बेंगलुरु से दिल्ली तक टमाटर के तेवर, 100 रुपए तक पहुंची कीमत

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मानसून के दस्तक देते ही टमाटर के तेवर लाल हो गए हैं। मानसून आने से पहले ही कई राज्यों में बेमौसम बारिश ने
टमाटर की फसल को प्रभावित कर दिया था और इस कारण टमाटर अब किचन से गायब हो गया है। बेंगलुरु से लेकर
दिल्ली तक टमाटर के दाम आसमान छू रहे हैं। बेंगलुरु में टमाटर फिलहाल 100 रुपए किलो तक पहुंच गया है, वहीं मध्य प्रदेश और पंजाब में भी टमाटर 70 रुपए प्रति किलो के भाव तक पहुंच गया है।

उत्तर प्रदेश के कानपुर में भी टमाटर की कीमतें मंगलवार को छूती दिखी। एक टमाटर विक्रेता का कहना है हम टमाटर
100 रुपये किलो बेच रहे हैं। बारिश के कारण कीमतें बढ़ गई हैं। दिल्ली सब्जी मंडी भाव बढ़े हैं। दिल्ली के कारोबारी
मोहम्मद राजू ने कहा कि टमाटर 80 रुपये किलो बिक रहा है। पिछले दो-तीन दिनों में रेट अचानक बढ़ गया है। भारी
बारिश के कारण कीमत में अचानक बढ़ोतरी हुई है। बारिश ने टमाटर को नष्ट कर दिया है।

अभी और महंगा होगा टमाटर
सब्जी विक्रेताओं का कहना है कि आने वाले कुछ दिनों में टमाटर के दाम और अधिक बढ़ सकते हैं। दिल्ली के एक विक्रेता ने बताया, “टमाटर का दाम अभी 80 रुपए किलो चल रहा है। बारिश ने सभी फसल खराब कर दी इसलिए माल कम है और माल की कमी होने के कारण टमाटर पिछले 4 दिनों में महंगा हो गया है।

रसोई का बजट बिगड़ा
टमाटर की कीमतों ने रसोई का बजट गड़बड़ा दिया है। थोक मार्केट में टमाटर 65 रुपए से 70 रुपए प्रति किलो के हिसाब से बेचा जा रहा है, वहीं रिटेल दुकानों पर टमाटर 100 रुपए किलो तक बेचा जा रहा है। इंदौर-भोपाल जैसे शहरों में भी टमाटर 80 से 100 रुपए बिक रहा है।
इस साल गर्मी में कई राज्यों में बेमौसम बारिश ने जहां टमाटर की फसल को प्रभावित किया, वहीं हाल ही आए चक्रवाती
तूफान बिपरजॉय के कारण भी टमाटर की फसल पर भारी असर हुआ क्योंकि टमाटर की पैदावार गुजरात और महाराष्ट्र में काफी ज्यादा होती है।

