मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने नवनियुक्त 5 हजार 580 शिक्षकों को प्रदान किए नियुक्ति बधाई पत्र

appointed 5 thousand 580 teachers

शिक्षकों पर भावी पीढ़ी को गढ़ने, उन्हें आधुनिकता में ढालने और नई दिशा देने की जिम्मेदारी है- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

भोपाल, 21 अगस्त| प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रदेश के प्राथमिक विद्यालयों में नियुक्त होने वाले 5 हजार 500 से अधिक शिक्षकों को शुभकामनाएँ देते हुए कहा है कि आप पर भारत की भावी पीढ़ी को गढ़ने, उन्हें आधुनिकता में ढालने और नई दिशा देने की जिम्मेदारी है। प्रदेश में पिछले तीन वर्षों में हुई लगभग 50 हजार शिक्षकों की भर्ती के लिए राज्य सरकार बधाई की पात्र है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नवनियुक्त शिक्षकों के प्रशिक्षण-सह-उन्मुखीकरण तथा उन्हें बधाई पत्र सौंपने के लिए शासकीय महात्मा गांधी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में हुए कार्यक्रम से वर्चुअली जुड़कर नवनियुक्त शिक्षकों को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने भी नवनियुक्त शिक्षकों को प्रेरित किया तथा उन्हें बधाई पत्र सौंपे। कार्यक्रम में मंत्री जनजातीय कार्य विभाग सुश्री मीना सिंह एवं स्कूल शिक्षा राज्य मंत्री इन्दर सिंह परमार उपस्थित थे।

मातृ भाषा में पढ़ाई को लेकर हुए विशेष प्रयास

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि नव नियुक्त शिक्षक राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लागू करने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाने जा रहे हैं। विकसित भारत के संकल्प को सिद्ध करने में राष्ट्रीय शिक्षा नीति का प्रभावी योगदान है। इसमें पारम्परिक ज्ञान से लेकर भविष्य की टेक्नालॉजी को समान रूप से महत्व दिया गया है। प्राथमिक शिक्षा के क्षेत्र में भी नया पाठ्यक्रम तैयार किया गया है। मातृ भाषा में पढ़ाई को लेकर विशेष प्रयास हुए हैं। सामाजिक न्याय सुनिश्चित करने के उद्देश्य से अंग्रेजी न जानने वाले छात्रों के लिए उनकी मातृ भाषा में पढ़ाई की व्यवस्था की गई है।

 शिक्षक बनना कोई साधारण नौकरी नहीं है

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने नव नियुक्त शिक्षाकों से कहा कि शिक्षकों का काम विद्यार्थियों को बेहतर ज्ञान और बेहतर मनुष्य बनने के संस्कार देना है। शिक्षक बनना कोई साधारण नौकरी नहीं है, शिक्षक इंसान गढ़ने का काम करते हैं। आप विद्यार्थियों की चिंता करिए आप सभी के भविष्य की चिंता करना मेरा काम है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने नव नियुक्त शिक्षकों को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि आप सब मेरे भांजे-भांजियाँ हैं और हमारा प्रेम व स्नेह का नाता है। शिक्षक अर्थात गुरू का दायित्व ग्रहण करने से मेरे मन में आपके प्रति आदर भाव है। गुरू का अर्थ अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाना है। गुरू वह कुम्हार है जो माटी से जैसी चाहे मूर्ति बना दे। जैसा आप बच्चों को गढ़ना चाहेंगे गढ़ देंगे। आप पर ही आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को गढ़ने की जिम्मेदारी है।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने आदिपुरूष शंकराचार्य, स्वामी विवेकानंद और भगवद गीता के प्रसंगों से शिक्षकों को किया प्रेरित

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि आदिपुरूष शंकराचार्य जी ने कहा था जो मुक्ति दिलाए, वही शिक्षा है। मुक्ति का अर्थ है जो इस लोक में हमें रहने के लायक बना दे, अर्थात हमें ज्ञान, कौशल और नागरिकता के संस्कार दे वही शिक्षा है। मेरी प्रेरणा स्वामी विवेकानंद रहे हैं। वे कहते थे शिक्षा वह है जो मुनष्य को मनुष्य बना दे। मनुष्य का अर्थ है चरित्रवान, ईमानदार, शालीन, कर्मठ, देशभक्त और परोपकारी हो तथा जो दुनिया को बेहतर बनाए, वही मनुष्य है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने श्रीमत भगवद गीता में उल्लेखित सात्विक कार्यकर्ता के गुणों के अनुरूप अपना व्यक्तित्व विकसित करने का नवनियुक्त शिक्षकों से आव्हान किया।

