मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय बसना सलखण्ड में मां महालक्ष्मी पूजन कार्यक्रम में हुए शामिल

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय बसना सलखण्ड में मां महालक्ष्मी पूजन कार्यक्रम में हुए शामिल
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज महासमुंद जिले के बसना तहसील अंतर्गत ग्राम सलखण्ड में ग्रामीणों द्वारा आयोजित महालक्ष्मी देवी पूजन कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने मां लक्ष्मी से प्रार्थना करते हुए प्रदेशवासियों के सुख-समृद्धि और उत्तम स्वास्थ्य की कामना की। पूजन कार्यक्रम के दौरान पुजारियों द्वारा पारंपरिक मंत्रोच्चार किया गया, जिसमें मुख्यमंत्री ने श्रद्धापूर्वक भाग लिया। इसके बाद उन्होंने ग्रामीणों से आत्मीय मुलाकात कर उनकी समस्याओं और स्थानीय विकास कार्यों की जानकारी ली। इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय एवं रायपुर उत्तर विधायक श्री पुरंदर मिश्रा भी साथ थे।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने ग्राम सलखंड में महतारी सदन की बनाने की घोषणा की। साथ ही यहां एनीकेट निर्माण के लिए जल संसाधन विभाग को आवश्यक जानकारी जुटाकर प्रस्ताव बनाने के निर्देश दिए।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने उपस्थित जनों को संबोधित करते हुए कहा कि आज पवित्र अगहन मास के अवसर पर मां महालक्ष्मी की पूजा में शामिल होकर हृदय से अत्यंत आनंद और सौभाग्य की अनुभूति हो रही है। बसना और सलखंड के ग्रामवासियों ने वर्षों से जिस भक्ति और परंपरा को जीवित रखा है, वह छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत का गौरवपूर्ण उदाहरण है।अगहन मास हमारे अंचल के लिए अत्यंत पवित्र माना जाता है। यह मास अन्न, धन और समृद्धि का प्रतीक है। इसी समय नई फसल खेतों में लहलहाती है, और घर-परिवार में सम्पन्नता के द्वार खुलते हैं। मां महालक्ष्मी जीवन में केवल धन ही नहीं, बल्कि सुख, शांति, उत्तम स्वास्थ्य और सदभाव का आशीर्वाद भी प्रदान करती हैं। इसी भावना के साथ हम सभी इस पूजन में शामिल होते हैं। उन्होंने मां लक्ष्मी से राज्य के प्रत्येक नागरिक के लिए सुख-समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य, सुरक्षित वातावरण और उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार गांव, गरीब, किसान, महिला और युवाओं के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है। हम जनता की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए संकल्पित हैं। सलखंड गांव की यह 25 वर्षों से चल रही परंपरा न केवल श्रद्धा का प्रतीक है, बल्कि सामाजिक एकता, भाईचारे और सामुदायिक जागरूकता का भी उदाहरण है। यहां आयोजित मेला ग्रामीण संस्कृति, लोकाचार और पारंपरिक विरासत को आगे बढ़ाने का माध्यम बन चुका है।

मुख्यमंत्री साय ने संविधान की गरिमा, लोकतांत्रिक मूल्यों और राष्ट्रनिर्माण में जनभागीदारी के महत्व को बताते हुए कहा कि संविधान हमारे अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्यों की भी याद दिलाता है और यही दस्तावेज भारत को एक सशक्त, एकजुट और प्रगतिशील राष्ट्र के रूप में आगे बढ़ने की दिशा देता है। मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ निर्माण समिति के सदस्यों के ऐतिहासिक योगदान का सम्मानपूर्वक उल्लेख किया और कहा कि समिति की दूरदृष्टि एवं प्रयासों ने आज के मजबूत और विकसित होते छत्तीसगढ़ की नींव रखी है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश विकसित भारत के अग्रसर लक्ष्य की ओर तेजी से बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के सहयोग से अधोसंरचना, शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण और आवास निर्माण जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत छत्तीसगढ़ को 18 लाख आवासों की स्वीकृति इसी संकल्प की महत्वपूर्ण उपलब्धि है। मुख्यमंत्री ने कहा कि महतारी वंदन योजना के तहत छत्तीसगढ़ की लगभग 70 लाख महिलाओं को लाभ प्रदान किया जा रहा है, जो महिलाओं के सम्मान और आर्थिक मजबूती की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि है। मुख्यमंत्री साय ने संविधान के प्रति निष्ठा, समरसता, समानता और राष्ट्रीय विकास के संकल्प के साथ आगे बढ़ने की अपील की और कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार की संयुक्त प्रतिबद्धता से छत्तीसगढ़ भी विकसित भारत के निर्माण में प्रमुख भूमिका निभाएगा।

