साहिबजादों के वीरता एवं बलिदान को जन जन तक पहुंचाने की आवश्यकता – मुख्यमंत्री साय

साहिबजादों के वीरता एवं बलिदान को जन जन तक पहुंचाने की आवश्यकता – मुख्यमंत्री साय
वीर बाल दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज शाम राजधानी स्थित रेल्वे स्टेशन गुरुद्वारा पहुंचकर साहिबजादों की शहादत को नमन किया एवं मत्था टेका।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि प्रथम गुरु गुरुनानक देव से लेकर 10वें गुरु तक सिख धर्म के सभी गुरुओं और उनके परिवारों ने देश की रक्षा के लिए कुर्बानियां दीं। भारतीय इतिहास में सिख वीरों ने महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

वीर बाल दिवस 10वें सिख गुरु, गुरु गोविंद सिंह के छोटे बेटों की असाधारण वीरता और शहादत की याद दिलाता है। साहिबजादा फतेह सिंह और जोरावर सिंह की शहादत पर हर वर्ष 26 दिसंबर को वीर बाल दिवस मनाने की शुरुआत हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने की। लगातार यह दिवस समारोह भव्यता एवं विराट रूप में मना रहे है। बहुत छोटी उम्र में साहिबजादों ने अन्याय के सामने झुकने से इनकार कर दिया और धर्म व सच्चाई की रक्षा के लिए महान साहस दिखाया। उनका जीवन हमें सिखाता है कि सच्चाई, हिम्मत और आत्मसम्मान सबसे बड़ी ताकत हैं।

मुख्यमंत्री साय ने आगे कहा सिख समाज की मांग पर हमारी सरकार साहिबजादों की बलिदान की गाथाओं को शैक्षणिक पाठ्यक्रम में शामिल किया गया हैं। कक्षा तीसरी की पाठ्यक्रम में इसे पढ़ाया जाएगा। निश्चित ही आने वाले पीढ़ियों को साहिबजादों के बलिदानों एवं साहस के बारे में जानकारी मिलेगी। हमारे देश के ऐसे वीर बलिदानों को इतिहास में स्वाभाविक स्थान नहीं मिला था जिसे हमारी सरकार वीर बाल दिवस की घोषणा कर उनकी वीरता एवं साहस को समाज के जन जन तक पहुंचाने का कार्य कर रही है ।

इस अवसर पर क्रेडा अध्यक्ष भूपेंद्र सवन्नी,नान अध्यक्ष संजय वास्तव, अल्पसंख्यक आयोग अध्यक्ष अमरजीत सिंह छाबड़ा, गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी अध्यक्ष सुरेन्दर सिंह छाबड़ा सहित सिख समाज के प्रतिनिधिगण बड़ी संख्या उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री साय ने किया गैंदसिंह नायक की प्रतिमा का अनावरण