कथनी और करनी में समानता जरूरी है

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने अपने शिक्षक रतनचंद्र जैन का स्मरण करते हुए कहा कि मैं आज जो कुछ भी हूँ, उसका सम्पूर्ण श्रेय मेरे गुरु श्री जैन को है। उन्होंने सीमित संसाधनों में हमारी क्षमताओं को निखारा। शिक्षक के रूप में संचित ज्ञान आने वाली पीढ़ी को हस्तांतरित करना, उन्हें कौशल और नागरिकता के संस्कार देना आपका दायित्व है। यह दायित्व सही तरीके से निर्वहन करने के लिए आवश्यक है कि आप का आचरण और व्यवहार ठीक हो। इस संबंध में महात्मा गांधी के एक प्रसंग का उल्लेख करते हुए कहा कि हम बच्चों से जैसे व्यवहार की अपेक्षा है वैसा आचार- व्यवहार पहले हमें अपनाना होगा। कथनी और करनी में समानता होने से ही विद्यार्थी और उनके माता-पिता आपका अनुसरण करेंगे। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि मैं सरकार नहीं, परिवार चलाता हूँ। हम सब एक परिवार हैं।

योग, व्यायाम, ध्यान को दिनचर्या का अंग बनाएं

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि नवनियुक्त शिक्षक लगातार बेहतर करने और अपने कार्य में नवाचार का निरंतर प्रयास करें। सदा प्रसन्न रहें, तनाव रहित रहें, प्रात: काल योग,व्यायाम, ध्यान को दिनचर्या का अंग बनाएं। इससे कार्यक्षमता बढ़ेगी और आप अपने पारिवारिक और शासकीय कार्यों में संतुलन बनाते हुए बेहतर परिणाम देंगे तथा आपका जीवन भी अधिक आनंदमय बनेगा।

नवनियुक्त शिक्षक पूरी मेहनत और सम्पर्ण से कार्य करें

मंत्री जनजातीय कार्य विभाग मीना सिंह ने नवनियुक्त शिक्षकों को बधाई और शुभकामनाएं दीं। स्कूल शिक्षा राज्य मंत्री इन्दर सिंह परमार ने कहा कि समाज, देश और प्रदेश के निर्माण में शिक्षकों का महत्वपूर्ण योगदान है। प्रदेश के बच्चों को आगे बढ़ाने के लिए नवनियुक्त शिक्षक पूरी मेहनत और सम्पर्ण से कार्य करेंगे, यही अपेक्षा है।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने सत्र 2023-24 में नवनियुक्त 5 हजार 580 शिक्षकों को नियुक्ति बधाई पत्र प्रदान किए। कार्यक्रम में प्रत्येक संभाग के एक जिले के एक-एक प्रतिभागी को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह द्वारा बधाई पत्र प्रदान किए गए। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कार्यक्रम में पधारे नवनियुक्त शिक्षकों का पुष्पवर्षा कर स्वागत किया तथा दीपप्रज्जवलित कर व कन्या पूजन से कार्यक्रम का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में “हम शिक्षक हैं- हम शिक्षा की तस्वीर बदल देंगे” गीत की सुमधुर प्रस्तुति दी गई।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने पीपल, गुलमोहर और कदंब के पौधे रोपे

Peepal, Gulmohar and Kadamba.

