बांग्लादेश में फरवरी में राष्ट्रीय चुनाव के चलते भारत विरोधी 2 पार्टियों ने मिलाया हाथ

बांग्लादेश में फरवरी में राष्ट्रीय चुनाव के चलते भारत विरोधी 2 पार्टियों ने मिलाया हाथ
बांग्लादेश में फरवरी में राष्ट्रीय चुनाव होने हैं, जिसे लेकर राजनीतिक गातिविधियां तेज हो गई हैं. इसी के मद्देनजर बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के कार्यकारी अध्यक्ष और देश की पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के बेटे तारिक रहमान की मुल्क वापसी को काफी अहम माना जा रहा है. बांग्लादेश में बीएनपी के सबसे बड़ी पार्टी होने के कारण बाकी दलों में गठबंधन की कोशिशें तेज हो गई हैं.

जमात-ए-इस्लामी और नेशनल सिटिजन पार्टी (NCP) के बीच गठबंधन को लेकर बातचीत चल रही है. माना जा रहा है कि गठबंधन करने पर सहमति तकरीबन बन चुकी है. फिलहाल दोनों दलों में सीट शेयरिंग को लेकर बातचीत जारी है. बता दें कि बांग्लादेश की ये दोनों ही पार्टियां अपने भारत विरोधी एजेंडे के लिए जानी जाती हैं.

भारत के खिलाफ है जमात और एनसीपी
जमात-ए-इस्लामी बांग्लादेश में पाकिस्तान के पिट्ठू के तौर पर काम करती है और शुरू से ही भारत का विरोध करती आई है. वहीं एनसीपी का गठन बीते साल शेख हसीना के खिलाफ आंदोलन करने वाले छात्र नेताओं ने किया है. इस दल के नेता भी शुरुआत से ही भारत के खिलाफ बयानबाजी करते रहे हैं.

प्रोथोमोलो की रिपोर्ट के मुताबिक बीते साल बनी NCP किसी पुराने राजनीतिक दल के साथ मिलकर चुनाव लड़ना चाहती है. पार्टी नेताओं ने इसके लिए पहले BNP से गठबंधन की कोशिश की, लेकिन सीट बंटवारे पर बात अटक गई. इसके बाद जमात से संपर्क किया गया और इस बार बातचीत आगे बढ़ रही है. रिपोर्ट में कहा गया है कि NCP का एक धड़ा जमात के साथ गठबंधन के विरोध में है. उसका कहना है कि तारिक रहमान के बांग्लादेश लौटने के बाद एक बार फिर BNP के साथ बातचीत होनी चाहिए.

जमात के साथ सीट शेयरिंग पर सहमति
NCP नेताओं ने कहा कि पार्टी की टॉप लीडरशिप ने सीट-शेयरिंग को लेकर जमात के सीनियर नेताओं के साथ बातचीत की है. बताया जा रहा है कि NCP ने शुरू में 50 सीटों की मांग की थी, लेकिन बातचीत के बाद 30 सीटों पर सहमत हो गई. बाकी सीटों पर पार्टी उम्मीदवार नहीं उतारेगी. इन सीटों पर वो जमात के उम्मीदवारों का समर्थन करेगी.

बता दें कि इससे पहले NCP, अमर बांग्लादेश पार्टी और बांग्लादेश स्टेट रिफॉर्म मूवमेंट ने 7 दिसंबर को डेमोक्रेटिक रिफॉर्म अलायंस के बैनर तले एक गठबंधन बनाया था. अब NCP की कोशिश BNP या जमात के साथ समझौता करने की है.

राजस्थान के चौमूं में मस्जिद के बाहर बवाल

राजस्थान के चौमूं में मस्जिद के बाहर बवाल
राजस्थान के जयपुर जिले के चौमूं कस्बे में शुक्रवार सुबह एक मस्जिद के बाहर लोहे की रेलिंग लगाने को लेकर हुए विवाद के बाद दंगाईयों और पुलिस के बीच हिंसक झड़प हुई. इस घटना के बाद इलाके में तनाव फैल गया. यह घटना सुबह करीब 3 बजे चौमूं बस स्टैंड के पास हुई. पथराव में कई पुलिसकर्मी घायल हुए और स्थिति को काबू में करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े गए.

इन सबके बीच चोमू में पत्थरबाजी की घटना में पकड़े गए लोगों में से एक ने कहा, ‘हमने कुछ नहीं किया है.’ हिरासत में लिए गए लोगों में से एक अन्य ने कहा कि, “मैंने पत्थरबाज़ी नहीं की. मेरे घर में मलबा था. मैं कसम खाता हूँ कि मैंने एक भी पत्थर नहीं उठाया.”

कलंदरी मस्जिद का क्या है मामला?
उधर, पश्चिम जिले के DCP हनुमान प्रसाद मीणा ने बताया, ‘यहां कलंदरी मस्जिद है जिस पर अतिक्रमण को लेकर काफी समय से विवाद चला आ रहा था. एक पक्ष द्वारा स्वेच्छा से अतिक्रमण को हटाया गया लेकिन कुछ लोगों द्वारा वहां स्थायी रूप से कुछ लोहे के एंगल गाड़कर अतिक्रमण करने का प्रयास किया गया. जिसको हमारे द्वारा हटाया जा रहा था लेकिन इसी दौरान कुछ शरारती तत्वों द्वारा पुलिस पर पथराव किया गया. इस दौरान हमारे कुछ जवानों को भी चोटें आई हैं. इससे संबंधित लोगों के खिलाफ हम सख्त कार्रवाई करेंगे. फिलहाल यहां पूर्णतया शांति है.’

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, हिंसा में छह पुलिसकर्मी घायल हुए हैं, जिन्हें पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया है. ज्यादातर पुलिसकर्मियों को सिर में चोटें आई हैं, हालांकि उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है. पथराव के दौरान कई पुलिस वाहनों को भी नुकसान पहुंचा. पुलिस सूत्रों ने बताया कि विवाद मस्जिद के पास सड़क किनारे रखे पत्थरों को हटाने से जुड़ा था.

गुरुवार शाम को एक खास समुदाय के सदस्यों और पुलिस प्रशासन के बीच एक बैठक हुई, जिसमें समुदाय ने स्वेच्छा से पत्थर हटाने पर सहमति जताई. हालांकि, पत्थर हटाए जाने के बाद, कुछ लोगों ने मस्जिद के पास एक बाउंड्री बनाने के लिए लोहे की रेलिंग लगाना शुरू कर दिया, जिससे नया तनाव पैदा हो गया. इसके बाद जब पुलिस ने दखल देने की कोशिश की, तो भीड़ के एक हिस्से ने कथित तौर पर पथराव किया.

पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे
स्थिति बिगड़ने पर, चौमूं, हरमाड़ा, विश्वकर्मा और दौलतपुरा सहित कई पुलिस स्टेशनों से अतिरिक्त पुलिस बल भेजा गया. भीड़ को तितर-बितर करने और आगे हिंसा को रोकने के लिए, पुलिस ने हल्का बल प्रयोग किया और आंसू गैस के गोले दागे.

वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि सुबह तक स्थिति को काबू में कर लिया गया था. पुलिसकर्मियों ने कानून-व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए पूरे चौमूं में फ्लैग मार्च किया. अतिरिक्त पुलिस कमिश्नर डॉ. राजीव पचार, डीसीपी पश्चिम हनुमान प्रसाद, और अतिरिक्त डीसीपी राजेश गुप्ता, जयपुर के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ स्थिति पर नज़र रखने के लिए मौके पर पहुंचे. अधिकारियों ने स्थानीय निवासियों से शांति और सद्भाव बनाए रखने की अपील की.

पुलिस अधिकारियों ने कहा कि इलाके में फिलहाल शांति है. पथराव में शामिल लोगों की पहचान करने के लिए तलाशी अभियान जारी है. सभी आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी. अधिकारियों ने सख्त लहजे में कहा कि कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करने वाले को बख्शा नहीं जाएगा.

