मध्य प्रदेश विधानसभा में UCC बिल पास,ऐसा करने वाला चौथा राज्य बना

मध्य प्रदेश विधानसभा में UCC बिल पास,ऐसा करने वाला चौथा राज्य बना
मध्य प्रदेश विधानसभा में भारी हंगामे के बीच समान नागरिक संहिता (UCC) विधेयक को मंजूरी मिल गई है। उत्तराखंड, गुजरात और असम के बाद मध्य प्रदेश UCC लागू करने वाला चौथा राज्य बनेगा।

मध्य प्रदेश विधानसभा में विपक्ष ने भारी हंगामा किया, लेकिन नारेबाजी और तीखी बहस के बीच ‘समान नागरिक संहिता (यूसीसी) विधेयक’ बहुमत से पारित हो गया है।

सीएम ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा, ‘विपक्ष के लोग इस महत्वपूर्ण विषय पर दोहरा रवैया अपना रहे हैं। दुनिया देख रही है। यह स्वयं लज्जित होंगे। माताएं-बहनें इन्हें माफ नहीं करेंगी।’
भारी हंगामे के बीच विधेयक पास

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जब विधेयक पर अपना वक्तव्य रख रहे थे, तब कांग्रेस विधायकों ने लगातार विरोध किया और ‘चंदा चोरों, गद्दी छोड़ो’ के नारे लगाए।

विधानसभा में भारी हंगामे के बीच मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विधेयक पर अपना वक्तव्य देते हुए विपक्ष पर हमला बोला। मुख्यमंत्री ने कहा, ‘कांग्रेस हमेशा से तुष्टिकरण और मुस्लिम वोट बैंक की राजनीति करती आई है और देश की जनता की पीठ में खंजर घोंपने का काम किया है।’

कैलाश की भुट्टा पार्टी में मोहन की मौजूदगी

कैलाश की भुट्टा पार्टी में मोहन की मौजूदगी
राजनीति में आजकल विपरीत ध्रुव माने जा रहे दो भाजपाई दिग्गज अरसे बाद साथ नजर आए और सबसे बड़ी बात सहज’नजर आए। मौका था, कैलाश विजयवर्गीय द्वारा दी गई भुट्टा पार्टी का और खास बात थी मुख्यमंत्री डा मोहन यादव की काफी समय मौजूदगी। बीती रात विधानसभा परिसर में इस पार्टी में भाजपा के तमाम विधायक,मंत्री और पदाधिकारी बडी संख्या में मौजूद थे तो अखबारनवीस भी बडी तादाद में थे। लेकिन पार्टी में मुख्यमंत्री डा मोहन यादव की बाडी लैंग्वेज को सभी ने गौर किया। दोनों ने बगल में बैठकर बातें भी की,मुस्कुराये भी और भुट्टे के व्यंजनों का आदान-प्रदान भी किया। मोहन यादव इसलिये भी खुश ज्यादा थे,क्योंकि कुछ देर पहले ही विधानसभा में उनकी ड्रीम मिशन कामयाब हुआ था, यानी समान नागरिक संहिता विधेयक पारित हुआ था। विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर भी हल्के-फुल्के मूड में थे, क्योंकि विधेयक पर चर्चा के दौरान कांग्रेस के जोरदार विरोध,आपत्तियों व नारेबाजी से बनी काफी तनावपूर्ण परिस्थितियों को उन्होंने हेंडल किया था।

Social Welfare : समाज कल्याण विभाग का बड़ा फैसला, लापरवाही पर अब 11 बिंदुओं से होगी विभागीय जांच

लखनऊ। उत्तर प्रदेश समाज कल्याण विभाग ने विभागीय कार्यों में लापरवाही और अनियमितताओं पर सख्ती बढ़ा दी है। अब अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ होने वाली विभागीय जांच 11 बिंदुओं वाली नई गाइडलाइन के आधार पर की जाएगी। विभाग ने जांच प्रक्रिया को अधिक स्पष्ट, पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए यह कदम उठाया है।

