इंदौर- उज्जैन रोड पर भीषण सड़क हादसे में पति-पत्नी और बेटे की मौत

इंदौर- उज्जैन रोड पर भीषण सड़क हादसे में पति-पत्नी और बेटे की मौत
INDORE: इंदौर जिले में इंदौर उज्जैन रोड पर धरमपुरी क्षेत्र में बुधवार देर रात बड़ा सड़क हादसा हो गया। इस सड़क हादसे में पति-पत्नी और बेटे की मौत हो गई और छोटा बेटा गंभीर रूप से घायल हो गया जो अस्पताल में भर्ती है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार भाजपा विधायक गोलू शुक्ला द्वारा संचालित बस सर्विस की इस बस ने ग्राम रिंगनोदिया के पास एक बाइक को टक्कर मार दी। इस दर्दनाक दुर्घटना में पति, पत्नी और उनका बेटा मौके पर ही मौत का शिकार हो गए, जबकि एक अन्य बच्चा गंभीर रूप से घायल हुआ है। हादसे के बाद बस चालक व हेल्पर मौके से फरार हो गए। पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

कैसे हुआ हादसा
पुलिस के अनुसार, रिंगनोदिया के पास बाइक क्रमांक एमपी-09वीएफ-3495 को तेज रफ्तार बस (एमपी-09एफए-6390) ने सामने से टक्कर मार दी। इस हादसे में महेंद्र सोलंकी, उनकी पत्नी जयश्री सोलंकी और 15 वर्षीय पुत्र जिगर सोलंकी की मौके पर ही मौत हो गई। परिवार का एक अन्य बेटा, तेजस सोलंकी (10 वर्ष) गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे उपचार के लिए इंदौर के अरबिंदो अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बताया गया कि परिवार अपने रिश्तेदारों के यहां से लौट रहा था, तभी यह हादसा हुआ।

चालक-हेल्पर फरार, बस पर लिखा था “गोलू”
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दुर्घटना के बाद बस चालक और हेल्पर वाहन को मौके पर छोड़कर फरार हो गए। बस पर पीछे “गोलू” लिखा होने के कारण लोगों ने तुरंत पहचान लिया कि यह बस स्थानीय विधायक गोलू शुक्ला द्वारा संचालित बस सर्विस की है। सांवेर थाना प्रभारी गिरजाशंकर ने भी पुष्टि की है कि टक्कर मारने वाली बस विधायक गोलू शुक्ला की है। फिलहाल पुलिस ने वाहन को जब्त कर लिया है और फरार चालक की तलाश शुरू कर दी है।

प्रशासन की सख्ती
टीआई सियाराम सिंह गुर्जर ने बताया कि मामले में प्रकरण दर्ज कर लिया गया है। आरोपियों को जल्द पकड़ने के लिए पुलिस की टीम तैनात कर दी गई है। जिला प्रशासन ने भी घटना को गंभीरता से लेते हुए दोषियों पर कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिलाया है।

ग्रामीणों में आक्रोश
घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि आए दिन लापरवाह ड्राइविंग और तेज रफ्तार से हादसे हो रहे हैं, लेकिन जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई नहीं होने से दुर्घटनाएं थम नहीं रही हैं।

18 सितंबर गुरु पुष्य नक्षत्र का पंचांग, बन रहे शुभ योग

18 सितंबर गुरु पुष्य नक्षत्र का पंचांग, बन रहे शुभ योग
18 सितंबर 2025 को एक अत्यंत दुर्लभ और शुभ योग बन रहा है, गुरु पुष्य योग। यह संयोग तब बनता है जब गुरुवार यानी बृहस्पतिवार के दिन पुष्य नक्षत्र पड़ता है। पुष्य नक्षत्र को ‘राजा नक्षत्र’ माना जाता है और जब यह गुरुवार को हो तो इसका प्रभाव कई गुना बढ़ जाता है।

यह दिन नवीन आरंभ, धन-संपत्ति की खरीदारी, व्यापार, रत्न धारण, और आध्यात्मिक साधना के लिए अत्यंत शुभ होता है। इस बार यह संयोग और भी विशेष है क्योंकि यह ‘पितृ पक्ष’ के दौरान बन रहा है। ऐसे में इस दिन पूर्वजों की शांति और तर्पण के लिए किया गया कार्य कई गुना फल देता है।

