मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने सतना में राज्य स्तरीय कृषक सम्मेलन को किया संबोधित

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भोपाल, 05 अक्टूबर | मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने सतना में आयोजित राज्य स्तरीय कृषक सम्मेलन में 72 लाख किसानों को किसान सम्मान निधि के 1 हजार 560 करोड़ का सिंगल क्लिक से अंतरण किया। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के 30 लाख दावों में 1 हजार 58 करोड़ रुपये किसानों के खातों में जारी किए गए। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने 4 लाख 30 हजार परिवारों को पट्टों का वितरण भी किया। इसके अंतर्गत मुख्यमंत्री आवास भू-अधिकार योजना (ग्रामीण) के 75 हजार, मुख्यमंत्री नगरीय भू-अधिकार योजना के 5 हजार 711 और स्वामित्व योजना के 3 लाख 50 हजार पट्टे हितग्राहियों को प्रदान किए गए। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने 1 हजार 117 करोड़ 58 लाख की लागत के 127 विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया। इसके अंतर्गत 959 करोड़ 37 लाख रुपये के 40 कार्यों का भूमिपूजन किया गया तथा 157 करोड़ 84 लाख के अधिक के लागत के 87 करोड़ विकास कार्यों का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने व्यंकटेश लोक मूर्तियों का अनावरण भी किया, उल्लेखनीय है कि सतना स्मार्ट सिटी परियोजना के अंतर्गत सतना नगर के प्रसिद्ध व्यंकेटेश मंदिर के सौंदर्यीकरण और विकास कार्यों के तहत व्यंकेटेश लोक का निर्माण किया गया है। राज्य स्तरीय कृषक सम्मेलन में सतना के सीमावर्ती जिलों रीवा, पन्ना, कटनी, सीधी, छतरपुर, उमरिया आदि के कृषक शामिल हुए। अन्य जिलों के कृषक कार्यक्रम से वर्चुअली जुड़े।

विवेकानंद महाविद्यालय मैहर और अनेक सड़कों हुआ लोकार्पण

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने 157 करोड़ 84 लाख से अधिक की लागत से हुए विकास कार्यों के अंतर्गत 61 करोड़ 26 लाख की लागत से सतना में नेक्टर झील, व्यंकेटेश मंदिर, संतोषी माता तालाब के पुर्नविकास और 50 करोड़ की लागत से बने दो मुख्यमंत्री संजीवनी क्लिनिक, चित्रकूट में 10 करोड़ की लागत से बने आईटीआई छात्रावास व आवासों का लोकार्पण किया। सात करोड़ 95 लाख की लागत से सतना जिले में बने अस्पताल, हाईस्कूल भवन जैसे विकास कार्यों, 5 करोड़ 51 लाख की लागत से निर्मित विवेकानंद महाविद्यालय मैहर और वनदेवी परिसर चित्रकूट सहित जिले की विभिन्न सड़कों और अन्य निर्माण कार्यों का लोकार्पण भी किया गया।

कामतगिरि पथ और माँ शारदा देवी मंदिर रोप-वे तथा यात्री सुविधा का हुआ भूमिपूजन

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने 959 करोड़ 73 लाख लागत से किए गए कार्यों के भूमिपूजन के अंतर्गत 372 करोड़ 88 लाख की लागत से बनने वाली सतना से सोहावल नहर, 227 करोड़ 56 लाख की लागत से चित्रकूट में बनने वाले दोरीसागर बांध, 178 करोड़ 22 लाख लागत की नागौद-मैहर सड़क, 40 करोड़ 33 लाख के मझगवां सीएम राइज स्कूल, 31 करोड़ 53 लाख लागत के कामतगिरि पथ, 25 करोड़ 26 लाख के माँ शारदा देवी मंदिर यात्री सुविधा व रोप-वे का भूमिपूजन किया। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने शासकीय महाविद्यालय नादन, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र नागौद, जिले की विभिन्न सड़कों तथा अन्य निर्माण कार्यों का भूमिपूजन किया।

हमने विकास गतिविधियों में कभी पैसे की कमी को आड़े नहीं आने दिया

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि विकास और जनकल्याण के लिए हमारी सरकार संकल्पबद्ध है। इस प्रतिबद्धता के परिणामस्वरूप हमने विकास गतिविधियों में कभी पैसे की कमी को आड़े नहीं आने दिया। किसान कल्याण के लिए उठाए गए कदम हों या कृषि के उन्नयन के लिए संचालित गतिविधियां, हमारी सरकार ने हर क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धियां अर्जित की हैं। प्रदेश में सिंचाई के रकबे को 7 लाख 50 हजार हेक्टेयर से बढ़ाकर 47 लाख हेक्टेयर किया है। जिसे बढ़ाकर 100 लाख हेक्टेयर किया जाएगा। पानी की बचत के लिए पाइप लाइन से सिंचाई की व्यवस्था की गई है। किसानों की सुविधा के लिए अनुदान पर ट्रांसफार्मर की योजना पुन आरंभ की जा रही है। किसानों को शून्य प्रतिशत पर ब्याज की व्यवस्था की गई। किसान भाईयों के लिए खाद की कमी नहीं होने दी जाएगी। डिफाल्टर किसानों को सहकारिता की व्यवस्था से खाद उपलब्ध कराया जाएगा। किसान भाईयों को यदि फसलों को नुकसान हुआ है तो सर्वे कराकर राहत की राशि और फसल बीमा का पैसा दिलवाया जाएगा।

प्रधानमंत्री के नेतृत्व में किसान कल्याण की गतिविधियां लगातार जारी हैं

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में किसान कल्याण की गतिविधियां लगातार जारी हैं। प्रतिमाह किसानों को एक हजार रुपये की राशि उपलब्ध कराने के लिए प्रधानमंत्री तथा मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि के अंतर्गत व्यवस्था की गई है। लाड़ली बहना योजना के अंतर्गत भी किसान परिवारों को राशि प्राप्त हो रही है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में खेती को लाभ का धंधा बनाने और किसान की आय दोगुनी करने में हम सफल रहे हैं। किसान अब तीन-तीन फसलें ले रहा है, इन फसलों की खरीद की व्यवस्था भी की गई है।

गरीब कल्याण हमारी सरकार का मूल मंत्र है

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि गरीब कल्याण हमारी सरकार का मूल मंत्र है। हर गरीब परिवार को रहने की जमीन का पट्टा उपलब्ध कराया जाएगा। प्रधानमंत्री आवास में जो परिवार छूट गए हैं उन्हें मुख्यमंत्री आवास योजना के अंतर्गत आवास उपलब्ध कराए जाएंगे। गरीब, किसान, युवा सहित के सभी के विकास और कल्याण के लिए गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। विद्यार्थियों को शिक्षा में प्रोत्साहन के लिए लेपटॉप और स्कूटी उपलब्ध कराई जा रही है, और युवाओं के कौशल उन्नयन के लिए भी व्यवस्था की गई है।

