प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिले मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिले मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज संसद भवन में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 1 नवंबर 2025 को रायपुर में आयोजित अमृत रजत महोत्सव में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने हेतु आमंत्रित किया। साथ ही मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को राज्य सरकार की भावी योजनाओं, विकास की प्राथमिकताओं और जनकल्याण से जुड़े प्रमुख विषयों की जानकारी भी दी।

छत्तीसगढ़ में राज्य गठन की 25वीं वर्षगांठ अमृत रजत जयंती वर्ष के रूप में मनाई जा रही है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह आयोजन छत्तीसगढ़ के लिए ऐतिहासिक होगा और प्रधानमंत्री की गरिमामयी उपस्थिति से इसकी महत्ता और भी बढ़ जाएगी।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ तेज़ी से प्रगति के पथ पर अग्रसर है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने ‘अंजोर विज़न @2047’ दस्तावेज़ तैयार किया है, जो विकसित भारत के लक्ष्य को दृष्टिगत रखते हुए छत्तीसगढ़ के समावेशी और सतत विकास की रूपरेखा प्रस्तुत करता है। यह विज़न दस्तावेज़ शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, उद्योग, नवाचार और पर्यावरण जैसे क्षेत्रों में सुधार और नवाचार-आधारित पहलों पर केंद्रित है।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को अवगत कराया कि छत्तीसगढ़ सरकार ने केंद्र सरकार के “जन विश्वास अधिनियम 2023” से प्रेरणा लेते हुए राज्य में “जन विश्वास विधेयक 2025” पारित किया है, जिससे न्याय प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ी है और आम नागरिकों की पहुंच अधिक सुलभ एवं सहज बनी है।

राजधानी नवा रायपुर के सुनियोजित और तीव्र विकास हेतु गठित छत्तीसगढ़ राज्य राजधानी क्षेत्र विकास प्राधिकरण (SCRDA) की जानकारी भी मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री से साझा की। उन्होंने बताया कि इस प्राधिकरण के माध्यम से राजधानी क्षेत्र को एक आधुनिक, स्मार्ट एवं तेज़ी से विकसित शहरी केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री को राज्य में औद्योगिक निवेश और रोज़गार सृजन के क्षेत्र में हो रही उल्लेखनीय प्रगति की भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वर्ष 2024 में लागू की गई नई औद्योगिक नीति 2024-30 के परिणामस्वरूप राज्य में निवेशकों की रुचि निरंतर बढ़ रही है। नीति के तहत सिंगल विंडो सिस्टम को लागू किया गया है, जिससे उद्योगों की स्थापना सरल, त्वरित और पारदर्शी बनी है। 1000 से अधिक व्यक्तियों को रोज़गार प्रदान करने वाले उद्योगों को विशेष प्रोत्साहन दिए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री साय ने बताया कि नवंबर 2024 से जुलाई 2025 के बीच अब तक 84 कंपनियों से कुल 6.65 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि नवा रायपुर में देश की पहली सेमीकंडक्टर यूनिट की नींव रखी जा चुकी है, और एआई डेटा सेंटर का निर्माण कार्य भी प्रारंभ हो गया है। इसी प्रकार, टेक्सटाइल, फार्मा, रेडीमेड गारमेंट और आईटी सेवाओं को प्राथमिकता देते हुए छत्तीसगढ़ को तकनीकी और औद्योगिक हब के रूप में विकसित किया जा रहा है।

राज्य की शिक्षा व्यवस्था पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार शालाओं और शिक्षकों के युक्तियुक्तकरण के माध्यम से ग्रामीण और दूरस्थ अंचलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने हेतु प्रतिबद्ध है। आदिवासी क्षेत्रों में डिजिटल संसाधनों और प्रशिक्षित शिक्षकों के सहयोग से शिक्षा को तकनीक से जोड़ने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को यह भी जानकारी दी कि राज्य सरकार मेडिसिटी और एडु सिटी जैसी दो नई महत्त्वाकांक्षी परियोजनाओं पर तेज़ी से कार्य कर रही है। रायपुर में विकसित की जा रही मेडिसिटी एक आधुनिक और उत्कृष्ट स्वास्थ्य केंद्र के रूप में उभर रही है, जिससे छत्तीसगढ़ को मेडिकल हब के रूप में पहचान प्राप्त होगी और व्यापक स्तर पर रोज़गार के अवसर उपलब्ध होंगे।