 

भोपाल, 21 अगस्त| मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने श्यामला हिल्स स्थित उद्यान में पीपल, गुलमोहर और कदंब के पौधे रोपे। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के साथ सामाजिक कार्यकर्ता तथा जनप्रतिनिधि राहुल कोठारी ने अपने जन्म-दिवस पर पौधे लगाए।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के साथ सामाजिक कार्यकर्ता दुर्गेश केसवानी और जेसीआई ग्वालियर राइजिंग स्टार के अध्यक्ष नितिन गुप्ता ने भी पौधरोपण किया। आकाश बरूआ, अभिषेक त्रिपाठी, अतुल शर्मा, बंटी सिंघल, प्रफुल्ल गुप्ता एवं अभिनव सिंह चौहान पौध-रोपण में शामिल हुए।

एशिया कप- भारतीय टीम में अय्यर, राहुल की वापसी

Asia Cup: Iyer, Rahul back in Indian team

 

दिल्ली, 21 अगस्त| भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने 50 ओवर के एशिया कप 2023 के लिए भारतीय टीम की घोषणा सोमवार को की। विकेटकीपर-बल्लेबाज केएल राहुल और मध्यक्रम के बल्लेबाज श्रेयस अय्यर की टीम में वापसी हुई है। इसी महीने वेस्ट इंडीज के विरुद्ध टी20 अंतरराष्ट्रीय में पदार्पण करने वाले तिलक वर्मा को भी 17 सदस्यीय टीम में जगह दी गई है, जबकि संजू सैमसन को अतिरिक्त बल्लेबाज़ के रूप में चुना गया है। तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह और प्रसिद्ध कृष्णा की लंबी चोट के बाद वापसी हुई है। दूसरे विकेटकीपर के तौर पर सैमसन की जगह ईशान किशन को चुना गया, हालांकि मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर ने कहा कि राहुल अभी भी पूरी तरह फिट नहीं हैं इसलिए सैमसन एक रिजर्व खिलाड़ी के रूप में श्रीलंका की यात्रा करेंगे। लेग स्पिनर युजवेंद्र चहल टीम में जगह नहीं बना सके, जबकि कुलदीप यादव को स्क्वाड में शामिल किया गया है।

भारत अपने एशिया कप अभियान की शुरुआत दो सितंबर को कैंडी में ग्रुप ए मैच में चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान के खिलाफ करेगा। भारतीय टीम : रोहित शर्मा (कप्तान), शुभमन गिल, विराट कोहली, श्रेयस अय्यर, सूर्यकुमार यादव, तिलक वर्मा, केएल राहुल (विकेटकीपर), ईशान किशन (विकेटकीपर), हार्दिक पांड्या (उपकप्तान), रवींद्र जड़ेजा, शार्दुल ठाकुर, अक्षर पटेल, कुलदीप यादव, जसप्रित बुमरा, मोहम्मद शमी, मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा, संजू सैमसन (अतिरिक्त खिलाड़ी)।

पंकज त्रिपाठी के पिता का निधन, 98 साल की उम्र में ली अंतिम सांस

Pankaj Tripathi's father passed away

 

इस समय अपनी फिल्म ओएमजी 2 को लेकर चर्चा में बने पंकज त्रिपाठी पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। एक्टर के पिता पंडित बनारस तिवारी का निधन हो गया है। वे 98 साल के थे। उन्होंने अपने पैतृक गांव बेलसंड में आखिरी सांस ली। पंकज अपने पिता के बहुत करीब थे। बताया जा रहा है कि एक्टर के पिता लंबे समय से बीमार थे। पंकज त्रिपाठी बिहार के गोपालगंज इलाके के रहने वाले हैं। एक्टर अपने फिल्मी करियर के कारण मुंबई में रह रहे हैं। उनके माता-पिता गांव में ही रह रहे थे। मीडिया को मिली जानकारी के अनुसार पंकज अपने गांव के लिए निकल गए हैं।

कभी थिएटर नहीं गए पंकज के पिता

बताया जा रहा है कि पंकज त्रिपाठी रात 11 बजे तक अपने गांव पहुंच जाएंगे। एक्टर ने एक इंटरव्यू के दौरान अपने पिता का जिक्र करते हुए कहा था कि उनके पिता को ये भी नहीं पता कि वो फिल्म इंडस्ट्री में क्या काम करते हैं। यहां तक कि उन्होंने कभी थिएटर के अंदर जाकर ये भी नहीं देखा है कि थिएटर कैसा दिखता है। उनके पिता सिर्फ एक बार ही मुंबई आए थे। उन्हें यहां के बड़े-बड़े घर और बिल्डिंग पसंद नहीं आए। इतना ही नहीं, बल्कि कुछ समय पहले ही पंकज त्रिपाठी ने अपने माता-पिता के लिए घर में टीवी लगवाया था।

