आचार संहिता का उल्लंघन, छतरपुर में कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह सहित 60 लोगों पर मामला दर्ज

Violation of code of conduct

छतरपुर में आचार संहिता के उल्लंघन को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह सहित 60 लोगों पर मामला दर्ज़ किया गया है. विक्रम सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक,छतरपुर ने मंगलवार को इसकी जानकारी दी. उन्होंने कहा, “अपर कलेक्टर छतरपुर का प्रतिवेदन प्राप्त हुआ था जिसमें उल्लेख था कि ज़िले में आचार संहिता लागू होने के बावजूद कुछ लोगों के द्वारा थाना बिना अनुमति के थाना परिसर खजुराहो के सामने विरोध प्रदर्शन किया गया. 2 नामजद और 60 अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज़ किया गया है. इसमें कांग्रेस प्रत्याशी भी शामिल हैं.”

 

बता दें कि मध्य प्रदेश में 17 नवंबर को हुए विधानसभा चुनाव के नतीजे 3 दिसंबर को घोषित किए जाएंगे. कांग्रेस पार्षद सलमान खान की मौत को लेकर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह शनिवार (18 नवम्बर) को खजुराहो पहुंचे थे. उन्होंने मृतक के परिजन से घर पहुंच कर मुलाकात की. इसके साथ ही दिग्विजय सिंह वहीं पर धरने पर बैठ गए.

उन्होंने कहा कि जब तक हत्या के आरोपी अरविंद पटेरिया की गिरफ्तारी नहीं होती है, तब तक वह यहां से नहीं जाएंगे. हत्या के आरोपी बीजेपी उम्मीदवार अरविंद पटेरिया की गिरफ्तारी की मांग को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह मृतक का पार्थिव शरीर लेकर खजुराहो थाना में धरना देने पहुंचे थे.

हालांकि दिग्विजय सिंह ने रविवार को धरना समाप्त कर दिया. 

सीएम शिवराज सिंह राजस्थान में दो दिन करेंगे चुनावी सभाएं, तेलंगाना में चलेगा नरोत्तम मिश्रा का अभियान

CM Shivraj Singh will

भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह राजस्थान में दो दिन चुनाव प्रचार करेंगे। वह बुधवार को राजस्थान रवाना हो जाएंगे और 22 एवं 23 नवंबर को राजस्थान की अलग-अलग विधानसभा सीटों पर भाजपा प्रत्याशियों के पक्ष में चुनावी सभाएं व रैली करेंगे। वहीं गृह मंत्री डा. नरोत्तम मिश्रा बुधवार को दोपहर 1.30 बजे भोपाल से हैदराबाद के लिए रवाना हो जाएंगे। वह तेलंगाना में 22 नवंबर से 28 नवंबर तक चुनावी सभाएं करेंगे।तेलंगाना प्रदेश भाजपा के निर्धारित कार्ययोजना के अनुरूप डा. मिश्रा चुनावी सभाएं और रैलियां करेंगे। नरोत्तम मिश्रा के अलावा मध्य प्रदेश के 21 अन्य भाजपा नेता भी तेलंगाना जाएंगे। कुल 22 नेताओं की टीम तेलंगाना चुनावी प्रचार के लिए लगाई गई है।

 

राजस्थान में दो दिन में छह विधानसभा क्षेत्रों में जनसभा करेंगे शिवराज

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह 22 और 23 नवंबर को राजस्थान में दो दिन में छह विधानसभा क्षेत्रों में चुनावी जनसभा करेंगे। 22 नवंबर को राजस्थान के विधानसभा क्षेत्र वैर, देवली और हिंडौली में सभा को संबोधित करेंगे। सुबह 11.30 बजे जयपुर में पार्टी कार्यालय में प्रेस कांफ्रेंस करेंगे। 12.10 बजे विधानसभा वैर, 1:10 बजे विधानसभा देवली और दो बजे विधानसभा हिंडौली में शिवराज की चुनावी सभा होगी।

