साल का अंतिम सूर्य ग्रहण मेष राशि वालों के जीवन में लाएगा पॉजिटिव बदलाव

साल का अंतिम सूर्य ग्रहण मेष राशि वालों के जीवन में लाएगा पॉजिटिव बदलाव
सूर्य ग्रहण हमेशा से ही एक महत्वपूर्ण खगोलीय घटना मानी जाती है, जो जीवन के अलग-अलग क्षेत्रों पर प्रभाव डालती है। 21 सितंबर 2025 को साल का दूसरा और आखिरी सूर्य ग्रहण लगने जा रहा है।2025 का यह अंतिम सूर्य ग्रहण ज्योतिषीय दृष्टिकोण से बेहद खास माना जा रहा है, क्योंकि सूर्य ग्रहण के दौरान ग्रहों की चाल में भी बदलाव आएंगे, जिससे कुछ राशियों को लाभ होने की संभावना है, तो कुछ राशियों के लिए यह चेतावनी लेकर भी आ सकता है।लेकिन अगर मेष राशि की बात करें तो ग्रहों की विशेष कृपा इस राशि पर बनी रहेगी, जिससे उनके जीवन में सकारात्मक प्रभाव पड़ने के योग बन रहे हैं।जानिए यहां, ग्रहों की ऐसी कौन-सी स्थिति है जो मेष राशि के लिए इसे बना रही है विशेष और लाभदायक।

मेष राशि वालों के लिए करियर और धन लाभ की संभावना
मेष राशि वालों के लिए यह ग्रहण करियर और आर्थिक दृष्टि से काफी शुभ संकेत लेकर आया है। इस दौरान नौकरीपेशा लोगों को प्रमोशन या नए अवसर मिल सकते हैं। किसी महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट की जिम्मेदारी आपके हाथ में आ सकती है, जिससे करियर में नई ऊंचाइयां हासिल होंगी। व्यापारी वर्ग के लिए भी यह समय लाभकारी रहेगा पुराने अटके हुए पैसे वापस मिलने के योग हैं और व्यापार में मुनाफे की स्थिति बनेगी। अगर आप निवेश की योजना बना रहे हैं तो ग्रहण के बाद का समय आपके लिए विशेष रूप से लाभकारी हो सकता है।

शत्रुओं पर विजय और आत्मविश्वास में बढ़ोतरी
इस अवधि में मेष राशि वालों को शत्रुओं से राहत मिलेगी। विरोधियों की ताकत कम होगी और जिन लोगों से लंबे समय से तनाव या मतभेद चल रहा था, उनसे छुटकारा मिलेगा। आत्मविश्वास में इज़ाफा होगा और आप बिना डर के अपने काम को आगे बढ़ा पाएंगे। यह समय आपको मानसिक शांति और स्थिरता भी देगा।

नए अवसर और शुभ समय की शुरुआत
आगामी सूर्य ग्रहण मेष राशि के लिए नए रास्ते खोलने वाला साबित हो सकता है। जीवन में सकारात्मक बदलाव आएंगे और नए मौके सामने आएंगे। किसी बड़े निर्णय या नए काम की शुरुआत करने के लिए यह समय अनुकूल रहेगा। ग्रहण के बाद का दौर आपके लिए खुशियां और सफलता लेकर आने वाला है।

सूर्य ग्रहण की अवधि (Timings)
भारतीय समयानुसार, यह ग्रहण 21 सितंबर की रात 11:00 बजे शुरू होकर 22 सितंबर की सुबह 3:26 बजे समाप्त होगा। चूंकि यह भारत में दिखाई नहीं देगा, इसलिए सूतक काल मान्य नहीं होगा।

SBI बैंक में लूट, 59 किलो सोना और 8 करोड़ रुपये कैश लेकर फरार

SBI बैंक में लूट, 59 किलो सोना और 8 करोड़ रुपये कैश लेकर फरार
कर्नाटक के विजयपुरा जिले में मंगलवार शाम को भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की चादचान शाखा में एक बड़ी लूट की घटना ने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया। पांच नकाबपोश लुटेरों ने सेना की वर्दी पहनकर बैंक पर धावा बोल दिया, कर्मचारियों को बंधक बनाया और करीब 59 किलो सोना व 8 करोड़ रुपये नकद लूटकर फरार हो गए। पुलिस ने महाराष्ट्र सीमा पर लुटेरों की एक कार बरामद कर ली है और छापेमारी तेज कर दी गई है।

