मुख्यमंत्री निवास में हुआ युवा संवाद कार्यक्रम

मुख्यमंत्री निवास में हुआ युवा संवाद कार्यक्रम
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि स्वामी विवेकानंद ने अमेरिका में विश्व धर्म संसद के माध्यम से विश्व को भारत की मूल चेतना से परिचय कराया। हमारे युवा भी स्वामी विवेकानंद के समान दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत आज दुनिया का सबसे युवा देश के रूप में निरन्तर आगे बढ़ रहा है। मध्यप्रदेश में भी तेज गति से युवा शक्ति का विकास हो रहा है। हमारे सामने वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण का लक्ष्य है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को मुख्यमंत्री निवास में युवाओं से संवाद कर रहे थे।

इस वर्ष नई दिल्ली में मध्यप्रदेश के 47 युवा, विकसित भारत यंग लीडर संवाद कार्यक्रम और 29 युवाओं का दल राष्ट्रीय युवा उत्सव में सहभागिता करेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव से संवाद के लिये ये युवा मुख्यमंत्री निवास पधारे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिति में वंदे-मातरम् के सामूहिक गान के साथ कार्यक्रम आरंभ हुआ। सु साक्षी पटेरिया ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आत्मीय स्वागत किया। कार्यक्रम में सु अंशिका मिश्रा ने गीता उपदेश के माध्यम से युवाओं को संदेश दिया। युवा संवाद कार्यक्रम में खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग एवं खेल संचालक राकेश गुप्ता भी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव से कार्यक्रम में युवाओं ने अनेक विषयों से जुड़े प्रश्न पूछे, जिस पर मुख्यमंत्री ने बड़ी सहजता के साथ उनकी जिज्ञासा का समाधान किया। ग्वालियर के सोमेश द्वारा यह जानना चाहा गया कि एक सटीक भाषण में कौन-कौन से अवयव होने चाहिए। इस पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जीवन में स्वाध्याय करते हुए ज्ञान अर्जन करेंगे तो भाषण की गुणवत्ता स्वत: बढ़ जाएगी। कक्षा में पढ़ाई तो आवश्यक है, लेकिन कक्षा और पाठ्यक्रम के अतिरिक्त भी बहुत कुछ सीखना-समझना होगा। अनूपपुर के प्रियांशु ने पूछा कि राज्य सरकार प्राकृतिक खेती को जन आंदोलन बनाने के लिए क्या प्रयास कर रही है, क्या इसमें स्टार्ट-अप की कोई संभावनाएं हैं। इस पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अब हमारे युवाओं का व्यवसाय के साथ खेती और खासतौर से प्राकृतिक खेती की ओर जुड़ाव भी रूझान दिख रहा हैं, यह प्रशंसनीय है। राज्य सरकार ने वर्ष 2026 को कृषि कल्याण वर्ष घोषित किया है। प्राकृतिक खेती को बढ़ाने के लिए सभी प्रयास किए जा रहे हैं। देश में सबसे आदर्श खेती मध्यप्रदेश में होती है। राज्य में सभी प्रकार के मोटे अनाज ( अन्न) की अच्छी उत्पादकता है। प्राकृतिक खेती के लिए देशी खाद भी जरूरी है। इसके लिए गोपालन और दूध उत्पादन को प्रोत्साहित किया जा रहा है। राज्य में देशी गोपालन को बढ़ावा दिया जा रहा हैं। ब्राजील जैसा छोटा देश गोपालन के माध्यम से आगे बढ़ने का बड़ा उदाहरण है। इस संबंध में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने “उपकार” फिल्म का उल्लेख करते हुए जय जवान-जय किसान के माध्यम से किसानों की महत्ता के बारे में भी युवाओं से चर्चा की।

राजगढ़ के युवा ने पूछा कि क्या युवाओं को खेती के लिए शासकीय भूमि लीज पर दी जा सकती है। इस पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार इस सुझाव पर विचार करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने खेती में विविधता को अपनाने के लिये युवाओं को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि इससे किसानों की आय को बढ़ाने में मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. ने कहा कि राजगढ़ का मोहनपुरा बांध और सिंचाई परियोजना आधुनिक सिंचाई व्यवस्था का उत्कृष्ट उदाहरण है। प्रदेश में लगातार सिंचाई का रकबा बढ़ रहा है। वर्ष 2002-03 में प्रदेश की साढ़े 7 लाख हेक्टेयर भूमि सिंचित थी, जो अब 58 लाख हेक्टेयर हो गई है। यह हमारी बड़ी उपलब्धि है।

खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने कहा कि मध्यप्रदेश के युवा दिल्ली में राज्य का प्रतिनिधित्व करेंगे। प्रधानमंत्री मोदी ने देश में ज्ञान (गरीब, युवा, अन्नदाता और महिला) चार संवर्ग बताए हैं। वर्ष 2047 तक विकसित भारत बनाना है, जिसमें युवाओं की अहम भूमिका होगी। प्रधानमंत्री मोदी के सामने प्रदेश के युवा 11 और 12 जनवरी को अपने विचार रखेंगे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश में निरंतर युवाओं के कल्याण के लिये विभिन्न योजनायें संचालित की जा रही हैं। राष्ट्र के लिए कुछ बड़ा करने का संकल्प प्रत्येक युवा को लेना चाहिए। युवा ही हमारे भविष्य की नींव हैं।

