‘विकसित भारत संकल्प यात्रा शिविर’ का आयाेजन दुर्गा नगर की बृहद् सेवा बस्ती (वार्ड क्र.30) में किया गया । शिविर में विधायक भगवानदास सबनानी, उत्तर प्रदेश के विधायक विजय बहादुर त्रिपाठी एवं परिषद अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी उपस्थित थे।
शिविर के माध्यम से नागरिकाें काे केन्द्र सरकार एवं राज्य सरकार की विभिन्न लाेक कल्याणकारी याेजनाओं की जानकारी प्रदान कर पात्र हितग्राहियाें के फार्म भरवाये गए । मेडिकल केंप द्वारा विभिन्न चिकित्सा जाँच एवं टी.बी., मलेरिया की भी जाँच की गई । 13 महिला हितग्राहियाें काे सामाजिक सुरक्षा पेंशन स्वीकृत की जाकर पेंशन प्रमाण पत्र दिये गए। विधायक भगवानदास सबनानी द्वारा उपस्थितजनाें काे आत्मनिर्भर और विकसित राष्ट्र बनाने के प्रधानमंत्री के संकल्प काे साकार करने में जागरूक नागरिक की भूमिका के निर्वहन की शपथ दिलायी गई।
विधायक भगवानदास सबनानी द्वारा आत्मनिर्भर और विकसित राष्ट्र बनाने के हेतु जागरूक नागरिक की भूमिका के निर्वहन की शपथ दिलायी गई।
IND vs ENG: केएल राहुल या श्रेयस अय्यर, इंग्लैंड टेस्ट सीरीज में किसे मिलेगा नंबर-5 पर मौका?
Sport News: भारत और इंग्लैंड के बीच 5 टेस्ट मैचों की सीरीज खेली जाएगा. इस सीरीज का आगाज 25 जनवरी से हो रहा है. लेकिन भारतीय टीम के लिए प्लेइंग इलेवन का चयन आसान नहीं होगा. खासकर, नंबर-5 पर किस बल्लेबाज को मौका मिलेगा? इसके लिए केएल राहुल और श्रेयस अय्यर दावेदार हैं, लेकिन टीम मैनेजमेंट किस पर भरोसा दिखाएगी? क्या बतौर विकेटकीपर बल्लेबाज श्रेयस अय्यर के ऊपर केएल राहुल को तवज्जो मिलेगी? इससे पहले साउथ अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट टेस्ट सीरीज में केएल राहुल बतौर विकेटकीपर बल्लेबाज खेले थे.
श्रेयस अय्यर के लिए आसान नहीं होगी राहें…
अगर केएल राहुल विकेटकीपर के तौर पर खेलेंगे तो क्या श्रेयस अय्यर को प्लेइंग इलेवन में जगह मिलेगी? लेकिन अगर केएल राहुल बल्लेबाज के तौर पर खेलेंगे तो भी श्रेयस अय्यर के लिए राहें आसान नहीं होगी. दरअसल, फिर केएस भरत और श्रेयस अय्यर में किसे एक को मौका मिल सकता है. भारत की स्पिन फ्रैंडली पिच पर केएल राहुल के लिए विकेटकीपिंग आसान नहीं होगी… खासकर, रवीन्द्र जडेजा और रवि अश्विन की गेंदों पर विकेटकीपिंग केएल राहुल के लिए बड़ी चुनौती होगी. लिहाजा, ऐसा माना जा रहा है कि केएल भरत को प्लेइंग इलेवन में शामिल किया जा सकता है. अगर ऐसा हुआ तो फिर श्रेयस अय्यर के लिए प्लेइंग इलेवन में जगह बनाना आसान नहीं होगा.
क्या कहते हैं श्रेयस अय्यर और केएल राहुल के आंकड़ें?
आंकड़ें बताते हैं कि भारतीय सरजमीं पर श्रेयस अय्यर ने 7 टेस्ट मैच खेले हैं. इन 7 टेस्ट मैचों में श्रेयस अय्यर ने 39.09 की एवरेज से 430 रन बनाए हैं. श्रेयस अय्यर के नाम 1 शतक दर्ज है. इसके अलावा 3 बार पचास रनों का आंकड़ा पार किया है. वहीं, भारतीय सरजमीं पर केएल राहुल ने 16 टेस्ट खेले हैं, जिसमें 40.13 की एवरेज से 923 रन बनाए हैं. इस विकेटकीपर बल्लेबाज ने 1 शतक के अलावा 8 बार पचास रनों का आंकड़ा पार किया है.
