सामाजिक-आर्थिक जीवन स्तर के उन्नयन का प्रभावी माध्यम हैं पंचायतें : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

सामाजिक-आर्थिक जीवन स्तर के उन्नयन का प्रभावी माध्यम हैं पंचायतें : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि पंचायतें सामाजिक-आर्थिक जीवन स्तर के उन्नयन का प्रभावी माध्यम हैं। शासन की कल्याणकारी योजनाओं और विकास गतिविधियों के प्रभावी क्रियान्वयन में पंचायतराज संस्थाओं की सक्रिय सहभागिता और उनकी व्यवस्थाओं में पारदर्शिता आवश्यक है। प्रदेश की सभी पंचायतों में सभी लोगों को मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता का आकलन कराते हुए विकास गतिविधियां संचालित की जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि त्यौहारों से पहले सभी गांवों में साफ-सफाई सुनिश्चित करें। साथ ही धार्मिक पर्वों पर होने वाले भंडारों और धार्मिक आयोजनों को प्लास्टिक कचरा मुक्त बनाने में ग्राम पंचायतें पहल करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को मंत्रालय में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा संचालित कार्यक्रमों और योजनाओं की समीक्षा कर रहे थे। बैठक में पंचायत और ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल, पंचायत और ग्रामीण विकास राज्यमंत्री राधा सिंह, मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव दीपाली रस्तोगी सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण के लिए हों गतिविधियां संचालित
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ग्राम स्तर की जरूरतों, प्राथमिकताओं और सतत् विकास लक्ष्यों की प्राप्ति के उद्देश्य से स्थानीय स्तर पर सहभागी नियोजन और योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन आवश्यक है। स्थानीय स्तर पर कार्य कर रहे पंचायत प्रतिनिधियों और कर्मचारियों के प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण के लिए भी गतिविधियां संचालित की जाएं। प्रदेश में हो रहे नगरीय विस्तार को देखते हुए नगरों के पास के ग्रामों और ग्राम पंचायतों में अधोसंरचना विकास प्रबंधन के लिए विशेष व्यवस्था की जाए।

स्वावलंबी गौशालाओं के प्रबंधन का दस्तावेजीकरण किया जाए
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत बन रहे आवासों का निर्माण जलवायु की अनुकूलता और ग्रीष्म ऋतु के प्रभाव का आकलन करते हुए किया जाए। प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में बन रहे पीएम आवास काडिजाइन ऐसा हो, जिससे इनकी विशेष पहचान बनी रहे। उन्होंने कहा कि स्वावलंबी रूप में संचालित हो रही गौशालाओं के प्रबंधन का दस्तावेजीकरण किया जाए तथा अन्य जिलों के गौशाला संचालक भी स्वावलंबी प्रबंधन प्रक्रिया का अनुसरण करें। गौशालाओं के प्रबंधन को धार्मिक संस्थाओं और समाज की दान-पुण्य गतिविधियों से जोड़ा जाए। इसके साथ ही जिन स्व-सहायता समूहों के सभी सदस्य लखपति हैं, उन समूहों को प्रदेश में रोल मॉडल के रूप में प्रस्तुत किया जाए। स्व-सहायता समूहों की गतिविधियों को एमएसएमई तथा बड़े उद्योग समूहों से जोड़ने की दिशा में भी प्रयास हो।

परम्परागत आवास निर्माण तकनीकों का कराया रहा रहा है अध्ययन
बैठक में मध्यप्रदेश ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण, प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण, मनरेगा, आजीविका मिशन, स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत संचालित गतिविधियों और उनकी प्रगति पर विचार-विमर्श हुआ। बैठक में बताया गया कि प्रधानमंत्री आवास ग्रामीण योजना के अंतर्गत आवास पूर्णता में देश में प्रदेश प्रथम स्थान पर है। योजना के अंतर्गत स्वीकृत 49 लाख 42 हजार आवासों में से 39 लाख 5 हजार आवास पूर्ण हो गए हैं। योजना के अंतर्गत निर्मित हो रहे आवास स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप बने, इस उद्देश्य से प्रदेश के विभिन्न अंचलों में आवास निर्माण के लिए प्रचलित परम्परागत तकनीकों का भी अध्ययन स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्टिटेक्चर द्वारा कराया गया है। जल गंगा संवर्धन अभियान सहित जल संरक्षण कार्यों में सामूहिक भागीदारी के बेहतर परिणाम प्राप्त हो रहे हैं। वार्षिक लेबर बजट के अंतर्गत आवास कार्यों से 324 लाख मानव दिवस सृजित किए गए। जल गंगा संवर्धन अभियान से 350 लाख मानव दिवस सृजित करते हुए 826 करोड़ रूपए की मजदूरी का भुगतान किया गया। मध्यप्रदेश अनुसूचित जनजाति परिवारों को रोजगार देने में देश में प्रथम स्थान पर है।

