भाद्रपद अमावस्या आज, पूजन-तर्पण के दौरान इन बातों का रखें ध्यान

Bhadrapada Amavasya

 

हिन्दू पंचांग के अनुसार हर माह में एक बार अमावस्या तिथि पड़ती है। ये तिथि भगवान विष्णु को समर्पित होती है और इस दिन भगवान विष्णु की पूजा का विशेष फल मिलता है। अमावस्या का दिन पितरों की आत्मा की शांति के लिए श्राद्ध-तर्पण के लिए भी विशेष महत्व रखता है। अमावस्या तिथियों में भाद्रपद मास में पड़ने वाली अमावस्या का महत्व कई गुना ज्यादा माना जाता है। इस साल भाद्रपद मास की अमावस्या तिथि 14 सितंबर को पड़ रही है। मान्यता है कि इस अमावस्या तिथि पर पवित्र नदियों में स्नान-तर्पण करने से सभी पाप धुल जाते हैं और पितरों को शांति मिलती है।

हिंदू पंचांग के अनुसार, अमावस्या की तिथि 14 सितंबर की सुबह 4:48 से शुरू होकर अगले दिन 15 सितंबर की सुबह 7:09 पर समाप्त होगी। वैसे तो आप 14 और 15 सितंबर दोनों ही दिन आप अमावस्या का दान और तर्पण कर सकते हैं लेकिन स्नान-दान करने का शुभ मुहुर्त 14 सितंबर की सुबह 4:43 बजे से 5:19 बजे तक है।

– समस्या होगी दूर

इस दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें। अगर किसी पवित्र नदी में स्नान करना संभव ना हो, तो नहाने के पानी में गंगाजल मिलाकर स्नान कर लें।

स्नान करने के बाद सूर्य देव को अर्घ्य दें। इस दिन सूर्यदेव को अर्घ्य देने से विशेष फल की प्राप्ति होती है।
अगर आप पितरों से संबंधित श्राद्ध-तर्पण आदि करना चाहिए। इससे पितृ दोष दूर होता है और पूर्वजों का आशीर्वाद प्राप्त होता है।

इस दिन भगवान भगवान विष्णु की पूजा का विशेष महत्व होता है। साथ ही भगवान शंकर की पूजा-अर्चना से भी जीवन की बाधाएं दूर होती हैं।

स्नान के बाद दान देने से ग्रह बाधाएं दूर होती हैं। खास तौर पर अन्न दान या वस्त्र दान से पाप कटते हैं और जीवन में सुख-शांति आती है।

इन बातों का रखें ध्यान

-भाद्रपद अमावस्या के दिन सुबह पीपल के पेड़ में जल चढ़ाएं और शाम को पीपल की जड़ के पास सरसों के तेल का दीया जलाकर रखें।

-इस दिन श्राद्ध कर्म या पूजा कुश के आसन पर बैठकर करनी चाहिए। इससे आपकी पूजा शीघ्र स्वीकार होती है और पितरों का आशीर्वाद मिलता है।

-अमावस्या के दिन रात के अंधेरे में सुनसान रास्तों से दूर रहें और अकेले ना निकलें। इस दिन नकारात्मक शक्तियां ज्यादा सक्रिय रहती हैं और आप पर हावी हो सकती हैं।

-इस दिन शाम की पूजा या तंत्र-मंत्र से जुड़े कार्य ना करें। विधि-विधान में मामूली गलती भी नुकसानदेह हो सकती है।

कोलार में मीना समाज ने आरक्षण सीमा विस्तार करने हेतु ज्ञापन सौंपा

 

भोपाल, मीना समाज के महानगर जिला अध्यक्ष ताराचंद मारण के साथ पहुँचे मीना, मीणा, मारण समाज के लोगों ने अनुविभागीय अधिकारी एसडीएम कोलार को मीना समाज के एसटी आरक्षण की सीमा विस्तार करने हेतु गृहमंत्री अमित शाह के नाम से ज्ञापन सौंपा

कलियासोत नदी ( Kaliyasot River) के 33 मीटर दायरे में आने वाले मकानों पर टूटने का खतरा

encroachment will be removed from bhopal kaliasot river by december ngt big decision

– प्रदेश कांग्रेस मीडिया विभाग के उपाध्यक्ष अवनीश बुंदेला, प्रवक्ता अमिताभ अग्निहोत्री और भोपाल जिला कांग्रेस के कार्यवाहक अध्यक्ष राहुल सिंह राठौर की संयुक्त पत्रकार वार्ता

