बॉक्स ऑफिस पर आज ‘द राजा साब’ की बंपर कमाई

बॉक्स ऑफिस पर आज ‘द राजा साब’ की बंपर कमाई
रणवीर सिंह की ‘धुरधंर’ ने बॉक्स ऑफिस पर रिकॉर्ड तोड़ कमाई की है. फिल्म का कलेक्शन 800 करोड़ के पार हो गया है. हालांकि, अब फिल्म के कलेक्शन की रफ्तार धीमी पड़ गई है. वहीं प्रभास की ‘द राजा साब’ को रिव्यू तो खास अच्छे नहीं मिले हैं. बॉक्स ऑफिस पर भी ठीक ही परफॉर्म कर रही है. लेकिन बुधवार की कमाई के मामले में द राजा साब धुरंधर से आगे निकल गई है. आइए जानते हैं दोनों फिल्मों की कमाई के आंकड़े.

धुरंधर ने 41वें दिन किया इतना कलेक्शन
Sacnilk की रिपोर्ट के मुताबिक, धुरंधर ने बुधवार को रात 9 बजे 2.23 करोड़ का कलेक्शन किया. फिल्म के 41वें दिन के कलेक्शन के आंकड़े अभी ऑफिशियल सामने नहीं आए हैं. रात के शोज के कलेक्शन के आंकड़े आने बाकी हैं.

फिल्म का अभी तक का टोटल कलेक्शन 812.83 करोड़ हो गया है. धुरंधर को आदित्य धर ने बनाया. फिल्म में रणवीर सिंह के अलावा संजय दत्त, आर माधवन, अर्जुन रामपाल, अक्षय खन्ना, सारा अर्जुन जैसे स्टार्स थे. फिल्म में आयशा खान और क्रिस्टल डीसूजा ने आइटम नंबर भी किया. फिल्म को बहुत पसंद किया गया. अब इसका दूसरा पार्ट भी आने वाला है. फिल्म का दूसरा पार्ट 19 मार्च 2026 को रिलीज होगा.

बुधवार को द राजा साब ने की इतनी कमाई
वहीं ‘द राजा साब’ ने रात 9 बजे तक 4.25 करोड़ का कलेक्शन किया. फिल्म के ये आंकड़े सभी भाषाओं के है. द राजा साब को तेलुगू, हिंदी, तमिल, कन्नड़ और मलयालम में रिलीज हुई है. द राजा साब का अभी तक का टोटल कलेक्शन 123.65 हो गया है.

द राजा साब ने पेड प्रीमियर में 9.15 करोड़ का कलेक्शन किया था. इसके बाद पहले दिन 53.75 करोड़, दूसरे दिन 26 करोड़, तीसरे दिन 19.1 करोड़, चौथे दिन 6.6 करोड़, पांचवें दिन 4.8 करोड़ की कमाई की. फिल्म को मारुति ने डायरेक्ट किया है. फिल्म में प्रभास, मालविका मोहनन, रिद्धि कुमार, निधि अग्रवाल, योगी बाबू, संजय दत्त जैसे स्टार्स हैं.

हमारी आत्मा है हिंदुत्व, विचार है हिंदुत्व – मुख्यमंत्री फडणवीस

हमारी आत्मा है हिंदुत्व, विचार है हिंदुत्व – मुख्यमंत्री फडणवीस
महाराष्ट्र में 29 महानगरपालिकाओं के मतदान से एक दिन पहले मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विपक्षी दलों विशेषकर शिवसेना (UBT) पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने स्पष्ट किया कि महायुति गठबंधन का मुख्य एजेंडा विकास है, लेकिन हिंदुत्व उनकी विचारधारा की नींव है। उन्होंने दावा किया कि राज्य की 29 में से 27 नगर निगमों में भाजपा, शिवसेना या एनसीपी से ही मेयर बनेगा। फडणवीस ने स्पष्ट कहा कि भविष्य में उद्धव ठाकरे के साथ गठबंधन की कोई जरूरत नहीं पड़ेगी। लेकिन उनके साथ चाय पी सकते हैं, क्योंकि वो दुश्मन नहीं है।
मराठी भी हिंदू- उद्धव पर किया कटाक्ष

सीएम फडणवीस ने उद्धव ठाकरे की आलोचना करते हुए कहा कि वे मराठी और मुस्लिम वोटों के आधार पर मेयर चुनने की बात कर रहे हैं, जो समाज को बांटने की कोशिश है। फडणवीस ने जोर देकर कहा, मराठी और हिंदू अलग नहीं हैं। मराठी मानुस हिंदू ही है, उन्हें बांटने की कोशिश कभी सफल नहीं होगी।

