आपकों बता दूं कि कांग्रेस पार्टी में बिखराव है, कमल नाथ जी पार्टी का रफू करवाएं- रविशंकर प्रसाद

disunity in the Congress party

 

जबलपुर। जबलपुर में पत्रकारवार्ता के दौरान भाजपा नेता पूर्व केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद बोले- आप नेताओं पर ED के श‍िकंजे के सवाल पर बोले जैसी करनी वैसी भरनी। आगे कहा- भाजपा तीनों प्रदेश राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में चुनाव जीत रही है। मध्य प्रदेश विकास में आगे बढ़ा है। यह तभी होता है, जब स्थाई और विश्वास की सरकार आती है। भाजपा सांसद रविशंकर प्रसाद के बयान पर मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमल नाथ ने कहा-रविशंकर प्रसाद पहले खुद तो कहीं से चुनाव जीत कर बताएं।

बोले-कमल नाथ जी पार्टी का रफू करवाएं

पीएम अभी तक 38 बार मध्य प्रदेश आ चुके हैं, जबकि पीएम रहे मनमोहन सिंह दस वर्षों में सिर्फ चार बार प्रदेश आए। हमारी सरकार विकास के काम में अल्प संख्यक वर्ग से कोई पक्षपात नहीं करती है। आपकों बता दूं कि कांग्रेस पार्टी में बिखराव है। कमल नाथ जी पार्टी का रफू करवाएं। छिंदवाड़ा में राहुल गांधी के तस्वीर नहीं है। कमल नाथ की तस्वीर है।

हमारी सरकार कोई पक्षपात नहीं करती है

सनातन का अपमान होता है तो कांग्रेस नेता क्यों चुप रहते हैं। मंदिर के निर्माण में रोड़े अटकाने वाले राजनीतिक हिंदू हैं। सनातन हिंदू नहीं है। एपल फोन से जुड़े सवाल पर कहा – लगता है कांग्रेस नेता होमवर्क नहीं करते।

एपल ने पहले ही चेता दिया था। ऐसी स्थिति भारत ही नहीं बल्कि 150 देशों में हैं। फिर भी सरकार ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं।

सीएम शिवराज सिंह ने अच्छा काम किया

सीएम शिवराज सिंह हमारे वरिष्ठ नेता हैं, उन्होंने अच्छा काम किया है। बिहार में जातिगत जनगणना के विरोध के सवाल पर कहा -भाजपा बिहार में जातिगत जनगणना के विरोध में नहीं है। बिहार में जातिगत जनगणना पक्षपात पूर्ण की जा रही है।

क्या खत्म होगा राघव चड्ढा का राज्यसभा से निलंबन? सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद AAP सांसद ने उठाया ये कदम

Raghav Chaddha's suspension

 

आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता राघव चड्ढा को राज्यसभा से अनिश्चितकालीन के लिए निलंबित किए जाने के मसले पर शुक्रवार (3 नवंबर) को सुप्रीम कोर्ट ने अहम फैसला लिया. कोर्ट ने चड्ढा से कहा कि उपराष्ट्रपति और चेयरमैन जगदीप धनखड़ से मिलकर माफी मांगें. जिसके बाद सभापति इस आधार पर विचार कर सकते हैं कि वह एक युवा सदस्य हैं. इस तरह उनके निलंबन को खत्म करने का रास्ता निकल सकता है.

सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर राघव चड्ढा ने कहा कि उन्होंने राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ से समय मांगा है. उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, ”सुप्रीम कोर्ट का आदेश है कि मैं राज्यसभा के सभापति (जगदीप धनखड़) से व्यक्तिगत रूप से मिलूं. इसको देखते हुए और अपने निलंबन को लेकर सभापति के साथ जल्द से जल्द बैठक करने के लिए मैंने समय मांगा है.”

सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?

चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस जे बी पारदीवाला और जस्टिस मनोज मिश्रा की बेंच ने अटॉर्नी जनरल आर वेंकटरमणी से दिवाली की छुट्टियों के बाद मामले को लेकर उनसे आगे के घटनाक्रम के बारे में बताने को कहा.

डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा कि चड्ढा को इस मामले पर बिना शर्त माफी मांगने के लिए राज्यसभा के सभापति से मिलना होगा. उन्होंने उम्मीद जताई कि उपराष्ट्रपति इस पूरे मामले पर सहानुभूतिपूर्ण रवैया अपनाएंगे और इस संबंध में आगे कदम उठाएंगे.

मामला क्या है?

आप नेता राघव चड्डा को 11 अगस्त को निलंबित किया. कुछ सांसदों ने आरोप लगाया था कि चड्डा ने उनकी सहमति के बिना प्रस्ताव में नाम जोड़ दिया. प्रस्ताव में विवादास्पद दिल्ली सेवा विधेयक की पड़ताल के लिए एक प्रवर समिति के गठन की मांग की गई थी.

जहरीली हवा बन रही है कैंसर जैसी ‘जानलेवा’ बीमारी की वजह, खतरे में जान, आज ही हो जाएं पॉल्यूशन से सावधान

Poisonous air

 

सर्दियों की आहट आते ही उत्तर भारत में एयर पॉल्यूशन (air pollution)खतरनाक स्तर तक बढ़ जाता है. ऐसे में जब हवा में जहरीले कण घुल जाते हैं तो लोगों का सांस लेना तक मुश्किल होने लगता है. इन दिनों दिल्ली एनसीआर और उत्तर भारत समेत देश के कई राज्यों में एयर पॉल्यूशन पीक पर है और स्मॉग छाया हुआ है. आपको बता दें कि एयर पॉल्यूशन (air pollution risks)अब केवल अस्थमा की वजह नहीं रहा है, एयर पॉल्यूशन जानलेवा कैंसर और ब्रोंकाइटिस समेत कई गंभीर बीमारियों की वजह बनता जा रहा है.

लंग्स कैंसर का बढ़ता है खतरा

हाल ही में वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन (डब्ल्यूएचओ) की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि हर साल लगभग 76 लाख से ज्यादा लोग फेफड़े के कैंसर का शिकार हो रहे हैं और एयर पॉल्यूशन बढ़ने के कारण ये आंकड़ा हर साल बढ़ता ही जा रहा है. हेल्थ एक्सपर्ट कहते हैं कि प्रदूषित हवा में पाए जाने वाले पार्टिकुलेट मैटर (पीएम 2.5) जब फेफड़ों में घुसते हैं तो कैंसर पैदा करने वाली कोशिकाओं के विकास को बढ़ावा मिलता है. ऐसे में फेफड़ों के कैंसर के खतरे काफी बढ़ जाते हैं. पहले कहा जाता था कि लंग्स कैंसर केवल स्मोकिंग करने वालों को होता है लेकिन पिछले कुछ दशकों में एयर पॉल्यूशन भी इस कैंसर की एक बड़ी वजह बनता जा रहा है. लंग्स कैंसर को के संकेतों में सीने में दर्द होना, छोटी सांसें लेना और हमेशा बलगम बनते रहना, चेहरे और गर्दन पर सूजन आ जाना, हर वक्त थकान रहना, दिल भारी रहना, सिरदर्द बने रहना, वजन में एकाएकी कमी आना शामिल हैं.

कैंसर के अलावा इन बीमारियों का भी है खतरा

कैंसर के अलावा एयर पॉल्यूशन के चलते कार्डियोवैस्कुलर डिजीज (Cardiovascular Disease) के खतरे भी बढ़े हैं. हेल्थ एक्सपर्ट कहते हैं कि जब जब हवा में तैर रहे जहरीले और पॉल्यूटेड कण ब्लड वैसल में पहुंचते हैं तो इससे ब्लड वैसल खराब होने का खतरा बढ़ जाता है और वैसल में कैल्सीफिकेशन तेज होने लगता है जो शरीर के लिए खतरनाक स्टेज होती है. इसके अलावा एलर्जी, हाइपरटेंशन, निमोनिया, ब्रोंकाइटिस, अस्थमा, प्री मैच्योर डिलिवरी के खतरे भी एयर पॉल्यूशन की देन कहे जाते हैं.

