शिवराज सरकार की सौगात, आगामी सोमवार से पुलिसकर्मियों को मिलेगा साप्ताहिक अवकाश

Shivraj government's gift, policemen will get weekly holiday from next Monday

 

मध्यप्रदेश में आगामी सोमवार से पुलिसकर्मियों को साप्ताहिक अवकाश मिलेगा। पुलिस मुख्यालय की ओर से इस संबंध में कल आदेश जारी कर दिए गए।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने पिछले सप्ताह पुलिस परिवार समागम में इस संबंध में घोषणा की थी। इसके तहत अब मैदानी पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को साप्ताहिक अवकाश मिलेगा। आदेश में कहा गया है कि पुलिसकर्मियों को रात्रि ड्यूटी करने के बाद सप्ताह में एक दिन पूरे 24 घंटे का साप्ताहिक अवकाश प्राप्त होगा। पुलिस अधीक्षक इस आदेश का पालन सुनिश्चित करेंगे।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने पूर्व केन्द्रीय मंत्री श्रीमंत माधवराव सिंधिया जी की प्रतिमा का किया अनावरण

Chief Minister Shivraj Singh unveiled the statue of former Union Minister Shrimant Madhavrao Scindia

 

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कहा है कि श्रीमंत माधवराव सिंधिया जी ने अपना पूरा जीवन भारत माता के लिए समर्पित किया। वे रेल मंत्री रहे और उन्होंने भारत में शताब्दी एक्सप्रेस आरंभ कर एक नए युग की शुरूआत की। नागरिक उड्डयन मंत्री, पर्यटन मंत्री और मानव संसाधन विकास मंत्री के रूप में भी उन्होंने देश की अभूतपूर्व सेवा की। श्रद्धेय माधवराव सिंधिया जी के चरणों में श्रद्धा के सुमन अर्पित हैं। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने टीकमगढ़ सर्किट हाऊस में स्व. माधवराव सिंधिया जी की प्रतिमा अनावरण अवसर पर अपने संबोधन में यह बात कही।

कार्यक्रम में केन्द्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, केन्द्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री वीरेन्द्र कुमार, प्रदेश के जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, राजस्व एवं परिवहन मंत्री गोविन्द सिंह राजपूत तथा अन्य मंत्री व जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि हम यह संकल्प लेते हैं कि राजमाता से लोकमाता के रूप में प्रदेशवासियों के मन में वास करने वालीं श्रद्धेय विजयाराजे सिंधिया जी और बड़े महाराज स्व. माधवराव सिंधिया ने प्रदेश के विकास के लिए जो संकल्प लिए, उन्हें हम अधूरा नहीं रहने देंगे। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने प्रतिमा स्थापना में सहयोग देने वाले सभी व्यक्तियों का आभार माना। उपस्थित जनसमुदाय ने भी श्रीमंत के चरणों में श्रद्धा-सुमन अर्पित किए।

Chandrayaan-3 ने तय की चंद्रमा की दो-तिहाई दूरी, शनिवार को चांद की कक्षा में करेगा प्रवेश

Chandrayaan-3 covered two-thirds distance of Moon, will enter Moon's orbit on Saturday

 

चंद्रयान-3 ने दो-तिहाई दूरी तय कर ली है। यानी चांद का करीब 66 फीसदी सफर स्पेसक्राफ्ट ने पूरा कर लिया है। अब ये मून की कक्षा में 5 अगस्त को शाम 7 बजे प्रवेश करेगा। इसरो ने आज (शुक्रवार) इसकी जानकारी दी। 23 अगस्त को यान चंद्रमा पर लैंड करेगा। वैज्ञानिकों ने 1 अगस्त को रात 12 बजे चंद्रयान-3 को पृथ्वी की ऑर्बिट से चंद्रमा की तरफ भेजा था। इससे पहले चंद्रयान कक्षा में घूम रहा था। जिसकी पृथ्वी से सबसे कम दूरी 236 किमी और सबसे ज्यादा दूरी 1,27,603 किमी थी।