मुख्यमंत्री साय ने किया गैंदसिंह नायक की प्रतिमा का अनावरण
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर शहीद शिरोमणि गैंदसिंह नायक मूर्ति का अनावरण किया और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह और सांसद संतोष पाण्डेय विशेष रूप से उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री साय ने कार्यक्रम में 1.21 करोड़ रूपए की लागत से निर्मित हायर सेकेण्डरी स्कूल भवन एवं 1 करोड़ 52 लाख 97 हजार रूपए की लागत से निर्मित 50 सीटर प्री मैट्रिक छात्रावास भवन का लोकार्पण किया। गोड़लवाही से ग्राम उमरवाही तथा उमरवाही से करमरी तक सड़क चौड़ीकरण, गोड़लवाही में नवीन महाविद्यालय स्थापना और स्कूल परिसर में बाऊण्ड्रीवाल तथा अटल समरसता भवन निर्माण की घोषणा की। इस अवसर पर स्वामित्व योजना के तहत हितग्राहियों को अधिकार पत्र, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत महिलाओं को गैस कनेक्शन का वितरण किया।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में नक्सलियों की मांद में प्रहार किया गया है। नक्सलवाद अब अंतिम सांसे गिन रहा है। विगत दो वर्षों में डबल इंजन सरकार के होने से नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास कार्यों में गति आयी है। उन्होंने कहा कि मार्च 2026 तक देश से नक्सलवाद के खात्मे के लक्ष्य के अनुरूप हम तेजी से आगे बढ़ रहे है। आत्मसमर्पित नक्सलियों के पुनर्वास के लिए कार्य किए जा रहे है। नियद नेल्ला नार योजना के माध्यम से 400 से अधिक ग्राम शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली, पानी, अधोसंरचना एवं विकास कार्यों से जुड़ रहे है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा जनजातीय समाज के महानायकों एवं स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को समर्पित भव्य डिजिटल संग्रहालय का लोकार्पण राज्य स्थापना दिवस पर किया गया है। इस डिजिटल संग्रहालय में जनजातीय समाज द्वारा अंग्रेजों के विरूद्ध किए गए 14 बड़े विद्रोह का सचित्र चित्रण किया गया है। उन्होंने सभी से रायपुर पहुंचकर संग्रहालय का अवलोकन करने का आग्रह किया।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि देश के राष्ट्रपति पद पर आसीन द्रौपदी मुर्मु जनजातीय समाज से है। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री भारतरत्न अटल बिहारी वाजपेयी ने जनजातीय समाज के विकास एवं क्षेत्र के विकास के लिए छत्तीसगढ़ राज्य का निर्माण किया और आज छत्तीसगढ़ का तेजी से विकास हो रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के माध्यम से गांव-गांव तक पक्की सड़कों का निर्माण करवाया और जनजातीय समाज के विकास के लिए आदिम जाति कल्याण मंत्रालय का गठन किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जनजातीय समाज को आगे बढ़ाने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे है। महतारी वंदन योजना में 70 लाख महिलाओं को प्रतिमाह 1000 रूपए की सहायता राशि दी जा रही है। तेंदूपत्ता संग्रहण राशि 4000 रूपए से बढ़ाकर 5500 रूपए बोरा की गई है। तेंदूपत्ता संग्रहण से 13 लाख परिवारों को लाभ मिल रहा है। रामलला दर्शन योजना के तहत 38 हजार बुजुर्ग हितग्राही लाभान्वित हुए है।

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि परलकोट से अंग्रेजों के खिलाफ शोषण के विरूद्ध आजादी की मशाल जलाई एवं युद्ध का बिगुल फूंका। शहीद गैंदसिंह की सोच के अनुरूप शोषण मुक्त, स्वाभिमानी एवं आत्मनिर्भर जनजातीय समाज की स्थापना हो रही है।

सांसद संतोष पाण्डेय ने कहा कि आदिवासी समाज स्वतंत्रता के आंदोलन में अग्रिम पंक्ति में लडऩे वाला समाज है। उन्होंने कहा कि भगवान धरती आबा बिरसा मुण्डा और शहीद वीर नारायण सिंह ने अपनी पूरी संपत्ति समाज के लिए अर्पित कर दिया। इसी तरह वीर गुंडाधुर, वीर सुरेंद्र साय, रामाधीन गौड़, तिलक मांझी सहित ऐसे अनेक नाम हैं जिन्होंने देश के लिए अपने प्राणों की आहुति दी।

कार्यक्रम को पूर्व मंत्री महेश गागड़ा, अखिल भारतीय हल्बा-हल्बी आदिवासी समाज छत्तीसगढ़ महासभा के डॉ. देवेन्द्र माहला ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ कृषक कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष सुरेश चन्द्रवंशी सहित अनेक पंचायत प्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में सामाजिकबंधु और ग्रामीण उपस्थित थे।

प्राइड ऑफ मध्यप्रदेश-2025 में सम्मानित विभिन्न क्षेत्रों की विभूतियों का म.प्र. में अभिनंदन : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

