बजरंग बाण पाठ से दूर होगी जीवन की सारी परेशानियां

बजरंग बाण पाठ से दूर होगी जीवन की सारी परेशानियां
हिंदू धर्म में बजरंग बाण का पाठ (Bajrang Baan Path) अत्यंत प्रभावशाली और फलदायी माना गया है। यह पाठ भगवान हनुमान को समर्पित है, जो अपने संकटमोचक स्वरूप के लिए प्रसिद्ध हैं। मान्यता है कि सच्चे मन और श्रद्धा से बजरंग बाण का जाप करने पर हनुमान जी शीघ्र प्रसन्न होते हैं और भक्तों को बड़े से बड़े संकट से उबार लेते हैं।

जब जीवन में समस्याएं बढ़ जाएं, शत्रुओं का भय सताने लगे या नकारात्मक शक्तियां परेशान करने लगें, तब बजरंग बाण का पाठ विशेष लाभ देता है। यह स्तोत्र हनुमान जी की वीरता, शक्ति और रक्षक स्वरूप को जाग्रत करता है।

बजरंग बाण पाठ के प्रमुख लाभ (Bajrang Baan Path Benefits)

बजरंग बाण का नियमित पाठ करने से शत्रुओं का भय समाप्त होता है और विरोधी शांत हो जाते हैं।

शनि की साढ़ेसाती, ढैय्या और राहु-केतु के अशुभ प्रभावों को कम करने में यह पाठ सहायक माना जाता है।

घर और मन से नकारात्मक ऊर्जा, बुरी नजर और तंत्र-मंत्र जैसी बाधाओं का नाश होता है।

जो लोग आत्मविश्वास की कमी या भय से ग्रसित रहते हैं, उन्हें बजरंग बाण का पाठ मानसिक शक्ति और साहस प्रदान करता है।

इस पाठ के प्रभाव से शारीरिक कष्ट, रोग और मानसिक तनाव में भी कमी आती है।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, बजरंग बाण का पाठ करते समय शुद्धता, संयम और श्रद्धा का विशेष ध्यान रखना चाहिए। यदि इसे मंगलवार या शनिवार के दिन विधि-विधान से किया जाए, तो इसका प्रभाव और भी अधिक शुभ माना जाता है।

केरल के पलक्कड़ में छत्तीसगढ़ के प्रवासी मजदूर की हत्या पर मुख्यमंत्री साय ने जताया गहरा शोक

केरल के पलक्कड़ में छत्तीसगढ़ के प्रवासी मजदूर की हत्या पर मुख्यमंत्री साय ने जताया गहरा शोक
केरल के पलक्कड़ जिले में छत्तीसगढ़ के प्रवासी मजदूर रामनारायण बघेल, निवासी ग्राम करही, तहसील हसौद, जिला सक्ती, के साथ हुई दुर्भाग्यपूर्ण और अमानवीय घटना पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने गहरा शोक और संवेदना व्यक्त की है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि किसी भी निर्दोष नागरिक के साथ इस प्रकार की हिंसा सभ्य समाज के मूल्यों के विपरीत है और मानवता को शर्मसार करने वाली है। उन्होंने इस घटना को अत्यंत पीड़ादायक बताते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार पीड़ित परिवार के साथ पूरी संवेदनशीलता के साथ मजबूती से खड़ी है।

मुख्यमंत्री साय ने पीड़ित परिवार को ₹5 लाख की आर्थिक सहायता राशि देने की घोषणा की है। साथ ही मृतक के परिजनों को तत्काल केरल भेजने की व्यवस्था की गई है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर रामनारायण बघेल का पार्थिव शरीर सम्मानपूर्वक उनके गृह ग्राम लाने के लिए सभी आवश्यक प्रबंध किए गए हैं। पार्थिव शरीर कल हवाई जहाज़ से छत्तीसगढ़ लाया जाएगा।

मुख्यमंत्री साय ने केरल सरकार से अनुरोध किया है कि इस जघन्य अपराध में शामिल सभी दोषियों के विरुद्ध कठोरतम कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की अमानवीय घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार अपने नागरिकों की सुरक्षा, सम्मान और न्याय के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है और इस कठिन समय में पीड़ित परिवार को हर संभव सहयोग प्रदान किया जाएगा।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जे पी नड्डा का किया आत्मीय स्वागत

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जे पी नड्डा का किया आत्मीय स्वागत
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने स्वामी विवेकानंद विमानतल पर केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जे पी नड्डा का आत्मीय स्वागत किया।

