भोपाल, मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज विश्व होम्योपैथी दिवस पर सभी चिकित्सकों को हार्दिक शुभकामनाएं दी है।श्री चौहान ने ट्वीट कर कहा है कि होम्योपैथिक चिकित्सा पद्धति के जनक डॉ. सैमुअल हैनीमैन की जयंती पर उन्हें कोटि-कोटि नमन एवं सभी चिकित्सकों को विश्व होम्योपैथी दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं।उन्होंने कहा है कि विभिन्न असाध्य रोगों के इलाज में आज होम्योपैथिक चिकित्सा पद्धति की अपनी एक अलग उपयोगिता और प्रमाणिकता है।
कर्नाटक चुनाव: शिगगांव से चुनाव लड़ेंगे मुख्यमंत्री बोम्मई
दिल्ली, कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने रविवार को कहा कि वह राज्य में 10 मई को होने वाले विधानसभा चुनाव में शिगगांव निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ रहे हैं।यहां पार्टी मुख्यालय में आयोजित भाजपा की केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक से निकलते हुए उन्होंने संवाददाताओं से कहा, “मैं शिगगांव निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ रहा हूं।”श्री बोम्मई ने कहा कि पार्टी के केन्द्रीय चुनाव समिति (सीईसी) ने कर्नाटक चुनाव के लिए समग्र सूची पर चर्चा की और शायद वे कल फिर बैठेंगे। उन्होंने कहा, “सूची की घोषणा कल या परसों की जाएगी।”सीईसी की बैठक खत्म होने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भाजपा कार्यालय से निकल गए।राष्ट्रीय भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा, गृह मंत्री अमित शाह, केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी और अन्य ने भी कर्नाटक विधानसभा चुनाव के लिए सीईसी की बैठक में भाग लिया।इनके अलावा बैठक में वरिष्ठ नेता बीएस येदियुरप्पा, राज्य प्रमुख नलिन कुमार कटील भी शामिल हुए।
वर्ल्ड पैरा कैनो की पदक विजेता पूजा ओझा पैरालंपिक और एशियन गेम्स की तैयारी में जुटी
भोपाल। कनाडा में आयोजित वर्ल्ड कप पैरा कैनो चैंपियन शिप में देश के लिए रजत पदक जीतने वाली पूजा ओझा अब 2024 पैरालंपिक और एशियन गेम्स की तैयारी में जुट गई है। उनके इस मिशन का सफल बनाने में भारतीय कयाकिंग एंव कैनोइंग एसोसिएशन आइकेसीए ने सैंटे फंक्शनल फूड्स एंड न्यूट्रास्यूटिकल्स के साथ करार किया है। इसके तहत पूजा ओझा को पर्याप्त खेलों के लिए पोष्टिक आहर के साथ प्रशिक्षण के लिए 10 हजार का रुपये प्रतिमाह दी जाएगी। जिससे वह अपना ध्यान खेलों पर पूरी तरह कैंद्रित करे।
राजधानी के छोटे तालाब पर पिछले दिनों आयोजित एक कार्यक्रम में एथलीट प्रायोजक समझौते पर पैरा कैनो इंडिया के चेयरपर्सन मयंक ठाकुर की मौजूदगी में वोल सेंटो के निदेशक हर्ष तिवारी, एमडी सत्य देव तिवारी व पूजा ओझा ने हस्ताक्षर किए। इस मौके पर आइकेसीए के सीइओ डॉ. सुमंत, डॉ. ईशा जोशी मौजूद थे। पूजा ने कहा कि मेरे लिए यह अच्छी बात है, मुझे अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में तैयारी के लिए प्रायोजक की तलाश थी। इससे मेरी तैयारी में मदद मिलेगी।
योजनाओं के क्रियान्वयन और जन-समस्या समाधान के लिए कार्य करें : मुख्यमंत्री चौहान