पूर्व प्रधानमंत्री अटल जी की जयंती पर आयोजित “अभ्युदय मध्यप्रदेश ग्रोथ समिट” में शामिल हुए केंद्रीय गृह मंत्री शाह

पूर्व प्रधानमंत्री अटल जी की जयंती पर आयोजित “अभ्युदय मध्यप्रदेश ग्रोथ समिट” में शामिल हुए केंद्रीय गृह मंत्री शाह
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा है कि मध्यप्रदेश अब देश में सबसे तेज़ गति से विकास करने वाला राज्य बन गया है। बीते सालों की वैश्विक आर्थिक उतार-चढ़ाव से अलग रहकर अनेकानेक चुनौतियों और संसाधनों के अभाव से उबरकर प्रदेश ने जिस रफ्तार से प्रगति की है, वह पूरे देश को अभिप्रेरित करती है। कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन, सिंचाई, उद्योग, ऊर्जा, पर्यटन, स्वास्थ्य सुधार, खनन, फार्मा, नवकरणीय ऊर्जा और वृहद संख्या में आधारभूत अवसंरचनाएं, हर क्षेत्र में मध्यप्रदेश आज अग्रणी राज्यों की पंक्ति में खड़ा है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश ने अपनी नई सोच, उद्यमशीलता, प्रगतिशील दृष्टिकोण और नवाचारों के माध्यम से विकास के ऐसे मानक स्थापित किए हैं, जिनका अनुसरण अब अन्य राज्य भी कर रहे हैं।

केंद्रीय गृहमंत्री शाह गुरुवार को भूतपूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्व. अटल बिहारी वाजपेयी की 101वीं जन्म जयंती के विशेष अवसर पर ग्वालियर के मेला मैदान में आयोजित “अभ्युदय मध्यप्रदेश ग्रोथ समिट” को संबोधित कर रहे थे।

केंद्रीय गृह मंत्री शाह ने कहा कि भारत जल्द ही विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने जा रहा है और नि:संदेह यह तय है कि इस ऐतिहासिक उपलब्धि में मध्यप्रदेश का योगदान सबसे बड़ा होगा। उन्होंने प्रदेश के नेतृत्व और प्रशासनिक क्षमता की सराहना करते हुए कहा कि यहां निवेश के लिए अनुकूल वातावरण, स्पष्ट नीतियां और मजबूत इच्छाशक्ति दिखाई देती है। इन्हीं सभी प्लस फैक्टर्स से ही मध्यप्रदेश ने इस साल देश में बड़ी संख्या में निवेश प्रस्ताव प्राप्त किए हैं। इस मामले में मध्यप्रदेश ने देश में तीसरा स्थान हासिल किया है।

इस अवसर पर गृह मंत्री शाह ने 2 लाख करोड़ रुपये से अधिक की निवेश लागत से प्रदेश के विभिन्न अंचलों में स्थापित होने वाली हजारों औद्योगिक एवं निर्माण इकाइयों का सामूहिक भूमिपूजन किया। गृह मंत्री शाह ने मंच से 5,810 करोड़ रुपए लागत से औद्योगिक विकास परियोजनाओं एवं सड़क विकास कार्यों का लोकार्पण कर 860 वृहद औद्योगिक इकाईयों को 725 करोड़ रुपए की निवेश प्रोत्साहन सहायता राशि सिंगल क्लिक से वितरित की। केन्द्रीय गृह मंत्री शाह ने मध्यप्रदेश में बीते दो साल में हुए औद्योगिक विकास पर आधारित एक कॉफी टेबल बुक और निवेश पुस्तिका का विमोचन भी किया। गृह मंत्री ने रिमोट का बटन दबाकर प्रदेश में सायबर अपराधों को समुचित तरीके से हैंडल करने के लिये प्रदेश में ई-जीरो एफआईआर की शुरूआत भी की। नईदिल्ली के बाद ऐसा करने वाला मध्यप्रदेश दूसरा राज्य है। केन्द्रीय गृह मंत्री शाह ने मंच से चार निवेशकों को भूमि आवंटन पत्र एवं लेटर ऑफ इंटेंट प्रदान किए। इनमें मैक्केन ग्रुप के डायरेक्टर अमिताभ बक्शी, एलएनजे (भीलवाड़ा समूह) के चेयरमैन रिजु झुनझुनवाला, ग्रीन वेंट प्रा. लि. के आशीष कुमार उपाध्याय तथा नेचर्स बायो फूड्स के वाइस प्रेसिडेंट राजेश जायसवाल शामिल हैं। गृह मंत्री शाह ने मंच से 5,810 करोड़ रुपए लागत से औद्योगिक विकास परियोजनाओं एवं सड़क विकास कार्यों का लोकार्पण कर 860 वृहद औद्योगिक इकाईयों को 725 करोड़ रुपए की निवेश प्रोत्साहन सहायता राशि भी सिंगल क्लिक से वितरित की। इस अवसर पर ग्वालियर जिले में 153.04 करोड़ रुपए की लागत वाले 57 निर्माण कार्यों का लोकार्पण एवं 23.79 करोड़ रुपए लागत के 13 निर्माण कार्यों का भूमिपूजन भी किया गया।

प्रदर्शनी का किया अवलोकन, उच्च रोजगार सृजन करने वाले उद्योगपतियों का किया सम्मान

केंद्रीय गृह मंत्री शाह एवं अतिथियों द्वारा प्रदेश में उच्च रोजगार सृजन करने वाले उद्योगपतियों का सम्मान किया गया। इनमें वीई कमर्शियल व्हीकल्स के चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर बी. निवास, वर्धमान ग्रुप के सीनियर प्रेसिडेंट राजीव आगरा, न्यू जील फैशन वेयर के प्रबंध संचालक दीनबंधु त्रिवेदी और गोकलदास एक्सपोर्ट्स के कार्यकारी संचालक प्रभात सिंह शामिल हैं। विजन 2047 पर आधारित औद्योगिक विकास यात्रा पर लगाई गई प्रदर्शनी का केंद्रीय मंत्री अमित शाह एवं अन्य अतिथियों ने अवलोकन किया। प्रदेश सरकार द्वारा विकास 2 वर्षों में औद्योगिक निवेश और आर्थिक विकास के लिए किए गए प्रयासों तथा ई-जीरो एफआईआर की जानकारी पर आधारित लघु फिल्म का प्रदर्शन किया । साथ ही रिसोर्सेस, रिफॉर्म्स एंड राइज कॉफी टेबल बुक का विमोचन किया गया।

केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि आज 2 लाख करोड़ रुपए से अधिक के औद्योगिक निर्माण कार्यों का एक साथ भूमिपूजन हुआ है। यह बताता है कि राज्य सरकार कितनी तेजी से मध्यप्रदेश का औद्योगिक विकास करना चाहती है। उद्यम से उद्योग स्थापित होता है और उद्योगों से रोजगार सृजित होते हैं। हर हाथ को काम मिलता है। इसी से देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलती है। उद्योग और अर्थव्यवस्था एक दूसरे के पूरक हैं। मध्यप्रदेश सरकार का औद्योगिक विकास के लिए उठाया जा रहा हर कदम देश-प्रदेश की अर्थव्यवस्था को बेहतर बनाने में कारगर साबित हो रहा है।

केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री शाह ने कहा है कि स्वर्गीय अटल जी की जयंती पर आयोजित अभ्युदय मध्यप्रदेश ग्रोथ समिट से राज्य के विकास को गति मिलेगी। ग्वालियर क्षेत्र ने सालों से देश को ऊर्जा और गति दी है। मुगलों के साथ संघर्ष के समय भी ग्वालियर क्षेत्र में थाना लगाया गया था। तानसेन के संगीत ने देश की सांस्कृतिक विरासत को नई गति दी है। इसी क्षेत्र में आजादी के कालखंड और देश की आजादी के बाद सेना और पैरा मिलिट्री फोर्स में सर्वाधिक जवान देने का कार्य किया है। ग्वालियर की भूमि ने ही स्व. अटल जी को विराट व्यक्तित्व प्रदान किया है। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र सभा में हिन्दी में भाषण देकर हिंदी को गौरव दिलाया। अटलजी के नेतृत्व में ही देश में पहली बार जनजातीय कार्य विभाग बना और जनजातीय कल्याण को गति मिली। अटलजी जब प्रधानमंत्री बने तब देश के इंफ्रास्ट्रक्चर को उतना महत्व नहीं दिया जाता था। अटलजी ने देश को सड़क विकास परियोजनाओं को सौगात दी। उन्होंने देश को परमाणु संपन्न राष्ट्र बनाया। करगिल युद्ध में विजय अटलजी के दृढ़ निश्चयी महान व्यक्तित्व का परिचायक है। अटलजी राजनीति के महामानव थे, अजात शत्रु थे, वे सच्चे अर्थों में युग दृष्टा थे। शाह ने स्व. अटल जी के साथ पं. मदन मोहन मालवीय की जयंती और सी. राजगोपालाचारी की पुण्यतिथि के अवसर पर उन्हें भी श्रद्धांजलि दी।