ट्रांसलूनर इंजेक्शन के लिए इंजन को चालू किया गया

ट्रांसलूनर इंजेक्शन के लिए बेंगलुरु में ISRO के हेडक्वार्टर से वैज्ञानिकों ने चंद्रयान का इंजन कुछ देर के लिए चालू किया था। इंजन फायरिंग तब की गई जब चंद्रयान पृथ्वी से 236 किलोमीटर की दूरी पर था। इसरो ने कहा कि चंद्रयान-3 पृथ्वी के चारों ओर परिक्रमा कर मून की तरफ बढ़ रहा है। एजेंसी ने यान को ट्रांसलूनर कक्षा में स्थापित कर दिया है।

अंतरिक्ष यान को 14 जुलाई 2023 को 14.35 बजे LVM-3 पर सफलतापूर्वक लॉन्च किया गया था। चंद्रयान-3 को चांद की कक्षा तक पहुंचने में लॉन्च तिथि से करीब 33 दिन लगेंगे। चंद्रयान में लैंडर, रोवर और प्रोपल्शन मॉड्यूल हैं। लैंडर और रोवर मून के दक्षिण पोल पर उतरेंगे और 14 दिन तक काम करेंगे। प्रोपल्शन मॉड्यूल चांद की कक्षा में रहकर पृथ्वी से आने वाले रेडिएशन्स की स्टडी करेगा।

चंद्रयान-3 का अब तक सफर

14 जुलाई को चंद्रयान-3 को 170 किमी x 36,500 किमी के ऑर्बिट में छोड़ा गया था।
15 जुलाई को ऑर्बिट बढ़ाकर 41,762 किमी x 173 किमी किया गया।
17 जुलाई को ऑर्बिट बढाकर 41,603 किमी x 226 किमी किया गया था।
18 जुलाई को तीसरी बार ऑर्बिट को 5,1400 x 228 किमी बढ़ाकर किया गया।
20 जुलाई को ऑर्बिट को चौथी बार बढ़ाकर 71,351 x 223 किमी किया गया।
25 जुलाई को ऑर्बिट बढ़ाकर 1.27,603 x 236 किमी किया गया।
31 जुलाई और 1 अगस्त की मध्यरात्रि पृथ्वी की कक्षा छोड़कर चांद की तरफ बढ़ गया।

हार्ट अटैक के खतरे को कम करती है सरसों, पाचन के साथ सिरदर्द भी होता है ठीक

Mustard reduces the risk of heart attack, digestion also cures headache

 

सरसों में मैग्नीशियम भरपूर होता है, जो नर्वस सिस्टम को आराम देने में सहायक होता है। सरसों में फाइबर भरपूर होता है,
पोषक तत्वों से भरपूर सरसों का सेवन दुनिया के अधिकांश देशों में किया जाता है। देश के अधिकांश हिस्सों में रोजमर्रा की जिंदगी में भी सरसों का तेल ही उपयोग में लाया जाता है। देश में सरसों की इसी लोकप्रियता के कारण हर साल अगस्त माह के पहले शनिवार को राष्ट्रीय सरसों दिवस मनाया जाता है। सरसों के बीज स्वास्थ्य के लिए काफी गुणकारी होते हैं। आयुर्वेद में भी सरसों का औषधि के रूप में उपयोग को लेकर बहुत जिक्र मिलता है। इंदौर स्थित अष्टांग आयुर्वेद कॉलेज के डॉ. अखिलेश भार्गव यहां सरसों के सेवन से होने वाले फायदों के बारे में बता रहे हैं।

कैंसर से बचावMustard reduces the risk of heart attack, digestion also cures headache