पिता का सपना था पंकज डाॅक्टर बनें

साल 2018 में एक इंटरव्यू के दौरान पंकज त्रिपाठी ने शेयर किया था कि उनके पिता नहीं चाहते थे कि वे एक्टर बनें। पिता का सपना था कि उनका बेटा पढ़-लिखकर डॉक्टर बने। वे बिहार के गोपालगंज स्थित जिस इलाके से आते हैं, वहां लोग दो ही प्रोफेशन जानते हैं, एक डॉक्टर और दूसरा इंजीनियर। जब पंकज एक्टर बनें, तो उन्हें अपने मां-पिता का खूब सपोर्ट मिला। उनके पिता को इस बात की चिंता रहती थी कि उनका बेटा रोजी-रोटी कमा पाएगा या नहीं। पंकज के पिता अपने बेटे के पहले घर के गृह प्रवेश में ही मुंबई आए थे।

ब्रेन में भी हो सकता है इन्फेक्शन, जानिए इसके कारण और बचाव के उपाय

Infection can also occur in the brain,

 

आपने आम तौर पर गले, नाक या त्वचा आदि का इन्फेक्शन सुना होगा। मौसम की वजह से होनेवाले ये इन्फेक्शन ज्यादा खतरनाक नहीं होते और आसानी से ठीक हो सकते हैं। लेकिन कभी-कभी ब्रेन में भी इन्फेक्शन हो सकता है। आपको सुनकर आश्चर्य लग रहा होगा, लेकिन इसकी जानकारी रखना जरुरी है। इन दिनों मस्तिष्क में संक्रमण के मामले काफी देखने को मिल रहे हैं। यह एक गंभीर स्थिति है, जिसका समय रहते उपचार किया जाना बहुत जरूरी है। अन्य संक्रमणों की तरह ब्रेन इन्फेक्शन भी वायरस, बैक्टीरिया, फंगस या परजीवी की वजह से हो सकता है। और इसके कई प्रकार हो सकते हैं। आइये जानते हैं किन-किन तरह के ब्रेन इन्फेक्शन हो सकते हैं और उनके लक्षण क्या होते हैं।…

इंसेफेलाइटिस (Encephalitis)

यह संक्रमण वायरस के कारण होता है। इस इन्फेक्शन में लोगों को हल्का बुखार और सिरदर्द जैसे लक्षण देखने को मिल सकते हैं। मरीज के व्यवहार में भी बदलाव और भ्रम महसूस हो सकता है।

मैनिंजाइटिस

बैक्टीरिया के कारण होनेवाला ये इन्फेक्शन खतरनाक होता है और इसका तुरंत इलाज किया जाना बहुत जरूरी है। इसमें बैक्टीरिया वायुमार्ग से होते हुए ब्लड स्ट्रीम में प्रवेश करते है और आपके मस्तिष्क तक पहुंच सकते हैं। इस स्थिति में आपको अचानक बुखार, गंभीर सिरदर्द, गर्दन में अकड़न, फोटोफोबिया और मतली आदि जैसी लक्षण महसूस हो सकते हैं।

ट्रैवर्स मायलाइटिस

यह इम्युनिटी से जुड़ा रोग है, जो वायरस, जीवाणु, कवक या परजीवी से संक्रमण के कारण हो सकता है। यह हमारी रीढ़ में सूजन का कारण बनता है। ट्रैवर्स मायलाइटिस होने पर दर्द, अंगों में कमजोरी, आंत्र और मूत्राशय की समस्याएं, मांसपेशियों में ऐंठन, सिरदर्द, बुखार, भूख में कमी और संवेदना महसूस करने में भी दिक्कत महसूस हो सकती है।

सेरेब्रल एब्सेस

इस स्थिति को दिमाग में फोड़ा होना भी कहा जाता है। इसमें मस्तिष्क के टिशू में मवाद जमा हो जाता है, जिससे टीशू बंद हो जाते हैं। बैक्टीरिया या फंगल संक्रमण और सर्जरी या ट्रॉमा के कारण ऐसा हो सकता है। कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों में इसका अधिक खतरा होता है। तेज बुखार, गंभीर सिरदर्द, व्यवहार में बदलाव और मतली और उल्टी आदि इसके कुछ आम लक्षण हैं।

