जसप्रीत बुमराह ने 48 साल पुराने वर्ल्ड कप में लिखा नया इतिहास, भारत के लिए ये कारनाम करने वाले पहले गेंदबाज

Bumrah wrote a new history

 

शमी और सिराज के कहर में ढहा श्रीलंका, 29 रन पर गिरे 8 विकेट

जसप्रीत बुमराह ने वनडे वर्ल्ड कप 2023 में वो कारनामा कर दिया, जो टूर्नामेंट के 48 साल पुराने इतिहास में कोई भारतीय गेंदबाज़ नहीं कर सका. दरअसल जसप्रीत बुमराह ने मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में श्रीलंका के खिलाफ खेले जा रहे मुकाबले में पहली ही गेंद पर विकेट अपने नाम किया, जिसके साथ बुमराह वर्ल्ड कप के इतिहास में पहले ऐसे भारतीय गेंदबाज़ बन गए, जिन्होंने वर्ल्ड कप मुकाबले की पारी में पहली गेंद पर विकेट लिया.

बुमराह ने श्रीलंका के पथुम निसंका को पहली गेंद पर एलबीडब्ल्यू के ज़रिए पवेलियन की राह दिखाई. बुमराह ने मिडिल स्टंप की लाइन पर गेंद फेंकी, जो ऑफ स्टंप की ओर से स्विंग होती हुई निसंका के थाई पैड पर जाकर लगी. अंपायर ने उंगली खड़ी कर इसे आउट करार दे दिया. लेकिन निसंका ने रिव्यू लिया, जिससे एक बार फिर क्लियर हो गया कि ये आउट है.

तीन भारतीय बल्लेबाज़ों ने मिस किया शतक

मुकाबले में टॉस हारकर पहले बैटिंग के लिए उतरी भारतीय टीम की ओर से कुल तीन बल्लेबाज़ों ने शतक मिस किया, जिसमें शुभमन गिल, विराट कोहली और श्रेयस अय्यर शामिल रहे. ओपनिंग पर उतरे शुभमन गिल ने 92 गेंदों में 11 चौके और 2 छक्कों की मदद से 92 रन स्कोर किए. इसके अलावा विराट कोहली ने 94 गेंदों में 11 चौकों की मदद से 88 रन बनाए.

फिर नंबर चार पर बैटिंग करते हुए मिडिल ऑर्डर बल्लेबाज़ श्रेयस अय्यर ने ताबड़तोड़ पारी खेलते हुए 56 गेंदों में 146.43 के स्ट्राइक रेट से 82 रन बनाए. अय्यर ने अपनी इस धुंआधार पारी में 3 चौके और 6 छक्के लगाए, जिसमें 106 मीटर का अब तक वर्ल्ड कप 2023 का सबसे लंबा छक्का भी शामिल रहा. भारत ने शानदार बैटिंग की बदौलत 50 ओवर में 8 विकेट पर 357 रन बोर्ड पर लगाए.

भोपाल में हुजूर से जितेंद्र डागा ने वापस लिया नामांकन, कांग्रेस प्रत्याशी की आंख से छलके आंसू

Daga withdrew nomination from Huzoor

 

भोपाल। प्रदेश में हो रहे विधानसभा चुनावों के लिए नामांकन वापसी का आज अंतिम दिन है। भोपाल जिले की सात विधानसभा क्षेत्रों में टिकट न मिलने से नाराज कुछ नेताओं द्वारा निर्दलीय भी नामांकन पत्र जमा किए गए थे। अब इनमें से कुछ प्रत्याशियों द्वारा गुरुवार को अपने नामांकन पत्र वापस लिए जा रहे हैं। कांग्रेस से टिकट न मिलने से नाराज पूर्व विधायक जितेंद्र डागा ने पार्टी के नेताओं की मान-मनौव्वल के बाद आखिरकार गुरुवार को अपना नाम वापस ले लिया। उन्होंने निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर हुजूर क्षेत्र से अपना नामांकन दाखिल किया था।

 

पीछे के रास्ते से पहुंचे डागा

पीछे के रास्ते से हुजूर एसडीएम कार्यालय में पहुंचे जितेंद्र डागा। उधर, सामने वाले रास्ते पर कांग्रेस प्रत्याशी नरेंद्र ज्ञानचंदानी उनका करते रहे इंतजार। बाद में बाहर आकर जितेंद्र डागा ने ज्ञानचंदानी से मुलाकात की और मुस्कराते हुए उनके साथ तस्वीरें भी खिंचवाईं। डागा बोले कि मैं कांग्रेस का समर्पित कार्यकर्ता हूं। इस मौके पर कांग्रेस प्रत्याशी नरेश ज्ञानचंदानी की आंखों से आंसू छलक आए। डागा ने उनके आंसू पोंछे और कहा कि चिंता मत करो, मैं आपके साथ हूं।