कार्यक्रम में बसना विधायक सम्पत अग्रवाल, महिला आयोग की सदस्य सरला कोसरिया, छत्तीसगढ़ राज्य बीज निगम के अध्यक्ष चंद्रहास चंद्राकर, स्थानीय जनप्रतिनिधिगण, कलेक्टर विनय कुमार लंगेह, पुलिस अधीक्षक आशुतोष सिंह एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन मौजूद थे।

ब्राह्मण समाज की बेटियों पर आईएएस संतोष वर्मा की टिप्पणी से विवाद गहराया, GAD ने थमाया नोटिस

 

भोपाल, 26 नवम्बर 2025 — आईएएस संतोष कुमार वर्मा द्वारा ब्राह्मण समाज की बेटियों को लेकर दिए गए विवादित बयान पर प्रदेशभर में तीखा विरोध जारी है। उनकी टिप्पणी के बाद ब्राह्मण समाज में भारी आक्रोश फैल गया है। कई जिलों में ब्राह्मण संगठनों ने थानों में पहुंचकर शिकायतें दर्ज कराई हैं और वर्मा पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

इसी बीच मामला गंभीर होता देख सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) ने आईएएस वर्मा को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है। नोटिस में कहा गया है कि वर्मा ने 23 नवम्बर को भोपाल में आयोजित कार्यक्रम में जो टिप्पणी की, वह न केवल एक उच्च पदस्थ अधिकारी के व्यवहार के विपरीत है, बल्कि समाज में असंतोष फैलाने वाली भी है।

GAD ने अपने पत्र में स्पष्ट लिखा है कि वर्मा की टिप्पणी अखिल भारतीय सेवा आचरण नियम, 1968 और अनुशासन एवं अपील नियम, 1969 का उल्लंघन है। विभाग का कहना है कि इस प्रकार का वक्तव्य “स्वेच्छाचारिता, गंभीर कदाचार और अनुशासनहीनता” की श्रेणी में आता है।

विभाग ने वर्मा से 7 दिनों के भीतर स्पष्टीकरण माँगा है। निर्धारित समय में उत्तर न देने पर उनके विरुद्ध एकपक्षीय अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी भी नोटिस में दी गई है।

ब्राह्मण समाज के प्रतिनिधियों का कहना है कि एक संवैधानिक पद पर बैठे अधिकारी द्वारा “समुदाय की बेटियों के बारे में इस तरह की टिप्पणी अस्वीकार्य है” और इससे समाज की भावनाएँ आहत हुई हैं। संगठनों ने वर्मा के निलंबन और सार्वजनिक माफी की माँग की है।

प्रदेश में मामला लगातार राजनीतिक और सामाजिक रूप से संवेदनशील होता जा रहा है। अब सभी की निगाहें वर्मा के जवाब और सरकार की आगे की कार्रवाई पर टिकी हैं।

मुख्यमंत्री, किसानों को भावांतर राशि वितरण और विकास कार्यों के भूमिपूजन एवं लोकार्पण कार्यक्रम में हुए शामिल

मुख्यमंत्री, किसानों को भावांतर राशि वितरण और विकास कार्यों के भूमिपूजन एवं लोकार्पण कार्यक्रम में हुए शामिल
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि किसान भाई हमारे अन्नदाता हैं। वे तरह-तरह के जोखिम उठाकर समाज और देश के लिए अन्न-धन का भंडार भरते हैं। प्रकृति की मार सहकर और खुद के दाना-पानी की चिंता में न रहकर सबका उदर पोषण करते हैं। उन्होंने कहा कि सीमा पर जवान और खेतों में हमारे किसान दोनों समान रूप से राष्ट्र की सेवा में तत्पर रहते हैं। किसान भाइयों के घर-आंगन में खुशहाली और आर्थिक समृद्धि लाना ही हमारी सरकार का मूल लक्ष्य है। हम प्रदेश के हर किसान को उसके द्वारा उत्पादित फसल का समुचित दाम दिलाएंगे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को इंदौर जिले के गौतमपुरा में आयोजित समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोयाबीन की फसल पर भावान्तर भुगतान योजना के तहत प्रदेश के 1.34 लाख पात्र किसानों के बैंक खातों में सिंगल क्लिक से 249 करोड़ रुपये अंतरित किये। अब तक प्रदेश के 4.39 लाख से अधिक किसानों द्वारा 7.85 लाख मीट्रिक टन सोयाबीन फसल का विक्रय किया जा चुका है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इंदौर जिले को 264 करोड़ रूपए के विकास कार्यों की सौगात भी दी। इसके तहत विभिन्न विकास कार्यों का भूमिपूजन और लोकार्पण किया। इनमें इनगोरिया से देपालपुर तक मार्ग निर्माण कार्य का भूमिपूजन भी शामिल है। यह 10 मीटर चौड़ी सड़क होगी, जो देपालपुर और बड़नगर विधानसभा क्षेत्रों को आपस में जोड़ेगी।

