नई दिल्ली। देश के गरीब और जरूरतमंद परिवारों को पक्का आवास उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू की गई प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) केंद्र सरकार की सबसे महत्वपूर्ण सामाजिक कल्याण योजनाओं में से एक बन चुकी है। वर्ष 2015 में शुरू हुई इस योजना के तहत ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के पात्र परिवारों को घर निर्माण एवं आवास सहायता प्रदान की जा रही है।
लाखों नए घरों को मिली मंजूरी
केंद्र सरकार ने हाल ही में प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी (PMAY-U 2.0) के तहत 2.13 लाख से अधिक अतिरिक्त घरों के निर्माण को मंजूरी दी है। इसके साथ ही PMAY-Urban 2.0 के अंतर्गत स्वीकृत घरों की संख्या 16 लाख से अधिक हो गई है।
शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों को लाभ
प्रधानमंत्री आवास योजना दो भागों में संचालित की जाती है—
PMAY-Urban (शहरी)
PMAY-Gramin (ग्रामीण)
योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग, निम्न आय वर्ग और आवासहीन परिवारों को पक्का घर उपलब्ध कराना है। ग्रामीण क्षेत्रों में पात्र परिवारों को घर निर्माण के लिए वित्तीय सहायता दी जाती है, जबकि शहरी क्षेत्रों में विभिन्न घटकों के माध्यम से आवास सुविधा उपलब्ध कराई जाती है।
योजना की उपलब्धियां
सरकारी आंकड़ों के अनुसार PMAY-Urban के तहत अब तक 125 लाख से अधिक घर स्वीकृत किए जा चुके हैं, जिनमें से 98 लाख से अधिक घरों का निर्माण पूरा हो चुका है। वहीं प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के अंतर्गत भी करोड़ों परिवारों को पक्के घर उपलब्ध कराए गए हैं।
उत्तर प्रदेश को मिला बड़ा लाभ
हाल ही में केंद्र सरकार ने उत्तर प्रदेश में PMAY-G के तहत 6.18 लाख ग्रामीण आवासों को मंजूरी दी है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले हजारों जरूरतमंद परिवारों को आवास सुविधा मिलने का रास्ता साफ हुआ है।
‘हर परिवार को आवास’ लक्ष्य की ओर बढ़ता भारत
प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से केंद्र सरकार “सभी के लिए आवास” के लक्ष्य को पूरा करने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है। योजना ने लाखों गरीब परिवारों को सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर प्रदान किया है, जिससे उनके सामाजिक और आर्थिक जीवन स्तर में भी सुधार आया है।
मुख्य तथ्य:
- 2015 में हुई योजना की शुरुआत।
- ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में लागू।
- 125 लाख से अधिक घर स्वीकृत।
- 98 लाख से अधिक घरों का निर्माण पूर्ण।
- PMAY-U 2.0 के तहत 2.13 लाख अतिरिक्त घरों को मंजूरी।




















