सामाजिक आयोजनों से मजबूत होता है आपसी जुड़ाव और युवाओं को मिलती है प्रेरणा: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

सामाजिक आयोजनों से मजबूत होता है आपसी जुड़ाव और युवाओं को मिलती है प्रेरणा: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज विकासखंड कांसाबेल के ग्राम ढूढरूडांड में आयोजित अखिल भारतीय आदिवासी कंवर समाज विकास समिति के वार्षिकोत्सव कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने समाज के उत्थान हेतु समर्पित भाव से कार्य कर रहे पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं की प्रशंसा करते हुए उनके योगदान को सराहा। कार्यक्रम में विधायक मती गोमती साय, पूर्व सांसद नन्द कुमार साय, पूर्व संसदीय सचिव भरत साय, जिला पंचायत सदस्य गेंद बिहारी सिंह, कलेक्टर रोहित व्यास विशेष रूप से उपस्थित रहे।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने कहा कि ऐसे आयोजन समाज आपसी जुड़ाव को मजबूत करते हैं। वरिष्ठजनों एवं समाजसेवियों से युवाओं को प्रेरणा मिलती है, जिससे वे एक अच्छे नागरिक बनकर समाज और राष्ट्र की सेवा में अग्रसर होते हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार मोदी की गारंटी को तेजी से लागू कर रही है। सरकार के गठन के साथ ही पहली कैबिनेट बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 18 लाख आवास स्वीकृत किए गए। किसानों के हित में 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान की खरीदी की जा रही है। महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में महतारी वंदन योजना के माध्यम से अब तक 70 लाख महिलाओं को 22वीं किस्त प्रदान की जा चुकी है। तेंदूपत्ता संग्राहकों को प्रति मानक बोरा 5500 रुपये का भुगतान किया जा रहा है तथा चरण पादुका का वितरण भी किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि शिक्षा सभी के लिए अत्यंत आवश्यक है और छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय महत्व के आईआईटी, एम्स, आईआईआईटी, लॉ यूनिवर्सिटी सहित 15 मेडिकल कॉलेज स्थापित किए जा चुके हैं। युवाओं को इन संस्थानों का अधिकतम लाभ लेकर आगे बढ़ना चाहिए।

मुख्यमंत्री साय ने बताया कि नई उद्योग नीति के तहत राज्य को 7.83 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इस नीति में अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्गों के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं, ताकि यह वर्ग भी व्यापार एवं उद्योग के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ सके। जिले में चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार हेतु मेडिकल कॉलेज, प्राकृतिक चिकित्सा एवं फिजियोथेरेपी केंद्र, शासकीय नर्सिंग कॉलेज तथा शासकीय फिजियोथेरेपी कॉलेज का निर्माण कार्य प्रगति पर है। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद तेजी से समाप्ति की ओर है। नियद नेल्लानार योजना के माध्यम से नक्सल प्रभावित एवं दूरस्थ क्षेत्रों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जा रहा है। खेलों के क्षेत्र में सन्ना में तीरंदाजी अकादमी का निर्माण करने सहित खेल मैदानों का भी विकास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह गौरव का विषय है कि खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स की मेजबानी का अवसर छत्तीसगढ़ को मिला है।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहीं विधायक मती गोमती साय ने कहा कि समाज के उत्थान के लिए युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा एवं बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं के साथ ही उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त एवं सुसंस्कृत नागरिक बनाने पर भी जोर देना चाहिए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी मती कौशल्या साय ने कहा कि समाज को सभी क्षेत्रों में मजबूत बनाने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को समर्पण भाव से कार्य करना होगा। यदि समाज के बुजुर्ग एवं जागरूक नागरिक संकल्प लें, तो समाज के साथ-साथ देश भी तेजी से प्रगति करेगा। कार्यक्रम में अखिल भारतीय कंवर समाज के महासचिव अशोक पैंकरा, अखिल भारतीय आदिवासी कंवर समाज उत्तरी क्षेत्र-ढूढरूडांड के अध्यक्ष विष्णु प्रसाद साय, सचिव राजेश पैंकरा, कोषाध्यक्ष गुलसागर साय सहित बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे।

कल्याण आश्रम का जनजातीय समाज सेवा एवं संरक्षण में अमूल्य योगदान: मुख्यमंत्री साय

कल्याण आश्रम का जनजातीय समाज सेवा एवं संरक्षण में अमूल्य योगदान: मुख्यमंत्री साय
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि वनवासी कल्याण आश्रम का जनजातीयों की सेवा और उनके संरक्षण की दिशा में अमूल्य योगदान है। उन्होंने कहा कि आश्रम का उद्देश्य केवल सेवा करना नहीं, बल्कि जनजातीय समाज की धर्म-संस्कृति और परंपराओं की रक्षा करते हुए उनके सर्वांगीण विकास को गति देना है। वे आज जशपुर जिले के ग्राम दोकड़ा अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम द्वारा आयोजित कार्यक्रम को सम्बोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर 1 करोड़ 75 लाख रुपये की लागत से होने वाले 6 विकास कार्यों का भूमिपूजन किया। जिसमें 95 लाख रुपये की लागत से दोकड़ा में अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम के चिकित्सालय भवन, 10-10 लाख रुपए के दो आरसीसी पुलिया, 20-20 लाख रुपए दो सामुदायिक भवन एवं 20 लाख रुपए की लागत के स्वागत द्वार निर्माण कार्य शामिल हैं।