क्या है पूरा मामला?
मंगलवार शाम करीब 5 बजे चादचान कस्बे स्थित SBI शाखा में सामान्य कामकाज चल रहा था। तभी मिलिट्री स्टाइल की वर्दी पहने पांच हथियारबंद बदमाशों ने अचानक बैंक में घुसेड़ मार दी। देसी पिस्तौल और अन्य हथियार लहराते हुए उन्होंने मैनेजर और कर्मचारियों को बंधक बना लिया। लुटेरों ने स्टाफ को धमकाते हुए तिजोरियां खुलवाकर सोने के गहने और नकदी के बक्से लूट लिए।

मास्क की वजह से पहचान छुपी रही
वहां पर मौजूद लोगों के अनुसार, लुटेरे मास्क और दस्ताने पहने हुए थे, जिससे उनकी पहचान छिपी रही। पूरी वारदात महज 15-20 मिनट में अंजाम दे दी गई। लूट के बाद बदमाश एक सफेद रंग की कार में सवार होकर महाराष्ट्र की ओर भाग निकले। बैंक के सीसीटीवी फुटेज में लुटेरों की यह फिल्मी अंदाज वाली हरकत साफ नजर आ रही है।

करोड़ों की नगदी चुराई
पुलिस ने प्रारंभिक आंकलन के आधार पर लूटे गए सोने की मात्रा 59 किलो बताई है, जिसकी कीमत करोड़ों रुपये आंकी जा रही है। नकदी लगभग 8 करोड़ रुपये बताई जा रही है। यह घटना कर्नाटक में हालिया बैंक डकैतियों की श्रृंखला का हिस्सा लग रही है। कुछ महीनों पहले दावणगेरे जिले में भी SBI शाखा से 17 किलो सोना चोरी का मामला सामने आया था, जो वेब सीरीज ‘मनी हाइस्ट’ से प्रेरित था।

कोटकासिम में पीएम मोदी के जन्मदिन पर यज्ञ-हवन, दीर्घायु की कामना

कोटकासिम में पीएम मोदी के जन्मदिन पर यज्ञ-हवन, दीर्घायु की कामना
कोटकासिम कस्बे में बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर विशेष यज्ञ-हवन का आयोजन किया गया। इस दौरान उनकी दीर्घायु और उत्तम स्वास्थ्य की कामना की गई। यज्ञ में भाजपा कार्यकर्ता और स्थानीय लोग मौजूद रहे।

कार्यक्रम के दौरान धार्मिक मंत्रोच्चार हुआ और उपस्थित लोगों ने प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश की प्रगति और समृद्धि के लिए प्रार्थना की। भाजपा कार्यकर्ताओं ने बताया कि पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत ने वैश्विक स्तर पर नई पहचान बनाई है और उनके लंबे जीवन की कामना देशहित में आवश्यक है।

सहस्रधारा में बादल फटने से तबाही, शिवलिंग जलमग्न

सहस्रधारा में बादल फटने से तबाही, शिवलिंग जलमग्न
उत्तराखंड में लगातार बारिश अपना कहर बरपा रही है। देर रात देहरादून के सहस्रधारा क्षेत्र में बादल फटने से भारी तबाही मची है। दस लोगों की मौत हो गई है। वहीं मसूरी में भारी बारिश से मजदूरों के आवास के ऊपर मलबा आ गया। घटना में एक मजदूर की मौत हो गई और एक गंभीर रूप से घायल हो गया।

सहस्रधारा क्षेत्र में सोमवार देररात बादल फटने से बड़े पैमाने पर नुकसान होने की सूचना है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों के मुताबिक मुख्य बाजार में मलबा आने से दो से तीन बड़े होटल और कई दुकानें क्षतिग्रस्त हो गई हैं। कार्डीगाड़ के ग्राम प्रधान राकेश जवाड़ी ने अमर उजाला को बताया कि घटना रात करीब साढ़े 11 बजे की है। कार्डीगाड़ में बादल फटने के बाद मुख्य बाजार में बड़े पैमाने पर मलबा आ गया। इससे दो से तीन बड़े होटल क्षतिग्रस्त हो गए जबकि एक मार्केट में बनीं करीब 7 से 8 दुकानें ध्वस्त हो गईं।