गोविंदपुरा में कांग्रेस के बागी ने थामा भाजपा का दामन

उधर, इसी बीच गोविंदपुरा क्षेत्र से निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर पर्चा भरने वाले पक्ष खांबरा ने भाजपा ज्वाइन कर ली। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गोविंदपुरा से भाजपा प्रत्याशी कृष्णा गौर की मौजूदगी में उन्हें पार्टी की सदस्यता दिलाई। इसके बाद उन्होंने कलेक्ट्रेट पहुंचकर अपना नामांकन पत्र वापस ले लिया। बता दें कि भाजपा में जाने से पहले पक्ष कांग्रेस में प्रदेश सचिव थे। वह गोविंदपुरा क्षेत्र से कांग्रेस से टिकट के लिए दावेदारी ठोक रहे थे, लेकिन पार्टी ने उनके बजाय रवींद्र साहू झूमरवाला को टिकट दे दिया। उसके बाद से ही वह नाराज चल रहे थे।

बुधवार को दो प्रत्याशियों ने नाम वापस लिया था

वहीं गुरुवार सुबह उत्तर विधानसभा क्षेत्र से निर्दलीय प्रत्याशी राम लखन तिवारी ने भी रिटर्निंग अधिकारी के कार्यालय पहुंचकर अपना नामांकन पत्र वापस ले लिया। इससे पहले उत्तर और नरेला विधानसभा क्षेत्र से बुधवार को एक-एक निर्दलीय प्रत्याशी ने नामांकन पत्र वापस लिया था।

इन प्रत्याशियों ने भी नाम वापस लिए

हुजूर विधानसभा क्षेत्र से निर्दलीय प्रत्याशी राहुल मारन ने नामांकन पत्र लिया वापस। पूर्व पार्षद और उत्तर विधानसभा क्षेत्र से निर्दलीय विधायक प्रत्याशी अब्दुल शफीक ने आमिर अकील के समर्थन में अपना नामांकन पत्र वापस लिया।

Vitamin D की कमी से बिगड़ सकती है सेहत, कमजोरी ही नहीं घेर सकती हैं ये समस्याएं

Vitamin D can worsen health

 

Vitamin D : विटामिन डी शरीर के लिए बेहद जरूरी होता है. इसकी कमी कई तरह की बीमारियों का कारण बन सकती है. विटामिन डी की मदद से ही शरीर को कैल्शियम के अवशोषण में मदद मिलती हैं, हड्डियों को मजबूत रहती हैं, जीन और सेल ग्रोथ कंट्रोल में रहता है, रिकेट्स और ऑस्टियोपोरोसिस जैसी बीमारियां नहीं होती हैं और इम्यून सिस्टम रेग्यूलेट होता रहता है. ऐसे में विटामिन डी (Vitamin D) कम होने से शरीर को कई तरह की परेशानियां हो सकती हैं. आइए जानते हैं…

विटामिन D की कमी से क्या नुकसान

इम्यूनिटी कमजोर हो जाएगी

शरीर में विटामिन डी इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाने का काम करता है. इससे सर्दी, खांसी, जुकाम जैसी वायरल बीमारियों का खतरा कम रहता है. लेकिन जब विटामिन डी की कमी होती है तो रोग प्रतिरोधक क्षमता भी कमजोर पड़ने लगता है और हम जल्दी-जल्दी बीमार होने लगते हैं.

थकान होना

विटामिन डी की कमी से मसल्स और हड्डियां कमजोर हो जाती हैं. इससे जल्दी-जल्दी थकान होने लगती है. हड्डियों को मजबूत रखने के लिए कैल्शियम बेहद जरूरी होता है. क्योंकि इसके एब्जॉर्बशन के लिए विटामिन डी की आवश्यकता पड़ती है.

जोड़ों का दर्द

विटामिन डी की मात्रा कम होने पर जोड़ों का दर्द बढ़ जाता है. ऐसे लोग जिन्हें ये परेशानी पहले से ही है, उनकी तकलीफ और भी ज्यादा बढ़ जाती हैं. इसलिए हमेशा विटामिन डी इनटेक पर्याप्त मात्रा में लेनी चाहिए. धूप में कुछ देर बिताना चाहिए.