ऑस्ट्रेलिया के विरुद्ध शुरू होगा भारत का विश्व कप अभियान

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मुंबई 27 जून/ आईसीसी विश्व कप में भारत अपने अभियान की शुरुआत आगामी आठ अक्टूबर को चेन्नई के चेपौक
स्टेडियम में पांच बार के चैंपियन ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ करेगा। आईसीसी ने बहुप्रतीक्षित एकदिवसीय मैचों के कार्यक्रम
की मंगलवार को घोषणा की , जिसके अनुसार टूर्नामेंट की शुरुआत पांच अक्टूबर को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम
में गत चैंपियन इंग्लैंड और गत उपविजेता न्यूजीलैंड के बीच भिडंत से होगी। अब तक के सबसे बड़े क्रिकेट विश्व कप में
दस टीमें भाग लेंगी, जो पांच अक्टूबर से 19 नवंबर तक 10 स्थानों पर खेला जाएगा। बेंगलुरु, चेन्नई, दिल्ली, धर्मशाला,
हैदराबाद, कोलकाता, लखनऊ, मुंबई और पुणे इस टूर्नामेंट के आयोजन स्थलों में शामिल हैं। अहमदाबाद टूर्नामेंट के
उद्घाटन मैच के अलावा 19 नवंबर को होने वाले फाइनल की मेजबानी भी करेगा। अभ्यास खेलों की मेजबानी में गुवाहाटी और तिरुवनंतपुरम हैदराबाद के साथ शामिल होंगे।
चिर प्रतिद्वंद्वी भारत और पाकिस्तान (15 अक्टूबर) एवं ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड (4 नवंबर) भी अहमदाबाद में ही आमने
सामने होंगे। विश्व कप सुपर लीग के माध्यम से 46 दिवसीय आयोजन के लिए आठ टीमों ने क्वालीफाई कर लिया है, जबकि अंतिम दो स्थान जिम्बाब्वे में जारी आईसीसी क्रिकेट विश्व कप क्वालीफायर द्वारा तय किए जायेंगे। टूर्नामेंट में पिछली बार के राउंड-रॉबिन प्रारूप को बरकरार रखा गया है। सभी टीमें कुल 45 लीग मैचों में एक-दूसरे के खिलाफ खेलेंगी। लीग चरण के अंत में शीर्ष चार टीमें सेमीफाइनल के लिए क्वालीफाई करेंगी, जो 15 नवंबर को मुंबई में और 16 नवंबर को कोलकाता में खेला जाएगा। सेमीफ़ाइनल और फ़ाइनल के लिए अतिरिक्त दिन आरक्षित किए गए हैं। आईसीसी के मुख्य कार्यकारी ज्योफ एलार्डिस ने कहा, “हमें आईसीसी पुरुष क्रिकेट विश्व कप 2023 का कार्यक्रम जारी करते हुए खुशी हो रही है, जो किसी भी वैश्विक आयोजन से पहले हमेशा एक बड़ा अवसर होता है।” उन्होंने कहा, “हमें उम्मीद है कि दुनिया भर में करोड़ों प्रशंसक अब तक के सबसे बेहतरीन पुरुष क्रिकेट विश्व कप का हिस्सा होंगे और हम जानते हैं कि भारत में टीमें एक अनोखे वातावरण का आनंद लेंगी, जिसके समापन पर विजेता दुनिया के सबसे बड़े क्रिकेट स्टेडियम में ट्रॉफी उठाएंगे।”
मेज़बान भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) सचिव जय शाह ने कहा, “हमारे देश की समृद्ध विविधता को प्रदर्शित
करते हुए भारत के विभिन्न शहरों में आईसीसी पुरुष क्रिकेट विश्व कप की मेजबानी करना बहुत सम्मान और गर्व की बात
है।” उन्होंने कहा, “भारत में क्रिकेट के प्रति उत्साह और जुनून अद्वितीय है। मुझे यकीन है कि यहां और विदेशों में
प्रशंसक 2011 के बाद पहली बार टूर्नामेंट की भारत में वापसी का इंतजार कर रहे होंगे, जब हमारी टीम घरेलू धरती पर
ट्रॉफी उठाने वाली पहली टीम बनी थी। मैं सभी टीमों को उनकी तैयारियों के लिए शुभकामनाएं देता हूं। हम एक और
रोमांचक टूर्नामेंट की मेजबानी के लिए उत्सुक हैं।”

सूडान में आरएसएफ ने की ईद अल-अधा के दौरान एकतरफा संघर्ष विराम की घोषणा

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काहिरा, 27 जून/ सूडान के अर्धसैनिक समूह रैपिड सपोर्ट फोर्सेज (आरएसएफ) के कमांडर मोहम्मद हमदान डागालो ने
ईद अल-अधा के दाैरान देश में संघर्षविराम की एकतरफा घोषणा की है। कमांडार डागलो ने सोमवार को अल अरबिया
न्यूज चैनल से कहा, “हम कल (27 जून) से शुरू ईद अल-अधा की पूरी अवधि के दौरान एकतरफा युद्धविराम की घोषणा
करते हैं।”

तीन तलाक का फंदा लटकाकर कुछ लोग चाहते हैं खुली छूट, मुस्लिम समझें कौन भड़का रहा: मोदी