उन्होंने बताया कि वहां पर करीब 100 लोग फंस गए थे जिन्हें गांव वालों ने सकुशल रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया है। ऐसी भी सूचना मिली कि एक से कुछ लोग लापता हैं। उनकी तलाश की जा रही है।

वहीं, आपदा कंट्रोल रूम से रात दो बजे जानकारी मिली कि घटनास्थल के लिए एसडीआरएफ और फायर की टीम को रवाना कर दिया गया है लेकिन रास्ते पर अधिक मलबा आ जाने के कारण टीम मौके पर नहीं पहुंच पाई। बताया गया कि लोक निर्माण विभाग की जेसीबी मौके पर पहुंचकर रास्ता खोलने में जुट गई है।

वहीं देहरादून में तमसा नदी रौद्र रूप में आ गई है। टपकेश्वर मंदिर में शिवलिंग तक डूब गया है। मंदिर परिसर को खाली कराया गया है। उधर, आईटी पार्क के पास भी बड़ी मात्रा में मलबा आ गया। इससे सॉन्ग नदी का जलस्तर काफी बढ़ गया। पुलिस ने आसपास रहने वाले लोगों को सतर्क किया है। साथ ही नदी किनारे रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थान पर जाने के लिए कहा है।
[6:08 PM, 9/16/2025] vishvasshukla1985: हिमाचल में भूस्खलन से चार की माैत, धर्मपुर बस स्टैंड डूबा; 653 सड़कें बंद, देखें तस्वीरें
हिमाचल प्रदेश में बारिश ने फिर कहर बरपाया है। बीती रात हुई भारी बारिश से राजधानी शिमला, मंडी व अन्य भागों में तबाही हुई है। शिमला में 141.0 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई जोकि बहुत ज्यादा है। जगह-जगह भूस्खलन से राज्य में सैकड़ों सड़कें, बिजली ट्रांसफार्मर बंद हैं। मंडी जिले के धर्मपुर, शिवाबदार और निहरी के हाड़ाबोई में चार लोगों की मौत हो गई है। छह से आठ लोगों के लापता होने की आशंका है। मंगलवार सुबह 10:00 बजे तक राज्य में तीन नेशनल हाईवे सहित 653 सड़कें बंद रहीं। 1205 बिजली ट्रांसफार्मर व 160 जल आपूर्ति स्कीमें भी बाधित हैं। मंडी जिले में 313, कुल्लू 153, शिमला 58 व चंबा में 26 सड़कें बंद हैं। बीती रात नगरोटा सूरियां 135.2, भटियात 80.0, सुंदरनगर 60.5, सलापड़ 57.9, ब्राह्मणी 54.4, गुलेर 54.2, मंडी 52.6, कांगड़ा 50.5, मैहरे बड़सर 50.0, नयना देवी 46.8, मुरारी देवी 42.0, बरठीं 37.4 व करसोग में 34.2 मिलीमीटर बारिश हुई।

ब्रगटा गांव में भूस्खलन से तीन लोगों की माैत
मंडी जिले के सुंदरनगर उपमंडल के तहत आने वाली निहरी तहसील के ब्रगटा गांव में बीती रात को भूस्खलन की चपेट में आने से तीन लोगों की मौत हो गई। जबकि दो लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया है। जानकारी के अनुसार यहां भूस्खलन होने से पूरा घर जमींदोज हो गया। हादसे के समय घर में पांच लोग मौजूद थे। मृतकों में दो महिलाएं और एक आठ महीने का बच्चा शामिल है। इसके अलावा दो लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया है। मृतकों की पहचान तांगू देवी(33) पत्नी जय सिंह, कमला देवी(33) पत्नी देव राज और भीष्म सिंह(8 महीने) पुत्र देव राज के रूप में हुई है। सुरक्षित बचाए गए लोगों में खूब राम(65) पुत्र धनी राम और दर्शन देवी(58) पत्नी खूब राम शामिल हैं। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर उन्हें पोस्टमाार्टम के लिए भेज दिया है। एसपी मंडी साक्षी वर्मा ने हादसे की पुष्टि की है।

