चैत्र नवरात्रि में पढ़ें माता के 18 मंत्र, दुर्गासप्तशती पाठ करने के समान मिलता है फल

चैत्र नवरात्रि में पढ़ें माता के 18 मंत्र, दुर्गासप्तशती पाठ करने के समान मिलता है फल
महाशक्ति की आराधना का पर्व है नवरात्रि. दुर्गा सप्तशती के अन्तर्गत देव दानव युद्ध का विस्तृत वर्णन है. इसमें देवी भगवती और मां पार्वती ने किस प्रकार से देवताओं के साम्राज्य को स्थापित करने के लिए तीनों लोकों में उत्पात मचाने वाले महादानवों से लोहा लिया इसका वर्णन आता है.

यही कारण है कि आज सारे भारत में हर जगह दुर्गा यानि नवदुर्गाओं के मन्दिर स्थपित हैं. हिंदू पंचांग के अनुसार चैत्र मास की शुक्ल पक्ष प्रतिपदा तिथि 19 मार्च को सुबह 6:52 मिनट पर शुरू होगी और तिथि का समापन 20 मार्च की सुबह 4:52 मिनट पर होगा. इसलिए इस वर्ष चैत्र नवरात्रि की शुरुआत 19 मार्च को घटस्थापना के साथ होगी. उदया तिथि के अनुसार इस साल चैत्र नवरात्रि 19 मार्च से शुरू होगी और इसका समापन 27 मार्च को होगा. चैत्र नवरात्रि प्रतिपदा तिथि से ही नया हिंदू वर्ष प्रारंभ हो जाता है.

सर्वमंगलमंगलये शिवे सर्वार्थसाधिके. शरण्ये त्रयम्बके गौरि नारायणि नमोऽतु ते.. शरणांगतदीन आर्त परित्राण परायणे सर्वस्यार्तिहरे देवी नारायणि नमोऽस्तु ते.. सर्वस्वरूपे सर्वेशे सर्वशक्तिसमन्विते. भयेभ्यारत्नाहि नो देवि दुर्गे देवि नमोऽस्तु ते ..

वैसे तो दुर्गा के 108 नाम गिनाये जाते हैं लेकिन नवरात्रों में उनके स्थूल रूप को ध्यान में रखते हुए नौ दुर्गाओं की स्तुति और पूजा पाठ करने का गुप्त मंत्र ब्रहमा जी ने अपने पौत्र मार्कण्डेय ऋषि को दिया था. इसको देवीकवच भी कहते हैं. देवीकवच का पूरा पाठ दुर्गा सप्तशती के 56 श्लोकों के अन्दर मिलता है. नौ दुर्गाओं के स्वरूप का वर्णन संक्षेप में ब्रहमा जी ने इस प्रकार से किया है.

प्रथमं शैलपुत्री च द्वितीयं ब्रहमचारिणी.तृतीयं चन्द्रघण्टेति कूष्माण्डेति चतुर्थकम्..

पंचमं स्क्न्दमातेति षष्ठं कात्यायनीति च.सप्तमं कालरात्रीति

महागौरीति चाष्टमम्.नवमं सिद्धिदात्री च नवदुर्गाः प्रकीर्तिताः

नौ दुर्गाओं ने देव दानव युद्ध में विशेष भूमिका निभाई है इनकी सम्पूर्ण कथा देवी भागवत पुराण और मार्कण्डेय पुराण में लिखित है. शिव पुराण में भी इन दुर्गाओं के उत्पन्न होने की कथा का वर्णन आता है कि कैसे हिमालय राज की पुत्री पार्वती ने अपने भक्तों को सुरक्षित रखने के लिए तथा धरती आकाश पाताल में सुख शान्ति स्थापित करने के लिए दानवों राक्षसों और आतंक फैलाने वाले तत्वों को नष्ट करने की प्रतीज्ञा की ओर समस्त नवदुर्गाओं को विस्तारित करके उनके 108 रूप धारण करने से तीनों लोकों में दानव और राक्षस साम्राज्य का अन्त किया.

इन नौदुर्गाओं में सबसे प्रथम देवी का नाम है शैल पुत्री जिसकी पूजा नवरात्र के पहले दिन होती है.
दूसरी देवी का नाम है ब्रहमचारिणी जिसकी पूजा नवरात्र के दूसरे दिन होती है.
तीसरी देवी का नाम है चन्द्रघण्टा जिसकी पूजा नवरात्र के तीसरे दिन होती है.
चौथी देवी का नाम है कूष्माण्डा जिसकी पूजा नवरात्र के चौथे दिन होती है.
पांचवी दुर्गा का नाम है स्कन्दमाता जिसकी पूजा नवरात्र के पांचवें दिन होती है.
छठी दुर्गा का नाम है कात्यायनी जिसकी पूजा नवरात्र के छठे दिन होती है.
सातवी दुर्गा का नाम है कालरात्रि जिसकी पूजा नवरात्र के सातवें दिन होती है.
आठवीं देवी का नाम है महागौरी जिसकी पूजा नवरात्र के आठवें दिन होती है.
नवीं दुर्गा का नाम है सिद्धिदात्री जिसकी पूजा नवरात्र के अन्तिम दिन होती है.
इन सभी दुर्गाओं के प्रकट होने और इनके कार्यक्षेत्र की बहुत लम्बी चौड़ी कथा और फेहरिस्त है. लेकिन यहां हम संक्षेप में ही उनकी पूजा अर्चना का वर्णन कर सकेंगे.

हर समस्या का समाधान हैं ये श्लोक

नवरात्र में शक्ति साधना व कृपा प्राप्ति का का सरल उपाय दुर्गा सप्तशती का पाठ है. नवरात्र के दिवस काल में सविधि मां के कलश स्थापना के साथ शतचंडी, नवचंडी, दुर्गा सप्तशती और देवी अथर्वशीर्ष का पाठ किया जाता है.

दुर्गा सप्तशती के पाठ के कई विधि विधान है. दुर्गा सप्तशती महर्षि वेदव्यास रचित मार्कण्डेय पुराण के सावर्णि मन्वतर के देवी महात्म्य के 700 श्लोक का एक भाग है. दुर्गा सप्तशती में अध्याय एक से तेरह तक तीन चरित्र विभाग हैं. इसमें 700 श्लोक हैं.

