PPF-SSY समेत स्मॉल सेविंग स्कीम पर ब्याज दरों का एलान

PPF-SSY समेत स्मॉल सेविंग स्कीम पर ब्याज दरों का एलान
नए साल से एक दिन पहले सरकार ने वित्त वर्ष 2025-26 की आखिरी तिमाही के लिए विभिन्न स्मॉल सेविंग स्कीम्स पर ब्याज दरों को लेकर सरकार का फैसला आ गया है।

वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही (1 जनवरी, 2026 से 31 मार्च, 2026 तक) के लिए विभिन्न छोटी बचत योजनाओं (Small Savings Schemes) पर ब्याज दरें, वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही (1 अक्टूबर, 2025 से 31 दिसंबर, 2025) के लिए घोषित दरों के समान ही रहेंगी। सरकार ने पिछली बार छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों में अप्रैल 2024 में बदलाव किया था।

जनवरी-मार्च तिमाही के लिए कितनी होगी ब्याज दर
इसका मतलब है कि वित्त वर्ष 2025-26 की जनवरी-मार्च तिमाही के लिए पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉजिट, पोस्ट ऑफिस मंथली इनकम स्कीम, पोस्ट ऑफिस सेविंग्स अकाउंट, पोस्ट ऑफिस रिकरिंग डिपॉजिट, पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF), नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट (NSC), सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम (SCSS), किसान विकास पत्र (KVP), सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) अकाउंट जैसी स्कीमों की दरों में कोई बदलाव नहीं हुआ है।

वित्त मंत्रालय के नोटिफिकेशन के अनुसार, PPF के लिए ब्याज दरें 7.1% होंगी, जबकि SCSS और SSY पर 8.2 प्रतिशत की ब्याज दर मिलती रहेगी।

पोस्ट ऑफिस सेविंग्स डिपॉजिट में ब्याज दर 4% होगी, जबकि टाइम डिपॉजिट स्कीम के लिए दर 6.7% से 7.5% के बीच होगी।

अन्य पॉपुलर छोटी बचत योजनाओं में, NSC पर जनवरी-दिसंबर तिमाही के लिए 7.7% ब्याज दर होगी, जबकि किसान विकास पत्र पर यह दर 7.5 प्रतिशत होगी।

मंथली इनकम स्कीम, जिससे जमाकर्ताओं को हर महीने इनकम होती है, उस पर जनवरी-दिसंबर तिमाही के लिए 7.4 प्रतिशत की ब्याज दर मिलती रहेगी।

मुख्यमंत्री निवास पर हुआ “सशक्त और समर्थ नारी” संवाद कार्यक्रम

मुख्यमंत्री निवास पर हुआ “सशक्त और समर्थ नारी” संवाद कार्यक्रम
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश सरकार प्रदेश की सभी माताओं-बहनों के सम्मान और सशक्तिकरण के लिए कार्य कर रही है। केंद्र सरकार ने देश की संसद में आधी आबादी को 33 प्रतिशत आरक्षण दिया है। प्रदेश के नगरीय निकायों और शासकीय सेवाओं में भी 35 प्रतिशत स्थान महिलाओं के लिए आरक्षित हैं। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में बहनें आज भारतीय सेनाओं में भी शीर्ष पद प्राप्त करते हुए आगे बढ़ रही हैं। प्रदेश की बहनें आर्थिक-सामाजिक रूप से संपन्न और आत्मविश्वास से भरी हों, इस उद्देश्य से हमारी सरकार ने अनेक कल्याणकारी योजनाओं की शुरुआत की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में महिलाओं को उद्योग स्थापित करने के लिए सब्सिडी दी जाती है। साथ ही अधिक से अधिक बहनें संपत्ति की मालिक बनें, इसके लिए रजिस्ट्री में अतिरिक्त 2 प्रतिशत छूट का लाभ प्रदान किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंगलवार को ‘सशक्त नारी-समर्थ नारी’ संवाद कार्यक्रम के अंतर्गत मुख्यमंत्री निवास पधारी प्रबुद्ध महिलाओं, आजीविका मिशन से जुड़ी महिलाओं तथा ड्रोन दीदीयों से आत्मीय चर्चा में यह विचार व्यक्त किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बहनों के साथ समूह चित्र भी खिंचवाया। बालिका सरगम कुशवाह ने मधुर देशभक्ति गीत प्रस्तुत किया, मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बेटी सरगम को 51 हजार रूपए की राशि सम्मान और प्रोत्साहन स्वरूप देने की घोषणा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बहन-बेटियों से इस प्रकार संवाद का क्रम आगामी माहों में भी जारी रहेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज महिलाएँ नहीं बहने मेरे घर आयी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की आत्मीयता ने बहनों को भाव विभोर कर दिया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपनी सफलता के लिये बड़ी बहन कलावती यादव को श्रेय देते हुए कहा कि बड़ी बहन ने ही उन्हें राजनीति में आने के लिए प्रेरित करने के साथ आवश्यक सहयोग व प्रोत्साहन प्रदान किया। मां और बहन के संस्कार, प्रेम और उनके द्वारा दी गई हिम्मत ही उनके आगे बढ़ने का आधार बनी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारे परिवार में बहू भी बेटी समान है, और दोनों ही दुलार, स्नेह और सम्मान की बराबर की हकदार हैं। सनातन संस्कृति मातृ सत्ता पर आधारित संस्कृति है। मां ही हम सभी के जीवन मे पहली गुरु होती है। विश्व में भारत ही ऐसा राष्ट्र है, जहां देश को माता के भाव से जोड़ा जाता है। जैसे मां के आंचल में सुख और सुरक्षा का भाव आता है, वैसे ही देश की सत्ता से भी आम आदमी को सुख और सुरक्षा का एहसास हो, यही हमारा उद्देश्य है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में विकास के साथ विरासत को संरक्षण प्रदान करते हुए गतिविधियां संचालित की जा रही है। राज्य में औद्योगिक विकास के साथ-साथ चिकित्सा सुविधाओं को विस्तार दिया जा रहा है। प्रदेश में जन-निजी भागीदारी (पीपीपी मोड) पर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल खोलने के लिए लीज पर 25 एकड़ भूमि तक उपलब्ध कराई जा रही है। मध्यप्रदेश देश में यह नवाचार करने वाला पहला राज्य है। प्रदेश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है।। राज्य सरकार आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के मेधावी विद्यार्थियों की एमबीबीएस की 70 से 80 लाख रुपए तक फीस भर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में देहदान और अंगदान को प्रोत्साहन देने के लिए गार्ड ऑफ ऑनर देने की परंपरा शुरू की गई है। इसका सकारात्मक प्रभाव हुआ है। हमारी सरकार ने ऐलोपैथी के साथ-साथ आयुर्वेदिक एवं पैरामेडिकल क्षेत्र में शिक्षा एवं रोजगार के अवसरों को बढ़ाया है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में महिला उद्यमियों के स्टार्ट-अप में उपलब्ध अवसरों पर चर्चा करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश वह राज्य है, जो औद्योगिक विकास में सबसे तेज गति से आगे बढ़ रहा है। प्रदेश स्टार्ट-अप्स शुरू करने में अग्रणी हैं। राज्य सरकार ने बीते 2 वर्षों से लगातार स्टार्ट-अप्स को प्रोत्साहित कर रही है। इनमें अधिकांश का नेतृत्व प्रदेश की महिला उद्यमी कर रही हैं। राज्य सरकार सूक्ष्म उद्योग, लघु एवं कुटीर उद्योग से लेकर हैवी इंडस्ट्री तक महिलाओं को हर संभव सहयोग प्रदान कर रही है। प्रदेश में लागू की गईं 18 नई नीतियों में महिलाओं को केंद्र में रखा गया है। गुजरात मॉडल पर औद्योगिक विकास को गति देने के लिए भोपाल में पहली बार जीआईएस का आयोजित की गई। उससे पहले संभाग स्तर पर रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव की गईं। इन सभी प्रयासों से राज्य को मिले बंपर निवेश और औद्योगिक विकास की संभावनाओं का लाभ महिलाओं को भी मिल रहा है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विगत 2 वर्षों में राज्य सरकार ने महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए अनेक कार्य किए हैं। इसका प्रभाव सभी क्षेत्रों में दिख रहा है। लाड़ली बहना योजना से घरों के वातावरण में बदलाव आया है। महिलाओं के आर्थिक स्वावलंबन के साथ-साथ उनका आत्मविश्वास और आत्मसम्मान बढ़ा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के कई जिलों में कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक (एसपी) का दायित्व महिलाएं निभा रही हैं। जीवन के लगभग सभी क्षेत्रों में महिलाएं पूर्ण दायित्व के साथ चुनौतीपूर्ण भूमिकाओं का निर्वहन कर रही हैं। शिक्षण संस्थाओं में भी बालिकाएं ही मेरिट लिस्ट में अग्रणी दिखाई देती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा ‍कि राज्य सरकार महिलाओं की प्रगति में हर कदम पर उनके साथ है। राज्य में सप्ताह में 5 दिन कार्यालय लगने से नौकरीपेशा महिलाओं को सुविधाएं हुई हैं।