जंगमबाग में भी गई थी सात लोगों की जान
बता दें, इससे पहले सुंदरनगर उपमंडल के जंगमबाग में भी इसी तरह का मामला सामने आया था, जिसमें सात लोगों की जान गई थी। अब इसी उपमंडल के निहरी इस दर्दनाक हादसे में तीन लोगों को काल का ग्रास बनना पड़ा है। सूचना मिलते ही एसडीएम सुंदरनगर अमर नेगी, डीएसपी सुंदरनगर भारत भूषण सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी मौके के लिए रवाना हुए। बताया जा रहा है कि क्षेत्र के अधिकतर मार्ग बंद पड़े हैं, जिस कारण घटनास्थल तक पहुंचने में दिक्कतें पेश आ रही हैं। स्थानीय लोगों ने अपने स्तर पर सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर लोगों को बाहर निकाला। क्षेत्र में अभी भी रुक-रुककर बारिश का दौर जारी है, जिस कारण बाकी राहत एवं बचाव कार्यों में दिक्कतें पेश आ रही हैं। पहाड़ी से लगातार मलबा गिरने का खतरा बना हुआ है।

भारत में ब्रेंडन लिंच, व्यापार समझौते के रास्ते तलाशने की कवायद

भारत में ब्रेंडन लिंच, व्यापार समझौते के रास्ते तलाशने की कवायद
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के रुख में आई नरमी के बीच भारत और अमेरिका के बीच मंगलवार को राजधानी दिल्ली में द्विपक्षीय व्यापार समझौते (बीटीए) पर वार्ता हुई। बैठक ऐसे समय हुई, जब अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने भारतीय निर्यात पर 25 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ लगाया है। इससे भारतीय निर्यात पर कुल टैरिफ 50 फीसदी तक पहुंच गया है, जो अमेरिका के किसी भी साझेदार पर सबसे ऊंचा है। व्यापार वार्ता को लेकर हाल के कुछ दिनों में राष्ट्रपति ट्रंप के रुख में बड़ा बदलाव आया है, जिसका प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी गर्मजोशी से स्वागत किया है। पीएम मोदी ने कहा कि भारत और अमेरिका स्वाभाविक साझेदार हैं।

इससे पहले भारत के मुख्य वार्ताकार और वाणिज्य मंत्रालय के विशेष सचिव राजेश अग्रवाल ने कहा था कि मंगलवार को बातचीत छठे दौर की तैयारी के तौर पर होगी। दोनों देश व्यापार वार्ता को तेजी से आगे बढ़ाएंगे। हमने पहले ही संकेत दिया था कि दोनों देशों के बीच चर्चा चल रही है। उन्होंने बताया कि अमेरिका के दक्षिण एशिया के व्यापार प्रतिनिधि ब्रेंडन लिंच एक दिन की यात्रा पर सोमवार देर रात दिल्ली पहुंचे। यह वार्ता का छठा दौर नहीं है, लेकिन यह निश्चित रूप से व्यापार वार्ता पर चर्चा है और यह देखने की कोशिश है कि हम भारत और अमेरिका के बीच कैसे समझौते पर पहुंच सकते हैं।

पांच दौर की हो चुकी है वार्ता
अग्रवाल ने कहा, भारत और अमेरिका साप्ताहिक आधार पर वर्चुअल माध्यम से चर्चा कर रहे हैं। बातचीत तो चल रही थी, लेकिन इसमें ज्यादा प्रगति नहीं हो पार रही थी। बातचीत के लिए माहौल अनुकूल नहीं था। भारत और अमेरिका के बीच अब तक व्यापार समझौते पर पांच दौर की बातचीत हो चुकी है। छठे दौर की बैठक 25 से 29 अगस्त तक प्रस्तावित थी, लेकिन अमेरिका की ओर से भारतीय सामानों पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाने के बाद यह टाल दी गई थी।

कौन हैं ब्रेंडन लिंच?
ब्रेंडन लिंच दक्षिण और मध्य एशिया के लिए अमेरिका के सहायक व्यापार प्रतिनिधि हैं। वह इस क्षेत्र के 15 देशों के साथ अमेरिका की व्यापार नीति बनाने और लागू करने का काम देखते हैं। इसमें अमेरिका-भारत व्यापार नीति मंच (टीपीएफ) चलाना और क्षेत्रीय देशों के साथ व्यापार और निवेश रूपरेखा समझौते (टीआईएफए) के तहत काम का तालमेल बिठाना भी शामिल है।

भारत के लिए इसलिए अहम
अमेरिकी टैरिफ से भारतीय निर्यात को सीधा नुकसान हुआ है। इसलिए यह वार्ता भारत के लिए अहम मानी जा रही है। अमेरिकी टैरिफ का असर अगले महीने और ज्यादा साफ दिखेगा, क्योंकि नए शुल्क 27 अगस्त से लागू हुए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर इस मसले पर जल्द समाधान नहीं हुआ तो भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों पर गहरा असर पड़ सकता है।