सक्षम आंगनवाड़ी एवं पोषण 2.0 अंतर्गत योजनाओं एवं कार्यक्रमों के लिए 5 वर्षों की निरंतरता की स्वीकृति -मुख्यमंत्री डॉ. यादव

सक्षम आंगनवाड़ी एवं पोषण 2.0 अंतर्गत योजनाओं एवं कार्यक्रमों के लिए 5 वर्षों की निरंतरता की स्वीकृति -मुख्यमंत्री डॉ. यादव
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक सोमवार को मंत्रालय में सम्पन्न हुई। मंत्रि-परिषद द्वारा बड़वाह-धामनोद 4-लेन मार्ग मय पेव्हड शोल्डर (लंबाई 62.795 किमी) के साथ हाइब्रिड एज्युटी मॉडल के अंतर्गत भू-अर्जन सहित उन्नयन एवं निर्माण के लिए 2,508 करोड़ 21 लाख रूपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई। परियोजना अंतर्गत 10 बायपास, 5 वृहद पुल, 23 मध्यम पुल, 12 VUP/SVUP, 7 वृहद जंक्शन एवं 56 मध्यम जंक्शन का निर्माण किया जायेगा।

निर्माण की लागत का 40 प्रतिशत हाइब्रिड एन्यूटी मॉडल (एचएएम) के अंतर्गत मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम द्वारा राज्य राजमार्ग निधि से जीएसटी सहित वहन किया जाएगा। शेष 60 प्रतिशत राशि का प्रावधान संचालन अवधि में 15 वर्षों तक 6 माही एन्युटी के रूप में राज्य बजट के माध्यम से किया जाएगा।

सक्षम आंगनवाड़ी एवं पोषण 2.0 अंतर्गत योजनाओं एवं कार्यक्रमो को आगामी 5 वर्षों की निरंतरता की स्वीकृति
मंत्रि-परिषद् द्वारा सक्षम आंगनवाड़ी एवं पोषण 2.0 अंतर्गत योजनाओं एवं कार्यक्रमो को भारत सरकार द्वारा स्वीकृत मापदण्ड के अनुक्रम में 16वां वित्त आयोग निर्धारित अवधि वर्ष 2026-27 से 2030-31 में आगामी 05 वर्षों की निरंतरता की स्वीकृति प्रदान की गयी है।

इस योजना में आंगनवाड़ी सेवा योजना (पूरक पोषण आहार कार्यक्रम, शाला पूर्व शिक्षा, आंगनवाड़ी भवन निर्माण सक्षम आंगनवाड़ी सहित), पोषण अभियान, किशोरी बालिकाओं के लिए योजना, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का प्रशिक्षण आदि सम्मिलित है। यह योजना प्रदेश के सभी 55 जिलों की 453 बाल विकास परियोजनाओं अंतर्गत 97 हजार 882 आंगनवाड़ी केंद्र के माध्यम से संचालित की जाती है।

मध्यप्रदेश धर्मशास्त्र राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय जबलपुर के द्वितीय चरण के भवन निर्माण के लिए 197 करोड़ 13 लाख रूपये की स्वीकृति
मंत्रि-परिषद् द्वारा मध्यप्रदेश धर्मशास्त्र राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय जबलपुर के द्वितीय चरण के भवन निर्माण के लिए 197 करोड़ 13 लाख रूपये की स्वीकृति प्रदान की गई है। द्वतीय चरण के अंतर्गत एडमिनिस्ट्रेशन ब्लॉक, एकेडमिक ब्लॉक, कुलगुरु और कुल सचिव आवास तथा 12 मल्टीस्टोरी स्टाफ क्वार्टर्स, कैंपस बाउंड्रीवाल आदि का निर्माण किया जाएगा। इस विधि विश्वविद्यालय में BA LLB (Hons), LLB(Hons) एवं PhD पाठ्यक्रम में 1,272 सीट्स स्वीकृत हैं और वर्तमान में 720 विद्यार्थी अध्यनरत हैं।

