खबरों से राष्ट्रीय स्तर पर मध्यप्रदेश की चर्चा

खबरों से राष्ट्रीय स्तर पर मध्यप्रदेश की चर्चा
मध्य प्रदेश को लंबे समय तक एक “डेड स्टेट” माना जाता रहा है, जहां से राष्ट्रीय स्तर की खबरें कम ही सामने आती थीं।

उत्तर प्रदेश और बिहार की तरह बड़ी घटनाएं या व्यापक रिपोर्टिंग नहीं होती थी। लेकिन पिछले कुछ वर्षों में यह स्थिति बदल गई है।

अब राज्य से हर महीने कम से कम एक बड़ी राष्ट्रीय खबर जरूर निकलती है, और ज्यादातर मामलों में ये नकारात्मक कारणों से होती हैं—जैसे स्वास्थ्य संकट, भ्रष्टाचार, अपराध, पर्यावरणीय मुद्दे या प्रशासनिक लापरवाही।

प्रमुख मुद्दे जिनकी वजह से मध्य प्रदेश 2025 में चर्चा में रहा:

– स्वच्छतम शहर इंदौर में दूषित पानी से मौतें: देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर में दूषित नल के पानी से 14 लोगों की मौत हुई और 1,100 से अधिक बीमार पड़े।

– 90 डिग्री ब्रिज विवाद: भोपाल के ऐशबाग में बना नया रेलवे ओवरब्रिज 90 डिग्री के तीखे मोड़ के कारण चर्चा में आया।

– मंत्री विजय शाह का विवादित बयान: मंत्री कुंवर विजय शाह ने आर्मी ऑफिसर कर्नल सोफिया कुरैशी को “आतंकवादियों की बहन” कहा। हाई कोर्ट ने एफआईआर का आदेश दिया, सुप्रीम कोर्ट ने फटकार लगाई, लेकिन इस्तीफा नहीं हुआ।

– भोपाल में बड़ी ड्रग जब्ती

– मंत्री का भाई गांजा तस्करी में गिरफ्तार: शहरी विकास मंत्री प्रतिमा बागरी के भाई अनिल बागरी को सतना में गांजा तस्करी के आरोप में गिरफ्तार किया गया। उनके साले भी इसी मामले में जेल में हैं।

– राजा रघुवंशी हत्याकांड: इंदौर के व्यवसायी राजा रघुवंशी की हनीमून के दौरान मेघालय में हत्या उनकी पत्नी सोनम (सनम) और उसके कथित प्रेमी द्वारा रची साजिश का हिस्सा थी। पत्नी और सहयोगियों को गिरफ्तार किया गया।

– सेवानिवृत्त पीडब्ल्यूडी इंजीनियर की संपत्ति: रिटायर्ड चीफ इंजीनियर जीपी मेहरा के फार्महाउस से 17 टन शहद, करोड़ों की संपत्ति, लग्जरी गाड़ियां और सोना-चांदी मिला, जो भ्रष्टाचार के आरोपों को उजागर करता है।

– थैलेसीमिया बच्चों को HIV संक्रमित खून: सतना में थैलेसीमिया से पीड़ित बच्चों को दूषित ब्लड ट्रांसफ्यूजन से HIV हो गया, जिससे कई मौतें हुईं और जांच चल रही है।

– छिंदवाड़ा में जहरीली कफ सिरप से बच्चों की मौत: कोल्डरिफ सिरप में जहरीले केमिकल की वजह से 20 से अधिक बच्चों की मौत हुई, जो राष्ट्रीय स्तर पर स्वास्थ्य लापरवाही का बड़ा मामला बना।

– इंदौर MY अस्पताल में चूहों के काटने से मौतें: NICU में चूहों ने नवजात आदिवासी बच्चों को काटा, जिससे दो की मौत हुई और अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही के आरोप लगे।

– दिवाली पर कार्बाइड गन से आंखों की क्षति: दिवाली के दौरान कार्बाइड गन के इस्तेमाल से सैकड़ों लोग घायल हुए, कई की आंखें प्रभावित हुईं और कुछ अंधे हो गए।

– भोपाल में इंजीनियरिंग स्टूडेंट की पुलिस पिटाई से मौत: छात्र उदित गायकी को कथित तौर पर रिश्वत न देने पर पुलिस कांस्टेबल ने पीट-पीटकर मार डाला।

– सिवनी में एसडीओपी द्वारा 3 करोड़ की लूट: एसडीओपी पूजा पांडे सहित पुलिसकर्मियों पर हवाला पैसे की लूट के आरोप लगे, कई गिरफ्तार हुए।

– ट्रांसपोर्ट कांस्टेबल की करोड़ों की संपत्ति: पूर्व कांस्टेबल सौरभ शर्मा के पास 52 किलो सोना और करोड़ों की संपत्ति मिली।

– मुरैना में भाजपा नेता का कार से कुचलना: भाजपा युवा मोर्चा नेता की कार से 5 लोगों को कुचला गया, दो की मौत हुई।

– मंदसौर भाजपा नेता का हाईवे पर अश्लील वीडियो: नेता मनोहर लाल धाकड़ का महिला के साथ हाईवे पर सीसीटीवी में अश्लील हरकत का वीडियो वायरल हुआ।

– 2023 चुनाव में वोट चोरी के आरोप: विपक्ष नेता उमंग सिंघार ने 27 सीटों पर वोटर लिस्ट में अनियमितता का आरोप लगाया।

– SIR सर्वे के दौरान BLO की मौतें: वोटर लिस्ट रिवीजन के दौरान कई BLO की मौत हुई, काम के दबाव के आरोप लगे।

– यूनियन कार्बाइड कचरे का निपटान: 40 साल बाद भोपाल गैस त्रासदी का जहरीला कचरा पिथमपुर भेजा गया, लेकिन विवाद और विरोध जारी।

– टाइगर स्टेट में 55 टाइगरों की मौत: एक साल में रिकॉर्ड 55 टाइगर मौतें, कई अप्राकृतिक कारणों से।

– आदानी को सिंगरौली धरौली कोल ब्लॉक में भ्रष्टाचार आरोप: कोल ब्लॉक आवंटन में अनियमितताएं, लाखों पेड़ कटाई और पर्यावरणीय उल्लंघन के आरोप।

– नक्सल मुक्त घोषणा: राज्य को नक्सल-मुक्त घोषित किया गया, अंतिम नक्सलियों का सरेंडर हुआ।

हम सबको जोड़ती है हिन्दू पहचान : सरसंघचालक
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की ओर से आयोजित ‘प्रमुख जन गोष्ठी’ को सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने किया संबोधित

भोपाल। हमारे मत-पंथ, सम्प्रदाय, भाषा, जाति अलग हो सकती है। लेकिन हिन्दू पहचान हम सबको जोड़ती है। हम सबकी एक संस्कृति और धर्म है। हम सबके पूर्वज समान हैं। यह विचार राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने भोपाल में आयोजित ‘प्रमुख जन गोष्ठी’ में व्यक्त किए। मंच पर मध्यभारत प्रान्त के संघचालक श्री अशोक पांडेय और भोपाल विभाग के संघचालक श्री सोमकान्त उमालकर उपस्थित रहे।

