CJI गवई पर हमले की कोशिश मामले में पीएम मोदी ने दी पहली प्रतिक्रिया

CJI गवई पर हमले की कोशिश मामले में पीएम मोदी ने दी पहली प्रतिक्रिया
सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को सीजेआई बीआर गवई पर एक वकील ने हमला करने की कोशिश की। इस घटना की पीएम नरेंद्र ने निंदा की और कहा कि इस हमले से हर भारतीय नाराज है। एक्स पर पोस्ट करते हुए पीएम मोदी ने कहा- भारत के मुख्य न्यायाधीश बी.आर. गवई से बात की। आज सुप्रीम कोर्ट परिसर में उन पर हमले की कोशिश मामले से हर भारतीय आक्रोशित है। हमारे समाज में ऐसे निंदनीय कृत्यों के लिए कोई जगह नहीं है। यह पूरी तरह से निंदनीय है।

उन्होंने कहा- ऐसी स्थिति में जस्टिस गवई द्वारा प्रदर्शित धैर्य की मैं सराहना करता हूं। यह न्याय के मूल्यों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता और हमारे संविधान की भावना को मज़बूत करने की उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

सोनिया गांधी ने बताया संविधान पर हमला
कांग्रेस नेता सोनिया गांधी ने इस घटना को संविधान पर हमला बताया है। उन्होंने कहा- भारत के मुख्य न्यायाधीश पर सर्वोच्च न्यायालय में हुए हमले की निंदा करने के लिए शब्द पर्याप्त नहीं हैं। यह न सिर्फ उन पर, बल्कि हमारे संविधान पर भी हमला है।

उन्होंने कहा कि मुख्य न्यायाधीश गवई बहुत दयालु रहे हैं, लेकिन पूरे देश को गहरी पीड़ा और आक्रोश के साथ उनके साथ एकजुटता से खड़ा होना चाहिए।

SMS अस्पताल अग्निकांड: परिजनों-प्रशासन में 7 घंटे बाद बनी सहमति

SMS अस्पताल अग्निकांड: परिजनों-प्रशासन में 7 घंटे बाद बनी सहमति
जयपुर के SMS अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में रविवार देर रात न्यूरो आईसीयू वार्ड के स्टोर में भीषण आग लगने से 8 मरीजों की मौत हो गई, जिनमें 3 महिलाएं शामिल थीं। इस हादसे ने पूरे शहर को झकझोर दिया।

प्रारंभिक जांच में आग का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। हादसे के बाद परिजनों और प्रशासन के बीच 7 घंटे की लंबी बातचीत के बाद सहमति बनी। गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म ने हरसंभव मदद का आश्वासन दिया था, हालांकि उस दौरान मुआवजे की राशि की घोषणा नहीं की गई थी। वहीं सोमवार रात मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सभी मृतकों के परिजनों को 10-10 लाख की आर्थिक सहायता प्रदान करने के निर्देश जारी किए गए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार शोकाकुल परिवारों के साथ खड़ी है।

बिहार में 6 और 11 नवंबर को होगा चुनाव

बिहार में 6 और 11 नवंबर को होगा चुनाव
बिहार में 2025 के विधानसभा चुनाव का आगाज़ हो चुका है। चुनाव की घोषणा के साथ ही इस बात की चर्चा तेज हो गई है कि बिहार में किसकी सरकार बनेगी। नीतीश और तेजस्वी के समर्थक इसको लेकर आमने सामने हो गए हैं। माहौल पूरी तरह से गर्म है।

चुनावी दंगल में उतरेंगे नीतीश और तेजस्वी
एक तरफ मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, जो अपनी सरकार के विकास कार्यों और सुशासन का दावा कर लोगों के बीच चुनाव मैदान में उतरने का मन बनाया है। वहीं दूसरी तरफ तेजस्वी यादव युवाओं की नब्ज पकड़ते हुए रोजगार और सामाजिक न्याय की बात कर लोगों से वोट मांग रहे हैं। चुनाव की घोषणा के बाद दोनों नेता अपनी रणनीति को धार देने में लगे हैं। जीत को अपने नाम करने के लिए कल से दोनों नेता चुनावी दंगल में उतरेंगे।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने नई दिल्ली में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से की सौजन्य भेंट

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने नई दिल्ली में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से की सौजन्य भेंट
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज नई दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से सौजन्य भेंट की।

