दादा के अकाउंट से गायब हुए 13 लाख रुपये, नाबालिग पोते ने ऑनलाइन गेमिंग में किए खर्च

Rs 13 lakh missing

 

अहमदाबाद। ऑनलाइन गेमिंग की लत में अक्सर बच्चे परिवार का आर्थिक नुकसान करा देते हैं। ऐसा ही एक मामला गुजरात के दाहौद पुलिस स्टेशन से सामने आया है। एक नाबालिग लड़के ने ऑनलाइन गेमिंग की लत में दादा के अकाउंट से 13 लाख रुपये खर्च कर दिए।

नाबालिग बच्चे के दादा रिटायर सरकारी अधिकारी हैं। उन्होंने दाहोद साइबर सेल में की शिकायत में बताया कि उनके बैंक खाते से 13 लाख रुपये सिलसिलेवार ढंग से निकाले गए हैं। उनकी शिकायत पर पुलिस अधिकारी ने कहा कि जांच में पता चला कि बैंक खाते से निकाले गए रुपयों का इस्तेमाल ऑनलाइन गेमिंग व स्मार्ट फोन को खरीदने में किया है। परिवार का कहना है कि नाबालिग बच्चे को ऑनलाइन गेमिंग की लत थी, लेकिन वह उस लत से अब बाहर आ चुका है।

रिटायर दादा ने बैंक खाते की जानकारी ली, तो पता चला कि उनके खाते से 13 लाख रुपये गायब हैं। उन्होंने साइबर सेल को पूरा मामला बता कर मदद की गुहार लगाई। पुलिस ने मामले की जांच की तो पता चला कि दादा के खाते से रुपये निकालने वाला उनका ही पोता है। नाबालिग लड़के ने पूछताछ में बताया कि उसने ऑनलाइन गेमिंग की में यह रुपये खर्च किए हैं।

13 लाख रुपये ये खरीदा

नाबालिग लड़ने ने 13 लाख रुपये गेम पॉइंट्स, क्रिकेट किट और दो मोबाइल फोन में खर्च कर दिये। उसे यह पता कि अगर वह यह सामान घर पर लेकर आएगा, तो घर वाले शक करेंगे। उसने इसलिए सारा सामान अपने दोस्त के घर पर रखा था।

भोजपुरी फिल्म ‘लव विवाह डॉट कॉम’ को मिले 10 मिलियन से ज्यादा व्यूज

10 million views

 

मुंबई, 30 सितंबर | भोजपुरी सिनेमा के चॉकलेटी स्टार प्रदीप पांडे चिंटू और अभिनेत्री आम्रपाली दुबे स्टारर भोजपुरी फिल्म ‘लव विवाह डॉट कॉम’को 10 मिलियन से ज्यादा व्यूज मिल गये है। ‘लव विवाह डॉट कॉम’ वर्ल्डवाइड रिकॉर्ड्स भोजपुरी के ऑफिसियल यूट्यूब चैनल पर रिलीज कर दी गई है।फिल्म को रिलीज हुई अभी महज कुछ ही दिन हुए है और फिल्म को 10 मिलियन से ज्यादा व्यूज और 113के से ज्यादा लाइक्स मिल चुके हैं।फैंस प्रदीप पांडे चिंटू और आम्रपाली दुबे की जोड़ी को बतौर लीड पहली बार देखकर बेहद खुश हैं। इस फिल्म में काजल राघवानी की स्पेशल अपीयरेंस से फैंस को डबल मजा दिला दिया है। यह फिल्म मेडिकल कॉलेज में पढ़ रहे प्रदीप पांडे चिंटू और आम्रपाली दुबे के लाइफस्टाल पर अधारित है। चिंटू और आम्रपाली मेडिकल कॉलेज में पढ़ाई करते हैं. चिंटू थोड़ा शर्मिला लड़का है. वहीं, आम्रपाली को इसमें काफी बोल्ड और दबंग के किरदार में दिखाया है। फिल्म ‘लव विवाह डॉट कॉम’ के प्रोड्यूसर प्रदीप सिंह, प्रतीक सिंह और कोमल जी हैं।निर्देशन अनंजय रघुराज ने किया है। रत्नाकर कुमार ने फिल्म को प्रस्तुत किया है। को-प्रोड्यूसर पदम सिंह हैं। इस फिल्म में प्रदीप पांडेय चिंटू ,आम्रपाली दुबे के साथ अमित शुक्ला, संदीप यादव, करण पांडेय, संजय यादव और ज्योति पांडे की भी अहम भूमिका है।