विभाग के अनुसार, कई मामलों में जांच प्रक्रिया में तकनीकी कमियों और अधूरी रिपोर्ट के कारण कार्रवाई प्रभावित होती थी। इसे देखते हुए जांच अधिकारियों को अब तय 11 बिंदुओं पर तथ्य जुटाकर विस्तृत रिपोर्ट तैयार करनी होगी।

नई व्यवस्था के तहत आरोपों की पुष्टि, संबंधित दस्तावेजों की जांच, अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका तथा जिम्मेदारी जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं को जांच में शामिल किया जाएगा। इससे दोषी पाए जाने वाले कर्मचारियों के खिलाफ समय पर कार्रवाई की जा सकेगी।

समाज कल्याण विभाग का कहना है कि इस कदम से विभागीय कार्यों में जवाबदेही बढ़ेगी और सरकारी योजनाओं के संचालन में पारदर्शिता आएगी। लापरवाही या नियमों की अनदेखी करने वाले अधिकारियों पर अब सख्त कार्रवाई की जाएगी।

मुख्य बिंदु:

  • विभागीय जांच के लिए 11 बिंदुओं की नई गाइडलाइन लागू
    – जांच प्रक्रिया में पारदर्शिता और तेजी लाने की तैयारी
    – अधूरी जांच रिपोर्ट पर लगेगी रोक
    – दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों पर होगी कार्रवाई
    – सरकारी योजनाओं में जवाबदेही बढ़ाने का प्रयास

 

Social Welfare: पश्चिम बंगाल: वरिष्ठ नागरिकों, विधवाओं और दिव्यांगों की मासिक पेंशन 50% बढ़ी, 1 अगस्त से मिलेगा 1,500 रुपये

 

पश्चिम बंगाल सरकार ने सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के तहत बड़ा फैसला लेते हुए वरिष्ठ नागरिकों, विधवाओं और दिव्यांगों को मिलने वाली मासिक पेंशन 1,000 रुपये से बढ़ाकर 1,500 रुपये प्रति माह कर दी है। बढ़ी हुई पेंशन अगले महीने की पहली तारीख यानी 1 अगस्त 2026 से लागू होगी।

सरकार द्वारा जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार, बढ़ी हुई सहायता राशि सभी पात्र लाभार्थियों के बैंक खातों में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के माध्यम से भेजी जाएगी।

इसके साथ ही राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (NSAP) के तहत संचालित इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना और इंदिरा गांधी राष्ट्रीय दिव्यांगता पेंशन योजना के लाभार्थियों को भी 1,500 रुपये प्रतिमाह मिलेंगे। इन योजनाओं के तहत भी भुगतान 1 अगस्त 2026 से DBT के जरिए किया जाएगा।

इस फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा के राष्ट्रीय सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग के प्रभारी Amit Malviya ने सोशल मीडिया पर कहा कि पश्चिम बंगाल के पिछड़े समुदाय लंबे समय तक प्रशासनिक उपेक्षा का सामना करते रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि भाजपा सरकार समावेशी विकास की दिशा में काम कर रही है और सामाजिक कल्याण पेंशन में 50 प्रतिशत की बढ़ोतरी उसी सोच का हिस्सा है।

मुख्य बातें:

  • पेंशन 1,000 रुपये से बढ़ाकर 1,500 रुपये प्रतिमाह।
    – लाभ 1 अगस्त 2026 से लागू।
    – राशि DBT के माध्यम से सीधे बैंक खाते में भेजी जाएगी।
    – वृद्धावस्था, विधवा और दिव्यांग पेंशन योजना के सभी पात्र लाभार्थियों को मिलेगा लाभ।
    – NSAP के तहत आने वाली इंदिरा गांधी पेंशन योजनाओं के लाभार्थी भी शामिल।

भोपाल में भाजपा का कांग्रेस कार्यालय घेराव, बैरिकेडिंग तोड़ने की कोशिश; लिंक रोड पर पुलिस ने रोका

 

 