अनूठा आयोजन – सीधा संवाद

प्रदेश की विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य कर रही बहनों से मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सीधा संवाद किया। इस अनूठे आयोजन में स्वास्थ्य, शिक्षा, टेक्सटाइल, व्यापार और अन्य क्षेत्रों में सक्रिय बहनों ने अपने अनुभव, चुनौतियां और नवाचार साझा किए।

संवाद की शुरुआत में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह केवल संवाद नहीं, बल्कि समाज की उस जीवंत परंपरा का विस्तार है जिसमें बहनें जमीन से आसमान तक हर कदम आगे बढ़ते हुए सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में आज नारी शक्ति केवल भागीदार नहीं, बल्कि नेतृत्व की सक्रिय भूमिका में है।

माँ के दिये संस्कार हैं हमारी धरोहर

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बहनों से संवाद करते हुए कहा कि माँ द्वारा दिए गए संस्कार हमारी धरोहर हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपनी माँ का पुण्य स्मरण करते हुए कहा कि उनकी माँ उनमें और उनके मित्रों में कोई भेद नहीं करती थीं। सबको समान रूप से प्रेम और स्नेह मिलता था। उनका प्रयास है कि माँ के दिये संस्कारों के अनुरूप वे भी कार्य कर सके।

मुख्यमंत्री ने सरगम के सुर को किया सम्मानित, 51 हजार रुपए का दिया नगद पुरस्कार

कार्यक्रम के दौरान बालिका सरगम कुशवाह ने राष्ट्र भक्ति गीत गाया। उसकी सुरमई और आत्मविश्वासपूर्ण प्रस्तुति ने सभी का ध्यान आकृष्ट किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सरगम की प्रतिभा की सराहना करते हुए उसे कंठ कोकिला कहकर संबोधित किया और 51 हजार रुपए का पुरस्कार देकर सम्मानित भी किया। सरगम के सुरों से निकले 51 हजार रुपए नन्ही प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के प्रति मुख्यमंत्री की संवेदनशील सोच को दर्शाते हैं।

हमने प्रशासन की ज़िम्मेदारी दी है नारी शक्ति के हाथ

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संवाद करते हुए कहा कि आज प्रदेश के 17 जिलों में महिलाएं कलेक्टर हैं। इसके साथ ही प्रदेश के 16 में से 9 नगरीय निकायों में महिलाएं महापौर हैं। इनमें 7321 पार्षदों में 4154 महिलाएं पार्षद हैं। इसी प्रकार 875 जिला पंचायत सदस्यों में 519 महिलाएं और 6771 जनपद पंचायत सदस्यों में 4068 महिलाएं सदस्य हैं। प्रदेश की 22923 ग्राम पंचायतों में 12319 ग्राम पंचायतों में महिलाएं सरपंच हैं। यह मध्यप्रदेश में महिलाओं के सशक्तिकरण को प्रदर्शित करता है। इसके अतिरिक्त कई जिलों में एसपी, नगर निगम अध्यक्ष, नगर पालिका अध्यक्ष और जिला पंचायत अध्यक्ष जैसे दायित्व को बहनें बखूबी संभाल रही हैं। यह बदलाव दर्शाता है कि आधी आबादी से सीधा संवाद अब नीतियों और प्रशासन में भी दिखने लगा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नारी शक्ति की यह भूमिका समाज को संतुलित, संवेदनशील और मजबूत बनाने में अहम है।

साध्वी ज्ञानेश्वरी दीदी कैंसर मरीजों की कर रही है सेवा

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि महिलाएं हर क्षेत्र में नवाचार करते हुए नये-नये कीर्तिमान रच रही है। उन्होंने जबलपुर की साध्वी ज्ञानेश्वरी दीदी की चर्चा करते हुए बताया कि वे आध्यात्मिक आश्रम के साथ ही कैंसर मरीजों की सेवा भी कर रही है। उन्होंने बताया कि उनके द्वारा स्थापित चिकित्सा संस्थान “विराज हास्पिस” में ऐसे कैंसर मरीज आते हैं जो कि अंतिम समय तक आश्रम में ही रहते हैं। ज्ञानेश्वरी दीदी ऐसे मरीजों का उनके अंतिम समय तक उपचार भी कराती है।