प्रदेश में किसानों ने चमत्कार किया है

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि प्रदेश में किसानों ने चमत्कार किया है। राज्य सरकार ने सात सूत्रों का अनुसरण करते हुए संकट के समय सहायता उपलब्ध कराने, खेती के लिए बुनियादी सुविधा उपलब्ध कराने, कृषि के उत्पादन की लागत को कम करने, खेती का उत्पादन बढा़ने, किसान को उसकी फसल का सही मूल्य दिलाने, खेती के विविधीकरण और उत्पादों की मार्केटिंग को प्रोत्साहित करने के लिए गतिविधियां संचालित कीं हैं। हमारी सरकार ने पिछले तीन साल में लगभग 2 लाख 84 हजार करोड़ रुपये की राशि के हित लाभ किसानों के खातों में अंतरित किए। 3 करोड़ 9 लाख प्रकरणों में 1 लाख 49 हजार करोड़ रुपये से अधिक के कृषि ऋण जीरो प्रतिशत ब्याज पर उपलब्ध कराये गए। फसल बीमा योजना के अंतर्गत 1 करोड़ 43 लाख से अधिक किसानों 20 हजार करोड़ से अधिक का बीमा दावा भुगतान किया गया। यह भी गौरतलब है कि देश के कुल निर्यात में 45 प्रतिशत की भागीदारी के साथ मध्यप्रदेश देश का प्रथम राज्य बना हुआ है। प्रदेश चना, उड़द, मसूर, दलहन, तिलहन, अलसी के उत्पादन में भी देश में प्रथम स्थान पर है। राज्य को लगातार सात बार कृषि कर्मण अवार्ड का सम्मान प्राप्त हुआ है।

किसानों ने हल भेंट कर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह का किया अभिवादन

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कन्या पूजन और दीप प्रज्जलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया तथा किसान सम्मेलन में पधारे कृषकों का पुष्पवर्षा कर स्वागत किया। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह को हल और मोटे अनाज भेंटकर उनका अभिवादन किया गया। कार्यक्रम में पंचायत एवं ग्रामीण विकास राज्य मंत्री रामखेलावन पटेल, सांसद सतना गणेश सिंह, क्षेत्रीय विधायक गण, पंचायत और नगरीय निकायों के पदाधिकारी तथा अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

शहडोल-नागपुर एक्सप्रेस ट्रेन आरंभ

Shahdol-Nagpur Express train

 

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने हरी झण्डी दिखाकर ट्रेन को किया रवाना

भोपाल , 05 अक्टूबर | मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने शहडोल-नागपुर एक्सप्रेस ट्रेन को हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि इस अमूल्य सौगात से नागरिकों को आवागमन में सुविधा होगी। साथ ही इस क्षेत्र के विकास को भी गति मिलेगी। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने इस सौगात के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का आभार माना। उन्होंने कहा कि इस रेल से प्रदेश का यह जनजातीय बाहुल्य जिला सीधे नागपुर से जुड़ेगा। इसका बड़ा लाभ हमें विकास में मिलेगा, फसलों का उत्पादन विशेष रूप से श्री अन्न का व्यापार बढ़ेगा। शहडोल-अनूपपुर-उमरिया को नई रेल का लाभ मिलेगा। क्षेत्र की जनता इस उपलब्धि के लिए बधाई की पात्र है। “रेल चली रे रेल चली – शहडोल से नागपुर रेल चली” का सपना आज साकार हो रहा है।

एयरपोर्ट आने से क्षेत्र में बड़े कल कारखाने लगने का मार्ग प्रशस्त होगा

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि शहडोल में जल्द ही अत्याधुनिक एयरपोर्ट का निर्माण होगा। एयरपोर्ट के बिना निवेश आने में कठिनाई होती है, एयरपोर्ट आने से क्षेत्र में बड़े कल कारखाने लगने का मार्ग प्रशस्त होगा। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि विकास और जनता के कल्याण में हम कोई कसर नहीं रहने देंगे, उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि “शहडोल के विकास की आवाज हूँ-मैं शिवराज हूँ”।

प्रदेश में बनेंगे 80 विश्वस्तरीय रेल्वे स्टेशन

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और रेल मंत्री श्री वैष्णव के हम आभारी हैं, उनके नेतृत्व में प्रदेश में कई रेलवे के प्रोजेक्ट संचालित हो रहे हैं। वर्ष 2023-24 के बजट में प्रदेश को 13 हजार 607 करोड़ रुपए रेलवे के विकास के लिए मिले हैं। प्रदेश में रेलवे के 80 विश्व स्तरीय स्टेशन का निर्माण होगा, 47 रेलवे स्टेशन पर एक जिला – एक उत्पाद के स्टॉल लगाए जाएंगे।

शहडोल में मेडिकल कॉलेज, इंजीनियरिंग कॉलेज, विश्वविद्यालय और आईटीआई की व्यवस्था की गई

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि क्षेत्र के विकास में हमारी सरकार प्रतिबद्धता और सक्रियता के साथ कार्य करती रही है। शहडोल को संभाग बनाया गया, यहां मेडिकल कॉलेज, इंजीनियरिंग कॉलेज, विश्वविद्यालय, आईटीआई की व्यवस्था की गई। प्रदेश का विकास मेरी जिंदगी का मिशन है, इसी भावना के अनुरूप प्रदेश में लगातार विकास की गतिविधियां जनता को समर्पित की जा रही हैं। शहडोल के विकास में हम कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। शहडोल रेल्वे स्टेशन पर आयोजित कार्यक्रम में नगरीय निकायों और पंचायतों के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने वीरांगना रानी दुर्गावती की जयंती पर नमन किया

brave queen Rani Durgavati

 

भोपाल , 05 अक्टूबर | मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने अदम्य शौर्य और साहस की प्रतिमूर्ति वीरांगना रानी दुर्गावती की जयंती पर उन्हें नमन किया। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने निवास कार्यालय स्थित सभागार में उनके चित्र पर माल्यार्पण कर पुष्पांजलि अर्पित की।

रानी दुर्गावती का जन्म 5 अक्टूबर 1524 को कालिंजर के राजा पृथ्वी सिंह चंदेल के यहाँ हुआ था। रानी दुर्गावती का राज्य गढ़मंडला था। जिसका केंद्र जबलपुर था। उन्होंने अपने पति गौंड़ राजा दलपत शाह की असमय मृत्यु के बाद अपने पुत्र वीर नारायण के संरक्षक के रूप में स्वयं शासन प्रारंभ किया। मुगल शासक अकबर रानी दुर्गावती के सुखी और सम्पन्न राज्य को जीतना चाहता था। अकबर ने आसफ खां के नेतृत्व में गोण्डवाना साम्राज्य पर हमला कर दिया। युद्ध में कई मुगल सैनिक मारे गये, लेकिन रानी की भी अपार क्षति हुई। रानी ने अंत समय तक भीषण संघर्ष किया। अंतत: रानी अपनी कटार स्वयं ही सीने में भोंककर 24 जून 1564 को आत्म बलिदान के पथ पर बढ़ गयीं।