सरसंघचालक डॉ. भागवत जी ने कहा कि हिंदुस्थान में चार प्रकार के हिन्दू रहते हैं- एक, जो कहते हैं कि गर्व से कहो हम हिन्दू है। दो, जो कहते हैं कि गर्व की क्या बात हैं, हम हिन्दू हैं। तीन, जो कहते हैं कि जोर से नहीं बोलो, आप घर में आकर देखो, हम हिन्दू ही हैं। चार, जो भूल गए हैं कि हम हिन्दू हैं। उन्होंने कहा कि जब-जब हम यह भूल जाते हैं कि हम हिन्दू हैं तो विपत्ति आती है। भारत का इतिहास देख लीजिए। इसलिए हिन्दू को जगाना और संगठित करना आवश्यक है। हमें समझना होगा कि हिन्दू धार्मिक पहचान से बढ़कर, स्वभाव और प्रकृति है। धर्म को परिभाषित करते हुए उन्होंने कहा कि धर्म का अर्थ रिलीजन नहीं है। धर्म का अर्थ पूजा-पद्धति नहीं है। धर्म सबको साथ लेकर चलता है। सबका उत्थान करता है। धर्म सबके लिए आनंददायक है। स्वभाव धर्म है। कर्तव्य धर्म है। आपस में सद्भावना रखकर सब लोग चलें, इसके लिए जो संयम चाहिए, वह धर्म है। उन्होंने कहा कि रुचि-प्रकृति के भेद के अनुसार रास्ते अनेक हैं लेकिन हम सबको जाना एक ही जगह हैं। मनुष्य प्रकृति अनुसार अपने मार्ग का चुनाव करता है।

किसी से तुलना करके संघ को नहीं समझा जा सकता
सरसंघचालक ने कहा कि संघ के बारे में नैरेटिव बहुत चलते हैं। कई बार किसी को जानने के लिए उसके जैसे किसी से तुलना करते हैं। लेकिन जो अनूठा हो, उसकी तुलना नहीं की जा सकती। संघ दुनिया में अनूठा संगठन है। इसलिए संघ को किसी से तुलना करके नहीं समझा जा सकता। संघ गणवेश पहनकर पथ संचलन करता है तो यह पैरा मिलिट्री फोर्स नहीं है। सेवा कार्य चलाता है, उन्हें देखकर यह नहीं मानना चाहिए कि संघ समाजसेवी संगठन है। संघ को लेकर संघ हितैषी और संघ विरोधी, दोनों ने ही कई ऐसी बातें समाज में चलाई हैं, जो संघ नहीं है। इसलिए शताब्दी वर्ष पर विचार बनाया कि समाज के सामने संघ की सही जानकारी जानी चाहिए।

किसी की प्रतिक्रिया या विरोध में शुरू नहीं हुआ है संघ
सरसंघचालक डॉ. भागवत जी ने कहा कि संघ किसी की प्रतिक्रिया में शुरू हुआ संगठन नहीं है। संघ की किसी से प्रतिस्पर्धा भी नहीं है। संघ के संस्थापक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार ने देश-समाज के हित में चलने वाले सभी प्रकार के कार्यों में सहभागिता की। स्वतंत्रता आंदोलन में भी भाग लिया। यह सब काम करते हुए वे चिंतन-मंथन करते थे। बालगंगाधर तिलक, वीर सावरकर, महात्मा गांधी, मदन मोहन मालवीय और डॉ. भीमराव अंबेडकर सहित उस समय के कई महापुरुषों के साथ देश की परिस्थितियों को लेकर उनकी चर्चा हुई है। उनको ध्यान आया कि बाहर से आने वाले मुट्ठीभर लोग, जो हमसे कमतर हैं, इसके बाद भी हमको, हमारे घर मे आकर ही पराजित कर देते हैं। हम स्वतंत्र हो गए तो फिर से पराधीन नहीं होंगे, इसकी क्या गारंटी है। स्वाधीनता को सुनिश्चित और स्थायी करने के लिए समाज को ‘स्व’ का बोध कराना होगा। भारत के भाग्य को बदलना है तो इस समाज को ठीक करना होगा। तब डॉ. हेडगेवार ने तय किया कि समाज में एकता और गुणवत्ता स्थापित करने के लिए संघ का कार्य प्रारंभ करना चाहिए। उन्होंने संघ की घोषणा करने के बाद कई प्रयोग किए। लगभग 14 वर्ष कार्य के बाद एक कार्य पद्धति विकसित हुई।

डॉ. भागवत जी ने बताया, संघ ने प्रारंभ से तय किया कि समाज में ‘प्रेशर ग्रुप’ के तौर पर संगठन खड़ा नहीं करना है। अपितु सम्पूर्ण हिन्दू समाज का ही संगठन करना है। क्योंकि समाज ही किसी देश का भाग्य निर्धारित करता है। नेता, नीति, अवतार तो सहायक हो सकते हैं। देश को बड़ा बनाने में गुणसम्पन्न समाज की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है। उन्होंने कहा कि समाज को बदलना है तो वातावरण बदलना पड़ता है। संघ शाखा के माध्यम से ऐसे कार्यकर्ताओं का समूह खड़ा करने का काम कर रहा है, जो राष्ट्रीय वातावरण बनाएं। उन्होंने कहा कि संघ केवल स्वयंसेवक निर्माण का कार्य करता है। स्वयंसेवक समाज की आवश्यकता को पूरा करने के लिए सब प्रकार का कार्य करते हैं। स्वयंसेवकों के किसी भी कार्य को संघ रिमोर्ट कंट्रोल से नहीं चलाता है।

उपेक्षा और विरोध के बाद भी आगे बढ़ा संघ
सरसंघचालक डॉ. भागवत जी ने कहा कि उपेक्षा के बावजूद संघ के कार्यकर्ता निराश नहीं हुए। उपेक्षा और विरोध के बाद भी भारत माता के प्रति आस्था रखते हुए आगे बढ़ते रहे। उन्होंने कहा कि दुनिया का ऐसा कोई संगठन नहीं है, जिसने इतना विरोध सहा हो, जितना संघ ने सहा है। विपरीत परिस्थितियों में अपना सबकुछ दांव पर लगाकर कार्यकर्ताओं से संघ का कार्य किया है। सब प्रकार का अभाव और विरोध सहकर स्वयंसेवकों ने संघ को आज यहां तक पहुंचाया है, जहां अब सब संघ पर विश्वास करते हैं।

सम्पूर्ण समाज का संगठन करना है, अभी यह कार्य बाकी है।

समाज में कई लोग अच्छा कार्य कर रहे हैं
सरसंघचालक जी ने कहा कि भलाई के रास्ते पर समाज को चलाने का कार्य करने वाला संगठन केवल संघ है, ऐसा हम नहीं कहते हैं। समाज के सभी मत-संप्रदायों में इस प्रकार की सज्जन शक्ति है। इन सबके बीच एक नेटवर्क होना चाहिए। समाज की यह सज्जन शक्ति एक-दूसरे की पूरक बने। यही वातावरण बनाने का काम संघ कर रहा है। उन्होंने बताया कि दुनिया के अलग-अलग देशों से लोग संघ के पास आते हैं और संघ कार्य को समझते हैं। सबका एक ही प्रश्न होता है कि हमारे यहां के लोगों को भी यह कार्य सिखाया जा सकता है क्या?