महिला सशक्तिकरण की मिसाल है रतलाम

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि महिला सशक्तिकरण की एक मिसाल रतलाम जिले ने भी कायम की है। जिले में अधिकांश प्रमुख पदों को महिलाएं सुशोभित कर रही हैं। यहाँ कलेक्टर मीसा सिंह, सीईओ जिला पंचायत सु वैशाली जैन, अपर कलेक्टर डॉ. सारणी वास्तव, उप संचालक कृषि नीलम चौहान, उप संचालक जनसम्पर्क अनुराधा गहरवाल, सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग रंजना सिंह, मुख्य स्वास्थ्य एवं चिकित्सा अधिकारी डॉ. संध्या बेलसेरे, डीन मेडिकल कॉलेज डॉ. अनिता मुथा, उप संचालक सामाजिक न्याय संध्या शर्मा, डिस्ट्रीक कमांडेंड होमगार्ड रोशनी बिलवाल, एसडीएम रतलाम शहर आर्ची और एसडीएम आलोट रचना शर्मा है।

भारतीय वस्त्रों को आधुनिक पहचान दे रहीं दीपाली शर्मा

टेक्सटाइल क्षेत्र से जुड़ी दीपाली शर्मा ने संवाद में बताया कि वे और उनकी बहन मिलकर पिछले 12–13 वर्षों से हैंडलूम आधारित परिधान ब्रांड चला रही हैं। बाग प्रिंट, चंदेरी फैब्रिक, हैंडलूम खादी और पारंपरिक भारतीय वस्त्रों को आधुनिक सिलुएट और कस्टमाइजेशन के साथ नई पीढ़ी तक पहुंचाना उनका लक्ष्य है। उन्होंने बताया कि उनका कार्य केवल फैशन तक सीमित नहीं, बल्कि सीधे कारीगरों से जुड़कर हैंडलूम को सशक्त करना है। उनके संस्थान में 50 प्रतिशत से अधिक महिलाएं कार्यरत हैं, जिससे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से बहनों को रोजगार मिल रहा है। भारतीय पारंपरिक परिधानों की वैश्विक मांग का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि उनके उत्पाद देश-विदेश में पसंद किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि जल्द ही वे मैन्युफैक्चरिंग यूनिट शुरू कर और अधिक महिलाओं को मंच उपलब्ध कराएंगी।

परंपरा से आधुनिकता तक – रेनू नायक

भोपाल की उद्यमी सु रेनू नायक ने यह सिद्ध कर दिया है कि यदि सोच स्पष्ट हो और दृष्टि नवाचारी, तो परंपरा और आधुनिकता का सुंदर संगम संभव है। रेनू नायक “सिग्नेचर बुटीक” का संचालन करती हैं, जहाँ वे आने वाली पीढ़ी को ध्यान में रखते हुए नए और समकालीन डिज़ाइन के परिधान तैयार करती हैं। उनकी विशेषता यह है कि वे प्राचीन महेश्वरी और बाग बटिक जैसे पारंपरिक प्रिंट्स को आधुनिक वेस्टर्न परिधानों के साथ सशक्त रूप से प्रस्तुत कर रही हैं। रेनू नायक का मानना है कि भारतीय और पारंपरिक वस्त्र केवल विरासत नहीं, बल्कि आज की फैशन इंडस्ट्री की सशक्त पहचान भी बन सकते हैं। इसी सोच के साथ वे शासकीय एम्पोरियम मृगनयनी जैसे प्रतिष्ठित मंचों के साथ भी कार्य कर रही हैं, जिससे स्थानीय कारीगरों और पारंपरिक कला को व्यापक पहचान मिल रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आभार मानते हुए कहा कि क्षेत्रीय कॉन्क्लेव, एमएसएमई संवाद और ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट जैसी पहलें नवोदित उद्यमियों के लिए अत्यंत प्रेरणादायक हैं। मुख्यमंत्री का सकारात्मक संवाद और उद्यमियों के प्रति सहयोगात्मक दृष्टिकोण प्रदेश में नए व्यवसायों को आगे बढ़ने का आत्मविश्वास देता है।

स्वास्थ्य सेवा में जन-आंदोलन बना ‘मुक्त’ अभियान : डॉ. पूजा त्रिपाठी

संवाद में शामिल (प्रो.) डॉ. पूजा त्रिपाठी, सुपर स्पेशलिस्ट डेंटिस्ट एवं संस्थापिका ग्लोबल वेलफेयर स्माइल फाउंडेशन, ने मुख कैंसर के खिलाफ अपने 15 वर्षों के अभियान की जानकारी साझा की। वर्ष 2011 से वे तंबाकू मुक्त समाज के लक्ष्य के साथ निरंतर कार्य कर रही हैं। डॉ. पूजा त्रिपाठी ने बताया कि उनका ‘मुक्त’ अभियान आज एक जन-आंदोलन का रूप ले चुका है। वर्ष 2017 में हजारों लोगों को तंबाकू छोड़ने की शपथ दिलाकर उन्होंने विश्व रिकॉर्ड स्थापित किया। वहीं वर्ष 2025 में एक ही दिन, एक ही समय पर लगभग डेढ़ लाख लोगों को तंबाकू छोड़ने की शपथ दिलाकर नया विश्व रिकॉर्ड बनाया। उनकी संस्था स्कूलों, कॉलेजों, विश्वविद्यालयों और औद्योगिक इकाइयों में जाकर जागरूकता कार्यक्रम चलाती है, तंबाकू मुक्त क्षेत्र विकसित करती है और एमओयू के माध्यम से निरंतर अभियान संचालित करती है।

शिक्षा, संवेदना और सशक्तिकरण का संगम : डॉ. अंजली चौधरी

डॉ अंजली चौधरी, शिक्षा के साथ-साथ उद्यमिता और सामाजिक दायित्व की सशक्त मिसाल हैं। वे एलएनसीटी शैक्षणिक संस्थान में जैव प्रौद्योगिकी विभाग की प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष होने के साथ-साथ बाग मुगालिया में स्वयं की हरि लाइफ सांइसेस का सफल संचालन भी कर रही हैं। उनका मानना है कि विज्ञान केवल प्रयोगशाला तक सीमित नहीं, बल्कि समाज और जीवन को दिशा देने का माध्यम भी है। एक संवेदनशील उद्यमी के रूप में डॉ. अंजली चौधरी विद्यार्थियों को व्यक्तिगत एवं व्यावसायिक परामर्श प्रदान करती हैं। इसके साथ ही वे पारिवारिक परामर्श के माध्यम से अनेक परिवारों को मार्गदर्शन और समाधान उपलब्ध करा रही हैं। उनका उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल शैक्षणिक रूप से ही नहीं, बल्कि मानसिक और भावनात्मक रूप से भी सशक्त बनाना है, ताकि वे जीवन के हर क्षेत्र में संतुलित निर्णय ले सकें।