Gold Silver Price: सोने-चांदी की कीमतों में गिरावट जारी, कितना सस्ता हुआ गोल्ड-सिल्वर
भारतीय सर्राफा बाजार में 18 जनवरी 2024 को सोने के भाव में कमी देखने को मिली है। सोने का भाव 61982 रुपए प्रति 10 ग्राम हो गया है। 17 जनवरी 2024 को सोने के शाम के भाव की तुलना में 245 रुपये की कमी देखने को मिली है। चांदी के भाव में भी कमी देखने को मिली है। चांदी का भाव 71075 रुपये प्रति किलो हो गया है। राष्ट्रीय स्तर पर 999 शुद्धता वाले चांदी के भाव में 17 जनवरी से 116 रुपये की कमी देखने को मिली है।
इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स के अनुसार 17 जनवरी की शाम को 999 शुद्धता वाले 24 कैरेट सोने की कीमत 62277 रुपये थी। 18 जनवरी की सुबह को 999 वाले 24 कैरेट सोने की कीमत 61982 रुपये हो गई है। इसी तरह 17 जनवरी की शाम को 999 शुद्धता वाली चांदी की कीमत 71191 रुपये थी। 18 जनवरी की सुबह को 999 शुद्धता वाली चांदी की कीमत 71075 रुपये हो गई।
जानिए क्या हैं भाव
18 जनवरी को 995 शुद्धता वाले सोने की कीमत 61734 रुपये हो गई है। 916 शुद्धता वाले सोने की कीमत 56776 रुपये हो गई है। 750 शुद्धता वाले सोने की कीमत 46487 रुपये हो गई है। 585 शुद्धता वाले सोने की कीमत 36260 रुपये हो गई है।
कैरेट के अनुसार सोना
24 कैरेट सोना= 100% शुद्ध सोना
22 कैरेट सोना= 91.7% सोना
18 कैरेट सोना= 75.0% सोना
14 कैरेट सोना= 58.3% सोना
12 कैरेट सोना= 50.0% सोना
10 कैरेट सोना= 41.7% सोना
मिस्ड कॉल लगाकर जानें सोने-चांदी का भाव
ibja केंद्र सरकार की छुट्टियों और शनिवार और रविवार को रेट जारी नहीं करता है। आपको 22 कैरेट और 18 कैरेट गोल्ड ज्वेलरी का रेट जानना है, तो 8955664433 पर मिस्ड कॉल कर सकते हैं। मिस्ट कॉल के कुछ ही समय बाद एसएमएस के जरिए रेट्स मिल जाते हैं। गोल्ड या सिल्वर का रेट जानने के लिए www.ibja.co या ibjarates.com पर भी जा सकते हैं।
Health Tips: इन लोगों को नहीं खाना चाहिए पपीता, फायदे की जगह हो जाएगा नुकसान
Health Tips: पपीता स्वाद के साथ-साथ शरीर के लिए बहुत ही अच्छा होता है। इसमें कई तरह के पोषक तत्व मौजूद होते हैं। पपीता में डायटरी फाइबर, विटामिन, मिनरल्स जैसे तत्व होते हैं, जो शरीर की सेहत के लिए बहुत ही अच्छे होते हैं। पपीता का सेवन आपको कब्ज, डायबिटीज जैसी समस्याओं के लिए फायदा पहुंचा सकता है। यह आपके वजन को कम करने में मदद करेगा। इन सबके बाद भी पपीता हर किसी को नहीं खाना चाहिए। कुछ समस्याओं से पीड़ित मरीज पपीता खा लें, तो उन्हें गंभीर समस्या हो सकती है। आइए जानते हैं किन लोगों को पपीते के सेवन से बचना चाहिए।
प्रेगनेंट महिलाओं के लिए कहा जाता है कि वह पपीता को न खाएं। पपीते को खाने से महिलाओं का गर्भाशय संकुचित होने लगता है, क्यों कि इसमें लैटेक्स पाया जाता है। यह उनके लिए मिसकैरेज और भी कई तरह की समस्याएं प्रेग्नेंसी में आ सकती हैं।
किडनी में स्टोन की समस्या होने पर पपीता से दूर ही रहना चाहिए। इसमें विटामिन सी की मात्रा ज्यादा होती है। स्टोन की समस्या वाले मरीजों को कैल्शियम ऑक्सलेट के फॉर्मेशन का खतरा भविष्य में हो सकता है।
दिल के मरीजों को पपीता नहीं खाना चाहिए। वह डॉक्टरों की सलाह पर ही इसका सेवन करें। पपीते में पपैन होता है। यह दिल की धड़कन को स्लो कर सकता है। ऐसे में इसको खाने से दिल के मरीजों को खतरा बढ़ सकता है।
पपीता डायबिटीज के मरीजों को लाभ पहुंचाता है। अब यह बात ध्यान रखने की है कि अगर आपको लो ब्लड शुगर की परेशानी है, तो इसका सेवन न ही करें। यह आपके ब्लड शुगर को और भी कम कर सकता है। यह बहुत ही गंभीर हो सकता है।