पंच परिवर्तन का आह्वान
समाज और राष्ट्र की उन्नति के लिए समाज के प्रमुख जनों से सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने पंच परिवर्तन का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण, स्व बोध और नागरिक अनुशासन से संबंधित कार्य हम सबको मिलकर करना चाहिए।

इंदौर में दूषित पानी पीने से अब तक 14 की मौत
मध्यप्रदेश के इंदौर शहर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी पीने के बाद उल्टी-दस्त से मौतों की संख्या 14 हो गई। नए साल के पहले दिन एक और मौत हो गई। कुलकर्णी नगर निवासी अरविंद लिखार ने दूषित पानी पीया था। जिससे उसे उल्टी दस्त हुई और गुरुवार को अस्पताल में उसकी मौत हो गई। वहीं दूषित पानी पीकर बीमार हुए 300 के करीब मरीज शहर के अलग-अलग अस्तपालों में उपचार ले रहे हैं।

राज्य सरकार ने इस मामले में लापरवाही बरतने के लिए तीन अधिकारियों को निलंबित कर दिया है और एक अधिकारी को सेवा से बर्खास्त कर दिया। ज्ञात है कि मामले में गंभीरता दिखाते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव बुधवार को अस्पताल पहुंचे थे। उन्होंने यहां भर्ती मरीजों व उनके परिजन से हाल जाने। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य सेवा में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
क्षेत्र के पानी में निकली गंदगी : सीएमएचओ

भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी सप्लाई हो रहा था। इसकी पुष्टि सीएमएचओ डॉ. माधव हासानी ने की है। कहा कि एमजीएम मेडिकल कॉलेज से प्राप्त रिपोर्ट में पुष्टि हुई है कि क्षेत्र के पानी में गंदगी की मिलावट है।

मृतकों के परिजन ने किया मंत्री कैलाश का विरोध
मृतकों के परिजन को 2-2 लाख रुपए मुआवजे की घोषणा के बाद गुरुवार को मंत्री कैलाश विजयवर्गीय स्कूटर पर समर्थकों और क्षेत्रीय नेताओं के साथ घर-घर चेक देने पहुंचे तो परिजन के उग्र विरोध का सामना करना पड़ा। परिजन ने साफ कहा कि हमें आपका चेक नहीं चाहिए। लोगों ने कहा कि उन्हें जरूरत साफ पानी और अन्य मूलभूत सुविधाओं की हैं। लोगों ने पार्षद के रवैए को लेकर नाराजगी जताई।

भारत के विकास का ग्रोथ इंजन बना छत्तीसगढ़ : गजेंद्र सिंह शेखावत

भारत के विकास का ग्रोथ इंजन बना छत्तीसगढ़ : गजेंद्र सिंह शेखावत
केन्द्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने कहा कि भारत के विकास का ग्रोथ इंजन छत्तीसगढ़ बनता जा रहा है छत्तीसगढ़ इस संकल्प के साथ में हम सब लोग काम करेंगे ऐसा भरोसा और विश्वास आप सबको दिलाते हुए आप सबको बहुत सारी बधाई देता हूं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सतत आगे बढ़े और छत्तीसगढ़ का पर्यटन विकसित हो छत्तीसगढ़ की संस्कृति सुरक्षित और संरक्षित हो जिससे छत्तीसगढ़ की एक अलग पहचान बने। स्वदेश दर्शन योजना 2.0 के अंतर्गत 146 करोड़ रुपये की लागत से भोरमदेव कॉरिडोर निर्माण कार्य का विधिवत भूमिपूजन सम्पन्न किया गया। स्वदेश दर्शन योजना 2.0 के तहत भोरमदेव मंदिर परिसर से मड़वा महल, छेरकी महल, रामचुआ एवं सरोदा जलाशय तक एक सुव्यवस्थित एवं समग्र पर्यटन कॉरिडोर विकसित किया जाएगा। इस कॉरिडोर के निर्माण होने से जिले के प्रमुख धार्मिक एवं पुरातात्विक स्थलों को एक सशक्त पर्यटन श्रृंखला में जोड़ते हुए भोरमदेव को राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन पटल पर विशिष्ट पहचान दिलाने में मील का पत्थर साबित होगी। उज्जैन और वाराणसी की तर्ज पर भोरमदेव कॉरिडोर का विकास किया जाएगा।

छत्तीसगढ़ के ऐतिहासिक, धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल करते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय एवं केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत, उपमुख्यमंत्री व कवर्धा विधायक विजय शर्मा ने नववर्ष के अवसर पर कबीरधाम जिले को बड़ी सौगात दी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने उपमुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक विजय शर्मा के आग्रह पर भोरमदेव से बोड़ला तक सड़क चैड़ीकरण एवं नवीनीकरण कार्य की भी घोषणा की।

केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने भोरमदेव महोत्सव स्थल पर काॅरिडोर के भूमिपूजन के बाद सभा को संबोधित करते हुए कबीरधाम जिले सहित पूरे प्रदेश के लिए आज का दिन ऐतिहासिक है। उन्होंने नववर्ष की बधाई देते हुए कहा कि बीते दो वर्षों में छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संकल्पों को धरातल पर उतारते हुए विकसित छत्तीसगढ़ की परिकल्पना को साकार करने का कार्य किया है। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद प्रदेश के विकास में सबसे बड़ी बाधा थी, जिसे समाप्त करने का बीड़ा राज्य सरकार ने उठाया है और आज प्रदेश नक्सलवाद की समाप्ति की दिशा में निर्णायक रूप से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि इससे न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे देश के नागरिकों में यह विश्वास मजबूत हुआ है कि भारत को कमजोर करने वाली किसी भी ताकत या षड्यंत्र को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में आतंकवाद के विरुद्ध लिए गए कठोर निर्णयों ने देश की सुरक्षा नीति को नई मजबूती प्रदान की है।

केंद्रीय मंत्री शेखावत ने कहा कि भारत तेजी से विकसित राष्ट्र की ओर अग्रसर है। सड़कों, पुल-पुलियों एवं अन्य बुनियादी ढांचे के निर्माण के साथ-साथ प्रधानमंत्री आवास योजना, उज्ज्वला योजना, पेयजल, बिजली, डीबीटी के माध्यम से राशि का अंतरण और रोजगार जैसी सुविधाएं गरीबों के घर-घर तक पहुंच रही हैं। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना में सकारात्मक बदलाव करते हुए अब 100 दिनों के स्थान पर 125 दिनों का रोजगार प्रदान किया जा रहा है। साथ ही रोजगार उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में हर्जाने की गारंटी भी इस योजना में शामिल की गई है। उन्होंने इसे ‘मोदी की गारंटी’ बताते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आभार व्यक्त किया। केंद्रीय पर्यटन मंत्री ने कहा कि भोरमदेव मंदिर लगभग एक हजार वर्ष पुरानी ऐतिहासिक धरोहर है और इस कॉरिडोर निर्माण के माध्यम से आने वाले हजार वर्षों तक इसे संरक्षित रखने का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने निर्माण एजेंसियों एवं अधिकारियों से आग्रह किया कि 146 करोड़ रुपये की इस परियोजना में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता न किया जाए, क्योंकि यह कार्य धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक विरासत से जुड़ा हुआ है।

कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री अरुण साव, पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल सहित जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ अधिकारी एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं नागरिक उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि एक हजार साल पुराने बाबा भोरमदेव के मंदिर विकास हेतु आज भूमिपूजन हुआ है जो बहुत ही हर्ष की बात है। सावन के महीने में यहां हजारों की संख्या श्रद्धालु कावड़िये अमरकंटक से माता नर्मदा का जल लेकर बाबा भोरमदेव का जलाभिषेक करते हैं जिनका स्वागत करने के लिए उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा के साथ मैं भी आया था। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में शासन ने हर वर्ग के विकास के लिए निरन्तर कार्य किया जा रहा है। कवर्धा के जंगलों में वास करने वाले राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र कहलाने वाले विशेष पिछड़ी जनजाति के बैगा जैसे प्रदेश की पिछड़ी जनजातियों के लिए शासन द्वारा पीएम जनमन योजना प्रारम्भ की गई है, जिससे अब गांव-गांव तक पक्की सड़कें, प्रधानमंत्री आवास योजना जैसे अनेक योजनाओं का लाभ यहां के लोगों को मिल रहा है। वहीं उनके स्वास्थ्य की देखभाल के लिए आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित 57 मोबाइल मेडिकल यूनिट प्रारम्भ किए गए हैं, जिनमें एंबुलेंस के साथ में डॉक्टर एवं नर्स सहित पूरा तकनीकी स्टाफ भी उपलब्ध रहेगा जो घर घर जाकर लोगों का उपचार करेगा। उन्होंने आगे कहा कि छत्तीसगढ़ की जनता से प्रधानमंत्री मोदी ने वादे किए थे जिन्हें पूरा करने का कार्य शासन द्वारा किया जा रहा है। मोदी की गारंटी को काम पूरा होने की गारंटी बताते हुए उन्होंने कहा हमारी सरकार बनते ही 18 लाख आवास से वंचित लोगों को आवास का अधिकार दिलाया, 70 लाख महिलाओं के खाते में हर महीने एक हजार रुपए पहुंच रहे है इसी तरह छत्तीसगढ़ के हजारों लोगों में मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना का भी लाभ लिया है।

उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा लगातार क्षेत्र का दौरा कर यहां के विकास के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। चैत्र माह के तेरहवीं तिथि को भोरमदेव महोत्सव का आयोजन किया जाता है। पिछले वर्ष जब स्वदेश दर्शन योजना में शामिल करने के लिए हमने केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत से निवेदन किया था और भोरमदेव महोत्सव के दिन ही हमें भोरमदेव काॅरिडोर की स्वीकृति प्राप्त हुई थी और आज भूमिपूजन भी सम्पन्न हो गया है। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में भोरमदेव की तरह ही आस्था का केंद्र माने जाने वाले पंचमुखी बुढ़ा महादेव मंदिर का भी अब विकास किया जा रहा है, जिसके लिए विगत दिनों जब आयोजन किया गया तो लोगों ने अपनी पूरी भक्ति भाव से मंदिर के विकास के लिए दिल खोलकर दान किया और एक ही दिन में 75 लाख रुपए कार्यक्रम समाप्ति के पूर्व ही संग्रहित हो गए थे। कार्यक्रम को उपमुख्यमंत्री अरूण साव और पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने भी संबोधित किया।

कार्यक्रम में केन्द्रीय आवासन और शहरी कार्य राज्यमंत्री तोखन साहू, सांसद संतोष पाण्डेय, पंडरिया विधायक मती भावना बोहरा, पर्यटन मंडल के अध्यक्ष नीलू शर्मा, गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष विशेषर पटेल, राज्य कृषक कल्याण परिषद् के अध्यक्ष सुरेश चंद्रवंशी, पूर्व विधायक डाॅ. सियाराम साहू, मोतीराम चंद्रवंशी, अशोक साहू, जिला पंचायत अध्यक्ष ईश्वरी साहू, राजेन्द्र चंद्रवंशी, जिला पंचायात उपाध्यक्ष कैलाश चंद्रवंशी, बोड़ला जनपद अध्यक्ष मती बालका रामकिंकर वर्मा, उपाध्यक्ष नंद वास, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष रामकुमार भट्ट, संतोष पटेल, जिला पंचायत सदस्य मती गंगाबाई लोकचंद साहू, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष रघुराज सिंह, विदेशी राम धुर्वे, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष अनिल ठाकुर, नगर पालिका अध्यक्ष चंद्रप्रकाश चंद्रवंशी, मीलूराम साहू, बोड़ला नगर पंचायत अध्यक्ष विजय पाटिल सहित जनप्रतिनिधिगण और क्षेत्रवासी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों को नव वर्ष की बधाई और शुभकामनाएं दीं

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों को नव वर्ष की बधाई और शुभकामनाएं दीं
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अंग्रेजी नववर्ष 2026 की समस्त प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नव वर्ष सभी के जीवन में सुख, समृद्धि, स्वास्थ्य और नवीन संकल्पों की ऊर्जा लेकर आए, यही मंगलकामनाएं हैं।

मुख्यमंत्री ने राजकोट के उपलेटा में वैदिक मिशन ट्रस्ट के कार्यक्रम में की सहभागिता

मुख्यमंत्री ने राजकोट के उपलेटा में वैदिक मिशन ट्रस्ट के कार्यक्रम में की सहभागिता
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि जीव मात्र का समग्र कल्याण ही मानवता का पहला लक्ष्य है। जियो और जीने दो हमारे जीवन का शाश्वत दर्शन है। हमारे यहां नैतिक शिक्षा, राष्ट्रभक्ति और संस्कारयुक्त जीवन पद्धति की एक लंबी परम्परा रही है। यह हम भारतीयों का स्व-अनुशासन ही है, जिससे भारत आज विश्व की महाशक्ति के रूप में तैयार हो रहा है। उन्होंने कहा कि हम सब उस भारतीय मातृ सत्तात्मक संस्कृति के संवाहक है, जहां माताओं और बहनों को देवी के रूप में पूजा जाता है। हमारे यहां बच्चा-बच्चा भी भारत माता की जय बोलकर राष्ट्रमाता को सम्मान देता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरूवार को गुजरात के राजकोट जिले के प्रांसला के समीप उपलेटा में वैदिक मिशन ट्रस्ट द्वारा आयोजित 26वें ‘राष्ट्रकथा शिविर’ को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शिविर में सहभागिता कर ट्रस्ट के गुजरात के प्रमुख व महान विचारक स्वामी धर्मबंधु जी महाराज का आशीर्वाद लिया और कहा कि हम सभी को अपने जीवन में हमेशा अच्छा करने का प्रयास करना चाहिए। पूज्य स्वामी जी ने हम सबको नई जीवन दृष्टि दी है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किताबी ज्ञान से व्यवहारिक और वास्तविक ज्ञान बेहतर है और हमारी युवा पीढ़ी को उनकी असीम शक्तियों का भान कराना भी बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि नेकी, परमार्थ और राष्ट्रभक्ति का सहज भाव शरीर में रक्त की तरह हम सभी में प्रवाहमान होना चाहिए। ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ हमारी संस्कृति का जीवोमूल लक्ष्य है और हमें इसी दिशा में और भी मजबूती से आगे बढ़ाना चाहिए।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि द्वादश ज्योतिर्लिंगों में सोमनाथ धाम भी शामिल है। देश में सनातन संस्कृति की धारा सभी क्षेत्रों में बह रही है। राष्ट्रकथा शिविर में स्वामीजी ने देश के विभिन्न प्रांतों से शामिल हुई युवा शक्ति को राष्ट्र के विकास के लिए प्रेरित किया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश फिर से विश्वगुरु बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। गुरु की महिमा को देखेंगे तो गुरु हमें अंधकार से प्रकाश की ओर लेकर जाते हैं। भारत ने हजारों वर्षों से दुनिया को विश्व बंधुत्व का संदेश दिया है। भारतीय परिवारों में मां का अपना अलग ही स्थान होता है। मां ही हम सभी की पहली गुरु होती हैं। दुनिया में सभी देश अपनी गौरवशाली संस्कृति पर गर्व करते हैं, लेकिन अन्य किसी भी देश में मातृ संस्कृति का आधार देखने को नहीं मिलता।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कोविड के समय जब दुनिया की जनता त्राहिमाम कर रही थी, तब प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत ने अपनी संकल्प शक्ति के बल पर कठिन समय में महामारी का सामना किया। हमने स्वयं को सुरक्षित रखने के लिए संयमित जीवन शैली अपनाई और गांव, गली, मोहल्लों, कस्बों को भी सुरक्षित रखते हुए पूरी दुनिया को भी इस इससे उबारा। कोविड वैक्सीन बनाकर भारत ने 40 से अधिक देशों को यह वैक्सीन भेजी और वहां के लोगों की जान भी बचाई। हमें अपनी इसी परोपकारी संस्कृति पर गर्व है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत आज हर क्षेत्र में प्रगति कर रहा है। यह सही है कि किताबी ज्ञान से अंकसूची और मेरिट लिस्ट में पहचान बन सकती है, लेकिन केवल कागजी डिग्री से काम नहीं चलता है। हमारे लिए पढ़ाई केवल नौकरी पाना नहीं है, बल्कि इससे इतर बच्चों का नैतिक और संस्कारयुक्त समग्र विकास करना है। हमारे नागरिकों में स्वाभाविक रूप से स्व-अनुशासन का भाव है। दुनिया के कई देशों में लोगों को नियंत्रित करने के लिए केवल दंड व्यवस्था है, जहां हर 10 में से एक सैनिक या पुलिसकर्मी समाज को कंट्रोल करता है, लेकिन हम ऐसे समाज के लोग हैं कि जहां पुलिस का काम नहीं पड़ता है और 100-100 गांवों को एक ही पुलिसकर्मी संभालता है। उन्होंने कहा कि 145 करोड़ आबादी के इस देश में तीनों सेना और पुलिस मिलाकर सुरक्षाकर्मियों की संख्या मात्र 40 लाख है। हम दुनिया के सबसे बड़े लोकतांत्रिक राष्ट्रों में से एक हैं। हमारे सैनिक मुश्किल से मुश्किल परिस्थिति में जान की बाजी लगाकर देश और देशवासियों की रक्षा करते हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अमेरिका और इजरायल के बाद अब भारत ही दुनिया का वह तीसरा देश है, जो हर तरीके से अपनी सीमाओं और नागरिकों की रक्षा करने की क्षमता रखता है। इस शिविर के जरिए भारतीय युवाओं में देशभक्ति का भाव जगाने का जो पुनीत काम किया जा रहा है, जो नि:संदेह स्वागत योग्य और अभिनंदनीय है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज अंग्रेजी कैलेंडर के आधार पर साल का पहला दिन है। हमारा नया साल तो गुड़ी पड़वा से शुरू होता है। उन्होंने कहा कि हर जीवित व्यक्ति 24 घंटे में 21 हजार 500 बार सांस लेता है और 1 लाख कोशिकाओं के मरने पर एक दिन का जीवन मिलता है। ऐसे में बाबा महाकाल ने सबको जो जीवन दिया है, वह हमें परमार्थ और मानवता की सेवा में समर्पित करना चाहिए।

