छत्तीसगढ़ के कर्मचारियों के लिए खुशखबरी, केंद्र के समान मिलेगा महंगाई भत्ता

छत्तीसगढ़ के कर्मचारियों के लिए खुशखबरी, केंद्र के समान मिलेगा महंगाई भत्ता
छत्तीसगढ़ में अधिकारी-कर्मचारियों के लिए बड़ी खुशखबरी है. सरकार ने प्रदेश के अधिकारी-कर्मचारियों के हित में एक बड़ा फैसला लिया है. राज्य के अधिकारी-कर्मचारियों को केंद्र के समान महंगाई भत्ता मिलेगा. सीएम विष्णु देव साय ने इसकी घोषणा कर दी है.

रायपुर में प्रदेश अधिवेशन का हो रहा है आयोजन
दरअसल आज रविवार को राजधानी रायपुर के रोहनीपुरम में राज्य कर्मचारी संघ के आठवें प्रदेश अधिवेशन का आयोजन किया जा रहा है. इस अधिवेशन में प्रदेशभर के कर्मचारी शामिल हुए हैं. यहां सीएम विष्णु देव साय भी पहुंचे. कर्मचारियों को उन्होंने संबोधित किया. इसी बीच उन्होंने कर्मचारियों के हित में बढ़ा फैसला लेते हुए महंगाई भत्ता बढ़ाने की घोषणा कर दी.
अब इतना मिलेगा

सीएम साय ने कर्मचारियों के हित में घोषणा करते हुए कहा कि अब राज्य के अधिकारी-कर्मचारियों को केंद्र के समान महंगाई भत्ता मिलेगा. अब 55% से बढ़कर 58% महंगाई भत्ता मिलेगा. 3 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी कर दी गई है. कर्मचारियों के हित में लिए इस फैसले के बाद कर्मचारी संघ में काफी खुशी देखने को मिली.

सेना के शौर्य और साहित्य का विश्व पुस्तक मेले में अनूठा संगम

सेना के शौर्य और साहित्य का विश्व पुस्तक मेले में अनूठा संगम
किसी फिल्म के सेट जैसा दिखने वाला नजारा इन दिनों राजधानी दिल्ली के भारत मंडपम में हकीकत बन गया है। जहां एक तरफ किताबों की दुनिया है, वहीं दूसरी तरफ भारतीय सेना के अर्जुन टैंक, आईएनएस विक्रांत और एलसीए तेजस की मनमोहक प्रतिकृतियां हैं। जो खासकर युवाओं और बच्चों के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।

53वें विश्व पुस्तक मेले में इस बार का नजारा बिल्कुल अलग है। नेशनल बुक ट्रस्ट द्वारा आयोजित इस 9-दिवसीय मेले को इस वर्ष हमारे बहादुर सैनिकों को समर्पित किया गया है। जिसका विषय ‘भारतीय सैन्य इतिहास: शौर्य और ज्ञान @75’ रखा गया है। जिसका उद्देश्य जेनरेशन जेड (Gen Z) में देशभक्ति की भावना को जगाना है।

किताबों के बीच अर्जुन टैंक और स्नाइपर!
भारतीय सेना के युद्ध वाहन के पास खड़ा एक सशस्त्र स्नाइपर मुस्कुराता है और लोगों, विशेषकर बच्चों के सवालों के जवाब देता है, उन्हें अपने साथ यादगार सेल्फी लेने देता है, इन बंदूकों की कार्यप्रणाली समझाता है, लेकिन उत्साही लोगों को इनमें से किसी भी राइफल को छूने से सख्ती से मना करता है। यह किसी बॉलीवुड फिल्म के दृश्य जैसा लगता है, लेकिन यह जानकर आश्चर्य होगा कि यह नई दिल्ली के भारत मंडपम में चल रहे 53वें विश्व पुस्तक मेले की वास्तविकता है।

इस वर्ष की थीम भारतीय सशस्त्र बलों और उनके साहस एवं बलिदान की विरासत को श्रद्धांजलि अर्पित करती है। हॉल 5 में स्थित 1,000 वर्ग मीटर के थीम पवेलियन से चारों ओर का मनोरम दृश्य दिखाई देता है। जहां 500 से अधिक पुस्तकें सैनिकों की वीरता और अनुभवों को बयां करती हैं, साथ ही विशेष रूप से तैयार किए गए पोस्टर और वृत्तचित्र दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर देते हैं।

