भोपाल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 5 वंदे भारत एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे

भोपाल। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 27 जून को यानी आज मध्य प्रदेश के दौरे पर रहेंगे। इस दौरान प्रधानमंत्री रानी कमलापति रेलवे स्टेशन से पांच वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। इसके बाद प्रधानमंत्री दोपहर करीब 3 बजे शहडोल में एक सार्वजनिक कार्यक्रम को भी संबोधित करेंगे।

भोपाल-जबलपुर वंदे भारत एक्सप्रेस

रानी कमलापति जबलपुर वंदे भारत एक्सप्रेस जबलपुर को भोपाल से जोड़ेगी। यह ट्रेन भेड़ाघाट, पचमढ़ी, सतपुड़ा आदि पर्यटन स्थली को भी जोड़ेगी। यह ट्रेन इस रूट की मौजूदा सबसे तेज ट्रेन की तुलना में लगभग तीस मिनट अधिक तेज होगी।

खजुराहो-भोपाल वंदे भारत एक्सप्रेस

खजुराहो – भोपाल-इंदौरवदे भारत एक्सप्रेस मालवा (इंदौर) और बुंदेलखंड (खजुराहो) को भोपाल से जोड़ेगी। इससे महाकालेश्वर, मांडु महेश्वर, खजुराहो, पन्ना जैसे महत्वपूर्ण पर्यटन स्थलों को भी जोड़ा जाएगा। यह ट्रेन इस रूट पर चलने वाली सबसे तेज ट्रेन की तुलना में लगभग दो घंटे तीस मिनट अधिक तेज होगी।

सावन में इन उपायों को करने से मिल सकती है काल सर्प दोष से मुक्ति

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ज्योतिष शास्त्र में कई कुंडलियां ऐसी होती हैं जिनमें कालसर्प दोष का योग होता है। माना जाता है कि जिस प्रकार
मांगलिक योग, पितृ दोष होता है और उसका निवारण होता है उसी प्रकार कालसर्प दोष का भी उपाय व निवारण किए जाते हैं। बता दें कि ज्योतिष शास्त्र में कालसर्प दोष के निवारण के लिये पूजा भी कराई जाती है और कुछ उपाय भी हैं जो किसावन के पावन महीने में कर सकते हैं।

जी हां, अगर आपकी कुंडली में ग्रहों की स्थिति कमजोर है और आपको भी कालसर्प दोष के कारण जीवन में कठिनाइयों
का सामना करना पड़ रहा है तो सावन के पावन महीने में आप इन दोषों से मुक्ति पा सकते हैं। सावन का महीना 4 जुलाई से शुरु हो रहा है। मान्यताओं के अनुसार, सावन में भगवान शिव पृथ्वी पर भ्रमण करने आते है, इसलिए कालसर्प दोष से प्रभावित लोगों को सावन माह में कुछ उपाय जरूर करने चाहिए। जिससे कि भगवान शिव के साथ नागराज भी प्रसन्न हों।

कालसर्प दोष से मुक्ति पाने के लिए करें ये उपाय
1. सावन में कराएं रुद्राभिषेक कराएं
अगर आपकी कुंडली में कालसर्प दोष है और आप इसका निवारण करना चाहते हैं तो सावन के महीने में घर पर
रुद्राभिषेक करवाएं। इससे आपको जल्द ही लाभ मिलने लगेगा। इसके साथ ही आप अपने घर में मोर पंख रखें।

2. भगवान शिव की आराधना
सावन में महीने में शिव जी की आराधना करने चाहिए और व्रत रखना चाहिए। सावन में शिवलिंग पर तांबे का सर्प चढ़ाने ले सर्प प्रसन्न होते हैं। इसके साथ ही अगर आप चांदी के सर्प का जोड़ा बहते पानी में छोड़ देते हैं तो आपको कालसर्प योग से मुक्ति मिलती है।

क्या होता है कालसर्प योग
जब किसी व्यक्ति के जन्मांग चक्र में राहु और केतु की स्थिति आमने सामने की होती है। दोनों 180 डिग्री पर रहते हैं। यदि बाकी सात ग्रह राहु केतु के एक तरफ हो जाएं और दूसरी ओर कोई ग्रह न रहे, तो ऐसी स्थिति में कालसर्प योग बनता है। इसे ही कालसर्प दोष कहा जाता है। हालांकि कालसर्प योग का निर्धारण करते समय अत्यंत सावधानी बरतनी चाहिए।

शिवराज की स्वतंत्रता संग्राम-लोकतंत्र सेनानियों की सम्मान निधि 30 हजार रुपए करने की घोषणा

