मोनालिसा की फिल्म ‘द डायरी ऑफ मणिपुर’ का पोस्टर रिलीज

मोनालिसा की फिल्म ‘द डायरी ऑफ मणिपुर’ का पोस्टर रिलीज
वायरल गर्ल मोनालिसा अब बड़े पर्दे पर कदम रखने जा रही हैं. उनकी पहली फिल्म ‘द डायरी ऑफ मणिपुर’ का पहला पोस्टर हाल ही में जारी किया गया. जिसने फिल्म को लेकर चर्चा तेज कर दी है. खास बात ये रही कि इस पोस्टर को उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जी ने खुद लॉन्च किया. ये पल फिल्म से जुड़े सभी लोगों के लिए बेहद खास रहा.

मुख्यमंत्री ने किया पोस्टर रिलीज
फिल्म के निर्देशक सनोज मिश्रा ने अपने सोशल मीडिया पर इस खास मौके की जानकारी साझा करते हुए बताया कि मुख्यमंत्री के हाथों फिल्म का पोस्टर रिलीज होना टीम के लिए गर्व की बात है. इस मौके पर मोनालिसा भी मौजूद रहीं जो इस फिल्म से अपने फिल्मी करियर की शुरुआत कर रही हैं.

स्टारकास्ट और टीम की उपस्थिति
पोस्टर लॉन्च इवेंट में फिल्म की स्टार कास्ट भी मौजूद रही. इस मौके पर एक्टर अभिषेक त्रिपाठी, अमित राव, नागेश मिश्र, कशिश राजपूत, दीपक सूथा और विष्णु दुबे शामिल थे. इसके अलावा फिल्म के सह-निर्माता पंजाब सिंह मजीठिया, अमित चौहान, श्याम जी मिश्र और फिल्म से जुड़े कई अन्य सहयोगी भी मौजूद रहे.

सनोज मिश्रा ने जताया आभार
सनोज मिश्रा ने अपने पोस्ट में सभी का आभार जताते हुए कहा कि इतने बड़े मंच पर फिल्म का पहला पोस्टर रिलीज होना उनके लिए सम्मान की बात है. उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जी का खास तौर पर धन्यवाद किया जिनके सहयोग से ये पल और भी यादगार बन गया.

फिल्म और मोनालिसा के लिए खास मौका
‘द डायरी ऑफ मणिपुर’ को एक महत्वाकांक्षी फिल्म बताया जा रहा है. जिस पर लंबे समय से काम किया गया था. पोस्टर से ही इसके विषय और गंभीर कहानी की झलक मिलती है. मोनालिसा के फैंस के लिए यह फिल्म बेहद खास है क्योंकि इसी के साथ वो सोशल मीडिया की दुनिया से निकलकर फिल्मों में अपनी पहचान बनाने जा रही हैं.

लोगों को फिल्म का बेसब्री से इंतजार
पोस्टर रिलीज के बाद फिल्म को लेकर उत्सुकता और बढ़ गई है. अब लोगों को फिल्म की रिलीज डेट और ट्रेलर का इंतजार है. माना जा रहा है कि ‘द डायरी ऑफ मणिपुर’ मोनालिसा के करियर की एक अहम शुरुआत साबित हो सकती है.

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राज्य स्तरीय क्षमता निर्माण कार्यशाला का किया शुभारंभ

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राज्य स्तरीय क्षमता निर्माण कार्यशाला का किया शुभारंभ
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि इंजीनियरर्स की क्षमता के आधार पर हम प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विजन के वर्ष 2047 के विकसित और आत्मनिर्भर भारत का स्वप्न देख रहे हैं। लोक निर्माण विभाग अपने नाम के अनुरूप लोक अर्थात जनता और निर्माण अर्थात सृजन से राज्य के जन-जन की सेवा के संकल्प को साकार कर रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एक राजनेता होने के साथ सन्यासी भाव से भारत की प्रगति और क्षमता निर्माण के लिए प्रयासरत हैं। लोक निर्माण विभाग में विकास कार्यों को नई ऊंचाइयां देने की क्षमता है। भगवान राम के काल में नल और नील ने समुद्र पर पुल निर्माण करने की तकनीक खोज ली थी। लंका विजय के बाद भगवान राम, माता सीता और लक्ष्मण जी पुष्पक विमान से अयोध्या आए थे। भगवान विश्वकर्मा ने पुष्पक विमान बनाया, जिसमें सभी को समाहित करने की क्षमता थी। यह सभी को विकास और कल्याण में साथ लेकर चलने के भाव की अभिव्यक्ति थी। वर्तमान में भी सभी की सुविधा और जीवन में सभी को आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से ही निर्माण कार्य जारी हैं। मध्यप्रदेश का लोक निर्माण विभाग नई तकनीक और समय का सदुपयोग करते हुए अधोसंरचना विकास कार्यों को गति प्रदान कर रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को लोक निर्माण विभाग के नवाचारों, डिजिटल पहल और अभियंताओं की क्षमता निर्माण पर केंद्रित राज्य स्तरीय कार्यक्रम सह प्रशिक्षण-सत्र को रवीन्द्र भवन में संबोधित कर रहे थे।