भिंड के अटेर में पुनर्मतदान में 47.18 प्रतिशत मतदान, पहले पड़े थे 89 फीसद वोट

47.18 percent voting

भिंड। अटेर विधानसभा क्षेत्र के किशुपुरा में एक केंद्र पर मंगलवार को पुनर्मतदान में 47.18 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का उपयोग किया। इसमें पुरुषों का 47.94 और महिलाओं का मतदान प्रतिशत 46.44 रहा। 17 नवंबर को इस केंद्र पर वोटिंग प्रतिशत 89 था।

 

अटेर विधानसभा क्षेत्र से सपा प्रत्याशी मुन्ना सिंह भदौरिया भाजपा से बागी होकर चुनाव लड़े हैं। उनके एजेंट द्वारा मतदान केंद्र के अंदर ईवीएम के पास खड़े होकर दूसरों का वोट डलवाने का एक वीडियो सामने आने के बाद भाजपा प्रत्याशी व मंत्री अरविंद भदौरिया की मांग पर पुनर्मतदान कराया गया था। इस मामले में समर्थकों पर मुकदमे के अलावा चार मतदान कर्मियों को निलंबित भी किया गया था।

मंगलवार को मुन्नासिंह भदौरिया मतदान करने पहुंचे तो यहां वह मतदाताओं की कतार में आगे खड़े हो गए। यह देख कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव ने उन्हें पीछे खड़ा कराया। भदौरिया ने पुनर्मतदान को गलत ठहराया। मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि किसी महिला को दिखता नहीं था। उसका वोट डालने का वीडियो सामने आया था, उसके कारण रीपोलिंग कराई गई है, यह गलत है। मैं हाई कोर्ट जाऊंगा।

चुनाव में कमल नाथ ने 16 तो शिवराज ने व्यय किया 11 लाख रुपये, केंद्रीय मंत्रियों ने भी खर्ची आधी राशि

cmshiv

भोपाल। भारत निर्वाचन आयोग द्वारा विधानसभा चुनाव में व्यय की सीमा 28 लाख से बढ़ाकर 40 लाख रुपये की गई है। उम्मीदवारों को परिणाम आने के 30 दिनों के भीतर व्यय की जानकारी आयोग को देनी होती है। मप्र के विधानसभा चुनाव में अभी तक व्यय की जो जानकारी सामने आई है, उसके अनुसार बुदनी से भाजपा प्रत्याशी व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और छिंदवाड़ा से कांग्रेस के उम्मीदवार कमल नाथ ने निर्धारित सीमा की आधा राशि भी व्यय नहीं की है। कमल नाथ ने मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय को दिए विवरण में 14 नवंबर तक 16 लाख 47 हजार 534 रुपये और शिवराज सिंह चौहान ने 11 लाख 66 हजार 315 रुपये का व्यय बताया है। दोनों का अधिकतर खर्च वाहन किराया, सभा और विज्ञापन पर हुआ है।

 

केंद्रीय मंत्रियों खर्चे में रहे आगे

मुरैना जिले की दिमनी सीट से भाजपा प्रत्याशी और केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने 14 नवंबर तक 11 लाख 36 हजार 480, मंडला जिले की निवास सीट से भाजपा प्रत्याशी व केंद्रीय मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते ने 18 लाख 30 हजार 587 और नरसिंहपुर सीट से भाजपा उम्मीदवार व केंद्रीय मंत्री प्रहलाद पटेल ने 13 नवंबर तक 17 लाख 57 हजार 852 रुपये खर्च होने की जानकारी मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय को दी है। कार्यालय ने अपने पोर्टल पर इसे सार्वजनिक किया है। हालांकि, यह आंकड़े अंतिम नहीं हैं। प्रत्याशियों के अंतिम विवरण में इसमें कुछ बदलाव भी हो सकता है। उम्मीदवारों ने यह राशि टेंट सामग्री, चाय, फोटो काफी, प्रचार सामग्री और सबसे ज्यादा वाहनों पर खर्च की है।