किसानों को बाजार भाव में कमी से होने वाले नुकसान की सरकार कर रही भरपाई
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार हर किसान को उसकी मेहनत, उसके समर्पण का समुचित मूल्य दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। भावान्तर भुगतान योजना के जरिए किसानों को बाजार भाव में कमी से होने वाले नुकसान की भरपाई की जा रही है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति हर हाल में बेहतर एवं मजबूत हो सके और खेती-किसानी लाभ का व्यवसाय बने।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव की प्रमुख घोषणाएं
स्थानीय जनप्रतिनिधियों की मांग पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इंदौर से देपालपुर तक फोरलेन रोड के निर्माण की घोषणा की। यह 37 कि.मी. लंबी रोड होगी, जिसके निर्माण पर करीब 745 करोड़ रूपए खर्च आएगा। मुख्यमंत्री ने गौतमपुरा में महाविद्यालय खोलने तथा यहां के वर्तमान प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र (पीएचसी) को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र (सीएचसी) में प्रोन्नत (अपग्रेड) करने की घोषणा की। अब यहां एक सर्वसुविधायुक्त बड़ा अस्पताल बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने इंदौर से हातौद तक फोरलेन सड़क बनाने की बात भी कही।

एक-एक खेत तक पहुंचाएंगे पानी
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में किसान हितैषी नीतियों को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा, जिससे हमारा प्रदेश कृषि के क्षेत्र में हमेशा अग्रणी बना रहे। किसानों के लिये धन की कोई कमी नहीं है। हमारी सरकार भावांतर की राशि दे रही है, वहीं केन्द्र सरकार से किसानों को सम्मान निधि भी मिल रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि क्षेत्र का कोई भी खेत सिंचाई सुविधा से वंचित नहीं रहेगा। हम एक-एक खेत तक पानी पहुंचाएंगे। देपालपुर विधानसभा क्षेत्र में 1538 करोड़ रूपए की लागत से 27 हजार हेक्टेयर रकबे को सिंचित करने के लिए चंबल नदी पर एक बैराज बनाया जा रहा है। इससे विधानसभा क्षेत्र के 75 गांव लाभान्वित होंगे।

प्रदेश में चल रहा है विकास का दौर
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सोलर पॉवर पम्प के जरिए हम किसानों को ऊर्जा उत्पादन के लिए प्रेरित कर रहे हैं। इससे किसान अपनी बिजली से ही अपना खेत-अपना घर-अपनी दुकान रौशन कर सकेंगे। बिजली बिल का झंझट अब खत्म हो जायेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में विकास का दौर चल रहा है। यह क्रम आगे भी चलता रहेगा। उन्होंने कहा कि मालवा ऋषि-मुनियों की धरती रही है। गौतमपुरा सदियों पहले ऋषि गौतम की कर्मभूमि रहा है। विश्व को गीता का ज्ञान देने वाले भगवान श्रीकृष्ण के सम्मान में आने वाली 1 दिसम्बर को गीता जयंती पूरे मध्यप्रदेश में मनाई जाएगी।

जांजगीर-चांपा में सड़क दुर्घटना पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जताया गहरा दुःख

जांजगीर-चांपा में सड़क दुर्घटना पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जताया गहरा दुःख
जांजगीर-चांपा जिले के सुकली गाँव के पास हुई भीषण सड़क दुर्घटना में पाँच लोगों की दर्दनाक मृत्यु और कई लोगों के घायल होने की घटना पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने गहरा शोक व्यक्त किया है।

मुख्यमंत्री साय ने इस हृदयविदारक दुर्घटना को अत्यंत दुःखद बताते हुए पीड़ित परिवारों के प्रति अपनी संवेदनाएँ प्रकट की हैं।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि दुर्घटना में घायल सभी व्यक्तियों को तत्काल बिलासपुर स्थित सिम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन को निर्देशित किया है कि घायलों के उपचार में किसी भी प्रकार की कमी न आने दी जाए तथा उन्हें चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए।

मुख्यमंत्री ने दिवंगतों की आत्मा की शांति हेतु ईश्वर से प्रार्थना करते हुए कहा कि शोकाकुल परिवारों को इस गहन दुःख को सहने की शक्ति मिले। उन्होंने दुर्घटना में घायल सभी लोगों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की भी कामना की।

संविधान में आस्था रखकर आगे बढ़ रहा है विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र भारत : मुख्यमंत्री साय

संविधान में आस्था रखकर आगे बढ़ रहा है विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र भारत : मुख्यमंत्री साय
मुख्यमंत्री ने संविधान निर्मात्री सभा में देश के सभी क्षेत्रों के प्रतिनिधियों के संविधान निर्माण अमूल्य योगदान दिया को स्मरण किया। उन्होंने विशेष रूप से छत्तीसगढ़ से भारत के संविधान निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले वरिष्ठजनों का स्मरण करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की यह ऐतिहासिक भागीदारी आज भी गर्व का विषय है और इन महान जनप्रतिनिधियों की विचारशीलता, लोकतांत्रिक मूल्य और राष्ट्रनिर्माण की दृष्टि सदैव प्रेरणा देती रहेगी।