दुर्गा सप्तशती के छह अंग तेरह अध्याय को छोड़कर हैं. कवच, कीलक, अर्गला दुर्गा सप्तशती के प्रथम तीन अंग और प्रधानिक आदि तीन रहस्य हैं. इसके अलावा और कई मंत्र भाग है जिसे पूरा करने से दुर्गा सप्तशती पाठ की पूर्णता होती है. इस संदर्भ में विद्वानों में मतांतर है. दुर्गा-सप्तशती को दुर्गा-पाठ, चंडी-पाठ से भी संबोधित करते हैं. चंडी पाठ में छह संवाद है.

महर्षि मेधा ने सर्वप्रथम राजा सुरथ और समाधि वैश्य को दुर्गा का चरित्र सुनाया. तदनंतर यही कथा महर्षि मृकण्डु के पुत्र चिरंजीवी मार्कण्डेय ने मुनिवर भागुरि को सुनाई. यही कथा द्रोण पुत्र पक्षिगण ने महर्षि जैमिनी से कही. जैमिनी महर्षि वेदव्यास जी के शिष्य थे. यही कथा संवाद महर्षि वेदव्यास ने मार्कण्डेय पुराण में यथावत् क्रम वर्णन कर लोकोपकार के लिए संसार में प्रचारित की. इस प्रकार दुर्गा सप्तशती में दुर्गा के चरित्रों का वर्णन है.

दुर्गा सप्तशती पाठ क्यों है शक्तिशाली

मार्कण्डेय पुराण में ब्रह्माजी ने मनुष्यों के रक्षार्थ परम गोपनीय साधन, कल्याणकारी देवी कवच एवं परम पवित्र उपाय संपूर्ण प्राणियों को बताया, जो देवी के नौ मूर्ति-स्वरूप हैं, जिन्हें ‘नव दुर्गा’ कहा जाता है. उनकी आराधना आश्विन शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से महानवमी तक की जाती है.

माता के 18 शक्तिशाली मंत्र

श्री दुर्गा सप्तशती का पाठ मनोरथ सिद्धि के लिए किया जाता है; क्योंकि श्री दुर्गा सप्तशती दैत्यों के संहार की शौर्य गाथा से अधिक कर्म, भक्ति एवं ज्ञान की त्रिवेणी हैं. यह श्री मार्कण्डेय पुराण का अंश है. यह देवी महात्म्य धर्म, अर्थ, काम एवं मोक्ष चारों पुरुषार्थों को प्रदान करने में सक्षम है. सप्तशती में कुछ ऐसे भी स्तोत्र एवं मंत्र हैं, जिनके विधिवत पारायण से इच्छित मनोकामना की पूर्ति होती है.

देवी का ध्यान मंत्रः देवी प्रपन्नार्तिहरे प्रसीद प्रसीद मातर्जगतोsखिलस्य. प्रसीद विश्वेतरि पाहि विश्वं त्वमीश्चरी देवी चराचरस्य.

इस प्रकार भगवती से प्रार्थना कर भगवती के शरणागत हो जाएं. देवी कई जन्मों के पापों का संहार कर भक्त को तार देती है. वही जननी सृष्टि की आदि, अंत और मध्य है.

देवी से प्रार्थना करें: शरणागत-दीनार्त-परित्राण-परायणे! सर्वस्यार्तिंहरे देवि! नारायणि! नमोऽस्तुते॥
सर्वकल्याण एवं शुभार्थ प्रभावशाली माना गया हैः सर्व मंगलं मांगल्ये शिवे सर्वाथ साधिके. शरण्येत्र्यंबके गौरी नारायणि नमोस्तुऽते॥
बाधा मुक्ति एवं धन-पुत्रादि प्राप्ति के लिएः सर्वाबाधा विनिर्मुक्तो धन-धान्य सुतान्वितः. मनुष्यों मत्प्रसादेन भवष्यति न संशय॥
सर्वबाधा शांति के लिएः सर्वाबाधा प्रशमनं त्रैलोक्यस्याखिलेश्वरि. एवमेव त्वया कार्यमस्मद्दैरिविनाशनम्..
आरोग्य एवं सौभाग्य प्राप्ति के लिए इस चमत्कारिक फल देने वाले मंत्र को स्वयं देवी दुर्गा ने देवताओं को दिया हैः देहि सौभाग्यं आरोग्यं देहि में परमं सुखम्. रूपं देहि जयं देहि यशो देहि द्विषोजहि॥
अर्थातः शरण में आए हुए दीनों एवं पीडि़तों की रक्षा में संलग्न रहने वाली तथा सब की पीड़ा दूर करने वाली नारायणी देवी! तुम्हें नमस्कार है. देवी से प्रार्थना कर अपने रोग, अंदरूनी बीमारी को ठीक करने की प्रार्थना भी करें. ये भगवती आपके रोग को हरकर आपको स्वस्थ कर देंगी.

विपत्ति नाश के लिएः शरणागतर्दनार्त परित्राण पारायणे. सर्व स्यार्ति हरे देवि नारायणि नमोऽतुते॥

मोक्ष प्राप्ति के लिएः त्वं वैष्णवी शक्तिरनन्तवीर्या. विश्वस्य बीजं परमासि माया.. सम्मोहितं देवि समस्तमेतत्. त्वं वैप्रसन्ना भुवि मुक्त हेतु:..

शक्ति प्राप्ति के लिएः सृष्टिस्थितिविनाशानां शक्तिभूते सनातनि. गुणाश्रये गुणमये नारायणि नमोह्यस्तु ते..

अर्थातः तुम सृष्टि, पालन और संहार की शक्ति भूता, सनातनी देवी, गुणों का आधार तथा सर्वगुणमयी हो. नारायणि! तुम्हें नमस्कार है.

रक्षा का मंत्रः शूलेन पाहि नो देवि पाहि खड्गेन चाम्बिके. घण्टास्वनेन न: पाहि चापज्यानि: स्वनेन च..