भोपाल में भाजपा ने कांग्रेस कार्यालय के घेराव का प्रयास किया। लिंक रोड पर पुलिस ने बैरिकेडिंग कर कार्यकर्ताओं को रोका। प्रदर्शन के दौरान नारेबाजी और हल्की धक्का-मुक्की हुई।

भोपाल। राजधानी भोपाल में बुधवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कांग्रेस के विरोध में प्रदेश कांग्रेस कार्यालय का घेराव करने के लिए बड़ा प्रदर्शन किया। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष एवं विधायक हेमंत खंडेलवाल के नेतृत्व में पार्टी के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता रेड क्रॉस अस्पताल से कांग्रेस कार्यालय की ओर मार्च करते हुए निकले।

यह प्रदर्शन दिल्ली में कांग्रेस द्वारा प्रधानमंत्री आवास के निकट किए गए धरना-प्रदर्शन और हंगामे के विरोध में आयोजित किया गया था। भाजपा कार्यकर्ताओं का जत्था जैसे ही कांग्रेस कार्यालय की ओर बढ़ा, पुलिस ने पहले से की गई सुरक्षा व्यवस्था के तहत लिंक रोड पर उन्हें रोक दिया।

कांग्रेस कार्यालय और उसके आसपास के क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। सभी प्रमुख मार्गों पर बैरिकेडिंग कर सुरक्षा घेरा बनाया गया था ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके।

प्रदर्शन के दौरान कुछ भाजपा कार्यकर्ताओं ने बैरिकेडिंग पार करने और आगे बढ़ने का प्रयास किया। इस दौरान कुछ स्थानों पर बैरिकेडिंग हटाने की कोशिश भी की गई, जिससे पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हल्की धक्का-मुक्की हुई। हालांकि पुलिस ने स्थिति पर तुरंत नियंत्रण स्थापित कर लिया और किसी भी तरह की बड़ी घटना नहीं होने दी।

भाजपा कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस सरकार और कांग्रेस नेतृत्व के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। वहीं प्रशासन ने पूरे घटनाक्रम के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखी और कांग्रेस कार्यालय तक किसी भी प्रदर्शनकारी को पहुंचने नहीं दिया।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार पूरे घटनाक्रम के दौरान कानून-व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रण में रही और संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रखा गया। प्रशासन ने स्थिति पर लगातार निगरानी बनाए रखी।

 

NEET Protest News: CJP प्रदर्शन पर पुलिस कार्रवाई मामले में सुप्रीम कोर्ट ने तत्काल सुनवाई से किया इनकार

 

नई दिल्ली। राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) में सुधार और नीट (NEET) परीक्षा प्रणाली में बदलाव की मांग को लेकर जारी छात्र आंदोलन से जुड़े एक मामले में सुप्रीम कोर्ट ने तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया। प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई की मांग करते हुए याचिकाकर्ता के वकील ने अदालत से तत्काल हस्तक्षेप की अपील की, जिसे सर्वोच्च अदालत ने अस्वीकार कर दिया।

मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने सुनवाई के दौरान कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा, “हमारा समय नष्ट न करें और न ही अपना समय व्यर्थ गंवाएं।” अदालत ने स्पष्ट किया कि इस मामले में तत्काल सुनवाई का कोई आधार नहीं बनता।

वीडियो रिकॉर्डिंग देखने से किया इनकार

सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस द्वारा कथित बल प्रयोग के वीडियो रिकॉर्डिंग का हवाला दिया गया। इस पर मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि अदालत के पास ऐसे वीडियो देखने का समय नहीं है और न ही वह इस स्तर पर वीडियो फुटेज के आधार पर तत्काल सुनवाई करेगी।

दिल्ली हाई कोर्ट भी कर चुका है इनकार

इस मामले में सुप्रीम कोर्ट के रुख से एक दिन पहले दिल्ली हाई कोर्ट ने भी इसी मुद्दे से जुड़ी याचिका पर आपातकालीन सुनवाई से इनकार कर दिया था। हाई कोर्ट ने कहा था कि ऐसे मामलों में अदालतों से तत्काल हस्तक्षेप की अपेक्षा उचित नहीं है और न्यायिक प्रक्रिया का पालन किया जाना चाहिए।

छात्र आंदोलन की पृष्ठभूमि

देशभर में NEET परीक्षा में कथित पेपर लीक और NTA की परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग को लेकर कई छात्र संगठनों द्वारा प्रदर्शन किए जा रहे हैं। इन्हीं प्रदर्शनों के दौरान पुलिस कार्रवाई के आरोप लगाते हुए संबंधित पक्ष ने अदालत का दरवाजा खटखटाया था।

आगे क्या?

