इक्विटी बाजार में नए निवेशकों की संख्या में आई गिरावट

इक्विटी बाजार में नए निवेशकों की संख्या में आई गिरावट
इक्विटी बाजार में नए निवेशकों के दाखिल होने की संख्या में गिरावट दर्ज की गई है। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) की हालिया रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार, नए निवेशकों की संख्या में 11 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। नवंबर में 13.2 लाख नए निवेशक बाजार में दाखिल हुए।

बाजार में निवेशक बढ़कर 12 करोड़ के पार
रिपोर्ट के अनुसार, स्टॉक बाजार में कुल निवेशकों की संख्या 12.3 करोड़ है। नवंबर से पहले लगातार दो महीनों में बाजार में निवेशकों की संख्या में ग्रोथ देखी गई थी। एनएसई की रिपोर्ट के अनुसार, साल 2025 में निवेशकों के स्टॉक बाजार में दाखिल होने में गिरावट रही है। इसकी वजह वैश्विक बाजार में उथल-पुथल को माना जा रहा है, जिसके चलते नए निवेशक बाजार में दाखिल होने से बचे।

फरवरी 20204 में स्टॉक मार्केट में 9 करोड़ निवेशक थे। इसके बाद अगस्त 2024 में ही ये 10 करोड़ और जनवरी 2025 तक 11 करोड़ हो गए। इस दौरान निवेशकों की संख्या में जबदस्त उछाल आया और करीब 5-6 महीने के अंतराल में एक-एक करोड़ निवेशक बाजार से जुड़े। 2025 में इसमें कमी आई और 11 करोड़ से 12 करोड़ निवेशक होने में करीब 9 माह का समय लगा।

एनएसई की रिपोर्ट के अनुसार, नवंबर 2025 तक उत्तर भारत के निवेशकों की संख्या बाजार में करीब 4.5 करोड़ है। इसके बाद पश्चिम भारत से 3.6 करोड़, दक्षिण भारत से 2.6 करोड़ और पूर्वी भारत से 1.5 करोड़ निवेशक बाजार में सक्रिय हैं। अच्छी बात ये है कि हर क्षेत्र से निवेशकों की संख्या में लगातार तेजी देखी जा रही है।

Toxic अब तक का सबसे बोल्ड लुक में नजर आई एक्ट्रेस

Toxic अब तक का सबसे बोल्ड लुक में नजर आई एक्ट्रेस
फिल्मी इंडस्ट्री में हमेशा से अपनी दमदार रोल और परफॉर्मेंस के लिए पहचानी जाने वाली कियारा आडवाणी एक बार फिर से बड़े पर्दे पर दस्तक देने वाली हैं। बता दें, ‘रॉकिंग स्टार’ यश की अपकमिंग फिल्म ‘टॉक्सिक: ए फेयरीटेल फॉर ग्रोन-अप्स’ के मेकर्स ने रविवार को कियारा का नया लुक शेयर किया है। इस फिल्म में कियारा ‘नादिया’ नाम के रोल में नजर आने वाली है, जो एक बड़े सर्कस स्टेज के बीच नंगे पैर खड़ी हैं। उनका ये बोल्ड लुक ब्लैक कॉर्सेट स्टाइल चोली और थाई-हाई स्लिट वाले गाउन में क्लासिक ग्लैमर और नॉयर सेंसिबिलिटी के साथ फैंस का भी ध्यान अपनी ओर खींच रहा है।

अब तक का सबसे बोल्ड लुक में नजर आई एक्ट्रेस
कियारा की इस फिल्म की निर्देशक गीतू मोहनदास ने किया और परफॉर्मेंस को लेकर कहा, ‘कुछ परफॉर्मेंस सिर्फ फिल्म तक सीमित नहीं होते, वे कलाकार को एक नया मोड़ देते हैं। टॉक्सिक में कियारा ने स्क्रीन पर जो कमाल दिखाया है, वो एक बड़ा बदलाव है। एक निर्देशक होने के नाते मुझे उनकी मेहनत, भरोसा और इस सफर पर प्राउड फिल हो रहा है।”

