यह राम की और काम की जीत है : रामेश्वर शर्मा

भोपाल, हुजर विधानसभा में प्रचंड मतों (1 लाख वोट) मिली जीत के बाद विधायक रामेश्वर शर्मा ने मीडिया से चर्चा में कहा मध्यप्रदेश की जनता के मन में भारतीय जनता पार्टी के प्रति विश्वास है। यह राम की और काम की जीत है। मध्यप्रदेश के मन में मोदी बसता है तो प्रदेश में कमल खिलना ही था। जनता के मन में मोदी के प्रति चाहत और शिवराज सिंह चौहान की सभाओं में जनसैलाब उमड़ता है, लाड़ली बहना जब चमत्कार करती है तो परिणाम स्वरूप चौतरफा कमल ही कमल खिलता है।

उन्होंने कहा कि यह जीत सनातन विरोधियों के गाल पर भी एक अच्छा खासा तमाचा है कि सुधार जाओ। सोचो कि जिस प्रकार रावण ने विरोध किया था राम का तो परिणाम क्या हुआ था। कंस ने विरोध किया था कृष्ण का तो परिणाम क्या हुआ था। आज तुम सनातन का विरोध कर रहे हो कांग्रेसियों तो परिणाम तुम समझ लो कि तुम्हारा परिणाम होने वाला क्या है। यह वह सनातन है जिसे रावण, बाबर अकबर और हुमायूं भी नहीं मिटा पाए तो तुम जैसे कांग्रेसियों की औकात क्या है। जब–जब सनातन से टकराआगे तो चूर चूर हो जाओगे।

MP Election Results 2023: कमल नाथ की प्रतिक्रिया- मध्य प्रदेश के मतदाताओं का फैसला स्वीकार

Kamal Nath's reaction - Accept the decision of the voters

 

 

मध्‍य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और छिंदवाड़ा से उम्मीदवार कमलनाथ ने कहा कि इस मुकाबले में हम मध्य प्रदेश के मतदाताओं का फैसला स्वीकार करते हैं।

कमल नाथ ने कहा कि आज विरोधी दल के नाते हम अपने कर्तव्य पर डटे रहेंगे। उन्‍होंने कहा कि मैं भाजपा को जीत की बधाई देता हूं।

कमल नाथ ने कहा कि हमारे सामने सबसे बड़ी चुनौती नौजवानों और किसानों की है। कृषि क्षेत्र से करीब 70 प्रतिशत अर्थव्‍यवस्‍था जुड़ी हुई है। उन्‍होंने कहा कि मैं मप्र के मतदाताओं पर आज भी विश्‍वास करता हूं। दूसरी ओर मीडिया के सवालों के जवाब में दिग्विजय सिंह ने कहा कि हम बैठकर चर्चा करेंगे।

Vidhan Sabha Chunav Result 2023: कांग्रेस की हार के बाद राहुल गांधी की पहली प्रतिक्रिया, बोले- जनादेश स्वीकार

Rahul Gandhi's first

 

कांग्रेस पूर्व अध्यक्ष और सांसद राहुल गांधी ने मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान में पार्टी की हार के बाद पहली प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि हम इस जनादेश को स्वीकार करते हैं।

कांग्रेस के सांसद राहुल गांधी ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा कि मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान का जनादेश हम विनम्रतापूर्वक स्वीकार करते हैं। विचारधारा की लड़ाई जारी रहेगी। तेलंगाना के लोगों को मेरा बहुत धन्यवाद। प्रजालु तेलंगाना बनाने का वादा हम जरूर पूरा करेंगे। सभी कार्यकर्ताओं को उनकी मेहनत और समर्थन के लिए दिल से शुक्रिया।

तेलंगाना के लोगों को मेरा बहुत धन्यवाद – प्रजालु तेलंगाना बनाने का वादा हम ज़रूर पूरा करेंगे।

सभी कार्यकर्ताओं को उनकी मेहनत और समर्थन के लिए दिल से शुक्रिया।

भाजपा की प्रचंड बहुमत

मध्यप्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में कांग्रेस हार की ओर बढ़ रही है। राजस्थान और छत्तीसगढ़ में भाजपा ने कांग्रेस को सत्ता से बाहर कर दिया है। वहीं मध्यप्रदेश में भाजपा ने अपनी सत्ता को बरकरार रखा है।

