उन्नाव रेप केस में दिल्ली HC के जजों पर टिप्पणी को लेकर सुप्रीम कोर्ट में भड़के CJI

उन्नाव रेप केस में दिल्ली HC के जजों पर टिप्पणी को लेकर सुप्रीम कोर्ट में भड़के CJI
उन्नाव रेप कांड के मामले में सोमवार को सुनवाई हुई, जिसमें सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के फैसले को पलटते हुए आरोपी कुलदीप सिंह सेंगर की जमानत पर रोक लगा दी। वहीं, सुनवाई के दौरान दिल्ली हाई कोर्ट के न्यायाधीशों, न्यायमूर्ति सुब्रमणियन प्रसाद और न्यायमूर्ति हरीश वैद्यनाथन के खिलाफ सोशल मीडिया पर आक्रोश का भी उल्लेख हुआ। जिस पर CJI सूर्यकांत ने इसे “बहुत दुर्भाग्यपूर्ण” बताते हुए आलोचना की और कहा कि लोग इस स्थिति का “राजनीतिक लाभ” लेने की कोशिश कर रहे हैं।

अदालत के भीतर बहस करें- CJI
सुनवाई के दौरान, वरिष्ठ वकील सिद्धार्थ डेव और एन हरिहरन, जिन्होंने सेंगर का पक्ष रखा उन्होंने बताया कि हाई कोर्ट के दोनों न्यायाधीशों के खिलाफ आरोप लगाए जा रहे हैं, जिन्होंने CBI के विरोध के बावजूद सेंगर को जमानत दी। हरिहरन ने कहा कि यह व्यवहार अदालत के अपमान के बराबर हो सकता है, जबकि डेव ने बताया कि न्यायाधीशों की तस्वीरें ऑनलाइन साझा की जा रही हैं और लोगों से उन्हें “पहचानने” के लिए कहा जा रहा है। इस पर CJI सूर्यकांत ने कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा, “यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। हम किसी शाही महल में नहीं बैठे हैं। लोग राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रहे हैं, सिस्टम को दबाने का प्रयास मत करें। इस तरह की बहस बाहर नहीं, बल्कि अदालत के भीतर होनी चाहिए।” वहीं, CBI की तरफ से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता प्रतिनिधित्व कर रहे थे, उन्होंने कहा कि किसी भी तरह की बदनाम करने की कोशिश की निंदा की जानी चाहिए और उन्हें पूरी तरह भरोसा है।

SC से पीड़ित संतुष्ट
रविवार को पीड़िता ने सुप्रीम कोर्ट से आरोप की जमानत पर रोक लगाने की उम्मीद जताई थी और सोमवार को वही हुआ, जिसके बाद पीड़िता ने कहा है कि “मैं इस निर्णय से बहुत खुश हूं। मुझे सुप्रीम कोर्ट से न्याय मिला है। मैं शुरू से ही न्याय के लिए आवाज उठाती रही हूं। मैं किसी भी अदालत के खिलाफ कोई आरोप नहीं लगाती, मुझे सभी अदालतों पर भरोसा है, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने मुझे न्याय दिया है और ऐसा ही जारी रहेगा।”

गौरतलब है कि दिल्ली हाई कोर्ट से रेप के आरोपी कुलदीप सिंह सेंगर को जमानत मिलने के बाद से यह मामला तूल पकड़ लिया था। पीड़िता अपनी मां के साथ हाई कोर्ट के बाहर धरने पर बैठ गई थी, लेकिन दिल्ली पुलिस ने उन्हें वहां से हटा दिया। इसके बाद कोर्ट के फैसले के खिलाफ दिल्ली के जंतर-मंतर पर भीड़ इकट्ठा होने लगी और विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए।

जशपुर जिले के शासकीय विद्यालयों में डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने नई पहल

