सूर्य की यात्रा पर रवाना हुआ आदित्य- एल 1

ISRO Aditya L1 Suryayan Mission Launch Live Updates

बेंगलुरु। भारत का पहला सौर अंतरिक्ष यान, आदित्य-एल1 (Aditya L1 Solar Mission) सूर्य की यात्रा पर रवाना हो गया है। निर्धारित समय सुबह 11.50 बजे आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्पेसपोर्ट से इसे लॉन्च किया गया। Aditya L1 125 दिन में 15 लाख किमी का सफर तय करेगा। चंद्रयान-3 की सफलता के बाद भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान केंद्र (ISRO) का यह बड़ा मिशन है।

आदित्य एल1 को सुबह 11 बजकर 50 मिनट पर रवाना किया गया। उपग्रह के जनवरी के मध्य में कक्षा में स्थापित किए जाने की उम्मीद है। इसके बाद पता लगाया जाएगा कि सभी सिस्टम ठीक से काम कर रहे हैं और फरवरी के अंत तक नियमित डेटा मिलने की उम्मीद है।

इससे पहले इसरो प्रमुख एस सोमनाथ ने कहा, “आदित्य-एल1 प्रक्षेपण की उल्टी गिनती शुरू हो गई है। हमारी तैयारी पूरी है। रॉकेट और उपग्रह तैयार हैं। हमने प्रक्षेपण के लिए रिहर्सल पूरी कर ली है।”

Live News: भोपाल में आयोजित अतिथि शिक्षक पंचायत

atithi shikshak panchayat

राजधानी भोपाल में आज यानी 2 सितंबर को अतिथि शिक्षकों का जमावड़ा लगेगा। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के निर्देशानुसार अतिथि शिक्षकों की आज राजधानी में महापंचायत आयोजित होगी। सीएम शिवराज शिक्षकों की पंचायत को संबोधित करेंगे।

 

# lal parade ground bhopal live

‘जवान’ के ट्रेलर ने यूट्यूब पर मचाई धूम, 24 घंटे में मिले रिकॉर्ड तोड़

javan movie

 

नई दिल्ली। बॉलीवुड फिल्म ‘जवान’ अपने शानदार ट्रेलर को लेकर हर तरफ लगातार सुर्खियां बटोर रही है। शाहरुख खान स्टारर मूवी जवान के ट्रेलर में भरपूर एक्शन देखने को मिलेगा। गुरुवार को मेकर्स ने जवान का ट्रेलर रिलीज किया। रिलीज होते ही ‘जवान’ (Jawan) का ट्रेलर यूट्यूब पर धूम मचा रहा है। ट्रेलर ने 24 घंटे में यूट्यूब पर कई मिलियन व्यूज हासिल कर लिए हैं।

31 अगस्त को यूट्यूब पर अलग-अलग भाषाओं में फिल्म के ट्रेलर को रिलीज किया गया है। रिलीज होते ही शाहरुख खान की ‘जवान’ के इस ट्रेलर (Jawan Trailer) ने धूम मचा दी है। दर्शकों की ओर से जवान के ट्रेलर को जबरदस्त रिस्पॉन्स मिल रहा है जिसके चलते 24 घंटे बाद खबर लिखे जाने तक ‘जवान’ के ट्रेलर ने सभी भाषाओं में 39 मिलियन से ज्यादा व्यूज हासिल कर लिए हैं,

जवान ने अब तक हिंदी में 30.1, तमिल में 5.1 और तेलुगू भाषा में 3.8 मिलियन व्यूज शामिल हैं। इसके अलावा शाह रुख खान के प्रोडक्शन हाउस रेड चिलीस ने ट्विटर पर ये जानकारी दी है कि सोशल मीडिया के सभी अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर जवान का ये ट्रेलर 102 मिलियन से ज्यादा व्यूज हासिल कर चुका है। इससे पहले डायरेक्टर एटली की जवान के टीजर को भी खूब व्यूज मिले थे। ‘जवान’ के टीजर को सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कुल 112 मिलियन से ज्यादा व्यूज मिल चुके हैं।