सुप्रीम कोर्ट और दिल्ली हाई कोर्ट, दोनों से तत्काल राहत नहीं मिलने के बाद फिलहाल प्रदर्शनकारी छात्रों की कानूनी उम्मीदों को झटका लगा है। अब मामले में आगे की न्यायिक प्रक्रिया और जांच एजेंसियों की कार्रवाई पर सभी की नजरें बनी हुई हैं।

डॉ. हेडगेवार ने दिया था समानता का विचार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

डॉ. हेडगेवार ने दिया था समानता का विचार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राष्ट्रवादी विचारधारा के संगठन राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के संस्थापक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार ने देशभक्ति के साथ समानता का दर्शन दिया था। वे भारत माता को मिलने जा रही स्वतंत्रता को कायम रखने के महत्व को पहले ही जान चुके थे, इस नाते उन्होंने राष्ट्र हित में अपनी भूमिका का निर्वाह किया। वे दूरदर्शी सोच के साथ रचनात्मक प्रकल्प संचालित करते थे। डॉ. हेडगेवार के समता के भाव को आज राष्ट्र भी अंगीकार कर रहा है। समान नागरिक संहिता लागू करने की पहल भी इस भाव को दृष्टिगत रखते हुए की गई है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रवींद्र भवन में संस्कार भारती द्वारा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100 वर्ष होने के अवसर पर हुए महानाट्य “युग प्रवर्तक डॉ. हेडगेवार” के मंचन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह बात कही।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ईश्वर विशेष कार्य के लिए कोई निमित्त ढूंढता है। स्वामी विवेकानंद की ये भविष्यवाणी कि आने वाली सदी भारत की होगी,आज चरितार्थ हो रही है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, डॉ. हेडगेवार जी की कल्पना के भारत के निर्माण में संलग्न हैं। राष्ट्र अपने गर्व और गौरव को प्राप्त कर रहा है।भारत की पहचान एक विधान है।हमारा मूल दर्शन समानता का है। डॉ. हेडगेवार ने स्वतंत्रता के पहले चुनौती भरे दौर में राष्ट्र प्रेम और राष्ट्र सर्वोपरि के भाव का प्रकटीकरण ही नहीं किया,लाखों लाख नागरिकों को राष्ट्र सेवा की प्रेरणा भी दी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संस्कार भारती को डॉ. हेडगेवार के योगदान को नाटक के माध्यम से मंचित किये जाने के लिए बधाई दी। प्रारंभ में मुख्यमंत्री डॉ. यादव को मध्यप्रदेश विधानसभा में समान नागरिक संहिता विधेयक पारित होने का उल्लेख करते हुए बधाई और शुभकामनाएं दी गईं।

कार्यक्रम को राष्ट्रीय सेवक संघ के पदाधिकारी हेमंत मुक्तिबोध ने भी संबोधित किया। उन्होंने कहा कि डॉ. हेडगेवार ने राष्ट्र को वैभव की ओर ले जाने के भरसक प्रयास किए। यह नाटक उनके जीवन के समर्पण,राष्ट्र निष्ठा और कर्म आधारित जीवन के स्वरूप को सामने लाने का माध्यम है। इस अवसर पर मंच पर वरिष्ठ पदाधिकारी अशोक पांडे, , फिल्म अभिनेता और रंगमंच निर्देशक राजीव वर्मा उपस्थित थे। कार्यक्रम में शशि भाई सेठ, पूर्व राज्यपाल कप्तान सिंह सोलंकी, सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग, संस्कृति संचालक एन.पी. नामदेव और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे। प्रारंभ में अतिथियों का स्वागत किया गया। आभार प्रदर्शन रविंद्र सहस्त्रबुद्धे ने किया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नाटक के कलाकारों को उत्कृष्ट अभिनय के लिए बधाई दी। नागपुर की नादब्रम्ह संस्था द्वारा तैयार इस नाटक का निर्देशन सुबोध सुरजीकर ने किया। नाटक के लेखक डॉ. अजय प्रधान हैं। संस्कृति विभाग मध्यप्रदेश शासन के सहयोग से हुए नाटक में दक्ष कलाकारों ने प्रभावी अभिनय कर नाट्य प्रस्तुति को सफल बनाया। देश के अनेक नगरों में नाटक का मंचन हुआ है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वीसी से सहभागिता कर किसानों को दीं शुभकामनाएं