गुजरात सरकार के उच्च और तकनीकी शिक्षा राज्यमंत्री त्रिकमभाई बिजलभाई छंगा ने कहा कि स्वामीजी का प्रयास हम सबको गर्व से भर देता है। मनुष्य की सेवा ही परम पिता परमेश्वर की सेवा है। ऐसे सभी प्राणी, जिनमें जीवन है, हमें अपनी करूणा, दया, स्नेह, अपनत्व, देखभाल और कल्याण भाव से उनकी सेवा करनी चाहिए। स्वामी जी ने विभिन्न प्रांतों से आए युवाओं को राष्ट्र सेवा की ओर प्रवृत्त किया है। यही सच्ची राष्ट्रसेवा और सच्ची राष्ट्रभक्ति है।

कार्यक्रम के आरंभ में पूज्य स्वामीजी द्वारा मुख्यमंत्री डॉ. यादव और अन्य सभी अतिथियों का गुजराती पगड़ी (साफा) पहनाकर एवं अंगवस्त्रम ओढ़ाकर आत्मीय स्वागत-अभिनंदन किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को राष्ट्रकथा शिविर में पुस्तक भी भेंट की गई। इससे पहले मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राजकोट के उपलेटा में 26वें राष्ट्र कथा शिविर में तटरक्षक बल की प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया।

कार्यक्रम में झारखंड राज्य के विधायक मनोज यादव, पौलेंड में भारत के पूर्व राजदूत दीपक वोहरा, एसएन मीणा, आरएस जून, सुधीर यादव एवं अन्य गणमान्यजन भी उपस्थित थे। शिविर में गुजरात सहित देश के अनेक राज्यों से बड़ी संख्या में आए विद्यार्थियों ने सक्रियतापूर्वक भागीदारी की।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वर्ष 2026 के शासकीय कैलेंडर का किया विमोचन

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वर्ष 2026 के शासकीय कैलेंडर का किया विमोचन
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरूवार एक जनवरी को मध्यप्रदेश शासन के वर्ष 2026 के कैलेंडर का विमोचन किया। किसान कल्याण वर्ष 2026 का यह कैलेंडर “समृद्ध किसान-समृद्ध प्रदेश” की थीम पर प्रकाशित किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बहुरंगी और आकर्षक रूप से आकल्पित कैलेंडर और उसकी विषय वस्तु की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि शासकीय डायरी का मुद्रित स्वरूप, अधिकारी-कर्मचारियों और प्रदेशवासियों के लिए उपयोगी होगा। वर्ष 2026, विक्रम संवत 2082-83 और शक संवत 1947-48 के राज्य शासन के कैलेंडर में 12 महीनों के पृष्ठों में प्रदेश के प्रमुख आयोजनों, उपलब्धियों और आगामी लक्ष्यों को छाया चित्रों के माध्यम से प्रदर्शित किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वर्ष 2026 की शासकीय डायरी, शीट कैलेंडर और नोटबुक का भी विमोचन किया। मुख्यमंत्री निवास में हुए कैलेंडर विमोचन के अवसर पर आयुक्त जनसम्पर्क दीपक कुमार तथा नियंत्रक शासकीय मुद्रणालय चंद्रशेखर वालिंबे उपस्थित थे।

शासकीय कैलेंडर में माह जनवरी 2026 के पृष्ठ पर, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा “कताई से सिलाई तक पूरी प्रक्रिया के लिए एकीकृत मेगा टैक्सटाइल पार्क-पी.एम. मित्र पार्क धार” के शिलान्यास अवसर का चित्र प्रदर्शित है। माह फरवरी का पृष्ठ “डेयरी किसानों को मिलती नई उड़ान-दुग्ध कैपिटल बनेगा मध्यप्रदेश” के लक्ष्य को दर्शा रहा है। इस पृष्ठ पर केन्द्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिति में राज्यस्तरीय सहकारी सम्मेलन में राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड और राज्य सरकार के मध्य हुए सहकारिता अनुबंध निष्पादन कार्यक्रम का चित्र अंकित है। केन्द्रीय मंत्री शाह को मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा प्रभु राम का विग्रह भेंट किया जा रहा है। माह मार्च में होलिका उत्सव के भाव को जनजातीय परिवेश में परंपरागत वाद्य यंत्रों के साथ साझा करते मुख्यमंत्री डॉ. यादव के चित्र को दर्शाया गया है। साथ ही मुख्यमंत्री डॉ. यादव की जनजातीय समाज को सम्मान और पहचान की प्रतिबद्धता का भाव भी व्यक्त किया गया है।

माह अप्रैल 2026 का पृष्ठ, “समृद्धि की अविरल धारा- नदी लिंक परियोजना” को दर्शाता है। इस पृष्ठ पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस की उपस्थिति में, मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र सरकार के मध्य तापी बेसिन मेगा रीचार्ज परियोजना के लिए हुए एम.ओ.यू. के आदान-प्रदान का चित्र प्रदर्शित है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की कृषि क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी को प्रोत्साहित करने की प्रतिबद्धता को मई 2026 के पृष्ठ पर दर्शाया गया है। चित्र में महिला सशक्तिकरण की मिसाल बनते मध्यप्रदेश में महिला स्व-सहायता समूहों की गतिविधियों को दिखाया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव किसानों की आय बढ़ाने के लिए कृषकों को खेती के साथ हार्टिकल्चर-पशुपालन-मत्स्य पालन जैसी गतिविधियों को अपनाने के लिए निरंतर प्रेरित करते हैं। इसी क्रम में जून 2026 के पृष्ठ पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में हुए राज्य स्तरीय निषाद राज सम्मेलन का चित्र अंकित है, जो राज्य सरकार के मछुआ समाज के सम्मान और सशक्तिकरण के संकल्प को अभिव्यक्त कर रहा है।