फिल्म ‘टॉक्सिक: ए फेयरीटेल फॉर ग्रोन-अप्स’ में कियारा के अलावा कई बड़ी हस्तियां भी मेन रोल में दिखाई देंगी, जिनमें साउथ की सुपरस्टार नयनतारा, बॉलीवुड की तारा सुतारिया, हुमा कुरैशी, रुक्मिणी वसंत, टोविनो थॉमस, अक्षय ओबेरॉय और सुदेव नायर शामिल हैं। इस फिल्म को यश और गीतू मोहनदास ने मिलकर लिखा है और इसे 29 मार्च, 2026 को रिलीज किया जाने वाला है।

नेशनल अवॉर्ड विजेता
इतना ही नहीं, फिल्म की टेक टीम भी किसी बड़ी फिल्म से कम नहीं है। नेशनल अवॉर्ड विजेता राजीव रवि सिनेमैटोग्राफर हैं, रवि बसरूर संगीत बना रहे हैं, उज्ज्वल कुलकर्णी एडिटिंग देख रहे हैं और टीपी आबिद प्रोडक्शन डिजाइन कर रहे हैं। साथ ही, एक्शन सीक्वेंस हॉलीवुड के फेमस स्टंट डायरेक्टर जेजे पेरी (जॉन विक) के साथ नेशनल अवॉर्ड विजेता अंबरीव ने मिलकर डिजाइन किए हैं, जो फिल्म में और भी रोमांचक मोड़ जोड़ेंगे।

भगवान की लीला पर कभी भी हमें संदेह नहीं करना चाहिए : संत चिन्मयानंद

भगवान की लीला पर कभी भी हमें संदेह नहीं करना चाहिए : संत चिन्मयानंद
खेल परिसर के बाजू वाले मैदान में चल रही भागवत कथा के छठवें दिन शनिवार को संत चिन्मयानंद ने कहा कि इंद्र की अभिमान को तोडक़र के भगवान ने गिरिराज गोवर्धन को उठाया। ब्रिज वासियों की रक्षा की, लेकिन भगवान ने बाद में इंद्र को माफ कर दिया। इसका कारण था की इंद्र ने गलती तो की, लेकिन उसके कारण ब्रिज वासियों को भगवान के साथ रहने का मौका मिला। जब भगवान भक्त के साथ रहते हैं तो कितना भी कोई पाप क्यों ना किया हो भगवान उसको माफ कर देते हैं।

उन्होंने कहा कि भगवान की लीला पर कभी भी हमें संदेह नहीं करना चाहिए, क्योंकि भगवान कृष्ण सामर्थ्य बान हैं। भगवान सात कोस के गिरिराज जी को सात दिन तक अपनी उंगली पर उठा सकते हैं। जो सामर्थ गंगा जी में हैं वह गंगा जल में नहीं है। गंगाजल में यदि कोई कुत्ता मुंह लगा दे तो हम अपने घरों में उस से भगवान का अभिषेक नहीं करेंगे, लेकिन गंगा जी में रोज हजारों कुत्ते बहते चले जाते हैं फिर भी हम गंगा जी को पवित्र मानकर स्नान करते हैं क्योंकि गंगा सामर्थ्य वान है। कथावाचक ने कहा कि हम मनुष्य ईश्वर के अंश जरूर हैं, लेकिन ईश्वर नहीं हो सकते इसलिए हम कभी भी ईश्वर की किसी भी लीला पर संदेह ना करें।

धूमधाम से मनाया कृष्ण जन्म उत्सव
कथा में श्रीकृष्ण रुक्मणि विवाह की कथा सुनाते हुए कहा कि माता रुक्मणि के अनन्य प्रेम से प्रसन्न होकर भगवान कृष्ण ने उनका पाणिग्रहण संस्कार किया। धूमधाम से पंडाल में विवाह उत्सव मनाया गया। भगवान की बारात पांडाल में लाई गई। भगवान श्रीकृष्ण और माता रुक्मणि का वरमाला संस्कार कराया गया। रविवार को सुदामा चरित्र और परीक्षित मोक्ष की कथा का रसपान कराते हुए भागवत कथा को विराम कराया जाएगा।

ये रहे मौजूद
कथा में सांसद डॉ. लता वानखेड़े व पूर्व गृह मंत्री खुरई विधायक भूपेन्द्र सिंह ने शॉल श्रीफल भेंट कर पुष्प माला पहनाकर बापू से आशीर्वाद लिया। कथा में मुख्य यजमान प्रतिभा डॉ. अनिल तिवारी, शिवशंकर मिश्रा, शिल्पा तिवारी, नीरज तिवारी, नीति अनिल दुबे, रितु तिवारी, प्रतिभा चैबे, मनीषा मिश्रा सह यजमान के रूप में अजय श्रीवास्तव, राजकुमार अग्निहोत्री, रत्नेश राजपूत, गोलू रिछारिया व रामवतार पांडे आदि मौजूद रहे।

बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार पर RSS चीफ मोहन भागवत ने तोड़ी चुप्पी

बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार पर RSS चीफ मोहन भागवत ने तोड़ी चुप्पी
आरएसएस चीफ मोहन भागवत अपने चार दिवसीय बंगाल दौरे पर हैं। रविवार को उन्होंने कोलकाता के साइंस सिटी सभागार में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित किया। इस दौरान भागवत ने कई मुद्दों पर अपनी बात रखी। पड़ोसी देश बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार को लेकर भी उन्होंने प्रतिक्रिया दी। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि वहां के हिंदुओं को एकजुट रहना होगा।

क्या बोले भागवत?
मोहन भागवत ने हिंदुओं पर हो रही हिंसा को लेकर कहा कि वहां हिंदू अल्पसंखक हैं, और हालात काफी मुश्किल हैं। भले ही यह मुश्किल है, लेकिन ज़्यादा से ज़्यादा सुरक्षा के लिए, वहां के हिंदुओं को एकजुट रहना होगा। दुनिया भर के हिंदुओं को उनकी मदद करनी चाहिए।

हमें उनकी मदद करनी चाहिए – भागवत
उन्होंने आगे कहा कि हमें अपनी लिमिट में, जितना हो सके, उनकी मदद करनी चाहिए। हमें वह सब कुछ करना है जो हम कर सकते हैं, और हम कर रहे हैं। हिंदुओं के लिए एकमात्र देश भारत है। भारत सरकार को इस पर ध्यान देना होगा। उन्हें कुछ करना होगा। हो सकता है वे पहले से ही कुछ कर रहे हों। कुछ बातें बताई जाती हैं, कुछ नहीं। कभी-कभी नतीजे मिलते हैं, कभी नहीं। लेकिन कुछ तो करना ही होगा।

बंगाल की बाबरी मस्जिद को लेकर कही ये बात
वहीं इस दौरान उन्होंने विधायक हुमायूं कबीर द्वारा मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद की नींव रखने को लेकर भी बयान दिया। RSS चीफ ने कहा कि अब, बाबरी मस्जिद को फिर से बनाकर विवाद को फिर से शुरू करने की यह एक पॉलिटिकल साजिश है। यह वोटों के लिए किया जा रहा है; यह न तो मुसलमानों के फायदे के लिए है और न ही हिंदुओं के लिए, ऐसा नहीं होना चाहिए।

नागपुर में भाजपा ने 15 में से 12 नगर पालिकाओं पर फहराया भगवा

नागपुर में भाजपा ने 15 में से 12 नगर पालिकाओं पर फहराया भगवा
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के गृह जिले नागपुर में भाजपा ने स्थानीय निकाय चुनावों में ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। रविवार को घोषित हुए परिणामों में बीजेपी ने विपक्षी दलों का सूपड़ा साफ करते हुए जिले की 15 नगर पालिकाओं में से 12 पर अपना कब्जा जमा लिया है। इस जीत के साथ ही नागपुर जिले में बीजेपी ने अपना निर्विवाद वर्चस्व स्थापित कर लिया है। हालांकि कांग्रेस, शिवसेना (एकनाथ शिंदे) और एनसीपी (शरद पवार) की झोली में भी एक-एक सीटें आई हैं।

नागपुर निकाय चुनाव की सबसे बड़ी खासियत यह रही कि यहां महायुति (Mahayuti) और महाविकास अघाड़ी (MVA) के घटक दल एक-दूसरे के खिलाफ स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़े। कई सीटों पर बीजेपी का मुकाबला अपनी ही सहयोगी पार्टी शिंदे की शिवसेना और अजित पवार की एनसीपी से था। बीजेपी ने शुरू से ही यहां अकेले चुनाव लड़ने की रणनीति अपनाई थी, जिसका परिणाम आज 12 नगर पालिकाओं में बीजेपी के मेयर होंगे। हालांकि अधिकांश जगहों पर भाजपा का मुख्य मुकाबला कांग्रेस से ही हुआ।