मुख्यमंत्री साय ने राष्ट्रपति मुर्मू को अवगत कराया कि वर्ष 2025 छत्तीसगढ़ राज्य के गठन की रजत जयंती वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री साय ने रजत जयंती वर्ष के विशेष अवसर पर राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे विकास कार्यों, जनकल्याण और सांस्कृतिक गौरव से जुड़े कार्यक्रमों की जानकारी दी।

मुख्यमंत्री साय ने राष्ट्रपति मुर्मू को छत्तीसगढ़ आगमन हेतु सादर आमंत्रित किया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को छत्तीसगढ़ राज्य की रजत जयंती वर्षगांठ की हार्दिक शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने राज्य के सर्वांगीण विकास और जनकल्याण के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की तथा प्रदेश की निरंतर प्रगति और समृद्धि की कामना की।

इस अवसर पर केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्यमंत्री तोखन साहू और मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह उपस्थित थे।

भोज विवि में अनियमितता की जड़ें गहरी, मंत्री परमार का आश्वासन भी बेअसर

भोज विवि में अनियमितता की जड़ें गहरी, मंत्री परमार का आश्वासन भी बेअसर
भोपाल। राजधानी भोपाल स्थित भोज मुक्त विश्वविद्यालय में अनियमितताओं की जड़ें इतनी गहरी हैं कि उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार का सदन में दिया गया आश्वासन भी ध्वस्त साबित हो रहा है। विवि में की गई अवैध नियुक्तियों की जांच कर रहे आर्थिक अपराध अनुसंधान ब्यूरो (EOW) को भी जांच में बाधाएं झेलनी पड़ रही हैं।

भोज मुक्त विवि की गड़बड़ियों के किस्से विधानसभा के लगभग हर सत्र में गूंजते रहे हैं। बीते मानसून सत्र में कांग्रेस विधायक भंवर सिंह शेखावत ने अपात्र व्यक्ति डॉ. सुशील मंडेरिया को कुलसचिव बनाए जाने का मामला उठाया था। जवाब में मंत्री परमार ने सदन में कहा था कि मंडेरिया की प्रतिनियुक्ति समाप्त करने की कार्रवाई चल रही है।

दो माह बाद भी मंत्री की बात अधूरी
सदन में यह जवाब एक अगस्त को दिया गया था, लेकिन दो महीने बीतने के बाद भी डॉ. मंडेरिया न केवल अपने पद पर बने हुए हैं बल्कि विश्वविद्यालय से जुड़े अहम फैसले भी ले रहे हैं। कुलगुरु एवं अपर मुख्य सचिव केसी गुप्ता का कहना है कि “प्रतिनियुक्ति समाप्त करने का निर्णय शासन को लेना है।”

नए कुलगुरु की आमद से पहले भुगतान की होड़
राजभवन ने प्रो. मिलिंद दत्तात्रेय दाण्डेकर को नया कुलगुरु नियुक्त किया है। उनके सख्त मिजाज की चर्चा के बीच विश्वविद्यालय में बकाया भुगतान निपटाने की हड़बड़ी मची हुई है।
सूत्रों के अनुसार, ऑडिट आपत्ति के बावजूद 35 लाख रुपये के भुगतान का प्रस्ताव कुलगुरु केसी गुप्ता तक पहुंचा, जिसे उन्होंने खारिज कर जिम्मेदारों को फटकार लगाई। आर्थिक गड़बड़ी के एक अन्य प्रकरण में असिस्टेंट रजिस्ट्रार नितिन सांगले को कारण बताओ नोटिस भी थमाया गया है।

ईओडब्ल्यू की दस्तावेज़ तलबी से हड़कंप
EOW ने 66 कर्मचारियों की अवैध नियुक्तियों की जांच के सिलसिले में कुलसचिव को नोटिस जारी कर 13 अक्टूबर तक सभी दस्तावेज तलब किए हैं। इस नोटिस के बाद विवि में हड़कंप मच गया है।
शासन ने पहले ही प्रवीण जैन समेत पांच कर्मचारियों के वेतन की रिकवरी के आदेश दिए थे, परंतु अब तक कोई वसूली शुरू नहीं हुई।

लायब्रेरी में आगजनी और गुम किताबों की जांच ठंडी
20 जुलाई को विवि के पुस्तकालय में लगी संदिग्ध आग की जांच भी ठंडे बस्ते में है। मौके से माचिस की तीलियां और अधजले कागज मिले थे। बताया जाता है कि पुस्तकालय से करीब 10 लाख रुपये की किताबें गायब हैं, लेकिन जांच अब तक अंजाम तक नहीं पहुंची।

