्होंने कलाकार को भविष्य में भी इसी प्रकार अपनी कला के माध्यम से प्रदेश का नाम रोशन करने के लिए शुभकामनाएँ दीं।

समापन अवसर पर जनप्रतिनिधियों, साधु-संतों, मातृशक्ति, युवाओं एवं बड़ी संख्या में उपस्थित नागरिकों की सहभागिता ने समारोह को ऐतिहासिक बना दिया। मुख्यमंत्री ने आयोजन समिति को सफल और भव्य आयोजन के लिए बधाई देते हुए प्रदेशवासियों को मोरध्वज महोत्सव की हार्दिक शुभकामनाएँ दीं।

समारोह में उप मुख्यमंत्री अरुण साव, स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल, गुरु बालकदास साहेब, सांसद विजय बघेल, बृजमोहन अग्रवाल, विधायक इंद्रकुमार साहू, मोतीलाल साहू, रोहित साहू सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

सनातन परंपरा और आध्यात्मिक चेतना का सशक्त संगम है शिव पुराण: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

सनातन परंपरा और आध्यात्मिक चेतना का सशक्त संगम है शिव पुराण: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि सनातन परंपरा और आध्यात्मिक आयोजनों से समाज में नैतिकता, संस्कार और सामाजिक समरसता को बल मिलता है। वे आज रायगढ़ जिले के बरगढ़ खोला अंचल के ग्राम-खम्हार में आयोजित शिव महापुराण कथा में को सम्बोधित कर रहे थे।

गौरतलब है कि इस कथा का आयोजन देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की माता हीराबेन मोदी की पुण्य स्मृति में श्रद्धांजलि स्वरूप किया जा रहा है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने विधिवत पूजा-अर्चना कर भगवान शिव से प्रदेश की जनता के लिए सुख, समृद्धि के लिए कामना की। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त बाल कथा व्यास कृष्णा दुबे महाराज से भेंटकर उनका आशीर्वाद लिया।

मुख्यमंत्री साय ने छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत का उल्लेख करते हुए कहा कि यह वही भूमि है जहां प्रभु राम ने अपने वनवास काल का अधिकांश समय व्यतीत किया। माता शबरी के जूठे बेरों की महिमा आज भी जीवंत है। उन्होंने कहा कि अयोध्या में प्रभु राम के भव्य मंदिर में प्राण-प्रतिष्ठा के अवसर पर छत्तीसगढ़ के सुगंधित चावल से बना प्रसाद अर्पित किया गया, जो राज्य के लिए गर्व का विषय है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा संचालित रामलला दर्शन योजना के तहत अब तक दो वर्षों में 40 हजार से अधिक श्रद्धालु अयोध्या दर्शन कर चुके हैं। वहीं मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना के अंतर्गत 19 चिन्हित तीर्थ स्थलों की यात्रा कराते हुए अब तक 5 हजार से अधिक वरिष्ठ नागरिकों को लाभान्वित किया गया है। कार्यक्रम को वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने भी संबोधित किया।

शिव महापुराण कथा का वाचन अकोला (महाराष्ट्र) से पधारे अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त बाल कथा व्यास कृष्णा दुबे महाराज द्वारा संगीतमय शैली में किया जा रहा है, जिसमें भगवान शिव, माता पार्वती सहित संपूर्ण शिव चरित्र का भावपूर्ण वर्णन किया जा रहा है।

कार्यक्रम में लोकसभा सांसद राधेश्याम राठिया और मती कमलेश जांगड़े राज्यसभा सांसद देवेंद्र प्रताप सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष मती शिखा गबेल, रायगढ़ के महापौर जीवर्धन चौहान, नगर पालिका अध्यक्ष खरसिया कमल गर्ग सहित अनेक जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में श्रद्धालुजन उपस्थित थे।