भोपाल, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि जन-सेवा मित्र योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन और जन-समस्याओं के त्वरित समाधान के लिये कार्य करते रहें। मुख्यमंत्री चौहान रविवार को जबलपुर में युवा इंटर्नशिप योजना अंतर्गत जन-सेवा मित्रों से संवाद कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने उन्हें सौंपे गए कार्य के अनुभव और योजनाओं के क्रियान्वयन के फीडबेक की जानकारी भी ली। उन्होंने जन-सेवा मित्रों द्वारा बनाये गये “विजन डाक्यूमेंट” को लोकार्पित किया।
मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि जन-सेवा मित्र योजनाओं का लाभ, पात्र व्यक्तियों और सुदूर अंचल तक पहुँचाये। मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों की समस्या के समाधान में सहयोगी होना सुकून देने वाला अनुभव होता है, जो जीवन में हमेशा काम आता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास और मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना जैसी सामाजिक-आर्थिक बदलाव लाने वाली योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के साथ सुशासन भी हमारा लक्ष्य होना चाहिए। इसे हासिल करने में बिना झिझक काम करना है। समाज और देश के लिए उत्कृष्ट कार्य करने का जुनून लाएँ, इससे काम करने की ताकत मिलती है। अब जन-सेवा मित्रों से समय-समय पर संवाद होता रहेगा।
प्री-लिटिगेशन मीडियेशन से कोर्ट के भार को कम करें : मुख्यममंत्री चौहान
भोपाल, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि आपसी विवादों को निपटाने के लिये प्री- लिटिगेशन मीडियेशन को अपनाने की आवश्यकता है। यह व्यवस्था उच्च न्यायालय के भार को कम करने और लम्बित मुकदमों को सुलझाने के लिये महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। उन्होंने कहा कि महाधिवक्ता कार्यालय, सरकार और न्यायपालिका के मध्य सेतु का कार्य करता है।
मुख्यमंत्री चौहान आज जबलपुर में महाधिवक्ता कार्यालय भवन “नव सृजन” के भूमि-पूजन कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने प्रदेश में लागू पेसा नियम की जानकारी देते हुए कहा कि अनुसूचित जनजातीय क्षेत्रों में शांति एवं विवाद निवारण समिति बनाई गई है, जो गाँवों के स्थानीय विवादों को सुलझाती है। ऐसे कई मामले इन समितियों द्वारा निराकृत किये गये हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनजातीय क्षेत्रों की तर्ज पर ही गाँव में भी इसी तर्ज पर समितियाँ बनाई जाये, जो आपसी विवादों को सुलझा सकें। इसके लिये कानूनी प्रावधान के साथ मॉडल तैयार करें। यह गाँवों के विवादों को सुलझाने में क्रांतिकारी कदम साबित होगा।
मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि जबलपुर में अधिवक्ता कार्यालय भवन की आवश्यकता थी। पहले अधिवक्ताओं के लिये पर्याप्त स्थान नहीं था। बदलते समय के साथ यह भवन अधिवक्ताओं की आवश्यकताओं की पूर्ति करेगा। आधुनिक तरीके से बनाया जाने वाला भवन न्यायालयीन कार्यों को त्वरित रूप से निपटाने में उपयोगी होगा। मुख्यमंत्री चौहान ने न्यायाधीश और अधिवक्ताओं को हाईकोर्ट की एनेक्सी तैयार करने पर विचार करने के लिये कहा।