एक बगिया मां के नाम योजना में 5 जिलों ने दर्ज की बेहतर उपलब्धि
बैठक में बताया गया कि एक बगिया मां के नाम योजना के अंतर्गत सिंगरौली, खण्डवा, बैतूल, देवास और आगर-मालवा जिलों ने बेहतर उपलब्धि दर्ज की है। मां नर्मदा परिक्रमा पथ के आश्रय स्थलों की भूमि पर पौधरोपण के साथ फेंसिंग से पौधों को सुरक्षित रखने में मदद मिली है। प्रदेश में 11 संस्थाओं द्वारा बिना आर्थिक सहायता के 85 गौशालाओं का संचालन किया जा रहा है। प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के अंतर्गत 5 हजार 393 अद्यतन जल संग्रहण संरचनाएं निर्मित की गईं। योजना से नदी पुनर्जीवन की दिशा में भी खण्डवा जिले में घोड़ापछाड़ नदी और रतलाम जिले में मलेनी नदी पर हुए कार्य से अप्रैल-मई माह तक पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने में सफलता मिली है। बेहतर जल प्रबंधन से क्लस्टर आधारित सब्जी उत्पादन आय का बेहतर विकल्प सिद्ध हो रहा है और किसान फल-सब्जी उत्पादन में 15 से 20 प्रतिशत अतिरिक्त आय प्राप्त कर रहे हैं।

आजीविका मिशन की गतिविधियों का अमेजन, फ्लिपकार्ट जैसे ईप्लेटफार्म तक हुआ विस्तार
आजीविका मिशन के अंतर्गत कृषि और पशुपालन आधारित गतिविधियों से 30 लाख और गैर कृषि आधारित आजीविका गतिविधियों से 11 लाख परिवार जुड़े हैं। लखपति दीदी इनिशिएटिव के अंतर्गत 11 लाख 26 हजार दीदीयों ने उपलब्धि दर्ज कराई है। आजीविका मिशन की गतिविधियों का विस्तार अमेजन, फ्लिपकार्ट जैसे ईप्लेटफार्म तक भी हुआ है। बैठक में एक जिला एक उत्पाद योजना के अंतर्गत संचालित गतिविधियों, स्व-सहायता समूहों और प्रायवेट कम्पनी/स्टार्टअप के माध्यम से पार्टनरशिप के लिए की जा रही पहल की भी जानकारी दी गई।

नवीन अटल सेवा सदन और अटल ई-सेवा केन्द्र स्थापना का कार्य जारी
बैठक में बताया गया कि सभी पंचायतों में भवन उपलब्ध कराने के लिए नवीन अटल सेवा सदन का निर्माण किया जा रहा है। ग्राम पंचायत स्तर पर अटल ई-सेवा केन्द्र स्थापना, प्रदेश के प्रत्येक ग्राम के शमशान घाट तक पहुंच मार्ग और शमशान घाट की व्यवस्था की दिशा में कार्य जारी है। सभी ग्राम पंचायतों में शत-प्रतिशत यूपीआई आधारित भुगतान प्राप्ति व्यवस्था स्थापित की गई है। उल्लेखनीय है कि ऑनलाइन कर अधिरोपण और संग्रहण प्रबंधन प्रणाली 2021 से लागू है। पंचायतों द्वारा आदर्श सौर ग्राम-पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के क्रियान्वयन के लिए आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया जा रहा है। प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण, मुख्यमंत्री दुग्ध प्रदाय योजना, स्वच्छ भारत मिशन तथा ग्रामीण अभियांत्रिकी योजना की जानकारी भी बैठक में प्रस्तुत की गई।

सीपी राधाकृष्णन चुने गए भारत के अगले उपराष्ट्रपति

सीपी राधाकृष्णन चुने गए भारत के अगले उपराष्ट्रपति
उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए मंगलवार को मतदान संपन्न हुआ, जिसमें राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के उम्मीदवार सी. पी. राधाकृष्णन और विपक्ष के उम्मीदवार बी. सुदर्शन रेड्डी के बीच सीधा मुकाबला था। सुबह 10 बजे मतदान शुरू हुआ और शाम पांच बजे तक चला। शाम छह बजे से मतगणना शुरू हुई।सीपी राधाकृष्णन को भारत का अगला उपराष्ट्रपति चुना गया है।

सीपी राधाकृष्णन चुने गए भारत के नए उपराष्ट्रपति
राज्यसभा महासचिव पी.सी. मोदी ने घोषणा की कि एनडीए उम्मीदवार और महाराष्ट्र के राज्यपाल सी.पी. राधाकृष्णन को 452 मत मिले हैं। उन्हें भारत के उपराष्ट्रपति के रूप में चुना गया है। विपक्ष के उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार न्यायमूर्ति सुधर्शन रेड्डी को 300 मत प्राप्त हुए हैं।