प्रेरणा और मिसाल: सु सरगम कुशवाह

जहाँ चाह होती है, वहाँ राह होती है—इस कथन को साकार करती हैं सु सरगम कुशवाह। सशक्त नारी–समर्थ नारी संवाद कार्यक्रम में उपस्थित सु सरगम कुशवाह के मधुर सुरों ने समां बाँध दिया और उपस्थित जनसमूह को भावविभोर कर दिया।

दृष्टिबाधित होते हुए भी सरगम ने अपने हुनर के दम पर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान स्थापित की है। बचपन से ही गायन में गहरी रुचि रखने वाली सरगम ने निरंतर अभ्यास और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ते हुए रियलिटी शोज़ में भी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया है। उनका मानना है कि संगीत केवल अभिव्यक्ति का माध्यम नहीं, बल्कि आत्मबल और संकल्प का स्वर है।

दीदी सुधाना पशु आहार से बढ़ा दुग्ध उत्पादन

बहन संगीता मालवीय ने बताया कि मैं आत्मनिर्भर महिला फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड, इच्छावर की बोर्ड सदस्य हूँ। हमारी कंपनी का गठन 31 जनवरी 2021 को एफपीओ योजना के अंतर्गत हुआ। आज कंपनी से 2,000 किसान शेयर धारक जुड़े हैं। हम उच्च गुणवत्ता के बीज, खाद, दवाइयाँ, प्रोम खाद और वर्मी कम्पोस्ट उपलब्ध कराते हैं। दुग्ध उत्पादक किसानों के लिए हमारा “दीदी सुधाना” पशु आहार तैयार किया गया है, जिसकी जांच में 96% तक पोषण क्षमता पाई गई है। इससे दुग्ध उत्पादन बढ़ा है। अब तक कंपनी ने 6.03 करोड़ रूपये का कारोबार और 4.5 लाख रूपये का शुद्ध लाभ अर्जित किया है। मालवीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, मुख्यमंत्री डॉ. यादव और मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन का धन्यवाद देती हैं, जिन्होंने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने के अवसर के साथ प्रोत्साहन दिया।

गर्व होता है कि हम मध्यप्रदेश की बेटियाँ हैं

बहन पिंकी तिवारी ने बताया कि मैं पिछले 18 वर्षों से ब्रॉडकास्ट इंडस्ट्री से जुड़ी हूँ। कम्युनिटी रेडियो सेट-अप से लेकर डॉक्यूमेंट्री, कॉर्पोरेट फिल्म मेकिंग, सरकारी कार्यक्रमों की होस्टिंग और वर्तमान में ब्रांडिंग, कम्युनिकेशन व मार्केटिंग के क्षेत्र में कार्य कर रही हूँ। मध्यप्रदेश में महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए लागू योजनाओं से हमें निरंतर सहयोग और प्रोत्साहन मिलता है। बाहर जाने पर गर्व से कहा जा सकता है कि हम मध्यप्रदेश की बेटियाँ हैं। उन्होंने कहा कि वे चाहती है कि मीडिया, ब्रॉडकास्टिंग और मार्केटिंग क्षेत्र में आगे बढ़ने वाली महिलाओं को ऐसा ही सहयोग मिलता रहे, ताकि वे प्रदेश का नाम रोशन करें।

नमो ड्रोन योजना से बदली वंदना केवट की ज़िंदगी

रायसेन जिले की सिलवानी जनपद के ग्राम भानपुर निवासी वंदना केवट स्व-सहायता समूह तथा नमो ड्रोन योजना की मदद से आर्थिक उन्नति कर प्रधानमंत्री मोदी के सपनों को साकार कर रहीं हैं। वंदना केवट अब अपने क्षेत्र में ड्रोन वाली दीदी के नाम से जानी जाती है। वंदना केवट बताती हैं कि स्व-सहायता समूह से जुड़कर उनके जीवन में बदलाव आया है। वह आर्थिक रूप से सक्षम हुईं हैं तथा समाज में भी मान-सम्मान बढ़ा है।

पूर्व मिसेज इंडिया अपेक्षा डबराल वास्तव बड़ी खुशी के साथ कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महिला सशक्तिकरण की जो मुहिम शुरू की है, उसके अंतर्गत बचपन से लेकर महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने तक के लिए अनेक योजनाएँ संचालित की जा रही हैं। गृहिणी महिलाओं के साथ-साथ उद्यमी महिलाओं को आगे बढ़ाने के लिए भी मध्यप्रदेश सरकार निरंतर और प्रभावी रूप से कार्य कर रही है।

निरंतर संवाद से सशक्त होती नारी शक्ति

यह पहला अवसर नहीं है जब मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बहनों से सीधा संवाद किया हो। वे नियमित रूप से विभिन्न क्षेत्रों में कार्य कर रही बहनों को अपने निवास पर आमंत्रित कर संवाद करते हैं। इन संवादों के माध्यम से वे उनके कार्यों, चुनौतियों और शासन-प्रशासन से जुड़ी अपेक्षाओं को समझते हैं और नीतिगत सुझावों को गंभीरता से लेते हैं। ऐसे संवाद बहनों को नई ऊर्जा और आत्मविश्वास से लबरेज करते हैं।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने ‘जशक्राफ्ट’ एवं जशपुर की जनजातीय मातृशक्ति के कौशल की सराहना की

