सुप्रीम कोर्ट ने पीडब्यूडी अफसरों को दी सख्त चेतावनी

सुप्रीम कोर्ट ने पीडब्यूडी अफसरों को दी सख्त चेतावनी
देश की सर्वोच्च अदालत ने मैनुअल स्कैवेंजिंग के मुद्दे पर एक बार फिर सख्त रुख अपनाते हुए दिल्ली की सभी नागरिक एजेंसियों को कड़ा संदेश दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अब “नींद से जागने” का समय आ चुका है और किसी भी कीमत पर मजदूरों की जान जोखिम में डालकर सीवर या नालों की सफाई कराना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसके साथ ही अदालत ने दिल्ली सरकार के लोक निर्माण विभाग (PWD) पर 5 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। यह जुर्माना कोर्ट परिसर के बाहर बिना सुरक्षा उपकरण नाला सफाई के लिए मजदूरों को लगाने पर ठोका गया है।

कोर्ट परिसर के बाहर उजागर हुई लापरवाही
यह मामला तब सामने आया जब एमिकस क्यूरी परमेश्वर ने अदालत को जानकारी दी कि सुप्रीम कोर्ट परिसर के गेट नंबर F के बाहर स्टॉर्मवॉटर ड्रेन की सफाई के लिए मजदूरों को बिना किसी सुरक्षा उपकरण के काम पर लगाया गया। यह उस समय हुआ जब खुद सुप्रीम कोर्ट देशभर में मैनुअल स्कैवेंजिंग के कारण होने वाली मौतों पर लगातार निगरानी रख रहा है। जानकारी के अनुसार, यह काम एक ठेकेदार को सौंपा गया था, लेकिन अधिकारियों ने उसकी लापरवाही पर न तो कोई नोटिस जारी किया और न ही ब्लैकलिस्ट करने की कार्रवाई की।

सुरक्षा नहीं तो जिम्मेदारों पर दर्ज होगी FIR
जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस एनवी अंजारिया की बेंच ने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि यदि भविष्य में किसी भी हादसे की सूचना मिली तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सीधे FIR दर्ज की जाएगी। अदालत ने साफ कहा, “अगर कोई अनहोनी होती है तो इस कोर्ट के आदेश पर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज होगी। यह चेतावनी केवल PWD के लिए नहीं, बल्कि सभी संबंधित विभागों पर लागू होगी।”

नए नियम और कड़े निर्देश
अदालत ने दिल्ली सरकार और उसकी एजेंसियों को स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं। अब कोई भी मजदूर बिना सुरक्षा उपकरणों के नाले या सीवर में नहीं उतरेगा। अदालत ने PWD को आदेश दिया कि वह 4 हफ्तों के भीतर 5 लाख रुपये राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग के खाते में जमा करे। साथ ही यह भी चेतावनी दी गई कि यदि भविष्य में इस तरह की लापरवाही दोहराई गई तो भारतीय न्याय संहिता (BNS) के प्रावधानों के तहत कार्रवाई होगी।

ताजा हादसे ने बढ़ाया कोर्ट का गुस्सा
सुप्रीम कोर्ट का यह आदेश उस दर्दनाक घटना के एक दिन बाद आया जिसमें उत्तर-पश्चिम दिल्ली के अशोक नगर में सीवर की सफाई के दौरान एक 35 वर्षीय दिहाड़ी मजदूर की मौत हो गई थी। दो अन्य मजदूर इस हादसे में गंभीर रूप से घायल हो गए थे। बिना किसी सुरक्षा उपकरण के काम कराए जाने की इस घटना ने मैनुअल स्कैवेंजिंग की भयावह सच्चाई को एक बार फिर उजागर कर दिया।

अधिकारियों की टालमटोल पर सवाल
कोर्ट ने सुनवाई के दौरान तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि ऐसा प्रतीत होता है जैसे अधिकारी जानबूझकर मामले को टाल रहे हैं और मजदूरों की सुरक्षा को गंभीरता से नहीं ले रहे। अदालत ने इस रवैये को बेहद गैरजिम्मेदाराना बताया और कहा कि मजदूरों की जान की कीमत पर विभाग अपनी लापरवाही नहीं छुपा सकते।

अगली सुनवाई 15 अक्टूबर को
अदालत ने इस मामले को अगली सुनवाई के लिए 15 अक्टूबर की तारीख दी है। उस दिन यह भी तय होगा कि इस आदेश के बाद बढ़े हुए मुआवजे का लाभ उन परिवारों को भी मिलेगा या नहीं, जिनके प्रियजनों की मौत मैनुअल स्कैवेंजिंग के कारण इस फैसले से पहले हो चुकी है। सुप्रीम कोर्ट का यह कड़ा रुख न केवल दिल्ली सरकार बल्कि पूरे देश की एजेंसियों के लिए चेतावनी है कि मैनुअल स्कैवेंजिंग जैसी अमानवीय प्रथा को समाप्त करने के लिए अब और लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

खाद न मिलने से सड़क पर उतरे किसान, 2 किमी लंबा जाम

खाद न मिलने से सड़क पर उतरे किसान, 2 किमी लंबा जाम
रबी की फसल को लेकर दिए जा रहे खाद में अनियमितताएं शुरू हो गई हैं। पर्याप्त स्टॉक होने के बाद भी किसानों को दो-दो दिन तक खाद नहीं मिल पा रहा। इससे नाराज होकर गुरुवार को सैकड़ों किसान पुराने रीवा ग्वालियर नेशनल हाइवे पर इफको बाजार के सामने सड़क पर उतर आए और चक्काजाम कर दिया। इफको बाजार में रबी फसल के लिए खाद वितरित किया जा रहा है, लेकिन तय समय से दो दिन देर से खाद मिलने और अनुपयोगी खाद देने पर किसानों ने विरोध जताया।