मुख्यमंत्री साय ने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में चल रही पुनर्वास और विश्वास बहाली की योजनाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की संवेदनशील और दूरदर्शी नीतियों के परिणामस्वरूप बड़ी संख्या में नक्सली आत्मसमर्पण कर सामान्य जीवन की ओर लौटे हैं। इन क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, संचार और सड़क जैसी मूलभूत सुविधाओं का तीव्र विस्तार किया जा रहा है, जिससे आम नागरिकों में शासन के प्रति विश्वास सुदृढ़ हुआ है और वे विकास की मुख्यधारा से जुड़ने के लिए प्रेरित हो रहे हैं।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल से खुला विकास का रास्ता, चार नए पुलों का भूमि पूजन जल्द

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल से खुला विकास का रास्ता, चार नए पुलों का भूमि पूजन जल्द
छत्तीसगढ़ की अधोसंरचना को रफ्तार देने के लिए आज एक अहम क़दम उठाया गया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से मुलाक़ात की, जिसमें राज्य की कई महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं को मंज़ूरी मिली।

बैठक में केंद्रीय मंत्री ने छत्तीसगढ़ में वर्तमान में 7000 करोड़ से ऊपर के नियोजित कार्यों की वित्तीय स्वीकृति को शीघ्र करने हेतु अधिकारियों को निर्देशित किया।

इसके साथ ही केंद्रीय सड़क निधि (CRF) के तहत 600 करोड़ रुपये की मंज़ूरी दी गई। इसके ज़रिए छत्तीसगढ़ में कई सड़कों के निर्माण और उन्नयन का रास्ता साफ़ होगा।

रायपुर शहर की भीड़भाड़ को कम करने के लिए चार बड़े ब्रिज बनाए जाएंगे, जिनका भूमि पूजन शीघ्र ही होगा। वहीं, राजधानी रायपुर से अन्य ज़िलों तक की सड़कें दो लेन से चार लेन में बदली जाएंगी, जिससे आवागमन तेज़ और सुरक्षित हो जाएगा।

बैठक में यह भी तय हुआ कि राज्य की सड़क योजनाएं की प्लानिंग में अब केंद्र के ‘गति शक्ति पोर्टल’ का उपयोग किया जाएगा, ताकि जल्द मंजूरी मिल सके। केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री गडकरी ने रायपुर-आरंग-बिलासपुर-दर्री के बीच करीब 95 किमी लंबी छह लेन सड़क के लिए डीपीआर जल्दी बनाने के लिए आदेशित किया, जो औद्योगिक, कृषि और शैक्षिक क्षेत्रों को जोड़ेगी। साथ ही, समृद्धि एक्सप्रेसवे का विस्तार रायपुर तक भी किया जाएगा।

इसके अलावा कुछ ज़रूरी योजनाओं को आज मंजूरी भी मिल गई। राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 130 ए में उन्नयन कार्य, राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 43 में रेजिंग का कार्य एवं राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 30 में मजबूतीकरण के कुल 115.95 करोड़ के कार्यों की स्वीकृति मिली है। इनमें बिलासपुर शहर के भीतर 15 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण शामिल है, जिससे शहर में ट्रैफिक आसान होगा। कटनी-गुमला मार्ग के हिस्से में 11 किलोमीटर सड़क बनेगी जो गांवों को जोड़ने में मदद करेगी। वहीं, केशकाल के 4 किलोमीटर हिस्से की सड़क को मज़बूत किया जाएगा, जिससे पहाड़ी क्षेत्र के लोगों को राहत मिलेगी।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सड़कें केवल यात्रा का साधन नहीं हैं, बल्कि विकास, रोज़गार और सामाजिक बदलाव का रास्ता हैं। अँजोर विजन 2047’ के तहत छत्तीसगढ़ सरकार का लक्ष्य है कि हर गांव, हर नागरिक तक बेहतर और पर्यावरण के अनुकूल परिवहन पहुंचे। बैठक में मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉक्टर कमलप्रीत सिंह भी उपस्थित थे।

