नहीं थम रहा फिल्‍म का विरोध, अब कोर्ट जाएंगे महाकाल मंदिर के पुजारी

Protest against the film is not stopping, now the priest of Mahakal temple will go to court

 

उज्‍जैन। अक्षय कुमार की अपकमिंग फिल्‍म Oh My God -2 को लेकर जारी विराेध थमने का नाम नहीं ले रहा है। फिल्‍म को सेंसर बोर्ड से ए स‍र्टिफिकेट मिला है, इसके बाद से ही फिल्‍म से महाकाल मंदिर के दृश्‍यों को हटाने की मांग शुरू हो गई है। महाकाल मंदिर के पुजारी और संत भी फिल्‍म के विरोध में उतर आए हैं और फिल्‍म के खिलाफ कोर्ट जाने की बात कही है।

दरअसल, फिल्‍म के कई दृश्‍य महाकाल मंदिर में भी फिल्‍माए गए थे, वहीं फिल्‍म को ए सर्टिफिकेट मिलने के बाद फिल्‍म का विरोध शुरू हो गया है और महाकाल मंदिर के पुजारियों ने OMG 2 से महाकाल मंदिर के द़ृश्‍यों को हटाने की मांग करते हुए कोर्ट जाने की बात कही है।

पुजारियों का क्‍या कहना है?

महाकाल मंदिर के पुजारियों का कहना है कि फिल्‍म से महाकाल मंदिर के दृश्‍य हटाए जाने तक फिल्‍म का विरोध जारी रहेगाा। अगर फिर भी दृश्‍य नहीं हटाए गए तो, फिल्‍म के डायरेक्‍टर, प्रोड्यूसर और अक्षय कुमार के खिलाफ केस दर्ज करवाया जाएगा। इसके अलावा फिल्‍म पर बैन लगाने के लिए पुजारी कोर्ट जाएंगे। पुजारियों का कहना है कि इसके लिए वकील से भी बात हो चुकी है।

OMG 2 को मिला एडल्ट सर्टिफिकेट

ओएमजी 2 को एडल्ट सर्टिफिकेट भी दिया गया है। आदि पुरुष फिल्म की तरह ही ओएमजी 2 भी रिलीज से पहले ही विवादों से घिर गई है। अमित राय के निर्देशन में बनी OMG 2 फिल्म 11 अगस्त को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है। सीबीएफसी की रिवाइजिंग कमेटी ने फिल्म की समीक्षा की थी। जानकारी के अनुसार, सेंसर बोर्ड ने फिल्म में कई बड़े बदलाव करने की मांग की थी और बोर्ड ने ओएमजी 2 के कुछ सीन्स को विवादास्पद बताया था। इसके साथ ही सर्टिफिकेशन बोर्ड ने मेकर्स को फिल्म से 20 सीन काटने को कहा था।

तेजी से फैल रहा आइ फ्लू, ओपीडी में रोज पहुंच रहे पांच सौ से ज्‍यादा मरीज, जानिए कैसे करें बचाव

 

भोपाल। मानसून सीजन में डेंगू और फ्लू ही नहीं, आंखों में संक्रमण के मामले भी तेजी से बढ़े हैं। राजधानी समेत प्रदेश में आंखों का संक्रमण या कंजक्टिवाइटिस के मरीज आ रहे हैं। डाक्टरों का कहना है कि यह बेहद संक्रामक है। लोगों को बचने के लिए ठीक तरह से साफ-सफाई का ध्यान रखने की जरुरत है। सरकारी और निजी, दोनों तरह के अस्पतालों और प्राइवेट क्लिनिक्स में आंख दिखाने आ रहे मरीजों की कतार लगी है। आंखें लाल होने से लेकर खुजली, पानी बहना और इरिटेशन जैसी समस्याएं हो रही हैं। कंजक्टिवाइटिस के मामले बढ़ने के पीछे बदला मौसम प्रमुख वजह है। डाक्टरों ने गर्मी और उमस के चलते वायरस में म्यूटेशन की संभावना भी जताई है। आमतौर पर कंजक्टिवाइटिस जैसा संक्रमण को ठीक होने में एक-दो हफ्ते लगते हैं।

स्वास्थ्य विभाग और एम्स भोपाल ने जारी किया अलर्ट

आखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान और स्वास्थ्य विभाग ने अलर्ट जारी किया है। इसके तहत अब विभाग ने लोगो को आखों के संक्रमण के लक्षण और बचाव की जानकारी दी है। एम्स भोपाल की एचओडी डा भावना शर्मा ने बताया की ओपीडी में संक्रमित की संख्या रोज बढ़ती जा रही है।