EPF निकासी अब और आसान

EPF निकासी अब और आसान
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) अपने करीब आठ करोड़ अंशधारकों के लिए ‘ईज ऑफ लिविंग’ की दिशा में एक क्रांतिकारी बदलाव करने जा रहा है। पीटीआई ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि श्रम मंत्रालय की एक नई योजना के तहत, अब ईपीएफ सदस्य अपने भविष्य निधि (ईपीएफ) का एक बड़ा हिस्सा सीधे ‘यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस’ (यूपीआई) के माध्यम से निकाल सकेंगे। इस नई व्यवस्था के अप्रैल तक शुरू होने की उम्मीद है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य निकासी की प्रक्रिया को सरल बनाना और उन समय लेने वाले दावों से छुटकारा दिलाना है।

कैसे काम करेगी यूपीआई आधारित निकासी?
प्रस्तावित प्रणाली के तहत, ईपीएफओ के सदस्यों को उनके बैंक खाते से जुड़े यूपीआई गेटवे के माध्यम से पात्रता के अनुसार बैलेंस दिखाई देगा।

सुरक्षित ट्रांजैक्शन: सदस्य अपने लिंक्ड यूपीआई पिन (UPI PIN) का उपयोग करके सुरक्षित रूप से पैसा अपने बैंक खाते में ट्रांसफर कर सकेंगे।
उपयोग की स्वतंत्रता: एक बार पैसा बैंक खाते में आने के बाद, सदस्य इसे एटीएम से निकाल सकते हैं या डिजिटल भुगतान के लिए उपयोग कर सकते हैं।
फ्रीजिंग मैकेनिज्म: सुरक्षा और भविष्य की बचत सुनिश्चित करने के लिए, ईपीएफ राशि का एक हिस्सा ‘फ्रीज’ रखा जाएगा, जबकि शेष बड़ी राशि निकासी के लिए उपलब्ध होगी।

नए नियमों में क्या खास?
ईपीएफओ के केंद्रीय न्यासी बोर्ड (CBT) ने आंशिक निकासी के प्रावधानों को उदार और सरल बनाने की मंजूरी दे दी है। नए नियमों के अनुसार-

न्यूनतम बैलेंस: सदस्यों को अपने खाते में कुल योगदान का 25% हिस्सा हमेशा ‘न्यूनतम शेष’ के रूप में बनाए रखना होगा।
निकासी सीमा: सदस्य भविष्य निधि के पात्र बैलेंस का 100% तक (कर्मचारी और नियोक्ता दोनों का हिस्सा मिलाकर) निकाल सकेंगे, बशर्ते 25% रिजर्व बना रहे।
ब्याज का लाभ: इस 25% राशि को सुरक्षित रखने का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सदस्यों को 8.25% की वर्तमान ब्याज दर और कंपाउंडिंग का लाभ मिलता रहे, जिससे सेवानिवृत्ति के समय एक बड़ा कोष जमा हो सके।

किन 13 नियमों का विलय किया गया?
प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करने के लिए, सरकार ने आंशिक निकासी के 13 जटिल प्रावधानों को समाप्त कर उन्हें केवल तीन श्रेणियों में समाहित कर दिया है: अनिवार्य आवश्यकताएं (बीमारी, शिक्षा, विवाह), आवास की आवश्यकताएं और विशेष परिस्थितियां। केंद्रीय श्रम मंत्री मनसुख मंडाविया द्वारा बैठक के मिनट्स को मंजूरी मिलने के बाद इन प्रावधानों को जल्द ही अधिसूचित किया जाएगा।

ईपीएफओ को क्या फायदा होगा?
वर्तमान में, ईपीएफओ को हर साल लगभग 5 करोड़ दावों का निपटान करना पड़ता है, जिनमें से अधिकांश निकासी से संबंधित होते हैं। हालांकि, वर्तमान ‘ऑटो-सेटलमेंट’ मोड के तहत 5 लाख रुपये तक के दावे तीन दिनों के भीतर बिना किसी मानवीय हस्तक्षेप के निपटाए जा रहे हैं, लेकिन यूपीआई से जुड़ने पर यह समय और भी कम हो जाएगा।