क्या करें उपाय

अगर आप मस्तिष्क में इन्फेक्शन से जुड़े या ऊपर दिए गए लक्षण सामान्य से अक्सर नोटिस करते हैं, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। इसका समय पर उपचार बहुत जरूरी है। क्योंकि इसके कारण व्यक्ति की जान भी जा सकती है।

स्कंद षष्ठी 22 अगस्त को, भगवान कार्तिकेय की पूजा करते समय ये रखें सावधानी

Skanda Shashthi

 

हिंदू धर्म में कई महत्वपूर्ण त्योहार व पर्व मनाए जाते हैं। हिंदू पंचांग के मुताबिक, हर माह की शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि को स्कंद षष्ठी व्रत का रखा जाता है। पौराणिक मान्यता है कि भक्ति एवं विश्वास के साथ यदि स्कंद षष्ठी व्रत रखा जाता है तो जातक की सभी मनोकामनाएं पूरी होती है। हिंदू पंचांग के अनुसार 22 अगस्त को स्कंद षष्ठी का व्रत का पूजन किया जाएगा। इस व्रत को करने से संतान सुख एवं संतान की लंबी आयु की कामना के लिए किया जाता है।

स्कंद षष्ठी व्रत का महत्व

हिंदू धर्म में भगवान शिव और माता पार्वती के पुत्र भगवान कार्तिकेय की पूजा का बहुत महत्व है। भगवान श्री गणेश का जहां किसी भी शुभ कार्य में प्रथम पूजनीय माना जाता है, वहीं भगवान कार्तिकेय को दक्षिण भारत में पूजा जाता है। धार्मिक मान्यता है कि भगवान कार्तिकेय का पूजन करने से सभी बाधाएं दूर हो जाती है। भगवान कार्तिकेय को स्कंद के नाम से भी जाना जाता है। स्कंद षष्ठी व्रत भगवान कार्तिकेय की पूजा के लिए बहुत शुभ माना जाता है।

जानें क्या है धार्मिक मान्यता

पौराणिक कथाओं के अनुसार माना जाता है कि भगवान कार्तिकेय का जन्म भगवान शिव की तीसरी आंख से निकली चिंगारी से हुआ था। भगवान कार्तिकेय को मुरुगन, स्कंद, सुब्रमण्यम आदि कई नामों से पूजा जाता है। धार्मिक मान्यता है कि नवविवाहित जोड़े यदि इस व्रत को करते हैं तो जल्द ही संतान प्राप्ति का सुख मिलता है।

पूजा विधि

सूर्योदय से पहले उठें और नित्यकर्म आदि के बाद स्नान करें।
साफ वस्त्र धारण करें और भगवान सूर्य को जल चढ़ाएं।
व्रत का संकल्प लेकर पूजा के स्थान को साफ करें और मंदिर में दीपक जलाएं।
लाल वस्त्र बिछाकर भगवान मुरुगन की प्रतिमा स्थापित करें।
भगवान मुरुगन का गंगाजल से अभिषेक करें।
भगवान का ध्यान करें और मंत्र का जप करते हुए पूजा प्रारंभ करें।
भगवान को फूल, चंदन, कुमकुम, फल और दूध को अर्पित करें।
व्रत कथा पढ़ने के बाद भगवान की आरती करें।
भगवान मुरुगन को भोग अर्पित करें।

सुप्रीम कोर्ट ने 28 हफ्ते की गर्भवती को दी गर्भपात की अनुमति, फैसला सुनाते समय कही यह बड़ी बात

Supreme Court allowed abortion to 28 weeks pregnant,

 

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात की एक दुष्कर्म पीड़िता को गर्भपात की अनुमति देते हुए अहम टिप्पणी की। सर्वोच्च अदालत ने कहा कि भारतीय समाज में शादी के बाद प्रेग्नेंस की खबर से सबको खुश मिलती है, लेकिन दुष्कर्म की स्थिति में जब महिला अनचाहे गर्भ का शिकार होती है तो यही मानसिक पीड़ा का कारण बनती है।

इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में 19 जुलाई को सुनवाई की थी और गुजरात हाईकोर्ट को फटकार लगाई थी। शनिवार को छुट्टी होने के बावजूद जस्टिस बी.वी. नागरत्ना और जस्टिस उज्जवल भुइयां की स्पेशल बेंच ने इस मामले पर सुनवाई की थी।