लोकपथा ऐप का उन्नत संस्करण, रूट प्लानिंग, ब्लैक स्पॉट अलर्ट और सड़क किनारे उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी देने में करेगा मदद
मुख्यमंत्री डॉ. यादव के मुख्य आतिथय में लोक निर्माण से लोक कल्याण की भावना को साकार करने वाले इस कार्यक्रम के आरंभ में वंदे मातरम का सामूहिक गान हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के कार्यक्रम स्थल आगमन पर जनजातीय कलाकारों द्वारा परम्परागत वाद्य यंत्रों पर मंगल गान के साथ उनका स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को अंगवस्त्रम, सम्राट विक्रमादित्य की प्रतिमा तथा तुलसी का पौधा भेंटकर उनका अभिवादन किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लोक निर्माण विभाग द्वारा अभियंताओं के प्रशिक्षण, कौशल उन्नयन और आधुनिक परियोजना प्रबंधन में मार्गदर्शन के लिए विकसित कैपेसिटी बिल्डिंग फ्रेमवर्क 2026 का विमोचन, लोकपथ मोबाइल ऐप के उन्नत संस्करण – लोकपथ 2.0 का लोकार्पण किया। यह ऐप सड़क रखरखाव की निगरानी, नागरिक शिकायतों के त्वरित निवारण, रूट प्लानिंग, ब्लैक स्पॉट अलर्ट, आपातकालीन SOS सुविधा तथा सड़क किनारे उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी जैसी सेवाओं के माध्यम से नागरिकों को एक समग्र, उपयोगकर्ता-अनुकूल और आधुनिक डिजिटल प्लेटफॉर्म प्रदान करेगा।

कैपेसिटी बिल्डिंग फ्रेमवर्क में तकनीकी प्रशिक्षण के साथ ही प्रोजेक्ट-फाइनेंशियल और कॉन्ट्रेक्ट मैनेजमेंट भी शामिल

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लोक निर्माण विभाग द्वारा विगत 2 वर्षों में किए गए नवाचारों और सुधारात्मक प्रयासों पर आधारित पुस्तिका का विमोचन भी किया। इसमें डिजिटल समाधान, गुणवत्ता नियंत्रण, पर्यावरण संरक्षण, नई निर्माण तकनीकों और आधुनिक प्रबंधन प्रणालियों की झलक प्रस्तुत की गई है। कार्यक्रम में कैपेसिटी बिल्डिंग फ्रेमवर्क, लोक पथ 2.0 एप और विभाग की गत 2 वर्ष की गतिविधियों पर केंद्रित पुस्तक पर लघु फिल्मों का प्रदर्शन हुआ। मैनेजमेंट एक्सपर्ट डॉ. विक्रांत सिंह तोमर ने तकनीकी प्रशिक्षण, प्रोजेक्ट मैनेजमेंट, फाइनेंशियल मैनेजमेंट और कॉन्ट्रेक्ट मैनेजमेंट पर केन्द्रित कैपेसिटी बिल्डिंग फ्रेमवर्क का प्रस्तुतिकरण दिया।

लोक निर्माण विभाग का प्रत्येक कार्य जनसामान्य के कल्याण के लिए

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारतीय परंपरा में तकनीक, ज्ञान और नवाचार का समृद्ध इतिहास रहा है। हमारे प्राचीन ग्रंथ और सांस्कृतिक उदाहरण यह सिखाते हैं कि सामूहिक क्षमता, बुद्धि और समर्पण से असंभव कार्य भी संभव हो जाते हैं। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में इसी भाव के साथ आज के अभियंता आधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए जनहित के कार्यों को और अधिक प्रभावी बना रहे हैं। देश के इंजीनियर मुंबई में समुद्र पर ब्रिज, पहाड़ों के बीच से टनल और हाई-वे का निर्माण कर रहे हैं, जो तकनीक और निर्माण प्रक्रिया की दृष्टि से विश्व स्तरीय है। प्रधानमंत्री मोदी की मंशा के अनुसार लोक निर्माण विभाग का प्रत्येक कार्य जनसामान्य के कल्याण के लिए है। सड़क, पुल, भवन और अन्य संरचनाएँ जब गुणवत्ता, संवेदनशीलता और दूरदर्शिता के साथ बनती हैं, तो वे जन-जीवन को सरल, सुरक्षित और सुविधाजनक बनाती हैं। उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा अपनाए जा रहे नवाचार, आधुनिक तकनीक और कार्यों की गति इस बात का प्रमाण हैं कि लोक निर्माण विभाग नई सोच के साथ आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लोक निर्माण विभाग द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना की।