फडणवीस बोले- हिंदुत्व हमारी आत्मा, विकास हमारा मिशन
उन्होंने कहा, “हमने चुनाव हिंदुत्व के नाम पर नहीं, बल्कि विकास के मुद्दे पर लड़ा है। लेकिन हिंदुत्व हमारी आत्मा है। हिंदुत्व हमारा विचार है। हिंदुत्व और विकास एक दूसरे से जुड़े हुए हैं। लेकिन हमारा हिंदुत्व संकुचित नहीं। हमने हिंदुत्व को धार्मिक रीति-रिवाजों के आधार पर परिभाषित नहीं किया है। हमारा हिंदुत्व भारतीय संस्कृति और प्राचीन भारतीय जीवन शैली पर आधारित है।“
29 में से 27 महानगरपालिकाओं में जीत का दावा

मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि राज्य की जनता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और महायुति सरकार के काम पर मुहर लगाएगी। उन्होंने सत्तारूढ़ गठबंधन को भारी बहुमत मिलने का दावा करते हुए कहा, 29 में से कम से कम 26 या 27 नगर निगमों में महायुति का मेयर बनेगा। बता दें कि महायुति में भाजपा, एकनाथ शिंदे की शिवसेना और अजित पवार की एनसीपी शामिल है।

सीएम फडणवीस ने दावा किया कि उन्होंने महाराष्ट्र के हर गांव और हर बड़े शहर का दौरा किया है। उनका आकलन है कि जनता का मन बन चुका है और लोग महायुति के साथ खड़े हैं। फडणवीस ने कहा, इस बार महायुति गठबंधन ने समाज के हर वर्ग से उम्मीदवारों को चुना है, जिनमें बड़ी संख्या में डॉक्टर, वकील, पीएचडी धारक और शिक्षित युवा शामिल हैं। सब्जी बेचने वाले से लेकर ठेला लगाने वाले तक सबसे गरीब से लेकर पढ़े-लिखे लोगों तक को टिकट दिया गया है।

अजित पवार की आलोचना पर ये बोले फडणवीस
महायुति के भीतर मतभेदों की चर्चाओं पर फडणवीस ने कहा कि गठबंधन में किसी तरह की उलझन या अंदरूनी लड़ाई नहीं है। पुणे और पिंपरी-चिंचवड में गठबंधन सहयोगियों के बीच ‘फ्रेंडली फाइट’ पर उन्होंने कहा, वहां कोई आपसी झगड़ा नहीं है। हालांकि, उन्होंने अजित पवार द्वारा की गई आलोचना पर कहा, “हमने तय किया था कि हम एक-दूसरे के खिलाफ नहीं बोलेंगे। शायद चुनाव के दबाव में अजित दादा ने कुछ बातें कह दीं, लेकिन हमने पलटवार करने के बजाय विकास के साथ जवाब दिया है।”

अमेरिका में 75 देशों के नागरिकों की ‘No Entry’

अमेरिका में 75 देशों के नागरिकों की ‘No Entry’
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी ‘अमेरिका फर्स्ट’ नीति आक्रामक रूप से लागू करना शुरू कर दिया है। ट्रंप प्रशासन ने एक चौंकाने वाला फैसला लेते हुए दुनिया के 75 देशों के नागरिकों के लिए नए वीज़ा जारी करने पर अनिश्चितकाल के लिए रोक (Donald Trump Visa Ban List) लगा दी है। इस फैसले ने वैश्विक स्तर पर हड़कंप मचा दिया है, क्योंकि इसमें कई विकासशील और कूटनीतिक रूप से महत्वपूर्ण देश शामिल हैं। ट्रंप प्रशासन का तर्क है कि राष्ट्रीय सुरक्षा और अवैध आव्रजन (Illegal Immigration) रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है। व्हाइट हाउस की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि जिन देशों की सरकारें (US Immigration Policy 2026)अपने उन नागरिकों को वापस लेने में सहयोग नहीं कर रही हैं, जिन्हें अमेरिका से निर्वासित (Deport) किया गया है, उन्हें अब वीज़ा प्रतिबंधों (Visa Restrictions) का सामना करना होगा। ट्रंप ने चुनाव के दौरान वादा किया था कि वे अमेरिकी सीमाओं की सुरक्षा करेंगे और यह फैसला उसी दिशा में सबसे बड़ा कदम माना जा रहा है।

इस फैसले से कौन से देश हैं प्रभावित ?
हालांकि प्रतिबंधित देशों की आधिकारिक सूची में बदलाव होते रहते हैं, लेकिन रिपोर्टों के मुताबिक इसमें अफ्रीकी, एशियाई और दक्षिण अमेरिकी देशों की बड़ी संख्या शामिल है। इन देशों के नागरिकों के लिए अब बिजनेस (B1) और टूरिस्ट (B2) वीज़ा प्राप्त करना लगभग नामुमकिन हो गया है। ट्रंप प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक ये देश अमेरिकी शर्तों को नहीं मानते, तब तक उनके नागरिकों के लिए अमेरिका के दरवाजे बंद रहेंगे।