इस दिन लगेगा साल 2025 का आखिरी चंद्र ग्रहण

इस दिन लगेगा साल 2025 का आखिरी चंद्र ग्रहण
साल 2025 का दूसरा और आखिरी चंद्र ग्रहण (Chandra Grahan 2025) जल्द लगने वाला है. साल 2025 में सितंबर (September 2025) के महीने में आखिरी चंद्र ग्रहण लगेगा. यह एक पूर्ण चंद्र ग्रहण (Full Lunar Eclipse) होगा जो भारत में नजर आएगा (Visible in India).

चंद्र ग्रहण एक खगोलीय घटना है. हिंदू धर्म में चंद ग्रहण एक धार्मिक घटना है जिसका धार्मिक दृष्टि से विशेष महत्व है. हिंदू धर्म में ग्रहण के समय लगने वाला सूतक काल (Sutak Kaal) भी मान्य होता है. इस दौरान सभी प्रकार के पूजा-पाठ और मांगलिक कार्यों पर रोक लग जाती है.

कब लगेगा साल 2025 का दूसरा चंद्र ग्रहण (When is Second Lunar Eclispe of 2025?)
साल 2025 का दूसरा चंद्र ग्रहण 7 सितंबर को लगेगा. चंद्र ग्रहण भारत के समय अनुसार रात 9.58 मिनट पर शुरू होगा जो 8 सितंबर रात 1.26 मिनट तक चलेगा. इस चंद्र ग्रहण की कुल अवधि 3.28 मिनट रहेगी.
खग्रास प्रारम्भ 7 सितंबर, 2025 को रात – 11:01 मिनट पर शुरू होगा.
परमग्रास चन्द्र ग्रहण –11:42पी एम रहेगा.
खग्रास समाप्त 8 सितंबर, 2025 रात 12:22 मिनट पर

चंद्र ग्रहण के समय कब लगेगा सूतक काल (When Sutak Kaal will Start?)
चंद्र ग्रहण शुरू होने से 9 घंटे पहले सूतक काल लग जाता है. 7 सितंबर को सूतक काल दिन में 12.19 मिनट पर शुरू हो जाएगा जो चंद्र ग्रहण के समाप्त होने के साथ ही समाप्त होगा यानि 8 सितंबर रात 1.26 मिनट पर.

साल 2025 में लगने वाला चंद्र ग्रहण भारत में नजर आएगा, इसीलिए इस ग्रहण का सूतक काल भारत में भी मान्य होगा. इस दौरान मंत्र जाप, दान आदि करें.
जब पृथ्वी की छाया चंद्रमा पर पड़ती है, तब इसे चंद्र ग्रहण कहा जाता है. चंद्र ग्रहण हमेशा पूर्णिमा के दिन लगता है. हिंदू कैलेंडर में पूर्ण चंद्र दिवस को पूर्णिमा कहते हैं. चंद्र ग्रहण के समय चन्द्रमा पर पड़ रहा सूर्य का प्रकाश पृथ्वी द्वारा अवरुद्ध हो जाता है.