भोपाल, अधिवक्ता अमिताभ अग्निहोत्री ने जानकारी देते हुए बताया भोपाल के नागरिक सुभाष सी. पाण्डे की एक याचिका पर दिनांक 20.08.2014 को एनजीटी ने आदेश किया है कि कलियासोत नदी के 33 मीटर दायरे क्शेत्र को नो-कंस्ट्रक्शन जोन बनाया जावे। इससे कलियासोत नदी के पास बने मकानों के रहवासियों में मकान टूटने की आशंका पैदा हो गयी है, जिस पर नागरिकों का एक प्रतिनिधि मण्डल ने जनवरी, 2015 में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से भेंट की। इस प्रतिनिधि मण्डल को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आश्वस्त किया कि “वे घबराएं नहीं। किसी का घर टूटने नहीं दिया जावेगा और न ही किसी निर्दोश के साथ अन्याय होगा। इसके लिए विधि सम्मत रास्ता निकाला जावेगा।“ इस आश्वासन के कुछ दिनों बाद 26 जनवरी, 2015 को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कोलार रोड में एक रोड शो में जनसमूह के बीच घोशणा की कि ”मेरे सी.एम. रहते कोई माई का लाल आपको नहीं हटायेगा।“ परन्तु 8 वर्श बीत जाने के बाद भी माननीय मुख्यमंत्री ने इन नागरिकों के मकान बचाने कोई विधि सम्मत रास्ता निकालने कोई गम्भीर प्रयास नहीं किये। बल्कि भाजपा शासन ने जनता को भ्रम में रखा एवं दोहरी नीति अपनायी। जनता के बीच कहा कि ”आपके मकान टूटने नहीं दिये जावेंगे।“ परन्तु एनजीटी कोर्ट में कलियासोत नदी के 33 मीटर दायरे के निर्माणों को हटाने का शपथ-पत्र पेश किया एवं शासन के अधिकारियों ने एनजीटी कोर्ट में सरकार एवं जनता का पक्श रखने में गंभीरता नहीं दिखायी। जिसके कारण शासन के दो अधिकारियों नीरज आनंद निखार, मुख्य नगर निवेशक, नगर पालिक निगम, भोपाल एवं मध्यप्रदेश प्रदूशण निवारण बोर्ड के रीजनल ऑफिसर ब्रजेश शर्मा को उदासीनता बरतने के नोटिस जारी किये गये।

हमारा आरोप है कि अगर माननीय मुख्यमंत्री एवं भाजपा शासन के नेता इस जनसमस्या के प्रति अगर जागरूक एवं सतर्क रहते तो सरकारी अधिकारी शासन एवं जनता का पक्श रखने में उदासीनता नहीं बरतते।
वर्तमान परिस्थितियों में प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान एवं भाजपा शासन कलियासोत नदी किनारे बने मकानों के नागरिकों को वर्तमान परिस्थितियों में क्या आश्वासन देती है, यह मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को स्पश्ट करना चाहिए।

सम्पूर्ण मामला इस प्रकार है कि:-

भोपाल के नागरिक सुभाष सी पाण्डे ने एनजीटी में एक याचिका एप्लीकेशन 135 of 2014 (CZ) दायर की, जिसमें कहा गया कि मास्टर प्लाट 2005 में उल्लेखित कलियासोत के 33 मीटर तक कोई निर्माण नहीं होगा। इस याचिका में एनजीटी के आदेश दिनांक 20.08.2014 एवं 19.07.2021 को शासन ने गंभीरता से नहीं लिया, जिस पर एनजीटी कोर्ट ने सरकार को मास्टर प्लान 2005 में उल्लेखित कलियासोत नदी के 33 मीटर दायरे में हुए निर्माण पर कार्यवाही करने के लिए शपथ-पत्र प्रस्तुत करने का प्रस्तुत करने का आदेश दिया। इस पर मध्यप्रदेश शासन के अर्बन डेव्हल्पमेंट एवं हाउसिंग विभाग के प्रमुख सचिव नीरज मण्डलोई ने कलियासोत के 33 मीटर नो-कंस्ट्रक्शन जोन का पालन करने का शपथ-पत्र दिया।
जिस पर एनजीटी कोर्ट ने दिनांक 11.08.2023 को आदेश पारित किया कि ”कलियासोत नदी के 33 मीटर नो-कंस्ट्रक्शन जोन का पालन करने के लिए शासन दिसम्बर अंत तक अपनी कार्यवाही पूर्ण कर दिनांक 15.01.2024 को पालन प्रतिवेदन प्रस्तुत करे।“ माननीय एनजीटी कोर्ट के इस आदेश के पारित होने के 2-3 दिन के बाद सरकारी वकील सचिन वर्मा ने अपना इस्तीफा दे दिया एवं मध्यप्रदेश शासन के उपसचिव वी.एस. चौधरी कोलसानी ने दिनांक 04.09.2023 को नीरज आनंद निखार, मुख्य नगर निवेशक, नगर पालिक निगम, भोपाल को सरकारी पक्श में उदासीनता के कारण नोटिस जारी किया। इस प्रकार का एक कारण बताओ नोटिस मध्यप्रदेश प्रदूशण निवारण बोर्ड के रीजनल ऑफिसर ब्रजेश शर्मा को जारी किया।
हमारा आरोप:-
(1) मध्यप्रदेश शासन के उदासीन रवैये के कारण कलियासोत डेम से लेकर भोजपुर तक 36 किलोमीटर क्षेत्र के हजारों मकानों पर टूटने का खतरा बना हुआ है, जिससे बहुत से नागरिक बेघकर हो जावेंगे।
(2) जिन नागरिकों के पास शासकीय विभाग से नगर पालिक, नगर निगम, ग्राम पंचायत से मकान बनाने की विधिवत् अनुमति है, यह नागरिक सम्पत्तिकर जमा करते हैं, इन नागरिकों को कैसे अतिक्रमणकारी माना जावेगा। इस बावत् शासन ने विधि अनुसार क्या नीति बनायी है?
(3) जिन नागरिकों को सभी शासकीय अनुमतियों के बाद मिली अनुमतियों के आधार पर बैंक लोन प्राप्त हुए। इन मकानों के टूटने पर बैंक लोन चुकाने की जवाबदारी किसकी होगी? इस बावत् शासन ने क्या नीति बनायी है?
(4) मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने जनवरी, 2015 में कलियासोत मामले में नागरिकों को आश्वस्त किया था कि ”किसी नागरिक का घर टूटने नहीं दिया जावेगा एवं न ही किसी निर्दोश के साथ अन्याय होगा। इसके लिए विधि सम्मत् कोई रास्ता निकाल जावेगा।“ माननीय मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अपने इस आश्वासन का पालन करने के लिए नागरिकों के घर नहीं टूटने के लिए इन 8 वर्शों में क्या विधि सम्मत रास्ता बनाया, इसको माननीय मुख्यमंत्री स्पश्ट करें।
(5) इस प्रशासनिक अक्शमता के कारण मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान से इस्तीफे की मांग की गई है।

