विवादों को ठेंगा दिखा ‘धुरंधर 2’ ने रचा इतिहास

विवादों को ठेंगा दिखा ‘धुरंधर 2’ ने रचा इतिहास
बॉलीवुड में जब भी किसी फिल्म का नाम रिकॉर्ड बुक में दर्ज होता है, तो वह सिर्फ एक फिल्म नहीं रहती बल्कि एक ट्रेंड बन जाती है। इन दिनों ऐसा ही कुछ देखने को मिल रहा है ‘धुरंधर: द रिवेंज’ के साथ, जिसने रिलीज होते ही बॉक्स ऑफिस पर तूफानी शुरुआत की है।

कमाई के मामले में ‘धुरंधर 2’ का जलवा
रणवीर सिंह की इस फिल्म ने कमाई के मामले में कई बड़े रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं और अब इसे इंडस्ट्री की नई “बॉक्स ऑफिस किंग” कहा जा रहा है।

फिल्म ने अपने शुरुआती दिनों में ही जिस रफ्तार से कमाई की है, उसने ट्रेड एनालिस्ट्स को भी चौंका दिया है। ओपनिंग डे पर ही फिल्म ने जबरदस्त आंकड़ा छू लिया था और अब वर्ल्डवाइड कलेक्शन 300 करोड़ रुपये के पार पहुंच चुका है।

वर्ल्ड वाइड 300 करोड़ पार हुई फिल्म
खास बात यह है कि ये आंकड़ा अभी बिना डब वर्जन के हासिल किया गया है, जिससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि आने वाले दिनों में कमाई और तेजी से बढ़ सकती है।

अगर तुलना की जाए, तो फिल्म ने ‘केजीएफ: चैप्टर 2’ जैसी ब्लॉकबस्टर को भी पीछे छोड़ दिया है। जहां केजीएफ 2 ने ओपनिंग वीकेंड में लगभग 264 करोड़ का कारोबार किया था, वहीं धुरंधर 2 ने इससे आगे निकलकर नया बेंचमार्क सेट कर दिया है। यही नहीं, ट्रेड एक्सपर्ट्स का मानना है कि फिल्म जल्द ही अन्य बड़ी फिल्मों के रिकॉर्ड भी तोड़ सकती है।

फिल्म की सफलता के कई कारण
फिल्म की इस सफलता के पीछे कई कारण बताए जा रहे हैं। सबसे पहले तो रणवीर सिंह की दमदार स्क्रीन प्रेजेंस और एक्शन से भरपूर कहानी दर्शकों को सिनेमाघरों तक खींच रही है। इसके अलावा एडवांस बुकिंग ने भी फिल्म को मजबूत शुरुआत दी। रिलीज से पहले ही लाखों टिकट बिक चुके थे, जिससे ये साफ हो गया था कि दर्शकों में फिल्म को लेकर जबरदस्त उत्साह है।

दूसरे दिन भी फिल्म का क्रेज कम नहीं हुआ। शुरुआती आंकड़ों के अनुसार, फिल्म ने दूसरे दिन भी शानदार कमाई करते हुए तेजी बनाए रखी है। अगर यही ट्रेंड जारी रहा, तो यह फिल्म जल्द ही 500 करोड़ क्लब की ओर भी बढ़ सकती है। खासकर वीकेंड के दौरान कलेक्शन में और उछाल आने की उम्मीद है।

ओवरसीज मार्केट में भी शानदार प्रदर्शन
ओवरसीज मार्केट में भी फिल्म का प्रदर्शन शानदार रहा है। विदेशों में भी करोड़ों का कारोबार कर फिल्म ने यह साबित कर दिया है कि इसकी अपील सिर्फ भारत तक सीमित नहीं है। दर्शकों की भारी भीड़ और थिएटर में उमड़ता उत्साह इस बात का संकेत है कि फिल्म लंबे समय तक बॉक्स ऑफिस पर राज कर सकती है।

फिल्म के निर्देशक ने भी दर्शकों के प्यार पर खुशी जताई है और इसे सिर्फ शुरुआत बताया है। वहीं इंडस्ट्री के जानकार मानते हैं कि अगर डब वर्जन रिलीज हो जाता है, तो फिल्म के आंकड़े और भी ऊंचाई छू सकते हैं।

विदेश मंत्रालय का बड़ा अपडेट—”हर नागरिक की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता

विदेश मंत्रालय का बड़ा अपडेट—”हर नागरिक की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता
विदेश मंत्रालय ने बताया कि पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव के बीच खाड़ी देशों में अलग-अलग घटनाओं में 6 भारतीय नागरिकों की मौत हो गई है, जबकि एक व्यक्ति अभी भी लापता है।