बीजेपी का दबदबा कायम
नागपुर जिले की कामठी, सावनेर, उमरेड, खापा, वाडी और कलमेश्वर जैसी प्रमुख नगर पालिकाओं में बीजेपी के उम्मीदवार मेयर चुने गए। नागपुर जिले की सभी 12 नगर पंचायतों में महायुति दल जीत रहा है। बता दें कि नागपुर में ही आरएसएस का मुख्यालय है। काटोल नगर पालिका में शरद पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी जीती है, तो वहीं रामटेक में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की शिवसेना ने अपना भगवा बरकरार रखा।

पर्यटन को प्रोत्साहन देने का एक सशक्त साधन पत्रकारिता भी – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

पर्यटन को प्रोत्साहन देने का एक सशक्त साधन पत्रकारिता भी – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से राजस्थान के अंतर्राज्यीय अध्ययन भ्रमण से लौटने के उपरांत छत्तीसगढ़ के पत्रकारों के दल ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में सौजन्य मुलाकात की। इस अवसर पर पत्रकारों ने 15 से 20 दिसम्बर तक राजस्थान भ्रमण के दौरान वहां की विधायिका, प्रशासनिक कार्यप्रणाली तथा पर्यटन के क्षेत्र में किए गए नवाचारों के अनुभवों को साझा किया।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा पत्रकारों के लिए अंतर्राज्यीय अध्ययन भ्रमण कार्यक्रम प्रारंभ किया गया है, ताकि अन्य राज्यों के शासन-प्रशासन, पर्यटन एवं सांस्कृतिक विकास से जुड़े नवाचारी प्रयासों को पत्रकारों के दृष्टिकोण से समझा जा सके।

उन्होंने कहा कि ऐसे अध्ययन भ्रमणों से प्राप्त अनुभवों के आधार पर छत्तीसगढ़ में भी नई और प्रभावी पहल शुरू की जा सकती हैं। मुख्यमंत्री ने पत्रकारों से आग्रह किया कि वे इस यात्रा के अनुभवों को यात्रा-वृत्तांत के रूप में लिपिबद्ध करें, जिससे यह आम पर्यटकों के लिए एक उपयोगी मार्गदर्शिका का कार्य करेगा। उन्होंने कहा कि पत्रकारों की लेखनी केवल सूचना का माध्यम नहीं, बल्कि पर्यटन को प्रोत्साहन देने का एक सशक्त साधन भी है।

प्रदेश में पर्यटन की अपार संभावनाओं पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार पर्यटन के समग्र विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने विशेष रूप से बस्तर क्षेत्र का उल्लेख करते हुए कहा कि प्राकृतिक सौंदर्य की दृष्टि से बस्तर धरती पर स्वर्ग के समान है, किंतु नक्सलवाद लंबे समय तक इसके विकास में एक बड़ी बाधा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के संकल्प के अनुरूप मार्च 2026 तक नक्सलवाद को जड़ से समाप्त करने की दिशा में राज्य सरकार पूरी दृढ़ता के साथ कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पर्यटन को राज्य की नई उद्योग नीति में शामिल किया गया है।

इसके तहत सुदूर वनांचलों में होम-स्टे को बढ़ावा दिया जा रहा है, ताकि पर्यटक ग्रामीण परिवारों के साथ रहकर उनकी संस्कृति, खान-पान और जीवनशैली को नजदीक से अनुभव कर सकें। इससे पर्यटन को प्रोत्साहन मिलने के साथ-साथ स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और आय के नए अवसर भी सृजित होंगे। उन्होंने कहा कि विश्व के 20 प्रमुख पर्यटन स्थलों में छत्तीसगढ़ के धुड़मारास को शामिल किया जाना प्रदेश के लिए गौरव की बात है।

मुख्यमंत्री ने पत्रकारों द्वारा दिए गए सुझावों का स्वागत करते हुए कहा कि इन पर गंभीरता से विचार कर उन्हें अमल में लाया जाएगा।इस अवसर पर जशपुर से विजय त्रिपाठी ने बताया कि राजस्थान भ्रमण के दौरान वहां की विधानसभा देखने का अवसर मिला, जहां आमजन को विधि निर्माण की प्रक्रिया और विधानसभा की कार्यप्रणाली से अवगत कराने के लिए एक भव्य संग्रहालय का निर्माण किया गया है।