इंजीनियरों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण – मंत्री सिंह

लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि लोक निर्माण विभाग केवल सड़कें, पुल और भवनों का निर्माण करने वाला विभाग नहीं है, बल्कि यह प्रदेश की गति, दिशा और विकास की रीढ़ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में लोक निर्माण विभाग ने “लोक निर्माण से लोक कल्याण” की अवधारणा को व्यवहारिक धरातल पर उतारते हुए अधोसंरचना विकास को जन-जीवन से सीधे जोड़ा है। विभाग द्वारा बनाई गई सड़कें किसानों को मंडियों से, बच्चों को शिक्षा से, मरीजों को स्वास्थ्य सेवाओं से और उद्योगों को निवेश के अवसरों से जोड़ती हैं। यही कारण है कि देश के सबसे पुराने और सबसे महत्वपूर्ण विभागों में शामिल लोक निर्माण विभाग में इंजीनियरों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाती है।

अगले दो वर्षों में प्रदेश का लोक निर्माण विभाग देश के सबसे दक्ष इंजीनियरों का होगा समूह
लोक निर्माण मंत्री सिंह ने कहा कि समय के साथ परियोजनाओं का स्वरूप बदला है। नई तकनीक, नई निर्माण सामग्री और नई सोच के साथ कार्य करने के लिए इंजीनियरों का तकनीकी रूप से दक्ष, मानसिक रूप से सशक्त और प्रबंधन में निपुण होना आवश्यक है। इसी उद्देश्य से प्रशिक्षण कार्यक्रमों को सहयोगी साधन के रूप में तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव की पहल के परिणामस्वरूप ही, विभाग में इंजीनियर्स के लिए आधुनिक प्रशिक्षण एवं शोध संस्थान की कल्पना साकार हो पा रही है। इससे इंजीनियरों की कार्यकुशलता बढ़ेगी, समय की बचत होगी और कार्य-जीवन संतुलन बेहतर होगा। मंत्री सिंह ने लोकपथ 2.0 ऐप, लोक कल्याण सूचकांक आदि का उल्लेख करते हुए कहा कि विभाग के इन नवाचारों को अन्य राज्यों ने अपनाने की इच्छा व्यक्त की है। मंत्री सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मिशन कर्मयोगी और मुख्यमंत्री डॉ. यादव के विजनरी नेतृत्व में अगले दो वर्षों में प्रदेश का लोक निर्माण विभाग देश के सबसे दक्ष इंजीनियरों का समूह होगा।

अगले तीन वर्ष के लक्ष्य और विकसित भारत@2047 के लिए है संचालित गतिविधियां
लोक निर्माण विभाग के प्रमुख सचिव सुखबीर सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश आर्थिक, सामाजिक और धार्मिक क्षेत्र में संतुलित विकास की ओर अग्रसर है। राज्य सरकार द्वारा अभ्युदय मध्यप्रदेश के लिए सम्पूर्ण प्रदेश में अधोसंरचना विकास के कई महत्वपूर्ण कार्य किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अटल प्रगति पथ के मामले में अपनी प्रतिबद्धता दिखाते हुए तेजी से निर्णय लिया है। विभाग अगले तीन वर्ष के लक्ष्य और विकसित भारत@2047 के लिए समय सीमा में गतिविधियां संचालित करने के लिए प्रतिबद्ध है। कार्यक्रम में एमपीआरडीसी के प्रबंध संचालक भरत यादव, प्रबंध संचालक भवन विकास निगम सिबि चक्रवर्ती, भास्कराचार्य संस्थान के अजय पटेल तथा इंजीनियरिंग की विभिन्न विधाओं के विशेषज्ञ तथा 1500 से अधिक अभियंता शामिल हुए

विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में उद्यमियों की होगी महत्वपूर्ण भूमिका- मुख्यमंत्री साय

विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में उद्यमियों की होगी महत्वपूर्ण भूमिका- मुख्यमंत्री साय
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय विगत दिवस राजधानी रायपुर में रोटरी क्लब ऑफ कॉस्मोपॉलिटन रायपुर द्वारा आयोजित कॉस्मो ट्रेड एंड बिल्ड फेयर एक्सपो 2026 के शुभारंभ कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में उद्यमियों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार हर वर्ग के उत्थान के लिए कार्य कर रही है। व्यापार जगत की बेहतरी और ग्राहकों को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से जीएसटी दरों में कटौती की गई, जिसका सीधा लाभ जनता को मिल रहा है। जीएसटी रिफॉर्म्स से कई वस्तुओं की कीमत में कमी आई है। जीएसटी की प्रक्रिया को काफी सुगम बनाया गया है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की नई उद्योग नीति को देश-विदेश में सराहा जा रहा है। लगभग आठ लाख करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव हमें प्राप्त हो चुके हैं। हर सेक्टर में हमें ये निवेश प्रस्ताव मिले हैं जिनपर धरातल पर कार्य भी प्रारंभ हो चुका है। प्रदेश में रोजगार सृजन पर हमारा विशेष फोकस है। नई उद्योग नीति में एक हजार से अधिक रोजगार प्रदान करने वाले उद्यमियों को विशेष इंसेंटिव प्रदान करने के प्रावधान किए गए हैं।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ बनाने में रोटरी क्लब और उद्यमियों की भी महत्वपूर्ण भूमिका होगी। रोटरी क्लब उद्यम के साथ ही परोपकार का भी कार्य करता है। क्लब द्वारा किए जा रहे सामाजिक कार्य बहुत प्रशंसनीय हैं। ये बहुत खुशी की बात है कि यह एक्सपो मध्य भारत का सबसे बड़ा एक्सपो है, जिसमें 300 से अधिक स्टॉल हैं। इस विशाल आयोजन का लाभ निश्चित रूप से छत्तीसगढ़ को मिलेगा।

रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ तेजी से विकास के पथ पर आगे बढ़ रहा है। छत्तीसगढ़ को लगभग 8 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। ये बहुत खुशी की बात है कि रोटरी क्लब द्वारा आयोजित इस एक्सपो का यह 16वां वर्ष है। रोटरी क्लब सेवा से जुड़ी एक संस्था है। रोटरी क्लब द्वारा पोलियो निर्मूलन के कार्य में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया गया है।

मुख्यमंत्री साय ने कार्यक्रम में मोबाइल आई क्लीनिक की एम्बुलेंस का लोकार्पण किया। उन्होंने विभिन्न सेक्टर्स में विशिष्ट योगदान दे रही 25 महिला उद्यमियों को सम्मानित किया और इन महिला उद्यमियों पर केंद्रित पुस्तक का विमोचन भी किया। इस अवसर पर पूर्व प्रधान मुख्य वन संरक्षक राकेश चतुर्वेदी, राम गर्ग सहित रोटरी क्लब ऑफ कॉस्मोपॉलिटन रायपुर के सदस्यगण व बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित थे।

युवाओं में नेतृत्व और सेवा भाव का सशक्त मंच बनेगी राष्ट्रीय जंबूरी : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

युवाओं में नेतृत्व और सेवा भाव का सशक्त मंच बनेगी राष्ट्रीय जंबूरी : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज मुख्यमंत्री निवास में पूर्व राज्यसभा सांसद एवं भारत स्काउट्स एवं गाइड्स के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अनिल जैन ने सौजन्य भेंट की। मुख्यमंत्री साय ने छत्तीसगढ़ प्रवास पर आए जैन का स्वागत करते हुए उन्हें बस्तर आर्ट का प्रतीक चिन्ह भेंट किया।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में पहली बार आयोजित हो रहे पाँच दिवसीय राष्ट्रीय रोवर–रेंजर जंबूरी आयोजन के लिए डॉ. अनिल जैन को हार्दिक शुभकामनाएँ दीं और इसे छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए गौरव का विषय बताया।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि डॉ. अनिल जैन के सक्षम नेतृत्व में भारत स्काउट्स एवं गाइड्स का राष्ट्रीय स्तर का आयोजन छत्तीसगढ़ में आयोजित होना राज्य के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि यह जंबूरी युवाओं में अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, सामाजिक उत्तरदायित्व और सेवा भाव को सुदृढ़ करने का एक प्रभावी मंच बनेगी। देश के विभिन्न राज्यों से आए रोवर-रेंजरों के माध्यम से छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक, सामाजिक और युवा शक्ति का राष्ट्रीय स्तर पर सशक्त प्रदर्शन होगा।

मुख्यमंत्री साय ने विश्वास व्यक्त किया कि यह जंबूरी न केवल युवाओं को राष्ट्र निर्माण की दिशा में प्रेरित करेगी, बल्कि “एक भारत-श्रेष्ठ भारत” की भावना को भी मजबूत करेगी। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार युवाओं के सर्वांगीण विकास के लिए ऐसे आयोजनों को निरंतर प्रोत्साहित करती रहेगी।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत सहित अन्य गणमान्यजन उपस्थित रहे।

ईरान में मुस्लिम लीडर के खिलाफ महिलाओं का प्रोटेस्ट

ईरान में मुस्लिम लीडर के खिलाफ महिलाओं का प्रोटेस्ट
ईरान में जारी खूनी जनविद्रोह के बीच विरोध जताने का एक नया ट्रेंड सामने आया है, जहां ईरान की महिलाएं देश के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई की तस्वीरों को जलाकर उनसे सिगरेट जलाती नजर आ रही हैं. ईरानी महिलाओं के इस तरह से विरोध का नजारा सरकार-विरोधी प्रदर्शनों की सबसे यादगार तस्वीरों में शामिल हो गए हैं.

पिछले दो हफ्तों से मिडिल ईस्ट के इस देश को झकझोर रहे विरोध प्रदर्शनों के दौरान यह ट्रेंड ईरान जैसे एक सख्त सामाजिक प्रतिबंधों और महिलाओं के अधिकारों पर कड़ा नियंत्रण रखने वाले देश में खुली अवज्ञा का प्रतीक बन गया है.

इस्लामिक सत्ता को पूरी तरह नकार रहे ईरानी प्रदर्शनकारी
ईरान में यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है, जब 86 वर्षीय अली खामेनेई के नेतृत्व वाले धर्मतांत्रिक शासन के खिलाफ हाल ही में विरोध प्रदर्शन सरकारी कार्रवाई के बावजूद लगातार तेज होते जा रहे हैं. देश में महंगाई, आर्थिक बदहाली और बढ़ती कीमतों के खिलाफ शुरू हुए ये प्रदर्शन जल्द ही खामेनेई शासन और भ्रष्टाचार के खिलाफ व्यापक आंदोलन में बदल गए. पहले की तरह इस बार प्रदर्शनकारी सिर्फ सुधारों की मांग नहीं कर रहे, बल्कि इस्लामिक रिपब्लिक को पूरी तरह से नकारते हुए नजर आ रहे हैं.