धनतेरस पर शुभ मुहूर्त में इन चीजों को घर लेकर आएं, सुख-समृद्धि में खूब होगी वृद्धि

auspicious time on Dhanteras

 

हिंदू धर्म में धनतेरस पूजा को धनत्रयोदशी के नाम से भी जाना जाता है। इस साल धनतेरस का त्योहार 10 नवंबर शुक्रवार को मनाया जाएगा। इस दिन भगवान धन्वंतरि के साथ धन के देवता कुबेर और मां लक्ष्मी की भी पूजा की जाती है। दिवाली से पहले धनतेरस पर कुछ चीजें खरीदना शुभ माना जाता है। मान्यताओं के अनुसार, अगर इस दिन शुभ मुहूर्त में खरीदारी की जाए, तो देवी लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है। साथ ही सुख-समृद्धि में भी जमकर वृद्धि होती है। धनतेरस पर सोना-चांदी के साथ-साथ कुछ और शुभ चीजें भी खरीदना चाहिए।

धनतेरस पर खरीदारी का शुभ मुहूर्त

हिंदू धर्म में शुभ कार्य शुभ समय देखकर ही किए जाते हैं। शुभ मुहूर्त में किए गए कार्य बिना किसी बाधा के संपन्न होते हैं और ऐसे कार्यों से शुभ फल प्राप्त होते हैं। इस साल धनतेरस में खरीदारी का शुभ समय 10 नवंबर को दोपहर 12 बजकर 35 मिनट से 11 नवंबर दोपहर 1 बजकर 57 मिनट तक रहेगा। इस शुभ समय पर आप सोना-चांदी आदि खरीद सकते हैं।

सोना-चांदी के अलावा खरीदें ये चीजें

सोने-चांदी के अलावा आप धनतेरस के दिन तांबे के बर्तन, कुबेर यंत्र या पीतल का हाथी भी खरीद सकते हैं। इसके अलावा धनतेरस के दिन झाड़ू खरीदना भी शुभ माना जाता है। इससे साधक को देवी लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है।

बिल्कुल न खरीदें ये चीजें

धनतेरस पर कुछ ऐसी चीजों के बारे में भी बताया गया है, जिन्हें खरीदने से नुकसान हो सकता है। ऐसी ही एक चीज है, कांच से बनी वस्तुएं, क्योंकि कांच को राहु से संबंधित माना जाता है। इसके अलावा लोहे या स्टील के बर्तन, तेल, घी और रिफाइंड उत्पाद आदि खरीदना भी शुभ नहीं माना जाता है।

आज खुल रहा है ESAF स्मॉल फाइनेंस बैंक का आईपीओ, निवेश से पहले जान लें यह डिटेल्स

ESAF Small Finance

 

इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग में पैसा लगाने वालों के लिए ईएसएएफ स्मॉल फाइनेंस बैंक (ESAF Small Finance Bank) एक सुनहरा मौका लेकर आ रहा है. आज यानी शुक्रवार 3 नवंबर 2023 से आईपीओ खुल रहा है. वहीं निवेशक इसमें 7 नवंबर 2023 तक पैसे लगा सकते हैं. इस आईपीओ के जरिए बैंक 463 करोड़ रुपये इकट्ठा करने की कोशिश कर रहा है. अगर आप भी इस आईपीओ (ESAF Small Finance Bank IPO) को सब्सक्राइब करने के बारे में सोच रहे हैं तो इसके डिटेल्स के बारे में जानकारी दे रहे हैं.

कंपनी ने कितना तय किया प्राइस बैंड

ईएसएएफ स्मॉल फाइनेंस बैंक आईपीओ का प्राइस बैंड (ESAF Small Finance Bank Price Band) 57 रुपये से लेकर 60 रुपये प्रति शेयर के बीच तय किया गया है. इस आईपीओ के जरिए कंपनी कुल 390.70 करोड़ रुपये के फ्रेश शेयर जारी करने वाली है. वहीं ऑफर फॉर सेल के जरिए 72.30 करोड़ रुपये के शेयर बेचे जा रहे हैं. इस आईपीओ में कंपनी के प्रमोटर ESAF Financial Holding, PNB Metlife India Insurance Company और Bajaj Allianz Life Insurance Company अपने हिस्से के शेयरों को बेचने वाले हैं.