मुख्यमंत्री चौहान ने बताया कि उनके जीवन को सफल बनाने में स्वामी विवेकानंद के विचारों का बहुत बड़ा योगदान है। वे मेरे प्रेरणा-स्त्रोत है। स्वामीजी ने कहा था कि मनुष्य केवल साढ़े तीन हाथ का हाड़-मांस का पुतला नहीं है। वह अमृत का पुत्र, ईश्वर का अंश और अनंत शक्तियों का भंडार है। उन्होंने कहा कि मनुष्य अगर ठान ले तो वह बड़े से बड़ा काम कर सकता है। मुख्यमंत्री चौहान ने बताया कि ब्रिटिश शासनकाल के अप्रासंगिक हो चुके कानूनों को हटाया जा रहा है। महाधिवक्ता प्रशांत सिंह ने स्वागत भाषण दिया।
मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि प्रदेश में की जा रही लोक अदालतों से भी उच्च न्यायालय पर पड़ रहे अनावश्यक भार को कम किया जा रहा है। देरी से मिलने वाला न्याय, न्याय नहीं है। अमृत काल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक मंत्र दिया है, जिसमें उन्होंने न्याय के 6 स्तंभ बताये हैं। इसमें पहला सभी के लिये न्याय, दूसरा आसान न्याय, तीसरा सस्ता न्याय, चौथा त्वरित न्याय, पाँचवां गुणवत्ता पूर्ण न्याय एवं छठवाँ आम आदमी को सरल भाषा में समझ आने वाला न्याय।
मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि आम नागरिक को कोर्ट के फैसले समझ में आयें, इसके लिए हिंदी भाषा में यह व्यवस्था करनी चाहिए। न्याय की परम्परा और जीवन मूल्यों को बना कर उच्च न्यायालय ने अपनी पहचान बनाई है। मुख्यमंत्री ने बताया कि मध्यप्रदेश मेडिकल और इंजीनियरिंग की शिक्षा हिन्दी में देने वाला देश का पहला राज्य है।
मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि न्याय को जनता के और निकट पहुँचाने का कार्य किया जाये। महाधिवक्ता कार्यालय जटिल मुकदमों में भी सरकार के पक्ष को रखता है। उन्होंने महाधिवक्ता कार्यालय भवन के लिये सभी को बधाई दी।
दिल्ली उच्च न्यायालय के पूर्व मुख्य न्यायाधीश मेनन ने कहा कि महाधिवक्ता भवन वर्तमान की जरूरी आवश्यकताओं को पूरा करेगा। व्यक्ति के साथ न्याय हो, यही मंशा न्यायालय की होती है। उन्होंने बताया कि कोर्ट के भार को कम करने के लिये विभिन्न न्यायालयों में प्री-लिटिगेशन मीडियेशन महत्वपूर्ण साबित हो रहा है।
मुख्य न्यायाधीश रवि मलिमठ ने कहा कि वह आज इस पुनीत कार्य में सहभागी बन रहे हैं। यह भवन निश्चित समय-सीमा में तैयार हो। उन्होंने कहा कि कोई भी संस्थान ईंट और सीमेंट से नहीं बनता, अपितु कठोर परिश्रम, ईमानदारी एवं प्रतिबद्धता से तैयार होता है। पशु और मनुष्य में एक बड़ा अंतर यह है कि मनुष्य को सोचने की शक्ति प्राप्त है। उन्होंने आहवान किया कि इस शक्ति का उपयोग कर जीवन को सार्थक बनायें।
उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश जे.के. माहेश्वरी ने विचारों की शक्ति का महत्व बताया। उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद और महात्मा गांधी के विचार व्यक्ति के जीवन को सफलता के पायदान पर बनाये रखने में महत्वपूर्ण है। इन महापुरूषों के विचारों को आत्मसात करने की आवश्यकता है।
प्रारंभ में मुख्यमंत्री चौहान एवं विशिष्ट अतिथियों ने कन्या-पूजन कर विधि-विधान से भवन का भूमि-पूजन किया। लोकसभा सांसद राकेश सिंह, राज्य सभा सांसद श्रीमती सुमित्रा बाल्मिक, डीआईजी उमेश जोगा, कलेक्टर सौरभ कुमार सुमन, एसपी टी.के. विद्यार्थी सहित न्यायाधीश, अधिवक्ता और बार एसोसियेशन के सदस्य मौजूद थे।
