हमास हमले में मरने वाले इजरायलियों की संख्या 600 हुई,313 फिलीस्तीनी मरे

Israeli death toll in Hamas attack

 

यरूशलेम| इजरायल पर हमास के अप्रत्याशित हमले में मरने वालों इजरायलियों की संख्या बढ़कर 600 हो गई है जबकि 2000 से अधिक लोग घायल हैं। वहीं इजीायली हमलें में 313 फिलिस्तीनियों के मारे जाने और करीब 2000 के घायल होने की खबर है। यह जानकारी इजरायल के सरकारी स्वामित्व वाली कान टीवी ने रविवार को दी। इजरायल और फिलिस्तीन के बीच घातक संघर्ष दूसरे दिन में प्रवेश कर चुका है। कान टीवी ने सरकारी अधिकारियों के हवाले से कहा कि मरने वालों की संख्या कम से कम 600 तक पहुंच चुकी है, जो इजरायल के इतिहास में सबसे घातक हमलों में से एक है।

इजरायल के स्वास्थ्य मंत्रालय ने आज एक बयान में कहा कि कम से कम 2,048 लोग घायल हुए हैं, जिनमें से 20 की हालत गंभीर है। इजरायल के सुरक्षा मंत्रिमंडल ने आज आधिकारिक रूप से घोषणा किया कि इजरायल युद्ध में है और आगे के दिनों में गाजा में सार्थक सैन्य अभियान करेगा। शनिवार को गाजा पर नियंत्रण रखने वाले हमास ने एक आश्चर्यजनक हमले में इजरायल पर हजारों रॉकेट दागे।

इजरायल की सेना ने गाजा में हवाई हमलों के साथ इसका जवाब दिया, बहुमंजिला इमारतों को ध्वस्त कर दिया और हमास के ठिकानों पर हमला किया। गाजा में फिलिस्तीनी स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, इजरायली हमलों में कम से कम 313 फिलिस्तीनी मारे गए और 1,990 घायल हो गए। फिलिस्तीनी सुरक्षा सूत्रों ने कहा कि शनिवार रात, इजरायली युद्धक विमानों ने तटीय एन्क्लेव में विभिन्न जगहों पर सैन्य और नागरिक सुविधाओं को निशाना बनाना जारी रखा। स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता अशरफ अल-किदरा ने कहा कि इजरायल ने आवासीय स्थानों पर कुछ हमला बिना किसी चेतावनी के किया जिससे मृतकों की संख्या में बढ़ोत्तरी हुई। इजरायल पर हमास ने पहले रॉकेट से हमला किया जिसके जवाब इजरायल ने हवाई हमलों से दिया। शनिवार को, फिलिस्तीनी आतंकवादियों ने इजरायल पर हजारों रॉकेटों से हमला किया और 12से अधिक आतंकवादियों ने दक्षिणी इजरायल में घुसपैठ की, जिससे इजरायल और हमास के बीच संघर्ष शुरू हो गया

ट्राइजेमिनल न्यूरेलजिया बीमारी में सिर, जबड़े और गाल पर करंट जैसा होता है दर्द

In trigeminal neuralgia

 

ट्राइजेमिनल न्यूरेलजिया एक ऐसी बीमारी है, जिसमें चेहरे पर करंट जैसा असहनीय दर्द होता है। यह बीमारी तंत्रिका विकार के कारण उत्पन्न होती है। यह दर्द मस्तिष्क की ट्राइजेमिनल नर्व के कारण होता है। मेडिकल साइंस में यह बीमारी दुनिया की सबसे दर्दनाक बीमारियों में गिनी जाती है।

इसका सबसे ज्यादा प्रभाव सिर, जबड़ों और गालों पर होता है। इसमें एकदम से करंट जैसा दर्द महसूस होता है। थोड़ी देर में दर्द अपने आप कम हो जाता है, लेकिन वह कभी भी वापस आ सकता है। तेज हवा का झोंका, ब्रश करना, शेविंग करना या कुछ चबाने या पानी पीने से भी दर्द उठ सकता है।

लक्षण नजर आएं तो तुरंत विशेषज्ञ से मिलें

इसमें बढ़ी हुई एक रक्त वाहिका नस पर दबाव डालती है, जिससे नस में एक शार्ट सर्किट सा बन जाता है, जिसके कारण रोगी को असहनीय दर्द का अहसास होता है। यदि ऐसे कोई लक्षण नजर आते हैं, तो तुरंत विशेषज्ञों की सलाह से इसका उपचार करवाना चाहिए। दवाइयों से ही इसका इलाज संभव है। इसकी दवा लंबे समय तक लेनी पड़ सकती है।

ऐसे भी होता है इलाज

एक्स-रे मशीन या सीटी स्कैन में देखकर चेहरे से होते हुए एक सुईनुमा उपकरण को दिमाग में स्थित ट्राइजेमिनल नस तक पहुंचाया जाता है। फिर रेडियो फ्रिक्वेंसी तरंगों द्वारा दर्द करने वाली नसों को पहचान कर उन्हें तंरगों से 90 डिग्री तक गर्म करके नष्ट कर दिया जाता है। इससे नसें दर्द के सिग्नल भेजना बंद कर देती हैं एवं मरीज को तुरंत आराम मिलता है। इसमें चीर-फाड़ नहीं होती।

कोलार में जलेगा मध्यप्रदेश का सबसे बडा रावण

भोपाल, कोलार हिन्दू उत्सव समिति और दैनिक भास्कर के संयुक्त तत्वावधान में मध्यप्रदेश का सबसे बड़ा रावण दहन बंजारी कोलार में किया जायेगा, 105 फीट के रावण के साथ में कुभंकरण और मेघनाद के पुतलों की ऊंचाई भी प्रदेश में सर्वाधिक होगी।