इस अवसर पर विधायक राजेश मूणत, विधायक पुरंदर मिश्रा, विधायक सुनील सोनी, संस्कृति विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव सहित बड़ी संख्या में प्रबुद्धजन एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

ग्रहों का महासंक्रमण! मौसम, बाज़ार, राजनीति पर बड़ा असर

ग्रहों का महासंक्रमण! मौसम, बाज़ार, राजनीति पर बड़ा असर
दिसंबर 2025 की सबसे बड़ी ख़ासियत यह है कि 05 से 09 दिसंबर के बीच गुरु, बुध और मंगल, तीनों बडे़ ग्रह राशि बदल रहे हैं. इन 5 दिनों का ग्रह-संक्रमण मौसम से अर्थव्यवस्था और आम जनजीवन को बड़े पैमाने पर प्रभावित करने जा रहा है.

दिसंबर 2025 की शुरुआत होते ही ऐसा लगता है मानो ग्रह एक-दूसरे को चुनौती दे रहे हों. महीने का पहला सप्ताह असामान्य रूप से सक्रिय है, गुरु, बुध और मंगल, तीनों ग्रह लगातार अपनी स्थिति बदलते हैं और हर बदलाव अपनी अलग ऊर्जा लेकर आता है. पंचांग के अनुसार, 05 दिसंबर से 09 दिसंबर का कालखंड पूरे महीने की नींव बनने जा रहा है.

मौसम में नमी, फिर सूखी ठंड, बाज़ार में तेज़ी, फिर मंदी, राजनीति में बयानबाज़ी, कृषि में उतार-चढ़ाव,हर क्षेत्र ग्रहों की चाल से प्रभावित होता है. यह महीना स्थिर नहीं है, बल्कि एक ऐसा महीना है जिसमें हर सप्ताह नई ऊर्जा और नया परिणाम देखने को मिलता है. सूर्य का 16 दिसंबर को धनु राशि में प्रवेश इस उथल-पुथल के महीने में एक नया मोड़ जोड़ देता है. पूरे दिसंबर को समझने के लिए इन ग्रह-संक्रमणों को विस्तार से देखना जरूरी है.

दिसंबर 2025: ग्रहों की चाल से मौसम, बाजार और राजनीति होगी प्रभावित
दिसंबर 2025 एक साधारण, शांत और ठंडा महीना नहीं है. 05 दिसंबर को गुरु का मिथुन में प्रवेश पूरे वातावरण के संतुलन को प्रभावित करने जा है. गुरु जब वायु-प्रधान राशि में आता है तो हवा, कोहरा, नमी और पश्चिमी विक्षोभ जैसी स्थितियां बनना स्वाभाविक है. पश्चिमी और उत्तरी क्षेत्रों में दुर्वृष्टि और दक्षिण में वर्षा का अभाव, यह स्थिति बिल्कुल इन्हीं ग्रह-स्थितियों से जुड़ी है.

इस परिवर्तन का सीधा प्रभाव बाजार पर भी देखने को मिल सकता है. तेल, तिलहन, मूंगफली, अलसी, नारियल, सुपारी, सरसों, सोना और चांदी जैसे उत्पादों में अचानक तेजी की स्थिति बनेगी. यह तेजी केवल एक दिन का प्रभाव नहीं होगी, बल्कि आने वाले सप्ताह तक बाजार में एक बेचैनी की स्थिति दिखाई देगी.

मसाले, अनाज, दालें और तेल में मंदी के संकेत!
06 दिसंबर को बुध का वृषभ राशि में प्रवेश इस तेजी को तुरंत धीमा करने का प्रयास करेगा. मसाले, अनाज, दालें और तेल, सभी में मंदी के संकेत उभरने लगते हैं. पंचांग का यह संकेत आधुनिक बाजार में भी सटीक बैठता है, क्योंकि बुध तर्क, व्यापार, दाम, संचार और समझौते का ग्रह है. जैसे ही वह पृथ्वी तत्व वाली राशि में आता है तो निर्णय धीमे पड़ते हैं, दामों में स्थिरता या गिरावट देखने को मिलती है, और व्यापारी समुदाय बाजार को लेकर सतर्क हो जाता है. दस्तावेज़, लेन-देन और संचार में भी भ्रम की संभावना बनती है और साधारण व्यक्ति के मन में भी निर्णयों को लेकर अनिश्चय का भाव रहता है.

