MP Politics: ‘2003 से कह रहा हूं मुझे EVM पर भरोसा नहीं’, दिग्विजय सिंह बोले- ऐसी कोई मशीन नहीं जिसमें चिप लगा हो और…

saying since 2003 that I do not

 

MP Politics: मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में बीजेपी (BJP) ने बंपर जीत हासिल की है. पार्टी ने जीत के बाद डॉक्टर मोहन यादव (Mohan Yadav) को प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाया है. दूसरी ओर रिजल्ट आने के बाद से ही कांग्रेस (Congress) के कद्दावर नेता और सूबे के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह (Digvijaya singh) ने EVM यानी इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन पर लगातार सवाल खड़ा कर रहे हैं. इस बीच एक बार फिर दिग्विजय सिंह ने स्वामी मनमोहन मिश्रा के बयानों का समर्थन करते हुए EVM को लेकर सवाल खड़ा कर दिया है.

दिग्विजय सिंह ने अपने अधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफक्म एक्स पर ट्वीट कर कहा कि ‘धन्यवाद मुनमोहन जी महाराज आपने EVM, चुनाव आयोग व मोदी जी पर बोल कर जो साहस दिखाया है आपके चरणों में प्रणाम. मैं २००३ से कह रहा हूं मुझे EVM पर भरोसा नहीं है. मैं जहां वोट देना चाहता हूं मुझे यही पता नहीं पड़ता मेरा वोट कहां गया. ऐसी कोई मशीन विश्व में नहीं है जिसमें चिप डाला हो वह हैक ना हो सके, क्योंकि उसमें डला चिप सॉफ्टवेयर का आदेश मानेगी. आप टाइप करेंगे A सॉफ्टवेयर कहेगा ए तो वह ए ही छपेगा.’

धन्यवाद मुनमोहन जी महाराज। आपने EVM चुनाव आयोग व मोदी जी पर बोल कर जो साहस दिखाया है आपके चरणों में प्रणाम। मैं २००३ से कह रहा हूँ मुझे EVM पर भरोसा नहीं है। मैं जहां वोट देना चाहता हूँ मुझे यही पता नहीं पड़ता मेरा वोट कहाँ गया। ऐंसी कोई मशीन विश्व में नहीं है जिसमें चिप डाला हो…

‘सॉफ्टवेयर जो कहेगा मशीन में वही छपेगा’

वहीं आगे दिग्विजय सिंह ने कहा ‘EVM में आप कहेंगे पंजा सॉफ्टवेयर कहेगा फूल तो क्या छपेगा? पंजा या फूल? अब बात आयी VVPAT मशीन में 7 सेकंड के लिए आपको दिखा दिया पंजा हम खुश हो कर चल दिये लेकिन वहां फूल छपेगा. यह खेल आप राहुल मेहता के वीडियो पर देख लें. हमारी और मुनमोहन जी महाराज की पहली मांग है कि बैलेट पेपर से चुनाव हो जिस प्रकार से सभी विकसित देशों में भी होते हैं. यही है गिनती में कुछ अधिक समय लगेगा लगे, लेकिन जनता को तो भरोसा होगा हमने जिसे वोट दिया उसे गया, आज तो पता ही नहीं चलता.’

‘अब हमारे पास क्या विकल्प है?’

‘यदि नरेंद्र मोदी और हमारे चुनाव आयोग को EVM से इतना ही प्रेम है तो VVPAT स्लिप मत दिखाओ हमारे हाथ में दे दो और हम उसे सबके सामने रखी मतपेटी में डाल देंगे. इसमें क्या एतराज है? INDIA गठबंधन यही मांग के लिए चुनाव आयोग से अगस्त से मिलने के लिये समय मांग रहा है, लेकिन चुनाव आयोग के पास समय नहीं है. अब हमारे पास क्या विकल्प है? हम या तो सुप्रीम कोर्ट जायें या EVM के खिलाफ सड़कों पर उतरें. यही राजनीतिक दलों को विशेष कर INDIA गठबंधन को शीघ्र तय करना चाहिए.’