सरकार के अनुसार, सऊदी अरब, ओमान, इराक और UAE में मौजूद भारतीय दूतावास स्थानीय अधिकारियों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं, ताकि लापता व्यक्ति का पता लगाया जा सके और जिन लोगों की मौत हुई है, उनके पार्थिव शरीर को जल्द से जल्द भारत लाया जा सके।

इंटर-मिनिस्ट्रियल ब्रीफिंग को संबोधित करते हुए, MEA में एडिशनल सेक्रेटरी (खाड़ी) असीम आर महाजन ने कहा कि अब हालात धीरे-धीरे सुधर रहे हैं। फ्लाइट्स दोबारा शुरू होने से बड़ी संख्या में लोग वापस भारत लौट रहे हैं। 28 फरवरी से अब तक करीब 3 लाख भारतीय इस क्षेत्र से भारत आ चुके हैं।

विदेश मंत्रालय (MEA) ने दी बड़ी अपडेट:
विदेश मंत्रालय के अनुसार, यूनाइटेड अरब अमीरात (UAE) की एयरलाइंस सुरक्षा और ऑपरेशनल कारणों से सीमित संख्या में नॉन-शेड्यूल्ड (स्पेशल) फ्लाइट्स चला रही हैं। आज UAE के अलग-अलग एयरपोर्ट से भारत के लिए करीब 90 फ्लाइट्स चलने की उम्मीद है।

ओमान और सऊदी अरब से भी भारत के लिए फ्लाइट्स जारी हैं। वहीं, कतर में एयरस्पेस आंशिक रूप से खुल गया है, जिससे कुछ कमर्शियल उड़ानों की अनुमति मिल गई है। कतर एयरवेज आज भारत के लिए करीब 10 स्पेशल फ्लाइट्स चला सकता है।

हालांकि, कुवैत और बहरीन का एयरस्पेस अभी भी बंद है। कुवैत एयरवेज सऊदी अरब के अल कैसुमाह एयरपोर्ट से भारत के लिए विशेष फ्लाइट्स शुरू करने की योजना बना रहा है, जिसकी पहली उड़ान कोच्चि के लिए होगी। इससे फंसे हुए भारतीय यात्रियों को राहत मिलेगी।

नेताओं के ‘झूठे वादों’ पर EC की डिजिटल स्ट्राइक! अब बिना अनुमति सोशल मीडिया पर नहीं चलेंगे चुनावी विज्ञापन

नेताओं के ‘झूठे वादों’ पर EC की डिजिटल स्ट्राइक! अब बिना अनुमति सोशल मीडिया पर नहीं चलेंगे चुनावी विज्ञापन
भारत के चुनाव आयोग (ECI) ने शुक्रवार को आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों को लेकर एक नया फरमान जारी किया है। चुनाव आयोग ने राजनीतिक पार्टियों से कहा कि वे अपने विज्ञापनों को किसी भी इलेक्ट्रॉनिक प्लेटफॉर्म पर जारी करने से पहले अपने मीडिया सर्टिफिकेशन विंग – मीडिया सर्टिफिकेशन और मॉनिटरिंग कमेटी (MCMC) – से वेरिफाई और सर्टिफाई करवाएं।

चुनाव आयोग ने इसलिए उठाया ये कदम
आयोग का यह निर्देश चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश (UT) में होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले आया है, इसे मतदाताओं को गुमराह करने के लिए ‘गलत और AI-जनरेटेड’ सामग्री के प्रसार पर रोक लगाने के एक कदम के तौर पर देखा जा रहा है।

राजनीतिक पार्टियों और उम्मीदवारों के लिए जारी​ किया फरमान
ECI ने एक बयान में कहा,’राजनीतिक पार्टियों/उम्मीदवारों द्वारा किसी भी इंटरनेट-आधारित मीडिया/वेबसाइट, जिसमें सोशल मीडिया वेबसाइटें भी शामिल हैं पर कोई भी राजनीतिक विज्ञापन संबंधित MCMC से पहले से सर्टिफिकेशन लिए बिना जारी नहीं किया जाएगा।’
आयोग के निर्देश के अनुसार, राजनीतिक पार्टियों को अपने विज्ञापनों को MCMC से पहले से सर्टिफाई करवाना होगा। साथ ही, उम्मीदवारों से उनके असली सोशल मीडिया खातों का विवरण साझा करने को भी कहा गया है।