उद्योग स्थापना के लिए मध्यप्रदेश बन चुका है देश का आइडियल डेस्टिनेशन : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

उद्योग स्थापना के लिए मध्यप्रदेश बन चुका है देश का आइडियल डेस्टिनेशन : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश, देश का दिल है। नदियों के मायके और बाघों की सहज दृश्यता वाली ये वो पवित्र धरती है, जिसमें भगवान श्रीकृष्ण ने अपना बचपन बिताया और शिक्षा-दीक्षा भी प्राप्त की। मध्यप्रदेश और असम का 5 हजार साल पुराना संबंध है। इतिहास में श्रीकृष्ण और माता रूक्मणी प्रसंग में मध्यप्रदेश और असम आपस में जुड़े हैं। बावन शक्तिपीठों में से एक देवी कामाख्या शक्तिपीठ असम की धरती पर है और मध्यप्रदेश में कालों के काल बाबा महाकाल विराजमान हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश ह्रदय प्रदेश होने के साथ आज देश का सबसे उपयुक्त निवेश प्रदेश है। मध्यप्रदेश की देश में केंद्रीय स्थिति, भरपूर बिजली-पानी, कुशल श्रमशक्ति और उत्कृष्ट लॉजिस्टिक्स सुविधाओं से हमारा राज्य उद्योग स्थापना के लिए देश का आइडियल डेस्टिनेशन बन चुका है। मध्यप्रदेश की देश के प्रमुख शहरों से बेहतरीन कनेक्टिविटी भी निवेशकों को अतिरिक्त लाभ देती है। मध्यप्रदेश में निवेश हर मायने में फायदे का सौदा है। उन्होंने असम राज्य के उद्योगपतियों और निवेशकों से आग्रह किया कि वे मध्यप्रदेश में उपलब्ध अवसरों का लाभ उठाएं और यहां अपने उद्योग एवं निर्माण इकाइयां स्थापित करें। सरकार हर कदम पर निवेशकों को पूरा सहयोग और आवश्यक सुविधाएं भी उपलब्ध कराएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि निवेशक कोई रोजगार आधारित उद्योग लगाते हैं, तो हमारी सरकार बिजली, पानी, कनेक्टिविटी की सुविधा के साथ श्रमिकों के वेतन के लिए 5000 रुपए प्रति श्रमिक की सब्सिडी भी देगी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को गुवाहाटी के एक निजी होटल में ‘इन्टरेक्टिव सेशन ऑन इन्वेस्टमेंट अर्पोच्यूनिटीज इन मध्यप्रदेश’ में असम राज्य के उद्योगपतियों और निवेशकों को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अन्य अतिथियों के साथ दीप प्रज्ज्वलन कर इस सेशन का शुभारंभ किया।

सामाजिक विकास का मूलमंत्र है शिक्षा, शिक्षा के बिना है जीवन अधूरा – मुख्यमंत्री साय

सामाजिक विकास का मूलमंत्र है शिक्षा, शिक्षा के बिना है जीवन अधूरा – मुख्यमंत्री साय
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेश के प्रत्येक जिले में नालंदा परिसर के निर्माण का कार्य चल रहा है, जिससे युवाओं को दिशा और अवसर दोनों मिल रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज समाज को संगठित होने की आवश्यकता है, क्योंकि संगठित समाज से ही राष्ट्र मजबूत होता है। उन्होंने कहा कि नशाखोरी समाज के विकास में बाधक है और इस बुराई से दूर रहना आवश्यक है। मुख्यमंत्री ने समाज से नशा मुक्ति का संकल्प लेने की अपील की।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में भारत सरकार ने मत्स्य संपदा योजना प्रारंभ की, जो मछुआरों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने में एक क्रांतिकारी कदम सिद्ध हुई है। इसी क्रम में छत्तीसगढ़ सरकार ने हाल ही में गंगरेल बांध ठेका प्रथा को समाप्त कर पुनः डुबान क्षेत्रों के किसानों को मत्स्य पालन की अनुमति प्रदान की है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार मछुआ समाज को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयासरत है। मत्स्य पालन के क्षेत्र में अनेक योजनाएँ प्रारंभ की गई हैं। प्रदेश का पहला एक्वा पार्क हसदेव बांगो जलाशय में लगभग ₹37 करोड़ की लागत से निर्मित किया जा रहा है। यह एक्वा पार्क मछली उत्पादन, प्रोसेसिंग, निर्यात और टूरिज़्म— इन चारों क्षेत्रों में नए अवसर सृजित करेगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्तमान में यहाँ 800 केजों में मत्स्य पालन किया जा रहा है, जिससे अनेक पंचायतों को लाभ मिल रहा है। उन्होंने कहा कि यह हमारे मछुआ भाइयों की आय बढ़ाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