INDIA गठबंधन के राजनीतिक दल @ECISVEEP चुनाव आयोग से अगस्त से मिलने का समय माँग रहे हैं लेकिन वे इतने व्यस्त हैं कि उन्हें विपक्ष से मिलने का समय तक नहीं है!! क्या माननीय CJI इसे संज्ञान में लेंगे? ECI हमेशा से कह देते हैं Supreme Court ने EVM पर अपना फ़ैसला सुना दिया है। क्या…

सुप्रीम कोर्ट से किया ये सवाल

वहीं दिग्विजय सिंह ने एक दूसरे ट्वीट में कहा कि ‘हम चुनाव आयोग से अगस्त से मिलने का समय मांग रहे हैं, लेकिन वह इतने व्यस्त हैं कि उन्हें विपक्ष से मिलने का समय तक नहीं है. क्या माननीय सीजेआई इसे संज्ञान में लेंगे? चुनाव आयोग हमेशा से कह देता है कि सुप्रीम कोर्ट ने EVM पर अपना फैसला सुना दिया है. क्या माननीय सीजेआई महोदय इलेक्शन कमीशन आपके कहने पर मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों से EVM के विषय में अपने प्रश्नों का उत्तर भी ना मांगे? यह कहां का न्याय है?’

Earthquake In MP: सीधी-सिंगरौली में फिर भूकंप के झटके, छह दिन में दूसरी बार हिली धरती, 3.6 रही तीव्रता

Earthquake tremors again in Sidhi-Singrauli

 

Earthquake In MP: सिंगरौली। सिंगरौली में एक बार फिर भूकंप के झटके महसूस किए गए। 6 दिन में दूसरी बार है जब विंध्य क्षेत्र में धरती हिली है। सिंगरौली के साथ सीधी, रीवा, जबलपुर के कुछ इलाकों में भी झटके महसूस किए गए। भूकंप की तीव्रता 3.6 तीव्रता रही। दोपहर 2 बजकर 33 मिनट पर लोगों को झटके भकंप के महसूस हुए जिसका हाइपोसेंटर 10 किमी गहराई पर था।

मध्य प्रदेश में सिंगरौली जिले की सरई, बैढ़न, देवसर, माड़ा और चितरंगी तहसीलों और सीधी जिले के कुसमी तहसील में कहीं-कहीं हल्के कंपन महसूस किये गये। भूकंप से सहमें लोग घरों से बाहर निकल आए। सिंगरौली में कोल ब्लॉक व पावर प्लांट की वजह से अक्सर भूकंप के घटके आते हैं। प्रशासन में अलर्ट हो गया है। कई गांवों में लगातार दूसरी बार इन झटकों से डर का माहौल फैल गया था। हालांकि अभी तक जान-माल के नुकसान की किसी तरह कोई सूचना नहीं है।

Best Hindi Film Of 2023: कम बजट में बनी वो फिल्म, जिसने इस एक्टर को बनाया सुपरस्टार, ऑडियंस ने दिया साल 2023 की बेस्ट मूवी का टैग

film made in low budget

 

Best Hindi Film Of 2023: साल 2023 में शाहरुख खान (Shah Rukh Khan) ने अपने कमबैक से बॉक्स ऑफिस पर तहलका मचा दिया. साल की शुरुआत में रिलीज हुई किंग खान की ‘पठान’ (Pathaan) ने 1000 करोड़ से ज्यादा बिजनेस किया है. वहीं अब प्रभास (Prabhas) की ‘सालार’ (Salaar) दुनियाभर में बंपर कमाई कर रही हैं. इन दोनों फिल्मों के बीच एक ऐसी मूवी रिलीज हुई जिसने ऑडियंस का दिल जीत लिया. उस मूवी का नाम है ’12th फेल’.

इस मूवी ने जीत लिया ऑडियंस का दिल

विक्रांत मैसी की फिल्म ’12th फेल’ 27 अक्टूबर, 2023 को सिनेमाघरों में दस्तक दी थी. रिलीज के बाद इस मूवी ने ना सिर्फ लोगों के दिलों को जीता बल्कि बॉक्स ऑफिस पर भी बंपर कमाई की. ’12th फेल’ आईपीएस मनोज कुमार शर्मा की बायोपिक है जिसमें विक्रांत मैसी ने लीड रोल निभाया है. मूवी में दिखाया गया है कि कैसे गरीब परिवार से ताल्लुक रखने वाले मनोज कुमार शर्मा हर मुश्किल का सामने करते हुए दिन-रात पढ़ाई करते हैं और लास्ट अटेम्प्ट में आईपीएस बन जाते हैं.