ईरान में लग रहे खामेनेई मुर्दाबाद के नारे
पिछले महीने की 28 दिसंबर, 2025 से ईरान की राजधानी तेहरान समेत कई शहरों में युवा और बुजुर्ग लोग सभी सड़कों पर उतर आए हैं और पूरे इलाके में खामेनई मुर्दाबाद और पहलवी वापस आएंगे जैसे नारे गूंज रहे हैं. प्रदर्शनकारियों का एक वर्ग ईरान के आखिरी शाह के बेटे रजा पहलवी की वापसी की मांग भी कर रहा है, जिनके पिता को 1979 की क्रांति के दौरान सत्ता से बेदखल कर दिया गया था.

ईरान में अवज्ञा का प्रतीक
इन नारों के बीच ईरान के सर्वोच्च नेता की तस्वीरें जलाकर उनसे सिगरेट जलाती ईरानी महिलाओं की तस्वीरें सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर जमकर वायरल हो गई हैं और पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच रहीं हैं. हालांकि, इस तरह का यह विरोध नया नहीं है. ऐसे नजारे साल 2022 के व्यापक विरोध प्रदर्शनों के दौरान भी देखने को मिले थे, जो 22 साल की महसा अमीनी की पुलिस हिरासत में मौत के बाद भड़क उठे थे. अमीनी को कथित तौर पर अनुचित पहनावे के आरोप में ईरान की मोरैलिटी पुलिस ने गिरफ्तार किया था.

किन UPI ऐप्स से मिलेगा PF निकालने का ऑप्शन

किन UPI ऐप्स से मिलेगा PF निकालने का ऑप्शन
देश में करोड़ों कर्मचारी ऐसे हैं जिनका पैसा पीएफ अकाउंट में जमा होता है. नौकरी बदलने, इमरजेंसी खर्च, बीमारी, पढ़ाई या शादी जैसे मौकों पर यही पीएफ रकम सबसे बड़ा सहारा बनती है. लेकिन अभी तक पीएफ निकालना एक लंबा प्रोसेस रहा है. फॉर्म, वेरिफिकेशन और कई दिन का इंतजार. अब इसी सिस्टम को बदलने की तैयारी हो चुकी है.

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन एक ऐसा फीचर लाने जा रहा है. जिससे पीएफ का पैसा निकालना लगभग उतना ही आसान हो जाएगा. जितना यूपीआई से किसी को पैसे भेजना. यानी मोबाइल ऐप खोलिए, रिक्वेस्ट डालिए और पैसा सीधे बैंक खाते में. यह बदलाव पीएफ खाताधारकों के लिए बहुत बड़ी राहत साबित हो सकता है. जान लें किन UPI ऐप्स से निकल सकेंगे पैसे.
कब से शुरू होगी सुविधा?

ईपीएफओ अगले दो से तीन महीनों के भीतर यूपीआई बेस्ड पीएफ निकासी सिस्टम शुरू करने की तैयारी में है. इसके लिए नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया के साथ मिलकर तकनीकी ढांचा तैयार किया जा रहा है. इस नई प्रोसेस में पीएफ खाताधारक UPI ऐप के जरिए निकासी की रिक्वेस्ट डाल सकेंगे. इसके बाद ईपीएफओ का सिस्टम बैकएंड में डिटेल्स वेरिफाई करेगा.

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन एक ऐसा फीचर लाने जा रहा है. जिससे पीएफ का पैसा निकालना लगभग उतना ही आसान हो जाएगा. जितना यूपीआई से किसी को पैसे भेजना. यानी मोबाइल ऐप खोलिए, रिक्वेस्ट डालिए और पैसा सीधे बैंक खाते में. यह बदलाव पीएफ खाताधारकों के लिए बहुत बड़ी राहत साबित हो सकता है.

कब से शुरू होगी सुविधा?
ईपीएफओ अगले दो से तीन महीनों के भीतर यूपीआई बेस्ड पीएफ निकासी सिस्टम शुरू करने की तैयारी में है. इसके लिए नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया के साथ मिलकर तकनीकी ढांचा तैयार किया जा रहा है. इस नई प्रोसेस में पीएफ खाताधारक UPI ऐप के जरिए निकासी की रिक्वेस्ट डाल सकेंगे. इसके बाद ईपीएफओ का सिस्टम बैकएंड में डिटेल्स वेरिफाई करेगा.

जैसे ही आधार, बैंक और पीएफ अकाउंट से जुड़ी जानकारी सही पाई जाएगी प्रोसेस आगे बढ़ा दी जाएगी. अधिकारियों का मानना है कि इस सिस्टम से क्लेम प्रोसेस में लगने वाला समय काफी कम हो जाएगा और यूजर को ट्रैकिंग भी आसान मिलेगी.

