600 करोड़ क्लब की तरफ दौड़ी ‘धुरंधर’

600 करोड़ क्लब की तरफ दौड़ी ‘धुरंधर’
फिल्म ‘धुरंधर’ बॉक्स ऑफिस पर धुरंधर साबित हो रही है। ओपनिंग डे से लेकर कल रविवार तक की कमाई इसकी शानदार रही है। इस पर न तो साथ रिलीज होने वाली फिल्मों का असर पड़ा और न ही बाद में रिलीज होने वाली फिल्में कुछ बिगाड़ पाईं। आज सोमवार को इसने सिनेमाघरों में 18 दिन पूरे कर लिए हैं।

कल रविवार को किया शानदार प्रदर्शन
फिल्म ‘धुरंधर’ 05 दिसंबर को रिलीज हुई थी। ओपनिंग वीक में इसका टोटल कलेक्शन 207.25 करोड़ रुपये रहा। दिलचस्प बात यह है कि दूसरे वीक में इसकी कमाई और जोरदार रही। दूसरे वीक में ‘धुरंधर’ ने टोटल 253.25 करोड़ रुपये कमाए थे। तीसरे सप्ताह में प्रवेश करने के बावजूद इस पर झमाझम नोट बरस रहे हैं। वीकएंड पर इसने फिर जोर दिखाया। कल रविवार को इसने 38.5 करोड़ रुपये झटके।

तीसरे सोमवार का प्रदर्शन
वीकडे की शुरुआत होने पर इस फिल्म के कलेक्शन में गिरावट तो आई है, मगर फिर भी यह संतोषजनक है। खबर लिखे जाने तक सैकनिल्क पर प्राप्त आंकड़ों के मुताबिक यह तीसरे सोमवार को आज 18वें दिन 9.12 करोड़ रुपये कमा चुकी है। अंतिम आंकड़े आने तक इनमें और इजाफा होगा। फिल्म का टोटल नेट कलेक्शन 564.87 अब करोड़ रुपये हो चुका है।

उपराष्ट्रपति, राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री ने चार विद्वानों को ‘अटल अलंकरण’ से किया सम्मानित

उपराष्ट्रपति, राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री ने चार विद्वानों को ‘अटल अलंकरण’ से किया सम्मानित
उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने कहा है कि स्व. अटलजी केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि एक विचार और मिशन थे। उनके कर्म, आदर्श और सुशासन की दृष्टि आने वाली पीढ़ियों के लिए मार्गदर्शक प्रकाश हैं। वे रविवार को इंदौर में आयोजित भारत रत्न स्व. अटल बिहारी वाजपेयी जन्म शताब्दी समारोह को संबोधित कर रहे थे। समारोह में राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि स्व. अटल जी का जीवन ऐसे ग्रंथ की भाँति था, जिसका प्रत्येक पृष्ठ नैतिकता, उत्कृष्टता और राष्ट्रधर्म की राह दिखाता है। स्व. अटल जी केवल राजनेता नहीं थे, बल्कि वे कवि, चिंतक, अद्भुत नेतृत्व गुणों से संपन्न, विनम्र, संवेदनशील और स्वाभिमानी राष्ट्रभक्त थे।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने संबोधन में कहा कि स्व. अटलजी का जीवन विचारों की दृढ़ता, राष्ट्रधर्म और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति अटूट समर्पण का अनुपम उदाहरण है। उनका व्यक्तित्व ऐसा था जिसने हर काल और हर युग में भारतीय राजनीति को दिशा दी। उनकी राजनीतिक यात्रा भारतीय लोकतंत्र की प्रेरक गाथा है।

देश के पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी की 100वीं जन्म जयंती वर्ष के अवसर पर इंदौर में ‘शून्य से शतक’ कार्यक्रम का गरिमामय रूप से आयोजन किया गया। इस गरिमामय समारोह में देश के उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन, राज्यपाल मंगुभाई पटेल तथा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने चार प्रतिष्ठित विद्वानों को ‘अटल अलंकरण’ से अलंकृत किया।

उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने कहा कि मां अहिल्या की पावन धरती पर आकर उन्हें विशेष प्रसन्नता है। उन्होंने अटल फाउंडेशन के मंच से स्व. अटल जी के जीवन, व्यक्तित्व और राष्ट्र निर्माण में योगदान को स्मरण किया। उन्होंने कहा कि स्व. अटल जी संवाद, समावेशी विकास और मानवीय सुशासन में विश्वास रखते थे। सांसद, कवि और प्रधानमंत्री—हर भूमिका में उन्होंने सार्वजनिक विमर्श को गरिमा दी और सिद्ध किया कि राजनीति सिद्धांतनिष्ठ और करुणामय हो सकती है। उन्होंने अटल सरकार की प्रमुख उपलब्धियों प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, स्वर्णिम चतुर्भुज परियोजना, दिल्ली मेट्रो, नए राज्यों का गठन (झारखंड, छत्तीसगढ़, उत्तराखंड) तथा पोखरण परमाणु परीक्षण का उल्लेख करते हुए कहा कि इन पहलों ने आधुनिक भारत की नींव मजबूत की। उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने कहा कि स्व. अटल जी की विरासत को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आगे बढ़ा रहे हैं और देश को विकसित भारत–2047 के लक्ष्य की ओर दृढ़ता से अग्रसर कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्व. अटल जी भले हमारे बीच शारीरिक रूप से न हों, लेकिन उनके आदर्श सदैव हमारे हृदयों में जीवित रहेंगे और राष्ट्र को दिशा देते रहेंगे।

छत्तीसगढ़ी सिनेमा हमारी लोकसंस्कृति और अस्मिता का जीवंत दस्तावेज – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

छत्तीसगढ़ी सिनेमा हमारी लोकसंस्कृति और अस्मिता का जीवंत दस्तावेज – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर के साइंस कॉलेज परिसर स्थित पं. दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम द्वारा आयोजित “छत्तीसगढ़ रजत जयंती के अवसर पर छत्तीसगढ़ी फिल्मों का सफर” कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ी सिनेमा की विकास यात्रा, उपलब्धियों और उज्ज्वल भविष्य पर विस्तार से अपने विचार साझा किए।

मुख्यमंत्री साय ने अपने संबोधन में छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम के गठन में पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के योगदान का स्मरण करते हुए कहा कि छालीवुड की सशक्त नींव रखने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उन्होंने निगम के प्रथम अध्यक्ष स्वर्गीय राजेश अवस्थी का पुण्य स्मरण करते हुए कहा कि उनका असामयिक निधन न केवल छत्तीसगढ़ी सिनेमा, बल्कि पूरे प्रदेश के लिए अपूरणीय क्षति है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ी सिनेमा आज एक नए दौर में प्रवेश कर चुका है। उन्होंने निगम की वर्तमान अध्यक्ष सु मोना सेन को एक अनुभवी, कर्मठ और समर्पित कलाकार बताते हुए विश्वास जताया कि उनके नेतृत्व में छालीवुड का चहुंमुखी विकास सुनिश्चित होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले समय में छत्तीसगढ़ी फिल्में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश की संस्कृति, कला और पहचान को और अधिक सशक्त रूप में स्थापित करेंगी।

मुख्यमंत्री साय ने छत्तीसगढ़ में फिल्म निर्माण की ऐतिहासिक यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 1957 से प्रदेश में फिल्मों के निर्माण का सिलसिला प्रारंभ हुआ। उन्होंने भूलन कांदा उपन्यास पर आधारित फिल्म “भूलन द मेज” को प्राप्त राष्ट्रीय पुरस्कार को पूरे प्रदेश के लिए गौरव का विषय बताया।मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ी सिनेमा की जड़ें लोक संस्कृति, लोककथाओं और सामाजिक सरोकारों से गहराई से जुड़ी हैं, जो इसे विशिष्ट पहचान प्रदान करती हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ी सिनेमा हमारी लोकसंस्कृति और अस्मिता का जीवंत दस्तावेज है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार छत्तीसगढ़ी फिल्मों के विकास को लेकर पूरी गंभीरता और प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। इसी क्रम में चित्रोत्पला फिल्म सिटी का निर्माण किया जा रहा है, जिसके लिए 150 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रदेश में छालीवुड का भविष्य स्वर्णिम है और फिल्म उद्योग को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए सरकार हर संभव सहयोग प्रदान करेगी।