 

आईएमडीबी पर मिली 9.2 रेटिंग

फिल्म ’12th फेल’ की कहानी के साथ-साथ विक्रांत मैसी की एक्टिंग की भी जमकर तारीफ हो रही हैं. ऑडियंस ने ’12th फेल’ को साल 2023 की बेस्ट फिल्म का टैग दिया है. वहीं, आईएमडीबी पर इस मूवी को 10 में से 9.2 रेटिंग मिली है. इस फिल्म की सक्सेस के बाद बॉलीवुड इंडस्ट्री में विक्रांत मैसी का कद और ऊंचा हो गया है.

विक्रांत मैसी बने सुपरस्टार

विक्रांत मैसी ने टीवी से अपने करियर की शुरुआत की थी. फिल्मों में आने से पहले उन्होंने ‘धर्मवीर’, ‘बालिका वधू’ और ‘कुबूल है’ जैसे शोज़ मे अपनी एक्टिंग का जलवा बिखेरा है. साल 2013 में विक्रांत मैसी ने रणवीर सिंह की मूवी ‘लुटेरा’ से बॉलीवुड में कदम रखा था. हालांकि, इसमें उनका सिर्फ सपोर्टिंग रोल था. इसके बाद उन्होंने ‘दिल धड़कने दो’, ‘हाफ गर्लफ्रेंड’, ‘छपाक’ जैसी कई फिल्मों में साइड रोल किया. कई मूवीज में विक्रांत ने लीड रोल भी निभाया है लेकिन उन्हें वो पॉपुलैरिटी नहीं मिली जो वह चाहते थे. हालांकि, ’12th फेल’ की सफलता ने विक्रांत मैसी को सुपरस्टार की कैटेगरी में ला दिया है.

बॉक्स ऑफिस पर 12th फेल ने की बंपर कमाई

मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो, विक्रांत मैसी (Vikrant Massey) की फिल्म ’12th फेल’ 20 करोड़ के बजट में बनी है. ट्रेड एनालिस्ट तरण आदर्श के मुताबिक, फिल्म ने भारत में 50 करोड़ का बिजनेस किया है. वहीं सैकनिल्क के अनुसार, दुनियाभर में ’12th फेल’ की टोटल कमाई 60 करोड़ रुपये हुई है. ’12th फेल’ फिल्म को आप ओटीटी प्लेटफॉर्म डिज्नी प्लस हॉटस्टार पर देख सकते हैं.

CM Mohan Yadav: ओंकारेश्वर पहुंचे मुख्यमंत्री मोहन यादव, महंत मंगलदास त्यागी से आश्रम में की मुलाकात

Chief Minister Mohan Yadav reached

 

खंडवा। मुख्यमंत्री मोहन यादव रविवार शाम 5:15 बजे ओंकारेश्वर के निकट कोठी हेलीपैड पहुंचे। हेलीपैड पर क्षेत्रीय विधायक नारायण पटेल ने उनका स्वागत किया। संभागायुक्त इंदौर मालसिंह, एडीजी राकेश कुमार गुप्ता, आईजी चंद्रशेखर सोलंकी, कलेक्टर अनूप कुमार सिंह, पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र सिंह सहित भाजपा नेताओं ने उनकी अगवानी की। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव हेलीपैड पर स्थानीय नागरिकों से भी मिले।

यहां से मुख्यमंत्री डॉ यादव ने ओंकारेश्वर में महंत मंगलदास त्यागी के आश्रम में दर्शन और पूजन किया। रात्रि में वे भगवान ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग का दर्शन पूजन करेंगे। वहीं रात्रि विश्राम मध्य प्रदेश पर्यटन बोर्ड के सैलानी टापू पर करेंगे।

Prevent Cancer: कैंसर से बचना है तो छोड़ दें अपनी इन बुरी आदतों को, वरना जा सकती है जान

Prevent Cancer

 

Prevent Cancer: हमारे देश में तंबाकू, सुपारी, धूमपान, शराब, अनियमित जीवनशैली एवं खानपान के कारण हर साल कैंसर के करीब 15 लाख नए मामले सामने आ रहे हैं। करीब आठ लाख मरीजों की मृत्यु हो रही है। पुरुषों में मुंह, फेफड़े और पेट के कैंसर के मामले ज्यादा पाए जाते हैं। महिलाओं में सबसे अधिक स्तन, बच्चेदानी और अंडाशय कैंसर पाया जाता है।

 