ओपीडी बुधवार

जेपी अस्‍पताल – 145
हमीदिया अस्‍पताल – 210
एम्स भोपाल – 165

क्या है कंजक्टिवाइटिस

कंजक्टिवाइटिस आंखों के संक्रमण की समस्या है। जिसे पिंक आइज की समस्या भी कहा जाता है। कंजंक्टिवा नाम की ट्रांसपैरेंट झिल्ली में इंफेक्शन या सूजन की समस्या है। एडेनोवायरस की वजह से यह इंफेक्शन सबसे ज्यादा होता है। ज्यादातर यह समस्या सामान्य इलाज से ही ठीक हो जाती है। इसके गंभीर होने का खतरा बहुत कम होता है। दरअसल, आंख सबसे ज्यादा संवेदनशील अंग है, लिहाजा इसकी ज्यादा देखभाल करने की जरूरत रहती है। एलर्जिक कंजक्टिवाइटिस होने पर खुजली, आंखों से पानी आना और सूजन जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

ऐसे पहचानें आपको कंजक्टिवाइटिस तो नहीं

कंजक्टिवाइटिस के लक्षणों की आसानी से पहचान की जा सकती है। इसके कारण आपको एक या दोनों आंखों में लाली, खुजली होने, आंखों में किरकिरापन महसूस होने, एक या दोनों आंखों में स्राव की समस्या या प्रकाश के प्रति संवेदनशीलता होने का खतरा अधिक होता है। अगर आपको कुछ समय से इस तरह की दिक्कतों का अनुभव हो रहा हे तो आपको तुरंत इलाज के लिए डॉक्टर से मिलना चाहिए।

कंजक्टिवाइटिस में ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत

– प्रेग्नेंट महिला को भी ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत हैं।
– परिवार में किसी एक कोई समस्या हो तो उसे होम आइसोलेशन के प्रोटोकाल का पालन करना चाहिए।
– कांटेक्ट लेंस का प्रयोग करने वाले संक्रमण होने पर तुरंत लेंस उतार दें।
– डाक्टर की सलाह पर ही दवा, एंटीबायोटिक और कोल्ड कम्प्रेशन लें।

ये रखें सावधानियां

– अपनी आंखों को छूने से पहले हाथ आवश्यक रूप से धोयें।
– संक्रमित व्यक्ति अपना टॉवल, तकिया, आई ड्राप आदि उपयोग की गई वस्तुऐं घर के अन्य सदस्यों से अलग रखें।
– स्विमिंग पूल, तालाबों के प्रयोग से बचे।
– कांटेक्ट लेंस पहना बंद करें और अपने नेत्र चिकित्सक की सलाह के अनुसार ही फिर इसे शुरू करें।
– आंखों के सौंदर्य प्रसाधनों का प्रयोग न करें।
– साफ हाथों से अपनी आंखों के आस-पास किसी भी तरह के स्त्राव को दिन में कई बार साफ गीले कपड़े से धोएं। उपयोग किए गए कपड़े को गर्म पानी से धो लें।
– यदि आंखों में लालिमा हो तो अपने नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र से परामर्श लें। डाक्टर के सलाह के बिना कोई भी ड्राप का उपयोग न करें।

इनका कहना है

ओपीडी में कंजंक्टिवाइटिस से संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़ी है। रोज 100 से 150 कंजंक्टिवाइटिस के मरीज आ रहे हैं। संक्रमितों को सलाह है कि डाक्टराें कि सलाह के बिना एंटीबायोटिक या अन्‍य दवाएं बिल्‍कुल भी उपयाेग नहीं करें। स्कूल जाने वाले बच्चों के स्वजनों को सलाह है कि संक्रमण दिखने पर उन्हें स्कूल ना भेजें।
– डा. भावना शर्मा, एचओडी, नेत्र विभाग एम्स

बारिश के सीजन में यह संक्रमण हर साल आता है। इस बार संक्रमितों की संख्या उम्मीद से काफी अधिक है। यही कारण है कि हर तरफ हमें संक्रमित मरीज दिखाई दे रहे हैं। संक्रमितों को बिना डाक्टर की सलाह के दवा बिलकुल भी नहीं लेना चाहिए। खास तौर से स्टेेरायड और एंटीबायोटिक दवाएं। इससे आंख की पुतली को नुकसान पहुंच सकता है, आंखों की रोशनी भी जा सकती है।
– डा. कविता सिंह, एचओडी, नेत्र विभाग, हमीदिया भाेपाल

रीवा, शहडोल, जबलपुर, नर्मदापुरम संभागों में भारी बारिश के आसार, भोपाल में जारी रिमझिम फुहारों का सिलसिला

Heavy rain expected in Rewa, Shahdol, Jabalpur, Narmadapuram divisions, drizzle continues in Bhopal