इसके अलावा, अर्जुन टैंक, आईएनएस विक्रांत और एलसीए तेजस की मनमोहक प्रतिकृतियां, साथ ही 21 परमवीर चक्र विजेताओं की तस्वीरों वाली एक फोटो गैलरी भी मुख्य आकर्षण बनी हुई हैं।

केजरीवाल की मुश्किलें बढ़ सकती हैं, दिल्ली में कथित शराब घोटाले और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े केस में

केजरीवाल की मुश्किलें बढ़ सकती हैं, दिल्ली में कथित शराब घोटाले और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े केस में
दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल की मुश्किलें बढ़ने वाली हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने दिल्ली के कथित शराब घोटाले और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े केस में उनकी जमानत के खिलाफ उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है। मंगलवार को इस मामले पर दिल्ली हाईकोर्ट में जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा की पीठ ने सुनवाई की। इस दौरान अरविंद केजरीवाल की ओर से पेश हुए अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि आज वरिष्ठ वकील उपलब्ध नहीं हैं। ऐसे में मामले की सुनवाई कुछ दिनों के लिए टाल दी जाए। इसपर कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई चार महीने बाद यानी 8 मई को निर्धारित की है।

सुप्रीम कोर्ट ने एक मामले में दी थी अंतरिम जमानत
दरअसल, आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल धन शोधन और भ्रष्टाचार के मामलों में 21 मार्च और 26 जून 2024 को ईडी और सीबीआई ने गिरफ्तार किया था। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने 12 जुलाई 2024 को उन्हें मनी लॉन्ड्रिंग मामले में अंतरिम जमानत दी थी। इसके साथ ही प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत गिरफ्तारी की आवश्यकता और अनिवार्यता के पहलू पर तीन सवालों को बड़ी बेंच के पास भेजा था। इसके पहले 20 जून 2024 को ट्रायल कोर्ट ने एक लाख रुपये के निजी मुचलके पर केजरीवाल को जमानत दी थी, लेकिन हाईकोर्ट ने इसपर रोक लगा दी थी।

दिल्ली की विवादित आबकारी नीति से जुड़ा है मामला
यह मामला दिल्ली की विवादास्पद उस आबकारी नीति से जुड़ा है, जिसे लागू करने के बाद साल 2022 में उस समय निरस्त कर दिया गया था, जब उपराज्यपाल (LG) वीके सक्सेना ने इसके जांच के आदेश दिए थे। उपराज्यपाल ने इस नीति को तैयार करने और इसके कार्यान्वयन में कथित अनियमितताओं की आशंका जताई थी। साथ ही सीबीआई को जांच के आदेश दिए थे। सीबीआई और ईडी ने अपनी जांच के बाद कहा कि दिल्ली की आबकारी नीति में संशोधन के दौरान अनिमितताएं की गई हैं और लाइसेंस धारकों को अनुचित तरीके से लाभ पहुंचाया गया।

जमानत के विरोध में हाईकोर्ट क्यों पहुंची ईडी?
ईडी सूत्रों की मानें तो प्रवर्तन निदेशालय का मानना है कि ट्रायल कोर्ट ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) जैसे सख्त कानून में जमानत देते समय कानून की सही कसौटियों की अनदेखी की है। इससे प्रवर्तन निदेशालय (ED) की वैधानिक शक्तियां कमजोर होती हैं। दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने केजरीवाल को जुलाई 2024 में अंतरिम जमानत दी, जिसे स्‍थायी जमानत नहीं माना जाता। इसके अलावा तीन सवालों को बड़ी बेंच के सामने भेजा गया था। इसके बाद हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट के आदेश को रोक दिया, जबकि जमानत निरस्त नहीं की।