कितना करना होगा निवेश?

कंपनी द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक इस आईपीओ में आपको कम से कम 250 इक्विटी के शेयरों को खरीदना होगा. इसके बाद आप 250 शेयरों के लॉट साइज में निवेश कर सकते हैं. ऐसे में रिटेल निवेशकों को कम से कम 14,250 रुपये जरूर निवेश करना पड़ेगा. कंपनी ने आईपीओ खुलने से पहले एंकर निवेशकों से 2 नवंबर को 135.15 करोड़ रुपये इकट्ठा किए हैं.

इस आईपीओ में कंपनी ने क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए 50 फीसदी हिस्सा और नॉन इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए 15 फीसदी हिस्सा रिजर्व किया गया है. वहीं रिटेल निवेशकों के लिए 35 फीसदी हिस्सा तय किया गया है. वहीं कंपनी के शेयरों की लिस्टिंग 16 नवंबर को BSE और NSE पर होगी.

2042 करोड़ रुपये दान देकर शिव नादर बने देश के सबसे बड़े दानवीर, अजीम प्रेमजी दूसरे स्थान पर

Nadar became the country's

 

देश की दिग्गज आईटी कंपनी एचसीएल टेक्नोलॉजीज के फाउंडर और चेयरमैन शिव नादर (Shiv Nadar) सबसे बड़े दानवीर बनकर उभरे हैं. वित्त वर्ष 2023-23 के दौरान शिव नादर ने 2042 करोड़ रुपये दान में दिए हैं जो कि इसके पहले वित्त वर्ष के मुकाबले 76 फीसदी ज्यादा है.

बिजनेस स्टैंडर्ड की रिपोर्ट के मुताबिक एडलगीव हुरून इंडिया परोपकार सूची 2023 (EdelGive Hurun India Philanthropy List 2023) के मुताबिक शिव नादर 2042 करोड़ रुपये दान देकर देश के सबसे दानवीर बन गए हैं. उन्होंने 2022-23 वित्त वर्ष के दौरान हर दिन औसतन 5.6 करोड़ रुपये दान में दिए हैं. शिव नादर के बाद विप्रो के अजीम प्रेमजी दूसरे स्थान पर हैं. उन्होंने 2022-23 में कुल 1774 करोड़ रुपये दान में दिए हैं. जो कि वित्त वर्ष 2021-22 के मुकाबले 267 फीसदी ज्यादा है.

रिलायंस इंडस्ट्रीज (Reliance Industries) के चेयरमैन मुकेश अंबानी (Mukesh Ambani) दान देने के मामले में तीसरे स्थान पर हैं. उन्होंने रिलायंस फाउंडेशन (Reliance Foundation) के माध्यम से 376 करोड़ रुपये दान में दिए हैं. जीरोधा के निखिल कामथ (Nikhil Kamath) सबसे युवा दानवीर बन गए हैं. वे 12वें स्थान पर हैं और उन्होंने 112 करोड़ रुपये दान किए हैं. रोहिणी नीलेकणि दान करने वाली महिलाओं में पहले स्थान पर हैं और उन्होंने 170 करोड़ रुपये दान में दिए हैं. एडलगीव हुरून इंडिया परोपकार सूची 2023 के मुताबिक वे 10वें स्थान पर हैं.

रोहिणी नीलेकणि के अलावा अन्य दानवीर महिलाओं के नामों पर गौर करें तो अनु आगा और लीना गांधी ने 23 करोड़ रुपये दान में दिए हैं और दोनों 40वें और 41वें स्थान पर हैं. कुल दानवीरों में 7 दानवीर महिलाएं हैं.