अर्थातः देवी! आप शूल से हमारी रक्षा करें. अम्बिके! आप खड्ग से भी हमारी रक्षा करें तथा घण्टा की ध्वनि और धनुष की टंकार से भी हमलोगों की रक्षा करें.

रोग नाश का मंत्रः रोगानशेषानपहंसि तुष्टा रुष्टा तु कामान सकलानभीष्टान्. त्वामाश्रितानां न विपन्नराणां त्वामाश्रिता हाश्रयतां प्रयान्ति.

अर्थातः देवी! तुम प्रसन्न होने पर सब रोगों को नष्ट कर देती हो और कुपित होने पर मनोवांछित सभी कामनाओं का नाश कर देती हो. जो लोग तुम्हारी शरण में जा चुके है. उनको विपत्ति तो आती ही नहीं. तुम्हारी शरण में गए हुए मनुष्य दूसरों को शरण देने वाले हो जाते हैं.

दु:ख-दारिद्र नाश के लिएः दुर्गे स्मृता हरसि भीतिमशेषजन्तो:. स्वस्थै स्मृता मतिमतीव शुभां ददासि.. द्रारिद्र दु:ख भयहारिणि का त्वदन्या. सर्वोपकारकारणाय सदाह्यद्र्रचिता..

ऐश्वर्य, सौभाग्य, आरोग्य, संपदा प्राप्ति एवं शत्रु भय मुक्ति-मोक्ष के लिएः ऐश्वर्य यत्प्रसादेन सौभाग्य-आरोग्य सम्पदः. शत्रु हानि परो मोक्षः स्तुयते सान किं जनै॥

भय नाशक दुर्गा मंत्रः सर्व स्वरूपे सर्वेशे सर्वशक्ति समन्विते, भयेभ्यास्त्रहिनो देवी दुर्गे देवी नमोस्तुते.

स्वप्न में कार्य सिद्घि-असिद्घि जानने के लिएः दुर्गे देवि नमस्तुभ्यं सर्वकामार्थ साधिके. मम सिद्घिमसिद्घिं वा स्वप्ने सर्व प्रदर्शय..

अर्थातः शरणागत की पीड़ा दूर करने वाली देवी हम पर प्रसन्न होओ. संपूर्ण जगत माता प्रसन्न होओ. विश्वेश्वरी! विश्व की रक्षा करो. देवी! तुम्ही चराचर जगत की अधिश्वरी हो.

मां के कल्याणकारी स्वरूप का वर्णनः सृष्टिस्थिति विनाशानां शक्तिभूते सनातनि. गुणाश्रये गुणमये नारायणि! नमोऽस्तुते॥

अर्थातः हे देवी नारायणी! तुम सब प्रकार का मंगल प्रदान करने वाली मंगलमयी हो. कल्याणदायिनी शिवा हो. सब पुरुषार्थों को सिद्ध करने वाली शरणागतवत्सला, तीन नेत्रों वाली एवं गौरी हो, तुम्हें नमस्कार है. तुम सृष्टि पालन और संहार की शक्तिभूता सनातनी देवी, गुणों का आधार तथा सर्वगुणमयी हो. नारायणी! तुम्हें नमस्कार है.

इस प्रकार देवी उनकी शरण में जाने वालों को इतनी शक्ति प्रदान कर देती है कि उस मनुष्य की शरण में दूसरे लोग आने लग जाते हैं. देवी धर्म के विरोधी दैत्यों का नाश करने वाली है. देवताओं की रक्षा के लिए देवी ने दैत्यों का वध किया. वह आपके आतंरिक एवं बाह्य शत्रुओं का नाश करके आपकी रक्षा करेगी. आप बारंबार उसकी शरणागत हो एवं स्वरमय प्रार्थना करें.

तुम तीनों लोकों की समस्त बाधाओं को शांत करो और हमारे शत्रुओं का नाश करती रहो. पुन: भगवती के शरणागत जाकर भगवती चरित्र को पढ़ने, उनका गुणगान करने मात्र से सर्वबाधाओं से मुक्त होकर धन, धान्य एवं पुत्र से संपन्न होंगे. इसमें तनिक भी संदेह नहीं. भगवती के प्रादुर्भाव की सुंदर गाथाएं सुनकर मनुष्य निर्भय हो जाता है. मुझे अनुभव है कि भगवती के माहात्म्य को सुनने वाले पुरुष के सभी शत्रु नष्ट हो जाते हैं.

उन्हें कल्याण की प्राप्ति होती है तथा उनका कुल आनंदित रहता है. स्वयं भगवती का वचन है कि मेरी शरण में आया हर व्यक्ति दु:ख से परे हो जाता है. यदि आप संगणित है तथा और आपके बीच दूरियां हो गई हैं तो आप पुन: संगठित हो जाएंगे. बालक अशांत है तो शांतिमय जीवन हो जाएगा.

श्लोकः शांतिकर्मणि सर्वत्र तथा दु:स्वप्रदर्शने. ग्रहपीड़ासु चोग्रासु महात्मयं शणुयात्मम.

अर्थातः सर्वत्र शांति कर्म में, बुरे स्वप्न दिखाई देने पर तथा ग्रहजनित भयंकर पीड़ा उपस्थित होने पर माहात्म्य श्रवण करना चाहिए. इससे सब पीड़ाएं शांत और दूर हो जाती है. मनुष्यों के दु:स्वप्न भी शुभ स्वप्न में परिवर्तित हो जाते है. ग्रहों से अक्रांत हुए बालकों के लिए देवी का माहात्म्य शांतिकारक है. देवी प्रसन्न होकर धार्मिक बुद्धि, धन सभी प्रदान करती है. स्तुता सम्पूजिता पुष्पैर्धूपगंधादिभिस्तथा ददाति वित्तं पुत्रांश्च मति धर्मे गति शुभाम्.