भव्य दशहरा उत्सव की तैयारी के लिए आज कोलार में बैठक रखी गई

कोलार हिन्दू उत्सव समिति के सचिव रविन्द्र यति ने बताया कि समिति विगत बीस वर्षों से दशहरा महोत्सव का आयोजित करती आ रही है। पुतलों को बनाने के लिए विगत १५ वर्षों से कलाकार राजस्थान से आ रहे हैं, पुतले बनाने का कार्य एक माह से लगातार जारी है और भोपाल की लगभग एक लाख से ज्यादा की संख्या मे लोग बंजारी दशहरा मैदान पर रावण दहन देखने आते है
समिति के यूट्यूब चैनल पर इसका सीधा प्रसारण होता है लाखों की संख्या में देश-विदेश में रहने वाले लोग सीधा प्रसारण देखते हैं

कोलार दशहरा मैदान पर जयपुर और बांदा की मनमोहक आतिशबाजी प्रमुख आकर्षण का केंद्र रहती है

दशहरा महोत्सव में देश विदेश के कलाकारों द्वारा रंगारंग प्रस्तुति दी जाती है, आज कोलार हिन्दू उत्सव समिति की बैठक में विधायक रामेश्वर शर्मा, भोपाल नगर निगम की महापौर श्रीमती मालती राय, दैनिक भास्कर समूह से जितेश राठी, सार्थक लुनावत , मुख्य आतिथ्य के रूप मे उपस्थित रहे l

विकास का महायज्ञ चलता रहेगा – मुख्यमंत्री शिवराज सिंह

development will continue - Chief Minister Shivraj

मध्यप्रदेश को विकास में नंबर-एक बनाएंगे

भोपाल , 06 अक्टूबर | मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कहा है कि मध्यप्रदेश के विकास की ऐसी राह निकाली गई है, जो इस बात के लिए प्रत्येक नागरिक को आश्वस्त कर सकती है कि मध्यप्रदेश विकास में नंबर-एक पर रहेगा। प्रदेश प्रगति की लंबी उड़ान भरेगा। आज प्रदेश के विभिन्न जिलों में 53 हजार 5 करोड़ से अधिक लागत के 14 हजार 375 विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन हो रहा है, जो अपने आप में एक रिकार्ड है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने प्रदेश के सभी नागरिकों को इतने व्यापक स्तर पर विकास कार्यों के शुभारंभ के अभूतपूर्व कार्यक्रम के लिए हृदय से बधाई देते हुए कहा कि राज्य सरकार विकास के लिए आवश्यक वित्तीय साधन जुटाएगी। यह सरकार का कर्तव्य है। विकास का महायज्ञ चलता रहेगा। सिंचाई का क्षेत्र हो या बिजली उत्पादन का, स्वास्थ्य सुविधाओं को बढ़ाना हो या पेयजल, शिक्षा और जनकल्याण की योजनाओं का क्रियान्वयन हो, सभी कार्यों के लिए सरकार बजट की व्यवस्था करती रही है और आगे भी करेगी।  मुख्यमंत्री शिवराज सिंह आज रवींद्र सभागम में प्रदेशव्यापी विविध विकास कार्यों का वर्चुअल शिलान्यास और लोकार्पण कर रहे थे। उन्होंने जनप्रतिनिधियों सहित समस्त वरिष्ठ अधिकारियों और विभागों के अपर मुख्य सचिव एवं प्रमुख सचिव को विकास के इस महायज्ञ में सक्रिय भागीदारी के लिए बधाई दी। प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर इस कार्यक्रम के प्रसारण के अवसर पर मंत्रीमंडल के सदस्य, सांसद, विधायक, जिला पंचायत अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, नगरों के महापौर, नगर पालिकाओं के अध्यक्ष और अन्य पदाधिकारी भी जुड़े।  मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने प्रदेशवासियों को नई सिंचाई और सड़क योजनाओं के प्रारंभ होने पर बधाई दी।

भोपाल और पड़ोसी जिलों के लिए करीब साढ़े नौ हजार करोड़ लागत की 4 बड़ी परियोजनाएं स्वीकृत

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि आज राजधानी भोपाल से जुड़ी अनेक योजनाओं के लिए भी स्वीकृति दी। इनमें अयोध्या बायपास पर सिंधिया चौराहे से रत्नागिरि चौराहे तक सर्विस रोड सहित 6 लेन मार्ग बनेगा,‍जिसकी लंबाई 16 किलोमीटर होगी, शामिल है। इस निर्माण से भोपाल एयरपोर्ट और रेलवे स्टेशन तक मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी में सुधार होगा। इस कार्य की लागत 1050 करोड़ होगी। इसी तरह 140 किलोमीटर लंबाई के इंदौर रिंग रोड का निर्माण होगा, जिसकी लागत 6500 करोड़ रूपए होगी।  मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने संदलपुर-भैरूंदा-बुधनी-बाड़ी जो दो राष्ट्रीय राजमार्गों को जोड़ेगा, उसे 4 लेन में बदलने की स्वीकृति दी, इस कार्य की लागत 1525 करोड़ होगी, यह नर्मदा एक्सप्रेस-वे का हिस्सा होगा। राष्ट्रीय राजमार्ग 146 के अंतर्गत भोपाल-विदिशा खंड में 42 किलोमीटर के 4 लेन मार्ग की स्वीकृति भी दी गई। इसकी लागत 1248 करोड़ होगी। आनंद नगर चौराहे के पास एलीवेटेड फ्लायओवर भी स्वीकृत किया गया।

