दिल्ली, 14 मई/ देश में सालाना 10 लाख टन से अधिक पुराने कपड़ों के रद्दी के रूप में निकलने और उसके कचड़े में फेके जाने से पर्यावरण पर पड़ रहे प्रभावों के बीच सिलाई मशीन बनाने वाली कंपनी ऊषा इंटरनेशनल ने इन कपड़ों से घरेलू जरूरत के लिए उपयोगी वस्तुयें बनाने की पहल शुरू की है। कंपनी का कहना है कि रोजमर्रा के जीवन में रिसाइक्लिंग को अपनाने की अहमियत पर जोर दिया जा सकता है। खासतौर पर इसका महत्व तब और ज्यादा हो जाता है, जब हम कूड़े-कचरे के निपटारे की समस्या का वास्तव में कोई समाधान खोजना चाहते होंदुनिया में भारत नगरपालिका में निकलने वाले ठोस कचरे का तीसरा सबसे बड़ा उत्पादक देश है। भारत में सालाना दस लाख टन से ज्यादा पुराने कपड़े रद्दी के रूप में निकलते हैं। यह तथ्य हमें कूड़े-कचरे के सुरक्षित निपटारे का ज्यादा जिम्मेदार तरीका अपनाने के लिए डराने वाला होना चाहिए।
रक्षाबंधन से पहले महिलाओं को तोहफा, आज जारी होगी महतारी वंदन की 31वीं किस्त
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छत्तीसगढ़ की महिलाओं के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज, 25 अगस्त को महतारी वंदन योजना की 31वीं किस्त की राशि जारी करेंगे। मुख्यमंत्री बालोद...
सीएम योगी का रायबरेली को बड़ा तोहफा, 879 करोड़ की 346 विकास परियोजनाओं की...
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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को रायबरेली दौरे के दौरान जिले को 879 करोड़ रुपये से अधिक की 346 विकास परियोजनाओं...
अनुसूचित जाति (SC) समुदाय के लिए गुजरात में PM-AJAY के लिए विशेष मॉनिटरिंग यूनिट
गांधीनगर, 18 अगस्त 2026: गुजरात सरकार ने अनुसूचित जाति (SC) समुदाय के सामाजिक-आर्थिक सशक्तीकरण के लिए केंद्र की प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना (PM-AJAY)...
महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता पर CM साय का जोर, स्व-सहायता समूहों को मिल रहे...
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छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने पर सरकार के विशेष फोकस को दोहराया है।...
सफाई कर्मचारियों के लिए Missed Call Facility अब आसानी से दर्ज होगी Complaint
नई दिल्ली। सफाई कर्मचारियों की गरिमा, सुरक्षा और सामाजिक अधिकारों को केंद्र में रखते हुए राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग (NCSK) रविवार, 23 अगस्त 2026...