इस संग्रहालय के माध्यम से राज्य निर्माण से लेकर वर्तमान तक की विधायी यात्रा और ऐतिहासिक व्यक्तित्वों के योगदान को समझने का अवसर मिलता है।कोरबा से विजय खेत्रपाल ने कहा कि इस अध्ययन भ्रमण के माध्यम से यह समझने का अवसर मिला कि राजस्थान में सैकड़ों वर्ष पुराने किलों और महलों को आधुनिक जनसुविधाओं से जोड़कर पर्यटन केंद्रों के रूप में विकसित किया गया है।

इसके साथ ही रेगिस्तानी क्षेत्रों में जीप सफारी, ऊंट सवारी, पैरा-सेलिंग, डेजर्ट कैंप जैसी गतिविधियों के माध्यम से पर्यटन को आकर्षक रूप दिया गया है, जो छत्तीसगढ़ के लिए एक प्रभावी केस स्टडी हो सकती है।

जगदलपुर के अर्जुन झा ने जयपुर स्थित चोकरधानी के अनुभव साझा करते हुए कहा कि वहां ग्रामीण जीवन, लोकसंस्कृति और खान-पान को एक ही मंच पर प्रस्तुत किया गया है। उन्होंने सुझाव दिया कि इसी प्रकार बस्तर पंडुम के माध्यम से छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति को पर्यटकों के समक्ष प्रस्तुत किया जा सकता है।

पटना से दिल्ली-मुंबई का सफर हुआ महंगा

पटना से दिल्ली-मुंबई का सफर हुआ महंगा
भारतीय रेलवे ने यात्रियों को साल के अंत में महंगाई का झटका दे दिया है। 26 दिसंबर 2025 से लंबी दूरी की ट्रेन यात्राओं के किराए में बढ़ोतरी लागू होने जा रही है। इसका सीधा असर बिहार से दिल्ली और मुंबई जैसे बड़े शहरों की यात्रा करने वाले लाखों यात्रियों पर पड़ेगा। हालांकि राहत की बात यह है कि जनरल कोच, लोकल ट्रेन और मासिक सीजन टिकट (MST) के किराए में कोई बदलाव नहीं किया गया है।

बिहार से हर दिन लाखों लोग ट्रेन के जरिए सफर करते हैं। ऐसे में किराए में मामूली दिखने वाली यह बढ़ोतरी कुल मिलाकर यात्रियों की जेब पर बड़ा असर डालेगी। भारतीय रेलवे के नए फेयर स्ट्रक्चर के तहत लंबी दूरी की यात्राओं में प्रति किलोमीटर किराया बढ़ाया गया है, जिसका सीधा असर राजधानी, दुरंतो, मेल-एक्सप्रेस और एसी ट्रेनों पर पड़ेगा।

किराया बढ़ाने का नया फॉर्मूला
रेलवे ने मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों की नॉन-एसी और एसी श्रेणियों में प्रति किलोमीटर लगभग 2 पैसे की बढ़ोतरी की है।
500 किलोमीटर की नॉन-एसी यात्रा पर अब करीब 10 रुपये ज्यादा देने होंगे।
800 किलोमीटर की नॉन-एसी यात्रा पर लगभग 16 रुपये अतिरिक्त लगेंगे।
लंबी दूरी की एसी यात्रा में 20 से 30 रुपये तक ज्यादा खर्च करना पड़ेगा।

पटना-दिल्ली का सफर अब कितना महंगा?
पटना से दिल्ली की दूरी करीब 1000 किलोमीटर है। इस रूट पर चलने वाली राजधानी एक्सप्रेस, तेजस राजधानी, संपूर्ण क्रांति, मगध एक्सप्रेस और विक्रमशिला एक्सप्रेस सहित इस तरह की सभी अन्य ट्रेनों पर बढ़ा हुआ किराया लागू होगा।

पटना-नई दिल्ली रूट पर अधिकांश ट्रेनों में स्लीपर क्लास का किराया 520 रुपये है, जो अब बढ़कर 540 रुपये हो जाएगा। इसी तरह थर्ड AC का किराया 1370 रुपये से बढ़कर 1390 रुपये हो जाएगा।

पटना-मुंबई रूट पर कितना बढ़ा फेयर?
पटना से मुंबई की दूरी करीब 1706 किलोमीटर है। इस रूट पर यात्रियों को लगभग 34.12 रुपये अतिरिक्त देने होंगे। यानि कि यात्री जिस स्लीपर क्लास के लिए 730 रुपये चुकाते थे, उसी के लिए अब उन्हें 764 रुपये देने होंगे। इसी तरह थर्ड AC का किराया 1895 रुपये से बढ़कर 1929 रुपये हो जाएगा।