MP CM News: आमजन के जीवन में बदलाव लाने और नई पीढ़ी को संस्कारित करना मध्यप्रदेश सरकार की प्राथमिकता : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री का दायित्व संभालने के बाद उन्होंने आम जनता के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का संकल्प लिया है। नागरिकों के लिए विभिन्न सुविधाओं का विकास कर उनके जीवन को सहज, सरल बनाने के साथ ही दूसरी महत्वपूर्ण प्राथमिकता उन महापुरूषों के योगदान से नई पीढ़ी को अवगत करवाने का कार्य भी करना है, जिससे भारतीय समाज को संस्कार मिले। भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण के प्रसंगों को पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाने की पहल के साथ ही नई शिक्षा नीति में सनातन संस्कृति का पाठ्यक्रमों में समावेश हमारा संकल्प है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने सांदीपनी आश्रम उज्जैन में शिक्षा ग्रहण की थी। मध्यप्रदेश में जहाँ-जहाँ भगवान श्रीकृष्ण के चरण पड़े हैं, उन स्थानों को तीर्थ स्थान के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया गया है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पटना में श्री कृष्ण चेतना विचार मंच द्वारा आयोजित अभिनंदन समारोह में भाग लिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गांधी मैदान स्थित श्री कृष्ण मेमोरियल हॉल में शंख ध्वनि के बीच दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। विभिन्न संगठनों द्वारा मुख्यमंत्री डॉ. यादव को पुष्पगुच्छ, शॉल व अभिनंदन पत्र भेंट कर तथा मुकुट पहनाकर स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का कृष्ण चेतना विचार मंच के अध्यक्ष न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) राजेन्द्र प्रसाद, महासचिव (पूर्व आईएएस) डॉ. गोरेलाल यादव, महामंडलेश्वर महंत डॉ. सुखदेव दास, बिहार प्रदेश यादव महासभा, कृष्ण चेतना परिषद, कृष्ण चेतना संघ, कृष्ण विचार मंच, गोपीकृष्ण गो आश्रम, जयपाल सिंह यादव फाउंडेशन के पदाधिकारियों आदि ने स्वागत किया।
भगवान श्री कृष्ण की शिक्षा-दीक्षा हुई उज्जैन में, उनका जीवन धर्म की स्थापना में बीता
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि माता सीता की जन्मस्थली बिहार आकर मैं स्वयं को सौभाग्यशाली मानता हूं। ऐसी पवित्र धरती को मैं प्रणाम करता हूँ। यह भगवान महावीर स्वामी जी की धरती है, जिससे बिहार की पहचान है। साथ ही सम्राट अशोक की भी धरती है। सम्राट अशोक का मध्यप्रदेश उज्जैन से खासतौर पर अलग तरह का रिश्ता रहा है। हजारों साल से मध्यप्रदेश और बिहार का रिश्ता है। प्राचीन काल से मध्यप्रदेश की भूमिका महत्वपूर्ण रही थी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बाबा महाकाल की नगरी में ही भगवान श्री कृष्ण का विवाह हुआ। भगवान श्री कृष्ण की शिक्षा-दीक्षा भी उज्जैन में हुई। शिक्षा के मामले में हमारा समाज कितना जागृत है, इसका उदाहरण पांच हजार साल पहले भगवान श्री कृष्ण के काल से भी जुड़ता है। जब भगवान श्री कृष्ण ने कंस का वध कर दिया तो ऐसा उदाहरण दुनिया में कहीं नहीं था जब कोई सत्ताधीश का वध करे और वो सत्ता की कुर्सी पर न बैठे। भगवान श्री कृष्ण हैं जिन्होंने आगे बढ़कर शिक्षा को महत्ता दी। भगवान श्री कृष्ण की विद्यार्थी के नाते भी पहचान है। उज्जैन में भगवान श्री कृष्ण ने 5 हजार साल पहले 14 विद्या और 64 कलाओं और चारों वेद का