सोना-चांदी के साथ और कौन से सेक्टर होंगे प्रभावित?
07 दिसंबर को मंगल का धनु राशि में प्रवेश फिर एक बार पूरे वातावरण को तेज़ बना देता है. मंगल अग्नि और ऊर्जा का कारक है, और धनु विस्तार और गति का प्रतीक. इस संयोजन से धान, गेहूं, तृण, रूई, बिनौला, रस और तिलहन जैसे उत्पादों के मूल्य बढ़ सकते हैं. सोना और चांदी पर भी इसका असर साफ दिखता है. कृषि, परिवहन, लॉजिस्टिक्स और सरकारी नीतियों में भी इस दिन से हलचल देखने को मिलेगी. प्रशासन तेजी से निर्णय लेने लगता है और यात्राओं, खेलों, सुरक्षा और सैन्य गतिविधियों में भी गति आती है.

मंगल अनुराधा और ज्येष्ठा नक्षत्र के प्रभाव से दिसंबर का ये दिन सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण
09 दिसंबर का दिन सबसे संवेदनशील माना गया है. मंगल अनुराधा और ज्येष्ठा नक्षत्र के प्रभाव में आता है, जिन्हें पारंपरिक ज्योतिष में सत्ता, नियंत्रण, आदेश, विवाद और संघर्ष का प्रतीक माना गया है. वर्षा का अभाव, उत्तर भारत में सूखी ठंड, राज्यों में राजनीतिक बयानबाज़ी, प्रशासनिक टकराव और बाजार में अनिश्चितता, ये सभी स्थितियां ग्रह-स्थिति से सीधी जुड़ी होती हैं.

यह दिन महीने के सबसे महत्वपूर्ण दिनों में शामिल है क्योंकि मंगल और बुध का यह अप्राकृतिक संबंध लोगों के व्यवहार, मौसम, शासन और अर्थनीति को सीधा प्रभावित करने जा रहा है. इसका असर देश ही नहीं विदेश तक महसूस किया जाएगा.

इन चार दिनों 05, 06, 07 और 09 दिसंबर,के संयुक्त प्रभाव को समझना ही पूरे महीने की दिशा को समझना है. पहले नमी, फिर ठंड, पहले तेजी, फिर मंदी, पहले ऊर्जा, फिर हड़बड़ाहट. दिसंबर 2025 पूरे समय लोगों को सावधान रहने के संकेत देता है.

राजनीतिक गतिविधि में तेजी, संगठन का विस्तार
इसके बाद 16 दिसंबर को सूर्य का धनु राशि में प्रवेश होता है, जिसे धनु संक्रांति कहा जाता है. इस परिवर्तन को धार्मिक, सामाजिक और नीतिगत दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है. सूर्य का यह गोचर आध्यात्मिकता, दान, यात्रा, नीति, न्याय, शिक्षा और विदेश संबंधों में सक्रियता लाता है. सरकारी विभागों में गति बढ़ती है, बजट-पूर्व तैयारी शुरू होती है और कुछ बड़े फैसलों की ओर संकेत मिलते हैं. राजनीतिक गतिविधि में भी गंभीरता आती है, राजनैतिक दलों में संगठन स्तर पर लंबित मामले गति पकड़ते हैं. संगठन का नया स्वरुप देखने को मिलता है. इस गोचर से वर्षा-अभाव वाली परिस्थितियां स्थिर होती हैं.

सेहत को लेकर रहना होगा सतर्क
दिसंबर 2025 का यह महीना किसी एक दिशा में स्थिर नहीं है. यह महीना घटनाओं, बदलावों और तीव्र ऊर्जाओं से भरा हुआ है. बाजार, कृषि, व्यापार, राजनीति, मौसम, प्रशासन, यात्राएं और परिवार, हर स्तर पर ग्रहों की चाल असर डाल रही है. सामान्य लोगों के लिए यह महीना तेज़ ठंड, जुकाम-एलर्जी, निर्णयों में बदलाव, रिश्तों में गलतफहमियां और आर्थिक अनिश्चितता का मिश्रित समय लेकर आता है. लेकिन साथ ही यह महीना नए अवसर, नए उत्साह और नई शुरुआत का भी संकेत देता है, विशेषकर 16 दिसंबर के बाद.

ज्योतिषीय गणना व पंचांग यही बताते हैं कि दिसंबर 2025 को हल्के में लेना गलत होगा. यह महीना सावधानी, अवलोकन और व्यावहारिक संयम की मांग करता है. जो लोग समय देखकर निर्णय लेते हैं, यह महीना उनके लिए अवसर खोल सकता है, और जो अपने भावों व हड़बड़ाहट में निर्णय लेते हैं, उन्हें कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है.

ममूटी की ‘कलमकावल’ की नई रिलीज डेट हुई अनाउंस

ममूटी की ‘कलमकावल’ की नई रिलीज डेट हुई अनाउंस
ममूटी की अपकमिंग फिल्म ‘कलमकवल’ मलयालम थ्रिलर है और फैंस को इसकी रिलीज का बेसब्री से इंतजार है. पहले ये फिल्म 27 नवंबर को रिलीज़ होने वाली थी लेकिन फिर पोस्टपोन्ड हो गई. वहीं अब मेकर्स ने इस मच अवेटेड फिल्म की नई रिलीज डेट अनांउंस कर दी है. जानते हैं ममूटी की ‘कलमकवल कब बड़े पर्दे पर दस्तक देगी.