MCMC का सर्टिफिकेट अब है सबसे जरूरी
चुनाव आयोग ने सभी पंजीकृत राजनीतिक पार्टियों और चुनाव लड़ रहे उम्मीदवारों से कहा है कि वे इलेक्ट्रॉनिक मीडिया (जैसे TV, रेडियो, सार्वजनिक स्थानों पर AV डिस्प्ले, ई-पेपर, बल्क SMS/वॉइस मैसेज), जिसमें सोशल मीडिया भी शामिल है, पर सभी राजनीतिक विज्ञापनों के प्रकाशन से पहले उनके पहले से सर्टिफिकेशन के लिए MCMC में आवेदन करें।
इसमें कहा गया, ‘किसी राज्य/UT में मुख्यालय वाली सभी पंजीकृत राजनीतिक पार्टियां ऐसे विज्ञापनों के सर्टिफिकेशन के लिए राज्य-स्तरीय MCMC में आवेदन कर सकती हैं। आवेदन निर्धारित समय-सीमा के भीतर जमा किए जाने चाहिए।’

इजरायली हमले में IRGC के प्रवक्ता नैनी की मौत

इजरायली हमले में IRGC के प्रवक्ता नैनी की मौत
इजरायली हमले में IRGC के प्रवक्ता नैनी की मौत, तेहरान में हड़कंपईरान-इजरायल के बीच जारी संघर्ष को 2 हफ्ते से अधिक समय बीत चुका है। अब इस युद्ध के बीच बड़ी खबर आई है। IRGC(इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर) ने पुष्टि की है कि उनके प्रवक्ता जनरल अली मोहम्मद नैनी इजरायली-अमेरिकी मिसाइल हमले में मारे गए हैं।

जनरल अली मोहम्मद नैनी की मौत इस सप्ताह ईरान की सरकार और सैन्य नेतृत्व के लिए चौथा बड़ा झटका है। इसके पहले हुए हमलों में तीन अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की मौत हो चुकी है। जिनमें अली लारीजानी, गुलामरेजा सुलेमानी और खुफिया मंत्री इस्माइल खतीब शामिल हैं। सरकारी समाचार एजेंसी तसनीम ने टेलीग्राम और X पर बताया कि नैनी की मौत शुक्रवार तड़के हुई है। अली मोहम्मद नैनी की मौत स्थानीय मीडिया में उनके अमेरिका और इजरायल के खिलाफ दिए गए बयानों के कुछ ही घंटों बाद हुई है।

कौन थे अली मोहम्मद नैनी?
IRGC(इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर) ने इजरायल-अमेरिका हमले में अपने प्रवक्ता जनरल अली मोहम्मद नैनी की मौत की पुष्टि की है। अली मोहम्मद नैनी का जन्म 1957 में ईरान के काशान में हुआ था। वह IRGC में द्वितीय ब्रिगेडियर जनरल के पद पर थे। साल 2024 में IRGC के कमांडर-इन-चीफ हुसैन सलामी ने उन्हें कोर के आधिकारिक प्रवक्ता और जनसंपर्क उप प्रमुख के रूप में नियुक्त किया गया था। नैनी को मनोवैज्ञानिक अभियानों, सॉफ्ट पावर और संज्ञानात्मक युद्ध में IRGC के शीर्ष विशेषज्ञ के रूप में जाना जाता था प्रवक्ता बनने से पहले उन्होंने IRGC और बासिज में सांस्कृतिक उप-प्रमुख जैसे कई प्रभावशाली पदों पर कार्य किया था।

पीएम मोदी ने बताया कैसे सुरक्षित है भारत की ऊर्जा सप्लाई, अफवाहों से बचने की अपील

पीएम मोदी ने बताया कैसे सुरक्षित है भारत की ऊर्जा सप्लाई, अफवाहों से बचने की अपील
भारत तेजी से बदलते ग्लोबल एनर्जी परिदृश्य में अपनी मजबूत पहचान बना रहा है। बीते कुछ वर्षों में देश ने क्लीन एनर्जी, इलेक्ट्रिफिकेशन और मैन्युफैक्चरिंग में उल्लेखनीय प्रगति की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में कहा कि भारत अब ग्लोबल एनर्जी लैंडस्केप में एक निर्णायक भूमिका निभाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा किए गए अपने संदेश में बताया कि भारत की एनर्जी ट्रांजिशन व्यावहारिक नीतियों और आत्मनिर्भरता के स्पष्ट विजन पर आधारित है। यह बदलाव केवल घरेलू जरूरतों तक सीमित नहीं है, बल्कि भारत को एक ग्लोबल एनर्जी लीडर के रूप में स्थापित करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम है।

भारत क्लीन एनर्जी क्षमता को तेजी से बढ़ा रहा है
प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि भारत क्लीन एनर्जी क्षमता को तेजी से बढ़ा रहा है। सोलर और विंड एनर्जी जैसे सेक्टर में निवेश बढ़ने से देश की ऊर्जा निर्भरता कम हो रही है। इसके साथ ही इलेक्ट्रिफिकेशन को बढ़ावा देकर ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में ऊर्जा पहुंच सुनिश्चित की जा रही है। पीएम ने आगे कहा कि सरकार का फोकस केवल उत्पादन बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को मजबूत करना भी है। इससे रोजगार के नए अवसर पैदा हो रहे हैं और भारत ग्लोबल सप्लाई चेन में अपनी स्थिति मजबूत कर रहा है। यह रणनीति आत्मनिर्भर भारत अभियान को भी गति दे रही है।