ज्ञान अर्जित किया। भगवान श्री कृष्ण ने शिक्षा ग्रहण के पश्चात् पूरी शिक्षा का सार और कर्म का ज्ञान गीता के माध्यम से बताया। गीता जो दुनिया में पवित्रतम ग्रंथों में शामिल है। गीता आज भी सबका मार्ग दर्शन करती है। कोई भी क्रांतिकारी हो, आजादी के सिपाही हो, अगर गीता नहीं पढ़ी, तो उसका जीवन अधूरा है। जीवन के किसी मार्ग पर जिसने भी बड़ा संकल्प लिया गीता सदैव उसका पाथेय बनकर मार्गदर्शन करती रही है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि यह हमारा सौभाग्य है कि हम सब भगवान श्री कृष्ण को हमारे वंश का तो मानते ही हैं, लेकिन भगवान श्री कृष्ण की पहचान कैसी है पूरे समाज के अंदर जहां कोई अव्यवस्था दिखे, जहां कोई अधर्म की बात दिखे, अगर किसी ने आगे बढ़कर अधर्म के खिलाफ संघर्ष करने का कदम उठाया तो वह केवल एकमेव भगवान श्री कृष्ण हैं, जिन्होंने अपने पूरे जीवन को धर्म की स्थापना के लिए खपाया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मैं क्षिप्रा के तट से आकर गंगा के तटवासियों को प्रणाम करके उसका स्पंदन और आनंद महसूस कर रहा हूँ। आज के इस दौर में लोकतंत्र को जिंदा रखने में हमारे समाज की भूमिका बहुत बड़ी है। हमें प्रदेश और देश की सेवा के साथ-साथ भारत का मान दुनिया में बढ़े उस दिशा में हमें आगे बढ़ने की आवश्यकता है। यही तो हम हजारों से साल से करते आए हैं और यही हमारा कर्तव्य भी है। परमात्मा ने हमें जहां जिस जगह जन्म दिया है एक अनूठा संयोग हमारे साथ जुड़ता है।
भारत में गाय के प्रति व्यक्त होता है वास्तविक सम्मान
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि परमात्मा से, प्रकृति से प्रेम करने का उदाहरण अगर कहीं दिखाई देता है तो निश्चित रूप से वह सर्वाधिक यादव समाज से दिखाई देता है, जो गौपालन के माध्यम से अपना जीवन चलाते हैं। परमात्मा के माध्यम से प्रकृति प्रेम को भी दिखाते हैं। जो प्रकृति से प्रेम करता है, जो जीव मात्र से प्रेम करता है, वो ही तो गोपाल हो सकता है। इसके अलावा कौन गोपाल होता है, गोपाल वो नहीं होते, दुनिया में कई देश है हमारे अलावा, अमेरिका, इंग्लैंड में भी गाय माता बहुत सारे लोग पालते हैं, लेकिन उनके पालने के तरीके और हमारे पालने के तरीके में काफी अंतर है। हम अशक्त और बीमार गायों की देखभाल भी करते हैं। उनके हाल पर नहीं छोड़ देते। हम गाय माता में 33 करोड़ देवी-देवताओं का वास देखते हैं। गायों में माँ का स्वरूप भी देखते हैं। गौ-माता का वास्तविक सम्मान हमारे देश की संस्कृति है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि भगवान श्री कृष्ण का जेल में जन्म हुआ है। माँ यशोदा ने उन्हें पाल-पोस कर बड़ा किया। वह बालक न कभी डरता है और न भयभीत होता है। दुनिया की चुनौती का सामना करता है और सच्चाई के मार्ग पर चलता है, जो भी आज भी हमें रोमांचित और गर्व से भर देता है। श्रद्धा, भक्ति, आस्था यह ऐसे ही पैदा नहीं होती, इस आस्था, भक्ति, श्रद्धा पैदा करने के लिए समूचे जीवन को एक तरह से दुनिया के सामने प्रदर्शित करने की जिनकी आध्यात्मिक चेतना जीवन भर काम आती है, ऐसे गोपाल कृष्ण की जय-जय कार महसूस कर सकते हैं।
प्रारंभ में मुख्यमंत्री डॉ. यादव का श्री कृष्ण चेतना विचार मंच द्वारा स्वागत किया गया। कई संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने स्नेह, सम्मान और आत्मीयता से डॉ. यादव का स्वागतकिया।
MP CM News: मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पटना में इस्कॉन मंदिर में किए दर्शन