जाप विधिः नवरात्रि के प्रतिपदा के दिन घटस्थापना के बाद संकल्प लें.
प्रातः स्नान करके दुर्गा की मूर्ति या चित्र की पंचोपचार या दक्षोपचार या षोड्षोपचार से गंध, पुष्प, धूप, दीपक नैवेद्य निवेदित कर पूजा करें.
मुख पूर्व या उत्तर दिशा की ओर रखें. शुद्ध-पवित्र आसन ग्रहण कर रुद्राक्ष या तुलसी या चंदन की माला से मंत्र का जाप एक माला से पांच माला तक पूर्ण कर अपना मनोरथ कहें.
पूरे नवरात्र जाप करने से वांछित मनोकामना अवश्य पूरी होती है. समयाभाव में केवल 10 बार मंत्र का जाप निरंतर प्रतिदिन करने पर भी माँ दुर्गा प्रसन्न हो जाती हैं. दुर्गेदुर्गति नाशिनी जय जय॥
श्लोकः नमो देव्यै महादेव्यै शिवायै सततंनम:. नम: प्रकृत्यै भद्राये नियता: प्रणता: स्मताम्.

देवी को नमस्कार है, महादेवी शिवा को सर्वदा नमस्कार है. प्रकृति एवं भद्रा को प्रणाम है. हम लोग नियमपूर्वक जगदंबा को नमस्कार करते हैं. शैद्रा को नमस्कार है. नित्या गौरी एवं धात्री को बारंबार नमस्कार है. ज्योत्सनामयी चंद्ररूपिणी एवं सुखस्वरूपा देवी को सतत प्रणाम है. इस प्रकार देवी दुर्गा का स्मरण कर प्रार्थना करने मात्र से देवी प्रसन्न होकर अपने भक्तों की इच्छा पूर्ण करती है. देवी मां दुर्गा अपनी शरण में आए हर शरणार्थी की रक्षा कर उसका उत्थान करती है. देवी की शरण में जाकर देवी से प्रार्थना करें, जिस देवी की स्वयं देवता प्रार्थना करते हैं. वह भगवती शरणागत को आशीर्वाद प्रदान करती है.

धुरंधर 2’ की सुनामी में भी इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर मचा दिया भौकाल

धुरंधर 2’ की सुनामी में भी इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर मचा दिया भौकाल
बॉक्स ऑफिस पर इन दिनों ‘धुरंधर 2’ की सुनामी चल रही है. रणवीर सिंह और आदित्य धर की फिल्म जबरदस्त कमाई कर रही है. लेकिन इसी बीच एक ऐसी फिल्म भी है जिसने मेकर्स को मालामाल कर दिया है. साउथ की इस फिल्म ने बजट से करीब ढाई गुना कलेक्शन किया है. इतना ही नहीं, सिर्फ चार दिन की कमाई से ही ये फिल्म सुपरहिट हो चुकी है.

हम बात कर रहे हैं मलयालम में रिलीज आडू 3 (Aadu 3: One Last Ride- Part 1) की जिसने चार दिनों में बॉक्स ऑफिस पर तहलका मचा दिया है. एक कॉमेडी फैंटेसी फिल्म है. इसे मिधुन मैनुअल थॉमस ने डायरेक्ट किया है. ये Aadu 2 का सीक्वल है जो 2017 में रिलीज किया गया था. 19 मार्च को थियेटर्स में रिलीज हुई इस फिल्म की ऑक्यूपेंसी 70% से ज्यादा दर्ज हो रही है.

इस फिल्म में जयसूर्या को शाजी पप्पन की भूमिका में देखा जा रहा है. वहीं, सैजू कुरुप, विनायकन, सनी वेन, धर्मजन बोलगट्टी, विजय बाबू, इंद्रान्स, भगाथ मैनुअल और बिजूकुट्टन जैसे कलाकारों को अहम भूमिका में देखा जा रहा है.

जानें 4 दिनों का कलेक्शन

‘आडू 3’ ने चार दिनों में वर्ल्डवाइड 78 करोड़ का कलेक्शन किया है. कोई मोई की रिपोर्ट के मुताबिक इस फिल्म का बजट करीब 20 करोड़ है.

चार दिनों की कमाई में ही ये फिल्म सुपरहिट हो गई है. बजट और कमाई की तुलना करें तो इस फिल्म ने बजट से 2.9 गुना ज्यादा कमाकर मेकर्स को 290% का प्रॉफिट दिया है.
ट्रेड आंकड़े देने वाली वेबसाइट सैकनिक के मुताबिक ‘आडू 3’ ने चार दिनों में इंडिया में नेट 26.50 करोड़ का कलेक्शन किया है. वहीं, वर्ल्डवाइड इसका कलेक्शन करीब 78 करोड़ से ज्यादा है.

डेवाइज कलेक्शन
पहला दिन- 5.95 करोड़ | ऑक्यूपेंसी 67.0%
दूसरा दिन 6.30 करोड़ | ऑक्यूपेंसी 74%
तीसरा दिन 7.15 करोड़ | ऑक्यूपेंसी 74 %
चौथा दिन 7.10 करोड़ | ऑक्यूपेंसी 74%
टोटल कलेक्शन- 30.61 करोड़ ग्रॉस
इंडिया नेट कलेक्शन – ₹26.50

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कलेक्टर सीधी और गुना एसपी को हटाने के दिये निर्देश