119 उद्योगपतियों ने वित्त वर्ष 2022-23 में 5 करोड़ रुपये या उससे ज्यादा रकम दान में दिया है. और इन सभी के दान को जोड़ दें तो ये रकम 8445 करोड़ रुपये बनता है. ये रकम 2021-22 के मुकाबले 59 फीसदी ज्यादा है. 2022-23 में 14 भारतीयों ने 100 करोड़ रुपये से ज्यादा दान किया है जो कि उसके पहले वर्ष में संख्या केवल 6 रही थी. जबकि 12 लोगों ने 50 करोड़ रुपये दान में दिए हैं. 47 ने 20 करोड़ रुपये दान किया है.

मध्यप्रदेश के सबसे धनी विनोद अग्रवाल देश के 31 वें बड़े दानदाता, 6700 करोड़ रुपए से अधिक है संपत्ति

richest Vinod Aggarwal

 

इंदौर। प्रदेश के सबसे धनी व्यक्ति बनकर उभरे इंदौर के कोयला कारोबारी विनोद अग्रवाल दान देने के मामले में भी सबसे अमीर साबित हुए हैं। देश के सबसे धनी लोगों की सूची में 300वें स्थान पर आए अग्रवाल दान देने यानी परोपकार के मामले में देश में 31वें स्थान पर हैं। गुरुवार को जारी ईडेल गिव हुरुन फिलांथ्रापी (परोपकार) सूची में 30वें स्थान पर आए हैं।

अग्रवाल के पास 6700 करोड़ रुपये की संपत्ति

2023 के लिए जारी इस सूची के अनुसार अग्रवाल ने 34 करोड़ रुपये दान दिया है। बीते दिनों जारी हुरुन रिच लिस्ट में प्रदेश में सबसे धनी बने विनोद अग्रवाल को देश के अमीरों में 300वीं रैंक दी गई थी। अग्रवाल के पास कुल 6700 करोड़ रुपये की संपत्ति आंकी गई थी। अब हुरुन ने अपनी परोपकार सूची जारी की है। इसके अनुसार, विनोद अग्रवाल ने बीते साल 34 करोड़ रुपये से भी ज्यादा दान दिया है। दानराशि के इस आंकड़े के साथ ही वह देश के सबसे बड़े दानदाताओं की सूची में 31वें स्थान पर रखे गए हैं। एक साल पहले 2022 में 30 करोड़ रुपये के दान के साथ वह 34वीं रैंक पर थे और 2021 में 11 करोड़ रुपये के दान के साथ वह देश के दानदाताओं की सूची में 66वें स्थान पर रखे गए थे।

राम जन्मभूमि से महाकाल अन्नक्षेत्र तक

कार्पोरेट घरानों को कानूनन सीएसआर यानी कारपोरेट सोशल रिस्पांसबिलिटी के तहत अपनी आय का दो प्रतिशत दान करने का नियम है। दान देने के मामले में विनोद अग्रवाल ने यह सीमा लांघकर करीब दोगुना दान किया। इससे पहले राम जन्मभूमि स्थल पर मंदिर निर्माण के लिए भी उन्होंने सबसे ज्यादा एक करोड़ रुपये का दान दिया था। महाकाल अन्नक्षेत्र की स्थापना भी विनोद अग्रवाल के दान से हुई। अब अयोध्या में रामजन्मभूमि क्षेत्र में अन्नक्षेत्र और सत्संग भवन भी उनकी ओर से बनवाया जा रहा है। उन्होंने स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी परोपकार किया है।

पिता ने 7 वर्षीय बेटी का सिर धड़ से किया अलग, पत्नी के मायके जाने से था नाराज

beheaded 7 year old daughter,

 

गोगरी। पिता ने सात वर्षीय बेटी का चाकू मार मारकर सिर धड़ से अलग कर दिया। आरोपित का पत्नी से विवाद हुआ था। उसके बाद पत्नी बच्चों को छोड़कर मायके चली गई थी। गुरुवार की सुबह गोगरी सर्किल नंबर-एक के पौरा ओपी में छोटी मैरा गांव में घटना हुई। पौरा ओपी प्रभारी यदुनंदन यादव और एएसआई चितरंजन सिंह सुबह 4.30 बजे मौके पर पहुंच गए।