प्रयागराज माघ मेले में लगी भीषण आग

प्रयागराज माघ मेले में लगी भीषण आग
माघ मेले के नारायण धाम शिविर में मंगलवार शाम को अचानक आग लग गई। आग लगने से 15 टेंट और करीब 20 दुकानें चपेट में आ गईं। आग इतनी तेज थी कि 3 किलोमीटर तक धुआं और आग की लपटें दिखाई दे रही हैं। दिखाई देने लगा और कल्पवासियों में अफरातफरी मच गई।

प्रशासन और दमकल विभाग की 5 गाड़ियां मौके पर मौजूद हैं और आग पर काबू पाने का प्रयास जारी है। अभी तक किसी के हताहत होने की सूचना नहीं मिली है। स्थानीय पुलिस और संतों ने मिलकर बचाव कार्य में तेजी दिखाई और सभी कल्पवासियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।
शिविर में अब एक भी टेंट नहीं बचा

नारायण धाम शिविर में कुल 15 टेंट थे। इनमें 50 से ज्यादा कल्पवासी निवास कर रहे थे। आग लगने के बाद शिविर के अंदर धुआं भरने लगा। इसके बाद अचानक हल्ला मचा और लोग बाहर की तरफ भागे। यहां तैनात पुलिस वालों ने फायर ब्रिगेड को सूचना दी। 10 मिनट के अंदर 1-1 करके 5 फायर ब्रिगेड की गाड़ियां पहुंच गईं। सीएम योगी के खास सतुआ बाबा मौके पर पहुंचे। उन्होंने अधिकारियों से घटना की जानकारी ली।

आग लगने का कारण
प्राथमिक जानकारी के मुताबिक आग शॉर्ट सर्किट के कारण भड़की, जिससे तंबुओं में अचानक आग फैल गई।
यह घटना प्रयागराज माघ मेले के सेक्टर 5 के नारायण धाम शिविर में सामने आई है, जहां श्रद्धालुओं का शिविर स्थापित था।

विकास के साथ युवाओं के लिए खुलेंगे स्वरोजगार के नए द्वार – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

विकास के साथ युवाओं के लिए खुलेंगे स्वरोजगार के नए द्वार – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज बालोद जिले के नगर पंचायत मुख्यालय गुण्डरदेही में 233 करोड़ रुपये की लागत से 103 विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण किया। इसमें ₹163.88 करोड़ के 61 कार्यों का भूमिपूजन तथा ₹69.82 करोड़ के 42 कार्यों का लोकार्पण शामिल है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने गुण्डरदेही में एक सर्वसुविधायुक्त सामुदायिक भवन के लिए ₹1 करोड़ तथा प्रत्येक वार्ड में विकास कार्यों हेतु ₹1 करोड़ की घोषणा भी की।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि आज जिन विकास कार्यों का लोकार्पण शिलान्यास किया गया है, वे सिर्फ इमारतें नहीं, बल्कि अवसरों के नए द्वार हैं। उन्होंने कहा कि ₹1 करोड़ की लागत से बनने वाले व्यावसायिक परिसर से युवाओं को स्वरोजगार और व्यापार के नए अवसर मिलेंगे, वहीं सड़क, पुल एवं अधोसंरचना के निर्माण से आवागमन सुगम होगा और आर्थिक गतिविधियों को गति मिलेगी।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र एवं राज्य सरकार हर वर्ग के समावेशी विकास के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। महतारी वंदन योजना से महिलाओं को आर्थिक संबल मिल रहा है, तेंदूपत्ता संग्राहकों को उच्चतम समर्थन मूल्य दिया जा रहा है, और चरण पादुका योजना को पुनः प्रारंभ कर आदिवासी श्रमिकों को राहत पहुंचाई जा रही है। वनोपज के मूल्य संवर्धन से स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन को भी प्रोत्साहन मिल रहा है। उन्होंने कहा कि रामलला दर्शन योजना से आमजन को देश की संस्कृति और विरासत से जोड़ा जा रहा है। वहीं प्रभावी पुनर्वास नीति के चलते नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शांति लौट रही है और बस्तर अंचल में विकास की नई रोशनी फैल रही है। सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और संचार जैसी बुनियादी सुविधाओं का तेजी से विस्तार हो रहा है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आज स्वामी विवेकानंद जयंती के अवसर पर राष्ट्रीय युवा दिवस मनाया जा रहा है। स्वामी विवेकानंद जी के विचार आज भी युवाओं को आत्मबल, राष्ट्रसेवा और आत्मनिर्भरता की प्रेरणा देते हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ इस वर्ष अपनी रजत जयंती मना रहा है और इस अवसर पर रायपुर में डिजिटल आदिवासी संग्रहालय का निर्माण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक विशेष सौगात है, जहां आदिवासी नायकों की गौरवगाथा सहेजी गई है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार छत्तीसगढ़ को विकास के नए आयामों तक ले जाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है।