मुख्यमंत्री साय ने राष्ट्रीय मछुवारा संघ के सभी पदाधिकारियों और देशभर से पधारे मेहनतकश मछुआ भाइयों-बहनों को राष्ट्रीय सम्मेलन के सफल आयोजन के लिए हार्दिक शुभकामनाएँ दीं। केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. राजभूषण चौधरी निषाद ने कहा कि निषाद समाज का गौरवशाली इतिहास और परंपरा रही है। हमारे इतिहास और परंपरा के बारे में नई पीढ़ी को बताना और सिखाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने सदैव निषाद समाज को अग्रणी स्थान दिया है। उन्होंने बताया कि जब अयोध्या में प्रभु रामलला के भव्य मंदिर का निर्माण किया गया, तब उसी के सामने सरयू नदी के तट पर निषाद राज मंदिर का निर्माण कर समाज को उचित सम्मान दिलाने का कार्य प्रधानमंत्री मोदी ने किया है। इस हेतु निषाद समाज सदैव उनका ऋणी रहेगा।

उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि निषाद समाज अत्यंत मेहनतकश और परिश्रमी समाज है। उन्होंने कहा कि समाज की प्रगति में निषाद समुदाय का योगदान अनुकरणीय है। इस अवसर पर विधायक सुनील सोनी, छत्तीसगढ़ मछुआ कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष भरत मटियारा, सहित प्रदेश और अन्य राज्यों से आए समाज के पदाधिकारी एवं जनप्रतिनिधि बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

मुनीबा अली के रन आउट पर मचा बवाल

मुनीबा अली के रन आउट पर मचा बवाल
आईसीसी महिला वनडे वर्ल्ड कप 2025 के लीग चरण में भारत और पाकिस्तान की टीमें आमने-सामने हैं। कोलंबो के आर प्रेमदासा स्टेडियम में पाकिस्तान ने टॉस जीतकर भारत को बल्लेबाजी के लिए आमंत्रित किया। भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने निर्धारित 50 ओवर में सभी विकेट गंवाकर 247 रन बनाए और पाकिस्तान को जीत के लिए 248 रन का लक्ष्य दिया। इसके बाद लक्ष्य का पीछा करने उतरी पाकिस्तानी टीम को पहला झटका मुनीबा अली (Muneeba Ali) के तौर पर लगा, जोकि लापरवाही के चलते 6 के टीम स्कोर पर रन आउट हो गई। हालांकि उनके रन आउट को लेकर पाकिस्तान की तरफ से काफी बवाल देखा गया। पाकिस्तान की कप्तान फातिमा सना बाउंड्री के पास खड़े होकर अंपायर से बहस करते हुए नजर आईं।

दरअसल, पाकिस्तान की पारी के चौथे ओवर की आखिरी गेंद भारत की तरफ से क्रांति गौड़ ने फेंकी, जिसे मुनीबा अली ने लेग साइड में खेलने का प्रयास किया। गेंद मुनीबा अली के पैड से टकराकर स्लिप में गई। इस दौरान मुनीबा अली क्रीज से थोड़ा आगे खड़ी होकर खेल रही थी। उन्होंने वापस बल्ला क्रीज में लाने में देरी कर दी और फील्डिंग कर रही भारत की दीप्ति शर्मा ने उन्हें रन आउट करने में देरी नहीं लगाई। थर्ड अंपायर ने जब रिप्ले देखा तो पता चला कि मुनीबा अली का बल्ला क्रीज में था लेकिन जब गेंद स्टंप्स से लगी तब उनका बैट हवा में था, जिसकी वजह से उन्होंने पाकिस्तानी खिलाड़ी को रनआउट देने में देरी नहीं लगाई।

हालाकि जैसे ही मुनीबा अली को रनआउट करार दिया गया, वैसे ही पाकिस्तानी खेमे में हलचल दिखाई दी। पाकिस्तानी खिलाड़ी और सपोर्ट स्टाप अंपायर के निर्णय से खुश नहीं दिखा। अहम बात यह है कि पाकिस्तान की कप्तान सना फातिमा ने बाउंड्री लाइन पर आकर मुनीबा अली को मैदान के अंदर रुकने का इशारा किया और चौथे अंपायर से बहस करती हुई दिखाई दी। हालांकि उनकी एक नहीं सुनी गई और उन्हें थर्ड अंपायर के फैसले को स्वीकार करना पड़ा।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ‘अश्क अली टांक’ का निधन