छात्रों और कामगारों पर भी संकट
इस पाबंदी का असर न केवल पर्यटकों पर, बल्कि उन छात्रों और पेशेवरों पर भी पड़ सकता है, जो नए शैक्षणिक सत्र या रोजगार के लिए अमेरिका जाने की योजना बना रहे थे। विशेषज्ञों का मानना है कि इस नीति से अमेरिका के शिक्षा उद्योग और तकनीकी क्षेत्र में मैनपावर की कमी हो सकती है। हालांकि, मौजूदा वीज़ा धारकों के लिए अभी स्थिति स्पष्ट नहीं की गई है, जिससे लाखों प्रवासियों के बीच अनिश्चितता का माहौल है।

मानवाधिकार संगठनों ने फैसले को ‘भेदभावपूर्ण’ बताया
वैश्विक प्रतिक्रिया: संयुक्त राष्ट्र और कई मानवाधिकार संगठनों ने इस फैसले को ‘भेदभावपूर्ण’ बताया है। प्रभावित देशों ने इसे अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के खिलाफ बताया है और जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी है। अमेरिकी जनता: ट्रंप समर्थकों ने इसे ‘ऐतिहासिक और साहसी’ कदम बताया है, जबकि विपक्षी डेमोक्रेट्स इसे अमेरिकी अर्थव्यवस्था और छवि के लिए घातक मान रहे हैं।

ग्वालियर व्यापार एवं उज्जैन विक्रमोत्सव व्यापार मेला-2026 में ऑटोमोबाइल विक्रय पर मोटरयान कर में 50% छूट दिये जाने की मंत्रि-परिषद ने स्वीकृति

ग्वालियर व्यापार एवं उज्जैन विक्रमोत्सव व्यापार मेला-2026 में ऑटोमोबाइल विक्रय पर मोटरयान कर में 50% छूट दिये जाने की मंत्रि-परिषद ने स्वीकृति
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मंगलवार को मंत्रालय में हुई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सहित मंत्रि-परिषद के सदस्य बैठक में टैबलेट के साथ शामिल हुए। मंत्रि-परिषद द्वारा शैक्षणिक संवर्ग के सहायक शिक्षक, शिक्षक तथा नवीन शैक्षणिक संवर्ग के प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षकों के लिए 1 जुलाई 2023 अथवा उसके बाद की तिथि से 35 वर्ष की सेवा पूर्ण करने पर, चतुर्थ क्रमोन्नत वेतनमान योजना प्रभावशील किए जाने की स्वीकृति प्रदान की गई है। इसके लिए 322 करोड़ 34 लाख रूपये की स्वीकृति दी गई है।

द्वितीय चरण में सांदीपनि विद्यालयों के लिए 3 हजार 660 करोड़ रुपये की स्वीकृति
मंत्रि-परिषद द्वारा द्वितीय चरण के लिए 200 सर्वसुविधा युक्त सांदीपनि विद्यालय की स्थापना के लिए अनुमानित व्यय 3 हजार 660 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई। द्वितीय चरण के प्रस्तावित विद्यालयों की क्षमता एक हजार से अधिक होगी।

उज्जैन शहर की जल आवर्धन योजना के लिए 1,133 करोड़ 67 लाख रुपये की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद द्वारा सिंहस्थ-2028 के दृष्टिगत उज्जैन शहर की जल आवर्धन योजना लागत 1,133 करोड़ 67 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई।

सहायक उप निरीक्षक स्व. गौतम के परिवार को 90 लाख रुपये की श्रद्धा निधि स्वीकृत
मंत्रि-परिषद द्वारा जिला मऊगंज में हुई घटना में दिवंगत स्व. रामचरण गौतम, सहायक उप निरीक्षक के परिवार को 90 लाख रुपये की श्रद्धा निधि दिये जाने की स्वीकृति दी गयी। उल्लेखनीय है कि दिवंगत स्व. गौतम के परिवार को 10 लाख रुपये की विशेष अनुग्रह राशि पूर्व में 1 अप्रैल 2025 को प्रदान की जा चुकी है। जिला मऊगंज थाना शाहपुर अंतर्गत ग्राम गडरा में एक परिवार के लोगों को समुदाय के लोगों द्वारा बंधक बना लिया गया था। घर के अंदर एक व्यक्ति की मृत्यु हो जाने के बाद शव को अभिरक्षा में लेने के दौरान समुदाय द्वारा पुलिस अमले पर हमला कर दिया था। हमले में श्री गौतम ने अपने प्राणों की परवाह न करते हुए कर्तव्य का पालन किया और वीर गति को प्राप्त हुए।

ग्वालियर व्यापार एवं उज्जैन विक्रमोत्सव व्यापार मेला-2026 में ऑटोमोबाइल विक्रय पर मोटरयान कर में 50% छूट दिये जाने की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद द्वारा ग्वालियर व्यापार मेला-2026 एवं उज्जैन विक्रमोत्सव व्यापार मेला 2026 में ऑटोमोबाइल विक्रय पर मोटरयान कर में 50 प्रतिशत छूट दिये जाने की स्वीकृति प्रदान की गई।