जशपुर जिले के शासकीय विद्यालयों में डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने नई पहल
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मौजूदगी में आज बगिया में जशपुर जिले के शासकीय विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण एवं आधुनिक शिक्षण सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण समझौते पर हस्ताक्षर हुआ। विद्यालयों में डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए जिला प्रशासन जशपुर, एसईसीएल एवं ईडीसीआईएल के मध्य त्रिपक्षीय एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। इस अवसर पर जिला प्रशासन की ओर से कलेक्टर रोहित व्यास, एसईसीएल की ओर से जनरल मैनेजर सी. एम. वर्मा तथा ईडीसीआईएल की ओर से प्रोजेक्ट डायरेक्टर विकास सहरावत ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आधुनिक तकनीक के माध्यम से शिक्षा को रोचक एवं प्रभावी बनाना समय की आवश्यकता है, ताकि ग्रामीण एवं दूरस्थ अंचलों के बच्चों को भी शहरों के समान बेहतर शैक्षणिक संसाधन उपलब्ध कराए जा सके। उन्होंने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इससे विद्यार्थियों में नवाचार, जिज्ञासा एवं तकनीकी दक्षता का विकास होगा, जो उनके उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव बनेगा।

एमओयू के तहत जशपुर जिले के चयनित शासकीय विद्यालयों में चरणबद्ध रूप से इंटरएक्टिव पैनल स्थापित किए जाएंगे। इन उपकरणों के माध्यम से शिक्षक डिजिटल कंटेंट, वीडियो, प्रेजेंटेशन एवं ई-लर्निंग संसाधनों का उपयोग कर कक्षाओं को अधिक रोचक, सरल एवं प्रभावी बना सकेंगे। साथ ही एमओयू में इंटरएक्टिव पैनल की स्थापना के साथ-साथ उनके प्रशिक्षण, संचालन एवं नियमित मेंटेनेंस के प्रावधान भी शामिल किए गए हैं, ताकि उपकरणों का सतत एवं प्रभावी उपयोग सुनिश्चित हो सके।

इस परियोजना के लिए एसईसीएल द्वारा सीएसआर मद से 5 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है, जिसके अंतर्गत जिले के शासकीय विद्यालयों में 206 इंटरएक्टिव पैनल लगाए जाएंगे। इस पहल से जिले के सैकड़ों विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण डिजिटल शिक्षा की सुविधा प्राप्त होगी। कलेक्टर रोहित व्यास ने एसईसीएल एवं ईडीसीआईएल के सहयोग के लिए आभार व्यक्त करते हुए विश्वास जताया कि इस परियोजना से विद्यार्थियों के शैक्षणिक स्तर में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिलेगा।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने गजरथ यात्रा-2025 पुस्तक का किया विमोचन

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने गजरथ यात्रा-2025 पुस्तक का किया विमोचन
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज अपने निज निवास बगिया में गजरथ यात्रा-2025 पुस्तक का विमोचन किया। इस पुस्तक में जशपुर जिले में हाथी विचरण क्षेत्रों एवं संवेदनशील इलाकों के वर्गीकरण, विद्यालय स्तर पर चलाए जा रहे जागरूकता अभियानों, गज सूचना एवं नियंत्रण कक्ष की स्थापना, मानव-हाथी द्वंद प्रबंधन हेतु तकनीकी पहल एनीमल ट्रैकर ऐप प्रशिक्षण तथा जिलेभर में गजरथ यात्रा के विस्तार एवं उपलब्धियों का विस्तार से समावेश किया गया है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने हाथी-मानव द्वंद को कम करने और जनजागरूकता के क्षेत्र में उल्लेखनीय काम करने वाले 6 वनकर्मियों को प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। इनमें वनपाल उमेश पैंकरा, वनरक्षक दुर्गेश नंदन साय तथा आरआरटी से महत्तम राम सोनी, गणेश राम और रविशंकर पैंकरा, हाथी मित्र दल से फूल सिंह सिदार शामिल हैं।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पुस्तक में समाहित जानकारियां आमजन को हाथियों के व्यवहार को समझने, संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान करने तथा आवश्यक सतर्कता उपायों को अपनाने में सहायक होंगी। उन्होंने विद्यालय स्तर पर चलाए जा रहे जागरूकता अभियानों की सराहना करते हुए कहा कि बच्चों को प्रकृति और वन्यजीव संरक्षण से जोड़ना भविष्य के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने सम्मानित किए गए वनकर्मियों और आरआरटी सदस्यों की प्रशंसा करते हुए कहा कि इनकी सतर्कता, साहस और सेवाभाव के कारण ही कई गांवों में बड़ी घटनाएं टल सकी हैं, जिससे जान-माल की रक्षा संभव हो पाई है। इस दौरान कमिश्नर नरेन्द्र कुमार दुग्गा, आईजी दीपक कुमार झा, कलेक्टर रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशिमोहन सिंह तथा वनमंडलाधिकारी शशि कुमार सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