स्कॉटलैंड में खालिस्तान समर्थकों का उपद्रव, भारतीय उच्चायुक्त को गुरुद्वारे में जाने से रोका

Commissioner stopped from visiting Gurudwara

 

लंदन। खालिस्तानी आतंकवादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के बाद से कनाडा और भारत के बीच तनातनी लगातार बढ़ रही है, वहीं अब इसका असर स्कॉटलैंड के ग्लासगो में भी देखा गया है। यहां कट्टरपंथी ब्रिटिश खालिस्तानी समर्थकों के एक समूह ने 29 सितंबर को भारतीय उच्चायुक्त विक्रम दोरईस्वामी को स्कॉटलैंड के एक गुरुद्वारे में प्रवेश करने से रोक दिया था। खालिस्तानी समर्थकों ने विक्रम दोरईस्वामी को कार से नीचे नहीं उतरने दिया था। इस दौरान कट्टरपंथी खालिस्तानी समर्थकों ने जमकर उत्पात मचाया था।

सूत्रों के मुताबिक, ब्रिटेन में भारतीय उच्चायुक्त विक्रम दोरईस्वामी ने बहस में पड़ने के बजाय वहां से चले जाने का फैसला किया। इस मुद्दे को ब्रिटेन के विदेश कार्यालय और पुलिस के समक्ष भी उठाया गया है। इस दौरान एक सिख कार्यकर्ता ने बताया कि उनमें से कुछ को पता चला था कि दोरईस्वामी ने अल्बर्ट ड्राइव पर ग्लासगो गुरुद्वारा की गुरुद्वारा समिति के साथ एक बैठक की योजना बनाई थी।

भाजपा की कड़ी प्रतिक्रिया

ब्रिटेन में भारतीय उच्चायुक्त विक्रम दोराईस्वामी को कथित तौर पर स्कॉटलैंड में एक गुरुद्वारे में प्रवेश करने से रोके जाने पर भाजपा ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। भाजपा नेता नेता मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि “मैं इसकी कड़ी निंदा करता हूं कि विक्रम दोराईस्वामी को स्कॉटलैंड में एक गुरुद्वारे में प्रवेश करने से रोका गया। मनजिंदर सिंह ने कहा कि कोई भी धर्म या समुदाय के लोग गुरुद्वारे में आ सकते है। हम वह धर्म नहीं हैं, जो हिंसा में विश्वास करते हैं, बल्कि हम उनमें से हैं जो मानवता के रक्षक हैं। सिख रक्षक हैं। मनजिंदर सिंह ने कहा कि दुनिया में हर जगह सिखों का प्रतिनिधित्व है। दुनिया में सिखों के लिए सबसे सुरक्षित जगह भारत में है।

कनाडा और ब्रिटेन में सिखों की आबादी

गौरतलब है कि कनाडा और ब्रिटेन के कई शहरों में सिखों की जनसंख्या काफी ज्यादा है। खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर सर्रे में गुरुद्वारे का अध्यक्ष था। निज्जर की हत्या के बाद से ही खालिस्तानी समर्थक भड़के हुए हैं। भारतीय उच्चायुक्त के साथ जो दुर्व्यवहार खालिस्तान समर्थकों ने किया, वह कोई नई बात नहीं है। मार्च 2023 में भी खालिस्तानी समर्थकों ने लंदन में स्थित भारतीय उच्चायोग की बिल्डिंग पर भी हमला किया।