ग्लोबल एनर्जी कम्युनिटी को एक साथ लाने का प्रयास कर रहा भारत
प्रधानमंत्री मोदी ने अंतरराष्ट्रीय निवेशकों को भारत में निवेश, इनोवेशन और स्केलिंग के लिए आमंत्रित किया है। उन्होंने कहा कि भारत का पावर सेक्टर तेजी से विकसित हो रहा है और इसमें बड़े स्तर पर निवेश की संभावनाएं मौजूद हैं। भारत इलेक्ट्रिसिटी समिट 2026 जैसे मंचों के जरिए देश ग्लोबल एनर्जी कम्युनिटी को एक साथ लाने का प्रयास कर रहा है। यह पहल विभिन्न देशों और कंपनियों के बीच सहयोग को बढ़ावा देगी, जिससे नई तकनीक और इनोवेशन को बढ़ावा मिलेगा।

सभी हितधारकों का एक साथ मिलकर काम करना जरूरी
प्रधानमंत्री ने कहा कि एनर्जी सेक्टर का समग्र विकास तभी संभव है जब सभी हितधारक एक साथ मिलकर काम करें। सरकार, निजी कंपनियां और अंतरराष्ट्रीय संगठन मिलकर एक मजबूत एनर्जी इकोसिस्टम बना सकते हैं। इस दिशा में भारत एक साझा प्लेटफॉर्म तैयार कर रहा है, जहां विचारों का आदान-प्रदान और सहयोग को बढ़ावा मिलेगा। इससे न केवल ऊर्जा क्षेत्र में विकास होगा, बल्कि आम लोगों के जीवन स्तर में भी सुधार आएगा।

ईरान-इजरायल तनाव के बीच भारत को राहत, होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर सकेंगे भारतीय जहाज

ईरान-इजरायल तनाव के बीच भारत को राहत, होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर सकेंगे भारतीय जहाज
US और ईरान-इजरायल के बीच 28 फरवरी से शुरू हुआ संघर्ष खतरनाक मोड पर पहुंच चुका है। इस संघर्ष की वजह से होर्मुज स्ट्रेट के रास्ते से होने वाली गैस-तेल की बाधित हुई है। होर्मुज स्ट्रेट से होने वाली सप्लाई बाधित होने की वजह से दुनिया के कई देश ऊर्जा संकट के मुंहाने पर खड़े हैं। इस गंभीर परिस्थिति से निपटने के लिए ईरान ने खास रणनीति बनाई है।

ईरान की इस नई रणनीति से भारत समेत कई देशों को बड़ा फायदा हो सकता है। लॉयड्स लिस्ट की रिपोर्ट के मुताबकि, होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों के लिए एक नई ‘जांच और पंजीकरण प्रणाली’ विकसित कर रहा है। इस नई तकनीकी के जरिए ईरान रणनीतिक जलमार्ग में जहाजों की पहचान करके उनका सुरक्षित परिचालन करा सकेगा और दुश्मन के जहाजों पर नजर रख सकेगा।

ईरान तैयार कर रहा नई तकनीकी
लॉयड्स के अनुसार, ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) द्वारा कथित तौर पर एक नई जांच और पंजीकरण प्रणाली विकसित की जा रही है। लॉयड्स को ईरानी अधिकारियों ने बताया कि पूर्व-अनुमोदित मार्ग(Pre-approved routes) का उपयोग करने के इच्छुक जहाजों से अपेक्षा की जाती है कि वे होर्मुज स्ट्रेट क्रॉस करने से पहले जहाज के स्वामित्व और माल के गंतव्य दोनों के संबंध में विस्तृत जानकारी IRGC को दें।

ईरानी जलक्षेत्र से गुप्त रूप से गुजरते हैं जहाज
ईरान द्वारा तैयार की जा रही नई प्रणाली के बारे में अंतर्राष्ट्रीय व्यापार और समुद्री कानून के विशेषज्ञ एलेक्स मिल्स ने अल जजीरा से बात की। एलेक्स मिल्स ने अल जजीरा को बताया कि नई पंजीकरण प्रणाली कुछ देशों के लिए अल्पकालिक समाधान प्रदान करती है। हालांकि, लंबे समय में यह आर्थिक रूप से लाभदायक नहीं हो सकती है। उन्होंने कहा कि ईरानी जलक्षेत्र से गुजरने और बंदरगाहों पर रुकने वाले जहाजों द्वारा अपने सभी कार्गो गंतव्यों की जानकारी देकर अनुमति लेना का प्रस्ताव काफी दिलचल्प है। कुछ जहाज गुप्त रूप से ईरानी जलक्षेत्र में प्रवेश करते हैं। यह नियमों के विपरीत है। हालांकि यह प्रक्रिया लंबे समय से चली आ रही है। गुप्त रूप से ईरानी जलक्षेत्र में प्रवेश करना सुरक्षा जोखिम पैदा करता है।