पशुपतिनाथ लोक विकसित होगा, पांर्ढुना और मैहर जिलों का सृजन सम्पन्न

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने इस अवसर पर मंदसौर के पशुपतिनाथ लोक के लिए वर्चुअल भूमिपूजन किया। प्रदेश में धार्मिक और आध्यात्मिक पर्यटन के विकास के अंतर्गत पशुपतिनाथ लोक श्रद्धालुओं और पर्यटकों के भ्रमण के लिए विकसित किया जाएगा। आज विकास योजनाओं की शुरूआत के अवसर पर दो नवीन जिलों पांढुर्ना और मैहर के सृजन का औपचारिक कार्यक्रम भी वर्चुअल रूप से संपन्न हुआ।  मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कार्यक्रम में अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान, भोपाल द्वारा प्रकाशित सुशासन और विकास प्रतिवेदन : 2023 का विमोचन किया। यह प्रतिवेदन गत 15 वर्ष में मध्य प्रदेश में डिजिटलीकरण और सुशासन के ठोस प्रयासों पर आधारित है। संस्थान के उपाध्यक्ष सचिन चतुर्वेदी ने  मुख्यमंत्री शिवराज सिंह को प्रतिवेदन के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि इसमें विभिन्न विभागों की 9 केस स्टडी के उल्लेख सहित डिजिटलीकरण के फलस्वरूप सालाना करीब 63 हजार करोड़ के योगदान को रेखांकित किया गया है। सुशासन संबंधी अनेक सुझावों को भी इस वार्षिक प्रतिवेदन में शामिल किया गया है।

 मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने विभिन्न क्षेत्रों में विकास का ब्यौरा दिया

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने विभिन्न क्षेत्र में हुए कार्यों का विस्तार से विवरण दिया।  मुख्यमंत्री शिवराज सिंह  ने बताया कि आज मध्यप्रदेश बीमारू नहीं बल्कि बेमिसाल राज्य बना है। प्रदेश में सड़कों का जाल बिछाया गया है। सात बार प्रदेश ने कृषि कर्मण अवार्ड जीता है। अटल एक्सप्रेस-वे, बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे, विंध्य एक्सप्रेस-वे सहित अनेक हाई-वे निर्मित हो रहे हैं। प्रदेश में 20 वर्ष पूर्व सिर्फ 50-60 हजार किलोमीटर सड़कें थीं, लेकिन आज 5 लाख किलोमीटर लंबाई में सड़कें हैं। अनेक क्षेत्रों में कायाकल्प हुआ है। प्रदेश में प्रधानमंत्री आवास योजना में 44 लाख से अधिक मकान बन गए हैं। सिंचाई क्षमता 47 लाख हेक्टेयर तक पहुंच गई है। मध्यप्रदेश कभी अंधेरों का प्रदेश था। ऊर्जा उत्पादन आज 29 हजार मेगावॉट तक पहुंच गया है। प्रदेश के 65 लाख से अधिक परिवारों तक शुद्ध नल से जल पहुंच रहा है। स्कूलों के क्षेत्र में क्रांति हुई है। एक समय था जब बच्चे फट्टा और झोला लेकर स्कूल जाया करते थे, पेड़ के नीचे स्कूल लगते थे। आज सीएम राइज विद्यालय बनाए जा रहे हैं, जिनकी लागत 40 से 50 करोड़ के बीच होती है। गरीब व्यक्ति के बेटा-बेटी भी बस सुविधा का लाभ लेकर इन स्कूलों में पहुंचते हैं। सीएम राइज विद्यालय में खेल मैदान, पुस्तकालय, प्रयोगशाला की सुविधाएं हैं। स्मार्ट क्लास में नई दिल्ली और मुम्बई के शिक्षक भी वर्चुअली शिक्षा देने का कार्य करते हैं। ग्लोबल स्किल पार्क 600 करोड़ की लागत से बना है। कभी सिर्फ 5 मेडिकल कॉलेज होते थे, अब 19 नए मेडिकल कॉलेज की स्थापना की गई और शीघ्र ही प्रदेश में 31 मेडिकल कॉलेज संचालित होंगे। हिंदी में शिक्षण को प्रोत्साहित किया गया है।

अनाज उत्पादन बढ़ा, अर्थव्यवस्था हुई गतिमान

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि प्रदेश में वर्ष 2003-04 में प्रति व्यक्ति सालाना औसत आय सिर्फ 11 हजार रूपए थी, आज यह 1 लाख 40 हजार हो गई है। अर्थव्यवस्था गतिमान हुई है। सकल घरेलू उत्पादन लगभग 86 हजार करोड़ रूपए का था, आज यह 13 लाख करोड़ से भी अधिक हो गया है। बजट भी 23 हजार करोड़ से बढ़कर लगभग सवा तीन लाख करोड़ हो गया है। अनाज उत्पादन की बात करें तो जहां सिर्फ 159 लाख मीट्रिक टन उत्पादन होता था अब 619 लाख मीट्रिक टन उत्पादन होता है। मध्यप्रदेश में अन्न के भंडार भर दिए हैं। मध्यप्रदेश सबसे ज्यादा गेहूँ निर्यात करने वाला प्रांत बना है।

लाड़ली बहना योजना एक सामाजिक क्रांति

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि लाड़ली बहना योजना से महिलाओं का सम्मान बढ़ा है। लाड़ली बहना योजना सामाजिक क्रांति सिद्ध हुई है। प्रदेश में एक करोड़ 32 लाख बहनों के खातों में राशि अंतरित की जा रही है। लाड़ली लक्ष्मी योजना का लाभ भी 46 लाख बेटियों को मिल रहा है। स्व-सहायता समूह के सदस्यों की संख्या 53 लाख है। विद्यार्थियों को लैपटॉप और स्कूटी जैसी सुविधाएं दी जा रही है। सीएम राइज विद्यालय शिक्षा के स्तर में सुधार ला रहे हैं। गरीब और किसान के बेटा बेटी भी आगे बढ़ेंगे। मध्य प्रदेश की धरती पर अनेक सामाजिक क्रांतियां हुई हैं। लाड़ली लक्ष्मी योजना, संबल योजना, जननी सुरक्षा योजना, मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना, आहार अनुदान योजना, मुख्यमंत्री कन्या विवाह/निकाह योजना, किसान कल्याण योजना, कृषक कर्जमाफी योजना, मेधावी विद्यार्थी योजना, सीखो-कमाओ योजना, उद्यम क्रांति योजना, मुख्यमंत्री भू-आवासीय अधिकार योजना, स्ट्रीट वेण्डर्स कल्याण योजना, मुख्यमंत्री चरण पादुका योजना, देवारण्य योजनाएं किसी क्रांति से कम नहीं है। अब हमारे तीर्थ यात्री हवाई जहाज से भी यात्रा कर रहे हैं। पूर्व सरकार ने यह योजना बंद कर दी थी। प्रत्येक व्यक्ति की इच्छा होती है अपने जीवन में एक बार तीर्थ यात्रा करे। यह अद्भुत योजना है।