One Nation One Election: आरएसएस भी एक साथ चुनाव कराने के पक्ष में

Which article vests electoral functions with the parliament

 

केंद्र सरकार ने 18 से 22 सितंबर के बीच संसद का विशेष सत्र बुलाया है। केंद्रीय संसदीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने गुरुवार को एक्स पर पोस्ट में ये जानकारी दी। केंद्र के इस कदम के बाद अटकलें लगाई जा रही हैं कि सरकार इस विशेष सत्र में एक देश एक चुनाव पर विधेयक ला सकती है। इस बीच, सामने आया है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) भी इसके पक्ष में है। संघ का मानना है कि इससे सार्वजनिक धन और देश का समय बचेगा।

संघ भी इसके समर्थन में

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) एक साथ चुनाव कराने के पक्ष में है। संघ के मुताबिक इससे सार्वजनिक धन और देश का समय बचेगा क्योंकि मौजूदा व्यवस्था के तहत देश पूरे साल चुनाव मोड में रहता है। सूत्रों के मुताबिक संघ का यह भी मानना है कि एक साथ चुनाव से विकास कार्यों के निर्बाध कार्यान्वयन में मदद मिलेगी जो बार-बार होने वाले चुनावों और निर्वाचन आयोग की ओर से स्वतंत्र व निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए आदर्श आचार संहिता लागू करने के कारण प्रभावित होते हैं। संघ ने कहा, यह कदम देश के हित में है।

सूत्रों ने कहा कि अगर सभी चुनाव एक साथ होते हैं तो यह देश के लिए अच्छा है। इससे जनता का पैसा और देश का समय भी बचेगा। बार-बार चुनाव कराना न केवल महंगा पड़ता है, बल्कि इससे सरकारी कर्मचारी भी चुनाव ड्यूटी में लगे रहते हैं और आदर्श आचार संहिता लागू होने के कारण विकास कार्यों में बाधा आती है।

उन्होंने बताया कि आरएसएस का मानना है कि वास्तव में, देश में एक साथ चुनाव कराना संविधान निर्माताओं की इच्छा है। इसीलिए उन्होंने संविधान में एक साथ चुनाव का प्रावधान किया था। भारत ने आजादी के बाद चुनाव की इस प्रणाली के साथ अपनी यात्रा शुरू की थी। लेकिन दुर्भाग्य से बाद में राजनीतिक कारणों से इसे बदल दिया गया, जिसे अब देश के सर्वोत्तम हित में ठीक किया जाना चाहिए।

गौरतलब है कि ‘एक देश-एक चुनाव’ के मुद्दे ने देशव्यापी बहस छेड़ दी है। सरकार ने भी इसकी व्यवहार्यता का पता लगाने के लिए पूर्व राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया है। कोविंद की अध्यक्षता वाली यह समिति इस बात का पता लगाएंगी कि कैसे देश एक साथ लोकसभा और राज्य विधानसभा चुनाव कराने की स्थिति में वापस आ सकता है। जैसा कि 1967 तक होता था। इस बारे में वह विशेषज्ञों से बात करेंगे। साथ ही वे विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं से भी परामर्श कर सकते हैं। इसके बाद से लोकसभा चुनाव समय से पहले कराने की संभावनाओं को और बल मिला है।

विधानसभा चुनाव: कमल नाथ के स्पेशल 100 सिपाही

congress

भोपाल, आगामी विधानसभा चुनाव में कांग्रेस इंटरनेट मीडिया के सभी माध्यमों का भरपूर उपयोग करेगी। इसके लिए पार्टी ने वार रूम बनाने के साथ प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र के लिए 100-100 कार्यकर्ता तैयार किए हैं। इन्हें कमल नाथ के स्पेशल-100 का नाम दिया गया है। इनका काम प्रत्याशी और पार्टी का प्रचार सभी इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म पर सूचनाएं प्रसारित करने से लेकर फीडबैक जुटाने का होगा।