मुख्यमंत्री साय ने कार्यक्रम में आगे कहा कि दोकड़ा में वनवासी कल्याण आश्रम की शुरुआत वर्ष 1986 में एक छोटे से अस्पताल प्रकल्प के रूप में हुई थी। आश्रम से जुड़े सेवाभावी कार्यकर्ताओं ने तन-मन-धन से जुड़कर क्षेत्र के लोगों की सेवा की और स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज हुए भूमिपूजन से बड़े और सुसज्जित अस्पताल भवन के निर्माण से अंचल के जनजातीय समाज को स्थानीय स्तर पर बेहतर उपचार उपलब्ध हो सकेगा।

मुख्यमंत्री साय ने छत्तीसगढ़ राज्य के रजत जयंती वर्ष की सभी नागरिकों को बधाई देते हुए बताया कि फरसाबहार में मदर एंड चाइल्ड हॉस्पिटल का निर्माण किया जाएगा। इसी प्रकार नर्सिंग कॉलेज और फिजियोथेरेपी कॉलेज की भी स्थापना की जाएगी, उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा बगिया सिंचाई योजना प्रारंभ की जा रही है, जिससे 14 ग्रामों को सीधा लाभ मिलेगा। इसके अतिरिक्त प्रदेश में सिंचाई परियोजनाओं की मरम्मत एवं जीर्णाेद्धार के लिए 2800 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं, जिससे किसानों को पर्याप्त सिंचाई सुविधा सुनिश्चित होगी।

कार्यक्रम को विधायक मती गोमती साय और अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम के राष्ट्रीय महामंत्री योगेश बापट ने भी सम्बोधित किया और अस्पताल भवन के लिए 95 लाख की स्वीकृति के लिए मुख्यमंत्री का आभार जताया। इस अवसर पर अनेक जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने उज्जैन में किया करीब 129 करोड़ रुपए के 12 कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन

मुख्यमंत्री ने उज्जैन में किया करीब 129 करोड़ रुपए के 12 कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि बाबा महाकाल के दर्शन के लिए उज्जैन आने वाले सभी श्रद्धालुओं का स्वागत है, अभिनंदन है। बीते तीन-चार दिनों के अंदर ही 5 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने बाबा महाकाल के दर्शन किए। उज्जैन आने वाले सभी श्रद्धालु सिर्फ हमारे मेहमान नहीं, स्वयं बाबा महाकाल द्वारा आमंत्रित अतिथि हैं। महाकाल ने उन्हें दर्शन देने के लिए बुलाया है। इसलिए सभी श्रद्धालुओं के सत्कार से जुड़ी हर व्यवस्था में संवेदना और आत्मीयता भी होनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबा महाकाल की कृपा से ही उज्जैन नगरी सिर्फ भारत नहीं, सम्पूर्ण विश्व की आध्यात्मिक चेतना का केंद्र बनी हुई है। उज्जैन के नागरिकों का सहयोग ही बाबा महाकाल की सच्ची सेवा है। सरकार, प्रशासन और समाज मिलकर सिंहस्थ-2028 को सबसे भव्य, दिव्य और अनुशासित के साथ एक सुरक्षित, सुव्यवस्थित और ऐतिहासिक आयोजन बनाएंगे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को उज्जैन के नानाखेड़ा स्टेडियम में विभिन्न विकास कार्यों के लोकार्पण एवं भूमिपूजन समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने यहां लगभग 129 करोड़ रुपए की लागत के 12 विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया। मुख्यमंत्री ने उज्जैन में युवाओं को केंद्र में रखकर तैयार की गई तीन महत्वपूर्ण पहलों का एक साथ लोकार्पण एवं शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रोजेक्ट स्वाध्याय (Coding for All) का शुभारंभ किया। इस प्रोजेक्ट के जरिए विद्यार्थियों को कम उम्र से ही कोडिंग और डिजिटल सोच से जोडा जा रहा है। मुख्यमंत्री ने UtkarshUjjain.com वेब पोर्टल का भी शुभारंभ किया। यह पोर्टल युवाओं के लिए सीखने, मार्गदर्शन और अवसरों का एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म बनेगा। साथ ही कौशल सेतु इंडस्ट्री-लीड स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम का भी आगाज किया। कौशल सेतु शिक्षा और उद्योग के बीच की दूरी को पाटते हुए युवाओं को वास्तविक इंडस्ट्री की जरूरतों के अनुरूप तैयार करेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह तीनों पहले उज्जैन के युवाओं को केवल डिग्री तक ही सीमित नहीं रखेंगी, बल्कि उन्हें जॉब-रेडी, स्टार्टअप-रेडी और फ्यूचर-रेडी बनाने का आधार तैयार करेंगी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उज्जैन शहरी क्षेत्र में 124 करोड़ रुपए लागत से बनने वाले 11 विकास कार्यों का भूमिपूजन भी किया। इसमें करीब 102 करोड़ रुपए लागत से विभिन्न सड़कों का चौड़ीकरण कार्य, 9.50 करोड़ रुपए लागत से कपिला गौशाला (3000 गौ-वंश क्षमता वाली) का संवर्धन एवं विकास कार्य, 8.75 करोड़ रुपए लागत से पंवासा क्षेत्र में ईडब्ल्यूएस कॉलोनी में विकास कार्य, 3.47 करोड़ रुपए लागत से कानीपुरा में स्पोर्ट्स काम्प्लेक्स का निर्माण तथा लगभग 5 करोड़ रुपए लागत से नवीन जनपद पंचायत भवन निर्माण कार्य का भूमिपूजन भी शामिल है। उन्होंने कहा कि इन सभी कार्यों के अलावा 45 करोड़ लागत के अन्य काम भी प्रगति पर हैं। मुख्यमंत्री ने घोषणा करते हुए कहा कि उज्जैन के इस पुराने हॉकी स्टेडियम में आधुनिक एस्ट्रोटर्फ लगाया जाएगा, जिससे यहां इंटरनेशनल हॉकी मैच हो सकें। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कार्यकाल में भारतीय खिलाड़ी लगभग सभी खेलों में पदक विजेता बन रहे हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हम मध्यप्रदेश के युवाओं को नौकरी लेने वाला नहीं, नौकरी देने वाला बनाने का प्रयास कर रहे हैं। आज की गई पहलें कल इसी दिशा में हमारी मदद करेंगी। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार सीखो-कमाओ योजना, स्किल इंडिया मिशन और प्रधानमंत्री इंटर्नशिप स्कीम जैसी पहलें युवाओं को पढ़ाई के साथ व्यावहारिक अनुभव देकर उन्हें बाजार और उद्योगों के लिए तैयार कर रही हैं। यही सही अवसर है कि उज्जैन के युवा स्वयं को आने वाले बेहतर कल के लिए अभी से तैयार करें।