रानी की समाधि पर हर बरस उनकी शहादत को नमन करने वालों का तांता लगता है। रानी के सम्मान में 1983 में जबलपुर विश्वविद्यालय का नाम रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय के नाम पर रखा गया। भारत सरकार ने 24 जून 1988 को रानी दुर्गावती के बलिदान दिवस पर एक डाक टिकट जारी किया।

पूजा में इस्तेमाल होने वाला कपूर आखिर कैसे बनता है? जाने इसका पूरा प्रोसेस

Know its complete process

 

हिंदू धर्म में किसी भी प्रकार की पूजा पाठ में कपूर का इस्तेमाल जरूर किया जाता है। कपूर का इस्तेमाल बहुत पवित्र माना जाता है। ऐसा कहा जाता है कि यदि पूजा के समय कपूर जलाया जाए तो घर में हमेशा सुख शांति बनी रहती है। साथ ही साथ नकारात्मक ऊर्जा का नाश होता है और सकारात्मक ऊर्जा का आगमन होता है। वहीं कपूर को सेहत के लिए भी बहुत फायदेमंद माना जाता है। इससे निकलने वाला धुआं वातावरण को शुद्ध करने के साथ कई तरह की स्वास्थ्य समस्याओं से भी छुटकारा दिलाता है। लेकिन क्या आपको पता है कि यह कपूर आखिर बनता कैसे हैं आज हम आपकों बताएंगे की कपूर कैसे बनाया जाता हैं, तो चलिए जानते हैं।

कांफोर ट्री से बनाया जाता है कपूर (Camphor Used in Puja)

सही मायने में कपूर पेड़ से बनाया जाता हैं। लेकिन आजकल बाजारों में इसकी बढ़ती हुई मांग के चलते इसे लैब और फैक्ट्री में बनाया जाने लगा हैं। लेकिन असली कपूर को पेड़ से ही बनाया जाता हैं। कांफोर ट्री नामक पेड़ से कपूर बनाया जाता हैं। इसे आसान भाषा में कपूर का पेड़ भी कहा जाता हैं। पेड़ की छाल और पत्तियों की मदद से कपूर तैयार किया जाता हैं। कपूर के भी कई प्रकार होते हैं। इन्हें अलग अलग तरीकों से बनाया जाता हैं। अब आपके मन में यह सवाल उठ रहा होगा की आखिर पेड़ की छाल और पत्तियों से कपूर का रूप कैसे दिया जाता हैं? तो चलिए समझते हैं।

पेड़ से कैसे बनाया जाता है कपूर?

कपूर के पेड़ की छाल को पहले गरम किया जाता हैं। फिर इनसे निकली भाप से पावडर तैयार किया जाता हैं। इसके बाद इस पाउडर से ही कपूर के अलग अलग आकार बनाए जाते हैं। कपूर के सबसे ज्यादा पेड़ एशिया में पाए जाते हैं जिस वजह से भारत में इसकी कीमत अधिक हैं। एशिया के बाद चीन, जापान, और ताइवान जैसे देशों में कपूर के पेड़ पाए जाते हैं।

लैब या फैक्ट्री में कैसे बनता है कपूर

बाजारों में कपूर की बढ़ती डिमांड को देखते हुए कई लोग लैब या फैक्ट्री में कपूर बनाते हैं। इसके लिए उन्हें मशीन और केमिकल का इस्तेमाल करना पड़ता हैं। एक तारपीन का तेल आता हैं जिसमें कुछ केमिकल रिएक्शन कर कपूर को तैयार किया जाता हैं। कपूर का केमिकल फार्मूला C10H16O है। इसे बनाने में कई केमिकल का उपयोग किया जाता हैं जिसमें पॉलिख्लोरो एथिलीन क्लोराइड, सेलुलोस नाइट्रेट आदि शामिल हैं।

 

देवेंद्र फडणवीस का बड़ा बयान, ‘समय आया तो अजित पवार को 5 साल के लिए सीएम बनाएंगे’

make Ajit Pawar the CM for 5 years'

 

दिल्ली/मुंबई। महाराष्ट्र की राजनीति में लगातार रोमांच बना हुआ है। ताजा खबर यह है कि डिप्टी सीएम अजित पवार की नाराजगी के बीच भाजपा नेता और मौजूदा सरकार में डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस ने बड़ा बयान दिया है।

एक एक मीडिया कॉन्क्लेव में देवेंद्र फडणवीस स्पष्ट कर दिया कि अभी महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री बदले जाने की कोई जरूरत नहीं है। एकनाथ शिंदे ही मुख्यमंत्री रहेंगे। अजित पवार उपमुख्यमंत्री के रूप में सेवाएं देते रहेंगे। समय आया तो अजित पवार को पांच साल के लिए मुख्यमंत्री बनाया जाएगा।

अजित दादा को छह महीने के लिए मुख्यमंत्री नहीं बनाया जाएगा। समय आएगा तो उन्हें पांच साल के लिए मुख्यमंत्री बनाया जाएगा। – देवेंद्र फडणवीस, भाजपा

देवेंद्र फडणवीस Vs एकनाथ शिंदे Vs अजित पवार
बता दें, अजित पवार अपने काका शरद पवार से बगावत करके सत्तारूढ़ गठबंधन में शामिल हुए थे। 40 विधायकों को साथ लेकर आने वाले अजित पवार को उप मुख्यमंत्री बनाया गया और उनके साथ आए राकांपा के आठ वरिष्ठ विधायकों को कैबिनेट मंत्री बनाया गया।

विभागों के बंटवारे में भी अजित पवार की इच्छाओं का ख्याल रखा गया। उनकी वित्त मंत्री पद की मांग थी, वह उन्हें दिया गया है।

अजित पवार की एक और बात मानी

इसी क्रम में ताजा घटनाक्रम यह है कि अजित पवार को पुणे के प्रभारी मंत्री का दर्जा दिया गया है। अब तक यह प्रभार भाजपा के वरिष्ठ मंत्री चंद्रकांत दादा पाटिल के पास था। अजित पवार इसकी मांग लंबे समय से कर रहे थे।

