ई-श्रम पोर्टल पर उपलब्ध सुविधाओं का विस्तार किया गया, अब पोर्टल पर यह सुविधा शुरू

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केंद्र सरकार ने असंगठित क्षेत्र के कामगारों (Un-Organised Workers) के लिए तैयार ई-श्रम पोर्टल (E-Shram Portal) को नया रूप दिया है. इसके साथ ही ई-श्रम पोर्टल पर उपलब्ध सुविधाओं का विस्तार किया गया है. सरकार ने असंगठित क्षेत्र के कामगारों के परिवार को फायदे पहुंचाने के लिए यह बदलाव किया है. केंद्रीय श्रम मंत्रालय ने सोमवार को एक आधिकारिक बयान में इसकी जानकारी दी.

असंगठित कामगारों को ये फायदे

बयान में बताया गया कि केंद्रीय श्रम, रोजगार, पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव (Bhupender Yadav) ने श्रम व रोजगार मंत्रालय की सचिव आरती आहूजा समेत मंत्रालय के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में ई-श्रम पोर्टल में नई सुविधाओं का शुभारंभ किया. ई-श्रम पोर्टल में जोड़ी गई नई सुविधाएं पोर्टल की उपयोगिता में वृद्धि करेंगी और असंगठित श्रमिकों के पंजीकरण को सरल बनाएंगी. ई-श्रम पंजीकृत कामगार अब इस पोर्टल के माध्यम से रोजगार के अवसरों, कौशल, अप्रेंटिसशिप, पेंशन योजना, डिजिटल कौशल (स्किलिंग) और राज्यों की योजनाओं से जुड़ सकते हैं.

इस ई-श्रम पोर्टल में प्रवासी कामगारों के परिवार का विवरण दर्ज करने की सुविधा भी जोड़ी गई है. यह सुविधा उन प्रवासी कामगारों के लिए बाल शिक्षा और महिला केंद्रित योजनाएं उपलब्‍ध कराने में मदद करेगी, जिन्‍होंने अपने परिवार के साथ माइग्रेट किया है. इसके अलावा संबंधित भवन और अन्य निर्माण कामगार (बीओसीडब्ल्यू) कल्‍याण बोर्ड के साथ ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकरण निर्माण कामगारों के डेटा को साझा करने के बारे में भी नई सुविधा जोड़ी गई है, ताकि संबंधित बीओसीडब्‍ल्‍यू बोर्ड के साथ ई-श्रम निर्माण कामगारों का पंजीकरण सुनिश्चित हो और उन्‍हें अपने मतलब की योजनाओं तक पहुंच उपलब्‍ध हो सके.

डेटा शेयरिंग पोर्टल की शुरुआत
मंत्री भूपेंद्र यादव ने औपचारिक रूप से राज्य/केंद्र शासित प्रदेश सरकारों के साथ ई-श्रम डेटा को साझा करने के लिए डेटा शेयरिंग पोर्टल (डीएसपी) का भी शुभारंभ किया. मंत्रालय ने उन ई-श्रम पंजीकरण कराने वाले कामगारों की पहचान करने के लिए ई-श्रम डेटा के साथ विभिन्न योजनाओं के लिए डेटा मैपिंग की शुरुआत की है, जिन्हें अभी तक इन योजनाओं का लाभ नहीं मिला है. डेटा राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के साथ भी साझा किया जा रहा है. इस डेटा के आधार पर राज्य/केंद्र शासित प्रदेश उन असंगठित श्रमिकों की पहचान कर सकते हैं, जिन्हें अभी तक विभिन्‍न सामाजिक कल्याण/सुरक्षा योजनाओं का लाभ नहीं मिला है और उन्हें प्राथमिकता के आधार पर इन योजनाओं का लाभ दिया जा सकता है.

पोर्टल पर इतने पंजीकरण
श्रम और रोजगार मंत्रालय देश में कामगारों के कल्याण के लिए लगातार काम कर रहा है. इन्हीं प्रयासों के तहत मंत्रालय ने 26 अगस्त 2021 को ई-श्रम पोर्टल की शुरुआत की थी, ताकि असंगठित कामगारों का एक व्यापक राष्ट्रीय डेटाबेस तैयार किया जा सके, जो आधार से जुड़ा हुआ हो. 21 अप्रैल 2023 के अनुसार ई-श्रम पोर्टल पर 28.87 करोड़ से अधिक असंगठित कामगारों ने पंजीकरण कराया है.

लंबित मामले पर न्यायाधीश के साक्षात्कार देने को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने कोलकाता हाईकोर्ट से मांगी रिपोर्ट