प्राइड ऑफ मध्यप्रदेश-2025 में सम्मानित विभिन्न क्षेत्रों की विभूतियों का म.प्र. में अभिनंदन : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि उद्योग, व्यवसाय सहित कला, साहित्य संगीत के क्षेत्र की विभूतियों का मध्यप्रदेश की धरती पर अभिनंदन है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश का समृद्ध अतीत है।भारत में विभिन्न शासन व्यवस्था में नवरत्न की परंपरा रही है और उन्हें सम्मानित करने की परम्परा भी रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्राईड ऑफ मध्यप्रदेश : 2025 में विभिन्न क्षेत्रों में ख्याति अर्जित करने वाली विभूतियों को कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर में आयोजित अभिनंदन समारोह में सम्मानित किया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह लोकतंत्र की खुशबू है कि आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में प्रशासन की सुव्यवस्था कायम है। जनता के आशीर्वाद से प्रधानमंत्री मोदी तीसरी बार प्रधानमंत्री के रूप में कार्य कर रहे हैं। उन्होंने अनेक महत्वपूर्ण प्रतिमान गढ़े हैं। दशकों से लंबित समस्याओं का निराकरण हुआ है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अधोसंरचना निर्माण के क्षेत्र में कार्य करने वालों के अलावा अन्य क्षेत्रों में कार्य करने वालों की भूमिका भी बहुत महत्वपूर्ण है। इन विभूतियों ने रोल मॉडल बनने के लिए अथक परिश्रम किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार प्रगति के लिए सरलीकृत व्यवस्था और सुशासन स्थापित कर कार्य रही है। पारदर्शी व्यवस्था लागू करने के कारण राज्य में उद्योग और निवेश के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धि मिल रही है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में वर्ष 2028 तक प्रत्येक जिले में मेडिकल कॉलेज होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में सिंचाई क्षेत्र में 100 हेक्टेयर क्षेत्र को सिंचित करने का लक्ष्य है। डबल इंजन सरकार का यह संयोग विकास के क्षेत्र में अच्छी उपलब्धियां को सामने लाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सम्मान प्राप्त करने वाली विभूतियों को बधाई दी।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा खेल कमेंटेटर सुशील दोषी, क्रिकेटर जय प्रकाश यादव, फिल्म अभिनेता गोविंद नामदेव, मुकेश तिवारी सहित उद्योग, चिकित्सा और अन्य क्षेत्रों की हस्तियों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के प्रारंभ में संपादक सतीश सिंह और सीईओ सुमित मोदी ने भी संबोधित किया और अतिथियों का स्वागत किया।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने ‘गाय धर्म एवं विज्ञान’ ग्रंथ का किया विमोचन

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने ‘गाय धर्म एवं विज्ञान’ ग्रंथ का किया विमोचन
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ राज्य गौ संरक्षण एवं संवर्धन समिति द्वारा आयोजित गौ विज्ञान परीक्षा–2025 के लिए तैयार किए गए संदर्भ ग्रंथ “गाय धर्म एवं विज्ञान” के नवीनतम संस्करण का अपने निवास कार्यालय में आयोजित संक्षिप्त कार्यक्रम में विमोचन किया।

मुख्यमंत्री साय ने ग्रंथ को गौ विज्ञान के क्षेत्र में विद्यार्थियों और समाज के लिए उपयोगी बताते हुए समिति के प्रयासों की सराहना की और इसे ज्ञानवर्धन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया।

इस अवसर पर ग्रंथ के संपादक सुबोध राठी ने जानकारी देते हुए बताया कि पुस्तक में गौ की उत्पत्ति से जुड़े पौराणिक तथ्यों के साथ-साथ गाय के दूध, दही, घी, गोबर और गोमूत्र पर हुए विभिन्न वैज्ञानिक शोधों को प्रमाणों सहित बच्चों के अध्ययन हेतु सरल एवं व्यवस्थित रूप में संकलित किया गया है। इसके साथ ही गौ-आधारित कृषि, पंचगव्य उत्पादों का वैज्ञानिक विश्लेषण तथा गौ के पर्यावरणीय महत्व को भी विस्तार से प्रस्तुत किया गया है।

विमोचन कार्यक्रम में प्रमुख रूप से प्रांत संयोजक अन्ना सपारे, मनोज पाण्डेय, हार्दिक कोटक, मन्मथ शर्मा, दुलार सिंह सिन्हा, हेमराज सोनी, विक्रम केवलानी, अनुज तुलावी, मती रेवा यादव, विक्रांत शर्मा, श्याम अड़ेपवार, शंभु दास महंत सहित संपादक मंडल के सभी सदस्य उपस्थित रहे।