पहले प्रत्याशी घोषित कर फायदे में रही

भाजपा निर्वाचन आयोग चुनाव में प्रत्याशी द्वारा किए गए व्यय का लेखा-जोखा उसके नामांकन जमा करने के दिन से शुरू करता है। 21 अक्टूबर को अधिसूचना जारी होने के साथ ही नामांकन जमा करने की प्रक्रिया शुरू हुई थी। उधर, भाजपा ने चुनाव आचार संहिता लागू होने के पहले ही 79 सीटों पर उम्मीदवार घोषित कर दिए थे। इन सभी सीटों पर भाजपा वर्ष 2018 के चुनाव में हार गई थी। घोषणा होने के साथ ही प्रत्याशियों ने प्रचार भी शुरू कर दिया था, पर उन्हें इस व्यय का हिसाब नहीं देना पड़ा। कांग्रेस ने उम्मीदवारों की घोषणा 15 अक्टूबर और इसके बाद की थी, जिससे बिना व्यय का हिसाब दिए एक सप्ताह भी प्रचार का अवसर नहीं मिल पाया।

अब एक-एक पैसे का हिसाब जोड़ने में लगे प्रत्याशी

चुनाव की थकान खत्म होने के बाद अब प्रत्याशी और उनके कार्यकर्ता व्यय का एक-एक पैसे का हिसाब जोड़ने में लगे हैं, जिससे कोई चूक न होने पाए। वजह, विरोधी दलों की भी उनके व्यय पर नजर है। प्रत्याशी और पार्टी इस कोशिश में लगे हैं कि अधिक से अधिक व्यय पार्टी के खाते में दिखाया जाए, क्योंकि यह प्रत्याशी के खर्च में नहीं जुड़ता। स्टार प्रचारकों की सभाओं का व्यय भी पार्टी उठाती है।

विलेन ऑफ़ दा मिलेनियम “प्राण साहब”

  • अभिनेता प्राण साहेब को ‘विलेन ऑफ़ दा मिलेनियम’ कहा जाता है उनका पूरा नाम ‘प्राण किशन सिकंद अहुवलिया’ था …….दिल्ली के बल्लीमारन में जन्मे प्राण ने 1940 से 1947 तक नायक के रूप में फ़िल्मों में अभिनय किया इसके अलावा खलनायक की भूमिका में अभिनय 1942 से 1991 तक जारी रखा….. हीरो के रोल में असफल रहने के बाद विलेन के रूप में अभिनय पारी उनका सुनहरा दौर था जिसने उन्हें एक नई पहचान दी ….प्राण साहब शुरू से ही अपने अपने हर किरदार के साथ प्रयोग करते रहते थे हर फिल्म में उनका एक नया गेटअप होता था जिसे वो रिपीट नहीं करते थे हिंदी फिल्मो से सबसे ज्यादा गेटअप वाले पात्र रचने का रिकार्ड प्राण साहेब के नाम है

प्राण साहेब अमिताभ बच्चन के साथ साल 1973 की ‘जंजीर’ फ़िल्म में काम कर चुके थे इस फिल्म में प्राण और अमिताभ दोनों को एक नया जीवन दिया ….इसके अगले ही वर्ष 1974 में इस जोड़ी की एक और फिल्म आई ‘मजबूर ‘ ……ये एक थ्रिलर क्राइम स्टोरी थी जिसे रवि टंडन द्वारा निर्देशित किया गया और पटकथा सलीम-जावेद द्वारा लिखी गई……. फिल्म में अमिताभ बच्चन,परवीन बॉबी, प्राण, मदन पुरी, रहमान और फरीदा जलाल ,सत्यन कप्पू ,मदनपुरी मुख्य भूमिका में थे..