इस अवसर पर सांसद भोजराज नाग ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ तेजी से विकास की नई ऊँचाइयों की ओर अग्रसर है। उन्होंने कहा कि बस्तर, जो कभी लाल आतंक के लिए जाना जाता था, अब शांति, प्रगति और समृद्धि के पथ पर आगे बढ़ रहा है और इससे आम नागरिकों को सीधा लाभ मिलेगा।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री साय का स्थानीय व्यापारियों द्वारा लड्डुओं से तौलकर अभिनंदन किया गया। उन्होंने विभिन्न विभागों की योजनाओं के तहत पात्र हितग्राहियों को सामग्री एवं प्रमाण पत्र वितरित किए।कलेक्टर सु दिव्या उमेश मिश्रा ने जिले की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की, जबकि नगर पंचायत अध्यक्ष प्रमोद जैन ने स्वागत उद्बोधन में नगर की विकास आवश्यकताओं की जानकारी दी।

इस अवसर पर अनेक जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी तथा बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

स्वामी विवेकानंद जयंती पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किया नमन, युवाओं से राष्ट्र निर्माण में आगे आने का आह्वान

स्वामी विवेकानंद जयंती पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किया नमन, युवाओं से राष्ट्र निर्माण में आगे आने का आह्वान
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज स्वामी विवेकानंद की जयंती के अवसर पर मुख्यमंत्री निवास में स्वामी विवेकानंद के छायाचित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और ‘राष्ट्रीय युवा दिवस’ के मौके पर प्रदेश के युवाओं को हार्दिक शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद का जीवन और विचार आज भी भारत की युवाशक्ति के लिए ऊर्जा, दिशा और आत्मविश्वास का सबसे बड़ा स्रोत हैं।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि स्वामी विवेकानंद ने युवाओं को यह विश्वास दिया कि वे स्वयं अपने भविष्य के निर्माता हैं। उनके विचारों ने सेवा, आत्मबल और राष्ट्रप्रेम को जीवन का उद्देश्य बनाने की प्रेरणा दी। आज जब भारत अमृतकाल की ओर अग्रसर है, तब विवेकानंद जी की शिक्षाएँ युवाओं को जिम्मेदार, आत्मनिर्भर और राष्ट्रहित के प्रति सजग नागरिक बनने का मार्ग दिखाती हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के लिए यह गौरव का विषय है कि स्वामी विवेकानंद का जीवन रायपुर से भी जुड़ा रहा है। यहां की धरती पर बिताया गया उनका समय प्रदेश की सांस्कृतिक चेतना और वैचारिक परंपरा को विशेष पहचान देता है।

मुख्यमंत्री साय ने विश्वास व्यक्त किया कि स्वामी विवेकानंद के विचार आने वाली पीढ़ियों को भी प्रेरित करते रहेंगे और छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश के युवा उनके आदर्शों को अपनाकर समाज, राष्ट्र और मानवता की सेवा में अग्रणी भूमिका निभाएंगे।