केन्द्रीय गृह मंत्री शाह ने मध्यप्रदेश सरकार और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को बधाई देते हुए कहा कि देश में इंडस्ट्रियल समिट की शुरुआत नरेन्द्र मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में की थी। वाइब्रेंट गुजरात समिट के माध्यम से राज्य में निवेश आता था। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भी इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए राज्य के संतुलित विकास के लिए रीजनल इंडस्ट्रियल कॉन्क्लेव की शुरुआत की। यह मध्यप्रदेश के अंदर सभी क्षेत्रों में निवेश का आधार बना है। भविष्य में सभी राज्यों में ऐसे प्रयास किए जाएंगे। विकास के लिए राज्यों का संतुलित आवश्यक है। अलग-अलग क्षेत्रों में विकास की अलग संभावनाएं होती है। धार में पीएम मित्र पार्क से कपास उत्पादक किसानों को लाभ मिलेगा। मध्यप्रदेश में भौगोलिक क्षेत्र के आधार आयोजित हो रही निवेश समिट से राज्य के विकास को नई दिशा मिल रही है। आज ग्वालियर में 2 लाख करोड़ से अधिक लोकार्पण और भूमिपूजन हुए हैं। विपक्षी दलों की सरकार में मध्यप्रदेश एक बीमारू राज्य हुआ करता था। पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान इस राज्य को बीमारू राज्य की श्रेणी से बाहर लेकर आए। अब मुख्यमंत्री डॉ. यादव मध्यप्रदेश को विकसित राज्य बनाने के लिए कार्य कर रहे हैं। मध्यप्रदेश में सड़क एवं सिंचाई के लिए विकास कार्य हो रहे हैं। सिंचाई के रकबे में 17 प्रतिशत बढ़त हासिल हुई है। मध्यप्रदेश ने पंजाब और हरियाणा को पीछे छोड़कर सात बार लगातार कृषि कर्मण पुरस्कार जीता है। मध्यप्रदेश की देश में केन्द्रीय और आकर्षक भौगोलिक स्थिति का शत-प्रतिशत दोहन करने के लिए इंदौर में एक मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक पार्क विकसित किया जा रहा है। यह देश विदेश के निवेशकों और उद्योगपतियों को आकर्षित कर रहा है। आज मध्यप्रदेश के पास सरप्लस बिजली है। स्वच्छता में भी मध्यप्रदेश ने सबको पीछे छोड़ा है। मेट्रो परिचालन देश में सबसे सस्ता मध्यप्रदेश में है। प्रदेश में कृषि, टूरिज्म, उद्योग हर क्षेत्र में नए उद्योग-धंधे लगे हैं और नए स्टार्टअप भी विकसित हुए हैं। इन स्टार्टअप में से 50 प्रतिशत स्टार्टअप महिलाएं संचालित कर रही हैं। मध्यप्रदेश ने एक साल में 4.57 लाख से अधिक नई एमएसएमई यूनिट पंजीकृत करने का रिकॉर्ड बनाया है। मध्यप्रदेश लघु एवं कुटीर उद्योग में देश का कॉटेज इंडस्ट्री हब बनने जा रहा है।

केन्द्रीय गृह मंत्री शाह ने कहा कि देश का पहला पीएम मित्रा पार्क फाइव-एफ के विजन पर आधारित है, इसका सर्वाधिक लाभ किसानों को ही मिलने वाला है। यहां फार्म से फाइवर, फाइवर से फैक्ट्री, फैक्ट्री से फैशन और फैशन से फॉरेन एक्सपोर्ट तक की सभी व्यवस्था होगी। मध्यप्रदेश ने ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में उल्लेखनीय कार्य किया है। इस मामले में भारत जल्द ही दुनिया में ग्लोबल लीडर बनेगा। हम सेमीकंडक्टर सेक्टर में आत्मनिर्भर बनेंगे और इसका निर्यात भी करेंगे। भारत ने डिजिटल इंडिया में सबसे अधिक विकास किया है। सितंबर 2025 तक देश में 125 करोड़ इंटरनेट कनेक्शन हैं। यूपीआई के माध्यम से फिनटेक सेक्टर में बड़ी छलांग लगाई है। विश्व के कुल डिजिटल ट्रांजैक्शन में 50 प्रतिशत भारत में हुए हैं। भारत सरकार ने कोरोना वैक्सीन निर्माण में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। आज विश्व की 60 प्रतिशत वैक्सीन भारत में बनती है। खिलौनों के निर्माण और सैन्य उपकरणों के निर्माण में भी उल्लेखनीय कार्य हुए हैं। प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल में एक लाख 50 हजार किलोमीटर नए राष्ट्रीय राजमार्ग बने हैं। देश में अब 163 हवाईअड्डे हैं। देश में 164 वंदेभारत ट्रेन हैं और इनके कलपुर्जे मध्यप्रदेश में बनेंगे। देश में 23 मेट्रो कनेक्टेड शहर हैं। आज देश की 2 लाख 14 हजार पंचायतें ऑप्टिकल फाइबर से कनेक्टेड हैं।

केन्द्रीय मंत्री शाह ने मध्यप्रदेश के युवाओं और निवेशकों से अपील करते हुए कहा कि वे बेहिचक मध्यप्रदेश में अपने उद्यम और उद्योग लगाएं। मध्यप्रदेश इतना अधिक उपजाऊ है कि यहां कुछ रुपया निवेश करके करोड़ों कमाए जा सकते हैं। इस दिशा में राज्य सरकार ने निसंदेह अभिनव पहल की है। मध्यप्रदेश के क्षेत्रीय विकास और आर्थिक संतुलन में उद्योग एवं निवेश एक बड़ी भूमिका निभा रहा है।