MP CM News: भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पटना प्रवास के दौरान इस्कॉन मंदिर जाकर भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भगवान श्री कृष्ण और राधा-कृष्ण की प्रतिमाओं के समक्ष नमन किया। उल्लेखनीय है कि श्री कृष्ण चेतना विचार मंच पटना ने आज मुख्यमंत्री डॉ. यादव का एक विशाल समारोह में अभिनंदन किया। बिहार के साथ ही उड़ीसा की संस्थाओं द्वारा भी मुख्यमंत्री डॉ. यादव का स्वागत किया गया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभिन्न कार्यक्रमों में अपने पिता और परिवार के सदस्यों के संघर्षपूर्ण जीवन का उल्लेख किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि उनके पिता मिल मजदूर रहे हैं। उन्होंने अनेक कठिनाइयों के बीच जीवन जीया। आर्थिक दिक्कतों के बावजूद परिवार से मिले संस्कार महत्व रखते हैं। कितनी भी विपरीत परिस्थितियां हों, व्यक्ति को घबराना नहीं चाहिए। अपने आराध्य का स्मरण अवश्य करना चाहिए। निरंतर कर्म से व्यक्ति को पहचान और प्रतिष्ठा मिलती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री मोदी की नेतृत्व क्षमता की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने कठिनाइयों के बीच जीवन बिताया।
सजी श्रीराम मंदिर की प्रतिकृति सेल्फी लेते रहे श्रद्धालु
भोपाल। अयोध्या में श्रीराम मंदिर में भगवान श्री राम की प्राण प्रतिष्ठा से पूर्व देशभर के विभिन्न रामभक्तों द्वारा लगातार आयोजन कराए जा रहे हैं। श्री राम जी के विराजमान को लेकर देश उत्साहित है। शहर की हुजूर विधानसभा क्षेत्र के विधायक रामेश्वर शर्मा भी श्री रामलला विराजमान के उपलक्ष्य में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन करा रहे हैं। गुरुवार को उन्होंने मालवीय नगर स्थित अपने कार्यालय पर श्रीराम मंदिर की प्रतिकृति बनाकर प्रदर्शनी का आयोजन कराया है। इस प्रदर्शनी में प्लाईवुड सीट द्वारा अयोध्या में बन रहे श्रीराम मंदिर के स्वरूप की प्रतिकृति को प्रदर्शनी के रूप में सजाया गया है। 21 फीट ऊंची, 32 फीट चौड़ी इस प्रतिकृति को 12 कारीगरों ने तीन दिन में तैयार किया। गुरुवार को मप्र विधानसभा के अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर ने इस प्रदर्शनी का दीप प्रज्ज्वलन कर शुभारंभ किया। तोमर ने प्रदर्शनी का अवलोकन कर सेल्फी भी ली। वहीं बैरसिया विधानसभा क्षेत्र के विधायक विष्णु खत्री ने भी प्रदर्शनी देख कर सेल्फी ली। अन्य श्रद्धालुओं का सेल्फी लेने की होड़ लगी रही। विधानसभा अध्यक्ष तोमर ने कहा कि वरिष्ठ विधायक रामेश्वर शर्मा बहुत ही कल्पज्ञ बुद्धि की धनी हैं। वह हमेशा ऐसे अवसरों को ठीक से जनता के बीच में रख सकें। आम जनता उससे जुड़ सके। इसका वह प्रयत्न निरंतर करते रहते हैं। इसी उपलक्ष्य में प्रभु राम का मंदिर जैसा अयोध्या में बना है। इसकी प्रतिकृति यहां पर उन्होंने स्थापित की है। यहां लोग आएंगे, दर्शन करेंगे, अपनी श्रद्धा व्यक्त करेंगे। राम मंदिर के साथ अपनी सेल्फी खिंचवाएंगे और आनंद का अनुभव करेंगे। यह रामभक्तों की आस्था को ध्यान में रखकर किया गया अत्यंत पुनीत कार्य है। इसके लिए विधायक शर्मा का अभिनंदन करता हूं। वहीं विधायक शर्मा ने कहा कि रामभक्त हूं, रामकाज के लिए जीवन समर्पित है। कारसेवा के बाद का हर संघर्ष देखा है। प्रभु श्रीराम जी 500 वर्षों के इंतजार के बाद लौट रहे हैं। रामजी के लौटने का अवसर हम सभी के लिए महोत्सव है। इस परम पुनीत उपलक्ष्य से जन-जन को जोड़ ने के लिए हमने अयोध्या धाम के मंदिर की प्रतिकृति को प्रदर्शनी के रूप में सजाया है। इसमें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का फोटो भी भी आकर्षक का केंद्र बना हुआ है।
