युवा पीढ़ी संस्कृति, वेशभूषा और परिश्रम की परम्परा को न भूलें – मुख्यमंत्री चौहान

sindhi-panchayt

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि अमर शहीद हेमू कालानी ने भारत को स्वतंत्र कराने के लिए अपने जीवन का बलिदान किया। उन्होंने गले में फाँसी का फंदा पहनते हुए कहा था कि मैं फिर से जन्म लूँगा और भारत को स्वतंत्र करवाऊँगा। आज यदि हम शहीदों को नहीं पूजेंगे, तो राष्ट्र के लिए जीवन का बलिदान करने के लिए कोई आगे नहीं आएगा। नई पीढ़ी के लिए शहीदों का जीवन प्रेरक है। वीर सेनानियों के साथ ही सिंध संतों की भूमि रही है। सिंधु नदी के किनारे वेदों की ऋचाएँ रची गईं। सिंध की संस्कृति काफी प्राचीन है। इस समाज ने अनेक समाज-सुधारक, सफल उद्यमी और अन्य प्रतिभाएँ देने का कार्य किया है। अपने धर्म, संस्कृति और सभ्यता के लिए मातृ-भूमि को छोड़ने के बाद भी पुन: स्थापित होकर दिखाने वाले सिंधी समाज ने व्यवसाय के क्षेत्र में तो बुद्धि और परिश्रम से योग्यता का संदेश दिया है। समाज की युवा पीढ़ी को कठोर परिश्रम के गुण के साथ ही अपनी संस्कृति, वेशभूषा और खान-पान को नहीं भूलना है। मुख्यमंत्री चौहान आज भेल दशहरा मैदान पर अमर बलिदानी हेमू कालानी जन्म-शताब्दी समारोह को संबोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि पिछले दशक में इंदौर में बसे पाकिस्तान के सिंधु प्रांत से आए नागरिकों की वीसा अवधि समाप्त होने के बाद भी उन्हें वापसी के लिए विवश नहीं किया गया। यह समस्या संज्ञान में आते ही प्रधानमंत्री मोदी ने नागरिकता संबंधी प्रावधानों को लागू करवाया। देश की स्वतंत्रता के बाद विभाजन के कारण नए भू-भाग में जाकर बसने वाले सिंधी नागरिकों सहित बाद के वर्षों में भारत आए सिंधी नागरिकों को कठिनाई उत्पन्न नहीं होने दी जाएगी। मुख्यमंत्री चौहान ने ऐसे नागरिकों के लिए कहा कि पूरा देश आपका ही है। मुख्यमंत्री ने अनेक सिंधी व्यंजनों का उल्लेख करते हुए सिंधी समाज के साथ स्थापित अपनेपन के रिश्तों का उल्लेख किया। मुख्यमंत्री चौहान ने सिंधी समाज के हित में अनेक घोषणाएँ भी की।

प्रमुख घोषणाएँ

मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि भोपाल की मनुआभान टेकरी के साथ ही प्रदेश के जबलपुर और इंदौर में भी अमर शहीद हेमू कालानी की प्रतिमा की स्थापना की जाएगी। सिंधी संस्कृति प्राचीनतम संस्कृति है। इसकी विशेषताओं को दिखाने वाले एक संग्रहालय का निर्माण राजधानी भोपाल में किया जाएगा। सिंधी विस्थापितों को कम कीमत पर पट्टे प्रदान करने के लिए मापदंड निर्धारित किए गए हैं। इसके अनुसार प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर पात्र सिंधी विस्थापितों को पट्टे प्रदान करने का कार्य किया जाएगा। विशेष शिविर लगा कर पात्र सिंधी विस्थापितों को जमीन का मालिकाना हक दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि लद्दाख स्थित सिंधु नदी के घाट पर प्रतिवर्ष जून माह में होने वाले सिंधु दर्शन उत्सव में प्रदेश के यात्रियों को भिजवाने की व्यवस्था राज्य सरकार ने प्रारंभ की थी। कोरोना और अन्य कारणों से इसे निरंतरता नहीं मिली। इस वर्ष मुख्यमंत्री तीर्थ-दर्शन योजना में प्रति यात्री 25 हजार रूपए की राशि सिंधु दर्शन उत्सव में ले जाने के लिए प्रदान की जाएगी। मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि सिंधी साहित्य अकादमी के बजट को बढ़ाकर पाँच करोड़ रूपए वार्षिक किया जाएगा।