मुख्यमंत्री साय ने छत्तीसगढ़ राज्य के रजत जयंती वर्ष की शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि यह ऐतिहासिक वर्ष प्रदेश के चहुंमुखी विकास की नई इबारत लिख रहा है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि यह कार्यक्रम छत्तीसगढ़ी फिल्म विकास की दिशा में एक मील का पत्थर सिद्ध होगा।

मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर छत्तीसगढ़ी सिनेमा में उल्लेखनीय योगदान देने वाले निर्माताओं और वरिष्ठ कलाकारों मोहन सुंदरानी, सतीश जैन, संतोष जैन, मनोज वर्मा, अनुज शर्मा और प्रेम चंद्राकर को सम्मानित भी किया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष सु मोना सेन ने मुख्यमंत्री साय का अभिनंदन करते हुए निगम के पुनर्गठन के लिए उनका आभार व्यक्त किया। उन्होंने छत्तीसगढ़ी फिल्म “मोर छइंहा भुइंया” के निर्माता सतीश जैन को धन्यवाद देते हुए कहा कि इस फिल्म ने छत्तीसगढ़ी सिनेमा को नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने छत्तीसगढ़ी फिल्म इंडस्ट्री के समग्र और सतत विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता भी दोहराई।

इस अवसर पर कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, विधायकगण सुनील सोनी, पुरंदर मिश्रा, अनुज शर्मा, छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष दीपक म्हस्के, छत्तीसगढ़ मछुआ कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष भरत मटियारा, छत्तीसगढ़ तेलघानी विकास बोर्ड के अध्यक्ष जितेंद्र साहू, संस्कृति विभाग के संचालक विवेक आचार्य सहित बड़ी संख्या में कलाकार, निर्माता एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

नए साल के पहले दिन महादेव को प्रसन्न करने के लिए करें ये उपाय

नए साल के पहले दिन महादेव को प्रसन्न करने के लिए करें ये उपाय
वैदिक पंचांग के अनुसार, गुरुवार 01 जनवरी को प्रदोष व्रत है। गुरुवार के दिन पड़ने के चलते यह गुरु प्रदोष व्रत कहलाएगा। यह पर्व देवों के देव महादेव को समर्पित होता है। इस शुभ अवसर पर देवों के देव महादेव और जगत की देवी मां पार्वती की भक्ति भाव से पूजा की जाती है। साथ ही मनचाही मुराद पाने के लिए व्रत रखा जाता है।

उपाय
अगर आप देवों के देव महादेव को प्रसन्न करना चाहते हैं, तो नए साल के पहले दिन यानी गुरु प्रदोष व्रत के दिन स्नान-ध्यान के बाद गंगाजल से भगवान शिव का अभिषेक करें। आप चाहे तो गंगाजल में काले तिल मिलाकर भी भगवान शिव का अभिषेक कर सकते हैं। इस उपाय को करने से मायावी ग्रह की कुदृष्टि से मुक्ति मिलती है।
अगर आप घर की आर्थिक विषमता दूर करना चाहते हैं, तो नए साल के पहले दिन तुलसी पौधा की पूजा अवश्य करें। स्नान-ध्यान के बाद गंगाजल में कनेर फूल मिलाकर तुलसी मां को अर्घ्य दें। इस उपाय को करने से जगत के पालनहार भगवान विष्णु प्रसन्न होते हैं। उनकी कृपा से जीवन में सुख और शांति का आगमन होता है।
अगर आप मानसिक तनाव से निजात पाना चाहते हैं, तो गुरु प्रदोष व्रत के दिन पूजा के समय गाय के कच्चे दूध से भगवान शिव का अभिषेक करें। इस उपाय को करने से कुंडली में चंद्रमा मजबूत होता है। चंद्र देव की कृपा से मानसिक तनाव की समस्या दूर होती है।
कुंडली में गुरु मजबूत करने के लिए नए साल के पहले दिन पूजा-पाठ के बाद पीले रंग की चीजों का दान करें। इस उपाय को करने से जातक पर बृहस्पति देव की कृपा बरसती है। उनकी कृपा से जॉब और कारोबार में मनमुताबिक सफलता मिलती है।
देवों के देव महादेव की कृपा पाने के लिए गुरु प्रदोष व्रत के दिन पूजा के समय महामृत्युंजय मंत्र का जप और शिव तांडव स्तोत्र का पाठ करें। शिव तांडव स्तोत्र का पाठ करने से भगवान शिव प्रसन्न होते हैं। अपनी कृपा साधकों पर बरसाते हैं।