जबलपुर महिलाओं ने मुख्यमंत्री का लाड़ली बहना योजना शुरू करने पर पुष्प-वर्षा कर स्वागत किया
जबलपुर, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का आज जबलपुर नौदरा ब्रिज पर महिला मोर्चा की सदस्यों ने मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना शुरू करने पर पुष्प-वर्षा कर स्वागत किया। साथ ही महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त बनाने की पहल के लिये आभार जताया।
मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि यह योजना बहनों की जिंदगी बदलने का अभियान है। बहनों का मान-सम्मान और इज्जत बढ़ाना उनकी जिंदगी का लक्ष्य है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मैंने कई बार गरीब और निम्न मध्यम वर्ग की बहनों को हजार-पाँच सौ रूपये के पीछे परेशान होते देखा है। लाड़ली बहना योजना ऐसी बहनों के हाथ में पैसा देगी और इससे उनका आत्म-विश्वास और परिवार में मान सम्मान बढ़ेगा। प्रतिमाह मिलने वाली एक हजार रूपये की राशि से वे अपनी छोटी-मोटी जरूरतों को पूरा कर सकेंगी। मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि बहनों के चेहरे पर मुस्कराहट आयेगी तो उनकी जिंदगी सफल हो जायेगी।
मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि जबलपुर में भी जल्द ही लाड़ली बहना सम्मेलन किया जायेगा। उन्होंने कहा कि बहनों ने उन पर जो विश्वास जताया है उसे वे कभी टूटने नहीं देंगे। राज्य सरकार बहनों की जिंदगी को बेहतर बनायेगी। मुख्यमंत्री ने महिला मोर्चा की सदस्यों से लाडली बहना योजना में बहनों के आवेदन भरवाने आगे बढ़ कर कार्य करने का आहवान भी किया। उन्होंने कहा कि आवेदन को ऑन लाइन भरने का पैसा भी सरकार दे रही है। बहनों को आवेदन भरने में कोई परेशानी नहीं होगी।
कुशवाह समाज के प्रबुद्धजन मिले
मुख्यमंत्री चौहान से सर्किट हाउस में कुशवाह समाज के प्रबुद्धजन ने सौजन्य भेंट की। समाज के लोगों ने मुख्यमंत्री चौहान को साफा बांध कर और माला पहनाकर स्वागत किया।
अभिनेत्री जया भादुड़ी आज 75 वर्ष की हो गयी
मुंबई, बॉलीवुड की जानी-मानी अभिनेत्री जया भादुड़ी (जया बच्चन) का जन्म 09 अप्रैल 1948 को बंगाली परिवार में हुआ था । उनके पिता तरुण भादुड़ी पत्रकार थे।जया भादुड़ी ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा संत जोसेफ कानवेंट से पूरी की । इसके बाद उन्होंने पुणा फिल्म इंस्टीच्यूट में दाखिला ले लिया ।सत्तर के दशक में अभिनेत्री बनने का सपना लेकर जया भादुड़ी ने फिल्म इंडस्ट्री में कदम रख दिया । जया भादुड़ी ने अपने सिने करियर की शुरुआत 15 वर्ष की उम्र में महान निर्माता-निर्देशक सत्यजीत रे की बंग्ला फिल्म महानगर से की।इसके बाद उन्होंने एक बंग्ला कामेडी फिल्म धन्नी मेये में भी काम किया जो टिकट खिड़की पर सुपरहिट साबित हुयी।