Sam Bahadur: सचिन तेंदुलकर से मिले विक्की कौशल, मास्टर ब्लास्टर ने फिल्म ‘सैम बहादुर’ के लिए कही ये बात

Vicky Kaushal met Sachin

 

Sachin Tendulkar On Sam Bahadur: भारत के पहले फील्ड मार्शल सैम मानेकशॉ पर बनी फिल्म लगातार सुर्खियां बटोर रही हैं. यह फिल्म लोगों को खूब पसंद आ रही है. भारत के पहले फील्ड मार्शल सैम मानेकशॉ पर बनी फिल्म का नाम सैम बहादुर है, वहीं एक्टर विक्की कौशल ने सैम मानेकशॉ का किरदार निभाया है. बहरहाल, अब पूर्व भारतीय दिग्गज सचिन तेंदुलकर ने फिल्म सैम बहादुर और एक्टर विक्की कैशल की जमकर तारीफ की.

‘सैम बहादुर शानदार फिल्म है… यह फिल्म सबको देखना चाहिए’

दरअसल, सचिन तेंदुलकर ने एक ट्वीट किया है. इस ट्वीट में सचिन तेंदुलकर एक्टर विक्की कौशल संग नजर आ रहे हैं. साथ ही तस्वीर में मास्टर ब्लास्टर की वाइफ अंजली तेंदुलकर दिख रही हैं. सचिन तेंदुलकर ने फोटो कैप्शन में लिखा- सैम बहादुर शानदार फिल्म है… यह फिल्म सबको देखना चाहिए. सभी पीढ़ी के लोग सैम बहादुर देखने के बाद अपने देश के इतिहास को बेहतर तरीके से समझ पाएंगे. साथ ही जान पाएंगे कि किस तरह सैम मानेकशॉ ने त्याग किया.

‘विक्की कौशल की एक्टिंग देख ऐसा लगा मानो सैम मानेकशॉ सच में हमारे सामने हैं’

इसके अलावा सचिन तेंदुलकर ने फिल्म में सैम मानेकशॉ का किरदार निभाने वाले एक्टर विक्की कौशल की जमकर तारीफ की. मास्टर ब्लास्टर ने अपने ट्वीट में लिखा- विक्की कौशल ने शानदार एक्टिंग की. इस एक्टिंग के बाद ऐसा लगा मानो सैम मानेकशॉ सच में हमारे सामने हैं. बताते चलें कि पिछले दिनों भारत के पहले फील्ड मार्शल सैम मानेकशॉ पर बनी फिल्म सैम बहादुर रिलीज हुई. इस फिल्म में विक्की कौशल ने सैम मानेकशॉ का किरदार निभाया है.

New Guidelines for Ecommerce: ईकॉमर्स कंपनियों पर नकेल, डार्क पैटर्न पर लगा बैन

Ecommerce: Crackdown on

 

सरकार ने ग्राहकों को गुमराह कर रही ईकॉमर्स कंपनियों पर सख्ती करते हुए उनकी नकेल कस दी है. भ्रामक विज्ञापनों के जरिए लोगों को खरीदारी के लिए मजबूर करने वाले डार्क पैटर्न (Dark Patterns) पर बैन लगा दिया गया है. अब कोई भी ईकॉमर्स प्लेटफॉर्म ऐसी किसी भी डार्क पैटर्न का इस्तेमाल नहीं पाएगा. ऑनलाइन या ऑफलाइन ऐसा कोई भी हथकंडा इस्तेमाल करने पर 10 लाख रुपये का जुर्माना भी लगेगा. इससे अमेजन और फ्लिपकार्ट समेत लगभग हर ईकॉमर्स कंपनी के कारोबार पर असर पड़ेगा. मगर, ग्राहकों के हित सुरक्षित रहेंगे. आइए समझने की कोशिश करते हैं कि आखिर यह क्या बला है.