सीहोर वीआईटी यूनिवर्सिटी पर कार्रवाई ठंडी, सरकार के तेवर पड़े नरम

सीहोर वीआईटी यूनिवर्सिटी पर कार्रवाई ठंडी, सरकार के तेवर पड़े नरम
फाइलों में दबी छात्रों की आवाज
भोपाल। सीहोर स्थित वीआईटी यूनिवर्सिटी मामले में राज्य सरकार माहभर बाद भी किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी। वहीं,विवि प्रबंधन अपने अड़ियल रुख पर कायम है। उसने सरकारी जांच रिपोर्ट को भी नकार दिया है।
सरकार का रुख नरम,कार्रवाई ठंडे बस्ते में
विवि प्रबंधन का जवाब आने के बाद सरकार का रुख नरम है। सूत्रों के मुताबिक,यूनिवर्सिटी प्रबंधन का जवाब आए करीब एक पखवाड़ा गुजरने को है,लेकिन इस मामले में अब तक सिर्फ मंथन का दौर जारी है। सरकार के किसी नतीजे पर नहीं पहुंचने से अफसर भी चुप्पी साधे हुए हैं। कुरेदने पर उच्च शिक्षा विभाग के ओएसडी प्रो.अनिल पाठक ने कहा कि शासनस्तर पर प्रकरण विचाराधीन है। आगे जो निर्देश होंगे उसके अनुसार,विभाग कदम उठाएगा।

जांच रिपोर्ट व नोटिस को किया सिरे से खारिज
वीआईटी यूनिवर्सिटी सरकारी नोटिस को एक पखवाड़े पहले जवाब दे चुकी है। इसमें उसने सरकारी जांच रिपोर्ट व शोकॉज नोटिस को सिरे से खारिज किया। वहीं संस्थान में बीते माह हुई वारदात को अफवाह को वजह बताकर पल्ला झाड़ा।

सरकारी नोटिस को ठहराया गलत
विवि प्रबंधन ने उच्च शिक्षा विभाग की ओर से उसे दिए गए शो—कॉज नोटिस को गलत ठहराया। विवि ने जवाब में कहा कि यह असत्य व अपुष्ट सूचनाओं पर आधारित है,लिहाजा इसे वापस लिया जाए। विवि प्रबंधन ने सुनवाई का अवसर दिए जाने व तथ्यों को स्पष्ट करने का भी आग्रह जवाब में किया।

सरकार का रुख नरम,कार्रवाई ठंडे बस्ते में
विवि प्रबंधन का जवाब आने के बाद सरकार का रुख नरम है। सूत्रों के मुताबिक,यूनिवर्सिटी प्रबंधन का जवाब आए करीब एक पखवाड़ा गुजरने को है,लेकिन इस मामले में अब तक सिर्फ मंथन का दौर जारी है। सरकार के किसी नतीजे पर नहीं पहुंचने से अफसर भी चुप्पी साधे हुए हैं। कुरेदने पर उच्च शिक्षा विभाग के ओएसडी प्रो.अनिल पाठक ने कहा कि शासनस्तर पर प्रकरण विचाराधीन है। आगे जो निर्देश होंगे उसके अनुसार,विभाग कदम उठाएगा।

आयोग की जांच समिति कर चुकी है कड़ी सिफारिश
विवि में हुई घटना को लेकर मप्र निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग
वीआईटी संस्थान के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की सिफारिश कर चुका है। दरअसल,वारदात के बाद आयोग ने तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की थी। इस समिति की रिपोर्ट में भी छात्रों के आरोपों को सही ठहराया व विवि में व्याप्त अव्यवस्था,भयपूर्ण वातावरण व तानाशाही रवैए को उजागर किया। इसके बाद उच्च शिक्षा विभाग की ओर से संस्थान को शोकॉज नोटिस थमाया गया।
छात्रा की मौत के बाद फूटा था छात्रों का गुस्सा
बता दें कि दूषित पानी,भोजन से एक छात्रा की मौत व 35 छात्रों के पीलिया का शिकार होने पर ​वीआईटी यूनिवर्सिटी के छात्रों ने गत 26 नंवबर को उग्र प्रदर्शन किया था। इस दौरान बलवा,आगजनी व तोड़ुफोड़ की भी घटनाएं हुईं। इससे प्रदेश की देशभर में किरकिरी हुई।

