पुस्तक “द बिगेस्ट अचीवर शिवराज” मुख्यमंत्री चौहान को भेंट की गई

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को लेखक और पत्रकार श्री कौशल किशोर चतुर्वेदी ने आज निवास पर “द बिगेस्ट अचीवर शिवराज” पुस्तक भेंट की।
इस पुस्तक में मुख्यमंत्री चौहान के व्यक्तित्व और कृतित्व पर श्री कौशल किशोर चतुर्वेदी द्वारा लिखे गए आलेख संकलित कर प्रकाशित किए गए हैं। लेखक कौशल की धर्मपत्नी संध्या कौशल चतुर्वेदी, बेटी प्रांजलि चतुर्वेदी, प्रकाशक मनीष गुप्ता और दीपाली गुप्ता भी उपस्थित थीं।

केन्द्रीय राज्य मंत्री खुबा ने मुख्यमंत्री श्री चौहान से सौजन्य भेंट की

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से केंद्रीय रसायन, उर्वरक और नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा राज्य मंत्री भगवंत खुबा ने आज मध्यप्रदेश प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री निवास में सौजन्य भेंट की। मुख्यमंत्री चौहान ने केंद्रीय मंत्री खुबा का पुष्प-गुच्छ से स्वागत और अंगवस्त्र द्वारा सम्मान किया। उन्होंने खुबा को साँची स्तूप की प्रतिकृति भेंट की।

गुलमोहर, कचनार और बरगद के पौधे मुख्यमंत्री चौहान ने लगाए

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने स्मार्ट सिटी उद्यान में सहकारिता एवं लोक सेवा प्रबंधन मंत्री अरविंद सिंह भदौरिया के साथ गुलमोहर, कचनार और बरगद के पौधे लगाए। वरिष्ठ पत्रकार सतीश एलिया भी पौध-रोपण में सम्मिलित हुए। अनुनय एजुकेशन एंड वेलफेयर सोसायटी की माही भजनी, डॉ. अजोय भट्टाचार्य, अनुराग द्विवेदी, डॉ. नीलम चौधरी, खुशी शर्मा, देवी महिला सिंह, ज्योति राजपूत और डॉ. अभिलाषा भार्गव ने भी पौध-रोपण में भाग लिया। मुख्यमंत्री चौहान के साथ सुश्री माधुरी सबले ने अपने जन्म-दिवस पर पौध-रोपण किया। लक्ष्मी नारायण पटेल भी पौध-रोपण में साथ थे।
अनुनय एजुकेशन एंड वेलफेयर सोसायटी गत 11 वर्ष से बच्चों की शिक्षा के लिए कार्यरत है। पन्नी बीनने और भिक्षावृत्ति में संलिप्त बच्चों की कठिनाइयों को दूर करते हुए उन्हें स्कूल से जोड़ने के लिए संस्था कार्य कर रही है। संस्था द्वारा शाजापुर जिले के सुनेरा गाँव के शासकीय विद्यालयों में “पढ़ो मालवा” अभियान चलाया है। संस्था द्वारा स्कूली बच्चियों को आत्म-रक्षा प्रशिक्षण देने के साथ पौध-रोपण और पर्यावरण- संरक्षण गतिविधियों के लिए प्रेरित किया जाता है। संस्था टीचर्स ट्रेनिंग और कम्प्यूटर प्रशिक्षण जैसी गतिविधियों में भी सक्रिय है।