𝐌𝐚𝐣𝐛𝐨𝐨𝐫 – (𝟏𝟗𝟕𝟒) में प्राण साहेब ने ‘माइकल डिसूजा’ नाम के एक चोर का किरदार निभाया था फ़िल्म ‘मजबूर’ के मायकल के साथ भी उन्होंने कुछ नया प्रयोग किया था इस फ़िल्म में उन्होंने अपने चेहरे को थोड़ा काला बनाया था इस फ़िल्म में ‘माइकल’ के किरदार की एक खासियत ये थी कि वो किसी को दूर से आते हुए देखने के लिए अपने दोनों हाथों से दूरबीन बनाकर उनका इस्तेमाल करता है ….

ये आईडिया प्राण साहब को इसी फिल्म के सेट पर से ही मिला था दरअसल फ़िल्म के निर्देशक ‘रवि टंडन” इस फ़िल्म के किसी सीन को फिल्माने से पहले अपने दोनों हाथों को अपनी आंखों पर दूरबीन की तरह रखकर उनका इस्तेमाल करते थे..उन्हें ऐसा करता देख प्राण साहब को ये आईडिया अच्छा लगा और उन्होंने हूबहू निर्देशक रवि टंडन’ की यह नकल ‘मजबूर’ के ‘माइकल’ किरदार में ढाल दी.. और उनका ये आईडिया कमाल कर गया..

अमिताभ उन दिनों ‘जंजीर’ की सफलता का स्वाद चख रहे थे जबकि प्राण साहेब का हिंदी फिल्मो में डंका बजता था फिल्म ‘मजबूर’ में इन दोनों का एक फाइट सीन भी रखा गया था…..”दारू की बोतल में काहे पानी भरता है फिर मत कहना माइकल पी के दंगा करता है ” गाना सिर्फ प्राण साहेब के लिए फिल्म में रखा गया था ……लेकिन प्राण साहेब का हाथो को दूरबीन बनाकर देखने वाले स्टाइल को दर्शको ने हाथो हाथ लिया और प्राण साहेब की यह नई अदा भी हिट हो गई

प्राण साहेब के इस आईडिया से निर्देशक ”रवि टंडन’ भी इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने अपनी अगली फिल्म ‘चोर हो तो ऐसा’ (1978 ) में भी प्राण साहेब को साइन कर लिया …….आपको बता दे की रवि टंडन 90 के दशक की मशहूर अभिनेत्री रवीना टंडन के पिता है …..

यूनिवर्स बॉस ‘क्रिस गेल’ की ताकत का जवाब नहीं, 44 साल की उम्र में एक हाथ से जड़ा छक्का

Universe Boss 'Chris Gayle

 

वेस्टइंडीज के धाकड़ बल्लेबाज क्रिस गेल लीजेंड्स लीग क्रिकेट खेल रहे हैं। हाल ही में इस हार्ड हिटिंग बल्लेबाज ने रांची के मैदान पर गजब का खेल दिखाया। यूनिवर्स बॉस के शॉट्स को देख नहीं लगा कि ये बाएं हाथ का बल्लेबाज 44 साल है। गेल ने पुल शॉट खेल एक हाथ से छक्का जड़ा।

क्रिस गेल ने बनाए 38 रन

गुजरात जायंट्स की तरफ से ओपनिंग करने उतरे क्रिस गेल ने 24 गेंदों पर 38 रन बनाए। गेल ने 7 चौके और 1 छक्का जड़ा। उन्होंने 158.33 की स्ट्राइक रेट से रन लूटे। इस बल्लेबाज का खौफ आईपीएफल में देखने को मिला है। क्रिस गेल आरसीबी और पंजाब किंग्स का हिस्सा रह चुके हैं।

मणिपाल टाइगर्स ने 10 रन से जीता मैच

नवंबर 2021 में क्रिस गेल ने आखिरी इंटरनेशनल टी20 मैच खेला था। गेल अलग-अलग टी20 टूर्नामेंट्स में खेलते हैं। फिलहाल लीजेंड्स लीग क्रिकेट खेल रहे हैं। मैच की बात करें तो मणिपाल टाइगर्स ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 8 विकेट खोकर 173 रन बनाए। इसके जवाब में गुजरात जायंट्स 20 ओवर में 163/9 रन ही बना पाई। मणिपाल टाइगर्स ने मैच 10 रन से जीत लिया।