‘कलमकवल’ की नई रिलीज डेट हुई अनाउंस
‘कलमकवल के मेकर्स ने सोशल मीडिया पर इस अपकमिंग फिल्म का एक नया पोस्टर जारी कर इसकी नई रिलीज डेट अनाउंस की है. जिसके मुताबिक ‘कलमकवल’ अब 5 दिसंबर, 2025 को सिनेमाघरों में आएगीय निर्माताओं द्वारा जारी की गई अनाउंसमेंट में लिखा है, “हमें पता है कि आपने लंबा इंतज़ार किया है… इंतज़ार सार्थक होगा… दुनिया भर के सिनेमाघरों में ‘कलमकवल’, 5 दिसंबर, 2025 से. ”

ममूटी की ‘कलमकावल’ कब होनी थी रिलीज?
ममूटी और विनायकन ‘कलमकावल’ से 27 नवंबर को सिनेमाघरों में धमाकेदार वापसी की तैयारी कर रहे थे. लेकिन फिल्म की रिलीज़ को लेकर हफ़्तों से चल रही अटकलों के बाद, निर्माताओं ने आखिरकार पुष्टि की कि रिलीज़ आगे बढ़ा दी गई है और फैंस से थोड़ा और इंतज़ार करने को कहा है. ममूटी कंपनी ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल के ज़रिए फिल्म के पोस्टपोन्ड होने की अनाउंसमेंट की थी और दर्शकों को भरोसा दिया था कि टीम फिल्म को सही समय पर रिलीज़ करने के लिए कमिटेड है. बयान में लिखा था, “देरी हुई है, कम नहीं हुई है, हम आपकी बात सुन रहे हैं… इंतज़ार का असर हुआ है. द वेनम बिनीथ जल्द ही आ रहा है!! #कलमकवल की रिलीज़ टली, नई रिलीज़ डेट जल्द ही घोषित की जाएगी!!”

‘कलमकावल’ का क्या है प्लॉट
जितिन के जोस द्वारा निर्देशित, ‘कलमकवल’ कोट्टायिकोनम के शांत इलाके में एक पुलिस इनवेस्टिगेशन पर बेस्ट है, कुछ मामूली से सुरागों से शुरू होने वाली यह कहानी जल्द ही अपराधों की एक भयानक सीरीज में बदल जाती है, जिससे पुलिस बल को जवाबों की तलाश में कड़ी मशक्कत करनी पड़ती है.

ट्रेलर तनाव, संघर्ष और चौंकाने वाले खुलासे की ओर इशारा करता है
पहले रिलीज़ हुआ ट्रेलर एक डार्क इन्वेस्टिगेटिव थ्रिलर की शुरुआत करता है. इसकी शुरुआत एसजे एथन के इस कोट से होती है: “अंदर का ज़हर हमेशा के लिए दबाया नहीं जा सकता.” इसके बाद, कहानी एक सच्ची क्राइम डॉक्यूमेंट्री की तरह सामने आती है, जो कोट्टायिकोनम को हिला देने वाली एक घटना को दिखाती है.

ममूटी और विनायकन के अलावा फिल्म में गिबिन गोपीनाथ, मीरा जैस्मीन, गायत्री अरुण और राजिशा विजयन ने अहम रोल प्ले किया है.

मोदी कैबिनेट ने 7,280 करोड़ रुपये की योजना को दी मंजूरी

मोदी कैबिनेट ने 7,280 करोड़ रुपये की योजना को दी मंजूरी
पीएम नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली कैबिनेट की मीटिंग में बुधवार, 26 नवंबर को रेयर अर्थ परमानेंट मैग्नेट्स की मैन्युफैक्चरिंग को लेकर एक ऐतिहासिक कदम उठाया गया हैं. इसके तहत सरकार ने रेयर अर्थ के मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ाने के लिए 7,280 करोड़ रुपये की एक नई स्कीम को मंजूरी देने का फैसला लिया हैं.

भारत में शुरू हो रही यह अपने तरह की पहली योजना है. सरकार का उद्देश्य देश में 6,000 मीट्रिक टन प्रति वर्ष की इंटीग्रेटेड रेयर अर्थ परमानेंट मैग्नेट (REPM) मैन्युफैक्चरिंग यूनिट की स्थापना करना है. इस संबंध में पिछले कुछ दिनों से बातचीत जारी थी.

6,000 मीट्रिक टन होगा उत्पादन
सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस स्कीम को लेकर जानकारी देते हुए कहा कि, ‘सिन्टर्ड रेयर अर्थ परमानेंट मैग्नेट्स मैन्युफैक्चरिंग प्रमोशन स्कीम’ की शुरुआत देश में रेयर अर्थ परमानेंट मैग्नेट्स के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए की गई हैं.