अमेरिकी न्याय विभाग ने फिर जारी की राष्ट्रपति ट्रंप की तस्वीर

अमेरिकी न्याय विभाग ने फिर जारी की राष्ट्रपति ट्रंप की तस्वीर
अमेरिका के न्याय विभाग ने जेफरी एपस्टीन के हाल ही में जारी दस्तावेजों की एक तस्वीर फिर से जारी की है, जिसमें राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप नजर आ रहे हैं। विभाग ने कहा है कि इस तस्वीर में कोई भी एपस्टीन पीड़ित नहीं दिखाया गया है। न्याय विभाग ने दक्षिणी जिला न्यूयॉर्क की ओर से पीड़ितों की सुरक्षा के लिए उठाए गए कदम के बाद इस तस्वीर को अस्थायी रूप से हटा दिया था।

इसके पहले सीएनएन ने बताया था कि एपस्टीन दस्तावेजों से जुड़ी 16 फाइलें न्याय विभाग की वेबसाइट से हटा दी गई हैं। इनमें से एक हटाई गई फाइल में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तस्वीर थी। अन्य हटाई गई फाइल में ज्यादातर स्पष्ट चित्र, डाक पेटियों वाले खांचे (स्लॉट), टाइल से बना गलिया और नाम व अपार्टमेंट के नंबर वाली नोटबुक के पन्ने शामिल थे।

न्याय विभाग ने प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि वह पारदर्शिता के लिए प्रतिबद्ध है और केवल वैधानिक रूप से आवश्यक जानकारी को ही छिपाएगा। विभाग को कानून के तहत पीड़ितों, नाबालिगों या संभावित पीड़ितों की पहचान और संवेदनशील जानकारी को छिपाना होता है। विभाग ने यह भी कहा कि कोई भी जानकारी प्रसिद्ध लोगों या राजनीतिक रूप से संवेदनशील व्यक्तियों बचाने के लिए छिपाई नहीं गई है और भविष्य में भी नहीं छिपाई जाएगी।

न्याय विभाग को पीड़ितों और उनके वकीलों की ओर से कुछ जानकारी हटाने के अनुरोध प्राप्त हुए हैं। इस मामले में वह संबंधित सामग्री को समीक्षा के लिए अस्थायी रूप से हटा देता है और अगर वैधानिक रूप से आवश्यक हो तो उचित संशोधन के बाद फिर जारी करता है।

लिट चौक के रूबरू कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री

लिट चौक के रूबरू कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इंदौर में रविवार को गाँधी हाल में आयोजित मालवा के सांस्कृतिक कार्यक्रम लिट चौक टॉक शो में शामिल हुए। टॉक-शो में चर्चा का विषय था – “मोहन का धर्म : राजधर्म”। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वरिष्ठ पत्रकार और एंकर अनंत विजय द्वारा कला, साहित्य, विकास, फिल्म आदि के बारे में पूछे गये सवालों का सिलसिलेवार उत्तर दिया। इस दौरान उपस्थित युवा जन मुख्यमंत्री की हाजिर जवाबी और विषय विशेषज्ञता के कायल हो गये। ‘लिट चौक’ के आयोजक निखिल दुबे और सु धरा पाण्डे ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव का स्वागत किया।