वीवीआईपी क्षेत्र जैसी सुविधा, हुजूर विधानसभा के हर गांवों में मिलेगी

91 करोड़ से हुज़ूर विधानसभा के 76 गांवों के 1.5 लाख नागरिको को मिलेगा नल से जल

विधायक रामेश्वर शर्मा ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार की मंशा अनुरूप देश के हर घर को नल से जल देने की स्कीम के अन्तर्गत हुज़ूर विधानसभा के 76 गांवों में हर घर को नल से जल देने के लिए 91 करोड़ रुपए खर्च किये जायेंगे । केरवा डेम से पाइप लाइनों के माध्यम से इन 76 गाँवो में पानी पहुंचाया जाएगा जिसके लिए 4.86 एमसीएम पानी का आरक्षण किया गया है । भारत सरकार के जल जीवन मिशन एवं मध्य प्रदेश सरकार के अंशदान से यह पैसा खर्चा किया जाएगा । शर्मा ने बताया कि ताल तलैयों का शहर कहलाने वाला भोपाल का ग्रामीण क्षेत्र गर्मी के दिनों में टैंकरों पर आधारित हो जाता है । ऐसा नही है कि इन क्षेत्रों में पेय जल को लेकर कोई काम नही हुआ परंतु वॉटर लेवल नीचे चले जाने से इन गाँवो की पेय जल योजना बंद हो जाती है । उक्त गाँवो के नागरिक विगत 4 दशक से पेय जल समस्या से जूझ रहे थे । शर्मा ने बताया कि इन क्षेत्रों की मुख्यमंत्री नल जल योजना की उपलब्ध पानी की टंकियों एवं अन्य संसाधनों को जोड़ते हुए केरवा ग्राम जलापूर्ति योजना बनायी गयी है ।

स्काडा सिस्टम से होगी मोनिटरिंग, मानक नगरीय क्षेत्र की तरह

विधायक रामेश्वर शर्मा ने बताया कि 50 हज़ार से 2.5 लाख लीटर की 14 नयी टंकियों एवं 29 पुरानी टंकीयों को योजना में शामिल किया गया है । इंटक वेल के साथ वाटर ट्रीटमेंट प्लांट एवं लगभग 190 किलोमीटर पाइप लाइन बिछायी जाएगी । शर्मा ने बताया कि योजना आधुनिक रूप से लैस है लीकेज एवं अन्य समस्याओं को नवीनतम तकनीकी सिस्टम स्काडा के माध्यम से रखा जाएगा इस सिस्टम के माध्यम से पूरी योजना पर आसानी से मॉनिटरिंग की जा सकती है । शर्मा ने बताया कि योजना के मानक नगरीय क्षेत्र की योजनाओं की तरह ही रखें गए है, उन्होंने कहा कि यदि निकट भविष्य में क्षेत्र नगर निगम में शामिल होता भी है तो नगर निगम को नयी योजना बनाने की जरूरत नही पड़ेगी अपितु वह इसी योजना के माध्यम से क्षेत्र में जल आपूर्ति आसानी से कर सकेगा ।

जल आबंटन बड़ी मुश्किल रही परंतु विधायक रामेश्वर शर्मा के अथक प्रयास सफल हुए

केरवा जलाशय जिससे भोपाल नगर निगम के कोलार सहित अन्य क्षेत्रो में जल आपूर्ति को सुनिश्चित किया जाता है इस जलाशय से 4.86 एमसीएम पानी का आबंटन इस योजना में सबसे बड़ी चुनौती में से एक रही । विधायक रामेश्वर शर्मा ने बताया कि योजना की प्रारंभिक चर्चा आरंभ हुई थी तब अधिकारियों ने केरवा के जो आंकड़े प्रस्तुत किये उससे ऐसा प्रतीत हुआ कि शायद गांव को पानी देना असम्भव होगा परंतु पुनः अधिकारियों से केरवा जलाशय की वास्तविक स्थिति का सूक्ष्म अध्ययन करने को कहा गया नगर निगम भोपाल, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, जल संसाधन विभाग एवं जल जीवन मिशन के अधिकारियों ने अध्य्यन कर निष्कर्ष निकाला कि केरवा से जल आबंटन किया जा सकता है । गौरतलब है कि गांव तक पानी पहुंचाने के लिए एक बार नही अनेक बार जल आबंटन की कोशिश की गयी परन्तु वह सफल नही हो सकी थी । परंतु विधायक रामेश्वर शर्मा की दृण इच्छाशक्ति की वजह से केरवा जलाशय से जल आबंटन हो सका ।