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने ‘जशक्राफ्ट’ एवं जशपुर की जनजातीय मातृशक्ति के कौशल की सराहना की
भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने गुमला (झारखंड) में आयोजित अंतर्राज्यीय जन-सांस्कृतिक समागम ‘कार्तिक जतरा’ कार्यक्रम में जशपुर जिले की स्व-सहायता समूहों से जुड़ी जनजातीय महिलाओं के कार्यों, कौशल और आत्मनिर्भरता की प्रशंसा की। उन्होंने विशेष रूप से ‘जशक्राफ्ट’ से जुड़ी बहनों के प्रयासों का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके द्वारा तैयार किए जा रहे आभूषण एवं पर्यावरण-अनुकूल उत्पाद महिला सशक्तिकरण के सशक्त उदाहरण हैं।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने जशपुर वनमंडल अंतर्गत वन प्रबंधन समिति शब्दमुंडा, ग्राम कोटानपानी के स्व-सहायता समूह की महिलाओं द्वारा निर्मित उत्पादों को जनजातीय सृजनशीलता, आत्मनिर्भरता और सांस्कृतिक संरक्षण का प्रेरक प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के प्रयास न केवल आजीविका के साधन बढ़ाते हैं, बल्कि परंपरागत कला और हस्तशिल्प को नई पहचान भी दिलाते हैं।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि जशपुर की जनजातीय मातृशक्ति, विशेषकर ‘जशक्राफ्ट’ से जुड़ी बहनों के कौशल और स्वावलंबन की प्रशंसा पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का विषय है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्राम कोटानपानी की स्व-सहायता समूह की बहनों द्वारा तैयार आभूषण एवं पर्यावरण-अनुकूल उत्पाद हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और महिलाओं की मेहनत व सृजनात्मकता के जीवंत प्रतीक हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रपति का यह स्नेहपूर्ण आशीर्वाद और प्रोत्साहन जनजातीय मातृशक्ति के आत्मविश्वास, आत्मनिर्भर भारत के संकल्प तथा “वोकल फॉर लोकल” की भावना को और अधिक सशक्त करेगा। उन्होंने जशपुर की समस्त जनजातीय बहनों की ओर से राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया।

कार्यक्रम के दौरान जनजातीय हस्तशिल्प, पारंपरिक लोककला तथा स्व-सहायता समूहों के उत्पादों की प्रदर्शनी भी आकर्षण का केंद्र रही। छत्तीसगढ़ के प्रतिनिधि दल ने जशपुर जिले की विशिष्ट शिल्प परंपरा और स्थानीय उत्पादों का प्रदर्शन कर जनजातीय सशक्तिकरण का सशक्त संदेश दिया।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा कि युवाओं और आने वाली पीढ़ियों को जनजातीय समुदायों की परंपराओं से जोड़ना अत्यंत आवश्यक है। अपनी जनजातीय विरासत और पहचान को सुरक्षित रखते हुए हमारे युवाओं को आधुनिक विकास के मार्ग पर तेजी से आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि जनजातीय समुदाय के सभी सदस्य अपनी धरोहर को संजोए रखते हुए प्रगति के पथ पर निरंतर आगे बढ़ते रहेंगे।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि यह अत्यंत सौभाग्य की बात है कि मांझाटोली (झारखंड) में अंतरराज्यीय जन सांस्कृतिक समागम – कार्तिक यात्रा का आयोजन हुआ है। यह आयोजन न केवल सांस्कृतिक विरासत का सम्मान है, बल्कि जनजातीय समाज को जोड़ने वाला सेतु भी है। उन्होंने कहा कि इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में शामिल होना उनके लिए गर्व और आस्था दोनों का विषय है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में संपूर्ण देश भगवान बिरसा मुंडा की जयंती 15 नवंबर को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाता है।भगवान बिरसा मुंडा केवल एक महान स्वतंत्रता सेनानी ही नहीं, बल्कि जंगल, जल और जमीन की रक्षा के प्रतीक हैं। उनकी प्रेरणा ने आदिवासी समाज में आत्मगौरव की भावना को सशक्त किया है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पंकजराज साहेब कार्तिक उरांव जैसे जननायकों ने भी शिक्षा, सामाजिक एकता और जनजातीय पहचान के संरक्षण के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

मुख्यमंत्री साय ने अपने संबोधन में कहा कि एक समय था जब बस्तर क्षेत्र में नक्सलवाद ने विकास के रास्ते रोक रखे थे। सड़क, बिजली, पानी, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाएं वहां तक नहीं पहुंच पाती थीं लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के मजबूत नेतृत्व और स्पष्ट नीति के कारण अब स्थितियाँ बदल रही हैं। बस्तर में तेजी से विकास कार्य हो रहे हैं, सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ हुई है और शासन व्यवस्था गांव-गांव तक पहुंच रही है।

उन्होंने कहा कि नक्सलवाद अब अपनी अंतिम सांसें गिन रहा है। 400 से अधिक गांव नक्सली प्रभाव से मुक्त हो चुके हैं और लोगों के जीवन में नई उम्मीद जगी है। आज उन इलाकों में सड़क, बिजली, पानी, राशन, चिकित्सा सुविधाएं और शिक्षा के अवसर उपलब्ध हो रहे हैं। बस्तर के लोग लंबे समय से शांति और विकास चाहते थे, और अब उनका यह सपना धरातल पर उतरता दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में भी राज्य सरकार लगातार प्रयासरत है, जिससे स्थानीय युवाओं के लिए नए रोजगार के अवसर सृजित होंगे।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि यह भी हर्ष का विषय है कि पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी जी के दूरदर्शी नेतृत्व में ही झारखंड और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों का गठन संभव हो पाया। उन्होंने कहा कि आज इन राज्यों की जनता अपने अलग पहचान और तेज़ी से प्रगति के मार्ग पर आगे बढ़ रही है। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि तीनों राज्यों का यह सांस्कृतिक संगम आगे भी शांति, प्रगति और समृद्धि का संदेश देता रहेगा तथा नक्सलवाद पर निर्णायक विजय का अध्याय आने वाले समय में पूरा होगा।

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शराब पीकर वाहन चलाना पड़ सकता है महंगा

सुरक्षित नववर्ष की शुरूआत के लिए आज से चौक – चौराहों पर रहेगी यातायात पुलिस की नज़र

अनूपपुर/ नववर्ष के अवसर पर शहर की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अनूपपुर पुलिस पूरी तरह मुस्तैद रहेगी। पुलिस अधीक्षक अनूपपुर मोती उर रहमान (IPS) के निर्देश पर शहर के प्रमुख चौराहों पर विशेष निगरानी एवं सघन वाहन चेकिंग अभियान चलाया जाएगा। शराब पीकर वाहन चलाने वालों पर सख्त कार्यवाही की जाएगी। किसी भी प्रकार की लापरवाही, हुड़दंग या यातायात नियमों के उल्लंघन को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। नववर्ष के मद्देनज़र सामतपुर, अंडरब्रिज तिराहा एवं अमरकंटक तिराहा पर विशेष चेकिंग प्वाइंट लगाए गए हैं, जहाँ हर आने-जाने वाले वाहन चालक पर पैनी नजर रखी जाएगी। नववर्ष के जश्न में हुड़दंग करने वालों पर भारी कार्रवाई की जाएगी। आम नागरिकों से अपील है कि वे स्वयं सुरक्षित रहें, दूसरों की सुरक्षा का भी ध्यान रखें और शराब पीकर वाहन न चलाएं। यातायात नियमों का पालन कर नववर्ष को सुरक्षित, अनुशासित और खुशहाल बनाएं।