चुनाव बाद सड़कों पर उतरे अधिकारी, गंदगी फैलाने वालों पर कार्रवाई शुरु

Officers took to the streets after the

 

भोपाल। विधानसभा चुनाव 2023 के मतदान होते हिी नगर निगम अधिकारियों ने राहत की सांस ली। अब स्वच्छता सर्वेक्षण 2024 की तैयारियों में जुट गए हैं। इसके लिए सुबह साढ़े 6 बजे से सभी अधिकारियों को अपने-अपने इलाके में सफाई व्यवस्था का राउंड कर कमिश्नर को रिर्पोटिंग करनी होगी। अधिकारियों ने अपने-अपने इलाकों के स्वच्छता पर्यवेक्षको को सूचना दे दी है कि राउंड शुरू होने से पहले हर इलाका साफ होना चाहिए। इधर जोन के प्रभारी एएचओ ने भी मैदानी अमले को सफाई के लिए तैयार रहने को कहा है।

बता दें कि बीते एक महीने से नगर निगम के सभी अधिकारियों सहित जोन की टीमें भी विधानसभा चुनाव 2023 में व्यस्त थीं। सभी को कोई न कोई जिम्मेदारी सौंपी गई थी। आखिरकार शुक्रवार को मतदान खत्म होते ही निगम अधिकारी चुनावी जिम्मेदारियों से मुक्त हो गए। अब उनके सामने शहर के स्वच्छता की निगरानी की जिम्मेदारी आ गई है। अब सभी अधिकारियों को अपने-अपने इलाके का राउंड कर कमिश्नर को रिपोर्टिंग करना होगी। दरअसल निगम आयुक्त फ्रैंक नोबल ए ने सभी अपर आयुक्त सहित उपायुक्त और सहायक आयुक्तों को विधानसभा स्तर का नोडल अधिकारी बनाया है। इन्हें जिम्मेदारी दी गई कि सभी अधिकारी अपने-अपने इलाकों से संबंधित जोन की सफाई व्यवस्था की मानीटरिंग करना है।

सुलभ इंटरनेशनल से वसूला पांच हजार रुपये जुर्माना

शहर के अधिकांश सुलभ शौचालयों में निरंतर गंदगी की शिकायतें मिल रही थी। इसको लेकर सोमवार को उपायुक्त योगेंद्र पटेल ने शहर के सार्वजनिक शौचालयों में सफाई व्यवस्था का निरीक्षण किया। जहां गंदगी दिखी वहां कार्रवाई कर जुर्माना लगाया। इस दौरान वार्ड क्रमांक 69 के अंतर्गत प्रभात चौराहे पर स्थित सुलभ शौचालय का निरीक्षण किया और शौचालय एवं गंदगी एवं व्यवस्थाएं मानक स्तर की न पाए जाने पर पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाया। यह राशि सुलभ इंटरनेशनल वेलफेयर आर्गेनाइजेशन से वसूल की गई।

सुबह साढ़े छह बजे से करना होगा निरीक्षण

निगम आयुक्त ने सभी अधिकारियों को सुबह साढ़े छह से नौ तक फील्ड में रहने को कहा है। इस दौरान अधिकारी अपने-अपने इलाके की सफाई व्यवस्था देखेंगे और अगर कहीं कचरे का ढेर नजर आया तो तुरंत सामने ही साफ करवाएंगे। एक ही जगह पर बार-बार कचरा मिल रहा है तो संबंधित जोन के प्रभारी एएचओ, वार्ड के दरोगा और बीट प्रभारी को पहले नोटिस दिया जाएगा। फिर भी सुधार नहीं होने पर कार्रवाई होगी। इसके लिए नोडल अधिकारी कमिश्नर को कार्रवाई की सिफारिश करेंगे।