यहां खालिस्तान समर्थकों ने भारत का झंडा नीचे उतार दिया था और खालिस्तानी झंडा फहराने की कोशिश की थी। भारत ने ब्रिटेन के सामने भी अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया था। हाल ही में जब जी 20 सम्मेलन में भाग लेने के लिए ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक भारत आए थे तो भारत ने यह मुद्दा उठाया था। सुनक ने कहा था कि ब्रिटेन में किसी तरह की हिंसा स्वीकार नहीं की जाएगी।

इस बार तीन गुना ज्यादा श्राद्ध, तर्पण कराने को ढूंढे नहीं मिल रहे पंडितजी

Panditji is not found

 

कोरोना काल में मृत्यु को प्राप्त हुए थे सैकड़ों लोग, इस साल उन्हें श्राद्ध में लिए जाने से बड़ी संख्या

इस वर्ष श्राद्ध पक्ष में कुछ ऐसी स्थिति बन रही है कि प्रतिवर्ष होने वाले श्राद्ध से इस बार करीब तीन गुना अधिक श्राद्ध हो रहे हैं। इस कारण श्राद्ध-तर्पण करवाने के लिए पंडितों के पास काफी मात्रा में आयोजनों की बुकिंग है। कई पंडित तो एक दिन में चार से पांच जगहों पर पूजन करवा रहे हैं। ऐसे में कई परिवारों को तो पंडित जी ढूंढे से नहीं मिल रहे हैं।

सनातन धर्म की मान्यता के अनुसार किसी व्यक्ति की मृत्यु के बाद तीसरे साल से उसकी श्राद्ध क्रिया आरंभ कर दी जाती है। पिछले साल तक वर्ष 2018 तक मृत्यु को प्राप्त हुए लोगों के श्राद्ध किए जा रहे थे। पंडित रमाशंकर ने बताया कि वर्ष 2019 में कोरोना महामारी आई तो सामान्य वर्षों की अपेक्षा करीब तीन गुना अधिक मृत्यु हुई। उस कालखंड से करीब तीन साल बाद अर्थात इस वर्ष हर साल की अपेक्षा तीन गुना श्राद्ध बढ़ गए हैं। 29 सितंबर को श्राद्ध शुरू हो चुके हैं, जो 14 अक्टूबर तक चलेंगे।

पंडितों के लिए लोग कई दिनों पहले से ही चक्कर काट रहे हैं। परेशानी की बात यह है कि श्राद्ध तो 16 दिन चलेंगे, लेकिन तर्पण-श्राद्ध को तय तिथि पर ही किया जाता है। ऐसे में अधिकांश लोग पहले ही पंडित जी की बुकिंग करवा चुके हैं। अब जो बच गए हैं, उन्हें पंडित जी नहीं मिल रहे हैं।

दो विकल्पों में कर सकते हैं श्राद्ध

वैसे तो सभी पर्व अपने समय पर ही करने चाहिए, किंतु किन्हीं कारणों की वजह से मृत्यु के तीन साल बाद अगर शुक्ल पक्ष के तय भाद्रपद मास में श्राद्ध नहीं हुए, तो यजमान के पास दो विकल्प होते हैं। पहला कृष्ण पक्ष और दूसरा मृत्यु के पांचवें वर्ष में पितृ पक्ष में। कृष्ण पक्ष पितरों को प्रिय होता है। अगर यजमान को जल्दी पितरों के श्राद्ध करना हो तो हिंदी कैलेंडर की तिथि के अनुसार, कृष्ण पक्ष में उसी तिथि को तर्पण श्राद्ध करवाने चाहिए। वहीं शास्त्रों में पांचवें वर्ष का भी विधान है। अगर यजमान को कोई जल्दी नहीं है या कोई समस्या नहीं है तो वह धैर्य के साथ पांचवें वर्ष भी पितरों का श्राद्ध कर सकता है।