 

भोपाल। झारखंड के आसपास बना अवदाब का क्षेत्र वर्तमान में उत्तरी छत्तीसगढ़ पर आ गया है। इसके प्रभाव से जबलपुर, रीवा, शहडोल संभाग में भारी वर्षा हो रही है। इसी क्रम में पिछले 24 घंटों के दौरान गुरुवार सुबह साढ़े आठ बजे तक जबलपुर में 111.6, मलाजखंड में 99.2, रीवा में 95.2, मंडला में 85.8, उमरिया में 81.4, दमोह में 76, सतना 75, सीधी में 48.2, सागर में 45.3, नरसिंहपुर में 42, टीकमगढ़ में 38, नर्मदापुरम में 24.4, बैतूल में 23.2, पचमढ़ी में 22.6, सिवनी में 13.4, रतलाम में 12, नौगांव में 12, खजुराहो में 11, भोपाल में 9.6, छिंदवाड़ा में 8.8, दतिया में 7.2, उज्जैन में 5.4, रायसेन में 4.4, ग्वालियर में 2.5, खंडवा में दो, इंदौर में 1.9, धार में 1.9, गुना में 1.8 मिलीमीटर वर्षा हुई। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक गुरुवार को जबलपुर, नर्मदापुरम, भोपाल संभाग के जिलों में कहीं-कहीं भारी से अति भारी वर्षा होने के आसार हैं। शेष क्षेत्रों में मध्य वर्षा हो सकती है।

मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ मौसम विज्ञानी अशफाक हुसैन ने बताया कि झारखंड के आसपास बना गहरा कम दबाव का क्षेत्र वर्तमान में आगे बढ़कर उत्तरी छत्तीसगढ़ के आसपास अवदाब के रूप में बना हुआ है। यह पश्चिम-उत्तर पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा है। इसके उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश में पहुंचने की संभावना है। इस शक्तिशाली मौसम प्रणाली के प्रभाव से पूर्वी मध्य प्रदेश के जबलपुर, शहडोल, रीवा, सागर संभाग के जिलों में भारी वर्षा हो रही है। इसके अलावा भोपाल, नर्मदापुरम, उज्जैन, ग्वालियर, इंदौर संभाग में भी मध्यम स्तर की वर्षा हो रही है।

मौसम विज्ञान केंद्र के पूर्व वरिष्ठ मौसम विज्ञानी अजय शुक्ला ने बताया कि गुरुवार को जबलपुर, नर्मदापुरम, भोपाल संभाग के जिलों में भारी वर्षा होने की संभावना है। भोपाल संभाग के रायसेन, सीहोर, विदिशा जिले में भी भारी वर्षा हो सकती है। रुक-रुककर वर्षा का सिलसिला शुक्रवार को भी जारी रह सकता है। उधर राजधानी में भी बुधवार रात से ही रुक-रुककर हल्की बौछारें पड़ने का दौर जारी है। इस वजह से गुरुवार को अधिकतम तापमान में बुधवार की तुलना में तीन डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट हो सकती है।

It is the duty of the writer to preserve every language, translation will enrich literature: President Draupadi Murmu

 

भोपाल, 03 अगस्त| राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आज देश में भाषाओं के संरक्षण की आवश्यकता को रेखांकित करते हुए कहा कि हर भाषा को संभाल कर रखना लेखकों का कर्त्तव्य है और एक भाषा की पुस्तकों का दूसरी भाषाओं में अनुवाद से साहित्य और ज्यादा समृद्ध होगा।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू यहां केंद्रीय संस्कृति विभाग के अधीन संगीत नाटक अकादमी और साहित्य अकादमी की ओर से राज्य के संस्कृति विभाग के सहयोग से आयोजित समारोह ‘उत्कर्ष’ एवं ‘उन्मेष’ के उद्घाटन समारोह को संबोधित कर रहीं थीं। इस अवसर पर मध्यप्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई पटेल और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी उपस्थित थे। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि आजादी के अमृत महोत्सव के तहत साहित्य के क्षेत्र में इस बात का विचार किया जाना चाहिए कि इस क्षेत्र में पाठकों की भागीदारी कितनी है। उन्होंने कहा कि उनकी जानकारी में उड़िया भाषा की एक पुस्तक ऐसी है, जिसके 100 से ज्यादा रीप्रिंट हो चुके हैं।

इसी क्रम में उन्होंने कहा कि संप्रेषणीय होना साहित्य की प्रमुख कसौटी है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि उनका संथाली और उड़िया भाषा से सबसे ज्यादा परिचय है। संथाली भाषा की पुस्तकों का कई अन्य भाषाओं में अनुवाद हुआ है। उन्होंने कहा कि एक भाषा की पुस्तकों का दूसरी भाषा में अनुवाद होने से साहित्य समृद्ध होता है।