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कलेक्टर सीधी और गुना एसपी को हटाने के दिये निर्देश
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को सीधी जिले में अचानक पहुंचकर स्थानीय नागरिकों से सीधा संवाद कर प्रशासनिक व्यवस्था और योजनाओं के मैदानी क्रियान्वयन की स्थिति जानी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जनसंवाद के दौरान आमजन और जनप्रतिनिधियों द्वारा विभिन्न मुद्दों पर की गई शिकायतों और जिला प्रशासन एवं विभिन्न विभागों की कार्य प्रणाली पर विस्तार से समीक्षा एवं फीडबैक लिया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्राप्त शिकायतों के दृष्टिगत सीधी कलेक्टर स्वरोचिष सोमवंशी को तत्काल प्रभाव से हटाने और जिला सहकारी बैंक के के महाप्रबधंक पी.एस. धनवाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश दिये।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुना जिले में तलाशी के दौरान मिली नगद राशि में हेरफेर के मामले में पुलिस अधीक्षक गुना अंकित सोनी की भूमिका को यथोचित न मानते हुए पुलिस अधीक्षक पद से हटाने के निर्देश भी दिये।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नागरिकों से प्राप्त शिकायतों के संदर्भ में शासन स्तर पर आवश्यक कदम भी उठाये जायेंगे। प्रदेश में सुशासन की व्यवस्था के चलते अधिकारी-कर्मचारियों द्वारा की गई लापरवाही किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जायेगी। उन्होंने कहा कि जनकल्याण राज्य सरकार की प्राथमिकता है। आमजन की समस्याओं के निराकरण के लिये प्रदेश में अभियान के साथ शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में शिविर भी आयोजित किये जाते हैं। अधिकारी-कर्मचारियों को यह संदेश देना चाहता हूँ कि यदि वे फील्ड में रहकर आमजन की समस्याओं का निराकरण नहीं कर सकते तो उन्हें फील्ड में रहने का कोई अधिकार नहीं है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जनसंवाद के दौरान नागरिकों की समस्याएं सुनी और उनके त्वरित और प्रभावी निराकरण के लिये अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा है कि प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक शासन की योजनाओं का लाभ समयबद्ध और पारदर्शिता के साथ पहुँचे। उन्होंने मैदानी अधिकारियों को निर्देश दिये कि वे संवेदनशीलता, जवाबदेही और प्रतिबद्धता के साथ कार्य करें। किसी भी प्रकार की लापरवाही या उदाशीनता को गंभीरता से लिया जाकर कठोर एवं प्रभावी कार्रवाई की जायेगी। मुख्यमंत्री ने सीधी में निर्माणाधीन कलेक्ट्रेट भवन की धीमी प्रगति पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि कलेक्ट्रेट भवन निर्माण में तेजी लाते हुये निर्धारित समय सीमा में गुणवत्ता के साथ कार्य पूर्ण किया जाये।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सीधी में औचक निरीक्षण के बाद स्थानीय सर्किट हाउस में आमजन एवं जनप्रतिनिधियों के साथ संवाद भी किया। इस दौरान सांसद राजेश मिश्रा, विधायक सिंहावल विश्वमित्र पाठक, विधायक श्रीमती रीति पाठक के साथ ही अन्य जन प्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री साय ने किया ‘इनोवेशन महाकुंभ 1.0’ के पोस्टर का विमोचन

मुख्यमंत्री साय ने किया ‘इनोवेशन महाकुंभ 1.0’ के पोस्टर का विमोचन
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राजधानी स्थित निवास कार्यालय में “इनोवेशन महाकुंभ 1.0” के पोस्टर का विमोचन किया।

इस अवसर पर शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय बस्तर के कुलपति मनोज श्रीवास्तव और स्वावलंबी भारत अभियान के प्रांत समन्वयक जगदीश पटेल भी उपस्थित रहे।

बस्तर के युवाओं में नवाचार,उद्यमिता और स्वरोजगार में तकनीक आधारित विकास हेतु “ इनोवेशन महाकुंभ 1.0 का आयोजन आगामी 4 एवं 5 मई को किया जाएगा। कार्यक्रम का आयोजन शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय बस्तर और स्वावलंबी भारत अभियान, पीएम ऊषा एवं इंस्टीट्यूशन इनोवेशन काउंसिल के साथ किया जाएगा। जिसमें एनआईटी रायपुर,आईआईएम रायपुर,आईआईटी भिलाई, छत्तीसगढ़ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद् की भी सहभागिता होगी।

आदिवासियों के उत्थान के लिए प्रतिबद्ध है हमारी सरकार – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

आदिवासियों के उत्थान के लिए प्रतिबद्ध है हमारी सरकार – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज बलौदाबाजार भाटापारा जिले के ग्राम ओड़ान में बावनगढ़ आदिवासी ध्रुव गोंड़ समाज तुरतुरिया माता महासभा लवन के तत्वावधान में आयोजित गोंड़वाना आदर्श सामूहिक विवाह समारोह मे शामिल हुए। इस मौके पर साय ने सामूहिक विवाह कार्यक्रम में पारम्परिक गोंडी रीति-रिवाज से दाम्पत्य सूत्र में बंधे 28 नवविवाहित जोड़ों क़ो आशीर्वाद व सुखमय दाम्पत्य जीवन की बधाई एवं शुभकामनायें दी।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने समाज के पदाधिकारियों की मांग पर कसडोल नगर में कंवर समाज सामुदयिक भवन व नगर पंचायत पलारी में सामुदायिक भवन निर्माण हेतु 50-50 लाख रुपए और ग्राम ओड़ान में बड़ादेव ठाना में सामुदायिक भवन निर्माण हेतु 25 लाख रुपए की घोषणा की। साथ ही ग्राम ओड़ान के शनिमंदिर से बड़ादेव ठाना तक सीसी रोड निर्माण हेतु स्वीकृति प्रदान की।

मुख्यमंत्री साय ने कहा हमारी सरकार आदिवासी समाज के उत्थान के लिए सदैव प्रतिबद्ध है। गोंडवाना संस्कृति के मानने वाले हमारे सभी आदिवासी भाई प्रकृति के पुजारी हैं। आप लोगों ने जल,जंगल और जमीन की सुरक्षा में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया है। हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में जनजातियों को आगे बढ़ाने के लिए अनेक योजनाएं संचालित की जा रही है। धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के लिए इस साल हम लोगों ने 200 करोड़ रूपये का बजट प्रावधान किया गया है। इसी तरह जनजातीय समुदाय के समग्र विकास की दिशा में प्रधानमंत्री जनमन योजना मील का पत्थर साबित हो रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आदिवासी कला और संस्कृति को आगे बढ़ाने के लिए हमारी सरकार निरंतर काम कर रही है। हम लोगों ने आदिवासी परंपराओं को आगे बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री सम्मान निधि प्रारम्भ किया है, जिसके माध्यम से बैगा, गुनिया और सिरहा को हर साल पांच हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारे आदिवासी भाइयों का आय का एक बड़ा स्रोत वनोपज और तेंदूपत्ता संग्रहण है। हम लोगों ने तेंदूपत्ता संग्रहण का दाम 4 हजार रूपये से बढ़ाकर 5500 रूपये प्रति मानक बोरा किया है। जंगल जाने, वनोपज का संग्रहण करने वाले आदिवासी भाई- बहनों के पैरों में कांटे न चुभे, इसका भी इंतजाम हमारी सरकार ने फिर से किया है। इस साल चरण पादुका वितरण भी किया जाएगा। तेन्दूपत्ता संग्राहकों को चरण पादुका प्रदान करने के लिए बजट में 60 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सामूहिक विवाह बहुत ही अच्छी पहल हैं। इस तरह के आयोजन से न केवल समाज संगठित होता है, बल्कि फिजूलखर्ची पर भी रोक लगती है। उन्होंने कहा कि अभी 10 मार्च को मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के माध्यम से 6 हजार से अधिक जोड़ों का सामूहिक विवाह पूरे प्रदेश में संपन्न हुआ जिसे गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में भी शामिल किया गया है।