शनिवार की सुनवाई में जजों ने दोबारा मेडिकल जांच का आदेश देते हुए अस्पताल से रिपोर्ट मांगी थी। रिपोर्ट मिलने के बाद सोमवार को फैसला सुनाया गया।

सुप्री कोर्ट ने हाई कोर्ट को लगाई फटकार

सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात हाई कोर्ट की आलोचना की, जिसने गर्भपात की पीड़िता की याचिका खारिज कर दी थी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ऐसे मामलों में तत्काल सुनवाई होना चाहिए, न कि इसे एक सामान्य मामला मानकर उदासीन रवैया अपनाना चाहिए।

गुजरात हाईकोर्ट ने पीड़िता की गर्भपात वाली याचिका 17 अगस्त को खारिज कर दी थी। इसके खिलाफ याचिकाकर्ता सुप्रीम कोर्ट पहुंची थी। 19 अगस्त को सुनवाई करते हुए जस्टिस नागरत्ना ने कहा कि ऐसे मामलों में जब एक-एक दिन अहम होता है, तो सुनवाई की तारीख क्यों टाली गई?
हाईकोर्ट ने 11 अगस्त को इस केस की तत्काल सुनवाई ना करते हुए अगली तारीख 12 दिन बाद दी थी।

जीएसटी राजस्व में 26% और पंजीयन राजस्व में 15.75% की बढ़ोतरी

26% increase in GST revenue

 

भोपाल, 21 अगस्त| मध्यप्रदेश में पारदर्शी कर प्रशासन और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह द्वारा करदाताओं और व्यावसायियों को दी गई सुविधाओं के चलते जीएसटी, आबकारी, पंजीयन और वाणिज्यिक कर राजस्व में बढ़ोतरी हुई है। मध्यप्रदेश जीएसटी रिटर्न फाईलिंग में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो गया है।

पिछले साल जुलाई माह तक जीएसटी राजस्व प्राप्ति 8,311 करोड़ रूपये थी जो इस साल रूपये 10,945 करोड़ हो गई है जो 26 प्रतिशत ज्यादा है, जबकि लक्ष्य जुलाई तक 10,339 करोड़ के राजस्व का है। इसी प्रकार पिछले साल आबकारी राजस्व प्राप्ति जुलाई तक रूपये 4,643 करोड़ थी जो इस साल बढ़कर रूपये 4,655 करोड़ हो गई है।

पंजीयन राजस्व में पिछले साल के मुकाबले 15.75% की बढ़ोतरी हुई है। पिछले साल यह रूपये 2732 करोड़ था जो कि इसी अवधि में रूपये 3162 करोड़ हो गया है। लक्ष्य रूपये 3085 करोड़ प्राप्ति का है।

वाणिज्यिक कर राजस्व पिछले साल जुलाई तक रूपये 21,571 करोड़ था जो इस साल रूपये 23,789 करोड़ हो गया है यानी 10.28 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।

वसूली हुई तेज

वित्तीय वर्ष 2023-24 के माह जुलाई तक कुल 551 प्रकरणों में प्रवर्तन की कार्यवाही की जाकर 133 करोड़ रूपये जमा कराये गये हैं। ऑडिट हेतु आवंटित 863 प्रकरणों की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। अभी तक 10.20 करोड़ रूपये जमा कराये गये। इस प्रकार वर्ष 2023-24 में प्रवर्तन की कार्यवाही से 37.20 करोड़ रू जमा कराये गये। पिछले साल बकाया राशि 4895.16 करोड़ थी। इसमें से कुल संस्थापन 1871.46 करोड़ रूपये हुआ। इसी अवधि में रू 1011.12 करोड़ की राशि वसूल की गई, जिसमें से नकद वसूली रू 261.53 करोड़ एवं अन्य वसूली रू 749.59 करोड़ की हुई। इस साल मार्च तक शेष बकाया राशि रू 5755.49 है जिसकी वसूली की कार्रवाई चल रही है।

पारदर्शी कर प्रशासन

साफ एवं पारदर्शी कर प्रशासन के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। प्रवर्तन, ऑडिट, पंजीयन, सत्यापन संबंधी नोटिस जीएसटी पोर्टल से आनलाइन जारी किये जा रहे हैं। करदाताओं की समस्याओं का भी अविलम्ब निराकरण किया जा रहा है।