‘गुरु पुष्य योग’ तब बनता है, जब ‘पुष्य नक्षत्र’ हो, और वही दिन ‘गुरुवार (गुरु वार)’ हो। पुष्य नक्षत्र को ‘नक्षत्रों का राजा’ कहा गया है, और यह ‘समृद्धि, व्यापार, खरीदारी, पूजा, दान और शुभ कार्यों के लिए अत्यंत शुभ’ माना जाता है। गुरुवार बृहस्पति (गुरु) का दिन है, जो ‘धर्म, ज्ञान और शुभता’ का प्रतीक है। दोनों के मिलने से यह ‘अभूतपूर्व योग’ बनता है।

18 सितंबर 2025: गुरु पुष्य योग क्यों खास है?’
1. ‘पितृ पक्ष के दौरान बन रहा है संयोग’:
– पितृ पक्ष में पूर्वजों की आत्मा की शांति और तर्पण के लिए श्राद्ध किए जाते हैं।
– गुरु पुष्य जैसे शुभ योग में किया गया दान, श्राद्ध, जप और तर्पण ‘अतुलनीय फल’ देता है।
– यह दिन ‘पूर्वजों को प्रसन्न करने’ और उनके आशीर्वाद को पाने के लिए बेहद प्रभावशाली माना गया है।
2. ‘खरीदारी और निवेश के लिए उत्तम दिन’:
– सोना, चांदी, वाहन, प्रॉपर्टी, इलेक्ट्रॉनिक सामान और व्यापारिक सौदों के लिए बहुत शुभ।
– निवेश या नया व्यापार शुरू करने का संयोग भी उत्तम रहेगा।
3. ‘सात्त्विक कर्मों के लिए श्रेष्ठ मुहूर्त’:
– जप, तप, ध्यान, मंत्र सिद्धि, रत्न धारण, आयुर्वेदिक औषधियों का सेवन आदि के लिए उपयुक्त दिन।
– ग्रह दोषों और कुंडली के नकारात्मक प्रभावों को दूर करने का विशेष अवसर।

पितृ पक्ष से क्या है संबंध?’:
– गुरु पुष्य योग में ‘श्राद्ध कर्म, तर्पण और ब्राह्मण भोज’ करने से पितरों को विशेष संतोष मिलता है।
– इस दिन तिल, जल, काले तिल और गाय के भोजन का दान विशेष रूप से फलदायी होता है।
– जिन लोगों की कुंडली में ‘पितृ दोष’ हो, वे इस दिन ‘पितृ शांति पूजा’ करवा सकते हैं।

राहुल गांधी का बड़ा हमला, ECI वोट चोर को बचा रही

राहुल गांधी का बड़ा हमला, ECI वोट चोर को बचा रही
भारत निर्वाचन आयोग (ECI) पर वोट चोरी के गंभीर आरोप लगाने वाले राहुल गांधी ने आज दावा किया कि वोट चोरी के पुख्ता सबूत हमारे पास हैं जिसे कोई झुठला नहीं सकता, उन्होंने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार वोट चोरों को प्रोटेक्ट कर रहे हैं, बचा रहे हैं लेकिन कोई बचने वाला नहीं है, राहुल ने कहा ये हाइड्रोजन बम नहीं है लेकिन जल्दी ही ये भी फूटेगा, उन्होंने दावा किया कि अब तो हमें चुनाव आयोग के अन्दर से भी जानकारियां मिलने लगी है, राहुल गांधी बोले भारत के संविधान को बचाना इन एजेसियों का काम है मेरा नहीं लेकिन फिर भी एक देशभक्त भारतीय होने के नाते मैं अपनी ड्यूटी कर रहा हूँ

वोट चोरी के खिलाफ बड़ा आंदोलन छेड़ चुके लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने आज इंदिरा भवन नई दिल्ली में एक प्रेस कांफ्रेस कर एक बार फिर अपने अंदाज में वोट चोरी के सबूत पेश किये, राहुल ने पिछली प्रेस कांफ्रेस से एक कदम आगे बढ़ते हुए आज कुछ ऐसे मतदाताओं को मंच पर पेश किया जिनके वोट काटे गए और उन्हें ही नहीं पता, राहुल ने कर्नाटक के उस कर्मचारी को भी सबके सामने बुलाया, जिसके मोबाइल पर वोटर का नाम डिलीट करने का मैसेज आया था। कर्मचारी ने दावा किया कि उसने किसी तरह का मैसेज नहीं भेजा और न ही वोट डिलीट किया है। इसी तरह राहुल ने और भी कुछ लोगों को मंच पर बुलाकर उनकी जानकारी या फिर आवेदन के बिना वोट काटे जाने के दावे किये। मंच पर आय इक कर्मचारी ने तो उसके नाम पर 12 वोट काटे जाने का दावा किया।