सोलर सह स्टोरेज प्रदाय परियोजना की स्वीकृति
मंत्रि-परिषद द्वारा प्रदेश की ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए तीन सोलर सह स्टोरेज प्रदाय परियोजना की स्वीकृति प्रदान की गई है। स्वीकृति अनुसार रीवा अल्ट्रा मेगा सोलर लिमिटेड द्वारा विकसित की जा रही परियोजना के अंतर्गत सोलर-सह चार घंटे 300 मेगावाट, सोलर सह छह घंटे 300 मेगावाट एवं सोलर-सह 24 घंटे 200 मेगावाट विद्युत प्रदाय की सिंगल साइकिल चार्जिंग आधारित ऊर्जा भंडारण परियोजना की स्वीकृति प्रदान की गयी है। इस परियोजना से राज्य में पीक डिमांड के समय भी सस्ती, स्वच्छ एवं भरोसेमंद विद्युत उपलब्ध हो सकेगी।

सौर ऊर्जा परियोजनाओं से उपलब्ध विद्युत केवल दिन के समय उपलब्ध रहती है और इसकी उपलब्धता मौसम पर निर्भर करती है। इसी प्रकार पवन ऊर्जा परियोजनाओं से ऊर्जा की उपलब्धता भी अनिश्चित रहती है, क्योंकि यह पवन की उपलब्धता एवं गति पर निर्भर करती है। मध्यप्रदेश में नवकरणीय ऊर्जा की बढ़ती हिस्सेदारी, ग्रिड स्थिरता की आवश्यकता, पीक-डिमांड प्रबंधन तथा विद्युत की चौबीसों घंटे उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से प्रदेश में नवकरणीय ऊर्जा आधारित ऊर्जा भंडारण परियोजनाओं की स्थापना अत्यंत महत्वपूर्ण है।

राजगढ़ एवं रायसेन जिले की सिंचाई परियोजनाओं के लिए 898 करोड़ रूपये से अधिक की स्वीकृति
मंत्रि-परिषद द्वारा राजगढ़ एवं रायसेन जिले की सिंचाई परियोजनाओं के लिए 898 करोड़ रूपये से अधिक की स्वीकृति प्रदान की गयी है। स्वीकृति अनुसार राजगढ़ जिले की सारंगपुर तहसील की मोहनपुरा विस्तारीकरण (सारंगपुर) सिंचाई परियोजना लागत 396 करोड़ 21 लाख रूपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। इससे सारंगपुर तहसील के 26 ग्रामों की 11,040 हैक्टेयर भूमि में सिंचाई उपलब्ध होगी, जिसमें 10 हजार 400 कृषक परिवार लाभांवित होंगे।

मंत्रि-परिषद द्वारा रायसेन जिले की सुल्तानपुरा उद्वहन सिंचाई परियोजना लागत 115 करोड़ 99 लाख रूपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई। इससे सुल्तानपुर तहसील के 20 ग्रामों की 5,700 हैक्टेयर भूमि में सिंचाई उपलब्ध होगी, इसमें 3,100 कृषक परिवारों को लाभ होगा।

रायसेन जिले की बरेली तहसील की बारना उद्वहन सिंचाई परियोजना लागत 386 करोड़ 22 लाख रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई। इससे बरेली तहसील के 36 ग्रामों की 15 हजार हैक्टेयर भूमि में सिंचाई की सुविधा उपलब्ध होगी, जिसमें 6,800 कृषक परिवार लाभांवित होंगे।

मध्यप्रदेश स्पेसटेक नीति-2026 लागू किये जाने की स्वीकृति
मंत्रि-परिषद द्वारा प्रदेश में उपलब्ध 322 औद्योगिक पार्क, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर और 31 गीगावाट की बिजली आपूर्ति, उत्कृष्ट शैक्षणिक सस्थानों आदि संसाधनों एवं अनुकुल वातावरण के दृष्टिगत अंतरिक्ष-ग्रेड विनिर्माण की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए राज्य में म.प्र. स्पेसटेक नीति-2026″ लागू की जाने की स्वीकृति दी। यह नीति उपग्रह निर्माण, भू स्थानिक विश्लेषण और डाउन स्ट्रीम अनुप्रयोगों में नवाचार को बढ़ावा देगी। प्रदेश में आगामी 5 वर्ष में 1 हजार करोड़ का निवेश और लगभग 8 हजार का रोजगार सृजन होगा। इस पर अनुमानित वित्तीय भार 628 करोड़ रूपये आयेगा।