MP High Court ने भोपाल के गांधी मेडिकल कॉलेज में अवैध भर्तियां कैंसल की

MP High Court ने भोपाल के गांधी मेडिकल कॉलेज में अवैध भर्तियां कैंसल की
मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति विवेक जैन की एकलपीठ ने गांधी मेडिकल कॉलेज, भोपाल में हुई नितिन अग्रवाल सहित अन्य की अवैध नियुक्तियों को निरस्त कर दिया। इसके साथ ही पूर्व डीन सलिल भार्गव पर दो लाख का जुर्माना भी लगाया। मामला योग्य आवेदक को नौकरी से वंचित करने व फर्जी शपथ पत्र पेश करने से संबंधित है।

कोर्ट ने भार्गव की सेवानिवृत्ति की आयु के मद्देनजर रियायत देते हुए एफआईआर दर्ज करने के निर्देश जारी करने के स्थान पर महज जुर्माना लगाने का निर्णय लिया। कोर्ट ने निर्देश दिया कि दोबारा मेरिट लिस्ट बनाई जाए। नए सिरे से इंटरव्यू लिए जाएं। यह प्रक्रिया तीन माह के भीतर पूरी कर ली जाए।

वहीं जुर्माना राशि दो लाख में से 80 हजार मप्र पुलिस कल्याण कोष में, 40 हजार राष्ट्रीय रक्षा कोष में, 20 हजार राज्य विधि सेवा प्राधिकरण में, 20 हजार हाई कोर्ट बार एसोसिएशन में जमा करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए 90 दिन की मोहलत दी गई है। यदि ऐसा नहीं किया गया तो भोपाल के पुलिस आयुक्त को कानूनी कार्रवाई के लिए स्वतंत्र कर दिया गया है।

हाईकोर्ट में दायर की याचिका
दरअसल, भोपाल निवासी मनोहर सिंह को गांधी मेडिकल कॉलेज में अस्पताल प्रबंधक, सहायक प्रबंधक व डिप्टी रजिस्ट्रार की नौकरी से अयोग्य करार देते हुए वंचित कर दिया गया। जिसके विरुद्ध पहले अभ्यावेदन दिया गया। जब कोई नतीजा नहीं निकला तो हाई कोर्ट में याचिका दायर कर दी गई। याचिका में कहा गया कि पहले डिप्टी रजिस्ट्रार के लिए पात्र माना गया, लेकिन बाद में अस्पताल प्रबंधक व सहायक प्रबंधक पद के लिए अयोग्य करार दे दिया गया।

यह विरोधाभासी स्थिति गड़बड़ी की ओर इशारा करने काफी है। पूर्व डीन भार्गव की ओर से प्रस्तुत शपथ पत्र में कहा गया था कि याचिकाकर्ता का ओबीसी प्रमाण पत्र डिजिटल नहीं था, जबकि कोर्ट ने रिकॉर्ड से पाया कि वह डिजिटल था। क्यूआर कोड के जरिए वेबसाइट से भी उसका वैरिफिकेशन हो गया।
फर्जी प्रक्रिया को पाया अवैध

मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने याचिकाकर्ता के वकील के तर्क सुनने के बाद गांधी मेडिकल कॉलेज की भर्ती प्रक्रिया को अवैध पाया। साथ ही याचिकाकर्ता को नियुक्ति से वंचित किए जाने के रवैये को अवैधानिक निरूपित किया। कोर्ट ने आश्चर्य जताते हुए कहा कि याचिकाकर्ता को डिप्टी रजिस्ट्रार पद के लिए पात्र पाया गया, लेकिन इंटरव्यू काल नहीं किया गया।

इस पर कॉलेज की ओर से कहा गया कि याचिकाकर्ता की डिग्री मास्टर ऑफ हॉस्पिटल एडमिनिस्ट्रेशन के स्थान पर महज एबीए होने के कार दरकिनार किया गया है। इस पर याचिकाकर्ता की ओर से साफ किया गया कि उसने पंजाब टेक्निकल यूनिवर्सिटी, जालंधर से एमबीए-हास्पिटल एडमिनिस्ट्रेशन की पढ़ाई की थी।

क्रिस वोक्‍स के चोटिल होने पर करुण नायर ने किया कुछ ऐसा, जीत लिया अंग्रेजों का दिल