अद्भुत होगा सिंहस्थ – 2028

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिंहस्थ दुनिया का सबसे बड़ा धार्मिक मेला है। यह भारतीय धर्म, संस्कृति, आध्यात्म और पर्यटन का अद्भुत समागम है। सिंहस्थ को देखते हुए सरकार ने भी सभी तैयारियां प्रारंभ कर दी हैं। हमारी कोशिश है कि 30 किलोमीटर लम्बे घाटों में 24 घंटे में 5 करोड़ से अधिक श्रद्धालु शिप्रा के शुद्ध जल में स्नान/आचमन कर लें। उन्होंने कहा कि सिंहस्थ को बेहतर बनाने के लिए हमने उज्जैन में 2675 करोड़ रुपए की लागत से 33 प्रमुख कार्यों को मंजूरी दे दी है। इन कामों पर क्रियान्वयन भी शुरू हो चुका है। सिंहस्थ के दौरान क्राउड मैनेजमेंट पर हमारा विशेष ध्यान रहेगा। इसीलिए संपूर्ण मेला क्षेत्र को फोर लेन और सिक्स लेन मार्गों से जोड़कर निर्बाध कनेक्टिविटी सुनिश्चित की जा रही है। श्रद्धालुओं को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए उज्जैन को मेडिकल टूरिज्म हब के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसी दिशा में उज्जैन में आधुनिक मेडिसिटी का निर्माण प्रगति पर है। यहां एक नया इंडस्ट्रियल पार्क भी बनाया जा रहा है। इंजीनियरिंग कॉलेज के पुराने कैम्पस में नया आईटी पार्क और साइंस सिटी बनाई जा रही है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज प्रोजेक्ट स्वाध्याय के लिए 3 हजार युवाओं के लिए निनौरा और मक्सी के पास 2 हजार युवाओं के लिए कौशल विकास केंद्र शुरू किए हैं। इंदौर-उज्जैन के बीच भविष्य में मेट्रो भी दौड़ेगी, लेकिन उससे पहले वंदे भारत मेट्रो ट्रेन की सौगात मिलेगी। शहर के चिंतामण गणेश स्टेशन को भी मुख्य स्टेशन के तौर पर विकसित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मोहनपुरा में भी एक नया रेलवे स्टेशन बनेगा। उज्जैन के समीप ही एक बड़ा एयरपोर्ट भी बनाया जा रहा है, जिससे श्रद्धालु सीधे उज्जैन में ही उतर सकें।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन में शनि लोक का निर्माण किया जाएगा। इसके लिए 140 करोड़ रुपए मंजूर किए हैं। यह शनि लोक आस्था और पर्यटन के क्षेत्र में उज्जैन की एक और नई पहचान स्थापित करेगा। उज्जैन को दूसरे शहरों से जोड़ने के लिए यहां चारों दिशाओं में फोरलेन बन रहे हैं। यहां करीब 12-13 नए पुल भी निर्माणाधीन हैं। इससे आवागमन बेहतर होगा। उन्होंने कहा कि उज्जैन अब इंदौर-उज्जैन मेट्रोपॉलिटन एरिया का हिस्सा होगा। यह कुल 14 हजार वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में बनाया जाएगा। दिल्ली के बाद देश का यह दूसरा सबसे बड़ा मेट्रोपॉलिटन एरिया बनने जा रहा है। इसमें उज्जैन संभाग के शाजापुर, शुजालपुर, देवास और रतलाम भी शामिल होंगे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में भारत बदलते दौर में नई कहानी लिख रहा है। उज्जैन में बना भव्य महाकाल लोक देश-दुनिया में अपनी अनूठी पहचान बना रहा है। महाकाल के दर्शन से जीवन धन्य हो जाता है। वे सिर्फ उज्जैन के नहीं, पूरी दुनिया के महाकाल हैं। यह हमारा सौभाग्य है कि 1980 के बाद पहली बार क्षिप्रा के जल से ही सिंहस्थ में स्नान होगा। कान्ह नदी परियोजना के माध्यम से उज्जैनवासियों को आचमन के लिए शुद्ध जल और सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि उज्जैन नगरी का हर काल में विशेष महत्व रहा है। यहां विराजे महाकाल हम सभी के शरीर में विद्मान हैं। हमारे द्वारा किए जा रहे सभी कार्य महाकाल के निमित्त से ही पूर्ण होते हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उज्जैनवासियों से अपील करते हुए कहा कि वे सिंहस्थ के समय देश-दुनिया के आगंतुकों की खुले दिल से मदद के लिए आगे आएं। उन्होंने जिला प्रशासन से ऐसे स्वयंसेवियों की सूची तैयार करने के निर्देश भी दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन के पास एक जूना महाकाल भी हैं। उज्जैन दुनिया के लिए ग्रहों की काल गणना का केंद्र रहा है। राज्य सरकार ने इसी आधार पर वैदिक घड़ी तैयार की है। सिंहस्थ की आयोजन के लिए शहर में विरासत का संरक्षण करते हुए विकास कार्यों को गति दी जा रही है। बाबा महाकाल मंदिर के पास सम्राट विक्रमादित्य होटल को नया रूप दिया गया है। वीर भारत न्यास के माध्यम से पुरानी कोठी का भी जीर्णोद्धार किया गया है। विकास का यह कारवां लगातार चलता रहेगा, हमारी सरकार प्रदेश के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है।