डिप्रेशन की समस्या

कई रिसर्च में पाया गया है कि मूड को बेहतर बनाने में विटामिन डी का अहम रोल होता है. इस अहम न्यूट्रिएंट्स की कमी से डिप्रेशन और स्ट्रेस का खतरा कई गुना तक बढ़ सकता है. उत्तरी ध्रुव के पास वाले देशों में जब लंबे वक्त तक सूर्य नहीं निकलता है तो वहां के लोगों में विटामिन डी की कमी होने लगती है और वे तनाव की चपेट में आ जाते हैं.

सिंगरौली में दिल्ली एवं पंजाब सीएम का रोड शो, अरविंद केजरीवाल ने कही ये बात

Delhi and Punjab CM

 

सिंगरौली । आम आदमी पार्टी के स्टार प्रचारक एवं दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल समेत पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान सिंह आज दोपहर सिंगरौली में रोड शो कर रहे हैं। अपने संबोधन में अरविंद केजरीवाल ने कहा कि केजरीवाल के शरीर को तो गिरफ्तार कर लोगे लेकिन केजरीवाल की सोच को गिरफ्तार नहीं कर पाओगे।

दिल्ली शराब नीति घोटाले के संदर्भ में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को ईडी के समक्ष सशरीर प्रस्‍तुत होने का समन जारी किया गया था। वहां जाने के बजाए मध्‍य प्रदेश के सिंगरौली में सभा को संबोधित करने पहुंचे। केजरीवाल के साथ पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने विधानसभा चुनाव में अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई।

भीड़ को ध्यान में रखते हुए पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई

रज कमल होटल से माजन मोड़ तक उनका रोड शो है। जिसके लिए भारी पुलिस बल लगाया गया है। गौरतलब है कि बीते समय में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने निगम चुनाव में महापौर पद प्रत्याशी रानी अग्रवाल के पक्ष में वोट करने के लिए सिंगरौली का दौरा किया था, जिसमें भारी भीड़ उमड़ी थी। इसी को ध्यान में रखते हुए पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई ।

स्टार प्रचारक के दौरे को लेकर कार्यकर्ता भी उत्साहित हैं। गौरतलब है कि निगम चुनाव में सिंगरौली की जनता ने आप की रानी अग्रवाल को बतौर महापौर चुना था। इसके अलावा बीते विधानसभा चुनाव में अच्छी -खासी संख्या में वोट मिला और वह तीसरे पायदान पर रही थीं।

भाजपा में इस्तीफों का दौर शुरू, हर्षवर्धन सहित कई पदाधिकारियों ने छोड़ी पार्टी

resignations begins in BJP

 

बुरहानपुर । भाजपा की अधिकृत प्रत्याशी अर्चना चिटनिस के खिलाफ बगावत कर निर्दलीय प्रत्याशी हर्षवर्धन सिंह चौहान के साथ खड़े होने वाले भाजपा के पदाधिकारियों ने बड़ा कदम उठाते हुए इस्तीफे सौंपने शुरू कर दिए हैं। गुरुवार दोपहर बाद से इस्तीफों की झड़ी लगी हुई है।

जिससे भाजपा के वरिष्ठ नेताओं के होश उड़े हुए हैं। सबसे पहले युवा मोर्चा के प्रदेश कार्यसमिति सदस्य और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष स्व. नंदकुमार सिंह चौहान के पुत्र हर्षवर्धन सिंह चौहान ने भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा के नाम अपना इस्तीफा भेजा।

इसके बाद युवा मोर्चा के पूर्व जिलाध्यक्ष रमेश पाटीदार, नगर निगम के पूर्व अध्यक्ष मनोज तारवाला, भाजपा जिला मंत्री प्रवीण शहाणे, जिला प्रभारी पिछड़ा वर्ग मोर्चा व पूर्व जनपद अध्यक्ष किशोर पाटिल, भाजपा जिला मंत्री सौरभ पाटिल और पूर्व जनपद अध्यक्ष काशीनाथ महाजन ने अपना इस्तीफा सौंपा है।

सभी पदाधिकारियों ने इस्तीफा सौंपने का कारण प्रत्याशी चयन में वरिष्ठ नेताओं द्वारा गलती करना बताया है। पदाधिकारियों ने कहा है कि उचित मंच पर विरोध दर्ज कराने के बावजूद निर्णय नहीं बदला गया है। इसलिए वे पार्टी और प्रत्याशी के पक्ष में काम कर पाने में असमर्थ हैं।