पार्टी का आइटी विभाग विभिन्न मुद्दों को लेकर वीडियो भी तैयार करवा रहा है, जिन्हें प्रत्याशियों की घोषणा के साथ ही प्रसारित किया जाने लगेगा। वहीं, विभाग की एक टीम केवल भाजपा द्वारा उठाए जाने वाले मुद्दों का अध्ययन करके उसका तोड़ निकालने के लिए तैयार की गई है।

विभाग के अध्यक्ष अभय तिवारी का कहना है कि ये स्पेशल-100, प्रत्याशी कोई भी हो, उसके लिए काम करेंगे। इंटरनेट मीडिया के सभी प्लेटफार्म का उपयोग पार्टी की बात आमजन तक पहुंचाने के लिए किया जाएगा। प्रत्याशी की ओर से सामग्री पोस्ट करने का काम ये कार्यकर्ता करेंगे।

फिर उस पर मिलने वाला फीडबैक संगठन तक पहुंचेंगे। कांग्रेस द्वारा घोषित होने वाले वचन पत्र, प्रमुख नेताओं की सभा, रोड शो सहित अन्य कार्यक्रमों की लिंक साझा होगी तो समय-समय पर पार्टी की रीति-नीति से जुड़े वीडियो प्रसारित किए जाएंगे।

ये सभी सामग्री राज्य स्तर से उपलब्ध कराई जाएगी ताकि एकरूपता रहे। भाजपा के हर मुद्दे पर होगा पलटवार प्रदेश कांग्रेस के मीडिया विभाग अध्यक्ष केके मिश्रा का कहना है कि भाजपा द्वारा जो भी मुद्दा उठाया जाएगा, उस पर पलटवार होगा। इसके लिए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमल नाथ ने एक टीम तैयार की है, जो प्रमाणिक तथ्य उपलब्ध कराएगी।

हुजूर विधानसभा विधायक रामेश्वर शर्मा का रक्षाबंधन कार्यक्रम जारी, ग्रामीण इलाकों में पंचायत और शहरी में वार्ड स्तर पर होंगे आयोजन

 

विधायक रामेश्वर शर्मा संग हजारों बहनें मनाएंगी रक्षाबंधन पर्व, पंचायत और वार्ड स्तर पर रक्षाबंधन कार्यक्रम का आयोजन

बहनों की राखी हुजूर की सेवा के संकल्प को प्रबल बनाती है – विधायक रामेश्वर शर्मा

भोपाल। रक्षाबंधन पर्व आते ही देशभर में भाई-बहन के अटूट बंधन का त्योहार बड़े उत्साह से मनाया जाता है। वैसे तो सावन की पूर्णिमा पर रक्षाबंधन का विशेष महत्व होता है पर इस त्योहार का उत्साह कई दिनों तक चलता है। भोपाल की हुजूर विधानसभा की बहनों के भैया और विधायक रामेश्वर शर्मा ने इस पर्व को लेकर कैलेंडर जारी कर दिया है। वह 02 सितंबर से 10 सितंबर तक विधानसभा के हर क्षेत्र की बहनों से राखी बंधवाने जाएंगे। हुजूर में आयोजित होने वाला यह रक्षाबंधन कार्यक्रम शहरी क्षेत्र में वार्ड स्तर पर व ग्रामीण इलाकों में पंचायत स्तर पर आयोजित किया जाएगा। खास बात ये है कि ये कार्यक्रम बहनों की सुविधा के अनुसार तय किये गए हैं। कार्यक्रम हेतु ऐसा स्थान चयनित किया गया है जो उस संबंधित क्षेत्र की बहनों की पहुंच के लिये सुगम हो। यह व्यवस्था विधायक रामेश्वर शर्मा के कहने पर की गई है ताकि ज्यादा से ज्यादा बहनों से वह राखी बंधा पाएं। 2 सितंबर से शुरू होने वाले रक्षाबंधन कार्यक्रम में विधायक रामेश्वर शर्मा लगभग प्रतिदिन 6-7 स्थानों पर बहनों के साथ रक्षाबंधन मनाएंगे। प्रत्येक स्थान पर हुजूर की हजारों बहनें अपने रामेश्वर भैया को राखी बांधेगीं।