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भोपाल, 26 जून/ मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज कहा कि वर्तमान में स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और
लोकतंत्र सेनानियों को 25 हज़ार रुपए की सम्मान निधि मिलती है, उसे बढ़ाकर अब 30 हज़ार रुपए किया जाएगा। श्री
चौहान यहां मुख्यमंत्री निवास में लोकतंत्र सेनानियों और मीसाबंदियों के कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान
उन्होंने ये घोषणा की। उन्होंने कहा कि दिवंगत लोकतंत्र सेनानियों के परिवार को मिलने वाली परिवार निधि को भी पांच से
बढ़ाकर आठ हजार रुपए किया जाएगा।

मध्य प्रदेश में 7090 पुलिस कांस्टेबल की भर्ती

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26 जून/ मध्य प्रदेश प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (MPESB) ने 7090 पुलिस कांस्टेबल के पदों पर भर्ती निकाली है।
आज 26 जून से मंडल की वेबसाइट esb.mp.gov.in पर आवेदन की प्रकिेया शुरू हो गई है, इसकी आखिरी
तारीख 10 जुलाई 2023 है। मध्य प्रदेश पुलिस में कांस्टेबल बनने के इच्छुक युवा इसे वेबसाइट पर जाकर आसानी से
आवेदन कर सकते हैं।

एमपी पुलिस कांस्टेबल के लिए योग्यता
– मध्य प्रदेश पुलिस में आरक्षक जीडी पोस्ट के लिए उम्मीदवारों को 10वीं या 12वीं कक्षा उत्तीर्ण होना आवश्यक है। एसटी के उम्मीदवारों के लिए आठवीं कक्षा उर्त्तीण होना अनिवार्य है।

– एमपी पुलिस में आरक्षक (रेडियो आपरेटर) के लिए 12वीं कक्षा उर्त्तीर्ण होना अनिवार्य है। इसके साथ ही उसके पास
आइटीआइ सटिफिकेट भी होना चाहिए।

भर्ती के लिए यह है आयु सीमा
मध्य प्रदेश में पुलिस आरक्षक भर्ती के लिए 36 साल की आयु सीमा रखी गई है। वहीं रिजर्वेशन और महिला उम्मीदवारों के लिए 41 साल और पुरस्कार विजेता उम्मीदवारों के लिए 46 साल की आयु सीमा रखी गई है। आयु सीमा को लेकर
नोटिफिकेशन को भी ध्यान से पढ़ना जरूरी है।

एमपी पुलिस कांस्टेबल भर्ती के लिए ऐसे करें आवेदन

मध्य प्रदेश पुलिस आरक्षक भर्ती के लिए उम्मीदवार वेबसाइट esb.mp.gov.in पर जाकर आवेदन भर सकते हैं।
इस आवेदन के लिए सामान्य श्रेणी के उम्मीदवारों को 500 रुपये और एसटी-एससी, ओबीसी व ईडब्ल्यूएस श्रेणी के
उम्मीदवारों को केवल 250 रुपये का शुल्क देना होगा।

भोपाल के कमल चावला ने 6 रेड एशियन स्नूकर में जीता कांस्य पदक

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भोपाल 26 जून/ भोपाल के कमल चावला ने 6 रेड एशियन स्नूकर चैम्पियनशिप में कांस्य पदक जीता। तेहरान में खेली गई स्पर्धा में कमल सेमीफाइनल में चाओ हो मान (हांगकांग) से 1-5 से पराजित हो गए। कमल का यह 12 वां अन्तर्राष्ट्रीय पदक और 6-रेड एशियन स्नूकर चैम्पियनशिप में यह तीसरा पदक है। भारत के स्‍टार पंकज आडवाणी को भी कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा।