इन कार्यों से नाराज होते हैं पितर

पंडित रमाशंकर ने बताया कि श्राद्ध कर्म करने वाले सदस्य को इन दिनों में अपने बाल और नाखून नहीं काटने चाहिए। उन्हें ब्रह्मचर्य का पालन भी करना चाहिए। श्राद्ध कर्म हमेशा दिन में करें। सूर्यास्त के बाद श्राद्ध करना अशुभ माना जाता है। इन दिनों में लौकी, खीरा, चना, जीरा और सरसों का साग नहीं खाना चाहिए। जानवरों या पक्षी को सताना या परेशान भी नहीं करना है।

श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान में यह है अंतर

आचार्य पिंगलेश कचौले ने बताया कि श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान की विधियां अलग-अलग हैं। ज्योतिष और धर्म में श्राद्ध को लेकर कहा गया है पितरों के लिए श्रद्धा से किया गया मुक्ति कर्म श्राद्ध है। जबकि तर्पण में पितरों, देवताओं, ऋषियों को तिल मिश्रित जल अर्पित कर उन्हें तृप्त किया जाता है। वहीं पिंडदान को मोक्ष प्राप्ति के लिए सहज और सरल मार्ग माना गया है। यही वजह है कि पिंडदान या तर्पण के लिए बिहार का गया सर्वश्रेष्ठ तीर्थस्थल है। ध्यान रहे कि तर्पण और पिंडदान श्राद्ध के ही दो हिस्से हैं।

पूरे 16 दिनों तक मेरे पास कार्यक्रम लगे हुए हैं। श्राद्ध के एक तर्पण कार्यक्रम को पूरे विधि-विधान से कराने में करीब तीन घंटे लगते हैं। इसकी वजह से मैं पूरे दिन में दो कार्यक्रम ही कर रहा हूं। पूरे दिन लोगों के यहां तर्पण कार्यक्रम तय होने के बाद कई लोगों को मना भी करना पड़ा है।
– पंडित शिव शंकर

हर साल की अपेक्षा इस बार श्राद्ध की संख्या काफी अधिक है। मृत्यु के तीन साल बाद श्राद्ध में लिया जाता है। इसे पार्वण श्राद्ध कहते हैं। इसमें छह पिंड बनाए जाते हैं। सर्वप्रथम भगवान विष्णु, फिर पितरों के देवता और फिर पितरों का पूजन किया जाता है। श्राद्ध और तर्पण को पर्व पर ही किया जाना चाहिए।
– पंडित अगस्त्य व्यास

इस बार किस दिन कौन सा श्राद्ध

29 सितंबर, शुक्रवार को पूर्णिमा व प्रतिपदा।
30 सितंबर, शनिवार को द्वितीय तिथि।
1 अक्टूबर, रविवार तृतीया तिथि।
2 अक्टूबर, सोमवार चतुर्थी तिथि।
3 अक्टूबर, मंगलवार पंचमी तिथि।
4 अक्टूबर, बुधवार षष्ठी तिथि।
5 अक्टूबर, गुरुवार सप्तमी तिथि।
6 अक्टूबर, शुक्रवार अष्टमी तिथि।
7 अक्टूबर, शनिवार नवमी तिथि।
8 अक्टूबर, रविवार दशमी तिथि।
9 अक्टूबर, सोमवार कोई श्राद्ध नहीं ।
10 अक्टूबर, मंगलवार एकादशी तिथि।
11 अक्टूबर, बुधवार द्वादशी तिथि।
12 अक्टूबर, गुरुवार को त्रयोदशी तिथि।
13 अक्टूबर, शुक्रवार चतुर्दशी तिथि।
14 अक्टूबर, शनिवार को सर्वपितृ अमावस्या।

अमरवाड़ा में क्लीनिक में दिनदहाड़े फायरिंग, डाक्टर दंपती की मौत

doctor couple died

 