जीएसटी संबंधी विभिन्न प्रावधान विशेषकर नवीन पंजीयन, स्क्रूटनी, ऑडिट, वाहनों की जांच के लिए गुणवत्ता नियंत्रण के उद्देश्य से स्टेण्डर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर तैयार किए गए हैं। प्रदेश के करदाताओं को जीएसटी संबंधी प्रावधानों की जानकारी एवं समस्या का समाधान व्हाट्सअप आधारित चैट बोट, वेलकम किट एवं हेल्पडेस्क आधारित सुविधा के माध्यम से किया जा रहा है। जीएसटी काउंसिल के निर्णय तथा नवीन अधिसूचनाओं की जानकारी उन्हें दी जाती है। साथ ही समय-समय पर औदयोगिक संगठनों के प्रतिनिधियों, कर सलाहकार संघों एवं चार्टर्ड एकाउंटेंट्स के साथ चर्चा की जाती है।

बिज़नेस में पंजीयन का अनुमोदन आसान

इज ऑफ डूईंग बिज़नेस के तहत मध्यप्रदेश वृत्तिकर अधिनियम, 995 तथा मध्यप्रदेश वेट अधिनियम, 2002 के अन्तर्गत पंजीयन प्रमाण-पत्र प्राप्त करने, प्रस्तुत आवेदन का निराकरण एक कार्य दिवस में नहीं होने पर एक कार्य दिवस की समाप्ति के पश्चात ऑटो अप्रूवल के आधार पर पंजीयन प्रमाण-पत्र जारी करने का प्रावधान किया गया है।

वेट अधिनियम में 10 करोड़ रुपये से अधिक टर्नओवर वाले व्यावसायियों को फॉर्म 4-ए में ऑडिट रिपोर्ट जमा करने का प्रावधान समाप्त कर आयकर अधिनियम के तहत प्रस्तुत की जाने वाली ऑडिट रिपोर्ट को ही मान्यता दी गई है। इससे उन्हें राहत मिली है।

मध्यप्रदेश वेट अधिनियम, 2002, मोटर स्पिरिट सेस एक्ट, 2018 एवं हाई स्पीड डीज़ल सेस एक्ट, 2018 के अंतर्गत आपराधिक अभियोग का प्रावधान विलोपित कर दिया गया है। मध्यप्रदेश वेट अधिनियम, 2002 के अंतर्गत पेट्रोल एवं डीज़ल व्यावसायियों को त्रैमासिक विवरणी के स्थान पर सालाना विवरणी जमा करने का प्रावधान लागू किया गया है।

ईडब्यूएस के लिए स्टाम्प शुल्क से छूट

भू-संपदा नियामक प्राधिकरण में पंजीकृत परियोजनाओं में निजी विकासकर्ताओं दूवारा ईडब्यूएस के पक्ष में निष्पादित विक्रय पत्रों पर स्टाम्प शुल्क से छूट दी गई है। साथ ही भू-सम्पदा आधारित आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से इसी तिथि से प्रभावी अन्य अधिसूचना द्वारा कॉलोनी के विकास के एवज में भूखण्ड बंधक रखे जाने पर देय स्टाम्प शुल्क 0.5 प्रतिशत से घटा कर 0.125 प्रतिशत किया गया है।

व्यापार को सरल बनाने के दृष्टिगत विकास अनुबंध में अनुसरण में विकासकर्ता के शेयर के संबंध में विकासकर्ता को विक्रय का अधिकार देने वाले मुख्तारनामे पर देय स्टाम्प शुल्क 5 प्रतिशत से घटाकर 1000 रूपये किया गया है।

पिछले 15 वर्षों के भौतिक रूप से पंजीबद्ध दस्तावेज़ के डिजिटाइजेशन का काम जारी है। इससे आम-जन को पुराने दस्तावेज की प्रमाणित प्रतियां आसानी से मिल जायेंगी।

विभागीय एप्लीकेशन सम्पदा में दस्तावेज के पंजीकरण को और ज्यादा पारदर्शी बनाया जा रहा है। आम-जन को नई तकनीक के माध्यम से फेसलेस ई-स्टाम्पिंग और ई-रजिस्ट्रेशन की सुविधा मिलेगी।

साल में एक बार नागपंचमी पर खुलता है उज्जैन का नागचंद्रेश्वर मंदिर, दर्शन के लिए उमड़े श्रद्धालु