निष्कासन के लिए होनी थी बैठक

उल्लेखनीय है कि गुरुवार को नाम वापसी का अंतिम दिन था। भाजपा जिलाध्यक्ष ने संकेत दिए थे कि यदि अंतिम समय सीमा तक बागी अपना नामांकन वापस नहीं लेते और बागियों का समर्थन कर रहे भाजपा नेता वापस नहीं लौटते तो ऐसे पदाधिकारियों के खिलाफ निष्कासन की कार्रवाई की जाएगी।

इसे लेकर भाजपा कार्यालय में शाम को बैठक भी होनी थी। इस बैठक से पहले ही पदाधिकारियों ने अपने इस्तीफे सौंप कर पार्टी नेतृत्व को यह बताने का प्रयास किया है, कि अब वे किसी भी सूरत में अपने कदम पीछे नहीं खींचेंगे।

स्व. नंदूभैया के पुत्र हर्षवर्धन सिंह को जिताने के लिए काम करेंगे। इस संबंध में हमने भाजपा जिलाध्यक्ष मनोज लधवे का पक्ष जानने का प्रयास भी किया, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।

कांकेर में पीएम मोदी बोले- कांग्रेस और विकास में छत्‍तीस का आंकड़ा, इसलिए अउ नइ सहिबो बदल के रहिबो

Modi said in Kanker

 

कांकेर। छत्‍तीसगढ़ के कांकेर जिले में भाजपा की विजय संकल्‍प रैली को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने कहा, छत्‍तीसगढ़ में भाजपा के समर्थन में जो आंधी चल रही है, वो कांकेर में भी दिख रही है।

पीएम मोदी ने कहा, भाजपा का संकल्‍प छत्‍तीसगढ़ के लोगों को सशक्‍त करने का है। भाजपा का संकल्‍प छत्‍तीसगढ़ को देश के टाप राज्‍यों में लाने का है। कांग्रेस और विकास में छत्‍तीस का आंकड़ा है। जहां कांग्रेस रहेगी, वहां विकास हो ही नहीं सकता।

उन्‍होंने कहा, कल ही छत्‍तीसगढ़ का स्‍थापना दिवस मनाया है। कितनी चुनौती से लड़ते हुए भाजपा ने नई व्‍यवस्‍था बनाई। लेकिन यहां की कांग्रेस की सरकार भाजपा से दुश्‍मनी निकालती रही।

इन पांच वर्षों में कांग्रेस नेताओं के बंगले, कारें का ही विकास हुआ है। उनके और उनके रिश्‍तेदारों का ही फायदा हुआ है। गरीब, दलित, पिछड़ों को क्‍या मिला। कांग्रेस सरकार ने टूटी-फूटी सड़कें दी है। इस वजह से आज पूरा छत्‍तीसगढ़ कह रहा है अउ नहीं सहिबो, अब बदल के रहिबो।

बीते नौ वर्षों के दौरान केंद्र की भाजपा सरकार का एक ही लक्ष्‍य रहा है। गरीब का कल्‍याण, आदिवासी का कल्‍याण। इसलिए हमने पक्‍के मकान की योजना बनाई। अभी तक चार करोड़ अधिक पक्‍का मकान मिल चुका है।

लेकिन छत्‍तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार अड़ंगा डाल रही है। मैं आज आपको वादा करता हूं। छत्‍तीसगढ़ में भाजपा की सरकार बनने के बाद पीएम आवास के काम को और तेज किया जाएगा।

भाजपा सरकार बीते सालों में जन औषधि केंद्र खोले हैं, ताकि गरीब को सस्‍त में दवाएं मिल सके। पीएम मोदी ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा, गंगा जी की झूठी कसम कांग्रेस के लोग ही खा सकते हैं।

पीएम मोदी ने कहा, यहां के मुख्‍यमंत्री के बारे में कहा जाता है, तीस टका कका, आपका काम पक्‍का। आपने बीते 5 साल में कांग्रेस सरकार की नाकामी देखी है। इन 5 वर्षों में कांग्रेस के नेताओं की कोठियां, उनके बंगले, उनकी कारें, इन्हीं का विकास हुआ है।