कारो मे तोडफोड कर ट्रक ड्राईवर से मारपीट करने वाले 06 आरोपियो को हिरासत में लिया

कारो मे तोडफोड कर ट्रक ड्राईवर से मारपीट करने वाले 06 आरोपियो को हिरासत में लिया

मामले का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है कि दिनांक 11/01/2026 को शिवम कहार निवासी पंचमढी रोड पिपरिया द्वारा थाना पिपरिया मे इस आश्य की सूचना दिया था कि आज शाम करीब 07 बजे यह अपनी कार से रामपुर तरफ से पिपरिया आ रहा था तभी खिडिया मोड पर अज्ञात सफेद वोलेरो क्र. एम पी 49 टी 0796 में सवार 06 लोग उनकी गाडी मे ट्रक से टक्कर लग जाने की बात को लेकर मारपीट कर रहे थे एवं उन अज्ञात आरोपियो ने इसकी कार क्र. एम पी 20 सीई 7991 एवं एक राहगीर की कार क्र. एमपी 04 सी यू 1406 के सामने के कांच एवं साईट मिरर बगैरह तोड फोड दिये है। इस संबंध में थाना पिपरिया में मारपीट एवं तोडफोड करने संबधी धाराओ के तहत तत्काल अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना मे लिया।

* पुलिस अधीक्षक नर्मदापुरम श्री साई कृष्ण एसथोटा (आईपीएस) द्वारा घटित हुई घटना को गम्भीरता से लेते हुये आरोपियो की गिरफ्तारी हेतु आदेशित किये जाने पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महोदय नर्मदापुरम श्री अभिषेक राजन (रा.पु.से.) एवं अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) पिपरिया श्री मोहित कुमार यादव (रा.पु.से.) के मार्गर्देशन में थाना प्रभारी पिपरिया निरी. गिरीश त्रिपाठी के नेतृत्व में टीम गठित कर लगायी गयी।

पिपरिया पुलिस टीम घटना स्थल का निरीक्षण कर एवं मौके पर मौजूद लोगो से पूछताछ कर सफेद रंग की वोलेरो एवं अज्ञात आरोपियो की तलाश बनखेडी रोड हथवास सिलारी तरफ किया जो वोलेरो क्र एम पी 49 टी 0796 शोभापुर रोड पर नर्मदापुरम तरफ जाते हुये दिखाई दी जिसे नाकाबंदी कर पकडा गया जिसमे 03 आरोपी मिले अन्य तीन के बारे मे पूछने पर रेल्वे स्टेशन तरफ भागना बताया तत्काल अन्य दुसरी टीम रवाना कर मामले की अन्य तीन आरोपी रेल्वे स्टेशन पिपरिया के आऊटर तरफ से पकडा गया मामले मे सभी आरोपीगण को पुलिस हिरासत में ले लिया गया है।

हिरासत में लिये गये आरोपी गण (1) अनुराग सिहं पिता अजय सिहं ठाकुर उम्र 21 साल निवसी सेमरी हरचंद्र।

(2) देवेन्द्र सिह जाट पिता हरदीप उम्र 45 साल निवासी हथवास पिपरिया स्थायी पता अमृतसर पंजाब ।

(3) धर्मेन्द्र पिता हरदीप सिह उम्र 46 साल निवासी हथवास पिपरिया स्थायी पता अमृतसर पंजाब ।

(4) कुलदीप पिता सुखदेव जाट उम्र 38 साल निवासी हथवास पिपरिया स्थायी पता अमृतसर पंजाब ।

(5) अमर पिता गजराज सिहं राजपूत उम्र 39 साल निवासी सेमरी हरचंद्र ।

(6) अज्जू मालवीय पिता गुलाव सिहं मालवीय उम्र 28 साल निवासी जमुनिया सेमरी ।

उल्लेखनीय

भूमिका :- निरीक्षक गिरीश त्रिपाठी थाना प्रभारी पिपरिया, उनि राजेन्द्र कुशवाहा, उनि भागचंद्र धुर्वे, प्रआर. अरूण जुदेव, प्रआर. प्रकाश खेमरिया आर, दीपक लोधी, आर. राधे श्याम, आर. पवन मेहरा,

आर. ललित हर्णे

ग्वालियर व्यापार मेला: महंगी कारों पर 50% राहत खत्म करने की तैयारी

ग्वालियर व्यापार मेला: महंगी कारों पर 50% राहत खत्म करने की तैयारी
कैबिनेट में पेश होगा प्रस्ताव