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दिल्ली, उच्चतम न्यायालय ने कलकत्ता उच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति अभिजीत गंगोपाध्याय के तृणमूल कांग्रेस के नेता अभिषेक बनर्जी के संबंध में एक समाचार चैनल को साक्षात्कार देने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए सोमवार को कहा कि न्यायाधीशों को अपने पास लंबित मामलों पर समाचार चैनलों को साक्षात्कार देने का कोई अधिकार नहीं है।मुख्य न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति पी एस नरसिम्हा की पीठ ने कहा, “न्यायाधीशों के पास टेलीविजन या किसी भी मीडिया को उन मामलों पर साक्षात्कार देने का कोई अधिकार नहीं है जो उनके पास लंबित हैं।”तृणमूल कांग्रेस सांसद बनर्जी की याचिका पर पीठ ने पूछा, ‘वे (न्यायमूर्ति अभिजीत गंगोपाध्याय) साक्षात्कार कैसे दे सकते हैं?’ पीठ ने कहा, “न्यायाधीश साक्षात्कार में जो याचिकाकर्ता के बारे में बात कर रहे हैं, वह स्पष्ट रूप से ऐसा करने के योग्य नहीं हैं।”शीर्ष अदालत ने कलकत्ता उच्च न्यायालय से एक रिपोर्ट मांगी, जिसमें कहा गया कि उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार जनरल को न्यायाधीश से व्यक्तिगत रूप से सत्यापित करने का निर्देश दिया जाता है कि क्या उनका साक्षात्कार लिया गया था? इस मुद्दे पर वह स्थिति में स्पष्टीकरण दें।पीठ ने उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार जनरल को शुक्रवार से पहले हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया।अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एस वी राजू की इस दलील पर कि यह एक बड़ा घोटाला है, पीठ ने स्पष्ट किया कि वह घोटाले की जांच के संबंध में कुछ नहीं कह रही है। वह ऐसा कोई आदेश पारित नहीं करेगी जो मामले की उचित जांच को रोके।पीठ ने आगे कहा, “सवाल यह है कि क्या एक न्यायाधीश साक्षात्कार दे रहे हैं और इस तरह के एक राजनीतिक व्यक्तित्व के बारे में खुद कह रहे हैं, मुख्य न्यायाधीश को मामले को किसी और को सौंप देना चाहिए।”बनर्जी ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा उनसे पूछताछ के उच्च न्यायालय के 13 अप्रैल के आदेश को चुनौती दी थी। याचिकाकर्ता ने न्यायाधीश के साक्षात्कार का प्रतिलेख अदालत में प्रस्तुत किया था।यह मामला पश्चिम बंगाल में सरकारी स्कूलों में शैक्षणिक और गैर शैक्षणिक कर्मचारियों की भर्ती में कथित तौर पर करोड़ों रुपये के घोटाले से जुड़ा हुआ है।

भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) के प्रमुख बृजभूषण पर यौन उत्पीड़न की प्राथमिकी की गुहार के साथ पहलवानों ने खटखटाया सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा

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दिल्ली, भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) के प्रमुख बृजभूषण शरण सिंह पर यौन उत्पीड़न और आपराधिक धमकी देने का आरोप लगाते हुए पहलवान विनेश फोगाट और अन्य ने दिल्ली पुलिस को प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश देने की मांग को लेकर उच्चतम न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है।मुख्य न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति पी एस नरसिम्हा की पीठ के समक्ष सोमवार को वरिष्ठ अधिवक्ता नरेंद्र हुड्डा ने ‘विशेष उल्लेख’ के दौरान यह मामला उठाया‌। अधिवक्ता ने याचिकाकर्ताओं का पक्ष रखते हुए पीठ से इस मामले पर शीघ्र सुनवाई की गुहार लगाई।

पहलवानों के विरोध पर हैरान करती है मोदी की चुप्पी: कांग्रेस

कांग्रेस ने कहा है कि देश के प्रमुख पहलवान भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) के प्रमुख एवं भाजपा सांसद बृजभूषण सिंह के विरोध में खड़े हैं लेकिन इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुप्पी हैरान करने वाली है।कांग्रेस संचार विभाग के प्रभारी जयराम रमेश ने सोमवार को यहां पार्टी मुख्यालय में संवाददाता सम्मेलन में सवाल किया कि आखिर मोदी सरकार इस मुद्दे पर चुप क्यों है और इस मामले में कोई कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही है। उन्होंने कहा कि मशहूर पहलवान विनेश फोगाट और साक्षी मलिक सहित कई अन्य पहलवान लगातार श्री सिंह का विरोध कर रहे हैं और उन्होंने रविवार को भी यहां जंतर-मंतर पर भापजा सांसद के खिलाफ यौन उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए विरोध- प्रदर्शन किया लेकिन सरकार इस मुद्दे पर मौन है और उसकी चुप्पी हैरान करने वाली है।प्रवक्ता ने प्रधानमंत्री से मौन तौड़ने का आग्रह करते हुए कहा, “मोदी जी चुप्पी तोड़िए। दुनिया में देश को गौरवान्वित करने वाले खिलाड़ी ‘यौन उत्पीड़न’ के खिलाफ जंतर-मंतर पर बैठे हैं लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।”उन्होंने ट्वीट कर दावा किया “विनेश फोगाट ने अपने परिवार के साथ अक्टूबर 2021 को महासंघ में हुए यौन शोषण के बारे में प्रधानमंत्री को इस मामले की जानकारी दी थी।” सुश्री फोगाट ने रविवार को इस संबंध में ट्वीट में कर कहा था, “हमें न्याय चाहिए।”कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी गत 19 जनवरी को श्री सिंह के विरोध में प्रदर्शन करने वाले पहलवानों का समर्थन किया था और आरोपों की जांच की मांग को उचित बताते हुए कहा कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। बाद में खेल मंत्रालय ने भी इस मामले पर ध्यान दिया और प्रमुख खिलाड़ियों द्वारा लगाए गए यौन उत्पीड़न, धमकी, वित्तीय अनियमितता और प्रशासनिक चूक के आरोपों की जांच के लिए समिति का गठन किया तथा डब्ल्यूएफआई की कार्यकारी समिति को जांच के दौरान फेडरेशन की गतिविधियों से अलग रहने को कहा था।