इन 5 वर्षों में कांग्रेस के नेताओं के बच्चों और उनेक रिश्तेदारों को ही फायदा हुआ। कांकेर के, बस्तर के गरीब, दलित, पिछड़े, आदिवासी परिवारों को क्या मिला? छत्तीसगढ़ के लोगों को कांग्रेस ने टूटी-फूटी सड़कें दी हैं। कांग्रेस ने सरकारी दफ्तरों में घूसखोरी का नया रिकॉर्ड बनाया है।

उन्‍होंने कहा, छत्‍तीसगढ़ में भाजपा की सरकार बनने पर डाक्‍टर, इंजीनियर की पढ़ाई मातृ भाषा में होगी। इससे आदिवासी समाज के बेटे-बेटियां भी डाक्‍टर, इंजीनियर बन सकते हैं।

पीएम मोदी यहां कांकेर, अंतागढ़ और भानुप्रतापपुर विधानसभा क्षेत्र के प्रत्‍याशियों को जीताने की अपील की।

वहीं 30 अक्टूबर को कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी के दौरे के बाद अब चार नवंबर को प्रधानमंत्री मोदी का दुर्ग आगमन हो रहा है। यहां तैयारियों के लिए पार्टी ने ताकत झोंक दी है।

पार्टी सूत्रों की तरफ से मिली जानकारी के आधार पर पीएम मोदी रोड शो और चुनावी सभा भी करेंगे। उसके बाद सात नवंबर को सरगुजा के दौरे पर पीएम मोदी रहेंगे। यहां विश्रामपुर और सूरजपुर में वह चुनावी सभा करेंगे। इसके बाद 14 नवंबर को रायपुर में पीएम मोदी रोड शो करेंगे।

बता दें कि छत्‍तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव दो चरणों में होंगे। 7 नवंबर को पहला चरण और 17 नवंबर को दूसरे चरण के तहत वोटिंग होगी और तीन दिसंबर को वोटों की गिनती होगी।

जीतू पटवारी के हिन्दुओं को नफरती बताने वाले बयान पर रामेश्वर की तल्ख टिप्पणी, प्रेस कांफ्रेंस कर कहा “हिन्दू नफरती नहीं, राम और राष्ट्र पर मरने वाला है

भोपाल। कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष जीतू पटवारी के हिन्दुओं को लेकर दिए गए विवादित बयान के बाद से मध्यप्रदेश की राजनीति गरमा गई है। जिसे लेकर भाजपा लगातार कांग्रेस पर हमलावर हो रही है। जीतू पटवारी के इस बयान को लेकर कांग्रेस घिरती हुई नजर आ रही है। गुरुवार को भोपाल की हुजूर विधानसभा से भाजपा प्रत्याशी और हिन्दूवादी नेता रामेश्वर शर्मा ने मध्यप्रदेश भाजपा कार्यालय पर प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए कांग्रेस की हिन्दू विरोधी राजनीति को लेकर तीखा प्रहार किया। इस दौरान रामेश्वर शर्मा ने हमलावर होते हुए कांग्रेस पर कई सवाल दागे। उन्होंने पूछा कि अगर कांग्रेस को हिन्दुओं से इतनी ही नफरत है तो चुनाव आते ही तिलक लगाकर मंदिरों के चक्कर क्यों काटने लगते हैं।

जीतू पटवारी समेत कांग्रेसियों के हिन्दू विरोधी गतिविधियों को लेकर रामेश्वर शर्मा कांग्रेस पर जमकर बरसे। उन्होंने कहा कि – भगवा आतंकवाद शब्द गढ़ने वाली काँग्रेस नें हिंदुओं को नीचा दिखाने के लिए अब एक नया शब्द गढ़ा लिया है ‘नफरती हिन्दू’। जीतू पटवारी जवाब दें क्या काँग्रेस को छोड़ कर देश का हर हिन्दू नफरती है ? क्या अयोध्या में राम मंदिर निर्माण की बात करने वाले नफरती हैं? अरे कांग्रेसियों हिन्दू नफरती नहीं है, राष्ट्र और राम के लिए मरने को तैयार हैं। इसलिए जो नफरती हिन्दू शब्द काँग्रेस गढ़ रही है, उससे हम पूछना चाहते है कि हिंदुओं से इतनी नफरत क्यों हो गई ? और हिंदुओं से इतनी ही नफरत है कॉंग्रेसियों तो चुनाव में टीका लगाने और मंदिर मंदिर जाने का ढोंग क्यों ? आज जनता जान चुकी है कि ‘कॉंग्रेस के मन में राम बगल में छुरी’ और पूरी काँग्रेस की हिंदुओं के प्रति नीयत बुरी।

उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेसी दंगाइयों और उपद्रवियों का समर्थन करती है। लेकिन वो सुन लें, जिस छत से पत्थर फिकेगा वह छत जरूर टूटेगी, जो बहन-बेटियों के साथ छेड़कानी करेगा वो हाथ भी तोड़े जाएंगे, उन्हें जेल में भी डाला जाएगा और जो राम, कृष्ण, बुद्ध, महावीर, गुरुनानक की शोभायात्राओं पर पथराव करेंगे उनका भी वही हश्र करेंगे जो आतंकवादियों का होता है।

रामेश्वर शर्मा ने मध्यप्रदेश कांग्रेस के नेताओं को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि कमलनाथ, काँग्रेस, जीतू पटवारी सहित ‘अलीबाबा और चालीस चोरों की कंपनी’ से हम साफ शब्दों में पूछना चाहते है कि आपको हिन्दू धर्म, राम मंदिर, महाकाल मंदिर से आपत्ति क्या है? यदि है तो फिर काँग्रेस किसके साथ है। बाबरी मस्जिद की शहीदी कहने वाली काँग्रेस खुल के कहे कि उसे बाबरी मस्जिद से लगाव व कार सेवकों से नफरत है क्या?

केके मिश्रा के रामेश्वर शर्मा को लेकर पूर्व के बयान को लेकर उन्होंने कहा कि जो कहते हैं कि रामेश्वर शर्मा कारसेवक है, इसलिए वह गुंडे हैं। तो मैं डंके की चोट पर कहता हूँ कि 6 दिसंबर को मैं कारसेवक था। और कारसेवकों नें जो किया वो देश के स्वाभिमान में किया। हम तब भी उसका समर्थन करते थे और आज भी करते हैं। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार में दम है इसलिए राम, कृष्ण का भी मंदिर बनाएंगे और काशी विश्वनाथ को भी सजाएंगे और हर मंदिर का जीर्णोद्धार कराएंगे। हम मंदिर वाले थे, हम मंदिर वाले हैं। मंदिर बनाने में हमें न शर्म है, न संकोच है। हम कांग्रेस की तरह चादर ओड़ कर टीका नहीं छुपाते। हम खुलेआम टीका लगाकर जय श्री राम बोलते हैं।

MP election 2023 : हुजूर की राजनीति का बड़ा दिन

 

भोपाल, विधानसभा चुनाव 2023 अपने सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव में पहुँच रहा है। आज यानी 2 नवंबर ख़ास बन गया है। पूर्व में भाजपा से विधायक रहे जितेंद्र डागा आज के सेलेब्रिटी है।

हुजूर की जनता के साथ प्रदेश के राजनीतिक स्तम्भ उनकी तरफ देख रहे है कई तो उनसे चर्चा कर मानने को बेताव है।

मामला ये है की विधानसभा टिकट देने का वादा कर कांग्रेस में लाये गये जितेंद्र डागा को कांग्रेस ने “सच्चा कांग्रेसी” न मानते हुए टिकट नहीं दिया।

हाल में एक वीडियो में दिग्विजय सिंह ने इशारों इशारों में नरेश ज्ञानचंदानी के टिकट मिलने पर बयान दिया था सच्चे कांग्रेसी को टिकट दिया गया। बिना किसी मेहनत करें।

गौरतलब है की डागा राजधानी भोपाल के प्रतिष्ठित व्यक्ति है, अनेकों सामाजिक संगठनों को सालों से मदद करते आये है। पूर्व में हुजूर से विधायक रहे है। उनका समर्थक वर्ग शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में बड़ी संख्या में है।

पिछले 8 माह में कांग्रेस से मिले आश्वासन के बाद लगभग पूरी विधानसभा में कमलनाथ के वचनों को सबसे बेहतर प्रचार किया।

इसके बाद भी सच्चा कांग्रेसी न मानते हुए उनका टिकट काट जाने से जितेंद्र डागा बेहद नाराज है कांग्रेस से

फिर भी सियासत के जानकारों का कहना है राजनीति में हर नाराजगी को दूर करने का उपाय है।

अब तक जितेंद्र डागा को मानने के लिए भाजपा के 2 केंद्रीय मंत्री, वर्तमान विधायक रामेश्वर शर्मा, हुजूर से कांग्रेस प्रत्याशी नरेश ज्ञानचंदानी तो उन्हें साथ लेकर पूर्व मुख्यमंत्री कमालनाथ के बंगले भी ले गये है।

 