सामाजिक न्याय का अर्थ संसाधनों का लाभ गरीबों को मिले

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कहा लोगों की जिंदगी आसान बनाना है। अपना मध्य प्रदेश समृद्ध और विकसित मध्य प्रदेश है। इसमें सामाजिक न्याय हमें देना है। सामाजिक न्याय का अर्थ संसाधनों का लाभ गरीबों को मिलना है। कुछ लोग कहते हैं कि निर्धनों को मुफ्त राशन क्यों दिया जा रहा, लेकिन सामाजिक क्रांति का अर्थ यही है कि राज्य के संसाधनों से जो आय अर्जित होती है, उसका अंश ऐसे लोगों को दिया जाए जिन्हें वास्तव में इसकी जरूरत है। प्रदेश में विशेष पिछड़ी जनजातियों बैगा, सहरिया और भारिया की बहनों को आहार अनुदान योजना की राशि देना प्रारंभ की गई थी। इससे उनके परिवारों के बच्चों का पोषण ठीक हो गया। मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना इसी सिद्धांत पर बनी ताकि बहनें परिवार की हालत ठीक कर सकें।

डेढ़ दर्जन विभागों के कार्यों की शुरूआत और हितग्राहियों से संवाद

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने लोक निर्माण, श्रम, विज्ञान प्रौद्योगिकी, ऊर्जा, नगरीय विकास और आवास, जल संसाधन, नर्मदा घाटी विकास, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, चिकित्सा शिक्षा, उच्च शिक्षा, स्कूल शिक्षा, तकनीकी शिक्षा, जनजातीय कार्य, पर्यटन, संस्कृति, सामाजिक न्याय, औद्योगिक नीति एवं निवेश विभाग अंतर्गत प्रारंभ किए जा रहे कार्यों के संबंध में जानकारी दी। आज जल संसाधन विभाग के अंतर्गत मंदसौर जिले की शामगढ़ सुवासरा सूक्ष्म सिंचाई परियोजना का लोकार्पण हुआ, जिसकी लागत 1662 करोड़ है। आज जिन कार्यों का भूमिपूजन हुआ उनमें देवास जिले में हाटपिपल्या लघु उद्ववहन सिंचाई परियोजना भी शामिल है, जिसकी लागत 3700 करोड़ रूपए है। जनप्रतिनिधियों द्वारा सिंचाई परियोजनाओं के प्रारंभ होने पर हर्ष व्यक्त किया गया।  मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने विभिन्न विकास कार्यों के एक साथ प्रारंभ किए जाने के अवसर पर प्रदेश के नागरिकों को बधाई दी और प्रदेश के विभिन्न जिलों के हितग्राहियों से संवाद भी किया।  मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने सिंगरौली की अनुष्का शुक्ला, गुना की पूजा, कटनी जिले की कुमारी आस्था एवं अन्य हितग्राहियों और विद्यार्थियों से चर्चा की। अनेक नागरिकों ने पूर्व में सम्पन्न कार्यों से प्राप्त हो रहे लाभ पर प्रसन्न्ता व्यक्त की। नए प्रारंभ कार्यों के लिए विभिन्न जिलों में कार्यक्रम से जुड़े जनप्रतिनिधियों ने प्रसन्नता व्यक्त की।

प्रमुख कार्य एक नजर में

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने आज कुल 2073 विकास कार्यों का भूमिपूजन किया, जिनकी लागत 45 हजार 46 करोड़ है। इसी तरह कुल 12 हजार 302 विकास कार्यों का लोकार्पण हुआ, जिनकी लागत 7 हजार 958 करोड़ रूपए है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने सिंगल क्लिक के माध्यम से 1001 हितग्राहियों को 21 करोड़ 70 लाख रूपए के हितलाभ वितरित किए।

प्रमुख कार्यों की विभागवार जानकारी इस प्रकार है।

संस्कृति एवं पर्यटन : कुल 4 करोड़ 98 लाख रूपए की लागत से दो कार्यों का शुभारंभ किया गया। इसी तरह 123 करोड़ 16 लाख रूपए की लागत से 14 कार्यों का शिलान्यास किया गया। मंदसौर विधायक यशपाल सिंह सिसोदिया ने अन्य जनप्रतिनिधियों और साधु-संतों के साथ कार्यक्रम में उपस्थित होकर  मुख्यमंत्री शिवराज सिंह द्वारा 25 करोड़ लागत से पशुपतिनाथ लोक के विकास के लिए की गई पहल के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने पूर्व में नीमच के निकट भादवा माता धार्मिक और पर्यटन स्थल के विकास को भी महत्वपूर्ण बताया। मंदसौर नगर पालिका की अध्यक्ष रमादेवी गुर्जर ने  मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के प्रति आभार व्यक्त किया।