सिंधी विस्थापितों को मिलेगा जमीन का मालिकाना हक

मुख्यमंत्री चौहान ने समारोह में कहा कि सिंधी समाज की वर्षों पुरानी मांग पूरी करते हुए पट्टे प्रदान करने के लिए विधिवत प्रीमियम की दरों में विशेष छूट का निर्णय राज्य सरकार ने लिया है। इसके अनुसार 45 वर्ग मीटर तक नि:शुल्क पट्टा दिया जाएगा। वर्तमान में 150 वर्ग मीटर तक भूमि के क्षेत्र फल के लिए 5 प्रतिशत की दर लागू है, जिसे घटा कर एक प्रतिशत किया गया है। इसी तरह 150 वर्ग मीटर से 200 वर्ग मीटर तक प्रीमियम की वर्तमान 10 प्रतिशत की दर को घटा कर भी एक प्रतिशत करने का निर्णय लिया गया है। व्यावसायिक उपयोग के भूखंड के लिए 20 वर्ग मीटर तक वर्तमान में 25 प्रतिशत की दर प्रचलित है, इस श्रेणी में अब नई दर सिर्फ 5 प्रतिशत होगी। मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि भोपाल, सीहोर मुख्य मार्ग पर भूखंड की स्थिति में 1614 वर्गफुट आवासीय क्षेत्र फल के लिए यदि एक करोड़ 8 लाख रूपए बाजार मूल्य है, तो देय राशि एक लाख 8 हजार रूपए मात्र होगी। इसी तरह 2152 वर्गफुट आवासीय के‍लिए यदि एक करोड़ चवालीस लाख बाजार मूल्य होने पर, एक लाख चवालीस हजार रूपए की राशि देय होगी। इसके अलावा 215 वर्ग फुट के व्यावसायिक दुकान के लिए 14 लाख 40 हजार बाजार मूल्य की स्थिति में प्रीमियम में छूट के प्रावधान के अंतर्गत मात्र 72 हजार रूपए की राशि देनी पड़ेगी।

मुख्यमंत्री चौहान ने संबोधन का प्रारंभ सिंधी भाषा में उपस्थित नागरिकों, भांजे-भांजियों संबोधित कर किया। चौहान ने विभिन्न सिंधी व्यंजनों की विशेषताएँ भी बताईं। मुख्यमंत्री ने गुरूवार को इंदौर में हुई बावड़ी की घटना में दिवंगत सिंधी भाषी और अन्य नागरिकों के असामयिक निधन पर दुख व्यक्त करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की।

हेमू जी का मानना था – “हम नहीं रहेंगे लेकिन भारत जरूर रहेगा” – मोहन भागवत

राष्ट्रीय स्वयंसेवक के सरसंघचालक मोहन भागवत ने कहा कि सिंधी समुदाय सब कुछ गँवा कर भी शरणार्थी नहीं बना, उसने पुरूषार्थी बन कर दिखा दिया। शहीद हेमू के नाम के साथ सिंध का नाम जुड़ा है। सिंधी समुदाय द्वारा स्वतंत्रता आंदोलन में दिए गए महत्वपूर्ण योगदान का उल्लेख कम होता है। शहीद हेमू कालानी ने बलूचिस्तान जाने वाली शस्त्रों से लदी उस रेल को पलटाने का प्रयास किया था जो, क्रांतिकारियों की हलचल को दबाने के लिए जा रही थी। शहीद हेमू अपने कार्य के परिणाम भी जानते थे। पकड़े जाने के बाद उन्होंने अपने मित्रों के नाम उजागर नहीं किए। उनका मानना था कि जीवन की सार्थकता बलिदान देने में है। तरूण आयु में किए गए उनके बलिदान की गूँज मुम्बई रेसीडेंसी से लेकर विश्व के देशों में हुई। उन्होंने हमें जीवन की राह दिखा कर जीवन दे दिया। शहीदों ने प्रामाणिकता के साथ अपने स्व को बचाने के लिए जीवन समर्पित किया। स्वराज का अर्थ नागरिकों को समझाया। शहीद हेमू कालानी की अटूट देश-भक्ति को ध्यान में रख कर संकुचित स्वार्थ को छोड़ कर उनके जैसा होने का प्रयास और एक समाज, एक देश की भावना, हम सभी को आत्मसात करना है।