किसानों का आरोप है कि डीएपी की बोरी नहीं दी जा रही, उसकी जगह 600 रुपए कीमत वाली दो बोतलें और एनपीके दिया जा रहा है, जो गुणवत्ताहीन है। किसानों के प्रदर्शन से ट्रांसपोर्ट नगर में करीब 2 किमी लंबा जाम लग गया। लगभग डेढ़ घंटे तक प्रदर्शन जारी रहा। पुलिस बल तैनात रहा। बाद में तहसीलदार और प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचे और शीघ्र खाद उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया, तब जाकर किसानों ने आंदोलन खत्म किया।

चौबीस घंटे बाद भी निराश किसान
इफको बाजार में हालात अनियंत्रित बने हुए हैं। सैकड़ों किसान खाद के लिए पहुंच रहे हैं। गुरुवार को भारी भीड़ के बावजूद कई किसानों को टोकन मिलने के बाद भी खाद नहीं मिला।

जाम में फंसे लोग
प्रदर्शन के चलते नौगांव रोड पर दो किमी लंबा जाम लग गया। यात्री बसें, ट्रक और कामकाजी लोग घंटों फंसे रहे। स्कूल बसें भी जाम में अटकी रहीं।

डीएपी की जगह एनपीकेकिसानों का कहना है कि उन्हें जरूरत के अनुसार खाद उपलब्ध नहीं कराया जा रहा। डीएपी की जगह एनपीके दिया जा रहा है और अनुपयोगी खाद जबरन थमाया जा रहा है।

किसानों की पीड़ा
मैं बुधवार सुबह 6 बजे से लाइन में हूं। रात में नंबर न आने से खाद नहीं मिला। गुरुवार को नए किसानों को पहले खाद दे दिया गया। केंद्र में अनियमितता है।

Nepal में तख्तापलट के बाद पहली बार दिखे केपी शर्मा ओली

Nepal में तख्तापलट के बाद पहली बार दिखे केपी शर्मा ओली
नेपाल (Nepal) में तख्तापलट के बाद पहली बार पूर्व पीएम केपी शर्मा ओली सार्वजनिक रूप से दिखाई दिए। गुरुवार को उन्हें सेना के हेलिकॉप्टर से शिवपुरी सैन्य बैरक से भक्तपुर लाया गया। यहां वह एक किराए के मकान में रह रहे हैं। केपी शर्मा ओली युवाओं के विद्रोह के बाद शिवपुरी के सैन्य बैरक में रह रहे थे।

ओली के घर को प्रदर्शनकारियों ने फूंक दिया
9 सितंबर को प्रदर्शनकारियों ने उनके काठमांडू (Kathmandu) स्थित निजी घर सहित झापा में रहे उनके पैतृक निवास और दमक में उनके घर में आगजनी कर दी थी। इस वजह से उनके लिए दूसरा किराए का घर ढूंढा गया। उन्हें सेना के हेलिकॉप्टर से पहुंचाया गया। ओली के भक्तपुर पहुंचने पर वहां उनके समर्थकों ने स्वागत किया।

नेपाली युवाओं ने सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लगाने और भ्रष्टाचार को लेकर 8 सितंबर को विरोध किया था। पुलिस ने विरोध प्रदर्शन को कुचलने के लिए फायरिंग की। इसमें कई लोगों की मौत हो गई। इससे विद्रोह प्रदर्शन और अधिक उग्र हो गया। 9 सितंबर को युवाओं ने संसद भवन, सिंहदरबार, पीएम और राष्ट्रपति आवास में आगजनी की। सेना के दवाब में आकर पीएम केपी शर्मा ओली ने पद से इस्तीफा दे दिया। इसके बाद सेना ने उन्हें रेस्क्यू करते हुए शिवपुरी बैरक में सुरक्षित रखा।

जेल में बिताए 14 साल
22 फरवरी 1952 को पूर्वी नेपाल के तेहरीथुम जिले में जन्मे ओली का जीवन संघर्षों से भरा रहा। मात्र 12 वर्ष की आयु में वे झापा चले गए और मार्क्स-लेनिन विचारधारा से प्रभावित होकर 1966 में कम्युनिस्ट राजनीति में प्रवेश किया। 1968 में पूर्णकालिक कार्यकर्ता बने, लेकिन राजतंत्र विरोधी गतिविधियों के कारण 1970-80 के दशक में 14 वर्ष जेल में बिताए, जिसमें चार वर्ष एकाकी कारावास भी शामिल था।

1991 में पहली बार प्रतिनिधि सभा के सदस्य चुने गए
ओली, कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल (UML) में तेजी से उभरे। साल 1991 में पहली बार प्रतिनिधि सभा सदस्य चुने गए। 1994 में गृह मंत्री बने और पार्टी के पोलित ब्यूरो में प्रवेश किया। 1999 में तीसरी बार सांसद बने। 2006-07 में उप-प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री रहे। साल 2013 के संविधान सभा चुनाव में झापा से जीते और नेपाल के नए संविधान निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

2015 में पहली बार बने नेपाल के पीएम
2015-16 में पहली बार प्रधानमंत्री बने, लेकिन छोटा कार्यकाल रहा। 2018-2021 में दूसरे कार्यकाल में राष्ट्रवादी नीतियां अपनाईं, भारत के साथ तनाव बढ़ा, लेकिन चीन से संबंध मजबूत किए। 2021 में पार्टी विवादों के कारण पद छोड़ना पड़ा। जुलाई 2024 में तीसरी बार प्रधानमंत्री बने, लेकिन भ्रष्टाचार, आर्थिक ठहराव और सेंसरशिप के आरोपों से जूझे। सितंबर 2025 में युवा-नेतृत्व वाले एंटी-करप्शन प्रदर्शनों में 19 मौतों के बाद इस्तीफा दे दिया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जबलपुर में राजा शंकर शाह और रघुनाथ शाह के 168वें बलिदान दिवस कार्यक्रम को किया संबोधित