नगरीय विकास : करीब ढाई हजार करोड़ के कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन सम्पन्न हुआ। प्रदेश के 43 जिलों में मुख्यमंत्री अधोसंरचना विकास योजना चतुर्थ चरण, कायाकल्प और अन्य योजनाओं में 402 कार्यों के लिए भूमिपूजन और 22 कार्यों के लिए लोकार्पण किया गया। इनकी संयुक्त लागत 871 करोड़ रूपए है। प्रदेश के 10 निकायों में जल प्रदाय एवं सीवरेज के लिए 212 करोड़ रूपए की लागत से सम्पन्न कार्यों का लोकार्पण किया गया। प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी के अंतर्गत भोपाल नगर निगम क्षेत्र में 11 हजार आवासों का गृह प्रवेश हुआ। इन आवासों की लागत 423.50 करोड़ है। स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत प्रदेश के 95 नगरीय निकायों में लीगेसी वेस्ट परियोजना के 279.82 करोड़ रूपए के कार्यों का भूमिपूजन किया गया। स्मार्ट सिटी मिशन के अंतर्गत जबलपुर नगर निगम में 44 करोड़ के 4 कार्य, ग्वालियर में 30 करोड़ के दो कार्य लोकार्पित किए गए। इसी तरहसागर स्मार्ट सिटी में 106 करोड़ लागत के 10 कार्य, उज्जैन में 198 करोड़ रूपए की लागत के 10 कार्य और सतना में 61 करोड़ रूपए की लागत के 5 कार्यों का लोकार्पण किया गया। भोपाल के नार्थ टी.टी. नगर-एबीडी एरिया में नवनिर्मित 364 जी टाइप सरकारी मकानों के प्रथम चरण का लोकार्पण भी सम्पन्न हुआ। इसी तरह भोपाल में स्मार्ट सिटी मिशन के अंतर्गत नार्थ टी.टी. नगर हाट बाजार में में एबीडी एरिया में निर्मित 407 दुकानों का लोकार्पण भी हुआ।

जल संसाधन : जल संसाधन विभाग के 23 जिलों में कुल 23 कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन सम्पन्न हुआ, इनकी लागत 13 हजार 477 करोड़ है।

नर्मदा घाटी विकास : नर्मदा घाटी विकास विभाग के अंतर्गत 7 कार्यों के लोकार्पण और 3 कार्यों के भूमिपूजन का कार्य हुआ। प्रदेश के खण्डवा, मंडला, सतना और कटनी जिलों में इन कार्यों की संयुक्त लागत 4859.41 करोड़ रूपए है।

विज्ञान प्रौद्योगिकी विभाग : भोपाल जिले के बड़वाई, गांधीनगर, आई.टी. पार्क परिसर में इलेक्ट्रानिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर बिल्डिंग निर्माण का भूमिपूजन हुआ। इस कार्य की लागत 12.92 करोड़ रूपए है।

श्रम विभाग : श्रम विभाग के अंतर्गत ग्राम मुगालिया छाप, नीलबड़, खजूरी मार्ग में श्रमोदय आदर्श औद्योगिक प्रशिक्षणसंस्था आवासीय का लोकार्पण भी हुआ, इसकी लागत 16.53 करोड़ है।

सामाजिक न्याय और दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग : प्रदेश के सतना, शिवपुरी, रतलाम जिलों में तीन जिला दिव्यांग पुनर्वास केन्द्रों का लोकार्पण हुआ। ये केन्द्र 8 करोड़ 79 लाख रूपए की लागत से बने हैं। इसी तरह सागर में मानसिक रूप्‍से अविकसित बच्चों के लिए विशेष विद्यालय और छात्रावास भवन का लोकार्पण किया गया। इस विद्यालय और भवन की लागत 6.68 करोड़ है। सामाजिक न्याय विभाग के 5 विभाग द्वारा 5 जिलों बैतूल, सिंगरौली, उमरिया, सतना और सीधी में 15.95 करोड़ रूपए की लागत से 5 वृद्धाश्रम भवन निर्मित किए गए हैं। यह वृद्धाश्रम 50-50 सीटर हैं।

लोक निर्माण विभाग : लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत 17 जिलों में 60 विकास कार्यों का लोकार्पण किया गया। इनकी लागत 668.68 करोड़ रूपए है। इसी तरह 49 जिलों में 5586 करोड़ रूपए की लागत से पूर्ण होने वाले 330 विकास कार्यों के लिए भूमिपूजन की कार्यवाही सम्पन्न हुई। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी :- प्रदेश में विभिन्न जिलों में विभाग के 189 कार्यों का लोकार्पण और 838 कार्यों का भूमिपूजन हुआ, इनकी संयुक्त लागत 16193 करोड़ है।

ऊर्जा विभाग : प्रदेश में ऊर्जा विभाग के 15 कार्यों का लोकार्पण हुआ। इनकी लागत 606 करोड़ है। इसी तरह 74 कार्यों का भूमिपूजन भी हुआ, जिसकी लागत 522 करोड़ है।

स्कूल शिक्षा विभाग : प्रदेश में स्कूल शिक्षा विभाग के 25 कार्य लोकार्पित किए गए, इनकी लागत 38 करोड़ है। विभाग के 56 कार्यों के शिलान्यास का कार्य भी सम्पन्न हुआ, इनकी लागत 840 करोड़ रूपए है।

उच्च शिक्षा विभाग : उच्च शिक्षा विभाग के कुल 30 कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन हुआ। जिनकी लागत 150 करोड़ रूपए है।

औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग : विभाग के अंतर्गत 10 कार्यों के लिए भूमिपूजन किया गया,‍जिसकी लागत 284.82 करोड़ है।

कलाई में दर्द का ये हो सकता कारण, न करें अनदेखी

cause of wrist pain, don't ignore it

 

कई लोगों में कलाई में दर्द बना रहता है और कुछ दिनों में यह ठीक भी महसूस होता है। लगातार यदि ऐसी समस्या बनी रहती है तो यह चिंता का कारण हो सकता है। कलाई में दर्द की समस्या किसी खास उम्र के लोगों में ही नहीं, बल्कि किसी भी उम्र में देखी जाती है। शरीर में पोषण की कमी, चोट या मोच आने के कारण भी कलाई में दर्द हो सकता है। इंदौर के फिजियोथेपेपिस्ट डॉ. देवेंद्र पाठक के मुताबिक, यदि समय रहते कलाई के दर्द का इलाज नहीं किया जाता है, तो स्थिति गंभीर हो सकती है।