सरसों के बीज में ग्लूकोसिनोलेट्स और मायरोसिनेस जैसे कंपाउंड होते हैं, जो शरीर में कैंसर पैदा करने वाले सेल्स को बढ़ने से रोकते हैं। सरसों के बीजों में कीमो प्रिवेंटिव क्षमता भी होती है और कार्सिनोजेन्स के प्रभाव से भी सुरक्षित रखते हैं।

नर्वस सिस्टम को फायदा

यदि कोई व्यक्ति सिरदर्द और माइग्रेन से परेशान हैं तो सरसों के बीज कारगर साबित हो सकते हैं। सरसों में मैग्नीशियम भरपूर होता है, जो नर्वस सिस्टम को आराम देने में सहायक होता है।

ठीक रहता है पाचन तंत्र

सरसों के बीज पाचन के लिए भी अच्छे होते हैं। यदि कोई अपच की समस्या से परेशान हैं तो सरसों के बीज राहत देते हैं। सरसों में फाइबर भरपूर होता है, जो पेट की आंखों को स्वस्थ बनाने में मदद करता है।

दूर होता है हार्ट अटैक का खतरा

सरसों का तेल यदि रोज भोजन बनाने में इस्तेमाल करते हैं तो कोलेस्ट्रॉल स्तर नियंत्रित रहता है। सरसों का तेल खून से एलडीएल कोलेस्ट्रॉल को भी कम करता है। इसके अलावा 40 साल की उम्र के बाद सरसों का तेल हड्डियों को भी मजबूत करने में मदद करता है। सरसों के बीज में एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो व्यक्ति में उम्र बढ़ने के लक्षणों को कम करने में मदद कर सकते हैं।

सोने से पहले इन वास्तु नियमों का करें पालन, नींद से जुड़ी समस्याएं होंगी दूर

Follow these Vastu rules before sleeping, problems related to sleep will go away

 

वास्तु शास्त्र में घर के साथ-साथ जीवनशैली को लेकर भी कई तरह के नियम बताए गए हैं। जाग्रत अवस्था के समय हम कई नियमों का पालन करते हैं, लेकिन सोते समय कुछ नियमों को भूल जाते हैं। इन नियमों का पालन न करने का असर आपके स्वास्थ्य और नींद पर पड़ता है। अक्सर बिना नियम के सो जाने से सुबह जागने पर आलस्य और थकावट जैसी समस्याएं पैदा होती हैं। सोते समय दिशाओं का ध्यान रखना बहुत महत्वपूर्ण है। सिर और पैर की दिशा का प्रभाव हमारी मानसिक स्थिति और स्वास्थ्य पर पड़ता है। वास्तु शास्त्र में हर कार्य को लेकर नियम बताए गए हैं।

पूर्व दिशा

पूर्व दिशा में सिर करके सोने से बुद्धि तेज होती है। विद्यार्थियों के लिए विशेष रूप से इस दिशा को उपयोगी बताया गया है।

पश्चिम दिशा

पश्चिम दिशा में सिर करके सोना वास्तु शास्त्र में वर्जित माना गया है। इस दिशा में सिर करके सोने से कई तरह की समस्याएं पैदा होती हैं।

उत्तर दिशा

उत्तर दिशा में सिर करके सोना वास्तु शास्त्र में वर्जित माना गया है। वास्तु शास्त्र के नियम के अनुसार उत्तर दिशा की ओर सिर करके सोने से स्वास्थ्य समस्याएं बढ़ सकती हैं।

दक्षिण दिशा

वास्तु शास्त्र के अनुसार दक्षिण दिशा में सिर करके सोने से धन और सुख-समृद्धि में बढ़ोतरी होती है। इस तरह से सोने से शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य बेहतर बनता है।