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जबलपुर में राजा शंकर शाह और रघुनाथ शाह के 168वें बलिदान दिवस कार्यक्रम को किया संबोधित
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि स्वाधीनता संग्राम के अमर बलिदानी राजा शंकर शाह और कुंवर रघुनाथ शाह ने अंग्रेजों के खिलाफ जो लड़ाई लड़ी, उसका मूल ‘स्वदेशी’ ही था। देश में हमारा अपना शासन और कानून होना चाहिए, इस भाव ने ही जनजातीय वीरों को विदेशी ताकतों से संघर्ष के लिए प्रेरित किया। वे अंग्रेजों के आगे कभी झुके नहीं और पिता-पुत्र (राजा शंकर शाह और रघुनाथ शाह) की जोड़ी ने एक लक्ष्य के लिए लड़ते हुए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया और वे अमर हो गए। राज्य सरकार ने उनके बलिदान स्थल को स्मारक के रूप में विकसित किया है। अपनी संस्कृति के लिए प्रतिबद्ध राजा शंकर शाह अपने संस्कारों पर सदैव अडिग रहे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव राजा शंकर शाह और कुंवर रघुनाथ शाह के 168वें बलिदान दिवस पर गुरूवार को जबलपुर के नेताजी सुभाष चंद्र बोस कन्वेंशन सेंटर में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दोनों अमर बलिदानियों को नमन कर पुष्पांजलि अर्पित की।

अंग्रेजों के सामने नहीं झुके, हो गए शहीद
मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राजा शंकर शाह और कुंवर रघुनाथ शाह दोनों पिता पुत्रों ने रानी दुर्गावती की परम्‍परा को कायम रखते हुए अंग्रेजों के खिलाफ कविता के माध्‍यम से आवाज उठाई। उन्‍होंने अंग्रेजों के सामने सीना ठोककर जंगल, जमीन और अपने राष्‍ट्र को बचाने के लिए गीतों की रचना की। अंग्रेज उनके विद्रोह को बर्दाश्‍त नहीं कर पाये और कायरता का परिचय देते हुए उन्‍हें तोप के मुंह पर खड़ा कर उड़ा दिया गया। अंग्रेजों ने दोनो पिता-पुत्रों को बंदी बनाकर बगैर कोई मुकदमा चलाये उन्‍हें तोप से उड़ाने का काम किया था। अंग्रेजों ने उनके सामने धर्म बदलने, अंग्रेजी सत्‍ता को स्‍वीकार करने और माफी मांगने की शर्त रखी और इसे मान लेने पर उनकी रिहाई के लिए तैयार थे। लेकिन दोनों पिता-पुत्रों ने अंग्रेजों के इस प्रस्‍ताव को बहादुरी के साथ ठुकरा दिया और कहा कि तोप से उड़ाने के बाद भी यदि वे बच गये तो फिर से अंग्रेजी सत्‍ता के खिलाफ गीत लिखेंगे और अपने राष्‍ट्र की रक्षा के लिए विद्रोह करेंगे। मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हर व्‍यक्ति के जीवन में जन्‍म और मृत्‍यु एक बार आती है, लेकिन देश की रक्षा के लिए बलिदान देने वाले शहीद हमेशा के लिए अमर हो जाते हैं। राजा शंकर शाह और कुंवर रघुनाथ शाह ऐसे ही शहीद हैं जो हमेशा के लिए अमर हो गये हैं। उनका बलिदान हमें देश सेवा और देश की रक्षा करने की प्रेरणा देता है। मध्‍यप्रदेश सरकार की ओर से उनके बलिदान दिवस पर मैं उन्‍हें नमन करता हूं और प्रणाम करता हूं। मां नर्मदा की पवित्र नगरी में गोंडवाना साम्राज्‍य के अमर शहीदों को स्‍मरण कर मैं स्‍वयं भी गौरवान्‍वित महसूस कर रहा हूं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश में स्वदेशी अपनाने का अभियान चल रहा है, विकसित भारत का मार्ग स्वदेशी से होकर गुजरता है। प्रदेश में बहनों ने स्व-सहायता समूहों के माध्यम से आत्मनिर्भरता की अनोखी मिसाल प्रस्तुत की है। हमारे गांव आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्था के श्रेष्ठ उदाहरण रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ‘गर्व से कहो हम स्वदेशी अपनाएंगे’ के उद्घोष के साथ उपस्थित जनसमुदाय को दैनिक उपयोग की स्वदेशी सामग्री अपनाने के लिए प्रेरित किया।

जबलपुर की धरा जनजातीय वीरों के रक्त से हुई है सिंचित
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्राचीनकाल से महकौशल, महावीरों की धरती रही है, जो राजा शंकर शाह, रघुनाथ शाह और राना दुर्गावती जैसी महान विभूतियों के बलिदान को समेटे हुए है। जबलपुर की धरा जनजातीय वीरों के रक्त से सिंचित हुई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राष्ट्र की स्वतंत्रता के लिए शाह वंश का अदम्य साहस, अमर शौर्य और अद्वितीय बलिदान सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत है। मां भारती के चरणों में बलिदान देने वाले महावीर होते हैं। उनके बलिदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता है। यही त्याग आने वाली पीढ़ियों के हृदय में राष्ट्रभक्ति की पवित्र ज्योति प्रज्ज्वलित करता रहेगा।