गुमराह करने वाले विज्ञापन अब और नहीं

ईकॉमर्स कंपनियां अपना माल बेचने के लिए काफी समय से इस गलत तरीके को इस्तेमाल करने लगी थीं. ग्राहकों को गुमराह करने वाले मैसेज और विज्ञापन दिखाए जाते थे. इनमें लिखा होता था कि यह प्रोडक्ट खत्म होने वाला है या फ्लाइट-बस में तेजी से सीटें खत्म हो रही हैं. ये दावे लोगों को गुमराह करने वाले होते हैं. इसके चलते लोग हड़बड़ी में खरीदारी कर डालते थे. गुड्स एवं सर्विसेज सेक्टर में ऐसे डार्क पैटर्न की गलत प्रेक्टिस को बढ़ता देखकर सेंट्रल कंज्यूमर प्रोटेक्शन अथॉरिटी (CCPA) ने नोटिफिकेशन जारी करते हुए इस बैन लगा दिया है.

लोगों को मजबूर कर कराई जाती है खरीदारी

डार्क पैटर्न से कंपनियां ग्राहकों को गुमराह करने वाले विज्ञापन दिखाती हैं. साथ ही विज्ञापनों में उत्पादों की कीमत कुछ और दिखाई जाती है, जबकि खरीदते समय कीमत बदल जाती है. इन फर्जी विज्ञापनों से कंपनी को फायदा होता है. मगर, इसके चलते ग्राहकों के अधिकारों का उल्लंघन होता है. अब ऐसा करने वाली कंपनियों पर जुर्माना लगाया जाएगा. डार्क पैटर्न का इस्तेमाल ऑफलाइन सेल में भी किया जाने लगा था.

छुपी हुई शर्तों वाली डील अब नहीं चलेगी

कई बार ग्राहकों को लुभाने के लिए ई-कॉमर्स कंपनियां दावा करती हैं कि किसी प्रोडक्ट पर 50 फीसदी छूट सिर्फ दो घंटे के लिए है. मगर, यह एक डार्क पैटर्न डील होती है क्योंकि इसकी छुपी हुई शर्तों के चलते हर कोई इसका लाभ नहीं ले सकता. हालांकि, वेबसाइट का ट्रेफिक बढ़ जाता है. साथ ही संभावना बढ़ जाती है कि आप कोई और प्रोडक्ट खरीद लें. नए नियमों में साफ कहा गया है कि शॉर्ट टाइम डील के नाम पर ग्राहकों को गुमराह नहीं किया जा सकता है. न ही सब्सक्रिप्शन का दबाव डाला जा सकता है. डिस्काउंट को भी छिपाया नहीं जा सकता है.

Malmas 2023: मलमास 16 दिसंबर से, मांगलिक कार्यों पर एक महीने के लिए लगेगा विराम

From December 16, there will be a pause on

 

पंचांग की गणना के अनुसार 16 दिसंबर को दोपहर 4 बजकर 5 मिनट पर सूर्य वृश्चिक राशि को छोड़कर धनु राशि में प्रवेश करेंगे। सूर्य का धनु राशि में प्रवेश धनुर्मास कहलाता है। सामान्य बोलचाल में हम इसे खरमास या मलमास के नाम से जानते हैं। धर्नुमास 16 दिसंबर से 15 जनवरी तक एक माह रहेगा। इस एक माह में विवाह आदि मांगलिक कार्यों पर विराम रहेगा।

 

शास्त्रों में धनुर्मास के दौरान भगवत भजन, तीर्थाटन और भागवत श्रवण का विशेष महत्व बताया गया है। 16 दिसंबर से 16 जनवरी पर्यंत विवाह, यज्ञोपवीत, गृह वास्तु आदि निषेध माने जाते हैं अर्थात इस दौरान इस प्रकार के कार्य वर्जित बताए गए हैं। मकर संक्रांति से पुनः विवाह यज्ञोपवीत आदि के मुहूर्त आरंभ हो जाएंगे।

हर माह एक राशि में परिभ्रमण करते हैं सूर्य

वर्षभर में सूर्य देवता बारह राशियों में परिभ्रमण करते हैं। सूर्य का एक राशि से दूसरी राशि में प्रवेश संक्रांति कहलाता है। जब सूर्य मकर राशि में प्रवेश करते हैं, तो इस दिन को हम मकर संक्रांति कहते हैं। मकर से पहले सूर्य का धनु राशि में प्रवेश होता है, जो सूर्य की धनु संक्रांति अर्थात धनुर्मास कहलाता है।

धनु संक्रांति सूर्य के दक्षिणायन का अंतिम भाग है। इसके अगले महीने सूर्य मकर राशि में प्रवेश करते हैं, इसे सूर्य का उत्तरायण कहा जाता है। सूर्य के उत्तरायण के छह माह शुभ मांगलिक कार्यों के लिए विशेष शुभ माने जाते हैं।