मोदी -शिवराज ने शहर-गांव के भेद को खत्म किया है, यही नया भारत है- रामेश्वर शर्मा

विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार एवं मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व वाली मध्य प्रदेश सरकार ने शहर और गांव के भेद को खत्म कर दिया है । भारत जिसकी मूल पहचान ही गांव है आज़ादी के बाद उस पहचान को मिटाने का काम किया गया । ऐसी धारणा को जन्म दिया गया कि इतने गांव है इनमें कैसे रोड, बिजली, पानी, स्वास्थ्य सुविधा मौहैया करायी जाएंगी । परंतु इस अवधारणा को बदलने की शुरुआत भारत के पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी द्वारा भारत के 5 लाख गाँवो को प्रधानमंत्री सड़क योजना के माध्यम से की गई । भारतीय जनता पार्टी जिसके संकल्प गाँव, गरीब, किसान, युवाओं का उत्थान निहित है उस दल के नेता भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने संकल्प लिया है कि वह भारत के हर घर को नल से जल देंगे । जिसके लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा जल शक्ति मंत्रालय का गठन किया । हुज़ूर विधानसभा मे भी इसी जल जीवन मिशन की वजह से हर घर को नल से जल मिलने जा रहा है ।

जो सुविधा चार इमली को मिलती है वह गाँवो को भी मिलनी चाहिए – रामेश्वर शर्मा

विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा की उनके शुरू से प्रयास रहे है कि जो सुविधा चार इमली के बंगलो को मिलती है वह सुविधा गांव के एक एक घर को मिलनी चाहिए । श्री शर्मा ने बताया कि हुज़ूर विधानसभा के एक एक घर तक पक्की सड़क, बिजली पानी उपलब्ध कराना उनकी प्राथमिकता है । केरवा योजना से 76 गांव तक नल से जल देने के साथ साथ हुज़ूर विधानसभा के बाकी गाँवो तक भी हर घर को नल से जल देने की विस्तृत योजना पर काम चल रहा है, जल्द ही इन गांवों में भी हर घर को नल से जल दिया जाएगा ।

24 माह में होगा काम पूरा, 10 साल का मेंटेनसे भी करेगी कंपनी

विधायक रामेश्वर शर्मा ने बताया कि आगामी 24 माह में यह योजना पूर्ण होगी, निर्माण एजेंसी ही आगामी 10 वर्षो तक योजना का मेंटेनेंस करेगी । कार्य की मॉनिटरिंग भोपाल से लेकर दिल्ली तक कि जाएगी । श्री शर्मा ने कहा कि हर घर को नल से जल देने की इस वृहद योजना पूर्ण होने के बाद पंचायत अथवा गांव स्तर पर जल उपभोक्ता समिति का गठन भी किया जाएगा ।

इन 76 गाँवो के हर घर तक पहुंचेगा नल से जल

आमला, अमरपुरा, अमरावत कला, बड़झिरी, बकानिया, बंदोरी, बरखेड़ा नाथू, बरखेड़ा सालम, बावड़ी खेड़ा, बेरखेड़ी बाजयाफ्त, भानपुर, भोजनगर, बोरदा, बोरखेड़ी, छापरी, देहरिया कला, धामनिया, दुबड़ी, फतेहपुर डोबरा, गोल, हथाईखेड़ा, ईटखेड़ी छाप, जाट खेड़ी, झागरिया खुर्द, कजलास, कल खेड़ा, कालापानी, कल्याणपुर, खड़ बमुलिया, खजूरी सड़क, खामला खेड़ी, खांडावड, खार खेड़ी, खारपा, खारपी, खेतला खेड़ी, खोकरिया, खुरचनी, कौड़ी, कोडिया, कोटरा, कुशलपुरा, लखापुर, महा बडिया, महुआ खेड़ा, माली खेड़ी, मेंडोरा, मेंडोरी, मिट्ठू खेड़ी, मुंडला, मुगालिया छाप, नांदनी, नरेला, फंदा कला, फंदा खुर्द, पिपलिया धाकड़, पिपलिया रानी, रसूलिया पठार, रसूलिया घाट, रसूलिया गोसाई, रतनपुर, रातीबड़, साइस्ता खेड़ी, समसपुरा, सरवर, सेमरी बाजयाफ्त, सेवनिया, शोभापुर, सिकंदराबाद, सुरैया नगर, टीला खेड़ी, थुआखेड़ा और तूमड़ा ।