आध्यात्मिक चेतना, सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक पुनर्जागरण का केंद्र बनेगा सिरकट्टी धाम : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

आध्यात्मिक चेतना, सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक पुनर्जागरण का केंद्र बनेगा सिरकट्टी धाम : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज गरियाबंद जिले के सिरकट्टी धाम आश्रम स्थित रामजानकी मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों के सुख, शांति और समृद्धि की कामना की तथा मंदिर के सर्वोच्च शिखर पर धर्मध्वजा की स्थापना की। उन्होंने आश्रम को सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक पुनर्जागरण और आध्यात्मिक चेतना का केंद्र बताते हुए आश्रम परिसर में समरसता भवन के निर्माण के लिए 50 लाख रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की।

मुख्यमंत्री साय ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण के बाद पूरे देश में जो आध्यात्मिक चेतना का वातावरण निर्मित हुआ है, उसी की अखंड धारा का विस्तार आज सिरकट्टी धाम में धर्मध्वजा स्थापना के रूप में दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि हमारा देश ऋषि-मुनियों, साधु-संतों और आध्यात्मिक परंपराओं की पवित्र भूमि है। हमें धर्म को केवल आस्था के रूप में नहीं, बल्कि कर्तव्य के रूप में स्वीकार करना चाहिए।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ का सौभाग्य है कि प्रभु राम ने अपने वनवास काल का अधिकांश समय यहीं व्यतीत किया। दंडकारण्य के रूप में विख्यात अबूझमाड़ का विशाल जंगल कभी नक्सल समस्या से प्रभावित क्षेत्र था, जो आज तेजी से नक्सलवाद से मुक्त हो रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा रामलला अयोध्या धाम दर्शन योजना के अंतर्गत अब तक 39 हजार से अधिक श्रद्धालुओं को अयोध्या धाम की निशुल्क तीर्थयात्रा कराई जा चुकी है। मुख्यमंत्री तीर्थयात्रा दर्शन योजना के अंतर्गत भी अब तक पांच हजार से अधिक श्रद्धालु लाभान्वित हुए हैं।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेश के पांच शक्तिपीठों के विकास का कार्य भी निरंतर प्रगति पर है। उन्होंने कहा कि भोरमदेव क्षेत्र के समग्र विकास के लिए स्वदेश दर्शन योजना के तहत 148 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिल चुकी है तथा रतनपुर के विकास के लिए भी प्रस्ताव प्रेषित किया गया है। उन्होंने कहा कि राजिम कल्प-कुंभ का आयोजन भी इस बार भव्य स्वरूप में किया जाएगा।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि रामजानकी मंदिर का भव्य स्वरूप जनसहभागिता का अनुपम उदाहरण है। लगभग 22 हजार परिवारों के सहयोग से लगभग 9 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित यह मंदिर बीते 10 वर्षों की तपस्या का परिणाम है। राजस्थान के शिल्पियों द्वारा पारंपरिक शैली में बिना सीमेंट और छड़ के उपयोग के निर्मित इस मंदिर की आयु लगभग एक हजार वर्ष आंकी गई है। उन्होंने मंदिर निर्माण में सहयोग करने वाले सभी दानदाताओं और श्रद्धालुओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए इसे छत्तीसगढ़ की आस्था और एकजुटता का प्रतीक बताया।

कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने धर्मध्वजा रोहण को ऐतिहासिक क्षण बताया। उन्होंने कहा कि यह केवल परंपरागत ध्वजारोहण नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ में धर्म, अध्यात्म और सामाजिक समरसता की स्थापना का प्रतीक है।

केबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि हम सभी के लिए सिरकट्टी धाम में धर्मध्वजा की स्थापना देखना अलौकिक अनुभव है। कार्यक्रम में सिरकट्टी आश्रम के महामंडलेश्वर महंत संत गोवर्धन शरण व्यास ने स्वागत उद्बोधन में सिरकट्टी आश्रम की स्थापना और महत्व पर जानकारी दी।

इस अवसर पर सांसद रूपकुमारी चौधरी, विधायक सर्व रोहित साहू, दीपेश साहू, जिला पंचायत अध्यक्ष गौरीशंकर कश्यप, अनेक जनप्रतिनिधि, देश के विभिन्न स्थानों से आए संत-महात्मा और बड़ी संख्या में श्रद्धालुजन उपस्थित थे।

खिचड़ी दान क्यों माना जाता है मकर संक्रांति पर सबसे शुभ

खिचड़ी दान क्यों माना जाता है मकर संक्रांति पर सबसे शुभ
भारत में मकर संक्रांति केवल एक पर्व नहीं, बल्कि सूर्य, कर्म और पितरों से जुड़ा एक विशेष आध्यात्मिक अवसर है। इस दिन सूर्यदेव मकर राशि में प्रवेश करते हैं और उत्तरायण की शुरुआत होती है। ज्योतिष और धर्म में उत्तरायण को अत्यंत शुभ माना गया है। ऐसे में मकर संक्रांति पर खिचड़ी खाना और खिचड़ी का दान करना क्यों जरूरी माना जाता है—इसका उत्तर हमारे शास्त्रों, कर्म सिद्धांत और पितृ परंपरा में छिपा है।