इन नियमों का करें पालन

-बिस्तर को कभी दीवार से चिपका कर नहीं बल्कि थोड़ी दूरी पर रखना चाहिए।
-बेडरूम का दरवाजा दक्षिण और पश्चिम दिशा में हो तो अपना बेड दरवाजे के सामने न रखें, क्योंकि दरवाजे से आने वाली नकारात्मक हवाएं निद्रा को भंग कर सकती हैं।
-सोते समय सिर के पास मोबाइल फोन नहीं रखना चाहिए। वास्तु के अनुसार सकारात्मक तरंगे मोबाइल के हानिकारक विकिरण से खंडित हो जाती हैं।

छिंदवाड़ा पहुंचे पंडित धीरेंद्र शास्त्री, सांसद नकुल नाथ ने की अगवानी

Pandit Dhirendra Shastri reached Chhindwara, received by MP Nakul Nath

छिंदवाड़ा। सिमरिया हनुमान मंदिर में दिव्य रामकथा का वाचन करने बागेश्वर धाम के पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का शनिवार को छिंदवाड़ा आगमन हुआ। अपने पूर्वनिर्धारित कार्यक्रम अनुसार पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री दोपहर 12:00 बजे विशेष विमान से छिंदवाड़ा स्थित हवाई पट्टी पहुंचे, जहां उनका कथा के यजमान सांसद नकुल नाथ ने गर्मजोशी से स्वागत किया। वहां से पंडित धीरेंद्र शास्त्री का काफिला नागपुर रोड स्थित अपने प्रवास स्थल शहनाई लान के लिए रवाना हुआ। हवाई पट्टी से शहनाई लान तक सड़क के दोनों ओर हजारों की संख्या में महिला पुरुष और बच्चों ने पंडित धीरेंद्र शास्त्री का अभिवादन और स्वागत किया। जगह-जगह पुष्प वर्षा की गई। धीरेंद्र शास्‍त्री ने यहां कमल

Pandit Dhirendra Shastri reached Chhindwara, received by MP Nakul Nath

नाथ से भी मुलाकात की।

बागेश्वर धाम सरकार के पंडित धीरेंद्र शास्त्री इमलीखेड़ा चौराहा स्थित सीआइआइ स्किल डेवलपमेंट सेंटर एफडीडीआइ भी पहुंचे। गौरतलब है कि पंडित धीरेंद्र शास्त्री की दिव्य कथा सिमरिया हनुमान मंदिर में आज से 3 दिन तक समय 4:00 से 7:00 तक आयोजित की जा रही है।

चाय भी है एक तरह की लत, अगर आप भी छोड़ना चाहते हैं चाय-कॉफी, तो यहां देखें इसे छोड़ने के फायदे और समस्याएं

Tea is also a kind of addiction, if you also want to leave tea-coffee, then see here the advantages and problems of leaving it

अंग्रेजों की खोज चाय आज ब्रिटेन में उतनी नहीं पी जाती है जितनी भारत में पी जाती है। भारत के चाय के बागान भारतीयों की इसी आदत की वजह से काफी फल-फूल रहे हैं। चाय की खपत भारत में कितनी ज्यादा है इसका अंदाजा आपको हर शहर, हर गली, हर मोहल्ले में खुली चाय की टापरियों से लग सकता है। अब तो चाय के बड़े-बड़े रेस्टोरेन्ट भी खुल गए हैं, जहाँ ग्राहकों को विभिन्न स्वादों वाली चाय विभिन्न नामों से पिलाई जाती है।भारतीयों को उनके चाय के प्रति प्यार के लिए भी जाना जाता है, क्योंकि गर्मियां हो, सर्दियां हो या फिर मानसून का मौसम, उनको चाय पीने से ही मतलब होता है। यहां तक कि कुछ लोगों को तो चाय से इतना ज्यादा प्यार होता है कि वे सुबह हो या शाम समय नहीं देखते हैं।