विधायक रामेश्वर शर्मा ने बहनों को रक्षाबंधन की शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि रक्षाबंधन का पर्व हर भाई को अपनी बहन के प्रति कर्तव्यनिष्ठ होने का एहसास दिलाता है। हर वर्ष मैं भी अपनी हुजूर की बहनों के साथ रक्षाबंधन मनाकर राखी बंधवाता हूँ और उनके प्रति कार्य करने का संकल्प लेता हूँ। इस बार तो माननीय मुख्यमंत्री जी ने भी हर बहन को लाड़ली बहना योजना की सौगात दी है और रक्षाबंधन पर पैसे बढ़ाकर हर बहन की खुशी को दोगुना किया है। मैंने भी अपनी विधानसभा में जगह जगह कैंप लगाकर बहनों के पंजीयन कराए हैं ताकि रक्षाबंधन पर खुशियों का पर्व मानने से कोई बहन वंचित न रह जाए। हर साल जब भी मैं हुजूर की अपनी असंख्य बहनों से राखी बंधवाता हूँ तो हुजूर की सेवा का मेरा संकल्प और प्रबल हो जाता है। उनका रक्षा सूत्र सामर्थ्य के साथ आत्मबल भी बढ़ाता है। इसलिए हर साल कोशिश करता हूँ कि ज्यादा से ज्यादा बहनों से राखी बंधाऊं। इस बार बहनों की सुगमता के अनुसार स्थलों का चयन किया है। ताकि हुजूर के सेवक रामेश्वर शर्मा को हर बहन का आशीर्वाद मिल सके।

इन स्थानों पर आयोजित होंगे कार्यक्रम

02 सितंबर –
सागर पब्लिक स्कूल, गांधीनगर
श्रद्धा मैरिज गार्डन, सीटीओ
सामुदायिक भवन, टीलाखॆडी
राधा री ढाणी, फंदा
सोसाइटी शेड, तूमडा ग्राम
दशहरा मैदान, संतनगर
जोनल कार्यालय, जोन- 20

03 सितंबर –
इंडोर स्टेडियम, बंजारी
संस्कार उपवन
जेके हॉस्पिटल ऑडिटोरियम
सेज इंटरनेशनल स्कूल
महालक्ष्मी वेयरहाउस, कजलीखेड़ा चौकी के पास
वेयरहाउस पजामा रोड, सुरैयानगर
आमेर मजेस्टिक, 11 मील

04 सितंबर –
पंचायत भवन, बड़झिरी
सूर्य मंदिर शेड, रातीबड़
श्रमोदय विद्यालय, मुगालिया छाप
वेयरहाउस, जमुनिया कलां

05 सितंबर –
ग्राम खामखेड़ा
वानी मैरिज गार्डन, श्यामपुर
सूखी सेवनियां
क्रेशर बस्ती सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र

10 सितंबर –
छावनी पठार
शारदा विहार आवासीय विद्यालय
नीलबड़

क्‍या हैं वन नेशन और वन इलेक्शन के फायदे और नुकसान?

 

National issue: देश में वन नेशन, वन इलेक्शन को लेकर चर्चा तेज हो गई है. केंद्र सरकार ने शुक्रवार (1 सितंबर) वन नेशन, वन इलेक्शन के लिए एक कमेटी गठित की है, जो पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की अध्यक्षता में काम करेगी. कमेटी देश में एक साथ चुनाव की संभावनाओं का पता लगाएगी.