मकर संक्रांति और सूर्य का महत्व
मकर संक्रांति के दिन भगवान सूर्य मकर राशि में प्रवेश करते हैं। ज्योतिष के अनुसार मकर राशि कुंडली का दशम भाव होती है, जिसे कर्म भाव कहा जाता है। जब सूर्य इस भाव को सक्रिय करते हैं, तो व्यक्ति के कर्म, मेहनत और कार्यक्षेत्र पर सीधा प्रभाव पड़ता है।

इसी कारण उत्तरायण के छह महीने पुण्य काल माने गए हैं। इस दौरान किया गया दान, स्नान, जप, यज्ञ और पूजा कई गुना फल देने वाला माना जाता है।

खिचड़ी संक्रांति क्यों कहलाती है?
मकर संक्रांति को कई जगह खिचड़ी संक्रांति भी कहा जाता है। इस दिन खिचड़ी खाई भी जाती है और दान भी की जाती है। खिचड़ी में चावल, दाल, तिल, घी जैसे तत्व होते हैं, जो सूर्य से जुड़े माने जाते हैं और शरीर को ऊर्जा देते हैं।

धार्मिक मान्यता है कि इस दिन खिचड़ी का दान करने से कर्म दोष शांत होते हैं और जीवन में स्थिरता आती है।

पितरों से संबंध और खिचड़ी दान
भगवान सूर्य को पितृ देवता भी कहा जाता है। हमारे पिता, पितामह, प्रपितामह और मातृ पक्ष के पूर्वज—सभी पितृ कहलाते हैं। मान्यता है कि मकर संक्रांति के दिन यदि खिचड़ी का दान किया जाए, तो पितृगण तृप्त होते हैं और अपने वंश को आशीर्वाद देते हैं।

इससे घर में सुख-शांति, आर्थिक उन्नति और खुशहाली आती है।

खिचड़ी दान से मिलने वाले लाभ
खिचड़ी दान से कर्म मजबूत होते हैं, पितृ दोष से राहत मिलती है और सूर्य दोष शांत होता है। यह दान विशेष रूप से उन लोगों के लिए शुभ माना जाता है, जिनके जीवन में बार-बार रुकावटें आ रही हों या मेहनत के अनुसार फल न मिल रहा हो।

भारत ने दक्षिण अफ्रीका को 233 रन से हरा 3-0 से किया सूपड़ा साफ

भारत ने दक्षिण अफ्रीका को 233 रन से हरा 3-0 से किया सूपड़ा साफ
दक्षिण अफ्रीका अंडर 19 टीम के खिलाफ खेले गए तीसरे यूथ वनडे मुक़ाबले में भारतीय अंडर 19 टीम ने कप्तान वैभव सूर्यवंशी और आरोन जॉर्ज के शानदार शतकों की मदद से 233 रन की बड़ी जीत हासिल की। इस जीत के साथ टीम इंडिया ने 3 मैचों की सीरीज में दक्षिण अफ्रीका का 3-0 से सूपड़ा साफ कर दिया है।

भारत ने ऐसे दर्ज़ की जीत
बेनोनी के विलोमूर पार्क स्टेडियम में भारत ने 50 ओवर में 7 विकेट पर 393 रन बनाए। जवाब में दक्षिण अफ्रीकी टीम 35 ओवर में 160 रन पर ऑलआउट हो गई। अफ्रीका के लिए डेनियल बोसमेन ने 40 और पॉल जेम्स ने 41 रनों की पारी खेली। टीम के सात बल्लेबाज दहाई का आंकड़ा भी नहीं छू पाये। भारत के लिए किशन सिंह ने 3 विकेट झटके।

वैभव सूर्यवंशी का शानदार प्रदर्शन
14 साल के वैभव ने 74 बॉल पर 127 रन की पारी खेली। उन्होंने इस दौरान 10 छक्के और 9 चौके लगाए। वैभव ने आरोन जॉर्ज के साथ 227 रन की ओपनिंग पार्टनरशिप की। आरोन जॉर्ज ने 106 गेंदों पर 16 चौके की मदद से 118 रन की पारी खेली। वैभव को इस शानदार प्रदर्शन के लिए प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। वैभव सूर्यवंशी ने इस सीरीज में 206 रन बनाए, जिसके लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द सीरीज भी चुना गया।

तुर्कमान गेट मामले में कासिफ-समीर समेत 5 गिरफ्तार
दिल्ली के तुर्कमान गेट मामले में पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। वहीं अब तक पांच लोगों को गिरफ्तार भी कर लिया है। इन आरोपियों की पहली तस्वीर भी सामने आई है, जो कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। पुलिस ने समीर, कासिफ, कैफ, अरीब और अदनान को पथराव करने के आरोप में गिरफ्तार किया है।