इसके साथ ही उन्होंने कहा कि भारत में 700 से ज्यादा आदिवासी समुदाय है, लेकिन उनकी भाषाएं और बोली इससे लगभग दो गुनी हैं। देश भर की भाषाओं को संभाल कर रखना लेखकों का कर्त्तव्य है। उन्होंने कहा कि भारत की सबसे ज्यादा जनजातीय आबादी मध्यप्रदेश में रहती है, इसलिए ये आयोजन यहां किया जाना तर्कसंगत और भावसंगत दोनों है। राष्ट्रपति ने कहा कि हाल के वर्षों में जनजातीय समुदाय के कई कलाकारों को पद्म पुरस्कारों से सम्मानित किया गया है। इसी क्रम में उन्होंने छत्तीसगढ़ की जनजातीय कलाकार तीजन बाई का विशेष उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि तीजन बाई को पद्म विभूषण से सम्मानित किया जाना इस वर्ग की सभी बहनों का सम्मान है।

उन्होंने कहा कि जनजातीय वर्ग भी दूसरे वर्गों की तरह जीवन की अपनी आकांक्षाएं पूरी करना चाहते हैं। हमारा सामूहिक प्रयास होना चाहिए कि अपनी संस्कृति और प्राकृतिक परिवेश को सुरक्षित रखते हुए इस वर्ग के युवा आधुनिक विकास में भागीदार बनें।

उन्‍मेष-उत्‍कर्ष उत्‍सव में बोलीं राष्‍ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, मानवता को आईना दिखाता है साहित्‍य

President Draupadi Murmu said in Unmesh-Utkarsh festival, literature shows mirror to humanity

भोपाल। राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मु ने कहा कि राष्ट्रपति का पदभार ग्रहण करने के बाद मेरी सबसे ज्यादा यात्राएं मध्य प्रदेश में हुई है। यह मेरी मध्य प्रदेश में 5वीं यात्रा है, आप सभी से मिले इस प्यार के लिए धन्यवाद। उन्मेष का अर्थ आंखों का खुलना भी होता है और फूलों का खुलना भी। हमारी परंपरा में “यत्र विश्वं भवत्येकनीडम्” की भावना प्राचीन काल से आधुनिक युग तक निरंतर व्‍यक्‍त होती जा रही है। राष्ट्रप्रेम और विश्व बंधुत्व के आदर्श का संगम हमारे देश की चिंतन धाराओं में सदैव दिखाई देता है।

राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मु ने जयशंकर प्रसाद और गुरुदेव रवींद्र नाथ टैगोर को भी याद किया और उनकी कविताओं का उल्‍लेख किया। उन्‍होंने कहा कि मानवता का वास्‍तविक इतिहास विश्‍व के महान साहित्‍यों में ही मिलता है। साहित्‍य मानवता को आईना भी दिखाता है, इसे बचाया भी है और आगे भी बढ़ाया है। साहित्‍य और कला ने संवेदनशीलता और करुणा को बनाए रखा है।

राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मु ने कहा कि आज 140 क

President Draupadi Murmu said in Unmesh-Utkarsh festival, literature shows mirror to humanity
रोड़ देशवासियों का मेरा परिवार है और सभी भाषाएं व बोलियां मेरी अपनी हैं। हमारा सामूहिक प्रयास अपनी संस्कृति, लोकाचार, रीति-रिवाज और प्राकृतिक परिवेश को सुरक्षित रखने का होना चाहिए। हमारे जनजाति समुदाय के भाई-बहन और युवा आधुनिक विकास में भागीदार बनें।

राष्‍ट्रपति द्रौपदी मुर्मु आज भोपाल प्रवास पर हैं। वह सुबह साढ़े ग्‍यारह बजे विशेष विमान से यहां पहुंचीं। स्‍टेट हैंगर पर सीएम शिवराज सिंह चौहान व प्रदेश के गृहमंत्री नरोत्‍तम मिश्रा ने उनकी आत्‍मीय अगवानी की।

यहां से राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मु का काफिला रवींद्र भवन के लिए रवाना हो गया। रवींद्र भवन में उन्‍होंने एशिया के सबसे बड़े साहित्य उत्सव उन्मेष और लोक व जनजातीय अभिव्यक्तियों के कला उत्सव उत्‍कर्ष का शुभारंभ किया। राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मु इस कार्यक्रम में करीब दो घंटे तक रहेंगी। इससे पहले राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मु इसी साल मार्च में अंतरराष्‍ट्रीय धर्म-धम्‍म सम्‍मेलन के उद्घाटन के मौके पर भोपाल आई थीं। कार्यक्रम में राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मु के उद्बोधन के पश्‍चात मंच लोक कलाकारों द्वारा सांस्‍कृतिक प्रस्‍तुतियां देने का सिलसिला शुरू हुआ।