श्री भागवत ने कहा कि हेमू जी का मानना था कि हम तो चले जाएंगे, हम रहेंगे नहीं लेकिन भारत जरूर रहेगा। इसी आदर्श को लेकर संत कंवरराम जैसे देशभक्त भी बलिदान के लिए आगे आए। उन्होंने कहा कि सिंधी समुदाय ने भारत नहीं छोड़ा था, वे भारत से भारत में ही आए थे। सिंधु संस्कृति में वेदों के उच्चारण होते थे। हमने तो भारत बसा लिया लेकिन वास्तव में राष्ट्र खंडित हो गया। आज भी उस विभाजन को कृत्रिम मानते हुए सिंध के साथ लोग मन से जुड़े हैं। सिंधु नदी के प्रदेश सिंध से भारत का जुड़ाव रहेगा। वहाँ के तीर्थों को कौन भूल सकता है। भागवत ने कहा कि आज भी अखंड भारत को सत्य और खंडित भारत को दु:स्वप्न माना जा सकता है। सिंधी समुदाय दोनों तरफ के भारत को जानता है। आदिकाल से सिंध की परम्पराओं को अपनाया गया। भारत ऐसा हो जो संपूर्ण विश्व को सुख-शांति देने का कार्य करें। तमाम उतार-चढ़ाव होंगे, लेकिन हम मिटेंगे नहीं। हम विश्व के नेतृत्व के लिए सक्षम हैं। सारे समाज के साथ कदम से कदम मिला कर चलना है। यह चिंतन आज की पीढ़ी को भी करना चाहिए कि हम कौन हैं और हमें क्या बनना है। विविधता में एकता को देखें और स्व के सच्चे अर्थ को समझ कर जीवन की दिशा तय करें।

भागवत ने डॉ. हेडगेवार और अन्य विचारकों के माध्यम से संपूर्ण दुनिया को दिखाए गए कल्याण के मार्ग का भी उल्लेख किया। उन्होंने सिंधी समुदाय द्वारा सनातनी परम्परा में रहने और अपने रीति-रिवाजों को कायम रख कर अपनी खुदी को बनाने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि ऐसे तत्वों को असफल करना है, जो लोगों को झगड़ों के लिए उकसाते हैं। जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में सद्गुणों को उजागर करने की जरूरत है। भागवत ने इंदौर में कल हुई दुर्घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्हें गंगाजी के दर्शन के समय यह खबर मिली और तभी गंगाजी को प्रणाम कर दिवंगत लोगों को श्रद्धांजलि भी दी।

कार्यक्रम को महामंडलेश्वर हंसराम उदासीन और भारतीय सिंधु सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष लधाराम नागवानी ने भी संबोधित किया। समारोह के संयोजक भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश महामंत्री भगवानदास सबनानी ने स्वागत उद्बोधन‍दिया। युवा कलाकारों ने शहीदों के बलिदान पर केन्द्रित नृत्य नाटिका प्रस्तुत की। मंच पर शदाणी दरबार रायपुर के प्रमुख युद्धिष्ठिर लालजी, अशोक सोहनी, साधु समाज के प्रियादास, सांसद शंकर लालवानी, विधायक अशोक रोहाणी, प्रख्यात गायक घनश्याम वासवानी, बालक मंडली कटनी के वरिष्ठ गायक कलाकार गोवर्धन उदासी, दिलीप उदासी, राष्ट्रीय सिंधी भाषा विकास परिषद के उपाध्यक्ष मोहन मंगनानी बैंगलुरु, निदेशक डॉ. रवि टेकचंदानी नई दिल्ली, अखिल भारतीय सिंधी बोली साहित्य सभा की महासचिवमती अंजलि तुलसियानी, मध्यप्रदेश सहित छत्तीसगढ़, कर्नाटक, महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान, उत्तरप्रदेश आदि से आए सिंधी पंचायतों के पदाधिकारी, भोपाल के विभिन्न संगठन के सदस्य और बड़ी संख्या में सिंधी समाज के नागरिक उपस्थित थे।