नगर निगम ने चलाया अतिक्रमण विरोधी अभियान
बता दें कि दिल्ली में नगर निगम द्वारा फैज-ए-इलाही मस्जिद (Faiz-E-Elahi Mosque) के बाहर अतिक्रमण विरोधी अभियान चलाया गया। अधिकारियों ने बताया कि तुर्कमान गेट स्थित मस्जिद और पास के कब्रिस्तान से सटी जमीन पर चलाए गए अतिक्रमण (Delhi Demolition Drive) हटाने के अभियान के दौरान झड़पें हुईं और पांच पुलिसकर्मी घायल हो गए।

पुलिस ने दर्ज किया केस
पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। संयुक्त पुलिस आयुक्त (मध्य रेंज) मधुर वर्मा ने बताया कि दिल्ली पुलिस ने फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास हुई घटना के संबंध में मामला दर्ज किया है। यह मामला बीएनएस की धारा 121, 123, 221, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने से रोकने वाले अधिनियम की धारा 3 और धारा 191 (दंगा) के तहत दर्ज किया गया है।

उन्होंने आगे कहा कि मौके पर ही पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है। विशेष स्टाफ इंस्पेक्टर मामले की जांच कर रहे हैं। दिल्ली पुलिस कर्मियों द्वारा पहने गए बॉडी-बोर्न कैमरों और घटनास्थल से प्राप्त वीडियोग्राफी की मदद से और सबूत जुटाए जा रहे हैं।

पुलिस अधिकारी ने आगे कहा कि पुलिस टीम को कुछ ऐसे वीडियो मिले हैं जिनमें गुंडों को उकसाने की कोशिश की जा रही है। संयुक्त पुलिस कांस्टेबल ने कहा कि इन लोगों को तलब कर पूछताछ की जाएगी और अगर घटना में उनकी भूमिका पाई जाती है तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

ओवैसी की प्रतिक्रिया आई सामने
वहीं इस घटना पर AIMIM सांसद असदुद्दीन ओवैसी का भी बयान सामने आया है। ओवैसी ने दिल्ली वक्फ बोर्ड से सुप्रीम कोर्ट का रुख करने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि पूरी जमीन वक्फ की है। दिल्ली वक्फ बोर्ड और उसकी प्रबंध समिति को SC में जाकर सभी तथ्य बताने चाहिए।

छत्तीसगढ़ महिला कांग्रेस अध्यक्ष को लेकर बढ़ा सस्पेंस

छत्तीसगढ़ महिला कांग्रेस अध्यक्ष को लेकर बढ़ा सस्पेंस
महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष को लेकर लामबंदी तेज हो गई है। दरअसल, दिल्ली में पांच दावेदारों के साक्षात्कार के बाद भी बैकडोर एंट्री का खतरा बना हुआ है। यही वजह है कि महिला कांग्रेस की दौड़ में शामिल कार्यकर्ता दिल्ली तक जोर आजमाइश लगा रही है। वरिष्ठ नेताओं से संपर्क बनाकर अपनी दावेदारी को मजबूत करने में जुटी है।

दिल्ली में हुआ दावेदारों का साक्षात्कार
कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि प्रदेश के वरिष्ठ नेताओं से रायशुमारी करने के बाद भी पांच नामों का पैनल बनाकर दिल्ली भेजा गया था। इसके आधार पर दावेदारों का साक्षात्कार हुआ है। इन सबके बीच प्रदेश के एक वरिष्ठ नेता दिल्ली में अपने समर्थक को पद दिलाने के लिए लॉबिंग कर रहे हैं। इससे संगठन खेमा में भी हलचल देखी जा रही है।

इन नेताओं के नामों पर हो रही चर्चा
दिल्ली में 5 जनवरी को महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष अल्का लांबा समेत अन्य वरिष्ठ नेताओं की एक कमेटी की मौजूदगी में प्रदेश की पांच कांग्रेस नेत्रियों का साक्षात्कार हुआ। इनमें बालोद विधायक संगीता सिन्हा, पूर्व विधायक छन्नी साहू, लक्ष्मी ध्रुव, ममता चंद्राकर और पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष तुलिका कर्मा का नाम शामिल हैं। इनमें से कर्मा को राष्ट्रीय महिला कांग्रेस कार्यकारिणी में राष्ट्रीय सचिव के पद पर पहले ही मनोनीत किया जा चुका है। ऐसे में चार नेत्रियों में से एक को चुने जाने की संभावना बताई जा रही है।

दो नामों पर सबसे ज्यादा चर्चा
दिल्ली में हुए साक्षात्कार के बाद दोनों की सबसे ज्यादा चर्चा है। इसमें से एक नाम का प्रस्ताव तो उसी समय चला गया था, जब वर्तमान प्रदेश अध्यक्ष ने अपने पद से इस्तीफा भेजा था। हालांकि उनका इस्तीफा मंजूर नहीं हुआ था। अब आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर महिला कांग्रेस संगठन को मजबूती देने के लिए नए सिरे से प्रदेश अध्यक्ष के चुनाव की कवायद की जा रही है।

निवेशक कितने भी हों षडयंत्र एक तो FIR भी एक ही काफी – सुप्रीम कोर्ट

निवेशक कितने भी हों षडयंत्र एक तो FIR भी एक ही काफी – सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने अपने एक ऐतिहासिक फैसले में कहा है अगर एक ही षडयंत्र से बहुत अधिक लोगों के साथ अपराध हुआ हो तो ऐसे मामलों में एक सभी पीड़ितों की अलग-अलग FIR की आवश्यकता नहीं है। ऐसे मामलों में एक ही FIR काफी है। एक FIR दर्ज करके दूसरे पीड़ितों को 161 के बयानों के आधार पर उसी FIR में जोड़ लिया जाए।