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वीसी से सहभागिता कर किसानों को दीं शुभकामनाएं
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि बड़वानी के नाम में ही प्रकृति विराजी है। क्योंकि इस जिले का नामकरण ही ‘बड़ के वन’ यानी बरगद के विशाल वृक्षों से हुई है। उन्होंने कहा कि जैसे बरगद का वृक्ष विशाल छाया, निरंतर मिलने वाली हरियाली का प्रतीक है, वैसे ही बड़वानी जिला यहां के लोगों की मेहनत और नवाचारों के बल पर पूरे देश में कृषि, उद्यमिता, नवाचार का नवीन उदाहरण बन रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को मप्र विधानसभा स्थित मुख्यमंत्री कक्ष से बड़वानी जिले में हुए बलराम कृषि महोत्सव में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़कर कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने किसानों से कहा कि बलराम कृषि महोत्सव सबके लिए एक स्वर्णिम अवसर है। उन्होंने किसानों विशेषकर युवा किसानों से अपील करते हुए कहा कि वे बढ़-चढ़ कर इस कृषि महोत्सव में सहभागिता करें। खेती में तकनीक और नवाचार को शामिल करें। एग्री-स्टार्टअप प्रारंभ करें, आधुनिक कृषि तकनीक सीखें। सरकार की योजनाओं का लाभ और कृषि विशेषज्ञों की समुचित सलाह लें, सरकार आपके हर कदम पर साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों की सहभागिता से ही बलराम कृषि महोत्सव सफल होगा।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारे मिर्च उत्पादक किसान अब पारंपरिक तरीकों को छोड़कर वैज्ञानिक खेती, आधुनिक ग्रेडिंग और उन्नत पैकेजिंग को अपना रहे हैं। इससे बड़वानी की मिर्च की मांग राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार बड़वानी की लाल मिर्च को ‘जीआई टैग’ दिलाने के लिए प्रयास कर रही है। एक बार यह टैग मिल गया, तो दुनिया के बाजारों में बड़वानी की मिर्च का पेटेंट हो जाएगा और ग्लोबल ब्रांड के रूप में नई पहचान मिलेगी। इस अवसर पर बड़वानी जिले के पानसेमल विधायक श्याम बरडे भी उपस्थित थे।

पूरी निष्ठा और सेवा भाव से करें जनसेवा, विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में निभाएं महत्वपूर्ण भूमिका : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

पूरी निष्ठा और सेवा भाव से करें जनसेवा, विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में निभाएं महत्वपूर्ण भूमिका : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में छत्तीसगढ़ से अखिल भारतीय सेवाओं में चयनित अभ्यर्थियों ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने सभी चयनित अभ्यर्थियों को बधाई एवं उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं देते हुए उनसे जनसेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता बनाने का आह्वान किया।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि अखिल भारतीय सेवाओं में चयनित होना केवल अभ्यर्थियों और उनके परिवार की नहीं, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का अवसर है। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक सेवा समाज और राष्ट्र के निर्माण का सबसे प्रभावी माध्यम है तथा इसमें कार्य करने वाले अधिकारियों को संवेदनशीलता, ईमानदारी और समर्पण के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने चयनित अभ्यर्थियों से कहा कि उन्हें लोगों की सेवा का जो अवसर मिला है, वह ईश्वर का आशीर्वाद और समाज का विश्वास है। इस अवसर का उपयोग आमजन के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने तथा प्रदेश के सर्वांगीण विकास के लिए करना चाहिए। उन्होंने कहा कि विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प को साकार करने में युवा प्रशासनिक अधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।

मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि सभी चयनित अभ्यर्थी अपनी प्रतिभा, कार्यकुशलता और सेवा भावना से छत्तीसगढ़ को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।

इस अवसर पर चयनित अभ्यर्थियों ने मुख्यमंत्री से अपने अनुभव साझा किए तथा उनके मार्गदर्शन के लिए आभार व्यक्त किया।

सौजन्य मुलाकात के दौरान अखिल भारतीय सेवाओं में चयनित अभ्यर्थियों में सुष्मिता सिंह, वैभवी अग्रवाल, दर्शना सिंह बघेल, रौनक अग्रवाल, अजय गुप्ता, अंकित सकनी, डायमंड ध्रुव एवं संजय डहरिया सहित उनके परिजन उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अंतरराष्ट्रीय लोक कलाकार विक्रम यादव के उपचार के दिए निर्देश

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अंतरराष्ट्रीय लोक कलाकार विक्रम यादव के उपचार के दिए निर्देश
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश के बाद पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त लोक कलाकार एवं बांस वादक विक्रम यादव के परिजनों से दूरभाष पर चर्चा कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली और भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार उनके समुचित उपचार तथा आवश्यक सहायता के लिए पूरी संवेदनशीलता के साथ उनके साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि उपचार में किसी भी प्रकार की कमी नहीं आने दी जाएगी।

संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने राजनांदगांव के कलेक्टर तथा मेडिकल कॉलेज राजनांदगांव के वरिष्ठ चिकित्सकों से भी चर्चा की। उन्होंने चिकित्सकों को विक्रम यादव के उपचार पर विशेष ध्यान देने, आवश्यक चिकित्सकीय सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा विशेषज्ञ चिकित्सकों की देखरेख में बेहतर इलाज सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि यदि उपचार के लिए अतिरिक्त चिकित्सा सुविधा अथवा अन्य व्यवस्थाओं की आवश्यकता होगी तो राज्य शासन द्वारा हरसंभव सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि विक्रम यादव केवल छत्तीसगढ़ ही नहीं, बल्कि पूरे देश की सांस्कृतिक धरोहर हैं। उन्होंने अपनी बांसुरी और लोक कला के माध्यम से भारत की समृद्ध लोक परंपरा को अंतरराष्ट्रीय मंचों तक पहुंचाया है। ऐसे कलाकार प्रदेश का गौरव हैं और उनके सम्मान, स्वास्थ्य तथा सुरक्षा की जिम्मेदारी शासन और समाज दोनों की है। मुख्यमंत्री ने उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करते हुए परिवार को आश्वस्त किया कि इस कठिन समय में राज्य सरकार हरसंभव सहयोग के साथ उनके साथ खड़ी है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि उनकी सरकार लोक कलाकारों के सम्मान, संरक्षण और कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। कलाकारों ने अपने जीवन का महत्वपूर्ण समय छत्तीसगढ़ की संस्कृति, लोक परंपराओं और विरासत को जीवंत बनाए रखने में समर्पित किया है। आवश्यकता की घड़ी में उनके साथ खड़ा होना सरकार का नैतिक दायित्व है।

उल्लेखनीय है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी विशिष्ट बांस वादन शैली से पहचान बनाने वाले विक्रम यादव लंबे समय से अस्वस्थ हैं और वर्तमान में उनका उपचार राजनांदगांव मेडिकल कॉलेज में चल रहा है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर राज्य सरकार ने उनके स्वास्थ्य की स्थिति का तत्काल संज्ञान लेते हुए बेहतर उपचार और आवश्यक सहयोग सुनिश्चित करने की पहल की है।

संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश के इस गौरवशाली लोक कलाकार के स्वास्थ्य और सम्मान से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा तथा उनके उपचार के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे।

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