क्रिस वोक्‍स के चोटिल होने पर करुण नायर ने किया कुछ ऐसा, जीत लिया अंग्रेजों का दिल
इंग्लैंड और भारत के बीच पांच मैचों की टेस्ट सीरीज का आखिरी मुक़ाबला लंदन के केनिंगटन ओवल में खेला जा रहा है। इस मैच के पहले दिन भारतीय बल्लेबाज करुण नायर ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए अर्धशतक लगाया और टीम को मुश्किल स्थिति से बाहर निकाला। यह उनके टेस्ट करियर का पहला अर्धशतक, जो कि आठ साल बाद आया है।

डाइव लगाते हुए वोक्स हुए चोटिल
नायर ने न सिर्फ अपनी इस पारी से फैंस का दिल जीता, बल्कि मैदान पर खेल भावना दिखाने को लेकर भी उनकी जमकर तारीफ हो रही है। दरअसल भारतीय पारी के 57वें ओवर के दौरान इंग्लिश तेज गेंदबाज क्रिस वोक्‍स चोटिल हो गए। जेमी ओवरटन की गेंद पर करुण नायर ने बेहतरीन शॉट लगाया, गेंद सीधा मिड ऑफ पर बाउंड्री के पास गई। वोक्स ने इसे दौड़ते हुए रोकने की कोशिश की और डाइव लगाई। लेकिन डाइव के दौरान वोक्स को कंधे में चोट लग गई।

करुण और सुंदर ने खेल भावना से जीता दिल
वोक्स ने चौका बचा लिया, हालांकि जब तक वे गेंद तक पहुंचे भारतीय बल्लेबाजों ने दौड़ कर तीन रन पूरे कर लिए थे। चोट की वजह से वोक्स ने गेंद उठाकर वापस नहीं फेंकी और भारतीय बल्लेबाजों के पास अब चौथा रन दौड़ने का भी मौका था। लेकिन करुण और सुंदर ने ऐसा नहीं किया। इस तरह भारतीय बल्लेबाजों ने अगला रन लेने से मना कर दिया। उनके इस खेल भावना को देखकर खचाखच भरा स्टेडियम तालियों से गूंज उठा। सिर्फ इतना ही नहीं, सोशल मीडिया पर भी करुण नायर और वाशिंगटन सुंदर की जमकर तारीफ हो रही है।

ओवल टेस्ट के पहले दिन का हाल –
इस टेस्ट मैच का पहला दिन बारिश से प्रभावित रहा और सिर्फ 64 ओवर का खेल ही हो सका। इंग्लैंड के कप्तान ओली पोप ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। भारत ने लंच तक दो विकेट खोकर 72 रन बना लिए। लंच के समय साई सुदर्शन 25 और कप्तान शुभमन गिल 15 रन बनाकर क्रीज पर थे। लेकिन इसके बाद भारत को एक के बाद एक चार झटके लगे।

रिलायंस ग्रुप पर 17000 करोड़ रुपए के लोन घोटाले का आरोप

रिलायंस ग्रुप पर 17000 करोड़ रुपए के लोन घोटाले का आरोप
भारत के दिग्गज बिजनेसमैन अनिल अंबानी की परेशानियां बढ़ती जा रही है। रिलायंस ग्रुप (Reliance Group) के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर अनिल अंबानी को ईडी ने पूछताछ के लिए बुलाया है। ईडी ने 5 अगस्त को 17 हजार करोड़ लोन घोटाले (17000 crore loan scam) के लिए पूछताछ के लिए दिल्ली बुलाया है। कुछ दिनों पहले ईडी ने इसी मामले में PMLA के तहत अनिल अंबानी के व्यवसायिक ठिकानों पर छापा मारा था।