मध्यप्रदेश पुलिस की अवैध शराब के विरुद्ध प्रभावी कार्यवाही

मध्यप्रदेश पुलिस की अवैध शराब के विरुद्ध प्रभावी कार्यवाही
5 दिनों में 1 करोड़ 65 लाख रूपए से अधिक की संपत्ति जब्त
भोपाल, दिनांक 30 दिसंबर 2025। मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा विगत 5 दिनों में प्रदेश के विभिन्न जिलों में अवैध शराब के निर्माण, परिवहन एवं तस्करी के मामलों में प्रभावी कार्यवाहियां की गई हैं। इन दौरान पुलिस ने विभिन्‍न जिलों में कार्रवाई करते हुए 1 करोड़ 65 लाख रूपए से अधिक मूल्य की अवैध शराब, वाहन सहित अन्य सामग्री जब्त कर संबंधित आरोपियों के विरुद्ध प्रकरण पंजीबद्ध किए हैं।

प्रमुख कार्यवाहियां:

जिला नर्मदापुरम

थाना सोहागपुर पुलिस द्वारा अब तक की सबसे बड़ी कार्यवाही करते हुए 11,229.59 लीटर अवैध अंग्रेजी शराब तथा परिवहन में प्रयुक्त ट्रक जब्त किया गया। जब्‍त की गई कुल संपत्ति की कीमत लगभग 68 लाख 65 हजार रूपए है।

जिला आलीराजपुर

थाना कोतवाली पुलिस द्वारा 157 पेटी (1,884 बल्क लीटर) अवैध बीयर शराब एवं एक महिन्द्रा पिकअप वाहन जब्त कर लगभग 13 लाख 51 हजार रूपए की संपत्ति जब्‍त की है। प्रकरण में 01 आरोपी को गिरफ्तार किया है।

जिला इंदौर (ग्रामीण)

थाना बेटमा पुलिस ने अवैध शराब के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए 47 पेटी (423 लीटर) अवैध देसी एवं अंग्रेजी शराब तथा एक कार जब्त की। जब्‍त संपत्ति की कुल कीमत लगभग 7 लाख 12 हजार रूपए है।

जिला विदिशा

थाना कोतवाली पुलिस ने 11 पेटी (99 लीटर) अवैध शराब एवं कार सहित कुल 3 लाख 65 हजार रूपए की संपत्ति जब्त कर आरोपी को गिरफ्तार किया है।

जिला मुरैना

थाना बागचीनी पुलिस ने अवैध शराब तस्करी करने वाले 02 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों से पुलिस ने 20 पेटी अवैध देशी शराब एवं 01 कार जब्त कर लगभग 4 लाख 72 हजार रूपए की संपत्ति जब्‍त की है।

जिला सागर

थाना रहली पुलिस ने पिकअप वाहन सहित 32 पेटी अवैध शराब जब्त कर 02 आरोपियों को गिरफ्तार किया। आबकारी अधिनियम के तहत कार्यवाही करते हुए लगभग 6 लाख 60 हजार रूपए की संपत्ति जप्त की गई।

जिला दतिया

थाना कोतवाली पुलिस ने स्कॉर्पियो वाहन से अवैध शराब का परिवहन कर रहे 02 आरोपियों को गिरफ्तार किया। आरोपियों के कब्जे से 577.5 लीटर अवैध शराब (कीमत लगभग 2 लाख 29 हजार ) एवं वाहन जब्त किया गया।

मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा अवैध शराब के विरुद्ध इस प्रकार की सख्त एवं निरंतर कार्रवाइयों से स्पष्ट है कि मध्यप्रदेश पुलिस जीरो टॉलरेंस की नीति पर दृढ़ता से कार्य कर रही है। आम नागरिकों से अपील है कि अवैध गतिविधियों की सूचना तुरंत नजदीकी पुलिस थाने तथा डायल-112 को दे।

‘धुरंधर’ के कहर से कांप रहा बॉक्स ऑफिस

‘धुरंधर’ के कहर से कांप रहा बॉक्स ऑफिस
बड़े पर्दे पर इस समय कई फिल्में लगी हैं जिनमें बॉलीवुड से लेकर साउथ फिल्में तक शामिल हैं. हालांकि ‘धुरंधर’ के तूफान के आगे बाकी सभी फिल्में बॉक्स ऑफिस पर जद्दोजहद करती नजर आ रही हैं. ‘धुरंधर’ अब तक बॉक्स ऑफिस पर अपनी पकड़ बनाए हुए है. जबकि ‘तू मेरी मैं तेरा मैं तेरा तू मेरी’, ‘मार्क’, अखंडा 2 और ‘वृषभ’ समेत बाकी फिल्में पाई-पाई की मोहताज हो गई हैं.

‘धुरंधर’ बॉक्स ऑफिस कलेक्शन डे 26

रणवीर सिंह स्टारर स्पाई-थ्रिलर फिल्म ‘धुरंधर’ 5 दिसंबर 2026 को रिलीज हुई थी.
रिलीज के बाद से ये फिल्म अब तक लगातार बॉक्स ऑफिस पर तूफानी कलेक्शन कर रही है.
सैकनिल्क के मुताबिक 25 दिन में ‘धुरंधर’ ने बारतीय बॉक्स ऑफिस पर 741.90 करोड़ रुपए कमाए थे.
वहीं 26वें दिन भी फिल्म अब तक (रात 8 बजे) 7.84 करोड़ रुपए का कलेक्शन कर चुकी है.

‘तू मेरी मैं तेरा मैं तेरा तू मेरी’ बॉक्स ऑफिस कलेक्शन डे 6

रोमांटिक फिल्म ‘तू मेरी मैं तेरा मैं तेरा तू मेरी’ 25 दिसंबर को थिएटर्स में रिलीज हुई थी.
हालांकि ‘धुरंधर’ के आगे कार्तिक आर्यन और अनन्या पांडे स्टारर फिल्म पिटती नजर आ रही है.
‘तू मेरी मैं तेरा मैं तेरा तू मेरी’ ने 5 दिनों में महज 25.25 करोड़ रुपए का बिजनेस किया था.
वहीं 6ठे दिन भी फिल्म अब तक (रात 8 बजे) 1.16 करोड़ रुपए ही कमा पाई है.