ईपीएफओ के पास बैंकिंग लाइसेंस नहीं है, इसलिए वह सीधे भुगतान नहीं कर सकता, लेकिन बैंक खातों के साथ यूपीआई इंटीग्रेशन के माध्यम से वह बैंकिंग सेवाओं जैसी ही सेवा देने की ओर की ओर अग्रसर है। वर्तमान में संगठन सॉफ्टवेयर की तकनीकी खामियों को दूर करने पर काम कर रहा है ताकि अप्रैल से यह सुविधा निर्बाध रूप से शुरू हो सके।

ईरान-अमेरिका तनाव के बीच भारत ने ‘ऑपरेशन सिंधु’ शुरू

ईरान-अमेरिका तनाव के बीच भारत ने ‘ऑपरेशन सिंधु’ शुरू
पश्चिम एशिया में युद्ध की आहट के बीच भारत सरकार ने अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए सबसे बड़ा बचाव अभियान शुरू किया है। ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के मद्देनजर विदेश मंत्रालय ने न केवल एडवाइजरी जारी की है, बल्कि वहां फंसे भारतीयों को सुरक्षित वतन वापस लाने के लिए ‘ऑपरेशन सुरक्षा’ (Operation Suraksha) का आगाज भी कर दिया है। भारत सरकार ने ईरान में बिगड़ते हालात के बीच मिशन मोड में काम शुरू किया है। विदेश मंत्रालय ने इस पूरे रैस्क्यू अभियान को ‘ऑपरेशन सुरक्षा’ का नाम दिया है। इस मुहिम के तहत पहले विशेष विमान के जरिये करीब 220 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित दिल्ली लाया गया है। वहीं, दूसरा विमान (C-17 ग्लोबमास्टर) ईरान के इमाम खुमैनी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से उड़ान भर चुका है और इसके शुक्रवार देर रात तक हिंडन एयरबेस पहुंचने की संभावना है।

ईरान में कितने भारतीय और क्या है उनकी स्थिति ?
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, ईरान में लगभग 12,000 से 15,000 भारतीय रहते हैं। इनमें बड़ी संख्या में छात्र, आईटी पेशेवर और व्यापारी शामिल हैं। वर्तमान में करीब 4,000 भारतीय ईरान के ऐसे क्षेत्रों में फंसे हुए हैं जहां प्रदर्शन और सैन्य हलचल सबसे अधिक है। विदेश मंत्रालय इन सभी के संपर्क में है और प्राथमिकता के आधार पर बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को पहले निकाला जा रहा है।

ईरान में कितने भारतीय और क्या है उनकी स्थिति ?
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, ईरान में लगभग 12,000 से 15,000 भारतीय रहते हैं। इनमें बड़ी संख्या में छात्र, आईटी पेशेवर और व्यापारी शामिल हैं। वर्तमान में करीब 4,000 भारतीय ईरान के ऐसे क्षेत्रों में फंसे हुए हैं जहां प्रदर्शन और सैन्य हलचल सबसे अधिक है। विदेश मंत्रालय इन सभी के संपर्क में है और प्राथमिकता के आधार पर बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को पहले निकाला जा रहा है।

विदेश मंत्रालय की सक्रियता और कंट्रोल रूम
भारत का विदेश मंत्रालय इस समय ‘हाई अलर्ट’ पर है। दिल्ली में एक विशेष 24×7 कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। विदेश मंत्री ने स्पष्ट किया है कि भारत की प्राथमिकता अपने नागरिकों की जान बचाना है। तेहरान स्थित भारतीय दूतावास लगातार स्थानीय अधिकारियों के साथ समन्वय कर रहा है, ताकि भारतीयों को हवाई अड्डे तक पहुंचने में कोई बाधा न आए।

श्रेयस अय्यर की 2 साल बाद टी20 टीम में एंट्री

श्रेयस अय्यर की 2 साल बाद टी20 टीम में एंट्री
भारत और न्यूजीलैंड के बीच पांच मैचों की टी20 सीरीज के लिए टीम इंडिया के स्क्वॉड में 2 बड़े बदलाव हुए हैं। श्रेयस अय्यर की टी20 टीम में 2 साल बाद एंट्री हुई है, जबकि फरवरी 2025 के बाद रवि बिश्नोई को टीम में शामिल किया गया है। टी20 की टीम से वाशिंगटन सुंदर और तिलक वर्मा को बाहर कर दिया गया है। दोनों खिलाड़ी चोट से जूझ रहे हैं। अय्यर को पहले 3 मैचों के लिए ही टीम में शामिल किया गया है और अगर तिलक वर्मा फिट नहीं होते हैं तो वह पूरी सीरीज में बने रहेंगे।