ईडी ने 35 से अधिक ठिकानों पर की थी छापेमारी
प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम ने 35 से अधिक ठिकानों पर छापेमारी की थी। इस दौरान ईडी के हाथों कई अहम दस्तावेज भी लगे। ED ने दावा किया कि रिलांयस ग्रुप की कई कंपनियों ने यस बैंक से बिना पर्याप्त गारंटी के लोन लिए और इनका इस्तेमाल शेल कंपनियों के जरिए पैसों को दूसरे कारोबारों में लगा दिया।

लोन के बदले रिश्वत देने की आशंका
CBI ने यस बैंक से जुड़े मामले में पहले से दो FIR दर्ज की थी। इनके आधार पर ईडी ने अपनी जांच शुरू की। जांच के दौरान प्रवर्तन निदेशालय की टीम ने पाया कि यस बैंक के पूर्व प्रमोटर्स को लोन मंजूरी से ठीक पहले निजी कंपनियों में पेमेंट किए। इसे लोन के लिए रिश्वत देने की आशंका जाहिर होती है।

रिलायंस पावर और रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर ने इस मामले में अपनी प्रतिक्रिया दी है। दोनों कंपनियों ने कहा कि उनका रिलायंस कम्युनिकेशन और RHFL से कोई वित्तीय लेना देना नहीं है। अनिल अंबानी इन कंपनियों में बोर्ड मेंबर भी नहीं है, लेकिन SBI ने आरकॉम और उसके मुखिया अनिल अंबानी को फ्रॉड घोषित करते हुए सीबीआई से शिकायत भी की है।

संसद में वित्त राज्य मंत्री ने फ्रॉड होने की दी थी जानकारी
वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने संसद को बताया था कि भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने रिलायंस कम्युनिकेशंस और इसके प्रमोटर डायरेक्टर अनिल डी. अंबानी को फ्रॉड घोषित कर दिया है। यह कार्रवाई भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के फ्रॉड रिस्क मैनेजमेंट के नियमों और बैंक की फ्रॉड पर बनी पॉलिसी के अनुसार की गई है। पंकज चौधरी ने कहा था कि इस मामले में अब CBI में शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया जल्द शुरू होने वाली है। बैंक CBI में शिकायत दर्ज कराने जा रहा है।

चीन में बाढ़ ने मचाई तबाही, 60 लोगों की मौत

चीन में बाढ़ ने मचाई तबाही, 60 लोगों की मौत
भारत (India) ही नहीं, भारत के पड़ोसी देशों में भी मानसून (Monsoon) का असर दिख रहा है, जिनमें चीन (China) भी शामिल है। चीन की राजधानी बीज़िंग (Beijing) और आसपास के इलाकों में करीब एक हफ्ते पहले मूसलाधार बारिश शुरू हुई। बारिश के लगातार होने की वजह से बाढ़ आ गई, जिसका असर बीज़िंग में कई जगह और इसके आसपास भी देखने को मिल रहा है। अभी भी बीज़िंग में रुक-रूककर बारिश हो रही है। बाढ़ की वजह से बीज़िंग में कई जगह तबाही मच चुकी है।

60 लोगों की मौत
बीज़िंग और इसके आसपास आई बाढ़ की वजह से अब तक 60 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें से करीब 31 लोग बीज़िंग के एक उपनगर में स्थित वृद्धाश्रम के निवासी थे। बीज़िंग में बाढ़ की वजह से मरने वाले लोगों की संख्या 44 है और पास के हेबेई (Hebei) प्रांत में 16 लोगों ने बाढ़ की वजह से अपनी जान गंवा दी है।

कई लोग अभी भी लापता
बीज़िंग में 9 लोग और हेबेई में 18 लोग अभी भी बाढ़ की वजह से लापता है। लापता लोगों की तलाश की जा रही है। हालांकि बारिश और तेज़ हवाओं के कारण सर्च ऑपरेशन में परेशानी आ रही है।

कई घरों-इमारतों को पहुंचा नुकसान
बीज़िंग और हेबेई में बाढ़ की वजह से कई घरों और इमारतों को नुकसान पहुंचा है। बाढ़ में कई व्हीकल्स बह गए हैं। सड़कों पर पानी भर गया है और कई जगह तो गड्ढे भी हो गए हैं।