साहित्य, संगीत और कला देते हैं आत्मा और मन को सुख

इससे पहले सीएम शिवराज सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि हमारे देश का इतिहास सबसे पुराना है। ये वो धरती है जिसके गांव का बच्चा-बच्चा यह बोलता है कि प्राणियों में सद्भावना हो और विश्व का कल्याण हो। रोटी-कपड़ा-मकान ही हमारी जरूर नहीं है। हमें शरीर के सुख के साथ मन और आत्मा का सुख भी चाहिए। यह सुख जो देता है, वो साहित्य, संगीत और कला है। उत्कर्ष-उन्मेष जैसे कार्यक्रम हमारे संगीतज्ञ और कलाकारों को आगे लेकर आते हैं।

एमपी से जुड़े हैं कला, संगीत और साहित्य के कई नाम

सीएम शिवराज ने कहा, मध्य प्रदेश प्राचीन काल से कला और संस्कृति की संगम स्थली रही है। यह साहित्यकारों की कर्मभूमि रहा है। भीमबैठका और खजुराहो इसके साक्षात प्रमाण हैं। राजा भोज और देवी अहिल्या ने धर्म और संस्कृति के लिए कार्य किया है। लता मंगेशकर, किशोर कुमार और उत्साद अलाउद्दीन खान को इसी धतरी ने जन्म दिया। इस आयोजन पर आए सभी मेहमानों का मैं दिल से धन्यवाद देता हूं।

75 से अधिक सत्रों में 575 से अधिक लेखक

गौरतलब है कि 03 से 05 अगस्‍त तक चलने वाले ‘उन्मेष’ उत्‍सव में 75 से अधिक सत्रों में 575 से अधिक लेखक भागीदारी करेंगे। इसमें तीन राज्यों के राज्यपाल और 13 विदेशी भाषाओं के लेखक भी होंगे। चिकित्सकों का साहित्य, सागर साहित्य जैसे नए विषयों पर विमर्श होगा। इसके अंतर्गत बहुभाषी कविता पाठ, लेखन पाठ, आदिवासी कवि सम्मेलन, साहित्य के विषयों पर परिचर्चा, आजादी का अमृत महोत्सव पर कविता पाठ और साहित्य के उत्थान संबंधी विभिन्न विषयों पर प्रबुद्धजनों द्वारा विमर्श किया जाएगा। इसके साथ ही “पुस्तक मेला” में साहित्य अकादमी और अन्य प्रकाशकों की पुस्तकें बिक्री के लिए उपलब्ध रहेंगी। उत्सव के दौरान साहित्य अकादमी द्वारा प्रख्यात लेखकों पर बनी डाक्यूमेंट्री भी दिखाई जाएंगी।

उत्‍कर्ष उत्‍सव में शाम को होंगी सांस्‍कृतिक प्रस्‍तुतियां

उत्कर्ष कार्यक्रम के तहत शाम पांच बजे से हंसध्वनि सभागार में भारत के लोक नृत्य और जनजातीय नृत्यों की प्रस्तुति दी जाएंगी। उत्सव के पहले दिन गुरुवार को शाम पांच बजे से विभिन्न राज्यों के लोक नृत्यों की प्रस्तुति दी जाएगी। लेह एवं लद्दाख का जबरो नृत्य, नगालैंड का सुमी वार नृत्य, गोवा का समय नृत्य, सिक्किम का सिंधी छम, मध्यप्रदेश का राई, बरेदी नृत्य, मेघालय का बांग्ला नृत्य, महाराष्ट्र का लावणी नृत्य, असम का बीहू नृत्य, ओडिसा का सिंगारी नृत्य, झारखंड का पाइका नृत्य और आंध्र प्रदेश के टप्पेटा गुल्लू नृत्य की प्रस्तुति होगी।

उत्‍सव के दूसरे दिन शुक्रवार को अरुणाचल प्रदेश के आजी लामू नृत्य, हिमाचल प्रदेश का सिरमौरी नाटी, छत्तीसगढ़ का पंथी नृत्य, राजस्थान का कालबेलिया नृत्य, असम का तिवा, हरियाणा का फाग, उत्तर प्रदेश का मयूर रास, झारखंड का झूमुर, मणिपुर का ढोल चोलम एवं थांग टा नृत्य, तमिलनाडु का करगट्‌टम, पश्चिम बंगाल का नटुवा नृत्य, कर्नाटक का पूजा कुनिथा और गुजरात का मणीयारो रास नृत्य की प्रस्तुति दी जाएगी।