इस पहल के तहत हर साल 6,000 मीट्रिक टन क्षमता तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है. जिससे भारत इस महत्वपूर्ण क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में मजबूत कदम बढ़ा सके. इस योजना के तहत एक अत्याधुनिक इंटीग्रेटेड REPM मैन्युफैक्चरिंग प्लांट स्थापित करने की योजना है.

चीन है रेअर अर्थ का किंग
पूरी दुनिया में मौजूद रेयर अर्थ का करीब 80 प्रतिशत हिस्सा चीन के नियंत्रण में आता है. भारत समेत दुनिया के कई देश रेयर अर्थ के लिए बहुत हद तक चीन पर निर्भर हैं. पिछले दिनों चीन ने रेयर अर्थ को लेकर प्रतिबंध की घोषणा की थी और निर्यात पर रोक लगा दिया था.

आंकड़ों की बात करें तो, वित्तीय वर्ष 2024-25 में भारत ने चीन से 870 टन रेयर अर्थ मैग्नेट्स आयात किया है. हालांकि, भारत सरकार के आज के इस कदम से पूरी उम्मीद की जा रही है कि, आने वाले समय में भारत की निर्भरता चीन पर कम होगी. साथ ही भारत इस महत्वपूर्ण क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में मजबूत कदम बढ़ा सकेगा.

दिल्ली-NCR में 50% वर्क फ्रॉम होम और स्कूलों के हाइब्रिड मोड में चलेंगे

दिल्ली-NCR में 50% वर्क फ्रॉम होम और स्कूलों के हाइब्रिड मोड में चलेंगे
पिछले तीन दिनों से वायु गुणवत्ता में मामूली सुधार के बाद, वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM ) ने बुधवार (26 नवंबर) को दिल्ली-एनसीआर में ग्रैप-3 के तहत लागू सभी प्रतिबंध हटा दिए. दिल्ली का 24 घंटे का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) बुधवार को 327 रहा और भारत मौसम विभाग (आईएमडी) तथा भारतीय उष्णकटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान के पूर्वानुमान के अनुसार हवा की गुणवत्ता ‘बहुत खराब’ श्रेणी में बनी रहने की आशंका है.

हालांकि, सीएक्यूएम ने कहा कि 21 नवंबर को अधिसूचित संशोधित ग्रैप के स्टेज-1 और स्टेज-2 के तहत लागू प्रतिबंध एनसीआर में जारी रहेंगे और उनका कड़ाई से पालन कराया जाएगा, ताकि प्रदूषण का स्तर दोबारा न बढ़ सके. सीएक्यूएम के आदेश में कहा गया है कि ग्रैप पर उप-समिति ने वायु गुणवत्ता की स्थिति की समीक्षा की और हाल ही में इसमें सुधार देखा. इसके बाद 11 नवंबर के आदेश वापस लिए गए, जिसके तहत चरण-3 के प्रतिबंध लागू किए गए थे.
50% वर्क फ्रॉम होम की व्यवस्था पर क्या फैसला?

दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि अब पूरे शहर में GRAP II के तहत उपाय लागू होंगे. सिरसा ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, ‘मैं सभी दिल्लीवासियों को सूचित करना चाहता हूं कि सीएक्यूएम के आदेश अनुसार दिल्ली में अब ग्रैप-3 की पाबंदियां हटा दी गई हैं और राजधानी में ग्रैप-2 लागू किया गया है. इसी के तहत दफ्तरों में 50 प्रतिशत कर्मचारियों के काम करने की व्यवस्था खत्म कर दी गई है और स्कूलों में चल रहा ‘हाइब्रिड मोड’ भी अब बंद कर दिया गया है. अब आगे से सभी व्यवस्थाएं ग्रैप-2 के नियमों के अनुसार ही चलेंगी.”

GRAP-3 के प्रतिबंधों में क्या है शामिल?
GRAP III के प्रतिबंधों में गैर-जरूरी निर्माण और ध्वस्त करने का कार्य और खनन गतिविधियों पर रोक शामिल है. दिल्ली, गुरुग्राम, फरीदाबाद, गाजियाबाद और गौतम बुद्ध नगर में बीएस-तीन पेट्रोल और बीएस-चार डीजल चारपहिया गाड़ियों पर प्रतिबंध लगाया जाता है. सीएक्यूएम के आदेश में कहा गया कि नियमों का उल्लंघन करने के कारण बंद किए गए निर्माण और ध्वस्त करने वाली साइटों को आयोग द्वारा विशेष अनुमति दिए बिना काम शुरू करने की इजाजत नहीं होगी.
दिल्ली में सर्दियों में लागू होते हैं GRAP के तहत प्रतिबंध

आयोग ने कार्यान्वयन करने वाली एजेंसियों को सख्त निगरानी बनाए रखने और चरण-1 तथा चरण-2 के तहत कार्रवाई तेज करने के निर्देश दिए हैं. सर्दियों के दौरान दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में ग्रैप के तहत प्रतिबंध लागू होते हैं, जो वायु गुणवत्ता को चार चरणों में वर्गीकृत करता है – चरण-1 (खराब, एक्यूआई 201-300), चरण -2 (बहुत खराब, एक्यूआई 301-400), चरण-3 (गंभीर, एक्यूआई 401-450), और चरण-4 (गंभीर, एक्यूआई 450 से ऊपर).