‘स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार अभियान’ में माताएं-बहनें कराएं जांच
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कल प्रदेश के जनजातीय अंचल (धार) में अपना जन्म दिवस मनाकर प्रदेश को धन्य किया है। केंद्र और राज्य सरकार जनजातीय भाई-बहनों के कल्याण के लिए संकल्पित हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने प्रदेश के कपास उत्पादक किसानों को ‘पीएम मित्र पार्क’ की सौगात दी है। माता-बहनों-बेटियों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए सरकारी खजाने में कोई कमी नहीं है। हमारे लिए मां, बहन, बेटियों का सम्मान और उनका स्वास्थ्य सर्वोपरि है। समय पर बीमारी की जांच हो जाए तो जान बच सकती है। मुख्यमंत्री ने आह्वान किया कि माताएं-बहनें “स्वस्थ नारी-सशक्‍त परिवार” अभियान अंतर्गत आयोजित शिविर में स्वास्थ्य जांच कराने के लिए आगे आएं। प्रधानमंत्री मोदी की प्रतिबद्धता के अनुरूप राज्य सरकार पूर्ण समर्पण, सक्रियता और संवेदनशीलता के साथ इस दिशा में गतिविधियां संचालित करने के लिए तत्पर है। प्रदेश में स्वस्थ नारी-सशक्त परिवार अभियान के साथ स्वच्छता का संकल्प भी लिया गया है।

लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने कार्यक्रम में पधारे सभी का आभार प्रकट किया। इस अवसर पर सांसद आशीष दुबे, राज्यसभा सदस्य सुमित्रा वाल्मीकि, विधायक डॉ. अभिलाष पांडे, विधायक अशोक रोहाणी, महापौर जगत बहादुर सिंह ‘अन्नू भैया’ जनप्रतिनिधि सहित नागरिक उपस्थित थे।

मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव ने स्‍वदेशी अभियान प्रदर्शनी का किया अवलोकन

मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव ने सेवा पखवाड़ा के दौरान नेताजी सुभाषचंद्र बोस कल्‍चरल एंड इन्‍फॉर्मेशन सेंटर में लगी स्‍वदेशी उत्‍पादों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया। मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव ने स्‍व सहायता समूहों के विभिन्‍न स्‍टॉलों में जाकर लखपति दीदियों द्वारा निर्मित उत्‍पादों को देखा और उन्‍हें प्रोत्‍साहित किया। इस दौरान उन्‍होंने देशी कुल्‍लड़ में चाय की चुस्‍की भी ली। स्‍वदेशी अभियान अंतर्गत जिला पंचायत, जिला उद्योग केन्‍द्र, नगर निगम तथा स्‍मार्ट सिटी द्वारा ‘स्‍वदेशी उत्‍पादों से आत्‍मनिर्भरता की ओर बढ़ते कदम’ थीम पर स्‍व-सहायता समूह की लखपति दीदियों द्वारा हाथ से बनाये विभिन्‍न उपयोगी उत्‍पादों की प्रदर्शनी लगाई गई थी। मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव ने स्‍वदेशी अभियान से आत्‍मनिर्भरता की ओर बढ़ते कदम की सराहना कर इसे और व्‍यापक रूप देने की बात कही, जिससे आमजन स्‍वदेशी वस्‍तुओं का उपयोग करें और आत्‍मनिर्भरता की ओर बढ़ें।

 

रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर में तेजी से हो रहा निवेश आने वाली पीढ़ियों के लिए नया भविष्य गढ़ेगा : मुख्यमंत्री साय

रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर में तेजी से हो रहा निवेश आने वाली पीढ़ियों के लिए नया भविष्य गढ़ेगा : मुख्यमंत्री साय
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजिम में नई रेल सेवा का शुभारंभ किया। उन्होंने क्षेत्र के लोगों की आवागमन सुविधा में वृद्धि करते हुए राजिम से रायपुर के लिए नई मेमू ट्रेन सेवा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर उन्होंने राजिम-रायपुर-राजिम मेमू नई ट्रेन सेवा तथा रायपुर-अभनपुर 2 मेमू रेल सेवा का राजिम तक विस्तार भी प्रारंभ किया। भारी संख्या में यात्री इस अवसर पर ट्रेन में सवार हुए और उत्साहपूर्वक रायपुर की ओर रवाना हुए। सस्ती एवं सुलभ नई रेल सुविधा मिलने से पूरे क्षेत्र में हर्ष और उल्लास का वातावरण रहा।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इस नई रेल सेवा से राजिम सहित गरियाबंद एवं देवभोग क्षेत्र के लोगों को भी राजधानी रायपुर तक सस्ती और किफायती यात्रा का विकल्प प्राप्त होगा। विद्यार्थी, नौकरीपेशा वर्ग और व्यापारी वर्ग सहित सभी के लिए यह ट्रेन अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगी। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ का प्रयाग, राजिम अब रेल नेटवर्क से जुड़ गया है। ग्रामीण अंचलों से राजधानी रायपुर का आवागमन अब और अधिक सुगम, सुविधाजनक और किफायती बन गया है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारे छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के आशीर्वाद से लगातार 19 महीनों से विकास की गति निरंतर अग्रसर है। मुख्यमंत्री ने कहा कि रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर में तेजी से हो रहा निवेश आने वाली पीढ़ियों के लिए नया भविष्य गढ़ेगा। उन्होंने बताया कि लगभग आठ वर्ष पूर्व धमतरी से रायपुर तक नैरोगेज ट्रेन चलती थी और अब आठ वर्षों के अंतराल के बाद यहां ब्रॉडगेज ट्रेन सुविधा उपलब्ध हुई है। इसके लिए उन्होंने पूरे छत्तीसगढ़ की जनता की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के प्रति आभार व्यक्त किया।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि वर्तमान में छत्तीसगढ़ में रेलवे की लगभग 45,000 करोड़ रुपये की परियोजनाएं संचालित हो रही हैं। वित्त वर्ष 2025-26 के बजट में लगभग 7,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिससे प्रदेश में रेल सेवाओं का तीव्र विस्तार और विकास सुनिश्चित हो रहा है।

इस अवसर पर वन मंत्री केदार कश्यप, खाद्य मंत्री दयालदास बघेल, लोकसभा सांसद रायपुर बृजमोहन अग्रवाल, महासमुंद सांसद रूपकुमारी चौधरी, अभनपुर विधायक इन्द्रकुमार साहू, राजिम विधायक रोहित साहू, छत्तीसगढ़ राज्य भंडार गृह निगम के अध्यक्ष चंदूलाल साहू, नगर पालिका गोबरा नवापारा अध्यक्ष ओमकुमारी संजय साहू, नगर पंचायत राजिम अध्यक्ष महेश यादव सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के महाप्रबंधक तरुण प्रकाश, रेलवे अधिकारी-कर्मचारी एवं भारी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।