नये साल पर चमकेगी इन राशियों की किस्मत, गजकेसरी योग से मिलेगा भरपूर लाभ

नये साल पर चमकेगी इन राशियों की किस्मत, गजकेसरी योग से मिलेगा भरपूर लाभ
वैदिक पंचांग के अनुसार 2 जनवरी 2026 को देवगुरु बृहस्पति और चंद्रमा की एक साथ एक ही राशि में युति होने जा रही है। चंद्रमा और गुरु के एक ही राशि में आने से गजकेसरी राजयोग का निर्माण होगा। साल 2026 की शुरुआत गजकेसरी राजयोग के साथ होगी। इस योग का प्रभाव सारी 12 राशियों पर पड़ेगा। ज्योतिष गणना के अनुसार गजकेसरी राजयोग से कुछ राशि वालों को भरपूर लाभ मिलने वाला है। इस योग से जातक को परिवारिक सुख और धन का लाभ हो सकता है। चलिए जानते हैं गजकेसरी राजयोग से किन राशि के जातक को लाभ मिल सकता है।

इन राशिवालों को होगा लाभ
वृषभ राशि
गजकेसरी राजयोग से वृषभ राशि के जातक को भरपूर लाभ मिल सकता है। साल के पहले हफ्ते में आपको करियर संबंधी सफलता मिल सकती है। इसके साथ ही परिवार की तरफ से कोई शुभ समाचार मिलने की संभावना है। वहीं जो लोग नौकरी कर रहे हैं उन लोगों को प्रमोशन मिल सकता है। बिजनेस कर रहे लोगों की कोई नई डील पक्की हो सकती है।

मिथुन राशि
गजकेसरी राजयोग का निर्माण मिथुन राशि में ही होने जा रहा है, इसलिए इस राशि वालों से इससे बहुत सारे फायदे मिलने वाले हैं। गजकेसरी राजयोग के दौरान आपको कार्य में सफलता मिलेगी। इसके साथ ही आपका अगर कोई अटका हुआ काम था तो वो भी पूरा हो सकता है। जीवनसाथी के साथ कई घूमने जा सकते हैं।

तुला राशि
गजकेसरी राजयोग तुला राशि के जातक के लिए बहुत सारे शुभ समाचार लेकर आ सकता है। अगर आपके विवाह की बात कहीं चल रही है तो वो पक्की हो सकती है। वहीं अगर आप किसी नई नौकरी की तलाश में हैं तो वो तलाश भी आपकी पूरी हो सकती है। आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। अध्यात्म के क्षेत्र में अच्छा काम करेंगे।

धनु राशि
धनु राशि के जातक के सप्तम भाव गजकेसरी राजयोग का निर्माण होगा। जिसके कारण आपकी सोचने समझने की शक्ति में वृद्धि होगी। इसके साथ ही आपका अटका हुआ धन आपको वापस मिल सकता है। जो लोग कारोबार में लगे हुए हैं, उन लोगों को मुनाफा हो सकता है। आपके वैवाहिक जीवन की सारी परेशानियों का समापन हो सकता है। आपके जीवन में इस राजयोग से सकारात्मक बदलाव आ सकते हैं।

ICC ने कोलकाता की पिच को लेकर सुनाया फैसला

ICC ने कोलकाता की पिच को लेकर सुनाया फैसला
तरराष्ट्रीय क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने कोलकाता के ईडन गार्डन्स की पिच को संतोषजनक (सैटिस्फैक्ट्री) करार दिया है। इस मैदान पर 14 नवंबर से भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच पहला टेस्ट मैच खेला गया था, जो तीन दिन के भीतर ही समाप्त हो गया। इस मुकाबले में भारत को मेहमान टीम के हाथों हार का सामना करना पड़ा था, जिसके बाद पिच को लेकर बवाल हो गया था। कई पूर्व खिलाड़ियों ने इस पिच की निंदा की थी।

भारत को 30 रन से हार झेलनी पड़ी थी
इस मैच में भारत को 30 रनों से हार का सामना करना पड़ा था। दक्षिण अफ्रीका ने भारत के सामने 124 रनों का मामूली लक्ष्य रखा था, जिसके भारत नहीं पा सका था। हाल के बाद टीम इंडिया के कोच गौतम गंभीर ने कहा था,”यह बिल्कुल वही पिच थी, जिसकी हमें तलाश थी। यह वही पिच है जो हम चाहते थे। मुझे लगता है कि क्यूरेटर बेहद मददगार रहे। हमें जो चाहिए था, वही मिला। जब आप अच्छा नहीं खेलते, तो नतीजा ऐसा ही होता है।”

पहले दिन से टर्न ले रही थी गेंद
हालांकि, बल्लेबाज़ी कोच सितांशु कोटक ने गुवाहाटी पहुंचने पर गंभीर के बयान से अलग राय रखी। दूसरे टेस्ट के वेन्यू पर पहुंचने के बाद कोटक ने कहा कि कोई भी कोलकाता जैसी पिच नहीं चाहता था। कोलकाता की पिच पर पहले ही दिन से गेंद तेज़ी से टर्न ले रही थी। दक्षिण अफ्रीका के ऑफ स्पिनर साइमोन हार्मर ने 51 रन देकर 8 विकेट झटके और उन्हें ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ चुना गया। दूसरी ओर, भारतीय स्पिनर वैसा असर नहीं छोड़ सके, जिसके चलते शुभमन गिल की कप्तानी वाली टीम को चौंकाने वाली हार झेलनी पड़ी थी।

सौरव गांगुली ने की थी पिच की आलोचना
पूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांगुली ने इस तरह की पिच चुनने के लिए भारतीय टीम प्रबंधन की आलोचना की थी। उनका मानना था कि टीम में इतनी प्रतिभा है कि वह ज़्यादा संतुलित और खेल के अनुकूल पिचों पर भी जीत हासिल कर सकती है। गांगुली ने कहा, “अच्छी विकेटों पर खेलिए। उम्मीद है गौतम गंभीर यह सुन रहे होंगे। मेरे मन में उनके लिए बहुत सम्मान है, लेकिन उन्हें अच्छी पिचों पर खेलना चाहिए। क्योंकि उनके पास बुमराह, सिराज, शमी, कुलदीप और जडेजा जैसे गेंदबाज़ हैं।”