इस नीति के लागू होने से मध्यप्रदेश अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी (स्पेसटेक) क्षेत्र में एक मजबूत केंद्र बनने की ओर अग्रसर होगा। इस नीति के लागू होने से राज्य अंतरिक्ष उद्योग को आकर्षित करने के लिए विशेष प्रोत्साहन, बुनियादी ढांचे और अनुसंधान सहायता के माध्यम से अपनी रणनीति बना सकेगा। यह नीति उपग्रह निर्माण, भू-स्थानिक विश्लेषण, और डाउन स्ट्रीम अनुप्रयोगों (जैसे कृषि, आपदा प्रबंधन, और शहरी नियोजन) में नवाचार को बढ़ावा देगी, जिससे आर्थिक विकास, रोजगार सृजन और वैश्विक मान्यता प्राप्त होगी। नव प्रवर्तन और अनुसंधान अंतर्गत स्पेसटेक उत्कृष्टता केंद्र एवं इन्क्यूबेशन नेटवर्क स्थापित होगा, जिससे राज्य सरकार द्वारा एकीकृत स्पेसटेक उत्कृष्टता केंद्र की स्थापना की जा सकेगी। मध्यप्रदेश में स्पेसटेक नीति-2026 के क्रियान्वयन से प्रदेश में निवेश के माध्यम से नवीन रोजगार सृजित होने की संभावनाएं बढ़ेंगी।

“मुख्यमंत्री शहरी अधोसंरचना विकास योजना पंचम चरण” को 3 वर्षों के लिए 5 हजार करोड़ स्वीकृत
प्रदेश के समस्त नगरीय निकायों में अधोसंरचना विकास के लिए “मुख्यमंत्री शहरी अधोसंरचना विकास योजना पंचम चरण” को 3 वर्षों (वित्तीय वर्ष 2026-27 एवं 2028-29) के लिए, 5 हजार करोड़ की स्वीकृति प्रदान की गयी है। योजनान्तर्गत मास्टर प्लान की सड़कें जिले की प्रमुख एवं अन्य रोड तथा शहर की प्रमुख सड़कों का निर्माण तथा अनुषांगिक कार्य, सडक सुरक्षा एवं शहरी यातायात सुधार, शत-प्रतिशत पेयजल आपूर्ति/सीवरेज / अन्य परियोजनाओं में गैप कवरेज से संबंधित कार्य, इंटरसेप्शन एवं डायवर्जन ड्रेन तथा एसटीपी निर्माण संबंधी कार्य एवं राज्य शासन की प्राथमिकता के कार्य किये जा सकेंगे। योजना का क्रियान्वयन नगरीय निकायों द्वारा किया जायेगा। इस योजना के लागू होने से विभिन्न शहरों में आवश्यक अधोसंरचनाएँ उपलब्ध हो सकेंगीं।

रायपुर को मेट्रो सिटी के रूप में विकसित करेगी सरकार: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

रायपुर को मेट्रो सिटी के रूप में विकसित करेगी सरकार: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
रायपुर शहर के विकास में धन की कोई कमी आड़े नहीं आएगी। राज्य सरकार जनादेश और जनभावना के अनुरूप रायपुर को मेट्रो सिटी की तर्ज पर विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है, जहाँ सड़क, पेयजल, बिजली, स्वास्थ्य, स्वच्छता और नागरिक सुविधाओं की आधुनिक और सुदृढ़ व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन में रायपुर शहर एवं आसपास के क्षेत्रों के समग्र विकास को लेकर आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक को संबोधित करते हुए यह बात कही।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि नगरीय निकायों को अधोसंरचना विकास के लिए पूर्व की तुलना में ढाई गुना अधिक संसाधन उपलब्ध कराए गए हैं, जिससे राजधानी क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध विकास कार्य संभव हो सके।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि तेजी से बढ़ते शहरीकरण के कारण रायपुर में यातायात, आवास, जल आपूर्ति और सार्वजनिक सेवाओं पर दबाव बढ़ रहा है। इसे ध्यान में रखते हुए अल्पकालिक और दीर्घकालिक दोनों स्तरों पर ठोस और व्यावहारिक योजना बनाकर कार्य करने की आवश्यकता है, ताकि शहर की जरूरतों को आने वाले दशकों तक पूरा किया जा सके।

मुख्यमंत्री साय ने स्पष्ट किया कि रायपुर का समग्र विकास तभी संभव है जब नगर निगम, रेलवे और लोक निर्माण विभाग आपसी समन्वय के साथ योजनाबद्ध तरीके से कार्य करें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्थानीय जनप्रतिनिधियों द्वारा बताए गए जमीनी मुद्दों और आवश्यकताओं को प्राथमिकता के साथ कार्ययोजनाओं में शामिल किया जाए।

बैठक में शहर के ड्रेनेज सिस्टम की स्थिति, प्रमुख चौक-चौराहों पर अतिक्रमण, निगम द्वारा निर्मित व्यवसायिक परिसरों में खाली दुकानों के पुनः विक्रय, स्वास्थ्य अधोसंरचना के सुदृढ़ीकरण तथा मेकाहारा मेडिकल कॉलेज की सुविधाओं के उन्नयन जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।