हेड एवं नेक कैंसर सर्जन डा. अपूर्व गर्ग का कहना है कि कैंसर के मुख्य लक्षण हैं मुंह में छाले, लंबे समय तक खांसी, अचानक वजन में कमी, स्तन एवं गले में गठान, महिलाओं में रजोनिवृत्ति के बाद खून का स्राव इत्यादि। पिछले दशक के बाद से कैंसर के इलाज की तकनीकों में तीव्र गति से विकास हुआ है और आज इसके कई मरीज पूर्णतः स्वास्थ्य जीवन जी रहे हैं।

शुरुआती स्टेज में इलाज तो नियंत्रित हो सकती है बीमारी

स्तन एवं मुंह के कैंसर के मरीज शुरुआती स्टेज में अपना इलाज लेने पर 90 प्रतिशत तक बीमारी को नियंत्रित कर सकते हैं। फेफड़े के कैंसर के स्टेज चार के एक तिहाई मरीज मात्र गोलियों के द्वारा अपनी बीमारी को नियंत्रित कर सकते हैं। आज कैंसर के इलाज में कारगर अत्याधुनिक चिकित्सा पद्धति हमारे ही शहर में उपलब्ध है। जिसके लिए मरीज को मुंबई, अहमदाबाद जैसे बड़े शहरों में जाने की जरूरत नहीं हैं।

इन चीजों से रखें दूरी

कैंसर के इलाज में देरी करना घातक सिद्ध हो सकता है। कैंसर से बचाव के लिए तंबाकू, गुटका, सिगरेट, बीड़ी, शराब, हुक्का, शीशा एवं ई-सिगरेट का सेवन न करें। वजन नियंत्रित रखें, रोज व्यायाम करें, ताजे फल, सब्जियां खाएं। कैंसर का इलाज समय पर करवाएं क्योंकि समय पर सही उपचार न मिलना मरीज के लिए जानलेवा साबित हो सकता है।

Blinkit Order: एक साल में मंगाए लगभग 10 हजार कंडोम, होर्डिंग लगाकर कंपनी ने दिया सम्मान

10 thousand condoms were

 

Blinkit Order List: व्यापार जगत में हमेशा कुछ न कुछ रोचक होता रहता है. हाल ही में जोमाटो ने एक लिस्ट जारी की थी, जिससे पता चला था कि देश में सबसे ज्यादा ऑनलाइन आर्डर बिरयानी के किए जाते हैं. अब जोमाटो (Zomato) के ही स्वामित्व वाली कंपनी ब्लिंकिट (Blinkit) ने साल 2023 में विभिन्न शहरों से आए ऑर्डर की लिस्ट अनूठे तरीके से जारी की है. कंपनी ने जगह-जगह इन ऑर्डर के अलग-अलग होर्डिंग लगाकर इन ग्राहकों को सम्मानित किया है.

गुरुग्राम में खरीदे गए 65,973 लाइटर

ब्लिंकिट के सीईओ और को फाउंडर अलबिंदर ढींडसा (Albinder Dhindsa) ने बताया कि साल 2023 में कुछ मजेदार बिक्री रुझान सामने आए हैं. खरीदारी का यह पैटर्न सामाजिक बदलाव का संकेत देता है. इनके मुताबिक, दक्षिण दिल्ली के एक उपभोक्ता ने क्विक डिलीवरी प्लेटफॉर्म ब्लिंकिट से 9,940 कंडोम का ऑर्डर दिया. ‘ब्लिंकिट ट्रेंड्स 2023′ के अनुसार, गुरुग्राम ने 2023 में 65,973 लाइटर का ऑर्डर दिया. शहर ने इस साल शीतल पेय से अधिक टॉनिक वॉटर (कार्बोनेटेड पेय) का ऑर्डर दिया।

एक महीने में खरीदे 38 अंडरवियर

ब्लिंकिट ने कहा कि किसी ने एक महीने में 38 अंडरवियर का ऑर्डर दिया था. एक अन्य उपभोक्ता ने 972 मोबाइल चार्जर का ऑर्डर दिया. ऑनलाइन मार्केटिंग की बात करें तो इस साल स्विगी ने बताया कि सबसे ज्यादा बिरियानी ऑर्डर की गई. इसके अलावा विभिन्न शहरों में खरीदी गई अलग-अलग डिश की लिस्ट भी जारी की थी.