उज्जैन के लोकसभा सांसद अनिल फिरोजिया ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में सतत् रूप से उज्जैन की दशा और दिशा बदलने का काम जारी हैं। उच्च शिक्षा मंत्री रहते हुए उन्होंने पहले भी इस शहर को विकास कार्यों की अनेक सौगातें दी हैं। उज्जैन जिले के गांव-गांव तक चौड़ी सड़कें बन रही हैं। किसानों को भावांतर की राशि दी जा रही है और बहुत जल्द फसल बीमा की राशि भी मिलेगी। राज्य सरकार लाड़ली बहनों के बैंक खातों में हर महीने 1500 रुपए दे रही है। प्रदेश में विकास की बयार चल रही है। कार्यक्रम को अन्य वक्ताओं ने भी संबोधित किया।

कार्यक्रम में राज्यसभा सदस्य उमेश नाथ महाराज, विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा, विधायक सतीश मालवीय, विधायक जितेंद्र पंड्या, उज्जैन के महापौर मुकेश टटवाल सहित जनप्रतिनिधि और स्थानीयजन उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रसिद्ध संत कमल किशोर नागर महाराज की कथा में हुए शामिल

मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रसिद्ध संत कमल किशोर नागर महाराज की कथा में हुए शामिल
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भागवत कथा और सत्संग से समाज में सदाचार, नैतिकता और समरसता की भावना मजबूत होती है। कथा और सत्संग आध्यात्मिक अनुभूति और सामाजिक चेतना का सशक्त माध्यम भी है। कथा श्रवण और सत्संग से मन तृप्त होता है और जीवन संवरता है। भगवान की भक्ति, कथा श्रवण और सत्संग से वह तृप्ति मिलती है जो भौतिक सुख, वैभव और छप्पन भोग में भी नहीं है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को इंदौर के ग्राम चित्तौड़ा में संत कमल किशोर नागर महाराज की कथा के समापन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गुरुवर कमल किशोर नागर जी का नाम ही हमारे लिए सौभाग्य का प्रतीक है। वर्षों से आपके प्रवचनों के माध्यम से हम भगवान की भक्ति में स्वर्ग लोक का अनुभव कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कथा एवं सत्संग के श्रवण से स्वर्ग लोक सहित सभी तीर्थों का आनंद प्राप्त हो जाता है। उन्होंने भक्ति और सत्संग के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि भौतिक सुख-साधन और 56 भोग भी मन को तृप्त नहीं कर सकते, लेकिन भगवान की भक्ति और सत्संग मन को पूर्ण तृप्ति प्रदान करते है और सफल जीवन का मार्ग प्रशस्त करते हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गौ माता की सेवा के लिए महाराज कमल किशोर नागर जी द्वारा किए जा रहे कार्यों की मुक्तकंठ से सराहना की। उन्होंने कहा कि गौ माता की सेवा जीवन का सबसे बड़ा पुण्य है। महाराज जी ने समाज को यह चेतना दी है कि केवल प्रवचन ही नहीं, बल्कि संस्कार और सेवा भी उतनी ही आवश्यक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार बनने के बाद गौशालाओं के विकास के लिए लगातार विशेष प्रयास किए जा रहे हैं और मध्यप्रदेश को गौ-सेवा का मॉडल राज्य बनाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। घर-घर गोपाल की भावना को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने कहा कि जहां गाय है, वहीं गोपाल का वास है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सनातन संस्कृति की परंपराओं, कुंभ और सिंहस्थ स्नान के महत्व पर भी विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि जल केवल शारीरिक शुद्धि का माध्यम नहीं, बल्कि जीवन की उत्पत्ति और परंपरा का आधार है। मुख्यमंत्री ने शिप्रा नदी के शुद्धिकरण और जल संरक्षण के प्रयासों से आगामी सिंहस्थ को ऐतिहासिक और भव्य बनाने का संकल्प भी दोहराया।

जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश में धर्म, संस्कृति और विकास तीनों को साथ लेकर आगे बढ़ने का संकल्प साकार हो रहा है। प्रदेश में हर गाँव और शहर में गीता भवन बनाये जा रहे हैं। मंत्री सिलावट ने कहा कि शिप्रा नदी के शुद्धिकरण के संकल्प को पूर्ण करने का कार्य मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में तेजी से किया जा रहा है। शिप्रा के 29–30 किलोमीटर लंबे घाटों का निर्माण, बड़े धार्मिक आयोजनों के दौरान 24 घंटे में करोड़ों श्रद्धालुओं के स्नान की व्यवस्थाएँ— सहित सभी ऐतिहासिक और अभूतपूर्व कार्य हैं। उन्होंने कहा कि नर्मदा और शिप्रा का निरंतर प्रवाह बना रहे, जिससे आचमन और यज्ञ-स्नान जैसे पवित्र कर्म निर्बाध हो इसके लिए तेजी से कार्य हो रहे हैं।