इस अवसर पर जांजगीर-चांपा सांसद कमलेश जांगड़े, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल, विधायक संदीप साहु सहित अन्य गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

इंदौर में फायर सेफ्टी को लेकर जिला प्रशासन सख्त

इंदौर में फायर सेफ्टी को लेकर जिला प्रशासन सख्त
शहर की ऊंची इमारतों में आग से सुरक्षा के इंतजामों को लेकर जिला प्रशासन अब एक्शन मोड में आ गया है। इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा ने राजस्व और नगर निगम के अधिकारियों के साथ एक संयुक्त बैठक कर स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि फायर सेफ्टी मानकों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। बैठक में जी+3 (ग्राउंड फ्लोर प्लस तीन मंजिल) और उससे अधिक ऊंचाई वाली सभी व्यावसायिक और अन्य इमारतों को अपने फायर सेफ्टी प्लान और उपकरणों को पूरी तरह से दुरुस्त करने के लिए 15 दिन का अल्टीमेटम दिया गया है।

इस महत्वपूर्ण बैठक में नगर निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल भी विशेष रूप से मौजूद रहे। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि 15 दिन की दी गई मोहलत के बाद यदि किसी भी इमारत में फायर सेफ्टी के मानकों का उल्लंघन पाया गया तो संबंधित भवन मालिकों और प्रबंधन के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

कल से शुरू होगा औचक निरीक्षण का दौर
प्रशासन सिर्फ नोटिस देकर ही नहीं रुकेगा, बल्कि नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए जमीनी स्तर पर भी काम करेगा। कलेक्टर वर्मा के निर्देश पर एसडीएम के नेतृत्व में विशेष दलों का गठन किया गया है, जो कल से ही शहर की बहुमंजिला इमारतों का निरीक्षण शुरू कर देंगे। यह टीमें रैंडम चेकिंग करेंगी ताकि यह पता लगाया जा सके कि इमारतों में अग्निशमन उपकरण काम कर रहे हैं या नहीं, आपातकालीन निकासी के रास्ते (Emergency Exit) साफ और खुले हैं या नहीं, और क्या भवन के पास सभी जरूरी लाइसेंस और अनुमतियां हैं।

अवैध निर्माण भी होंगे चिन्हित
बैठक के दौरान यह बात भी सामने आई कि कई इमारतों में मूल निर्माण के बाद अतिरिक्त या अवैध निर्माण कर लिया गया है, जो बिल्डिंग बायलॉज का सीधा उल्लंघन है। ऐसे निर्माण न केवल अवैध हैं बल्कि आग जैसी आपात स्थिति में बड़े खतरे का कारण भी बन सकते हैं। प्रशासन ने ऐसे मामलों में भी सख्त कार्रवाई करने का फैसला किया है। अवैध निर्माणों को चिन्हित कर नोटिस जारी किए जाएंगे और जरूरत पड़ने पर उन्हें हटाने की कार्रवाई भी की जाएगी।

अधिकारियों ने फायर सेफ्टी से जुड़े निरीक्षण और मूल्यांकन के लिए विशेष प्रशिक्षण की आवश्यकता भी बताई। इस पर कलेक्टर ने आश्वस्त किया कि अभियान को प्रभावी ढंग से चलाने के लिए सभी संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को फायर सेफ्टी मानकों की उचित ट्रेनिंग दी जाएगी। इस फैसले का सीधा मतलब है कि अब केवल खानापूर्ति नहीं होगी, बल्कि नियमों का सख्ती से पालन कराया जाएगा।

1 अप्रैल से लागू होंगे इनकम टैक्स से जुड़े कई नए नियम

1 अप्रैल से लागू होंगे इनकम टैक्स से जुड़े कई नए नियम
करदाताओं लिए बड़ी अपडेट सामने आई है। सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्स (सीबीडीटी) ने इनकम टैक्स नियम 2026 (Income Tax Rules) को अधिसूचित किया है। 1 अप्रैल 2026 से कई बड़े बदलाव होने वाले हैं। इसमें इनकम टैक्स फाइलिंग को आसान बनाना, पीएफ, एचआरए और शिक्षा भत्तेपर मिलने वाली छूट में वृद्धि और कैपिटल गेन पर क्लेरिटी इत्यादि शामिल हैं।

नए नियम का उद्देश्य टैक्स प्रणाली में पारदर्शिता और डिजिटलीकरण को बढ़ावा देना है। आयकर नियम 2026 पुराने इनकम टैक्स एक्ट 1961 की जगह लेगा। पिछले साल संसद में इसे मंजूरी मिली थी। इसमें भाषा को सरल बनाया गया है, जिससे जटिल आयकर कानून को समझना आसान होगा। अनावश्यक प्रावधानों को हटाया गया है। आयकर अधिनियम 1961 में उल्लेखित 819 धाराओं की संख्या को घटकर 536 कर दिया गया है। वहीं अध्यायों की संख्या को 47 से घटा कर 23 किया गया है। नियमों की संख्या 399 से घटकर 190 और टैक्स फॉर्म को 511 से घटाकर 333 कर दिया गया है।

HRA से जुड़े नए नियम
नए नियमों के तहत 8 शहर यानी मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, दिल्ली, हैदराबाद, पुणे, अहमदाबाद और बेंगलुरु में वेतन के 50% की उच्च सूट सीमा के लिए कर्मचारी पात्र होंगे। जबकि अन्य सभी स्थानों पर छूट की सीमा 40% ही रहेगी। इसके अलावा मकान मालिक किराएदार के संबंधों का खुलासा करना मकान किराया भत्ते से संबंधित आयकर कटौती का दावा करने के लिए अनिवार्य होगा।