Ujjain's Nagchandreshwar temple

 

उज्जैन। नागपंचमी पर ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर के शिखर पर स्थित भगवान नागचंद्रेश्वर मंदिर के पट एक साल बाद रविवार-सोमवार की मध्य रात्रि 12 बजे खोले गए। इसके बाद महानिर्वाणी अखाड़े के महंत विनीतगिरी महाराज के सानिध्य में शासकीय अधिकारी व जनप्रतिनिधियों की ओर से भगवान नागचंद्रेश्वर की पूजाअर्चना की गई। जिला शिक्षा अधिकारी ने नगर निगम सीमा में संचालित समस्त शासकीय एवं अशासकीय स्कूलों में विद्यार्थियों के लिए नागपंचमी (21 अगस्त) की छुट्टी घोषित की है।

सोमवार रात 12 बजे तक चलेगा दर्शन का सिलसिला

पट खुलने और पूजा के बाद आम दर्शन का सिलसिला शुरू हो गया जो आज रात 12 बजे तक चलेगा। भगवान नागचंद्रेश्वर के दर्शन के लिए भक्तों में अपार उत्साह नजर आ रहा है। रात से ही हजारों भक्त दर्शन की कतार में लग गए थे । प्रशासन का दावा है कि बेहतर इंतजाम व निरंतर चलायमान व्यवस्था से भक्तों को कतार में लगने के बाद एक घंटे में नागचंद्रेश्वर के दर्शन कराए जा रहे हैं।

भगवान नागचंद्रेश्वर की त्रिकाल पूजा होगी

नागपंचमी पर भगवान नागचंद्रेश्वर की त्रिकाल पूजा होगी। पट खुलने के बाद महानिर्वाणी अखाड़े की ओर से गादीपति महंत विनीतगिरी महाराज ने प्रथम पूजा की। दोपहर 12 बजे अधिकारियों ने शासकीय की। शाम को भगवान महाकाल की संध्या आरती के बाद मंदिर समिति की ओर से महाकाल मंदिर के पुजारी भगवान नागचंद्रेश्वर का पूजन करेंगे।

प्रशासक संदीप कुमार सोनी ने बताया रविवार मध्य रात्रि से शुरू हुआ दर्शन का सिलसिला सोमवार रात 12 बजे तक चलेगा। दर्शनार्थी सोमवार रात 10 बजे तक दर्शन की कतार में लग सकेंगे। इसके बाद प्रवेश बंद कर दिया जाएगा।

CM शिवराज सिंह ने पूर्व मुख्यमंत्री स्व. बाबूलाल गौर की पुण्य-तिथि पर किया नमन

Tribute to Babulal Gaur on his death anniversary

भोपाल, 21 अगस्त| मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने निवास सभाकक्ष में पूर्व मुख्यमंत्री स्व. बाबूलाल गौर की पुण्य-तिथि पर उनकी तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने स्व. बाबूलाल गौर के योगदान का स्मरण भी किया। मुख्यमंत्री ने ट्वीट कर कहा कि- “सेवा और समर्पण के पर्याय, मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री श्रद्धेय बाबूलाल गौर को श्रमिकों व कमजोर वर्ग के उत्थान और मध्यप्रदेश के विकास में योगदान देने के लिए सदैव याद रखा जाएगा। एक आदर्श कार्यकर्ता के रूप में उनका प्रेरक व्यक्तित्व हम सभी के लिए अनुकरणीय है।”

पूर्व मुख्यमंत्री स्व. बाबूलाल गौर का जन्म 2 जून, 1930 को नौगीर ग्राम, प्रतापगढ़ ज़िला (उत्तर प्रदेश) में हुआ था। वे भारतीय मज़दूर संघ’ के संस्थापक सदस्य थे। स्व. बाबूलाल गौर पहली बार 1974 में भोपाल दक्षिण विधानसभा क्षेत्र के उपचुनाव में निर्दलीय विधायक चुने गये थे। स्व. बाबूलाल गौर वर्ष 1977 से वर्ष 2003 तक से गोविन्दपुरा विधान सभा क्षेत्र से लगातार सात बार विधान सभा चुनाव जीतते रहे। स्व. बाबूलाल गौर का 21 अगस्त 2019 को निधन हुआ।

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