सीधे बैंक खाते में आएगा पैसा
अभी की बात की जाए अगर पांच लाख रुपये से कम का ऑनलाइन एडवांस क्लेम लगाया जाए. तो भी ऑटो मोड में उसे निपटने में कम से कम तीन कामकाजी दिन लग जाते हैं. बड़ी रकम होने पर मैनुअल प्रोसेसिंग की वजह से और ज्यादा समय लगता है. नई यूपीआई व्यवस्था इस इंतजार को लगभग खत्म कर देगी.

जैसे ही कोई सदस्य बीमारी, इलाज, बच्चों की पढ़ाई या शादी जैसी मान्य कैटेगरी में क्लेम डालेगा. ईपीएफओ का सिस्टम तुरंत उसकी जांच करेगा. सब कुछ सही होने पर स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के जरिए रकम सीधे उस बैंक खाते में ट्रांसफर कर दी जाएगी, जो यूपीआई से लिंक होगा. यानी कि क्लेम अप्रूव होते ही पैसा लगभग तुरंत खाते में दिख सकता है.

सीधे बैंक खाते में आएगा पैसा
अभी की बात की जाए अगर पांच लाख रुपये से कम का ऑनलाइन एडवांस क्लेम लगाया जाए. तो भी ऑटो मोड में उसे निपटने में कम से कम तीन कामकाजी दिन लग जाते हैं. बड़ी रकम होने पर मैनुअल प्रोसेसिंग की वजह से और ज्यादा समय लगता है. नई यूपीआई व्यवस्था इस इंतजार को लगभग खत्म कर देगी.

जैसे ही कोई सदस्य बीमारी, इलाज, बच्चों की पढ़ाई या शादी जैसी मान्य कैटेगरी में क्लेम डालेगा. ईपीएफओ का सिस्टम तुरंत उसकी जांच करेगा. सब कुछ सही होने पर स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के जरिए रकम सीधे उस बैंक खाते में ट्रांसफर कर दी जाएगी, जो यूपीआई से लिंक होगा. यानी कि क्लेम अप्रूव होते ही पैसा लगभग तुरंत खाते में दिख सकता है.

शुभमन गिल ने टी20 विश्व कप के लिए टीम में नहीं चुने जाने पर तोड़ी चुप्पी

शुभमन गिल ने टी20 विश्व कप के लिए टीम में नहीं चुने जाने पर तोड़ी चुप्पी
भारतीय टेस्ट और वनडे टीम के कप्तान शुभमन गिल को अगले महीने होने वाले टी20 विश्व कप के लिए भारतीय टीम में जगह नहीं मिली थी। गिल अब न्यूजीलैंड के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज में टीम की कमान संभालेंगे। उन्होंने इससे पहले टी20 विश्व कप टीम में जगह नहीं बना पाने पर चुप्पी तोड़ी। गिल दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टी20 सीरीज तक भारतीय टीम के उपकप्तान थे, लेकिन उन्हें इस वैश्विक टूर्नामेंट के लिए 15 सदस्यीय टीम में शामिल नहीं किया गया था।

टीम में नहीं चुने से चिंतित नहीं गिल
गिल हालांकि, विश्व कप टीम में चुने जाने से चिंतित नहीं है। गिल ने कहा कि वह चयनकर्ताओं के फैसले का सम्मान करते हैं और जब भी मौका मिलेगा अपनी पूरी क्षमता के साथ योगदान देने की कोशिश करेंगे। गिल ने भारत के लिए 36 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में 869 रन बनाए हैं। इस दौरान उनका औसत 28.03 और स्ट्राइक रेट 138.59 का रहा है। भारत टी20 विश्व कप से पहले तीन वनडे और पांच टी20 मुकाबले खेलेगा। विश्व कप की शुरुआत सात फरवरी से होगी।

न्यूजीलैंड के खिलाफ तीन मैचों की सीरीज के शुरुआती वनडे से पहले गिल ने कहा, मैं वहीं हूं, जहां मुझे होना है। मेरी तकदीर में जो लिखा है उसे कोई मुझसे नहीं छीन सकता। एक खिलाड़ी हमेशा यह मानता है कि वह देश के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ देगा। चयनकर्ताओं ने अपना निर्णय लिया है। मैं हमेशा वर्तमान में रहने की कोशिश करता हूं, इससे जीवन आसान हो जाता है। मैं टीम को टी20 विश्व कप के लिए शुभमकामनाएं देता हूं।