ईरान के इस नए फैसले से किसे मिलेगा फायदा?
ईरानी जलक्षेत्र से गुजरने वाले जहाजों द्वारा अपने सभी कार्गो की जानकारी देने के बाद अनुमति लेकर प्रवेश करने की प्रक्रिया शुरू हो जाती तो इससे भारत समेत कई देशों को फायदा होगा। दरअसल, इसी सप्ताह में ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने होर्मुज स्ट्रेटे से गुजरने वाले माल वाहक भारतीय जहाजों के लिए सकारात्मक बयान दिया था। अराघची ने कहा था कि होर्मुज स्ट्रेट खुला है, लेकिन यह हमारे दुश्मनों के लिए बंद है। अराघची के बयान से पहले IRGC ने कहा था कि जलमार्ग से गुजरने की कोशिश करने वाले किसी भी जहाज को आग लगा दी जाएगी। हालांकि, IRGC के बयान के बाद अराघची कई बार भारत को मित्र बता चुके हैं। भारत ने भी हाल ही में ईरान को मेडिकल सहायता भेजी है।

ईरान-भारत के बीच ऐतिहासिक संबंध
ईरान और भारत के बीच व्यापार (विशेषकर ऊर्जा) और रणनीतिक तौर पर ऐतिहासिक संबंध हैं। भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने हाल ही में होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों के गुजरने के बारे में ईरान से सीधी बात की थी। एस जयशंकर ने कहा कि ईरान के साथ सीधे बातचीत से भारतीय जहाजो को होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने में मदद मिली है। ईरान से बातचीत के बाद बीते शनिवार को भारतीय झंडे वाले 2 गैस टैंकर फारस की खाड़ी में होर्मुज के स्ट्रेट से गुजरे हैं।

ग्रामीण जल व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में ऐतिहासिक कदम – मुख्यमंत्री साय

ग्रामीण जल व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में ऐतिहासिक कदम – मुख्यमंत्री साय
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज छत्तीसगढ़ विधानसभा में जल जीवन मिशन 2.0 के तहत केन्द्र और राज्य के बीच एमओयू कार्यक्रम में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और केंद्रीय जलशक्ति मंत्री सी आर पाटिल की वर्चुअल मौजूदगी में अधिकारियों ने एमओयू पर हस्ताक्षर कर एक्सचेंज किया।

मुख्यमंत्री साय ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य की ग्रामीण पेयजल व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में यह पहल ऐतिहासिक है। उन्होंने कहा कि “हर घर जल” के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए जल जीवन मिशन 2.0 के तहत हुये एमओयू से इन कार्यों में गति मिलेगी। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में 10 मार्च 2026 को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने जल जीवन मिशन के विस्तारित चरण, जल जीवन मिशन 2.0 को मंजूरी दी है। इस चरण में जल सेवा वितरण प्रणाली को मजबूत करने के साथ-साथ जनभागीदारी को भी सुनिश्चित किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में अब तक 41 लाख 30 हजार से अधिक ग्रामीण परिवारों, यानी लगभग 82.66 प्रतिशत घरों को नल कनेक्शन उपलब्ध कराया जा चुका है। साय ने कहा कि जल जीवन मिशन के तहत दूरस्थ, वनांचल और आदिवासी क्षेत्रों तक शुद्ध पेयजल पहुंचने से महिलाओं को बड़ी राहत मिली है, जिन्हें पहले पानी के लिए दूर-दूर तक जाना पड़ता था।

उन्होंने कहा कि मिशन 2.0 के तहत ग्राम स्तर पर जल प्रबंधन में समुदाय की भागीदारी बढ़ाने और जल स्रोतों के संरक्षण पर विशेष जोर दिया जाएगा। साथ ही जल संवर्धन, पुनर्भरण तथा योजनाओं के संचालन और रखरखाव को मजबूत बनाने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री साय ने बताया कि इस एमओयू के माध्यम से पारदर्शी और तकनीक आधारित जल सेवा प्रणाली विकसित की जाएगी, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में जल वितरण और अधिक व्यवस्थित एवं सुदृढ़ होगा।