तहसील स्तर पर स्वचालित मौसम केन्द्र एवं ग्राम पंचायत स्तर पर स्वचालित रेनगेज स्थापित के लिए 434 करोड़ 58 लाख रुपये की स्वीकृति
मंत्रि-परिषद् द्वारा प्रदेश में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के WINDS (वेदर इंर्फोमेशन नेटवर्क एंड डाटा सिस्टम) कार्यक्रम के क्रियान्वयन की स्वीकृति प्रदान की गयी है। स्वीकृति अनुसार प्रत्येक तहसील स्तर पर स्वचालित वेदर स्टेशन और ग्राम पंचायत स्तर पर स्वचालित रेनगेज स्थापित किए जायेंगे। मंत्रि-परिषद् ने इसके लिए 434 करोड़ 58 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की गयी है।

WINDS कार्यक्रम के संचालन से मौसम आधारित आंकडे उपलब्ध होंगे, जिससे प्रदेश के कृषकों के हित में फसल बीमा योजना का क्रियान्वयन तेज गति से किया जा सकेगा। मौसम के उच्च गुणवत्ता आंकड़े एकल डिजिटल प्लेटफार्म पर भारत सरकार को उपलब्ध कराए जाएँगे। पाँच वर्षों की योजना पर अनुमानित व्यय 434 करोड़ 58 लाख रुपये संभावित है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कुनकुरी नगर को दी 107 करोड़ 32 लाख रुपये की ऐतिहासिक विकास सौगात

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कुनकुरी नगर को दी 107 करोड़ 32 लाख रुपये की ऐतिहासिक विकास सौगात
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश में सुशासन के दो वर्षों के दौरान विकास की नई गति देखने को मिल रही है। इसी क्रम में जशपुर जिले के कुनकुरी नगर पंचायत क्षेत्र को 107 करोड़ 32 लाख रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं की स्वीकृति देकर मुख्यमंत्री ने नगर को ऐतिहासिक सौगात दी है। इन योजनाओं से कुनकुरी नगर की आधारभूत संरचना, स्वास्थ्य, शिक्षा, खेल, पर्यटन, यातायात और नागरिक सुविधाओं में व्यापक और दीर्घकालिक सुधार होगा।

कुनकुरी नगर में युवाओं को आधुनिक खेल सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 63 करोड़ 84 लाख रुपये की लागत से इंटीग्रेटेड स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के निर्माण को मंजूरी दी गई है। यह कॉम्प्लेक्स क्षेत्रीय युवाओं की खेल प्रतिभा को निखारने में मील का पत्थर साबित होगा।
मुख्यमंत्री साय ने नगर पंचायत क्षेत्र में 53 विकास कार्यों के लिए 5 करोड़ रुपये की स्वीकृति देकर जनता से किए गए अपने वादे को पूरा किया है। इन कार्यों से नगर के विभिन्न वार्डों और मोहल्लों में बुनियादी सुविधाएं सुदृढ़ होंगी और नागरिक सेवाओं की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार आएगा।

स्वास्थ्य के क्षेत्र में कुनकुरी को बड़ी सौगात देते हुए 2 करोड़ 62 लाख रुपये की लागत से नेचुरोपैथी भवन निर्माण को मंजूरी दी गई है। इससे प्राकृतिक चिकित्सा, आयुर्वेद और योग को बढ़ावा मिलेगा तथा नागरिकों को बेहतर वैकल्पिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध होंगी।

पर्यटन और धार्मिक आस्था को सशक्त करने के लिए छठ घाट के समग्र विकास हेतु 5 करोड़ 17 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। घाट के सौंदर्यीकरण और विकास से स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और आर्थिक गतिविधियों मंक वृद्धि होगी।
कुनकुरी नगर में सांस्कृतिक एवं सामाजिक गतिविधियों के लिए 6 करोड़ 67 लाख रुपये की लागत से आधुनिक बहुउद्देशीय ऑडिटोरियम भवन का निर्माण किया जाएगा, जिससे कला, संस्कृति और सामाजिक आयोजनों को नया मंच मिलेगा। शिक्षा के क्षेत्र में मजबूती लाने के उद्देश्य से नालंदा परिसर के 250 सीटर विस्तार के लिए 4 करोड़ 37 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई है, जिससे विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण प्राप्त होगा।

नगर के यातायात को सुव्यवस्थित और सुविधाजनक बनाने के लिए 7 करोड़ 26 लाख रुपये की लागत से हाई-टेक बस स्टैंड के निर्माण को मंजूरी मिली है, जिससे यात्रियों को आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी और यातायात व्यवस्था सुदृढ़ होगी। इसके साथ ही नगर में बच्चों के मनोरंजन और सुरक्षित खेल के लिए 1 करोड़ 2 लाख रुपये की लागत से रिक्रिएशन चिल्ड्रन पार्क का निर्माण किया जाएगा। वहीं 6 करोड़ रुपये की राशि से वार्ड क्रमांक 1 से 15 तक एलईडी स्ट्रीट लाइट एवं अन्य विकास कार्य किए जाएंगे, जिससे नगर में बेहतर प्रकाश व्यवस्था और सुरक्षा सुनिश्चित होगी।