कर्नाटक की CID ने 18 का चुनाव आयोग ने नहीं दिया जवाब ,क्यों?
राहुल गांधी ने कहा वोट काटने का काम केवल कर्नाटक या फिर महाराष्ट्र में ही वोट काटने या फिर बल्क में वोट जोड़ने का काम नहीं हुआ ये कई राज्यों में हुआ है और कई सालों से होता आया है, राहुल ने स्पष्ट किया कि ये हाइड्रोजन बम नहीं है वो जल्दी ही आयेगा, उन्होंने कहा मुख्य निर्वाचन आयुक्त वोट चोरों की रक्षा कर रहे हैं ये स्पष्ट है इसमें कोई कन्फ्यूजन नहीं है, उन्होंने कहा, ‘मैं ज्ञानेश कुमार के खिलाफ इतने सीधे आरोप क्यों लगा रहा हूं? कर्नाटक में इस मामले की जांच जारी है, कर्नाटक की CID ने 18 महीनों में चुनाव आयोग को 18 पत्र भेजे हैं और उनसे कुछ बहुत ही सरल तथ्य मांगे हैं, लेकिन उन्हें यह नहीं दिया जा रहा, क्यों नहीं दिया जा रहा? क्योंकि इससे हमें पता चल जाएगा कि यह ऑपरेशन कहां से चल रहा है, और हमें पूरी तरह यकीन है कि यह हमें उसी जगह तक ले जाएगा।

कर्नाटक, महाराष्ट्र की विधानसभा के उदाहरण देकर हमला
उन्होंने कर्नाटक की आलंद विधानसभा और महाराष्ट्र की राजुरा विधानसभा का जिक्र करते हुए कहा कि टारगेट करके वोट काटे गए और जोड़े गए। राहुल गांधी ने कर्नाटक की आलंद विधानसभा सीट का जिक्र करते हुए कहा कि यहां 2023 के विधानसभा चुनाव में 6018 वोट डिलीट किए गए। यह कांग्रेस की मजबूत सीट है, इसलिए इसे टारगेट किया गया। ये सबूत ब्लैक एंड वाइट हैं। हमारे पास प्रमाण हैं कि पूरे देश में अल्पसंख्यक, दलितों, आदिवासियों और ओबीसी वर्ग के लाखों वोट काटे जाते हैं।

मैं सच्चा देशभक्त भारतीय होने के नाते अपनी ड्यूटी कर रहा
राहुल गांधी ने कहा कि इन लोगों को आखिर कौन बचा रहा है तो ऐसा करने वाले शख्स कोई और नहीं बल्कि ज्ञानेश कुमार हैं। उन्होंने चैलेंज दिया है कि एक सप्ताह के अंदर चुनाव आयोग पूरी डिटेल दे, यदि नहीं दी तो फिर स्पष्ट हो जाएगा कि वोट चोरी हो रही है और चुनाव आयोग उन्हें बचाने में जुटा है। राहुल गांधी ने कहा कि यदि एक सप्ताह में जवाब नहीं मिला तो देश के युवा समझेंगे कि आप भी संविधान की हत्या करने वालों के साथ हैं। राहुल बोले संविधान की रक्षा करना उसे बचाना नेता प्रतिपक्ष का काम नहीं है ये संवैधानिक एजेंसियों का काम है लेकिन एक सच्चा देशभक्त भारतीय होने नाते मैं अपनी ड्यूटी निभा रहा हूँ।

‘कल्कि 2’ से दीपिका पादुकोण को हटाए जाने की असली वजह

‘कल्कि 2’ से दीपिका पादुकोण को हटाए जाने की असली वजह
निर्देशक नाग अश्विन की मैग्नम ऑप्स ‘कल्कि 2898 एडी’ में दीपिका पादुकोण ने SUM-80 का किरदार निभाया था. ये फिल्म ब्लॉकबस्टर रही थी और फैंस इसके सीक्वल का इंतजार कर रहे हैं. इन सबके बीच बड़ी खबर ये है कि दीपिका पादुकोण को इसकी सीक्वल से हटा दिया गया है. वहीं इसकी असल वजह का भी खुलासा हो गया है. जिसके मुताबिक मेकर्स दीपिका पादुकोण के कमिटमेंट को लेकर श्योर नहीं हैं.