दिल्ली हाइकोर्ट के पुराने फैसले को किया रद्द
यह निर्णय अदालत ने दिल्ली राज्य यानी NCT की अपील की सुनवाई के दौरान दिया। अदालत ने अपील को स्वीकार कर लिया और कहा कि ऐसे मामलों में जहां एक ही आपराधिक साजिश रची गई हो और उसके कारण बड़ी संख्या में निवेशकों के साथ धोखाधड़ी हुई हो तो ऐसे मामलों में एक FIR दर्ज करना और दूसरी शिकायतों को आपराधिक प्रक्रिया संहिता ( CRPC ) की धारा 161 के तहत बयान के तौर पर मान लेना या केस डायरी में दर्ज कर देना ​​कानूनी तौर पर सही है। यह कहते हुए अदालत ने वर्ष 2019 में दिल्ली हाईकोर्ट के उस फैसले को निरस्त कर दिया जिसमें प्रत्येक निवेशक के लिए अलग-अलग FIR दर्ज करने की बात कही गई थी।

उदाहरण से समझिए इससे क्या होगा
उदाहर के तौर पर हम इस फैंसले को इस तरह से समझते हैं कि, एक कॉलोनाइजर ने एक हजार फ्लैट बनाने की बात कही और एक हजार लोगों से इसके लिए एडवांस रकम ले ली। बाद में यह कॉलोनी डवलप नहीं हुई या कॉलोनाइजर ने निवेशकों के साथ कोई फ्रॉड कर दिया तो ऐसे मामलों में एक हजार FIR दर्ज करने की आवश्यकता नहीं होगी। एक ही FIR में सभी एक हजार लोगों के बयान दर्ज कर लिए जाएंगे और उन्हे एक तरह से मुख्य आरोप के सपोर्ट में रखा जाएगा। ऐसे लोग आरोप को सिद्ध करने के लिए गवाह बनेंगे। अदालत ने कहा कि अगर एक ही FIR में बाकी लोगों को गवाह के रूप में जोड़ लिया जाएगा तो इससे अपराध की प्रवृत्ति कम न हीं होगी और ना ही इससे दंड के प्राविधान पर कोई असर पड़ेगा। इसलिए एक ही FIR पर्याप्त है।

ये है पूरा मामला
लाइव-लॉ के अनुसार, यह आदेश जस्टिस संजय कुमार और जस्टिस आलोक अराधे की बेंच ने दिया है। बेंच के समक्ष राज्य दिल्ली ( NCT ) की ओर से एक अपील दायर की गई। इस अपील को बेंच ने मंजूरी दे दी। यह अपील इस प्रकार थी कि, दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने 2009 में एक FIR दर्ज की। इस FIR में आरोप थे कि, अशोक जडेजा और उसके साथियों जिनमें खिमजी भाई जडेजा भी शामिल हैं, मिलकर निवेशकों से कहा कि आपके पैसे तीन गुना कर देंगे और इस तरह एक झूठा प्रलोभन देकर करीब 1 हजार 852 निवेशकों से कथित तौर पर लगभग 46.40 करोड़ रुपये की ठगी कर ली। इस मामले में एक ही FIR दई की गई। बाकी निवेशकों की शिकायतों को बयान के तौर पर मानते हुए केस डायरी में जोड़ लिया गया। इस मामले में जब आरोपी पक्ष की ओर से जमानत की अर्जी दी गई तो ट्रायल कोर्ट ने CRPC की धारा 395 (2) के तहत दिल्ली हाईकोर्ट को दो सवाल भेजे। इन सवालों में पूछा गया कि, क्या हर जमा एक अलग लेन-देन है जिसके लिए अलग FIR और चार्जशीट की ज़रूरत है। दूसरे सवाल में पूछा गया कि, क्या सभी मामलों को एक साथ मिलाने से सजा कम हो जाएगी ? दिल्ली हाईकोर्ट ने इनके जवाब में लिखा कि, एक आपराधिक साज़िश के तहत बड़ी संख्या में निवेशकों या जमाकर्ताओं को लुभाने और धोखा देने के मामले में हरेक निवेशक का अलग और व्यक्तिगत लेन-देन है। ऐसे सभी लेन-देन को एक निवेशक की शिकायत में रखकर दूसरे पीड़ितों को गवाह दिखाकर एक ही FIR में नहीं मिलाया जा सकता। दूसरे सवाल के जवाब में दिल्ली हाइकोर्ट ने कहा कि, हर FIR के संबंध में एक अलग फाइनल रिपोर्ट फाइल करनी होगी। अलग-अलग FIR के संबंध में फाइल की गई फाइनल रिपोर्ट को मिलाने का कोई सवाल ही नहीं है। CRPC की धारा 219 के अनुसार फाइनल रिपोर्ट को मिलाने पर कोर्ट यानी मजिस्ट्रेट तय करेंगे और इसी दौरान विचार होगा।