भारत के पड़ोसी देशों में अस्थिरता की आग

भारत के पड़ोसी देशों में अस्थिरता की आग
नेपाल में बीते दो दिनों से अराजकता का माहौल है। गैर-पंजीकृत सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर प्रतिबंध लगाने के सरकार के फैसले के बाद नेपाल के युवाओं ने जो आंदोलन छेड़ा, वह देखते ही देखते काठमांडू से लेकर पूरे देश में फैल गया। स्थिति यह हो गई कि सोमवार को गृह मंत्री और फिर मंगलवार को प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को इस्तीफा देना पड़ गया। इसी के साथ भारत के आसपास के देशों में नेपाल भी उन देशों में शामिल हो गया है, जहां राजनीतिक संकट अब बाकी पड़ोसी देशों की तरह ही गहरा गया है।

नेपाल में अचानक कैसे बिगड़ गई स्थिति?
नेपाल में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर प्रतिबंध लगाने के फैसले के तीन दिन बाद नेपाली युवा सड़कों पर उतर आए। इस दौरान हजारों युवाओं ने संसद के बाहर प्रदर्शन शुरू कर दिए। जेनरेशन जी, जिन्हें ‘जेन जी’ कह कर भी संबोधित किया जाता है ने सरकार से अलग-अलग मुद्दों पर जवाबदेही तय करने को कहा। साथ ही भ्रष्टाचार और वंशवाद के खिलाफ भी विरोध प्रदर्शन किए।

इन प्रदर्शनों को रोकने के लिए पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा। इसका असर यह हुआ कि सेना की गोलीबारी और सख्त कदमों के चलते 20 लोगों की मौत हो गई। इसके बावजूद जब युवाओं के प्रदर्शन नहीं रुके तो सरकार को अंदाजा हो गया कि हिंसा और बढ़ सकती है। देखते ही देखते नेपाल के गृह मंत्री ने स्थिति बिगड़ने के लिए पूरी तैयारी न होने की जिम्मेदारी ली और इस्तीफा दे दिया। इसके बाद सांसदों के इस्तीफे शुरू हो गए और कृषि मंत्री ने भी इस्तीफा दे दिया। आखिरकार मंगलवार दोपहर आते-आते नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने भी इस्तीफा दे दिया। उनके नेपाल से भागने की खबरें भी सामने आईं। हालांकि, इनकी पुष्टि नहीं हो पाई।

जीएसटी सुधार, आम आदमी को सुविधा और समृद्धि देने वाला उपहार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

जीएसटी सुधार, आम आदमी को सुविधा और समृद्धि देने वाला उपहार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने देश में नये जनरेशन का जीएसटी रिफॉर्म लाकर जो सुधार किया है, वह आम आदमी, किसानों, एमएसएमई, मध्यम वर्ग, महिलाओं और युवाओं के जीवन को स्वावलंबी बनायेगा। यह आम आदमी के जीवन को सुविधा देने वाला उपहार है। अब की बार पूरा देश स्वदेशी से समृद्धि के संकल्प के साथ दीपावली मनाएगा। स्वदेशी से स्वावलंबन के दीप घर-घर जलेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को मंत्रालय में मंत्रि-परिषद की बैठक के पहले मंत्रीगण को संबोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रीगण से कहा कि हम सब को जीएसटी सुधारों की जानकारी जन-जन तक पहुँचानी चाहिए। संचार के सभी माध्यमों से इसका प्रचार-प्रसार किया जाये।

स्वस्थ नारी-सशक्त परिवार की थीम पर होगा कार्यक्रम

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेशवासियों के लिए गर्व और प्रसन्नता का विषय है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 17 सितंबर को धार जिले के बदनावर में पीएम मित्र पार्क का उद्घाटन करेंगे। इस अवसर पर स्वस्थ नारी-सशक्त परिवार, स्वदेशी, एक पेड़ मां के नाम, एक बगिया मां के नाम, पीएम-जनमन योजना, धरती आबा जनजाति ग्राम उत्कर्ष अभियान और मिशन कर्मयोगी की थीम पर कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।

अस्वच्छ क्षेत्रों का चिह्नांकन कर उन्हें स्वच्छ बनाने के लिए होंगी गतिविधियां

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक स्वच्छता ही सेवा की थीम पर सेवा पखवाड़ा मनाया जाएगा। स्वच्छोत्सव की थीम पर शहरी और ग्रामीण इलाकों में अस्वच्छ क्षेत्रों का चिह्नांकन कर उन्हें स्वच्छ बनाने के लिए गतिविधियां होंगी। पखवाड़े के अंतर्गत सफाई मित्र सुरक्षा शिविर भी आयोजित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इन गतिविधियों में स्वयंसेवी संस्थाओं, सामाजिक संस्थाओं, धार्मिक संगठनों को भी सहभागी बनाया जाए। मंत्रीगण प्रशासनिक, अधिकारी और राजनीतिक पदाधिकारी का सहयोग लेते हुए अपने-अपने क्षेत्रों में स्वच्छता- सेवा गतिविधियों का अधिक से अधिक विस्तार करें।