संत कमल किशोर नागर जी महाराज ने कहा कि नीति और धर्म से सुसज्जित शासन ही सच्चे विकास की नींव है। जब शासन नीति और धर्म के साथ चलता है, तभी प्रजा की वास्तविक भलाई होती है और विकास एवं प्रगति को नई दिशा मिलती है। उन्होंने कहा कि नीति के बिना राज अधूरा है और धर्म के बिना धन भी अधूरा है। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की सराहना करते हुए कहा कि आज मुख्यमंत्री ने आम नागरिकों की तरह जमीन पर बैठकर सरलता और सादगी के साथ कथा का श्रवण किया। यह आचरण उनकी भक्ति भावना, विनम्रता और सहज व्यक्तित्व को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि जब किसी प्रदेश में धार्मिक आयोजन होते हैं और उनके साथ नीति एवं धर्म दोनों एक साथ खड़े होते हैं, तब वह प्रदेश स्वतः ही सुशोभित और समृद्ध बनता है। व्यस्ततम कार्यक्रमों के बावजूद मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा ऐसे आयोजनों को समय देना उनकी संवेदनशीलता और आध्यात्मिक रुचि का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव केवल राजनीति तक सीमित नहीं हैं, बल्कि प्रदेश के तीर्थों, मंदिरों और सांस्कृतिक धरोहरों के भी गहरे जानकार हैं, उनके पास गहरा और समृद्ध अनुभव है।

इस अवसर पर जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, जिला पंचायत अध्यक्ष मती रीना सतीश मालवीय, विधायक रमेश मेंदोला, संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े, कलेक्टर शिवम वर्मा, एसपी ग्रामीण मती यांगचेन डोलकर भूटिया, सुमित मिश्रा, श्रवण चावड़ा, रणजीत सिंह आंजना सहित अन्य जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे।

30 या 31 दिसंबर कब है पौष पुत्रदा एकादशी

30 या 31 दिसंबर कब है पौष पुत्रदा एकादशी
एक नगर में सुकेतुमान नाम का राजा रहता था जिसकी पत्नी का नाम शैव्या था। राजा की कोई संतान नहीं थी जिस वजह से दोनों पति-पत्नी दुखी रहते थे। राजा ये सोचकर परेशान थे कि उनके बाद उनका राजपाट कौन संभालेगा और मृत्यु के बाद उनका अंतिम संस्कार कौन करेगा और कौन उन्हें मुक्ति दिलाएगा। एक बार राजा किसी जंगल में विचरण करने निकले और प्रकृति के सौंदर्य को देखकर मंत्रमुग्‍ध हो गए। जंगल में राजा ने देखा कि सभी पशु-पक्षी अपनी पत्नी और संतानों के साथ सुख से जी रहे हैं। यह देखकर राजा और भी परेशान हो गए और सोचने लगे कि इतने पुण्य कर्म करने के बाद भी वह निःसंतान रह गए।

पुत्रदा एकादशी की व्रत कथा (Paush Putrada Ekadashi Vrat Katha): एक नगर में सुकेतुमान नाम का राजा रहता था जिसकी पत्नी का नाम शैव्या था। राजा की कोई संतान नहीं थी जिस वजह से दोनों पति-पत्नी दुखी रहते थे। राजा ये सोचकर परेशान थे कि उनके बाद उनका राजपाट कौन संभालेगा और मृत्यु के बाद उनका अंतिम संस्कार कौन करेगा और कौन उन्हें मुक्ति दिलाएगा। एक बार राजा किसी जंगल में विचरण करने निकले और प्रकृति के सौंदर्य को देखकर मंत्रमुग्‍ध हो गए। जंगल में राजा ने देखा कि सभी पशु-पक्षी अपनी पत्नी और संतानों के साथ सुख से जी रहे हैं। यह देखकर राजा और भी परेशान हो गए और सोचने लगे कि इतने पुण्य कर्म करने के बाद भी वह निःसंतान रह गए।
जब राजा की ऋषि से हुई मुलाकात

राजा को कुछ समय बाद प्यास लगी और वह पानी की तलाश करने लगे। तभी उनकी नजर नदी के किनारे बने ऋषि-मुनियों के आश्रम पर पड़ी। राजा ने वहां जाकर सभी ऋषियों को प्रणाम किया। राजा के विनम्र स्वभाव से वहां उपस्थित सभी ऋषि काफी प्रसन्न हुए और उन्होंने राजा से कोई वरदान मांगने के लिए कहा। इस पर राजा ने कहा -हे! ऋषिगण मेरे पास सब कुछ है लेकिन मेरी कोई संतान नहीं है। जिस वजह से मैं और मेरी पत्नी चिंता में डूबे रहते हैं।
ऋषिमुनि ने बताया पुत्रदा एकादशी व्रत का महत्व

ऋषि बोले, “राजन! भगवान ने आज तुम पर अपनी विशेष कृपा दिखाई है और उन्हीं की कृपा से तुम यहां पहुंचे हो। ऋषि ने राजा से पुत्रदा एकादशी का व्रत रखने को कहा। राजा ने नियम से उस व्रत का पालन किया। व्रत के कुछ दिनों बाद रानी गर्भवती हुईं और उन्हें एक तेजस्वी पुत्र की प्राप्ति हुई और अंत में राजा को मोक्ष मिला। इस प्रकार से इस व्रत का महत्व कई गुना बढ़ गया।

इस साल T20I में सबसे बड़ी पारी खेलने वाले 7 बल्लेबाज

इस साल T20I में सबसे बड़ी पारी खेलने वाले 7 बल्लेबाज
साल 2025 क्रिकेट लिए खास और यादगार रहा, भारत ने चैंपियंस ट्रॉफी (ODI) और एशिया कप (T20) का खिताब जीता. अभिषेक शर्मा भारत के लिए सबसे बड़ी टी20 इंटरनेशनल पारी खेलने वाले बल्लेबाज रहे, लेकिन इस लिस्ट में पहले नंबर पर मौजूद मोहम्मद ईशान को अधिकतर फैंस जानते भी नहीं होंगे.