चाय में शुगर और कैफीन ज्यादा मात्रा में होता है, जो आपकी सेहत को लगातार नुकसान पहुंचाता रहता है। बहुत ही कम लोग जानते हैं कि चाय हमारे शरीर को लगातार नुकसान पहुंचा रही होती है और हमें इस बारे में पता भी नहीं होता है। अगर आप चाय पीना छोड़ देते हैं, तो आपके शरीर में हो रहे ये नुकसान भी तुरंत रुक जाते हैं और शरीर में कई पॉजिटिव बदलाव देखने को मिलते हैं।आज हम आपको चाय छोड़ने से शरीर में होने वाले कुछ बदलावों के साथ, कुछ उन आम समस्याओं के बारे में बताने जा चाय छोड़ने पर होते हैं।

चाय छोड़ने से होने वाले फायदेTea is also a kind of addiction, if you also want to leave tea-coffee, then see here the advantages and problems of leaving it

अच्छी नींद आने लगती है

चाय में मौजूद कैफीन स्ट्रेस लेवल बढ़ाने के साथ-साथ दिमाग को उत्तेजित कर देता है जिससे ठीक से नींद आना भी बंद हो जाती है। चाय छोड़ने के एक हफ्ते के बाद ही नींद की गुणवत्ता में सुधार होने लगता है जिससे रात को अच्छी नींद आती है।

मुंह की बदबू होने लगती है कम

चाय में ज्यादा मात्रा में शुगर होता है। एसिडिक होने के कारण यह मुंह के अंदर बदबू पैदा करती है। चाय पीने के कारण दिनभर मुंह का स्वाद खराब रहता है और बदबू रहती है। चाय छोड़ने के कुछ दिन बाद ही आपको फ्रेश महसूस होने लगता है और सुबह उठने के बाद भी मुंह में से बदबू नहीं आती है।

पाचन होने लगता है अच्छा

लगातार चाय पीने की आदत आपकी पाचन क्रिया को भी प्रभावित करती है। पाचन से जुड़ी अन्य कई समस्याएं होने लगती हैं। चाय का सेवन बंद करने के बाद पाचन क्रिया बढ़ जाती है, जिससे कब्ज, दस्त व अन्य कई समस्याएं दूर होने लग जाती हैं।

शरीर का वजन रहता है कंट्रोल

चाय में शुगर की मात्रा ज्यादा होती है और कई बार चाय पीने के कारण शरीर का वजन तेजी से बढ़ने लगता है। जब आप चाय पीना छोड़ देते हैं, तो शरीर को कैलोरी कम मिलती है और इससे वजन को कंट्रोल करने में मदद मिलती है।

आप शांत महसूस करने लगते हैं

चाय पीने के बाद आपको अच्छा लगता है लेकिन शरीर के अंदर जाकर यह तनाव बढ़ाती है और इस कारण से बार-बार चाय की तलब लगने लगती है। जब आप चाय पीना छोड़ देते हैं तो कुछ दिन के बाद ही आपके शरीर का स्ट्रेस लेवल कम हो जाता है जिससे आप शांत महसूस करने लगते हैं।

चाय छोड़ने पर होने वाली समस्याएँ

ध्यान लगाने में परेशानी

कैफीन का रेगुलर सेवन करने से ब्रेन के कैमिकल पर असर पड़ता है जिसका सीधा असर ध्‍यान लगाने की क्षमता और मेमोरी पर आता है। अगर आप अचानक से कैफीन का सेवन बंद करते हैं तो आपको ध्‍यान लगाने में परेशानी हो सकती है।

सिरदर्द की समस्या

अगर आप रोजाना कैफीन का सेवन करते हैं और अचानक से चाय या कॉफी का सेवन बंद कर दें तो सिर दर्द की समस्या हो सकती है। अचानक से कैफीन का सेवन बंद करने से ब्‍लड फ्लो बढ़ सकता है जिससे सिर में दर्द होता है।

