नई दिल्ली। देश के किसानों को आर्थिक सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से केंद्र सरकार द्वारा संचालित प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN) योजना आज देश की सबसे बड़ी प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) योजनाओं में शामिल है। इस योजना के तहत पात्र किसान परिवारों को प्रतिवर्ष 6,000 रुपये की वित्तीय सहायता तीन समान किस्तों में सीधे उनके बैंक खातों में भेजी जाती है।
किसानों को मिलती है सालाना ₹6,000 की सहायता
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की शुरुआत वर्ष 2019 में की गई थी। इसके तहत पात्र किसानों को हर चार महीने में ₹2,000 की एक किस्त दी जाती है। पूरी राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खाते में DBT के माध्यम से ट्रांसफर की जाती है, जिससे पारदर्शिता सुनिश्चित होती है और बिचौलियों की भूमिका समाप्त होती है।
23वीं किस्त से करोड़ों किसानों को मिला लाभ
केंद्र सरकार ने जून 2026 में योजना की 23वीं किस्त जारी करते हुए 9.44 करोड़ से अधिक किसानों के बैंक खातों में ₹18,880 करोड़ से अधिक की राशि हस्तांतरित की। सरकार के अनुसार, योजना के शुरू होने से अब तक किसानों को ₹4.46 लाख करोड़ से अधिक की सहायता सीधे उनके खातों में भेजी जा चुकी है।
पात्रता और जरूरी शर्तें
योजना का लाभ केवल पात्र भू-स्वामी किसान परिवारों को दिया जाता है। लाभ प्राप्त करने के लिए किसानों का आधार से बैंक खाता लिंक होना, भूमि रिकॉर्ड का सत्यापन तथा e-KYC पूरा होना आवश्यक है। e-KYC अधूरी होने पर किस्त मिलने में देरी हो सकती है।
किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम
विशेषज्ञों का मानना है कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना ने छोटे और सीमांत किसानों को खेती के लिए बीज, खाद और अन्य कृषि निवेश जुटाने में मदद की है। समय पर मिलने वाली आर्थिक सहायता से किसानों की नकदी संबंधी समस्याओं में भी राहत मिली है।
प्रमुख बातें
– पात्र किसानों को सालाना ₹6,000 की सहायता।
– राशि तीन किस्तों में सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर।
– DBT के माध्यम से पारदर्शी भुगतान व्यवस्था।
– e-KYC, आधार लिंक और भूमि सत्यापन आवश्यक।
– अब तक करोड़ों किसान योजना का लाभ उठा चुके हैं।