5 जनवरी से मुंबई से चलेगी नई सुपरफास्ट ट्रेन

5 जनवरी से मुंबई से चलेगी नई सुपरफास्ट ट्रेन
नए साल में रेल यात्रियों के लिए खुशखबरी है! पश्चिम रेलवे (Western Railway) ने यात्रियों की सुविधा और बढ़ती भीड़ को देखते हुए मुंबई के बांद्रा टर्मिनस और जयपुर के बीच एक विशेष नॉन स्टॉप सुपरफास्ट स्पेशल ट्रेन चलाने का ऐलान किया है। यह ट्रेन बिना किसी ठहराव के सीधे दोनों महानगरों को जोड़ेगी, जिससे यात्रा के समय में बड़ी बचत होगी।

पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी विनीत अभिषेक के अनुसार, ट्रेन संख्या 09706/09705 बांद्रा टर्मिनस-जयपुर नॉनस्टॉप सुपरफास्ट स्पेशल कुल 16 फेरे लगाएगी। यह ट्रेन विशेष किराये पर चलाई जाएगी और खास तौर पर मुंबई तथा राजस्थान के बीच सफर करने वाले यात्रियों को बड़ी राहत देगी।
ट्रेन संख्या 09706 (बांद्रा टर्मिनस से जयपुर)-

यह ट्रेन सभी सोमवार को दोपहर 14:40 बजे बांद्रा टर्मिनस से रवाना होगी और अगले दिन सुबह 08:45 बजे जयपुर पहुंचेगी। यह ट्रेन 5 जनवरी 2026 से 23 फरवरी 2026 तक चलेगी।

ट्रेन संख्या 09705 (जयपुर से बांद्रा टर्मिनस)-
यह ट्रेन प्रत्येक रविवार को रात 18:40 बजे जयपुर से रवाना होगी और अगले दिन सुबह 11:20 बजे बांद्रा टर्मिनस पहुंचेगी। यह ट्रेन 4 जनवरी 2026 से 22 फरवरी 2026 तक यात्रियों के लिए चलेगी।

कोच संरचना कैसी होगी?
यात्रियों की सुविधा के लिए 09706/09705 बांद्रा टर्मिनस-जयपुर नॉनस्टॉप सुपरफास्ट स्पेशल ट्रेन में सभी श्रेणियों के कोच उपलब्ध होंगे। इस ट्रेन में फर्स्ट एसी, एसी-2 टियर, एसी-3 टियर, एसी-3 टियर (इकोनॉमी) और स्लीपर क्लास कोच होंगे।

31 दिसंबर से शुरू होगी बुकिंग (Booking Details)
ट्रेन संख्या 09706 के टिकटों की बुकिंग 31 दिसंबर को सुबह 8 बजे से शुरू हो रही है। यात्री आईआरसीटीसी (IRCTC) की आधिकारिक वेबसाइट या किसी भी रेलवे पीआरएस (PRS) काउंटर से अपनी टिकट बुक कर सकते हैं।

बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री और BNP की प्रमुख खालिदा जिया का 80 साल में निधन

बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री और BNP की प्रमुख खालिदा जिया का 80 साल में निधन
बांग्लादेश की पहली महिला प्रधानमंत्री खालिदा जिया का लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया. उनकी विपक्षी पार्टी बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) ने मंगलवार को इसकी पुष्टि की. 80 वर्षीय खालिदा जिया लीवर सिरोसिस से पीड़ित थीं. उनके डॉक्टरों के अनुसार, उन्हें गठिया, शुगर भी था. इसके अलावा वो दिल की बीमारी से भी जूझ रही थीं.

दो बार रहीं बांग्लादेश की पीएम
खालिदा जिया दो बार बांग्लादेश की प्रधानमंत्री रहीं. उन्होंने पहली बार 1991 से 1996 और दूसरी बार 2001 से 2006 तक देश का नेतृत्व किया. वह पूर्व राष्ट्रपति और बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी के संस्थापक जियाउर रहमान की पत्नी थीं. उनके बड़े बेटे और BNP के कार्यकारी अध्यक्ष तारीक रहमान 2008 से लंदन में रह रहे थे और इसी महीने बांग्लादेश लौटे थे. उनके छोटे बेटे अराफात रहमान का 2015 में दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया था.

राजनीतिक उथल-पुथल के बीच 6 अगस्त 2024 को खालिदा जिया को जेल से रिहा किया गया था. इसके बाद वह बेहतर इलाज के लिए लंदन चली गईं, जहां चार महीने रहने के बाद 6 मई को बांग्लादेश वापस लौटीं.

बांग्लादेश की सियासत में अहम
बांग्लादेश की राजनीति दशकों तक दो नेताओं के इर्द-गिर्द घूमती रही. अवामी लीग की नेता शेख हसीना और BNP की प्रमुख खालिदा जिया. मीडिया ने इस राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता को ‘बैटल ऑफ बेगम्स’ नाम दिया. 1990 के बाद हुए लगभग हर चुनाव में सत्ता या तो शेख हसीना के पास रही या खालिदा जिया के पास रही.

1980 के दशक में सैन्य शासन के खिलाफ दोनों नेताओं ने साथ मिलकर आंदोलन किया था, लेकिन 1991 में लोकतंत्र की बहाली और खालिदा जिया के प्रधानमंत्री बनने के बाद दोनों के बीच राजनीतिक टकराव गहरा हो गया.

राजनीति में ऐसे आईं खालिदा जिया
खालिदा जिया का जन्म 1945 में हुआ था. उनका राजनीति से कोई पारिवारिक संबंध नहीं था. 1960 में उनकी शादी सैनिक अधिकारी जियाउर रहमान से हुई. 1971 में बांग्लादेश की आजादी की लड़ाई के दौरान जियाउर रहमान ने रेडियो पर स्वतंत्र बांग्लादेश की घोषणा पढ़ी थी. 1975 में शेख मुजीबुर रहमान की हत्या के बाद देश में राजनीतिक अस्थिरता बढ़ी और 1977 में जियाउर रहमान राष्ट्रपति बने. उन्होंने ही बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी की स्थापना की. 30 मई 1981 को चिटगांव में एक सैन्य विद्रोह के दौरान उनकी हत्या कर दी गई.

पति की हत्या के बाद BNP बिखरने लगी, जिसके बाद पार्टी नेताओं के आग्रह पर खालिदा जिया ने 1984 में पार्टी की कमान संभाली. 1991 में हुए पहले लोकतांत्रिक चुनाव में जीत के साथ वह बांग्लादेश की पहली महिला प्रधानमंत्री बनीं. खालिदा जिया के निधन को बांग्लादेश की राजनीति के एक युग के अंत के रूप में देखा जा रहा है.

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