मंत्रि-परिषद की बैठक में सिंचाई परियोजनाओं के लिए 2,598 करोड़ रूपये से अधिक की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद की बैठक में सिंचाई परियोजनाओं के लिए 2,598 करोड़ रूपये से अधिक की स्वीकृति
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मंगलवार को मंत्रालय में सम्पन्न हुई। मंत्रि-परिषद द्वारा बुरहानपुर जिले की खकनार तहसील की झिरमिटी मध्यम सिंचाई परियोजना लागत 922 करोड़ 91 लाख रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गयी है। परियोजना से खकनार तहसील के 42 ग्रामों की 17 हजार 700 हेक्टेयर भूमि में सिंचाई उपलब्ध होगी, जिससे 11 हजार 800 कृषक परिवार लाभांवित होंगे।

मंत्रि-परिषद द्वारा बुरहानपुर जिले की नेपानगर तहसील की नावथा वृहद सिंचाई परियोजना लागत 1,676 करोड़ 6 लाख रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई। इस परियोजना से खकनार तहसील के 90 ग्रामों की 34 हजार 100 हैक्टेयर भूमि में सिंचाई उपलब्ध होगी और 22 हजार 600 कृषक परिवारों को लाभ मिलना अनुमानित है।

पीएम जनमन योजना की निरंतरता की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद द्वारा मध्यप्रदेश ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण की प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महा अभियान (पीएम जनमन) योजना की 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2028 तक निरंतरता की स्वीकृति प्रदान की गई। योजना में अनुमानित व्यय 795 करोड़ 45 लाख रुपये होगा। इसके तहत 1,039 किमी सड़क का निर्माण एवं 112 पुल निर्माण किया जायेगा। यह योजना 22 जिलों में निवासकरने वाली 3 विशेष जनजाति बैगा, भारिया एवं सहरिया के लिए लागू है।

प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना की निरंतरता की स्वीकृति

मंत्रि- परिषद ‌द्वारा मध्यप्रदेश ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण की प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना को 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक निरंतरता की स्वीकृति प्रदान की गई। योजनांतर्गत अनुमानित व्यय 17,196 करोड़ 21 लाख रुपये होगा। इसके तहत 20 हजार किमी सड़क और 1200 पुल का निर्माण किया जायेगा।

ग्रामीण सड़कों का नवीनीकरण एवं उन्नयन की स्वीकृति

मंत्रि- परिषद द्वारा मध्यप्रदेश ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण की प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना अंतर्गत निर्मित सड़कों का नवीनीकरण एवं उन्नयन के लिए 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक की निरंतरता की स्वीकृति प्रदान की गई। योजनांतर्गत अनुमानित व्यय 10 हजार 196 करोड़ 42 लाख रुपये है। योजना में 88 हजार 517 किमी मार्गों का नवीनीकरण एवं उन्नयन किया जाएगा।

सिंचाई परियोजनाओं को नर्मदा बेसिन प्रोजेक्ट्स कंपनी लिमिटेड के माध्यम से वित्त पोषित करने की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद ‌द्वारा नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण के अंतर्गत सिंचाई परियोजनाओं को त्वरित क्रियान्वयन के लिए नर्मदा बेसिन प्रोजेक्ट्स कंपनी लिमिटेड के माध्यम से वित्त पोषित करने की स्वीकृति प्रदान की गयी।

स्वीकृति अनुसार नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण द्वारा आरंभ की गई वे परियोजनाएँ जिनका निर्माण कार्य नर्मदा बेसिन प्रोजेक्ट्स कंपनी लिमिटेड द्वारा वित्तीय व्यवस्था कर पूर्ण कराया जा रहा हैं। उसका सम्पूर्ण स्वामित्व नर्मदा बेसिन प्रोजेक्ट्स कंपनी लिमिटेड का होगा। इन परियोजनाओं में राज्य शासन द्वारा बजट प्रावधान के माध्यम से व्यय की गई राशि के समतुल्य अंश पूजी कंपनी द्वारा राज्य शासन को जारी किए जाएंगे। इन परियोजनाओं के पूर्ण होने पर प्राप्त राजस्व, कंपनी की आय के रूप में ग्रहण किया जाएगा। कंपनी द्वारा वर्तमान में 2 परियोजनाएं वित्त पोषित की जा रही है, जिसमें नर्मदा क्षिप्रा बहुउद्‌देशीय परियोजना लागत 2,489 करोड़ 65 लाख रुपये और बदनावर माइक्रो लिफ्ट इरिगेशन परियोजना लागत 1,520 करोड़ 92 लाख रूपये शामिल है।

पारदर्शिता और समय की बचत के लिए सभी मंत्री नई व्यवस्था का लें लाभ : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