तीसरे दिन कश्मीर के रौफ नृत्य, सिक्किम का सोराठी, बिहार का झिझिया, त्रिपुरा का होजागिरी, छत्तीसगढ़ का गौड़ मारिया, केरला का पुलकली, उत्तराखंड का छपेली, ओडिशा का गोटीपुआ, पंजाब का भांगड़ा, बंगाल का पुरुलिया छऊ, तेलंगाना का ओग्गू डोलू और मध्यप्रदेश का गुदुम बाजा नृत्य की प्रस्तुति दी जाएगी।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के साथ पौधे लगाकर मनाया जन्म-दिवस

Birthday celebrated by planting saplings with Chief Minister Shivraj Singh

भोपाल, 3 अगस्त| मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने श्यामला हिल्स स्थित उद्यान में जामुन, करंज और महुआ के पौधे लगाए।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के साथ मीनाक्षी यादव ने अपने जन्म-दिवस पर पौधे रोपे। उनके पति अखिलेश यादव और बेटी आइरिस साथ थीं। अतुल मालवीय ने भी अपने जन्म-दिवस पर पौधे लगाए।

इनके परिजन व परिचित भरत मालवीय और रुपेश व आरुष साथ थे। ग्वालियर के लोकतंत्र सेनानी त्रिलोक नाथ झा और सामाजिक कार्यकर्ता दिनेश कुमार शर्मा, राजू पथरोल, संजीव गोयल, सुरेश नागवंशी तथा किरणजीत कौर ने भी पौध-रोपण में भाग लिया।

MP election 2023: चुनावी रण से पहले राजनीतिक दलों में चुनावी रस्में जोरों से शुरू

 

मध्यप्रदेश में 2023 के विधानसभा चुनाव होना है। प्रशासन से लेकर राजनीतिक दल चुनावी जमावट में जुटे हुए है। प्रदेश में लगातार प्रशासनिक अधिकारियों के तबादले हो रहे है। कई विभागों में कर्मचारी स्तर पर भी ट्रांसफर चालू हो रहे है। मलाईदार विभाग भी कार्यों को गति के साथ कर बिलिंग प्रॉसेस पूरी करने में जुटे है।

राजनीतिक दल विभिन्न कमेटियों का गठन कर चुनाव प्रबंधन शुरू कर चुके है।

बूथ मैनजमेंट में दोनों दलों के साथ जिला प्रशासन भी मतदाताओं में जागरूकता लाने और अधिक से अधिक मतदान के लिए नए वोटरों को जोड़ने में जुट गया है।

चुनावी रस्म आदगी के तहत प्रमुख दल पुराने कार्यकर्ताओं की खैर ख़बर ले रहे है। वर्तमान जनप्रतिनिधियों ने भी अब मंचों पर “मैं” का राग देना बंद कर “हमें” का उपयोग शुरू कर दिया है। कमर झुका कर जनता से मुस्कराहट के साथ मिलना शुरू दिया है।

जो नाराज है उन्हें दिल पर पत्थर रख पद, लोभ, ठेके देकर मनाने की चुनावी खास रस्म शुरू कर दी है।

मंदसौर जिले के पिपलियामंडी में सीएम शिवराज सिंह का रोड शो

Road show of CM Shivraj Singh in Pipliyamandi of Mandsaur district

मंदसौर/ पिपलियामंडी। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने मालवा क्षेत्र में विकास पर्व व किसान सम्मेलन के माध्यम से विधानसभा चुनाव अभियान की शुरुआत की है।

सीएम शिवराज सिंह बुधवार को मंदसौर जिले की नगर परिषद पिपलियामंडी में विकास पर्व के अंतर्गत रोड शो में शामिल हुए। रोड शो में सीएम शिवराज सिंह की एक झलक पाने के लिए विशाल जन-समुदाय उमड़ पड़ा। नगर एवं क्षेत्र की आम जनता ने घरों की छत, मुण्डेर एवं सड़क के दोनों ओर कतारबद्ध होकर पुष्प-वर्षा और फूल मालाओं से सीएम शिवराज सिंह का आत्मीय स्वागत किया। सीएम शिवराज सिंह ने भी पोरवाल धर्मशाला के सामने मुख्य मार्ग पर स्थापित राजा टोडरमल की प्रतिमा का भी अनावरण किया।