इन सभी योजनाओं के माध्यम से कुनकुरी नगर तेजी से स्मार्ट सुविधाओं, बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं, सशक्त शिक्षा, आधुनिक यातायात और समृद्ध सांस्कृतिक गतिविधियों से युक्त एक आदर्श नगर के रूप में उभर रहा है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के सुशासन में कुनकुरी नगर विकास, विश्वास और भविष्य की नई मिसाल बनता जा रहा है। नगरवासियों ने इन ऐतिहासिक विकास कार्यों के लिए मुख्यमंत्री साय के प्रति आभार व्यक्त किया है।

‘जो कहा, वह किया, और जो नहीं कहा, वह भी करके दिखाया’: केंद्रीय मंत्री जगत प्रकाश नड्डा

‘जो कहा, वह किया, और जो नहीं कहा, वह भी करके दिखाया’: केंद्रीय मंत्री जगत प्रकाश नड्डा
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार के सफल दो वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में जांजगीर-चांपा जिले के खोखराभाठा पुलिस लाइन मैदान में आयोजित जनादेश परब में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने मंच से प्रदेश की उपलब्धियों, जनकल्याण और भविष्य की दिशा पर स्पष्ट संदेश दिया। वंदे मातरम और राज्यगीत के साथ आरंभ हुए कार्यक्रम में जनविश्वास, गौरव और निर्माण के संकल्प को दोहराया गया।

केंद्रीय मंत्री नड्डा ने कहा कि “जो कहा था, वह किया – और जो नहीं कहा था, वह भी करके दिखाया।” उन्होंने दो वर्षों के रिपोर्ट-कार्ड को रेखांकित करते हुए बताया कि सरकार ने किसानों, महिलाओं, युवाओं और श्रमिकों के हित में संवेदनशील और परिणामकारी निर्णय लिए हैं, जिनका असर जमीनी स्तर पर दिख रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार बनने के पहले महीने में किसानों को 3700 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान और बीते दो वर्षों में 1.25 लाख करोड़ रुपये का प्रत्यक्ष अंतरण अन्नदाताओं के सम्मान का प्रमाण है। भूमिहीन कृषि मजदूरों के लिए 5 लाख से अधिक हितग्राहियों को 10-10 हजार रुपये की सहायता दी गई, जिससे उनकी सामाजिक-आर्थिक सुरक्षा मजबूत हुई।

केंद्रीय मंत्री नड्डा ने कहा कि युवाओं के लिए पारदर्शी भर्ती तंत्र, 32 हजार पदों पर भर्ती की प्रक्रिया, लोक सेवा आयोग में पारदर्शिता, नालंदा लाइब्रेरी की स्थापना और आईटीआई के आधुनिकीकरण जैसे कदमों को उन्होंने “भविष्य-निर्माण की नींव” बताया। महिलाओं के स्वावलंबन हेतु महतारी वंदन योजना और महतारी सदन, पीएम जनमन के तहत 70 लाख परिवारों को लाभ तथा धरती आबा जनजाति ग्राम उत्कर्ष योजना के माध्यम से आदिवासी समाज के सशक्तिकरण को उन्होंने सरकार की संवेदनशीलता का उदाहरण बताया। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ का रेलवे बजट 22 गुना बढ़ा है, 32 अमृत स्टेशन वर्ल्ड-क्लास मानकों पर विकसित हो रहे हैं और आयुष्मान भारत, उज्ज्वला, जल जीवन मिशन, पीएम-किसान जैसी योजनाओं का व्यापक लाभ आमजन तक पहुंचा है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रदेशवासियों को छत्तीसगढ़ की वर्तमान सरकार के दो वर्ष पूर्ण होने पर बधाई देते हुए कहा कि सरकार आम जनता के विश्वास पर खरा उतरने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। प्रधानमंत्री आवास, महतारी वंदन, भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना, चरण पादुका सहित अनेक योजनाओं से विकास को गति मिली है। मुख्यमंत्री साय ने स्पष्ट किया कि नक्सलवाद की कमर तोड़ने और नक्सल-मुक्त छत्तीसगढ़ के लक्ष्य की दिशा में ठोस प्रगति हुई है। सुरक्षा, पुनर्वास और विकास – तीनों मोर्चों पर समन्वित रणनीति से शांति और समृद्धि का मार्ग प्रशस्त हुआ है। उन्होंने कहा कि विजन डॉक्यूमेंट 2047 के माध्यम से संसाधन-समृद्ध छत्तीसगढ़ को सशक्त, आत्मनिर्भर और विकसित राज्य बनाने का रोडमैप तय किया गया है, ताकि आने वाली पीढ़ियों को अवसरों का राज्य मिल सके।

उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि जांजगीर-चांपा में जनादेश परब का आयोजन जिले के लिए ऐतिहासिक क्षण है। छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की गारंटियों को एक-एक कर पूरा किया जा रहा है। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि सरकार बनने के बाद 18 लाख आवास स्वीकृत किए गए हैं और विकास के सभी कार्यों को तेज़ी से आगे बढ़ाया जा रहा है, जिससे आमजन को प्रत्यक्ष लाभ मिल रहा है।

वित्त मंत्री और जिले के प्रभारी मंत्री ओ.पी. चौधरी ने स्वागत उद्बोधन में कहा कि सरकार ने लोकतंत्र, जनविश्वास और सुशासन को सुदृढ़ किया है। विजन डॉक्यूमेंट के माध्यम से छत्तीसगढ़ विकास के नए मानक गढ़ रहा है। जगदलपुर विधायक किरण सिंह देव ने सरकार के दो वर्ष पूर्ण होने पर जनता को बधाई देते हुए कहा कि इस अवधि में विकास के नए आयाम स्थापित हुए हैं और योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचा है।

कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री जे पी नड्डा ने छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में 2 वर्षों के कार्यकाल की उपलब्धियों के रिपोर्ट-कार्ड और “सेवा के 2 साल” पुस्तक का विमोचन किया, जिसमें सरकार की दो वर्ष की उपलब्धियों को प्रस्तुत किया गया है। कार्यक्रम के दौरान जांजगीर-चांपा की विशिष्ट पहचान को रेखांकित करते हुए कोसा और कांसा भेंटकर अतिथियों का पारंपरिक स्वागत-अभिनंदन किया गया।कार्यक्रम में बीते दो वर्षों की उपलब्धियों पर आधारित वीडियो का प्रदर्शन हुआ।

केंद्रीय मंत्री जे पी नड्डा और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने विभिन्न विभागों की विकासमूलक प्रदर्शनी का अवलोकन किया। कृषि, उद्यानिकी, मत्स्य, शिक्षा, महिला-बाल विकास, जल संसाधन, ऊर्जा, सहकारिता सहित कई स्टॉलों पर योजनाओं की जानकारी ली गई। मुख्यमंत्री साय ने हितग्राहियों से सीधे संवाद कर योजनाओं से जीवन में आए सकारात्मक बदलावों को सुना। कार्यक्रम में पीएम आवास योजनांतर्गत लाभार्थियों को चाबियां सौंपी गईं। इस अवसर पर जनप्रतिनिधियों ने अधिकारियों से योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुंचाने का आह्वान किया।

इस दौरान कृषि मंत्री राम विचार नेताम, कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, लोकसभा क्षेत्र जांजगीर-चांपा सांसद मती कमलेश जांगड़े ने जनादेश परब को संबोधित करते हुए विगत 02 वर्ष में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य निरंतर विकास होने की बात कही।

इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, मंत्रीगण दयालदास बघेल, केदार कश्यप, लखन लाल देवांगन, श्याम बिहारी जायसवाल, मती लक्ष्मी राजवाड़े, टंकराम वर्मा, गजेन्द्र यादव, गुरु खुशवंत साहेब, राजेश अग्रवाल अन्य सांसद-विधायकगण, जनप्रतिनिधिगण, अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

रिटायरमेंट फंड पर सरकार देगी पूरी टैक्स छूट या देना होगा जुर्माना

रिटायरमेंट फंड पर सरकार देगी पूरी टैक्स छूट या देना होगा जुर्माना
नेशनल पेंशन सिस्टम यानी एनपीएस के सब्सक्राइबर्स के लिए एक बड़ी खुशखबरी और एक बड़ी उलझन दोनों साथ-साथ आई हैं। पेंशन फंड नियामक और विकास प्राधिकरण (PFRDA) ने नियमों में बड़ा बदलाव करते हुए गैर-सरकारी कर्मचारियों को रिटायरमेंट के समय उनके कुल जमा कोष का 80 प्रतिशत हिस्सा एकमुश्त निकालने की अनुमति दे दी है। अब तक यह सीमा केवल 60 प्रतिशत थी।