छिंदवाड़ा। छिंदवाड़ा के अमरवाड़ा में युवक ने डाक्टर और उनकी पत्नी को गोली मार दी। गोली मारकर सुसाइड का प्रयास भी किया। घटना शनिवार दोपहर 2.15 बजे की बताई जा रही है। बीएचएमएस डाक्टर महेश डेहरिया (55), पत्नी वंदना (50) के साथ अमरवाड़ा के खमरा रोड इलाके में रहते थे। उन्हें जिला अस्पताल छिंदवाड़ा रेफर किया गया, जहां दोनों की मौत हो गई। आरोपित सोनू मालवीय उर्फ प्रिंस (25) भी घायल है। खमरा रोड स्थित डेहरिया क्लीनिक में शनिवार की आरोपित ने पांच गोलियां चलाईं।

आरोपित सोनू उर्फ़ प्रिन्स निवासी सोनपुर मल्टी छिंदवाड़ा का रहने वाला

मिली जानकारी के अनुसार डाक्टर की क्लिनिक में एक युवक ने अचानक घुसकर फायर किया, जिससे डाक्टर एमके डेहरिया सहित उनकी पत्नी को भी गोली लगी। हालत गंभीर होने के कारण प्राथमिक चिकित्सालय से जिला चिकित्सालय रेफर किया गया, जहां डॉक्टरों द्वारा दंपती को मृत घोषित किया गया है। इस घटना में आरोपित ने भी अपने आप को भी गोली मारी है। घायल अवस्था में प्राथमिक उपचार के बाद आरोपित को भी जिला चिकित्सालय रेफर किया गया आरोपित की पहचान सोनू उर्फ़ प्रिन्स पिता राजेंद्र निवासी सोनपुर मल्टी छिंदवाड़ा के रूप में की गई है। घटना का कारण अज्ञात है पुलिस मामले की जांच में जुटी है।

अद्भुत है वायु-सैनिकों का शौर्य और कौशल – मुख्यमंत्री शिवराज सिंह

airmen is amazing

 

वायुसेना की 91वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में हुई मल्टी एयरक्राफ्ट फ्लाई-पास्ट

भोपाल , 30 सितम्बर | राज्यपाल मंगुभाई पटेल तथा मुख्यमंत्री शिवराज सिंह भारतीय वायु सेना की 91वीं वर्षगांठ के अवसर पर भोपाल के बड़े तालाब पर हुई मल्टी एयरक्राफ्ट फ्लाई पास्ट शामिल हुए तथा वायु सेना के जांबाज जवानों के शौर्य, कौशल और विमानों के साथ किये गये अद्भुत प्रदर्शन की सराहना की। राज्यपाल पटेल तथा मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने बड़े तालाब स्थित एमपी टूरिज्म के विंड एण्ड वेव्ज रेस्टोरेंट से वायुसेना का प्रदर्शन देखा।

वायुसेना के अधिकारियों ने विमानों तथा हेलीकाप्टरों से आकाश में विभिन्न गतिविधियां प्रस्तुत कीं। कार्यक्रम में जगुआर, सुखोई, मिराज 2000 जैसे युद्धक विमानों और विभिन्न हेलीकाप्टरों से रोमांचक प्रदर्शन करते हुए तिरंगा, रूद्र, ध्वज, शमशेर, त्रिशूल, गजराज आदि संरचनाओं का निर्माण किया गया। कार्यक्रम में मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस, पुलिस महानिदेशक सुधीर कुमार सक्सेना तथा वायु सेना के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। इस अवसर पर बड़ी संख्या में उपस्थित जन-समुदाय ने सेना के एयर शौर्य को सराहा और निरंतर बजती तालियों एवं जोश के साथ वायुसेना के वीर जवानों का उत्साहवर्धन किया। जन-समुदाय ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह का अभिवादन भी किया।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने भोपाल में हुए वायु सेना की रोमांचक फ्लाई-पास्ट के लिए वायुसेना का आभार माना। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने मीडिया को जारी अपने संदेश में कहा कि आज भोपाल के आसमान में हमारे वायु सेना के जांबाज़ो ने अद्भुत प्रदर्शन किया। ऐसे जांबाज पायलटों के रहते हुए हमारा देश पूरी तरह से सुरक्षित है, हमें इन पर गर्व है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने आयोजन में बड़ी संख्या में शामिल होने के लिए भोपाल वासियों का भी आभार माना।