प्रदर्शनी का अवलोकन

मुख्यमंत्री चौहान और मोहन भागवत ने समारोह स्थल पर लगी स्वतंत्रता संग्राम में सिंधी समाज के योगदान पर केंद्रित प्रदर्शनी देखी। प्रदर्शनी में सिंधी संतों, महापुरूषों, स्वतंत्रता सेनानियों, साहित्यकारों, सेना के अधिकारियों और समाज सुधारकों के चित्रों के साथ सिंध की परम्पराओं पर केन्द्रित चित्र भी प्रदर्शित किए गए।

प्रमुख सिंधी भाषी विभूतियों का हुआ सम्मान

मुख्यमंत्री चौहान और अतिथियों ने भारत में रक्त कैंसर के उपचार में अस्थिमज्जा प्रत्यारोपण के क्षेत्र के विशेषज्ञ डॉ. सुरेश एच. आडवाणी मुम्बई सहित खेल, साहित्य, समाज सेवा, चिकित्सा, सिनेमा और कला क्षेत्र की प्रमुख विभूतियों को सम्मानित किया। इनमें सर्वश्री सी.पी. गुरनानी, इंदर जयसिंघानी, राम बख्शानी, गायक महेश चंदर, लेखक राम जवाहरानी, प्रसिद्ध अधिवक्ता महेश राम जेठमलानी,मती अनीता गुरनानी, सतराम रामानी और मनोहर तेजवानी शामिल हैं। अतिथियों ने डॉ. सुधीर आजाद की नाट्य कृति “शेरे सिंध हेमू कालानी”, राजेश वाधवानी के संपादन में प्रकाशित “हेमू कालानी की गौरव गाथा” और राजेन्द्र प्रेमचंदानी की पुस्तक “सिंध के क्रांतिकारी : कही-अनकही गौरव गाथा” का विमोचन किया। संचालन राजेश कुमार वाधवानी औरमती कविता ईसरानी ने किया।

इंदौर हादसा:- सुसाइड पाइंट थी मंदिर की बावड़ी, वही गई 36 जानें

indore-babdi

इंदौर, गुरुवार को हुए भयावह हादसे में नगर निगम और स्थानीय नेताओं की भूमिका पर सवाल उठने लगे हैं। बताया जा रहा है कि जिस बावड़ी की छत धंसकने 36 लोगों की मौत हुई, उसे नगर निगम ने ही 40 साल पहले बंद कराया था। 1980 से 85 के आसपास यह सुसाइड पाइंट हुआ करता था। इंदौर के बेलेश्वर महादेव झूलेलाल मंदिर में हुए हादसे में 36 लोगों की जान चली गई है।

मंदिर ट्रस्ट के सहासचिव लक्ष्मीकांत पटेल का कहना है कि 1980 से 85 के बीच यहां पर कई लोगों ने सुसाइड कर लिया था। जब भी कोई पंचनामा बनाया जाता था तो हमसे गवाही ली जाती थी। उस वक्त आईडीए का नाम इंप्रूवमेंट ट्रस्ट था। तब हमने वहां पर इसकी शिकायत की। इसके बाद नगर निगम ने बावड़ी को बंद करवाया था और स्लैब डलवा दी थी। पटेल ने इस हादसे में अपनी पत्नी दक्षाबेन पटेल और बहू कनक को खो दिया है।

पहली बार मंदिर के अंदर हवन करना पड़ गया भारी

लक्ष्मीकांत ने बताया कि 1970 में यहां पर गिनती के दो या तीन मकान थे। मंदिर की जगह सिर्फ ओटला था और पास में बावड़ी थी। बाद में यहां पर मंदिर बन गया। अब नया मंदिर बन रहा था। अगले साल महादेव मंदिर की मूर्तियों को इसी नए मंदिर में शिफ्ट करना था। इसी वजह से सभी ने कहा कि इस बार बाहर निर्माण कार्य चल रहा है, इसलिए हवन पूजन मंदिर के अंदर ही कर लिया जाए। इसी कारण पहली बार मंदिर के अंदर हवन पूजन किया जा रहा था और हादसा हो गया।