एंकर अनंत विजय ने सबसे पहला सवाल किया कि आपकी नजर में कुटुम्ब प्रबोधन क्या है? इस प्रश्न का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि संयुक्त परिवार भारतीय संस्कृति की मूल आत्मा है। संयुक्त परिवार में अमरता होती है। उन्होंने अपने परिवार का उदाहरण प्रस्तुत करते हुए कहा कि संयुक्त परिवार में रहने से आपसी प्रेम, सहयोग और संस्कारों का विकास होता है। उन्होंने कहा कि प्रकृति के सभी जीव, पेड़-पौधे सभी संयुक्त परिवार ही हैं, जो एक-दूसरे के सहारे अपना जीवन यापन करते हैं। जिस प्रकार पेड़ हमसे कार्बन डाईऑक्साइड लेते हैं और हमें ऑक्सीजन देते हैं, उसी तरह प्रकृति में सभी एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। उन्होंने बताया कि संयुक्त परिवार में बड़ों से संस्कार, अनुभव और जीवन मूल्यों की सीख मिलती है। उन्होंने संयुक्त परिवार प्रणाली को समाज को जोड़ने वाली परंपरा बताते हुए इसे बनाए रखने का आह्वान किया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव और एंकर अनंत विजय के मध्य सवाल-जवाबों का सिलसिला लगातार चलता रहा। अनंत ने मुख्यमंत्री से अपने बेटे का विवाह सामूहिक सम्मेलन में करने, प्रदेश में सिनेमा नीति और रंगमंच को लेकर किये जा रहे कार्य, राजनीति में युवाओं की भूमिका, युवाओं में देशभक्ति की भावना, विकास में युवाओं से अपेक्षाएं जैसे कई विषयों पर सवाल किये। जिनके मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बेबाकी से जवाब दिये।

रोजगार मांगने वाले नहीं, देने वाले बनें युवा

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने युवाओं से आह्वान किया कि वे रोजगार मांगने वाले नहीं, देने वाले बनें। उन्होंने कहा कि युवा अपनी कर्मठता, क्षमता और बुद्धिमता के बल पर जिस क्षेत्र में भी आगे बढ़ना चाहते हैं, आगे बढ़े और प्रदेश के विकास में अपना योगदान दें। प्रदेश में औद्योगिक विकास युवाओं को नौकरी देने वाला युवा बनाने की दिशा में किया जा रहा है। प्रदेश सरकार हर कदम युवाओं के साथ है। उन्होंने कहा कि सरकार की नीति स्वरोजगार, उद्योग स्थापना के लिये सहयोगी हैं। शिक्षा वही जो भविष्य को संवारे, इसलिये नीति में कौशल ज्ञान को संवारने के सभी प्रबंध किये गये हैं, क्योंकि स्वाभिमान के साथ जीवन जीना सबका हक है।

राजनीति में युवाओं को आगे आने की जरूरत

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज युवाओं से पूछने पर हर कोई कहता है कि वह डॉक्टर, इंजीनियर, कलेक्टर बनना चाहता है, परंतु कोई यह नहीं कहता कि वह राजनीति में आना चाहता है। देश को आजादी दिलाने में सबसे अधिक युवाओं ने ही महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने नेताजी सुभाषचन्द्र बोस का उदाहरण देते हुए बताया कि वे पहले युवा थे जिन्होंने आईएएस की परीक्षा प्रावीण्य सूची में उत्तीर्ण की थी। इसके बाद भी उन्होंने देशसेवा को चुना। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि राजनीति में युवाओं को आना पड़ेगा, तभी देश के लोकतंत्र को मजबूत और सुरक्षित रखा जा सकता है।

कोई भी कार्य आनंद और निडरता से करें

एक सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने युवाओं से कहा कि जो भी काम करें, उसे पूरी ईमानदारी और तन्मयता से करें, उस कार्य में डूब जायें। किसी भी काम को आनंद लेकर किया जाये तो निश्चित ही सफलता मिलती है। उन्होंने भगवान कृष्ण का उदाहरण देते हुए बताया कि किस तरह कृष्ण ने निडरता और आनंद के साथ कालिया नाग को परास्त किया था।