कैलेंडर के जुलाई 2026 के पृष्ठ पर कृषि में समृद्धि के द्वार खोलते-सिंचाई क्षमता के विस्तार का चित्र है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव 1011 करोड़ की लागत से 32 हजार हैक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा विस्तार की बहोरीबंद उद्वहन माइक्रो सिंचाई परियोजना के निर्माण कार्य का शुभारंभ कर रहे हैं। माह अगस्त 2026 का पृष्ठ “सामूहिक जल संरक्षण से सुरक्षित होते कल” के लिए संचालित जल गंगा संवर्धन अभियान को समर्पित है। इस पृष्ठ पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा जल संरक्षण कार्यों के भूमिपूजन-लोकार्पण और जनसामान्य को जल संरक्षण के लिए प्रेरित करने का दृश्य अंकित है। माह सितम्बर 2026 का पृष्ठ, प्रधानमंत्री आवास योजना के लक्ष्य ‘सबको आवास-सबका विकास’ को दर्शा रहा है। राज्यपाल मंगुभाई पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. यादव, प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना के अंतर्गत खुशियों की चाबी के रूप में जिला पंचायत जबलपुर की हितग्राही को घर की चाबी सौंप रहे हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार किसानों के हर दुख-दर्द और समस्या में सहानुभूति और सहयोग के लिए उनके साथ है। माह अक्टूबर 2026 का चित्र “अन्नदाता को सरकार का साथ” के इस भाव को दर्शा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मौसम की मार से खराब हुई फसल से व्यथित किसान को हरसंभव सहयोग का संदेश दे रहे है। माह नवम्बर 2026 का चित्र “देश की तरक्की और समृद्धि में स्वदेशी अभियान की भूमिका” और मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा शिल्पियों व कारीगरों को प्रोत्साहन के लिए किए जा रहे प्रयासों को दर्शा रहा है। इसी क्रम में माह दिसम्बर 2026 का पृष्ठ किसानों की उपज का उचित मूल्य दिलाने के लिए संचालित भावांतर योजना पर केन्द्रित है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा भावांतर योजना के अंतर्गत किसानों के खातों में राशि अंतरित करने का चित्र प्रकाशित किया गया है। शासकीय कैलेंडर के अंत में वर्ष 2027 के 12 महीनों का चार्ट भी एक पृष्ठ पर संलग्न है।

छत्तीसगढ़ की प्राचीन धरोहर को मिलेगी नई पहचान – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

छत्तीसगढ़ की प्राचीन धरोहर को मिलेगी नई पहचान – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज कबीरधाम ज़िले के भोरमदेव धाम में आयोजित कार्यक्रम में भोरमदेव कॉरिडोर विकास परियोजना का भूमिपूजन किया। इस अवसर पर उन्होंने नववर्ष 2026 की शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि नए वर्ष की शुरुआत ऐसे ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण कार्य से होना छत्तीसगढ़ के लिए सौभाग्य की बात है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आज का दिन छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का क्षण है। भोरमदेव कॉरिडोर विकास परियोजना राज्य की प्राचीन धरोहर को नई ऊँचाइयों पर ले जाने का प्रतीक है। कबीरधाम जिले के इस भोरमदेव धाम में महादेव शिव की आराधना, अतुलनीय प्राकृतिक सौंदर्य और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत एक साथ
दिखाई देती है।

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की स्वदेश दर्शन योजना 2.0 के तहत भोरमदेव कॉरिडोर विकास परियोजना का भूमिपूजन किया जा रहा है। यह परियोजना लगभग 146 करोड़ रुपये की लागत से वाराणसी के काशी विश्वनाथ कॉरिडोर की तर्ज पर विकसित की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे बेहतर शुरुआत नए वर्ष की नहीं हो सकती थी और इस परियोजना के लिए उन्होंने समस्त छत्तीसगढ़वासियों को बधाई दी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भोरमदेव की महत्ता को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान देने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने इस पहल के लिए केंद्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत के प्रति आभार व्यक्त किया।

भोरमदेव मंदिर के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हरे-भरे वनांचल के बीच स्थित इस मंदिर को “छत्तीसगढ़ का खजुराहो” कहा जाता है। यह केवल मंदिर ही नहीं, बल्कि हजार वर्षों की साधना, स्थापत्य कला और सांस्कृतिक चेतना का जीवंत प्रतीक है। यहाँ भगवान शिव की पूजा भोरमदेव के रूप में की जाती है, जहाँ शैव दर्शन, लोक आस्था और आदिवासी परंपराएँ एक साथ मिलकर भारतीय संस्कृति की विविधता में एकता का अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत करती हैं।

उन्होंने कहा कि सावन के महीने में निकलने वाली कांवड़ यात्रा यहाँ की एक महत्वपूर्ण परंपरा है और उन्हें स्वयं कांवड़ियों का स्वागत करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राकृतिक सौंदर्य के मध्य स्थित भोरमदेव मंदिर, मड़वा महल और छेरकी महल ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक महत्व रखते हैं। मंदिर की दीवारों पर उत्कीर्ण भव्य शिल्पाकृतियाँ खजुराहो की कला से तुलना योग्य हैं। नागवंशी शासनकाल में निर्मित नागर शैली की यह अद्वितीय वास्तुकला अपने आप में अद्भुत है। यह स्थल न सिर्फ धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि क्षेत्रीय इतिहास, कला और सामाजिक जीवन का सशक्त साक्ष्य भी है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि महाशिवरात्रि पर यह स्थान प्रमुख तीर्थ के रूप में हजारों श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है, जहाँ आदिवासी परंपराओं और शैव प्रथाओं का अनोखा संगम दिखाई देता है। मड़वा महल, जिसका संबंध विवाह मंडप से माना जाता है, तथा छेरकी महल की दीवारों पर अंकित वन और नदी से जुड़ी आकृतियाँ प्रकृति-निष्ठ जीवनदर्शन को दर्शाती हैं।

उन्होंने कहा कि भोरमदेव का यह संपूर्ण क्षेत्र धर्म और अध्यात्म के साथ-साथ पर्यटन का भी बड़ा केंद्र है, जिसे वर्तमान सरकार व्यापक रूप से विकसित करने जा रही है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने पर्यटन को उद्योग का दर्जा प्रदान किया है, जिससे पर्यटन क्षेत्र को संरचनात्मक मजबूती मिली है। नई पर्यटन नीति एवं होम-स्टे पॉलिसी के माध्यम से सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण के साथ रोजगार और निवेश के अवसर बढ़ रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर दशहरा सहित छत्तीसगढ़ के अनेक स्थानीय उत्सवों ने प्रदेश को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाई है। हमारी सांस्कृतिक परंपराएँ केवल मंदिरों और स्थापत्य तक सीमित नहीं हैं; बल्कि नाचा परंपरा, 13 पारंपरिक वाद्ययंत्र, लोकनृत्य और गीत हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के दर्पण हैं। उन्होंने उल्लेख किया कि धार्मिक आस्थाओं में यहाँ भगवान राम को ‘भाँचा राम’ या ‘वनवासी राम’ के रूप में पूजा जाता है क्योंकि उनके वनवास के लगभग 10 वर्ष दंडकारण्य क्षेत्र में व्यतीत हुए थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा युवाओं को पर्यटन क्षेत्र में प्रशिक्षण देकर रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। पूरे छत्तीसगढ़ में सड़कों का जाल बिछाया जा रहा है तथा रेल और हवाई सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है, जिससे दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुँचना सरल होगा और पर्यटन को नई गति मिलेगी। इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था भी मज़बूत होगी। उन्होंने कहा कि पिछले दो वर्षों में 7.83 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनसे पर्यटन सहित विभिन्न क्षेत्रों को नई दिशा मिलेगी।

केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने भोरमदेव महोत्सव स्थल पर काॅरिडोर के भूमिपूजन के बाद सभा को संबोधित करते हुए कबीरधाम जिले सहित पूरे प्रदेश के लिए आज का दिन ऐतिहासिक है। उन्होंने नववर्ष की बधाई देते हुए कहा कि बीते दो वर्षों में छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संकल्पों को धरातल पर उतारते हुए विकसित छत्तीसगढ़ की परिकल्पना को साकार करने का कार्य किया है। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद प्रदेश के विकास में सबसे बड़ी बाधा थी, जिसे समाप्त करने का बीड़ा राज्य सरकार ने उठाया है और आज प्रदेश नक्सलवाद की समाप्ति की दिशा में निर्णायक रूप से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि इससे न केवल छत्तीसगढ़, बल्कि पूरे देश के नागरिकों में यह विश्वास मजबूत हुआ है कि भारत को कमजोर करने वाली किसी भी ताकत या षड्यंत्र को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में आतंकवाद के विरुद्ध लिए गए कठोर निर्णयों ने देश की सुरक्षा नीति को नई मजबूती प्रदान की है।

केंद्रीय मंत्री शेखावत ने कहा कि सुशासन का प्रभाव आज देश-दुनिया में स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। भारत तेजी से विकसित राष्ट्र की ओर अग्रसर है। सड़कों, पुल-पुलियों एवं अन्य बुनियादी ढांचे के निर्माण के साथ-साथ प्रधानमंत्री आवास योजना, उज्ज्वला योजना, जल, बिजली, बैंक खाता और रोजगार जैसी सुविधाएं गरीबों के घर-घर तक पहुंच रही हैं।

केंद्रीय पर्यटन मंत्री ने कहा कि भोरमदेव मंदिर लगभग एक हजार वर्ष पुरानी ऐतिहासिक धरोहर है और इस कॉरिडोर निर्माण के माध्यम से आने वाले हजार वर्षों तक इसे संरक्षित रखने का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भोरमदेव मंदिर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की भी विशेष आस्था का केंद्र रहा है और यह परियोजना उनके कार्यकाल की स्मृति के रूप में कबीरधाम जिले को एक नई पहचान देगी। केंद्रीय मंत्री शेखावत ने कहा कि यह वर्ष परिवर्तन का वर्ष है और भारत को विश्व का सबसे शक्तिशाली राष्ट्र बनाने के प्रधानमंत्री मोदी के संकल्प में 140 करोड़ देशवासी सहभागी बनें।

उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा लगातार क्षेत्र का दौरा कर यहां के विकास के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। चैत्र माह के तेरहवीं तिथि को भोरमदेव महोत्सव का आयोजन किया जाता है, पिछले वर्ष जब स्वदेश दर्शन योजना में शामिल करने के लिए हमने केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत से निवेदन किया था और भोरमदेव महोत्सव के दिन हमें स्वीकृति प्राप्त हो गयी थी और आज भूमिपूजन भी सम्पन्न हो गया है। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में भोरमदेव की तरह ही आस्था का केंद्र माने जाने वाले पंचमुखी बूढ़ा महादेव मंदिर का भी अब विकास किया जा रहा है।

कार्यक्रम मे उपमुख्यमंत्री अरुण साव, केन्द्रीय आवासन और शहरी कार्य राज्यमंत्री तोखन साहू, सांसद संतोष पाण्डेय, पंडरिया विधायक मती भावना बोहरा, पर्यटन मंडल के अध्यक्ष नीलू शर्मा, गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष विशेषर पटेल, राज्य कृषक कल्याण परिषद् के अध्यक्ष सुरेश चंद्रवंशी सहित अन्य गणमान्य नागरिक एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

नववर्ष पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय व केंद्रीय पर्यटन मंत्री ने भोरमदेव मंदिर में की पूजा-अर्चना

नववर्ष पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय व केंद्रीय पर्यटन मंत्री ने भोरमदेव मंदिर में की पूजा-अर्चना
नववर्ष के प्रथम दिवस पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय एवं केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने कबीरधाम जिले के ऐतिहासिक भोरमदेव मंदिर पहुंचकर पूजा अर्चना की । उन्होंने मंदिर के गर्भगृह में विधिवत पूजा-अर्चना एवं आरती कर प्रदेश की सुख-समृद्धि, खुशहाली और जनकल्याण की कामना की।

इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, उप मुख्यमंत्री अरुण साव एवं विजय शर्मा, पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल, विधायक मती भावना बोहरा सहित अनेक जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

माल्या से जुड़ी शराब कंपनी पर मेहरबानी: नियमों को दरकिनार कर बिक गई लीज की साढ़े 3 एकड़ जमीन

माल्या से जुड़ी शराब कंपनी पर मेहरबानी: नियमों को दरकिनार कर बिक गई लीज की साढ़े 3 एकड़ जमीन
स्थानीय गोविंदपुरा इंडस्ट्रियल एरिया में भगोड़े लिकर किंग विजय माल्या से जुड़ी कंपनी को आवंटित साढ़े तीन एकड़ जमीन बिकवाने में नियमों की जमकर धज्जियां उड़ाई गई। इस मामले में न सिर्फ ​लीज नियमों को अनदेखा किया गया,बल्कि पर्यावरण से जुड़े अहम मामले भी नजर अंदाज हुए।

एक जमाने में भारत के लिकर किंग रहे माल्या की शराब कंपनी शॉ वालेज पर सूक्ष्म,लघु व मध्यम उद्योग विभाग के अफसरों की दरियादिली चर्चा में है। एक दिन पहले ही विभाग के मंत्री चेतन काश्यप ने द सूत्र के इस मामले का खुलासा किए जाने पर जांच कराए जाने की बात कही।

अफसरों ने विभागीय रिपोर्ट को भी किया अनदेखा

विभाग के जिम्मेदार अफसरों ने न सिर्फ 18 साल पहले निरस्त लीज की बहाली में दिलचस्पी ली,बल्कि बहाली के चंद माह बाद ही इसे बिकवाने में कंपनी को भरपूर सहयोग किया। इसका खुलासा अपील प्रकरण के मिनट्स से होता है।
सूत्रों के अनुसार,औद्योगिक क्षेत्र की लीज वाली जमीन को सिर्फ तब ही बेचा जा सकता है,जब संबंधित निवेशक ने कुल निवेश की करीब 50 फीसदी राशि उद्योग की स्थापना में खर्च की हो। मे.शॉ वालेज और बाद में मे.यूनाइटेड स्प्रिट्स हुई इस कंपनी से जुड़े अपील केस में दर्ज दस्तावेज कुछ और ही तस्वीर बयां करते हैं।

प्रकरण को लेकर साल 2007 से 2015 तक दो बार और इसके बाद साल 2023 में अंतिम सुनवाई हुई। प्रकरण से जुड़े दस्तावेजों में इस बात का साफ तौर पर जिक्र है कि मौके पर कंपनी का उत्पादन लंबे समय से बंद था। मौके पर कई बार सिर्फ दो चौकीदार मिले। जहां तक निवेश की बात है तो कंपनी ने ही अपने एक बयान में कहा कि शराब बॉ​टलिंग प्लांट की ​स्थापना में उसने सिर्फ 65 लाख की मशीनरी लगाई। अन्य मशीनों की स्थापना भविष्य में किए जाने का जिक्र भी इसमें हैं। कंपनी की ओर से उद्योग में सिर्फ 50 लोगों को रोजगार देने की बात भी कही।