सटोरिये आज़ाद खान की क्रेडिट सोसाइटी पर मंत्री सारंग का एक्शन

सटोरिये आज़ाद खान की क्रेडिट सोसाइटी पर मंत्री सारंग का एक्शन
तत्काल वित्तीय ट्रांजेक्शन बंद करने के दिये निर्देश
भोपाल, 26 दिसंबर 2025 ! सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने अशोकनगर में सट्टा संचालन एवं अवैध आर्थिक गतिविधियों के आरोपी आजाद खान से जुड़ी क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटी पर सख्त एक्शन लिया है। प्रकरण का संज्ञान लेते हुए मंत्री सारंग ने आजाद खान की केजीएन साख सहकारी संस्था मर्यादित, वार्ड क्रमांक 10, अशोकनगर की सभी वित्तीय ट्रांजेक्शन पर तत्काल रोक लगाने के निर्देश दिए हैं।

मंत्री सारंग ने प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि मामले की गहन और निष्पक्ष जांच कर 7 दिवस के भीतर जांच रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। जांच में यदि किसी भी स्तर पर दोष सिद्ध होता है, तो सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। तब तक आजाद खान की केजीएन साख सहकारी संस्था मर्यादित के सभी तरह के वित्तीय लेनदेन पर रोक रहेगी।
जानकारी के अनुसार , आजाद खान के विरुद्ध सट्टा संचालन सहित अन्य आपराधिक मामलों में पहले से कार्रवाई चल रही है तथा वह वर्तमान में जेल में बंद है। अवैध आर्थिक गतिविधियों के संदेह के चलते संबंधित क्रेडिट सोसायटी की भूमिका भी जांच के दायरे में लाई गई है।

पिता धर्मेंद्र को आखिरी बार बड़े पर्दे पर देखने के लिए ‘इक्कीस’ की स्पेशल स्क्रीनिंग रखेंगे सनी-बॉबी

पिता धर्मेंद्र को आखिरी बार बड़े पर्दे पर देखने के लिए ‘इक्कीस’ की स्पेशल स्क्रीनिंग रखेंगे सनी-बॉबी
बॉलीवुड के दिग्गज एक्टर धर्मेंद्र बीते महीने 89 साल की उम्र में इस दुनिया को छोड़कर जा चुके हैं. धर्मेंद्र के जाने के गम से अब तक उनके फैंस और फैमिली उबर नहीं पाए हैं. धर्मेंद्र 89 साल की उम्र में भी एक्टिंग की दुनिया में एक्टिव थे. उनकी फिल्म इक्कीस रिलीज होने वाली थी. धर्मेंद्र की आखिरी फिल्म इक्कीस अब 1 जनवरी को रिलीज होने वाली है. इस फिल्म की सनी और बॉबी स्पेशल स्क्रीनिंग रखेंगे.

इक्कीस में अगस्त्य नंदा और सिमर भाटिया लीड रोल में नजर आएंगे. ये एक बायोपिक है. जिसमें धर्मेंद्र भी अहम किरदार निभाते नजर आएंगे. धर्मेंद्र की आखिरी फिल्म देओल परिवार के लिए बहुत स्पेशल है. वो इसे लेकर बहुत इमोशनल हैं. धर्मेंद्र के बेटे सनी देओल और बॉबी देओल अपने पापा को आखिरी बार बड़े पर्दे पर देखने के लिए इक्कीस की स्पेशल स्क्रीनिंग होस्ट करने वाले हैं.

कब होगी स्पेशल स्क्रीनिंग
रिपोर्ट्स की मानें तो इक्कीस की स्पेशल स्क्रीनिंग अगले हफ्ते मुंबई में होने वाली है. ये पल देओल परिवार के लिए बहुत इमोशनल होने वाला है. धर्मेंद्र को आखिरी बार बड़े पर्दे पर देखना बहुत खास होगा. स्पेशल स्क्रीनिंग किस दिन होगी अभी ये साफ नहीं किया गया है.