तीर्थ यात्राओं का पांच गुना पुण्य फल

धनु संक्रांति के अंतर्गत धार्मिक यात्राओं का विशेष महत्व है। क्योंकि इसी दौरान शारीरिक अक्षमता ठंड आदि से संबंधित विपरीत स्थिति सामने आती है। इसी दौरान नदी के तट पर पूजन और स्नान का महत्व बताया गया है। क्योंकि यह भी एक प्रकार की कठिन साधना का ही भाग माना जाता है।

धनुर्मास की संक्रांति के दौरान धार्मिक यात्राओं पर किए गए धार्मिक कार्य जिसके अंतर्गत जाप, भजन, दान आदि पुण्य की वृद्धि वाले माने जाते हैं। खास खास पर्व भी इसी मास में धनुर्मास में मोक्षदा एकादशी, हनुमान अष्टमी, दत्तात्रय जयंती आदि पर्व आते हैं, जो विशेष पुण्य देने वाले बताए गए हैं। अर्थात इस दौरान व्रत आदि धार्मिक कार्य करने से अनुकूलता तथा पारिवारिक सुख शांति की प्राप्ति होती है।

नेत्रों के विकार से मुक्ति के लिए विशेष माह

भारतीय ज्योतिष शास्त्र में नेत्रों का कारक व आत्मा का कारक सूर्य को बताया गया है। कृष्ण यजुर्वेदीय सिद्धांत के अनुसार की इस दौरान भगवान सूर्य नारायण को उदय काल के समय जल अर्पित करने तथा नेत्र उपनिषद के पाठ से नेत्र या आंखों से संबंधित समस्याओं का निराकरण होता है। साथ ही आत्मविश्वास में वृद्धि होती है।

Pulses Import: भोजन की थाली में कम नहीं होगी दाल, इस तरह से इंतजाम कर रही सरकार

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भारत में दालों की मांग पूरी करने के लिए केंद्र सरकार लगातार प्रायसरत है. सरकार ने हाल ही में मोजाम्बिक, मलावी और म्यांमार से दालों का आयात करने के लिए समझोता किया था. अब इंडिया ने दक्षिण अमरीकी देशों का रुख किया है. सरकार ने इस संबंध में अर्जेंटीना और ब्राजील से वार्ता शुरू कर दी है. भारत सरकार की कोशिश है कि इन देशों में तुअर और उड़द दाल की खेती की जाए और उसे भारत को दे दिया जाए.

दक्षिण अमरीकी देशों में दालों की खपत काफी कम

सूत्रों के मुताबिक, भारत और अर्जेंटीना के बीच वार्ता की प्रगति अच्छी दिशा में हो रही है. इंडिया इन देशों में पैदा हुई दालों को खरीदने के लिए मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (MOU) साइन करेगा ताकि इन दालों को कहीं और न बेचा जाए. हाल ही में ब्राजील के कृषि अधिकारियों ने भारत का दौरा किया था. इस दौरान भारत ने इस सौदे को लेकर चर्चा की थी. सरकार दालों के आयात के लिए कुछ देशों पर निर्भर है. अब इस निर्भरता को सरकार खत्म करना चाहती है. चूंकि, दक्षिण अमरीकी देशों में दालों की खपत काफी कम है. साथ ही दालों को उगाने के लिए एकदम उपयुक्त मौसम भी. इसलिए भारत के लिए ये देश अच्छा विकल्प हैं.

2.28 मिलियन टन दालों का आयात हुआ

इस साल भारत ने 2.28 मिलियन टन दालों का आयात कर लिया है. इसमें 1.08 मिलियन टन मसूर, 0.77 मिलियन टन तुअर, 0.42 मिलियन टन उड़द या काली दाल शामिल है. इसमें से ज्यादातर आयात ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, म्यांमार, मोजाम्बिक, तंजानिया, सूडान और मलावी से किया गया है. ब्राजील में सालाना 3 मिलियन टन दाल का उत्पादन होता है. इससे न केवल घरेलू मांग पूरी हो जाती है. साथ ही वियतनाम, पाकिस्तान और इजिप्ट को निर्यात भी किया जाता है. भारत तुअर दाल की मांग को पूरा करने के लिए इथियोपिया और तंजानिया में संभावनाएं तलाश रही है.