प्रधानमंत्री के नेतृत्व में मध्यप्रदेश गढ़ रहा निवेश, रोजगार और समावेशी विकास का नया मॉडल – मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस अवसर पर कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कुशल नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश निवेश, रोजगार और समावेशी विकास का एक नया मॉडल गढ़ रहा है। अभ्युदय मध्यप्रदेश ग्रोथ समिट से प्रदेश में औद्योगिक विस्तार को नई गति मिलेगी और युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित होंगे। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश अब साकार होती संभावनाओं का अग्रणी केंद्र बन चुका है। उन्होंने कहा कि आज का यह आयोजन प्रदेश के उज्जवल औद्योगिक भविष्य की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि मध्यप्रदेश में निवेश हर मायने में फायदे का सौदा है। मध्यप्रदेश, देश का दिल होने के साथ-साथ देश की आध्यात्मिक ऊर्जा का प्रमुख पड़ाव है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश अनंत संभावनायें लिए हुए है। देश के मध्य में स्थित होने के कारण मध्यप्रदेश व्यापार, व्यवसाय, उद्योग-धंधे लगाने से लेकर अपने उत्पाद को निर्यात करने के लिए एक अनुपम केंद्र बन रहा है। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने मध्यप्रदेश को “भारत का विकास और अवसरों का केंद्र” बताते हुए सभी निवेशकों से प्रदेश में निवेश जरूर करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश आज उन चुनिंदा राज्यों में है, जहाँ प्राकृतिक संसाधन, उद्योग-अनुकूल नीतियाँ, मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर और स्थिर शासन—सभी निवेशकों के लिए आदर्श वातावरण तैयार करते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश अपनी कई विशिष्ट पहचानों के कारण पूरे देश में अद्वितीय है। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि प्रदेश में 18 नई उद्योग-अनुकूल नीतियाँ, विस्तृत लैंड बैंक, भरपूर जल उपलब्धता, स्किल्ड मानव संसाधन, उत्कृष्ट लॉजिस्टिक्स कनेक्टिविटी और पारदर्शी प्रशासन निवेशकों को सर्वोत्तम वातावरण प्रदान करते हैं। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि रिन्यूएबल एनर्जी, ऑटोमोबाइल, टेक्सटाइल, फूड प्रोसेसिंग, फार्मा, आईटी और पेट्रोकेमिकल्स जैसे सभी प्रमुख सेक्टरों में निवेश के व्यापक अवसर उपलब्ध हैं। उन्होंने निवेशकों को औद्योगिक सहयोग के साथ शिक्षा, अनुसंधान, संस्कृति, कौशल विकास, अवसंरचना और पर्यटन में साझेदारी के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत विश्व के विश्वसनीय विकास साझेदार के रूप में स्थापित हो रहा है। मध्यप्रदेश राष्ट्रीय प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने निवेशकों को विश्वास दिलाते हुए कहा कि मध्यप्रदेश निवेशकों के साथ दीर्घकालिक साझेदारी के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है। निवेशक भारत के दिल से जुड़े रहे। मध्यप्रदेश भी हमेशा निवेशकों के साथ सहयोग और साझेदारी करने में पीछे नहीं रहेगा।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि राज्य सरकार ने उद्योग एवं रोजगार वर्ष में युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए हैं। उन्होंने कहा कि स्व. अटल जी राष्ट्रनीति के शिखर पुरुष एवं राजनीति के अजातशत्रु थे। मुख्यमंत्री ने स्व. अटल जी की 101वीं जयंती के अवसर पर उन्हें नमन कर श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि मध्यप्रदेश में गरीब, किसान, महिला एवं युवाओं के कल्याण के लिए व्यापक स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी एवं गृहमंत्री शाह के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश इसी 11 दिसंबर को नक्सलवाद की समस्या से पूर्णत: मुक्त हो चुका है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार प्रदेश में औद्योगिक निवेश बढ़ाने के लिये हर संभव कोशिश कर रही है। मध्यप्रदेश में 8.5 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव धरातल पर उतर रहे हैं। अटलजी की जयंती के अवसर पर प्रदेश के साथ ग्वालियर को भी बड़ी सौगातें मिल रही हैं।

केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि यह मध्यप्रदेश के अभ्युदय का समय है। ग्वालियर की धरती से आज प्रदेश के विकास को एक गति मिली है। उन्होंने ग्वालियर आये सभी निवेशकों एवं उद्योगपतियों का हृदय से स्वागत करते हुए कहा कि यह प्रदेश का प्रवेश द्वार है। स्व. अटल जी जैसे मूर्धन्य राजनेता देने वाले इस शहर ने देश और दुनिया को नई सोच और नये विचार दिए हैं।

केंद्रीय संचार मंत्री सिंधिया ने कहा कि यह दिवस अटल जी के सम्मान में केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि उत्तरदायित्व का दिवस है। भारत रत्न, पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय स्व. अटल बिहारी वाजपेयी जी की जन्म शताब्दी के अवसर पर आयोजित यह ग्रोथ समिट विकास के एक मजबूत स्तंभ की स्थापना जैसा है। स्व.अटल जी के आदर्शों और मूल्यों को आत्मसात करते हुए आज विकास की ठोस नींव रखी जा रही है। उन्होंने कहा कि सुशासन किसी भी राष्ट्र की जड़ों को मजबूत करता है। जैसे वृक्ष की वृद्धि उसकी मजबूत जड़ों पर निर्भर करती है, उसी प्रकार देश का विकास सुशासन के आधार पर आगे बढ़ता है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में सुशासन आज सरकार की कार्यप्रणाली का मूल आधार बन चुका है।

केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने कहा कि देश में सुरक्षा, राष्ट्रीय एकता और कानून व्यवस्था को वैश्विक स्तर पर सराहना मिली है। अनुच्छेद 370 के उन्मूलन के बाद देश में शांति और स्थिरता का वातावरण स्थापित हुआ है। नक्सलवाद और आतंकवाद के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई कर आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की गई है। उन्होंने कहा कि यह दृढ़ नेतृत्व और स्पष्ट निर्णय क्षमता का परिणाम है। केन्द्रीय मंत्री सिंधिया ने कहा कि श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी दूरदृष्टा नेता थे। उनके लिए राजनीति सत्ता प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि परिवर्तन और राष्ट्र सेवा का साधन थी। उनका जीवन संघर्ष, संवेदनशीलता और सिद्धांतों का अद्भुत संगम रहा है। उन्होंने कहा कि आज भारत जनसेवा और जनभागीदारी के माध्यम से वैश्विक मंच पर एक सशक्त राष्ट्र के रूप में उभर रहा है। यह विकास यात्रा स्व.अटल जी के विचारों और प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व का सजीव उदाहरण है। सिंधिया ने कहा कि अटल जी का जीवन, उनकी कविताएं और उनके विचार आज भी देश को दिशा देने का कार्य करते हैं। सुशासन और जनकल्याण ही किसी भी सरकार का अंतिम उद्देश्य होना चाहिए। यही श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी की सच्ची विरासत है।

विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा कि यह कार्यक्रम भारतरत्न, पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय स्व. अटल बिहारी वाजपेयी जी के व्यक्तित्व और कृतित्व को श्रद्धा-सुमन अर्पित करने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा कि शताब्दी वर्ष के अवसर पर इस प्रकार का आयोजन होना वास्तव में सोने पर सुहागा है। इस अवसर पर जिले की औद्योगिक इकाइयों के भूमिपूजन का कार्य संपन्न हो रहा है, जो क्षेत्र के औद्योगिक विकास को नई गति प्रदान करेगा। साथ ही ग्वालियर द्वारा वर्ष 1905 से आयोजित होने वाले ऐतिहासिक ग्वालियर मेले का शुभारंभ भी किया गया है, जो स्थानीय परंपरा और आर्थिक गतिविधियों का महत्वपूर्ण प्रतीक रहा है।

विधानसभा अध्यक्ष तोमर ने कहा कि आज के दिन अटल म्यूजियम का लोकार्पण होना गौरव की बात है। यह म्यूजियम श्रद्धेय अटल जी की स्मृतियों, विचारों और सार्वजनिक जीवन की झलक को संजोए हुए है। उन्होंने कहा कि अटल म्यूजियम आने वाली पीढ़ियों को अटल जी के आदर्शों, मूल्यों और आचरण से परिचित कराएगा तथा उन्हें राष्ट्र निर्माण के लिए प्रेरित करेगा। यह केवल एक संग्रहालय नहीं, बल्कि विचार और प्रेरणा का केंद्र है, जो समाज को सकारात्मक दिशा देने का कार्य करेगा।

वरिष्ठ विधायक एवं भाजपा प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि आज का दिन क्षेत्र के इतिहास में सदैव स्मरणीय रहेगा। उन्होंने कहा भारत रत्न, पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय स्व. अटल बिहारी वाजपेयी जी के जन्मदिवस के पावन अवसर पर इस कार्यक्रम का आयोजन अपने आप में विशेष महत्व रखता है। उन्होंने कहा कि श्रद्धेय स्व.अटल बिहारी वाजपेयी जी भारत की आत्मा की आवाज थे। उनका चिंतन, उनकी वाणी और उनका नेतृत्व राष्ट्र को एक सूत्र में बांधने वाला था। अटल जी ने अपने दूरदर्शी नेतृत्व और अथक परिश्रम से देश को विकास की नई दिशा दी और भारत को निवेश के लिए एक विश्वसनीय गंतव्य के रूप में स्थापित करने की मजबूत नींव रखी। खंडेलवाल ने कहा कि अटल जी का जीवन, उनका आचरण और उनके आदर्श हम सभी के लिए मार्गदर्शक हैं। उन्होंने उपस्थित जनसमूह से आहवान किया कि हम सभी स्व. अटल जी के मूल्यों को आत्मसात करें और उन्हें अपने व्यवहार एवं सार्वजनिक जीवन में उतारने का संकल्प लें। उन्होंने कहा कि अटल जी का एक-एक वाक्य हमारे जीवन के लिए आदर्श सूत्र की तरह है, जो हमें राष्ट्र, समाज और कर्तव्य के प्रति निरंतर प्रेरित करता रहेगा।

औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग के प्रमुख सचिव राघवेंद्र सिंह ने कहा कि भारत रत्न, भूतपूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी की जन्म जयंती के पावन अवसर पर आयोजित अभ्युदय मध्यप्रदेश ग्रोथ समिट मध्यप्रदेश के औद्योगिक विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक पड़ाव सिद्ध होने जा रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के दूरदर्शी नेतृत्व में मध्यप्रदेश आज अपने औद्योगिक इतिहास के एक नए स्वर्णिम अध्याय की ओर अग्रसर है। यह कार्यक्रम केवल निवेश और परियोजनाओं की घोषणा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह प्रदेश के युवाओं, उद्यमियों और श्रमिकों के सपनों को साकार करने का मंच है। विभिन्न उद्योगों और रोजगार योजनाओं के माध्यम से आत्मनिर्भर बने लाभार्थी आज हमारे समक्ष उपस्थित हैं, जो इस विकास यात्रा के प्रत्यक्ष साक्ष्य हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के विभिन्न औद्योगिक इकाइयों में कार्यरत ऊर्जावान युवा इस आयोजन से वर्चुअल माध्यम से जुड़े हैं और सभी संभाग स्तर पर कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है, जिससे औद्योगिक विकास की यह भावना प्रदेश के हर कोने तक पहुँच रही है।

प्रमुख सचिव सिंह ने बताया कि आज इस कार्यक्रम के जरिए प्रदेश में 1,118 नवीन औद्योगिक इकाईयों/ परियोजनाओं को धरातल पर उतारा जा रहा है, जिनमें 2.17 लाख करोड़ रुपए से अधिक का निवेश होना प्रस्तावित है। इन परियोजनाओं से 1,93,772 से अधिक रोजगार के अवसर सृजित होंगे, जो समावेशी और संतुलित विकास की दिशा में एक मजबूत कदम है। उन्होंने कहा कि इसके साथ ही 5,010.1 करोड़ रुपए की लागत से विकसित किए जा रहे औद्योगिक क्षेत्रों एवं अन्य महत्वपूर्ण अधोसंरचनात्मक परियोजनाओं का लोकार्पण और भूमिपूजन भी सम्पन्न हुआ। इनमें औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग के अंतर्गत 2,806.7 करोड़ रु., मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम लिमिटेड के अंतर्गत 1,018.1 करोड़ रु., भवन विकास निगम के अंतर्गत 910.8 करोड़ रु. तथा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग के अंतर्गत 274.5 करोड़ रु. की परियोजनाएँ शामिल हैं। उन्होंने बताया कि वृहद उद्योगों और एमएसएमई इकाइयों को सशक्त बनाने के लिये 860 इकाइयों को 725 करोड़ रु. से अधिक की निवेश प्रोत्साहन सहायता भी इस मौके पर वितरित की जा रही है, इससे उद्योगों को गति और निवेशकों को विश्वास मिलेगा।

प्रमुख सचिव सिंह ने बताया कि साइबर वित्तीय अपराधों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए ई-जीरो एफआईआर की सुविधा का शुभारंभ किया जा रहा है। साथ ही निवेशकों को प्रदेश की औद्योगिक क्षमताओं और उपलब्ध अवसरों की समग्र जानकारी देने के लिये कॉफी टेबल बुक तथा ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी बुकलेट का भी विमोचन किया गया है। प्रमुख सचिव ने कहा कि यह आयोजन मध्यप्रदेश को औद्योगिक निवेश का एक भरोसेमंद और अग्रणी केंद्र बनाने की दिशा में एक सशक्त संदेश देता है।

कार्यक्रम में जल संसाधन एवं ग्वालियर जिले के प्रभारी मंत्री तुलसीराम सिलावट, ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर, सामाजिक न्याय, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण मंत्री नारायण सिंह कुशवाह, किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री एदल सिंह कंषाना, नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री चेतन्य काश्यप, सांसद भारत सिंह कुशवाह, महेन्द्र सिंह, पूर्व मंत्री लाल सिंह आर्य, सांसद भिण्ड संध्या राय, सांसद मुरैना शिवमंगल सिंह तोमर सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण उपस्थित थे। जेके टायर के प्रबंध निदेशक अंशुमन सिंघानिया, प्रबंध निदेशक ग्रीनको अनिल कुमार चलामला सेट्टी, एलेक्जर इंडस्ट्री के अध्यक्ष अरुण गोयल, दलित चेम्बर ऑफ कॉमर्स एण्ड इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष डॉ. मिलिंद कामले, एलएनजे भीलवाड़ा समूह के चेयरमेन रिजू झुनझुनवाला, सर्विस एक्सपोर्ट काउंसिल के डायरेक्टर जनरल अभय सिन्हा, सीआईआई के अध्यक्ष आशीष वैश्य, रमनीक पॉवर के डायरेक्टर कम प्रमोटर आशीष त्रिवेदी, न्यू जील फैशन वियर के अध्यक्ष दीनबंधु त्रिवेदी, इनशोलेशन ग्रीन एनर्जी के अध्यक्ष मनीष गुप्ता, डाबर इंडिया के सीईओ मोहित मल्होत्रा, टोरेंट पॉवर के निदेशक जिगिश मेहता, गौतम सोलर प्राइवेट लिमिटेड के अध्यक्ष गौतम मोहंका, सागर ग्रुप के अध्यक्ष सुधीर अग्रवाल, कॉस्मिक पीवी पॉवर के अध्यक्ष जेनीश घाऐल, मैकेन फूड के निदेशक अमिताभ बख्शी, प्रेस्टीज ग्रुप के प्रमोटर कम डायरेक्टर हिमांशु जैन, गोकलदास एक्सपोर्ट के डायरेक्टर प्रभास सिंह सहित औद्योगिक संस्थाओं के प्रतिनिधि एवं उद्योगपति भी इस अवसर पर उपस्थित थे।

भारत रत्न अटल जी की कलात्मक तस्वीर ने मन मोहा
ग्वालियर के मेला मैदान में आयोजित हुई “मध्यप्रदेश अभ्युदय ग्रोथ समिट” के मुख्य मंच पर सजी भारत रत्न, पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी की भव्य एवं भावपूर्ण तस्वीर (पोट्रेट) ने सभी अतिथियों का मन मोह लिया। केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह व मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सहित मंचासीन गणमान्य अतिथियों ने इस चित्र के समक्ष श्रद्धांजलि अर्पित की। संयमित रंग-संयोजन, सूक्ष्म रेखांकन और मुखमंडल पर उकेरी गई सहज करुणा व राष्ट्रभाव ने अतिथियों को ठहरकर इस तस्वीर को देखने को विवश कर दिया। चित्र में अटल जी की दृष्टि भविष्य की ओर आश्वस्त होकर देखती प्रतीत हो रही थी। ऐसा लग रहा था मानो अटल जी विकास, संवाद और लोकतांत्रिक मूल्यों का संदेश दे रहे हैं। श्रद्धेय अटल जी की यह प्रभावशाली तस्वीर शासकीय ललित कला महाविद्यालय, ग्वालियर के प्रो. एवं ख्यात चित्रकार उमेंद्र वर्मा द्वारा तैयार की गई है। यह चित्र ग्वालियर कलेक्टर रुचिका चौहान के आग्रह पर विशेष रूप से बनाया गया, जिससे समिट के मंच पर अटल जी की प्रेरणा सजीव रूप में उपस्थित रहे।