सीएम शिवराज सिंह के रोड शो के दौरान लाड़ली बहनों ने प्यारे भईया एवं लाड़ली भांजियों ने प्यारे मामा के स्वागत में पुष्प-वर्षा की। क्या छोटे, क्या बड़े, सभी अपने प्रिय सीएम शिवराज सिंह की एक झलक पाने के लिए पलक-पावड़े बिछाये हुए थे। गलियों एवं चौराहों पर उमड़े अपार जनसमूह ने मुख्यमंत्री का “मुख्यमंत्री जिंदाबाद”, “प्यारे भईया, प्यारे मामा, जिंदाबाद” जैसे नारों से स्वागत किया। लाड़ली बहनें धन्यवाद की तख्तियां लिए फूल बरसा रही थीं।

रोड शो में जिला प्रभारी तथा औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन मंत्री राजवर्धन सिंह दत्तीगांव, वित्त, वाणिज्यिक कर, योजना एवं आर्थिक सांख्यिकी मंत्री जगदीश देवड़ा, नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा तथा पर्यावरण मंत्री हरदीप सिंह डंग,जल संसाधन एवं मछुआ कल्याण तथा मत्स्य-विकास मंत्री तुलसीराम सिलावट, विधायक दिलीप सिंह परिहार और अन्य जन-प्रतिनिधि भी शामिल हुए।

कृषिउपज मंडी पिपलिया मंडी से प्रारंभ रोड शो सरदार पटेल चौराहा टीला खेड़ा बालाजी, पोरवाल धर्मशाला, लवली चौराहा, गांधी चौराहा, रेलवे फाटक, बस स्टेंड रोड, पिपलिया मंडी चौपाटी एवं कनघट्टी रोड होते हुए कॉलेज ग्राउंड जनसभा स्थल पहुँचा। तीन किलोमीटर के लंबे रोड शो में मुख्यमंत्री श्री चौहान का योगी समाज, श्री महामाया मित्र मंडल, श्री पशुपतिनाथ यात्रा संघ, श्री जैन श्वेतांबर सोशल ग्रुप, सकल ब्राह्मण समाज, सेन समाज, नगारची, समाज राठौर समाज, पोरवाल समाज सहित विभिन्न सामाजिक, धार्मिक, व्यापारिक, शासकीय तथा अशासकीय संगठनों और विभिन्न मित्र मंडलों के सदस्यों ने पुष्प मालाओं से स्वागत-अभिनंदन किया। जगह-जगह बने स्वागत मंचों से नगर परिषद के पदाधिकारियों और पार्षद, जन-प्रतिनिधियों, विभिन्न संगठन, समाज के प्रतिनिधियों ने स्वागत किया।

 

 

876 करोड़ रुपये की मल्हारगढ़ दाब युक्त सूक्ष्म वृहद सिंचाई परियोजना मल्हारगढ़ तहसील के ग्राम अरनिया जटिया से प्रारंभ होगी। इससे 126 गांवों में हर खेत को सिंचाई के लिए चंबल नदी का पानी मिलेगा। योजना में 46 हजार 500 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई होगी। परियोजना निर्माण के पश्चात इस क्षेत्र के 126 गांव के 74 हजार 700 हितग्राही लाभान्वित होंगे।

418 करोड़ की गरोठ सूक्ष्म सिंचाई परियोजना का लोकार्पण

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह 418 करोड़ 23 लाख रुपये में बनी गरोठ सूक्ष्म सिंचाई परियोजना का लोकार्पण करेंगे। इस परियोजना से 62 गांवों की सिंचाई के लिए चंबल नदी का पानी मिलेगा। योजना में 21 हजार 400 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई होगी। परियोजना से इस क्षेत्र के 62 गांव के 16 हजार 860 हितग्राही लाभान्वित होंगे।

इनका भूमिपूजन, लोकार्पण

– 876.62 करोड़ रुपये की मल्हारगढ़ दाबयुक्त सूक्ष्म वृहद सिंचाई परियोजना का भूमिपूजन।

– 418.23 करोड़ में बनी गरोठ सूक्ष्म सिंचाई परियोजना का लोकार्पण।

– 20.17 करोड़ रुपये में बने सेदरा करनाली तालाब का लोकार्पण

– 13.99 करोड़ रुपये में बने खेताखेड़ा तालाब का लोकार्पण

– 5.15 करोड़ रुपये में बने हरचंदी सालिड वियर का लोकार्पण।

– 3.53 करोड़ में बने शासकीय महाविद्यालय पिपलियामंडी के अतिरिक्त कक्षों का लोकार्पण|

राज्य स्तरीय खेल पुरस्कारों की घोषणा

Announcement of state level sports awards

 