आगामी वर्षों की कार्य योजना और विजन डॉक्यूमेंट पर होगी चर्चा

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दशहरे के बाद भोपाल में दो दिवसीय कलेक्टर-कमिश्नर कॉन्फ्रेंस आयोजित की जाएगी। कॉन्फ्रेंस में कलेक्टर, एसपी, कमिश्नर, आईजी और पुलिस कमिश्नर भाग लेंगे। कॉन्फ्रेंस में आगामी वर्षों की कार्ययोजना और विजन डॉक्यूमेंट पर भी चर्चा होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रीगण को इससे पहले अपने-अपने विभागों की विस्तृत समीक्षा करने के निर्देश दिए।

भाजपा विधायक के मुंह में तेजाब डालने की धमकी पर बढ़ा विवाद

भाजपा विधायक के मुंह में तेजाब डालने की धमकी पर बढ़ा विवाद
पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस के नेता अब्दुर रहीम बख्शी द्वारा भाजपा विधायक शंकर घोष के खिलाफ दिए गए विवादित बयान को विवाद बढ़ गया है।

भाजपा नेता दिलीप घोष ने टीएमसी विधायक अब्दुर रहीम बख्शी के बयान पर सवाल उठाए हैं। इसके साथ, उन पर एफआईआर की मांग की है।

क्या बोले भाजपा नेता?
भाजपा नेता दिलीप घोष ने कहा कि टीएमसी में आजकल इस तरह के लोग बहुत बढ़ गए हैं, जिनमें असामाजिक प्रवृत्तियां हैं। जिन्हें जेल में होना चाहिए, वे अब विधायक बनकर विधानसभा में बैठ रहे हैं।

ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए, उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज होनी चाहिए। अगर हमारा कोई नेता इस तरीके का बयान देता तो उन पर कार्रवाई हो जाती।

दिलीप घोष ने पश्चिम बंगाल सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि यह सरकार न तो परीक्षाएं आयोजित करती है और न ही रोजगार देती है। हाल ही में जो परीक्षा संपन्न हुई है, वह भी कोर्ट के आदेश पर हुई है।

उन्होंने आगे कहा कि मेरा मानना है कि जिन्होंने मेहनत से परीक्षा पास कर नौकरी हासिल की, उन्हें बार-बार परखने की जरूरत नहीं। लेकिन बिना परीक्षा के नौकरी पाने वालों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।”
शंकर घोष के पुराने बयान से खफा दिखे थे टीएमसी नेता

बता दें कि टीएमसी नेता अब्दुर रहीम बख्शी ने भाजपा विधायक शंकर घोष पर निशाना साधते हुए मुंह में तेजाब डालने की धमकी दी थी।

टीएमसी नेता शंकर घोष के पुराने बयान से खफा दिखे थे, जिसमें उन्होंने बंगाल के 30 लाख प्रवासी मजदूरों के रोहिंग्या या बांग्लादेशी होने का दावा किया था।

भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने अब्दुर रहीम बख्शी के बयान पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा था कि ममता बनर्जी सरकार को जनसमर्थन नहीं मिल रहा है, इसलिए वह भाजपा के एमएलए को डराने धमकाने का प्रयास कर रही हैं।

बंगाल की जनता की आवाज भाजपा सड़क से लेकर सदन तक उठाती रहेगी। वह खुद जानती हैं कि बंगाल की जनता तृणमूल कांग्रेस के साथ नहीं, भाजपा के साथ खड़ी है।

विश्वविद्यालयों में कृषि संकाय, फैशन डिजाइनिंग जैसे रोजगारपरक कोर्स संचालन के लिए हो रही है विशेष पहल : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

विश्वविद्यालयों में कृषि संकाय, फैशन डिजाइनिंग जैसे रोजगारपरक कोर्स संचालन के लिए हो रही है विशेष पहल : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
राज्यपाल एवं कुलाधिपति श्री मंगुभाई पटेल ने कहा कि विद्यार्थी अपने माता-पिता और गुरूजनों के योगदान के प्रति हमेशा कृतज्ञ रहें। सफलता के बाद भी उनका हमेशा सम्मान करें। दीक्षांत शपथ का प्रतिदिन मनन करें और जीवन भर उसका अनुसरण भी करें। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नए, डिजिटल और “विकसित भारत” के सपने को साकार करने में विश्वविद्यालयों की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण है। दीक्षांत, वह अवसर है जब शैक्षणिक यात्रा की पूर्णता के साथ, समाज और राष्ट्र की सेवा यात्रा का शुभारंभ होता है। यह केवल डिग्री प्राप्त करने का उत्सव नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के वर्षों की मेहनत, अनुशासन और गुरुजनों के सफल मार्गदर्शन का प्रतिफल है। राज्यपाल श्री पटेल सोमवार को बरकतउल्ला विश्वविद्यालय, भोपाल के दीक्षांत समारोह को संबोधित कर रहे थे।