प्रदेश में बारिश-ओलावृष्टि, आकाशीय बिजली की चपेट में आने से युवक की मौत

barish

मध्यप्रदेश में शुक्रवार को भी मौसम बदला हुआ है। कई इलाकों में बारिश और ओले गिरे हैं। बारिश का दौर एक-दो दिन और बना रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के लिए कई इलाकों में बिजली गिरने की चेतावनी भी जारी की है। जानकार बता रहे हैं कि तीन वेदर सिस्टम मप्र के मौसम पर असर डाल रहे हैं। इनके ए्क्टिव होने से वातावरण में नमी आ रही है और अधिकतर शहरों में बादल बने हुए हैं। पूर्वी मध्य प्रदेश के जिलों में कहीं–कहीं वर्षा भी हो रही है। वहीं अनूपपुर के पुष्पराजगढ़ में आकाशीय बिजली गिरने से जय सिंह पिता बजारू की मौत हो गई है।

शुक्रवार दोपहर पन्ना में जोरदार बारिश शुरू हो गई। जिला मुख्यालय पर कुछ देर छोटे-छोटे ओले भी गिरे हैं। नीमच, भिंड, मुरैना, अनूपपुर, शिवपुरी, मंदसौर, श्योपुरकलां, हरदा, विदिशा, रायसेन में बारिश हुई। इसके साथ ही सिंगरौली में ओले गिरे। नर्मदापुरम में शुक्रवार सुबह से रिमझिम बारिश जारी है। भोपाल के कोलार क्षेत्र में सुबह 10 बजे बूंदाबांदी हुई। उमरिया जिले में रुक रुक कर बारिश हुई है। थोड़ी देर के लिए तेज हवाओं के साथ जब झमाझम बारिश हुई तो लोग काफी परेशान दिखाई दिए। उमरिया में मौसम अचानक बदला। दिन के समय अचानक का काले बादल घिर गए और बारिश होने लगी।

मौसम केंद्र की रिपोर्ट कह रही है कि बीते 24 घंटों के दौरान पुष्पराजगढ़ में 2, कोतमा, अनूपपुर, नारायणगंज, जैतहरी, बुढ़ार में 1 सेमी तक पानी गिरा है। प्रदेश में सबसे गर्म दमोह रहा। यहां दिन का पारा 39 डिग्री तक पहुंच गया है। अधिकतम तापमान में वैसे ज्यादा परिवर्तन नहीं देखा गया। अगले 24 घंटों के लिए मौसम विभाग का पूर्वानुमान कहता है कि शहडोल, जबलपुर, रीवा संभाग के जिलों में कुछ स्थानों पर, भोपाल, नर्मदापुरम, सागर, ग्वालियर, चंबल संभागों के जिलों में तथा खंडवा, खरगोन, बड़वानी, बुरहानपुर, नीमच, मंदसौर जिलों में कहीं-कहीं बारिश हो सकती है। विभाग ने ऑरेंज अलर्ट भी जारी किया है। जिसके मुताबिक शहडोल, जबलपुर, रीवा संभाग के जिलों में कुछ स्थानों पर बिजली गिरने और आंधी चलने की आशंका जताई गई है।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार वर्तमान में एक पश्चिमी विक्षोभ उत्तर भारत में मौजूद है। उसके असर से उत्तर–पश्चिमी राजस्थान में हवा के ऊपरी भाग में एक चक्रवात बना हुआ है। उत्तर प्रदेश के मध्य में भी हवा के ऊपरी भाग में एक चक्रवात है। इस चक्रवात से लेकर पूर्वी मध्य प्रदेश से विदर्भ, तेलंगाना से होकर केरल तक एक द्रोणिका लाइन बनी हुई है। अलग–अलग स्थानों पर बनी इन मौसम प्रणालियों के असर से मिल रही नमी के कारण मध्य प्रदेश में बादल छाए हुए हैं। साथ ही कहीं–कहीं वर्षा हो रही है। इस तरह का मौसम शनिवार को भी बना रहने की संभावना है। शुक्रवार को ग्वालियर, चंबल, सागर, रीवा, जबलपुर, शहडोल संभाग के जिलों में वर्षा हो सकती है। राजधानी में भी दोपहर के बाद गरज–चमक के साथ कहीं–कहीं बूंदाबांदी हो सकती है। बादल बने रहने के कारण दिन के तापमान में गिरावट हो सकती है।