धर्मेंद्र ने नहीं देखी पूरी फिल्म
इक्कीस को श्रीराम राघवन ने डायरेक्ट किया है. हाल ही में न्यूज एजेंसी एएनआई को दिए इंटरव्यू में श्रीराम राघवन ने खुलासा किया है कि धर्मेंद्र ने अपनी फिल्म पूरी नहीं देखी है. उन्होंने फिल्म का सिर्फ पहला पार्ट ही देखा है. सेंकड हाफ वो नहीं देख पाए थे. उन्होंने कहा- ‘मैं अक्टूबर में उनसे मिलने गया था. उस समय वह ठीक थे, लेकिन उनकी सेहत बहुत अच्छी नहीं थी. उन्होंने पहला हाफ देख लिया था और दूसरे हाफ का इंतजार कर रहे थे. मैं चाहता था कि वो पूरी फिल्म देखें मगर दुर्भाग्य से ऐसा नहीं हो पाया.’

कुमार विश्वास ने बिना नाम लिए गांधी परिवार को बताया ‘फर्जी गांधी’

कुमार विश्वास ने बिना नाम लिए गांधी परिवार को बताया ‘फर्जी गांधी’
देश के जाने-माने कवि और पूर्व नेता कुमार विश्वास ने एक बार फिर अपने तीखे अंदाज में कांग्रेस पर निशाना साधा है. इस बार उनका तंज सीधे देश के लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल और महात्मा गांधी को लेकर था. लखनऊ में एक कार्यक्रम के दौरान कुमार विश्वास ने कांग्रेस की विचारधारा और इतिहास को लेकर व्यंग्यात्मक अंदाज में कहा कि कांग्रेस ने कभी सरदार पटेल को अपना बताया ही नहीं.

उन्होंने कहा, “ये लोग तो इतने तेज हैं कि कांग्रेस कार्यालय के बाहर एक पुरखा बिठा रखा था. सरदार पटेल बाहर बैठे थे तो बीजेपी वाले उठा लाए. कांग्रेस बोली पटेल तो हमारे थे.”

‘नामों में ही उलझी रही कांग्रेस’
कुमार विश्वास ने आगे कहा कि कांग्रेस अपने ही परिवार और नामों में उलझी रही. उन्होंने कहा, “तुम तो अपने नानाजी, पापाजी, मम्मीजी, चाचीजी में ही लगे रहे. पटेल बाहर बैठे थे तो कोई पूछने वाला ही नहीं था,” कुमार विश्वास का इशारा कांग्रेस के परिवारवाद की ओर था, जिस पर वे पहले भी कई बार सवाल उठा चुके हैं.

अपने बयान में कुमार विश्वास यहीं नहीं रुके. उन्होंने महात्मा गांधी का जिक्र करते हुए कहा कि बीजेपी को गांधी जी को भी ले आना चाहिए. उन्होंने कहा, “गांधी जी स्वदेशी भी कह रहे हैं, आयुर्वेद भी, गीता भी पढ़ रहे हैं, खादी भी पहन रहे हैं. सारा काम तो वही है जो बीजेपी वाले कहते हैं.”

‘कांग्रेस के पास फर्जी गांधी’- कुमार विश्वास
इसके साथ ही उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि कांग्रेस के पास पहले से ही ‘तीन फर्जी गांधी’ हैं, इसलिए असली गांधी को लेने में बीजेपी को क्या दिक्कत है.

कुमार विश्वास का यह बयान ऐसे समय आया है जब देश में इतिहास और महापुरुषों की विरासत को लेकर राजनीति तेज है. उनके इस तंज को कांग्रेस पर सीधा हमला माना जा रहा है. समर्थक जहां इसे सटीक व्यंग्य बता रहे हैं, वहीं कांग्रेस समर्थकों को यह बयान नागवार गुजर रहा है.