इसके साथ ही सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने, पेयजल आपूर्ति, जल शोधन संयंत्रों, सीवरेज नेटवर्क, खेल मैदानों के संरक्षण तथा झुग्गी-झोपड़ी पुनर्विकास योजनाओं की प्रगति की भी गहन समीक्षा की गई, ताकि शहरी जीवन की गुणवत्ता में वास्तविक सुधार लाया जा सके।

मुख्यमंत्री साय ने भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए अंडरग्राउंड विद्युत लाइनें, नए सड़क मार्ग, फ्लाईओवर, सार्वजनिक भवनों तथा स्टेडियमों के निर्माण जैसे प्रस्तावित प्रोजेक्ट्स के सम्बन्ध में भी निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री साय ने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि आवश्यक प्रस्ताव शीघ्र मुख्य सचिव कार्यालय को भेजे जाएँ और बुनियादी अधोसंरचना से जुड़े कार्यों को निर्धारित समयसीमा में पूरा किया जाए, ताकि रायपुर को एक आधुनिक, सुव्यवस्थित और नागरिक-अनुकूल राजधानी के रूप में विकसित किया जा सके।

बैठक में उपमुख्यमंत्री अरुण साव, वन मंत्री केदार कश्यप, वित्त ओ.पी. चौधरी एवं कौशल उन्नयन मंत्री खुशवंत साहेब, सांसद बृजमोहन अग्रवाल, रायपुर दक्षिण विधायक सुनील सोनी सहित पुरंदर मिश्रा, राजेश मूणत, मोतीलाल साहू, अनुज शर्मा, इंद्र कुमार साहू, रायपुर महापौर मती मीनल चौबे, मुख्य सचिव विकास शील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह तथा वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।

नगर निगम परिषद में हंगामा

नगर निगम परिषद में हंगामा
ऑफ बिट फोटो नगर निगम भोपाल की परिषद बैठक से पहले ही सदन हंगामे की भेंट चढ़ गया। आईएसबीटी स्थित परिषद सदन में कांग्रेस नेता प्रतिपक्ष शबिस्ता जकी सहित पार्षदों ने गौ-मांस मुद्दे को लेकर बैनर के साथ आसंदी पर प्रदर्शन किया, वहीं बीजेपी पार्षदों ने स्लॉटर हाउस के विरोध में मोर्चा संभाला। पक्ष-विपक्ष के पार्षद सदन के भीतर नीचे बैठकर नारेबाजी करते नजर आए।

राज्यसभा की सीट कर रहा हूं खाली – दिग्विजय सिंह

राज्यसभा की सीट कर रहा हूं खाली – दिग्विजय सिंह
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने साफ कर दिया है कि वे अब राज्यसभा नहीं जाएंगे। उनका राज्यसभा का कार्यकाल 9 अप्रैल को समाप्त हो रहा है और उन्होंने खुद पार्टी नेतृत्व को बता दिया है कि वे अपनी सीट खाली करेंगे। यह फैसला उनकी निजी राजनीतिक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।

दिग्विजय सिंह ने कही ये बात
दिग्विजय सिंह ने कहा, ‘राज्यसभा जाने का समय अब मेरा नहीं है। मैं मध्यप्रदेश में रहकर सक्रिय राजनीति करना चाहता हूं और पार्टी को मजबूत करना चाहता हूं।’ उनका यह बयान आने वाले विधानसभा चुनावों को लेकर अहम संकेत माना जा रहा है।

एमपी में रहकर संगठन मजबूत करेंगे
सूत्रों के मुताबिक, दिग्विजय सिंह अब पूरे प्रदेश में सक्रिय रहेंगे। वे छोटे-छोटे कार्यक्रमों, बूथ और ब्लॉक स्तर की बैठकों के जरिए कांग्रेस संगठन को मजबूत करने पर ध्यान देंगे। उनका मानना है कि पार्टी को जमीनी स्तर पर मजबूत करना बेहद जरूरी है।

भाजपा ने कसा तंज
दिग्विजय सिंह के फैसले पर भाजपा ने भी तंज कसा है। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता हितेश वाजपेई ने ट्वीट कर कहा कि जिस दिन दिग्विजय सिंह ने संघ की तारीफ की, उसी दिन राहुल गांधी ने राज्यसभा में उनका अध्याय समाप्त कर दिया। उन्होंने यह भी कहा कि दिग्विजय सिंह ने दलित कार्ड आगे कर जीतू पटवारी की संभावनाओं और भावनाओं पर पानी फेर दिया है। गौरतलब है कि दिग्विजय सिंह ने हाल ही में आरएसएस की तारीफ की थी, जिस पर सियासत तेज हो गई थी।

खाली राज्यसभा सीट पर बढ़ी हलचल
दिग्विजय सिंह के राज्यसभा से इनकार के बाद खाली होने वाली सीट पर कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं की नजर है। इस दौड़ में पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण यादव, पूर्व मंत्री कमलेश्वर पटेल और पूर्व सांसद मीनाक्षी नटराजन के नाम सामने आ रहे हैं। पार्टी इस सीट को सामाजिक समीकरण और राजनीतिक रणनीति के हिसाब से भरने की तैयारी में है।