दीपिका को क्लिक के सीक्वल से हटाने की ये है असल वजह
बता दें कि दीपिका पादुकोण को ‘कल्कि 2898 एडी’ की सीक्वल से हटाए जाने की खबर ने हर किसी को हैरान कर दिया है. प्रोडक्शन हाउस वैजयंती मूवीज़ ने इस इसे लेकर एक ऑफिशियल स्टेटमेंट जारी की है और लिखा है, “आधिकारिक तौर पर यह घोषणा की जाती है कि दीपिका पादुकोण कल्कि 2898 एडी के अपकमिंग सीक्वल का हिस्सा नहीं होंगी. काफी सोच-विचार के बाद हमने अलग होने का फैसला किया है. पहली फिल्म बनाने के लंबे सफर के बावजूद, हम पार्टनरशिप नहीं कर पाए.”

दिलचस्प बात ये है कि इस स्टेटमेंट में कमिटमेट पर जोर किया गया. स्टेटमेंट में आगे लिखा गया है, “कल्कि 2898 एडी जैसी फिल्म उस कमिटमेंट और उससे भी कहीं ज्यादा की हकदार है. हम उनके भविष्य के काम के लिए शुभकामनाएं देते हैं.”

8 घंटे की शिफ्ट डिमांड दीपिका के लिए बनी मुसीबत
इससे पहले दीपिका पादुकोण को एनिमल निर्देशक संदीप रेड्डी वांगा ने प्रभास स्टारर फिल्म स्पिरिट से निकाल दिया था. इसे लेकर कहा था कि दीपिका ने कई ऐसी डिमांड रखी थी जो मेकर्स को पसंद नहीं आई थी. इनमें से एक 8 घंटे की शिफ्ट की भी मांग थी. संदीप रेड्डी वांगा ने कहा था कि दीपिका ने अनप्रोफेशनल डिमांड की थी. ऐसे में एक्ट्रेस के नखरे उठाने से बेहतर उन्हें फिल्म से ही आउट कर दिया था. वहीं कुछ टाइम पहले खबरें थीं कि दीपिका ने कल्कि के मेकर्स से भी कुछ ऐसी ही डिमांड रखी थी. इसमें कितना सच है ये तो नहीं पता लेकिन इस फिल्म से भी एक्ट्रेस को हाथ धोना पड़ गया है.

दीपिका की 8 घंटे की शिफ्ट डिमांड पर फराह ने ली थी चुटकी
वहीं दीपिका पादुकोण की 8 घंटे की शिफ्ट डिमांड को कई सितारों का सपोर्ट मिला था. अनुराग कश्यप, विक्रांत मैसी, अजय देवगन और काजोल सहित कई स्टार्स ने इस डिमांड को जायज ठहराया था. हालांकि फराह खान ने इसे अनुचित बताया था , उन्होंने राधिका मदान के साथ यूट्यूब चैनल पर एक चिट चैट सेशन के दौरान उनकी शिफ्ट को लेकर बात की थी. इस पर राधिका ने 40 से 45 घंटे काम करने की बात कही थी. ऐसे में फराह ने 8 घंटे की शिफ्ट पर चुटकी लेते हुए कहा था ऐसे ही तो तपकर सोना बनता है.

सीएम नीतीश ने सुबह-सुबह युवाओं को दी खुशखबरी

सीएम नीतीश ने सुबह-सुबह युवाओं को दी खुशखबरी
बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने गुरुवार की सुबह राज्य के युवाओं को बड़ी सौगात दी। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री निश्चय स्वयं सहायता भत्ता योजना का दायरा बढ़ाया गया है। पहले यह योजना केवल इंटर पास बेरोजगार युवक-युवतियों तक सीमित थी, लेकिन अब कला, विज्ञान और वाणिज्य से स्नातक उत्तीर्ण बेरोजगार युवक-युवतियां भी इस योजना के दायरे में आ जाएंगे।

बेरोजगार स्नातकों को बड़ी राहत
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि 20 से 25 वर्ष आयु वर्ग के ऐसे स्नातक युवक-युवतियां, जो कहीं भी अध्ययनरत नहीं हैं, किसी प्रकार का स्वरोजगार नहीं कर रहे हैं और न ही किसी सरकारी, निजी या गैर-सरकारी संस्थान में नौकरी कर रहे हैं, उन्हें प्रति माह 1000 रुपये की दर से अधिकतम दो वर्षों तक भत्ता दिया जाएगा। सरकार का मानना है कि यह आर्थिक मदद युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में सहयोग करेगी।