बच्चों की शिक्षा और छात्रावास भत्ते में भी वृद्धि की गई है। प्रत्येक बच्चे को 3,000 रुपये प्रतिमा शिक्षा भत्ता मिलेगा, जबकि वर्तमान में यह लिमिट 100 रुपये प्रतिमा है। यह सुविधा केवल 2 बच्चों पर ही लागू होगी। छात्रावास भत्ते को 300 रुपये से बढ़ाकर 9,000 रुपये प्रति बच्चा कर दिया गया है। वहीं भोजन/खाद्य कूपन पर 200 प्रति भोजन छूट का लाभ मिलेगा।

नियोक्ता द्वारा कार उपलब्ध कराए जाने पर टैक्स योग भत्तों के मूल्यांकन से जुड़े भी कई बदलाव किए गए हैं।’ यह बदलाव पुरानी और नई दोनों टैक्स व्यवस्थाओं पर लागू होंगे। इंजन कैटेगरी में भत्तों का मूल्य बढ़ाया गया है।

इन बदलावों को भी जान लें
इसके अलावा आईटीआर फाइल करने के लिए टाइम लिमिट को भी बढ़ाया गया है। वर्तमान में टैक्सपेयर 9 महीने के भीतर संशोधित आईटीआर दाखिल कर सकते हैं। जिसकी लिमिट 12 महीने तक कर दी गई है। आईटीआर दाखिल करने की अंतिम तारीखों में भी बदलाव किया गया है। डेडलाइन को 31 जुलाई से बढ़ाकर 1 अगस्त तक कर दिया गया है। हालांकि आईटीआर-1 और आईटीआर जैसे साधारण फॉर्म के लिए आईटीआर फाइल करने की डेडलाइन 31 जुलाई होगी।

नवरात्रि के 5वें दिन स्कंदमाता की पूजा से बच्चों में बढ़ती है एकाग्रता

नवरात्रि के 5वें दिन स्कंदमाता की पूजा से बच्चों में बढ़ती है एकाग्रता
नवरात्रि के 5वें दिन 23 मार्च 2026 को मां स्कंदमाता की पूजा होगी. ये माता दुर्गा की पांचवीं शक्ति हैं. स्कंदमाता” का अर्थ है- भगवान स्कंद (कार्तिकेय) की माता.इनकी गोद में बाल रूप में भगवान कार्तिकेय विराजमान रहते हैं, इसलिए इन्हें मातृत्व और करुणा का प्रतीक माना जाता है.

स्कंदमाता का स्वरूप

स्कंदमाता मां दुर्गा का अत्यंत करुणामयी और कल्याणकारी रूप हैं.
चार भुजाएं होती हैं
दो हाथों में कमल पुष्प
एक हाथ में बाल स्कंद (कार्तिकेय)
एक हाथ वरमुद्रा में
वाहन – सिंह
कमल के आसन पर विराजमान (इसी कारण “पद्मासना” भी कहा जाता है)
स्कंदमाता की पूजा करने के लाभ

यह स्वरूप ममता, दया और शक्ति का संगम है. मान्यता है कि जो लोग संतान प्राप्ति में बाधाएं झेल रहे, माता की कृपा से उनके घर जल्द ही किलकारियां गूंजती हैं. जीवन में उन्नति के मार्ग खुलते हैं.
भक्त को भय, कष्ट और नकारात्मक ऊर्जा से रक्षा मिलती है.
स्कंदमाता भक्तों को एकाग्र रहना सिखाती हैं. वह बताती हैं कि जीवन अच्छे-बुरे के बीच एक देवासुर संग्राम है और हम खुद अपने सेनापति हैं.
स्कंदमाता की पूजा करते रहने से हमें सैन्य संचालन की शक्ति मिलती रहती है. उनकी पूजा-आराधना से साधक को परम शांति और सुख का अनुभव होता है.
मां स्कंदमाता की पूजा विधि

सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और सिल्वर रंग के वस्त्र धारण करें, क्योंकि इस दिन सोमवार है.
माता को कुमकुम, रोली, और अक्षत (चावल) का तिलक लगाएं.
पूजा के दौरान “ॐ देवी स्कंदमातायै नमः” मंत्र का 108 बार जाप करें.
कपूर या घी के दीपक से मां स्कंदमाता की आरती उतारें और स्तुति करें, जैसे: “या देवी सर्वभूतेषु मा स्कंद माता रूपेण संस्थिता”.
आरती उतारें और गोधुलि बेला में पुन माता की पूजा करें.
मां स्कंदमाता का भोग

मां स्कंदमाता की आराधना होती है. इस दिन केला या केले से बनी चीजों का भोग लगाया जाता है.

मां स्कंदमाता मंत्र

पूजा मंत्र – ॐ देवी स्कंदमातायै नम:

ध्यान मंत्र –

सिंहासनगता नित्यं पद्माञ्चित करद्वया।

शुभदास्तु सदा देवी स्कन्दमाता यशस्विनी।।

स्कंदमाता की आरती

जय तेरी हो स्कंदमाता,

पांचवां नाम तुम्हारा आता।

सब के मन की जानन हारी,

जग जननी सब की महतारी। जय तेरी हो स्कंदमाता

तेरी ज्योत जलाता रहूं मैं,

हर दम तुम्हें ध्याता रहूं मैं।

कई नामों से तुझे पुकारा,

मुझे एक है तेरा सहारा। जय तेरी हो स्कंदमाता

कहीं पहाड़ों पर है डेरा,

कई शहरो में तेरा बसेरा।

हर मंदिर में तेरे नजारे,

गुण गाए तेरे भक्त प्यारे। जय तेरी हो स्कंदमाता

भक्ति अपनी मुझे दिला दो,

शक्ति मेरी बिगड़ी बना दो।

इंद्र आदि देवता मिल सारे,

करे पुकार तुम्हारे द्वारे। जय तेरी हो स्कंदमाता

दुष्ट दैत्य जब चढ़ कर आए,

तुम ही खंडा हाथ उठाएं।

दास को सदा बचाने आईं,

चमन की आस पुराने आई। जय तेरी हो स्कंदमाता

स्कंदमाता देती हैं ये सीख

स्कंदमाता का यह रूप बताता है कि मोह माया में रहते हुए भी किस तरह बुद्धि और विवेक से असुरों का नाश करना चाहिए. माता को अपने पुत्र से अधिक प्रेम है इसलिए इन्हें अपने पुत्र के नाम के साथ संबोधित किया जाना अच्छा लगता है.