2028 विधानसभा चुनाव तक पूरी तरह सक्रिय रहेंगे
दिग्विजय सिंह ने पार्टी नेतृत्व को यह भी साफ कर दिया है कि वे अगले ढाई साल तक पूरी तरह मध्यप्रदेश में सक्रिय रहेंगे। उनका लक्ष्य 2028 के विधानसभा चुनाव तक कांग्रेस की मजबूत जमीन तैयार करना है।

पोंगल का हवाला देकर विजय ने मांगी दूसरी तारीख

पोंगल का हवाला देकर विजय ने मांगी दूसरी तारीख
कल यानी 12 जनवरी को करीब छह घंटे तक सीबीआई ने विजय थलापति से करूर भगदड़ मामले में पूछताछ की। इस मामले में अब उनसे दोबारा सीबीआई पूछताछ करेगी। यह पूछताछ 19 जनवरी को की जाएगी।

एक्टर ने मांगी दूसरी तारीख
पीटीआई की खबर के अनुसार सीबीआई ने करूर भगदड़ मामले में टीवीके पार्टी चीफ और एक्टर विजय को दोबारा पूछताछ के लिए बुलाया है। यह पूछताछ 19 जनवरी को होगी। विजय से सोमवार को सीबीआई हेडक्वार्टर में छह घंटे तक पूछताछ की गई थी। इसके बाद उन्हें फिर से आने के लिए कहा गया था। लेकिन एक्टर ने पोंगल त्योहार का हवाला देते हुए दूसरी तारीख मांगी।

इन लोगों से भी होगी पूछताछ
सीबीआई ने सोमवार को करूर भगदड़ मामले में तमिलनाडु के पूर्व एडीजी एस डेविडसन देवाशीर्वादम से भी पूछताछ की। साथ ही इस मामले में टीवीके पार्टी के कई पदाधिकारियों, विजय के ड्राइवर और कुछ पुलिस अधिकारियों से पूछताछ की गई है।

क्या है करूर भगदड़ मामला?
यह मामला 27 सितंबर 2025 का है, जब तमिलनाडु के करूर में विजय की पार्टी टीवीके की एक जनसभा में भगदड़ मच गई थी। इस भगदड़ में कई लोग मारे गए, कई लोग घायल हुए। भगदड़ में कम से कम 41 लोगों की जान गई और 110 से अधिक लोग घायल हो गए थे। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद सीबीआई ने एक एआईटी बनाई और यह मामला अपने हाथ में ले लिया था।

करूर भगदड़ के बाद विजय ने लोगों से माफी मांगी थी
करूर भगदड़ मामले के अगले दिन विजय ने सोशल मीडिया के जरिए माफी भी मांगी थी। भगदड़ में मारे गए लाेगों के लिए संवेदनाएं प्रकट की थीं। लेकिन विजय की इस बात के लिए भी जमकर आलोचना की गई। सोशल मीडिया पर कई लोगों ने उन्हें करूर भगदड़ का जिम्मेदार माना था।

‘हक’ देखकर भावुक हुईं सामंथा

‘हक’ देखकर भावुक हुईं सामंथा
यामी गौतम की हालिया रिलीज फिल्म ‘हक’ को ऑडियंस और फिल्म इंडस्ट्री से खूब सराहना मिल रही है. फिल्म को लेकर तारीफों का सिलसिला लगातार जारी है. पहले करण जौहर और आलिया भट्ट ने यामी की एक्टिंग की तारीफ की और अब इस लिस्ट में सामंथा रुथ प्रभु का नाम भी जुड़ गया है.

सामंथा रुथ प्रभु ने बताया दिल को छू लेने वाली फिल्म
सामंथा ने इंस्टाग्राम पर पोस्ट शेयर कर लिखा कि ‘हक’ की कहानी गहरी, संवेदनशील और बिना किसी जजमेंट या बायस के है. उन्होंने कहा कि यामी गौतम ने इस किरदार को जिस तरह से पर्दे पर जिया है वो वाकई काबिल-ए-तारीफ है. सामंथा ने यामी की परफॉर्मेंस को शब्दों से परे बताया.

यामी की एक्टिंग से जुड़े हर एहसास
सामंथा ने लिखा कि फिल्म देखते ही उन्हें तुरंत ये लिखने का मन हुआ क्योंकि वो नहीं चाहती थीं कि फिल्म से मिला खूबसूरत एहसास कहीं खो जाए. उन्होंने कहा कि ऐसी कहानियां बहुत कम मिलती हैं जो इतनी लेयर्ड हों और पूरी तरह बिना पूर्वाग्रह के हों. यामी की एक्टिंग ने उन्हें एक साथ प्यार, गुस्सा, ताकत, कमजोरी और उम्मीद जैसे कई एहसास महसूस कराए.