हर जोन को चालान बनाने का मिला टारगेट

निगम के सभी 21 जोन के प्रभारी एएचओ को अपने-अपने वार्ड इलाकों में रोजाना चालानी कार्रवाई करना होगी। यह कार्रवाई पालीथिन के उपयोग, बिक्री, खुले में तंदूर-भट्टी का उपयोग करने, कचरा फैंकने, सड़क पर पानी बहाने पर होगी। इसके लिए सभी जोन के प्रभारियों को टारगेट दिया गया है।

सर्दियों में हल्दी खाना फायदेमंद, लेकिन इन लोगों को नहीं करना चाहिए सेवन

Eating turmeric is

 

हल्दी सिर्फ एक लोकप्रिय मसाला ही नहीं है, बल्कि सदियों से इसे एक औषधि के रूप में भी इस्तेमाल किया जा रहा है। आयुर्वेद में हल्दी के गुणों के बारे में विस्तार से जिक्र मिलता है। सर्दियों में मौसम में जहां हल्दी का सेवन करने से रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है, वहीं यह सूजन दूर करने और घाव भरने में भी काम आती है। हालांकि सर्दियों में भी कुछ लोगों को हल्दी का सेवन करते समय बरतनी चाहिए। इस बारे में विस्तार से जानकारी दे रहे हैं इंदौर स्थिति अष्टांग आयुर्वेद कॉलेज के डॉक्टर अखिलेश भार्गव।

गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाएं

हल्दी एक बेहतरीन इम्यूनिटी बूस्टर होता है। भोजन में हल्दी का सेवन करना गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं के लिए सुरक्षित होता है। लेकिन इस बात की सावधानी रखना चाहिए कि हल्दी का ज्यादा सेवन करने से मासिक धर्म प्रभावित हो सकता है। यह गर्भाशय को उत्तेजित करता है। गर्भावस्था भी खतरे में पड़ सकती है।

एनीमिया के रोगी

जब शरीर में हीमोग्लोबिन की कमी हो जाती है तो इसे एनीमिया कहा जाता है। एनीमिया के रोगियों में खून की कमी आयरन की कमी के कारण होती है। यदि एनीमिया के रोगी ज्यादा हल्दी का सेवन करते हैं को खून में आयरन का अवशोषण प्रभावित हो सकता है। एनीमिया के रोगियों को भी ज्यादा हल्दी नहीं खानी चाहिए।

डायबिटीज के मरीज

डायबिटीज के मरीजों को अपने खानपान पर बहुत ध्यान देना चाहिए। हल्दी में करक्यूमिन होता हैं, जो शरीर में ब्लड शुगर को कम करने में मदद करता है। लेकिन लो ब्लड शुगर होने की स्थिति में ज्यादा हल्दी का सेवन करना नुकसानदायक हो सकता है।

गुर्दे की पथरी

गुर्दे की पथरी के मरीजों को भी हल्दी का सेवन करने से परहेज करना चाहिए। हल्दी में ऑक्सालेट उच्च मात्रा में होता है, जो कैल्शियम के साथ मिलकर गुर्दे की पथरी का कारण बन सकता है। किडनी स्टोन की समस्या बढ़ सकती है।

बिना शादी के ही पिता बन गए थे तुषार कपूर, जानिए क्यों फिल्मों से दूर हैं एक्टर

Tusshar Kapoor

 

बॉलीवुड के जाने-माने एक्टर तुषार कपूर इस समय फिल्मी दुनिया से दूर हैं, लेकिन उन्होंने अपने दमदार किरदारों से लोगों के दिलों में एक अलग ही जगह बनाई है। वे गुजरे जमाने के शानदार एक्टर जितेंद्र कपूर के बेटे हैं। तुषार ने कई फिल्मों में काम किया लेकिन वे अपने पिता की तरह कामयाबी हासिल नहीं कर पाए। फिल्मों में तुषार के कुछ रोल्स ऐसे रहे हैं, जिन्हें उनके अलावा शायद कोई और नहीं कर पाता।