अजित पवार भी जता चुके सीएम बनने की इच्छा

अजित पवार को लेकर अक्सर यह प्रश्न पूछा जाता है कि क्या वह सिर्फ उप मुख्यमंत्री बनने के लिए शिदे-फडणवीस सरकार में शामिल हुए हैं। अपने काका शरद पवार से बगावत करने के बाद खुद भी अजित पवार एक बार भरी सभा में कह चुके हैं कि हम पांच बार राज्य के उप मुख्यमंत्री पद की शपथ ले चुके हैं। कभी मुख्यमंत्री भी बनेंगे या नहीं।

शरद पवार की सहमति से 2019 में महाराष्ट्र में लगा था राष्ट्रपति शासन

इसी कार्यक्रम में देवेंद्र फडणवीस ने बड़ा दावा किया कि महाराष्ट्र में 2019 के विधानसभा चुनाव के बाद हम शरद पवार के साथ सरकार गठन पर चर्चा कर रहे थे। हमने विभागों के बंटवारे और प्रभारी मंत्रियों की जिम्मेदारियों को भी अंतिम रूप दे दिया था। लेकिन, पवार ने अपना रुख बदल लिया और पीछे हट गए। उन्होंने कहा कि राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने का फैसला पवार की सहमति से ही लिया गया था। हालांकि एनसीपी में इस बात को झूठ करार दिया है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आज जबलपुर दौरा

Narendra Modi's visit to Jabalpur today

 

भोपाल, 05 अक्टूबर | प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज 5 अक्टूबर, 2023 को लगभग तीन बजकर 30 मिनट पर जबलपुर पहुंच रहे हैं। वे सड़क, रेल, गैस पाइपलाइन, आवास और स्‍वच्‍छ पेयजल जैसे क्षेत्रों में 12,600 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे तथा उन्‍हें राष्ट्र को समर्पित करेंगे। वे वीरांगना रानी दुर्गावती स्मारक और उद्यान का भूमि-पूजन करेंगे। यह 100 करोड़ रूपये की लागत से बनेगा।

मध्य प्रदेश के इंदौर में लाइट हाउस प्रोजेक्ट के उद्घाटन से प्रधानमंत्री के ‘सभी के लिए आवास’ उपलब्ध कराने के दृष्टिकोण को मजबूती मिलेगी। प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी के तहत लगभग 128 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित इस परियोजना से 1000 से अधिक परिवारों को लाभ होगा। इसमें सभी बुनियादी सुविधाओं के साथ, लेकिन काफी कम समय में गुणवत्तापूर्ण घर बनाने के लिए नवीन तकनीक ‘प्री-इंजीनियर्ड स्टील स्ट्रक्चरल सिस्टम के साथ प्रीफैब्रिकेटेड सैंडविच पैनल सिस्टम’ का उपयोग किया जाता है।

व्यक्तिगत घरेलू नल कनेक्शन के जरिए सुरक्षित और पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराने के प्रधानमंत्री के दृष्टिकोण के तहत मंडला, जबलपुर और डिंडोरी जिलों में 2350 करोड़ रुपये से अधिक की कई जल जीवन मिशन परियोजनाओं की आधारशिला रखी जाएगी।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सिवनी जिले में 100 करोड़ रुपये से अधिक की जल जीवन मिशन परियोजना राष्ट्र को समर्पित करेंगे। राज्य के चार जिलों की इन परियोजनाओं से मध्य प्रदेश के लगभग 1575 गांवों को लाभ होगा।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी मध्य प्रदेश में सड़क बुनियादी ढांचे में सुधार के लिए 4800 करोड़ रुपये से अधिक की कई परियोजनाओं का शिलान्यास कर उन्‍हें राष्ट्र को समर्पित करेंगे। प्रधानमंत्री एनएच 346 के झरखेड़ा-बैरसिया-ढोलखेड़ी को जोड़ने वाली सड़क के उन्नयन सहित कई परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे, इनमें एनएच 543 के बालाघाट-गोंडिया खंड को चार लेन का बनाना; रूढ़ी और देशगांव को जोड़ने वाले खंडवा बाईपास को चार लेन का बनाना; एनएच 47 के टेमागांव से चिचोली खंड को चार लेन का बनाना; बोरेगांव को शाहपुर से जोड़ने वाली सड़क को चार लेन का बनाना; और शाहपुर को मुक्ताईनगर से जोड़ने वाली सड़क को चार लेन का बनाना शामिल है। प्रधानमंत्री एनएच 347सी के खलघाट से सरवरदेवला को जोड़ने वाली सड़क के उन्नयन कार्य को भी राष्ट्र को समर्पित करेंगे।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 1850 करोड़ रुपये से अधिक की रेल परियोजनाएं राष्ट्र को समर्पित करेंगे। इनमें कटनी-विजयसोटा (102 किलोमीटर) और मारवासग्राम-सिंगरौली (78.50 किलोमीटर) को जोड़ने वाली रेल लाइन का दोहरीकरण शामिल है। ये दोनों परियोजनाएं कटनी-सिंगरौली खंड को जोड़ने वाली रेल लाइन के दोहरीकरण की परियोजना का हिस्सा हैं। इन परियोजनाओं से मध्य प्रदेश में रेल बुनियादी ढांचे में सुधार होगा जिससे राज्य में व्यापार और पर्यटन को लाभ होगा।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी विजयपुर-औरैया-फूलपुर पाइपलाइन परियोजना राष्ट्र को समर्पित करेंगे। 352 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन 1750 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से बनाई गई है। प्रधानमंत्री मुंबई नागपुर झारसुगुड़ा पाइपलाइन परियोजना के नागपुर-जबलपुर खंड (317 किमी) की आधारशिला भी रखेंगे। यह परियोजना 1100 करोड़ रुपये से ज्यादा की लागत से बनेगी। गैस पाइपलाइन परियोजनाओं से उद्योगों और वहां रहने वाले लोगों को स्वच्छ और सस्ती प्राकृतिक गैस मिल सकेगी। इसके साथ ही इससे पर्यावरण उत्सर्जन को कम करने में सफलता मिलेगी। प्रधानमंत्री जबलपुर में करीब 147 करोड़ रुपये की लागत से बने नये बॉटलिंग प्लांट का भी लोकार्पण करेंगे।

6 हजार करोड़ रूपये की 18 सिंचाई परियोजनाओं की स्वीकृति

Approval of 18 irrigation projects

 