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ‘अश्क अली टांक’ का निधन
जयपुर। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व राज्यसभा सांसद अश्क अली टांक का आज रविवार को 67 वर्ष की आयु में निधन हो गया। बीमारी के चलते अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था, जहां उनका निधन हो गया। उनके निधन से पार्टी में शोक की लहर दौड़ गई है। अश्क अली टांक राजस्थान से राज्यसभा सांसद रह चुके थे और फतेहपुर विधानसभा क्षेत्र से विधायक के रूप में भी उन्होंने सेवा दी थी। लंबे समय से बीमार चल रहे टांक के निधन को कांग्रेस के नेताओं ने राजनीतिक जगत के लिए बड़ी क्षति बताया है।

राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस के कद्दावर नेता अशोक गहलोत ने एक्स हैंडल पर ट्वीट कर शोक व्यक्त किया है। उन्होंने लिखा- ‘अश्क अली टांक का जाना कांग्रेस परिवार के लिए अपूरणीय क्षति है।’ उन्होंने कहा कि टांक ने अपनी लंबी राजनीतिक यात्रा में कई मुकाम हासिल किए। वे एनएसयूआई और यूथ कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष के साथ-साथ अल्पसंख्यक आयोग के चेयरमैन भी रहे। गहलोत ने याद किया कि टांक ने युवाओं में संगठन को मजबूत करने के लिए पूरे प्रदेश में दौरे किए और पार्टी की हर जिम्मेदारी का निष्ठापूर्वक निर्वहन किया।

टोल नियम में बड़ा बदलाव

टोल नियम में बड़ा बदलाव
टोल नियमों में एक बार फिर केंद्र सरकार ने बदलाव (Toll New Rules) किया है। अगले महीने बिना FASTag वाले वाहन चालकों को राहत मिलेगी। यूपीआई के जरिए टोल फीस भुगतान करने की सुविधा मिलेगी। जिससे पेनल्टी कम होगी। परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने 4 अक्टूबर शनिवार को राष्ट्रीय राजमार्ग शुल्क नियम 2008 में संशोधन से संबंधित नोटिफिकेशन भी जारी किया है। नए नियम सभी टोल प्लाज़ा पर 15 नवंबर 2025 से लागू होंगे।

वर्तमान में यदि वाहन चालक के बाद फास्टैग नहीं होता या इसमें कोई गड़बड़ी होती है, तो ऐसी स्थिति में उन्हें नकद शुल्क का भुगतान करना पड़ता है। दोगुना पेनल्टी (2X) भी लगती है। लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) के जरिए टोल टैक्स पेमेंट करने पर सिर्फ 1.25 गुना अधिक जुर्माना लगेगा।

क्यों उठाया गया यह कदम?
नए नियम से लाखों लोगों को फायदा होगा। फास्टैग न चलने पर वे आसानी से ऑनलाइन भुगतान कर पाएंगे। सरकार ने यह कदम टेक्नोलॉजी की मदद से टोल कलेक्शन को बेहतर बनाने के लिए उठाया है। इस फैसले से टोल प्लाजा पर भीड़ भाड़ भी कम होगी। इतना ही नहीं डिजिटल भुगतान को भी बढ़ावा मिलेगा। पारदर्शिता भी बढ़ेगी। नेशनल हाईवे पर यूजर्स एक्सपीरियंस में भी सुधार देखने की उम्मीद है।

इस साल ये बदलाव भी हुए
15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर सरकार ने फास्टैग से जुड़े नियमों में बदलाव किया था। नॉन कमर्शियल प्राइवेट व्हीकल (कार/जीप/ वैन) के लिए एनुअल टोल पास की शुरुआत की गई थी। इसकी कीमत 3000 रुपये है। यह एक प्रीपेड सब्सक्रिप्शन पास होता है। एक साल में 200 ट्रिप के लिए वैलिड होता है। इसे राज मार्ग यात्रा मोबाइल एप्लीकेशन और NHAI वेबसाइट पर जाकर पर खरीदा जा सकता है। यूजर्स एनुअल पास का लाभ उठाने के लिए इसे दोबारा एक्टिव भी कर सकते हैं।

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