मन की बात में PM मोदी ने गिनाई 2025 में भारत की उपलब्धियां

मन की बात में PM मोदी ने गिनाई 2025 में भारत की उपलब्धियां
‘मन की बात’ के 129वें संस्करण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “इस साल, ‘ऑपरेशन सिंदूर’ हर भारतीय के लिए गर्व का प्रतीक बन गया. दुनिया ने साफ देखा कि आज का भारत अपनी सुरक्षा से कोई समझौता नहीं करता. ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान, दुनिया के हर कोने से भारत माता के प्रति प्यार और भक्ति की तस्वीरें सामने आईं. यही भावना तब भी देखने को मिली जब ‘वंदे मातरम’ के 150 साल पूरे हुए.”

पीएम मोदी ने कहा कि 2025 ने हमें ऐसे कई पल दिए हैं जिन पर हर भारतीय को गर्व हुआ. देश की सुरक्षा से लेकर खेल के मैदान तक, विज्ञान की प्रयोगशालाओं से लेकर दुनिया के बड़े मंचों तक, भारत ने हर जगह अपनी मजबूत छाप छोड़ी. भारत ने साइंस और स्पेस के क्षेत्र में भी बड़ी छलांग लगाई है. शुभांशु शुक्ला इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन पहुंचने वाले पहले भारतीय बने. पर्यावरण सुरक्षा और वन्यजीव संरक्षण से जुड़ी कई पहल भी 2025 में शुरू हुईं. भारत में अब चीतों की संख्या 30 से ज़्यादा हो गई है.

‘महाकुंभ के आयोजन ने पूरी दुनिया को हैरान कर दिया’
प्रधानमंत्री ने कहा, “2025 में आस्था, संस्कृति और भारत की अनोखी विरासत सब एक साथ देखने को मिलीं. साल की शुरुआत में प्रयागराज महाकुंभ के आयोजन ने पूरी दुनिया को हैरान कर दिया. साल के आखिर में अयोध्या में राम मंदिर में झंडा फहराने की सेरेमनी ने हर भारतीय को गर्व से भर दिया.” उन्होंने कहा कि लोगों ने स्वदेशी प्रोडक्ट्स के लिए भी बहुत उत्साह दिखाया है, लोग सिर्फ़ भारतीय की मेहनत से बने सामान खरीद रहे हैं. आज हम गर्व से कह सकते हैं कि 2025 ने भारत को और भी ज़्यादा आत्मविश्वास दिया है.

कन्नड़ पाठशाले का पीएम मोदी ने किया जिक्र
उन्होंने बताया कि दुबई में रहने वाले कन्नड़ परिवारों ने खुद से एक जरूरी सवाल पूछा कि हमारे बच्चे Tech-World में आगे तो बढ़ रहे हैं, लेकिन कहीं वो अपनी भाषा से दूर तो नहीं हो रहे हैं? यहीं से जन्म हुआ ‘कन्नड़ पाठशाले’ का. एक ऐसा प्रयास, जहां बच्चों को ‘कन्नड़’ पढ़ना, सीखना, लिखना और बोलना सिखाया जाता है. Geetanjali IISc यह अब सिर्फ एक Class नहीं, Campus का सांस्कृतिक केंद्र है. यहां हिन्दुस्तानी शास्त्रीय संगीत है, लोक परंपराएं हैं, शास्त्रीय विधाएं हैं, छात्र यहां साथ बैठकर रियाज करते हैं. Professor साथ बैठते हैं, उनके परिवार भी जुड़ते हैं.