पारदर्शिता और समय की बचत के लिए सभी मंत्री नई व्यवस्था का लें लाभ : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्यप्रदेश में एक नए नवाचार करते हुए आज मंत्रि-परिषद की बैठक में मंत्रि-परिषद के सभी सदस्यों को टैबलेट वितरण किया। उन्होंने बताया कि मंत्रि-परिषद से संबंधित संपूर्ण जानकारी उपलब्ध करवाई जाएगी। मंत्रालय में मंगलवार को हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में कैबिनेट के सदस्यों और मंत्रि-परिषद के भारसाधक सचिवों को टैबलेट प्रदाय करने की शुरूआत हुई। कैबिनेट के सदस्यों ने टैबलेट प्राप्त किए और प्रसन्नता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आभार माना।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कैबिनेट सदस्यों को संबोधित करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश में ई-गवर्नेंस को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसके अंतर्गत ई-कैबिनेट की पहल हुई है। ई-कैबिनेट एप्लीकेशन के संबंध में संबंधितों को आवश्यक प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। यह एप्लीकेशन आधुनिक तकनीक, पेपरलैस, सुरक्षित और ऐसी गोपनीय प्रणाली है, जिसे मंत्रि-परिषद सदस्य कभी भी और कहीं भी अपनी सुविधा के अनुसार अवलोकन कर सकते हैं। मुख्य रूप से मंत्रि-परिषद की कार्य सूची देखने, ई-कैबिनेट एप्लीकेशन द्वारा पूर्व की बैठकों में लिए गए निर्णयों का पालन-प्रतिवेदन देखने में सुविधा होगी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उन्हें विश्वास है कि पारदर्शिता और समय की बचत के लिए मंत्रि-परिषद सदस्य नई व्यवस्था का पूरा लाभ लेंगे। प्रारंभ में मंत्रि-परिषद बैठक का एजेण्डा भौतिक एवं डिजिटल रूप दोनों फार्मेट में भेजा जाएगा, बाद में यह पूर्णता डिजिटल रूप में भेजा जाएगा। इस पेपरलैस व्यवस्था अर्थात ई-कैबिनेट एप्लीकेशन प्रारंभ होने से भौतिक रूप से होने वाले फोल्डर वितरण, कागज एवं समय की बचत हो सकेगी।

मुख्य सचिव अनुराग जैन ने बताया कि वर्ष 1960 से लेकर अब तक लिए गए मंत्रि-परिषद के निर्णयों को डिजिटलाइज किया गया है। गत 2 वर्ष के मंत्रि-परिषद के निर्णय एक क्लिक पर देखे जा सकते हैं। मंत्रि-परिषद की बैठक के अंत में एक प्रेजेंटेशन द्वारा मंत्रियों को टैबलेट के उपयोग को प्रारंभ करने के उद्देश्य, व्यापक उपयोगिता और टैबलेट के कार्य संचालन की बुनियादी जानकारी दी गई।

शहरों के संतुलित, समावेशी और योजनाबद्ध विकास को लेकर सरकार प्रतिबद्ध : मुख्यमंत्री साय

शहरों के संतुलित, समावेशी और योजनाबद्ध विकास को लेकर सरकार प्रतिबद्ध : मुख्यमंत्री साय
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन में बिलासपुर नगर निगम एवं आसपास के क्षेत्रों के विकास को लेकर एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में बिलासपुर शहर तथा बाह्य क्षेत्रों में संचालित एवं प्रस्तावित विकास कार्यों, मूलभूत सुविधाओं के विस्तार और निर्माणाधीन परियोजनाओं की प्रगति पर विस्तृत चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि न्यायधानी बिलासपुर प्रदेश का दूसरा सबसे बड़ा शहर है और बढ़ते शहरीकरण को ध्यान में रखते हुए यहां संतुलित, समावेशी और योजनाबद्ध विकास आवश्यक है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ तेजी से विकास की ओर अग्रसर है और इसी के अनुरूप शहरी अधोसंरचना को मजबूत किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी प्रगतिरत योजनाओं को तय समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण किया जाए। उन्होंने विशेष रूप से स्वच्छ एवं नियमित पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने और इससे जुड़ी परियोजनाओं पर गंभीरता से कार्य करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिलासपुर को उद्योग एवं पर्यटन की दृष्टि से प्राथमिकता में रखते हुए विकास की योजनाएं तैयार की जाएं। साय ने बताया कि पिछले दो वर्षों में सरकार द्वारा निरंतर नए विकास कार्यों को स्वीकृति दी गई है। साथ ही आने वाला बजट भी अत्यंत महत्वपूर्ण होगा और इसके माध्यम से “विकसित छत्तीसगढ़” की संकल्पना भी साकार होगी। उन्होंने कहा कि विभागों के आपसी समन्वय से ही बेहतर परिणाम सामने आएंगे और गांवों के साथ-साथ शहरों के विकास में किसी प्रकार की कमी नहीं आने दी जाएगी।

बैठक में सड़क, पुल-पुलिया, पेयजल, ड्रेनेज, प्रदूषण मुक्त शहर, यातायात व्यवस्था, शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल एवं युवा कल्याण, आवास, ई-बस सेवा, हवाई यातायात, ट्रांसपोर्ट नगर, उद्योग एवं व्यापार, पर्यटन तथा अरपा विशेष क्षेत्र विकास परियोजना (अरपा साडा) से जुड़े विषयों पर बिंदुवार मंथन किया गया और विभिन्न विषयों पर सहमति भी बनी। इसमें सिम्स के नए अस्पताल भवन के लिए एएस जारी करने की प्रक्रिया में तेजी लाने तथा सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल को पीपीपी मोड पर संचालित करने का निर्णय लिया गया। बिलासपुर एयरपोर्ट के विस्तार हेतु डिफेंस को राशि हस्तांतरित किए जाने की जानकारी दी गई, जिस पर जनप्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। साथ ही एयरपोर्ट के अन्य विकास कार्यों एवं नाइट लैंडिंग सुविधा को शीघ्र शुरू करने के निर्देश दिए गए। ट्रांसपोर्ट नगर सिलपहरी के विकास का कार्य सीएसआईडीसी द्वारा किए जाने तथा भूमि हेतु आवेदन प्रस्तुत करने पर सहमति बनी। उसलापुर रेलवे ओवरब्रिज के लिए भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया में तेजी लाने और इसे आगामी बजट में शामिल करने का निर्णय लिया गया।