नए बदलावों के तहत नॉन-गवर्नमेंट (प्राइवेट) सब्सक्राइबर्स के लिए पांच साल की लॉक-इन को खत्म कर दिया गया है। एकमुश्त निकासी की राशि भी बढ़ा दी गई है। पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (PFRDA) ने PFRDA (एक्जिट्स एंड विदड्रॉल्स अंडर द नेशनल पेंशन सिस्टम) अमेंडमेंट रेगुलेशंस 2025 को नोटिफाई कर दिया है।

इस नए नियम से लिक्विडिटी (नकद प्रवाह) तो बढ़ेगी, लेकिन पेंच आयकर पर फंसा है। मौजूदा इनकम टैक्स कानून केवल 60 प्रतिशत निकासी को ही टैक्स-फ्री मानता है। ऐसे में सवाल उठता है- क्या अतिरिक्त 20 प्रतिशत निकासी पर आपको टैक्स देना होगा? आइए इस विषय से जुड़े सवालों का असान भाषा में जवाब समझें।

क्या है 80:20 का नया नियम?
PFRDA के हालिया नोटिफिकेशन के अनुसार, एनपीएस से निकासी के नियमों को बेहद लचीला बना दिया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य लोगों को रिटायरमेंट के बाद अपने पैसे का उपयोग करने की अधिक आजादी देना है।

पुरानी व्यवस्था (60:40) क्या थी: पहले मैच्योरिटी पर आप अधिकतम 60% पैसा नकद निकाल सकते थे और शेष 40% से आपको अनिवार्य रूप से वार्षिकी (Annuity) प्लान खरीदना पड़ता था, जिससे आपको मासिक पेंशन मिलती थी।
नई व्यवस्था (80:20) क्या है: अब आप 80% पैसा नकद निकाल सकते हैं। अनिवार्य वार्षिकी की सीमा को घटाकर 20% कर दिया गया है।

उदाहरण: यदि आपका कुल फंड 1 करोड़ रुपये है:
पहले: 60 लाख हाथ में, 40 लाख की एन्युटी।
अब: 80 लाख हाथ में, केवल 20 लाख की एन्युटी।

बड़ा सवाल: क्या पूरा 80% पैसा टैक्स-फ्री है?
यहीं पर पेंच है। बलवंत जैन (वरिष्ठ कर एवं निवेश विशेषज्ञ) और मनीष गाड़िया (टैक्स एक्सपर्ट) जैसे जानकारों का कहना है कि पीएफआरडीए (PFRDA) केवल पेंशन के नियम बदल सकता है, टैक्स के नहीं। टैक्स के नियम वित्त मंत्रालय और सीबीडीटी (CBDT) तय करते हैं। आयकर अधिनियम की धारा 10(12A) के तहत, एनपीएस से निकासी पर केवल 60% राशि ही कर-मुक्त (Tax Exempt) है।

विराट-रोहित समेत विजय हजारे ट्रॉफी में दिखेंगे ये सितारे

विराट-रोहित समेत विजय हजारे ट्रॉफी में दिखेंगे ये सितारे
विजय हजारे ट्रॉफी 2025-2026 संस्करण 24 दिसंबर से शुरू होने जा रहा है. पहले दिन विराट कोहली, रोहित शर्मा, ऋषभ पंत एक्शन में होंगे. पहले दिन कुल 19 मुकाबले खेले जाएंगे. सभी टीमों का स्क्वाड आ गया है, जानिए इस टूर्नामेंट में कौन-कौन से बड़े खिलाड़ी खेलते हुए नजर आएंगे.

विजय हजारे ट्रॉफी में पहले ग्रुप चरण होगा. दिल्ली ग्रुप डी में है, मुंबई सी ग्रुप में है. ग्रुप ए, बी, सी और डी में 8-8 टीमें हैं. प्लेट ग्रुप में 6 टीमें हैं. कुल 38 टीमें टूर्नामेंट में शामिल हैं, जिनके बीच 135 मैच खेले जाएंगे. फॉर्मेट की बात करें तो पहले राउंड रॉबिन फिर नॉकआउट स्टेज होगा. इसका फाइनल 18 जनवरी को खेला जाएगा.