पराली से गढ़ी अटल जी की प्रतिमा भेंट की
मध्यप्रदेश अभ्युदय ग्रोथ समिट के अवसर पर केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह को मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पराली से निर्मित भारत रत्न, पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी की आकर्षक प्रतिमा स्मृति चिन्ह के रूप में भेंट की। यह विशिष्ट एवं पर्यावरण–संवेदनशील कलाकृति नव उद्यमी शुभम सिंह की क्राफ्ट कंपनी द्वारा तैयार की गई है। पराली जैसे साधारण कृषि अवशेष से साकार की गई अटल जी की यह प्रतिमा रचनात्मकता, पर्यावरण संरक्षण व नवाचार का संदेश दे रही थी।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 187 करोड़ के 23 कार्यों का किया लोकार्पण-भूमिपूजन

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 187 करोड़ के 23 कार्यों का किया लोकार्पण-भूमिपूजन
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर के फुंडहर खेल मैदान में आयोजित कार्यक्रम में रायपुर नगर निगम क्षेत्र में 186 करोड़ 98 रुपए लागत के 23 कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया। इनमें 185 करोड़ 49 लाख रुपए के 17 कार्यों का भूमिपूजन और एक करोड़ 49 लाख रुपए के छह कार्यों का लोकार्पण शामिल है। मुख्यमंत्री ने एक करोड़ रुपए की लागत से तेलीबांधा चौक पर निर्मित सिंदूर पथ, 49 लाख रुपए से अटल एक्सप्रेस-वे में फुंडहर चौक पर विकसित अटल परिसर और कोर्ट परिसर के पास बनाए गए वनभैंसा के साथ ही आईएसबीटी, मोवा ब्रिज और विधानसभा ब्रिज के नीचे बनाए गए बॉक्स क्रिकेट पिच का लोकार्पण किया।

मुख्यमंत्री साय ने पंडरी बस स्टैंड के पीछे 14 करोड़ 71 लाख रुपए तथा नरैया तालाब के पास 14 करोड़ 66 लाख रुपए के कामकाजी महिला छात्रावास का भूमिपूजन किया। उन्होंने मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना के तहत तेलीबांधा चौक के पास 39 करोड़ 31 लाख रुपए के टेक्नीकल टॉवर और खम्हारडीह में 20 करोड़ 93 लाख रुपए के 2500 किलोलीटर क्षमता के नवीन जलागार का भी भूमिपूजन किया। श्री साय ने दलदल सिवनी अम्युजमेंट पार्क के पास 11 करोड़ 42 लाख रुपए के नालंदा परिसर, पचपेड़ी नाका से सीएसईबी चौक तक 13 करोड़ 39 लाख रुपए के गौरवपथ तथा 11 करोड़ 17 लाख रुपए के पीएम ई-बस डिपो एवं दो करोड़ 79 लाख रुपए के पीएम ई-बस डिपो के लिए इलेक्ट्रिक सब-स्टेशन का भूमिपूजन किया। उन्होंने लाभांडी और फुंडहर में 35 करोड़ 73 लाख रुपए के राइजिंग एवं डिस्ट्रीब्युशन पाइपलाइन, विधायक कॉलोनी से अविनाश वन होते हुए एनएच-53 तक एक करोड़ 94 लाख रुपए के नाला पुनर्निर्माण, प्रधानमंत्री आवास योजना में तीन करोड़ 23 लाख रुपए के सीसी रोड एवं नाली निर्माण तथा श्रीराम मंदिर के पास एक करोड़ 98 लाख रुपए के आरसीसी कवर्ड नाली निर्माण का भूमिपूजन किया।

मुख्यमंत्री ने रायपुर-ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र में तीन करोड़ रुपए के मुख्य मार्गों के सुदृढ़ीकरण, बीटी रिनिवल, ड्रेन एवं अन्य कार्यों, रायपुर-उत्तर विधानसभा क्षेत्र में तीन करोड़ रुपए के मुख्य मार्गों के सुदृढ़ीकरण, बीटी रिनिवल, ड्रेन एवं अन्य कार्यों, रायपुर-दक्षिण विधानसभा क्षेत्र में दो करोड़ 99 लाख रुपए के दतरेंगा मोड़ से चन्द्रा टाउन, महादेव घाट रोड तक सड़क सुदृढ़ीकरण, दो करोड़ 52 लाख रुपए से शहर के विभिन्न स्थानों में सड़क मरम्मत एवं बीटी टॉपिंग कार्य तथा दो करोड़ 71 लाख रुपए से शहर के विभिन्न मार्गों में बीटी टॉपिंग एवं पैच रिपेयर कार्य का भूमिपूजन किया।

हितग्राहियों को भवन निर्माण अनुज्ञा पत्र और चेक वितरित किए
मुख्यमंत्री साय ने कार्यक्रम में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के पांच हितग्राहियों कांती ढीढ़ी, अजय शर्मा, योगेश साहू, पवन साहू और काशीराम वर्मा को भवन निर्माण अनुज्ञा पत्र वितरित किए। उन्होंने पीएम स्वनिधि योजना के पांच हितग्राहियों उमा जोशी, फूलबाई गिरी, निशा द्विवेदी, रामप्यारी और भगवती यादव को 50-50 हजार रुपए का चेक प्रदान किया।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर दी श्रद्धांजलि

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर दी श्रद्धांजलि
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उनकी जयंती के अवसर पर विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि अटलजी का संपूर्ण जीवन राष्ट्रहित के लिए समर्पित रहा। लोकतांत्रिक मूल्यों के संरक्षण, सुशासन की स्थापना और जनकल्याण के व्यापक दृष्टिकोण के कारण वे देशवासियों के हृदय में सदैव अमर रहेंगे। वे केवल महान राजनेता ही नहीं, बल्कि संवेदनशील कवि, दूरदर्शी राजनेता और करुणा से भरे जननायक थे, जिन्होंने राजनीति को जनसेवा का सशक्त माध्यम बनाया।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि अटलजी के नेतृत्व में देश ने विकास, पारदर्शिता और सुशासन की नई दिशा प्राप्त की। उनका समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुँचाने का संकल्प आज भी हमारी शासन-नीति का केंद्रीय आधार है। यही भावना छत्तीसगढ़ सरकार के प्रत्येक कार्यक्रम, योजना और निर्णय का मार्गदर्शन करती है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में सुशासन को सशक्त बनाने के लिए प्रशासनिक सुधार, पारदर्शी व्यवस्था, समयबद्ध सेवाओं की आपूर्ति और जनविश्वास की पुनर्स्थापना के प्रयास लगातार जारी हैं। यह यात्रा अटलजी के विचारों, आदर्शों और प्रेरणा से ऊर्जा प्राप्त करती है।

मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे अटल बिहारी वाजपेयी के आदर्शों—ईमानदारी, संवेदनशीलता, संवाद और समावेशी विकास—को अपने जीवन और कार्य में अपनाएँ तथा विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय भागीदार बनें।

भावांतर की तीसरी किस्त तैयार:28 दिसंबर को जावरा में सीएम यादव किसानों को देंगे 500 करोड़ रुपए

भावांतर की तीसरी किस्त तैयार:28 दिसंबर को जावरा में सीएम यादव किसानों को देंगे 500 करोड़ रुपए
… लाखों किसानों को मिलेगी बड़ी राहत

रवि अवस्थी,भोपाल।
अपनी सोयाबीन फसल के लिए भावांतर राशि का इंतजार कर रहे किसानों के लिए यह अच्छी खबर है। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव 28 दिसंबर को जावरा,रतलाम से लाखों किसानों के खातों में करीब 5 सौ करोड़ रुपए सिंगल क्लिक से जमा कराएंगे।

अधिकारिक सूत्रों के मुताबिक,योजना की तीसरी किस्त तीन लाख से अधिक किसानों के लाभान्वित होंगे। मुख्यमंत्री डॉ यादव हितग्राही किसानों के खातों में सिंगल क्लिक के जरिए यह रकम जमा करेंगे।

रकम की व्यवस्था में जुटा कृषि विभाग

सूत्रों के अनुसार,तीसरी किस्त में बड़ी रकम अदा की जानी है। यह रकम जुटाने के लिए कृषि विभाग के अधिकारियों को पसीना आ रहा है। दरअसल,भावांतर योजना में करीब 15 सौ करोड़ की रकम जुटाने मंडी बोर्ड ने बीते माह निविदाएं बुलाईं थी,लेकिन सिर्फ केंद्रीय सहकारी बैंक को छोड़कर कोई वित्तीय संस्था आगे नहीं आई।