जया भादुड़ी को प्रारंभिक सफलता दिलाने में निर्माता-निर्देशक ऋषिकेश मुखर्जी की फिल्मों का बड़ा योगदान रहा।उन्हें पहला बड़ा ब्रेक उनकी ही वर्ष 1971 में प्रदर्शित फिल्म गुड्डी से मिला। इस फिल्म में जया भादुड़ी ने एक ऐसी लड़की की भूमिका निभाई जो फिल्में देखने की काफी शौकीन है और अभिनेता धमेन्द्र से प्यार करती है ।अपने इस किरदार को जया भादुड़ी ने इतने चुलबुले तरीके से निभाया कि दर्शक उस भूमिका को आज भी भूल नही पाये हैं।वर्ष 1972 में जया भादुड़ी को ऋषिकेष मुखर्जी की ही फिल्म कोशिश में काम करने का अवसर मिला जो उनके सिने कैरियर के लिये मील का पत्थर साबित हुयी।इस फिल्म की सफलता के बाद वह शोहरत की बुंलदियों पर जा पहुंचीं। वह इस फिल्म में दमदार अभिनय के लिये सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री के फिल्म फेयर पुरस्कार के लिए नामांकित भी की गयी।
फिल्म कोशिश में जया भादुड़ी ने गूंगे की भूमिका निभायी जो किसी भी अभिनेत्री के लिये बहुत बड़ी चुनौती थी ।बगैर संवाद बोले सिर्फ आंखो और चेहरे के भाव से दर्शको को सब कुछ बता देना जया भादुड़ी की अभिनय प्रतिभा का ऐसा उदाहरण था जिसे शायद ही कोई अभिनेत्री दोहरा पाये।कोशिश की सफलता के बाद ऋषिकेश मुखर्जी जया भादुड़ी के पसंदीदा निर्देशक बन गये। बाद में जया भादुड़ी ने उनके निर्देशन में बावर्ची, अभिमान, चुपके-चुपके और मिली जैसी कई फिल्मों में अपने अभिनय का जौहर दिखाया ।वर्ष 1972 में प्रदर्शित फिल्म एक नजर के निर्माण के दौरान जया भादुड़ी का झुकाव फिल्म अभिनेता अमिताभ बच्चन की ओर हो गया ।इसके बाद जया भादुड़ी और अमिताभ बच्चन ने वर्ष 1973 में शादी कर ली ।शादी के बाद भी जया शादी के बाद भी जया भादुड़ी ने फिल्मों में काम करना जारी रखा।
वर्ष 1975 जया भादुड़ी के सिने कैरियर का अहम पड़ाव साबित हुआ। उस वर्ष उन्हें रमेश सिप्पी की सुपरहिट फिल्म शोले में काम करने का मौका मिला।इस फिल्म के पहले उनके बारे में यह धारणा थी कि वह केवल रूमानी या चुलबुले किरदार निभाने में ही सक्षम है लेकिन उन्होंने अपने संजीदा अभिनय से दर्शको को मंत्रमुग्ध कर दिया ।अस्सी के दशक में शादी के बाद पारिवारिक जिम्मेवारियों को देखते हुये जया भादुड़ी ने फिल्मों में काम करना काफी हद तक कम कर दिया ।यश चोपड़ा के निर्देशन में बनी वर्ष 1981 में प्रदर्शित फिल्म सिलसिला उनके सिने करियर की आखिरी फिल्म साबित हुयी ।
इसके बाद जया भादुड़ी लगभग 17 वर्षो तक फिल्म इंडस्ट्री से दूर रही ।हालांकि इस बीच उन्होंने एक फिल्म की कहानी भी लिखी ।बाद में उस कहानी पर वर्ष 1988 में अमिताभ बच्च्न अभिनीत फिल्म शंहशाह प्रदर्शित हुयी।वर्ष 1998 में प्रदर्शित फिल्म ..हजार चौरासी की मां ..के जरिये जया भादुड़ी ने अपने सिने करियर की दूसरी पारी शुरू की।गोविन्द निहलानी के निर्देशन में नक्सलवाद मुद्दे पर बनी इस फिल्म में जया भादुड़ी ने मां की भूमिका को भावात्मक रूप से पेश कर दर्शको का दिल जीत लिया ।फिल्मों में कई भूमिकाएं निभाने के बाद जया भादुड़ी ने समाज सेवा के लिए राजनीति में प्रवेश किया और समाजवादी पार्टी के सहयोग से राज्यसभा की सदस्य बनी ।भारतीय सिनेमा में उनके योगदान को देखते हुए 1992 में उन्हें देश के चौथे सबसे बडे नागरिक सम्मान पदमसे अलंकृत किया गया।