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भोपाल, 27 जून/ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अगले साल होने वाले लोकसभा और इस वर्ष मध्यप्रदेश समेत पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव के पूर्व देश भर के मुस्लिम समाज का आह्वान करते हुए आज कहा कि मुस्लिम समाज समझे कि सामान्य नागरिक संहिता को लेकर कौन से राजनीतिक दल उन्हें भड़का रहे हैं और कुछ लोग ऐसे हैं, जो मुस्लिम बेटियों पर तीन तलाक का फंदा लटका कर उन पर अत्याचार की खुली छूट चाहते हैं। श्री मोदी ने यहां भाजपा के ‘मेरा बूथ, सबसे मजबूत’ अभियान के तहत देश भर से आए लगभग तीन हजार बूथ कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। इस दौरान देश भर के लाखों बूथ कार्यकर्ता भी वर्चुअली इस कार्यक्रम से जुड़े। आयोजन में पार्टी अध्यक्ष जे पी नड्डा, मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और पार्टी की मध्यप्रदेश इकाई के अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा भी उपस्थित रहे। इस दौरान उन्होंने सीधे-सीधे शब्दों में अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि तीन तलाक की वकालत करने वाले वोट बैंक के भूखे लोग मुस्लिम बेटियों के साथ बहुत बड़ा अन्याय कर रहे हैं। इससे सिर्फ उन बेटियों को नुकसान नहीं हो रहा, उसका दायरा उससे भी बड़ा है। उन्होंने कहा कि जिन मां बाप ने अरमानों के साथ बेटी को भेजा हो और फिर उसे कोई निकाल दे तो उस मां बाप और उस भाई का क्या होगा। पिता भाई सब उसकी चिंता में डूब जाएंगे। तीन तलाक से सिर्फ बेटियों के साथ अन्याय नहीं, पूरे परिवार तबाह हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि जो भी तीन तलाक के पक्ष में बात करते हैं। ऐसे लोग मुस्लिम बेटियों के साथ बहुत बड़ा अन्याय कर रहे हैं।
श्री मोदी ने कहा कि मुसलमान बेटियों पर तीन तलाक का फंदा लटका कर कुछ लोग उन पर हमेशा
अत्याचार करने की खुली छूट चाहते हैं। यही लोग इसका समर्थन करते हैं। तीन तलाक अगर इस्लाम का अहम अंग होता
तो दुनिया के अनेक मुस्लिम देश इसे क्यों खत्म करते। ये मिस्र, पाकिस्तान, इंडोनिशिया, कतर, जोर्डन, सीरिया में क्यों नहीं होता। उन्होंने कहा कि भारत के मुसलमान भाइयों को भी यह समझना होगा कि कौन से राजनैतिक दल उन्हें भड़काकर लाभ लेने की कोशिश कर रहे हैं। सामान्य नागरिक संहिता (यूसीसी) के संदर्भ में उन्होंने कहा कि एक घर में अलग अलग कानून हो तो घर कैसे चल सकता है। श्री मोदी ने कहा कि भारत के संविधान में भी नागरिकों के समान अधिकार की बात कही गयी है। उन्होंने बिना किसी राजनीतिक दल का नाम लिए कहा कि ये लोग हम पर आरोप लगाते हैं, लेकिन यही लोग मुसलमान मुसलमान करते हैं। यदि ये मुस्लिम हितैषी होते, तो मुस्लिम समाज शिक्षा आदि में पीछे नहीं रहते। सुप्रीम कोर्ट कहता है कि सामान्य नागरिक संहिता लाओ, लेकिन वोट बैंक के भूखे लोग… इसी दौरान उन्होंने मुस्लिम समाज की एक जाति पसमंदा मुसलमान का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि वोट बैंक की राजनीति करने वाले पसमंदा मुसलमानों के बारे में नहीं कुछ कहते। उनका जीवन कष्ट में गुजारता है। उनके ही धर्म के लोगों ने उनका शोषण किया है। उन्हें आज भी बराबरी का हक नहीं है। उन्हें नीचा और अछूत समझा जाता है। पसमंदा मुसलमान मोची समेत अनेक जातियों के होते हैं, पर सब पिछडे हैं। कोई उनकी आवाज नहीं सुनता। उस पर देश में कभी चर्चा नहीं हुई। उन्होंने कहा कि बूथ के कार्यकर्ता इन सब तथ्यों के साथ इन लोगों के बीच जाएं। इसी क्रम में उन्होंने कहा कि भाजपा सबका साथ सबका विकास की योजना के साथ कार्य कर रही है। सभी योजनाओं का लाभ ऐसे मुसलमान वर्गों को भी मिल रहा है।