वन मंत्री एवं रायपुर जिले के प्रभारी मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि इस नई सेवा से छत्तीसगढ़ के प्रयाग राजिम तक सीधी रेल पहुँच सुनिश्चित हो गई है, जिससे पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि 22 मई को ‘निर्मल भारत रेलवे स्टेशन’ के नाम से देश के 103 रेलवे स्टेशनों को मॉडिफाई करने के लिए चयनित किया गया, जिनमें से छत्तीसगढ़ के पाँच रेलवे स्टेशन शामिल हैं और 32 स्टेशन भी इस योजना में जोड़े गए हैं। इसके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के प्रति आभार व्यक्त किया और मुख्यमंत्री श्री साय के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रदेश में लगभग 45,000 करोड़ रुपये की रेलवे परियोजनाएँ चालू हैं, जिनसे रेल कनेक्टिविटी में तेजी आएगी। बस्तर को भी इससे लाभ हो रहा है और रावघाट प्रोजेक्ट के अंतर्गत 140 किलोमीटर लंबी रेलवे लाइन का कार्य प्रगति पर है।

रायपुर लोकसभा सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ के प्रयागराज राजिम में बाहर से साधु-संत एवं पर्यटक भारी संख्या में आते हैं। अब उन्हें सीधे रायपुर से राजिम आने की सुविधा मिलेगी, जिससे पर्यटन एवं क्षेत्रीय विकास को नई दिशा मिलेगी और विश्व पटल पर राजिम का नाम और अधिक रोशन होगा।

महासमुंद सांसद रूपकुमारी चौधरी ने नई रेल सेवा के लिए लोगों को बधाई देते हुए कहा कि अब राजिम से रायपुर आना बहुत आसान हो गया है। श्रद्धालु एवं पर्यटक यात्री अब राजिम से सीधे डोंगरगढ़ तक भी यात्रा कर सकेंगे।

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के रायपुर रेल मंडल से प्राप्त जानकारी के अनुसार रायपुर-अभनपुर-रायपुर मेमू पैसेंजर ट्रेन का परिचालन अब राजिम तक किया जाएगा। 19 सितम्बर 2025 से नियमित समय-सारणी के अनुसार गाड़ी संख्या 68766/68767 राजिम-अभनपुर-रायपुर मेमू पैसेंजर प्रतिदिन दोनों छोरों—राजिम और रायपुर—से संचालित होगी। इस ट्रेन में 06 सामान्य श्रेणी के डिब्बे तथा 02 पावरकार सहित कुल 08 कोच होंगे।

इंदौर- उज्जैन रोड पर भीषण सड़क हादसे में पति-पत्नी और बेटे की मौत

इंदौर- उज्जैन रोड पर भीषण सड़क हादसे में पति-पत्नी और बेटे की मौत
INDORE: इंदौर जिले में इंदौर उज्जैन रोड पर धरमपुरी क्षेत्र में बुधवार देर रात बड़ा सड़क हादसा हो गया। इस सड़क हादसे में पति-पत्नी और बेटे की मौत हो गई और छोटा बेटा गंभीर रूप से घायल हो गया जो अस्पताल में भर्ती है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार भाजपा विधायक गोलू शुक्ला द्वारा संचालित बस सर्विस की इस बस ने ग्राम रिंगनोदिया के पास एक बाइक को टक्कर मार दी। इस दर्दनाक दुर्घटना में पति, पत्नी और उनका बेटा मौके पर ही मौत का शिकार हो गए, जबकि एक अन्य बच्चा गंभीर रूप से घायल हुआ है। हादसे के बाद बस चालक व हेल्पर मौके से फरार हो गए। पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

कैसे हुआ हादसा
पुलिस के अनुसार, रिंगनोदिया के पास बाइक क्रमांक एमपी-09वीएफ-3495 को तेज रफ्तार बस (एमपी-09एफए-6390) ने सामने से टक्कर मार दी। इस हादसे में महेंद्र सोलंकी, उनकी पत्नी जयश्री सोलंकी और 15 वर्षीय पुत्र जिगर सोलंकी की मौके पर ही मौत हो गई। परिवार का एक अन्य बेटा, तेजस सोलंकी (10 वर्ष) गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे उपचार के लिए इंदौर के अरबिंदो अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बताया गया कि परिवार अपने रिश्तेदारों के यहां से लौट रहा था, तभी यह हादसा हुआ।

चालक-हेल्पर फरार, बस पर लिखा था “गोलू”
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दुर्घटना के बाद बस चालक और हेल्पर वाहन को मौके पर छोड़कर फरार हो गए। बस पर पीछे “गोलू” लिखा होने के कारण लोगों ने तुरंत पहचान लिया कि यह बस स्थानीय विधायक गोलू शुक्ला द्वारा संचालित बस सर्विस की है। सांवेर थाना प्रभारी गिरजाशंकर ने भी पुष्टि की है कि टक्कर मारने वाली बस विधायक गोलू शुक्ला की है। फिलहाल पुलिस ने वाहन को जब्त कर लिया है और फरार चालक की तलाश शुरू कर दी है।

प्रशासन की सख्ती
टीआई सियाराम सिंह गुर्जर ने बताया कि मामले में प्रकरण दर्ज कर लिया गया है। आरोपियों को जल्द पकड़ने के लिए पुलिस की टीम तैनात कर दी गई है। जिला प्रशासन ने भी घटना को गंभीरता से लेते हुए दोषियों पर कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिलाया है।