किन यात्रियों को राहत?
रेलवे के मुताबिक 215 किलोमीटर तक की साधारण श्रेणी की यात्रा पर कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है। इसके अलावा लोकल ट्रेन और मासिक सीजन टिकट (MST) के किराए भी जस के तस रहेंगे। यानी रोजमर्रा के छोटे सफर करने वाले यात्रियों को राहत मिली है, जबकि लंबी दूरी तय करने वालों को अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ेगा।

रेलवे को क्यों बढ़ाना पड़ा किराया?
भारतीय रेलवे के अधिकारियों के अनुसार, पिछले एक दशक में रेलवे नेटवर्क, ट्रेनों की संख्या और सुरक्षा मानकों में बड़ा विस्तार हुआ है। इसके चलते ऑपरेशनल कॉस्ट तेजी से बढ़ी है। इन बढ़ती लागतों को संतुलित करने के लिए रेलवे ने सीमित किराया युक्तिकरण का रास्ता चुना है। इससे चालू वित्त वर्ष में करीब 600 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आय होने का अनुमान है, जिसे इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट, नई ट्रेनें, स्टेशन आधुनिकीकरण और सुरक्षा सुधारों में लगाया जाएगा।

शुभारंभ समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. यादव और केन्द्रीय शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल रहेंगे मौजूद

शुभारंभ समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. यादव और केन्द्रीय शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल रहेंगे मौजूद
राजधानी भोपाल में 20 दिसम्बर शनिवार को अत्याधुनिक मेट्रो रेल सेवा का शुभारंभ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केन्द्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल शाम 4 बजे भोपाल के कुशाभाऊ अंतर्राष्ट्रीय कन्वेंशन सेन्टर में करेंगे। इसके बाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव और केन्द्रीय मंत्री मनोहर लाल सुभाष मेट्रो स्टेशन पर हरी झण्डी दिखाकर मेट्रो को रवाना करेंगे। मुख्यमंत्री औऱ केन्द्रीय मंत्री मेट्रो में सवारी भी करेंगे। दोनों एम्स पहुंचकर प्रेस को संबोधित करेंगे। इस मौके पर नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय भी मौजूद रहेंगे।

भोपाल मेट्रो का राजधानी में परिचालन ऐतिहासिक पल
देश के दिल मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल को एक और गौरव प्राप्त हो रहा है। भोपाल मेट्रो अत्याधुनिक रेल सेवा है। भोपाल मेट्रो 30.8 किलोमीटर लंबी परियोजना भोपाल के शहरी क्षेत्र को आसान, तेज और पर्यावरण के अनुकूल बनायेगी। परियोजना में दो कॉरीडोर लाइन और एक डिपो है। भोपाल मेट्रो की ऑरेंज लाइन 16.74 किलोमीटर और ब्लू लाइन 14.16 किलोमीटर की है। यह परियोजना शहर के प्रमुख व्यावसायिक और आवासीय क्षेत्रों को जोड़ते हुए यातायात के दवाब को कम करेगी और नागरिकों के जीवन स्तर को उन्नत बनायेगी। भोपाल मेट्रो आधुनिक परिवहन प्रणाली के साथ ही शहर की प्रगति का प्रतीक है। स्मार्ट, सुरक्षित और पर्यावरण अनुकूल यात्रा को बढ़ावा देते हुए यह परियोजना आवाजाही को आसान बनाएगी। शुभारंभ के साथ भोपाल एक आधुनिक, हरित और सुलभ राजधानी बनने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बढ़ा रहा है।

परियोजना का पहला चरण
भोपाल मेट्रो के पहले चरण ऑरेंज लाइन ‘प्रायोरिटी कॉरीडोर’ का शुभारंभ किया जा रहा है। लगभग 7 किलोमीटर के इस खंड में 8 एलिवेटेड स्टेशन शामिल हैं। यह स्टेशन एम्स, अलकापुरी, डीआरएम ऑफिस, रानी कमलापति स्टेशन, एमपी नगर, बोर्ड ऑफिस चौराहा, केन्द्रीय विद्यालय एवं सुभाष नगर है। यह कॉरीडोर शहर के व्यस्त मार्गों पर सुगम यातायात उपलब्ध करेगा और प्रदूषण को कम करने में सहायता प्रदान करेगा। मेट्रो का यह कॉरीडोर नागरिकों की यात्रा को सरल और आसान बनायेगा।