रोमांचक रहा सेमीफाइनल मुकाबला

सेमीफाइनल में 2016 की 6- रेड वर्ल्ड स्नूकर चैम्पियनशिप के उपविजेता चाओ हो ने कमल से पहले दो फ्रेम 34-27, 40-6 से जीतकर 2-0 की बढ़त बना ली। पूरी स्पर्धा में शानदार प्रदर्शन करने वाले कमल ने तीसरा फ्रेम 37-24 अंक से जीतकर स्कोर 2-1 कर दिया। लेकिन चाओ ने 38-19, 35 -1, 40-19 से अगले तीनों फ्रेम जीतकर मैच अपने पक्ष में कर लिया। चाओ की जीत में उनके कुछ फ्लूक शॉट ने भी साथ निभाया.
उल्लेखनीय है कि कमल ने टीम चैम्पियनशिप में स्वर्ण और व्यक्तिगत स्पर्धा में कांस्य पदक जीता है. 6-रेड एशियन स्नूकर चैम्पियनशिप में कमल ने ही भारत को पहला पदक 2011 में दिलाया था. उन्होंने पिछली बार 2019 में वर्ल्ड टीम स्नूकर चैम्पियनशिप में कांस्य पदक जीता था. कमल चावला, इंडियन रेलवे में कार्यरत हैं तथा डीआरएम कार्यालय में पदस्थ हैं. वे मप्र के पहले अन्तर्राष्ट्रीय स्नूकर खिलाड़ी हैं. मप्र सरकार द्वारा उन्हें प्रदेश के सबसे बड़े खेल सम्मान “विक्रम पुरुस्कार” तथा रेलवे द्वारा प्रतिष्ठित “बेस्ट स्पोर्ट्सपर्सन ऑफ़ द ईयर” अवार्ड से सम्मानित किया गया है। चैंंपियनशपि में जाने से कुछ समय तक उनकी तबियत खराब थी। इसके भी वे खेलने गए और दो पदक जीते।

कमल चावला ने अपने खेल की शुरुआत भेल स्‍पोट़र्स क्‍लब स्‍नूकर खेलना शुरू किया था, उन्‍होनें अपनी प्रतिभा से सभी को प्रभावित किया है। मप्र में स्‍नूकर को उन्‍होंने अपने दम पर उचाइयों पर पहुंचाया है। जिला, राज्‍य और राष्‍ट्रीय व अंतरराष्‍ट्रीय स्‍तर पर बडे मुकाबलों में पदक जीतकर सभी का मान बढाया है। आज मप्र में जो माहौल बन रहा है, इसमें कमल चावला का बहुत बढ़ा योगदान है।

प्रधानमंत्री की अगवानी और विदाई के लिये ‘मिनिस्टर इन वेटिंग’ नामित

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भोपाल, 26 जून/ मध्यप्रदेश सरकार ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मंगलवार को भोपाल, जबलपुर और शहडोल प्रवास के
दौरान उनकी अगवानी और विदाई के लिये विभिन्न मंत्रियों को ”मिनिस्टर इन वेटिंग” नामित किया है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार भोपाल एयरपोर्ट और यहां के रानी कमलापति रेलवे स्टेशन के लिये नगरीय विकास एवं आवास मंत्री भूपेन्द्र सिंह को मिनिस्टर इन वेटिंग नामित किया गया है। स्थानीय बरकतउल्ला यूनिवर्सिटी हेलीपेड के लिये चिकित्सा शिक्षा मंत्री
विश्वास सारंग और लाल परेड ग्राउण्ड के लिये गृह मंत्री डॉ नरोत्तम मिश्रा को मिनिस्टर इन वेटिंग बनाया गया है। जबलपुर
एयरपोर्ट के लिये लोक निर्माण विभाग मंत्री गोपाल भार्गव और शहडोल के लालपुर एयरस्ट्रिप हेलीपेड के लिये पिछड़ा वर्ग
एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री रामखेलावन पटेल को मिनिस्टर इन वेटिंग नामित किया गया है।

अपने जादुई संगीत से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया आर.डी.बर्मन ने