भोपाल। व्यापार मेलों में वाहनों की बिक्री पर परिवहन कर में 50 फीसद की छूट पर सरकार अब कैंची चलाने की तैयारी में है। व्यापार मेलों में वाहनों की खरीदी का बढ़ता क्रेज व टैक्स में छूट से सरकार के खजाने को चपत लग रही है। इसके चलते अब सिर्फ 20 लाख रुपए तक के वाहनों को ही इस दायरे में लाने की तैयारी है।

अधिकारिक सूत्रों के अनुसार,​परिवहन विभाग ने उक्ताशय का प्रस्ताव तैयार कर लिया है। इसे कल मंगलवार को होने वाली राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में रखे जाने के आसार हैं। विभाग के प्रस्ताव में हालांकि अभी सिर्फ ग्वालियर मेले का ​ही जिक्र है। इसमें वाहनों की कीमत के आधार पर टैक्स में छूट के अलग—अलग स्लैब रखे गए हैं।

20 लाख रुपए तक के वाहनों को ही छूट
परिवहन विभाग के प्रस्ताव को कैबिनेट बैठक की मंजूरी मिलना तय माना जा रहा है। प्रस्ताव को मंजूरी मिली तो व्यापार मेले में सिर्फ 20 लाख रुपए तक कीमत वाले वाहनों को ही टैक्स में छूट का लाभ मिल सकेगा।

टैक्स में छूट से खजाने को नुकसान
राज्य के परिवहन विभाग के राजस्व में एक बड़ा हिस्सा वाहनों की बिक्री से​ मिलने वाले टैक्स पर निर्भर है,लेकिन व्यापार मेला में 50 प्रतिशत की छूट उसके लिए घाटे का सौदा साबित हो रही है। ग्वालियर के बाद अब उज्जैन में भी व्यापार मेला लगने से उसका घाटा और बढ़ा है। इसका सीधा असर विभाग के राजस्व पर पड़ा। ​मौजूदा वित्तीय वर्ष की पहली छमाही में ही विभाग के राजस्व में 24.5 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई।हालांकि इसके और भी कारण हो सकते हैं,लेकिन परिवहन आयुक्त विवेक शर्मा वाहनों की बिक्री में कमी को इसकी बड़ी वजह बताते हैं। संभवतया यही वजह है कि विभाग ने टैक्स में छूट के लिए तय कीमत के वाहनों के लिए ही छूट का लाभ देने का प्रस्ताव तैयार किया है।

पिछले तीन सालों से फैसले में हो रही देरी
ग्वालियर व्यापार मेले को शुरू हुए 18 दिन हो चुके है। इसका शुभारंभ गत 25 दिसंबर को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने किया था। 25 फरवरी तक चलने वाले इस मेले में इस बार भी आटोमोबाइल सेक्टर्स के स्टॉल्स की भरमार है,लेकिन टैक्स छूट का निर्णय नहीं होने से
इनके कारोबार में मंदी बनी हुई है।
टैक्स छूट देरी से दिए जाने का यह सिलसिला पिछले तीन सालों से जारी है। वर्ष 2022-23 में आरटीओ टैक्स छूट का नोटीफिकेशन मेला शुरू होने से दो दिन पहले ही आ गया था। इसके बाद 2023-24 व 2024-2025 में जनवरी मध्य यानि मकर संक्राति तक ही 50 प्रतिशत छूट का निर्णय हुआ।

बुकिंग की कतार, डिलीवरी कम
मेले में वाहन खरीदी पर टैक्स में छूट का लोगों को बेसब्री से इंतजार है। सूत्रों के मुताबिक,सैकड़ों लोगों ने अपनी पसंद की कारों और दोपहिया वाहनों की बुकिंग करा ली है, लेकिन कोई भी डिलीवरी लेने को तैयार नहीं है।

पड़ोसी राज्यों के खरीदार भी आते हैं मेले में
ग्वालियर व्यापार मेले की शुरुआत वर्ष 1905 में हुई थी। यह मेला उत्तर भारत का एक बड़ा और प्रसिद्ध मेला है। शुरुआत में यह पशु मेले के रूप में आयोजित किया जाता था, जो आगे चलकर हथकरघा, हस्तशिल्प, ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक सामग्री तथा खान-पान के लिए भी पहचाना गया। मेले में न केवल ग्वालियर-चंबल संभाग, बल्कि उत्तर प्रदेश, राजस्थान एवं अन्य प्रांतों से भी बड़ी संख्या में लोग आते हैं।