श्री चैतन्या टेक्नो स्कूल ने बड़े उत्साह के साथ 2025-26 स्पोर्ट्स मीट का आयोजन किया

श्री चैतन्या टेक्नो स्कूल ने बड़े उत्साह के साथ 2025-26 स्पोर्ट्स मीट का आयोजन किया

श्री चैतन्या टेक्नो स्कूल ने हाल ही में स्कूल परिसर में अपने बहुप्रतीक्षित स्पोर्ट्स मीट 2025-26 का आयोजन बड़े ही उत्साह और उमंग के साथ किया। इस कार्यक्रम में विभिन्न श्रेणियों के छात्रों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और अपने खेल कौशल और खेल भावना का प्रदर्शन किया।

स्पोर्ट्स मीट का उद्घाटन प्रतीकात्मक मशाल (मशाल) के साथ हुआ, जिसने युवा उपलब्धि हासिल करने वालों में ऊर्जा, दृढ़ संकल्प और एकता का संदेश फैलाया। छात्रों ने विभिन्न ट्रैक और फील्ड स्पर्धाओं में प्रतिभा और अनुशासन का प्रदर्शन करते हुए मैदान में जयकारे लगाए।

पुरस्कार वितरण समारोह एक भव्य समारोह था जहाँ विजेताओं को उनकी कड़ी मेहनत और समर्पण के लिए सम्मानित और सराहा गया। इस अवसर को सांस्कृतिक रंग देते हुए, छात्रों ने सचिन तेंदुलकर और अन्य जैसे महान भारतीय खिलाड़ियों की नकल करके अपनी प्रतिभा का रचनात्मक प्रदर्शन किया और अपने प्रदर्शन से उपस्थित लोगों को प्रेरित किया।

इस खेल प्रतियोगिता ने न केवल शारीरिक फिटनेस को बढ़ावा दिया, बल्कि छात्रों में टीम वर्क, दृढ़ता और नेतृत्व के मूल्यों का भी संचार किया। यह एक यादगार आयोजन साबित हुआ, जिसने सभी को मैदान के अंदर और बाहर उत्कृष्टता के लिए प्रयास करने के लिए प्रेरित किया। श्री चैतन्या स्कूल ने बड़े उत्साह के साथ 2025-26 स्पोर्ट्स मीट का आयोजन किया

श्री चैतन्या टेक्नो स्कूल ने हाल ही में स्कूल परिसर में अपने बहुप्रतीक्षित स्पोर्ट्स मीट 2025-26 का आयोजन बड़े ही उत्साह और उमंग के साथ किया। इस कार्यक्रम में विभिन्न श्रेणियों के छात्रों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और अपने खेल कौशल और खेल भावना का प्रदर्शन किया।

स्पोर्ट्स मीट का उद्घाटन प्रतीकात्मक मशाल (मशाल) के साथ हुआ, जिसने युवा उपलब्धि हासिल करने वालों में ऊर्जा, दृढ़ संकल्प और एकता का संदेश फैलाया। छात्रों ने विभिन्न ट्रैक और फील्ड स्पर्धाओं में प्रतिभा और अनुशासन का प्रदर्शन करते हुए मैदान में जयकारे लगाए।

पुरस्कार वितरण समारोह एक भव्य समारोह था जहाँ विजेताओं को उनकी कड़ी मेहनत और समर्पण के लिए सम्मानित और सराहा गया। इस अवसर को सांस्कृतिक रंग देते हुए, छात्रों ने सचिन तेंदुलकर और अन्य जैसे महान भारतीय खिलाड़ियों की नकल करके अपनी प्रतिभा का रचनात्मक प्रदर्शन किया और अपने प्रदर्शन से उपस्थित लोगों को प्रेरित किया।

इस खेल प्रतियोगिता ने न केवल शारीरिक फिटनेस को बढ़ावा दिया, बल्कि छात्रों में टीम वर्क, दृढ़ता और नेतृत्व के मूल्यों का भी संचार किया। यह एक यादगार आयोजन साबित हुआ, जिसने सभी को मैदान के अंदर और बाहर उत्कृष्टता के लिए प्रयास करने के लिए प्रेरित किया।