CSK के लिए डेब्यू कर रहे हैं ये 2 खिलाड़ी

csk-dhoniआईपीएल के 16वें सीजन की शुरुआत आज से हो चुकी है। पहले मुकाबले में हार्दिक पांड्या की गुजरात टाइटंस के सामने एमएस धोनी की चेन्नई सुपर किंग्स होने वाली है। पिछले सीजन अंक तालिका में 9वें नंबर पर रहने वाली सीएसके की टीम इस साल अपना पांचवां खिताब जीतने की कोशिश करेगी। लेकिन सीजन शुरू होने से पहले ही इस टीम के कुछ खिलाड़ी चोटिल हो गए। ऐसे में पहले मुकाबले में सीएसके की टीम की ओर से दो खिलाड़ियों को डेब्यू करने का मौका मिल गया है।

पहली बार सीएसके के लिए खेलेंगे ये 2 खिलाड़ी
आईपीएल के पहले ही मैच में सीएसके की ओर से दो नए खिलाड़ियों को खेलते हुए देखा जाएगा। इसमें एक नाम तो इंग्लैंड के टेस्ट कप्तान और घातक ऑलराउंडर बेन स्टोक्स का है। वहीं दूसरे खिलाड़ी भारतीय युवा ऑलराउंडर राजवर्धन हैंगरगेकर हैं। हैंगरगेकर तो अपना आईपीएल डेब्यू भी इसी मैच में कर रहे हैं। वहीं स्टोक्स ने अपना आखिरी मुकाबला आईपीएल 2021 में खेला था।

CSK की प्लेइंग 11
डेवन कॉनवे, रुतुराज गायकवाड़, बेन स्टोक्स, अंबाती रायडू, मोइन अली, शिवम दूबे, एमएस धोनी (कप्तान/विकेटकीपर), रवींद्र जडेजा, मिचेल सेंटनर, दीपक चाहर, राजवर्धन हैंगरगेकर

गुजरात की प्लेइंग 11
ऋद्धिमान साहा (विकेटकीपर), शुभमन गिल, केन विलियमसन, हार्दिक पांड्या (कप्तान), विजय शंकर, राहुल तेवतिया, राशिद खान, मोहम्मद शमी, जोशुआ लिटिल, यश दयाल, अल्जारी जोसेफ

पोप फ्रांसिस के जल्द ठीक होने की PM मोदी ने की कामना, अस्पताल में हैं एडमिट

modi

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को ईसाई धर्म गुरु पोप फ्रांसिस के जल्द स्वस्थ होने की कामना की। पिछले कुछ समय से सांस लेने संबंधी दिक्कतों के बाद फ्रांसिस को बुधवार को अस्पताल में भर्ती कराया गया था और उनमें श्वसन संक्रमण की पुष्टि हुई थी। पीएम मोदी ने एक ट्वीट में कहा, “पोप फ्रांसिस के अच्छे स्वास्थ्य और जल्द से जल्द ठीक होने की कामना करता हूं।”

अस्पताल में अपने कमरे से काम कर रहे पोप’

प्रधानमंत्री ने पोप फ्रांसिस के उस ट्वीट पर प्रतिक्रिया देते हुए यह बात कही, जिसमें पोप ने उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना के लिए सभी का आभार जताया था। इससे पहले वेटिकन ने गुरुवार को कहा था कि पोप फ्रांसिस की हालत में लगातार सुधार हो रहा है। वेटिकन के प्रवक्ता माटेओ ब्रूनी के एक बयान के अनुसार, 86 वर्षीय पोप फ्रांसिस ने नाश्ता किया, समाचार पत्र पढ़े और वह रोम के जेमेली अस्पताल में अपने कमरे से काम कर रहे हैं।

अखंड भारत सत्य है: डॉ मोहन भागवत

सिंधी समाज के सम्मेलन में सरसंघचालक डा़ मोहन भागवत ने पाक अधिकृत सिंधु प्रांत को लेकर कहा कि ये विभाजन कृत्रिम था। भारत खंडित हो गया, खंडित शरीर को जोड़ना पड़ता है। हमने मन से नहीं छोड़ा। हमको भारत को बसाना है। वह कैसे बसेगा, मैं नहीं जानता। मेरी बात का यह मतलब भी कतई नहीं है कि भारत, पाकिस्तान पर आक्रमण कर देगा। हम उस संस्कृति से हैं जो रक्षा के लिए मुंहतोड़ जवाब देती है। लोगों के ही मन में आएगा और हो जाएगा, जैसे भी होना है। सत्य मेव जयते का देश है, अखंड भारत सत्य है, खंडित दुष्वप्न है, जो धीरे-धीरे जा रहा है।