ग्रामीणों में आक्रोश
घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि आए दिन लापरवाह ड्राइविंग और तेज रफ्तार से हादसे हो रहे हैं, लेकिन जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई नहीं होने से दुर्घटनाएं थम नहीं रही हैं।

18 सितंबर गुरु पुष्य नक्षत्र का पंचांग, बन रहे शुभ योग

18 सितंबर गुरु पुष्य नक्षत्र का पंचांग, बन रहे शुभ योग
18 सितंबर 2025 को एक अत्यंत दुर्लभ और शुभ योग बन रहा है, गुरु पुष्य योग। यह संयोग तब बनता है जब गुरुवार यानी बृहस्पतिवार के दिन पुष्य नक्षत्र पड़ता है। पुष्य नक्षत्र को ‘राजा नक्षत्र’ माना जाता है और जब यह गुरुवार को हो तो इसका प्रभाव कई गुना बढ़ जाता है।

यह दिन नवीन आरंभ, धन-संपत्ति की खरीदारी, व्यापार, रत्न धारण, और आध्यात्मिक साधना के लिए अत्यंत शुभ होता है। इस बार यह संयोग और भी विशेष है क्योंकि यह ‘पितृ पक्ष’ के दौरान बन रहा है। ऐसे में इस दिन पूर्वजों की शांति और तर्पण के लिए किया गया कार्य कई गुना फल देता है।

‘गुरु पुष्य योग’ तब बनता है, जब ‘पुष्य नक्षत्र’ हो, और वही दिन ‘गुरुवार (गुरु वार)’ हो। पुष्य नक्षत्र को ‘नक्षत्रों का राजा’ कहा गया है, और यह ‘समृद्धि, व्यापार, खरीदारी, पूजा, दान और शुभ कार्यों के लिए अत्यंत शुभ’ माना जाता है। गुरुवार बृहस्पति (गुरु) का दिन है, जो ‘धर्म, ज्ञान और शुभता’ का प्रतीक है। दोनों के मिलने से यह ‘अभूतपूर्व योग’ बनता है।

18 सितंबर 2025: गुरु पुष्य योग क्यों खास है?’
1. ‘पितृ पक्ष के दौरान बन रहा है संयोग’:
– पितृ पक्ष में पूर्वजों की आत्मा की शांति और तर्पण के लिए श्राद्ध किए जाते हैं।
– गुरु पुष्य जैसे शुभ योग में किया गया दान, श्राद्ध, जप और तर्पण ‘अतुलनीय फल’ देता है।
– यह दिन ‘पूर्वजों को प्रसन्न करने’ और उनके आशीर्वाद को पाने के लिए बेहद प्रभावशाली माना गया है।
2. ‘खरीदारी और निवेश के लिए उत्तम दिन’:
– सोना, चांदी, वाहन, प्रॉपर्टी, इलेक्ट्रॉनिक सामान और व्यापारिक सौदों के लिए बहुत शुभ।
– निवेश या नया व्यापार शुरू करने का संयोग भी उत्तम रहेगा।
3. ‘सात्त्विक कर्मों के लिए श्रेष्ठ मुहूर्त’:
– जप, तप, ध्यान, मंत्र सिद्धि, रत्न धारण, आयुर्वेदिक औषधियों का सेवन आदि के लिए उपयुक्त दिन।
– ग्रह दोषों और कुंडली के नकारात्मक प्रभावों को दूर करने का विशेष अवसर।

पितृ पक्ष से क्या है संबंध?’:
– गुरु पुष्य योग में ‘श्राद्ध कर्म, तर्पण और ब्राह्मण भोज’ करने से पितरों को विशेष संतोष मिलता है।
– इस दिन तिल, जल, काले तिल और गाय के भोजन का दान विशेष रूप से फलदायी होता है।
– जिन लोगों की कुंडली में ‘पितृ दोष’ हो, वे इस दिन ‘पितृ शांति पूजा’ करवा सकते हैं।

राहुल गांधी का बड़ा हमला, ECI वोट चोर को बचा रही

राहुल गांधी का बड़ा हमला, ECI वोट चोर को बचा रही
भारत निर्वाचन आयोग (ECI) पर वोट चोरी के गंभीर आरोप लगाने वाले राहुल गांधी ने आज दावा किया कि वोट चोरी के पुख्ता सबूत हमारे पास हैं जिसे कोई झुठला नहीं सकता, उन्होंने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार वोट चोरों को प्रोटेक्ट कर रहे हैं, बचा रहे हैं लेकिन कोई बचने वाला नहीं है, राहुल ने कहा ये हाइड्रोजन बम नहीं है लेकिन जल्दी ही ये भी फूटेगा, उन्होंने दावा किया कि अब तो हमें चुनाव आयोग के अन्दर से भी जानकारियां मिलने लगी है, राहुल गांधी बोले भारत के संविधान को बचाना इन एजेसियों का काम है मेरा नहीं लेकिन फिर भी एक देशभक्त भारतीय होने के नाते मैं अपनी ड्यूटी कर रहा हूँ

वोट चोरी के खिलाफ बड़ा आंदोलन छेड़ चुके लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने आज इंदिरा भवन नई दिल्ली में एक प्रेस कांफ्रेस कर एक बार फिर अपने अंदाज में वोट चोरी के सबूत पेश किये, राहुल ने पिछली प्रेस कांफ्रेस से एक कदम आगे बढ़ते हुए आज कुछ ऐसे मतदाताओं को मंच पर पेश किया जिनके वोट काटे गए और उन्हें ही नहीं पता, राहुल ने कर्नाटक के उस कर्मचारी को भी सबके सामने बुलाया, जिसके मोबाइल पर वोटर का नाम डिलीट करने का मैसेज आया था। कर्मचारी ने दावा किया कि उसने किसी तरह का मैसेज नहीं भेजा और न ही वोट डिलीट किया है। इसी तरह राहुल ने और भी कुछ लोगों को मंच पर बुलाकर उनकी जानकारी या फिर आवेदन के बिना वोट काटे जाने के दावे किये। मंच पर आय इक कर्मचारी ने तो उसके नाम पर 12 वोट काटे जाने का दावा किया।