Bhopal Science Festival update: भोपाल विज्ञान मेला 15 से 18 सितम्बर तक

Atomic Energy, ISRO, DRDO Brahmos, NTPC, CSIR, ICMR, ICAR, AMPR, Council of Science and Technology

 

Bhopal News: विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, सुक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री श्री ओमप्रकाश सखलेचा ने शनिवार को बताया कि चंद्रयान 3 की सफलता के जश्न के साथ म.प्र. विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद और विज्ञान भारती के संयुक्त तत्वावधान में 10वां भोपाल विज्ञान मेला बीएचईएल दशहरा मैदान, में 15 से 18 सितम्बर तक होगा।

मंत्री श्री सखलेचा ने बताया कि भोपाल विज्ञान मेला, मध्यप्रदेश के साथ ही पूरे देश में अपनी विशिष्ट पहचान बना चुका है जिसमें ग्रास रूट के साथ ही प्रदेश एवं राष्ट्रीय स्तर तक विज्ञान एवं तकनीकी की प्रगति और नवाचारों से लोगों को अवगत कराया जाता है। मेले में हजारों छात्र, शोधार्थी, शिक्षक, कारीगर, किसान, उद्यमी, वैज्ञानिक, अधिकारी एवं सामान्यजन सहभागिता करते है। केन्द्र एवं प्रदेश सरकार के विभिन्न विभागों, शोध संस्थानों, उद्योगों एवं शैक्षणिक संस्थानों द्वारा इसमें भाग लिया जाता है। मेले में विज्ञान आधारित विभिन्न गतिविधियाँ होती हैं। इस वर्ष का भोपाल विज्ञान मेला “साइंस, टेक्नालॉजी एवं इनोवेशन अमृतकाल” थीम पर है।

ग्रास रूट इनोवेटर्स, उन्नत तकनीकों एवं नवाचारों का होगा प्रदर्शन

इस वर्ष भी भोपाल विज्ञान मेले में नवीनतम तकनीकों, छात्र – वैज्ञानिक संवाद, मॉडल कान्टेस्ट के साथ ही ग्रास रूट एवं इनोवेटिव कारीगर पेवेलियन वेस्ट मैनेजमेंट पेवेलियन, हैंडीक्राफट पेवेलियन, स्टार्टअप पेवेलियन इत्यादि के माध्यम से विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में नवीनतम प्रगति से अवगत कराया जायेगा।

कार्यक्रम में मुख्य आकर्षण परमाणु ऊर्जा, इसरो, डीआरडीओ ब्रम्होस, एनटीपीसी, सीएसआईआर, आईसीएमआर, आईसीएआर, एम्प्री, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद् एवं उद्योगों द्वारा प्रदर्शित की जाने वाली नवीनतम तकनीक एवं उत्पाद रहेंगे। ग्राम रूट इनोवेशन एवं नवाचार को बढ़ावा देने के लिए स्टूडेन्ट मॉडल कान्टेस्ट में अनगिनत बड़ी संस्थाओं के छात्रों द्वारा अपने इनोवेशन आईडियास एवं माडल्स को प्रदर्शित किया जायेगा। यहां नव उद्यमियों एवं स्टार्टअप द्वारा विभिन्न प्रकार के तकनीकी समाधान भी प्रस्तुत किये जायेगें। मेले में प्रतिवर्ष अनुसार देश के शीर्ष वैज्ञानिकों एवं विभिन्न क्षेत्र की विख्यात हस्तियों का छात्रों से संवाद एवं मार्गदर्शन भी दिया जायेगा तथा प्रतिदिन सांस्कृतिक कार्यक्रम भी होंगे ।