अनुपूरक बजट से जुटाए 5 सौ करोड़

केंद्रीय सहकारी बैंक में बोर्ड का खाता भी है। बैंक ने चार सौ करोड़ रुपए का कर्ज बोर्ड को उपलब्ध कराया। वहीं,5 सौ करोड़ रुपए दूसरे अनुपूरक बजट से जुटाए गए। जो इसी माह संपन्न राज्य विधानसभा के शीतकालीन सत्र में पारित हुआ।

2.67 लाख किसानों को मिले 482 करोड़ रुपए
योजना में 9 लाख से अधिक किसानों ने अपनी उपज बेचने पंजीयन कराया है। इनमें से 2.67 लाख किसानों को उनकी भावांतर राशि दी जा चुकी है।

भावांतर राशि भुगतान के लिए पहला कार्यक्रम बीते माह 13 नवंबर को देवास में हुआ। इसमें मुख्यमंत्री डॉ यादव ने 1.33लाख किसानों के खातों में 233 करोड़ रुपए अंतरित किए थे।

दूसरा आयोजन गौतमपुरा इंदौर में गत 26 नवंबर को किया गया। इसमें 1.34लाख किसानों के खातों में 249 करोड़ रुपए जमा कराए गए। इस तरह,राज्य सरकार इस योजना में अब तक 482 करोड़ रुपए किसानों को अदा कर चुकी है।

जावरा में होगा किसान सम्मेलन
योजना की तीसरी किस्त आवंटन कार्यक्रम रतलाम जिले के जावरा में होगा। इसमें बड़ी संख्या में हितग्राही किसान भी जुटेंगे। मुख्यमंत्री डॉ यादव इसी समारोह में योजना के बकाया किसानों के खातों में सिंगल क्लिक के जरिए भावांतर राशि जमा करेंगे। इस मौके पर सीएम रतलाम जिले को अन्य विकास कार्यों की सौगात भी देंगे।

सोयाबीन उत्पादक किसानों को राहत
राज्य सरकार की भावांतर योजना सोयाबीन उत्पादक किसानों के लिए राहत लेकर आई। दरअसल,मौजूदा वर्ष में सोयाबीन का न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी एमएसपी ₹5,328 प्रति क्विंटल है। बीते साल की तुलना में इसमें 292 रुपए प्रति क्विंटल की बढ़ोत्तरी की गई। मप्र में इस साल अति​वृष्टि के चलते खरीफ की इस फसल को काफी नुकसान पहुंचा,लेकिन राज्य सरकार की भावांतर योजना से उसे काफी राहत मिली।

‘सिर्फ 8-9 महीने में 30 हजार लोगों को नौकरी’ – अश्विनी वैष्णव

‘सिर्फ 8-9 महीने में 30 हजार लोगों को नौकरी’ – अश्विनी वैष्णव
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को एक पोस्ट को लेकर थैंक्यू कहा है. अश्विनी वैष्णव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट का स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए राहुल गांधी का आभार जताया है. राहुल गांधी ने देश में बढ़ रहीं नौकरियों को लेकर एक सकारात्मक पोस्ट शेयर किया था, लेकिन सवाल ये उठता है कि आखिर मोदी सरकार में मंत्री वैष्णव राहुल गांधी का आभार क्यों जता रहे हैं?

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने नेता विपक्ष की पोस्ट को रिपोस्ट करते हुए लिखा, ‘धन्यवाद राहुल गांधी, नरेंद्र मोदी जी के मेक इन इंडिया प्रोग्राम की सफलता को स्वीकार करने के लिए. जैसा कि आपने कहा है, हम अपने पीएम के विजन को लागू करके एक प्रोड्यूसर इकॉनोमी बन रहे हैं.’

राहुल गांधी ने पोस्ट में क्या लिखा था?
दरअसल राहुल गांधी कर्नाटक का उदाहरण दे रहे थे, लेकिन उन्होंने शुरुआत में भारत की ग्रोथ और नौकरियां देने की बात कही. इसी को लेकर अश्विनी वैष्णव ने नेता विपक्ष का आभार जता दिया. राहुल गांधी ने एक पोस्ट शेयर करते हुए लिखा, ‘सिर्फ 8-9 महीनों में 30 हजार स्टाफ को नौकरी दी गई. यह भारत में अबतक का सबसे तेज फैक्ट्री रैंप अप है. यह सिर्फ एक आंकड़ा नहीं है. यह बदलाव लाने वाला रोजगार निर्माण है. जो बात इसे और भी ज्यादा पावरफुल बनाती है. वह यह है कि यह यूनिट ज्यादातर महिलाओं द्वारा चलाई जाती है.’

कर्नाटक ने तैयार किया ऐसा इकोसिस्टम: राहुल गांधी
नेता विपक्ष ने आगे लिखा, ‘इसमें लगभग 80% महिलाएं हैं. इनमें से ज्यादातर की उम्र 19 से 24 साल है. कई लोगों के लिए यह उनकी पहली नौकरी है. कर्नाटक का ऐसा इकोसिस्टम बनाकर एक मिसाल कायम कर रहा है. जहां मैन्युफैक्चरिंग इस पैमाने और गति से बढ़ सकती है. यही वह भारत है, जिसे हमें बनाना है. सम्मान के साथ नौकरियां और सभी के लिए अवसर.’

अब आसमान में उड़ान भरेंगे ये 2 नए एयरलाइंस के विमान

अब आसमान में उड़ान भरेंगे ये 2 नए एयरलाइंस के विमान
भारत के उड्डयन क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा बढ़ाने और यात्रियों को अधिक विकल्प उपलब्ध कराने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक अहम कदम उठाया है. सरकार ने उड़ान भरने की तैयारी कर रही दो नई विमानन कंपनियों AI Hindi Air और FlyExpress को परिचालन की मंजूरी दे दी है. नागरिक विमानन मंत्रालय की ओर से इन दोनों कंपनियों को नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) जारी किया गया है.

विमानन क्षेत्र में बोझ कम करने की कोशिश
यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है जब इंडिगो संकट और कुछ अन्य एयरलाइंस पर बढ़ते परिचालन दबाव के कारण घरेलू विमानन बाजार में प्रतिस्पर्धा सीमित हो गई थी. बीते कुछ वर्षों में हवाई यात्रियों की संख्या तेजी से बढ़ी है, लेकिन नए खिलाड़ियों के प्रवेश में ऊंची लागत, भारी कर्ज और संचालन से जुड़ी चुनौतियां बड़ी बाधा बनी हुई थीं. ऐसे में सरकार का यह कदम घरेलू विमानन क्षेत्र पर मौजूदा कंपनियों के अत्यधिक दबदबे को कम करने और बाजार में संतुलन लाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है.

इसके अलावा उत्तर प्रदेश की Shankh Air को पहले ही एनओसी मिल चुका है और उम्मीद जताई जा रही है कि वह 2026 से अपनी वाणिज्यिक उड़ानें शुरू कर देगी. फिलहाल भारत के घरेलू विमानन क्षेत्र में केवल नौ एयरलाइंस सक्रिय हैं, जबकि अक्टूबर में Fly Big द्वारा अपनी सेवाएं बंद किए जाने के बाद यह संख्या और घट गई थी. वर्तमान में भारतीय विमानन बाजार पर इंडिगो और एयर इंडिया समूह का वर्चस्व है.

आसमान में बढ़ेगा प्रतिस्पर्धा
इंडिगो अकेले लगभग 65 प्रतिशत घरेलू बाजार पर काबिज है, जबकि एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस के साथ मिलकर यह नियंत्रण करीब 90 प्रतिशत तक पहुंच जाता है. नए खिलाड़ियों के आने से न केवल प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी, बल्कि टिकट कीमतों में संतुलन, सेवा की गुणवत्ता में सुधार और यात्रियों के लिए बेहतर विकल्प भी सामने आने की उम्मीद है. कुल मिलाकर, AI Hindi Air, FlyExpress और Shankh Air जैसी नई कंपनियों की एंट्री से आने वाले वर्षों में भारतीय आसमान में प्रतिस्पर्धा तेज होने और विमानन उद्योग को नई रफ्तार मिलने की संभावना है.