वर्ल्डकप से पहले आखिरी सीरीज
आपको बता दें कि भारत और न्यूजीलैंड के बीच खेली जाने वाली यह टी20 सीरीज वर्ल्डकप से पहले भारतीय टीम की आखिरी टी20 सीरीज होगी। इस सीरीज के लिए किए गए ये दोनों बदलाव काफी अहम माने जा रहे हैं, क्योंकि अगर तिलक वर्मा और सुंदर वर्ल्डकप से पहले फिट नहीं होते तो आईसीसी टूर्नामेंट की टीम में भी बदलाव हो सकते हैं।

श्रेयस अय्यर ने भारत के लिए अब तक 51 टी20 मैच खेले हैं, जिसमें उन्होंने 30 की औसत से 1104 रन बनाए हैं। इस दौरान उन्होंने 5 अर्धशतक भी लगाए हैं। हालांकि, श्रेयस अय्यर ने साल 2023 के बाद से भारत के लिए कोई भी टी20 मैच नहीं खेला है और वह 2024 में आयोजित टी20 वर्ल्ड कप का भी हिस्सा नहीं थे।

दमदार है रवि बिश्नोई का रिकॉर्ड
दूसरी ओर, रवि बिश्नोई ने भारतीय टीम के लिए अब तक 42 टी20 मुकाबले खेले हैं, जिसमें उन्होंने 61 विकेट चटकाए हैं। इस दौरान उनका इकॉनमी रेट 7.35 का रहा है, जबकि स्ट्राइक रेट सिर्फ 15.8 का है। उन्होंने दो बार चार विकेट हॉल भी लिए हैं। इसके बावजूद वह बड़े टूर्नामेंट या आईसीसी इवेंट खेलने का लगातार इंतजार करते रहे हैं। रवि बिश्नोई आईपीएल में दो टीमों का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। पंजाब किंग्स के लिए डेब्यू करने वाले इस खिलाड़ी ने बाद में लखनऊ सुपर जायंट्स का दामन थामा और साल 2022 से वह लगातार इसी फ्रेंचाइजी के साथ जुड़े हुए हैं। टी20 इंटरनेशनल में 2022 में डेब्यू करने वाले बिश्नोई ने इंग्लैंड के खिलाफ वानखेड़े स्टेडियम में 2 फरवरी 2025 को अपना आखिरी टी20 मुकाबला खेला था।

पवार परिवार के गढ़ में भी खिला कमल

पवार परिवार के गढ़ में भी खिला कमल
महाराष्ट्र नगर निगम चुनाव 2026 के नतीजों ने उपमुख्यमंत्री अजित पवार के लिए एक बड़ा राजनीतिक संकट खड़ा कर दिया है। उनके अपने ही गढ़ माने जाने वाले पुणे और पिंपरी-चिंचवाड में मतदाताओं ने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) को सिरे से नकार दिया है। पुणे और पिंपरी-चिंचवाड़ महानगरपालिका चुनावों में एनसीपी के उनके गुट को करारी हार का सामना करना पड़ा है। इस हार ने न केवल उनके राजनीतिक वर्चस्व को चुनौती दी है, बल्कि राज्य की महायुति सरकार में उनके दमखम को भी काफी प्रभावित कर दिया है।

अजित पवार ने पुणे महानगरपालिका और पिंपरी-चिंचवाड महानगरपालिका में भाजपा से गठबंधन नहीं किया था। एक तरफ वे राज्य स्तर पर भाजपा के सहयोगी थे, वहीं स्थानीय स्तर पर भाजपा को रोकने के लिए उन्होंने अपने चाचा शरद पवार के एनसीपी गुट (NCP SP) के साथ हाथ मिला लिया। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, मतदाताओं ने इस विरोधाभासी गठबंधन को स्वीकार नहीं किया।