इस कारण होता है कलाई में दर्द

कार्पेल टनल सिंड्रोम एक ऐसी स्थिति है, जिसमें कलाई की नस दब जाती है। इस कारण से कलाई कमजोर होने लगती है और सुन्न होने लगती है। कलाई और पूरी बांह में तेज दर्द महसूस होता है।डायबिटीज या गठिया की समस्या से पीड़ित लोगों को कलाई का दर्द ज्यादा होता है। डॉ. देवेंद्र पाठक के मुताबिक, आजकल लोग लंबे समय तक मोबाइल फोन का उपयोग करते हैं। इस कारण से भी कलाई में दर्द हो सकता है। इसके अलावा ज्यादा वजन उठाने, कलाई में चोट लगने या मोच आने के कारण भी कलाई में दर्द हो सकता है।

यदि आपको भी लगातार कलाई का दर्द बना रहता है तो रोज कलाई से जुड़ी हुई एक्सरसाइज 30 से 40 मिनट करें। काम के दौरान भी 20 से 30 मिनट का ब्रेक जरूर लें। ज्यादा वजन उठाने से बचें। किसी एक्सपर्ट की सलाह के बाद हीट थेरेपी भी ले सकते हैं, इससे दर्द से राहत मिलेगी।

एक माह में दो ग्रहण, 14 को सूर्य व 29 को चंद्रगहण, आपकी राशि पर क्‍या होगा प्रभाव

eclipse on 29th, what will be the effect on

 

अक्टूबर का महीना अंतरिक्ष की घटनाओं में रुचि रखने वाले लोगों के लिए खास होने वाला है। इस माह खास तरह का सूर्य ग्रहण लगने वाला है जिसे रिंग ऑफ फायर ग्रहण के नाम से जाना जाता है। इसके अलावा चंद्रग्रहण भी रहेगा। दोनों ग्रहण साल के अंतिम ग्रहण होंगे। इसे राशियों पर प्रभाव पड़ेगा। पंडित अरविंद डोंगरे के अनुसार इस साल का आखिरी सूर्य ग्रहण 14 अक्टूबर को लगेगा।

वहीं चंद्रग्रहण 29 अक्टूबर को होगा। चंद्र ग्रहण भारत में भी दिखाई देगा इसलिए सूतक काल भी मान्य होगा। सूतक काल को अशुभ काल या दूषित काल माना जाता है। सूतक काल के दौरान भगवान की पूजा की नहीं होती है। सूतक काल में मंदिरों के कपाट भी बंद कर दिए जाते हैं। इतना नहीं सूतक के दौरान खाना पीना भी वर्जित होता है। मालूम हो कि सूर्य ग्रहण से 12 घंटे पहले सूतक काल आरंभ हो जाता है।

सनातन धर्म में ग्रहण का खास महत्व है। इस साल के आखिरी सूर्य और चंग्र ग्रहण अक्टूबर महीना में देखने को मिलेगा। एक ही महीने में दो ग्रहण होने से 12 राशियां प्रभावित होंगी। दोनों ग्रहण का शुभ असर किन राशियों पर पडऩे वाला है। चंद्रग्रहण का भारत में असर रहेगा।

चंद्रग्रहण मेष, वृषभ के लिए अशुभ, मिथुन कुंभ के लिए शुभ

इस साल का अंतिम सूर्यग्रहण व चंद्रग्रहण इसी माह होगा। 14 अक्टूूबर को सूर्यग्रहण होगा जो देश में दिखाई नहीं देगा। इसका असर भी नहीिं होगा। जबकि चंद्रग्रहण 28 अक्टूूबर को होगा। इसका विशेष प्रभाव होगा। 12 राशियों में चार राशियों पर शुभ, चार पर अशुभ व चार पर सामान्य असर होगा।

पंडित मधुकर भट्ट के अनुसार कंकण खंडग्रास सूर्य ग्रहण होगा। भारतीय समय से ग्रहण का स्पर्श रात 9.45 बजे से और मोक्ष रात्रि 1.21 बजे होग। यह ग्रहण उत्तरी एवं दक्षिणी अमेरिका तथा पश्चिमी ग्रीनलैंड आदि में दिखाई देगा। यह ग्रहण भारत में नहीं दिखाई देगा। इससे भारत में ग्रहण से संबंधित वेध,सूतक,स्नान,दान,पुण्य,कर्मं,यम-नियम मान्य नहीं होगा।

इसके अलावा 28 अक्टूबर को शनिवार को खंडग्रास चंद्रग्रहण-अश्विन शुक्ल पक्ष पूर्णिमा पर होगा। भारतीय समय से रात 11.36 बजे से ग्रहण का स्पर्श रात्रि 1.08 बजे तक होगा। मोक्ष रात्रि 2.26 बजे होगा। इसका सूतक भारतीय समय से दिन मे 4.08 बजे शुरू होगा। यह ग्रहण संपूर्ण विश्व में दिखाई होगा।

जहां दिखाई देगा उन्हीं स्थानों पर ग्रहण का वेध,सूतक,स्नान,दान,पुण्य,कर्मं,यम,नियम मान्य होंगे। यह ग्रहण मेष राशि अश्विन नक्षत्र पर पड़ रहा है। इसलिए ये राशि के जातकों अधिक पीड़ादायक है।इस ग्रहण से भारत में पशुओं में बीमारी,अन्न में मंदी,रसदार पदार्थ में तेजी रहेगी।

इन राशियों पर ग्रहण का शुभ,अशुभ प्रभाव

– मेष,वृषभ, कन्या,मकर- अशुभ

– सिह,तुला,धनु,मीन- मध्यम, सामान्य

-मिथुन,कर्क,वृश्चिक, कुंभ- शुभ

सूर्यग्रहण को रिंग आफ फायर कहा जाता है

सूर्य ग्रहण को रिंग ऑफ फायर कहा जाएगा। यह 14 अक्टूबर को लगने वाला है। इसे एन्युलर सोलर एक्लिप्स भी कहते हैं। क्योंकि सूरज इसमें एक छल्ले के जैसा दिखने लगता है जिसे अंग्रेजी में एन्युलस कहते हैं। वहीं चांद इसमें एक काली प्लेट के जैसा दिखता है। हालांकि भारत में यह सूर्य ग्रहण नहीं दिखाई देगा, इसलिए इसका सूतक भी मान्य नहीं होगा। इसके बाद 29 को चंद्र ग्रहण होगा।