मोहम्मद ईशान स्पेन टीम के खिलाड़ी हैं, जिन्होंने 7 दिसंबर को क्रोएशिया के खिलाफ 63 गेंदों में 160 रनों की ऐतिहासिक पारी खेली थी. 253.96 की स्ट्राइक रेट से खेली इस पारी में ईशान ने 17 छक्के और 5 चौके लगाए थे. बता दें की इतिहास में सिर्फ 5 ही बल्लेबाज हैं, जिन्होंने टी20 इंटरनेशनल में 150 रन बनाए हैं.

अभिषेक शर्मा ने रचा इतिहास
अभिषेक शर्मा इस लिस्ट में तीसरे नंबर पर है, उन्होंने 2 फरवरी को इंग्लैंड के खिलाफ ये ऐतिहासिक पारी खेली. उन्होंने 54 गेंदों में 13 छक्के और 7 चौकों की मदद से 135 रन बनाए थे. ये मैच वानखेड़े में हुआ था. ये सिर्फ इस साल की ही नहीं बल्कि भारतीय द्वारा टी20 इंटरनेशनल में इतिहास की सबसे बड़ी पारी बनी. उन्होंने शुभमन गिल (126) का रिकॉर्ड तोडा था.

1. मोहम्मद ईशान (160)
स्पेन के बल्लेबाज मोहम्मद ईशान ने 7 दिसंबर को क्रोएशिया के खिलाफ 63 गेंदों में 160 रन बनाए थे. इसमें उन्होंने 17 छक्के और 5 चौके लगाए.

2. फिल साल्ट (141*)
इंग्लैंड के बल्लेबाज फिल साल्ट ने 12 सितम्बर को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ नाबाद 141 रनों की पारी खेली थी. 60 गेंदों में खेली इस पारी में उन्होंने 8 छक्के और 15 चौके लगाए.

3. अभिषेक शर्मा (135)
अभिषेक शर्मा ने 2 फरवरी को वानखेड़े में इंग्लैंड के खिलाफ 54 गेंदों में 135 रन बनाए थे, इसमें उन्होंने 13 छक्के और 7 चौके लगाए.

4. जान फ्रीलिंक (134)
नामीबिया के बल्लेबाज जान फ्रीलिंक ने 28 सितंबर को नाइजीरिया के खिलाफ 65 गेंदों में 6 छक्के और 15 चौकों की मदद से 134 रन बनाए थे.

5. डेवाल्ड ब्रेविस (125*)
दक्षिण अफ्रीका के बल्लेबाज डेवाल्ड ब्रेविस ने 12 अगस्त को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 56 गेंदों में नाबाद 125 रन बनाए थे. इस पारी में उन्होंने 8 छक्के और 12 चौके लगाए थे.

6. ब्रेंडन टेलर (123)
जिम्बाब्वे के ब्रेंडन टेलर ने बोत्सवाना टीम के खिलाफ 28 सितंबर को 123 रन बनाए थे. 54 गेंदों में खेली इस पारी में उन्होंने 5 छक्के और 16 चौके लगाए.

7. एंड्रू डोनोवन (122*)
लिस्ट में 7वें नंबर पर फिलीपींस के बल्लेबाज एंड्रू डोनोवन हैं, जिन्होंने 12 जुलाई को साउथ कोरिया के खिलाफ नाबाद 122 रन बनाए थे. 54 गेंदों में खेली इस पारी में उन्होंने 7 छक्के और 11 चौके लगाए थे.

DGCA के डंडे के बाद IndiGo ने घटा दी फ्लाइट्स

DGCA के डंडे के बाद IndiGo ने घटा दी फ्लाइट्स
सरकार और डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एवियशन के निर्देशों के बाद भारत की सबसे बड़ी एयरलाइंस इंडिगो ने अपने घरेलू फ्लाइट ऑपरेशंस में लगभग 10% की कमी कर दी है. इससे 94 रूट पर रोजाना लगभग 130 फ्लाइट कम हो गई थी. यह कदम एक बड़े ऑपरेशनल रुकावट के बाद उठाया गया है. इस वजह से कुछ दिनों में हजारों फ्लाइट कैंसिल हो चुकी हैं. इस वजह से एविएशन अधिकारियों को दखल देना पड़ा.

भारत के सबसे व्यस्त रूट पर कोई असर नहीं

कुल कमी के बावजूद इंडिगो ने अपने सबसे ज्यादा फ्रीक्वेंसी वाले और सबसे ज्यादा मुनाफे वाले रूट को पूरी तरह से सुरक्षित रखा हुआ है. दिल्ली-मुंबई, दिल्ली-बेंगलुरु और मुंबई-बेंगलुरु जैसे मुख्य रूट पर फ्लाइट की फ्रीक्वेंसी में कोई कटौती नहीं की गई. एविएशन एनालिटिक्स फर्म सिरियम डेटा से पता चलता है कि यह रूट पुरी क्षमता के साथ चल रहे हैं. अकेले दिल्ली-मुंबई सेक्टर पर ही रोजाना 20 तक फ्लाइट चल रही हैं.

बेंगलुरु एयरपोर्ट पर सबसे ज्यादा कटौती
भारत के सबसे व्यस्त एयरपोर्ट में से बेंगलुरु को कटौती का सबसे ज्यादा असर झेलना पड़ा. यहां अकेले 29 दिसंबर को ही इंडिगो ने बेंगलुरु में 52 फ्लाइट कम की, 26 डिपार्चर और 26 अराइवल. यह देश में किसी भी एयरपोर्ट पर सबसे बड़ी कटौती है.