विराट कोहली और रोहित शर्मा खेलेंगे 2 मैच
विराट कोहली 15 साल बाद विजय हजारे ट्रॉफी में खेलते हुए नजर आएंगे, उन्होंने 2010 में आखिरी बार इस टूर्नामेंट में खेला था. रोहित शर्मा 7 साल बाद इस टूर्नामेंट में खेल रहे हैं. विराट कोहली अभ्यास शुरू कर चुके हैं, जबकि रोहित शर्मा जयपुर पहुंच गए हैं. मुंबई के मैच जयपुर में होंगे. रिपोर्ट के मुताबिक विराट कोहली और रोहित शर्मा अपनी अपनी टीमों के लिए शुरूआती 2 ही मैच खेलेंगे. दोनों न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज का हिस्सा होंगे, जो 11 जनवरी से शुरू होगी.

क्या शुभमन गिल खेलेंगे?
भारतीय टेस्ट और वनडे टीम के कप्तान शुभमन गिल को टी20 वर्ल्ड कप 2026 से बाहर रखा गया है, जिसका कारण उनकी फॉर्म है. इस बीच वह विजय हजारे ट्रॉफी के लिए पंजाब के स्क्वाड में शामिल किए गए हैं. अगर उनकी टीम अगले दौर में जाती है तो वह भी नहीं खेल पाएंगे, क्योंकि न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज 11 जनवरी से शुरू हो रही है.

ऋषभ पंत, प्रसिद्ध कृष्णा समेत ये स्टार खिलाड़ी भी खेलेंगे
अभिषेक शर्मा (पंजाब), अर्शदीप सिंह (पंजाब), एस भरत (आंध्र), नितीश कुमार रेड्डी (आंध्र), जितेश शर्मा (बड़ोदा), हार्दिक पांड्या (बड़ोदा), क्रुणाल पांड्या (बड़ोदा), आकाश दीप (बंगाल), मोहम्मद शमी (बंगाल), वैभव सूर्यवंशी (बिहार), सरफराज खान (मुंबई), शार्दुल ठाकुर (मुंबई), राहुल चाहर (राजस्थान), खलील अहमद (राजस्थान) आदि बड़े खिलाड़ी भी विजय हजारे ट्रॉफी 2025-26 में खेलेंगे.

सीमेंट-स्टील क्षेत्र ने भरी रफ्तार, नवंबर में 1.8% की बढ़त के साथ सुधरे हालात

सीमेंट-स्टील क्षेत्र ने भरी रफ्तार, नवंबर में 1.8% की बढ़त के साथ सुधरे हालात
भारत के आठ प्रमुख बुनियादी ढांचा यानी कोर सेक्टर उद्योगों ने नवंबर 2025 में वापसी के मजबूत संकेत दिए। सोमवार को जारी सरकारी आंकड़ों ने अर्थव्यवस्था को राहत दी है, जिनके मुताबिक नवंबर में कोर सेक्टर की वृद्धि दर 1.8% रही। यह आंकड़ा इसलिए अहम है क्योंकि ठीक एक महीने पहले, यानी अक्तूबर में इन सेक्टरों की ग्रोथ नकारात्मक (-0.1%) दर्ज की गई थी। हालांकि, पिछले साल नवंबर में यह आकड़ा 5.8% था।

सीमेंट और इस्पात क्षेत्र में रिकवरी से राहत
अर्थव्यवस्था के इस ‘यू-टर्न’ की कहानी मुख्य रूप से निर्माण और विनिर्माण क्षेत्रों के कंधों पर टिकी है। आंकड़ों का विश्लेषण करने पर साफ होता है कि इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े सेक्टरों ने ही बाजार को संभाला है। रिकवरी की सबसे बड़ी वजह सीमेंट उत्पादन में आया उछाल रहा, जिसने पिछले साल की तुलना में 14.5% की जबरदस्त वृद्धि दर्ज की। इसके साथ ही इस्पात क्षेत्र ने भी 6.1% की मजबूत बढ़त के साथ कंधे से कंधा मिलाकर साथ दिया। कृषि और बिजली क्षेत्र के लिए अच्छी खबर यह रही कि उर्वरक उत्पादन में 5.6% और कोयला उत्पादन में 2.1% का इजाफा देखने को मिला।