मिलेगी नौकरी: बिजली महकमे में आने वाली है भर्ती

भोपाल, नगरीय निकायों के साथ बिजली महकमे में भी बंपर भर्ती आने वाली है। ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्र सिंह तोमर ने गुरुवार को समीक्षा में महकमे के खाली पदों को प्राथमिकता से भरने के निर्देश दिए। तोमर ने कहा कि आउटसोर्स के लाइनमैन स्तर के कर्मचारियों के वेतन में बढ़ोत्तरी के लिए जरूरी कदम उठाए जाएं। सभी आउटसोर्स कर्मचारियों का बीमा कराया जाए। तोमर ने संविदा भर्ती की नीति तैयार करने के निर्देश भी दिए। बिजली विहीन मजरे-टोलों को 100% रोशन करने को कहा। तोमर ने कहा, इसे प्राथमिकता पर लेकर काम हो।

बोल्डनेस की हदें पलक तिवारी ने पार की

मनोरंजन जगत की हर छोटी-बड़ी खबर पर फैंस अपनी पैनी नजर बनाए रखते हैं। हर प्रशंसक अपने चहेते कलाकार के बारे में जानने के लिए उत्सुक रहता है। सितारे भी इस बात को बखूबी जानते हैं और यही वजह है कि वे भी समय-समय पर खुद से जुड़े अपडेट सोशल मीडिया पर देते रहते हैं। आज भी कई सितारों ने अपने ऑफिशियल अकाउंट से फैंस के साथ खुद से जुड़ी जानकारी साझा की हैं।

मध्य प्रदेश स्वच्छ सर्वेक्षण ग्रामीण में अव्वल

शहरों के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता के मामले में मध्य प्रदेश का प्रदर्शन पश्चिम जोन में अच्छा रहा है। स्वच्छ सर्वेक्षण ग्रामीण वर्ष 2022 में मध्य प्रदेश को उत्कृष्ट कार्य करने वाले राज्यों में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है। जिलों में प्रथम स्थान भोपाल और तृतीय स्थान इंदौर को मिला है। प्रदेश को गंदे पानी के प्रबंधन के लिए सुजलाम अभियान के पहले चरण में प्रथम और दूसरे चरण में चौथा स्थान मिला है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु दो अक्टूबर को दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में स्वच्छ भारत दिवस पर यह पुरस्कार प्रदान करेंगी।
पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारियों ने बताया कि पश्चिम जोन में मध्य प्रदेश के अलावा महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान और गोवा हैं। स्वच्छ सर्वेक्षण ग्रामीण में गुजरात को दूसरा और महाराष्ट्र को तीसरा स्थान प्राप्त हुआ है।
पेयजल एवं स्वच्छता विभाग, जलशक्ति मंत्रालय ने देशभर के 17 हजार 475 ग्रामों को चिह्नित करके केंद्रीय एजेंसी से वर्ष 2021 में स्वच्छ सर्वेक्षण ग्रामीण कराया था। इसमें ग्रामों में स्वच्छता की स्थिति, समुदाय को मिशन गतिविधियों की जानकारी और नागरिकों की प्रतिक्रिया के आधार पर अंक दिए गए। कुल अंकों के आधार पर राज्य और जिलों की रैंकिंग की गई।
अधिकारियों का कहना था कि ग्रामीण इलाकों में भी गीले और सूखे कचरे के निष्पादन के लिए व्यवस्था बनाई गई। कचरा परिवहन के लिए सात हजार 269 वाहन खरीदे गए। गीले और सूखे कचरे का अलग-अलग करने के लिए दो हजार 467 शेड बनाए गए। घरों से निकलने वाले पानी का प्रबंधन किया गया। अभी तक 13 हजार 23 गांवों को खुले में शौच मुक्त घोषित किया जा चुका है। तीन लाख 69 हजार 534 व्यक्तिगत और 14 हजार 116 सामुदायिक स्वच्छता परिसरों का निर्माण किया गया है।
यह गौरव का क्षण : मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इसे प्रदेश के लिए गौरव का क्षण बताते हुए कहा कि यह इस बात का प्रमाण है कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता को लेकर जागरूकता ही नहीं, समर्पण भाव भी दृढ़ हुआ है। गांवों की नई तस्वीर उभरी है। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश प्रधानमंत्री के स्वच्छता के मंत्र को आत्मसात कर जनसहभागिता से स्वच्छता के क्षेत्र में कीर्तिमान रच रहा है। उन्होंने प्रदेशावासियों को बधाई देते हुए कहा कि हम सब मिलकर स्वच्छ व सुंदर मध्य प्रदेश के निर्माण के लिए संकल्पबद्ध हैं।