रोजगार सृजन पर सीएम नीतीश का फोकस
नीतीश कुमार ने कहा कि नवंबर 2005 में जब उनकी सरकार बनी थी, तभी से युवाओं को अधिक से अधिक नौकरी और रोजगार देना प्राथमिकता रही है। उन्होंने यह भी दोहराया कि आने वाले पांच वर्षों में बिहार सरकार का लक्ष्य एक करोड़ युवाओं को सरकारी नौकरी और रोजगार उपलब्ध कराना है। इसके लिए सरकारी और निजी दोनों क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर नए अवसर सृजित किए जाएंगे।

कौशल विकास होगा युवाओं का हथियार
मुख्यमंत्री ने इस घोषणा के साथ युवाओं के कौशल विकास पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा लगातार कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं ताकि यहां के युवा न सिर्फ नौकरी हासिल कर सकें बल्कि रोजगार के नए अवसर भी खुद पैदा कर सकें। नीतीश कुमार ने उम्मीद जताई कि भत्ते का उपयोग युवा आवश्यक प्रशिक्षण, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और भविष्य सुरक्षित करने में करेंगे।

सात निश्चय कार्यक्रम से जुड़ी योजना
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि यह योजना राज्य सरकार के महत्वाकांक्षी सात निश्चय कार्यक्रम का हिस्सा है। इस कार्यक्रम के अंतर्गत युवाओं को सशक्त और सक्षम बनाने की दिशा में कई योजनाएं पहले से ही चल रही हैं। स्वयं सहायता भत्ता योजना का विस्तार उसी कड़ी का हिस्सा है, ताकि राज्य के अधिक से अधिक शिक्षित युवाओं को लाभ मिल सके।

युवाओं के लिए सुनहरा अवसर
राजनीतिक जानकार मानते हैं कि बिहार में बेरोजगारी हमेशा से एक बड़ा चुनावी मुद्दा रहा है। नीतीश सरकार की यह घोषणा निश्चित तौर पर स्नातक पास बेरोजगारों के लिए बड़ी राहत है। इससे न केवल युवाओं का आत्मविश्वास बढ़ेगा, बल्कि रोजगार की तलाश में जुटे लाखों छात्र-छात्राओं को सीधा आर्थिक सहयोग मिलेगा।

आत्मनिर्भर बिहार की दिशा में कदम
नीतीश कुमार ने पोस्ट के अंत में लिखा कि राज्य सरकार की यह दूरदर्शी पहल युवाओं को आत्मनिर्भर, दक्ष और रोजगारोन्मुखी बनाएगी। साथ ही, वे देश और राज्य के विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान दे सकेंगे। सरकार का मानना है कि अगर शिक्षित युवाओं को समय पर आर्थिक और प्रशिक्षण संबंधी मदद मिलेगी, तो वे न केवल अपने भविष्य को संवारेंगे बल्कि बिहार को भी विकास की नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगे।

उत्तराखंड में हाहाकार, दो जगह बादल फटने से मची तबाही

उत्तराखंड में हाहाकार, दो जगह बादल फटने से मची तबाही
देवभूमि उत्तराखंड में एक बार फिर प्राकृतिक आपदा से भारी तबाही मची है। चमोली जिले के नंदानगर क्षेत्र में रात के अंधेरे में भयानक बादल फटने की घटना ने पूरे इलाके में हाहाकार मचा दिया। इसके अलावा, देहरादून जिले में बादल फटने से टपकेश्वर महादेव मंदिर पूरी तरह से डूब गया और हाईवे टूट गया। इन हादसों में कम से कम 6 घर मलबे में तब्दील हो गए और 10 लोग लापता है। NDRF और SDRF की टीम बचाव कार्य में जुटी हुई है।
नंदानगर में मची भगदड़

चमोली जिले के नंदानगर में बादल फटने की घटना ने स्थानीय लोगों को दहशत में डाल दिया। अचानक आई भारी बारिश और मलबे की चपेट में आकर 6 मकान पूरी तरह ध्वस्त हो गए। शुरुआती आंकड़ों के मुताबिक, 10 लोग अभी तक लापता हैं, जिनमें महिलाएं और बच्चे शामिल हैं। ग्रामीणों का कहना है कि रात के अंधेरे में सैलाब ने कुछ ही मिनटों में सबकुछ उजाड़ दिया।