केरल में त्रिकोणीय हो सकता है मुकाबला

केरल में त्रिकोणीय हो सकता है मुकाबला
इस बार केरल में विधानसभा चुनाव के दौरान त्रिकोणीय मुकाबला देखने को मिल सकता है. सीपीआई नेता हन्नान मोल्लाह ने बीजेपी का राज्य में जनाधार बढ़ने की बात को कबूल करते हुए यह भविष्यवाणी की है. उन्होंने कबूल किया राज्य में बीजेपी का जनाधार बढ़ा है.

हालांकि हन्नान मोल्लाह ने कहा है कि केरल में बीजेपी के जीतने की कोई उम्मीद नहीं है. उन्हें कुछ सीटें ही मिलेंगी. वे मुकाबले को त्रिकोणीय करने की कोशिश करेंगे. पहले यहां कांग्रेस और हमारे यानी सीपीआई के बीच होता था. इस बार बीजेपी का वोट समर्थन बढ़ा है. इतना नहीं बढ़ा है कि वे किसी को चुनौती दे सकें. सत्ता में आने की संभावना नहीं है.

इजरायल ने ईरान पर जबरन हमला किया: सीपीआई नेता
उन्होंने मिडिल ईस्ट में चल रही जंग को लेकर निशाना साधा है. उन्होंने कहा है कि अमेरिका इजरायल ने ईरान पर जबरन हमला किया. सीपीआई नेता हन्नान मोल्लाह ने कहा है कि ईरान के साथ हमारा संबंध सालों पुराना है. वो हमें सुविधा देता है. ईरान पर जब हमला हुआ तो भारत को स्टैंड लेना चाहिए था, लेकिन हमारी सरकार दुख नहीं जताया.

इसके अलावा उन्होंने कहा कि युद्ध के 10 दिन बाद गैस की समस्या भारत में हुई तो ईरान से बात की. ईरान ने भारत को गैस सरकार की नीतियों की वजह से नहीं, भारत के लोगों की वजह से दी है. उन्होंने कहा कि एकतरफा दोस्ती नहीं हो सकती. ईरान हमारा दोस्तो हमें भी उनके बुरे वक्त में साथ देना होगा.

सीपीआई नेता ने कहा कि उनका काम ही धमकी देना है. सुबह उठते हैं, तो दिन की शुरुआत धमकी देकर करते हैं. केंद्र सरकार ने कमर्शियल एलपीजी के उपभोक्ताओं को 20 फीसदी अतिरिक्त आवंटन की मंजूरी देने पर सीपीआई (एम) नेता हन्नान मोल्लाह ने कहा कि यह थोड़ा जरूरी है. हमारे देश के कई शहरों में छोटे-छोटे रेस्टोरेंट बंद हो गए थे. अगर चूल्हा ही नहीं जलेगा, तो रेस्टोरेंट कैसे चलेगा. ऐसी स्थिति में, स्वाभाविक रूप से, सरकार को इस पर विशेष ध्यान देना चाहिए.

मिडिल ईस्ट संकट के बीच PM मोदी ने बुलाई हाई-लेवल मीटिंग

मिडिल ईस्ट संकट के बीच PM मोदी ने बुलाई हाई-लेवल मीटिंग
मिडिल ईस्ट संकट के बीच प्रधानमंत्री आवास पर हाई लेवल बैठक शुरू हो चुकी है. बैठक में गृहमंत्री अमित शाह, केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा, पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी समेत कई अन्य मंत्री मौजूद हैं. इसमें मिडिल ईस्ट के हालात और देश में LPG डिस्ट्रीब्यूशन और उर्वरक की उपलब्धता आदि को लेकर बैठक में चर्चा होगी.

वैश्विक ऊर्जा संकट से निपटने की चुनौती
ईरान-अमेरिका और इजरायल के बीच बीते 23 दिन से जंग जारी है. जिसके चलते दुनियाभर में तेल और गैस की किल्लत बढ़ी है. भारत में भी इसका असर दिखाई दे रहा है. पश्चिमी एशिया में जंग के बीच रविवार (22 मार्च 2026) की शाम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यह अहम बैठक हो रही है. जिसमें सरकार के कई बड़े मंत्री शामिल होंगे और देश की ऊर्जा से जुड़ी स्थिति की समीक्षा की जाएगी.

सरकार तैयारियों में जुटी
वैश्विक ऊर्जा संकट के बीच सरकार की ओर से पहले से तैयारी की जा रही है, जिससे इसका असर देश पर किसी भी तरह से न पड़े. सरकार का मकसद है कि पेट्रोलियम, कच्चे तेल, बिजली और खाद (फर्टिलाइजर) जैसे जरूरी क्षेत्रों में सप्लाई में किसी भी तरह की बाधा न पड़े. इसके साथ ही देश में सामान की ढुलाई और वितरण सही तरीके से हो, इस पर भी चर्चा होगी, ताकि आम लोगों और उद्योगों को किसी तरह की परेशानी न हो.

होर्मुज ऑफ स्ट्रेट में फंसे तेल-गैस से भरे जहाज
बता दें कि ईरान में जारी युद्ध की वजह से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में सैकड़ों की संख्या में तेल और गैस से भरे टैंकर फंसे हुए हैं. ये एक ऐसा रास्ता है, जहां से दुनिया का 20 फीसदी ट्रांसपोर्ट होता है. ऐसी स्थिति में भारत की सरकार के लिए ये काफी जरूरी हो जाता है कि वे समय रहते जरूरी कदम उठाए, जिसे देश के लोगों को तकलीफ का सामना न करना पड़े.

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