इंद्रौर ट्रक हादसा मामले में मुख्‍यमंत्री यादव ने ACP सहित 4 अधिकारी सस्पेंड,पुलिस उपायुक्त को हटाया

इंद्रौर ट्रक हादसा मामले में मुख्‍यमंत्री यादव ने ACP सहित 4 अधिकारी सस्पेंड,पुलिस उपायुक्त को हटाया
घायलों और पीड़ित परिवारों से मिले CM, मृतकों के परिजनों को चार लाख और घायलों को एक- एक लाख रुपए की सहायता की घोषणा
इंदौर: CM Dr Yadav in Action: इंदौर मैं कल रात हुए दर्दनाक सड़क हादसे को लेकर मुख्यमंत्री ने सख्त रुख अपनाया है। सख्त एक्शन लेते हुए सीएम ने 4 अधिकारियों को सस्पेंड करने के साथ ही पुलिस उपायुक्त यातायात अरविंद तिवारी को हटाने के आदेश दिए हैं।
मुख्यमंत्री आज इंदौर पहुंचे और दुर्घटना में घायलों और पीड़ित परिवारों से मिले। उन्होंने मृतकों के परिजनों को चार लाख और घायलों को एक-एक लाख रुपए की सहायता देने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव ने कहा कि दुर्घटना अत्यंत हृदय विदारक थी और उस पीड़ा से वे रात भर परेशान भी रहे।

सिंहस्थ :2028 के विकास कार्यों के लिए सभी का मिल रहा है समर्थन: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

सिंहस्थ :2028 के विकास कार्यों के लिए सभी का मिल रहा है समर्थन: मुख्यमंत्री डॉ. यादव
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सिंहस्थ : 2028 के विकास कार्यों के लिए हमें सभी का समर्थन मिल रहा है। विकास के क्रम को बनाए रखना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। सबके हितों का ध्यान रखते हुए और सभी से संवाद करते हुए राज्य सरकार लैंड पूलिंग सहित सभी प्रकार के विकास कार्यों के मार्ग पर अग्रसर हो रही है। प्रयागराज महाकुंभ के ऐतिहासिक आयोजन में करोड़ों लोगों के आगमन, व्यवस्था और उनके सुरक्षा प्रबंधन के दृष्टिगत केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने स्थायी संरचनाओं के विकास पर बल दिया, इससे क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन को भी प्रोत्साहन मिला। उज्जैन में सिंहस्थ-2028 के लिए स्थायी निर्माण के संबंध में किसानों से संवाद जारी है, हम किसी को नाराज नहीं करना चाहते, राज्य सरकार सभी को साथ लेकर चलने के लिए प्रतिबद्ध है। विकास का क्रम निरंतर जारी रहेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह विचार कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में मीडिया से चर्चा में व्यक्त किए।

सिंहस्थ का आयोजन प्रदेश के लिए गौरव का विषय
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इतिहास में अब तक के सबसे बड़े सिंहस्थ मेले का आयोजन उज्जैन में वर्ष-2028 में होने जा रहा है। वर्तमान में उज्जैन की अर्थव्यवस्था में महाकाल लोक बनने से भारी वृद्धि हुई है। सिंहस्थ के आयोजन से उज्जैन का आध्यात्मिक नगरी के रूप में विकास होने से पर्यटन को और बढ़ावा मिलेगा। उज्जैन सिंहस्थ में 30 करोड़ श्रद्धालुओं के सम्मिलित होने की आशा है। सिंहस्थ आयोजन का गौरवशाली इतिहास रहा है, राज्य शासन वर्ष 2028 के सिंहस्थ का आयोजन आस्था, गरिमा और भव्यता के साथ करने के लिये कृत संकल्पित है। यह आयोजन उज्जैन सहित समूचे प्रदेश के लिये अत्यंत गौरव का विषय है।