स्थानीय निवासी बताई आपबीती
स्थानीय निवासी राम सिंह ने बताया, “हम सो रहे थे, अचानक तेज आवाज आई और पानी का रेला आ गया। घर के बाहर मलबा जमा हो गया, कई पड़ोसी बह गए।” बचाव टीमों ने अब तक 2 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया है, लेकिन सर्च ऑपरेशन तेजी से जारी है। चमोली प्रशासन ने हेलीकॉप्टर के जरिए राहत सामग्री पहुंचाने का ऐलान किया है।

टपकेश्वर मंदिर डूबा, हाईवे बहा
दूसरी ओर, देहरादून जिले में बादल फटने से भारी तबाही हुई। प्रसिद्ध टपकेश्वर महादेव मंदिर पानी और मलबे में डूब गया, जबकि मसूरी-देहरादून हाईवे कई जगहों पर टूट गया। नदियां उफान पर आ गईं, जिससे आसपास के बाजार और घर जलमग्न हो गए। हालांकि यहां सीधे मौत की कोई खबर नहीं है, लेकिन संपत्ति को लाखों का नुकसान हुआ है।

सीएम धामी ने दिए सख्त निर्देश
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून से चमोली का दौरा किया और ग्राउंड जीरो पर पहुंचकर राहत कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने कहा, “हम हर संभव प्रयास कर रहे हैं। एनडीआरएफ की 4 टीमें और एसडीआरएफ की 3 टीमें घटनास्थल पर हैं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी फोन पर सीएम से बात की और अतिरिक्त सहायता का भरोसा दिया।

अगले 48 घंटों के लिए IMD की चेतावनी
मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों में उत्तराखंड के पहाड़ी जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। विशेषज्ञों का मानना है कि जलवायु परिवर्तन के कारण बादल फटने जैसी घटनाएं बढ़ रही हैं, जिसके लिए मजबूत आपदा प्रबंधन सिस्टम जरूरी है।

8th Pay Commission में नया अपडेट

8th Pay Commission में नया अपडेट
8वीं वेतन आयोग की सिफारिशें 1 जनवरी 2026 से लागू हो सकता है। संसद में हाल ही में हुई चर्चा के दौरान सरकार ने इसकी समयसीमा स्पष्ट करते हुए कहा कि 7वें वेतन आयोग की अवधि 31 दिसंबर 2025 को समाप्त होने के बाद नया आयोग तत्काल प्रभाव से शुरू हो जाएगा। यह अपडेट करीब 50 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और 65 लाख पेंशनभोगियों को लाभ पहुंचाएगा।

क्या है नया खुलासा?
सरकार ने लोकसभा में उठे सवालों के जवाब में पुष्टि की है कि 8वीं केंद्रीय वेतन आयोग (CPC) का गठन प्रक्रिया में है और इसकी सिफारिशें 1 जनवरी 2026 से ही अमल में लाई जाएंगी। हालांकि, आयोग के सदस्यों और शर्तों (टीओआर) की आधिकारिक अधिसूचना अभी बाकी है, लेकिन विशेषज्ञों के अनुसार, पिछले आयोगों की तरह यह 18-20 महीनों में अपनी रिपोर्ट सौंप देगा। यदि कोई देरी होती है, तो भी वेतन वृद्धि का लाभ रेट्रोस्पेक्टिव (पीछे की तारीख से) मिलेगा।

DA को बेसिक सैलरी से मिलाने की मांग
यह खुलासा रक्षा मंत्रालय, गृह मंत्रालय, कार्मिक विभाग और राज्य सरकारों से सुझाव मांगने के बाद आया है। कर्मचारी यूनियनों ने भी 2026 से पहले महंगाई भत्ता (DA) को बेसिक सैलरी में मिलाने की मांग की है, जिस पर विचार चल रहा है।

वेतन वृद्धि और फिटमेंट फैक्टर पर क्या उम्मीद?
फिटमेंट फैक्टर: 7वें आयोग के 2.57 के मुकाबले 8वें में 1.92 से 2.86 तक रहने की संभावना। इससे न्यूनतम वेतन 18,000 रुपये से बढ़कर 30,000 से 34,560 रुपये प्रति माह हो सकता है।
सैलरी हाइक: कुल 20-34% की वृद्धि अपेक्षित, लेकिन डीए (वर्तमान 55%) को जीरो रीसेट कर बेसिक पे में मिलाया जाएगा।
अन्य लाभ: हाउस रेंट अलाउंस (एचआरए), ट्रांसपोर्ट अलाउंस और पेंशन में संशोधन। न्यूनतम पेंशन 17,280 रुपये और अधिकतम 2.88 लाख तक पहुंच सकती है। कुछ भत्तों को समाप्त या विलय किया जा सकता है, ताकि स्ट्रक्चर सरल बने।