शीर्ष वैज्ञानिक होंगे सम्मानित

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री श्री सखलेचा ने कहा है कि चंद्रयान-3 की अभूतपूर्व उपलब्धि का उत्सव मनाने के लिए भोपाल विज्ञान मेले में इस मिशन से जुड़े डायरेक्टर सहित देश की तीन हस्तियों को सम्मानित किया जाएगा। 10वां भोपाल विज्ञान मेला 15 से 18 सितंबर 2023 तक भेल दशहरा मैदान में आयोजित होगा।

मंत्री श्री सखलेचा ने शनिवार को मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि भारत को पूरे विश्व में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में मजबूती से स्थापित करने एवं देश को गौरव की अनुभूति कराने वाले देश के शीर्ष वैज्ञानिक चन्द्रयान- 3 के मिशन डायरेक्टर डॉ. पी. वीरामुथुवेल, इसरो बैंगलूरू, वन्दे भारत के चीफ आर्किटेक्ट श्री सुधांशु मनी के साथ ही एम्स दिल्ली की डॉ. रमा जयासुंदर को भी विज्ञान प्रतिभा सम्मान से सम्मानित किया जायेगा।

उल्लेखनीय है कि विज्ञान प्रतिभा सम्मान पूर्व में भी डॉ. सुधीर कुमार मिश्रा, आउट स्टेडिंग सांईटिस्ट एण्ड चीफ कन्ट्रोलर ब्रम्होस, डॉ. पी. कुन्हीकृष्णन, डायरेक्टर, सतीश धवन स्पेस सेंटर, इसरों, प्रो. एम. जगदेश कुमार, पूर्व कुलपति, जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय, दिल्ली, श्री यू. राजा बाबू, प्रोग्राम डायरेक्टर, डीआरडीओ, हैदराबाद को दिया जा चुका है।मंत्री श्री सखलेचा ने बताया कि 17 और 18 सितम्बर को चन्द्रयान-3 महोत्सव का आयोजन भी किया जायेगा।

अनूठा है भोपाल विज्ञान मेला

भोपाल शहर के नाम पर यह विज्ञान मेला 10 वर्ष से आयोजित किया जा रहा है, जिसकी एक विशिष्ट पहचान भोपाल के साथ ही प्रदेश, देश एवं अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर बन चुकी हैं। संभवतः शहर के नाम पर वृहद रूप में आयोजित होने वाला यह विज्ञान मेला इकलौता है, जिसमें छात्र शोधार्थी, शिक्षक, कारीगर, किसान, उद्यमी वैज्ञानिक अधिकारी एवं सामान्यजन सहभागी होने के उत्सुक रहते हैं।

भोपाल विज्ञान मेले का शुभारंभ, समापन, प्रदेश एवं देश के शीर्ष वैज्ञानिक संस्थाओं के प्रमुखों की उपस्थिति में होगा, जिसमें वैज्ञानिकों के साथ ही छात्र-प्रतिभाओं का सम्मान भी किया जायेगा ।

बीना रिफाइनरी पेट्रो केमिकल प्रोजेक्ट मध्य प्रदेश में एक स्थान पर आया हुआ सबसे बड़ा निवेश – मुख्यमंत्री शिवराज सिंह

Bina Refinery Petrochemical

 