ऐसा संयोग बहुत कम होता है जब एक ही महीने में सूर्य और चांद दोनों पर ग्रहण लगता है। चंद्र ग्रहण रात के 1.06 बजे शुरू होगा। हालांकि चंद्रग्रहण भारत में भी दिखाई देगा। जिससे सूतक भी रहेगा। पृथ्वी से दूरी होने के कारण चंद्रग्रहण के समय सूरज को पूरी तरह से नहीं ढंक पाता है और इस कारण सूरज का प्रकाश चांद के पीछे से एक रिंग के आकार में फूट पड़ता है। जिसे रिंग ऑफ फायर कहा जाता है।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने बुधनी विधानसभा क्षेत्र को 334 करोड़ 43 लाख के अनेक निर्माण कार्यों की दी सौगात

worth Rs 334 crore 43 lakh to Budhni

 

भोपाल, 06 अक्टूबर | मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि क्षेत्र में नर्मदा की अविरल धारा की तरह ही बुधनी विधानसभा क्षेत्र में विकास की बयार बह रही है। उन्होंने बुधनी विधानसभा क्षेत्र के 334 करोड़ 43 लाख रुपए से अधिक के विकास एवं निर्माण कार्यों का भूमि-पूजन तथा लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि आज विकास का कोई घटक अछूता नहीं है। उन्होंने कहा कि एक समय ऐसा भी था जब मूलभूत सुविधाओं और संसाधनों का अभाव था। आज सड़क, बिजली, पेयजल, सिंचाई, स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार, महिला सशक्तिकरण सहित सभी क्षेत्रों में विकास के नए आयाम स्थापित किए हैं। आज समाज का हर व्यक्ति सरकार की किसी न किसी योजना से लाभान्वित हो रहा है।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि प्रदेश के 53 हजार करोड़ रुपए के अनेक निर्माण एवं विकास कार्यों का शिलान्यास तथा लोकार्पण किए हैं। बुधनी विधानसभा में 264 करोड़ 43 लाख के अनेक निर्माण एवं विकास कार्यों का शिलान्यास किया और 71 करोड़ 28 लाख रुपए के विभिन्न कार्यों का लोकार्पण किया है। उन्होंने कहा कि बुधनी में 700 करोड़ रुपए की लागत से मेडिकल कॉलेज तथा सलकनपुर में 200 करोड़ रुपए लागत से बनने वाले देवी लोक के निर्माण का काम चल रहा है। उन्होंने कहा कि मंदिर और मंदिर परिसरों को विकसित करने के लिए पातालेश्वर महादेव सतदेव में अनेक निर्माण एवं विकास कार्यों का शिलान्यास किया है। आज बुधनी, रेहटी, शाहगंज और भेरूंदा नगर परिषद सहित ग्राम पंचायतों में विभिन्न कार्यों का भूमि-पूजन तथा लोकार्पण किया किया गया।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि विकास और लोगों के कल्याण के लिए धन की कमी नहीं है। अपने नागरिकों का जीवन खुशहाल और बेहतर बनाने के लिए मैं निरंतर काम कर रहा हूँ और करता रहूँगा। उन्होंने कहा कि बुधनी विधानसभा क्षेत्र बदल रहा है और तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि आज जिन कार्यों का भूमि-पूजन किया है, को सुनिश्चित करें कि सभी कार्य गुणवत्ता पूर्ण हो और समय सीमा में पूरे किए जाएं, जिससे दीर्घ समय तक लोगों के लिए उपयोगी रहे।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि केवल विकास ही नहीं लोगों के कल्याण के लिए भी अनेक योजनाएँ चलाई जा रही हैं। नि:शुल्क राशन, नि:शुल्क इलाज, लाड़ली लक्ष्मी योजना, लाड़ली बहना योजना, मातृ वंदना, गाँव की बेटी, गरीबों के प्रतिभावान बच्चों के लिए पढ़ाई की व्यवस्था, किसान सम्मान निधि जैसी अनेकों योजनाओं से लोगों को लाभान्वित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि लोगों के जीवन को बेहतर बनाना और उनके जीवन में खुशियाँ लाना पुण्य का काम है और इसे समर्पित भाव से सभी को करना चाहिए। इस अवसर पर बुधनी से अनीता मालवीय तथा भैंरूदा से अलका चौहान ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह द्वारा क्षेत्र के विकास और लोगों के कल्याण के लिए संचालित की जा रही अनेक योजनाओं का उल्लेख करते हुए आभार व्यक्त किया।

लोकार्पण एवं शिलान्यास

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने भेंरूदा नगर परिषद के 9 करोड़ 97 लाख की राशि के निर्माण कार्यों का लोकार्पण तथा 10 करोड़ 8 लाख की राशि के अनेक कार्यों का भूमि-पूजन किया बुधनी नगर परिषद के 14 करोड़ 4 लाख से अधिक के विकास कार्यों का लोकार्पण तथा 52 करोड़ 17 लाख के अनेक कार्यो का भूमि-पूजन किया।

रेहटी नगर परिषद के 12 करोड़ 31 लाख के अधिक के विकास कार्यों का लोकार्पण एवं 15 करोड़ 58 लाख के कार्यो का भूमि-पूजन किया।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने 71 करोड़ 28 लाख रूपये के कुल 23 कार्यो का लोकार्पण किया तथा 263 करोड़ 15 लाख के 231 निर्माण एवं विकास कार्यो का भूमि-पूजन किया।

जेल में बंद ईरानी कार्यकर्ता नरगिस मोहम्मदी ने नोबेल शांति पुरस्कार जीता

Nargis Mohammadi wins Nobel Peace Prize

 