चना और मूंग का पर्याप्त उत्पादन

देश में चना और मूंग का उत्पादन कुल खपत को पूरा कर देता है. हमें इसके आयात की जरूरत नहीं पड़ती. भारत में दालों का उत्पादन तेजी से बढ़ा है. मगर, मांग की पूर्ति नहीं हो पा रही है. सरकार ने हाल ही में तुअर, उड़द और मसूर की आयत पर से पाबंदी हटाई थी. क्योंकि कमी के चलते भारत में कीमत बढ़ने लगी थी. देश में होने वाली कुल खपत का लगभग 15 फीसदी हिस्सा सरकार को आयात करना पड़ता है.

Cyclone Michaung: ट्रेनें रद्द, स्कूल बंद, ऑरेंज अलर्ट, मिचौंग तूफान से इन राज्यों में मंडराया खतरा, IMD ने किया सतर्क

Cyclone Michaung

 

मौसम विभाग ने शनिवार को कहा कि बंगाल की दक्षिण-पश्चिम खाड़ी के ऊपर दबाव का क्षेत्र रविवार (3 दिसंबर) को चक्रवाती तूफान में तब्दील हो जाएगा। जिससे तमिलनाडु के उत्तरी तटीय जिलों और आंतरिक इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश संभव है।

 

आईएमडी ने अपने बुलेटिन में कहा

आईएमडी ने अपने बुलेटिन में बताया कि तूफान 4 दिसंबर (सोमवार) की सुबह तक दक्षिण आंध्र प्रदेश और उत्तरी तमिलनाडु तटों से होते हुए पश्चिम मध्य बंगाल की खाड़ी पहुंचेगा। इसके बाद 5 दिसंबर को नेल्लोर और मछलीपट्टनम के बीच आंध्र प्रदेश तट को पार कर जाएगा।

4 दिसंबर तक यहां पहुंचेगा चक्रवात

मौसम विभाग ने अपनी भविष्याणी में कहा कि चक्रवात के कारण 80 से 100 किमी प्रति घंटे की स्पीड से हवाएं चलेंगी। चेन्नई के मौसम विज्ञान के उप महानिदेशक एल बालचंद्रन ने बताया कि दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी पर दबाव है। यह उत्तर पश्चिम की तरफ बढ़ रहा है। अगले 24 घंटों में चक्रवात के और अधिक केंद्रित होने की संभावना है। यह उत्तर पश्चिम की ओर बढ़ेगा। 4 दिसंबर तक दक्षिण आंध्र की पश्चिम मध्य खाड़ी और उत्तरी तमिलनाडु तट तक पहुंच जाएगा। फिर उत्तर दिशा में तट के समानांतर चलेगा।

3 से 5 दिसंबर तक ऑरेंज अलर्ट जारी

मौसम विभाग ने तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 3 से 4 दिसंबर को भारी बारिश की संभावना जताई है। वहीं, दक्षिण तटीय आंध्र प्रदेश और यमन में रविवार को भारी से बहुत भारी बारिश संभव है। ओडिशा में 5 दिसंबर को भारी से बहुत भारी वर्षा की भविष्यवाणी की गई है। आईएमडी ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।

स्कूल बंद और मछुआरों के तट जाने पर रोक

तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश में चक्रवात मिचौंग का खतरा है। चेन्नई, चेंगलवपट्टू, कांचीपुरम और तिरुवल्लूर सहित कई शहरों में बारिश के कारण लोग परेशान हैं। सरकार से स्कूल बंद रखने के आदेश दिए हैं। आईएमडी ने मछुआरों को समुद्र में ना जाने की सलाह दी है।

पूर्व मध्य रेल की 17 जोड़ी ट्रेनें रद्द

पूर्व मध्य रेलवे ने मिचौंग तूफान को लेकर 17 जोड़ी ट्रेनों का परिचालन रद्द कर दिया गया है। जिनमें गाड़ी नंबर 03251 दानापुर-एसएमभीबी स्पेशल, 03252 एसएमभीबी-दानापुर स्पेशल, 06509 बेंगलुरु-दानापुर स्पेशल, 06510 दानापुर-बेंगलुरु स्पेशल और 12295 एसएमभीबी-दानापुर संघमित्रा एक्सप्रेश शामिल है।