बीना की धरा पर 14 सितंबर को रचेगा नया इतिहास

भोपाल,13 सितम्बर | मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कहा है कि 14 सितंबर बीना की पावन धरा पर एक नया इतिहास रचेगा। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह आज सागर जिले के बीना रिफाइनरी परिसर में 14 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किए जाने वाले पेट्रोकेमिकल प्रोजेक्ट के शिलान्यास की तैयारियों का अवलोकन कर रहे थे। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि पेट्रो केमिकल प्रोजेक्ट मध्य प्रदेश में अब तक का एक स्थान पर आया हुआ सबसे बड़ा निवेश है। रूपये 50 हजार करोड़ के इस निवेश के साथ ही एक लाख करोड़ रूपये के निवेश प्रदेश के अलग-अलग स्थान पर होंगे, जिससे 2 लाख लोगों को रोजगार मिलेगा। इस प्रोजेक्ट से प्रत्यक्ष- अप्रत्यक्ष रूप से 2.15 लाख और शेष 2 लाख को मिलाकर 4 लाख 15 हजार से ज्यादा रोजगार के अवसर सृजित होंगे।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे, जिससे उनकी जिंदगी आशाओं और उमंग से भर जाएगी। उन्होंने जनता से अपील की कि 50 हजार करोड़ के पेट्रोकेमिकल प्रोजेक्ट के निवेश को उत्सव के रूप में मनाना चाहिए।मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने यह भी कहा इस प्रोजेक्ट के निर्मित होने से बीना रिफाइनरी सहित अन्य क्षेत्रों में उद्योग धंधे स्थापित होंगे, जिससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने बताया कि प्रोजेक्ट के लिए पूर्व में इसे ठंडे बस्ते में डाल दिया गया था, जिसे राज्य सरकार ने आगे बढ़ाकर निवेश का रास्ता खोला है। इतने वृहद स्तर पर रोजगार के ऐसे अवसर कम ही आते हैं। इस प्रोजेक्ट के शुरू होने के बाद बीना सहित सागर, सिरोंज, कुरवाई, बासौदा सहित समीप के इलाकों में औद्योगिक हब बनेंगे। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि बीना में औद्योगिक क्षेत्र का विस्तार होने से होटल व्यवसाय बढ़ेगा। साथ ही अन्य व्यवसायिक गतिविधियों में भी तेजी आएगी।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने बताया कि मध्यप्रदेश सरकार ने पेट्रोकेमिकल प्रोजेक्ट के लिए अनेक सुविधाएँ भी उपलब्ध कराई हैं। मध्यप्रदेश में निवेश बढ़ने के साथ रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। इससे राज्य में सभी क्षेत्रों में प्रगति होगी। नगरीय विकास मंत्री भूपेंद्र सिंह, सहकारिता, लोक प्रबंधन मंत्री और सागर जिले के प्रभारी मंत्री डॉ. अरविंद सिंह भदौरिया, सांसद राजबहादुर सिंह, विधायक महेश राय, गौरव सिरोठिया सहित अनेक जन-प्रतिनिधियों के साथ वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।

अद्वैत वेदांत के वैश्विक केंद्र के रूप में विकसित होगा ओंकारेश्‍वर

global center of Advaita Vedanta

 

18 सितंबर को होगा आदिगुरु शंकराचार्य की प्रतिमा का अनावरण

भारत शासन द्वारा तीर्थनगरी ओंकारेश्वर को अद्वैत वेदांत के वैश्विक केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। इस भव्य और दिव्य एकात्म धाम अंतर्गत आदिगुरु शंकराचार्य की 108 फीट ऊंची एकात्मता की प्रतिमा और अद्वैत लोक में संग्रहालय तथा आचार्य शंकर अंतरराष्ट्रीय अद्वैत वेदांत संस्थान की स्थापना की जा रही है।

108 फीट ऊंची बहुधातु की प्रतिमा

इस प्रकल्प के प्रथम ऐतिहासिक चरण में 18 सितंबर को एकात्मता की प्रतिमा का अनावरण होगा। 108 फीट ऊंची बहुधातु की प्रतिमा आदिगुरु शंकराचार्य के बाल स्वरूप में है। इसके साथ ही दूसरे चरण में अद्वैत लोक का भूमिपूजन भी होना है। हालांकि करीब 800 करोड़ की लागत के इस कार्य के भूमिपूजन को लेकर संस्कृति और पर्यटन विभाग की ओर से कोई कार्यक्रम अब तक जारी नहीं किया है।

बालक शंकर ने ओंकारेश्वर में चार वर्ष किया था विद्या अध्ययन

ओंकारेश्वर आचार्य शंकर की ज्ञान और गुरु भूमि है। यहीं उनको अपने गुरु गोविंद भगवात्पाद मिले और यहीं चार वर्ष रहकर उन्होंने विद्या अध्ययन किया। 12 वर्ष की आयु में ओंकारेश्वर से ही अखंड भारत में वेदांत के लोकव्यापीकरण के लिए प्रस्थान किया। इसलिए ओंकारेश्वर के मांधाता (ओंकार) पर्वत पर 12 वर्ष के आचार्य शंकर की प्रतिमा की स्थापना की जा रही है।

सोलापुर के मूर्तिकार ने बनाई

इसका निर्माण एलएनटी कंपनी द्वारा किया जा रहा है। यह सोलापुर (महाराष्ट्र) के प्रसिद्ध मूर्तिकार भगवान रामपुरा द्वारा उकेरी गई है। प्रतिमा बाल शंकर का चित्र मुंबई के विख्यात चित्रकार वासुदेव कामत द्वारा वर्ष 2018 में बनाया गया था। वर्ष 2017-18 में संपूर्ण प्रदेश में एकात्म यात्रा निकाली गई थी। इसके माध्यम से 27 हजार ग्राम पंचायतों से प्रतिमा निर्माण के लिए धातु संग्रहण तथा जनजागरण का अभियान चलाया गया था।