वहां उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ सहित पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह को अपनी चुनाव लड़ने को मंशा साफ की है।

मीडिया को जितेंद्र डागा ने साफ कहा मै चुनाव लड़ रहा हूँ, जनता मेरा चुनाव लड़ रही है, अभी में चुनाव लड़ रहा हूँ।

अक्टूबर में दो साल के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंची बेरोजगारी, चुनावों से पहले सरकार के लिए चिंता की खबर

reached the highest level

 

इसी महीने होने वाले 5 राज्यों के विधानसभा चुनावों से ठीक पहले केंद्र सरकार के लिए एक बुरी खबर आई है. प्राइवेट रिसर्च फर्म CMIE ने दावा किया है कि अक्टूबर 2023 में भारत में बेरोजगारी 2 साल के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गई है. देश के ग्रामीण इलाकों में ज्यादा बेरोजगारी बढ़ी है. जिसका असर संपूर्ण बेरोजगारी दर पर दिख रहा है. बिजनेस स्टैंडर्ड में छपी रिपोर्ट के अनुसार सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनॉमी लिमिटेड ने अपने डाटा के जरिए जानकारी दी है कि अक्टूबर में बेरोजगारी दर 10.05 फीसदी तक पहुंच गई है. वहीं सितंबर, 2023 में बेरोजगारी दर 7.09 फीसदी के आसपास थी.

दो साल के उच्चतम स्तर पर पहुंची बेरोजगारी दर

ध्यान देने वाली बात ये है कि अक्टूबर की बेरोजगारी दर मई 2021 के बाद से सबसे ज्यादा हो गई है. इसके ग्रामीण इलाकों में बेरोजगारी दर 6.20 फीसदी से बढ़कर 10.82 फीसदी हो गई है. वहीं शहरों में नई नौकरियां आने की वजह से यह दर गिरकर 8.44 फीसदी तक पहुंच गई है.

मानसून ने डाला असर

इस साल मानसून के बिगड़े मिजाज के कारण कई चीजों जैसे चीनी, चावल और गेहूं की फसल पर बुरा असर पड़ा है. इसके कारण भारत सरकार ने देश में इन चीजों के दाम को कंट्रोल करने के लिए कई तरह के प्रतिबंध भी लगाए है. कम पैदावार के कारण ग्रामीण इलाकों में खेती से जुड़ी गतिविधियों पर असर पड़ा है. वहीं शहरी क्षेत्र में विनिर्माण में तेजी देखी जा रही है. ऐसे में शहरों में नई नौकरियों के अवसर बढ़ रहे हैं. गौरतलब है कि भारत सरकार हर साल सालाना के आधार पर बेरोजगारी पर वार्षिक डाटा जारी करती है. सरकार द्वारा जारी किए गए डाटा के मुताबिक वित्त वर्ष 2022-23 में देश में बेरोजगारी दर 3.2 फीसदी रही है.

सरकार के लिए चिंता की खबर!

इसी महीने पांच राज्यों छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, राजस्थान, तेलंगाना और मिजोरम में विधानसभा चुनाव हैं. ऐसे में चुनाव से ठीक पहले बेरोजगारी के यह आंकड़े सरकार की चिंता को बढ़ा सकते हैं. ध्यान देने वाली बात ये है कि एक्सपर्ट्स के मुताबिक भारत की जीडीपी 6 फीसदी के दर से बढ़ने की संभावना है, मगर इसके बाद भी युवाओं के लिए नई नौकरियों का सृजन उस गति से नहीं हो पा रहा है. ऐसे में आगामी चुनाव में यह एक बड़ा मुद्दा बन सकता है.

इससे पहले देश में बड़े पैमाने पर युवाओं के रोजगार देने वाली आईटी कंपनियां जैसे इंफोसिस और वप्रो ने इस साल नई भर्तियों की प्रक्रिया रोकने की बात कही थी. ऐसे में कॉलेज से पास होने वाले हजारों नए इंजीनियरिंग छात्रों के लिए नौकरियों का संकट पैदा हो गया है. देश में बेरोजगारी की समस्या लंबे समय से एक बड़ा मुद्दा है और सीएमआईई का ये डेटा इस ओर स्पष्ट इशारा कर रहा है.