इसके अतिरिक्त बिलासपुर के राजीव गांधी चौक, नेहरू चौक, महामाया चौक (वाय आकार) – रतनपुर मार्ग तक 305 करोड़ की लागत से फ्लाई ओवर ब्रिज निर्माण, पुराना बस स्टैंड चौक पर सीएमडी चौक-इमलीपारा रोड-टैगोर चौक-जगमल चौक तक 115 करोड़ की लागत से फ्लाई ओवर का निर्माण, एफसीआई गोडाउन व्यापार विहार क्षेत्र को सिरगिट्टी-महमंद बायपास से जोड़ने हेतु 320 करोड़ की लागत से तारबहार फोरलेन रेलवे ओवरब्रिज निर्माण के डीपीआर तैयार करने के निर्देश दिए गए। इसी प्रकार शहर के यातायात दबाव को कम करने हेतु 950 करोड़ की लागत से फोरलेन बिलासपुर रिंग रोड निर्माण के लिए एनएचएआई की सहमति के आधार पर लोक निर्माण विभाग द्वारा प्रस्ताव भेजने पर सहमति बनी। खारंग जलाशय में पाराघाट व्यपवर्तन योजना के लिए 328 करोड़ रुपये, नगर निगम क्षेत्र में अरपा नदी के एसटीपी एवं ड्रेनेज कार्यों के लिए 252 करोड़ रुपये तथा बिलासपुर शहर की जलभराव समस्या के समाधान हेतु आपदा प्रबंधन निधि से 150 करोड़ रुपये दिए जाने की सहमति बनी। बिलासपुर में कैंसर अस्पताल के लिए टाटा मेमोरियल अस्पताल से चर्चा करने, कानन पेंडारी के सामने अंडरपास निर्माण, कोनी से बिरकोना–खमतराई–बहतराई मार्ग के निर्माण, 24×7 जल आपूर्ति योजना हेतु डीपीआर तैयार करने तथा अरपा साडा क्षेत्र के विकास के लिए टीएनसीपी एवं जिला अधिकारियों की बैठक कर पूर्व योजनाओं पर चर्चा तथा इसे आगे बढ़ाने का निर्णय लिया गया।

बैठक में केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, उप मुख्यमंत्री अरुण साव, वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी, विधायक अमर अग्रवाल, विधायक सुशांत शुक्ला, विधायक धरमलाल कौशिक, महापौर मती पूजा विधानी, मुख्य सचिव विकास शील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह तथा विभिन्न विभागों के सचिव एवं वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।

anath-bachchon-ke-liye-sarkari-yojana-2026

अनाथ बच्चों के लिए सरकार की खास योजनाएँ, पढ़ाई से लेकर आर्थिक सहायता तक

0
नई दिल्ली | सरकारी योजना समाचार देश में ऐसे कई बच्चे हैं, जिन्होंने अपने माता-पिता को खो दिया है या जिनके पास देखभाल करने वाला...
Government welfare schemes have improved the living standards of 22 crore people

सरकारी कल्याण योजनाओं से 22 करोड़ लोगों के जीवन स्तर में सुधार, MoSPI के...

0
नई दिल्ली। भारत में सरकारी सामाजिक कल्याण योजनाओं के माध्यम से गरीब और जरूरतमंद परिवारों को मिलने वाली मुफ्त या रियायती वस्तुओं से उनके...

भोपाल AIIMS में अंगदान से 3 लोगों को नई जिंदगी की उम्मीद, शिवानी को...

0
भोपाल/नर्मदापुरम। अपनों को खोने का दर्द कितना गहरा होता है, यह उस परिवार से बेहतर कौन समझ सकता है, जिसने सड़क हादसे में अपनी...
social welfare 2026

₹53,428 करोड़ की सामाजिक सहायता योजना मंजूर, दिव्यांग पेंशन के नियमों में बदलाव

0
नई दिल्ली, 16 अक्टूबर। केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (NSAP) को अगले पांच वर्षों तक जारी रखने के लिए ₹53,428 करोड़ की...
PM-USP CSSS Scholarship Renewal 2026-27

PM-USP CSSS Scholarship Renewal 2026-27: 31 अक्टूबर तक करें आवेदन, जानें पात्रता, जरूरी दस्तावेज...

0
भोपाल | KOLAR18.COM | Social Welfare & Education News कॉलेज और विश्वविद्यालय में पढ़ाई कर रहे विद्यार्थियों के लिए छात्रवृत्ति से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी सामने...