मित्र के लिये जीवन भर रखना चाहिये समान भाव

इस दौरान उन्होंने भगवान कृष्ण और सुदामा के मित्रता का भी अद्भुत उदाहरण बताकर युवाओं को मित्रता के प्रति प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि मित्र के लिये जीवन भर सम्मान भाव रखना चाहिये। जीवन में उतार-चढ़ाव आते रहते हैं परंतु मित्र की हमेशा मदद करना चाहिये। उन्होंने कहा कि जिस तरह भगवान कृष्ण के लिये द्वारका, मथुरा का महत्व है, उसी तरह भगवान कृष्ण से संबंधित प्रदेश में स्थित समस्त स्थलों को कृष्ण पाथेय के नाम से तीर्थ स्थल के रूप में विकसित करने का कार्य प्रदेश सरकार द्वारा किया जा रहा है।

फिल्म निर्माताओं के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध

सिनेमा नीति पर पूछे गए सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि मध्यप्रदेश को फिल्म निर्माण का प्रमुख केंद्र बनाने के उद्देश्य से राज्य में सिनेमा नीति को प्रभावी रूप से लागू किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि सिनेमा नीति के तहत फिल्म निर्माताओं को एकल खिड़की प्रणाली के माध्यम से शूटिंग की अनुमतियाँ सरल और समयबद्ध रूप से प्रदान की जा रही हैं। शूटिंग स्थलों पर प्रशासनिक सहयोग, सुरक्षा व्यवस्था एवं आवश्यक सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिससे फिल्म निर्माण में किसी प्रकार की बाधा न आये। उन्होंने कहा कि सरकार फिल्म निर्माताओं के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने के लिए प्रतिबद्ध है और आने वाले समय में मध्यप्रदेश को देश के अग्रणी फिल्म निर्माण स्थलों में शामिल किया जाएगा।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी और सशक्त नेतृत्व में आज भारत ने वैश्विक स्तर पर उल्लेखनीय प्रगति की है। उन्होंने कहा कि देश की सुदृढ़ आर्थिक नीतियों, सतत सुधारों और समावेशी विकास के परिणामस्वरूप भारत आज विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में स्थापित हो गया है। इस उपलब्धि के साथ भारत ने जापान जैसे विकसित देश को भी पीछे छोड़ दिया है, जो प्रत्येक भारतीय के लिए गर्व का विषय है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सफलता प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश की बढ़ती वैश्विक प्रतिष्ठा, आत्मनिर्भर भारत के संकल्प और मजबूत शासन व्यवस्था का प्रत्यक्ष प्रमाण है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने युवाओं के आह्वान पर “यह देश है वीर जवानों का, अलबेलों का, मस्तानों का” गीत गाकर युवाओं को देशभक्ति के प्रति प्रेरित किया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधिगण और बड़ी संख्या में युवा मौजूद थे।

मुख्यमंत्री ने इंदौर में इंदौरी पोहा जलेबी का लिया लुत्फ

मुख्यमंत्री ने इंदौर में इंदौरी पोहा जलेबी का लिया लुत्फ
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का आज रविवार को इंदौर में आगमन हुआ। वे इंदौर में मप्र पिकलबॉल एसोसिएशन द्वारा आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने के पश्चात एयरपोर्ट के रास्ते में अचानक गाड़ी रुकवाई और कालानी नगर स्थित मौसा पराठा हॉउस में इंदौरी पोहा जलेबी और चाय का लुफ्त लिया। इस दौरान उन्होंने रेस्टोरेंट के वर्कर्स के साथ सहज अंदाज में फ़ोटो भी खिंचवाए और उनका अभिवादन भी स्वीकारा। साथ ही रेस्टोरेंट के संचालक से चर्चा भी की। इस दौरान जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, विधायक रमेश मेंदोला और सुमित मिश्रा और प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहें।

विकसित भारत–जी राम जी ग्रामीण श्रमिकों के सम्मान और अधिकारों की मजबूत गारंटी: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