पुलिस ने शुरुआती जांच के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल खगड़िया भेज दिया। आरोपित अनिरुद्ध मुनि सात वर्षीय बेटी सोनाली की हत्या करने के बाद भागने की तैयारी कर रहा था। पौरा पुलिस ने कार्रवाई कर अनिरुद्ध मुनि को घर से ही गिरफ्तार कर लिया। सोनाली की मां ममता देवी ने आरोपित अनिरुद्ध के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है।

दशहरा पर लौटा था घर

पुलिस ने ममता देवी और अनिरुद्ध मुनि के मोबाइल को जब्त कर लिए हैं। अनिरुद्ध और ममता के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। अनिरुद्ध बाहर रहकर काम करता है। वह दशहरा की छुट्टियों में गांव लौटकर आया था। उसके बाद से दोनों के बीच विवाद शुरू हो गया। ममता देवी बच्चों को घर पर ही छोड़ मायके चली गई थी।

बेटी को सोते समय मारा

यदुनंदन यादव, पौरा ओपी अध्यक्ष ने कहा कि नौ वर्षीय बड़ा बेटा संजीव और छोटा बेटा मंजीत सो रहे थे। इस दौरान अनिरुद्ध मुनि ने गुस्से में सोनाली को मार दिया। सोनाली की हत्या की सूचना मिलने पर ममता देवी मायके से लौट आई।

दलबदलुओं को गले लगाकर अपना बनाया, कांग्रेस ने 13 और भाजपा ने 16 को दिया मौका

turncoats and made them their own

 

भोपाल। मध्‍य प्रदेश विधानसभा चुनाव में कभी भी दलबदल करने वालों को महत्व नहीं मिला, लेकिन वर्ष 2020 में दल-बदल से कांग्रेस की सरकार बनने के बाद इसे हवा मिल गई। इस चुनाव में तो छोटे-बड़े सभी दलों ने दलबदलुओं को हाथोंहाथ लेकर मैदान में उतार दिया। कांग्रेस ने दूसरे दलों से आए 13 तो भाजपा ने 16 उम्मीदवारों को प्रत्याशी बनाया है।

ऐसे उम्‍मीदवार भी मैदान में

कुछ तो ऐसे उम्मीदवार भी इस बार मैदान में हैं जो दो से भी अधिक दलों में रह चुके हैं तो कुछ ने हर चुनाव में दल बदल लिया। इसमें सबसे बड़ा उदाहरण मैहर विधानसभा सीट के प्रत्याशी नारायण त्रिपाठी हैं। वह निर्दलीय, सपा, कांग्रेस और भाजपा में रहने के बाद अब विंध्य विकास पार्टी से चुनाव लड़ रहे हैं।

अभय मिश्रा ने तीन चुनाव में हर बाद दल बदला

रीवा से ही सेमरिया विधानसभा सीट से कांग्रेस प्रत्याशी अभय मिश्रा पिछले तीन चुनाव में हर बार दल बदल कर मैदान में उतरे। वह भाजपा से विधायक रह चुके हैं। अब कांग्रेस से चुनाव लड़ रहे हैं। सिंगरौली से कांग्रेस प्रत्याशी रेनू शाह पहले सपा, फिर बसपा और दो बार से कांग्रेस से चुनाव लड़ रही हैं।

सपा और बसपा से आए नेताओं को भी मौका दिया कांग्रेस ने

कांग्रेस की बात करें तो पार्टी ने भाजपा के अलावा समाजवादी पार्टी और बसपा से आए नेताओं को भी मैदान में उतारा है। पिछले बार विधानसभा निर्दलीय जीतकर पहुंचे प्रदीप जायसवाल और विक्रम सिंह राणा इस बार भाजपा से मैदान में हैं तो कांग्रेस ने पिछले बार निर्दलीय जीते केदार डाबर और सुरेंद्र सिंह शेरा को मैदान में उतारा है।

बसपा ने उठाया लाभ

नेताओं की भागदौड़ का बसपा ने भी अच्छा लाभ उठाया। पार्टी ने भाजपा और कांग्रेस से आए कई बड़े नेताओं को चुनाव लड़ाने में देरी नहीं की। यहां तक कि कुछ सीटों पर भाजपा-कांग्रेस के पूर्व विधायक भी बसपा से उतर गए हैं, जिससे मामला त्रिकोणाीय हो गया है।