बीते साल 25 हजार से अधिक वाहन बिके
मेले की लोकप्रियता की एक बड़ी वजह,इसमें वाहनों के परिवहन कर में छूट ही रही। वाहनों की खरीदी की इच्छा रखने वालों को इस मेले का बेसब्री से इंतजार रहता है। इनमें महंगी कार खरीदनों वालों की भी बड़ी संख्या होती है। बताया जाता है कि बीते साल ही मेले में आटो मोबाइल सेक्टर का कारोबार ढाई हजार करोड़ रुपए से अधिक रहा। साल 2025 के मेले में विलंब से छूट की घोषणा के बावजूद 25,224 वाहन बिके। इनमें कारों की संख्या दुपहिया से अधिक रही।

बुन्देलखण्ड का समूचे देश में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन !!!

बुन्देलखण्ड का समूचे देश में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन !!!

भारत के सबसे बड़े मंचों में से एक है खेल मंत्रालय द्वारा राष्ट्रीय युवा उत्सव विकसित भारत 2047 young leader dialogue जो भारत मंडपम दिल्ली में आयोजित हुआ VBYLD2026 जिसमें सागर शहर के दल ने मध्यप्रदेश का प्रतिनिधित्व किया और 29 वर्षों के इतिहास में पहली बार मध्य प्रदेश को समूचे देश में प्रथम स्थान दिला कर गौरवांवित किया। दल ने पारंपरिक बुंदेली “बरेदी फाग” का गायन प्रस्तुत किया। दल का निर्देशन सागर के कृष्णविजय कलायतन संगीत संस्था के यश गोपाल श्रीवास्तव ने किया और प्रस्तुति का नेतृत्व संजय कोरी ने किया दल में साक्षी पटैरिया, ओम भट्ट, पंकज खरारे, हिमांश खरारे, विधान चौबे, यश पाठक, गोलू कुशवाहा, आदित्य दांगी, केशराज बादल, शिवांगी पाठक शामिल रहे।
50 लाख लोगों में से 3000 लोग National के लिए चुने गए, और उन 3000 लोगों में 29 राज्यों की प्रस्तुति हुई एवं मध्य प्रदेश से हमारे सागर की युवा शान ने परचम लहराया है। बुन्देलखण्ड की विशाल सांस्कृतिक विरासत को ये युवा संजो के रखने के लिए निरंतर अभ्यासरत है।
आज स्वामी विवेकानंद जयंती पर आदरणीय प्रधानमंत्री सहित केंद्रीय कृषि मंत्री, खेल मंत्री, केंद्रीय सुरक्षा सचिव, संस्कृति मंत्री से भी भेंट होगी एवं सम्मान प्राप्त होगा।

भारत ने जर्मनी से कर ली 8 अरब डॉलर की डील

भारत ने जर्मनी से कर ली 8 अरब डॉलर की डील
जर्मनी भारत के लिए प्रोजेक्ट 75 (I) के तहत 6 अत्याधुनिक स्टील्थ पारंपरिक पनडुब्बियों के निर्माण में सहयोग करेगा. इसके लिए मुंबई स्थित मझगांव डॉकयार्ड लिमिटेड (MDL) और जर्मनी की जानी-मानी रक्षा कंपनी थिसेन क्रुप मरीन सिस्टम्स (TKMS) के बीच पहले ही अहम समझौता हो चुका है. करीब 8 बिलियन डॉलर (लगभग 72 हजार करोड़ रुपये) की इस मेगा डील को भारतीय नौसेना के इतिहास की सबसे बड़ी पनडुब्बी परियोजनाओं में से एक माना जा रहा है. इन पनडुब्बियों की सबसे बड़ी खासियत इनमें इस्तेमाल होने वाली एयर इंडिपेंडेंट प्रोपल्शन (AIP) तकनीक होगी, जिससे ये लंबे समय तक बिना सतह पर आए समुद्र के भीतर ऑपरेशन को अंजाम दे सकेंगी.