मुख्यमंत्री ने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में पेयजल सुविधा को और बेहतर बनाने के लिए केंद्रीय मंत्री से 1300 करोड़ रुपये की विशेष स्वीकृति का आग्रह भी किया। इस स्वीकृति से 70 समूह जल प्रदाय योजनाओं के माध्यम से प्रदेश के 3 हजार से अधिक गांवों तक पेयजल पहुंचाने में मदद मिलेगी। अंत में मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी का आभार व्यक्त करते हुए विश्वास जताया कि सभी के सहयोग से छत्तीसगढ़ न केवल “हर घर जल” का लक्ष्य हासिल करेगा, बल्कि सतत जल प्रबंधन और ग्रामीण जल शासन में भी नए मानक स्थापित करेगा।

केंद्रीय जलशक्ति मंत्री सी आर पाटिल ने कहा कि आज का दिन अत्यधिक महत्वपूर्ण है और इस एमओयू के बाद छत्तीसगढ़ में पाइप लाइन एवं संरचनाओं के माध्यम से प्रत्येक घर में पानी की पहुँच सुनिश्चित होगी। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायतों को इसके तहत सशक्त अधिकार प्राप्त होंगे और इन संरचनाओं के रख रखाव के लिए वे जिम्मेदार होंगे। पाटिल ने कहा कि जिला प्रशासन के जरिये पंचायत के कार्यों पर निगरानी रखी जाएगी एवं आवश्यकता होने पर सहायता भी करेंगे। उन्होंने बताया कि आज का यह एमओयू जल शक्ति मंत्रालय और छत्तीसगढ़ शासन का साझा प्रयास का परिणाम है। इससे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हर घर स्वच्छ एवं निर्बाध पानी की पहुँच का सपना साकार होगा।

कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री एवं लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री अरुण साव, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, सचिव राहुल भगत, जल संसाधन विभाग के सचिव राजेश टोप्पो सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

विधानसभा बजट सत्र सफल समापन पर मुख्यमंत्री ने सभी सदस्यों और अधिकारियों को दिया धन्यवाद

विधानसभा बजट सत्र सफल समापन पर मुख्यमंत्री ने सभी सदस्यों और अधिकारियों को दिया धन्यवाद
विधानसभा के बजट सत्र के सफल समापन पर मंत्रीगण एवं विधायकगण ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से विधानसभा स्थित उनके कार्यालय में भेंट कर उन्हें बधाई दी।

मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर सभी जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं कर्मचारियों के सामूहिक प्रयासों की सराहना करते हुए आभार व्यक्त किया और सफल सत्र के लिए सभी को बधाई दी। उन्होंने कहा कि सभी के समन्वय और सहयोग से ही यह सत्र सार्थक और सफल बन पाया है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि विधानसभा लोकतंत्र का पावन मंदिर है और लोकतांत्रिक मूल्यों को सशक्त बनाना ही इसका मूल दायित्व है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इस बजट सत्र के दौरान लगभग 585 आत्मसमर्पित नक्सलियों ने विधानसभा की कार्यवाही का अवलोकन किया जो एक अत्यंत प्रेरणादायक पहल है। इससे यह संदेश गया है कि राज्य सरकार भटके हुए युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए गंभीरता से कार्य कर रही है, जिसका सीधा संबंध राज्य की आंतरिक सुरक्षा, शांति और समृद्धि से है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बजट सत्र में कुल 15 बैठकें आयोजित हुईं और यह सत्र अत्यंत महत्वपूर्ण एवं परिणामकारी रहा। सत्र के दौरान माननीय राज्यपाल के अभिभाषण पर सदन द्वारा कृतज्ञता व्यक्त की गई तथा वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पारित किया गया। इसके साथ ही कई महत्वपूर्ण विधायी कार्य भी सम्पन्न हुए।

उन्होंने कहा कि इस सत्र में छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य विधेयक-2026, छत्तीसगढ़ नगर एवं ग्राम निवेश (संशोधन) विधेयक-2026 तथा छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल (संशोधन) विधेयक-2026 जैसे महत्वपूर्ण विधेयक पारित किए गए। साथ ही भर्ती परीक्षाओं में नकल रोकने संबंधी विधेयक तथा छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल विधेयक भी सर्वसम्मति से पारित हुए, जो युवाओं के भविष्य और पारदर्शी भर्ती प्रणाली के लिए मील का पत्थर साबित होंगे।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सत्र के दौरान सदन के सदस्यों ने अनेक महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की, प्रश्न पूछे और अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याओं को प्रभावी ढंग से उठाया, जो लोकतंत्र की मजबूती का प्रमाण है।

उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि वे भले ही अस्वस्थता के कारण सदन में उपस्थित नहीं हो सके, लेकिन उन्होंने लगातार डिजिटल माध्यम से सदन की कार्यवाही पर नजर रखी।मुख्यमंत्री ने उनके उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घायु की कामना की।