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद के निर्णय

भोपाल , 05 अक्टूबर | मुख्यमंत्री शिवराज सिंह की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मुख्यमंत्री निवास ‘समत्व भवन’ में हुई। मंत्रि परिषद द्वारा 6 हजार करोड़ रूपये की 18 सिंचाई परियोजनाओं की स्वीकृति दी गई। जिसमें चितावद – उज्जैन, मेढ़ा – बैतूल, पन्हेटी – गुना, लोनी – रीवा , खाम्हा – कटनी, डोकरीखेड़ी – नर्मदापुरम, सोनपुर – शिवपुरी, थावर-मण्डला, मुरकी-डिंडोरी, पावा-शिवपुरी, सिरमौर-रीवा, कनेरा-भिण्ड, मल्हारगढ़-मंदसौर, देवरी-नर्मदापुरम, सीतलझिरी-बैतूल, आहू-आगर मालवा, बगलीपीठ-बालाघाट और पहाड़िया-रीवा शामिल है। इन परियोजनाओं से 2 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई क्षेत्र में वृद्धि होगी।

इससे लगभग 1250 ग्रामों के लगभग 02 लाख कृषक लाभांवित होंगे। मंत्रि-परिषद द्वारा छिन्दवाड़ा जिले की तहसील सोंसर एवं पांढुर्ना को समाविष्ट का नवीन जिला पाढुर्ना बनाने की स्वीकृति दी गई है।

उज्जैन में नवीन तहसील उन्हेल का सृजन

मंत्रिपरिषद द्वारा जिला उज्जैन में नवीन तहसील उन्हेल का सृजन किया गया जिसमें वर्तमान तहसील नागदा के प.ह.न. 33 से 41, 47, 48, 50 से 66 तक, इस प्रकार कुल 28 पटवारी हलके समाविष्ट होंगे। प्रस्तावित तहसील उन्हेल के गठन के पश्चात शेष तहसील नागदा में तहसील नागदा के प.ह.न. 01 से 32,42 से 46 एवं 49 तक, कुल 38 पटवारी हल्के समाविष्ट होंगे। जिले में नवीन तहसील उन्हेल के कुशल संचालन के लिये कुल 17 पद स्वीकृत किये गये है। तहसीलदार का 1, नायब तहसीलदार का 1, सहायक ग्रेड-2 के 2, सहायक ग्रेड-3 के 4, सहायक ग्रेड-3 (प्रवाचक) के 2, जमादार/ दफतरी/ बस्तावरदार का 1, वाहन चालक का 1, भृत्य के 5 शामिल है।

जिला बालाघाट में नवीन तहसील लामता का सृजन

मंत्रिपरिषद द्वारा जिला बालाघाट में नवीन तहसील लामता का सृजन किया गया जिसमें वर्तमान तहसील बालाघाट के प.ह.न. 1 से 16 तक, इस प्रकार कुल 16 पटवारी हल्के समाविष्ट हांगे। प्रस्तावित तहसील लामता के गठन के पश्चात शेष बालाघाट तहसील में तहसील बालाघाट के प.ह.न. 17 से 56 तक कुल 40 पटवारी हल्के समाविष्ट होंगे। जिला बालाघाट में नवीन तहसील लामता के कुशल संचालन के लिये 17 पद स्वीकृत किये गये है। जिसमें तहसीलदार का 1, नायब तहसीलदार का 1, सहायक ग्रेड-2 के 2, सहायक ग्रेड-2 के 2, सहायक ग्रेड-3 के 4 सहायक ग्रेड-3 (प्रवाचक) के 2, जमादार/दफ्तरी/ बस्तावरदार का 1, वाहन चालक का 1, भृत्य के 5 पद शामिल है।

जिला रायसेन में नवीन तहसील बम्होरी का सृजन

मंत्रिपरिषद द्वारा जिला रायसेन में प्रस्तावित तहसील बम्होरी में वर्तमान तहसील सिलवानी के प.ह.न. 01 से 20 तक इस प्रकार कुल 20 पटवारी हलके समाविष्ट होंगे। प्रस्तावित तहसील बम्होरी के गठन के पश्चात शेष तहसील सिलवानी में तहसील सिलवानी के प.ह.न. 21 से 68 तक कुल 48 पटवारी हल्के समाविष्ट होंगे। जिला रायसेन में नवीन तहसील बम्होरी के कुशल संचालन के लिये कुल 17 पद स्वीकृत किये गये है। तहसीलदार का 1, नायब तहसीलदार का 1, सहायक ग्रेड-2 के 2, सहायक ग्रेड-3 के 4, सहायक ग्रेड-3 (प्रवाचक) के 2, जमादार/ दफतरी/ बस्तावरदार का 1, वाहन चालक का 1, भृत्य के 5 पद शामिल है।

रायसेन में तहसील सुल्तानगंज का गठन

मंत्रिपरिषद द्वारा जिला रायसेन में प्रस्तावित तहसील सुल्तानगंज का गठन किया गया जिसमें वर्तमान तहसील बेगमगंज के प.ह.न 34 से 61 तक, कुल 28 पटवारी हल्के समाविष्ट होंगे। प्रस्तावित तहसील सुल्तानगंज के गठन के पश्चात शेष तहसील बेगमगंज में तहसील बेगमगंज के प.ह.न. 01 से 33 तक, इस प्रकार कुल 33 पटवारी हल्के समाविष्ट होगे। जिला रायसेन में नवीन तहसील सुल्तानगंज के कुशल संचालन के लिये कुल 17 पद स्वीकृत किये गये। जिसमें तहसीलदार 01, नायब तहसीलदार 01, सहायक ग्रेड 2 के 02, सहायक ग्रेड-3 के 04 सहायक ग्रेड-3 (प्रवाचक) के 2, जमादार/ दफतरी/ बस्तावरदार का 1, वाहन चालक का 1 और भृत्य के 5 पद शामिल है।

मन्दसौर में नवीन तहसील कयामपुर का सृजन

मंत्रिपरिषद द्वारा जिला मन्दसौर में नवीन तहसील कयामपुर का सृजन किया गया जिसमें वर्तमान तहसील सीतामऊ के पटवारी हल्का 01 से 31 कुल 31 हल्के समाविष्ट होंगे। तत्पश्चात्‌सीतामऊ तहसील में पटवारी हल्का नम्बर 32 से 74 तक कुल 43 पटवारी हल्के शेष रहेंगे। जिला मन्दसौर में नवीन तहसील कयामपुर के कुशल संचालन के लिये कुल 17 पद स्वीकृत किये गये। जिसमें तहसीलदार का 1, नायब तहसीलदार के 7, सहायक ग्रेड-2 के 2, सहायक ग्रेड-3 के 4, सहायक ग्रेड-3 (प्रवाचक) के 2, जमादार/ दफतरी/ बस्तावरदार का 1 , वाहन चालक का 1 और भृत्य के 5 पद शामिल है।