यही एडवांस AIP तकनीक इस परियोजना के लंबे समय तक अटके रहने की मुख्य वजह रही. भारतीय नौसेना ऐसी पनडुब्बियां चाहती थी, जो ज्यादा स्टील्थ हों, कम शोर करें और दुश्मन की नजर से लंबे समय तक बची रहें. अब तकनीकी अड़चनों के सुलझने के बाद संकेत मिल रहे हैं कि जल्द ही इस डील को लेकर आधिकारिक घोषणा की जा सकती है.

मेक इन इंडिया को मिलेगा बढ़ावा
इन 6 पनडुब्बियों का निर्माण भारत में ही मझगांव डॉकयार्ड में किया जाएगा, जिससे मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत अभियान को बड़ा प्रोत्साहन मिलेगा. जर्मनी की तकनीकी विशेषज्ञता और भारत की निर्माण क्षमता का यह मेल भारतीय नौसेना को रणनीतिक बढ़त दिलाने में अहम भूमिका निभाएगा.

समुद्री सुरक्षा में भारत की मजबूती
विशेषज्ञों का मानना है कि इन स्टील्थ सबमरीन के शामिल होने से हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की समुद्री निगरानी, प्रतिरोधक क्षमता और रणनीतिक संतुलन और मजबूत होगा. बढ़ती वैश्विक चुनौतियों के बीच यह प्रोजेक्ट भारत के डिफेंस सिस्टम को पहले से ज्यादा मजबूत करने में मदद करेगा.

AIP तकनीक का मतलब क्या होता है?
AIP का पूरा नाम है एयर इंडिपेंडेंट प्रोपल्शन है. यह ऐसी आधुनिक तकनीक है, जो गैर-परमाणु पनडुब्बियों को बिना हवा लिए लंबे समय तक समुद्र के भीतर रहने की क्षमता देती है. डीजल-इलेक्ट्रिक पनडुब्बियों को कुछ समय बाद बैटरी चार्ज करने के लिए सतह पर आना पड़ता है या स्नॉर्कल का इस्तेमाल करना होता है. इसी दौरान उनके दुश्मन की नजर में आने का खतरा सबसे ज्यादा होता है. AIP तकनीक इस कमजोरी को काफी हद तक खत्म कर देती है.

AIP पनडुब्बियां इतनी खतरनाक क्यों मानी जाती हैं?
AIP सिस्टम से लैस पनडुब्बियां हफ्तों तक पानी के नीचे छिपी रह सकती हैं. इस दौरान वे दुश्मन की गतिविधियों पर नजर रख सकती हैं और सही मौके पर अचानक हमला कर सकती हैं. चूंकि ये पनडुब्बियां बहुत कम शोर पैदा करती हैं, इसलिए दुश्मन के सोनार और निगरानी सिस्टम के लिए इन्हें ट्रैक करना काफी कठिन हो जाता है. आधुनिक नौसैनिक युद्ध में यही चुपचाप हमला करने की क्षमता इन्हें बेहद घातक बनाती है.

AIP लैस पनडुब्बियां में लगने वाले हथियार
IQPC की रिपोर्ट के मुताबिक AIP तकनीक से लैस पनडुब्बियां केवल लंबे समय तक पानी के नीचे छिपी रहने के लिए ही नहीं जानी जातीं, बल्कि इनमें लगे पारंपरिक हथियार इन्हें बेहद खतरनाक बना देते हैं. AIP पनडुब्बियों का मुख्य हथियार टॉरपीडो होता है. आमतौर पर इनमें भारी वजन वाले 533 मिमी कैलिबर के टॉरपीडो लगाए जाते हैं. इनका इस्तेमाल दुश्मन की पनडुब्बियों और बड़े सतह के युद्धपोतों को निशाना बनाने के लिए किया जाता है.

आधुनिक टॉरपीडो अत्यधिक सटीक होते हैं और पानी के भीतर तेज़ी से लक्ष्य तक पहुंचकर भारी नुकसान पहुंचा सकते हैं. इसके अलावा इसमें एंटी-शिप मिसाइलें, जमीन पर हमला करने वाली क्रूज़ मिसाइलें, समुद्री माइन का इस्तेमाल किया जाता है.

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