विकसित भारत–जी राम जी ग्रामीण श्रमिकों के सम्मान और अधिकारों की मजबूत गारंटी: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि विकसित भारत–जी राम जी ग्रामीण गरीबों, श्रमिकों और मेहनतकश मजदूर वर्ग के जीवन में भरोसा, सम्मान और सुरक्षा सुनिश्चित करने की सशक्त व्यवस्था है। यह अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक समय पर काम, पूरा पारिश्रमिक और पारदर्शी व्यवस्था पहुँचाने के उद्देश्य से तैयार किया गया है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि विकसित भारत–जी राम जी के माध्यम से यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया गया है कि रोजगार प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की अनियमितता की गुंजाइश न्यूनतम हो और श्रमिकों को उनके अधिकारों से वंचित न किया जा सके। मजदूरी का भुगतान सीधे बैंक खातों में सुनिश्चित कर आर्थिक सुरक्षा को मजबूती दी गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित भारत–जी राम जी बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण, रियल-टाइम निगरानी, एआई-आधारित विश्लेषण और नागरिक सहभागिता जैसे आधुनिक प्रावधान गरीब और श्रमिक वर्ग के अधिकारों की प्रभावी सुरक्षा के लिए एक मजबूत और पारदर्शी ढांचा प्रदान करते हैं। इससे न केवल कार्य की गुणवत्ता में सुधार होगा, बल्कि जवाबदेही भी सुनिश्चित होगी।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह कानून प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के मंत्र को आत्मसात करता है। विकसित भारत 2047 की परिकल्पना के अनुरूप यह कानून ग्रामीण भारत को आत्मनिर्भर, सशक्त और सम्मानजनक आजीविका की दिशा में निर्णायक रूप से आगे बढ़ाने का प्रयास है।

उन्होंने कहा कि श्रमिकों का सम्मान, समय पर रोजगार और पारदर्शी व्यवस्था ही सशक्त राष्ट्र की नींव है, और विकसित भारत–जी राम जी कानून उसी नींव को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय विशाल आमसभा को करेंगे सम्बोधित

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय विशाल आमसभा को करेंगे सम्बोधित
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार के दो वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में 22 दिसम्बर को जांजगीर में जनादेश परब का आयोजन किया जा रहा है। जनादेश परब में जनता-जनार्दन के समक्ष छत्तीसगढ़ सरकार की दो वर्ष की उपलब्धियों तथा राज्य के एकीकृत विकास के लिए लिए गए फैसलों की जानकारी दी जाएगी। जनकल्याणकारी योजनाओं के पात्र हितग्राहियों को लाभान्वित भी किया जाएगा।

जनादेश परब के अवसर पर जांजगीर के पुलिस लाईन में आयोजित की जा रही विशाल आमसभा को केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जे. पी. नड्डा सम्बोधित करेंगे। इस अवसर पर कार्यक्रम के अध्यक्षता मुख्यमंत्री विष्णु देव साय करेंगे। इस मौके पर सुप्रसिद्ध लोक कलाकार एवं पद्म अनुज शर्मा तथा अन्य कलाकारों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी जाएगी। इसके अलावा कार्यक्रम स्थल पर पिछले दो वर्षों विभिन्न विभागों की उपलब्धियों पर आधारित विकास प्रदर्शनी का आयोजन भी किया जाएगा। प्रदर्शनी में छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत मंडल, कृषि विभाग, स्कूल शिक्षा, महिला एवं बाल विकास, जल संसाधन, मत्स्य पालन और सहकारिता विभाग सहित विभिन्न विभागों के स्टॉल लगाए जा रहे हैं।

कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, उप मुख्यमंत्री अरुण साव एवं उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा अति विशिष्ट अतिथि होंगे एवं कृषि मंत्री रामविचार नेताम, खाद्य मंत्री दयालदास बघेल, वन मंत्री केदार कश्यप, उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी, महिला एवं बाल विकास मंत्री मती लक्ष्मी राजवाड़े, राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव, अनुसूचित जाति विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल, लोकसभा सांसद मती कमलेश जांगड़े व विधायक ब्यास कश्यप विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल होंगे।