सम्मेलन अमर बलिदानी हेमू कालाणी के जन्मशताब्दी वर्ष में भोपाल स्थित भेल दशहरा मैदान में आयोजित हुआ। यहां मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एक प्रतिशत प्रीमियम लेकर सिंधी विस्थापितों को कब्जे की भूमि के पट्टे देने, बलिदानियों के सम्मान में संग्रहालय बनाने और मनुआभान की टेकरी पर बलिदानी हेमू कालाणी की प्रतिमा लगाने, सम्राट दाहिर सेन, हेमू कालाणी सहित एक अन्य बलिदानी की जीवनी स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल करने, सिंधु दर्शन के लिए 25 हजार अनुदान देंगे और सिंधु साहित्य अकादमी का बजट बढ़ाकर पांच करोड़ रुपये करने की घोषणा की।

सिंधी समाज के सम्मेलन में सरसंघचालक डा़ मोहन भागवत ने पाक अधिकृत सिंधु प्रांत को लेकर कहा कि ये विभाजन कृत्रिम था। भारत खंडित हो गया, खंडित शरीर को जोड़ना पड़ता है। हमने मन से नहीं छोड़ा। हमको भारत को बसाना है। वह कैसे बसेगा, मैं नहीं जानता। मेरी बात का यह मतलब भी कतई नहीं है कि भारत, पाकिस्तान पर आक्रमण कर देगा। हम उस संस्कृति से हैं जो रक्षा के लिए मुंहतोड़ जवाब देती है। लोगों के ही मन में आएगा और हो जाएगा, जैसे भी होना है। सत्य मेव जयते का देश है, अखंड भारत सत्य है, खंडित दुष्वप्न है, जो धीरे-धीरे जा रहा है।

सम्मेलन अमर बलिदानी हेमू कालाणी के जन्मशताब्दी वर्ष में भोपाल स्थित भेल दशहरा मैदान में आयोजित हुआ। यहां मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एक प्रतिशत प्रीमियम लेकर सिंधी विस्थापितों को कब्जे की भूमि के पट्टे देने, बलिदानियों के सम्मान में संग्रहालय बनाने और मनुआभान की टेकरी पर बलिदानी हेमू कालाणी की प्रतिमा लगाने, सम्राट दाहिर सेन, हेमू कालाणी सहित एक अन्य बलिदानी की जीवनी स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल करने, सिंधु दर्शन के लिए 25 हजार अनुदान देंगे और सिंधु साहित्य अकादमी का बजट बढ़ाकर पांच करोड़ रुपये करने की घोषणा की।

आगामी सीजन में दिखेगा इन विमेंस (फीमेल एंकर्स) का जलवा

femaleआईपीएल के आगामी सीजन में एक बार फिर से खेल के साथ ग्लैमर का भी तड़का देखने को मिलेगा, जिसमें कई फीमेल एंकर्स अलग-अलग भाषाओं में एंकरिंग की जिम्मेदारी को संभालते हुए नजर आयेंगी. इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2023 सीजन का आगाज 31 मार्च से होने जा रहा है, जिसमें एक तरफ जहां मैदान पर रोमांच का तड़का देखने को मिलेगा, तो वहीं मैदान के बाहर फीमेल एंकर्स का जलवा भी देखने को मिलेगा, जिसमें एक से एक बड़े नाम इस बार देखने को मिलेंगे. इस लिस्ट में पहला नाम रिद्धिमा पाठक का है, जो आगामी सीजन में जियो सिनेमा एप पर हिंदी भाषा में होने वाले प्रसारण के दौरान बतौर एंकर की भूमिका में दिखाई देंगी. रिद्धिमा ने इससे पहले क्रिकेट के अलावा कॉमनवेल्थ गेम्स में भी बतौर एंकर काम किया है. फीमेल एंकर्स में इस बार सुप्रिया सिंह को भी जगह मिली है, इससे पहले यह फीमेल एंकर महिला आईपीएल ऑक्शन के दौरान ग्लैमर का तड़का लगा चुकी हैं. सुप्रिया आगामी सीजन में जियो सिनेमा एप पर इंग्लिश भाषा में होने वाले प्रसारण के दौरान एंकर की भूमिका में दिखाई देंगी. इस आईपीएल सीजन में सुरुभी वैद्य भी अपनी एंकरिंग से सभी का दिल जीतने का प्रयास करेंगी. महिला आईपीएल ऑक्शन के दौरान सुर्खियों में आने वाली सुरुभी आगामी सीजन में जियो सिनेमा एप पर एंकरिंग की भूमिका में दिखाई देंगी. पंजाबी मूल की नसप्रीत कौर एंकरिंग की दुनिया में काफी जाना-पहचाना चेहरा हैं. नसप्रीत को साल 2020 के आईपीएल सीजन पहली बार एंकरिंग करते हुए देखा गया था. भारतीय स्टार तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह की पत्नी संजना गणेशन एंकरिंग की दुनिया का काफी मशहूर नामों में से एक है. संजना ने आईपीएल के पिछले सीजन भी एंकरिंग की जिम्मेदारी को संभाला था.