ऊर्जा क्षेत्र में कमजोरी
हालांकि, तस्वीर का दूसरा पहलू थोड़ा चिंताजनक है। जहां एक ओर निर्माण सामग्री में तेजी है, वहीं ऊर्जा से जुड़े प्रमुख क्षेत्र अभी भी संघर्ष कर रहे हैं। कच्चे तेल के उत्पादन में 3.2% और प्राकृतिक गैस में 2.5% की गिरावट ने यह संकेत दिया है कि सुधार अभी पूरी तरह से व्यापक नहीं है। इसके अलावा, बिजली उत्पादन में 2.2% और रिफाइनरी उत्पादों में 0.9% की मामूली कमी दर्ज की गई, जो औद्योगिक गतिविधियों की गति को लेकर सवाल खड़े करती है।

अप्रैल से नवंबर का हाल
अगर नजरिया थोड़ा व्यापक करें, तो मौजूदा वित्त वर्ष (2025-26) के पहले आठ महीनों (अप्रैल-नवंबर) में कोर सेक्टर का कुल उत्पादन पिछले साल के मुकाबले 2.4% बढ़ा है। लंबी अवधि के इन आंकड़ों में भी बाजी इस्पात (9.7% वृद्धि) और सीमेंट (8.2% वृद्धि) के हाथ ही लगी है। इसके विपरीत, इसी अवधि में कोयला (-1.4%), कच्चा तेल (-1.3%), प्राकृतिक गैस (-3.0%) और बिजली (-0.3%) लगातार दबाव में रहे हैं। चूंकि औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (IIP) में इन आठ कोर सेक्टरों की हिस्सेदारी 40.27% है, इसलिए नवंबर का यह सकारात्मक आंकड़ा आने वाले आईआईपी (IIP) डेटा के लिए शुभ संकेत माना जा सकता है।

पहाड़ों पर बर्फबारी से मैदानों में कंपकंपी, धुंध से सैकड़ों उड़ानें प्रभावित

पहाड़ों पर बर्फबारी से मैदानों में कंपकंपी, धुंध से सैकड़ों उड़ानें प्रभावित
पहाड़ों से लेकर मैदानों तक पूरा उत्तर भारत कड़ाके की सर्दी की चपेट में है। कश्मीर और लेह में रविवार को भारी बर्फबारी हुई। दिल्ली-एनसीआर समेत मैदानी इलाकों में घने कोहरे व शीतलहर से तापमान में और गिरावट आई है। खराब मौसम और कोहरे का असर सड़कें, रेल और हवाई यातायात पर भी पड़ा है। दिल्ली हवा का नगर तक 450 से ज्यात उड़ानें तक प्रभावित हुई हैं।

पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से उत्तर भारत के मौसम में अचानक तेज बदलाव आया है। दिल्ली-एनसीआर में भीषण ठंड के साथ घना कोहरा भी छाया रहा। जहरीली धुंध की वजह से रविवार को दिनभर धूप नहीं खिली। राजधानी दिल्ली में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 386 दर्ज किया गया है, जो बहुत खराब श्रेणी में है। इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर घने कोहरे के कारण दृश्यता कम होने से 110 उड़ानें रद्द हुईं व 450 उड़ानों में देरी हुई। नगर हवाईअड्डे से 11 उड़ानें रद्द हुईं, जबकि अयोध्या में भी दो उड़ानों को रद्द करना पड़ा। कोहरे के चलते दिल्ली आने वाली 70 से ज्यादा ट्रेनें भी तय समय से दो से चार घंटों की देरी से पहुंचीं। इनमें राजधानी, शताब्दी, वंदे भारत और तेजस जैसी प्रमुख ट्रेनें भी शामिल थीं।

यूपी में बुलंदशहर सबसे ठंडा
मौसम विभाग ने यूपी में भीषण ठंड को देखते हुए रेड अलर्ट जारी किया है। अगले एक हफ्ते तक. घने कोहरे व’ शीतलहर को चेतावनी दी गई है। प्रदेश में रविवार को बुलंदशहर सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान 7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हरियाणा में नारनौल का न्यूनतम तापमान सबसे कम 5.2 डिग्री रहा।

कश्मीर में चिल्ले कलां शुरू
कश्मीर घाटी में चिल्ले कलां की शुरुआत हो गई है। यह सर्दी का 40 दिन का सबसे कठोर दौर होता है। गुलमर्ग में छह इंच बर्फबारी व निचले इलाकों में बारिश हुई। हिमाचल के रोहतांग, शिंकुला दर्रा में भी बर्फबारी हुई।

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