प्रदेश में 17 नवंबर को सात से छह बजे तक होगा मतदान, निर्वाचन आयोग ने अधिसूचना जारी की

from 7 to 6 pm on November 17

 

भोपाल । मध्य प्रदेश में 230 विधानसभा क्षेत्रों के लिए मतदान 17 नवंबर को सुबह सात से शाम छह बजे तक होगा। नक्सल प्रभावित बालाघाट, मंडला और डिंडोरी जिले के कुछ विधानसभा क्षेत्रों में मतदान सुबह सात से दोपहर तीन बजे तक होगा। भारत निर्वाचन आयोग ने इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी है। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी अनुपम राजन ने बताया कि मतदान शुरू होने के डेढ़ घंटे पहले सुबह साढ़े पांच बजे से माकपोल की प्रक्रिया प्रारंभ होगी।

यह अभ्यर्थी या उसके अधिकृत एजेंट की उपस्थिति में होगी। यदि कोई अभ्यर्थी या उसका एजेंट पौने छह बजे तक नहीं पहुंचता है तो मतदान दल और अन्य सदस्यों की उपस्थिति में माकपोल की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी जाएगी। न्यूनतम 50 वोट से माकपोल किए जाने का प्रविधान है।

इसमें नोटा भी शामिल होगा। माकपोल की प्रक्रिया प्रारंभ करने से पूर्व बैलेट यूनिट एवं वीवीपीएटी को वीवीपीएटी कंपार्टमेंट में रखा जाएगा। कंट्रोल यूनिट को पीठासीन अधिकारी की टेबल या मतदान अधिकारी के टेबल पर रखना होगा। इस प्रक्रिया के पूरा होने के बाद सुबह सात बजे से मतदान प्रारंभ हो जाएगा।

प्रदेश के नक्सल प्रभावित बालाघाट जिले के बैहर, लांजी और परसवाड़ा के सभी मतदान केंद्र, मंडला जिले के बिछिया विधानसभा क्षेत्र के 47, मंडला विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले आठ और डिंडौरी जिले के विधानसभा क्षेत्र डिंडौरी के 40 मतदान केंद्रों पर सुबह सात से दोपहर तीन बजे तक मतदान प्रक्रिया चलेगी।

मतदान की तिथि में कोई परिवर्तन नहीं इंटरनेट मीडिया वाट्सएप पर बुधवार को एक पत्र बहुप्रसारित हुआ, जिसमें मतदान की तिथि परिवर्तन की बात कही गई। इसमें बताया गया कि दीपावली, छठ पूजा एवं देव उठनी ग्यारस के कारण मतदान की तिथि 17 नवंबर के स्थान पर 28 नवंबर की जाए।

राष्ट्रपति और चुनाव आयोग को लिखे पत्र में कहा गया था कि पर्व के कारण मतदान का प्रतिशत घटेगा, इसलिए तिथि आगे बढ़ाई जाए। हालांकि, ऐसा कुछ भी नहीं है। मतदान नियत तिथि 17 नवंबर को निर्धारित समय पर ही होगा।

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नई दिल्ली। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के मेधावी विद्यार्थियों के लिए केंद्र सरकार ने बड़ी राहत दी है। शिक्षा मंत्रालय ने राष्ट्रीय साधन-सह-योग्यता...
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मध्यप्रदेश स्थापना दिवस पर 102 मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान, हर छात्र को मिली 1...

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भोपाल। मध्यप्रदेश के 71वें स्थापना दिवस के अवसर पर प्रदेश की शैक्षणिक प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया। भोपाल के लाल परेड मैदान में आयोजित...
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POSHAN Tracker और PMMVY की शिकायतों का होगा निपटारा, 30 अक्टूबर को देशभर में...

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नई दिल्ली | 30 अक्टूबर 2026 | सामाजिक कल्याण समाचार केंद्र सरकार ने गर्भवती महिलाओं, स्तनपान कराने वाली माताओं और पोषण सेवाओं के लाभार्थियों की...
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अनाथ बच्चों के लिए सरकार की खास योजनाएँ, पढ़ाई से लेकर आर्थिक सहायता तक

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नई दिल्ली | सरकारी योजना समाचार देश में ऐसे कई बच्चे हैं, जिन्होंने अपने माता-पिता को खो दिया है या जिनके पास देखभाल करने वाला...
Government welfare schemes have improved the living standards of 22 crore people

सरकारी कल्याण योजनाओं से 22 करोड़ लोगों के जीवन स्तर में सुधार, MoSPI के...

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नई दिल्ली। भारत में सरकारी सामाजिक कल्याण योजनाओं के माध्यम से गरीब और जरूरतमंद परिवारों को मिलने वाली मुफ्त या रियायती वस्तुओं से उनके...