वायुसेना के दो विमान, एक युद्धपोत तैनात, सूडान के भारतीयों को निकालने के लिए आकस्मिक निकासी अभियान चलाया जाएगा

दिल्ली, सरकार ने सूडान में फंसे करीब तीन हजार प्रवासी भारतीयों को सुरक्षित निकालने के लिए वायुसेना के दो विमान एवं नौसेना के एक युद्धपोत को सूडान के निकट तैनात कर दिया है और ज़मीनी सुरक्षा परिस्थिति में मौका मिलते ही आकस्मिक निकासी अभियान चलाया जाएगा।विदेश मंत्रालय ने आज यहां एक बयान में कहा कि भारत सरकार सूडान में जटिल और उभरती सुरक्षा स्थिति की बारीकी से निगरानी कर रही है और वहां फंसे भारतीयों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। बयान में कहा गया, “हम उन भारतीयों की सुरक्षित आवाजाही के लिए विभिन्न साझेदारों के साथ भी निकटता से समन्वय कर रहे हैं जो सूडान में फंसे हुए हैं और उन्हें निकालना चाहते हैं।”बयान में कहा कि विदेश मंत्रालय और सूडान में भारतीय दूतावास, सूडानी अधिकारियों के अलावा संयुक्त राष्ट्र, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, मिस्र और अमेरिका के साथ नियमित संपर्क में हैं। सूडान से भारतीयों को निकालने के लिए तेज कार्रवाई के लिए विभिन्न विकल्पों के साथ तैयारी कर ली गयी है। भारतीय वायुसेना के दो सी-130 जे सुपर हर्क्यूलस परिवहन विमान वर्तमान में सऊदी अरब के जेद्दाह हवाईअड्डे पर स्टैंडबाय के तौर पर तैनात कर दिये गये हैं और भारतीय नौसैनिक पोत आईएनएस सुमेधा लाल सागर में सूडान के प्रमुख बंदरगाह पोर्ट सूडान पहुंच गया है।विदेश मंत्रालय ने कहा कि आपात योजनाओं की तैयारी के बावजूद ज़मीन पर कोई भी गतिविधि या कार्रवाई वहां की सुरक्षा स्थिति पर निर्भर करेगी जो खार्तूम में विभिन्न स्थानों पर हो रही भयंकर लड़ाई के बीच अस्थिर बनी हुई है।सूडानी हवाई क्षेत्र वर्तमान में सभी विदेशी विमानों के लिए बंद है। ज़मीनी आवागमन जोखिम और चुनौती भरा है।बयान में कहा गया कि भारतीय दूतावास सूडान में फंसे भारतीयों के नियमित संपर्क में है और उन्हें सुरक्षित आवाजाही की व्यवहार्यता और अनावश्यक जोखिम से बचने की सलाह दे रहा है। भारतीयदूतावास सुरक्षा स्थिति सुरक्षित आवाजाही की संभावना को लेकर यह पैनी निगाह रखे है और खार्तूम शहर में हर संभव सहायता का समन्वय कर रहा है।

एक महीने में 10 एक्साबाइट यानी 10 अरब जीबी डेटा का इस्तेमाल किय जियो यूजर्स ने

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दिल्ली, जियो यूजर्स ने एक महीने में 10 एक्साबाइट यानी 10 अरब जीबी डेटा का इस्तेमाल कर डाला।यह आंकड़ा कितना बड़ा है इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि 2016 में जब रिलायंस जियो ने टेलीकॉम सेक्टर में एंट्री मारी थी, उस वक्त पूरे देश के सभी उपलब्ध नेटवर्कस पर डेटा खपत मात्र 4.6 एक्साबाइट थी और वो भी एक महीने की नही पूरे वर्ष भर की। भारत में पहली बार किसी टेलीकॉम कंपनी के नेटवर्क पर एक महीने में 10 एक्साबाइट डेटा की खपत हुई है। मार्च तिमाही में जियो नेटवर्क पर डेटा की खपत का आंकड़ा 30.3 एक्साबाइट था। रिलायंस जियो ने अपने तिमाही नतीज़ों में इसका खुलासा किया।जियो ट्रू 5जी रोलआउट ने डेटा की बढ़ती खपत में अहम भूमिका निभाई। जियो यूजर अब हर महीने औसतन 23.1 जीबी डेटा खर्च कर रहा है। जो दो साल पहले तक मात्र 13.3 जीबी प्रतिमाह था। यानी प्रत्येक जियो यूजर 2 साल पहले की तुलना में करीब 10 जीबी प्रतिमाह अधिक डेटा की खपत कर रहा है। जियो नेटवर्क पर डेटा खपत का यह औसत, टेलीकॉम इंडस्ट्री की औसत से कहीं अधिक है।तिमाही रिजल्ट्स के मुताबिक जियो ने मार्च 2023 तक 60 हजार साइट्स पर 3.5 लाख से अधिक 5जी सेल्स लगा लिए थे। देश भर में 2,300 से अधिक शहर और कस्बे 5जी की कवरेज में आ गए हैं और जियो यूजर्स भारी संख्या में 5जी सर्विस का इस्तेमाल कर रहे हैं। कंपनी का दावा है कि जियो बेहद तेजी से 5जी का रोलआउट कर रहा है। दुनिया भर में 5जी के रोलआउट की ऐसी कोई मिसाल नही है। कंपनी 2023 के अंत तक पूरे देश में 5जी कवरेज पहुंचाना चाहती है।5जी रोलआउट के साथ-साथ कंपनी एयरफाइबर के लॉन्च की तैयारियां भी कर रही है। जियो ने बताया कि अगले कुछ महीनों में इसका लॉन्च संभव है। रिलायंस जियो का लक्ष्य 10 करोड़ घरों को फाइबर और एयरफाइबर से जोड़ने का है।रिजल्ट्स में कुछ और महत्वपूर्ण बातें भी निकल कर आईं, जैसे जियो का औसत राजस्व प्रति यूजर प्रतिमाह बढ़कर 178.8 रु हो गया है। कंपनी के नेटवर्क पर हर दिन यूजर्स 1,459 करोड़ मिनट बातचीत (वॉयस कालिंग) कर रहे हैं। जियो नेटवर्क से जुड़े हर फोन पर करीब 1,003 मिनट हर महीने कॉलिंग हो रही है।