कर्नाटक की CID ने 18 का चुनाव आयोग ने नहीं दिया जवाब ,क्यों?
राहुल गांधी ने कहा वोट काटने का काम केवल कर्नाटक या फिर महाराष्ट्र में ही वोट काटने या फिर बल्क में वोट जोड़ने का काम नहीं हुआ ये कई राज्यों में हुआ है और कई सालों से होता आया है, राहुल ने स्पष्ट किया कि ये हाइड्रोजन बम नहीं है वो जल्दी ही आयेगा, उन्होंने कहा मुख्य निर्वाचन आयुक्त वोट चोरों की रक्षा कर रहे हैं ये स्पष्ट है इसमें कोई कन्फ्यूजन नहीं है, उन्होंने कहा, ‘मैं ज्ञानेश कुमार के खिलाफ इतने सीधे आरोप क्यों लगा रहा हूं? कर्नाटक में इस मामले की जांच जारी है, कर्नाटक की CID ने 18 महीनों में चुनाव आयोग को 18 पत्र भेजे हैं और उनसे कुछ बहुत ही सरल तथ्य मांगे हैं, लेकिन उन्हें यह नहीं दिया जा रहा, क्यों नहीं दिया जा रहा? क्योंकि इससे हमें पता चल जाएगा कि यह ऑपरेशन कहां से चल रहा है, और हमें पूरी तरह यकीन है कि यह हमें उसी जगह तक ले जाएगा।

कर्नाटक, महाराष्ट्र की विधानसभा के उदाहरण देकर हमला
उन्होंने कर्नाटक की आलंद विधानसभा और महाराष्ट्र की राजुरा विधानसभा का जिक्र करते हुए कहा कि टारगेट करके वोट काटे गए और जोड़े गए। राहुल गांधी ने कर्नाटक की आलंद विधानसभा सीट का जिक्र करते हुए कहा कि यहां 2023 के विधानसभा चुनाव में 6018 वोट डिलीट किए गए। यह कांग्रेस की मजबूत सीट है, इसलिए इसे टारगेट किया गया। ये सबूत ब्लैक एंड वाइट हैं। हमारे पास प्रमाण हैं कि पूरे देश में अल्पसंख्यक, दलितों, आदिवासियों और ओबीसी वर्ग के लाखों वोट काटे जाते हैं।

मैं सच्चा देशभक्त भारतीय होने के नाते अपनी ड्यूटी कर रहा
राहुल गांधी ने कहा कि इन लोगों को आखिर कौन बचा रहा है तो ऐसा करने वाले शख्स कोई और नहीं बल्कि ज्ञानेश कुमार हैं। उन्होंने चैलेंज दिया है कि एक सप्ताह के अंदर चुनाव आयोग पूरी डिटेल दे, यदि नहीं दी तो फिर स्पष्ट हो जाएगा कि वोट चोरी हो रही है और चुनाव आयोग उन्हें बचाने में जुटा है। राहुल गांधी ने कहा कि यदि एक सप्ताह में जवाब नहीं मिला तो देश के युवा समझेंगे कि आप भी संविधान की हत्या करने वालों के साथ हैं। राहुल बोले संविधान की रक्षा करना उसे बचाना नेता प्रतिपक्ष का काम नहीं है ये संवैधानिक एजेंसियों का काम है लेकिन एक सच्चा देशभक्त भारतीय होने नाते मैं अपनी ड्यूटी निभा रहा हूँ।

‘कल्कि 2’ से दीपिका पादुकोण को हटाए जाने की असली वजह

‘कल्कि 2’ से दीपिका पादुकोण को हटाए जाने की असली वजह
निर्देशक नाग अश्विन की मैग्नम ऑप्स ‘कल्कि 2898 एडी’ में दीपिका पादुकोण ने SUM-80 का किरदार निभाया था. ये फिल्म ब्लॉकबस्टर रही थी और फैंस इसके सीक्वल का इंतजार कर रहे हैं. इन सबके बीच बड़ी खबर ये है कि दीपिका पादुकोण को इसकी सीक्वल से हटा दिया गया है. वहीं इसकी असल वजह का भी खुलासा हो गया है. जिसके मुताबिक मेकर्स दीपिका पादुकोण के कमिटमेंट को लेकर श्योर नहीं हैं.

दीपिका को क्लिक के सीक्वल से हटाने की ये है असल वजह
बता दें कि दीपिका पादुकोण को ‘कल्कि 2898 एडी’ की सीक्वल से हटाए जाने की खबर ने हर किसी को हैरान कर दिया है. प्रोडक्शन हाउस वैजयंती मूवीज़ ने इस इसे लेकर एक ऑफिशियल स्टेटमेंट जारी की है और लिखा है, “आधिकारिक तौर पर यह घोषणा की जाती है कि दीपिका पादुकोण कल्कि 2898 एडी के अपकमिंग सीक्वल का हिस्सा नहीं होंगी. काफी सोच-विचार के बाद हमने अलग होने का फैसला किया है. पहली फिल्म बनाने के लंबे सफर के बावजूद, हम पार्टनरशिप नहीं कर पाए.”

दिलचस्प बात ये है कि इस स्टेटमेंट में कमिटमेट पर जोर किया गया. स्टेटमेंट में आगे लिखा गया है, “कल्कि 2898 एडी जैसी फिल्म उस कमिटमेंट और उससे भी कहीं ज्यादा की हकदार है. हम उनके भविष्य के काम के लिए शुभकामनाएं देते हैं.”