सिंहस्थ आयोजन में, स्थानीय किसान बंधुओं का सदैव मिला सहयोग
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह सुनिश्चित करना राज्य शासन का कर्तव्य है कि हज़ारों साधु-संतों और करोड़ों श्रद्धालुओं को सिंहस्थ के दौरान उच्च स्तरीय सुविधाएं मिलें और उन्हें कोई परेशानी न हो। पिछले अनुभवों के आधार पर इस प्रकार की अधोसंरचना बनानी आवश्यक है, जिससे वर्षा-आंधी की स्थिति में भी मेले में किसी प्रकार का व्यवधान उत्पन्न न हो। भव्य और विशाल आयोजन में सुरक्षा प्रबंध सुनिश्चित करते हुए संपूर्ण व्यवस्था बनाए रखना शासन का दायित्व है। इस वृहद आयोजन के लिये हज़ारों एकड़ भूमि की आवश्यकता होती है। सिंहस्थ के आयोजन में, स्थानीय किसान बंधु शासन के साथ कंधे से कंधा मिलाकर सहयोग करते आये हैं। सिंहस्थ : 2016 के दौरान लगभग 650 करोड़ रूपए की लागत से 3000 हेक्टेयर भूमि पर अस्थाई अधोसंरचना निर्माण कार्य किए गए थे, जिन्हें आयोजन उपरांत हटा दिया गया था। सिंहस्थ : 2028 के लिए उज्जैन को ग्लोबल स्पिरिचुअल सिटी के रूप में विकसित करने की संकल्पना की गई है। जिसके तहत किसानों के हितों को सर्वोपरि रखते हुये सबकी सहमति के आधार पर अस्थायी के स्थान पर स्थायी अधोसंरचना का विकास किया जायेगा।

वंचित वर्ग के उत्थान और जनसुविधाओं के विस्तार के लिए सरकार निरंतर प्रतिबद्ध – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

वंचित वर्ग के उत्थान और जनसुविधाओं के विस्तार के लिए सरकार निरंतर प्रतिबद्ध – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
गंगरेल बांध डुबान क्षेत्र की मछुआ सहकारी समितियों को पुनः मछली पालन का हक मिलने पर प्रभावित समितियों के सदस्यों ने विगत दिवस मुख्यमंत्री निवास पहुँचकर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का आभार जताते हुए अभिनंदन किया। इस अवसर पर गंगरेल डुबान क्षेत्र के तीन जिलों—धमतरी, कांकेर और बालोद की 11 मछुआ सहकारी समितियों के सदस्यगण उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री साय ने इस मौके पर ग्रामीणों की मांग पर डुबान क्षेत्र में जनसुविधा हेतु एक एम्बुलेंस उपलब्ध कराने और राष्ट्रीय बैंक की शाखा शीघ्र खोले जाने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि गरीबों और वंचितों के उत्थान के लिए हमारी सरकार लगातार प्रयासरत है। विभिन्न शासकीय योजनाओं एवं कार्यक्रमों के माध्यम से आम जनता को उनका अधिकार दिलाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं, जिससे स्थानीय स्तर पर ही स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध हों और लोग सीधे लाभान्वित हो सकें।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हमारी सरकार ने स्वच्छ भारत मिशन के तहत घर-घर में शौचालय निर्माण को बढ़ावा देकर बेटियों और महिलाओं को सम्मान दिलाने का कार्य किया है। आज स्वच्छ भारत मिशन एक जन आंदोलन का रूप ले चुका है। इसी प्रकार प्रधानमंत्री जनधन योजना के माध्यम से आम नागरिकों को बैंकिंग प्रणाली से जोड़ा गया है और विभिन्न योजनाओं का लाभ अब सीधे डीबीटी के माध्यम से हितग्राहियों तक पहुँच रहा है। इस व्यवस्था ने बिचौलियों की भूमिका समाप्त की है और भ्रष्टाचार पर प्रभावी अंकुश लगाया है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने महिला स्व-सहायता समूहों को पुनः रेडी-टू-ईट कार्य का जिम्मा सौंपा है, जिससे महिलाओं को आर्थिक सशक्तिकरण के अवसर प्राप्त हो रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक वर्ग के उत्थान और सम्मान के लिए हमारी सरकार सतत कार्य कर रही है।

इस अवसर पर धमतरी महापौर रामू रोहरा एवं पूर्व महिला आयोग अध्यक्ष हर्षिता पांडेय उपस्थित थीं। कार्यक्रम में गंगरेल बांध डुबान क्षेत्र की 11 मछुआ समितियों में ग्राम उरपुरी, तेलगुड़ा, मोगरागहन, कोलियारी पुराना, कोलियारी नया, गंगरेल, फुटहामुड़ा, तुमाबुजुर्ग, अलोरी, भिलाई एवं देवीनवागांव के सदस्यगण सहित अन्य गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