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी ने बाल कैंसर रोगियों की देखभाल के लिए “राज्य सहायता समन्वय केंद्र” एवं “घर से दूर घर” शुरू किया

"State Support Coordination Center"

 

भोपाल, 30 सितम्बर | लोकस्वास्थ्य एवं परिवार कल्याणमंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी नेभोपाल में राज्य सहायता समन्वय केंद्र (SCCC) एवं घर से दूर घर (HAH) का उद्घाटन किया। यह केन्द्र स्वास्थ्य विभाग के साथ कैनकिड्स की साझेदारी से स्थापित किया गया है।

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी ने कहा कि राज्य सहायता समन्वय केंद्र एवं घर से दूर घर को “सुखानंद” के नाम से भी जाना जाता है।उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के साथ मिलकर काम करते हुए, सुखानंद जैसे केंद्र की स्थापना की गई है। सुखानंद केंद्र में राज्य के कैंसर से पीड़ित बच्चों के लिए उपचार, देखभाल और सहायता की व्यवस्था की गई है। सुखानंद में कैंसर से पीड़ित बच्चों को स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं द्वारा परामर्श दिया जाएगा। “सुखानंद” घर से दूर एक घर है, जो भोपाल के बाहर के परिवारों के लिए समग्र आवास और देखभाल प्रदान करता है।

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी ने प्रदेश के 15 विभिन्न जिलों के कैंसर पीड़ित बच्चों और उनके परिवारों से मिलकर कहा कि “यह महत्वपूर्ण है कि कैंसर से पीड़ित बच्चे पूरी तरह से स्वस्थ हों। सर्वोत्तम देखभाल एवं चिकित्सा सुविधा प्राप्त करें। हम कैनकिड्स के साथ साझेदारी करके खुश हैं। कैनकिड्स परिवारों को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र एवं जिला चिकित्सालय में देखभाल में उनका मार्गदर्शन करता हैं, और उन्हें समय-समय पर वित्तीय, चिकित्सा, सामाजिक, शिक्षा और मनोवैज्ञानिक सहायता प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि अप्रैल 2022 में, लोक स्वास्थ्य विभाग ने प्रदेश में बच्चों के कैंसर के लिए अपने ज्ञान और समर्थन भागीदार के रूप में कैनकिड्स के साथ एक एमओयू साईन किया था।

स्वास्थ्य आयुक्त, डॉ. सुदाम खाड़े ने कहा कि हम कैंसर और अन्य असंचारी रोगों के विरूद्ध बहुत बड़ी लड़ाई लड़ रहे हैं। कैंसर का पता लगाने और निदान करने में देरी नहीं होना चाहिए। सार्वजनिक सुविधाओं और आयुष्मान भारत के पैनल में शामिल अस्पतालों में सुविधाओं और प्रणालियों को मजबूत करने की पहल की गई है।