लक्ष्मी को-ऑपरेटिव बैंक का लाइसेंस RBI ने रद्द किया

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने महाराष्ट्र के सोलापुर में स्थित लक्ष्मी को-ऑपरेटिव बैंक का लाइसेंस रद्द कर दिया है। साथ ही बैंक को निर्देश दिया है कि वो अपने सभी खाताधारकों की 5 लाख रुपये तक की जमा राशि वापस करे। खाताधारकों को इसके लिए बैंक में आवेदन करना होगा। रिजर्व बैंक ने कहा कि इस कोऑपरेटिव बैंक के पास पर्याप्त पूंजी नहीं है और यह अपने मौजूदा जमाकर्ताओं की पूरी राशि चुकाने की स्थिति में नहीं है। रिजर्व बैंक ने कहा कि शुक्रवार को कारोबार बंद होने के बाद बैंक बैंकिंग परिचालन नहीं कर पाएगा। आपको बता दें कि अगर बैंक डूबता है तो प्रत्येक जमाकर्ता को नए नियमों के तहत जमा राशि पर बीमा दावे का अधिकार होता है। इसकी सीमा फिलहाल पांच लाख रुपये तक ही है।
वैसे, लक्ष्मी को- ऑपरेटिव बैंक पहला ऐसा बैंक नहीं है जिसका लाइसेंस रद्द किया गया हो। इससे पहले पिछले साल रिजर्व बैंक ने महाराष्ट्र में कनराला नागरी कोऑपरेटिव बैंक (Karnala Nagari Sahakari Bank), पनवेल का लाइसेंस रद्द कर दिया था। केंद्रीय बैंक ने रुपी को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड (Rupee Co-Operative Bank) का भी लाइसेंस रद्द कर दिया था। वहीं RBI ने 14 जुलाई को पर्याप्त पूंजी और कमाई की संभावना नहीं होने के कारण डॉ. शिवाजीराव पाटिल निलंगेकर अर्बन कोऑपरेटिव बैंक लिमिटेड का भी लाइसेंस रद्द कर दिया था।

कट्टरपंथी संगठन मध्य प्रदेश में बढ़ा रहे नेटवर्क

भोपाल। टेरर फंडिंग मामले में केंद्रीय अन्वेषण अभिकरण एजेंसियों की प्रदेश में छापामारी से कट्टरपंथी संगठनों में हड़कंप मच गया है। बताया जाता है कि पिछले सालभर से प्रदेश में जमात-उल-मुजाहिद्दीन बांग्लादेश (जेएमबी), सूफा और पापुलर फ्रंट आफ इंडिया (पीएफआइ) आतंकी संगठनों ने अपना नेटवर्क बढ़ना शुरू किया है। प्रदेश में सिमी आतंकियों की गतिविधियां भी सामने आती रही हैं। इसी को देखते हुए केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियां इन पर लगातार कार्रवाई कर रही हैं।
अगस्त 2021 में इंदौर के बाणगंगा क्षेत्र में महिलाओं से अश्लील हरकत करने पर एक चूड़ी बेचने वाले के साथ भीड़ ने मारपीट की थी। उसने अपना हिंदू नाम रख रखा था, जबकि वह मुस्लिम था। गिरफ्तारी के बाद इस मामले में चूड़ी वाले के समर्थन में थाने के बाहर प्रदर्शन कर भीड़ ने थाना घेर लिया था। इस घटना में मप्र में सबसे पहले पीएफआइ का नाम सामने आया था। उस समय भी सरकार ने पीएफआइ पर प्रतिबंध लगाने की बात कही थी। इसी तरह कट्टरवाद फैलाने वाले आतंकी संगठन सूफा ने भी प्रदेश में अपनी सक्रियता बढ़ाई है।
रतलाम के दो युवकों को जयपुर पुलिस ने छह माह पहले गिरफ्तार किया। इनमें रतलाम के जुबैर और अल्तमस शामिल थे। बाद में इन दोनों के सूफा संगठन से जुड़े होने की जानकारी मिली थी। उनके पास से भारी मात्रा में आरडीएक्स बरामद हुआ था। इस केस को एनआइए ने अपने हाथ में ले रखा है। सूफा संगठन स्लीपर सेल बनाने का काम करता है। इन दोनों आतंकियों के नाम 2017 में रतलाम हुए तरुण हत्याकांड में भी आए थे।