भोपाल| खेल और युवा कल्याण मंत्री श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ने वर्ष 2022 के राज्य स्तरीय खेल पुरस्कारों की घोषणा की है। श्रीमती सिंधिया ने बताया कि वर्ष 2022 के लिए 11 खिलाडियों को एकलव्य पुरस्कार, 10 को विक्रम, एक प्रशिक्षक को विश्वामित्र तथा एक खेल हस्ती को लाइफ टाईम एचीवमेंट पुरस्कार से सम्मानित किया जायेगा। उन्होंने बताया कि वर्ष 2011 तक एकलव्य पुरस्कार विजेता को 25 हजार रूपये और विक्रम, विश्वामित्र और लाईफ टाईम अवार्ड के विजेताओं को 50 हजार रूपये की राशि दी जाती थी। वर्ष 2021 से सभी पुरस्कार राशि को बढ़ाया गया। अब एकलव्य पुरस्कार प्राप्त खिलाड़ियों को एक लाख रूपये और शेष को दो लाख रूपये की पुरस्कार राशि दी जाती है। वर्ष 2013 से पारंपरिक खेल मलखंब में उत्कृष्टता के लिए स्व. प्रभाष जोशी पुरस्कार प्रारंभ किया गया। जिसमें विजेताओं को दो लाख रूपये की राशि से सम्मानित किया जाता है।

एकलव्य पुरस्कार

वर्ष 2022 के एकलव्य पुरस्कार के लिए भोपाल के आस्था दांगी (क्याकिंग-केनोइंग), अमन सिंह बिष्ट (बॉक्सिंग), प्रज्ञा सिंह (फेंसिंग), आशी चौकसे (शूटिंग) और सौम्या तिवारी (क्रिकेट), राजगढ़ की रितिका दांगी (सेलिंग), देवास के अभिषेक परिहार (सॉफ्ट-टेनिस), इंदौर की पलक शर्मा (तैराकी), ग्वालियर की खुशबू (हॉकी), उज्जैन के दीपेश लश्करी (जिम्नास्टिक) और इन्द्रजीत नागर को (मलखंब) खेल में एकलव्य पुरस्कार के लिए चयनित किया गया है।

विक्रम पुरस्कार

वर्ष 2022 के विक्रम पुरस्कारों के लिए भोपाल के राजू सिंह (घुड़सवारी), देवास के आदित्य दुबे (सॉफ्ट-टेनिस), सीहोर की नीतू वर्मा (क्याकिंग-केनोइंग), अशोकनगर के भूरक्षा दुबे (वूशु), रायसेन की प्रगति दुबे (शूटिंग), इंदौर के सुबोध चौरसिया (सॉफ्टबाल) एवं आवेश खान को (क्रिकेट), ग्वालियर के नीरज राणा (हॉकी) तथा धनंजय दुबे (टेनिस) (दिव्यांग वर्ग में) तथा उज्जैन के राजवीर सिंह पंवार के नामों की घोषणा हुई है।

विश्वामित्र पुरस्कार

किसी भी खिलाड़ी के उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सही प्रशिक्षण महत्पूर्ण होता है। इसमे प्रशिक्षक की अहम भूमिका होती है। वर्ष 2022 में विश्वामित्र पुरस्कार के लिए भोपाल की बैंडमिंटन प्रशिक्षक श्रीमती रश्मि मालवीय का चयन किया गया है।

लाईफ टाईम एचीमेंट आवर्ड

वर्ष 2022 में राज्य स्तरीय लाईफ टाईम एचीमेंट पुरस्कार की श्रेणी में इंदौर के श्री अनिल धूपर (टेनिस) का चयन किया गया है।

सीएम शिवराज सिंह का आगर में रोड शो, जगह-जगह हुआ स्वागत, दो सिंचाई परियोजना की दी सौगात

Road show of CM Shivraj Singh in Agar, welcomed at various places, gifted with two irrigation projects

आगर-मालवा। सीएम शिवराज सिंह आज आगर-मालवा पहुंचे, यहां जनदर्शन यात्रा में जगह-जगह उनका स्वागत हुआ। सीएम शिवराज सिंह ने आगर-मालवा जिले में 1200.70 करोड़ रुपये की कुण्डालिया दाब युक्त सिंचाई परियोजना चरण-1 का लोकार्पण और 418 करोड़ रुपये की गरोठ सूक्ष्म सिंचाई परियोजना का भूमिपूजन समेत करोड़ों रुपये के विभिन्न विकासकार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन कर क्षेत्रवासियों को विभिन्न सौगातें दीं।

 

Road show of CM Shivraj Singh in Agar, welcomed at various places, gifted with two irrigation projects

सीएम शिवराज सिंह की जनदर्शन यात्रा झंडा चौक, आनंद टाकीज चौराहा, नाना बाजार गोपाल मंदिर, सरकारवाड़ा हाटपुरा, पुराना अस्पताल चौराहा होते हुए विजय स्तंभ पहुंची। लाड़ली बहना सम्मेलन पुलिस थाना ग्राउंड पर आयोजित किया गया।

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