8 घंटे की शिफ्ट डिमांड दीपिका के लिए बनी मुसीबत
इससे पहले दीपिका पादुकोण को एनिमल निर्देशक संदीप रेड्डी वांगा ने प्रभास स्टारर फिल्म स्पिरिट से निकाल दिया था. इसे लेकर कहा था कि दीपिका ने कई ऐसी डिमांड रखी थी जो मेकर्स को पसंद नहीं आई थी. इनमें से एक 8 घंटे की शिफ्ट की भी मांग थी. संदीप रेड्डी वांगा ने कहा था कि दीपिका ने अनप्रोफेशनल डिमांड की थी. ऐसे में एक्ट्रेस के नखरे उठाने से बेहतर उन्हें फिल्म से ही आउट कर दिया था. वहीं कुछ टाइम पहले खबरें थीं कि दीपिका ने कल्कि के मेकर्स से भी कुछ ऐसी ही डिमांड रखी थी. इसमें कितना सच है ये तो नहीं पता लेकिन इस फिल्म से भी एक्ट्रेस को हाथ धोना पड़ गया है.

दीपिका की 8 घंटे की शिफ्ट डिमांड पर फराह ने ली थी चुटकी
वहीं दीपिका पादुकोण की 8 घंटे की शिफ्ट डिमांड को कई सितारों का सपोर्ट मिला था. अनुराग कश्यप, विक्रांत मैसी, अजय देवगन और काजोल सहित कई स्टार्स ने इस डिमांड को जायज ठहराया था. हालांकि फराह खान ने इसे अनुचित बताया था , उन्होंने राधिका मदान के साथ यूट्यूब चैनल पर एक चिट चैट सेशन के दौरान उनकी शिफ्ट को लेकर बात की थी. इस पर राधिका ने 40 से 45 घंटे काम करने की बात कही थी. ऐसे में फराह ने 8 घंटे की शिफ्ट पर चुटकी लेते हुए कहा था ऐसे ही तो तपकर सोना बनता है.

सीएम नीतीश ने सुबह-सुबह युवाओं को दी खुशखबरी

सीएम नीतीश ने सुबह-सुबह युवाओं को दी खुशखबरी
बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने गुरुवार की सुबह राज्य के युवाओं को बड़ी सौगात दी। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री निश्चय स्वयं सहायता भत्ता योजना का दायरा बढ़ाया गया है। पहले यह योजना केवल इंटर पास बेरोजगार युवक-युवतियों तक सीमित थी, लेकिन अब कला, विज्ञान और वाणिज्य से स्नातक उत्तीर्ण बेरोजगार युवक-युवतियां भी इस योजना के दायरे में आ जाएंगे।

बेरोजगार स्नातकों को बड़ी राहत
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि 20 से 25 वर्ष आयु वर्ग के ऐसे स्नातक युवक-युवतियां, जो कहीं भी अध्ययनरत नहीं हैं, किसी प्रकार का स्वरोजगार नहीं कर रहे हैं और न ही किसी सरकारी, निजी या गैर-सरकारी संस्थान में नौकरी कर रहे हैं, उन्हें प्रति माह 1000 रुपये की दर से अधिकतम दो वर्षों तक भत्ता दिया जाएगा। सरकार का मानना है कि यह आर्थिक मदद युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में सहयोग करेगी।

रोजगार सृजन पर सीएम नीतीश का फोकस
नीतीश कुमार ने कहा कि नवंबर 2005 में जब उनकी सरकार बनी थी, तभी से युवाओं को अधिक से अधिक नौकरी और रोजगार देना प्राथमिकता रही है। उन्होंने यह भी दोहराया कि आने वाले पांच वर्षों में बिहार सरकार का लक्ष्य एक करोड़ युवाओं को सरकारी नौकरी और रोजगार उपलब्ध कराना है। इसके लिए सरकारी और निजी दोनों क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर नए अवसर सृजित किए जाएंगे।

कौशल विकास होगा युवाओं का हथियार
मुख्यमंत्री ने इस घोषणा के साथ युवाओं के कौशल विकास पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा लगातार कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं ताकि यहां के युवा न सिर्फ नौकरी हासिल कर सकें बल्कि रोजगार के नए अवसर भी खुद पैदा कर सकें। नीतीश कुमार ने उम्मीद जताई कि भत्ते का उपयोग युवा आवश्यक प्रशिक्षण, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और भविष्य सुरक्षित करने में करेंगे।

सात निश्चय कार्यक्रम से जुड़ी योजना
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि यह योजना राज्य सरकार के महत्वाकांक्षी सात निश्चय कार्यक्रम का हिस्सा है। इस कार्यक्रम के अंतर्गत युवाओं को सशक्त और सक्षम बनाने की दिशा में कई योजनाएं पहले से ही चल रही हैं। स्वयं सहायता भत्ता योजना का विस्तार उसी कड़ी का हिस्सा है, ताकि राज्य के अधिक से अधिक शिक्षित युवाओं को लाभ मिल सके।

युवाओं के लिए सुनहरा अवसर
राजनीतिक जानकार मानते हैं कि बिहार में बेरोजगारी हमेशा से एक बड़ा चुनावी मुद्दा रहा है। नीतीश सरकार की यह घोषणा निश्चित तौर पर स्नातक पास बेरोजगारों के लिए बड़ी राहत है। इससे न केवल युवाओं का आत्मविश्वास बढ़ेगा, बल्कि रोजगार की तलाश में जुटे लाखों छात्र-छात्राओं को सीधा आर्थिक सहयोग मिलेगा।

आत्मनिर्भर बिहार की दिशा में कदम
नीतीश कुमार ने पोस्ट के अंत में लिखा कि राज्य सरकार की यह दूरदर्शी पहल युवाओं को आत्मनिर्भर, दक्ष और रोजगारोन्मुखी बनाएगी। साथ ही, वे देश और राज्य के विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान दे सकेंगे। सरकार का मानना है कि अगर शिक्षित युवाओं को समय पर आर्थिक और प्रशिक्षण संबंधी मदद मिलेगी, तो वे न केवल अपने भविष्य को संवारेंगे बल्कि बिहार को भी विकास की नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगे।

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