MP News: देशभर में होने वाली खनन गतिविधियों का रोडमैप मध्य प्रदेश में होगा तय
MP News: भोपाल। साल 2024 के लिए देश भर में होने वाली खनन गतिविधियों का रोडमैप इस बार मध्य प्रदेश में तैयार किया जाएगा। 22 और 23 जनवरी को भोपाल में दो दिवसीय राष्ट्रीय बैठक रखी गई है। जियोलाजिकल सर्वे आफ इंडिया (जीएसआइ) की 63वीं सेंट्रल जियोलाजिकल प्रोग्रामिंग बोर्ड की बैठक पहली बार मध्य प्रदेश में हो रही है।
भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर में होने वाली बैठक में जीएसआइ के 100 से अधिक एक्सपर्ट शामिल होंगे। जीएसआइ द्वारा जिन नए खनन ब्लाक की रिपोर्ट बना ली गई है वो सबंधित राज्य सरकारों को दी जाएगी। नए ब्लाक्स ढूंढने के लिए एक्सप्लोरेशन, बढ़ाने सहित तकनीकी पक्षों पर जीएसआइ के प्रस्तुतीकरण होंगे।
खनन से राजस्व बढ़ाने किस राज्य में क्या नवाचार हुआ, वैध खनन बढ़ाने, अवैध खनन रोकने क्या प्रयास हुए आदि पर प्रदर्शनी भी लगेगी। बैठक में साल 2023 की खनन गतिविधियों की रिपोर्ट भी रखी जाएगी। साथ ही साल 2024 में किस तरह से देश में खनन गतिविधियां संचालित होंगी, इसका रोडमैप भी बनेगा। 22 जनवरी के तकनीकी सत्रों में जीएसआइ के अलावा राज्य सरकारों, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम (पीएसयू), केंद्र की एजेंसियों के अधिकारी शामिल होंगे।
बैठक में 23 जनवरी को मिनिस्टर कान्क्लेव में सभी राज्यों के खनन मंत्री और प्रमुख सचिव (खनन) हिस्सा लेंगे। इस बैठक में मध्य प्रदेश सहित राज्यों में खनन क्षेत्र में चल रही बेस्ट प्रैक्टिसेज पर प्रस्तुतीकरण होंगे। खनन क्षेत्र की चुनौतियों और जरूरतों को लेकर भी बात होगी। मध्य प्रदेश कैडर के आइएएस अधिकारी और केंद्रीय खनन सचिव वीएल कांताराव भी कार्यक्रम का हिस्सा होंगे।
बता दें कि 63वीं सेंट्रल जियोलाजिकल प्रोग्रामिंग बोर्ड बैठक के लिए मध्य प्रदेश का चयन इसलिए किया गया है कि केंद्र द्वारा मुख्य खनिज की नीलामी में देश में नंबर एक पर रहा है। सितंबर 2023 को मध्य प्रदेश द्वारा 22 मुख्य खनिज ब्लाक आक्शन हुए थे, जिससे कुल आक्शन हुए ब्लाक 68 हो गए जो देश भर में सबसे अधिक हैं। वहीं प्रदेश कोयले, हीरे सहित कई खनिजों में देश का प्रमुख प्रदेश है।
मध्य प्रदेश, देश में मुख्य खनिज की नीलामी में प्रथम रहा है। प्रदेश की खनिज व्यवस्था को देखते हुए भारत सरकार ने 63वीं सेंट्रल जियोलाजिकल प्रोग्रामिंग बोर्ड बैठक के लिए भोपाल का चयन किया है। बैठक में सभी राज्यों के खनिज मंत्री और विभागीय सचिव शामिल होंगे। वे अपने-अपने नवाचार बैठक में बताएंगे। इसमें सभी राज्य एक दूसरे से कुछ न कुछ सीखेंगे। – निकुंज श्रीवास्तव, प्रमुख सचिव मप्र खनिज साधन विभाग
पैसेंजर्स के खाने-पीने में लापरवाही पड़ेगी भारी, विमानन कंपनियों को मिले सरकार से ये निर्देश
FSSAI Directs Airlines : फ्लाइट में यात्रियों को साफ और सुरक्षित खाना सुनिश्चित करने के लिए भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने एयरलाइन कंपनियों और कैटरर्स के साथ बैठक की है. इस मीटिंग में FSSAI ने मौजूदा नियमों और प्रोटोकॉल में खामियों को दूर करने के लिए चर्चा की है. बैठक में FSSAI ने कहा कि यात्रियों को एयरलाइंस में परोसे जाने वाले खाने में किसी तरह की लापरवाही स्वीकार्य नहीं है. खाने की गुणवत्ता का पूरा ख्याल रखना एयरलाइंस और स्टाफ की जिम्मेदारी है.