परियोजना की लागत 10 हजार 33 करोड़ रूपये
भोपाल मेट्रो की अनुमानित लागत 10 हजार 33 करोड़ रूपये है। इसमें प्रायोरिटी कॉरीडोर की लागत 2 हजार 225 करोड़ रूपये है। प्रायोरिटी कॉरीडोर की लंबाई 7 किलोमीटर है और इस कॉरीडोर में प्रतिदिन 3 हजार लोगों के यात्रा करने का अनुमान है।

भोपाल मेट्रो की विशेषतायें

सुविधाजनक यात्रा के लिये सभी स्टेशनों पर हाई-स्पीड लिफ्ट और एस्केलेटर ।

दिव्यांगजन के लिये सुगम प्रवेश, व्हील चेयर सुविधा, ब्रेल साइनेज।

उच्च स्तर की सुरक्षा : एआई आधारित सीसीटीवी निगरानी, प्लेटफॉर्म स्क्रीन डोर और ग्रेड-4 सिग्निलिंग सिस्टम।

पर्यावरण अनुकूल : रीजेनेरेटिव ब्रेकिंग से ऊर्जा उत्पादन और सोलर पावर का उपयोग।

आरामदायक कोच : पूर्णत: एसी, आरामदायक सीटिंग और मोबाइल चार्जिंग पॉइंट।

स्मार्ट तकनीक : ऑडियो-विजुअल यात्री सूचना प्रणाली और हाई-टेक ऑपरेशन कंट्रोल सेंटर।

 

शनि, राहु और केतु मिलकर मचाएंगे भारी तबाही, कुंभ और सिंह राशि के हाथ में नहीं टिकेगा पैसा

शनि, राहु और केतु मिलकर मचाएंगे भारी तबाही, कुंभ और सिंह राशि के हाथ में नहीं टिकेगा पैसा
दिसंबर का तीसरा सप्ताह खत्म होने को हैं। इसी के साल 2025 अपने आखिरी पड़ाव पर है, जिसके जाते ही हम नए साल का बड़े जोश, उत्साह और उमंग के साथ स्वागत करेंगे। सभी लोगों को साल 2026 से बहुत सारी उम्मीदें हैं, लेकिन ज्योतिषियों के अनुसार यह साल कुछ राशियों के लिए चुनौतीपूर्ण साबित हो सकता है। इस साल शनि, राहु, केतु, मंगल और गुरु जैसी शक्तिशाली ग्रहों की चाल में बदलाव होंगे। इसके कारण कई राशियों के जीवन में तनाव, मानसिक बेचैनी और आर्थिक उलझनें आ सकती हैं। खासकर कुंभ और सिंह राशि वालों को अपनी योजनाओं और वित्तीय निर्णयों में विशेष सावधानी बरतनी होगी। यहां विस्तार से जानिए शनि, राहु-केतु मिलकर कौन सी राशियों के जीवन में भारी तबाही मचा सकते हैं।

इन राशियों के हाथ में नहीं टिकेगा पैसा
2026 में ग्रहों की स्थिति कुछ राशियों के लिए जोखिम भरी साबित हो सकती है। कुंभ राशि में राहु और मंगल के संयोजन से गुस्से और जल्दबाजी के कारण नुकसान हो सकता है। सिंह राशि वालों को काम और निजी जीवन में दबाव का सामना करना पड़ सकता है। इस साल पैसों के मामले में सावधानी और मानसिक संतुलन बनाए रखना सबसे महत्वपूर्ण रहेगा।

कुंभ राशि: पैसों और फैसलों में सतर्कता
कुंभ राशि वालों के लिए राहु लंबे समय तक इस राशि में रहेंगे और कुछ महीनों के लिए मंगल भी साथ आएंगे। इससे गुस्सा, जल्दबाजी और गलत फैसलों की संभावना बढ़ सकती है। कामकाज में टकराव, बड़ों से मतभेद और मानसिक बेचैनी रह सकती है। पैसों के मामले में नुकसान का खतरा रहेगा। रिश्तों में बोलचाल संभालकर रखें, वरना छोटी बात बड़ी बन सकती है।