भारत ने समुद्र आधारित एंडो-वायुमंडलीय इंटरसेप्टर मिसाइल का सफल उड़ान परीक्षण किया

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दिल्ली, भारतीय नौसेना और रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) ने शुक्रवार को बंगाल की खाड़ी में ओडिशा के तट पर एक जहाज से समुद्र आधारित एंडो-वायुमंडलीय इंटरसेप्टर मिसाइल का पहला उड़ान परीक्षण सफलतापूर्वक किया।रक्षा मंत्रालय ने कहा कि परीक्षण का उद्देश्य एक शत्रुतापूर्ण बैलिस्टिक मिसाइल खतरे को शामिल करना और बेअसर करना था, जिससे भारत को नौसेना बैलिस्टिक मिसाइल रक्षा (बीएमडी) क्षमता वाले राष्ट्रों के कुलीन क्लब में शामिल किया जा सके।इससे पहले, डीआरडीओ ने प्रतिकूल परिस्थितियों से उभरने वाले बैलिस्टिक मिसाइल खतरों को बेअसर करने की क्षमता के साथ भूमि आधारित बीएमडी प्रणाली का सफलतापूर्वक प्रदर्शन किया।रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने जहाज आधारित बैलिस्टिक मिसाइल रक्षा क्षमताओं के सफल प्रदर्शन में शामिल डीआरडीओ, और भारतीय नौसेना को बधाई दी।डीआरडीओ के अध्यक्ष समीर वी कामत ने मिसाइल के डिजाइन और विकास में शामिल टीमों की सराहना की। उन्होंने कहा कि देश ने अत्यधिक जटिल नेटवर्क-केंद्रित एंटी-बैलिस्टिक मिसाइल सिस्टम विकसित करने में आत्मनिर्भरता हासिल की है।डीआरडीओ ने पिछले साल नवंबर में पहली बार एडी-1 नामक लंबी दूरी की इंटरसेप्टर मिसाइल का सफलतापूर्वक परीक्षण किया था।

मध्यप्रदेश मे प्रति व्यक्ति आय 11 हजार रूपए से बढ़ कर अब एक लाख 40 हजार रूपए हुई

भोपाल, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से देश भर से प्रदेश की यात्रा पर आए युवा प्रतिनिधि-मंडल के सदस्यों ने मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में भेंट की। मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि प्रदेश में जन-कल्याण और विकास के विभिन्न कार्य और गतिविधियाँ तेजी से हो रही हैं। सरकार तड़प, ज़िद, जुनून और जज्बे के साथ दिन-रात जनता की सेवा में लगी हुई है। राज्य सरकार की मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना महिला सशक्तिकरण का अभिनव प्रयास है। सुशासन की दृष्टि से भी कई प्रयोग किए जा रहे हैं। प्रदेश में शिकायतों के निवारण के लिए समाधान ऑनलाइन, सीएम हेल्प लाइन और जन-सुनवाई की व्यवस्था की गई है।

मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि प्रदेश में सड़क, बिजली, पानी, कृषि, शिक्षा, स्वच्छता और सुशासन के क्षेत्र में आमूलचूल परिवर्तन हुआ है। आज मध्यप्रदेश का बजट 3 लाख 14 हजार करोड़ रूपए हो गया है। प्रदेश में प्रति व्यक्ति आय 11 हजार रूपए से बढ़ कर अब एक लाख 40 हजार रूपए हो गई है। टेक्नॉलाजी का उपयोग करते हुए विभिन्न योजनाओं का लाभ लोगों तक पहुँचाया जा रहा है।

मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि देश की जीडीपी में मध्यप्रदेश का 4.6 प्रतिशत योगदान है। प्रदेश में 68 हजार करोड़ रूपए के सिंचाई परियोजनाओं के कार्य चल रहे हैं। सीएम राइज स्कूलों को प्राइवेट स्कूलों से भी बेहतर बनाया जा रहा है। वेस्ट-टू-वेल्थ की अवधारणा को साकार करते हुए कचरे से बिजली बनाने का कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि स्वच्छता के क्षेत्र में मध्यप्रदेश देश में अग्रणी है। जैविक खेती में मध्यप्रदेश नम्बर वन है। युवाओं के सर्वांगीण विकास के लिये प्रदेश में युवा नीति बनाई गई है। मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि उज्जैन में श्रीमहाकाल महालोक बनाया गया है। ओंकारेश्वर में जगत गुरू आदि शंकराचार्य की प्रतिमा और अद्भुत लोक स्थापित होगा।

युवा प्रतिनिधि-मंडल ने प्रदेश की विभिन्न योजनाओं, विकास कार्यों और अन्य विशेषताओं की सराहना की। प्रतिनिधि-मंडल में सर्वरोहित चहाल, अभिनव प्रकाश सिंह, वैभव पवार, रंजीत सिंह चौहान सहित अन्य युवा शामिल थे।

प्रधानमंत्री मोदी रीवा में राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस कार्यक्रम में होंगे शामिल

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भोपाल, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 24 अप्रैल को प्रात: 11.30 बजे रीवा के एसएएफ मैदान में राष्ट्रीय पंचायतीराज दिवस समारोह में शामिल होकर देश की सभी ग्राम सभाओं और पंचायती राज्य संस्थाओं को संबोधित करेंगे। प्रधानमंत्री मोदी समारोह में प्रधानमंत्री आवास योजना के 4 लाख 11 हजार हितग्राहियों को वर्चुअल गृह प्रवेश करायेंगे। साथ ही मध्यप्रदेश में जल जीवन मिशन की 7853 करोड़ लागत की 5 बड़ी समूह जल-प्रदाय योजनाओं का शिलान्यास और 2300 करोड़ से अधिक की रेल परियोजनाओं का लोकार्पण, शिलान्यास एवं शुभांरभ करेंगे। प्रधानमंत्री मोदी सुबह मुख्य कार्यक्रम स्थल पर विभिन्न विभागों की विकास प्रदर्शनी का अवलोकन भी करेंगे।

कार्यक्रम में मध्यप्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई पटेल, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, केन्द्रीय ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री गिरिराज सिंह, केन्द्रीय इस्पात एवं ग्रामीण विकास राज्य मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते, केन्द्रीय पंचायती राज राज्य मंत्री कपिल मोरेश्वर पाटील, केन्द्रीय जल-शक्ति एवं खाद्य प्र-संस्करण राज्य मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल, केन्द्रीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति, मध्यप्रदेश के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री महेन्द्र सिंह सिसोदिया, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री बिसाहूलाल सिंह, पंचायत एवं ग्रामीण विकास राज्य मंत्री रामखेलावन पटेल और रीवा सांसद जनार्दन मिश्र उपस्थित रहेंगे।

प्रधानमंत्री मोदी राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस समारोह में आयोजन के दौरान पंचायत स्तर पर सार्वजनिक खरीद के लिए एकीकृत ई-ग्राम स्वराज और जीईएम पोर्टल का उद्घाटन करेंगे। ई-ग्राम स्वराज – सरकारी ई-मार्केटप्लेस एकीकरण का उद्देश्य पंचायतों को ई-ग्राम स्वराज प्लेटफॉर्म का लाभ उठाते हुए जीईएम के माध्यम से अपने सामानों और सेवाओं की विपणन में सक्षम बनाना है।

सरकार की योजनाओं का पूर्ण लाभ सुनिश्चित करने की दिशा में लोगों की भागीदारी को बढ़ाने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री “विकास की ओर साझे क़दम” अभियान का भी शुभांरभ करेंगे। समावेशी विकास पर केन्द्रित इस अभियान में अंतिम छोर तक योजनाओं का लाभ पहुँचाने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।

प्रधानमंत्री लाभार्थियों को लगभग 35 लाख स्वामित्व संपत्ति कार्ड सौंपेंगे। इन कार्ड को सौंपने के साथ ही देश में स्वामित्व योजना में लगभग 1 करोड़ 25 लाख संपत्ति कार्ड वितरित किए जा चुके होंगे।

प्रधानमंत्री मोदी लगभग 2300 करोड़ रूपये की विभिन्न रेल परियोजनाओं का शिलान्यास और राष्ट्र को समर्पित करेंगे। जिन परियोजनाओं को समर्पित किया जाएगा उनमें मध्यप्रदेश में रेल नेटवर्क के शत-प्रतिशत विद्युतीकरण के साथ-साथ दोहरीकरण, आमान परिवर्तन और विद्युतीकरण परियोजनाएँ शामिल हैं। प्रधानमंत्री ग्वालियर स्टेशन के पुनर्विकास का शिलान्यास और तीन ट्रेनों का हरी झण्डी दिखा कर शुभारंभ करेंगे।