आक्रामक प्रचार और गठबंधन में दरार
अजित पवार ने चुनाव प्रचार के दौरान आक्रामक रुख अपनाते हुए स्थानीय भाजपा प्रशासन पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए थे। मुफ्त बस और मेट्रो यात्रा जैसे बड़े वादों के बावजूद जनता का भरोसा जीतने में वे नाकाम रहे। उनके प्रचार अभियान का असर महायुति गठबंधन पर भी पड़ा है। राज्य भाजपा अध्यक्ष रविंद्र चव्हाण के हालिया बयान ने आग में घी डालने का काम किया है, जिसमें उन्होंने अजित पवार को गठबंधन में शामिल करने पर खेद व्यक्त किया है।

महाराष्ट्र के 29 नगर निकायों के लिए मतदान जारी

महाराष्ट्र के 29 नगर निकायों के लिए मतदान जारी
फिल्म अभिनेता अक्षय कुमार ने किया मतदान
फिल्म अभिनेता अक्षय कुमार ने भी मुंबई में निकाय चुनाव के लिए वोट डाला। अक्षय कुमार ने मतदान शुरू होते ही मुंबई के गांधी शिक्षण भवन में बने मतदान केंद्र में मतदान किया। मतदान के बाद अक्षय कुमार ने लोगों से मतदान की अपील की और कहा, ‘आज बीएमसी चुनाव के लिए वोटिंग हो रही है। मुंबईकर होने के नाते आज के दिन रिमोट कंट्रोल हमारे हाथ में होता है। मैं सभी से अपील करता हूं कि बड़ी संख्या में वोट करें। अगर हमें मुंबई का असली हीरो बनना है तो हमें डायलॉगबाजी नहीं करनी चाहिए और यहां आकर वोट करना चाहिए।’

बीएमसी में एक वोट, बाकी नगर निकायों में तीन से पांच वोट डालेंगे मतदाता
बृहन्मुंबई महानगरपालिका में प्रत्येक वार्ड से केवल एक सदस्य चुना जाना है, इसलिए यहां हर मतदाता को सिर्फ एक वोट डालना होगा। वहीं, राज्य की अन्य 28 नगरपालिकाओं में बहु-सदस्यीय वार्ड प्रणाली लागू है। इन नगर निकायों में प्रत्येक वार्ड में तीन से पांच सीटें हैं, जिसके कारण मतदाताओं को तीन से पांच वोट डालने होंगे। इस व्यवस्था के चलते मतदान प्रक्रिया को लेकर मतदाताओं को पहले से जागरूक किया गया है, ताकि किसी तरह की भ्रम की स्थिति न बने और मतदान शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके।

महापौर पद को लेकर महायुति-ठाकरे भाईयों में सियासी वार-पलटवार
बीएमसी चुनाव में प्रचार के दौरान और उससे पहले महापौर पद को लेकर सियासी वार-पलटवार का दौर जमकर चला। भाजपा ने दावा किया कि शिवसेना (यूबीटी) की जीत से एक मुस्लिम महापौर बन सकता है। हालांकि, उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली पार्टी ने मतदाताओं को एक मराठी महापौर का आश्वासन देकर इस दावे का खंडन किया। वहीं, फडणवीस ने आश्वासन दिया कि अगला महापौर हिंदू और मराठी होगा।

लाड़ली बहनों को एक दिन और करना होगा इंतजार, अब शुक्रवार को खातों में आएंगे 15सौ रुपये

लाड़ली बहनों को एक दिन और करना होगा इंतजार, अब शुक्रवार को खातों में आएंगे 15सौ रुपये