राज्यपाल मंगुभाई पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में दीप प्रज्ज्वलन और मां सरस्वती की प्रतिमा पर पुष्प अर्पण कर समारोह का शुभारंभ किया। विश्वविद्यालयीन स्मारिका और पुस्तक का लोकार्पण भी किया। राज्यपाल व कुलाधिपति पटेल तथा मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अगुवाई में बरकतउल्ला विश्वविद्यालय की शोभा यात्रा ने मंत्रोच्चार के बीच सभागार में प्रवेश किया। राज्यपाल पटेल का विश्वविद्यालय के कुलगुरु सुरेश कुमार जैन ने पौधा, अंग वस्त्र और स्मृति चिन्ह भेंट कर अभिनंदन किया। कुलगुरु श्री जैन ने दीक्षित विद्यार्थियों को दीक्षांत उपदेश दिया और दीक्षांत शपथ दिलाई।

डिग्री और स्वर्ण पदक प्राप्त कर खिले विद्यार्थियों के चेहरे

राज्यपाल पटेल ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के माध्यम से युवाओं के लिए उनके कौशल, रुचि और क्षमता के अनुसार शिक्षा के प्रत्येक स्तर पर अनेक अवसर विद्यमान है। आज देश में कृषि, खाद्य, फिजिकल एजुकेशन, साइबर सिक्योरिटी, फोरेंसिक साइंस, ड्रोन तकनीक और विधि आदि विषयों में कैरियर की संभावनाएं तेजी से बढ़ी है। राज्यपाल श्री पटेल ने युवाओं से अपने ज्ञान और कौशल से समाज और राष्ट्र उत्थान के लिए आगे आने का आह्वान किया है। राज्यपाल पटेल ने समारोह में विद्यार्थियों को डिग्री और स्वर्ण पदक प्रदान किए। दीक्षित विद्यार्थियों और स्वर्ण पदक प्राप्तकर्ताओं को बधाई दी। उन्होंने विश्वविद्यालय को शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार के बेहतर प्रयासों के लिए नैक से “ए” ग्रेड प्राप्त करने और ग्लोबल वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिग में प्रदेश के एक मात्र विश्वविद्यालय के रूप में स्थान बनाने के लिए शुभकामनाएं दी।

दीक्षांत समारोह अब भारतीय परंपरा के अनुरूप आयोजित किए जा रहे हैं : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में भारतीय अपनी क्षमता से विश्व में पहचान बना रहे हैं। अतीत की गलतियों को सुधारते हुए दीक्षांत समारोह अब भारतीय परंपरा के अनुरूप आयोजित किए जा रहे हैं। प्रदेश में सबसे पहले वर्ष 2020 में शिक्षा नीति लागू की गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में सभी भाषाओं के अध्ययन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। सभी राज्यों में बोली जाने वाली भाषाएं हमारी राष्ट्रभाषा हैं। मध्यप्रदेश सरकार ने राष्ट्रभाषा हिंदी में मेडिकल की पढ़ाई कराने की पहल की है, जिसे काफी सराहना मिल रही है। शिक्षा को केवल नौकरियों से न जोड़ा जाए, यह समाज में ज्ञान के सतत प्रसार का माध्यम है। राज्य में कुलपति को कुलगुरु की नई संज्ञा मिली है, जिसे जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय दिल्ली ने भी अपनाया है। प्रदेश के विश्वविद्यालयों में नवाचारों के साथ कृषि संकाय और फैशन डिजाइनिंग जैसे रोजगारपरक पाठ्यक्रम की पढ़ाई कराई जा रही है।