स्टॉकहोम 06 अक्टूबर | ईरान की पत्रकार, प्रख्यात सामाजिक कार्यकर्ता एवं एक मानवाधिकार संगठन की उपाध्यक्ष नरगिस मोहम्मदी को इस वर्ष का नोबेल शांति पुरस्कार प्रदान किया गया है। नोबेल समिति ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। समिति ने लिखा,“ नोबेल समिति ने ईरान में महिलाओं के उत्पीड़न के खिलाफ लड़ाई और सभी के लिए मानवाधिकारों और स्वतंत्रता को बढ़ावा देने की उनकी लड़ाई के लिए नरगिस मोहम्मदी को 2023 का नोबेल शांति पुरस्कार देने का फैसला किया है।”

नोबेल समिति के प्रमुख ने देश में महिलाओं के उत्पीड़न के खिलाफ 51 वर्षीय सुश्री मोहम्मदी की लड़ाई की सराहना करते हुए कहा कि वह एक ‘स्वतंत्रता सेनानी’ हैं। वह वर्तमान में तेहरान की कुख्यात एविन जेल में लंबी सजा काट रही है – समिति ने कहा कि उसे उम्मीद है कि ईरान जल्द ही उसे रिहा कर देगा यह पुरस्कार ईरान में महिलाओं के नेतृत्व में एक साल से अधिक समय तक चले विरोध प्रदर्शन के बाद दिया गया है। सुश्री माेहम्मदी के परिवार ने कहा कि यह पुरस्कार ‘ईरान की आज़ादी की लड़ाई के लिए ऐतिहासिक और भावविभोर करने वाला ’ है।

एशियन गेस्म में भारतीय हॉकी टीम ने जीता गोल्ड, जापान को 5-1 से हराया

Games, defeated Japan 5-1

 

एशियन गेम्स 2023 में भारतीय हॉकी टीम ने गोल्ड जीतकर तिरंगा लहरा दिया है। भारतीय हॉकी टीम ने गत चैम्पियन जापान को 5-1 से हराकर गोल्ड अपने नाम किया है। भारत की जीत ने उसे पेरिस ओलंपिक में भाग लेने का अवसर दे दिया है।

भारत की तरफ से भारतीय हॉकी टीम के कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने शानदार खेल दिखाया। उन्होंने सबसे ज्यादा 2 गोल दाग कर जापान को बैकफुट पर कर दिया। उनके बाद मनप्रीत सिंह, अभिषेक व अमित रोहिदास ने भी 1-1 गोल कर टीम में योगदान दिया। जापान की तरफ से केवल एक गोल सेरेन तनाका ने किया।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने 36 लाख से अधिक बहनों के खातों में 219 करोड़ रूपए अंतरित

219 crore to the

 

गैस रिफिल योजना में बहनों को गैस सिलेंडर 450 रूपए में मिलेगा

भोपाल, 06 अक्टूबर | मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने पीएम उज्जवला योजना हितग्राही और गैर उज्ज्वला लाड़ली बहनों के लिए 450 रुपए में गैस रिफिल योजना की 219 करोड़ अनुदान राशि, 36 लाख से अधिक बहनों के खातों में सिंगल क्लिक से अंतरित की। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में कन्या पूजन तथा दीप प्रज्जलित कर राज्य स्तरीय कार्यक्रम का शुभारंभ किया। कार्यक्रम से प्रदेश के सभी जिले वर्चुअली जुड़े।

नारी अब अबला नहीं

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि बहनों की जिंदगी बेहतर बनाने के मिशन में लाड़ली लक्ष्मी योजना, कन्या विवाह योजना, लाड़ली बहना योजना इस मिशन का ही भाग हैं। पंचायत और नगरीय निकायों में महिलाएं चुनकर आए इसके लिए आरक्षण की व्यवस्था की गई। शासकीय सेवाओं में महिला आरक्षण को बढ़ाकर अब 35% किया गया है। अब नारी केवल अबला नहीं है । एक करोड़ 32 लाख बहनों को लाभ मिला है।

गैस सिलेंडर की कीमत और 450 रुपये के बीच के अंतर की राशि सरकार देगी

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि बहनों को प्रतिमाह 450 रुपये में सिलेंडर उपलब्ध कराने की स्थाई व्यवस्था कर दी गई है। गैस सिलेंडर की कीमत और 450 रुपये के बीच के अंतर की राशि राज्य सरकार द्वारा भरवायी जाएगी। बहनों को गैस कंपनी को उतनी ही राशि का भुगतान करना होगा जितनी राशि का गैस सिलेंडर है। गैस कंपनी के गैस सिलेंडर की कीमत और 450 रुपये के बीच के अंतर की राशि बहनों के खाते में राज्य शासन द्वारा जारी की जाएगी। इस प्रकार बहनों को गैस सिलेंडर 450 रुपये में ही पड़ेगा। इस प्रकार अब प्रतिमाह बहनों को 450 रुपये में ही सिलेंडर प्राप्त होगा। जो बहनें योजना का लाभ लेने से छूट गईं उन्हें भी योजना में शामिल किया जाएगा।

बहनों की जिंदगी सम्मानजनक बनाना ही जीवन का मिशन

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि महिलाओं के कल्याण की कई योजनाएं संचालित की जा रही है। बहनों की जिंदगी सम्मानजनक बनाना जीवन का मिशन है। बहनें संगठित रहकर समस्याओं का सामना करें और आगे बढ़ती रहें इसी उद्देश्य से लाड़ली बहना सेना का गठन किया गया है। कार्यक्रम को खाद्य मंत्री बिसाहूलाल सिंह ने भी संबोधित किया। स्टेट सिविल सप्लाईज कॉरपोरेशन के अध्यक्ष प्रद्युमन सिंह लोधी, प्रमुख सचिव खाद्य एवं सहकारिता उमाकांत उमराव तथा अन्य अधिकारी भी कार्यक्रम में उपस्थित थे।

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