माखननगर से सीएम जमा करेंगे रकम

लाड़ली बहना योजना:5 प्रमुख बिंदु

— 15 नहीं अब 16 जनवरी को जारी होगी योजना की 32वीं किस्त।

— प्रत्येक पात्र हितग्राही महिला को मिलेंगे ₹1500

— माखननगर (नर्मदापुरम) से मुख्यमंत्री करेंगे सिंगल क्लिक ट्रांसफर ।

— बैंक खातों की e-KYC अनिवार्य,खाते अपडेट नहीं तो अटक सकती है रकम।

— नए रजिस्ट्रेशन फिलहाल बंद,कोई नई तारीख तय नहीं।
………………………

सार संक्षेप
साल की पहली किस्त की आस लगाए लाड़ली बहना योजना की हितग्राही महिलाओं का इंतजार एक दिन और बढ़ गया है। योजना की 32वीं किस्त का वितरण पहले 15 जून को किया जाना था,लेकिन अब नई तारीख 16 जून तय की गई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव नर्मदापुरम के माखननगर से सिंगल क्लिक से पात्र 1.26 करोड़ से अधिक महिलाओं के खातों में 1500 रुपये ट्रांसफर होंगे। डॉ यादव गुरुवार को दिल्ली प्रवास पर रहेंगे।
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रवि अवस्थी,भोपाल।
लाड़ली बहना योजना की हितग्राही महिलाओं को साल की पहली किस्त के लिए अब एक दिन और इंतजार करना होगा। 32वीं किस्त का वितरण तय कार्यक्रम में बदलाव के चलते अब 15 के बजाय 16 जून को किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव नर्मदापुरम के माखननगर से सिंगल क्लिक के जरिए पात्र 1.26 करोड़ से अधिक महिलाओं के खातों में 1500 रुपये ट्रांसफर करेंगे।

सूत्रों के अनुसार,मुख्यमंत्री डॉ यादव शुक्रवार दोपहर माखन नगर पहुंचेंगे। वह वहां सांदीपनि स्कूल खेल मैदान में आयोजित समारोह में शामिल होंगे। सीएम डॉ यादव सिंग​ल क्लिक के जरिए योजना की हितग्राही लाड़ली बहनों के खातों में रकम 1500—1500 रुपए जमा करेंगे।

बीते 3 महीनों से मिल रहे ढाई सौ रुपए ज्यादा
योजना में गत अक्टूबर तक 1250 रुपए हितग्राही महिलाओं को दिए जा रहे थे। दीपावली के मौके पर नवंबर योजना की राशि 1250 रुपये से बढ़ाकर 1500 रुपये मासिक की गई। सरकार की योजना इस रकम को 3 हजार रुपए मासिक करने की है। संभवत:,साल 2028 तक हितग्राही महिलाओं को यह रकम मिलने लगेगी।

कलेक्टर मीना ने लिया तैयारियों का जायजा
मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर नर्मदापुरम प्रशासन ने तैयारियां लगभग पूरी कर ली हैं। कलेक्टर सोनिया मीना स्वयं व्यवस्थाओं की निगरानी कर रही हैं। लाड़ली बहना कार्यक्रम के साथ ही मुख्यमंत्री नवनिर्मित पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस का लोकार्पण करेंगे और जिले में कई विकास कार्यों का भूमि पूजन भी करेंगे। हालांकि,कार्यक्रम की तारीख में बदलाव के बाद जिला प्रशासन ने फिलहाल राहत की सांस ली।
सीएम के दिल्ली प्रोग्राम से हुआ बदलाव
अधिकारिक सूत्रों के मुताबिक,मुख्यमंत्री डॉ यादव गुरुवार को नईदिल्ली प्रवास पर रहेंगे। उनका यह दौरा अचानक तय हुआ है। इसके चलते लाड़ली बहना राशि वितरण कार्यक्रम में बदलाव किया गया। मुख्यमंत्री अब 16 जून को यह राशि देंगे। जनसंपर्क आयुक्त दीपक सक्सेना एवं महिला बाल विकास विभाग की आयुक्त ​सुश्री निधि निवेदिता ने इसकी पुष्टि की।

योजना में नए रजिस्ट्रेशन की आस
योजना में करीब 1.29 करोड़ महिलाएं पंजीकृत है। इनमें से करीब तीन लाख महिलाओं के नाम 60 वर्ष की आयु सीमा पार करने के बाद काटे गए। बीते माह की करीब 1.26 लाख महिलाओं को योजना की मासिक किस्त दी गई। माना जा रहा है ​कि नए साल में भी इतनी ही महिलाओं को योजना का लाभ मिलेगा।