ओंकार पर्वत पर लहराएगा अद्वैत वन

ओंकार सहित आसपास की घाटियों पर संपूर्ण निर्माण पारंपरिक भारतीय मंदिर स्थापत्य शैली में किया जा रहा है। यह प्रकल्प पर्यावरण अनुकूल होगा। अद्वैत लोक के साथ ही 36 हेक्टेयर में अद्वैत वन भी विकसित किया जा रहा है।

सिद्धवरकूट में संत समागम की तैयारी

ओंकारेश्वर के निकट जैन तीर्थस्थली सिद्धवरकूट में संत समागम का आयोजन 18 सितंबर को होगा। इसमें देशभर से संत, संन्यासी, आचार्य, महामंडलेश्वर और शंकराचार्य शामिल होंगे। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह द्वारा संतों का सम्मान किया जाएगा। सिद्धवरकूट में इसके लिए भव्य पंडाल लगाया जा रहा है। इस आयोजन में दो हजार से अधिक संत-संन्यासियों को आमंत्रित किया गया है।

एडब्लूएस का इसरो और इन-स्पेस के साथ गठबंधन

AWS ties up with ISRO and In-Space

 

दिल्ली, 13 सितंबर| अमेज़न वेब सर्विसेज (एडब्लूएस) इंडिया प्राइवेट लिमिटेड ने क्लाउड कंप्यूटिंग द्वारा स्पेस-टेक इनोवेशंस में मदद करने के लिए भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) और भारतीय राष्ट्रीय अंतरिक्ष संवर्धन एवं प्राधिकरण केंद्र (इन-स्पेस) के साथ एक रणनीतिक समझौता किया है। कंपनी ने आज यहां जारी बयान में कहा कि इस गठबंधन द्वारा स्पेस स्टार्टअप, शोध संस्थानों एवं विद्यार्थियों को अत्याधुनिक क्लाउड टेक्नोलॉजी उपलब्ध हो सकेगी, जो अंतरिक्ष क्षेत्र में नए समाधानों के विकास में तेज़ी लाएगी।

इस गठबंधन का उद्देश्य क्लाउड टेक्नोलॉजी और अंतरिक्ष क्षेत्र के ज्ञान वाली प्रतिभा का विकास करना, स्टार्टअप को स्पेस-टेक समाधानों का विकास करने में समर्थ बनाना और आरएंडडी में मज़बूती लाना है। वर्तमान समस्याओं को हल करने वाले समाधानों का विकास किया जाना भी है।

कलाई के जादूगर कुलदीप यादव ने रचा इतिहास

Wrist magician Kuldeep Yadav

 

एक झटके में कुंबले, अगरकर और जहीर को किया पीछे

भारतीय टीम ने श्रीलंका के विजयी रथ को रोक दिया है। भारतीय गेंदबाजों ने श्रीलंका के 13 मैच के जीत के सिलसिले को तोड़कर जीत हासिल की। मंगलवार को हुए मुकाबले में टीम इंडिया ने श्रीलंका को 41 रन से हरा दिया और टूर्नामेंट के फाइनल में जगह बना ली। चाइनामैन स्पिनर कुलदीप यादव ने इस मुकाबले में शानदार प्रदर्शन किया और एक रिकॉर्ड अपने नाम किया। उन्होंने अनिल कुंबले, जहीर खान और अजित अगरकर को पीछे छोड़ दिया।

श्रीलंका के खिलाफ 4 विकेट लिए

कुलदीप यादव ने श्रीलंका के खिलाफ 43 रन देकर 4 विकेट लिए। वह टीम इंडिया के लिए मैच में सबसे अधिक विकेट लेने वाले बॉलर बने। कुलदीप ने पाकिस्तान के खिलाफ 5 विकेट झटके थे। अब वह एकदिवसीय इंटरनेशनल क्रिकेट में सबसे कम मैचों में 150 विकेट लेने वाले दूसरे भारतीय गेंदबाज बन गए हैं।

कुलदीप यादव ने 150 विकेट पूरे

चाइनामैन स्पिनर ने 88 वनडे मैं 150 विकेट लिए। उनस ऊपर तेज गेंदबा मोहम्मद शमी है। उन्होंने 80 वनडे में 150 विकेट लिए हैं। कुलदीप यादव ने अगरकर, जहीर और कुंबले को पीछे छोड़ दिया है। अजित अगरकर ने 97, जहीर खान ने 103 और अनिल कुंबले ने 106 वनडे मैचों में 150 विकेट लिए थे।

स्पिनर्स की लिस्ट में चौथे स्थान पर

इसी के साथ कुलदीप 150 विकेट सबसे कम मैचों में पूरे करने वाले चौथे स्पिनर बन गए हैं। पाकिस्तान के सकलैन मुश्ताक ने 78 मैच, अफगानिस्तान के राशिद खान ने 80 मैच और श्रीलंका के गेंदबाज अजंता मेंडिस ने 84 मैचों में 150 वनडे विकेट पूरे किए थे।