प्रतिकूल मौसम संबंधी परिस्थितियां, गाड़ियों से होने वाले उत्सर्जन, धान की पराली जलाने, पटाखों और अन्य स्थानीय प्रदूषण स्रोतों के कारण सर्दियों के दौरान दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता का स्तर खतरनाक हो जाता है.

IIT बॉम्बे का बदला जाएगा नाम -CM देवेंद्र फडणवीस

IIT बॉम्बे का बदला जाएगा नाम -CM देवेंद्र फडणवीस
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) ने बुधवार को कहा कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय को पत्र लिखकर आईआईटी बॉम्बे (IIT Bombay) का आधिकारिक नाम बदलकर आईआईटी मुंबई (IIT Mumbai) करने की मांग करेंगे। फडणवीस की यह प्रतिक्रिया महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) प्रमुख राज ठाकरे (Raj Thackeray) द्वारा केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह (Jitendra Singh on IIT Bombay) की हालिया टिप्पणी की आलोचना के बाद सामने आई है।

दरअसल, पूरा विवाद उस वक्त शुरू हुआ जब केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री जितेंद्र सिंह ने सोमवार को IIT बॉम्बे के एक कार्यक्रम में कहा, “जहां तक IIT बॉम्बे का सवाल है, भगवान का शुक्र है कि इसका नाम अब तक यही है। आपने इसे मुंबई नहीं किया।” सिंह ने यह भी जोड़ा कि आईआईटी मद्रास का नाम भी अब तक नहीं बदला गया है और वह अपने पुराने नाम से ही चल रहा है। उनका यह बयान राजनीतिक चर्चा का केंद्र बन गया। राज ठाकरे की मनसे ने सिंह पर महाराष्ट्र का अपमान करने का आरोप लगाया और कड़ा विरोध दर्ज किया।

इसके बाद मुख्यमंत्री फडणवीस ने साफ कहा, “हमारे लिए यह मुंबई ही है। बॉम्बे का नाम बदलकर मुंबई करने में भाजपा की बड़ी भूमिका रही है।” उन्होंने यह भी कहा कि वह पीएम मोदी से आईआईटी बॉम्बे का नाम बदलकर आईआईटी मुंबई करने का अनुरोध करेंगे। वह इस मुद्दे पर जल्द ही प्रधानमंत्री और शिक्षा मंत्रालय को पत्र लिखेंगे।

राज ठाकरे ने बताया ‘साजिश’
इससे पहले मनसे प्रमुख राज ठाकरे ने जितेंद्र सिंह के बयान पर निशाना साधा और उनके बयान को महाराष्ट्र से मुंबई को अलग करने की भाजपा की साजिश बताया। ठाकरे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया, “मंत्री डॉ जितेंद्र सिंह का बयान साफ ​​तौर पर सरकार की सोच को दर्शाता है। यह सोच क्या है? मुंबई हमेशा से मराठी लोगों की रही है, इसे महाराष्ट्र से अलग करने की साजिश को मराठी नेताओं और जनता ने नाकाम कर दिया और हमारा मराठी मुंबई महाराष्ट्र में ही रहा। दशकों से उनके पेट में जो कड़वाहट भरी हुई थी, वह एक बार फिर बाहर निकलने लगी है।”

ठाकरे ने लिखा, “सच तो यह है कि जितेंद्र सिंह का न मुंबई से कोई कनेक्शन है, न महाराष्ट्र से, न गुजरात से। वह जम्मू के रहने वाले हैं, लेकिन उनका मकसद शीर्ष नेतृत्व के मन की बात पढ़कर और उसी हिसाब से बोलकर उनकी तारीफ पाना है। मेरी अपील सिर्फ मुंबई नहीं, बल्कि पूरे मुंबई महानगर क्षेत्र (MMR) में रहने वाले सभी मराठी लोगों से है कि अब अपनी आंखें खोलने का समय आ गया है। ‘मुंबई’ नाम उन्हें इसलिए परेशान करता है क्योंकि इसका नाम मुंबई की असली देवी मुंबादेवी के नाम पर रखा गया है- हमारी मुंबई। उनके सभी बच्चे मराठी लोग हैं, जो पीढ़ियों से यहां रहते आए हैं। आप और आपका शहर उन्हें परेशान करता है।”

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