डायरेक्टर और पूरी टीम की भी तारीफ
सामंथा ने सिर्फ यामी ही नहीं बल्कि फिल्म के डायरेक्टर और पूरी टीम की भी जमकर सराहना की. उन्होंने लिखा कि फिल्म की लिखाई दिल पर गहरी छाप छोड़ती है और ये फिल्म सिनेमा की असली ताकत को दिखाती है. उनके मुताबिक यही वजह है कि कलाकार हर उतार-चढ़ाव के बावजूद इस रास्ते को चुनते रहते हैं.

करण जौहर और आलिया भट्ट भी हुए प्रभावित
इससे पहले करण जौहर ने कहा था कि शाजिया बानो की कहानी और उसकी जीत इतनी भावुक थी कि फिल्म खत्म होने पर वह रो पड़े और कुछ देर तक बोल नहीं पाए. उन्होंने जोरदार तालियां बजाईं और अफसोस जताया कि थिएटर में फिल्म नहीं देख पाए. वहीं आलिया भट्ट ने यामी को ‘क्वीन’ बताया और लिखा कि ये उनकी अब तक की सबसे शानदार परफॉर्मेंस है. आलिया ने यामी की मेहनत, गहराई और सच्चाई की तारीफ करते हुए कहा कि वो उनकी फैन हैं.

15 जनवरी से वर्ल्ड कप का आगाज

15 जनवरी से वर्ल्ड कप का आगाज
क्रिकेट फैंस के लिए साल 2026 किसी सुनहरे सपने से कम नहीं है. इस साल कुल तीन वर्ल्ड कप देखने को मिलेंगे. सबसे पहले अंडर-19 वर्ल्ड कप खेला जाएगा. 2026 अंडर-19 विश्व कप का आगाज गुरुवार, 15 जनवरी से होगा. आईसीसी ने इस टूर्नामेंट में भारत और पाकिस्तान को अलग अलग ग्रुप में रखा है. इसका मतलब है कि टूर्नामेंट के लीग स्टेज में भारत और पाकिस्तान का मैच नहीं होगा.

2026 अंडर-19 वर्ल्ड कप 15 जनवरी से 6 फरवरी तक संयुक्त रूप से जिम्बाब्वे और नामीबिया में खेला जाएगा. इस विश्व कप में 16 टीमें हिस्सा ले रही हैं, जिन्हें 4-4 के ग्रुप में बांटा गया है. भारतीय टीम टूर्नामेंट के लीग स्टेज में यूएसए, बांग्लादेश, और न्यूजीलैंड के साथ मैच खेलेगी. यहां जानिए भारतीय टीम के मैच कब और कहां खेले जाएंगे.

अंडर-19 विश्व कप के पहले ही दिन (15 जनवरी) भारत का मुकाबला यूएसए के साथ है. यह मैच क्वींस स्पोर्ट्स क्लब, बुलावायो, जिम्बाब्वे में भारतीय समयानुसार 1 बजे से शुरू होगा. भारतीय टीम का दूसरा मुकाबला 17 जनवरी को बांग्लादेश के खिलाफ खेला जाएगा. ये मैच भी क्वींस स्पोर्ट्स क्लब, बुलावायो, जिम्बाब्वे में ही भारतीय समयानुसार 1 बजे से खेला जाएगा. भारत और बांग्लादेश के बीच मौजूदा हालात को देखते हुए इस मैच के रोमांचक होने की उम्मीद है. भारतीय टीम का लीग स्टेज का तीसरा मुकाबला 24 जनवरी को बुलावायो में ही खेला जाएगा. यह मैच भी भारतीय समयानुसार 1 बजे ही शुरू होगा.

ग्रुप की शीर्ष दो टीम अगले स्टेज के लिए क्वालिफाई करेंगी. अन्य ग्रुप पर नजर डालें तो ग्रुप बी में पाकिस्तान, स्कॉटलैंड, जिंबाब्वे और इंग्लैंड हैं. ग्रुप सी में ऑस्ट्रेलिया, जापान, आयरलैंड और श्रीलंका हैं. ग्रुप डी में दक्षिण अफ्रीका, तंजानिया, अफगानिस्तान और वेस्टइंडीज हैं.

अंडर-19 विश्व कप 2026, विश्व कप का 16वां संस्करण है. पिछले 15 संस्करणों में भारतीय टीम सबसे सफल टीम बनकर उभरी है. भारतीय टीम 5 बार चैंपियन रही है. ऑस्ट्रेलिया ने 4 बार ये खिताब जीता है. पाकिस्तान 2 बार चैंपियन रही है. इंग्लैंड, दक्षिण अफ्रीका, वेस्टइंडीज और बांग्लादेश भी एक-एक बार चैंपियन रह चुकी हैं. ऑस्ट्रेलिया मौजूदा विजेता है। 2024 में हुए फाइनल में ऑस्ट्रेलिया ने भारत को 79 रन से हराकर खिताब जीता था.

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