8 ग्राम पंचायतें, नगर परिषद और ब्यौहारी बनेगी नगर पालिका

मंत्रि-परिषद द्वारा मंदसौर जिले की ग्राम पंचायत नाहरगढ, बोलिया एवं गांधीसागर, सीधी जिले की ग्राम पंचायत सेमरिया, शाजापुर जिले की ग्राम पंचायत अवन्तिपुर बड़ोदिया एवं गुलाना, सतना जिले की ग्राम सिंहपुर, हरदा जिले की ग्राम पंचायत रहटगांव, को नगर परिषद के रूप में गठन एवं शहडोल जिले की नगर परिषद ब्यौहारी को नगर पालिका परिषद में उन्नयन किये जाने तथा राज्यपाल को प्रेषित किये जाने की स्वीकृति प्रदान की गई है।

भवन विकास निगम के 77 नवीन पदों के सृजन की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद द्वारा मध्यप्रदेश भवन विकास निगम के सुचारू संचालन के लिये 77 नवीन पदों के सृजन की स्वीकृति दी गई।

कमला पार्क से संत हिरदाराम नगर तक एलिवेटेड कॉरिडोर की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद द्वारा भोपाल से इंदौर, राजगढ़ एवं पुराने भोपाल में यातायात सुगम करने के लिये 8-लेन मार्ग के निर्माण की स्वीकृति दी गई है। यह मार्ग कमला पार्क से खानूगांव (होटल इंपिरियल सेबरे के पास) तक 8-लेन एलिवेटेड कॉरिडोर होगा। खानूगांव के बाद एलिवेटेड कॉरिडोर दो हिस्सों में बट जाएगा। एलिवेटेड कॉरिडोर की पहली शाखा खानूगांव से शुरू होकर भोपाल-इंदौर मार्ग पर संत हिरदाराम नगर के समीप समाप्त होगी, जो सिक्स लेन एलिवेटेड होगी। दूसरी शाखा खानूगांव से शुरू होकर मौजूदा संरेखण पर वर्तमान लेवल का पालन करते हुए लालघाटी चौराहे तक जाएगी, जो 6 लेने होगी। मार्ग का निर्माण हाइब्रिड एन्युटी मॉडल (HAM) के अंतर्गत किया जावेगा। परियोजना के क्रियान्वयन के लिये 3 हजार 156 करोड़ का अनुमोदन दिया गया।

सेवामुक्त होने पर कोटवार को एक लाख रूपये दिये जाने की स्वीकृति

मंत्रि परिषद् द्वारा सेवामुक्त होने पर कोटवार को निर्धारित नियमों अंतर्गत एक लाख रूपये की राशि दिये जाने की स्वीकृति दी गई।

पैक्स और लैम्पस की प्रबंधकीय अनुदान की राशि में अतिरिक्त वार्षिक वृद्धि करने का निर्णय

मंत्रिपरिषद द्वारा सहकारिता विभाग की योजना अंतर्गत प्राथमिक साख सहकारी समितियों (पैक्स) एवं आदिम जाति सेवा सहकारी समितियों (लैम्पस) को दिये जाने वाले प्रबंधकीय अनुदान की राशि में प्रति समिति 3 लाख रूपये की अतिरिक्त वार्षिक वृद्धि किये जाने का निर्णय लिया गया। इसके लिये 136 करोड़ 11 लाख रूपये की अतिरिक्त राशि राज्य शासन द्वारा प्रतिवर्ष समितियों को उपलब्ध कराई जायेगी। इसके साथ सार्वजनिक वितरण प्रणाली की उचित मूल्य दुकानों के संचालन के लिये पैक्स एवं लैम्पस समितियों के विक्रेताओं को भी 3 हजार रूपये प्रति विक्रेता प्रति माह पारिश्रमिक मानदेय बढाये जाने का निर्णय लिया गया है। इसके लिये भी 46 करोड़ 89 लाख रूपये की राशि प्रबंधकीय अनुदान के रूप में प्रतिवर्ष समितियों को राज्य शासन द्वारा उपलब्ध कराई जायेगी। योजना का क्रियान्वयन 01 अक्टूबर, 2023 से किया जायेगा।

स्कूटी प्रदाय योजना के सरलीकरण की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद द्वारा सभी शासकीय उच्चत्तर माध्यमिक विद्यालयों में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली छात्रा एवं छात्र को नि:शुल्क ई-स्कूटी/स्कूटी के क्रय करने की कार्यवाही के सरलीकरण के प्रस्ताव की स्वीकृति दी गई।

साधन सम्पन्न विद्यालयों के उन्नयन और सुविधा विस्तार के प्रस्ताव

मंत्रि-परिषद द्वारा सीएम राईज स्कूल योजना अंतर्गत सर्व संसाधन सम्पन्न विद्यालयों के उन्नयन और सुविधाओं के विस्तार के प्रस्ताव स्वीकृत किये गये।

तीन सिंचाई परियोजनाओं की निविदा आमंत्रित करने की अनुमति

मंत्रि-परिषद द्वारा नर्मदा घाटी विकास विभाग की 3 परियोजनाओं क्रमश: बहोरीबंद माइक्रो सिंचाई परियोजना, शहीद इलाप सिंह उदवहन माइक्रो सिंचाई परियोजना और खण्डवा उदवहन माइक्रो सिंचाई परियोजना की प्रशासकीय स्वीकृति एवं निविदा आमंत्रित करने की अनुमति प्रदान की गई। लगभग 1,12,220 हेक्टेयर सिंचाई क्षमता निर्मित करने वाली तीनों परियोजनाओं की लागत राशि 3 हजार 598 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी गई।

आहार अनुदान योजना की हितग्राहियों को प्रतिमाह राशि में वृद्धि की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद द्वारा आहार अनुदान योजना की हितग्राहियों को प्रतिमाह राशि में 250 रूपये की वृद्धि करते हुए प्रतिमाह राशि 1250 रूपये के स्थान पर 1500 रूपये प्रतिमाह किये जाने की स्वीकृति दी है।

विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए केवल एक बार ही शुल्क लिए जाने की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद द्वारा विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए केवल एक बार ही शुल्क लिए जाने के संबंध में प्रस्ताव का अनुसमर्थन किया। कर्मचारी चयन मण्डल द्वारा आयोजित की जाने वाली परीक्षाओं के लिये वन टाईम परीक्षा शुल्क एवं रजिस्‍ट्रेशन की सुविधा प्रारंभ की जा रही है।

शहीद हुए वनकर्मियों को 25 लाख विशेष अनुग्रह अनुदान की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद द्वारा शहीद हुए वनकर्मियों को मध्य प्रदेश शासन द्वारा शहीद घोषित करते हुए आश्रितों को 10 लाख रूपये से बढ़ाकर 25 लाख रूपये विशेष अनुग्रह अनुदान प्रदान करने की स्वीकृति दी है।

जनजातीय कार्य विभाग के 95 सीएम राइज स्कूलों के चयन एवं स्थान परिवर्तन का अनुसमर्थन