गिल बोले- किसी प्रारूप को आसान नहीं मानना चाहिए
गिल ने कहा, जब हम पिछली बार न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे खेले थे तब मेरा पदार्पण हुआ था और मैं हमेशा उस दिन को संजोकर रखता हूं। किसी भी प्रारूप को आसान नहीं मानना चाहिए। अगर आप देखें, तो भारतीय टीम ने 2011 के बाद कोई वनडे विश्व कप नहीं जीता है। ऐसे में कोई भी प्रारूप आसान नहीं होता और इसके लिए बहुत मेहनत और दृढ़ संकल्प की जरूरत होती है।
गिल को पिछले साल नवंबर में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ दूसरे टेस्ट और उसके बाद की वनडे सीरीज छोड़नी पड़ी थी, क्योंकि कोलकाता में पहले टेस्ट के दूसरे दिन लगी गर्दन की चोट के कारण उन्हें दो दिन अस्पताल में रहना पड़ा। भारतीय कप्तान ने कहा, किसी मैच को छोड़कर टीम को खेलते हुए देखना कभी आसान नहीं होता। कप्तान के रूप में बहुत कुछ करना होता है, आपको गति बनानी होती है और उसी पर निर्माण करना होता है।

मकर संक्रांति-षटतिला एकादशी एक साथ

मकर संक्रांति-षटतिला एकादशी एक साथ
14 जनवरी 2026 को मकर संक्रांति और षटतिला एकादशी का खास संयोग बन रहा है। यह योग करीब 23 साल बाद बन रहा है। इससे पहले ऐसा संयोग वर्ष 2003 में देखने को मिला था। इस दुर्लभ तिथि ने श्रद्धालुओं के बीच एक असमंजस की स्थिति भी पैदा कर दी है।

दरअसल, मकर संक्रांति पर चावल से बनी खिचड़ी का दान और भोग करने की परंपरा है। कई स्थानों पर इस पर्व को खिचड़ी पर्व भी कहा जाता है। वहीं, एकादशी व्रत में चावल का सेवन वर्जित माना गया है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि एकादशी के दिन मकर संक्रांति की खिचड़ी कैसे खाई और दान की जाए।

पंचांग के अनुसार क्या है समाधान?
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, माघ कृष्ण षटतिला एकादशी तिथि 13 जनवरी को दोपहर 3:17 बजे प्रारंभ होगी। 14 जनवरी को शाम 5:52 बजे समाप्त होगी।

इस तरह 14 जनवरी को मकर संक्रांति पूरे दिन रहेगी, लेकिन एकादशी तिथि शाम 5:52 बजे तक ही होगी। एकादशी तिथि समाप्त होने के बाद श्रद्धालु चावल की खिचड़ी बनाकर दान कर सकते हैं और स्वयं भी ग्रहण कर सकते हैं।

शास्त्रों का दूसरा मत
कुछ विद्वानों का यह भी मानना है कि पर्व और त्योहार नियमों की कठोरता से मुक्त होते हैं। सनातन परंपरा में पर्वकाल में किए गए शुभ कार्यों का विशेष महत्व होता है।

14 जनवरी को सूर्य देव उत्तरायण में प्रवेश करते हैं, जिसे देवताओं का काल कहा गया है। इस दौरान किया गया दान, पूजा और भोग कई गुना फलदायी माना जाता है।
मकर संक्रांति की पूजा विधि

सूर्योदय से पहले पवित्र नदी में स्नान करें

यदि नदी स्नान संभव न हो, तो घर पर जल में गंगाजल और काले तिल मिलाकर स्नान करें

तांबे के लोटे में जल, लाल फूल, अक्षत और तिल डालकर सूर्य देव को अर्घ्य दें

अर्घ्य देते समय मंत्र जपें

‘ॐ सूर्याय नमः’ या ‘ॐ घृणि सूर्याय नमः’

अंत में अपनी सामर्थ्य अनुसार तिल, गुड़, चावल, वस्त्र या धन का दान करें

सुप्रीम कोर्ट पहुंचा ईडी- ममता विवाद, क्या होगी CBI जांच

सुप्रीम कोर्ट पहुंचा ईडी- ममता विवाद, क्या होगी CBI जांच
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने राजनीतिक परामर्श फर्म आई-पीएसी पर हुई छापेमारी के संबंध में सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। केंद्रीय जांच एजेंसी ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराने की मांग की है। यह घटनाक्रम ईडी द्वारा कलकत्ता उच्च न्यायालय में याचिका दायर करने के बाद सामने आया है, जिसकी सुनवाई 14 जनवरी को होगी। उच्च न्यायालय में दायर अपनी याचिका में, ईडी ने आरोप लगाया था कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एजेंसी की जांच में बाधा डाली और कोलकाता में आई-पीएसी निदेशक प्रतीक जैन के घर पर छापेमारी के दौरान एजेंसी की हिरासत से आपत्तिजनक दस्तावेज ले लिए। एजेंसी ने आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) प्रमुख को पुलिस का सहयोग प्राप्त था और उन्होंने एक वैध तलाशी अभियान में अवैध रूप से बाधा डाली।

केंद्रीय जांच एजेंसी ने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री ने राज्य पुलिस की सहायता से ईडी अधिकारियों की वैध हिरासत से डिजिटल उपकरण, इलेक्ट्रॉनिक स्टोरेज मीडिया और महत्वपूर्ण आपत्तिजनक दस्तावेज जबरन हटा दिए, जब्त कर लिए, छिपा दिए और चुरा लिए। हालांकि, कलकत्ता उच्च न्यायालय ने ईडी को तत्काल राहत देने से इनकार कर दिया है। इससे पहले दिन में पश्चिम बंगाल सरकार ने सर्वोच्च न्यायालय में एक याचिका दायर कर यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया कि राज्य के तर्कों को सुने बिना कोई भी आदेश पारित न किया जाए। याचिका उच्च न्यायालयों और सर्वोच्च न्यायालय में याचिकाकर्ता द्वारा यह सुनिश्चित करने के लिए दायर की जाती है कि उसकी सुनवाई किए बिना उसके विरुद्ध कोई प्रतिकूल आदेश पारित न किया जाए।