प्रधानमंत्री मोदी से मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नई दिल्ली में की सौजन्य भेंट

प्रधानमंत्री मोदी से मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नई दिल्ली में की सौजन्य भेंट
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को पार्लियामेंट हाउस नई दिल्ली में सौजन्य भेंट की और पुष्प-गुच्छ भेंट कर अभिवादन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री श्री मोदी को मध्यप्रदेश की उपलब्धियों एवं नवाचार पर केंद्रित पुस्तिका “विरासत से विकास की राह” भेंट की। पुस्तिका में प्रदेश की अर्थव्यवस्था, औद्योगिक विकास, गरीबी उन्मूलन, जनजाति कल्याण, किसान कल्याण, नारी शक्ति, स्वास्थ्य, शिक्षा, सुशासन, शहरी विकास, अधोसंरचना विकास, पर्यटन एवं संस्कृति संरक्षण और पर्यावरण संबंधी गतिविधियों एवं उपलब्धियों का ब्यौरा शामिल है।

दुबई-स्पेन की निवेश यात्रा से कराया अवगत
प्रधानमंत्री मोदी को मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हाल ही में मध्यप्रदेश में औद्योगिक निवेश आकर्षित करने के लिए की गई दुबई एवं स्पेन की यात्रा में मिली सफलता की जानकारी दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश के चहुँमुखी विकास के लिए प्रधानमंत्री मोदी का मार्गदर्शन और आशीर्वाद प्रदेश की साढ़े 8 करोड़ आबादी को हमेशा मिलता है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि भविष्य में प्रधानमंत्री मोदी के आशीर्वाद से विकसित भारत @ 2047 के विजन में मध्यप्रदेश भी अपना पूरा योगदान देगा।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने महिला बॉक्सर सना माचू को दी शुभकामनाएँ

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने महिला बॉक्सर सना माचू को दी शुभकामनाएँ
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR) की महिला बॉक्सर सना माचू को भारतीय बॉक्सिंग टीम में चयनित होने पर हार्दिक शुभकामनाएँ दी हैं। उन्होंने कहा कि सना का चयन न केवल छत्तीसगढ़, बल्कि पूरे देश के लिए गर्व की बात है। बिलासपुर रेल मंडल में सीसीटीसी के पद पर पदस्थ सना माचू अब इंग्लैंड के लिवरपूल में 4 से 14 सितंबर तक आयोजित होने वाली विश्व बॉक्सिंग चैंपियनशिप में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह उपलब्धि छत्तीसगढ़ की बेटियों की बढ़ती प्रतिभा, मेहनत और आत्मविश्वास का प्रतीक है। उन्होंने विश्वास जताया कि सना अपने दमदार प्रदर्शन से देश का नाम विश्व पटल पर रोशन करेंगी और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनेंगी। मुख्यमंत्री ने सना को चैंपियनशिप के लिए अपनी शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रयासों से कृषि निर्यात को मिलेगा नया प्रोत्साहन, राज्य बनेगा एक्सपोर्ट हब

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रयासों से कृषि निर्यात को मिलेगा नया प्रोत्साहन, राज्य बनेगा एक्सपोर्ट हब
कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात को प्रोत्साहन देने की दिशा में छत्तीसगढ़ को एक बड़ी सौगात मिली है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रयासों एवं उद्योग विभाग की सक्रिय पहल के फलस्वरूप भारत सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने रायपुर में APEDA (Agricultural and Processed Food Products Export Development Authority) का क्षेत्रीय कार्यालय खोलने की स्वीकृति प्रदान की है।

इस क्षेत्रीय कार्यालय के प्रारंभ होने से छत्तीसगढ़ के किसानों, उत्पादकों और निर्यातकों को अनेक लाभ एक ही स्थान पर उपलब्ध होंगे। अब उन्हें ट्रेनिंग, प्रमाणन, पैकेजिंग, मानकीकरण और निर्यात संबंधी सेवाओं के लिए अन्य राज्यों के कार्यालयों की ओर रुख नहीं करना पड़ेगा।