कार्यक्रम में प्रधानमंत्री जल जीवन मिशन की लगभग 7,853 करोड़ रुपये की 5 परियोजनाओं का शिलान्यास भी करेंगे। इनमें रीवा जिले की 2319 करोड़ 45 लाख रूपये लागत की 1411 गाँव में पानी पहुँचाने वाली रीवा बाणसागर परियोजना, सतना बाणसागर-2 परियोजना 2153 करोड़ 12 लाख रुपये लागत की रीवा और सतना जिले के 295 गाँव को लाभान्वित करने वाली जल-प्रदाय योजना, रूपये 1641 करोड़ 52 लाख रूपये लागत की 677 गाँव में पीने का पानी पहुँचाने वाली सीधी बाणसागर समूह नल-जल योजना, रूपये 951 करोड़ 18 लाख रूपये लागत की रीवा जिले के 630 गाँव को लाभान्वित करने वाली टमस समूह नल-जल योजना और रूपये 788 करोड़ 63 लाख रूपये लागत की 323 गाँव को लाभान्वित करने वाली गुलाब सागर समूह जल-प्रदाय योजना शामिल है। इन योजनाओं से 4 हजार 36 गाँव के लगभग 9 लाख 48 हजार परिवार लाभान्वित होंगे।

सरकार के तीन साल, कृषि क्षेत्र में बेमिसाल

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भोपाल, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत का गौरव-गान वैश्विक स्तर पर हो रहा है। देश के सशक्तिकरण में मध्यप्रदेश भी पूरी ताकत से सशक्त भारत के सपने को साकार करने के लगा है। विगत तीन वर्षों से मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में प्रदेश के किसानों के आर्थिक सशक्तिकरण के लिये सतत प्रयास हुए। चना, मसूर एवं सरसों का समर्थन मूल्य पर उपार्जन गेहूँ के साथ करने के निर्णय से ही किसानों को हजारों करोड़ रूपये का अतिरिक्त लाभ हुआ है। प्रदेश ने कृषि के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य कर पुरस्कार प्राप्त करने का भी रिकॉर्ड भी कायम किया है। कृषकों के परिश्रम से सिंचित हमारा प्रदेश नित नये कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। सरकार किसानों को फसल का अधिकतम समर्थन मूल्य (एमआरपी) दिलाने के लक्ष्य पर कार्य कर रही है।

वर्तमान सरकार ने अप्रैल 2020 से किसानों को लाभान्वित करने के लिये गेहूँ से पहले चना, मसूर एवं सरसों का समर्थन मूल्य पर उपार्जन करने का अभूतपूर्व निर्णय लिया, पूर्व में इनका उपार्जन गेंहूँ के बाद होता था। सरकार के निर्णय से किसानों को उनकी उपज का सीधे-सीधे एक से 2 हजार रूपये प्रति क्विंटल का अतिरिक्त लाभ हुआ। अब किसान चना, मसूर एवं सरसों की फसल को औने-पौने दामों पर बेचने के लिए मजबूर नहीं हैं। व्यापारियों को अपने उद्योगों के लिए चना, मसूर, सरसों की उपज को समर्थन मूल्य से अधिक पर खरीदना पड़ा, इसका लाभ सीधा किसानों को मिला। प्रदेश के किसानों को चना, मसूर, सरसों और ग्रीष्मकालीन मूंग के विक्रय से पिछले तीन वर्षों से प्रति वर्ष 10 हजार करोड़ रूपये से अधिक की अतिरिक्त आय हो रही है। इस वर्ष ग्रीष्मकालीन मूंग समर्थन मूल्य पर 7755 रूपये प्रति क्विंटल खरीदा जायेगा। इससे किसानों को और अधिक अतिरिक्त आय होगी। पहले किसान कम कीमत में मूंग बेचने को मजबूर था, अब नहीं। किसान भारतीय अर्थ-व्यवस्था की मजबूत कड़ी है। हम किसानों को और अधिक ताकत प्रदान कर सशक्त बनाने की दिशा में हर संभव कार्य कर रहे हैं।

राज्य सरकार ने किसानों के हित में दिल्ली तक प्रयास कर समर्थन मूल्य पर प्रतिदिन, प्रति किसान 25 क्विंटल गेहूँ उपार्जन की सीमा को खत्म कराया। साथ ही चना, मसूर और सरसों की प्रतिदिन उपार्जन की सीमा को 25 क्विंटल से बढ़ा कर 40 क्विंटल कराया। चने का उपार्जन 15 क्विंटल प्रति हेक्टेयर और सरसों का 13 क्विंटल प्रति हेक्टेयर से बढ़ा कर समान रूप से 20 क्विंटल प्रति हेक्टेयर किया गया। केन्द्रीय कृषि मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने प्रदेश के किसानों के हित में निर्णय लेते हुए आवश्यक मंजूरियाँ प्रदान की। इससे किसानों को आर्थिक लाभ के साथ ही एक से अधिक बार उपज विक्रय के लिये ले जाने की परेशानी से मुक्ति मिली है।

प्रदेश के किसानों को खुशहाल और समृद्ध बनाने के लिये विगत 3 साल में समग्र प्रयास किये गये। राज्य सरकार, प्रदेश की समृद्धि के लिये किसानों को समृद्ध करने के निरन्तर प्रयास कर रही है, क्योंकि जब किसान समृद्ध होगा, तभी गाँव समृद्ध होगा और गाँव समृद्ध होगा, तो प्रदेश समृद्ध होगा। प्रदेश की समृद्धि में ही देश की समृद्धि निहित है। किसान पुत्रों को किसानी के साथ उद्योगपति बनाने के लिये प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसके लिए उन्हें सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने के प्रयास किये जा रहे हैं। किसानों को उपज की ग्रेडिंग, सार्टिंग और मॉर्केटिंग की सुविधा भी उपलब्ध कराने को सरकार प्रतिबद्ध है। किसान अपनी कृषि उपज से संबंधी उद्योग लगायें एवं अन्य उत्पाद तैयार कर और अधिक दाम प्राप्त करें।