मणिपुर के युवक ने पीएम ने दिया उदाहरण
पीएम मोदी ने बताया कि Smart India Hackathon 2025 का समापन इसी महीने हुआ है. इस Hackathon के दौरान 80 से अधिक सरकारी विभागों की 270 से ज्यादा समस्याओं पर students ने काम किया. जहां चाह, वहां राह- इस कहावत को सच कर दिखाया है मणिपुर के एक युवा मोइरांगथेम सेठ जी ने. उनकी उम्र 40 साल से भी कम है. मोइरांगथेम मणिपुर के जिस दूर-सुदूर क्षेत्र में रहते थे वहां बिजली की बड़ी समस्या थी. इस चुनौती से निपटने के लिए उन्होंने Local Solution पर जोर दिया और उन्हें ये Solution मिला Solar Power में.

पीएम मोदी ने कहा कि जनवरी 2026 में ओडिशा की पार्वती गिरि की जन्म-शताब्दी मनाई जाएगी. उन्होंने 16 वर्ष की आयु में ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ में हिस्सा लिया था. आजादी के आंदोलन के बाद पार्वती गिरि जी ने अपना जीवन समाज सेवा और जनजातीय कल्याण को समर्पित कर दिया था. उन्होंने कई अनाथालयों की स्थापना की. उनका प्रेरक जीवन हर पीढ़ी का मार्गदर्शन करता रहेगा.

बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ हिंसा का भारत ने उठाया मुद्दा तो यूनुस सरकार ने दिया जवाब

बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ हिंसा का भारत ने उठाया मुद्दा तो यूनुस सरकार ने दिया जवाब
बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ हो रही हिंसाओं को लेकर भारत ने मुद्दा उठाया था. इसको लेकर बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय का जवाब आया है. यूनुस सरकार ने भारत के दावों को सिरे से खारिज करते हुए उन्हें ‘छिटपुट घटनाएं’ करार दिया है.

बांग्लादेशी विदेश मंत्रालय ने जारी किया बयान
विदेश मंत्रालय ने रविवार (28 दिसंबर, 2025) को बांग्लादेश में अल्पसंख्यक समुदायों के हालात पर भारत के दावों को खारिज करते हुए कहा, ये टिप्पणियां जमीनी हकीककत को नहीं दिखाती हैं. ऐसी टिप्पणी को बांग्लादेश ने झूठा और भ्रामक बताया है. मंत्रालय ने कहा कि बांग्लादेश सांप्रदायिक सद्भाव की देश की दीर्घकालिक परंपरा को गलत तरीके से पेश करने वाली किसी भी बात को सिरे से खारिज करता है.

इसके साथ ही इस बयान में चिंता जताई गई कि ‘छिटपुट आपराधिक घटनाओं’ को हिंदुओं के संगठित उत्पीड़न के रूप में दिखाने और इस तरह की टिप्पणियों का इस्तेमाल भारत के कुछ हिस्सों में बांग्लादेश विरोधी भावनाओं को फैलाने के लिए करने का एक व्यवस्थित प्रयास किया जा रहा है.

चुनिंदा घटनाओं को तोड़-मरोड़कर पेश किया जा रहा- मंत्रालय
बांग्लादेशी विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कुछ वर्ग चुनिंदा घटनाओं को जानबूझकर प्रचार कर रहे और तोड़-मरोड़कर पेश कर रहे हैं, ताकि आम भारतीयों को बांग्लादेश, भारत में उसके राजनयिक मिशनों और संस्थानों के खिलाफ भड़काया जा सके.

मंत्रालय ने आगे कहा, ‘भारतीय विदेश मंत्रालय (MEA) के प्रवक्ता के तरफ से जिन लोगों का उल्लेख किया गया था, उनमें से एक लिस्टेड अपराधी था, जिसे एक मुस्लिम सहयोगी के साथ मिलकर किए गए एक्सटॉर्शन की कोशिश के दौरान मार दिया गया. वहीं, उसके मुस्लिम सहयोगी को भी गिरफ्तार किया गया है. इस घटना को अल्पसंख्यकों से जुड़ा हुआ मुद्दा बताना न सिर्फ गलत है, बल्कि पूरी तरह से भ्रामक भी है.

बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार
बांग्लादेश में शेख हसीना के तख्तापलट के बाद से ही इस्लामिक कट्टरवादी विचारधारा के लोग हिंदुओं समेत अन्य अल्पसंख्यकों पर अत्याचार कर रहे हैं. हिंदू समुदाय के लोगों की हत्या की जा रही है, उनके घरों में तोड़फोड़ कर उन्हें आग के हवाले कर दिया जा रहा है. बांग्लादेश में अब तक हिंदुओं के साथ हिंसा की कई घटनाएं हो चुकीं हैं. हाल में एक कट्टरवादी भीड़ ने बांग्लादेश के मयमनसिंह जिले में दीपू चंद्र दास नाम के एक हिंदू युवक की निर्मम हत्या कर दी. कट्टरवादी भीड़ ने पहले उसे सरेआम बेरहमी से पीट-पीटकर अधमरा कर दिया. इसके बाद पेड़ से लटकाकर उसे जिंदा आग के हवाले कर दिया.

मुख्यमंत्री साय की अध्यक्षता में बस्तर पंडुम की तैयारियों को लेकर हुई उच्चस्तरीय बैठक

मुख्यमंत्री साय की अध्यक्षता में बस्तर पंडुम की तैयारियों को लेकर हुई उच्चस्तरीय बैठक
बस्तर अंचल की समृद्ध लोकपरंपराओं, जनजातीय संस्कृति, कला और विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन के उद्देश्य से ‘बस्तर पंडुम’ का आयोजन वर्ष 2026 में भी गत वर्ष की भांति भव्य और आकर्षक रूप में किया जाएगा। इस संबंध में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में विगत दिवस मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में उच्चस्तरीय बैठक संपन्न हुई। बैठक में आयोजन की विस्तृत तैयारियों की समीक्षा की गई तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

बस्तर पंडुम 2026 का आयोजन 10 जनवरी 2026 से 5 फरवरी 2026 तक तीन चरणों में प्रस्तावित है। इसके अंतर्गत 10 से 20 जनवरी तक जनपद स्तरीय कार्यक्रम, 24 से 30 जनवरी तक जिला स्तरीय कार्यक्रम तथा 1 से 5 फरवरी तक संभाग स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

इस वर्ष बस्तर पंडुम में विधाओं की संख्या 7 से बढ़ाकर 12 की जा रही है। जिन विधाओं में प्रदर्शन एवं प्रतियोगिताएं होंगी, उनमें बस्तर जनजातीय नृत्य, गीत, नाट्य, वाद्ययंत्र, वेशभूषा एवं आभूषण, पूजा-पद्धति, शिल्प, चित्रकला, जनजातीय पेय पदार्थ, पारंपरिक व्यंजन, आंचलिक साहित्य तथा वन-औषधि प्रमुख हैं।

मुख्यमंत्री साय ने तैयारियों के संबंध में विभागीय अधिकारियों से विस्तृत जानकारी प्राप्त की और आयोजन को सुव्यवस्थित, गरिमामय तथा अधिक प्रभावी स्वरूप में संपन्न कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बस्तर पंडुम, बस्तर की असली आत्मा और सांस्कृतिक विरासत का सशक्त मंच है।

बैठक में यह बताया गया कि बस्तर पंडुम 2026 का लोगो, थीम गीत और आधिकारिक वेबसाइट का विमोचन माँ दंतेश्वरी के आशीर्वाद के साथ मंदिर प्रांगण में ही मुख्यमंत्री साय द्वारा किया जाएगा। इस अवसर पर वरिष्ठ मांझी–चालकी, गायता–पुजारी, आदिवासी समाज के प्रमुखजन तथा पद्म सम्मान से अलंकृत कलाकार उपस्थित रहेंगे। इस बार विशेष रूप से भारत के विभिन्न देशों में कार्यरत भारतीय राजदूतों को आमंत्रित किए जाने पर भी चर्चा हुई, ताकि उन्हें बस्तर की अद्वितीय सांस्कृतिक धरोहर, परंपराओं और जनजातीय जीवन से अवगत कराया जा सके। साथ ही बस्तर संभाग के निवासी उच्च पदस्थ अधिकारी, यूपीएससी एवं सीजीपीएससी में चयनित अधिकारी, चिकित्सक, अभियंता, वरिष्ठ जनप्रतिनिधि तथा देश के विभिन्न राज्यों के जनजातीय नृत्य दलों को आमंत्रित करने का भी निर्णय लिया गया।