कमेटी का गठन ऐसे समय में किया गया है, जब केंद्र ने 18-22 सितंबर के दौरान संसद का विशेष सत्र बुलाया है. इंडिया टुडे की खबर के मुताबिक केंद्र सरकार इस दौरान कई महत्वपूर्ण विधेयक पेश करने की तैयारी कर रही है, जिसमें वन नेशन वन इलेक्शन भी शामिल है. आज हम वन नेशन वन इलेक्शन के फायदे और नुकसान के बारे में जानेंगे, लेकिन उससे पहले ये जान लेते हैं कि आखिर ये क्या है और बीजेपी के लिए इतना खास क्यों है.

एक देश एक चुनाव के मायने

‘एक देश, एक चुनाव’ का आइडिया देश में एक साथ चुनाव कराए जाने से है. इसका मतलब यह है कि पूरे भारत में लोकसभा चुनाव और सभी राज्यों में विधानसभा चुनाव एक साथ होंगे. दोनों चुनावों के लिए संभवतः वोटिंग भी साथ या फिर आस-पास होगी. वर्तमान में लोकसभा और राज्य विधानसभा के चुनाव सरकार 5 साल का कार्यकाल पूरा होने या फिर विभिन्न कारणों से विधायिका के भंग हो जाने पर अलग-अलग कराए जाते हैं.

बीजेपी के लिए क्यों खास है वन नेशन, वन इलेक्शन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी के दूसरे नेता कई मौकों पर देश में एक साथ चुनाव की चर्चा कर चुके हैं. 2014 में तो ये बीजेपी के चुनावी घोषणा पत्र का हिस्सा भी रह चुका है. एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, बीजेपी के चुनावी घोषणा पत्र के पेज नंबर 14 में लिखा गया था, “बीजेपी अपराधियों को खत्म करने के लिए चुनाव सुधार शुरू करने के लिए प्रतिबद्ध है. बीजेपी अन्य दलों के साथ परामर्श के माध्यम से विधानसभा और लोकसभा चुनाव एक साथ कराने की पद्धति विकसित करने की कोशिश करेगी.” घोषणा पत्र के मुताबिक, इससे चुनाव खर्चों को कम करने के अलावा राज्य सरकारों के लिए स्थिरता सुनिश्चित होगी.

एक साथ चुनाव के फायदे

देश में एक साथ चुनाव कराए जाने के समर्थन में सबसे मजबूत तर्क अलग-अलग चुनावों में खर्च होने वाली भारी-भरकम राशि में कटौती करना है. इंडिया टुडे ने अपनी रिपोर्ट्स में बताया है कि 2019 लोकसभा चुनाव में 60,000 करोड़ रुपये खर्च हुए थे. इसमें चुनाव लड़ने वाले राजनीतिक दलों का खर्च और केंद्रीय चुनाव आयोग की तरफ से खर्च की गई रकम शामिल है.

एक साथ चुनाव के समर्थन में एक तर्क दिया जाता है कि इससे प्रशासनिक व्यवस्था सुचारू होगी. चुनाव के दौरान अधिकारी चुनाव ड्यूटी में लगे होते हैं, इससे सामान्य प्रशासनिक काम प्रभावित होते हैं.

विधि आयोग ने जताया मतदान बढ़ने का अनुमान

पिछले कुछ सालों से देखा गया है कि हर साल कहीं न कहीं चुनाव होते रहते हैं. चुनाव के चलते इन राज्यों में आचार संहिता लागू कर दी जाती है, जिससे उस दौरान लोक कल्याण की नई योजनाओं पर प्रतिबंध लग जाता है. एक साथ चुनाव होने से केंद्र और राज्य की नीतियों और कार्यक्रमों में निरंतरता सुनिश्चित होगी.

विधि आयोग ने कहा है कि एक साथ चुनाव कराने से मतदान में वृद्धि होगी, क्योंकि वोटर्स के लिए एक बार में वोट देने के लिए निकलना ज्यादा सुविधाजनक होगा.