बेंगलुरु के बाद हैदराबाद में 34 फ्लाइट कम की गई और चेन्नई में 32 फ्लाइट कम की गई. इसी के साथ कोलकाता और अहमदाबाद में भी काफी कटौती हुई. यहां दोनों जगह से शेड्यूल से 22-22 फ्लाइट हटा दी गई.

दिल्ली और मुंबई काफी हद तक बचे रहे
दिलचस्प बात यह है कि इंडिगो के दो सबसे बड़े हब दिल्ली और मुंबई इस कटौती से लगभग अछूते ही रहे. दिल्ली में कोई फ्लाइट कम नहीं की गई जबकि मुंबई में सिर्फ दो फ्लाइट हटाई गई. मुंबई में एक अराइवल और एक डिपार्चर फ्लाइट हटाई गई. आपको बता दें कि कटौती का एक बड़ा हिस्सा छोटी दूरी के रूट पर भी हुआ. सिर्फ दो रूट चेन्नई-मदुरै और मदुरै-चेन्नई पर सबसे ज्यादा पांच पांच फ्लाइट की कटौती हुई. कुछ रूट पर चार या तीन फ्लाइट कम की गई. इसी के साथ 72 रूट पर सिर्फ एक फ्लाइट कम की गई. इस फेरबदल के तहत इंडिगो ने उस दिन चार रूट्स पर अपनी सर्विस पूरी तरह से बंद कर दी जिनमें गोवा-सूरत, सूरत-गोवा, चेन्नई-दुर्गापुर और दुर्गापुर-चेन्नई शामिल हैं.

हॉलीवुड फिल्म ‘अवतार फायर एंड ऐश’ 11वें दिन ठीकठाक कमाई

हॉलीवुड फिल्म ‘अवतार फायर एंड ऐश’ 11वें दिन ठीकठाक कमाई
फेमस हॉलीवुड डायरेक्टर जेम्स कैमरून की फिल्म ‘अवतार फायर एंड ऐश’ उस टाइम बॉक्स ऑफिस पर आई जब कोई भी इंडियन फिल्म थिएटर्स में आते ही घाटे में जा रही थी. वजह थी रणवीर सिंह की ‘धुरंधर’.

इतनी बड़ी इंडियन ब्लॉकबस्टर के सामने आकर भी ये साई-फाई फिल्म बॉक्स ऑफिस पर न सिर्फ अच्छी कमाई करने में सफल रही, बल्कि 100 करोड़ी बन गई. इसके बाद इंडिया में साल 2025 की सबसे ज्यादा कमाई वाली हॉलीवुड फिल्म भी बन गई.

अब फाइनली ये फिल्म उस रिकॉर्ड को बनाने के करीब पहुंच चुकी है जो साल 2022 के बाद से इंडिया में कोई भी हॉलीवुड फिल्म नहीं बना पाई है. तो चलिए फिल्म की कमाई जानते हुए ये पता करते हैं कि आखिर वो रिकॉर्ड है कौन सा.

‘अवतार फायर एंड ऐश’ का बॉक्स ऑफिस कलेक्शन

फिल्म ने एक हफ्ते में 109.5 करोड़ रुपये कमाए. 8वें और 9वें दिन की कमाई 7.65 करोड़ और 10 करोड़ रही. 10वें दिन 10.75 करोड़ का कलेक्शन हुआ और अब आज यानी 11वें दिन 8:05 बजे तक फिल्म 3.48 करोड़ रुपये कमाते हुए टोटल 141.38 करोड़ रुपये कमा चुकी है.

बता दें कि सैक्निल्क पर उपलब्ध आज का डेटा फाइनल नहीं है. इसमें बदलाव हो सकता है.

‘अवतार फायर एंड ऐश’ 2022 के बाद ये रिकॉर्ड बनाने वाली पहली फिल्म बनी

‘अवतार 3’ 150 करोड़ी बनने से थोड़ी ही दूर बची है. इससे पहले ये रिकॉर्ड इसी फिल्म सीरीज के दूसरे पार्ट ‘अवतार द वे ऑफ वॉटर’ ने साल 2022 में बनाया था. इस फिल्म ने इंडिया में 391.40 करोड़ रुपये कमाते हुए इंडिया में सबसे ज्यादा कमाई वाली हॉलीवुड फिल्म का रिकॉर्ड भी बनाया है.

इसके बाद कई बड़ी हॉलीवुड फिल्में इंडिया में रिलीज तो हुईं लेकिन किसी ने भी 150 करोड़ का आंकड़ा पार नहीं किया.

MEA ने अल्पसंख्यकों को लेकर लगाई फटकार

MEA ने अल्पसंख्यकों को लेकर लगाई फटकार
भारत ने सोमवार (29 दिसंबर 2025) को पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय की ओर से भारत में कथित अल्पसंख्यक हमलों के संबंध में दिए गए बयानों को निराधार बताते हुए खारिज कर दिया. इसके साथ ही MEA ने पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों पर हो रहे अत्याचारों को लेकर उसके ही रिकॉर्ड की ओर ध्यान दिलाया. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने पाकिस्तान को अपने मुल्क के गिरेबां में झांकने की नसीहत दी है

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि नई दिल्ली ने पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ताहिर अंद्राबी द्वारा दिए गए बयानों का संज्ञान लिया है और उन्हें निराधार बताया है. जायसवाल ने कहा, ‘हम उस देश की इन टिप्पणियों को खारिज करते हैं जिसका इस मामले में बेहद खराब रिकॉर्ड खुद ही सब कुछ बयां करता है.’