नए मेडिकल कॉलेज और अस्पतालों में विश्वविद्यालयों की बड़ी भूमिका

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बरकतउल्ला विश्वविद्यालय के माध्यम से आज 54 हजार से अधिक विद्यार्थियों को स्नातक, 23 हजार विद्यार्थियों को स्नातकोत्तर, 190 विद्यार्थियों को पीएचडी, 21 विद्यार्थियों को गोल्ड मेडल, इस प्रकार कुल 78 हजार विद्यार्थियों के सपने साकार हो रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी विद्यार्थियों एवं प्राध्यापकों को बधाई दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में प्राइवेट कॉलेज और शासकीय विश्वविद्यालयों को मेडिकल कॉलेज और अस्पताल खोलने के लिए सरकार पूर्ण सहयोग प्रदान कर रही है। देवी अहिल्याबाई विश्वविद्यालय इंदौर के सहयोग से जनजातीय बहुल झाबुआ जिले में मेडिकल कॉलेज खुलने जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि देश में सुशासन की नई बयार आई है। देश के युवा, किसान, गरीब सभी वर्गों के कल्याण के साथ सरकार आगे बढ़ रही है। प्रधानमंत्री मोदी देश के स्वाभिमान और समाज के सभी वर्गों के हितरक्षक हैं। 21वीं सदी भारत की होगी और भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनेगा।

गौ-शालाऔं को स्वावलंबी बनाना जरूरी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

गौ-शालाऔं को स्वावलंबी बनाना जरूरी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि आत्मनिर्भर गौशाला, प्रदेश की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान दे सकती हैं। गौ-शालाएं गोबर, गौमूत्र आदि अपशिष्ट से धन अर्जित कर संपन्न बन सकती हैं। स्वावलंबी गौशालाएं विकसित करने के लिए दुग्ध उत्पादों सहित गौमूत्र-गोबर आदि से निर्मित सामग्री के विक्रय की व्यवस्था विकसित की जाए। साथ ही गौशालाओं में उपलब्ध स्थान का उपयोग सौर ऊर्जा से विद्युत उत्पादन के लिए भी किया जाए। प्रदेश के विभिन्न अंचलों में स्थानीय परिवेश के अनुरूप देसी नस्ल के गौपालन को प्रोत्साहित किया जाए। गौशालाओं के प्रबंधन में धार्मिक संस्थाओं और दानदाताओं को जोड़े। प्रदेश में उपलब्ध पशुधन के अनुपात में पशु चिकित्सकों की संख्या कम है। गौवंश के बेहतर प्रबंधन और दुग्ध उत्पादन में वृद्धि के लिए पशु चिकित्सकों की संख्या में बढ़ोतरी आवश्यक है। इस दिशा में आवश्यक कदम उठाए जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह निर्देश मध्यप्रदेश गौसंवर्धन बोर्ड की मंत्रालय में सोमवार को हुई बैठक में दिए। पशुपालन एवं डेयरी विकास राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) लखन पटेल, मुख्य सचिव अनुराग जैन सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मंशा अनुसार प्रदेश में देसी नस्ल के गौपालन को प्रोत्साहित करने के लिए गिर, साहीवाल, मालवी और नागौरी नस्ल के पशुधन को प्रोत्साहित किया जाए। प्रदेश के जनजातीय अंचलों में भी गौपालन गतिविधियों को बढ़ाने के लिए आवश्यक नवाचार किए जाएं। प्रदेश में पशुपालन-कृषि-उद्यानिकी तथा नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में समन्वित रूप से कार्य करने से किसानों की आय में भी वृद्धि होगी और दुग्ध उत्पादन की दिशा में भी प्रदेश, देश के शीर्षस्थ राज्यों में शामिल हो सकेगा।

बैठक में जानकारी दी गई कि गौसंवर्धन बोर्ड द्वारा गौशाला समितियों के बैंक खातों में राज्य स्तर से सीधे राशि अंतरित की जा रही है। बोर्ड द्वारा 937 नवीन गौशालाओं की स्थापना उपरांत पंजीयन किया गया है, जिसमें एक लाख 10 हजार गौवंश को आश्रय प्राप्त है। वर्ष 2024-25 में विदिशा, देवास, आगर-मालवा, ग्वालियर, दमोह, सतना तथा रीवा में बायोगैस सह जैविक खाद निर्माण संयंत्र स्थापित किए गए। नगर निगम ग्वालियर, इंदौर तथा उज्जैन ने वृहद गौशालाओं का संचालन आरंभ किया गया है। भोपाल और जबलपुर में गौशालाओं की स्थापना का कार्य जारी है। बैठक में स्वावलंबी गौशालाओं की स्थापना की नीति की प्रगति पर भी समीक्षा हुई।

गाज़ा में जल्द हो सकता है सीज़फायर -ट्रंप

गाज़ा में जल्द हो सकता है सीज़फायर -ट्रंप
इज़रायल (Israel) और फिलिस्तीनी आतंकी संगठन हमास (Hamas) के बीच चल रहे युद्ध को अगले महीने 2 साल पूरे हो जाएंगे। इस युद्ध की वजह से अब तक काफी तबाही मच चुकी है। हर दिन इज़रायली हमलों में कई फिलिस्तीनी अभी भी मारे जा रहे हैं। दुनियाभर के लीडर्स और जनता इस युद्ध को रोकने की अपील कर रही है, लेकिन इज़रायल का इस युद्ध को रोकने का इरादा नज़र नहीं आ रहा है। इसी बीच अमेरिका (United States Of America) के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने इस युद्ध के विषय में एक बड़ा दावा किया है।