आयोग का उद्देश्य
8वीं वेतन आयोग का मुख्य लक्ष्य मुद्रास्फीति, आर्थिक स्थिति और जीवनयापन की लागत के अनुरूप वेतन संरचना को अपडेट करना है। पिछले 10 वर्षों से कोई बड़ा बदलाव न होने से कर्मचारियों की मांग बढ़ रही थी। यह आयोग जीडीपी को भी बूस्ट देगा, क्योंकि वेतन वृद्धि से उपभोग और बचत बढ़ेगी। कर्मचारी संगठनों ने सरकार से फिटमेंट फैक्टर को 3.68 तक बढ़ाने की मांग की है, लेकिन अभी यह प्रस्तावित स्तर पर ही है।

अमेरिका में अंधाधुंध फायरिंग, 3 पुलिस अधिकारियों की मौत और 2 घायल

अमेरिका में अंधाधुंध फायरिंग, 3 पुलिस अधिकारियों की मौत और 2 घायल
अमेरिका में पुलिस और बदमाशों के बीच बुधवार को मुठभेड़ हो गई। जिसमें तीन पुलिस अधिकारियों की मौत हो गई है। जबकि दो अन्य घायल बताये जा रहे हैं। गोलीबारी की घटना पेंसिल्वेनिया के कोडोरस टाउनशिप में हुई।

राज्य पुलिस आयुक्त क्रिस्टोफर पेरिस ने अधिकारियों की मौत के बारे में जानकारी दी। उन्होंने यह भी बताया कि मुठभेड़ में पुलिस पर गोली चलाने वाला बंदूकधारी भी मारा गया।

एक जांच के सिलसिले में घटनास्थल पर पहुंची थी पुलिस की टीम
क्रिस्टोफर पेरिस ने बताया कि पुलिस की टीम एक घरेलू झड़प के मामले की जांच को लेकर आगे की कार्रवाई के लिए घटनास्थल पर पहुंची थी। इस दौरान, बदमाश ने पुलिस पर फायरिंग कर दी।

फिलहाल दोनों घायल अधिकारियों की हालत गंभीर है, लेकिन स्थिर बनी हुई है। अधिकारियों ने संदिग्ध की पहचान जारी नहीं की है और न ही यह बताया है कि मारे गए अधिकारी उस समय किन एजेंसियों में कार्यरत थे।

हेलीकॉप्टर से घायलों को ले जाया गया
घटनास्थल से प्राप्त तस्वीरों में एक घायल अधिकारी को हेलीकॉप्टर से ले जाते हुए दिखाया गया है। अटॉर्नी जनरल पामेला बोंडी ने हिंसा की निंदा की. इसके साथ, उन्होंने हमले को समाज का एक अभिशाप बताया।

उन्होंने कहा कि अधिकारी इस मामले की छानबीन में जुट गए हैं. उधर, लेफ्टिनेंट गवर्नर ऑस्टिन डेविस ने निवासियों से पीड़ितों और उनके परिवारों के लिए प्रार्थना करने की अपील की।

पहले भी पुलिस पर हो चुकी है फायरिंग
इससे पहले, 14 अगस्त को वर्जीनिया में एक संदिग्ध शूटर ने कई पुलिस अधिकारियों पर गोलीबारी की थी, जिसमें कम से कम दो लोग घायल हुए। हमलावर बाद में एक घर में छिप गया, जिसके बाद अधिकारियों ने लोगों से बाहर निकलने की अपील की।

इसके अलावा, 28 अगस्त को मिनेसोटा के मिनियापोलिस में एक कैथोलिक स्कूल में गोलीबारी हुई, जिसमें तीन लोगों की मौत हो गई और 20 लोग घायल हो गए। हमलावर को पुलिस ने मार गिराया।