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मुंबई, 26 जून/ बॉलीवुड में आर.डी.बर्मन को एक ऐसे संगीतकार के तौर पर याद किया जाता है जिन्होंने अपने जादुई संगीत से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया। आर.डी बर्मन का जन्म 27 जून 1939 को कलकत्ता (अब कोलकाता) में हुआ था। उनके पिता एस.डी.बर्मन जाने माने फिल्मी संगीतकार थे। घर में फिल्मी माहौल के कारण उनका भी रूझान संगीत की ओर हो गया और वह अपने पिता से संगीत की शिक्षा लेने लगे। उन्होंने उस्ताद अली अकबर खान से सरोद वादन की भी शिक्षा ली।
फिल्म जगत में पंचम दा के नाम से मशहूर आर.डी.बर्मन को यह नाम तब मिला जब उन्होंने अभिनेता अशोक कुमार को
संगीत के पांच सुर सा.रे.गा.मा.पा गाकर सुनाया। नौ वर्ष की छोटी सी उम्र में पंचम दा ने अपनी पहली धुन ‘ए मेरी टोपी
पलट के आ’ बनायी और बाद में उनके पिता सचिन देव बर्मन ने उसका इस्तेमाल वर्ष 1956 में प्रदर्शित फिल्म ‘फंटूश’
में किया। इसके अलावा उनकी बनायी धुन ‘सर जो तेरा चकराये’ भी गुरूदत्त की फिल्म ‘प्यासा’ के लिये इस्तेमाल
की गयी।
अपने सिने करियर की शुरूआत आर.डी.बर्मन ने अपने पिता के साथ बतौर संगीतकार सहायक के रूप में की। इन फिल्मों में ‘चलती का नाम गाड़ी’ 1958 और ‘कागज के फूल’ 1959 जैसी सुपरहिट फिल्में भी शामिल है। बतौर
संगीतकार उन्होंने अपने सिने करियर की शुरूआत वर्ष 1961 में महमूद की निर्मित फिल्म ‘छोटे नवाब’ से की लेकिन
इस फिल्म के जरिये वह कुछ खास पहचान नही बना पाये। इस बीच पिता के साथ आर.डी.बर्मन ने बतौर संगीतकार
सहायक उन्होंने बंदिनी (1963), ‘तीन देवियां’ (1965) और ‘गाइड’ जैसी फिल्मों के लिये भी संगीत दिया। वर्ष
1965 में प्रदर्शित फिल्म ‘भूत बंगला’ से बतौर संगीतकार पंचम दा कुछ हद तक फिल्म इंडस्ट्री में अपनी पहचान बनाने
में सफल हो गये। इस फिल्म का गाना ‘आओ ट्विस्ट करे’ श्रोताओं के बीच काफी लोकप्रिय हुआ। अपने वजूद को
तलाशते आर.डी.बर्मन को लगभग दस वर्षो तक फिल्म इंडस्ट्री मे संघर्ष करना पड़। वर्ष 1966 में प्रदर्शित निर्माता निर्देशक नासिर हुसैन की फिल्म ‘तीसरी मंजिल’ के सुपरहिट गाने ‘आजा आजा मैं हूँ प्यार तेरा’ और ‘ओ हसीना जुलफों
वाली’ जैसे सदाबहार गानों के जरिये वह बतौर संगीतकार शोहरत की बुंलदियो पर जा पहुंचे। वर्ष 1972 पंचम दा के सिने
करियर का अहम पड़ाव साबित हुआ। इस वर्ष उनकी ‘सीता और गीता’, ‘मेरे जीवन साथी’, ‘बाम्बे टू गोवा’,
‘परिचय’ और ‘जवानी दीवानी’ जैसी कई फिल्मों में उनका संगीत छाया रहा। वर्ष 1975 में रमेश सिप्पी की सुपरहिट
फिल्म ‘शोले’ के गाने ‘महबूबा महबूबा’ गाकर पंचम दा ने अपना एक अलग समां बांधा जबकि ‘आंधी’,
‘दीवार’, ‘खूशबू’ जैसी कई फिल्मों में उनके संगीत का जादू श्रोताओं के सर चढ़कर बोला। संगीत के साथ प्रयोग
करने में माहिर आर.डी.बर्मन पूरब और पश्चिम के संगीत का मिश्रण करके एक नयी धुन तैयार करते थे। हांलाकि इसके लिये उनकी काफी आलोचना भी हुआ करती थी। उनकी ऐसी धुनों को गाने के लिये उन्हें एक ऐसी आवाज की तलाश रहती थी जो उनके संगीत में रच बस जाये। यह आवाज उन्हें पार्श्वगायिका आशा भोंसले में मिली। लंबी अवधि तक एक दूसरे का गीत संगीत में साथ निभाते-निभाते अन्तत दोनों जीवन भर के लिये एक दूसरे के हो लिये और अपने सुपरहिट गीतों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध करते रहे। वर्ष 1985 में प्रदर्शित फिल्म ‘सागर’ की असफलता के बाद निर्माता निर्देशकों ने उनसे मुंह मोड लिया। इसके साथ ही उनको दूसरा झटका तब लगा जब निर्माता निर्देशक सुभाष घई ने फिल्म ‘रामलखन’ में उनके स्थान पर संगीतकार लक्ष्मीकांत प्यारेलाल को साइन कर लिया। इसके बाद हालांकि ‘इजाजत’, ‘लिबास’,
‘परिंदा’, ‘1942 ए लव स्टोरी’ में उनका संगीत काफी पसंद किया गया। संगीत निर्देशन के अलावा पंचम दा ने
कई फिल्मों के लिये अपनी आवाज भी दी। बहुमुखी प्रतिभा के धनी आर.डी.बर्मन ने संगीत निर्देशन और गायन के अलावा
‘भूत बंगला’ (1965) और ‘प्यार का मौसम’ (1969) जैसी फिल्मों में अपने अभिनय से भी दर्शकों को अपना
दीवाना बनाया। आर डी बर्मन ने अपने चार दशकों से भी ज्यादा लंबे सिने करियर में लगगभ 300 हिन्दी फिल्मों के लिये
संगीत दिया। हिन्दी फिल्मों के अलावा बंगला, तेलगु, तमिल, उडिया और मराठी फिल्मों में भी अपने संगीत के जादू से
उन्होंने श्रोताओं को मदहोश किया। पंचम दा को अपने सिने करियर में तीन बार सर्वश्रेष्ठ संगीतकार के फिल्म फेयर
पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इनमें ‘सनम तेरी कसम’, ‘मासूम’ और ‘1942 ए लवस्टोरी’ शमिल है।
फिल्म संगीत के साथ-साथ पंचम दा गैर फिल्मी संगीत से भी श्रोताओं का दिल जीतने में कामयाब रहे। अमेरीका के मशहूर संगीतकार जोस फ्लोरेस के साथ उनकी निर्मित एलबम ‘पंटेरा’ काफी लोकप्रिय रही। चार दशक तक मधुर संगीत
लहरियों से श्रोताओं को भावविभोर करने वाले पंचम दा 4 जनवरी 1994 को इस दुनिया को अलविदा कह गये।