MP Election Results: हिन्दुत्व कार्ड से लेकर सोशल इंजीनियरिंग तक, मध्यप्रदेश में बीजेपी के जीत की 5 बड़ी वजहें

5 big reasons for

MP Election Results: हिन्दुत्व कार्ड से लेकर सोशल इंजीनियरिंग तक, मध्यप्रदेश में बीजेपी के जीत की 5 बड़ी वजहें

अगर एक लाइन में ही मध्यप्रदेश में बीजेपी की जीत की वजह बतानी हो तो शिवराज सिंह चौहान की लाड़ली बहना योजना ने पूरे मध्यप्रदेश में कांग्रेस को दरकिनार कर बीजेपी के हाथ में सत्ता दे दी है.

तमाम चुनावी विश्लेषणों को धता बताते हुए भारतीय जनता पार्टी ने मध्यप्रदेश का विधानसभा चुनाव जीत लिया है. अब सवाल ये है कि मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ही रहेंगे या फिर उनकी जगह कोई और लेगा. लेकिन इस सवाल से पहले उन वजहों को तलाशने की कोशिश करते हैं, जिन्होंने मध्यप्रदेश में हार रही बीजेपी को बड़ी जीत दिलाई है.

अगर एक लाइन में ही मध्यप्रदेश में बीजेपी की जीत की वजह बतानी हो तो शिवराज सिंह चौहान की लाड़ली बहना योजना ने पूरे मध्यप्रदेश में कांग्रेस को दरकिनार कर बीजेपी के हाथ में सत्ता दे दी है. यही वो योजना है, जिसके जरिए एमपी के माम शिवराज सिंह चौहान ने 1250 रुपये सीधे महिलाओं के खाते में ट्रांसफर कर एक नया लाभार्थी वोट बैंक बनाया. इन लाभार्थियों की संख्या करीब 1 करोड़ 30 लाख के पार थी, जिनके वोट शिवराज बीजेपी के पाले तक खींचकर लाए.

एमपी के मन में है मोदी

मध्यप्रदेश चुनाव में बीजेपी ने बड़े जोर-शोर से इस नारे को उछाला था. और ये नारा काम कर गया. शुरुआती चुनावी प्रचार में बीजेपी पिछड़ती हुई दिख रही थी, लेकिन जैसे ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ताबड़तोड़ रैलियां शुरू हुईं, गेम पलट गया. और जो साइलेंट वोटर था, जो शिवराज सिंह चौहान या फिर स्थानीय विधायक-मंत्री से नाराज था, उसने भी पीएम मोदी के चेहरे पर भरोसा जताया और नतीजा सबके सामने है.

बीजेपी का हिंदुत्व कार्ड

मध्यप्रदेश में बीजेपी ने हिंदुत्व कार्ड चलने में कोई कसर नहीं छोड़ी. बात चाहे उज्जैन महाकाल लोक निर्माण की हो या फिर अयोध्या में बन रहे राम मंदिर की, बीजेपी ने इसे अपने व्यक्तिगत काम के तौर पर प्रचारित किया. 230 विधानसभा सीटों वाले एमपी में एक भी मुस्लिम को टिकट न देकर बीजेपी ने अपने इरादे जाहिर कर दिए. और नतीजा ये हुआ कि बीजेपी एमपी में अपने इतिहास की सबसे बड़ी जीत की ओर बढ़ गई.

बीजेपी की सोशल इंजीनियरिंग

बीजेपी भले ही जाति जनगणना का विरोध करे, लेकिन चुनाव में उसे जातियों का इस्तेमाल करना बखूबी आता है. सामाजिक विज्ञान या राजनीतिक विज्ञान की किताबों में इसे सोशल इंजीनियरिंग कहा जाता है. तो बीजेपी ने एमपी में भी सोशल इंजीनियरिंग की. सांसदों को भी चुनावी मैदान में उतारते वक्त उनकी जाति और उनके वोट का ध्यान रखा. 33 फीसदी महिला आरक्षण का दांव संसद से चला ही जा चुका था. लिहाजा जब नतीजे आए, तो कांग्रेस के पक्ष में बताए जा रहे तमाम समीकरण ध्वस्त हो गए.