प्रतिभागियों के पंजीयन की व्यवस्था इस बार ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से करने का प्रस्ताव है, जिससे अधिकाधिक कलाकारों और समूहों की भागीदारी सुनिश्चित हो सके।

उल्लेखनीय है कि बस्तर अंचल की कला, शिल्प, त्योहार, खान-पान, बोली-भाषा, आभूषण, पारंपरिक वाद्ययंत्र, नृत्य-गीत, नाट्य, आंचलिक साहित्य, वन-औषधि और देवगुड़ियों के संरक्षण एवं प्रचार-प्रसार के उद्देश्य से कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। इसके तहत बस्तर संभाग के सात जिलों के 1,885 ग्राम पंचायतों, 32 जनपद पंचायतों, 8 नगरपालिकाओं, 12 नगर पंचायतों और 1 नगर निगम क्षेत्र में तीन चरणों में आयोजन होगा। इस आयोजन के लिए संस्कृति एवं राजभाषा विभाग को नोडल विभाग नामित किया गया है।

बैठक में उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल, संस्कृति सचिव रोहित यादव, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, संचालक विवेक आचार्य सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कुशाभाऊ ठाकरे की पुण्यतिथि पर दी श्रद्धांजलि

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कुशाभाऊ ठाकरे की पुण्यतिथि पर दी श्रद्धांजलि
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में प्रख्यात जननायक कुशाभाऊ ठाकरे जी की पुण्यतिथि पर उनके छायाचित्र पर पुष्प अर्पित कर भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर सांसद संतोष पाण्डेय, विधायक प्रबोध मिंज, विधायक पुरन्दर मिश्रा सहित अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि कुशाभाऊ ठाकरे जी का संपूर्ण जीवन राष्ट्रहितऔर समाज-सेवा के लिए समर्पित रहा। वे सत्ता-प्राप्ति को उद्देश्य नहीं, बल्कि जनसेवा को राजनीति का परम लक्ष्य मानते थे।मूल्य-आधारित राजनीति, चरित्र, अनुशासन और कर्मठता उनके सार्वजनिक जीवन की पहचान रही।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि कुशाभाऊ ठाकरे जी ने भारतीय लोकतंत्र को मजबूत करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। लोकतांत्रिक संस्कारों के प्रसार में उनकी भूमिका सदैव स्मरणीय रहेगी। वे सरलता और आत्मीयता के माध्यम से लोगों के हृदय से जुड़ने वाले विरले नेता थे।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ के साथ कुशाभाऊ ठाकरे जी का गहरा और आत्मीय संबंध रहा है। उनके जीवन से यह प्रेरणा मिलती है कि राजनीति का मूल उद्देश्य सेवा, राष्ट्रहित एवं समाज कल्याण ही होना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कुशाभाऊ ठाकरे जी की पावन स्मृतियाँ हम सबके लिए प्रेरणास्रोत हैं और हमें जनकल्याण के कार्यों में सदैव सक्रिय रहने की प्रेरणा देती रहेंगी।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की बड़ी सौगात

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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की बड़ी सौगात
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा किसानों के हित में निरंतर लिए जा रहे फैसलों का सकारात्मक असर अब गांव–गांव तक दिखाई देने लगा है। सौर सुजला योजना मुख्यमंत्री की ऐसी ही एक दूरदर्शी सौगात है, जिसने जशपुर जिले के किसानों की खेती और किस्मत—दोनों बदलने का काम किया है।

दो वर्षो में जिले के 755 किसानों को मिली बड़ी राहत
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर जशपुर जिले में सौर सुजला योजना के तहत 755 किसानों को सोलर सिंचाई पंप की स्वीकृति मिली है। यह सौगात उन किसानों के लिए संजीवनी साबित हो रही है, जो अब तक बारिश और पारंपरिक साधनों पर निर्भर थे। सौर ऊर्जा से चलने वाले पंपों ने सिंचाई को आसान, सुलभ और किफायती बना दिया है।