बूथ की पहचान सेवा से हो, हम एसी कमरों में बैठ कर पार्टी चलाने वालों में से नहीं: मोदी

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भोपाल, 27 जून/ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अगले साल होने वाले लोकसभा और मध्यप्रदेश समेत पांच राज्यों में होने वाले
विधानसभा चुनावों से पूर्व आज भारतीय जनता पार्टी के लाखों बूथ कार्यकर्ताओं को जीत का मंत्र देते हुए कहा कि भाजपा
उन पार्टियों में से नहीं है जो वातानुकूलित कमरों में बैठ कर अपना दल चलाते हैं और भाजपा के हर बूथ की पहचान सिर्फ सेवा से होनी चाहिए। श्री मोदी ने यहां भाजपा के ‘मेरा बूथ, सबसे मजबूत’ अभियान के तहत देश भर से आए लगभग तीन हजार बूथ कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। इस दौरान देश भर के लाखों बूथ कार्यकर्ता भी वर्चुअली इस कार्यक्रम से जुड़े।
आयोजन में पार्टी अध्यक्ष जे पी नड्डा, मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और पार्टी की मध्यप्रदेश इकाई के
अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा भी उपस्थित रहे।
आयोजन में देश भर से चुने गए चुनिंदा बूथ कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री श्री मोदी से अपने सवाल किए। इन सवालों
का उत्तर देते हुए श्री मोदी ने बहुत से छोटे-छोटे सेवा कार्यों का उदाहरण दिया और बूथ कार्यकर्ताओं से उन कार्यों को करते हुए अपने बूथ को मजबूत करने का मार्गदर्शन दिया। इस दौरान उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 में जब देश की आजादी को 100 साल हो जाएंगे, तब भारत तब विकसित होगा, जब गांव विकसित होंगे। इसी क्रम में उन्होंने बूथ कार्यकर्ताओं से आंगनवाड़ियों के बच्चों का कुपोषण दूर करने और स्कूल छोड़ने वाले बच्चों की दर कम करने के प्रयासों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि हमें गरीबों को मुसीबतों से मुक्त करना है। सोशल मीडिया पर कार्यकर्ता अपने बूथ का ग्रुप बना सकते हैं। उन्होंने कहा कि तुलनात्मक अध्ययन से सामान्य आदमी को बात ज्यादा आसानी से समझ आती है। अध्ययन करिए और पुराने समय से तुलना करके बताइए।

मोदी ने दो वंदे भारत ट्रेनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया

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भोपाल, 27 जून/ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को भोपाल और इंदौर के बीच तथा भोपाल और जबलपुर के बीच चलने वाली दो वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों का हरी झंडी दिखा कर शुभारंभ किया। रानी कमलापति रेलवे स्टेशन पर आयोजित समारोह में श्री माेदी ने गोवा (मडगांव) मुंबई वंदे भारत , हुबली धारवाड़-बेंगलुरू वंदे भारत और रांची हटिया-पटना वंदे भारत का भी वीडियो लिंक के जरिए शुभारंभ किया।
इस कार्यक्रम में मध्य प्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई छगनभाई पटेल, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और केन्द्र सरकार में
रेल एवं संचार मंत्री अश्विनी वैष्णव मौजूद थे । प्रधानमंत्री ने कहा कि भोपाल-इंदौर वंदे भारत एक्सप्रेस मालवा क्षेत्र (इंदौर)
और महाकौशल बुंदेलखंड क्षेत्र से मध्य क्षेत्र (भोपाल) की कनेक्टिविटी में सुधार करेगी। इससे महाकालेश्वर, मांडू, महेश्वर,
खजुराहो, पन्ना जैसे महत्वपूर्ण पर्यटन स्थलों को जाने वाले यात्रियों को लाभ होगा। रेलवे के अनुसार भोपाल इंदौर से जोड़ने
वाली 20912/20911 यह ट्रेन करीब 254.41 किलोमीटर का सफर मात्र 3 घंटे पांच मिनट में पूरा करेगी। रविवार को
छोड़कर सप्ताह के छह दिन चलने वाली यह गाड़ी मार्ग में केवल उज्जैन स्टेशन पर ठहरेगी। यह रेलगाड़ी इस रूट की
विद्यमान सबसे तेज़ रेलगाड़ी की तुलना में लगभग तीस मिनट तीव्र होगी। उद्घाटन यात्रा में रानी कमलापति स्टेशन से
चलने वाली इंदौर वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन नियमित परिचालन में भोपाल स्टेशन से चला करेगी। जबकि 20174/20173
जबलपुर वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन रानी कमलापति स्टेशन से चला करेगी। यह ट्रेन मार्ग में नर्मदापुरम्, इटारसी, पिपरिया और नरसिंहपुर रुका करेगी। यह गाड़ी मंगलवार छोड़ कर सप्ताह के छह दिन चला करेगी। यह गाड़ी जबलपुर से भोपाल के बीच की 334 किलोमीटर की दूरी चार घंटे 35 मिनट में तय करेगी। इंदौर और जबलपुर दोनों वंदे भारत एक्सप्रेस में कुल आठ-आठ कोच हैं। इनमें सात एसी चेयर कार और एक एग्जीक्यूटिव क्लास कोच है, जिसमें 52 सीटें हैं। इसमें करीब 560 सीटें यात्रियों के लिए उपलब्ध रहेंगी। सी-1 और सी-7 में 44 सीट और अन्य में 78 सीटें हैं। एक एग्जीक्यूटिव कोच ई-1 में 52 सीटें होगी। इस ट्रेन का वाणिज्यिक परिचालन 28 जून से शुरू होगा। चेन्नई की इंटीग्रल कोच फैक्टरी में निर्मित वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन देश में 18 मार्गों पर संचालित हो रही हैं आज ये पांच मिलाकर 23वीं है। जबलपुर और इंदौर का 19-20 वां मार्ग है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के अनुसार, अत्याधुनिक वंदे भारत एक्सप्रेस इस क्षेत्र के लोगों को तेज गति और सुविधा पूर्वक यात्रा करने का साधन प्रदान करेगी। इससे प्रदेश के पर्यटन, शिक्षा और अर्थव्यवस्था में विकास को बढ़ावा मिलेगा। इससे ट्रेनों को तेज गति से चलाने और ट्रेनों के चलने के समय को कम करने के साथ प्रदूषण मुक्त परिवहन प्रदान करने में मदद मिलेगी।

बारिश के बीच मोदी पहुंचे भोपाल

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भोपाल, 27 जून/ लगातार बारिश और बादलों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वायुसेना के विशेष विमान से आज सुबह
लगभग दस बजे राजा भोज विमानतल पर पहुंचे। राज्यपाल मंगुभाई पटेल और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के अलावा
चुने हुए गणमान्य नागरिकों ने उनकी अगवानी की। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार श्री मोदी को हवाईअड्डे से विशेष
हेलीकॉप्टर से बरकतुल्ला विश्वविद्यालय परिसर में बनाए गए हेलीपेड पर पहुंचना था और वहां से उन्हें सड़क मार्ग से
नजदीक ही स्थित रानी कमलापति रेलवे स्टेशन ले जाने का कार्यक्रम था। लेकिन बारिश के कारण हेलीकॉप्टर से जाने की
बजाए श्री मोदी को सड़क मार्ग से रानी कमलापति स्टेशन ले जाया गया। उनका काफिला स्टेट हैंगर के रास्ते रानी
कमलापति स्टेशन के लिए रवाना हुआ।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रानी कमलापति स्टेशन से 5 वंदे भारत ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना

 

• ट्रेन में यात्रा कर रहे बच्चों से की बात-चीत
• स्टेशन पर राज्यपाल, मुख्यमंत्री, वरिष्ठ मंत्रियों और जन-प्रतिनिधियों ने किया स्वागत

भोपाल। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज रानी कमलापति रेलवे स्टेशन से 5 वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। प्रधानमंत्री ने इनमें से तीन वंदे भारत ट्रेन को वर्चुअल माध्यम से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। प्रधानमंत्री मोदी ने ट्रेन में यात्रा कर रहे बच्चों के साथ संवाद भी किया। बच्चों ने अपने प्रिय प्रधानमंत्री से खुलकर बातचीत की।

Vande bharat train

 

प्रधानमंत्री मोदी आज एक दिवसीय प्रवास पर भोपाल आए। राजा भोज विमानतल पर उतरने के बाद मोदी सड़क मार्ग से रानी कमलापति रेलवे स्टेशन पहुँचे। स्टेशन पर प्रधानमंत्री का राज्यपाल मंगुभाई पटेल, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, केंद्रीय रेल मंत्री अश्वनी वैष्णव, केंद्रीय कृषि और किसान-कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, नागरिक उड्डयन और इस्पात मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री वीरेंद्र कुमार, सांसद वी.डी. शर्मा, प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग सहित अन्य मंत्री गण एवं जन-प्रतिनिधियों ने हार्दिक स्वागत किया।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रेलवे स्टेशन पर उपस्थित जन-समुदाय का अभिवादन किया। जन-समुदाय ने उत्साह के साथ प्रधानमंत्री का स्वागत किया। प्रधानमंत्री मोदी ने आज से आरंभ होने वाली वंदे भारत ट्रेन में यात्रा के लिए बैठे स्कूली बच्चों से भेंट कर भारत की प्रगति और उपलब्धियों, भविष्य के लक्ष्य के बारे में बात-चीत की। स्कूली बच्चों ने प्रधानमंत्री को आजादी के अमृत महोत्सव, विश्व में बनती भारत की प्रभावपूर्ण स्थिति पर केन्द्रित पेंटिंग्स तथा प्रधानमंत्री का हस्त निर्मित चित्र भेंट किया।

इन पाँच वंदे भारत ट्रेनों को पीएम ने दिखाई हरी झंडी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जिन पाँच वंदे भारत रेलगाड़ी को हरी झंडी दिखाई वे हैं; भोपाल (रानी कमलापति)- इंदौर वंदे भारत एक्सप्रेस; भोपाल (रानी कमलापति)-जबलपुर वंदे भारत एक्सप्रेस; रांची-पटना वंदे भारत एक्सप्रेस; धारवाड़-बैंगलुरु वंदे भारत एक्सप्रेस और गोवा(मडगांव)-मुंबई वंदे भारत एक्सप्रेस। इनमें से अंतिम तीन को प्रधानमंत्री ने वर्चुअली हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

मध्यप्रदेश को आज मिली 2 और वंदे भारत ट्रेन

भोपाल (रानी कमलापति)- इंदौर, वंदे भारत एक्सप्रेस मध्यप्रदेश के दो महत्वपूर्ण शहरों के बीच सरल और त्वरित यात्रा की सुविधा प्रदान करेगी तथा क्षेत्र में सांस्कृतिक, पर्यटन एवं धार्मिक स्थानों की कनेक्टिविटी में सुधार लाएगी। वंदे भारत ट्रेन से भोपाल से इंदौर की 269 किलोमीटर की दूरी अब साढ़े तीन घंटे में तय हो जाएगी। भोपाल (रानी कमलापति)-जबलपुर वंदे भारत एक्सप्रेस महाकौशल क्षेत्र (जबलपुर) को मध्य प्रदेश के मध्य क्षेत्र (भोपाल) से जोड़ेगी। इसके अतिरिक्त, बेहतर कनेक्टिविटी से क्षेत्र के पर्यटन स्थलों को भी लाभ होगा। इस ट्रेन के चलने से भोपाल से जबलपुर की 340 किलोमीटर की दूरी अब साढ़े चार घंटे में ही तय हो जाएगी