पहली बार ऐसा नजारा

चुनाव के चंद दिन पहले इस तरह की उथल-पुथल पहली बार देखने को मिली है। सभी दलों ने पुराने कार्यकर्ताओं की नाराजगी की परवाह किए बिना दूसरे दल से आए नेताओं को गले लगाया है। इस कारण कुछ प्रत्याशियों को विरोध का सामना भी करना पड़ रहा है।

दीपक जोशी का तो हुआ विरोध

भाजपा से कांग्रेस में गए दीपक जोशी को कार्यकर्ताओं ने काले झंडे दिखाए और गाड़ी में तोड़फोड़ तक कर दी। इसी तरह से रीवा की त्योंथर विधानसभा सीट में कांग्रेस से भाजपा में आए सिद्धार्थ तिवारी का भी विरोध हो रहा है। अब तो चुनाव परिणाम आने के बाद ही सामने आएगा कि दल बदल कर चुनाव में उतरे प्रत्याशी कितना सफल होते हैं।

भाजपा कांग्रेस से आगे

हालांकि, दलबदुलओं को टिकट देने के मामले में भाजपा कांग्रेस से आगे है। कांग्रेस ने 13 तो भाजपा ने 16 ऐसे चेहरों को उतारा है जो दूसरे दल से आए हैं। भाजपा और कांग्रेस ने दूसरी पार्टियों से आए उन्हीं नेताओं को चुनाव लड़ाया है जिन्हें वर्ष 2018 के चुनाव में अच्छे मत मिले थे। वह मुकाबले में थे। इसके अलावा जातिगत और क्षेत्रीय समीकरण पक्ष में होने के कारण भी इन्हें प्रत्याशी बनाने में देर नहीं की। आम आदमी पार्टी ने भी दूसरे दल से गए कुछ उम्मीदवारों को चुनाव लड़ाया है।

हर कार्यकर्ता रामेश्वर बनकर चुनाव मैदान में है – रामेश्वर शर्मा

 

संत नगर में भाजपा के मंडल चुनाव कार्यालय का शुभारंभ, सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित रहे

भोपाल। हुजूर विधानसभा से प्रत्याशी रामेश्वर शर्मा का जोरों-सोरों से चुनाव प्रचार जारी है। रामेश्वर शर्मा हुजूर के कई क्षेत्रों में रोजाना जनसंपर्क कर रहे हैं। इसके अलावा हुजूर के कार्यकर्ता भी रामेश्वर शर्मा के समर्थन में रोजाना बूथ स्तर पर घर-घर जाकर नागरिकों से भाजपा के समर्थन में मतदान करने की अपील कर रहे हैं। जनसंपर्क के दौर के बीच गुरुवार को रामेश्वर शर्मा ने संत हिरदाराम नगर के चंचल चौराहे पर मंडल स्तर भाजपा चुनाव कार्यालय का शुभारंभ किया। इस अवसर पर स्थानीय नागरिकों सहित भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं पदाधिकारी व कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

शुभारंभ अवसर पर कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि – हुजूर में इस बार का चुनाव ऐतिहासिक होने वाला है। हर कार्यकर्ता पूरे उत्साह के साथ धरातल पर भाजपा की विजय के संकल्प के साथ जुटा है। हर कार्यकर्ता गांव, गली, मुहल्लों में द्वार-द्वार जाकर, कुंडी खड़खड़ाकर नागरिकजनों के सामने भाजपा का रिपोर्ट कार्ड रख रहा है। जिसके चलते हर स्थान पर हमें अपार समर्थन मिल रहा है। मैंने अपने कार्यकाल में जनकल्याण व क्षेत्रीय विकास का हर काम कराया है। मैंने नाली, सड़क से लेकर सिक्स लेन और फ्लाईओवर तक की सौगात दीं ताकि हुजूर का नागरिक गर्व से कह सके कि हमने कोई नेता नहीं बल्कि हुजूर के बेटे रामेश्वर को सेवक के रूप में चुना था। जिसने सेवा का संकल्प निभाते हुए क्षेत्रीय प्रगति से नागरिक उन्नति का मार्ग प्रशस्त किया है। उन्होंने आगे कहा कि – हुजूर से केवल रामेश्वर शर्मा चुनाव नहीं लड़ रहा है, हुजूर का एक-एक परिवारजन रामेश्वर बनकर चुनाव लड़ रहा है। इसलिए हर नागरिक स्वयं की विजय के लिए भाजपा को जिताने के लिए उत्साहित है।