अरावली को लेकर केंद्र सरकार का बड़ा फैसला, पूरी तरह संरक्षित होगी पर्वतमाला, खनन पर रोक
अरावली पर्वतमाला पर मचे बवाल के बीच केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला किया है. केंद्र ने अरावली में नई माइनिंग लीज को लेकर रोक लगाने का निर्देश दिया है. वन एवं पर्यावरण मंत्रालय की ओर से राजस्थान, हरियाणा और गुजरात के चीफ सेक्रेटरी को पत्र लिखा गया है, जिसके मुताबिक, जब तक नई गाइडलाइन तैयार नहीं होती तब तक नई माइनिंग लीज नहीं दी जाए.

केंद्र ने पूरी तरह लगाई माइनिंग लीज पर रोक
केंद्र सरकार ने राज्यों को अरावली में नई माइनिंग लीज देने पर पूरी तरह रोक लगाने का निर्देश दिया है. जैव विविधता के संरक्षण में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका को पहचानते हुए सरकार अरावली इकोसिस्टम की लंबे समय तक सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है. साथ ही उन्होंने कहा है कि पर्यावरण संरक्षण सुनिश्चित करने के लिए अरावली में चल रही माइनिंग गतिविधियों को सख्ती से रेगुलेट किया जाएगा.

अरावली को लेकर केंद्र सरकार ने क्या दिए निर्देश?
केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने बताया कि यह रोक पूरी अरावली क्षेत्र में समान रूप से लागू होती है. इसका मकसद इस रेंज की अंखडता को बनाए रखना है. इन निर्देशों का मकसद गुजरात से राष्ट्रीय राजधानी इलाके तक फैले एक भूवैज्ञानिक रिज के रूप में अरावली की सुरक्षा करना और सभी अनियमित माइनिंग गतिविधियों को रोकना है.

मंत्रालय ने ICFRE को जरूरी निर्देश दिए
इसके अलावा मंत्रालय ने इंडियन काउंसिल ऑफ फॉरेस्ट्री रिसर्च एंड एजुकेशन (ICFRE) को भी पूरी अरावली में अतिरिक्त क्षेत्रों की पहचान करने का निर्देश दिया है. जहां माइनिंग पर रोक लगाई जानी चाहिए. इसके अलावा बताया कि माइनिंग के लिए व्यापाक और विज्ञान आधारित प्रबंधन योजना तैयार की जा रही है. यह योजना पर्यावरणीय प्रभाव और परिस्थिति की क्षमता को जांचेगी. साथ ही संवेदनशील और संरक्षण दिए जाने वाले क्षेत्रों की पहचान करेगी.

निर्देश के मुताबिक, पूरी अरावली में माइनिंग से संरक्षित और प्रतिबंधित क्षेत्रों की कवरेज को बढ़ाया जाएगा. केंद्र ने यह भी निर्देश दिया है कि जो खदानें पहले से चल रही हैं, उनके लिए संबंधित राज्य सरकारें सभी पर्यावरण से जुड़े सुरक्षा उपायों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करेंगी, जो सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार होंगे. इसके अलावा पर्यावरण संरक्षण और सतत माइनिंग प्रथाओं का पालन सुनिश्चित करने के लिए अतिरिक्त प्रतिबंधों के साथ चल रही माइनिंग गतिविधियों को सख्ती से रेगुलेट किया जाएगा.

जनवरी 2026 में OTT पर आएंगी ये मोस्ट अवेटेड फिल्में

जनवरी 2026 में OTT पर आएंगी ये मोस्ट अवेटेड फिल्में
साल 2026 की शुरुआत सिनेमा लवर्स के लिए बहुत खास होने वाला है. जनवरी के महीने में ही ओटीटी पर एक से बढ़कर एक नई फिल्मों का तांता लगने वाला है. बॉलीवुड की कई शानदार फिल्में जनवरी में अलग-अलग ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर रिलीज होने जा रही हैं. इस लिस्ट में रणवीर सिंह की ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘धुरंधर’ से लेकर यामी गौतम की ‘हक’ तक शामिल हैं.

हक
‘हक’ एक कोर्टरूम-ड्रामा है जो शाह बानो केस पर बेस्ड है. इस फिल्म में यामी गौतम और इमरान हाशमी लीड रोल में है.
ये फिल्म 7 नवंबर को थिएटर्स में रिलीज हुई थी और अब ओटीटी पर रिलीज होने जा रही है.
ओटीटी प्ले की रिपोर्ट के मुताबिक ‘हक’ 2 जनवरी 2026 को नेटफ्लिक्स पर दस्तक देगी.

दे दे प्यार दे 2
अजय देवगन और रकुलप्रीत सिंह की कॉमेडी फिल्म ‘दे दे प्यार दे 2’ भी जनवरी में ओटीटी पर आएगी.
रिपोर्ट की मानें तो ये फिल्म 9 जनवरी 2026 को नेटफ्लिक्स पर स्ट्रीम होने के लिए तैयार है.
इस फिल्म में आर माधवन, रवि किशन, रोशनी वालिया और गौतमी कपूर जैसे कलाका भी हैं.

‘मस्ती 4’
‘मस्ती 4’ में एक बार फिर रितेश देशमुख, आफताब शिवदासानी और विवेक ओबेरॉय एक साथ नजर आए.
अब ये कॉमेडी फ्रेंचाइजी ओटीटी पर रिलीज होने जा रही है.
‘मस्ती 4’ 16 जनवरी 2026 से जी5 पर स्ट्रीम हो सकती है.
धुरंधर
रणवीर सिंह स्टारर फिल्म ‘धुरंधर’ बॉक्स ऑफिस पर तहलका मचाए हुए है.
अब रिपोर्ट्स की मानें तो ये फिल्म जनवरी का आखिरी हफ्ते में ओटीटी पर आ सकती है.
‘धुरंधर’ के ओटीटी राइट्स नेटफ्लिक्स ने 285 करोड़ रुपए में खरीदे हैं.

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अनाथ बच्चों के लिए सरकार की खास योजनाएँ, पढ़ाई से लेकर आर्थिक सहायता तक

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नई दिल्ली | सरकारी योजना समाचार देश में ऐसे कई बच्चे हैं, जिन्होंने अपने माता-पिता को खो दिया है या जिनके पास देखभाल करने वाला...
Government welfare schemes have improved the living standards of 22 crore people

सरकारी कल्याण योजनाओं से 22 करोड़ लोगों के जीवन स्तर में सुधार, MoSPI के...

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नई दिल्ली। भारत में सरकारी सामाजिक कल्याण योजनाओं के माध्यम से गरीब और जरूरतमंद परिवारों को मिलने वाली मुफ्त या रियायती वस्तुओं से उनके...

भोपाल AIIMS में अंगदान से 3 लोगों को नई जिंदगी की उम्मीद, शिवानी को...

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भोपाल/नर्मदापुरम। अपनों को खोने का दर्द कितना गहरा होता है, यह उस परिवार से बेहतर कौन समझ सकता है, जिसने सड़क हादसे में अपनी...
social welfare 2026

₹53,428 करोड़ की सामाजिक सहायता योजना मंजूर, दिव्यांग पेंशन के नियमों में बदलाव

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नई दिल्ली, 16 अक्टूबर। केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (NSAP) को अगले पांच वर्षों तक जारी रखने के लिए ₹53,428 करोड़ की...
PM-USP CSSS Scholarship Renewal 2026-27

PM-USP CSSS Scholarship Renewal 2026-27: 31 अक्टूबर तक करें आवेदन, जानें पात्रता, जरूरी दस्तावेज...

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भोपाल | KOLAR18.COM | Social Welfare & Education News कॉलेज और विश्वविद्यालय में पढ़ाई कर रहे विद्यार्थियों के लिए छात्रवृत्ति से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी सामने...