आई-पीएसी ने ईडी की छापेमारी की कड़ी निंदा करते हुए कहा है कि जांच एजेंसी ने एक चिंताजनक मिसाल कायम की है। हालांकि, उसने कहा कि वह “पूर्ण सहयोग प्रदान करेगा और आवश्यकतानुसार ऐसा करना जारी रखेगा, कानून के पूर्ण अनुपालन और सम्मान के साथ प्रक्रिया में शामिल होगा। आई-पीएसी ने कहा कि हमने हमेशा अपने सभी कार्यों में पेशेवर ईमानदारी के उच्चतम मानकों को बनाए रखा है। कल जो कुछ भी हुआ, उसके बावजूद, हम अपने काम को बिना विचलित हुए और बिना किसी चिंता के, निरंतरता और जवाबदेही के साथ जारी रखने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं, उसी उद्देश्य से प्रेरित होकर जिसने हमें शुरुआत से ही आकार दिया है।

पहले ही दिन प्रभास की ‘द राजा साब’ का बजा डंका

पहले ही दिन प्रभास की ‘द राजा साब’ का बजा डंका
साउथ फिल्म इंडस्ट्री के ‘बाहुबली’ यानी प्रभास जब भी पर्दे पर आते हैं, तो बॉक्स ऑफिस के पुराने रिकॉर्ड्स कांपने लगते हैं। उनकी लेटेस्ट फिल्म ‘द राजा साब’ 9 जनवरी को सिनेमाघरों में रिलीज हुई और उम्मीद के मुताबिक, इसने कमाई के मामले में सुनामी ला दी है। फिल्म को देखने वालों में क्रेज जबरदस्त है। सोशल मीडिया पर कल ये ही प्रभास के फैंस के वीडियो वायरल हो रहे हैं कोई मगरमच्छ लेकर पहुंचा तो किसी ने थिएटर्स में ही आग लगा दी। अब जो आंकड़े सामने आ रहा है वह काफी चौंकाने वाले हैं।

प्रभास की द राजा साब का पहले दिन का कलेक्शन
प्रभास की ‘द राजा साब’ एक हॉरर-कॉमेडी फिल्म है। इसमें दिग्गज अभिनेता संजय दत्त ने भी अहम भूमिका निभाई है। इसे लेकर दर्शकों के बीच काफी समय से बज बना हुआ था। हालांकि, शुरुआती समीक्षाओं में कुछ फैंस का मानना है कि हॉरर-कॉमेडी जैसे जॉनर में प्रभास उतने सहज नहीं लग रहे हैं, जितनी उनसे उम्मीद की गई थी। इसके बावजूद, सिनेमाघरों में दर्शकों की भारी भीड़ उमड़ रही है और इसे अच्छा खासा रिस्पांस मिल रहा है।

वर्ल्डवाइड कलेक्शन में ‘सेंचुरी’
बॉक्स ऑफिस ट्रैकर सैकनिल्क के शुरुआती आंकड़ों के अनुसार, पेड प्रीव्यू को मिलाकर पहले दिन द राजा साब ने 54.15 करोड़ की ओपनिंग हासिल की है। जबकि वर्ल्डवाइड 90 करोड़ का कलेक्शन हासिल किया है। इंडिया ग्रॉस 64 करोड़ रहा है। ओवरसीज फिल्म ने 26 करोड़ का कलेक्शन हासिल किया। वर्ल्डवाइड ग्रॉस लगभग 90-100 करोड़ तक पहुंच गया है।

प्रभास नहीं तोड़ पाए अपनी फिल्म का रिकॉर्ड
भले ही फिल्म 100 करोड़ क्लब में शामिल हो गई हो, लेकिन प्रभास अपनी पिछली मेगा-हिट फिल्म ‘कल्कि 2898 AD’ का रिकॉर्ड नहीं तोड़ पाए हैं। ‘कल्कि’ ने पहले दिन दुनिया भर में 191 करोड़ रुपये की ऐतिहासिक ओपनिंग की थी। उसकी तुलना में ‘द राजा साब’ का प्रदर्शन थोड़ा धीमा रहा है। फिल्म के रिव्यू औसत होने के कारण अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि फिल्म वीकेंड पर अपनी इस रफ़्तार को बरकरार रख पाती है या नहीं।

फिल्म की स्टारकास्ट काफी बड़ी है, जिसमें बोमन ईरानी, मालविका मोहनन और निधि अग्रवाल जैसे कलाकार शामिल हैं। देखना दिलचस्प होगा कि मंडे टेस्ट में यह फिल्म कितनी दूर तक टिक पाती है।

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