रोहित शर्मा ने सबसे तेज 8 हजार रन पूरे किए

रोहित शर्मा ने श्रीलंका के खिलाफ मुकाबले में ओपनिंग बैट्समैन के तौर पर वनडे में सबसे तेज 8 हजार रन पूरे कर लिए हैं। उन्होंने 160 पारियों में यह रिकॉर्ड बनाया है। दूसरे नंबर पर साउथ अफ्रीका के बल्लेबाज हाशिम अमला हैं। उन्होंने 173 पारियों में ये आंकड़ा हासिल किया था।

दुबलेपन की समस्या से आप भी हैं परेशान, तो डाइट में शामिल करें ये खाद्य पदार्थ

problem of thinness

 

हमारे आस-पास कई ऐसे लोग हैं, जो अपने बढ़े हुए वजन से परेशान हैं. लेकिन इसके उलट कई ऐसे लोग है जो अपने शरीर की कमजोरी की वजह से शर्मिंदा रहते हैं और वजन बढ़ाने के उपाय ढूंढते हैं. जरूरत से ज्यादा पतला होना अस्वस्थ शरीर के भी संकेत है. पतले लोगों की इम्यूनिटी काफी कमजोर होती है जिसकी वजह से वो जल्दी रोगग्रस्त हो जाते हैं. ऐसे में लोग हेल्दी वेट गेन करने के लिए तरह-तरह के डाइट प्लान फॉलो करते हैं. वजन बढ़ाने के लिए आपको अच्छी डाइट लेने की जरूरत होती है. आज हम आपके लिए कुछ ऐसे आहार की जानकारी लेकर आए हैं जो वजन बढ़ाने में आपकी मदद करेंगे. आइए जानते हैं इनके बारे में.

दूध

अगर आप वजन बढ़ाना चाहते हैं, तो रात को अपनी डाइट में दूध जरूर शामिल करें. रात में दूध पीने से हमारा शरीर इसके पोषक तत्वों को अवशोषित कर लेता है. आप रात में दूध और शहद, दूध और अंजीर, दूध और खजूर, दूध और मखाना खा सकते हैं. इससे आपको पर्याप्त प्रोटीन, विटामिन्स और मिनरल्स मिलते हैं. दूध पीने से वजन बढ़ाने में मदद मिलती है.

दलिया

वजन बढ़ाने के लिए दलिया का सेवन करना एक अच्छा विकल्प साबित हो सकता है. ऐसे में आप दलिये का सेवन रात को सोने से पहले कर सकते हैं. दलिए को नाश्ते के वक्त खाना भी सेहत के लिए अच्छा हो सकता है. यह पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है साथ ही वजन को बढ़ाने में भी उपयोगी है। इससे हेल्दी वेट गेन हो सकता है.

किशमिश

वजन बढ़ाने के लिए आप अपनी नाइट डाइट में किशमिश शामिल कर सकते हैं. इसके लिए आप 10 ग्राम किशमिश लें. इसे दूध में भिगोकर रख दें. इस दूध को रात में सोने से पहले उबालकर पी लें. इससे आपको अच्छी मात्रा में कैलोरी, प्रोटीन और हेल्दी फैट मिलता है. इससे आपको वजन बढ़ाने में मदद मिल सकती है.

खजूर

रात में सोने से पहले इसका सेवन करना सबसे अच्छा माना जाता है. इसके लिए सुबह उठने के समय भी छुहारा और दूध का सेवन भी किया जा सकता है. दो या तीन खजूर को दूध में धीमी आंच पर चार से पांच मिनट तक उबालें. सोने से पहले इन खजूरों और गुनगुने दूध का सेवन करें.

बींस

बीन्स पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं. अगर आप वजन बढ़ाना चाहते हैं, तो अपनी डाइट में बीन्स शामिल कर सकते हैं. बीन्स में बहुत सारे विटामिन्स और मिनरल्स होते हैं, तो इसलिए यह वजन बढ़ाने में मदद करते हैं. रात को बीन्स खाने से हेल्दी वेट गेन करने में मदद मिलती है.

टोफू

टोफू वजन बढ़ाने में मदद कर सकता है. अगर आप अपना वजन बढ़ाना चाहते हैं, तो अपनी डाइट में टोफू शामिल कर सकते हैं. रात को रोजाना टोफू खाने से आपका वजन बढ़ सकता है. इसलिए अगर आपका शरीर कमजोर है, तो टोफू को अपनी डाइट का हिस्सा बना लें. इसमें कैलोरी, हेल्दी फैट होता है इसलिए यह वजन बढ़ाने में मदद कर सकता है.