एक देश एक चुनाव के लिए क्या करना पड़ेगा?

लोकसभा और राज्यसभा चुनाव एक साथ कराए जाने के लिए संवैधानिक संशोधन करना पड़ेगा. साथ ही जनप्रतिनिधित्व अधिनियम और अन्य संसदीय प्रक्रियाओं में भी संशोधन करना होगा. आइए जानते हैं, इसके लिए क्या बदलाव करने होंगे?

वन नेशन वन इलेक्शन बिल लाने के लिए 16 विधानसभाओं का समर्थन चाहिए होगा यानी पहले देश के 16 राज्यों की विधानसभा में इसके प्रस्ताव को पास कराना होगा.
बिल जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 के तहत ही लाया जा सकता है. उसमें बदलाव करना होगा.
संविधान के अनुच्छेद 83, 85, 172, 174 और 356 में 2 तिहाई बहुमत के साथ संशोधन करना होगा.
एक साथ चुनाव को लेकर आशंका

क्षेत्रीय दलों का बड़ा डर यह है कि वे अपने स्थानीय मुद्दों को मजबूती से नहीं उठा पाएंगे क्योंकि राष्ट्रीय मुद्दे केंद्र में आ जाएंगे. इसके अलावा वे चुनावी खर्च और चुनावी रणनीति के मामले में भी राष्ट्रीय पार्टियों से मुकाबला नहीं कर पाएंगे.

क्या कहता है सर्वे?

इंडिया टुडे ने आईडीएफसी संस्थान के 2015 में किए गए एक सर्वे के हवाले से बताया है कि अगर एक साथ चुनाव होते हैं तो 77 प्रतिशत संभावना है कि मतदाता राज्य विधानसभा और लोकसभा में एक ही राजनीतिक दल या गठबंधन को चुनेंगे. वहीं, चुनाव छह महीने के अंतर पर होते हैं, तो केवल 61 प्रतिशत मतदाता एक पार्टी को चुनेंगे.

मप्र की गोंड पेंटिंग ने किया विश्वभर के कला पारखियों का ध्यान आकर्षित

gaundi language in madhya pradesh

Bhopal News, मध्यप्रदेश की गोंड पेंटिंग अब ब्राजील के प्रेसिडेंट लुइज इनासिओ लूला दा सिल्वा के आधिकारिक आवास की शोभा बढ़ायेगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में 15वें ब्रिक्स समिट के समापन में ब्राजील के प्रेसिडेंट लुइज इनासिओ लूला दा सिल्वा को सुंदर गोंड पेंटिंग उपहार स्वरूप भेंट की।

मध्य प्रदेश की गोंड पेंटिंग को विशिष्ट शैली और अनूठी डिज़ाइन के लिए जी आई टैग मिल चुका है। यह एक प्रकार का बौद्धिक संपदा अधिकार है।

गोंड जनजाति के कलाकार पीढ़ियाँ से इस कला को संजो रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी अपने प्रसिद्ध संवाद कार्यक्रम ‘मन की बात’ में पद्मपुरस्कार विजेता भज्जू श्याम के बारे में चर्चा कर चुके हैं जो इस गोंड चित्रकला के प्रमुख चित्रकार हैं। वे क‍िसी समय जबलपुर में सुरक्षा गार्ड की नौकरी करते थे। प्रधानमंत्री के शहडोल दौरे के दौरान मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने उन्हें एक खूबसूरत गोंड पेंटिंग भेंट की थी।

गोंड पेंटिंग एक अप्रतिम कला रूप है जो समय के साथ मानव के प्रकृति के साथ जुड़ाव को प्रदर्श‍ित करता है। सबसे बड़े जनजातीय वर्ग ‘गोंड’ ने इस कला में माहिर हैं और इसका पोषण करते आ रहे हैं। वे जो मुख्य रूप से मध्यप्रदेश में निवास करते हैं।