ट्रंप का दावा, गाज़ा में जल्द हो सकता है सीज़फायर!
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने हाल ही में शिकागो में पत्रकारों से बातचीत के दौरान गाज़ा में चल रहे इज़रायल-हमास युद्ध के बारे में एक बड़ा दावा किया। ट्रंप ने दावा किया कि गाज़ा में जल्द ही इज़रायल और हमास के बीच सीज़फायर हो सकता है, जिससे हमास द्वारा बंधकों की रिहाई भी सुनिश्चित होगी। गौरतलब है कि कुछ समय पहले ही ट्रंप ने हमास को अंतिम चेतावनी भी दी थी।

ट्रंप ने हमास के सामने पेश किया प्रस्ताव
ट्रंप ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान बताया कि इज़रायल और हमास के बीच जल्द ही समझौता हो सकता है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि उन्होंने हमास के सामने एक बड़ा प्रस्ताव पेश किया है।

क्या है ट्रंप का प्रस्ताव?
इज़रायल और हमास के बीच युद्ध को रुकवाने के लिए ट्रंप के प्रस्ताव में हमास द्वारा सभी बंधकों की रिहाई मुख्य मुद्दा है। इसके बदले में इज़रायल 2,000 से 3,000 तक फिलिस्तीनी कैदियों को रिहा करेगा। ऐसा होने के बाद इज़रायल को गाज़ा में अपनी सैन्य कार्रवाई को पूरी तरह से रोकना होगा और साथ ही अमेरिका को यह गारंटी भी देनी होगी कि सीज़फायर के बाद इज़रायल फिर से युद्ध शुरू नहीं करेगा।

भारत ने 8 साल बाद जीता एशिया कप, साउथ कोरिया को 4-1 से हराया

भारत ने 8 साल बाद जीता एशिया कप, साउथ कोरिया को 4-1 से हराया
बिहार के राजगीर में एशिया कप 2025 का खिताबी मुकाबला रविवार को भारत और दक्षिण कोरिया के बीच खेला गया। इस मैच में भारतीय हॉकी टीम ने पांच बार की विजेता कोरिया को 4-1 से हराकर खिताब अपने नाम किया। दिलचस्प बात यह है कि भारतीय टीम इस पूरे टूर्नामेंट में अजेय रही। भारत आठ साल बाद एशिया कप का चैंपियन बना है। यह उसकी एशिया कप में चौथी खिताबी जीत है।

पूल चरण में अपराजेय रही भारतीय टीम
एशिया कप हॉकी 2025 में भारतीय टीम ने पूल चरण में शानदार प्रदर्शन किया। टीम इंडिया ने लगातार तीन मुकाबले जीतकर सबका ध्यान अपनी ओर खींचा और नॉकआउट चरण की दौड़ में अपनी स्थिति मजबूत कर ली।29 अगस्त को भारत ने चीन को रोमांचक मुकाबले में 4-3 से मात दी। इसके बाद 31 अगस्त को जापान के खिलाफ कड़े संघर्ष में भारतीय खिलाड़ियों ने 3-2 से जीत दर्ज की। वहीं, 1 सितंबर को कजाकिस्तान पर टीम इंडिया ने आक्रामक खेल दिखाते हुए 15-0 से एकतरफा जीत हासिल की। भारतीय खिलाड़ियों का यह प्रदर्शन पूरी तरह आत्मविश्वास और तालमेल से भरा हुआ रहा। तीनों मैचों में जीत दर्ज करने के बाद टीम ने एशिया कप खिताब की प्रबल दावेदारी पेश की।

सुपर-4 चरण में भी अजेय रही भारतीय टीम
सुपर-4 चरण में भी भारत अजेय रहा और अंततः खिताब अपने नाम किया। तीन सितंबर को भारत और कोरिया के बीच मुकाबला 2-2 की बराबरी पर समाप्त हुआ। अगले ही दिन यानी चार सितंबर को टीम इंडिया ने मलयेशिया को 4-1 से मात देकर धमाकेदार जीत हासिल की। इसके बाद छह सितंबर को भारत ने चीन पर 7-0 से बड़ी जीत दर्ज की।