तुषार की प्रोफेशनल और पर्सनल लाइफ दोनों ही काफी चर्चा में रही है, उनके कई फैसलों ने सुर्खियां बटोरी है। आज एक्टर अपना 47वां जन्मदिन मनाने जा रहे है। इस मौके पर हम आपको उनकी जिंदगी से जुड़ी कुछ दिलचस्प बातें बता रहे हैं।

ऐसे की अपने करियर की शुरुआत

तुषार कपूर ने अपने करियर की शुरुआत ‘मुझे कुछ कहना है’ से की थी। ये तेलुगु फिल्म थोली प्रेमा की रीमेक है। इस फिल्म के लिए तुषार को बेस्ट मेल एक्टर डेब्यू का अवॉर्ड भी मिला था। फिल्म में तुषार के अपोजिट करीना कपूर थीं। इसके बाद तुषार को क्या दिल ने कहा, ये दिल, जीना सिर्फ मेरे लिए जैसी फिल्मों में काम किया।

शादी के बिना ही बने पिता

हमने बॉलीवुड में कई सिंगल पैरेंट्स देखे हैं, जिसमें तुषार कपूर भी शामिल हैं। वे बिना शादी के ही पिता बन गए थे। 1 जून, 2016 को सरोगेसी के जरिए तुषार एक बेटे के पिता बन गए थे। जिसका नाम उन्होंने लक्ष्य रखा है। बता दें कि तुषार कपूर ने बॉम्बे स्कॉटिश से पढ़ाई की है। वे अभिषेक बच्चन के क्लासमेट रहे है। तुषार का पूरा नाम रवि कपूर है। एक्टर बनने से पहले तुषार ने डेविड धवन के साथ असिस्टेंट डायरेक्टर के तौर पर काम किया। तुषार का खुद का प्रोडक्शन हाउस तुषार एंटरटेनमेंट भी है। इतना ही नहीं तुषार ने बैचलर डैड के नाम से बुक भी लिखी है। इस किताब में उन्होंने सिंगल फादर होने के बारे में सब कुछ बताया है। इस बुक पर उन्होंने करीब 11 महीने तक काम किया।

तुषार का वर्क फ्रंट

मशहूर अभिनेता जितेंद्र का बेटा होने की वजह से तुषार फिल्मों में तो जरूर नजर आए, लेकिन उन्हें सबसे ज्यादा पहचान फिल्म गोलमाल से मिली। इस फिल्म में उन्होंने गूंगे व्यक्ति का किरदार निभाया था। साल 2006 में रिलीज हुई इस फिल्म से तुषार खूब लाइमलाइट में रहे। तुषार के सभी किरदारों में से यह किरदार फैंस के दिलों में बस गया और वे अपनी छाप छोड़ने में कामयाब रहे। इसके बाद तुषार ने गोलमाल 2, खाकी, और शूट आउट एट वडाला जैसी मल्टीस्टारर फिल्म में काम किया। तुषार फिलहाल अपनी फैमिली को ज्यादा टाइम देते हैं।

अक्षय नवमी आज, आंवला वृक्ष की 108 परिक्रमा करने से पूरी होती है मनोकामनाएं, इस तरह करें पूजा

Akshaya Navami today

 

अक्षय फल प्रदान करने वाली आंवला नवमी मंगलवार को मनाई जा रही है। यह कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की नवमी को अक्षय नवमी या आंवला नवमी के नाम से जाना जाता है। इस दिन स्नान, पूजन, तर्पण तथा अन्न आदि के दान से अक्षय फल की प्राप्ति होती है। इस दिन महिलाएं आंवला के पेड़ के नीचे बैठकर संतान की प्राप्ति व उसकी रक्षा के लिए पूजा करती हैं। आंवला नवमीं के दिन परिवार सहित आंवला के पेड़ के नीचे बैठकर भोजन करने की भी प्रथा है।