बगीचा के बंधु यादव की सौर सुजला योजना से बदली तकदीर, मुख्यमंत्री का जताया आभार
जशपुर जिले के बगीचा तहसील क्षेत्र निवासी बंधु यादव ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की इस सौगात से लाभान्वित किसानों में शामिल हैं। सोलर पंप मिलने के बाद अब वे समय पर सिंचाई कर पा रहे हैं। इससे फसल की गुणवत्ता बेहतर हुई है और उत्पादन भी बढ़ा है।बंधु यादव कहते हैं कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की यह योजना उनके लिए उम्मीद की नई किरण बनकर आई है।

इसी तरह फरसाबहार तहसील के खुटशेरा निवासी दुलार साय भी इस योजना का लाभ उठा रहे हैं। सोलर पंप लगने से उन्होंने खेती का दायरा बढ़ाया है और अतिरिक्त फसलों की खेती शुरू की है। इससे उनकी आमदनी में बढ़ोतरी हुई है और परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है।

कम लागत, अधिक उत्पादन — किसानों को मिला आत्मविश्वास
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सोच के अनुरूप सौर सुजला योजना ने किसानों को कम लागत में अधिक उत्पादन का रास्ता दिखाया है। डीज़ल और बिजली पर होने वाला खर्च कम हुआ है, वहीं पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिला है। यह योजना खेती को आत्मनिर्भर और टिकाऊ बनाने की दिशा में एक मजबूत कदम है।

दो साल में दिखा सुशासन का असर
बीते दो वर्षों में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के सुशासन में किसानों को केंद्र में रखकर कई योजनाएं धरातल पर उतरी हैं। सौर सुजला योजना उनमें से एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है, जिसने जशपुर जिले के सैकड़ों किसानों को स्थायी सिंचाई सुविधा देकर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाया है।मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की यह सौगात आज जशपुर के किसानों के चेहरे पर मुस्कान और खेतों में हरियाली का प्रतीक बन चुकी है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया पोस्टर लांच

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया पोस्टर लांच
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार की शाम समत्व भवन मुख्यमंत्री निवास में अभ्युदय मध्यप्रदेश अभियान का पोस्टर लांच किया। यह अभियान 12 जनवरी से 26 जनवरी 2026 तक संचालित होगा। पोस्टर विमोचन के अवसर पर मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद के उपाध्यक्ष मोहन नागर, अपर मुख्य सचिव, योजना आर्थिक एवं सांख्यिकी संजय कुमार शुक्ला और परिषद के कार्यपालक निदेशक डॉ. बकुल लाड उपस्थित थे।

मध्यप्रदेश सरकार व्यापार व्यवसाय के उन्नयन के लिए प्रतिबद्ध : मुख्यमंत्री डॉ.यादव

मध्यप्रदेश सरकार व्यापार व्यवसाय के उन्नयन के लिए प्रतिबद्ध : मुख्यमंत्री डॉ.यादव
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने स्वदेशी वस्तुओं के उपयोग को बढ़ावा दिया है। मध्यप्रदेश सरकार भी भोजपाल मेले जैसी गतिविधियों को प्रोत्साहित कर रही है। व्यापार और वाणिज्य क्षेत्र के उन्नयन के लिए मध्यप्रदेश सरकार प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को भोपाल के भेल क्षेत्र में भोजपाल मेले 2025 को संबोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मेले की श्रेष्ठ व्यवस्थाओं और उत्कृष्टआयोजन के लिए आयोजकों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि मेला वो है जहां लोग परस्पर मिलते हैं। व्यक्तियों के मध्य मतभेद को समाप्त करवाने में भी मेले महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भोपाल के मौसम का उल्लेख करते हुए कहा कि यहां पर्यटन विकास के लिए बड़ी झील में शिकारों का संचालन प्रारंभ किया गया है। भोपाल के नागरिक पर्यटन के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों और इस तरह के मेलों का आनंद लेना पसंद करते हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मेले में उपस्थित नागरिकों से चर्चा की और उनके साथ सेल्फी भी खिंचवाई। साथ ही विभिन्न व्यंजन स्टॉल्स का अवलोकन किया। उन्होंने मालवा क्षेत्र में लोकप्रिय व्यंजन गराडू का स्वाद लिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का मेला समिति के पदाधिकारी सुनील यादव और विकास वीरानी ने स्वागत किया।

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