गोंड कलाकारों की कला उनकी लोक कथाओं, संस्कृति और पारंपरिक कहानियों पर आधारित है। ये सभी गोंड चित्रकला के जीवंत तत्व हैं। गोंड पेंटिंग में खुशियों, रीति-रिवाजों और मनुष्य के प्रकृति के साथ संबंध का चित्रण होता है। यह कला कलाकारों की उच्च स्तरीय कल्पना से जन्म लेती है। मुख्य रूप से बिन्दुओं और रेखाओं का रचनात्मकता के साथ उपयोग कर बनती है।

कलाकारों का मानना है कि अच्छी छवियों से रूबरू होने वाले व्यक्ति के साथ अच्छाई साथ होती है। कलाकार मानते हैं कि भाग्य उनके होता जो अच्छी छवियाँ देखते हैं। इसलिए समुदाय के हित के लिए प्रकृति की खूबसूरती आसपास रहना जरूरी है । गोंड जनजाति के लिए कला केवल व्यावसायिक और सौंदर्य के आनंद तक सीमित नहीं है। उनकी नजर में कला भूतकाल और वर्तमान के बीच गहरा संबंध बनाती है। गोंड कलाकारों का गहरा विश्वास है कि हर बार चित्र बनाना एक आध्यात्मिक उद्यम है और यह अज्ञात सर्वशक्त‍िमान के प्रति प्रार्थना का कार्य है।

गोंड चित्रकला प्रकृति पूजा के साथ सुरक्षा प्राप्त करने और बुराईयों को दूर भगाने का भी माध्यम है। गोंड चित्रकला का आधार यह है कि एक अच्छे चित्र को देखने से भाग्य भी साथ देता है। वे अपने घरों को और आंगन को पारंपरिक टैटू और मोट‍िफ से सजाते हैं। मौसम के बदलाव से जुड़े त्यौहार या रिवाजों के दौरान या परिवार में महत्वपूर्ण अवसर पर जैसे जन्म, विवाह पर चित्र बदलते जाते हैं। चित्रों के मोट‍िफ और विषय स्थानीय वनस्पतियों और जीवजंतुओं, देवताओं और शहरी संस्कृति से आते हैं।

चित्रकला के विषय

मोर, पक्षी, केकड़े, काल्पनिक जानवर, छिपकलियाँ, बाघ, हिरण, सांप, जंगली सूअर, गाय, बंदर, हाथी, घोड़ा और मछली गोंड चित्रकला के प्रमुख विषय हैं। शहरी जीवन के विभिन्न पहलुओं जैसे हवाई जहाज, साइकिल, कार आदि भी उनकी कला के विषय हैं। इसके अलावा पौराणिक कथाएँ, भगवान शिव, भगवान कृष्ण, भगवान गणेश भी विशेष रूप से चित्रित किये जाते हैं। स्थानीय देवियों में फुलवारी देवी, जहरीन देवी, मरही देवी भी विशेष रूप से नजर आती हैं। इन सबके साथ गोंड चित्रकला का मुख्य विषय प्रकृति चित्रण है। कलाकार प्रकृति को विभिन्न तरीकों से कैनवास पर उकेरते हैं। वे मानते हैं कि मनुष्य और प्रकृति एक दूसरे से अलग नहीं है।

शैली

गोंड चित्रकला की शैली अत्यंत वि‍शिष्ट है। छवयों को भरने के लिए एक डिज़ाइन को बार-बार दोहराया जाता है। प्रत्येक कलाकार अपनी स्वयं की शैली विकसित कर लेता है। इस प्रकार अपनी स्वयं की विकसित शैली को “सिग्नेचर पैटर्न” कहा जाता है। ब्रश की जगह टहनियों, कॉटन बाल का उपयोग किया जाता है।