रांची-पटना वंदे भारत एक्सप्रेस झारखंड और बिहार के लिए पहली वंदे भारत रेलगाड़ी होगी। पटना और रांची के बीच कनेक्टिविटी को बढ़ाने वाली यह रेलगाड़ी पर्यटकों, छात्रों और व्यवसायियों के लिए वरदान साबित होगी। धारवाड़-बैंगलुरु वंदे भारत एक्सप्रेस कर्नाटक-धारवाड़ और हुबली में महत्वपूर्ण शहरों को राज्य की राजधानी बैंगलुरु से जोड़ेगी। इससे क्षेत्र के पर्यटकों, छात्रों, उद्योगपतियों आदि को अत्यधिक लाभ प्राप्त होगा। गोवा (मडगांव)-मुंबई वंदे भारत एक्सप्रेस गोवा की पहली वंदे भारत एक्सप्रेस होगी। यह मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस और गोवा के मडगांव स्टेशन के बीच चलेगी। इससे गोवा और महाराष्ट्र दोनों के ही पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।

छात्र नेता रवि परमार ने प्रधानमंत्री को लिखा पत्र, लिखा नर्सिंग के सत्र 2023-24 को शून्य ईयर करना सरकार की विफलता

 

भोपाल – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को एकदिवसीय भोपाल दौरे पर पहुंचे, भोपाल पहुंचे पीएम मोदी को एनएसयूआई मेडिकल विंग ने पत्र के माध्यम से नर्सिंग घोटाले की ओर ध्यान आकर्षित कराया है। एनएसयूआई मेडिकल विंग के संयोजक रवि परमार ने पीएम मोदी को पत्र लिखकर नर्सिंग परिक्षाएं शुरू करने की दिशा में पहल करने की मांग भी की है।

पीएम मोदी को संबोधित पत्र में छात्र नेता रवि परमार ने लिखा है कि, ‘भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) आपको पत्र के माध्यम से अवगत करवाना चाहता हैं। हाल ही में मध्यप्रदेश में हुएं नर्सिंग घोटाले की वजह से मध्य प्रदेश के लाखों छात्र छात्राओं का भविष्य अधर में अटक चुका हैं साथ ही मध्यप्रदेश सरकार नर्सिंग के सत्र 2023-24 को जीरो ईयर करने की तैयारी में ऐसे में मध्यप्रदेश के नर्सिंग करने वाले छात्र छात्राओं को अन्य राज्य की और पलायन करना होगा।’

पत्र में आगे लिखा है कि, ‘वहीं मध्य प्रदेश में हुएं नर्सिंग घोटाले की वजह से 27 फरवरी को माननीय उच्च न्यायालय ने नर्सिंग की परीक्षाओं पर रोक लगा दी थी जोकि अभी तक रोक बरकरार हैं लेकिन नर्सिंग घोटाले में शामिल अधिकारी और नर्सिंग कालेजों का निरीक्षण कर मान्यता देने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों पर अभी तक कोई कार्यवाही नहीं की गई नर्सिंग कालेजों के फर्जीवाड़े की वजह से लाखों नर्सिंग छात्र छात्राओं का भविष्य अधर में अटक गया क्योंकि पिछले तीन सालों से छात्र छात्राओं की परीक्षाएं नहीं हुई वहीं परीक्षा की मांग करने पर मध्यप्रदेश के नर्सिंग छात्र छात्राओं पर पुलिस प्रशासन द्वारा झूठे मुकद्दमे दर्ज़ कर 10-20 और 50 हजार रुपए तक के बांड भरवाएं जा रहें हैं ताकि उनकी आवाज को दबाया जा सके।’