यात्रियों को परोसे जाने वाले खाने पर हो पूरी जानकारी
बैठक में FSSAI ने पैसेंजर्स को परोसे जाने वाले खाने पर मेन्यू लेबलिंग का मुद्दा भी उठाया गया है. FSSAI ने एयरलाइंस और कैटरर्स को यह साफ निर्देश दिया है कि पैसेंजर्स को परोसे जाने वाले खाने के फूड पैकेज के ऊपर उसकी न्यूट्रिशनल वैल्यू और सभी जानकारी दर्ज होना आवश्यक है. इसमें खाने को बनाने के मैन्युफैक्चरिंग डिटेल्स के बारे में जानकारी देना भी जरूरी है. इस सभी कदमों से पारदर्शिता लाने में मदद मिलेगी और यात्रियों को फ्लाइट में बेहतर खाने की क्वालिटी का खाना सर्व किया जा सकेगा.
FSSAI ने अपने प्रेस रिलीज में एयरलाइंस स्टाफ को फूड सेफ्टी स्टैंडर्ड का पालन करने के लिए स्पेशल ट्रेनिंग देने की आवश्यकता को भी चिन्हित किया है. प्राधिकरण ने एयरलाइंस को यह आदेश दिया है कि वह समय-समय पर ऐसे वर्कशॉप का आयोजन करें जिससे कैबिन क्रू मेंबर्स और एयरलाइंस स्टाफ फूड सेफ्टी के बारे में जानकारी मिल सके.
सैंडविच में निकले थे कीड़े
हाल ही में दिल्ली से मुंबई जा रही इंडिगो एयरलाइन्स (IndiGo Airlines) के विमान में दिए गए सैंडविच में कीड़े मिलने की घटना सामने आई थी. इस घटना का वीडियो महिला यात्री ने सोशल मीडिया पर शेयर किया था जिसके बाद इंडिगो को मामले पर माफी मांगनी पड़ी थी. इंडिगो ने मामले पर सफाई देते हुए कहा था कि दिल्ली से मुंबई जाने वाली फ्लाइट पर सवार एक यात्री के सैंडविच में कीड़े मिलने की घटना सामने आई थी.