भोपाल गैस त्रासदी के मामलों पर हाईकोर्ट सख्त

भोपाल गैस त्रासदी के मामलों पर हाईकोर्ट सख्त
भोपाल गैस त्रासदी के मामले में हाईकोर्ट ने भोपाल ट्रायल कोर्ट को निर्देश दिया कि त्रासदी से जुड़े लंबित मामलों का निस्तारण यथाशीघ्र करें। भोपाल गैस पीड़ित संघर्ष सहयोग समिति की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा व जस्टिस विनय सराफ की खंडपीठ ने टिप्पणी कर कहा, ‘हम 40 साल तक मामले लंबित नहीं रख सकते’। पीठ ने भोपाल की संबंधित कोर्ट को निर्देश दिए कि वे कार्यवाही की मासिक प्रगति रिपोर्ट हाईकोर्ट रजिस्ट्रार जनरल को सौंपें, जिसे प्रशासनिक स्तर पर सीजे के सामने पेश किया जाएगा।

समिति ने जुलाई 2025 में लगाई थी याचिका
समिति ने जुलाई 2025 को याचिका लगाई थी। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता राजेश चंद ने बताया, भोपाल सीजेएम कोर्ट (MP High Court) ने 7 जून 2010 को आरोपियों को सजा सुनाई थी। आरोपियों ने सेशन कोर्ट में अपील की, वह 15 साल से लंबित है। मामला 5 अक्टूबर तक स्थगित कर दिया गया है। वहीं शासन की ओर से दलील दी गई कि सीबीआइ जांच एजेंसी है, अब भी एक आपराधिक अपील व विविध आपराधिक मामला लंबित है।

PAK vs UAE मैच के दौरान हुआ हादसा, दर्द से तड़प उठा अंपायर हुआ रिटायर हर्ट

PAK vs UAE मैच के दौरान हुआ हादसा, दर्द से तड़प उठा अंपायर हुआ रिटायर हर्ट
मैच के दौरान अक्‍सर आपने प्‍लेयर्स को कई कारणों से रिटायर हर्ट होते हुए देखा होगा, लेकिन क्‍या कभी आपने किसी अंपायर को रिटायर हर्ट होते देखा है? जी हां… पाकिस्तान बनाम यूएई मैच कुछ ऐसी ही घटना घटी है। ये हादसा मैच की दूसरी पारी के दौरान हुआ है। पावर प्‍ले की आखिरी गेंद से पहले पाकिस्‍तानी खिलाड़ी मोहम्‍मद हारिस ने सीधा थ्रो मैदानी अंपायर रुचिरा पल्लियागुरुगे के सिर पर दे मारा। इसके बाद वह दर्द से कराहते नजर आए। फिजियो ने अनिवार्य कन्कशन टेस्ट किया तो रुचिरा की तबीयत ठीक नहीं थी। इस वजह से उन्‍हें रिटायर हर्ट भी होना पड़ा।

काफी दर्द में नजर आए अंपायर रुचिरा
दरअसल, हुआ यूं कि पावरप्ले की आखिरी गेंद से पहले पाकिस्‍तानी फील्डर मोहम्मद हारिस ने गेंदबाज सैम अयूब की ओर गेंद फेंकी। गेंद को देख मैदानी अंपायर रुचिरा पल्लियागुरुगे ने अपना सिर पीछे कर लिया। उन्होंने झुकने की भी कोशिश की, लेकिन गेंद तेजी से उनके सिर पर जा लगी। गेंद लगते ही वह काफी दर्द में नजर आए। इसके बाद मैदान पर पाकिस्तानी फिजियो को बुलाया गया।

रिजर्व अंपायर ने संभाला मोर्चा
फिजियो ने अनिवार्य कन्कशन टेस्ट किया, जिससे पता चला कि रुचिरा की तबीयत ठीक नहीं है। इसके बाद अंपायर रुचिरा मेडिकल स्टाफ के साथ मैदान से बाहर चले गए। फिर रिजर्व अंपायर गाजी सोहेल ने उनकी जगह ली और मैच खत्म होने तक कार्यभार संभाला।

पहली बार देखा अंपायर का सब्स्टीट्यूट
आईसीसी द्वारा 2019 में यह नियम लागू किए जाने के बाद से हमने कई बार चोट लगने पर कन्कशन सब्स्टीट्यूट को देखा है। लेकिन, किसने सोचा होगा कि हम एक अंपायर को सब्स्टीट्यूट के तौर पर मैदान से बाहर होते देखेंगे। उम्‍मीद करेंगे कि रुचिरा की चोट ज्‍यादा गंभीर ना हो और वह जल्‍द फिट होकर एक बार फिर मैदान पर वापसी करें।

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