ये रहे उपस्थित

Rameshwar sharma

इस अवसर पर विष्णु गेहानी, कर्नल नारायण पारवानी, महेश दयारमानी, डॉक्टर धर्मेंद्र, सुशील वासवानी, वासुदेव वाधवानी, ईश्वरलाल हिमथानी, मूलचंद विधानी, रमेश जनयानी, राम श्रीचंदनानी, जवाहर मूलचंदानी, नवरंग धाकड, भगवान सिंह मेवाड़ा, अमरलाल वैध, ओमकार माँझी, चंदू भैया, केशव लेखवानी, हरीश मूलानी, बसंत चेलानी, माखन राजपूत, राजेश हिंगोरानी, कमल विधानी, राम बंसल, राहुल राजपूत, संजय प्रेमचंदानी, नरेश तोलानी, राजू सुखवानी, मुकेश ग्वालानी, सोनू रायचंदानी, मुकेश साँकला, बबलू चावला, भारत धनवानी, दिनेश वाधवानी, भारती मूलचंदानी, रामू केवट, मनोज शेर बग्गन, दिलीप दिनानी, किशन अच्छानी, महेश खटवानी, विकास मारण, हिम्मत पटेल, शेट्टी चन्दनानी, जगदीश आसवानी, सूरज यादव, लवीन मनसूखानी, अमित बिनवानी सहित बड़ी संख्या में नागरिक एवं भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

nmms-scholarship-2026-27

NMMSS Scholarship 2026-27: छात्रों को बड़ी राहत, छात्रवृत्ति आवेदन की अंतिम तारीख बढ़ी, अब...

0
नई दिल्ली। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के मेधावी विद्यार्थियों के लिए केंद्र सरकार ने बड़ी राहत दी है। शिक्षा मंत्रालय ने राष्ट्रीय साधन-सह-योग्यता...
akshara goswami

मध्यप्रदेश स्थापना दिवस पर 102 मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान, हर छात्र को मिली 1...

0
भोपाल। मध्यप्रदेश के 71वें स्थापना दिवस के अवसर पर प्रदेश की शैक्षणिक प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया। भोपाल के लाल परेड मैदान में आयोजित...
poshan-tracker-pmmvy-grievance-redressal-2026

POSHAN Tracker और PMMVY की शिकायतों का होगा निपटारा, 30 अक्टूबर को देशभर में...

0
नई दिल्ली | 30 अक्टूबर 2026 | सामाजिक कल्याण समाचार केंद्र सरकार ने गर्भवती महिलाओं, स्तनपान कराने वाली माताओं और पोषण सेवाओं के लाभार्थियों की...
anath-bachchon-ke-liye-sarkari-yojana-2026

अनाथ बच्चों के लिए सरकार की खास योजनाएँ, पढ़ाई से लेकर आर्थिक सहायता तक

0
नई दिल्ली | सरकारी योजना समाचार देश में ऐसे कई बच्चे हैं, जिन्होंने अपने माता-पिता को खो दिया है या जिनके पास देखभाल करने वाला...
Government welfare schemes have improved the living standards of 22 crore people

सरकारी कल्याण योजनाओं से 22 करोड़ लोगों के जीवन स्तर में सुधार, MoSPI के...

0
नई दिल्ली। भारत में सरकारी सामाजिक कल्याण योजनाओं के माध्यम से गरीब और जरूरतमंद परिवारों को मिलने वाली मुफ्त या रियायती वस्तुओं से उनके...