कब्ज की समस्या

अचानक से कॉफी या चाय बंद करने से कब्‍ज की समस्‍या हो सकती है। कई लोग सुबह ठीक से फ्रेश होने के ल‍िए कैफीन का इस्‍तेमाल चाय या कॉफी के रूप में करते हैं। अचानक से इसे छोड़ने पर कब्‍ज हों तो आप फाइबर वाली डाइट लें और पानी की मात्रा बढ़ाएं।इसलिए एकदम से इसकी आदत नहीं छोडना चाहिये।

थकान लगती है

अचानक से कॉफी का सेवन बंद करने से आपको पूरे दिन थकान का अहसास हो सकता है। आप इस समस्‍या से बचने के लिए रात को अच्‍छी नींद लें और रात को अच्‍छा बेड टाइम रूटीन फॉलो करें जिससे अगले दिन आप फ्रेश महसूस कर सकें।

आप कैफीन छोड़ने जा रहे हैं तो इन स्‍टेप्‍स को फॉलो करें

-आप एक समय तय कर लें कि दिन के इस घंटे के बाद आप कैफीन का सेवन नहीं करेंगे, डॉक्‍टर की मानें तो दोपहर के तीन बजे के बाद आपको कैफीन का सेवन रोक देना चाहिए।
-छोटे कदम उठाएं जैसे आप वाइट कॉफी पीते हैं तो धीरे-धीरे ब्‍लैक कॉफी पीना शुरू करें, कॉफी के अन्‍य विकल्प जैसे ग्रीन टी या हर्बल टी ट्राय करें।
-आपको कैफीन का सेवन अचानक से बंद करने में परेशानी हो सकती है इसलिए आप अपने कप या मग का साइज कम करें, मग को पूरा भरने के बजाय हॉफ कप रखें या छोटे साइज के कप में चाय या कॉफी का सेवन करें।

हनुमान जी के इस मंदिर में आते ही भक्तों को शुभ-अशुभ कार्य का होने लगता है पूर्वाभास

As soon as Hanuman ji comes to this temple, the devotees get premonitions of auspicious and inauspicious work.

 

सिद्धवीर खेड़ापति हनुमान मंदिर अपने में अनेक चमत्कारों को समाए हुए हैं. यहां हर मंगलवार, बुधवार और शनिवार को हजारों की संख्या में भक्तों पहुंचते हैं. करीब 300 साल पुराना मंदिर लोगों के आस्था का प्रमुख केंद्र है. स्थानीय लोगों का कहना है कि यहां जो भी आता है उसे उसके जीवन में क्या घटेगा उसका पूर्वाभास हो जाता है. कहते हैं कि मंदिर में विराजमान हनुमानजी भक्तों को उनका अच्‍छा या बुरा भविष्य बता देते हैं जिसके चलते भक्त सतर्क हो जाते हैं. कई लोगों का दावा है कि उन्हें अपने भविष्‍य का अहसास हुआ है.

मंदिर का सबसे बड़ा चमत्कार

मंदिर के सामने से जब भी कोई भी ट्रेन निकलती है तो उसकी स्पीड अपने आप कम हो जाती है. ट्रेन के लोको पायलट का कहना है की मंदिर आने के पहले ही अचानक उन्हें ऐसा लगता है मानो कोई उनसे ट्रेन की स्पीड कम करने के लिए कह रहा है. यदि कोई ड्राइवर इसे नजरअंदाज करता है तो अपने आप ही ट्रेन की स्पीड कम हो जाती है.

यह देश का एकमात्र ऐसा मंदिर है जहां हनुमान जी की प्रतिमा के साथ गणेश जी भी विराजमान हैं. जी हैं, यहां हनुमान जी की प्रतिमा के बाईं तरफ गणेश जी की मूर्ति स्थापित है. लोगों का मानना है कि इस मंदिर में एक साथ गणेश जी और हनुमान जी की प्रतिमा होना बड़ा शुभ है.