राज्य के समग्र विकास पर केंद्रित प्रदर्शनी
जनादेश परब में सरकार के दो वर्षों की निरंतर सेवा और निरंतर विकास की झलक विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए आकर्षक प्रदर्शनी में देखने को मिलेगी एवं प्रदर्शनी में पीएम सूर्यघर योजना तथा योजनाओं की जानकारी आमजन को दी जाएगी। इसी तरह किसान सम्मान निधि, हितग्राही मूलक योजनाओं एवं आधुनिक कृषि तकनीकों की जानकारी दी जाएगी, जिससे किसान सीधे लाभ और प्रक्रियाओं को समझ सकें। डिजिटल और नवाचारी शिक्षा, आईसीटी लैब, स्मार्ट क्लास और पीएम एवं विद्या जैसी योजनाओं के माध्यम से स्मार्ट स्कूल-सशक्त छात्र-उज्ज्वल भविष्य” की अवधारणा गुणवत्तापूर्ण और तकनीक आधारित शिक्षा की झलक देखने को मिलेगी।

इसके अलावा प्रदर्शनी में महिला सशक्तिकरण, महतारी वंदन, सुपोषण अभियान एवं बाल कल्याण योजनाओं, सिंचाई योजनाओं और जल प्रबंधन, मत्स्य उत्पादन, रोजगार और स्वरोजगार से जुड़ी योजनाओं, समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की संपूर्ण प्रक्रिया को समझाने हेतु एक मॉडल देखने को मिलेगा। साथ ही विभिन्न विभागों द्वारा भी स्टॉल लगाया जाएगा, जिसमें योजनाओं की जानकारी दी जाएगी।

पहले महिला टी20 में टीम इंडिया की बंपर जीत, लंका को 8 विकेट से धो डाला

पहले महिला टी20 में टीम इंडिया की बंपर जीत, लंका को 8 विकेट से धो डाला
पहले टी20 मैच में भारत ने लंका को 8 विकेट से रौंद डाला है. विशाखापट्टनम में खेले गए इस मैच में लंकाई टीम पहले खेलते हुए सिर्फ 121 रन ही बना पाई थी. इसके जवाब में टीम इंडिया ने 32 गेंद शेष रहते 8 विकेट से इस मैच को जीत लिया. इस मैच के दौरान स्मृति मंधाना ने एक ऐतिहासिक कारनामा कर दिखाया है. वहीं जेमिमा रोड्रीग्स 69 रन बानाकर नाबाद लौटीं.

लंकाई टीम के खराब प्रदर्शन की वजह उसकी खुद की गलतियां रहीं. लंका के 6 विकेट गिरे, जिनमें से तीन बल्लेबाज तो रन आउट हो गए. टीम इंडिया के बॉलर्स ने भी कसी हुई गेंदबाजी की. अमनजोत कौर को छोड़कर किसी भी भारतीय गेंदबाज ने 8 या उससे ज्यादा इकॉनमी रेट से रन नहीं लुटाए. नतीजन लंका पहले खेलते हुए सिर्फ 121 रन ही बना पाई.

जवाब में भारत का पहला विकेट महज 13 के स्कोर पर गिर गया था. स्मृति मंधाना ने 25 रन बनाए, जब मंधाना आउट हुईं, तब भारत ने 67 के स्कोर पर दूसरा विकेट गंवाया था. बाकी काम जेमिमा रोड्रीग्स ने पूरा कर दिया, जो 44 गेंद में 69 रनों की पारी खेल नाबाद लौटीं. वहीं कप्तान हरमनप्रीत कौर ने भी 15 रनों का योगदान दिया.

स्मृति मंधाना ने रचा इतिहास
स्मृति मंधाना अंतर्राष्ट्रीय महिला टी20 क्रिकेट में 4000 रन पूरे करने वाली पहली भारतीय और दुनिया की दूसरी बल्लेबाज बन गई हैं. मंधाना ने अपने टी20 करियर के 154वें मैच में यह कारनामा कर दिखाया है. महिला टी20 क्रिकेट में उनसे ज्यादा रन बनाने वाली क्रिकेटर सिर्फ सूजी बेट्स हैं, जिन्होंने अपने करियर में 4716 रन बनाए.

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