NIA, ED और राज्य पुलिस की टीमों ने 15 राज्यों में 93 स्थानों पर छापा मारा

गुरुवार को PFI के खिलाफ देशव्यापी कार्रवाई करते हुए NIA, ED और राज्य पुलिस की टीमों ने 15 राज्यों में 93 स्थानों पर छापा मारा। इनमें केरल-39, तमिलनाडु-16, कर्नाटक-12, आंध्र प्रदेश-7, तेलंगाना-1, उत्तर प्रदेश-2, राजस्थान-4, दिल्ली-2, असम-1, मध्य प्रदेश-1, महाराष्ट्र-4, गोवा-1, पश्चिम बंगाल-1, बिहार-1 और मणिपुर में 1 स्थान शामिल हैं। अब तक कुल 106 PFI सदस्यों को गिरफ़्तार किया है। जिसमें आंध्र प्रदेश-5, असम-9, दिल्ली-3, कर्नाटक-20, केरल-22, एमपी-4, महाराष्ट्र-20, पुडुचेरी-3, राजस्थान-2, तमिलनाडु-10 और यूपी-8 लोगों को गिरफ़्तार किया गया।

NIA की सबसे बड़ी कार्रवाई
यह आतंक के खिलाफ एनआईए के सबसे बड़ी कार्रवाई है। इस छापेमारी में NIA के 300 से ज्यादा अधिकारी शामिल थे। खुद एनआईए के डीजी इस ऑपरेशन की निगरानी कर रहे थे। दिल्ली में पीएफआई के हेड परवेज आलम को भी गिरफ्तार कर लिया गया है। 18 गिरफ्तार संदिग्धों को दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने चार दिन की एनआईए हिरासत में भेज दिया गया है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक 200-11 के बाद PFI की आतंकी गतिविधियों से जुड़े मामलों में अब तक कुल 46 आरोपियों को सजा हुई है, जबकि 355 के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई है। PFI के लीडर और सदस्य आतंकी कार्रवाईयों के अलावा दहशतगर्दी की फंडिंग, कैडर की ट्रेनिंग और लोगों को बहला-फुसलाकर अपने संगठन में शामिल करने जैसी तमाम गतिविधियों में शामिल रहे हैं।
पीएफआई के ठिकानों पर छापेमारी के बाद कई जगहों पर विरोध प्रदर्शन भी होने लगे थे। ऐसे में एनआईए ने उन लोगों को भी हिरासत में लिया, जो धरना प्रदर्शन कर रहे थे। गिरफ्तार लोगों में ज्यादातर इस संगठन के पदाधिकारी हैं। इसके तार सबसे ज्यादा केरल में फैले हैं, जहां से सबसे ज्यादा 22 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। आपको बता दें कि सरकार ने इस संगठन पर बैन लगा रखा है, लेकिन चोरी-छिपे इसके सदस्य देशभर में एक्टिव हैं। सिमी के बाद पीएफआई तेजी से उभर रहा कट्टरपंथी संगठन है। जानकारी के मुताबिक पीएफआई ने दर्जनभर से ज्यादा नए संगठन भी तैयार कर लिए हैं, ताकि वह एजेंसियों की नजरों से बचा रहे और अपने मनसूबों को अंजाम दे सके।

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