बागियों पर भारी, शाह की तैयारी

टिकट बंटवारे के बाद जो लोग कांग्रेस की जीत का ऐलान कर रहे थे, उनकी निगाहें बीजेपी के बागियों पर टिकी थीं. टिकट कटने से नाराज बीजेपी नेताओं ने खुले तौर पर बगावत की थी. लेकिन अंतिम वक्त में गृहमंत्री अमित शाह ने कमान संभाली. बागियों को मनाया. 7 सांसदों को विधानसभा का चुनाव लड़वाया, जिनमें तीन मंत्री थे. कैलाश विजयवर्गीय जैसे कद्दावर नेता को इंदौर संभालने की जिम्मेदारी दे दी. भूपेंद्र यादव पल-पल की रिपोर्ट लेते रहे. वॉर रूम में अश्विनी वैष्णव की हमेशा मौजूदगी रही. हर एक पेच जो थोड़ा ढीला पड़ रहा था, अमित शाह ने खुद उसे कसा. और अब उसका आखिरी रिजल्ट सामने आ गया है.

बाकी असली खेल तो अब शुरू हुआ है. क्योंकि भले ही मध्यप्रदेश में शिवराज सिंह चौहान इस जीत के बाद लोकप्रियता के शीर्ष पर मौजूद हों, लेकिन अब भी मुख्यमंत्री पद के लिए उनके नाम का ऐलान नहीं हुआ है. तो इसके लिए करना होगा इंतजार.

Rajasthan Election Result: राज्यपाल से मिलकर अपना इस्तीफा सौंपेंगे अशोक गहलोत

Ashok Gehlot will meet the

 

सीएम अशोक गहलोत शाम साढ़े पांच बजे राज्यपाल से मिलने राजभवन पहुंचेंगे और अपना इस्तीफा सौंपेंगे. राजस्थान में बीजेपी जीत की ओर बढ़ती दिख रही है. रुझानों में वह कांग्रेस से कहीं आगे और बहुमत के आंकड़े को पार कर चुकी है. ऐसे में अब कांग्रेस की मौजूदा सरकार का जाना तय हो गया. रुझानों को देखते हुए बीजेपी के खेमे में जहां राजतिलक की तैयारी चल रही है तो वहीं सीएम अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) राज्यपाल कलराज मिश्र (Kalraj Mishra) से मिलकर उन्हें अपना इस्तीफा सौंपेंगे.

उधर, रूझानों को देखने के बाद कांग्रेस के खेमे में मायूसी छा गई है तो दूसरी तरफ बीजेपी के कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह है. कार्यकर्ताओं में जयपुर में ढोल-नगाड़ों के साथ जश्न मनाते और एक-दूसरे को मिठाई खिलाते नजर आए. बता दें कि 10 में से छह एग्जिट पोल में राजस्थान में बीजेपी की जीत का अनुमान जताया गया था. वहीं, एग्जिट पोलों के अनुमानों के इतर शनिवार शाम को सीएम गहलोत ने कांग्रेस के स्पष्ट बहुमत का दावा किया था लेकिन रविवार को जैसे ही वोटों की गिनती शुरू हुई परिणाम उससे अलग नजर आ रहे हैं और कांग्रेस पिछड़ रही है.

2018 की तुलना में कम हुई कांग्रेस की सीट

अभी तक के रुझानों में राजस्थान में कांग्रेस बहुमत से काफी पीछे है. यहां बहुमत के लिए 101 सीटों की दरकार है लेकिन कांग्रेस को रुझानों में अभी 69 सीटें मिलती दिख रही हैं जो कि 2018 के चुनाव से काफी कम है. दूसरी तरफ बीजेपी बहुमत की तरफ बढ़ रही है. वह 115 सीटों पर आगे चल रही है.

उधर, राजस्थान में रुझानों के बीच कुछ सीटों पर हार जीत का फैसला हो गया है. जमवारामगढ़, चोरासी, पिंडवाड़ा आबू, मनोहर ताना, किशनपोल, नागौर, डेगाना और मेड़ता सिटी पर नतीजे घोषित कर दिए गए हैं. आपको बता दें कि चुनाव से ठीक पहले बीजेपी में शामिल हुई डॉ. ज्योति मिर्धा चुनाव हार गई हैं. उन्हें नागौर में कांग्रेस के हरेंद्र मिर्धा ने हराया है.

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