“सुखानंद” परिवारों के लिए बहुत मददगार साबित होगा। अनेक सुविधाओं से युक्त “सुखानंद” केंद्र परिवारों को समायोजित कर रहने और रुकने की सुविधा प्रदान करता है। यह केंद्र, रोगी को कहाँ जाना है यह बतलाता है। साथ ही देखभाल समन्वय, सूचना और माता-पिता रोगी शिक्षा, चिकित्सा सहायता, स्कूल कमरा, मनोवैज्ञानिक और पोषण परामर्श, पोषण सहायता, प्रशिक्षण और बहुत कुछ सेवाएं प्रदान करता है। आमने-सामने और ऑनलाइन माध्यम से कैननरिश, कैननर्चर और कैनशाला जैसी सुविधाएँ प्राप्त होती हैं। जो परिवार अपने बच्चों के इलाज के लिए शहर में रहने और रुकने की तलाश कर रहे हैं, उनके लिए सुखानंद केंद्र के स्थापित होने से सुविधा मिलेगी। कैंसर मरीजों पर भी सुविधा का सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।

कैनकिड्स किड्सकैन की अध्यक्ष पूनम बगई ने कहा कि राज्य देखभाल समन्वय केंद्र प्रदेश में बच्चों के कैंसर के लिए बदलाव लाने के लिए, राज्य सरकार और अन्य सभी हितधारकों के साथ काम करने की हमारी प्रतिबद्धता को दोहराता है। हम सितम्बर महीने को न केवल यह बतलाने के रूप में लेते हैं कि हमने बच्चों के कैंसर के खिलाफ लड़ाई में क्या हासिल किया है, बल्कि इससे भी महत्वपूर्ण बात यह है कि कैंसर रोगियों के के उपचार के लिये किये गये प्रयासों से मिले परिणामों को और बेहतर करने के नए तरीकों की पहचान करने एवं बच्चों के कैंसर रोगियों के लिए परिणामों में सुधार कर सकते हैं। साथ ही न केवल कैंसर से बच सकते हैं बल्कि बचे हुए लोगों में कैंसर न हो उसमे मदद कर सकते है।डब्ल्यूएचओ जीआईसीसी के लक्ष्य 60% सर्वावाइवल को प्राप्त करने के अपने मिशन में कैनकिड्स निदान, दवाओं, चिकित्सा आपूर्ति, कृत्रिम अंग, प्रत्यारोपण, रक्त और रक्त उत्पादों आदि के माध्यम से चिकित्सा सहायता प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने पूर्व केंद्रीय मंत्री स्व. सिंधिया की पुण्य-तिथि पर किया नमन

Scindia on his death

 

भोपाल, 30 सितम्बर | मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने पूर्व केंद्रीय मंत्री स्व. माधवराव सिंधिया की पुण्य-तिथि पर उन्हें नमन किया। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने मुख्यमंत्री निवास स्थित सभागार में उनके चित्र पर माल्यार्पण कर पुष्पांजलि अर्पित की।

पूर्व केंद्रीय मंत्री स्व. सिंधिया का जन्म 10 मार्च 1945 को मुंबई में हुआ था। उन्होंने ऑक्सफ़ोर्ड यूनिवर्सिटी से उच्च शिक्षा प्राप्त की। पूर्व केंद्रीय मंत्री स्व. सिंधिया ने पहली बार वर्ष 1971 में 26 वर्ष की आयु में चुनाव जीता। उन्होंने केन्द्रीय नागरिक उड्डयन, पर्यटन और मानव संसाधन विकास मंत्री जैसे महत्वपूर्ण पदों के दायित्वों को बखूबी निभाया। वे 1990 से 1993 तक भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के अध्यक्ष भी रहे। उनका 30 सितंबर 2001 को असामयिक निधन हो गया।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने लगाया नारियल का पौधा

planted coconut tree

 

भोपाल, 30 सितम्बर | मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने आज मुख्यमंत्री निवास परिसर में नारियल का पौधा लगाया। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के साथ विजय नारायण चौबे ने शासकीय सेवा पूर्ण करने पर पौधा रोपा।

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह अपने जन्म-दिवस, विवाह वर्षगाँठ तथ जीवन के अन्य महत्वपूर्ण दिवसों और परिचितों व परिजनों के पुण्य स्मरण में पौध-रोपण के लिए जनसामान्य को निरंतर प्रेरित करते रहे हैं। उनकी प्रेरणा से प्रदेश में पौध-रोपण गतिविधि से लोग आत्मीय रूप से जुड़े हैं।