बड़ा सवाल नए पंजीयन को लेकर है। जो कई बार राज्य विधानसभा में भी पूछा गया। सूत्रों के मुताबिक,लाड़ली बहना योजना के नए आवेदन फिलहाल शुरू करने का कोई प्रस्ताव नहीं है। यह मामला अभी ठंडे बस्ते में ही है।

योजना का लाभ पाने ई—केवायसी जरूरी
सूत्रों के मुताबिक,योजना में बैंक खातों का ई—केवायसी कराना अनिवार्य किया गया है,लिहाजा इसका लाभ बैंक खाते अपडेट करने वाली पात्र हितग्राही महिलाओं को ही मिलेगां जिन्होंने पात्रता शर्तों के साथ-साथ ई—केवायसी प्रक्रिया पूरी कर ली है। बताया जाता है कि जिन हितग्राहियों की e-KYC लंबित है,उनकी राशि अटक सकती है।

कैसें कराए खातों की ई—केवायसी
ई—केवायसी समग्र पोर्टल पर जाकर आधार आधारित बायोमेट्रिक सत्यापन से आसानी से कराई जा सकती है। इसके अलावा बैंक शाखाओं में आधार नंबर व संबंधित दस्तावेज जमाकर भी खातों को अपडेट किया जा सकता है।

राजकोट में ‘सुपर फ्लॉप’ रही टीम इंडिया

राजकोट में ‘सुपर फ्लॉप’ रही टीम इंडिया
भारत को दूसरे वनडे में न्यूजीलैंड के हाथों 7 विकेट से शिकस्त मिली है. इसी के साथ न्यूजीलैंड 3 वनडे मैचों की सीरीज में एक-एक से बराबरी पर आ गई है. डेरिल मिचेल (Daryl Mitchell) की शतकीय पारी पूरी टीम इंडिया पर भारी पड़ी. राजकोट में खेले गए इस वनडे मैच में टीम इंडिया ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 284 रन बनाए थे. जवाब में कीवी टीम ने 48वें ओवर में ही इस लक्ष्य को हासिल कर लिया.

इस मुकाबले में टॉस हारने के बाद भारतीय टीम को पहले बल्लेबाजी का न्योता मिला था. रोहित शर्मा और विराट कोहली को शुरुआत तो मिली, लेकिन बड़ी पारी नहीं खेल पाए. वहीं कप्तान शुभमन गिल ने 56 रनों की पारी खेली. श्रेयस अय्यर भी इस मैच में फ्लॉप रहे, लेकिन केएल राहुल ने नाबाद 112 रन बनाकर अकेले ही टीम इंडिया को 284 के स्कोर तक पहुंचने में मदद की. ये राहुल के वनडे करियर का 8वां शतक रहा.

डेरिल मिचेल ने छीनी जीत
50 के स्कोर तक पहुंचने से पहले ही न्यूजीलैंड टीम 2 विकेट गंवा चुकी थी. भारतीय टीम को उस समय लगातार कीवी टीम पर दबाव बनाते हुए विकेट चटकाने की जरूरत थी, लेकिन दबाव भारी स्थिति में डेरिल मिचेल और विल यंग ने 162 रनों की पार्टनरशिप कर डाली. इसी पार्टनरशिप ने मैच में बहुत बड़ा अंतर पैदा किया. विल यंग 87 रन बनाकर आउट हो गए, लेकिन डेरिल मिचेल ने दूसरा छोर संभाले रखा. उन्होंने 117 गेंद में 131 रन बनाए, इस पारी में उनके बल्ले से 11 चौके और 2 छक्के निकले.

भारत की ओर से खासतौर पर कुलदीप यादव बहुत महंगे साबित हुए. उन्होंने एक विकेट जरूर लिया, लेकिन 10 ओवरों में 82 रन लुटा दिए. उनके अलावा प्रसिद्ध कृष्णा और हर्षित राणा एक-एक विकेट ले पाए. दोनों टीमें अब वनडे सीरीज में एक-एक की बराबरी पर हैं और सीरीज विजेता का फैसला 18 जनवरी को इंदौर में होगा.

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