मध्यप्रदेश, वर्ष 2023 मण्डी बोर्ड का गोल्डन जुबली वर्ष मना रहा है। वर्तमान वित्तीय वर्ष में मण्डी बोर्ड ने उत्कृष्ट कार्य करते हुए सर्वाधिक 1681 करोड़ रूपये की आय अर्जित की है। प्रदेश की 14 मण्डियों को हाईटेक बनाया जा रहा है। प्रदेश की सभी 259 मंडियों में आवश्यकतानुसार अधो-संरचनात्मक विकास कार्य किये जा रहे है। देश में मध्यप्रदेश इकलौता ऐसा राज्य है, जिसने एक एण्ड्रायड बेस्ड एप्लीकेशन “एमपी फार्म गेट एप” से किसानों को अपने दाम पर, अपने घर, खलिहान एवं गोदाम से अपनी कृषि उपज को कहीं भी बेचने में सक्षम बनाया है। फार्म गेट एप का उपयोग कर 12 हजार 22 किसानों ने 50 लाख क्विंटल विभिन्न कृषि उपज बेची है। फार्म गेट एप की कार्य-प्रणाली को केन्द्र सरकार से भी बहुत सराहना मिली है।

किसानों को लाभान्वित करने के लिये सरकार ने इन 3 सालों में समग्र प्रयास किये हैं। सरकार ने मंडियों की कार्य-प्रणाली को और अधिक सुविधाजनक बनाने के लिये ई-अनुज्ञा प्रणाली को लागू किया है। अब कृषि उपज के परिवहन के लिये गेट पास स्वयं व्यापारी बना सकता है। प्रदेश में 58 हजार से अधिक व्यापारियों द्वारा 61 लाख 90 हजार 208 अनुज्ञा-पत्र जारी किये गये हैं। वर्तमान सरकार में कृषि मंत्री बनने के बाद कृषि विभाग में समस्त कार्यालयीन, पत्राचार एवं सूचना संबंधी कार्यों को हिन्दी भाषा में किये जाने के आदेश जारी हुए। किसान भाइयों की विभाग से संबंधित समस्याओं के निराकरण के लिये किसानों का सच्चा साथी “कमल सुविधा केन्द्र” की स्थापना (दूरभाष क्रमांक : 0755-2558823) की गई। विशेष प्रयास कर मध्यप्रदेश में एपीडा का क्षेत्रीय कार्यालय खुलवाया, जिससे बालाघाट के चिन्नौर राइस (चावल) और सीहोर के शरबती गेहूँ को जीआई टैग दिलाने में मदद मिली।

प्रदेश में कृषि आधुनिकीकरण के नये आयाम स्थापित हुए है। प्राकृतिक खेती, जैविक खेती, फसल विविधिकरण के लिये किसानों को निरंतर प्रोत्साहित किया जा रहा है। हजारों की संख्या में कृषि उत्पादक समूह (एफपीओ) गठित किये जा रहे है। प्राकृतिक खेती के विस्तार एवं संवर्धन के लिए कृत-संकल्पित सरकार ने “मध्यप्रदेश प्राकृतिक कृषि विकास बोर्ड’’ का गठन किया। राज्य के प्राकृतिक खेती के लिए 72 हजार 967 किसानों का पोर्टल पर पंजीयन किया गया है।

पिछले तीन वर्षों में प्रदेश के किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का अधिक से अधिक लाभ दिलाने के लिए सरकार ने क्रांतिकारी निर्णय लिये। अधिसूचित फसल क्षेत्र के 100 हेक्टेयर के मापदण्ड बदल कर 50 हेक्टेयर किया गया। वन ग्रामों, जिनके किसानों को बीमा योजना का लाभ नहीं मिलता था, उन्हें लाभान्वित करने के लिये पटवारी हल्कों में शामिल करवाया। पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में स्केल ऑफ फायनेंस 75 प्रतिशत को बढ़ा कर 100 प्रतिशत किया। किसानों के हित में फसल बीमा की अंतिम तिथि में दो बार वृद्धि करवाई। इतना ही नहीं शासकीय अवकाश दिवसों में भी पहली बार बैंक खुलवा कर बीमा करवाया। भारत सरकार के बीमा पोर्टल को विशेष अनुमति लेकर खुलवाया और छूटे हुए किसानों की प्रविष्टि करवा कर 450 करोड़ रूपये का अतिरिक्त फसल बीमा क्लेम किसानों को दिलाया। सरकार ने बकाया प्रीमियम जमा किया एवं वर्ष 2018-19 से वर्ष 2020-21 खरीफ तक की कुल 17 हजार 140 करोड़ रूपये की फसल बीमा दावा राशि किसानों को दिलवायी।