सरबजोत-दिव्या ने जीता सिल्वर, शूटिंग में भारत को मिला पहला पदक

Sarabjot-Divya won

 

19वें एशियाई खेलों में भारतीय निशानेबाज सरबजोत सिंह और दिव्या टीएस ने 10 मीटर एयर पिस्टल मिक्स्ड टीम स्पर्धा में रजत पदक जीता। समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, भारत के सरबजोत सिंह (Sarabjot Singh) और दिव्या टीएस (Divya TS) एशियाई खेलों (Asian Games 2023) की 10 मीटर एयर पिस्टल मिश्रित टीम स्पर्धा के फाइनल (Final) में पहुंच गए, जिससे भारत के खाते में एक और रजत पदक आ गया है।

मिली जानकारी के मुताबिक, सरबजोत सिंह ने 291 स्कोर किया, वहीं दूसरी ओर दिव्या का स्कोर 286 रहा। दोनों की खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल स्कोर 577 किया। सरबजोत और दिव्या क्वालीफिकेशन में चीन से एक अंक आगे रहे।

आज इन खिलाड़ियों से उम्मीद

एशियन गेम्स में आज वेटलिफ्टर मीराबाई चानू, मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन, रोहन बोपन्ना और ऋतुजा भोसले की मिश्रित युगल जोड़ी से भी पदक की उम्मीद है। स्क्वैश फाइनल में भारत और पाकिस्तान के बीच भिड़ंत होगी। भारत की पुरुष हॉकी टीम पूल ए मैच में पाकिस्तान से मुकाबले के लिए उतरेगी। इसके अलाावा भारत की पुरुष बैडमिंटन टीम अपना सेमीफाइनल मैच भी आज खेलेगी।

nmms-scholarship-2026-27

NMMSS Scholarship 2026-27: छात्रों को बड़ी राहत, छात्रवृत्ति आवेदन की अंतिम तारीख बढ़ी, अब...

0
नई दिल्ली। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के मेधावी विद्यार्थियों के लिए केंद्र सरकार ने बड़ी राहत दी है। शिक्षा मंत्रालय ने राष्ट्रीय साधन-सह-योग्यता...
akshara goswami

मध्यप्रदेश स्थापना दिवस पर 102 मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान, हर छात्र को मिली 1...

0
भोपाल। मध्यप्रदेश के 71वें स्थापना दिवस के अवसर पर प्रदेश की शैक्षणिक प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया। भोपाल के लाल परेड मैदान में आयोजित...
poshan-tracker-pmmvy-grievance-redressal-2026

POSHAN Tracker और PMMVY की शिकायतों का होगा निपटारा, 30 अक्टूबर को देशभर में...

0
नई दिल्ली | 30 अक्टूबर 2026 | सामाजिक कल्याण समाचार केंद्र सरकार ने गर्भवती महिलाओं, स्तनपान कराने वाली माताओं और पोषण सेवाओं के लाभार्थियों की...
anath-bachchon-ke-liye-sarkari-yojana-2026

अनाथ बच्चों के लिए सरकार की खास योजनाएँ, पढ़ाई से लेकर आर्थिक सहायता तक

0
नई दिल्ली | सरकारी योजना समाचार देश में ऐसे कई बच्चे हैं, जिन्होंने अपने माता-पिता को खो दिया है या जिनके पास देखभाल करने वाला...
Government welfare schemes have improved the living standards of 22 crore people

सरकारी कल्याण योजनाओं से 22 करोड़ लोगों के जीवन स्तर में सुधार, MoSPI के...

0
नई दिल्ली। भारत में सरकारी सामाजिक कल्याण योजनाओं के माध्यम से गरीब और जरूरतमंद परिवारों को मिलने वाली मुफ्त या रियायती वस्तुओं से उनके...