सिंह राशि: मानसिक तनाव और धैर्य की जरूरत
सिंह राशि वालों को इस साल विशेष सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है। गुस्से में लिए गए फैसले बाद में पछतावे का कारण बन सकते हैं। काम और निजी जीवन में दबाव बढ़ सकता है। मानसिक तनाव और बेचैनी की संभावना है। आत्मविश्वास बनाए रखना और गलत संगत से दूरी रखना इस वर्ष बहुत जरूरी होगा।

ग्रहों की स्थिति और प्रभाव
साल 2026 में गुरु, शनि, मंगल, राहु-केतु की स्थिति कई राशियों के लिए चुनौतीपूर्ण रहने वाली है। गुरु इस साल दो बार राशि परिवर्तन करेंगे, पहले कर्क और फिर सिंह में। राहु और केतु का प्रभाव भी खतरनाक रह सकता है। 23 फरवरी 2026 को मंगल कुंभ राशि में प्रवेश करेंगे और राहु-मंगल की युति (अंगारक योग) बनेगी।

अहमदाबाद में तिलक-हार्दिक की आंधी के बाद जीता भारत

अहमदाबाद में तिलक-हार्दिक की आंधी के बाद जीता भारत
भारत ने पांचवें टी20 मैच में दक्षिण अफ्रीका को 30 रनों से हरा दिया है. इसी के साथ टीम इंडिया ने पांच मैचों की सीरीज को 3-1 से जीत लिया है. अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले गए इस मैच में टीम इंडिया ने पहले खेलते हुए 231 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया था. इसके जवाब में दक्षिण अफ्रीकी टीम निर्धारित 20 ओवरों में 201 रनों तक ही पहुंच पाई. हार्दिक पांड्या ने मैच में 16 गेंद में अर्धशतक लगाया, वहीं वरुण चक्रवर्ती भारत के लिए सबसे सफल गेंदबाज रहे, जिन्होंने 4 विकेट लिए.

इस मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका ने टॉस जीतकर गेंदबाजी चुनी थी, जो उसी पर भारी पड़ी. शुभमन गिल की गैरमौजूदगी में संजू सैमसन ने अभिषेक शर्मा के साथ ओपनिंग की. सैमसन को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ पूरी सीरीज में पहला मैच खेलने का अवसर प्राप्त हुआ, जिसमें उन्होंने मौके को भुनाते हुए 22 गेंद में 37 रन बनाए. वहीं अभिषेक शर्मा ने भी 34 रन बनाए.

हार्दिक-तिलक के बाद गेंदबाजों ने मचाया गदर
हार्दिक पांड्या ने पांचवें टी20 मैच में 25 गेंद में 63 रनों की पारी खेली, इस दौरान उन्होंने 16 गेंद में फिफ्टी पूरी कर ली थी. ये अंतर्राष्ट्रीय टी20 क्रिकेट इतिहास में किसी भारतीय बल्लेबाज द्वारा दूसरी सबसे तेज फिफ्टी रही. वहीं तिलक वर्मा ने 42 गेंद में 73 रन बनाते हुए भारत को 231 के स्कोर तक पहुंचने में मदद की.

232 रनों का लक्ष्य का पीछा करने आई दक्षिण अफ्रीका को क्विंटन डिकॉक ने शानदार शुरुआत दिलाई. हेंड्रिक्स केवल 13 रन बनाकर आउट हो गए, लेकिन डिकॉक के तूफान के बलबूते अफ्रीका ने पावरप्ले में ही बिना विकेट खोए 67 रन बना डाले थे.

जसप्रीत बुमराह ने पलट दिया मैच
10 ओवर तक दक्षिण अफ्रीका 118 रन पर पहुंच चुका था, लेकिन 11वें ओवर में जसप्रीत बुमराह ने अपनी ही गेंद पर डिकॉक का कैच लपक कर उन्हें 65 के स्कोर पर आउट कर दिया. डिकॉक ने 35 गेंद में 65 रन बनाए. इसके बाद दक्षिण अफ्रीका का रन रेट धीमा पड़ने लगा. डिकॉक के आउट होने के बाद अगले 5 ओवरों में अफ्रीका 38 रन बना पाया, जिससे उसके लिए जरूरी रन रेट आसमान छूने लगा था. दक्षिण अफ्रीका की मिडिल और लोवर ऑर्डर बैटिंग पूरी तरह फ्लॉप साबित हुई.

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