किसानों के हित में विगत तीन वर्षों में प्राकृतिक खेती प्रोत्साहन योजना, एक जिला-एक उत्पाद योजना, जीआई टैग के लिये राज्य योजना, फसल विविधीकरण प्रोत्साहन योजना, कृषि अधो-संरचना निधि संचालन योजना, निर्यात प्रोत्साहन योजना, राज्य मिलेट मिशन, एफपीओ गठन एवं संवर्धन योजना, मुख्यमंत्री नरवाई प्रबंधन योजना और कौशल विकास प्रशिक्षण जैसी नवीन योजनाओं को शुरू किया। कृषि विभाग में विभिन्न संवर्ग के रिक्त पदों की पूर्ति के लिये अभियान चला कर लगभग 4 हजार पदों पर भर्ती की जा रही है। प्रदेश की कृषि उपज मण्डियों में कार्यरत रहते हुए काल के गाल में समा जाने वाले 181 अधिकारी-कर्मचारियों के आश्रितों को विभिन्न पदों पर अनुकम्पा नियुक्ति प्रदान करने का महती कार्य किया गया।

राज्य सरकार ने कृषि एवं सहायक गतिविधियों के लिए पृथक से कृषि बजट का प्रावधान किया। वित्तीय वर्ष 2023-24 के कृषि बजट में 53 हजार 964 करोड़ रूपये का बजट प्रावधान किया है। इसमें किसान-कल्याण एवं कृषि विकास विभाग के लिये 16 हजार 996 करोड़ रूपये का प्रावधान है। कृषक उन्मुखी योजना “आत्मा’’ का बजट दोगुना कर 2 हजार करोड़ 94 लाख रूपये किया गया है। सरकार ने मुख्यमंत्री किसान-कल्याण योजना में उल्लेखनीय 3 हजार 200 करोड़ रूपये का प्रावधान किया है।

प्रदेश को विगत 3 सालों में किये गये किसान हितैषी कार्य एवं प्रदेश में कृषि क्षेत्र में किये गये उल्लेखनीय कार्यों के लिये कई पुरस्कार मिले। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना पोर्टल पर लैण्ड रिकार्ड का इंटीग्रेशन करने पर भारत सरकार द्वारा वर्ष 2022 में एक्सीलेंस अवार्ड से प्रदेश को सम्मानित किया गया है। कृषि अधो-संरचना निधि (एआईएफ) के सर्वाधिक उपयोग हेतु “बेस्ट परफार्मिंग स्टेट’’ (उत्कृष्ट प्रदर्शनकर्ता राज्य) का राष्ट्रीय पुरस्कार और मिलेट मिशन योजना में “बेस्ट इमर्जिंग स्टेट’’ (उभरता हुआ सर्वोत्तम राज्य) का पुरस्कार भी मिला है। गेहूँ निर्यात के क्षेत्र में मध्यप्रदेश अव्वल स्थान पर है। दलहनी फसलों के उत्पादन में प्रदेश, देश में प्रथम, खाद्यान्न उत्पादन में द्वितीय एवं तिलहनी फसलों में तृतीय स्थान पर है। कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों में गुड-गवर्नेंस इण्डेक्स में हमारे राज्य का पूरे देश में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा है।

Painful death of a student बीएससी फायनल ईयर छात्र ने घर के टायलेट में मुंह में सुतली बम रखकर फोड़ा

Painful death of a student

 

श्योपुर . एक छात्र ने अपने मुंह में सुतली बम रखकर फोड़ दिया। जिससे उसका चेहरा बुरी तरह फट गया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना रविवार सुबह नौ बजे की है। छात्र ने ये कदम क्यों उठाया इसका पता नहीं चला है, लेकिन वह पिछले कुछ दिन से डिप्रेशन में चल रहा था। पुलिस ने शव का पीएम कराने के बाद स्वजन को सौंप दिया है। पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।

मृतक छात्र बीएससी फायनल ईयर का था छात्र

पुलिस से मिली जानकारी के कुम्हार मोहल्ला निवासी 24 वर्षीय बृजेश उर्फ गोलू प्रजापति है, जो बीएससी फाइन ईयर का छात्र था। रविवार की सुबह करीब नौ बजे बृजेश ने घर के टायलेट में जाकर मुंह में सुतली बम रखकर फोड़ दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। घटना के समय परिवार के बाकी सदस्य अपने कामों में लगे हुए थे और जैसे ही पटाखा फूटने की आवाज आई तो वो भागकर टायलेट की तरफ पहुंचे तो देखा गोलू खून से लथपथ हालत में पड़ा हुआ था। टायलेट के गेट अंदर से कुंडी लगी थी। दरवाजा तोड़कर अंदर देखा तो आसपास भी काफी खून बिखरा था। उसका मुंह बुरी तरह फट गया था। सुतली बम के अवशेष और माचिस भी टायलेट में मिली। स्वजन उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने इस मामले में पिता खेमराज प्रजापति की शिकायत पर मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।

बताया जा रहा है गोलू पढ़ाई लिखाई में काफी होशियार था, उसने कक्षा 10वीं में 82 प्रतिशम अंक हासिल किए थे। 12वीं में भी अच्छे नंबरों से पास हुआ था। वह बड़े शहर के बड़े कालेज में पढ़ाई करना चाहता था। कुछ दिन से उसके व्यवहार में बदलाव आ गया था। पूछने पर कहता था कि कोई बात नहीं है। वह पीजी कालेज श्योपुर से मैथ्स विषय से बीएससी कर रहा था। उसका फाइनल ईयर था।

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