आधी रात के बाद मंगाई 3 करोड़ मैगी

ब्लिंकिट पर आधी रात के बाद लगभग 3,20,04,725 मैगी पैकेट वितरित किए गए. एक उपभोक्ता ने एक ऑर्डर में 101 लीटर मिनरल वाटर खरीदा था. इस वर्ष ब्लिंकिट के माध्यम से लगभग 80,267 गंगाजल की बोतलें वितरित की गईं. 2023 में किसी ने 4,832 नहाने के साबुन खरीदे थे. इस साल सुबह 8 बजे से पहले लगभग 351,033 प्रिंटआउट वितरित किए गए और 1,22,38,740 आइसक्रीम और 8,50,011 आइस क्यूब पैकेट के साथ 45,16,490 ईनो पाउच का ऑर्डर दिया गया. हैदराबाद से किसी ने 2023 में 17,009 किलोग्राम चावल का ऑर्डर दिया.

Finance Commission: भारत सरकार ने नीति आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष अरविंद पनगढ़िया की अध्यक्षता में नए वित्त आयोग का गठन किया

Government of India constituted a

 

Finance Commission: भारत सरकार ने 16वें वित्त आयोग (Finance Commission) का गठन कर दिया है. नीति आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष अरविंद पनगढ़िया (Arvind Panagariya) को वित्त आयोग का अध्यक्ष बनाया गया है. इसके अलावा ऋत्विक रंजनम पांडे को (Ritvik Ranjanam Pandey) आयोग का सचिव बनाया गया है. आयोग के अन्य सदस्यों के नाम बाद में घोषित किए जाएंगे.

वित्त मंत्रालय ने जारी की अधिसूचना

वित्त मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना के हिसाब से आयोग के सदस्यों का कार्यकाल 31 अक्टूबर, 2025 तक या रिपोर्ट प्रस्तुत करने की तारीख तक के लिए होगा.

इन विषयों पर राय देगा वित्त आयोग

केंद्र सरकार द्वारा गठित 16वां वित्त आयोग संघ और राज्यों के बीच करों के बंटवारे, राजस्व अनुदान और राज्य के वित्त आयोगों द्वारा की गई सिफारिशों के आधार पर राज्य में पंचायतों और नगर पालिकाओं के संसाधनों के संपूरण के लिए राज्य की संचित निधि को बढ़ने के लिए आवश्यक उपायों पर अपनी सिफारिश देगा. इसके अलावा 16वां वित्त आयोग आपदा प्रबंधन के उपायों पर भी अपनी सिफारिश देगा. साथ ही डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट, 2005 के हिसाब से फंड बंटवारे पर भी निर्णय लेगा.

31 अक्टूबर, 2025 तक सिफारिशें प्रस्तुत करने के निर्देश

16वें वित्त आयोग को निर्देश दिए गए हैं कि वह 31 अक्टूबर, 2025 तक अपनी सिफारिशें प्रस्तुत कर दे ताकि 1 अप्रैल, 2026 से 5 साल के लिए उनको लागू किया जा सके. 15वें वित्त आयोग (15th Finance Commission) का गठन 27 नवंबर, 2017 को किया गया था. इसने अपनी अंतरिम और अंतिम रिपोर्ट के माध्यम से 1 अप्रैल, 2020 से शुरू होने वाली छह साल की अवधि के दौरान सिफारिशें कीं. 15वें वित्त आयोग की सिफारिशें वित्तीय वर्ष 2025-26 तक लागू हैं.

21 नवंबर, 2022 को किया गया था एडवांस सेल का गठन

वित्त आयोग का गठन हर 5वें साल या उससे पहले किया जाता है. हालांकि, 15वें वित्त आयोग (15th Finance Commission) की सिफारिशें 31 मार्च 2026 तक की छह साल की अवधि को कवर करती हैं, इसलिए नए आयोग का गठन किया गया है. 16वें वित्त आयोग की एडवांस सेल का गठन 21 नवंबर, 2022 को फाइनेंस मिनिस्ट्री में किया गया था, ताकि आयोग के औपचारिक गठन तक प्रारंभिक कार्य की निगरानी की जा सके.