इस दिन भगवान विष्णु के प्रिय आंवले के पेड़ की पूजा करने का विधान है। ऐसी मान्यता है कि कार्तिक शुक्ल नवमी से पूर्णिमा तक भगवान विष्णु आंवले के पेड़ पर निवास करते हैं। इसलिए इस दिन आंवले के पेड़ की पूजा की जाती है। साथ ही आत्मिक उन्नति के लिए अन्न, वस्त्र, कपड़े आदि का दान भी किया जाता है। अन्य दिनों की तुलना में नवमी पर किया गया दान-पुण्य कई गुना अधिक लाभ दिलाता है, इसलिए पूजन के बाद अपने पं. को या मंदिर के पुजारी को यथाशक्ति अन्न, रसोई सामग्री, वस्त्र, साल, कंबल, दक्षिणा आदि भेंटकर अपने व अपने परिवार के लिए आशीर्वाद लेना चाहिए।

108 परिक्रमा करने पर मनोकामनाएं होती हैं पूरी

आंवला नवमी के दिन परिवार के बड़े-बुजुर्ग सदस्य विधि-विधान से आंवला वृक्ष की पूजा-अर्चना करके भक्तिभाव से इस पर्व को मनाते हैं। ऐसी मान्यता है कि आंवला पेड़ की पूजा कर 108 बार परिक्रमा करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। पूजा-अर्चना के बाद खीर, पूड़ी, सब्जी और मिष्ठान्न आदि का भोग लगाया जाता है। कई धर्मप्रेमी तो आंवला पूजन के बाद पेड़ की छांव में ब्राह्मण भोज भी कराते हैं एवं परिवार सहित प्रसादी पाते हैं। कई जगह भंडारे का भी आयोजन किया जाता है। इस दिन महिलाएं भी अक्षत, पुष्प, चंदन आदि से पूजा-अर्चना कर पीला धागा, मौलीधागा लपेट कर वृक्ष की परिक्रमा करती हैं। धर्मशास्त्र के अनुसार इस दिन स्नान, दान, यात्रा करने से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है।

इस तरह करें आंवला नवमी की पूजा

आंवला नवमी पर प्रात:काल स्नान आदि से निवृत्त होकर व्रत का संकल्प करें।
आंवला के पेड़ के नीचे पूर्वाभिमुख बैठकर ‘ॐ धात्र्ये नम:’ मंत्र से आंवले के वृक्ष की जड़ में दूध की धार गिराते हुए पितरों का तर्पण करें।
कपूर व घी के दीपक से आरती कर प्रदक्षिणा करें।
पूजा-अर्चना के बाद खीर, पूड़ी, सब्जी और मिष्ठान्न आदि का भोग लगाएं।
आंवला वृक्ष की 108 बार परिक्रमा करें। ओम् नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का जप करते हुए परिक्रमा करनी चाहिए।
आंवले के वृक्ष के नीचे ब्राह्मणों को भोजन कराएं तथा दक्षिणा भेंट करें। खुद भी उसी वृक्ष के निकट बैठकर भोजन करें।
इस दिन आंवले का वृक्ष घर में लगाना वास्तु की दृष्टि से शुभ माना जाता है। वैसे तो पूर्व की दिशा में बड़े वृक्षों को नहीं लगाना चाहिए, किंतु आंवले के वृक्ष को इस दिशा में लगाने से सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह होता है। इसे घर की उत्तर दिशा में भी लगाया जा सकता है।
इस दिन पितरों के शीत निवारण के लिए ब्राह्मणों को ऊनी वस्त्र, साल व कंबल दान करना चाहिए।
अक्षय नवमी, धात्री तथा कूष्मांडा नवमी के नाम से भी जानी जाती है।
ऐसा माना जाता है की जिन बच्चों की स्मरण शक्ति या आंखें कमजोर हों तथा पढ़ाई में मन न लगता हो उन्हें आंवले का फल, मुरब्बा, मुख्वास, आंवले का च्यवनप्रास आदि उपयोग में लेना चाहिए।

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