MP News: लम्हेटाघाट में बनने वाला जियो पार्क देश का पहला पार्क होगा
जियोपार्क निर्माण के संबंध में बैठक संपन्न
MP News : भोपाल | लोकनिर्माण विभाग मंत्री राकेश सिंह ने लम्हेटाघाट-भेंडाघाट जबलपुर में जिओ पार्क की स्थापना एवं उसकी परियोजना के संबंध में मंत्रालय में बैठक हुई। जियो पार्क की संपूर्ण परियोजना की पॉवर प्रेजेंटेशन के माध्यम से विस्तृत जानकारी प्राप्त कर विभिन्न निर्देश संबंधितों को दिये।
मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि जबलपुर में बनने वाला देश का पहला जियो पार्क जियोलॉजिकल संरचनाओं के साथ-साथ मानव सभ्यता के विकास के अध्ययन, पर्यटन और संस्कृति के विकास में भी मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने कहा की भेड़ाघाट-लम्हेटाघाट जियोलॉजिकल गतिविधियों के लिए दुनिया भर में जाने जाते हैं।
मंत्री सिंह ने कहा कि यहाँ जो भी निर्माण हो वे पूरी तरह प्रकृति के साथ तालमेल बनाकर ही किए जायें। यहाँ आने वाले सैलानी प्रकृति के साथ जुड़ाव महसूस कर पायें इस बात पर विशेष ध्यान दिया जाये। मंत्री सिंह ने जिओ पार्क एवं संग्रहालय को आकर्षक, प्रभावी एवं शिक्षाप्रद बनाने पर बेहद ध्यान देने के निर्देश दिये। मंत्री सिंह ने जियो पार्क में स्थापित किए जाने वाले संग्रहालय में लम्हेटा निर्माण उसके फैलाव, रानी दुर्गावती के संबंध में जानकारी एवं जबलपुर की भू संस्कृति का समावेश करने के निर्देश दिये। उन्होंने जियो पार्क में प्रकृति अनुभव आधारित टूरिज्म को बढ़ावा देने का भी प्रावधान जैसे नेचर स्टे बनाने का सुझाव दिया।
बैठक में कार्य के लिए चयनित एजेंसी द्वारा प्रेजेंटेशन के माध्यम से जियो पार्क की संपूर्ण परियोजना का प्रस्तुतीकरण किया गया।प्रेजेंटेशन में बताया गया कि जियो पार्क में जो भी निर्माण होगा वह प्रकृति के साथ पूरे तालमेल में रहेगा एवं निर्माण काफ़ी मनमोहक होगा। यहाँ हजारों पेड़ों के बीच में स्ट्रक्चर बनाए जाएँगे जिससे लोगों को एक नया अनुभव मिलेगा।
जियो पार्क में स्थापित किया जाने वाला संग्रहालय विश्व-स्तर का होगा और यहाँ 3 डी मॉडलिंग,थीमेटिक डिज़ाइन,इंटरैक्टिव टच टेबल आदि अत्याधुनिक तकनीक का प्रयोग भी किया जायेगा। संग्रहालय कई भागो में विभाजित रहेगा जिसमे बड़ों से लेकर बच्चों तक और जियोलॉजिकल स्टडी कर रहे स्कॉलर्स के लिये भी कई विशेष सेक्शन रहेंगे जिनमे 5 डी फिल्मों के माध्यम से नेचर वॉक रहेगी जो अत्यंत रोमांचक होगी।
मध्यप्रदेश की भू-संस्कृति, नर्मदा की भू-विरासत, पृथ्वी की खोज, दोहरा ग्रह ,पृथ्वी के केंद्र की यात्रा सहित अन्य विषयों पर प्रभावी एवं शिक्षाप्रद जानकारी इंटरैक्टिव एवं 3 डी मॉडलिंग के माध्यम से दी जायेगी। संग्रहालय में मध्यप्रदेश के 13 भौगोलिक क्षेत्रों को उनके भौगोलिक-सांस्कृतिक महत्व एवं धरोहर के साथ बेहद आकर्षक तरीक़े से प्रस्तुत किया जायेगा।
जियोपार्क में डायनासोर की एक विशाल प्रतिकृति भी बनाई जायेगी।यहाँ एक आकर्षक नेचर वॉक भी बनाई जायेगी जहाँ सैलानी प्रकृति के साथ जुड़ाव महसूस कर पायेंगे।इसी के साथ जियोपार्क में अत्याधुकीन फ़ूड कोर्ट,शॉपिंग कॉम्प्लेक्स आदि रहेंगे जहाँ स्थानीय समुदाय की सहभागिता का विशेष ध्यान रखा जायेगा।
जियो पार्क लगभग 12 हेक्टेयर भूमि पर निर्मित होगा। जियोलॉजिकल पार्क की स्थापना का कार्य पर्यटन विभाग के माध्यम से कराया जा रहा है। जियोपार्क के संबंध में शीघ्र ही बैठक जबलपुर में पार्क के लिये चयनित स्थान पर की जायेगी।
मध्यप्रदेश पर्यटन विभाग, जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ़ इंडिया के अधिकारी उपस्थित रहे,इसके साथ कलेक्टर जबलपुर दीपक सक्सेना वीसी के माध्यम से बैठक में उपस्थित रहे।