जया भादुड़ी अपने सिने कैरियर में नौ बार फिल्मफेयर पुरस्कार से सम्मानित की जा चुकी है। रूपहले परदे पर जया भादुड़ी की जोडी अमिताभ बच्चन के साथ खूब जमी।अमिताभ और जया की जोड़ी वाली फिल्मों में जंजीर, अभिमान, मिली, चुपके-चुपके, शोले, सिलसिला, कभी खुशी कभी गम जैसी सुपरहिट फिल्में शामिल है।जया भादुड़ी के करियर की कुछ उल्लेखनीय फिल्मों में जवानी दीवानी, बावर्ची, परिचय, पिया का घर, शोर, अनामिका, फागुन, नया दिन नयी रात, कोई मेरे दिल से पूछे, लागा चुनरी में दाग, द्रोण शामिल है। जया भादुड़ी की आने वाली फिल्मों में रॉकी और रानी की प्रेम कहानी शामिल है।
प्रेम
पेट्रोल और डीजल की कीमतें स्थिरपेट्रोल और डीजल की कीमतें स्थिर
दिल्ली, वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में आयी नरमी के बीच घरेलू स्तर पर पेट्रोल और डीजल की कीमतें आज भी यथावत रही, जिससे दिल्ली में पेट्रोल 96.72 रुपये प्रति लीटर तथा डीजल 89.62 रुपये प्रति लीटर पर स्थिर रहा।तेल विपणन करने वाली प्रमुख कंपनी हिन्दुस्तान पेट्रोलियम कार्पोरेशन की वेबसाइट पर आज जारी दरों के अनुसार देश में आज पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है। दिल्ली में इनकी कीमतों के यथावत रहने के साथ ही मुंबई में पेट्रोल 106.31 रुपये प्रति लीटर पर और डीजल 94.27 रुपये प्रति लीटर पर रहा।वैश्विक स्तर पर सप्ताहांत पर अमेरिकी क्रूड 0.19 प्रतिशत उतरकर 80.46 डॉलर प्रति बैरल पर और लंदन ब्रेंट क्रूड गिरकर 85.26 डॉलर प्रति बैरल पर रहा।देश के चार महानगरों में पेट्रोल और डीजल की कीमत इस प्रकार रही:
…………………………………… पेट्रोल ………………………डीजल ( रुपये प्रति लीटर)
दिल्ली …………………………. 96.72……………………….. 89.62
मुंबई ……………………………106.31……………………… 94.27
चेन्नई ……………………………102.73……………………….94.33
कोलकाता …………………….106.03……………………….92.76
कर्नाटक के बांदीपुर टाइगर रिजर्व (बीटीआर) में प्रधानमंत्री मोदी और बोमन-बेली युगल के बीच बातचीत
मैसूरु, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को कर्नाटक के बांदीपुर टाइगर रिजर्व (बीटीआर) में छलावरण वाले कपड़े और टोपी पहने सफारी करते नजर आए। मोदी ने बीटीआर में 22 किलोमीटर की सफारी के बाद पड़ोसी राज्य तमिलनाडु के सीमावर्ती चामराजनगर जिले में मुदुमलाई टाइगर रिजर्व (एमटीआर) में थेप्पाकडू हाथी शिविर पहुंचे और ऑस्कर पुरस्कार विजेता वृत्तचित्र ’द एलिफेंट व्हिस्परर्स’ के मुख्य सितारों बोमन-बेली युगल के साथ बातचीत की। प्रधानमंत्री का यह दौरा सफारी प्रोजेक्ट टाइगर के 50 साल पूरे होने के कार्यक्रमों का एक हिस्सा है। उन्होंने संरक्षण गतिविधियों में शामिल फ्रंटलाइन फील्ड स्टाफ और एसएचजी के साथ बातचीत की।उल्लेखनीय है कि चुनावी राज्य कर्नाटक में मोदी का यह 8वां दौरा है और उन्होंने वन्यजीव अभयारण्य में दो घंटे बिताए। बीटीआर के अधिकारियों ने बताया कि नौ अप्रैल को प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा के मद्देनजर बांदीपुर टाइगर रिजर्व में और उसके आसपास सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे।इसके बाद मोदी ने तमिलनाडु की सीमा से लगे चामराजनगर जिले के मुदुमलाई टाइगर रिजर्व में थेप्पाकडू हाथी शिविर का दौरा किया और ऑस्कर विजेता सितारों के साथ बातचीत की। साथ ही उन्होंने हाथी शिविर के महावतों और कावड़ियों के साथ भी बातचीत की।