सीधी के साथ आज न्याय हुआ है : मुख्यमंत्री चौहान

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भोपाल, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि आज का दिन सीधी के सौभाग्य के उदय का दिन है। सीधी में मेडिकल कॉलेज बनने से लोगों को इलाज के लिए रीवा, भोपाल या इंदौर नहीं जाना होगा। उन्हें उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधाएँ सीधी में ही उपलब्ध होंगी। आज सीधी के साथ न्याय हुआ है। इसके साथ ही प्रदेश में मेडिकल कालेजों की संख्या बढ़कर 31 हो जाएगी। वर्ष 2003 तक प्रदेश में केवल 5 मेडिकल कालेज थे।

मुख्यमंत्री चौहान सीधी के नौढ़िया में सीधी मेडिकल कॉलेज भवन परिसर निर्माण के भूमि-पूजन अवसर पर उपस्थित जन समुदाय को संबोधित कर रहे थे।

सीधी जिले में चिकित्सा महाविद्यालय की स्थापना से प्रदेश के छात्रों के लिए हर वर्ष 100 एमबीबीएस सीटें प्राप्त हो सकेंगी। मेडिकल कालेज खुलने से सीधी जिले और आस-पास के जिलों से आने वाले मरीजों को तृतीयक स्तर से चिकित्सा सुविधा का लाभ प्राप्त हो सकेगा।

मुख्यमंत्री चौहान ने मेडिकल कॉलेज के लिए ग्राम नौढ़िया में प्रस्तावित स्थल पर मंत्रोच्चार के बीच कन्या पूजन कर वैदिक रीति से भूमि-पूजन किया। मुख्यमंत्री चौहान ने 24 करोड़ 8 लाख 84 हजार रुपए लागत के 100 बिस्तरीय सिविल अस्पताल रामपुर नैकिन का शिलान्यास भी किया। कार्यक्रम में सीधी की प्रभारी मंत्री सुमीना सिंह, सांसद सीधी श्रीमती रीती पाठक, विधायक केदारनाथ शुक्ला, कुवंर सिंह टेकाम तथा अन्य जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे। मुख्यमंत्री चौहान के सीधी आगमन पर लाड़ली बहना सेना की बहनों ने पुष्पवर्षा कर तथा कलश यात्रा से उनका स्वागत किया।

भारी भरकम बिजली के बिलों से परेशान रहवासी कांग्रेस के साथ पहुँचे दानिश कुंज बिजली घर

 

भोपाल, उपनगर कोलार में गुरुवार को कोलार कांग्रेस कार्यकर्ताओं एवं नागरिकों, महिलाओं ने विधुत मंडल दानिश कुंज पर AE को बड़े हुए बिजली के बिल कम करने की मांग को लेकर ज्ञापन दिया एंव तत्काल बिजली बिल माफ और कटी हुई बिजली जोड़ने के लिए मांग की कांग्रेस ने कहा आज हम सिर्फ ज्ञापन के माध्यम से मांग कर रहे है अगर मांग नही मानी तो उग्र आंदोलन करने को कांग्रेस कार्यकर्ता बिबस होंगे। कार्यवाहक जिला अध्यक्ष राहुल सिंह राठौड़ ने कहा कि मामा गरीबों की बात करते है महिलाओं की सुरक्षा की बात करते गैस सिलिंडर की बात करते है। कोलार में गरीब परिवारों के 42000 रुपए की बिल आ रहे है। जनता नाराज है। आगामी चुनाव में जनता इन्हें घर बैठा देगी। कार्यक्रम में बहादुर सिंह तोमर, ब्लॉक अध्यक्ष रामराज तिवारी, सुजीत पांडा, गायत्री नीरज चतुर्वेदी, चंपालाल मीणा, श्याम मीणा, बबलू खान कांग्रेस कार्यकर्ता विनीत कुंज पर एकत्रित हुए ! विनीत कुंज से रैली के साथ कांग्रेस के झंडे लेकर भाजपा सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए विधुत कार्यालय पहुँचे और ज्ञापन दिया।

 

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