किराए पर हो रहा था ज्यादातर काम
विभागीय निरीक्षण रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि कंपनी में मौके पर पुरानी शराब बॉटल्स की धुलाई का काम किराए पर ​कराया जा रहा है। कई बार तो निरीक्षण के दौरान यूनिट बंद व मौके पर कंपनी के प्रति​निधियों के नहीं मिलने से निरीक्षण नहीं हो सकने की बात भी रिपोर्ट में कही गई। बावजूद इन तथ्यों को नजरअंदाज करते हुए विभाग ने 18 साल पहले निरस्त लीज को बहाल कर कंपनी की राह आसान कर दी।

तीन माह बाद ही जमीन बेचने का खेल शुरू
लीज बहाली के तीन माह बाद ही शराब कंपनी ने लीज की जमीन को बेचने की प्रक्रिया शुरू कर दी। इस काम में ​उद्योग विभाग के अफसरों का भी पूरा सहयोग उसे मिला। इसका आकलन इस बात से किया जा सकता है कि 4 जनवरी 2024 को शराब कंपनी की ओर से एक सादा आवेदन जिला उद्योग केंद्र भोपाल के तत्कालीन महाप्रबंधक कैलाश मानेकर को दिया गया।

औपचारिकता पूरी करने चंद मिनट बाद ही थमाया जवाबी पत्र
महाप्रबंधक मानेकर ने भी देर नहीं की और चंद मिनट बाद ही कंपनी को जवाबी पत्र देकर शेष औपचारिकताएं पूरी करने का सुझाव दे डाला। इसके बाद,एक पखवाड़े में ही जमीन की नई लीज,​रजिस्ट्री भोपाल की एक लोकल फर्म के नाम हो गई। इस फर्म ने भी देर नहीं की। इसने अपनी माली हालत का हवाला देकर एक अन्य फर्म को जमीन का बड़ा हिस्सा बेच दिया। इन तमाम कामों में उद्योग विभाग के जिम्मेदार अफसरों ने बढ़ चढ़कर क्रेता,विक्रेता की मदद की।

मल्टी स्टोरीज काम्पलेक्स के लिए मिलती जगह
एमएसएमई विभाग गोविंदपुरा औद्योगिक क्षेत्र में 105 ब्लॉक्स का बहुमंजिला भवन तैयार करा रहा है। इसके लिए जगह तलाशने में उसे कड़ी मशक्कत करनी पड़ी,जबकि यूनाईटेड स्प्रिटस कंपनी केस में तत्कालीन महाप्रबंधक संजय पाठक ने साल 2014 में पेश अपनी रिपोर्ट में कहा था कि शराब कंपनी को भूखंड क्रमांक 111 की 60 हजार वर्गफीट जमीन ट्रीटमेंट प्लांट व वृक्षारोपण के लिए आंवटित की गई,लेकिन कंपनी की ओर से यह दोनों ही काम नहीं किए गए। पाठक ने रिपोर्ट में आगे कहा कि यदि इस जमीन को वापस लिया जाता है तो इसे फ्लैटेड इंडस्ट्रीज की तौर पर विकसित किया जा सकता है।

जमीन बेचने 50 परसेंट निवेश जरूरी: आयुक्त
एमएसएमई ​आयुक्त दिलीप कुमार से लीज वाली जमीन के विक्रय संबंधी नियमों को लेकर जाना। ​आयुक्त ने कहा कि यह तब ही संभव है जब लीज धारक कंपनी ने ब्रेवरीज कंपनी की स्थापना
की कुल लागत का करीब 50 फीसद निवेश कर लिया हो और उसकी इकाई चालू हालत में हो। ज्ञातव्य हो कि सितंबर 2023 में की गई लीज बहाली व जमीन विक्रय के दौरान कंपनी इन दोनों ही शर्तों पर खरी नहीं थी। बावजूद इसके विभाग ने उसे जमीन बेचने की अनुमति दी। इसे लेकर विभाग के अधिकारी अब दबी जुबान में कह रहे हैं कि हो सकता है,उस समय कुछ विशेष परिस्थितियां पैदा हुई हों।

सरकारी जमीन खुर्द—बुर्द होने की टाइम लाइन काबिल—ए—गौर

शराब कंपनी की लीज बहाली व बाद में उसकी जमीन के विक्रय की टाइम लाइन काबिले गौर है।

— साल 2007 में निरस्त लीज को 28 अगस्त 2023 को बहाल किया गया। तब सरकार चुनाव मोड में थी।

— इस फैसले के करीब सवा माह बाद ही यानी 9 अक्टूबर 2023 को विधानसभा चुनाव घोषित हो गए।

— 13 दिसंबर 2023 को प्रदेश में नई सरकार बनी। प्रदेश का मुखिया बदला।

— नई सरकार अपना कामकाज ठीक तरह से शुरू कर पाती है,इससे पहले ही 4जनवरी 2024 को यानी सरकार बनने के करीब 20 दिन बाद ही लीज पुन: हासिल कर चुकी कंपनी ने जमीन को बेचने का आवेदन दिया।

—जमीन विक्रय का आवेदन मिलने के चंद मिनट बाद ही यानी 4 जनवरी को ही जिला महाप्रबंधक ने कंपनी को विक्रय के लिए शेष औपचारिकताएं पूरी करने जरूरी दस्तावेजों की मांग वाला पत्र सौंपा।

—करीब एक पखवाड़े में जमीन की रजिस्ट्री व लीज भोपाल की हर्ष पैकेजिंग के नाम हो गई।

—अगले महीने यानी फरवरी 2024 में हर्ष पैकेजिंग ने गुरुकृपा फर्म को जमीन का एक बड़ा हिस्सा बेच दिया।

— इस तरह,शराब कंपनी को गोविंदपुरा के भूखंड क्रमांक 68 से 70,73 ए,73बी व 74 और 111 की करीब 1 लाख45 हजार 200 वर्गफीट (3.44 एकड़) जमीन एक नहीं दो बार बिक गई।

anath-bachchon-ke-liye-sarkari-yojana-2026

अनाथ बच्चों के लिए सरकार की खास योजनाएँ, पढ़ाई से लेकर आर्थिक सहायता तक

0
नई दिल्ली | सरकारी योजना समाचार देश में ऐसे कई बच्चे हैं, जिन्होंने अपने माता-पिता को खो दिया है या जिनके पास देखभाल करने वाला...
Government welfare schemes have improved the living standards of 22 crore people

सरकारी कल्याण योजनाओं से 22 करोड़ लोगों के जीवन स्तर में सुधार, MoSPI के...

0
नई दिल्ली। भारत में सरकारी सामाजिक कल्याण योजनाओं के माध्यम से गरीब और जरूरतमंद परिवारों को मिलने वाली मुफ्त या रियायती वस्तुओं से उनके...

भोपाल AIIMS में अंगदान से 3 लोगों को नई जिंदगी की उम्मीद, शिवानी को...

0
भोपाल/नर्मदापुरम। अपनों को खोने का दर्द कितना गहरा होता है, यह उस परिवार से बेहतर कौन समझ सकता है, जिसने सड़क हादसे में अपनी...
social welfare 2026

₹53,428 करोड़ की सामाजिक सहायता योजना मंजूर, दिव्यांग पेंशन के नियमों में बदलाव

0
नई दिल्ली, 16 अक्टूबर। केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (NSAP) को अगले पांच वर्षों तक जारी रखने के लिए ₹53,428 करोड़ की...
PM-USP CSSS Scholarship Renewal 2026-27

PM-USP CSSS Scholarship Renewal 2026-27: 31 अक्टूबर तक करें आवेदन, जानें पात्रता, जरूरी दस्तावेज...

0
भोपाल | KOLAR18.COM | Social Welfare & Education News कॉलेज और विश्वविद्यालय में पढ़ाई कर रहे विद्यार्थियों के लिए छात्रवृत्ति से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी सामने...