कर्नाटक में मैसूरु-ऊटी राजमार्ग पर विशाल पश्चिमी घाटों के सुरम्य परिवेश के बीच स्थित बीटीआर नीलगिरि बायोस्फीयर रिजर्व का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसके उत्तर पश्चिम में कर्नाटक के राजीव गांधी राष्ट्रीय उद्यान (नागराहोल) है। इसके उत्तर में तमिलनाडु का मुदुमलाई वन्यजीव अभयारण्य है। दक्षिण और दक्षिण- पश्चिम में केरल का वायनाड वन्यजीव अभयारण्य है। कभी पूर्व महाराजाओं के निजी शिकार के मैदान और नीलगिरि की तलहटी में बसे, बांदीपुर में बाघों के साथ एक लंबा रिश्ता रहा है। पक्षियों की 200 से अधिक प्रजातियां और वनस्पतियों की विविधता इसके आकर्षण को बढ़ाती है। बांदीपुर में सागौन, शीशम, चंदन, भारतीय-लॉरेल, भारतीय किनो पेड़, विशाल गुच्छेदार बांस सहित इमारती लकड़ी के पेड़ों की एक विस्तृत श्रृंखला है।
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जम्मू-कश्मीर के पुंछ में नियंत्रण रेखा पर सेना ने एक आतंकवादी को किया ढेरजम्मू-कश्मीर के पुंछ में नियंत्रण रेखा पर सेना ने एक आतंकवादी को किया ढेरजम्मू, 09 अप्रैल (वार्ता) जम्मू-कश्मीर के पुंछ सेक्टर में नियंत्रण रेखा पर सेना के सतर्क जवानों ने घुसपैठ के प्रयास को विफल करते हुए एक आतंकवादी को मार गिराया। जम्मू स्थित रक्षा प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल देवेंद्र आनंद ने आज यहां बताया कि बीती रात को पुंछ सेक्टर में नियंत्रण रेखा पर सेना के सतर्क जवानों ने एक समूह के लोगों की कुछ संदिग्ध गतिविधियों को देखा।प्रवक्ता ने कहा कि नियंत्रण रेखा पर स्थित बाड़ के करीब इन लोगों को सेना के जवानों ने ललकारा। उन्होंने कहा कि अभियान के दौरान एक घुसपैठिए का शव बरामद हुआ है। पकड़े जाने भय से अन्य घुसपैठिए जंगल क्षेत्र में भाग गए।उन्होंने बताया कि इलाके की घेराबंदी कर दी गई है और तलाशी अभियान जारी है।
रामेश्वर शर्मा ने सड़क पर नंगे पैर चल रही बुजुर्ग महिला को अपने हाथों से चप्पल पहनाईं
भोपाल, कोलार क्षेत्र में विकास कार्यों के लिए पहुँचे विधायक रामेश्वर शर्मा ने सड़क पर बुजुर्ग महिला को नंगे पैर चलते देख भावुक हुए विधायक रामेश्वर शर्मा, तुरंत नई चप्पल मंगाकर, अपने हाथों से महिला को पहनाई।
आपको बता दें कि विधायक रामेश्वर शर्मा लगातार अपने अलग अंदाज को लेकर सुर्खियों में रहते हैं
कभी लाड़ली बहनों के साथ पूड़ी बनाते तो कभी रामभक्तों के साथ थिरकते नजर आते हैं।
इस बार विधायक शर्मा के भावुक अंदाज को सोशल मीडिया पर खूब सराहा जा रहा है।
ये वाक्या शनिवार सुबह का है जब विधायक रामेश्वर शर्मा कोलार के वार्ड 80 एवं 82 में सवा करोड़ के विभिन्न विकास कार्यों का भूमि पूजन करने पहुँचे थे.
यहां दौरे के बीच उन्हें एक बुजुर्ग माँ दिखीं जो तपती धूप में नंगे पैर चल रही थी
माँ को देख विधायक रामेश्वर शर्मा भावुक हो उठे जिसके बाद उन्होंने स्वयं माँ को अपने हाथों से चप्पल पहनाकर रवाना किया।
बुजुर्ग महिला ने भी विधायक रामेश्वर शर्मा को आशीर्वाद दिया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर खूब पसंद किया जा रहा है।