खिताबी मुकाबले में भारत की जीत
मैच की शुरुआत से ही भारतीय खिलाड़ियों ने आक्रामक खेल दिखाया और बढ़त हासिल की। पहले ही मिनट में सुखजीत सिंह ने गोल दागकर भारत को बढ़त दिला दी। हालांकि आठवें मिनट में जुगराज सिंह पेनाल्टी स्ट्रोक का फायदा उठाने से चूक गए। पहला क्वार्टर भारत के नाम 1-0 से रहा। दूसरे क्वार्टर में भी भारत ने अपना दबदबा बनाए रखा। दिलप्रीत सिंह ने 27वें मिनट में गोल करते हुए बढ़त को 2-0 कर दिया। हाफ-टाइम तक भारत 2-0 से आगे था। तीसरे क्वार्टर में कोरिया ने वापसी की कोशिश की और लगातार पेनल्टी कॉर्नर भी हासिल किए, लेकिन भारतीय डिफेंस के आगे उनकी एक न चली। वहीं 44वें मिनट में दिलप्रीत सिंह ने अपना दूसरा और भारत का तीसरा गोल दागकर स्कोर 3-0 कर दिया। अंतिम क्वार्टर में भारत की ओर से अमित रोहिदास ने 49वें मिनट में शानदार फील्ड गोल किया। हालांकि एक मिनट बाद ही कोरिया के डैन सन ने गोल दागकर अंतर 4-1 कर दिया, लेकिन इसके बाद भारतीय टीम ने मैच पर पूरी तरह नियंत्रण बनाए रखा। चारों क्वार्टर में दबदबा बनाने वाले भारतीय खिलाड़ियों ने यह खिताबी जीत अपने नाम की और एक बार फिर साबित किया कि हॉकी में भारत एशिया की सबसे मजबूत टीम है।

टूर्नामेंट में सर्वाधिक गोल दागे
एशिया कप 2025 में भारतीय हॉकी टीम ने अपने शानदार प्रदर्शन से पूरी दुनिया का दिल जीत लिया। भारतीय टीम पूरे टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा गोल करने वाली टीम बनी। भारत ने कुल 39 गोल दागे, जबकि केवल 9 गोल ही खाए। इस दौरान भारत ने अपनी आक्रामक रणनीति से मैदान पर दबदबा बनाए रखा। इस प्रदर्शन ने एक बार फिर साबित कर दिया कि भारतीय हॉकी टीम एशिया में ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में अपनी पकड़ मजबूत कर रही है।

पहली बार महिला बन सकती है जापान की PM

पहली बार महिला बन सकती है जापान की PM
जापान के प्रधानमंत्री शिगेरु इशिबा के इस्तीफे की घोषणा के बाद अब उनकी जगह लेने वाले संभावित उम्मीदवारों की तलाश तेज हो गई है। जो नाम आगे हैं, उनमें कृषि मंत्री शिंजिरो कोइजुमी, अति-रूढ़िवादी पूर्व आर्थिक सुरक्षा मंत्री साने ताकाइची और पूर्व प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा के करीबी और उदारवादी माने जाने वाले मुख्य कैबिनेट सचिव योशिमासा हयाशी शामिल हैं। यदि साने ताकाइची को मौका मिला तो वह जापान की पहली महिला प्रधानमंत्री होंगी।

विशेषज्ञों का कहना है कि दोनों सदनों में बहुमत न होने के कारण, अगले पार्टी नेता को विधेयकों को पारित कराने के लिए मुख्य विपक्षी दलों के साथ मिलकर काम करना होगा, अन्यथा अविश्वास प्रस्ताव का जोखिम का सामना करना पड़ेगा। हालांकि, जापान के विपक्षी दल इतने बिखरे हुए हैं कि सरकार को गिराने के लिए एक बड़ा गठबंधन बनाना उनके लिए संभव नहीं है। इससे इशिबा ने इस्तीफे की घोषणा करते हुए कहा कि ट्रंप की ओर से जापानी कारों और अन्य उत्पादों पर टैरिफ घटाने के साथ पद छोड़ने का क्षण आ गया है।

पार्टी का दबाव
इशिबा ने तब इस्तीफा दिया जब उनकी पार्टी नेतृत्व का चुनाव कराने का फैसला लेने वाली थी। अगर पार्टी यह फैसला मंजूर कर लेती तो यह एक तरह से इशिबा के खिलाफ पार्टी के अंदर ही अविश्वास प्रस्ताव होता। इशिबा ने कहा, मैंने इस्तीफा देने का कठिन फैसला लिया क्योंकि नेतृत्व का चुनाव कराने से पार्टी में गंभीर मतभेद पैदा हो सकते थे।

लगातार झेलनी पड़ी हार
इशिबा का सत्तारूढ़ गठबंधन जुलाई में 248 सीटों वाले एक महत्वपूर्ण संसदीय चुनाव में ऊपरी सदन में बहुमत हासिल करने में विफल रहा, जिससे उनकी सरकार की स्थिरता कमजोर हो गई। इससे पहले पिछले अक्तूबर में इशिबा के सत्ता संभालने के महज दो हफ्ते बाद ही निचले सदन में पार्टी ने बहुमत खो दिया था।

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