मुख्यमंत्री साय ने सत्र के सफल संचालन के लिए नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत, संसदीय कार्य मंत्री केदार कश्यप, मंत्रिपरिषद के सदस्यों, सभी विधायकगण, विधानसभा सचिव दिनेश शर्मा, सुरक्षा कर्मियों एवं समस्त अधिकारियों-कर्मचारियों को विशेष धन्यवाद दिया।

उन्होंने मीडिया प्रतिनिधियों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि आप सभी ने सदन की महत्वपूर्ण कार्यवाही और जनहित के मुद्दों को जनता तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

अंत में मुख्यमंत्री साय ने चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए प्रदेश में सुख, शांति और समृद्धि की कामना की।

प्रदेश के विकास में सबसे बड़ी बाधा नक्सलवाद को डबल इंजन की सरकार ने किया दूर : मुख्यमंत्री साय

प्रदेश के विकास में सबसे बड़ी बाधा नक्सलवाद को डबल इंजन की सरकार ने किया दूर : मुख्यमंत्री साय
मुख्यमंत्री साय ने अपने संबोधन में कहा कि छत्तीसगढ़ सघन वनों, खनिज संपदा, समृद्ध लोक संस्कृति और नैसर्गिक सौंदर्य का अद्वितीय संगम है। उन्होंने बताया कि राज्य का लगभग 46 प्रतिशत भू-भाग वनों से आच्छादित है, जिसमें “एक पेड़ मां के नाम” अभियान और कैम्पा योजना का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। साय ने कहा कि राज्य खनिज संसाधनों से परिपूर्ण है—कोयले से लेकर हीरे तक यहां उपलब्ध हैं। छत्तीसगढ़ वर्तमान में विद्युत उत्पादन के क्षेत्र में सरप्लस राज्य है, जहां लगभग 30 हजार मेगावाट बिजली का उत्पादन हो रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले दो वर्षों में ऊर्जा क्षेत्र में 3 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए है, जिससे आने वाले समय में इतनी ही अतिरिक्त उत्पादन क्षमता विकसित होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से अब नक्सल समस्या समाप्ति की ओर है। इससे प्रदेश में शांति और विकास की गति और तेज होगी। कृषि क्षेत्र का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ को “धान का कटोरा” कहा जाता है और यहां किसानों के लिए प्रभावी धान खरीदी नीति लागू है। प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से खरीदा जा रहा है, जिससे किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है। महिला सशक्तिकरण की दिशा में ‘महतारी वंदन योजना’ का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि इसके तहत 15 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि महिलाओं को प्रदान की जा चुकी है। इसके अलावा 05 लाख 30 हजार से अधिक भूमिहीन कृषि मजदूरों को प्रतिवर्ष 10 हजार रुपये की सहायता दी जा रही है। उन्होंने छत्तीसगढ़ की कला संस्कृति, खान पान, रीति रिवाज परंपरा पर खुलकर बातें की और अपने राजनीतिक और सामाजिक अनुभव भी उनके साथ साझा किए।

विदेशी मेहमानों ने कहा – अद्भुत है छत्तीसगढ़, सुंदर स्मृतियों के साथ पूरी हुई यात्रा

अध्ययन दल में शामिल विदेश के सैन्य अधिकारियों ने छत्तीसगढ़ प्रवास को “अद्भुत और यादगार” बताते हुए कहा कि राज्य भौगोलिक विविधताओं और उर्वर भूमि से समृद्ध है। उन्होंने विशेष रूप से बस्तर क्षेत्र की जनजातीय संस्कृति और प्राकृतिक सौंदर्य की प्रशंसा की।
एयर कमोडोर अजय कुमार चौधरी ने कहा कि स्पष्ट नेतृत्व और सशक्त नीति के कारण प्रदेश में सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि सुरक्षाबलों का मनोबल बढ़ा है जिससे नक्सलवाद के खिलाफ प्रभावी कार्य हुआ है। उन्होंने आगे कहा कि राज्य और केंद्र सरकार की योजनाओं—जैसे महिला सशक्तिकरण और आवास योजनाओं—का जमीनी स्तर पर सकारात्मक असर दिखाई दे रहा है। उन्होंने छत्तीसगढ़ के समग्र विकास को कुशल नेतृत्व का परिणाम बताया।