गृह मंत्री ने लिखा कमलनाथ को पत्र, खरगे के बयान पर मांगी प्रतिक्रिया

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भोपाल, 26 जून/ मध्यप्रदेश के गृह मंत्री डॉ नरोत्तम मिश्रा ने पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ को पत्र लिख कर उनसे कांग्रेस के नेता प्रियंक खरगे के गौरक्षकों पर दिए कथित बयान पर प्रतिक्रिया मांगी है। डॉ मिश्रा ने अपने पत्र में लिखा है कि कर्नाटक सरकार के मंत्री और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के पुत्र प्रियंक खरगे ने पुलिस
अधिकारियों को गौ-रक्षकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। इसी क्रम में डॉ मिश्रा ने श्री कमलनाथ से पूछा है
कि गौमाता के बारे में इस प्रकार की निंदनीय टिप्पणी से वे सहमत हैं या नहीं, इस बारे में प्रदेश की जनता को अवगत
कराएं।

नड्डा आज भोपाल में, पार्टी कार्यशाला को करेंगे संबोधित

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भोपाल, 26 जून/ भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष जे पी नड्डा अपने दो दिवसीय मध्यप्रदेश प्रवास पर आज राजधानी भोपाल पहुंचेंगे। प्रदेश भाजपा की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार श्री नड्डा आज अपराह्न विशेष विमान से यहां स्टेट हैंगर पहुंचेंगे। वे शाम को स्थानीय मोतीलाल नेहरू स्टेडियम में राजमाता विजयाराजे सिंधिया परिसर में मोदी सरकार के नौ वर्ष के सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण की योजनाओं पर आधारित प्रदर्शनी का उद्घाटन करेंगे। श्री नड्डा इसके उपरांत स्थानीय श्री कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में पार्टी से संबंधित अल्पकालीन विस्तारक कार्यशाला को संबोधित करेंगे। कल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी भोपाल आएंगे और मोतीलाल नेहरू स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने के बाद
शहडोल रवाना हो जाएंगे।

महाकालेश्वर मंदिर में स्थानीय श्रद्धालुओं को आधार कार्ड से होंगे दर्शन

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उज्जैन, 26 जून/ मध्यप्रदेश के उज्जैन स्थित महाकालेश्वर मंदिर में दिनों दिन बढ़ती दर्शनार्थियों की संख्या के कारण स्थानीय श्रद्धालुओं के लिए अब आगामी 11 जुलाई से आधार कार्ड से दर्शन की व्यवस्था की जाएगी। अधिकारिक सूत्रों ने बताया कि भगवान महाकालेश्वर मंदिर में देश के विभिन्न क्षेत्रों से हजारों की संख्या में लोग आते हैं।विशेषकर श्रावण माह में इनकी संख्या अत्यधिक होती है। इसे दृष्टिगत रखते हुए मंदिर प्रबंध समिति ने उज्जैन वासियों के लिए श्रावण मास में 11 जुलाई से बाबा महाकाल के दर्शन हेतु आधार कार्ड दिखाकर दर्शन सुगमता पूर्वक करने की व्यवस्था की है। साथ ही एक बार अपना आधार कार्ड दर्शन हेतु पंजीयन कराने पर बार-बार आधार कार्ड ले जाने की भी आवश्यकता नहीं होगी। ऐसी व्यवस्था उपलब्ध कराई जायेगी।

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