MP News: लोकसभा चुनाव को देखते हुए कार्य योजना बनाएंगे मंत्री, अगले सप्ताह से शुरू होगा बैठकों का सिलसिला

make action plan in view of Lok Sabha

 

MP News: भोपाल। प्रदेश में विभाग आवंटन के बाद सभी मंत्री लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए अपनी कार्ययोजना बनाएंगे। इसमें उन कार्यों को प्राथमिकता में लिया जाएगा, जिनमें अतिरिक्त वित्तीय संसाधन नहीं लगने हैं और फरवरी तक प्रारंभ किए जा सकते हैं। विभागों ने इसकी प्रारंभिक तैयारी कर ली है, जिसे मुख्यमंत्री के साथ अगले सप्ताह प्रस्तावित मंत्रियों की बैठक में अंतिम रूप दिया जा सकता है। विभागीय बैठकों का सिलसिला अगले सप्ताह से प्रारंभ हो जाएगा।

अप्रैल से जुलाई 2024 तक के लिए बजट

बता दें कि मुख्यमंत्री ने काम संभालने के बाद अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, सचिव और विभागाध्यक्षों के साथ बैठक की थी। इसमें सभी को संकल्प पत्र की प्रति सौंपकर कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए गए थे। विभाग आवंटन के बाद मंत्रियों की पहली प्राथमिकता द्वितीय अनुपूरक बजट और लेखानुदान में विभागीय योजनाओं के लिए राशि आवंटित कराने की होगी। लोकसभा चुनाव के कारण सरकार ने वर्ष 2024-25 के बजट के स्थान पर लेखानुदान लाने का निर्णय किया है, जो एक लाख करोड़ रुपये से कम का होगा। इसमें अप्रैल से जुलाई 2024 तक के लिए विभागों को बजट आवंटित किया जाएगा।

सभी मुख्यमंत्रियों के पास शुरुआती दौर में रहा गृह विभाग

प्रदेश में उमा भारती हों या फिर शिवराज सिंह चौहान, सभी ने शुरुआती दौर में गृह विभाग अपने पास ही रखा, मगर कुछ माह के बाद इस विभाग को उन्होंने दूसरे मंत्री को आवंटित कर दिया। 2003 में मुख्यमंत्री बनी उमा भारती ने गृह सहित नौ विभाग अपने पास रखे थे। जुलाई 2004 में बाबूलाल गौर को गृह मंत्री बना दिया गया। जून 2005 में बतौर मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर और दिसंबर 2005 में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी गृह अपने पास रखा, लेकिन कुछ ही दिनों बाद उन्होंने गृह विभाग नागेंद्र सिंह को दे दिया। अब मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव ने गृह विभाग अपने पास रखा है।

वरिष्ठ आईएएस संदीप यादव बने जनसंपर्क आयुक्त

वरिष्ठ आईएएस संदीप यादव बने जनसंपर्क आयुक्त
नर्मदा पुरम कलेक्टर नीरज सिंह को बनाया उज्जैन कलेक्टर और बैतूल कलेक्टर अमनबीर सिंह को गुना कलेक्टर नियुक्त किया।

 

 

Amit Shah: एक जनवरी को खरगोन से केंद्रीय मंत्री अमित शाह मप्र को देंगे साइबर तहसील की सौगात

Shah will gift Cyber ​​Tehsil

 

Amit Shah: भोपाल। एक जनवरी 2024 से मध्य प्रदेश के शेष 43 जिलों में साइबर तहसील शुरू हो जाएंगी। खरगोन में एक जनवरी को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह मध्य प्रदेश को साइबर तहसील की सौगात देंगे। शाह एक जनवरी को खरगोन पहुंचेंगे और साइबर तहसील के शुभारंभ के अलावा मध्य प्रदेश को अन्य विकास कार्यों की सौगात देंगे।

सीएम ने दिया था आमंत्रण

मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव ने शुक्रवार को अमित शाह को दिल्ली जाकर साइबर तहसील के शुभारंभ कार्यक्रम का आमंत्रण दिया था। जिसे शाह ने स्वीकार लिया है। इस व्यवस्था से रजिस्ट्री के बाद नामांतरण, अविवादित नामांतरण के लिए तहसील कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाना होगा। रजिस्ट्री के 15 दिनों के भीतर ही नामांतरण हो जाएगा, इसके लिए अलग से आवेदन करने की आवश्यकता नहीं होगी।

अभी 12 जिलों में ही साइबर तहसील की व्यवस्था

अभी केवल 12 जिलों में ही साइबर तहसील की व्यवस्था लागू है। शेष 43 जिलों में अब भी दफ्तर के चक्कर लगाने होते हैं, लेकिन एक जनवरी से अन्य 43 जिलाें में भी साइबर तहसील की व्यवस्था लागू हो जाएगी। इसके लिए अलग से स्टाफ भी रखा जाएगा और प्रमुख राजस्व आयुक्त कार्यालय में भी स्टाफ बढ़ाया जाएगा। बता दें कि मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव ने 13 दिसंबर को मंत्रिमंडल की पहली बैठक एक जनवरी 2024 से साइबर तहसील की व्यवस्था प्रदेश के सभी 55 ज़िलों में लागू करने का निर्णय लिया था।