इस दौरान मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, आईजी ओ पी पाल, अध्ययन दल में आईपीएस अमनदीप सिंह कपूर, म्यांमार कर्नल लू जॉ आंग, ब्रिगेडियर मोहम्मद शाहिद अहमद, जापान के कर्नल उचीनो तोमोफुमी, ब्रिगेडियर कुंवर मान विजय सिंह राणा, सु सुप्रिया घाघ, ब्रिगेडियर शिशिर थमैय्या, बांग्लादेश के ब्रिगेडियर जनरल फिरदौस आरिफ अहमद, ब्रिगेडियर केतन अरुण मोहिते, ब्रिगेडियर अनिरुद्ध चौहान, एयर कमोडोर अजय कुमार चौधरी, एयर कमोडोर मूलनाथ गिरीश, डॉ. राजेश कुमार अस्थाना, भूटान के कर्नल समतेन चेनोर, ग्रीस के कर्नल कॉन्सटेंटिनॉस नीरस शामिल है।

उल्लेखनीय है कि नेशनल डिफेंस कॉलेज द्वारा प्रतिवर्ष एक साल का कोर्स आयोजित किया जाता है। इस वर्ष 66वाँ प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया है, जिसमें 120 सैन्य तथा गैर सैन्य अधिकारियों का दल प्रशिक्षण प्राप्त कर रहा है। प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत 15 अधिकारियों का दल आर्थिक सुरक्षा और रणनीति विषय पर अध्ययन के लिए छत्तीसगढ़ पहुँचा, जिसमें 05 विदेशी सैन्य अधिकारी भी शामिल है। प्रशिक्षण में शामिल अधिकारियों ने बताया कि सबसे पहले उन्होंने नया रायपुर में शहर की व्यवस्था और प्लान, कृषि और वन विभाग के अधिकारियों के साथ चर्चा, कांकेर के जंगल वारफेयर कॉलेज और कृषि विज्ञान केंद्र का अवलोकन किया। इसके साथ ही बस्तर में सुरक्षा संबंधी विषयों से जुड़ी विशेष चर्चा, सुरक्षाबलों के साहसिक कार्य, पर्यटन स्थल, विभिन्न शासकीय आयोजनों में बस्तर की कला-संस्कृति, चित्रकोट जलप्रपात, कोंडागांव में शिल्पग्राम का भ्रमण किया। अगले दिन उन्होंने भिलाई स्टील प्लांट और भिलाई के पुलिस थाना का भ्रमण कर कानून व्यवस्था के बारे में जानकारी प्राप्त की।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 19.51 करोड़ के 6 विकास कार्यों का किया भूमिपूजन

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 19.51 करोड़ के 6 विकास कार्यों का किया भूमिपूजन
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज जशपुरनगर में पुलिस लाइन हेलीपैड के समीप कुल 19 करोड़ 51 लाख 78 हजार रुपए की लागत से 6 महत्वपूर्ण विकास कार्यों का भूमिपूजन कर क्षेत्र को विकास की नई सौगात दी। इस अवसर पर उन्होंने शहरी एवं ग्रामीण बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने की दिशा में राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया।

मुख्यमंत्री साय ने नगर पालिका जशपुर के वार्ड क्रमांक 18 भागलपुर में 35.46 लाख रुपए की लागत से मुक्तिधाम निर्माण कार्य तथा वार्ड क्रमांक 16 में 6.76 करोड़ रुपए की लागत से आधुनिक ऑडिटोरियम निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया। इन परियोजनाओं से शहरवासियों को बेहतर सामाजिक, सांस्कृतिक एवं सार्वजनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

मुख्यमंत्री साय ने जशपुर जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन को सुगम एवं सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से चार प्रमुख सड़कों के निर्माण कार्यों का भी भूमिपूजन किया। इनमें 2.89 करोड़ रुपए लागत से चटकपुर-रेंगारबहार मार्ग, 3.01 करोड़ रुपए लागत से कुनकुरी-औंरीजोर-मतलूटोली-पटेल पारा मार्ग, 3.29 करोड़ रुपए लागत से रानीबंध-चिड़ाटांगर-उपरकछार मार्ग तथा 3.18 करोड़ रुपए लागत से धुरीअम्बा-कटुखोसा मार्ग का निर्माण शामिल है। इन सड़कों के निर्माण से ग्रामीण क्षेत्रों में कनेक्टिविटी बेहतर होगी और आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के समग्र और संतुलित विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि शहरी क्षेत्रों में आधुनिक सुविधाओं का विस्तार और ग्रामीण अंचलों में बुनियादी ढांचे को मजबूत करना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इन विकास कार्यों के पूर्ण होने से क्षेत्र के सामाजिक-आर्थिक विकास को नई दिशा और गति मिलेगी।

इस अवसर पर विधायक श्रीमती गोमती साय, छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह, नगर पालिका अध्यक्ष अरविंद भगत, जिला पंचायत उपाध्यक्ष शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, नगर पालिका उपाध्यक्ष यश प्रताप सिंह जूदेव सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

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