घी

पुराने जमाने में लोग घी खाकर अपने शरीर को मजबूत और स्वस्थ बनाते थे. अगर आप वजन बढ़ाना चाहते हैं तो यह सबसे पुराना तरीका है अपना सकते हैं. आप खाने में घी और चीनी खा सकते हैं. इसमें कैलोरी और फैट काफी मात्रा में पाया जाता है, जिससे वजन बढ़ाने में मदद मिलती है.

केला

रोजाना केला खाने से वजन बढ़ाने में मदद मिलती है. मोटा होने के लिए आपको पूरे दिन में करीब 3-4 केले जरूर खाने चाहिए. आप नाश्ते में बनाना शेक पी सकते हैं. वजन बढ़ाने के लिए दूध या 1 दही के साथ केला का सेवन करें. इससे तेजी से वजन बढ़ता है. केला पौष्टिक तत्वों से भरपूर है, जो आपको दिन भर एनर्जेटिक रखता है.

संसद के विशेष सत्र से पहले सरकार ने 17 सितंबर को बुलाई सर्वदलीय बैठक

special session of Parliament

 

दिल्ली। केंद्र सरकार ने संसद के विशेष सत्र से पहले सर्वदलीय बैठक बुलाई है। संसदीय कार्य मंत्री प्रल्हाद जोशी ने बताया कि 17 सितंबर को सर्वदलीय बैठक होगी। संसद का विशेष सत्र इसके एक दिन बाद 18 सितंबर से शुरू होने वाला है। इसमें पहले दिन की कार्यवाही पुराने भवन में ही होगी, इसके बाद 19 सितंबर गणेश चतुर्थी के दिन से नए संसद भवन में लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही शुरू हो जाएगी।

17 सितंबर को 4:30 बजे होगी बैठक

संसदीय कार्य मंत्री प्रल्हाद जोशी ने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर जानकारी देते हुए बताया कि 17 सितंबर को 4.30 बजे सभी दलों के नेताओं की बैठक बुलाई गई है। इस बैठक की जानकारी सभी दलों के नेताओं को ई-मेल के जरिए भेज दे दी गई है।

18 से 22 सितंबर तक चलेगा विशेष सत्र

केंद्र सरकार द्वारा बुलाए गए संसद के विशेष सत्र की शुरुआत 18 सितंबर से होगी और यह 22 सितंबर तक चलेगा। इस दौरान यहां 5 बैठकें होने की जानकारी सामने आई है। इस विशेष सत्र में प्रश्नकाल और शून्य काल भी नहीं होंगे और ना ही इस दौरान कोई निजी बिल पेश होगा। नए संसद भवन में 19 सितंबर से कार्यवाही शुरू होगी। इसका उद्घाटन 28 मई को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने किया था। इसमें लोकसभा में 888 व राज्यसभा में 348 सांसदों के बैठने की व्यवस्था है।

nmms-scholarship-2026-27

NMMSS Scholarship 2026-27: छात्रों को बड़ी राहत, छात्रवृत्ति आवेदन की अंतिम तारीख बढ़ी, अब...

0
नई दिल्ली। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के मेधावी विद्यार्थियों के लिए केंद्र सरकार ने बड़ी राहत दी है। शिक्षा मंत्रालय ने राष्ट्रीय साधन-सह-योग्यता...
akshara goswami

मध्यप्रदेश स्थापना दिवस पर 102 मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान, हर छात्र को मिली 1...

0
भोपाल। मध्यप्रदेश के 71वें स्थापना दिवस के अवसर पर प्रदेश की शैक्षणिक प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया। भोपाल के लाल परेड मैदान में आयोजित...
poshan-tracker-pmmvy-grievance-redressal-2026

POSHAN Tracker और PMMVY की शिकायतों का होगा निपटारा, 30 अक्टूबर को देशभर में...

0
नई दिल्ली | 30 अक्टूबर 2026 | सामाजिक कल्याण समाचार केंद्र सरकार ने गर्भवती महिलाओं, स्तनपान कराने वाली माताओं और पोषण सेवाओं के लाभार्थियों की...
anath-bachchon-ke-liye-sarkari-yojana-2026

अनाथ बच्चों के लिए सरकार की खास योजनाएँ, पढ़ाई से लेकर आर्थिक सहायता तक

0
नई दिल्ली | सरकारी योजना समाचार देश में ऐसे कई बच्चे हैं, जिन्होंने अपने माता-पिता को खो दिया है या जिनके पास देखभाल करने वाला...
Government welfare schemes have improved the living standards of 22 crore people

सरकारी कल्याण योजनाओं से 22 करोड़ लोगों के जीवन स्तर में सुधार, MoSPI के...

0
नई दिल्ली। भारत में सरकारी सामाजिक कल्याण योजनाओं के माध्यम से गरीब और जरूरतमंद परिवारों को मिलने वाली मुफ्त या रियायती वस्तुओं से उनके...