दतिया और सीहोर से शुरू हुआ था पायलट प्रोजेक्ट

मध्य प्रदेश में सबसे पहले दतिया एवं सीहोर दो जिले में पायलट प्रोजेक्ट के तहत 27 मई 2022 को साइबर साइबर तहसील लागू की गई थी। इसके लिए तत्कालीन गृह मंत्री डा. नरोत्तम मिश्रा प्रयासरत थे। इसके बाद छह अक्टूबर 2022 को इंदौर, हरदा, डिंडौरी एवं सागर जिले में साइबर तहसील लागू की गई। 10 अगस्त 2023 को साइबर तहसील आगर मालवा, बैतूल, उमरिया, श्योपुर, विदिशा एवं ग्वालियर छह जिलों में प्रभावशील की गई। इस तरह डेढ़ साल में साइबर तहसील सिर्फ 12 जिलों में ही प्रभावशील थी। अब यह साइबर तहसील शेष 43 जिलों में भी एक जनवरी से लागू की गई है।

फेसलेस और पेपरलेस है साइबर तहसील में व्यवस्था

प्रदेश में बिना आवेदन, नामांतरण और अभिलेख दुरुस्तीकरण की व्यवस्था जून, 2022 से लागू की गई है। इसे साइबर तहसील नाम दिया गया है। इसमें रजिस्ट्री उपरांत, क्रेता के पक्ष में अविवादित नामांतरण, एक फेसलेस, पेपरलेस तरीके से आनलाइन प्रक्रिया के द्वारा 14 दिन में बिना आवेदन के और बिना तहसील के चक्कर लगाए स्वतः हो जाता है और खसरे तथा नक्शे में भी क्रेता का नाम चढ़ जाता है। वर्तमान में यह व्यवस्था प्रदेश के 12 जिलों की 442 तहसीलों में लागू है। इसके माध्यम से अब तक 16 हजार से अधिक प्रकरणों का निराकरण किया जा चुका है।

nmms-scholarship-2026-27

NMMSS Scholarship 2026-27: छात्रों को बड़ी राहत, छात्रवृत्ति आवेदन की अंतिम तारीख बढ़ी, अब...

0
नई दिल्ली। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के मेधावी विद्यार्थियों के लिए केंद्र सरकार ने बड़ी राहत दी है। शिक्षा मंत्रालय ने राष्ट्रीय साधन-सह-योग्यता...
akshara goswami

मध्यप्रदेश स्थापना दिवस पर 102 मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान, हर छात्र को मिली 1...

0
भोपाल। मध्यप्रदेश के 71वें स्थापना दिवस के अवसर पर प्रदेश की शैक्षणिक प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया। भोपाल के लाल परेड मैदान में आयोजित...
poshan-tracker-pmmvy-grievance-redressal-2026

POSHAN Tracker और PMMVY की शिकायतों का होगा निपटारा, 30 अक्टूबर को देशभर में...

0
नई दिल्ली | 30 अक्टूबर 2026 | सामाजिक कल्याण समाचार केंद्र सरकार ने गर्भवती महिलाओं, स्तनपान कराने वाली माताओं और पोषण सेवाओं के लाभार्थियों की...
anath-bachchon-ke-liye-sarkari-yojana-2026

अनाथ बच्चों के लिए सरकार की खास योजनाएँ, पढ़ाई से लेकर आर्थिक सहायता तक

0
नई दिल्ली | सरकारी योजना समाचार देश में ऐसे कई बच्चे हैं, जिन्होंने अपने माता-पिता को खो दिया है या जिनके पास देखभाल करने वाला...
Government welfare schemes have improved the living standards of 22 crore people

सरकारी कल्याण योजनाओं से 22 करोड़ लोगों के जीवन स्तर में सुधार, MoSPI के...

0
नई दिल्ली। भारत में सरकारी सामाजिक कल्याण योजनाओं के माध्यम से गरीब और जरूरतमंद परिवारों को मिलने वाली मुफ्त या रियायती वस्तुओं से उनके...