परमार ने पीएम मोदी से मांग करते हुए कहा, ‘महोदय संगठन आपसे मांग करता हैं कि नर्सिंग के 2023-24 सत्र को जीरो ईयर घोषित ना किया जाए और मध्यप्रदेश के लाखों छात्र छात्राओं के भविष्य को ध्यान में रखते हुए नर्सिंग घोटाले पर संज्ञान ले और दोषियों पर कार्यवाही के निर्देश दे छात्र छात्राओं के रूकी हुई परीक्षाएं और परीक्षा परिणाम पर तत्काल निर्णय लेने के निर्देश दे , जिस से जो निर्धन छात्र लोन ले कर पढ़ाई कर रहे है उनके ऊपर दोहरी मार ना पड़े।’

थियोसोफिकल सोसायटी द्वारा बच्चों के लिए एक समर कैंप आयोजित किया

 

बैंगलोर,  थियोसोफिकल सोसायटी ने 5 मई 2023 को बच्चों के लिए एक समर कैंप आयोजित किया। इस कैंप में जीवन कौशल, शिष्टाचार, कला और क्राफ्ट, नाटक और गायन जैसी कई गतिविधियाँ शामिल थीं।

कैंप के दूसरे दिन, सोसायटी ने बच्चों और शिक्षकों के लिए फालुन दाफा अभ्यासियों को बुलाया। अभ्यासियों ने फालुन दाफा अभ्यास और इसके कई स्वास्थ्य लाभों को परिचय देने वाले तीन प्रस्तुतियाँ दीं। बच्चे बहुत रुचि दिखाए और कई सवाल पूछे। उन्हें विशेष रूप से व्यायामों में रुचि थी, जो शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को सुधारने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं। फालुन दाफा अभ्यास हमेशा निःशुल्क सिखाया जाता है।

अभ्यासियों ने बच्चों के लिए व्यायामों का प्रदर्शन किया, और वे स्वयं इन्हें आजमाने के उत्साहित थे। अभ्यासियों ने बच्चों को फालुन दाफा के बारे में और जानकारी देने वाली फ्लायर्स भी दिए। उन्होंने बच्चों को अधिक जानने और यदि उनके पास कोई और सवाल हो तो अभ्यासियों से संपर्क करने की प्रोत्साहना दी।

सोसाइटी के सदस्यों और बच्चों के माता-पिता ने फालुन दाफा के प्रस्तुति से बहुत प्रसन्नता जाहिर की। उन्हें बच्चों की फालुन दाफा में रुचि और अभ्यासियों के ज्ञान और उत्साह से प्रभावित हुए।

प्रस्तुति के बाद, सोसायटी के सदस्यों में से एक ने फालुन दाफा के बारे में और अधिक जानने के लिए अभ्यासियों को कॉल किया। उसे लाल बाग अभ्यास स्थल के लिए निर्देशित किया गया, और वह खुद फालुन दाफा का अभ्यास शुरू करने की योजना बना रही है। फालुन दाफा एक प्राचीन आध्यात्मिक अभ्यास है जो ध्यान, चीगोंग और नैतिक सिद्धांतों को मिलाकर होता है। स्वास्थ्य और नैतिक सुधार लाभों के कारण दुनिया भर में लाखों लोगों द्वारा फालुन दाफा को अपनाया गया है।

थियोसोफिकल सोसायटी एक गैर-लाभकारी संगठन है जो धर्म, दर्शन और विज्ञान का अध्ययन प्रोत्साहित करती है। सोसायटी का समर कैंप एक वार्षिक आयोजन है जो बच्चों को विभिन्न संस्कृतियों और परंपराओं के बारे में जानने का मौका प्रदान करता है। फालुन दाफा के अभ्यासियों थियोसोफिकल सोसायटी के समर कैंप में बच्चों और शिक्षकों से बात करने का आभार व्यक्त करते हैं। उन्हें आशा है कि उनकी प्रस्तुति फालुन दाफा और उसके अनेक लाभों के बारे में जागरूकता बढ़ाने में मदद करेगी।

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