स्थानीय स्तर पर मिलेगी वैश्विक गुणवत्ता की सुविधा
राज्य में APEDA कार्यालय की स्थापना से अब फाइटो-सेनेटरी प्रमाणपत्र, गुणवत्ता प्रमाणन, लैब टेस्टिंग, और निर्यात से जुड़ी प्रक्रियाएं यहीं पूरी की जा सकेंगी। इससे न केवल समय की बचत होगी बल्कि किसानों और निर्यातकों की लागत में भी कमी आएगी।

छत्तीसगढ़ के उत्पादों को मिलेगी ब्रांडिंग और वैश्विक पहचान
APEDA कार्यालय से फल, सब्ज़ियाँ, चावल, GI टैग वाले उत्पाद, मिलेट्स और अन्य कृषि उत्पादों का सीधे अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में निर्यात आसान होगा। इससे उत्पादों को उचित दाम, व्यापारियों को नए बाज़ार, और राज्य को वैश्विक मंच पर पहचान मिलेगी।

किसानों की आय और ज्ञान दोनों में वृद्धि
निर्यात से किसानों को अपनी उपज का बेहतर मूल्य मिलेगा और उनकी आय में वृद्धि होगी। साथ ही, नई तकनीकों, गुणवत्ता नियंत्रण, आधुनिक पैकेजिंग और अंतरराष्ट्रीय मार्केटिंग की जानकारी और प्रशिक्षण उन्हें स्थानीय स्तर पर मिल सकेगा।

निर्यात बुनियादी ढांचे को मिलेगा प्रोत्साहन
APEDA न केवल प्रमाणन और ब्रांड प्रमोशन में सहयोग करता है, बल्कि निर्यात बुनियादी ढांचे के निर्माण और रख-रखाव में भी सहायता करता है। इससे राज्य में फूड प्रोसेसिंग यूनिट्स, कोल्ड स्टोरेज, पैक हाउस जैसे सुविधाओं का विकास होगा, जिससे कृषि व्यापार को नई गति मिलेगी।

विशेष योजनाएं और सब्सिडी का लाभ राज्य को मिलेगा
APEDA द्वारा चलाए जा रहे एक्सपोर्ट प्रमोशन, स्किल डेवलपमेंट और सब्सिडी योजनाओं का लाभ अब छत्तीसगढ़ के किसान, स्टार्टअप और MSMEs को सहजता से मिल सकेगा।

मुख्यमंत्री साय ने इस ऐतिहासिक पहल पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ के किसानों और उत्पादकों को अब वैश्विक बाजार से जोड़ने का मजबूत माध्यम मिल गया है। यह कार्यालय न केवल कृषि निर्यात को प्रोत्साहन देगा, बल्कि राज्य की आर्थिक समृद्धि की दिशा में भी एक निर्णायक कदम सिद्ध होगा। यह उपलब्धि छत्तीसगढ़ को ‘वोकल फॉर लोकल टू ग्लोबल’ की दिशा में एक अग्रणी राज्य बनाएगी और समृद्ध कृषि उत्पादों के निर्यात के लिए क्षेत्र में नए अवसरों के द्वार खोलेगी।

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नई दिल्ली | सरकारी योजना समाचार देश में ऐसे कई बच्चे हैं, जिन्होंने अपने माता-पिता को खो दिया है या जिनके पास देखभाल करने वाला...
Government welfare schemes have improved the living standards of 22 crore people

सरकारी कल्याण योजनाओं से 22 करोड़ लोगों के जीवन स्तर में सुधार, MoSPI के...

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नई दिल्ली। भारत में सरकारी सामाजिक कल्याण योजनाओं के माध्यम से गरीब और जरूरतमंद परिवारों को मिलने वाली मुफ्त या रियायती वस्तुओं से उनके...