खेड़ापति हनुमान मंदिर के नाम से प्रसिद्ध है मंदिर

यह चमत्कारी मंदिर मध्यप्रदेश के शाजापुर जिले के बोलाई गांव में स्थित है. शाजापुर से लगभग 30 किलोमीटर दूर रतलाम भोपाल रेलवे ट्रैक के बीच स्टेशन से थोड़ी दूरी पर स्थित है. मंदिर को खेड़ापति हनुमान मंदिर के नाम से जाना जाता है. भक्त इस मंदिर को काफी शुभ मानते हैं और उनका कहना है कि या आने वाले सभी भक्तों की मुराद पूरी होती है|

उन्मेष यादगार उत्सव, क्षेत्रीय लेखक-साहित्यकारों को भी मिल रहा मौका

Unmesh memorable festival, regional writers and litterateurs are also getting a chance

 

भोपाल। एशिया के सबसे बड़ा अंतरराष्ट्रीय साहित्य उत्सव ‘उन्मेष’ ने नई उड़ान भरी है। भव्य रवींद्र सभागम केंद्र इस आयोजन से इठला रहा है, जिसमें 75 से अधिक कार्यक्रमों में 100 भाषाओं के 575 से अधिक लेखक सहभागिता कर रहे हैं। 13 अन्य देशों के लेखक भी शामिल हैं। कुछ लोग इसकी तुलना जयपुर लिटलेचर फेस्टिवल ( जेएलएफ) से कर रहे हैं। लेकिन शामिल होने आए लेखकों साहित्यकारों ने नवदुनिया से चर्चा में जेएलएफ के अपेक्षा उन्मेष को लोक के करीब बताया है। साहित्यकारों का कहना है कि यहां सभी भाषाओं, बोलियों से लेकर क्षेत्रीय लेखकों, कवियों को भी समान रूप से मंच मिल रहा है। जनवरी में हुए जेएलएफ में 21 भारतीय और 14 अंतरराष्ट्रीय भाषाओं को शामिल किया गया था।

यादगार अनुभव रहा यहां आना

जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल जेएलएफ में मैंने कभी हिस्सा नहीं लिया है। हम जैसे क्षेत्रीय लेखक-साहित्यकारों को वे बुलाते ही नहीं हैं। साहित्य अकादमी के बुलावे पर उन्मेष में सहभागिता करने पटना से भोपाल आईं हूं। पहले दिन श्रोता थी और आज वक्ता के रूप में सहभागिता कर रहीं हूं। दो अनुभव पर बात करूं तो बहुत अच्छा आयोजन है। इसके पूर्व भोपाल में विश्व हिंदी सम्मेलन हुआ था, जो उन्मेष से भी अच्छा और व्यापक था। अकादमी के गत वर्ष शिमला में हुए उत्सव में भी हिस्सा लिया था, वह भी यादगार था।
– पद्मश्री उषा किरण खान, पटना की लेखिका

उत्सव की तैयारी बेहतरीन

जिस तरह से इस उत्सव में साहित्यकारों और कलाकारों को सुविधाएं दी गई है उस लिहाज से बेहतरीन तैयारी की गई है। साहित्य अकादमी के इस आयोजन की सभी तारिफ कर रहे हैं। साहित्यकारों के साथ अच्छा समन्वय स्थापति किया गया। उन्हें होटल से आने और ले जाने की उचित व्यवस्था की गई है। देश और विदेशभर के साहित्यकारों को एक मंच देना बड़ी बात है। साथ ही उन्हें किसी भी चीज की कमी भी महसूस नहीं होने दी है। यहां आकर देखा कि भले ही वक्ता अन्य देशों से आए हो लेकिन सभी की भाषा कविता और साहित्य ही है। जो देश के लिए बड़ी बात है। मैंने जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल जेएलएफ के बारे में दोस्तों से ही सुना है लेकिन उन्मेष में मुझे अच्छा अनुभव मिला है।
– महुआ सेन, हैदराबाद की कवयित्री