मंत्रि-परिषद द्वारा जनजातीय कार्य विभाग के 95 सीएम राइज स्कूलों केचयन एवं स्थान परिवर्तन का अनुसमर्थन किया गया। स्कूल शिक्षा विभाग के साथ जनजातीय कार्य विभाग अंतर्गत 85 विद्यालयों को सीएम राइज योजना में शामिल किया जा चुका है। 85 विद्यालयों में से 16 का स्थान परिवर्तन एवं 10 नवीन विद्यालयों का चयन सीएम राइज योजनांतर्गत किया जा रहा है।

जनजातीय एवं लोक कलाकारों को प्रदर्शन के लिए दैनिक मानदेय एवं भत्ते की दरों में वृद्धि की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद जनजातीय एवं लोक कलाकारों को प्रदर्शन के लिए दैनिक मानदेय एवं भत्ते की दरों में वृद्धि की स्वीकृति दी है। कलाकारों को प्रदर्शन के लिये दैनिक मानदेय 800 रूपये प्रति दिवस से बढ़ाकर 1500 रूपये प्रति दिवस एवं दैनिक भत्ता 250 रूपये प्रति दिवस से बढ़ाकर 500 रूपये प्रतिदिवस किया गया। लोक कलाकारों को आवागमन, स्थानीय परिवहन तथा आवास सुविधा पूर्ववत जारी रखी जाएगी। अन्तर्राष्ट्रीय प्रस्तुतियों में प्रतिभागिता हेतु जाने वाले कलाकारों तथा उनके समन्वय हेतु जाने वाले विभागीय अधिकारियों/कर्मचारियों को भेजे जाने के लिये संस्कृति विभाग सक्षम प्राधिकारी होगा।

विवेकानंद युवा संसाधन केन्द्र की स्थापना की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद द्वारा प्रदेश के 52 जिला मुख्यालयों पर युवाओं के लिए ‘’विवेकानंद युवा संसाधन केंद्र’’ की स्थापना की स्वीकृति दी है। प्रत्येक जिले के अग्रणी/चयनित महाविद्यालय में सर्व सुविधायुक्त कार्यालय, कम्प्यूटर लैब तथा अध्ययन कक्ष का पृथक से निर्माण किया जाएगा। विवेकानंद युवा संसाधन केन्द्र में भौतिक स्वरूप, त्रिस्तरीय समितियां होंगी। कुल अनुमानित आवर्ती व्यय 15 करोड़ 43 लाख एवं अनावर्ती व्यय 58 करोड़ 40 लाख रूपए, इस प्रकार कुल 73 करोड़ 83 लाख रूपए व्यय की स्वीकृति दी है।

कर्मचारियों को आयुष्मान भारत ”निरामयम” प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना शामिल

मंत्रि-परिषद प्रदेश के शासकीय कर्मचारी/कार्यकर्ता/संविदा कर्मियों को आयुष्‍मान भारत ”निरामयम” प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना अंतर्गत सम्मिलित किये जाने की स्वीकृति दी है। भारत निरामय योजना के अंतर्गत स्‍वीकृत पात्र हितग्राही, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, पंचायत सचिव, ग्राम रोजगार सहायक, आशा तथा उषा कार्यकर्ता, आशा सुपरवाईजर, कोटवार एवं संविदा कर्मचारियों को आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत 5 लाख रुपए स्वास्थ्य सुरक्षा लाभ स्वीकृत किया गया है।

अन्य निर्णय

मंत्रि-परिषद द्वारा भारत सरकार, वस्त्र मंत्रालय की पीएम मेगा एकीकृत वस्त्र क्षेत्र और परिधान (पीएम मित्र) योजना अंतर्गत प्रदेश में टेक्सटाईल पार्क की स्थापना के लिये एसपीव्ही (विशेष प्रयोजन वाहन) के गठन संबंधी ज्वाइंट वेंचर एग्रीमेंट, मेमोरेण्डम तथा आर्टीकल्स ऑफ एसोसिएशन प्रारूप के अनुमोदन के संबंध में निर्णय लिया गया है।

मंत्रि-परिषद द्वारा महर्षि पाणिनी संस्कृत एवं वैदिक विश्वविद्यलाय उज्जैन का कैम्पस जिला रीवा में भी स्थापित करने की स्वीकृति दी गई।

मंत्रि-परिषद द्वारा अमरपाटन जिला मैहर में नवीन शासकीय पोलिटेक्निक महाविद्याल की स्थापना की स्वीकृति दी गई।

मंत्रि-परिषद द्वारा रायसेन जिले में 100 एम.बी.बी.एस. सीट प्रवेश क्षमता के नवीन मेडिकल कॉलेज की स्थापना की स्वीकृति दी गई।

मंत्रि-परिषद द्वारा मेडिकल कॉलेज के शैक्षणिक संवर्ग को वर्ष 2016 से 7वां वेतनमान दिये जाने की स्वीकृति दी गई।

वनरक्षकों को प्रशिक्षण पूर्ण होने की दिनांक से मूल वेतन स्वीकृत किये जाने की स्वीकृति दी गई है।

वीर जवानों ने वीरता, पराक्रम, शौर्य का एक नया इतिहास रचा- मुख्यमंत्री शिवराज सिंह

Brave soldiers

 

मध्यप्रदेश पुलिस के क्रम-पूर्व पदोन्नति अलंकरण समारोह में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह का संबोधन

भोपाल , 04 अक्टूबर | मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कहा है कि वीर जवानों ने वीरता, पराक्रम, शौर्य और हिम्मत से एक नया इतिहास रचा है। वीर जवान हिम्मत से भरे हुए हैं। आपके शौर्य और प्रताप को प्रणाम योग्य है। वीर जवानों ने एक साल में 91 लाख के 6 इनामी नक्सली और पिछले तीन सालों में 1 करोड़ 62 लाख के 9 इनामी नक्सली धराशायी किए हैं। यह कोई साधारण सफलता नहीं है।

क्रम-पूर्व पदोन्नति प्राप्त कर रहे 22 जवानों को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने बधाई दी। बालाघाट में मध्यप्रदेश पुलिस के क्रम-पूर्व पदोन्नति अलंकरण समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर नर्मदा घाटी विकास मंत्री गौरीशंकर बिसेन, आयुष एवं जल संसाधन राज्य मंत्री राम किशोर (नानो) कावरे, विधायक लांजी हिना कांवरे, मध्यप्रदेश राज्य खनिज विकास निगम के अध्यक्ष श्री प्रदीप जायसवाल, पुलिस महानिदेशक सुधीर कुमार सक्सेना, आई.जी. बालाघाट संजय कुमार, कमिश्नर जबलपुर अभय वर्मा, कलेक्टर गिरीश कुमार मिश्रा, पुलिस अधीक्षक समीर सौरभ सहित पुलिस के वीर जवान तथा उनके परिजन उपस्थित थे।