इंदौर घटना: मृतकों के परिजन को 5-5 लाख और घायलों को 50-50 हजार की राहत राशि पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है सरकार : मुख्यमंत्री चौहान

indore

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज इंदौर में पुरानी निजी बावड़ी के धँस जाने से 11 व्यक्तियों की असामयिक मृत्यु पर गहरा दुख व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि घटना दुर्भाग्यपूर्ण है। अनेक प्रयासों के बाद 11 नागरिकों को बचाया नहीं जा सका। घटना की जाँच के निर्देश दिए गए हैं। सरकार संवेदनशील है और पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है। घटना की जानकारी मिलते ही निरंतर इंदौर प्रशासन के संपर्क में रह कर रेस्क्यू कार्यों की जानकारी ली गई।

मुख्यमंत्री निवास में रामनवमी पर हुआ कन्या भोज

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और उनकी धर्मपत्नीमती साधना सिंह चौहान ने रामनवमी पर मुख्यमंत्री निवास में कन्याओं के पूजन और कन्या भोज के साथ पूजा-अर्चना की।

मुख्यमंत्री चौहान ने सपत्निक कन्याओं को प्रसाद वितरण किया। मुख्यमंत्री चौहान ने निवास स्थित मंदिर में भजन भी गाए। भए प्रकट कृपाला…और रामचंद्र कृपालु भजमन… की प्रस्तुतियों के साथ आरती भी हुई।

भोपाल AIIMS में अंगदान से 3 लोगों को नई जिंदगी की उम्मीद, शिवानी को...

0
भोपाल/नर्मदापुरम। अपनों को खोने का दर्द कितना गहरा होता है, यह उस परिवार से बेहतर कौन समझ सकता है, जिसने सड़क हादसे में अपनी...
social welfare 2026

₹53,428 करोड़ की सामाजिक सहायता योजना मंजूर, दिव्यांग पेंशन के नियमों में बदलाव

0
नई दिल्ली, 16 अक्टूबर। केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (NSAP) को अगले पांच वर्षों तक जारी रखने के लिए ₹53,428 करोड़ की...
PM-USP CSSS Scholarship Renewal 2026-27

PM-USP CSSS Scholarship Renewal 2026-27: 31 अक्टूबर तक करें आवेदन, जानें पात्रता, जरूरी दस्तावेज...

0
भोपाल | KOLAR18.COM | Social Welfare & Education News कॉलेज और विश्वविद्यालय में पढ़ाई कर रहे विद्यार्थियों के लिए छात्रवृत्ति से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी सामने...
Women and Child Development;

महिला एवं बाल विकास पर केंद्र-राज्य मंथन, पोषण और महिला सुरक्षा पर फोकस

0
नई दिल्ली। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय का दो दिवसीय विभागीय सम्मेलन 8 और 9 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में आयोजित किया जा...
yogi modi modal

उत्तर प्रदेश Social Welfare योजनाएं 2026: पेंशन, छात्रवृत्ति और सरकारी योजनाओं की जानकारी

0
पेंशन, छात्रवृत्ति, महिला कल्याण, दिव्यांगजन सहायता और गरीब परिवारों के लिए प्रमुख सरकारी योजनाओं की संक्षिप्त जानकारी उत्तर प्रदेश में सामाजिक कल्याण योजनाओं का दायरा...