अन्य साहित्यकारों से मिलने का अवसर मिला

यहां मुझे 13 देशों की 100 भाषाओं को जानने का मौका मिला। मैं शिलांग से यहां आया हूं। इससे पहले शिमला में हुए उत्सव में भी शामिल हुआ था। लेकिन यहां का अनुभव यादगार रहेगा। मुझे जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल में जाने का अवसर नहीं मिला है। वह भी देश का जाना-माना फेस्ट है। लेकिन एशिया के सबसे बड़े साहित्यिक उत्सव में शामिल होना बड़ी बात है। यहां अन्य साहित्यकारों से मिलने का अवसर और उनका अनुभव जानने का मौका मिला। जो मेरे करियर में जरूर काम आएगा।
– जायसिंह तोकबी, कवि

दोबारा यहां जरूर आना चाहूंगी

साहित्य अकादमी के इस आयोजन में देशभर के साहित्यकारों और कवियों से मिलने का मौका। उनकी भाषा के साथ उनके लिखने की शैली को समझा। मैं शिलांग से इस समारोह में हिस्सा लेने आई हूं। आने से पहले मन में विचार थे कि वहां कैसी व्यवस्था होगी लेकिन यहां आने के बाद मुझे खुशी मिल रही है। अगर यहां ऐसा समारोह दोबारा होता है तो मैं जरूरी आना चाहूंगी। मैं असम से भोपाल आई हूं।
– मैत्रयी पातर, कवयित्री

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को तोशाखाना मामले में दोषी करार, 3 साल की सजा

Former Prime Minister of Pakistan Imran Khan convicted in Toshakhana case, sentenced to 3 years

 

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को तोशाखाना मामले में दोषी ठहराया गया है। इस्लामाबाद की जिला एवं सत्र अदालत ने शनिवार को इमरान खान को 3 साल जेल की सजा सुनाई है। हालांकि, इमरान खान के पास इस सजा के खिलाफ ऊपरी अदालतों में अपील करने का मौका है।

इमरान पर सरकारी उपहार बेचने का आरोप

इस्लामाबाद की जिला एवं सत्र अदालत ने पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को संपत्ति छिपाने और सरकारी उपहार बेचने के मामले में दोषी ठहराया है। इमरान खान के वकीलों ने ट्रायल कोर्ट के जज पर पहले ही पक्षपात करने का आरोप लगा दिया था। इमरान खान को सजा दिए जाने के खिलाफ पाकिस्तान में एक बार फिर बवाल बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।

आपको बता दें कि पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने तोशाखाना मामले में राहत की मांग करने वाली इमरान खान की याचिका पहले ही खारिज कर चुका है। इमरान पर तोशाखाना से अपने पास रखे उपहारों का विवरण ‘जानबूझकर छिपाने’ का आरोप है।

इन आरोपों के साबित होने के बाद ही कोर्ट ने इमरान खान को 3 साल की सजा सुनाई है। कोर्ट के फैसले के बाद इमरान खान की पार्टी PTI की ओर से बयान जारी कर कहा गया है कि यह बिल्कुल शर्मनाक और घृणित है। सरकार इमरान खान को अयोग्य ठहराने और जेल में डालने की साजिश कर रही है

जानें क्या है तोशाखाना मामला?

पाकिस्तान में तोशाखाना एक सरकारी विभाग है, जिसमें विदेशी सरकारों के प्रमुखों की ओर से मिले उपहारों को रखा जाता है। इमरान खान पर आरोप है कि उन्होंने प्रधानमंत्री रहते हुए तोशाखाने में रखे गए कीमती उपहारों को कम दाम पर खरीदे और फिर उन्हें लाभ कमाने के लिए ज्यादा दाम पर बेच दिए। इमरान खान को साल 2018 में प्रधानमंत्री के रूप में यूरोप सहित अन्य देशों के दौरे करने पर बहुत से कीमती तोहफे मिले थे।

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