उन्होंने इस बात पर जोर देते हुए कहा कि पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों के साथ होने वाला बर्ताव सर्वविदित है. उन्होंने कहा, ‘पाकिस्तान में अलग-अलग धर्मों के अल्पसंख्यकों को भयानक और सुनियोजित तरीके से परेशान किया जाना एक ज्ञात सच है. कितनी भी उंगली उठा लें, यह बात मिट नहीं जाएगी.’

पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय की तरफ से जारी एक आधिकारिक बयान में दावा किया गया कि भारत में क्रिसमस से पहले तोड़फोड़ और हिंसा की घटनाएं हुईं, जिससे धार्मिक अल्पसंख्यकों में भय और असुरक्षा की भावना बढ़ रही है. पाकिस्तान ने आरोप लगाया, ‘भारत में अल्पसंख्यकों का उत्पीड़न गहरी चिंता का विषय है. न सिर्फ ईसाई समुदाय के त्योहारों को निशाना बनाया गया, बल्कि मुसलमानों के खिलाफ भी हिंसा को बढ़ावा दिया गया.’

ये वो पाकिस्तान है, जहां खुद अल्पसंख्यकों के पास कोई अधिकार नहीं है. बलूचिस्तान के युवाओं और महिलाओं के साथ जो हो रहा है उसकी गूंज वैश्विक मंच पर साफ सुनी जा सकती है. संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि पाकिस्तान में हर साल करीब 1,000 हिंदू और ईसाई लड़कियों को अगवा किया जाता है और उनका धर्म परिवर्तन कर जबरन शादी करवा दी जाती है.

साल 2022 में मानवाधिकार फैक्ट शीट के मुताबिक 124 हिन्दू लड़कियों का जबरन धर्म परिवर्तन किया गया और मुस्लिम लड़कों से उनकी शादी करा दी गई. 2019 से 2025 तक हिंदुओं के खिलाफ 334 गंभीर हिंसा और हत्या के मामले दर्ज किए गए हैं.

तृणमूल नेता की हरकत के बाद गुस्से में चुनाव आयोग

तृणमूल नेता की हरकत के बाद गुस्से में चुनाव आयोग
चुनाव आयोग इस समय तेजी से SIR के काम में लगा हुआ है। इस दौरान पश्चिम बंगाल में ड्राफ्ट वोटर लिस्ट के बारे में दावों और आपत्तियों पर सुनवाई(SSR) चल रही है। सुनवाई के दौरान तृणमूल विधायक के द्वारा की गई हरकत पार्टी को महंगी पड़ती दिख रही है।

विधायक के द्वारा जबरदस्ती ड्राफ्ट पर चल रही सुनवाई में बाधा डाली गई, जिसके बाद चुनाव आयोग ने आदेश दिया कि ड्राफ्ट पर चल रही सुनवाई में किसी भी BLA को शामिल होने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

बता दें कि चुनाव आयोग का यह आदेश तृणमूल विधायक के बंगाल जिले में सुनवाई की प्रक्रिया को रोकने के बाद आया था।

चुनाव आयोग का आदेश
भारतीय चुनाव आयोग (ECI) ने सोमवार को एक आदेश जारी किया है। इसमें आयोग ने यह साफ कर दिया है कि पश्चिम बंगाल में ड्राफ्ट वोटर लिस्ट के बारे में दावों और आपत्तियों पर सुनवाई में किसी भी राजनीतिक पार्टी के बूथ-लेवल एजेंट (BLA) को मौजूद रहने की इजाजत नहीं दी जाएगी।

पश्चिम बंगाल के मुख्य चुनाव अधिकारी (CEO) मनोज कुमार अग्रवाल के ऑफिस के सूत्रों ने बताया कि ECI ने यह साफ कर दिया है कि अगर किसी राजनीतिक पार्टी का कोई BLA सुनवाई सेशन में मौजूद होता है, तो चुनावी रजिस्ट्रेशन अधिकारी (ERO) जिम्मेदार होंगे।

anath-bachchon-ke-liye-sarkari-yojana-2026

अनाथ बच्चों के लिए सरकार की खास योजनाएँ, पढ़ाई से लेकर आर्थिक सहायता तक

0
नई दिल्ली | सरकारी योजना समाचार देश में ऐसे कई बच्चे हैं, जिन्होंने अपने माता-पिता को खो दिया है या जिनके पास देखभाल करने वाला...
Government welfare schemes have improved the living standards of 22 crore people

सरकारी कल्याण योजनाओं से 22 करोड़ लोगों के जीवन स्तर में सुधार, MoSPI के...

0
नई दिल्ली। भारत में सरकारी सामाजिक कल्याण योजनाओं के माध्यम से गरीब और जरूरतमंद परिवारों को मिलने वाली मुफ्त या रियायती वस्तुओं से उनके...

भोपाल AIIMS में अंगदान से 3 लोगों को नई जिंदगी की उम्मीद, शिवानी को...

0
भोपाल/नर्मदापुरम। अपनों को खोने का दर्द कितना गहरा होता है, यह उस परिवार से बेहतर कौन समझ सकता है, जिसने सड़क हादसे में अपनी...
social welfare 2026

₹53,428 करोड़ की सामाजिक सहायता योजना मंजूर, दिव्यांग पेंशन के नियमों में बदलाव

0
नई दिल्ली, 16 अक्टूबर। केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (NSAP) को अगले पांच वर्षों तक जारी रखने के लिए ₹53,428 करोड़ की...
PM-USP CSSS Scholarship Renewal 2026-27

PM-USP CSSS Scholarship Renewal 2026-27: 31 अक्टूबर तक करें आवेदन, जानें पात्रता, जरूरी दस्तावेज...

0
भोपाल | KOLAR18.COM | Social Welfare & Education News कॉलेज और विश्वविद्यालय में पढ़ाई कर रहे विद्यार्थियों के लिए छात्रवृत्ति से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी सामने...