वीर जवान मध्यप्रदेश के अभिमान है

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि वीर जवान हमारा बल हैं। मध्यप्रदेश के अभिमान है। जवानों की वीरता, पराक्रम देखकर मध्यप्रदेश की जनता की ओर कोई भी आँख उठाकर नहीं देख सकता। जब-जब भी नक्सलियों को धराशायी किया है। राज्य सरकार ने हमेशा सम्मानित किया है। प्रदेश में नक्सली गतिविधियों को रोकने के लिए नई नीति बनाई है। प्रदेश में नवीन नक्सल आत्म समर्पण और पुनर्वास के लिए नीति बनाई गई है। नक्सली गतिविधियों के खिलाफ हमारी हॉक फोर्स हमेशा खड़ी है, इस पर मुझे गर्व है। वीर जवान अपनी जान हथेली पर रखकर नक्सलियों को धराशायी करने का कार्य कर रहे हैं।

मध्यप्रदेश की धरती पर डकैतों का अंत

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि मैंने ग्वालियर के एक कार्यक्रम में कहा था कि मध्यप्रदेश की धरती पर डाकू नहीं रहने देंगे। जवानों ने प्रदेश में सारे डकैतों का अंत कर दिया है। सिमी के नेटवर्क को समाप्त कर दिया है। नक्सलवाद को समाप्त करने का भी लगातार कार्य कर रहे हैं। मध्यप्रदेश पुलिस और हमारे जवानों के खाते में अनेक उपलब्धियां हैं।

माँ-बहन और बेटी का सम्मान सर्वोपरित है

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि प्रदेश में माँ-बहन और बेटी का सम्मान मेरे लिए सबसे ऊपर है। मध्यप्रदेश में हमने कानून बनाया है कि मासूम बेटियों के साथ कोई गलत हरकत करेगा तो फांसी के फंदे पर लटका दिया जाएगा। वीर जवान कठिन परिस्थितियों में रहकर प्रदेश को शांति का टापू बनाने में जी-जान से लगे हुए हैं। आप अपनी ड्यूटी पूरा करें, मैं आपके साथ खड़ा रहूंगा। आपकी सुविधाओं में कोई कमी नहीं छोड़ी जाएगी।

 

नाबालिग बच्ची से दुष्कर्म करने वाले आरोपित के मकान पर चला बुलडोजर

Bulldozer runs on the

 

उज्जैन । सतना की नाबालिग बच्ची से दुष्कर्म के आरोपित आटो चालक का मकान जेसीबी से तोड़ दिया गया। आरोपित के पिता ने सालों से सरकारी जमीन पर कब्जा कर कच्चा मकान व धार्मिक स्थल बना रखा था। नगर निगम ने जगह खाली करने के लिए नोटिस भी जारी कर दिया था। मकान तोड़ने के लिए निगम का अमला जेसीबी लेकर पहुंचा था। कुछ ही देर में अवैध निर्माण ध्‍वस्‍त कर द‍िया गया।

बता दें कि सतना की 15 वर्षीय नाबलिग से दुष्कर्म के आरोपित भरत सोनी का नानाखेड़ा स्थित मकान गिराया गया। नगर निगम व पुलिस ने इस कार्रवाई को अंजाम द‍िया। सरकारी जमीन पर कब्जा कर मकान व धार्मिक स्थल बना रखे थे। इस पर आरोपित सोनी अपने माता-पिता व भाई-भाभी के साथ सालों से रह रहा था। पुलिस आरोपित सोनी को जल्द से जल्द सजा दिलवाने की तैयारी में जुटी है। इसके लिए पुलिस डीएनए जांच रिपोर्ट के साथ ही वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने में लगी है।

आठ किमी तक पैदल घूमती रही बच्ची, किसी ने नहीं की मदद

गौरतलब है कि 25 सितंबर को मानसिक रूप से कमजोर सतना की नाबालिग बच्ची देर रात करीब तीन बजे रेलवे स्टेशन क्षेत्र में भटक रही थी। उस दौरान आरोपित भरत सोनी उसे अपनी आटो रिक्शा में बैठाकर ले गया और जीवनखेड़ी क्षेत्र में ले जाकर उसके साथ दरिंदगी की थी। इसके बाद वह अर्धनग्न अवस्था में करीब आठ किलोमीटर तक पैदल घूमती रही। इस दौरान उसकी किसी ने मदद नहीं की थी। बड़नगर रोड पर मुरलीपुरा चौराहे से करीब दांडी आश्रम के राहुल आचार्य ने उसकी अवस्था देखकर मदद की और पुलिस को सूचना दी थी।

पुलिस ने एक हजार से ज्यादा सीसीटीवी फुटेज खंगाल पकड़ा था आरोपित को

पुलिस ने एक हजार से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालकर आरोपित भरत सोनी को गिरफ्तार किया था। पुलिस आरोपित को घटनास्थल जीवनखेड़ी ले गई थी। यहां सोनी ने पुलिसकर्मियों को धक्का देकर भागने का प्रयास किया था। गिरने से उसके पैर की हड्डी टूट गई थी। कोर्ट ने उसे सात दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा था। इंदौर में आरोपित का उपचार चल रहा है। पुलिस का कहना है कि उसे जल्द से जल्द ही सजा दिलवाई जाएगी।

भाला फेंक में भारत ने रचा इतिहास, नीरज चोपड़ा ने जीता गोल्ड, किशोर ने दिलाया रजत

India created history

 

19th Asian Games: भारत के एथलीट नीरज चोपड़ा ने दूसरी बार एशियन गेम्स के भाला फेंक स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता है। उन्होंने 88.88 मीटर के साथ गोल्ड पर कब्जा जमाया। वहीं, किशोर जेना ने 87.54 मीटर के साथ सिल्वर मेडल हासिल किया। नीरज ने 2018 जकार्ता एशिया खेल में स्वर्ण जीता था। वहीं, जेना का यह पहला एशियन गेम्स है। जापान के गेंकी डीन 82.68 मीटर के साथ तीसरे स्थान पर रहे। इतिहास में पहली बार भारत ने जेवलिन थ्रो में एक ही समय में दो पदक जीते हैं।

नीरज चोपड़ा का थ्रो

पहला थ्रो- 82.38 मीटर
दूसरा थ्रो- 84.49 मीटर
तीसरा थ्रो- फाउल
चौथा थ्रो- 88.88 मीटर
पांचवां थ्रो- 80.80 मीटर
छठा थ्रो- फाउल

किशोर जेना का थ्रो

पहला थ्रो- 81.26 मीटर
दूसरा थ्रो- 79.76 मीटर
तीसरा थ्रो- 86.77 मीटर
चौथा थ्रो- 87.54 मीटर
पांचवां थ्रो- फाउल
छठा थ्रो- फाउल

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