उन्नाव रेप पीड़िता कांड में कुलदीप सिंह सेंगर को मिली जमानत

उन्नाव रेप पीड़िता कांड में कुलदीप सिंह सेंगर को मिली जमानत
जिस नाम से कभी उन्नाव की राजनीति कांपती थी, वही नाम अब अदालतों की फाइलों में दर्ज है. सात साल से ज्यादा समय तक जेल की सलाखों के पीछे रहने वाला एक पूर्व विधायक, जिसकी पहचान बाहुबली नेता के तौर पर थी, अब जमानत की खबर के साथ फिर सुर्खियों में है, जिसका नाम है कुलदीप सिंह सेंगर. सवाल सिर्फ कुलदीप सिंह की रिहाई का नहीं है, बल्कि सवाल यह भी है कि सत्ता, सियासत और अपराध के इस लंबे सफर में आखिर उनके पास कितनी दौलत जुड़ी और कितना सब कुछ छिन गया.

अदालत से राहत, लेकिन पूरी आजादी नहीं
उत्तर प्रदेश के बहुचर्चित उन्नाव रेप कांड में दोषी करार दिए गए पूर्व बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को दिल्ली हाई कोर्ट से बड़ी राहत मिली है. कोर्ट ने उनकी उम्रकैद की सजा पर रोक लगाते हुए जमानत मंजूर कर दी है. हालांकि यह जमानत सशर्त है और इसका मतलब यह नहीं है कि सेंगर तुरंत जेल से बाहर आ जाएंगे. अन्य मामलों में सजा और कानूनी प्रक्रियाएं अभी भी उनके रास्ते में हैं, जिस वजह से उनकी रिहाई फिलहाल संभव नहीं है.

सात साल की जेल और टूटी सियासी पकड़
कुलदीप सिंह सेंगर बीते सात वर्षों से अधिक समय से जेल में बंद हैं. एक समय यूपी की राजनीति में मजबूत पकड़ रखने वाले सेंगर ठाकुर समुदाय के प्रभावशाली नेता माने जाते थे. चार बार विधायक रह चुके सेंगर का राजनीतिक सफर ग्राम प्रधानी से शुरू होकर विधानसभा तक पहुंचा, लेकिन उन्नाव रेप कांड ने उनकी सियासी और सामाजिक हैसियत को पूरी तरह बदल दिया. जिस नेता को कभी सत्ता का केंद्र माना जाता था, वही अब राजनीतिक रूप से हाशिये पर है.

कितनी है कुलदीप सिंह सेंगर की संपत्ति
कुलदीप सिंह सेंगर की संपत्ति को लेकर सबसे भरोसेमंद जानकारी उनके चुनावी हलफनामों से मिलती है. 2007 विधानसभा चुनाव में उन्होंने अपनी कुल संपत्ति 36 लाख 23 हजार रुपये घोषित की थी. 2012 के चुनाव तक यह संपत्ति बढ़कर 1 करोड़ 27 लाख 26 हजार रुपये हो गई. 2017 विधानसभा चुनाव में सेंगर ने अपने हलफनामे में कुल संपत्ति करीब 2 करोड़ 90 लाख रुपये दिखाई. MyNeta.info और OurNeta.com के अनुसार यह आंकड़ा 2.90 करोड़ रुपये के आसपास रहा, जिसमें चल और अचल दोनों तरह की संपत्तियां शामिल थीं. इस दौरान उन्होंने किसी तरह की देनदारी या कर्ज नहीं दिखाया.

जेल, केस और घटती संपत्ति
2020 में ट्रायल कोर्ट के दौरान कुलदीप सिंह सेंगर ने दावा किया था कि जेल में रहने और मामलों की वजह से उनकी संपत्ति घट गई है. हालांकि 2017 के बाद उनकी संपत्ति को लेकर कोई नई आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक नहीं हुई है. यह भी सामने आया है कि लखनऊ के पॉश इलाकों में उनकी आवासीय संपत्ति रही है. 2015-16 में उन्होंने करीब 3 लाख 60 हजार रुपये से ज्यादा का इनकम टैक्स रिटर्न भरा था, जो उनकी घोषित आय को दर्शाता है.