DAVV के छात्रों ने इंडियन आर्मी के लिए बनाए दो नए अचूक ड्रोन

DAVV के छात्रों ने इंडियन आर्मी के लिए बनाए दो नए अचूक ड्रोन
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान ने 413 ड्रोन और कई मिसाइलों से भारत की सीमा पर हमला किया था, लेकिन भारतीय सेना ने सभी को हवा में नष्ट कर देश की ताकत और तकनीक का लोहा मनवाया। इन्हीं घटनाओं से प्रेरणा लेकर देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के इंस्टिट्यूट आफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलाजी (आइईटी) के विद्यार्थियों ने भारतीय सेना के लिए दो उन्नत ड्रोन तैयार किए हैं।

आइईटी प्रबंधन के मुताबिक भारतीय सेना के सहयोग से विद्यार्थियों ने एक छोटे डिवाइस से दो उन्नत ड्रोन विकसित किए हैं। इन्हें बनाने में महज 20-25 दिन का समय लगा है। विद्यार्थियों का कहना है कि प्रोजेक्ट का मुख्य उद्देश्य भारतीय सेना की ड्रोन क्षमताओं को और मजबूत करना है।

भारतीय सेना से मिला था प्रोजेक्ट
भारतीय सेना की तरफ से विशेष प्रकार का ड्रोन बनाने का प्रोजेक्ट मिला था। बकायदा इसके लिए सेना की तरफ से पूरा खर्च उठाया गया है। आइईटी मैकेनिकल ब्रांच के अंशुमन शुक्ला-अखिलेश सिंह राठौर और इलेक्ट्रानिक एंड टेली कम्युनिकेशन के अभिजीत पटेल ने प्रोजेक्ट पर काम किया है। मेरठ आर्मी कैंट में प्रोजेक्ट अधिकारी कमांडिंग लेफ्टिनेंट कर्नल नितिन वर्मा (808 वर्कशाप, 609 ईएमई बटालियन) ने ड्रोन की डिजाइन को लेकर मार्गदर्शन किया है, जिसमें कमिकाज और सर्विलांस ड्रोन शामिल हैं।

एक नष्ट और दूसरा करता है निगरानी
छात्रों ने बताया कि सेना ने विशेष प्रोजेक्ट दिया था और पूरा खर्च भी उठाया। इसके तहत उन्होंने दो अलग-अलग ड्रोन बनाए। पहला कमिकाज ड्रोन है, दुश्मन के इलाके में जाकर तय लक्ष्य पर हमला करता है और ब्लास्ट के साथ खुद भी नष्ट हो जाता है। इसकी रेंज 5 किमी है और यह 2 किलो तक का पेलोड ले सकता है। जबकि दूसरा सर्विलांस ड्रोन बनाया है, जो नष्ट स्थान की निगरानी कर डेटा और सूचना जुटाता है। इसमें नाइट विज़न कैमरा लगा है, जिससे यह रात में भी मिशन पूरा कर सकता है। इसकी रेंज 10 किमी तक है।

टैक्स्ट मैसेज से ड्रोन होंगे एक्टिव
दोनों ड्रोन की स्पीड लगभग 180 किमी प्रति घंटा है और इन्हें तैयार करने में छात्रों को सिर्फ 20-25 दिन लगे।
दोनों ड्रोन में एक सिम कार्ड इंस्टाल है, जिसके जरिए दूर से सक्रिय करने की व्यवस्था बताई गई।
सर्विलांस ड्रोन में नाइट-विज़न कैमरा लगा हुआ है और इसे दूरी पर निगरानी के लिए डिज़ाइन किया गया है।
कमिकाज ड्रोन को लक्षित मिशन के लिए तैयार किया गया है और यह निर्धारित आवश्यकताओं के अनुसार पेलोड कैरी कर सकता है।

सुरक्षा और नियमों का पालन
प्रोजेक्ट से जुड़े अधिकारियों ने साफ किया कि यह सिस्टम सिर्फ सेना की अनुमति और नियंत्रित परिस्थितियों में ही इस्तेमाल होगा। सभी परीक्षण सैन्य मानकों और सुरक्षा प्रोटोकाल के अनुसार किए गए हैं।

निरंतर करेंगे टेक्नोलॉजी अपग्रेड
अब इन ड्रोन का आगे मूल्यांकन और परख होगी। परिणामों के आधार पर इन्हें और उन्नत बनाया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी प्रगति के साथ-साथ नैतिक और सुरक्षा मानकों का पालन अनिवार्य रहेगा।

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