चार बार विधायक, कई दल, एक पहचान
कुलदीप सिंह सेंगर को यूपी की राजनीति में ‘टर्नकोट’ नेता के तौर पर भी जाना जाता रहा है.
2002 में उन्होंने उन्नाव सदर सीट से BSP के टिकट पर जीत दर्ज की.
2007 में बांगरमऊ से SP के टिकट पर विधायक बने.
2012 में भगवंत नगर से SP के टिकट पर जीत हासिल की.
2017 में बांगरमऊ सीट से BJP के टिकट पर विधायक बने.
उन्नाव केस सामने आने के बाद 2019 में बीजेपी ने उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया.

विजय हजारे ट्रॉफी में विराट कोहली का बल्ला फिर गरजा

विजय हजारे ट्रॉफी में विराट कोहली का बल्ला फिर गरजा
भारतीय क्रिकेट के स्टार बल्लेबाज विराट कोहली ने विजय हजारे ट्रॉफी 2025–26 में अपनी शानदार फॉर्म को बरकरार रखते हुए एक और बेहतरीन पारी खेली है. दिल्ली और गुजरात के बीच खेले जा रहे एलीट राउंड के मुकाबले में विराट ने सिर्फ 29 गेंदों में अर्धशतक पूरा कर लिया. उनकी इस पारी ने एक बार फिर साबित कर दिया कि सीमित ओवरों के क्रिकेट में उनका क्लास और टाइमिंग आज भी बेमिसाल है.

पावरप्ले में ही बदला मैच का रुख
गुजरात के खिलाफ इस मुकाबले में विराट कोहली ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया. उन्होंने गेंदबाजों पर दबाव बनाते हुए मैदान के चारों ओर आकर्षक शॉट खेले. विराट की इस पारी में 11 चौके और एक छक्का शामिल रहा. खास बात यह रही कि उन्होंने पावरप्ले के ओवरों में ही दिल्ली को तेज शुरुआत दिला दी, जिससे टीम को शुरुआती बढ़त मिल गई.

लगातार छठी 50+ पारी
इस अर्धशतक के साथ विराट कोहली ने लिस्ट-ए क्रिकेट में लगातार छठी बार 50 से ज्यादा का स्कोर बनाया है. यह आंकड़ा उनकी निरंतरता और फिटनेस का साफ सबूत है. घरेलू क्रिकेट में वापसी के बाद से ही विराट शानदार लय में नजर आ रहे हैं और हर मैच में बड़ी पारी की उम्मीद जगाते हैं.

15 साल बाद विजय हजारे में वापसी
गौरतलब है कि इससे पहले मुकाबले में विराट कोहली ने 15 साल बाद विजय हजारे ट्रॉफी में वापसी की थी और आते ही यादगार पारी खेली. आंध्र प्रदेश के खिलाफ उन्होंने 101 गेंदों पर 131 रन बनाए थे और दिल्ली को चार विकेट से जीत दिलाई थी. उस पारी ने साफ कर दिया था कि घरेलू मंच पर भी विराट पूरी गंभीरता और जुनून के साथ खेल रहे हैं.

दिल्ली के लिए बड़ी ताकत
विराट कोहली की यह फॉर्म दिल्ली टीम के लिए किसी वरदान से कम नहीं है. उनका अनुभव और आक्रामक अंदाज युवा खिलाड़ियों को भी आत्मविश्वास दे रहा है. पावरप्ले में तेजी से रन बनाकर वह विपक्षी टीम की रणनीति को कमजोर कर रहे हैं.

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social welfare 2026

₹53,428 करोड़ की सामाजिक सहायता योजना मंजूर, दिव्यांग पेंशन के नियमों में बदलाव

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नई दिल्ली, 16 अक्टूबर। केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (NSAP) को अगले पांच वर्षों तक जारी रखने के लिए ₹53,428 करोड़ की...
PM-USP CSSS Scholarship Renewal 2026-27

PM-USP CSSS Scholarship Renewal 2026-27: 31 अक्टूबर तक करें आवेदन, जानें पात्रता, जरूरी दस्तावेज...

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भोपाल | KOLAR18.COM | Social Welfare & Education News कॉलेज और विश्वविद्यालय में पढ़ाई कर रहे विद्यार्थियों के लिए छात्रवृत्ति से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी सामने...